निम्न में से कौन सी तिलहन की फसल राजस्थान में खरीफ के मौसम में उत्पादित नहीं की जाती है ? 

[LDC (RPSC) 23.10.2016]

  • सरसों 

  • मूँगफली 

  • तिल 

  • सोयाबीन 

🔹 व्याख्या:

👉 सरसों एक प्रमुख तिलहनी फसल है जो राजस्थान में रबी मौसम में बोई जाती है।
👉 जबकि मूँगफली, तिल और सोयाबीन का उत्पादन खरीफ मौसम में किया जाता है।
👉 सरसों के लिए ठंडी एवं शुष्क जलवायु अनुकूल होती है और यह अक्टूबर-नवंबर में बोई जाती है।
👉 इसका उत्पादन राजस्थान के अनेक जिलों में बड़े पैमाने पर होता है।

✍️ सही उत्तर है – सरसों 

इनमें से किस जिले में चावल का उत्पादन होता है ? 

[LDC (RPSC) 2011]

  • बूंदी 

  • भीलवाड़ा 

  • टोंक 

  • धौलपुर 

🔹 व्याख्या:

👉 चावल उत्पादन के लिए पर्याप्त जल व उच्च तापमान आवश्यक होता है।
👉 राजस्थान में चावल का उत्पादन बूँदी, कोटा, बारां, झालावाड़, बाँसवाड़ा आदि जिलों में होता है।
👉 इनमें से बूँदी जिला चावल उत्पादन के लिए प्रमुख है।

✍️ सही उत्तर है – बूंदी 

निम्नलिखित में से कौन सा जिला राज्य के कुल उत्पादन का 30% कपास का उत्पादन करता है ? 

[EO RO (Shift I) 14.05.2023]

  • टोंक 

  • हनुमानगढ़

  • बूँदी 

  • पाली 

🔹 व्याख्या:

👉 कपास राजस्थान की प्रमुख व्यापारिक फसल है, जिसका सर्वाधिक उत्पादन गंगानगर और हनुमानगढ़ जिलों में होता है।
👉 इनमें से विशेषकर हनुमानगढ़ अकेला ही राज्य के कुल कपास उत्पादन का लगभग 30% उत्पादन करता है।
👉 यहाँ नरमा कपास की उन्नत किस्में उगाई जाती हैं।
👉 वर्ष 2022-23 में राज्य में कुल 277 लाख गांठ कपास का उत्पादन हुआ।

✍️ सही उत्तर है – हनुमानगढ़ 

चना उत्पादन में राजस्थान का भारत में स्थान है 

[स्टेनोग्राफर (RPSC) 2011]

  • तृतीय 

  • द्वितीय

  • प्रथम 

  • चतुर्थ 

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान देश में चना उत्पादन का तीसरा सबसे बड़ा राज्य है और यह कुल उत्पादन का लगभग 14% योगदान देता है।
👉 राज्य में प्रमुख योगदान देने वाले जिले हैं – बीकानेर (13%), चूरू, झुंझुनूं (9-9%), हनुमानगढ़, श्रीगंगानगर, जयपुर (8-8%) आदि।
👉 चने की खेती में शुद्ध बुवाई क्षेत्र का लगभग 7% भाग राजस्थान में स्थित है।
👉 भारत में चना उत्पादक अन्य राज्य हैं – मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, उत्तरप्रदेश, आंध्रप्रदेश और तेलंगाना। 

मिश्रित खेती की निम्न में से कौन-सी मुख्य विशेषता है ? 

[ACF परीक्षा 2011]

  • दो या अधिक फसलों का एक साथ उत्पादन | 

  • फसल उत्पादन के साथ पशुपालन भी संयुक्त रूप से । 

  • एक ही खेत में नकद फसलों व खाद्य फसलों का उत्पादन । 

  • एक ही समय पर दो या अधिक नकदी फसलों का उत्पादन । 

🔹 व्याख्या:

👉 मिश्रित खेती में फसल उत्पादन के साथ-साथ पशुपालन को भी अपनाया जाता है।
👉 इसका उद्देश्य आय के विभिन्न स्रोत तैयार करना और जोखिम को कम करना होता है।
👉 यह पद्धति विशेष रूप से कृषक परिवारों की स्थिरता के लिए उपयोगी होती है।
👉 राजस्थान में यह प्रणाली सीमांत और छोटे किसानों द्वारा अपनाई जाती है।

✍️ सही उत्तर है – फसल उत्पादन के साथ पशुपालन भी संयुक्त रूप से। 

निम्नलिखित फसलों पर विचार कीजिये : 

(A) चावल    (B) गेहूँ 

(C) बाजरा    (D) चना

इनमें से कौन सी खरीफ की फसलें है ? 

[AEN Pre. 2013]

  • (B) व (C) केवल 

  • (A) और (C) केवल 

  • (A), (B) और (C) केवल 

  • (A) और (D) केवल 

🔹 व्याख्या:

👉 खरीफ की फसलें वर्षा ऋतु में बोई जाती हैं और मुख्यतः जुलाई से अक्टूबर तक उगाई जाती हैं।
👉 इनमें से चावल (A) और बाजरा (C) खरीफ फसलें हैं।
👉 जबकि गेहूँ और चना शीत ऋतु की रबी फसलें हैं।
👉 चावल सिंचित क्षेत्रों में और बाजरा शुष्क क्षेत्रों में उगाया जाता है।

✍️ सही उत्तर है – A और C 

राष्ट्रीय सरसों अनुसंधान केन्द्र स्थित है : 

[Head Master 2011]

  • जयपुर में 

  • नागौर में 

  • अलवर में

  • सेवर में 

🔹 व्याख्या:

👉 राष्ट्रीय सरसों अनुसंधान केन्द्र का नाम है – नेशनल रिसर्च सेंटर फॉर रेपसीड एंड मस्टर्ड।
👉 यह केन्द्र राजस्थान के भरतपुर जिले के सेवर नामक स्थान पर स्थित है।
👉 यह केन्द्र सरसों की उन्नत किस्मों के विकास और अनुसंधान में कार्यरत है।

👉 राष्ट्रीय सरसों अनुसंधान केंद्र (National Research Centre on Rapeseed-Mustard) की स्थापना 20 अक्टूबर 1993 को हुई थी।यह भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के अंतर्गत राजस्थान के भरतपुर जिले के सेवर में स्थित है।
👉 तिलहन विकास योजनाओं के अन्तर्गत यह केन्द्र महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

✍️ सही उत्तर है – सेवर में 

वर्ष 2015-16 के दौरान राजस्थान में कृषि उत्पादन के संदर्भ में निम्न कथनों पर ध्यान दीजिये -

कथन - (a)  राजस्थान में खाद्याननों का उत्पादन खरीफ की अपेक्षा रबी में ज्यादा होता है।

कथन - (b) रबी की दालों की  अपेक्षा खरीफ की दालों का उत्पादन ज्यादा है।

कथन - (c) रबी में तिलहनों का उत्पादन खरीफ से ज्यादा होता है।

सही कथनों को चुनिये-  

[Research Assistant 24.08.2017]

  • (a) और (b) सही है।

  • (a), (b) और (c) सही है।

  • (a) और (c) सही है। 

  • (b)और (c) सही है।

🔹 व्याख्या:

👉 (a) राजस्थान में खाद्यान्न उत्पादन रबी में खरीफ से अधिक होता है।
👉 (b) दालों में खरीफ की दालों का उत्पादन रबी से ज्यादा है। 
👉 (c) रबी में तिलहन उत्पादन खरीफ से अधिक होता है। 

✍️ सही उत्तर है – (a), (b) और (c) सही हैं

राजस्थान के किस जिले में अमेरिकन कपास का उत्पादन होता है ? 

[स्टेनोग्राफर (RPSC) 2011]

  • गंगानगर

  • चित्तोड़गढ़ 

  • कोटा 

  • उदयपुर 

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान में अमेरिकन कपास का प्रमुख उत्पादन श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़ और बांसवाड़ा जिलों में होता है।
👉 श्रीगंगानगर जिले की सिंचित कृषि व्यवस्था इसे कपास उत्पादन के लिए उपयुक्त बनाती है।
👉 बांसवाड़ा क्षेत्र की अनुकूल जलवायु परिस्थितियाँ कपास की खेती में सहायक होती हैं।
👉 कपास की खेती हेतु राज्य को उत्तरी, मध्य और दक्षिणी क्षेत्रों में बांटा गया है, जिसमें श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, बीकानेर जिले उत्तरी क्षेत्र में आते हैं। 

राजस्थान में कौनसे जिले "वालरा" कृषि पद्धति से संबंधित हैं ? 

[व्याख्याता (आयुर्वेद) 11.11.2021]

  •  डूंगरपुर, भरतपुर, धौलपुर 

  • सीकर, झुन्झुनू, नागौर 

  • उदयपुर, बीकानेर, जोधपुर

  • डूंगरपुर, बांसवाड़ा, उदयपुर 

🔹 व्याख्या:

वालरा (या वलरा) राजस्थान के आदिवासी क्षेत्रों (विशेष रूप से उदयपुर, बांसवाड़ा और डूंगरपुर) में की जाने वाली एक पारंपरिक स्थानांतरित कृषि (Shifting Cultivation) है。 इसे 'झूम खेती' का स्थानीय रूप भी माना जाता है。वालरा कृषि की मुख्य विशेषताएँ:प्रक्रिया: इसमें आदिवासी किसान (मुख्य रूप से भील और गरासिया) पहाड़ी ढलानों पर जंगलों को काटकर जला देते हैं。 इसके बाद बची हुई राख को प्राकृतिक खाद के रूप में उपयोग करके जमीन में बीज बोते हैं。क्षेत्र के प्रकार (Types):चीमाता: पहाड़ी ढलानों पर की जाने वाली कृषि。दहिया: मैदानी इलाकों के जंगलों को साफ करके की जाने वाली कृषि。

राजस्थान में जालोर एवं बाड़मेर जिलें किस फसल के अग्रणी उत्पादक हैं ?

[सहायक कृषि अधिकारी 29.04.2018]

  • धनिया  

  • आलू  

  • लहसुन  

  • ईसबगोल

🔹 व्याख्या:

👉 ईसबगोल एक विशिष्ट नकदी फसल है जो राजस्थान में सीमित क्षेत्रों में होती है।
👉 इसके प्रमुख उत्पादक जिले हैं – जालोर, बाड़मेर, सिरोही एवं बालोतरा।
👉 यह फसल शुष्क एवं अर्द्ध शुष्क जलवायु में अधिक सफल होती है।

✍️ सही उत्तर है – ईसबगोल 

निम्नलिखित को सुमेलित कीजिए तथा नीचे दिये गये कूटों में से सही उत्तर चुनिए : 

सूची-I (फसल)     सूची -II (प्रमुख उत्पादक) 

A. गेहूँ             i. अलवर 

B. बाजरा        ii. भीलवाड़ा 

C. चावल        iii. गंगानगर 

D. मक्का       iv. बूँदी 

[वरिष्ठ अध्यापक 29.01.2023]

कूट : 

            A     B     C     D

  • i     iii     iv     ii

  • iii     i     ii     iv

  • iii     i     iv     ii

  • iii     iv     i     ii

🔹 व्याख्या:

👉 गेहूँ का प्रमुख उत्पादक जिला है – गंगानगर, जहाँ नहरी सिंचाई उपलब्ध है।
👉 बाजरा शुष्क क्षेत्रों की फसल है और इसका उत्पादन अलवर सहित पूर्वी जिलों में होता है।
👉 चावल की खेती सिंचित क्षेत्रों में होती है, जिसमें बूँदी प्रमुख है।
👉 मक्का दक्षिणी जिलों में उगाई जाती है, जिनमें भीलवाड़ा शामिल है।

✍️ सही उत्तर है – A–iii, B–i, C–iv, D–ii 

कृषि गणना 2015-16 के अनुसार, राजस्थान में परिचालित भूमि जोतों का औसत आकार था 

सहायक आचार्य [ 07.01.2024] 

  • 4.5 हेक्टेयर 

  • 3.87 हेक्टेयर 

  • 2.28 हेक्टेयर

  • 2.73 हेक्टेयर 

🔹 व्याख्या:

👉  कृषि गणना 2015-16 के अनुसार, राजस्थान में परिचालित भूमि जोतों का औसत आकार 2.73 हेक्टेयर था। 

स्वतन्त्रता के बाद सरकार द्वारा देश में कृषिगत वस्तुओं के संगठित विपणन की नीति चलाई जा रही है । इस नीति की मुख्य विशेषतायें है : 

1. नियमित बाजारों की स्थापना । 

2. कृषिगत बाजारों के नियमन के लिये कानून बनाना । 

3. मण्डी में या उसके आसपास इलेक्ट्रॉनिक नीलामी और शीत गृहों जैसी आधारभूत सुविधायें उपलब्ध करान

निम्नलिखित कूटों के आधार पर सही उत्तर चुनिये : 

[ACF परीक्षा 2011]

  • 1, 2 और 3     

  • केवल 1 व 3 

  • केवल 1 व 2 

  • केवल 1 

🔹 व्याख्या:

👉 स्वतंत्रता के पश्चात कृषिगत वस्तुओं के संगठित विपणन हेतु सरकार द्वारा कई कदम उठाए गए।
👉 इनमें शामिल हैं – नियमित कृषि बाजारों की स्थापना, मण्डियों के लिए कानून, और आधारभूत सुविधाएँ जैसे शीत गृह एवं इलेक्ट्रॉनिक नीलामी।
👉 इसका उद्देश्य किसानों को उचित मूल्य दिलाना और बिचौलियों से मुक्ति देना था।
👉 वर्तमान में राज्य में 118 मुख्य मण्डियाँ और 214 सब यार्ड कार्यरत हैं।

✍️ सही उत्तर है – 1, 2 और 3 

किसान कॉल सैन्टर योजना 2004 में शुरू की गई थी इसका उद्देश्य था –

[ACF परीक्षा 2011]

  • कृषकों को बगैर ब्याज के संस्थागत साख उपलब्ध कराना । 

  • कृषकों को टोल फ्री टेलीफोन लाइन से कृषिगत जानकारी उपलब्ध कराना ।

  • कृषकों को मामूली शुल्क के आधार पर विस्तारित सेवायें प्रदान कराना ।

  • कृषकों को रियायती दरों पर संस्थागत साख उपलब्ध कराना । 

🔹 व्याख्या:

👉 किसान कॉल सेंटर योजना वर्ष 2004 में प्रारंभ की गई थी।
👉 इसका मुख्य उद्देश्य था कृषकों को टोल फ्री टेलीफोन लाइन के माध्यम से कृषिगत जानकारी उपलब्ध कराना।
👉 इस सेवा से किसान सीधे विशेषज्ञों से संपर्क कर समस्याओं का समाधान प्राप्त कर सकते हैं।
👉 यह योजना कृषि संचार और जागरूकता बढ़ाने में सहायक रही है।

✍️ सही उत्तर है – कृषकों को टोल फ्री टेलीफोन लाइन से कृषिगत जानकारी उपलब्ध कराना। 

कृषि जलवायु प्रदेश III A में सम्मिलित जिलों का सही समूह है - (पुरातन जिलों के अनुसार) 

[Asst. Prof. (भूगोल) 18.05.2024]

  • अलवर - भरतपुर - करौली 

  • कोटा - बूँदी - झालावाड़ 

  • अजमेर - दौसा - टोंक - जयपुर 

  • राजसमन्द - भीलवाड़ा - चित्तौड़गढ़

🔹 व्याख्या:

👉 कृषि जलवायु प्रदेश III-A को कहा जाता है – अर्द्ध-शुष्क पूर्वी मैदान।
👉 इसमें सम्मिलित जिले हैं – अजमेर, जयपुर, दौसा और टोंक।
👉 यहाँ वर्षा 500 से 700 मि.मी. होती है और सिंचित व असिंचित दोनों प्रकार की कृषि होती है।
👉 प्रमुख फसलें – बाजरा, मूँग, जौ, गेहूँ, चना, सरसों आदि हैं।

✍️ सही उत्तर है – अजमेर – दौसा – टोंक – जयपुर 

कॉलम-I (उत्कृष्टता केन्द्र को स्थान) को कॉलम-II (उद्यानिकी फसल) से सुमेलित कर नीचे दिए कूटों की सहायता से सही उत्तर का चयन कीजिए :  

[RAS Pre परीक्षा 02.02.2025]

कॉलम-I

कॉलम-II

A. बस्सी

(i) आम

B. सग्रा भोजका

(ii) सीताफल

C. देवड़ावास

(iii) अनार

D. खेमरी

(iv) अमरूद

 

(v) खजूर

कूट : 

          A B C  D

  • (iii) (i) (ii) (v) 

  • (iv) (iii) (v) (i)

  • (iii) (v) (iv) (i)

  • (i) (ii) (iii) (iv)

🔹 व्याख्या:

👉 बस्सी (जयपुर) में अनार केन्द्र स्थापित किया गया है।
👉 सग्रा भोजका (जैसलमेर) में खजूर उत्कृष्टता केन्द्र स्थित है।
👉 देवड़ावास (राजसमंद) क्षेत्र में अमरूद का उत्पादन होता है।
👉 खेमरी (भीलवाड़ा) में आम की बागवानी प्रमुख है।

✍️ सही उत्तर है – A–(iii), B–(v), C–(iv), D–(i) 

राजस्थान में दो प्रमुख कपास उत्पादक जिले हैं 

[सहायक कृषि अधिकारी 31.05.2019]

  • जयपुर एवं दौसा

  • गंगानगर एवं हनुमानगढ़ 

  • कोटा एवं बारां 

  • अलवर एवं भरतपुर 

🔹 व्याख्या:

👉 कपास राजस्थान की एक प्रमुख व्यापारिक फसल है जो विशेष रूप से सिंचित क्षेत्रों में होती है।
👉 इसके दो प्रमुख उत्पादक जिले हैं – गंगानगर एवं हनुमानगढ़, जहाँ नहरों से सिंचाई सुविधा उपलब्ध है।
👉 यहाँ नरमा कपास की उन्नत किस्में जैसे बीकानेरी नरमा, RST-9 आदि का उत्पादन होता है।
👉 2022-23 में राज्य में 277 लाख गांठ कपास का उत्पादन हुआ।

✍️ सही उत्तर है – गंगानगर एवं हनुमानगढ़ 

कौनसा समूह राजस्थान में खरीफ की फसलों से संबंधित हैं ?  

[सहायक कृषि अधिकारी 25.04.2018]

  • अरहर, चना, जौ, बाजरा  

  • अरहर, मक्का, बाजरा, सरसों  

  • मक्का, बाजरा, ज्वार, अरहर  

  • मक्का, बाजरा, सरसों, जौ

🔹 व्याख्या:

👉 खरीफ की फसलें वर्षा ऋतु में बोई जाती हैं, जैसे – मक्का, बाजरा, ज्वार, अरहर।
👉 ये सभी फसलें राजस्थान में जुलाई से अक्टूबर के बीच उगाई जाती हैं।
👉 अन्य विकल्पों में चना, जौ, सरसों जैसी फसलें रबी की हैं।

✍️ सही उत्तर है – मक्का, बाजरा, ज्वार, अरहर 

निम्नलिखित में से राजस्थान के कौन से जिले सरसों उत्पादन में अग्रणी हैं ? 

[वरिष्ठ अध्यापक 12.02.2023]

  • सीकर, झुन्झुनूं, चूरू 

  • भरतपुर, अलवर, गंगानगर 

  • उदयपुर, राजसमन्द, सिरोही 

  • पाली, नागौर, बाँसवाड़ा 

🔹 व्याख्या:

👉 सरसों राजस्थान की प्रमुख तिलहनी फसल है जो शीत एवं शुष्क जलवायु में उगाई जाती है।
👉 इसके अग्रणी उत्पादक जिले हैं – भरतपुर, अलवर, गंगानगर, हनुमानगढ़, झुन्झुनूं, सीकर, कोटा, टोंक आदि।
👉 वर्ष 2022-23 में राज्य में 58.30 लाख टन सरसों का उत्पादन हुआ।
👉 इनमें से भरतपुर, अलवर और गंगानगर प्रमुख उत्पादक जिले हैं।

✍️ सही उत्तर है – भरतपुर, अलवर, गंगानगर 

राजस्थान में सकल फसलीकृत क्षेत्र का कितने प्रतिशत सिंचित है ? 

[ACF परीक्षा 2011]

  • 60% 

  • 52% 

  • 45.4% 

  • 33.6% 

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान में सकल फसलीकृत क्षेत्र का 33.6% प्रतिशत सिंचित है।

👉 राजस्थान, नीति आयोग की रिपोर्ट के अनुसार, देश के 10.5% भौगोलिक क्षेत्र को कवर करने वाला सबसे बड़ा राज्य है।
👉 राज्य में देश की 5.5% जनसंख्या, 10% पशु जनसंख्या और केवल 1% जल संसाधन है।
👉 उपलब्ध जल का 83% सिंचाई हेतु उपयोग होता है, जिसमें से 70% सिंचित क्षेत्र कुओं और ट्यूबवेलों से है, तथा 27% नहरों से।
👉 राज्य में 10.6 लाख हेक्टेयर भूमि नमकीन और सोडिक मिट्टी से प्रभावित है। 

राजस्थान के मानचित्र पर छायांकित क्षेत्र (shaded area) किस फसल के मुख्य क्षेत्र को प्रदर्शित करता है ?  

[Asst. Prof. (भूगोल) 04.07.2016]

  • ज्वार  

  • जौ

  • मक्का  

  • बाजरा  

🔹 व्याख्या:

👉 मानचित्र में छायांकित क्षेत्र दक्षिणी एवं दक्षिण-पूर्वी राजस्थान को दर्शाता है।
👉 यह क्षेत्र मक्का उत्पादन के लिए प्रमुख है — जहाँ चित्तौड़गढ़, बाँसवाड़ा, डूंगरपुर, कोटा, बारां, झालावाड़, भीलवाड़ा जैसे जिले शामिल हैं।
👉 मक्का वहाँ की जलवायु, असमतल भूमि और खरीफ मौसम में उपयुक्तता के कारण उगाई जाती है।
👉 वर्ष 2022-23 में राज्य में मक्का का उत्पादन 21.80 लाख टन रहा।

✍️ सही उत्तर है – मक्का 

राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अन्तर्गत राजस्थान को केन्द्रीय सहायता के रूप में भारत सरकार के प्रतिशत योगदान को बताइये

[LDC (RPSC) 23.10.2016]

  • शत प्रतिशत 

  • 80 प्रतिशत 

  • 60 प्रतिशत 

  • 75 प्रतिशत 

🔹 व्याख्या:

👉 राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (RKVY) एक केंद्र प्रायोजित योजना है, जिसका उद्देश्य राज्यों को कृषि क्षेत्र में निवेश बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित करना है।
👉 इस योजना के अंतर्गत भारत सरकार 60% वित्तीय सहायता देती है, जबकि 40% राशि राज्य सरकार द्वारा वहन की जाती है।
👉 यह योजना कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों की परियोजनाओं के लिए संयुक्त रूप से वित्तपोषण सुनिश्चित करती है। 

राजस्थान में 'वालरा कृषि पद्धति सम्पन्न होती है -

[व्याख्याता (आयुर्वेद) 12.11.2021]

  • जालौर, बाड़मेर, जोधपुर

  • सवाई माधोपुर, करौली

  • डूंगरपुर, बांसवाड़ा, उदयपुर

  •  कोटा, बांसवाड़ा, बाराँ 

🔹 व्याख्या:

👉 वालरा कृषि पद्धति एक पारंपरिक स्थानांतरित कृषि प्रणाली है।
👉 यह पद्धति राजस्थान के डूंगरपुर, बाँसवाड़ा और उदयपुर जैसे आदिवासी बहुल जिलों में अपनाई जाती है।
👉 इसमें जंगल की ज़मीन को अस्थायी रूप से साफ कर खेती की जाती है, फिर कुछ वर्षों बाद स्थान बदल दिया जाता है।

✍️ सही उत्तर है – डूंगरपुर, बांसवाड़ा, उदयपुर 

सन्तरों के उत्पादन के कारण किस जिले को राजस्थान का 'छोटा नागपुर' कहा जाता है ? 

[उपनिरीक्षक (SI) 15.09.2021]

  • कोटा 

  • बूँदी 

  • झालावाड़ 

  • बारां 

🔹 व्याख्या:

👉 झालावाड़ जिला अपने संतरे के उत्पादन के लिए प्रसिद्ध है और इसे राजस्थान का 'छोटा नागपुर' कहा जाता है।
👉 यहाँ संतरे के साथ-साथ अन्य फलों और सब्जियों की भी व्यापक कृषि की जाती है।
👉 संतरा उत्पादन के लिए विशेष कृषि केन्द्रों की स्थापना भी की गई है।

✍️ सही उत्तर है – झालावाड़ 

भील जनजाति द्वार पहाड़ी ढालों पर की जाने वाली स्थानान्तरित कृषि कहलाती है - 

[सांख्यिकी अधिकारी 18.12.2021]

  • दजिया 

  • दिप्पा 

  • दहिया 

  • चिमाता 

🔹 व्याख्या:

👉 चिमाता (Chhimata) राजस्थान में भील जनजाति द्वारा पहाड़ी ढलानों पर की जाने वाली झूम या स्थानांतरित कृषि का एक रूप है।
👉 इसमें पेड़ों को काटकर और जलाकर भूमि साफ की जाती है, और जब तक मिट्टी उपजाऊ रहती है, वहां खेती की जाती है।
👉 उर्वरता घटने पर यह प्रक्रिया नई जगह दोहराई जाती है, जिससे पर्यावरणीय नुकसान और वनों की कटाई होती है।
👉 इसे वालरा कृषि का ही एक रूप माना जाता है। 

राजस्थान में गेहूँ की खेती के लिए लगभग कितने  प्रतिशत भूमि का उपयोग किया जाता है ? 

[EO RO (Shift II) 14.05.2023]

  • इनमें से कोई नहीं 

  • 30%

  • 6% 

  • 18% 

🔹 व्याख्या:

👉 गेहूँ राजस्थान की प्रमुख रबी फसल है, जिसका क्षेत्रफल कुल कृषिगत भूमि का लगभग 9.5% है।
👉 यह जानकारी गेहूँ के वर्णन में स्पष्ट रूप से दी गई है कि इसकी खेती राज्य की कुल कृषिगत भूमि के 9.5% भाग में होती है।
👉 यह सिंचित एवं नलकूप क्षेत्रों में विशेष रूप से उगाया जाता है।

✍️ सही उत्तर है – इनमें से कोई नहीं 

राजस्थान के कितने जिले राष्ट्रीय बागबानी मिशन के अन्तर्गत सम्मिलित किए गए हैं ? 

[Protection Officer 28.01.2023]

  • 24

  • 28

  • 31

  • 19

🔹 व्याख्या:

👉 राष्ट्रीय बागवानी मिशन (NHM) के अंतर्गत राजस्थान के 24 जिलों में इसके कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं।

निम्नलिखित में से राजस्थान में जायद की फसल की ' अवधि कौन सी है ? 

[वरिष्ठ अध्यापक (स्थगित) 22.12.2022]

  • मार्च से जून 

  • सितम्बर से दिसम्बर 

  • अगस्त से नवम्बर 

  • जनवरी से अप्रैल 

🔹 व्याख्या:

👉 जायद फसलें राजस्थान में मार्च से जून के बीच उगाई जाती हैं और इन्हें गर्मियों की फसलें भी कहा जाता है।
👉 यह फसलें रबी और खरीफ के बीच की अवधि में होती हैं और इन्हें गर्म व शुष्क मौसम की आवश्यकता होती है।
👉 प्रमुख जायद फसलें हैं — तरबूज, खरबूजा, ककड़ी, करेला, कद्दू, मूंग, उड़द और सूरजमुखी।

✍️ सही उत्तर है – मार्च से जून 

रबी के मौसम में राजस्थान की प्रमुख खाद्यान्न फसल निम्न में से कौन सी है ?

[व्याख्याता (तकनीकी) 12.03.2021]

  • बाजरा 

  • मक्का 

  • ज्वार 

  • गेहूँ 

🔹 व्याख्या:

👉 गेहूँ राजस्थान की प्रमुख रबी मौसम की खाद्यान्न फसल है।
👉 इसकी बुवाई शीत ऋतु में होती है और नहरी व नलकूप सिंचित क्षेत्रों में सबसे अधिक होती है।
👉 प्रमुख उत्पादक जिले हैं – गंगानगर, हनुमानगढ़, कोटा, भरतपुर, अलवर आदि।
👉 वर्ष 2021-22 में गेहूँ का उत्पादन 100.00 लाख टन रहा।

✍️ सही उत्तर है – गेहूँ 

मक्का मुख्यतः उत्पादित किया जाता है 

[सांख्यिकी अधिकारी 25.02.2024]

  • उत्तर-पश्चिमी राजस्थान में 

  • उत्तर-पूर्वी राजस्थान में 

  • दक्षिणी राजस्थान में 

  • मध्यवर्ती राजस्थान में 

🔹 व्याख्या:

👉 मक्का राजस्थान की प्रमुख खरीफ फसल है जो मुख्यतः दक्षिणी एवं दक्षिण-पूर्वी जिलों में उगाई जाती है।
👉 इसके प्रमुख उत्पादक जिले हैं – चित्तौड़गढ़, बाँसवाड़ा, डूंगरपुर, झालावाड़, बारां, कोटा, भीलवाड़ा, उदयपुर, सिरोही आदि। 
👉 वर्ष 2022-23 में मक्का का उत्पादन 21.80 लाख टन रहा।

✍️ सही उत्तर है – दक्षिणी राजस्थान में 

मक्का के अन्तर्गत सर्वाधिक कृषि भूमिवाला राजस्थान का क्षेत्र है 

[SI (मोटर वाहन) 2013] 

  • दक्षिणी 

  • पश्चिमी 

  • उत्तरी 

  • पूर्वी 

🔹 व्याख्या:

👉 मक्का राजस्थान की खरीफ फसल है जो मुख्यतः दक्षिणी जिलों में बोई जाती है।
👉 इसके प्रमुख उत्पादक जिले हैं – चित्तौड़गढ़, बाँसवाड़ा, डूंगरपुर, उदयपुर, बारां, झालावाड़, कोटा, भीलवाड़ा आदि।
👉 वर्ष 2022-23 में मक्का का उत्पादन 21.80 लाख टन रहा।

✍️ सही उत्तर है – दक्षिणी 

राजस्थान के कौन से जिलों के युग्म में 'वालरा'कृषि की जाती है ? 

[PTI Grade -II (RPSC) 30.04.2023]

  • कोटा एवं बारां 

  • गंगानगर एवं हनुमानगढ़ 

  • डूंगरपुर एवं बाँसवाड़ा 

  • चुरू एवं सीकर 

🔹 व्याख्या:

👉 ‘वालरा’ एक पारंपरिक स्थानांतरित कृषि प्रणाली है जो आदिवासी क्षेत्रों में अपनाई जाती है।
👉 यह विशेष रूप से डूंगरपुर एवं बाँसवाड़ा जिलों में प्रचलित है, जहाँ जंगल साफ कर अस्थायी रूप से खेती की जाती है।
👉 इसे सीमित संसाधनों और वर्षा पर निर्भरता के कारण अपनाया जाता है।

✍️ सही उत्तर है – डूंगरपुर एवं बाँसवाड़ा 

कौन सा सुमेलित नहीं है ? 

सहायक आचार्य [30.05.2019]

       फसलें        -     किस्में 

  • मक्का   -  माही कंचन 

  • कपास   - वीरनार 

  • गेहूँ       -  माही धवल 

  • चावल    -  मोही सुगन्धरा

🔹 व्याख्या:

👉 माही कंचन एक मक्का की संकर किस्म है, यह सुमेलित है।
👉 मोही सुगन्धरा एक चावल की सुगंधित किस्म है, यह भी सही है।
👉 वीरनार कपास की उन्नत किस्मों में से एक है, अतः यह भी सुमेलित है।
👉 लेकिन माही धवल मक्का की एक किस्म है, न कि गेहूँ की।

✍️ सही उत्तर है – गेहूँ–माही धवल 

राजस्थान के ईसबगोल उत्पादक जिले हैं -

[स्कूल व्याख्याता 11.10.2022]

  • सवाई माधोपुर, टोंक और करौली 

  • जालोर, सिरोही और बाड़मेर 

  • कोटा, बूंदी और झालावाड़ 

  • उदयपुर, राजसमन्द और चित्तौड़गढ़ 

🔹 व्याख्या:

👉 ईसबगोल राजस्थान की एक विशिष्ट नकदी फसल है जिसका उत्पादन सीमित क्षेत्रों में होता है।
👉 इसके प्रमुख उत्पादक जिले हैं – जालोर, सिरोही, बाड़मेर और बालोतरा।
👉 यह मुख्यतः शुष्क एवं अर्द्ध शुष्क जलवायु वाले क्षेत्रों में उगाई जाती है।

✍️ सही उत्तर है – जालोर, सिरोही और बाड़मेर 

सूची-I को सूची-II से मिलान कीजिये तथा नीचे दिये गये कूट का उपयोग करके सही उत्तर का चयन कीजिये 

सूची-I (फसल)

सूची-II (उत्पादक जिले) (पुरातन)

(A) जोजोबा

(i) कोटा, झालावाड़

(B) अफीम

(ii) जोधपुर, गंगानगर

(C) धनिया

(iii) जालौर सिरोही

(D) इसबगोल

(iv) चित्तौड़गढ़, बारां

[Asst. Prof. (भूगोल) 18.05.2024]

कूट -

  • (A)-(ii), (B)-(iv) (C)-(iii), (D)-(i)

  • (A)-(ii), (B)-(iv), (C)-(i), (D)-(iii)

  • (A)-(iii), (B)-(ii), (C)-(iv), (D)-(i)

  • (A)-(iii), (B)-(iv), (C)-(i), (D)-(ii)

🔹 व्याख्या:

👉 जोजोबा का उत्पादन होता है – जोधपुर, गंगानगर में।
👉 अफीम के प्रमुख जिले हैं – चित्तौड़गढ़, बारां, झालावाड़, कोटा।
👉 धनिया का उत्पादन होता है – कोटा, झालावाड़, बारां में।
👉 ईसबगोल का उत्पादन प्रमुख रूप से – जालौर, सिरोही, बाड़मेर में होता है।

✍️ सही उत्तर है – (A) – (ii), (B) – (iv), (C) – (i), (D) – (iii) 

राजस्थान में माल्टा का उत्पादन किस जिले में प्रमुखता से होता है ?

[वरिष्ठ अध्यापक (SST) 2011]

  • झालावाड़ 

  • कोटा 

  • बीकानेर 

  • गंगानगर 

🔹 व्याख्या:

👉 माल्टा एक प्रमुख बागवानी फल है जो नारंगी जाति का होता है।
👉 राजस्थान में इसका उत्पादन विशेष रूप से गंगानगर जिले में होता है।
👉 यहाँ किनू और माल्टा जैसे खट्टे फलों की व्यापक बागवानी की जाती है।
👉 यह क्षेत्र फल उत्पादन में प्रमुख स्थान रखता है।

✍️ सही उत्तर है – गंगानगर 

राजस्थान में 'मावट' की वर्षा द्वारा निम्नलिखित में से कौनसी फसल लाभान्वित हैं - 

[सहायक कृषि अधिकारी 25.04.2018]

  • चावल

  • गेहूँ  

  • बाजरा  

  • ज्वार  

🔹 व्याख्या:

👉 मावट शीत ऋतु में होने वाली असमय वर्षा है जो रबी फसलों के लिए लाभकारी होती है।
👉 गेहूँ एक प्रमुख रबी फसल है जो मावट से सर्वाधिक लाभान्वित होती है।
👉 यह वर्षा फसल को आवश्यक नमी प्रदान करती है और उत्पादकता बढ़ाती है।

✍️ सही उत्तर है – गेहूँ 

भारत का सर्वाधिक गन्ना उत्पादक राज्य है 

[Head Master 11.10.2021]

  • तमिलनाडु 

  • उत्तर प्रदेश 

  • महाराष्ट्र 

  • कर्नाटक 

🔹 व्याख्या:

👉 गन्ना भारत की एक प्रमुख उष्णकटिबंधीय नकदी फसल है, जिसका उपयोग चीनी, गुड़ और खांड बनाने में होता है।
👉 उत्तर प्रदेश भारत का सर्वाधिक गन्ना उत्पादक राज्य है, जहाँ सिंचाई सुविधाएँ और उपजाऊ मिट्टी इसकी कृषि के लिए उपयुक्त हैं।
👉 राजस्थान में गन्ना सीमित क्षेत्रों में उत्पादित होता है, जैसे बूँदी, कोटा, गंगानगर आदि।
👉 गन्ने की उन्नत किस्में जैसे को. 419, को. 997 आदि का उपयोग राजस्थान में किया जाता है।

✍️ सही उत्तर है – उत्तर प्रदेश 

राजस्थान में अलसी उत्पादक प्रमुख जिले हैं 

  • भीलवाड़ा, टोंक, सवाई माधोपुर और करौली

  • बारां, कोटा, बूँदी और झालावाड़

  • चित्तौड़गढ़, प्रतापगढ़, डूंगरपुर और बाँसवाड़ा

  • अजमेर, पाली, नागौर और सीकर 

🔹 व्याख्या:

👉 अलसी का उत्पादन राजस्थान में सीमित रूप से होता है और यह मुख्यतः हाड़ौती क्षेत्र की फसल है।
👉 इसके प्रमुख उत्पादक जिले हैं – बारां, कोटा, बूँदी और झालावाड़।
👉 यह रबी की फसल है जो शीतकालीन मौसम में बोई जाती है।
👉 वर्ष 2018-19 में राज्य में अलसी का उत्पादन 3420 टन रहा।

✍️ सही उत्तर है – बारां, कोटा, बूँदी और झालावाड़ 

राजकिरण और आर.डी. 57 किस फसल की उन्नत किस्में हैं ? 

सहायक आचार्य [ 07.01.2024] 

  • बाजरा 

  • जौ 

  • मक्का 

  • चना 

🔹 व्याख्या:

👉 राजकिरण और आर.डी. 57 जौ फसल की उन्नत किस्में हैं।

👉 राजकिरण (Rajkiran) और आर.डी. 57 (R.D. 57) जौ (Barley) की उन्नत किस्में हैं।यह रबी के मौसम में उगाई जाने वाली प्रमुख फसल है।

राजस्थान में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन में किन फसलों को सम्मिलित किया गया है ? 

[LDC (RPSC) 23.10.2016]

  • केवल गेहूँ को 

  • गेहूँ, दालों, व मोटे अनाज और व्यापारिक फसलों को

  • केवल गेहूं व दालों को 

  • केवल गेहूँ व मोटे अनाज को 

🔹 व्याख्या:

👉 राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन (NFSM) राजस्थान में गेहूँ और दालों पर वर्ष 2007-08 में लागू किया गया।
👉 इसका उद्देश्य 10, 8 और 2 मिलियन टन चावल, गेहूँ और दालों के उत्पादन में वृद्धि करना था।
👉 यह मिशन क्षेत्र विस्तार, उर्वरता वृद्धि, रोजगार सृजन और कृषि-आधारित अर्थव्यवस्था को बढ़ाने के लिए शुरू किया गया।
👉 2014-15 से मोटे अनाज को भी इसमें शामिल किया गया और यह योजना 12वीं पंचवर्षीय योजना के अंतर्गत चलती रही। 

खाद्य सुरक्षा मिशन शुरू किया गया था ताकि 

[ACF परीक्षा 2011]

  • सभी गरीब परिवारों को निःशुल्क खाद्य उपलब्ध कराया जा सके । 

  • गेहूँ, चावल व दालों का उत्पादन बढ़ाया जा सके । 

  • नकदी फसलों और व्यापारिक फसलों का उत्पादन बढ़ाया जा सके ।

  • पूरी जनसंख्या को रियायती दरों पर खाद्य की गारन्टी दी जा सके । 

🔹 व्याख्या:

👉 खाद्य सुरक्षा मिशन का उद्देश्य था गेहूँ, चावल व दालों का उत्पादन बढ़ाना।
👉 यह मिशन विशेष रूप से खाद्यान्न फसलों के उत्पादन पर केन्द्रित रहा।

✍️ सही उत्तर है – गेहूँ, चावल व दालों का उत्पादन बढ़ाया जा सके। 

सन् 2016 में प्रकाशित कृषि सांख्यिकी के अनुसार 1956-57 से 2013-14 के समयावधि हेतु राजस्थान राज्य के लिए निम्नलिखित में से कौन से वाक्य सही हैं ? 

A. शुद्ध बोया क्षेत्र 36.36% से बढ़कर 53.13% हो गया । 

B. कृषि योग्य व्यर्थ भूमि बढ़कर दो गुनी हो गयी । 

C. वन क्षेत्र में कई गुणा कमी आयी । 

सहायक आचार्य [30.05.2019]

कूट : 

  • केवल A एवं B 

  • केवल B एवं C 

  • A, B एवं C 

  •  केवल A 

🔹 व्याख्या:

👉 A. शुद्ध बोया क्षेत्र 36.36% से बढ़कर 53.13% हो गया - वाक्य सही हैं।

👉 2022-23 तक के भूमि उपयोग, शुद्ध बोया गया क्षेत्र (53.75%), कृषि योग्य बंजर भूमि (10.39%) आदि है।

राजस्थान में कपास की उत्पादकता (किलोग्राम/हैक्टेयर) वर्ष 2015- 16 में थी:  

[Research Assistant 24.08.2017]

  • 1140

  • 461

  • 464

  • 515

🔹 व्याख्या:

👉 वर्ष 2015-16 में राजस्थान में कपास की उत्पादकता लगभग 461 किलोग्राम प्रति हैक्टेयर रही थी।  

👉 वर्ष 2025-26 के दौरान राजस्थान में कपास की उत्पादकता 474 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर (Lint के रूप में) दर्ज की गई है। राज्य में कुल कपास का उत्पादन लगभग 17.94 लाख गांठ (17,94,334 गांठें, प्रत्येक 170 किलोग्राम की) रहा। राजस्थान भारत के प्रमुख कपास उत्पादक राज्यों में से एक है, जहाँ मुख्य रूप से श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ जिले इस फसल के प्रमुख केंद्र हैं।

राजस्थान का प्रमुख मक्का उत्पादक क्षेत्र है - 

[मूल्यांकन अधिकारी 23.08.2020]

  • पश्चिमी भाग 

  • उत्तरी भाग 

  • दक्षिणी भाग 

  • पूर्वी भाग 

🔹 व्याख्या:

👉 मक्का राजस्थान की खरीफ फसल है जो मुख्यतः दक्षिणी भाग में उगाई जाती है।
👉 इसके प्रमुख उत्पादक जिले हैं – चित्तौड़गढ़, बाँसवाड़ा, डूंगरपुर, उदयपुर, बारां, झालावाड़, कोटा, भीलवाड़ा आदि।
👉 यह फसल असमतल भूमि एवं मध्यम वर्षा में भी सफलतापूर्वक उगाई जाती है।
👉 वर्ष 2022-23 में मक्का का उत्पादन 21.80 लाख टन रहा।

✍️ सही उत्तर है – दक्षिणी भाग 

उत्पादन के अनुसार, राजस्थान में कौन सी प्रमुख दालें उत्पादित की जाती हैं ?

[Supt. Garden 28.07.2021]

  • चना एवं मटर

  • मूंग एवं मसूर 

  •  चना एवं तूर 

  • चना एवं मूंग

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान में दालों में सर्वाधिक उत्पादन चना का होता है, जो रबी की प्रमुख फसल है।
👉 इसके बाद मूंग खरीफ मौसम की प्रमुख दाल है, जिसका उत्पादन भी बड़े क्षेत्र में होता है।
👉 वर्ष 2020-21 में चना – 1810 हजार टन और मूंग – 1304.42 हजार टन उत्पादन रहा।
👉 ये दोनों दालें राज्य की प्रमुख दालें हैं।

✍️ सही उत्तर है – चना एवं मूंग 

राजस्थान में ‘वालरा' कृषि का एक प्रकार है 

सहायक आचार्य [24.04.2016]

  • स्थानांतरित कृषि 

  • पर्वतीय कृषि 

  • आर्द्र एवं शुष्क कृषि 

  • शुष्क कृषि 

🔹 व्याख्या:

👉 ‘वालरा’ शब्द का प्रयोग राजस्थान में स्थानांतरित कृषि के लिए किया जाता है।
👉 यह कृषि पद्धति प्रायः वनवासी क्षेत्रों में अपनाई जाती है, जहाँ एक स्थान पर कुछ वर्षों तक खेती के बाद भूमि को छोड़कर नया स्थान चुना जाता है।
👉 यह कृषि अधिकतर दक्षिणी-पश्चिमी आदिवासी क्षेत्रों में प्रचलित है।
👉 इसमें भूमि को जलाए बिना झाड़ियों को काटकर खेती की जाती है।

✍️ सही उत्तर है – स्थानांतरित कृषि 

माही कंचन' एक किस्म हैं -  

[सहायक कृषि अधिकारी 25.04.2018]

  • मक्का की  

  • ज्वार की  

  • चावल की  

  • गेहूँ की  

🔹 व्याख्या:

👉 माही कंचन एक उन्नत मक्का की संकर किस्म है।
👉 इसका विकास अखिल भारतीय मक्का सुधार परियोजना, उदयपुर एवं बाँसवाड़ा अनुसंधान केन्द्र में किया गया।
👉 यह किस्म दक्षिणी राजस्थान की मक्का कृषि के लिए उपयुक्त पाई गई है।
👉 इसके साथ माही धवल, मेघा भी मक्का की ही किस्में हैं।

✍️ सही उत्तर है – मक्का की 

राजस्थान में सोयाबीन के प्रमुख उत्पादक जिलें हैं : 

[LDC (RPSC) 2011]

  • करौली - धौलपुर 

  • डूंगरपुर - बांसवाड़ा

  • कोटा - बारां 

  • जयपुर - दौसा

🔹 व्याख्या:

👉 सोयाबीन एक महत्त्वपूर्ण तिलहन एवं दलहन दोनों प्रकृति की फसल है।
👉 इसके प्रमुख उत्पादक जिले हैं – झालावाड़, कोटा, बारां, प्रतापगढ़ आदि।
👉 इसके अतिरिक्त अजमेर, ब्यावर, भीलवाड़ा, जयपुर, दौसा में भी सीमित उत्पादन होता है।
👉 मुख्य उत्पादन क्षेत्र होने के कारण कोटा – बारां सही युग्म है।

✍️ सही उत्तर है – कोटा – बारां 

'नेशनल रिसर्च सेन्टर फॉर एरिड हॉर्टीकल्चर' राजस्थान के किस जिले में स्थापित किया गया है ? 

[स्कूल व्याख्याता (भूगोल) 16.10.2022]

  • बीकानेर 

  • अजमेर 

  • जोधपुर 

  • श्रीगंगानगर 

🔹 व्याख्या:

👉 नेशनल रिसर्च सेन्टर फॉर एरिड हॉर्टीकल्चर (NRCAH) का उद्देश्य शुष्क क्षेत्रों में बागवानी फसलों पर अनुसंधान करना है।
👉 यह केन्द्र राजस्थान के बीकानेर जिले में स्थापित किया गया है।
👉 यह संस्था काजरी (CAZRI), जोधपुर से अलग है और विशेष रूप से फल एवं सब्जियों पर केंद्रित है।
👉 शुष्क क्षेत्रीय कृषि को बढ़ावा देने में यह केन्द्र सहायक है।

✍️ सही उत्तर है – बीकानेर 

मक्का राजस्थान के मुख्यतः कौन से भाग में उत्पादित किया जाता है? 

सहायक आचार्य [22.09.2021]

  • उत्तरी क्षेत्र 

  • दक्षिण-पश्चिमी क्षेत्र

  • दक्षिण एवं दक्षिण पूर्वी क्षेत्र 

  • उत्तरी-पश्चिमी क्षेत्र 

🔹 व्याख्या:

👉 मक्का राजस्थान की खरीफ फसल है और इसका उत्पादन मुख्यतः दक्षिण एवं दक्षिण-पूर्वी भागों में होता है।
👉 इसके प्रमुख जिले हैं – चित्तौड़गढ़, बाँसवाड़ा, डूंगरपुर, कोटा, बारां, झालावाड़, भीलवाड़ा, सिरोही, उदयपुर आदि।
👉 यहाँ की जलवायु, वर्षा और असमतल भूमि मक्का उत्पादन के लिए उपयुक्त है।
👉 वर्ष 2022-23 में मक्का उत्पादन 21.80 लाख टन रहा।

✍️ सही उत्तर है – दक्षिण एवं दक्षिण पूर्वी क्षेत्र 

बीटी - बैंगन और बीटी कॉटन का उद्देश्य फसलों को -  

[ACF परीक्षा 2011]

  • सूखा-प्रतिरोधी बनाना है

  • कम अवधि वाली बनाना 

  • कीट - रोधी बनाना है 

  • अधिक उपज देने वाली बनाना है

🔹 व्याख्या:

👉 बीटी बैंगन और बीटी कपास (Bt Cotton) का विकास कीट-रोधक क्षमता बढ़ाने के लिए किया गया।
👉 यह जैव तकनीक के माध्यम से की गई कृषि सुधार की एक विधि है।

✍️ सही उत्तर है – कीट–रोधी बनाना है 

भील और गरासिया स्थानीय जनजातियाँ हैं जो मध्य माही- छप्पन बेसिन में स्थानांतरित खेती का व्यवसाय करती हैं, उन्हें____________ के रूप में जाना जाता है। 

[EO RO (Shift I) 14.05.2023]

  • वालरा 

  • हाड़ौती 

  • झामरी 

  • वागड़

🔹 व्याख्या:

👉 भील और गरासिया जनजातियाँ मध्य माही-छप्पन बेसिन में स्थानांतरित खेती करती हैं।
👉 इस प्रकार की परंपरागत खेती को वहां वालरा कहा जाता है।

✍️ सही उत्तर है – वालरा 

निम्नलिखित में से राजस्थान के अफीम उत्पादक जिले कौन से हैं 

[वरिष्ठ अध्यापक 12.02.2023]

  • धौलपुर, भरतपुर 

  • अजमेर, नागौर 

  • जयपुर, दौसा 

  • चित्तौड़गढ़, झालावाड़ 

🔹 व्याख्या:

👉 अफीम राजस्थान की विशिष्ट नकदी फसल है जो सीमित क्षेत्रों में उत्पादित होती है।
👉 इसके प्रमुख उत्पादक जिले हैं – चित्तौड़गढ़, बारां, प्रतापगढ़, कोटा, बूँदी, झालावाड़ और भीलवाड़ा।
👉 यह फसल विशेष अनुमति के आधार पर ही बोई जाती है।

✍️ सही उत्तर है – चित्तौड़गढ़, झालावाड़ 

राजस्थान में प्रथम योजना काल से अब तक फसलों के प्रतिरूप में क्या परिवर्तन (आंकड़े पूर्णांक में) घटित हुए हैं ?

i अनाज की फसलों का क्षेत्रफल 42% से बढ़कर 56% हो गया 

ii दालों का क्षेत्रफल 21% से घटकर 18% रह गया है । 

iii तिलहनों का क्षेत्रफल 6% से बढ़कर 21% हो गया है । 

iv कपास, गन्ना, ग्वार, चारा फसलों, फल, सब्जी एवं मसालों का क्षेत्रफल 19% से बढ़कर 20% हो गया है

नीचे दिए हुए कूटों का उपयोग कर सही उत्तर चुनिए : 

[वरिष्ठ अध्यापक 21.02.2014]

  • (ii) एवं (iv)

  • (ii) एवं (iii) 

  • (i), (ii) एवं (iii) 

  • (i), (iii) एवं (iv) 

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान की भू-जलवायु परिस्थितियाँ मोटे अनाज (बाजरा, ज्वार, मक्का) की खेती के लिए उपयुक्त हैं।
👉 1996–2005 के बीच बाजरा, गेहूं, तिलहन व रेपसीड-सरसों का क्षेत्रफल प्रमुख रहा, परंतु 2006–15 में अनाज का हिस्सा घटकर 41% रह गया।
👉 वर्ष 1957–67 की तुलना में 2012–13 में दालों का क्षेत्र 9403.9 से घटकर 3245.6 और तिलहन का क्षेत्र 1042.9 से बढ़कर 4912.2 हो गया।
👉 कपास, गन्ना, सब्जियाँ, मसाले व चारा फसलों का क्षेत्र 16.8% से बढ़कर 23.5% हुआ है। 

राष्ट्रीय बीजीय मसाला अनुसंधान केन्द्र स्थित है  

[कनिष्ठ लेखाकार (RPSC) 04.10.2016]

  • सेवर, भरतपुर में 

  • लालगढ़, बीकानेर में 

  • दुर्गापुरा, जयपुर में 

  • तबीजी, अजमेर में 

🔹 व्याख्या:

👉 राष्ट्रीय बीजीय मसाला अनुसंधान केंद्र (NRCSS) की स्थापना भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) द्वारा 22 अप्रैल 2000 को की गई थी。यह अनुसंधान केंद्र राजस्थान के अजमेर (तबीजी/डूमरा) में स्थित है。यह केंद्र मुख्य रूप से बीजीय मसालों (जैसे धनिया, जीरा, सौंफ, मेथी आदि) की गुणवत्ता और उत्पादकता में सुधार के लिए कार्य करता है

✍️ सही उत्तर है – तबीजी, अजमेर में 

राजस्थान में वर्ष 2015-16 में कुल जोतों का क्षेत्रफल था 

[ATO परीक्षा 27.07.2021] 

  • 76.55 लाख हेक्टेयर

  • 211.4 लाख हेक्टेयर 

  •  208.73 लाख हेक्टेयर 

  • 68.8 लाख हेक्टेयर 

🔹 व्याख्या:

  • राजस्थान में भूमि या कृषि जोतों (Agricultural Land Holdings) का औसत आकार 2.73 हेक्टेयर है।
  • यह राष्ट्रीय औसत 1.08 हेक्टेयर की तुलना में काफी अधिक है, जो राज्य में बड़े खेतों और भूमि के पैटर्न को दर्शाता है।
  • कुल प्रचालित भूमि जोतों की संख्यालगभग 76.55 लाख ,कुल जोतों का क्षेत्रफल208.73 लाख हेक्टेयर. , महिला प्रचालित जोत धारक लगभग 7.75 लाख

वर्ष 2021-22 में, देश के कुल बाजरा उत्पादन में राजस्थान का योगदान (प्रतिशत में) था : 

[RAS Pre परीक्षा 02.02.2025]

  • 38.98 

  • 87.69 

  • 34.69

  • 46.30 

🔹 व्याख्या:

👉  वर्ष 2021-22 में, देश के कुल बाजरा उत्पादन में राजस्थान का योगदान 38.98 प्रतिशत था।  2025-26 अनुसार, राजस्थान भारत में कुल बाजरा उत्पादन में पहले स्थान पर है। भारत के कुल बाजरा उत्पादन में राजस्थान का योगदान लगभग 41% से 44% के बीच रहता है।आर्थिक समीक्षा के सटीक आंकड़ों के अनुसार:बाजरा उत्पादन (प्रतिशत योगदान): लगभग 41.34% (कुछ रिपोर्टों में यह योगदान 44% से अधिक भी आंका जाता है)। राष्ट्रीय स्तर पर स्थान: राजस्थान का देश में प्रथम स्थान है।अन्य राज्य: बाजरा उत्पादन में राजस्थान के बाद उत्तर प्रदेश दूसरे स्थान पर और गुजरात तीसरे स्थान पर आता है。

राजस्थान में ईसबगोल उत्पादक जिलें हैं : 

[Asst. Prof. (भूगोल) 28.09.2021]

  • जालौर, सिरोही, बाड़मेर

  • जालौर, जोधपुर, बीकानेर

  • जोधपुर, बाड़मेर, पाली  

  • पाली, जोधपुर, नागौर 

🔹 व्याख्या:

👉 ईसबगोल राजस्थान की विशिष्ट नकदी फसल है जो शुष्क क्षेत्रों में उगाई जाती है।
👉 इसके प्रमुख उत्पादक जिले हैं – जालौर, सिरोही, बाड़मेर और बालोतरा।
👉 यह फसल सीमित वर्षा और हल्की भूमि में अच्छी होती है।
👉 राज्य के पश्चिमी भाग में इसका विशेष उत्पादन होता है।

✍️ सही उत्तर है – जालौर, सिरोही, बाड़मेर 

राजस्थान के किस जिले में सेम की समस्या द्वारा कृषि को क्षति पहुँची है ? 

[स. सांख्यिकी अधिकारी 08.07.2022]

  • अलवर 

  • बांसवाड़ा 

  • हनुमानगढ़ 

  • कोटा 

🔹 व्याख्या:

👉 सेम (Waterlogging) की समस्या उन क्षेत्रों में होती है जहाँ अधिक सिंचाई या जल निकास की कमी होती है।
👉 राजस्थान में यह समस्या इंदिरा गांधी नहर क्षेत्र के भागों जैसे – हनुमानगढ़, रावतसर, लूनकरणसर में पाई जाती है।
👉 सेम के कारण हजारों हैक्टेयर भूमि अकृषि योग्य हो गई है।

✍️ सही उत्तर है – हनुमानगढ़ 

सोनालिका, गंगा, सुनहरी और चम्बल 65 उच्च उत्पादक किस्में हैं  

[लाइब्रेरियन ग्रेड -II 16.02.2025]

  • गेंहूँ की 

  • ज्वार की 

  • मक्का की 

  • जौ की 

🔹 व्याख्या:

👉 सोनालिका, गंगा, सुनहरी, चम्बल 65 आदि सभी गेहूँ की उन्नत किस्में हैं।
👉 ये किस्में उच्च उत्पादन क्षमता के लिए प्रसिद्ध हैं और राजस्थान के नहरी व सिंचित क्षेत्रों में बोई जाती हैं।
👉 राज्य में गेहूँ की अन्य किस्में हैं – राज. 3077, डब्ल्यू.एच. 1147, शरबती आदि।
👉 2022-23 में गेहूँ का प्रति हैक्टेयर उत्पादन 3807 किग्रा रहा।

✍️ सही उत्तर है – गेहूँ की 

माही कंचन तथा आर सी बी 911 संकर किस्में हैं 

[RAS Pre. 01.10.2023]

  • क्रमशः मक्का तथा चावल की 

  • क्रमशः मक्का तथा जौ की 

  • क्रमशः बाजरा तथा मक्का की

  • क्रमशः मक्का तथा बाजरे की

🔹 व्याख्या:

👉 'माही कंचन' एक संकर किस्म है जिसे मक्का के लिए विकसित किया गया है।
👉 'आर.सी.बी. 911' एक उन्नत किस्म है जो बाजरा फसल के अंतर्गत आती है।
👉 दोनों किस्में राज्य के शुष्क व अर्द्ध शुष्क क्षेत्रों के लिए उपयुक्त हैं।
👉 इनका विकास उदयपुर व बाँसवाड़ा के अनुसंधान केन्द्रों में किया गया है।

✍️ सही उत्तर है – क्रमशः मक्का तथा बाजरे की 

कथन 

(a) इस क्षेत्र में 500 से 700 मि.मी. तक वर्षा होती है । 

(b) मिट्टी चूना युक्त दोमट तथा कच्छारी है ।

(c) बाजरा, अरहर, ज्वार, गेहूँ तथा सरसों मुख्य फसलें हैं। 

(d) इस क्षेत्र में बीहड़ भूमि भी पाई जाती है । 

उपरोक्त कथनों के आधार पर कृषि जलवायु प्रदेश में शामिल जिला समूह का चयन कीजिए 

[स्कूल व्याख्याता (भूगोल) 16.10.2022]

  • अलवर - भरतपुर - करौली - सवाई माधोपुर 

  • कोटा - बूंदी - झालावाड़ - बारां 

  • अजमेर - जयपुर - दौसा - टोंक

  • डूंगरपुर - प्रतापगढ़ - बांसवाड़ा - चित्तौड़गढ़ 

🔹 व्याख्या:

👉 दिए गए सभी कथन – (a) 500 से 700 मि.मी. वर्षा, (b) चूनायुक्त दोमट मिट्टी, (c) बाजरा, गेहूँ, सरसों आदि फसलें, और (d) बीहड़ भूमि का पाया जाना —
👉 ये विशेषताएँ कृषि जलवायु प्रदेश III-B अर्थात् बाढ़ प्रभावित पूर्वी मैदान की हैं।
👉 इसमें शामिल जिले हैं – अलवर, भरतपुर, करौली, सवाई माधोपुर।

✍️ सही उत्तर है – अलवर – भरतपुर – करौली – सवाई माधोपुर 

भारत में कुल धनिये के 45 प्रतिशत उत्पादन के उपरांत भी राजस्थान में इस फसल के परिनिर्माण में कोई प्रगति  नहीं की है | इसका प्रमुख कारण यह है :  

[Research Assistant 24.08.2017]

  • पूंजी का अभाव  

  • 80 प्रतिशत उत्पादन का गुजरात को भिजवा देना    

  • तकनीकी ज्ञान का अभाव  

  • अन्य राज्यों से स्पर्दा का डर  

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान भारत में कुल धनिया उत्पादन का लगभग 45% योगदान करता है।
👉 इसके बावजूद परिनिर्माण (Processing) में प्रगति नहीं हो पाई है।
👉 इसका प्रमुख कारण है – राज्य के लगभग 80% उत्पादन को गुजरात भेज देना।

✍️ सही उत्तर है – 80 प्रतिशत उत्पादन का गुजरात को भिजवा देना 

राजस्थान में 2014-15 में अनाज का क्षेत्र इस प्रकार था (कुल में प्रतिशत) [*]

[Research Assistant 24.08.2017]

  • 70

  • 80

  • 69

  • 74

📌 महत्वपूर्ण सूचना: इस प्रश्न को बोर्ड द्वारा 'डिलीट' या अमान्य घोषित किया गया है।  

राजस्थान में निम्न में से कौन सी रबी मौसम की  तिलहन फसलें हैं ?

सहायक आचार्य [ 07.01.2024] 

  • सोयाबीन, सरसों एवं अरण्डी 

  • तिल, सोयाबीन, अरण्डी व मूँगफली 

  • सरसों, मूँगफली, तिल एवं अलसी 

  • सरसों, तारामीरा एवं अलसी 

🔹 व्याख्या:

👉 रबी मौसम की तिलहन फसलें राजस्थान में मुख्यतः सरसों, तारामीरा एवं अलसी हैं।
👉 जबकि तिल, मूँगफली, सोयाबीन और अरण्डी सभी खरीफ मौसम की फसलें हैं।
👉 सरसों का उत्पादन शीत व शुष्क जलवायु में और अलसी का हाड़ौती क्षेत्र में होता है।
👉 तारामीरा भी रबी की एक तिलहनी फसल है जो शुष्क क्षेत्रों में उगाई जाती है।

✍️ सही उत्तर है – सरसों, तारामीरा एवं अलसी 

राजस्थान की कृषि सांख्यिकी रिपोर्ट 2016-17 के अनुसार कुल उत्पादन की दृष्टि से निम्नलिखित फसलों को घटते क्रम में व्यवस्थित कीजिये : 

A. गेहूँ      B. मक्का 

C. चावल  D. बाजरा 

[वरिष्ठ अध्यापक Spl Edu 03.07.2019]

कूट : 

  • A, B, D एवं C 

  • A, B, C एवं D 

  • A, C, B एवं D 

  • A, D, B एवं C 

🔹 व्याख्या:

👉 वर्ष 2016-17 में राजस्थान में प्रमुख फसलों का कुल उत्पादन इस प्रकार रहा –
गेहूँ – 124.30 लाख टन,
बाजरा – 41.51 लाख टन,
मक्का – 17.79 लाख टन,
चावल – 4.52 लाख टन।
👉 इस आधार पर फसलों का घटते क्रम में क्रम होगा – A (गेहूँ) > D (बाजरा) > B (मक्का) > C (चावल)।

✍️ सही उत्तर है – A, D, B एवं C 

राजस्थान के कुल क्षेत्रफल का लगभग कितना प्रतिशत भाग फसली क्षेत्र है ?

[स्कूल व्याख्याता (भूगोल) 21.07.2016]

  • 80

  • 42

  • 51

  • 70

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान के कुल क्षेत्रफल का लगभग 70 प्रतिशत भाग फसली क्षेत्र है।

भारत में राजस्थान का निम्न तिलहन उत्पादन में प्रथम स्थान है|  

[Research Assistant 24.08.2017]

  • सरसों व तोरिआ  

  • लोबिया  

  • बाजरा 

  • ग्वार  

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान भारत में तिलहन उत्पादन में प्रथम स्थान पर है, विशेषकर सरसों और तोरिआ के उत्पादन में।
👉 वर्ष 2021 में राज्य ने 7.9 मिलियन मीट्रिक टन तिलहन का उत्पादन किया।
👉 अन्य प्रमुख तिलहन उत्पादक राज्य हैं – मध्यप्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र।
👉 राजस्थान की जलवायु और भूमि संरचना तिलहनों की खेती के लिए अनुकूल मानी जाती है। 

राजस्थान की जनसंख्या का कितना प्रतिशत अपनी आजीविका के लिये कृषि और सहायक गतिविधियों पर निर्भर करता है ? 

[LDC (RPSC) 23.10.2016]

  • 72 प्रतिशत 

  • 68 प्रतिशत 

  • 62 प्रतिशत 

  • 52 प्रतिशत 

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान की लगभग 62% जनसंख्या की आजीविका का मुख्य स्रोत कृषि एवं उससे संबंधित गतिविधियाँ हैं।
👉 यह राज्य की आर्थिक संरचना में कृषि क्षेत्र की महत्वपूर्ण भूमिका को दर्शाता है।

सूची I को सूची II से सुमेलित करें तथा नीचे दिए गए कुटों से सही उत्तर का चयन करें - 

सूची I (शस्य)     सूची II ( किस्में ) 

(A) मक्का      (i) दोहद येलो 

(B) चावल      (ii) माही धवल 

(C) सरसों      (iii) वरदान 

(D) चना       (iv) डागर 

[Head Master 02.09.2018]

कूट: 

            (A)     (B)     (C)     (D) 

  • (ii)     (iv)     (iii)     (i) 

  • (i)     (iii)     (ii)     (iv) 

  • (iii)     (ii)     (iv)     (i) 

  • (iv)     (i)     (ii)     (iii) 

🔹 व्याख्या:

👉 मक्का की उन्नत किस्म है – माही धवल, जो विशेष रूप से राजस्थान में विकसित की गई है।
👉 चावल की सुगंधित किस्म डागर है।
👉 सरसों की किस्मों में वरदान प्रमुख है, जो उच्च उत्पादन क्षमता के लिए जानी जाती है।
👉 चना की किस्म है – दोहद येलो, जो रबी मौसम की प्रमुख किस्मों में शामिल है। 

✍️ सही उत्तर है – (A)–(ii), (B)–(iv), (C)–(iii), (D)–(i)

माही कंचन किस्म किस फसल से संबंधित है ? 

[Deputy Commandant 23.08.2020]

  • सोयाबीन 

  • चावल 

  • मक्का 

  • गेहूँ 

🔹 व्याख्या:

👉 माही कंचन एक उन्नत मक्का की संकर किस्म है।
👉 इसका विकास उदयपुर मक्का सुधार परियोजना एवं बाँसवाड़ा कृषि अनुसंधान केन्द्र में किया गया।
👉 यह किस्म दक्षिणी राजस्थान की जलवायु के लिए उपयुक्त पाई गई है।
👉 वर्ष 2022-23 में मक्का की प्रति हैक्टेयर उपज 2277 किग्रा रही।

✍️ सही उत्तर है – मक्का 

प्रमुख सरसों उत्पादक जिलों का सही युग्म है -

[मूल्यांकन अधिकारी 23.08.2020]

  • अजमेर - नागौर 

  • अलवर - भरतपुर 

  • सिरोही - जालौर 

  • झालावाड़ - प्रतापगढ़ 

🔹 व्याख्या:

👉 सरसों राजस्थान की प्रमुख तिलहनी फसल है, जिसका उत्पादन विशेष रूप से शीत व शुष्क जलवायु में होता है।
👉 इसके प्रमुख उत्पादक जिले हैं – अलवर, भरतपुर, गंगानगर, हनुमानगढ़, झुन्झुनूं, सीकर, कोटा, टोंक आदि।
👉 इन जिलों में अलवर – भरतपुर का युग्म सबसे उपयुक्त और सही है।

✍️ सही उत्तर है – अलवर – भरतपुर 

राजस्थान में निम्नांकित जिलों में से कौन सा प्रमुख सोयाबीन उत्पादक है ? 

[स्कूल व्याख्याता (भूगोल) 07.01.2020]

  • अलवर 

  • बाराँ 

  • हनुमानगढ़ 

  • भरतपुर 

🔹 व्याख्या:

👉 सोयाबीन राजस्थान की प्रमुख तिलहन एवं दलहन प्रकृति वाली फसल है।
👉 इसके प्रमुख उत्पादक जिले हैं – झालावाड़, बारां, कोटा, प्रतापगढ़ आदि।
👉 बाराँ जिला हाड़ौती क्षेत्र में आता है जो सोयाबीन उत्पादन का मुख्य क्षेत्र है।
👉 वर्ष 2022-23 में राज्य में सोयाबीन उत्पादन 12.10 लाख टन रहा।

✍️ सही उत्तर है – बाराँ 

जैसलमेर, बाड़मेर व जालौर से चुरू व झुंझुनूं तक फैली लगभग क्रमिक पेटी जिसकी कृषि से सम्बन्धित है, वह है- 

[स्कूल व्याख्याता (भूगोल) 21.07.2016]

  • ग्वार 

  • सरसों 

  • बाजरा 

  • ज्वार 

🔹 व्याख्या:

👉 जैसलमेर, बाड़मेर, जालौर से लेकर चुरू व झुंझुनूं तक की क्षेत्रीय पट्टी शुष्क एवं अर्द्ध शुष्क जलवायु क्षेत्र है।
👉 इस क्षेत्र में मुख्यत: बाजरा की खेती की जाती है, जो कम वर्षा में भी अच्छी उपज देता है।
👉 यह पट्टी राज्य की बाजरा उत्पादक क्षेत्रीय बेल्ट के रूप में जानी जाती है।
👉 वर्ष 2022-23 में बाजरे का उत्पादन 51.10 लाख टन रहा।

✍️ सही उत्तर है – बाजरा 

कौनसा सुम्मेलित नहीं है - 

[सहायक कृषि अधिकारी 29.04.2018]

  • मूंगफली (फसल) अलवर, भरतपुर (प्रमुख उत्पादन जिले [2015-16] )  

  • गन्ना (फसल) गंगानगर, चित्तोड़गढ़ (प्रमुख उत्पादन जिले [2015-16] )  

  • गेंहूँ (फसल) गंगानगर, हनुमानगढ़ (प्रमुख उत्पादन जिले [2015-16] )  

  • चावल (फसल) हनुमानगढ़, बूंदी (प्रमुख उत्पादन जिले [2015-16] )  

🔹 व्याख्या:

👉 चावल के प्रमुख उत्पादन जिले हैं – बूँदी, बारां, कोटा, हनुमानगढ़ आदि।
👉 गेहूँ का उत्पादन गंगानगर और हनुमानगढ़ जिलों में प्रमुखता से होता है।
👉 मूंगफली का उल्लेख अलवर और भरतपुर जिलों में नहीं है, बल्कि यह बीकानेर, चित्तौड़गढ़, टोंक, नागौर आदि में होती है।
👉 गन्ना का उत्पादन गंगानगर और चित्तौड़गढ़ में होता है।

✍️ सही उत्तर है – मूंगफली (फसल) अलवर, भरतपुर (प्रमुख उत्पादन जिले [2015-16])  

राजस्थान में निम्न में से कौन सी संस्था शीत भण्डार गृह और मण्डी यार्ड बनाने से सम्बद्ध है ?

[LDC (RPSC) 23.10.2016]

  • क्रय-विक्रय समितियाँ 

  • नाबार्ड 

  • राज्य सहकारी बैंक 

  • कृषि विपणन बोर्ड 

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान में कृषि मंडियाँ (Mandis) और शीत भँडारण गृह जैसे ढांचागत विकास में प्रमुख भूमिका निभाने वाली संस्था है – कृषि विपणन बोर्ड।
👉 इस बोर्ड के माध्यम से किसानों को मंडी विकास, संपर्क सड़कें, सहायता सुविधाएँ, भण्डारण तथा मूल्य सुरक्षा की व्यवस्था उपलब्ध कराई जाती है।
👉 राज्य सहकारी बैंक या क्रय‑विक्रय समितियाँ ऋण या क्रय-विक्रय कार्यों में अवश्य सक्रिय हैं, लेकिन ये शीत भण्डार या मंडी निर्माण जैसी संरचनाओं के लिए जिम्मेदार नहीं हैं।
👉 नाबार्ड कृषि वित्त एवं विकास बैंक है, किंतु यह सीधे मण्डी‑निर्माण या भण्डार गृह निर्माण कार्यों से सम्बद्ध नहीं होता।

✍️ सही उत्तर है – कृषि विपणन बोर्ड 

मक्का उत्पादन का प्रमुख जिला युग्म है –

[PTI Grade -III (RPSC) 2011]

  • हनुमानगढ़ - झुंझुनूं 

  • बीकानेर – चुरू

  • उदयपुर- राजसमन्द 

  • बाड़मेर पाली 

🔹 व्याख्या:

👉 मक्का राजस्थान की प्रमुख खरीफ फसल है जो विशेष रूप से दक्षिणी जिलों में उत्पादित की जाती है।
👉 इसके प्रमुख उत्पादक जिले हैं – उदयपुर, चित्तौड़गढ़, बाँसवाड़ा, डूंगरपुर, बूँदी, झालावाड़, राजसमन्द आदि।
👉 इनमें से उदयपुर–राजसमन्द प्रमुख मक्का उत्पादक जिलों का युग्म है।
👉 वर्ष 2022-23 में राज्य में मक्का का उत्पादन 21.80 लाख टन रहा।

✍️ सही उत्तर है – उदयपुर–राजसमन्द 

2015-16 में राजस्थान में 2011-12 की स्थिर बेसिक कीमतों पर सकल जोड़े गये मूल्य में कृषि और सहायक क्षेत्र का योगदान क्या है ? 

[LDC (RPSC) 23.10.2016]

  • लगभग 24 प्रतिशत 

  • लगभग 17 प्रतिशत 

  • लगभग 30 प्रतिशत 

  • लगभग 20 प्रतिशत 

🔹 व्याख्या:

👉 वर्ष 2015-16 में राजस्थान में 2011-12 की स्थिर कीमतों पर कृषि और सहायक क्षेत्रों का योगदान लगभग 24 प्रतिशत था।
👉 यह आंकड़ा 2014-15 के 26.41% की तुलना में कमी को दर्शाता है।

निम्न में से कौन से जिलों का युग्म राजस्थान में 'कत्था' (अकेसिया-कटेचु) का मुख्य उत्पादक है ? 

सहायक आचार्य [24.04.2016]

  • बांसवाड़ा एवं बारां 

  • सीकर एवं हनुमानगढ़ 

  • भरतपुर एवं अलवर 

  • उदयपुर एवं चित्तौड़गढ़ 

🔹 व्याख्या:

👉 कत्था (अकेसिया-कटेचु) एक व्यापारिक उत्पाद है जिसका सीमित क्षेत्रों में उत्पादन होता है।
👉 इसका उत्पादन मुख्य रूप से उदयपुर एवं चित्तौड़गढ़ जिलों में किया जाता है।
👉 ये क्षेत्र दक्षिणी राजस्थान के वन आच्छादित भागों में स्थित हैं जो कत्था उत्पादन के लिए उपयुक्त हैं।

✍️ सही उत्तर है – उदयपुर एवं चित्तौड़गढ़ 

2010-11 के कृषि जोतों की संगणना के अनुसार सीमांत कृषकों के पास क्रियाशील जोतों का अनुपात (प्रतिशत  में) इस प्रकार था :  [*]

[Research Assistant 24.08.2017]

  • 10.8

  • 12.4

  • 21.6

  • 18.5

📌 महत्वपूर्ण सूचना: इस प्रश्न को बोर्ड द्वारा 'डिलीट' या अमान्य घोषित किया गया है।  

निम्नलिखित में से राजस्थान का कौनसा जिला अफीम उत्पादक नहीं हैं ?  

[सहायक कृषि अधिकारी 25.04.2018]

  • अजमेर  

  • चित्तोड़गढ़  

  • कोटा 

  • प्रतापगढ़  

🔹 व्याख्या:

👉 अफीम राजस्थान के कुछ विशिष्ट क्षेत्रों में ही उगायी जाती है, जैसे चित्तौड़गढ़, बारां, प्रतापगढ़, कोटा, बूँदी एवं झालावाड़।

✍️ सही उत्तर है – अजमेर 

आर्थिक सर्वेक्षण 2022-23 के अनुसार, वर्ष 2021-22 में देश में मूँगफली उत्पादन में राजस्थान का कौन सा स्थान था ? 

[वरिष्ठ अध्यापक 30.07.2023]

  • चौथा 

  • दूसरा 

  • पहला 

  • तीसरा 

🔹 व्याख्या:

👉 मूँगफली राजस्थान की प्रमुख तिलहनी फसल है जिसका उत्पादन लगातार बढ़ रहा है।
👉 वर्ष 2021-22 में राजस्थान का मूँगफली उत्पादन 1700 हजार टन रहा।
👉 राज्य मूँगफली उत्पादन में देश में दूसरा स्थान रखता है।
👉 इसका उत्पादन मुख्यतः भीलवाड़ा, बीकानेर, जोधपुर, नागौर आदि जिलों में होता है।

✍️ सही उत्तर है – दूसरा 

राजस्थान में कृषि जलवायु प्रदेशों की संख्या है : [*]

[स्कूल व्याख्याता (भूगोल) 2013]

  • 7

  • 10

  • 5

  • 13

📌 महत्वपूर्ण सूचना: इस प्रश्न को बोर्ड द्वारा 'डिलीट' या अमान्य घोषित किया गया है।  

राजस्थान में किस फसल के लिए प्रोजेक्ट गोल्डन रेज़ का आरम्भ किया गया था ?  

[Research Assistant 24.08.2017]

  • सरसों  

  • मक्का  

  • अरहर  

  • गेहूं    

  • प्रोजेक्ट गोल्डन रेंज' (Project Golden Range) मुख्य रूप से राजस्थान की कृषि और मक्का उत्पादन से जुड़ा हुआ है。
  • यह राजस्थान सरकार द्वारा शुरू किया गया एक कृषि विकास कार्यक्रम है, जो विशेष रूप से उदयपुर, बांसवाड़ा, डूंगरपुर, प्रतापगढ़ और सिरोही जिलों में मक्के की फसल का उत्पादन बढ़ाने के लिए लागू किया गया था。
  • इसके प्रमुख बिंदु निम्नलिखित हैं:उद्देश्य: इन आदिवासी बहुल और मक्का उत्पादक जिलों में मक्का की खेती को उन्नत करना, प्रति हेक्टेयर उपज बढ़ाना और किसानों की आय में सुधार करना。
  • रणनीति: इस परियोजना के तहत किसानों को उच्च गुणवत्ता वाले हाइब्रिड और उन्नत किस्म के मक्का के बीज उपलब्ध कराए जाते हैं, ताकि पैदावार में भारी वृद्धि हो सके。
  • क्षेत्र विस्तार: यह योजना मुख्य रूप से उन क्षेत्रों पर केंद्रित है जहाँ परंपरागत रूप से मक्के की बुआई बड़े पैमाने पर होती है

तिल किस की फसल है-  

[सहायक कृषि अधिकारी 29.04.2018]

  • इनमें से कोई नहीं  

  • रबी  

  • खरीफ  

  • जायद  

🔹 व्याख्या:

👉 तिल राजस्थान की एक प्रमुख खरीफ फसल है।
👉 इसके लिए 25° से 35° से. तापमान एवं 75 से 100 से.मी. वर्षा उपयुक्त मानी जाती है।
👉 राज्य में लगभग 5.21 लाख हैक्टेयर भूमि पर इसकी खेती की जाती है।
👉 तिल का उत्पादन अलवर, भरतपुर, बीकानेर, नागौर, जोधपुर आदि जिलों में होता है।

✍️ सही उत्तर है – खरीफ 

सूची-I को सूची -II से सुमेलित कीजिए और नीचे दिए गए कूट का उपयोग करते हुए उत्तर दीजिए

सूची-I             सूची -II 

(फसल)         (उच्च उपज किस्म) 

(A) गेहूँ         i. माही कंचन 

(B) जौ         ii. आरएचबी - 30 

(C) बाजरा    iii..आरडी-2035 

(D) मक्का    iv. राज-3077 

[वरिष्ठ अध्यापक 17.02.2019]

कूट : 

            (A) (B) (C) (D) 

  • I   II   IV   III

  • II   I   III   IV

  • IV   III   II   I

  • III   IV   I   II

🔹 व्याख्या:

👉 गेहूँ की उच्च उपज किस्म है – राज-3077, जो राज्य में व्यापक रूप से अपनाई गई है।
👉 जौ की उन्नत किस्मों में से एक है – RD-2035, जो सूखे क्षेत्रों के लिए उपयुक्त है।
👉 बाजरा की संकर किस्म है – RHB-30, जो अच्छी उत्पादकता देती है।
👉 मक्का की प्रमुख किस्मों में है – माही कंचन, जो राजस्थान के लिए विकसित की गई है।

✍️ सही उत्तर है – A–iv, B–iii, C–ii, D–i 

राजस्थान में माही कंचन, माही धवल और मेघा किस्में हैं 

[स्कूल व्याख्याता 2013]

  • चावल की 

  • गेहूँ की 

  • मक्का की  

  • चना की 

🔹 व्याख्या:

👉 माही कंचन, माही धवल और मेघा — ये सभी मक्का की उन्नत संकर किस्में हैं।
👉 इन किस्मों का विकास अखिल भारतीय समन्वित मक्का सुधार परियोजना, उदयपुर तथा कृषि अनुसंधान केन्द्र, बाँसवाड़ा में किया गया।
👉 ये किस्में राजस्थान की दक्षिणी जिलों में अधिक उत्पादक पाई गई हैं।
👉 2022-23 में मक्का की प्रति हैक्टेयर उपज 2277 किलोग्राम रही।

✍️ सही उत्तर है – मक्का की 

निम्नलिखित में से कौनसी खरीफ फसल तथा उसके प्रमुख उत्पादक जिले सही सुमेलित हैं ?  

[सहायक आचार्य परीक्षा 08.09.2024]

  • मक्का – सीकर, जालौर तथा धौलपुर 

  • कपास – धौलपुर, जालौर तथा प्रतापगढ़ 

  • गेहूँ – गंगानगर, हनुमानगढ़ तथा बारां 

  • बाजरा – अलवर, बाड़मेर तथा जयपुर 

🔹 व्याख्या:

👉 बाजरा एक प्रमुख खरीफ फसल है और इसके उत्पादक जिले हैं – बाड़मेर, जयपुर, जालौर, नागौर, चूरू, झुंझुनूं, अलवर, दौसा आदि।
👉 अलवर, बाड़मेर और जयपुर – तीनों जिलों में बाजरे का उत्पादन होता है, जो इसे सही सुमेलित बनाता है।
👉 अतः केवल बाजरा वाला युग्म पूर्णतः सही है।

✍️ सही उत्तर है – बाजरा – अलवर, बाड़मेर तथा जयपुर 

राजस्थान में शुष्क खेती उन भागों में की जाती है जहाँ : 

[कृषि अधिकारी 2011]

  • वर्षा 100 से. मी. होती हो । ( प्रति वर्ष ) 

  • वर्षा 50 से.मी. से कम हो (प्रति वर्ष) 

  • झूमिंग प्रणाली प्रचलित हो 

  • वर्षा 100 से. मी. से अधिक हो । ( प्रति वर्ष ) 

🔹 व्याख्या:

👉 शुष्क खेती उन क्षेत्रों में की जाती है जहाँ वर्षा बहुत कम (50 से.मी. से कम) होती है।
👉 यह पद्धति मुख्यतः मरुस्थलीय एवं अर्द्ध मरुस्थलीय क्षेत्रों में अपनाई जाती है।
👉 राजस्थान में ऐसी खेती में बाजरा, मोठ, मूँग, तिल जैसी फसलें उगाई जाती हैं।
👉 यह खेती वर्षा जल के सीमित उपयोग पर आधारित होती है।

✍️ सही उत्तर है – वर्षा 50 से.मी. से कम हो (प्रति वर्ष) 

वर्ष 2015-16 के अनुसार, राजस्थान में कौनसा जिला धनिया उत्पादन में अग्रणी हैं 

[सहायक कृषि अधिकारी 25.04.2018]

  • झुंझनू  

  • जालोर  

  • जोधपुर  

  • झालावाड  

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान धनिया उत्पादन में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है।

मसाला उत्पादन और कुल क्षेत्रफल के मामले में यह राज्य देश में महत्वपूर्ण स्थान रखता है।

कोटा, झालावाड़ और बारां राजस्थान के प्रमुख धनिया उत्पादक केंद्र हैं。

राजस्थान में धनिया उत्पादन (2024-25 सीज़न के आँकड़े):उत्पादन का स्तर: राजस्थान में धनिया का वार्षिक उत्पादन लगभग 90,000 से 95,000 मीट्रिक टन के स्तर पर रहता है।उत्पादकता का रकबा: राज्य में धनिया की खेती लगभग 60,000 से 61,000 हेक्टेयर के क्षेत्रफल में की जाती है。राष्ट्रीय स्तर पर स्थिति: धनिया के उत्पादन के मामले में राजस्थान भारत में तीसरे स्थान पर है。प्रमुख उत्पादक ज़िले: राज्य में धनिया का सबसे अधिक उत्पादन कोटा में होता है। इसके अलावा झालावाड़, बारां और सवाई माधोपुर प्रमुख धनिया बेल्ट हैं。

प्रमुख बाजरा उत्पादक जिलों का सही युग्म है - 

[मूल्यांकन अधिकारी 23.08.2020]

  • बाड़मेर-जालौर 

  • सवाई माधोपुर - गंगानगर 

  • जालौर - अलवर 

  • नागौर - बूँदी 

🔹 व्याख्या:

👉 बाजरा राजस्थान की प्रमुख खरीफ फसल है, जो मुख्यतः शुष्क एवं अर्द्ध शुष्क क्षेत्रों में उगाई जाती है।
👉 इसके प्रमुख उत्पादक जिले हैं – बाड़मेर, जालौर, नागौर, जयपुर, दौसा, चूरू, सीकर, झुन्झुनूं आदि।
👉 वर्ष 2022-23 में बाजरा उत्पादन 51.10 लाख टन रहा।

✍️ सही उत्तर है – जालौर – बाड़मेर 

सरसों उत्पादन में राजस्थान का भारत में कौन सा स्थान है ? 

[LDC (RPSC) 2011]

  • चतुर्थ 

  • द्वितीय 

  • प्रथम 

  • तृतीय 

🔹 व्याख्या:

👉 सरसों राजस्थान की प्रमुख तिलहनी फसल है, जिसका उत्पादन यहाँ सबसे अधिक होता है।
👉 वर्ष 2022-23 में राज्य में 58.30 लाख टन सरसों का उत्पादन हुआ।
👉 राजस्थान देश में सरसों उत्पादन में प्रथम स्थान पर है।
👉 भरतपुर, अलवर, गंगानगर, कोटा आदि जिले इसके मुख्य उत्पादक क्षेत्र हैं।

✍️ सही उत्तर है – प्रथम 

राजस्थान के दक्षिण-पूर्वी पहाड़ी क्षेत्रों में आदिवासियों द्वारा की जाने वाली कृषि को कहते हैं : 

[RAS Pre. 31.10.2015]

  • शुष्क खेती 

  • दजिया 

  • चिमाता 

  • बालरा 

🔹 व्याख्या:

👉 वालरा, राजस्थान में प्रचलित झूम कृषि का एक प्रकार है, जिसे आदिवासी जनजातियाँ अपनाती हैं।
👉 इसमें भूमि का उपयोग 2–3 वर्षों तक किया जाता है, फिर उर्वरता की कमी और बीमारियों के कारण छोड़ दिया जाता है।
👉 यह कृषि पद्धति मुख्यतः बांसवाड़ा, उदयपुर और डूंगरपुर जिलों में की जाती है। 

सर्वाधिक तेल किसके बीजों में पाया जाता है?  

वरिष्ठ अध्यापक 2010 पेपर -I GK (SST)

  • सरसों 

  • मूंगफली 

  • अरण्डी 

  • सोयाबीन 

🔹 व्याख्या:

👉 अरण्डी (Castor Seed) के बीजों में तेल की मात्रा सर्वाधिक पाई जाती है।
👉 इसका उपयोग औद्योगिक स्तर पर औषधि, स्नेहक (lubricant) और रासायनिक उत्पादों में किया जाता है।
👉 जबकि मूँगफली, सरसों और सोयाबीन में भी तेल होता है, परंतु अरण्डी का तेल प्रतिशत सबसे अधिक होता है।
👉 अरण्डी की खेती राजस्थान में बाड़मेर, जालौर, जोधपुर आदि जिलों में होती है।

✍️ सही उत्तर है – अरण्डी 

निम्नलिखित में से कौन सा एक राजस्थान का अलसी उत्पादक प्रदेश है ? 

[वरिष्ठ अध्यापक 29.01.2023]

  • हाड़ौती प्रदेश 

  • शेखावाटी प्रदेश 

  • घग्घर का मैदान 

  • माही बेसिन 

🔹 व्याख्या:

👉 अलसी का उत्पादन राजस्थान में मुख्य रूप से हाड़ौती क्षेत्र में होता है।
👉 इसमें शामिल हैं – बारां, कोटा, बूँदी और झालावाड़ जिले।
👉 यह क्षेत्र जलवायु और मृदा की दृष्टि से अलसी के लिए उपयुक्त है।
👉 अलसी एक सीमित मात्रा में उत्पादित रबी फसल है।

✍️ सही उत्तर है – हाड़ौती प्रदेश 

इनमें से कौन सा समूह मिलेट्स (श्रीअन्न) फसलों का है ? 

[RAS Pre. 01.10.2023]

  • कोदो, बाजरा, मक्का, कांगनी

  • रांगी, बाजरा, कोदो, मूँग

  • बाजरा, मक्का, कोदो, ज्वार

  • ज्वार, कोदो, कांगनी, रागी

🔹 व्याख्या:

👉 मिलेट्स (श्रीअन्न) फसलों में मुख्यतः ज्वार, बाजरा, कोदो, कांगनी, रागी आदि को शामिल किया जाता है।
👉 ये फसलें शुष्क व अर्ध-शुष्क जलवायु में उगाई जाती हैं और पोषक तत्वों से भरपूर होती हैं।
👉 ज्वार, बाजरा व मक्का जैसे मोटे अनाज का उल्लेख है, पर 'मिलेट्स' शब्द का उपयोग नहीं है।
👉 ज्वार, कोदो, कांगनी, रागी का समूह सर्वाधिक उपयुक्त है।

✍️ सही उत्तर है – ज्वार, कोदो, कांगनी, रागी 

राजस्थान की निम्न में से कौन सी फसल 'मावठ' से लाभान्वित नहीं होती है ? 

[स्कूल व्याख्याता 06.01.2020]

  • सरसों 

  • गेहूँ 

  • कपास 

  • चना 

🔹 व्याख्या:

👉 मावठ शीत ऋतु की अचानक होने वाली वर्षा होती है जो रबी फसलों के लिए लाभकारी मानी जाती है।
👉 गेहूँ, चना और सरसों जैसी फसलें मावठ से लाभान्वित होती हैं क्योंकि यह उनकी वृद्धि के समय नमी प्रदान करती है।
👉 लेकिन कपास खरीफ की फसल है और यह मावठ के समय में नहीं बोई जाती, अतः इससे लाभ नहीं होता।
👉 मावठ कपास की फसल को नुकसान पहुँचा सकती है।

✍️ सही उत्तर है – कपास 

निम्नांकित में से ज्वार उत्पादक जिले हैं 

[स्कूल व्याख्याता 20.10.2022]

  • गंगानगर - हनुमानगढ़ 

  • डूंगरपुर-बांसवाड़ा 

  • बाड़मेर-जैसलमेर 

  • अजमेर - नागौर 

🔹 व्याख्या:

👉 ज्वार एक शुष्क एवं अर्द्ध शुष्क जलवायु की फसल है, जो वर्षा आधारित क्षेत्रों में बोई जाती है।
👉 इसके प्रमुख उत्पादक जिले हैं – अजमेर, नागौर, ब्यावर, जालौर, चित्तौड़गढ़, कोटा, बारां, सवाई माधोपुर आदि।
👉 अजमेर – नागौर ज्वार उत्पादन के प्रमुख क्षेत्र हैं, जबकि अन्य विकल्पों में से किसी का स्पष्ट उल्लेख नहीं है।
👉 वर्ष 2022-23 में ज्वार का प्रति हैक्टेयर उत्पादन 890 किलोग्राम रहा।

✍️ सही उत्तर है – अजमेर - नागौर