कौन सा जिलों का समूह जून से सितम्बर के मध्य सामान्यतया 60 से 75 से.मी. वर्षा प्राप्त करता है ?
[भूवैज्ञानिक परीक्षा 07.05.2025]
👉 राजस्थान के कुछ जिले जून से सितम्बर के बीच 60 से 75 से.मी. वर्षा प्राप्त करते हैं।
👉 इसमें भीलवाड़ा, टोंक और दौसा जिले शामिल हैं।
✍️ सही उत्तर है – भीलवाड़ा, टोंक, दौसा
कॉपेन के वर्गीकरण के अनुसार, राजस्थान के कौन से भागों में ‘Aw' प्रकार का जलवायु प्रदेश पाया जाता है ?
[Supt. Garden 28.07.2021]
👉 कोपेन के वर्गीकरण के अनुसार ‘Aw’ प्रकार की जलवायु — उष्ण कटिबंधीय आर्द्र जलवायु होती है।
👉 यह जलवायु राजस्थान के दक्षिणी एवं दक्षिणी-पूर्वी भागों में पाई जाती है।
👉 इसमें डूंगरपुर, बाँसवाड़ा, झालावाड़ और दक्षिणी चित्तौड़गढ़ जैसे जिले शामिल हैं।
👉 इन क्षेत्रों में 100 से.मी. तक वर्षा होती है और मानसून अत्यधिक सक्रिय रहता है।
राजस्थान के मानचित्र में छायांकित क्षेत्र में ट्रिवार्था के जलवायु वर्गीकरण अनुसार कौन सा जलवायु क्षेत्र दर्शाया गया है ? [*]
[Asst. Prof. (Geo -II) 17.12.2025]
80 सेमी की समवर्षा रेखा निम्नलिखित में से किस जिले से नहीं गुजरती है ? [*]
[स्कूल व्याख्याता GK (A) 23.06.2025]
राजस्थान मानसून रिपोर्ट 2024 के अनुसार, जिलेवार सर्वाधिक वर्षा (सामान्य से अधिक) निम्नलिखित में से किस जिले में देखी गई है?
[वरिष्ठ अध्यापक (ग्रुप- D) 11.09.2025]
👉 राजस्थान मानसून रिपोर्ट 2024 के अनुसार दौसा जिला, सामान्य से अधिक वर्षा वाले जिलों में शामिल रहा और यहाँ सबसे अधिक वर्षा दर्ज की गई।
👉 दौसा और सवाई माधोपुर, दोनों जिलों में वर्षा औसत से अधिक रही, परन्तु अधिकतम वर्षा दौसा जिले में पाई गई।
👉 सवाई माधोपुर जिला भी सामान्य से अधिक वर्षा प्राप्त करने वाले प्रमुख क्षेत्रों में सम्मिलित था।
👉 दोनों जिलों की तुलना में दौसा क्षेत्र वर्षा के आधार पर सबसे अधिक सक्रिय मानसून वाला जिला रहा।
✍️ सही उत्तर है – दौसा और सवाई माधोपुर
राजस्थान में जलवायु का / के निर्धारक कारक है/हैं
A. अरावली की अवस्थिति
B. अरावली की दिशा
C. समुद्र से दूरी
D. वर्षा की अनिश्चितता
[स्कूल व्याख्याता (भूगोल) 21.07.2016]
👉 राजस्थान में जलवायु को प्रभावित करने वाले प्रमुख कारक हैं —
A. अरावली की अवस्थिति — यह पर्वतमाला राज्य को दो भिन्न जलवायु भागों में बाँटती है।
B. अरावली की दिशा — इसकी दक्षिण-पश्चिम से उत्तर-पूर्व दिशा मानसूनी हवाओं को प्रभावित करती है।
C. समुद्र से दूरी — समुद्र से दूर होने के कारण महाद्वीपीय जलवायु विकसित होती है।
D. वर्षा की अनिश्चितता — यहाँ वर्षा अनियमित और असमान होती है, जिससे जलवायु प्रभावित होती है।
राजस्थान के निम्नलिखित जिला समूहों का दक्षिणी-पश्चिमी मानसून में औसत वर्षा के आधार पर सही आरोही क्रम कौन सा है ?
[RAS Pre परीक्षा 02.02.2025]
👉 जालौर में औसत वर्षा लगभग 20–40 से.मी.,
👉 जयपुर में लगभग 60 से.मी.,
👉 और कोटा में 90 से.मी. से अधिक वर्षा होती है।
👉 अतः दक्षिण-पश्चिम मानसून में औसत वर्षा के आधार पर सही आरोही क्रम होगा —
जालौर < जयपुर < कोटा।
60 से.मी. की समवर्षा रेखा निम्नलिखित में से राजस्थान के किन जिलों से गुजरती है ?
(A) जयपुर
(B) सवाई माधोपुर
(C) राजसमन्द
(D) अजमेर
उत्तर का चयन नीचे दिये गये कूट से कीजिए
[लाइब्रेरियन ग्रेड -II 16.02.2025]
👉 60 से.मी. की समवर्षा रेखा राजस्थान को मध्यम वर्षा वाले क्षेत्रों की सीमा पर दर्शाती है।
👉 यह रेखा जयपुर, अजमेर और राजसमन्द जिलों से होकर गुजरती है।
👉 सवाई माधोपुर में इससे अधिक वर्षा (60–80 से.मी.) होती है, इसलिए यह रेखा वहाँ से नहीं गुजरती।
कोपेन द्वारा प्रस्तुत जलवायु प्रदेशों में से राजस्थान में कौन - सा सुमेलित नहीं है ?
[Asst. Prof. (भूगोल) 04.07.2016]
👉 कोपेन द्वारा राजस्थान के लिए दर्शाए गए सही जलवायु प्रदेश हैं —
(i) Aw – उष्ण कटिबंधीय आर्द्र (झालावाड़, बाँसवाड़ा आदि)
(ii) BShw – अर्द्ध-शुष्क स्टेपी (पाली, नागौर, सीकर आदि)
(iii) BWhw – उष्ण शुष्क मरुस्थलीय (जैसलमेर, बीकानेर आदि)
(iv) Cwg – मानसूनी उप-आर्द्र (अलवर, भरतपुर, जयपुर आदि)
शीतऋतु में किन पवनों के साथ शीतोष्ण चक्रवात पाकिस्तान के मार्ग से राजस्थान पहुँचते हैं ?
[स्कूल व्याख्याता GK (B) 26.06.2025]
👉 शीत ऋतु में राजस्थान तक शीतोष्ण चक्रवात पहुँचते हैं।
👉 ये चक्रवात पाकिस्तान मार्ग से पछुवा पवनों के साथ आते हैं।
✍️ सही उत्तर है – पछुवा पवनें
उपोष्ण वायुदाब पेटी में वायु की गति होती है :
[स्कूल व्याख्याता (भूगोल) 2013]
👉 उपोष्ण वायुदाब पेटी (Subtropical High Pressure Belt) में वायुदाब अधिक होता है।
👉 इस क्षेत्र में वायु की गति अवरोही (ऊपर से नीचे की ओर) होती है।
👉 राजस्थान इस वायुदाब पेटी के प्रभाव में आता है, जिससे यहाँ की जलवायु शुष्क और गर्म रहती है।
राजस्थान में वर्षा की परिवर्तिता सबसे कम है
[पशु चिकित्सा अधिकारी 02.08.2020]
👉 राजस्थान में वर्षा की परिवर्तिता सबसे कम राज्य के दक्षिण-पूर्वी भाग में पाई जाती है।
👉 इस क्षेत्र में मानसून अधिक स्थिर और सक्रिय रहता है, जिससे वर्षा लगभग नियमित होती है।
👉 यहाँ के जिले जैसे झालावाड़, बारां, कोटा, बाँसवाड़ा आदि अति-आर्द्र जलवायु क्षेत्र में आते हैं।
👉 इसी कारण इस क्षेत्र में अकाल की संभावना भी न्यूनतम होती है।
राजस्थान के निम्नलिखित स्थानों में से कौन सा स्थान अधिकतम औसत वार्षिक वर्षा प्राप्त करता है ?
[Deputy Jailor Exam 13.07.2025]
👉 राजस्थान में सर्वाधिक औसत वार्षिक वर्षा माउंट आबू में होती है।
👉 यहाँ औसतन 153 सेंटीमीटर से अधिक वर्षा दर्ज की जाती है।
✍️ सही उत्तर है – माउंट आबू
सूखे का प्रकार जब किसी क्षेत्र में मौसमी वर्षा दीर्घकालिक औसत से 75% कम होती है
[ATO परीक्षा 27.07.2021]
👉 जब किसी क्षेत्र में मौसमी वर्षा उसके दीर्घकालिक औसत से 75% तक कम हो जाती है, तो इसे मौसमी सूखा कहा जाता है।
👉 यह स्थिति विशेष रूप से मानसून पर निर्भर क्षेत्रों में उत्पन्न होती है।
👉 राजस्थान में वर्षा की असमानता और अनिश्चितता के कारण यह सूखा बार-बार आता है।
👉 यह कृषि, जलस्रोतों और जनजीवन को गंभीर रूप से प्रभावित करता है।
जलवायु की सामान्य विशेषताओं एवं तापमान व वर्षा की मात्रा के आधार पर राजस्थान को सामान्यतया कितने प्रमुख जलवायु प्रदेशों में विभाजित किया जा सकता है ?
[A.En (Pre) EXAM 28.09.2025]
👉 राजस्थान की जलवायु विभाजन, तापमान भिन्नता तथा वर्षा की मात्रा के आधार पर प्रदेश को पाँच प्रमुख जलवायु क्षेत्र में बाँटा गया है।
👉 शुष्क क्षेत्र पश्चिमी राजस्थान में पाया जाता है, जहाँ वर्षा अत्यल्प होती है और तापमान सामान्यतः अधिक रहता है।
👉 अर्ध-शुष्क क्षेत्र शुष्क व उप-आर्द्र क्षेत्रों के बीच स्थित होता है तथा यह शुष्क प्रदेश के पूर्वी भाग में पाया जाता है।
👉 उप-आर्द्र क्षेत्र राज्य के मध्य एवं उत्तरी हिस्सों में मिलता है, जहाँ वर्षा अधिक तथा जलवायु अपेक्षाकृत अनुकूल रहती है।
👉 बहुत आर्द्र क्षेत्र माउंट आबू तथा दक्षिणी उदयपुर में स्थित है, जहाँ प्रदेश में सर्वाधिक वर्षा तथा अत्यधिक नमी मिलती है।
✍️ सही उत्तर है – 5 (पाँच)
थार्नवेट के वर्गीकरण के अनुसार राजस्थान के कौन से जिले 'DB'w' प्रकार की जलवायु में सम्मिलित हैं ?
[Asst. Prof. (भूगोल) 28.09.2021]
👉 थार्नवेट के वर्गीकरण में 'DB'w' जलवायु का अर्थ है —
अर्द्ध मरुस्थलीय जलवायु, जिसमें शीत ऋतु में कुछ वर्षा होती है।
👉 यह जलवायु राजस्थान के उत्तर-पश्चिमी भागों में पाई जाती है।
👉 गंगानगर, हनुमानगढ़, चूरू और बीकानेर जिले 'DB'w' प्रकार की जलवायु में सम्मिलित हैं।
दक्षिण-पश्चिम मानसून के मौसम में निम्नलिखित में से कौन सा स्थान सर्वाधिक वर्षा प्राप्त करता है
[वरिष्ठ अध्यापक (SST) 13.02.2023]
👉 दक्षिण-पश्चिम मानसून के दौरान राजस्थान में सबसे अधिक वर्षा आबू पर्वत (सिरोही जिला) क्षेत्र में होती है।
👉 यह क्षेत्र दक्षिण-पश्चिमी भाग में स्थित है, जहाँ मानसूनी हवाएँ पहाड़ों से टकरा कर वर्षा कराती हैं।
👉 यहाँ वर्षा की मात्रा 150 से.मी. तक, और कभी-कभी इससे अधिक भी दर्ज की गई है।
👉 अतः मानसून काल में यह राज्य का सर्वाधिक वर्षा प्राप्त करने वाला स्थान है।
कोपन द्वारा किये गये जलवायु प्रदेशों के वर्गीकरण के अनुसार, बीकानेर क्षेत्र निम्नलिखित में से किस वर्ग में आता है ?
[स्कूल व्याख्याता GK (D) 04.07.2025]
👉 कोपन के जलवायु वर्गीकरण के अनुसार राजस्थान को विभिन्न श्रेणियों में बाँटा गया है।
👉 बीकानेर क्षेत्र को BWhw श्रेणी (गर्म मरुस्थलीय जलवायु) में रखा गया है।
✍️ सही उत्तर है – BWhw
राजस्थान के कौन से जिले जून से सितम्बर माह तक 75 से 110 से.मी. वर्षा प्राप्त करते हैं ?
[Asst. Prof. (Geo -II) 17.12.2025]
🔹 व्याख्या
👉
दक्षिण-पूर्वी
राजस्थान
में 75–110
से.मी.
वर्षा
होती है।
👉
इसमें
बाँसवाड़ा,
प्रतापगढ़,
बारां,
झालावाड़
प्रमुख हैं।
👉
यहाँ
सागवान
वन पाए
जाते हैं,
वर्षा
अधिक होती है।
👉
वर्षा
का स्रोत बंगाल
मानसून
है।
✍️ सही उत्तर है – बाँसवाड़ा, प्रतापगढ़, कोटा, बारां
थॉर्नध्वेट के अनुसार नीचे दिए गए राजस्थान के मानचित्र में कौन सा जलवायु प्रदेश दर्शाया गया है ?

[स्कूल व्याख्याता (भूगोल) 21.07.2016]
👉 थॉर्नथवेट के वर्गीकरण में EA'd का अर्थ है —
उष्ण मरुस्थलीय जलवायु, जिसमें अत्यधिक गर्मी और न्यून वर्षा होती है।
👉 यह जलवायु प्रदेश राजस्थान के पश्चिमी भाग में स्थित है।
👉 इसमें जैसलमेर, पश्चिमी बीकानेर, बाड़मेर आदि जिले शामिल होते हैं।
👉 यह क्षेत्र राज्य का सबसे अतिशुष्क और मरुस्थलीय जलवायु वाला भाग है।
कोपेन जलवायु वर्गीकरण के अनुसार राजस्थान के कौनसे जिले 'Aw' प्रकार की जलवायु में सम्मिलित है?
[स्कूल व्याख्याता (भूगोल) 16.10.2022]
👉 कोपेन के अनुसार 'Aw' प्रकार की जलवायु का तात्पर्य है — उष्ण कटिबंधीय आर्द्र जलवायु।
👉 यह जलवायु राजस्थान के दक्षिणी एवं दक्षिण-पूर्वी जिलों में पाई जाती है।
👉 बाँसवाड़ा, डूंगरपुर, झालावाड़ और प्रतापगढ़ — ये सभी जिले 'Aw' जलवायु प्रदेश में सम्मिलित हैं।
👉 यहाँ मानसून अत्यधिक सक्रिय रहता है और वर्षा 100 से.मी. तक होती है।
ग्रीष्म ऋतु में राजस्थान में कम वायुदाब का क्षेत्र होता है
[मूल्यांकन अधिकारी 23.08.2020]
👉 राजस्थान में ग्रीष्म ऋतु के दौरान अत्यधिक गर्मी के कारण कम वायुदाब का क्षेत्र विकसित होता है।
👉 यह उत्तर-पश्चिमी भाग जैसे जैसलमेर, बाड़मेर, बीकानेर आदि में अधिक स्पष्ट होता है।
👉 यहाँ की धरती तीव्रता से गर्म होती है जिससे वायु ऊपर उठती है और निम्न दाब क्षेत्र बनता है।
👉 यह स्थिति मानसूनी हवाओं को आकर्षित करने में सहायक होती है।
कोपेन के Aw प्रकार की जलवायु वाला जिला है
[मूल्यांकन अधिकारी 23.08.2020]
👉 कोपेन के वर्गीकरण अनुसार Aw जलवायु का अर्थ है — उष्ण कटिबंधीय आर्द्र जलवायु।
👉 यह जलवायु राजस्थान के दक्षिणी भाग में पाई जाती है, जहाँ वर्षा अधिक होती है।
👉 बाँसवाड़ा जिला इसी Aw जलवायु क्षेत्र में सम्मिलित है।
👉 यहाँ मानसून सक्रिय रहता है और 100 से.मी. तक वर्षा होती है।
कोपेन के अनुसार, राजस्थान के कौन से जलवायु प्रदेश में ‘BShw' प्रकार की जलवायु (स्टेपी प्रकार की जलवायु) पाई जाती है ?
[Asst. Prof. (Paper -III) 07.12.2025]
🔹 व्याख्या
👉 BShw को कोपेन ने अर्द्ध-शुष्क मरुस्थलीय जलवायु प्रदेश कहा है।
👉 इस प्रदेश में मुख्य रूप से स्टेपी प्रकार की वनस्पति पाई जाती है।
👉 इसमें जालौर, बाड़मेर, पाली, जोधपुर और नागौर का क्षेत्र आता है।
👉 यहाँ औसत वर्षा 20 से 40 सेमी के मध्य होती है।
✍️ सही उत्तर है – BShw (अर्द्ध-शुष्क मरुस्थलीय जलवायु प्रदेश)
निम्नलिखित में से राजस्थान का कौन सा क्षेत्र मानसून के अरब सागर शाखा से अधिकतम वर्षा प्राप्त करता है ?
[व्याख्याता (तकनीकी) 12.03.2021]
👉 राजस्थान का दक्षिण तथा दक्षिण-पूर्वी क्षेत्र मानसून की अरब सागर शाखा से अधिकतम वर्षा प्राप्त करता है।
👉 इस क्षेत्र में आबू पर्वत, झालावाड़, बारां, बाँसवाड़ा, डूंगरपुर आदि जिले आते हैं।
👉 यह क्षेत्र राज्य का सर्वाधिक वर्षा प्राप्त करने वाला भाग बन जाता है।
दिये गए राजस्थान के मानचित्र पर विचार कीजिए :-
ऊपर दिए गये मानचित्र में छायांकित क्षेत्र में कौन सी जलवायु मिलती है?
[Lecturer (Ayurved) 12.01.2026]
🔹 व्याख्या
👉 राजस्थान में उप-आर्द्र (Sub-Humid) जलवायु प्रदेश मुख्य रूप से अरावली पर्वतमाला के क्षेत्रों और उसके पूर्वी हिस्सों में पाया जाता है। यहाँ औसत वार्षिक वर्षा 40 से 60 सेमी तक होती है और यहाँ सामान्यतः 'स्टेपी' प्रकार की वनस्पति पायी जाती है प्रमुख जिले: अलवर, जयपुर, दौसा, अजमेर, भीलवाड़ा, सिरोही, टोंक (उत्तर-पश्चिमी भाग), सीकर, झुंझुनू (पूर्वी भाग), पाली और जालौर।
राजस्थान के किस जिला समूह से 40 से.मी. की समवर्षा रेखा गुजरती है ? [*]
[वरिष्ठ अध्यापक (ग्रुप- A) 07.09.2025]
कोपेन के अनुसार, राजस्थान में कौन सा जलवायु प्रकार उष्ण कटिबंधीय शुष्क (मरुस्थलीय) जलवायु को दर्शाता है ?
[ATO परीक्षा 27.07.2021]
👉 कोपेन के वर्गीकरण में उष्ण कटिबंधीय शुष्क (मरुस्थलीय) जलवायु को दर्शाने वाला प्रतीक है — BWhw।
👉 यह जलवायु राजस्थान के उत्तर-पश्चिमी जिलों जैसे जैसलमेर, बीकानेर, गंगानगर, हनुमानगढ़ और चूरू में पाई जाती है।
👉 इस क्षेत्र में वर्षा अत्यल्प होती है और तापमान में अत्यधिक दैनिक व वार्षिक अंतर होता है।
👉 यह प्रदेश मरुस्थलीय जलवायु का विशुद्ध उदाहरण है।
निम्नलिखित में से कौन सा दक्षिण–पश्चिम मानसून के आगमन की सामान्य तिथि के अनुसार सही व्यवस्थित है ?
S.I. Telecom (Paper-II) 09.11.2025
👉 दक्षिण–पश्चिम मानसून राजस्थान में सर्वप्रथम डूंगरपुर क्षेत्र में प्रवेश करता है क्योंकि यह राज्य का अत्यधिक दक्षिणी भाग है।
👉 इसके बाद मानसून मध्य राजस्थान की ओर बढ़ता है, जहाँ भीलवाड़ा इसका अगला पडाव होता है।
👉 अंत में मानसून उत्तरी–पश्चिमी राजस्थान की ओर पहुँचता है, इसलिए चूरू में इसका आगमन सबसे बाद में होता है।
✍️ सही उत्तर है – डूंगरपुर, भीलवाड़ा, चूरू
लम्बी समय अवधि में सकल मौसम स्थितियों की अवस्था कहलाती है
[कृषि अधिकारी 20.04.2025]
👉 लम्बी अवधि तक किसी क्षेत्र की औसत मौसमीय स्थितियों को परिभाषित किया जाता है।
👉 इसे ही जलवायु कहा जाता है।
✍️ सही उत्तर है – जलवायु
राजस्थान का कौनसा जिला 70 से.मी. से अधिक औसत वार्षिक वर्षा प्राप्त करता है ?
[Technical Assistant 07.07.2025]
👉 राजस्थान के दक्षिण-पूर्वी भाग में अधिक वर्षा होती है।
👉 झालावाड़ जिला 70 से.मी. से अधिक औसत वार्षिक वर्षा प्राप्त करता है।
✍️ सही उत्तर है – झालावाड़
भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़ और राजसमन्द जिले किस कृषि - जलवायु प्रदेश में सम्मिलित हैं ?
[Asst. Prof. (भूगोल) 28.09.2021]
👉 भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़ और राजसमन्द जिले राजस्थान के दक्षिण-पूर्वी भाग में स्थित हैं।
👉 इस क्षेत्र में 60 से 80 से.मी. तक औसत वार्षिक वर्षा होती है।
👉 यहाँ की जलवायु कृषि के लिए मध्यम रूप से अनुकूल मानी जाती है।
कोपेन के जलवायु वर्गीकरण के अनुसार कौनसे जिलों का युग्म उष्ण आर्द्र प्रदेश में सम्मलित है ?
[PTI & Librarian 03.05.2025]
👉 कोपेन के जलवायु वर्गीकरण में राजस्थान के कुछ जिले उष्ण आर्द्र प्रदेश में आते हैं।
👉 इसमें प्रमुख जिले बाँसवाड़ा और डूंगरपुर हैं।
✍️ सही उत्तर है – बाँसवाड़ा और डूंगरपुर
उष्ण एवं अर्द्ध-उष्णकटिबंधीय स्टेपी तुल्य जलवायु BShw निम्न में से किस जिलों के समूह में पायी जाती है ?
[स्कूल व्याख्याता GK (C) 03.07.2025]
👉 राजस्थान में BShw प्रकार की जलवायु (उष्ण व अर्द्ध-उष्णकटिबंधीय स्टेपी तुल्य) पाई जाती है।
👉 यह जलवायु पाली, सीकर और झुन्झुनूं जिलों में पाई जाती है।
✍️ सही उत्तर है – पाली, सीकर, झुन्झुनूं
कोपेन जलवायु वर्गीकरण के अनुसार, “BWhw” जलवायु पायी जाती है -
[Asst. Testing Officer 08.07.2025]
👉 Bwhw जलवायु क्षेत्र बहुत कम वर्षा के साथ शुष्क-गर्म मरुस्थलीय जलवायु वाला है।
👉 इसमें वाष्पीकरण की प्रक्रिया बहुत सक्रिय रहती है।
👉 यह क्षेत्र थार मरुस्थल के पश्चिमी भाग तक सीमित है।
👉 इसमें जोधपुर, जैसलमेर और पश्चिमी बीकानेर शामिल हैं।
✍️ सही उत्तर है – बीकानेर, जैसलमेर, जोधपुर
थॉर्नथवेट के अनुसार, दिए गये मानचित्र में छायांकित क्षेत्र किस जलवायु को प्रदर्शित करता है?

[स्कूल व्याख्याता (भूगोल) 24.06.2025]
👉 थॉर्नथवेट के जलवायु वर्गीकरण के अनुसार दिए गए मानचित्र में छायांकित क्षेत्र दर्शाया गया है।
👉 यह क्षेत्र राजस्थान के दक्षिणी व दक्षिण-पूर्वी भाग को दर्शाता है।
👉 यहाँ की जलवायु आर्द्र जलवायु है।
✍️ सही उत्तर है – CA'w
निम्नलिखित में से कौन से जिलों का समूह सर्वाधिक औसत वार्षिक वर्षा प्राप्त करता है ?
[योगा चिकित्सा अधिकारी 10.03.2021]
👉 झालावाड़ तथा बाँसवाड़ा जिले राजस्थान के अति-आर्द्र जलवायु प्रदेश में स्थित हैं।
👉 इन जिलों में वार्षिक वर्षा 100 से.मी. तक या उससे अधिक होती है।
👉 यहाँ मानसून अत्यधिक सक्रिय रहता है और वर्षा की नियमितता और मात्रा दोनों अधिक होती है।
👉 अतः यह जिलों का समूह राज्य में सर्वाधिक औसत वार्षिक वर्षा प्राप्त करता है।
कोपेन के जलवायु वर्गीकरण में 'w' शब्द प्रदर्शित करता है-
[स्कूल व्याख्याता (भूगोल) 16.10.2022]
👉 कोपेन के जलवायु वर्गीकरण में 'w' संकेताक्षर का अर्थ है — शुष्क शीत ऋतु।
👉 यह उस जलवायु को दर्शाता है जहाँ वर्षा मुख्यतः ग्रीष्म ऋतु में होती है और शीत ऋतु शुष्क रहती है।
👉 राजस्थान के कई जिलों में Aw, BShw, BWhw जैसे प्रकारों में 'w' प्रयोग हुआ है।
मानसून के मौसम (जून - सितम्बर) में 40 सेमी समवर्षा रेखा गुजरती है
[Asst. Prof. (Paper -III) 07.12.2025]
🔹 व्याख्या
👉
40
सेमी
समवर्षा रेखा
पश्चिमी व पूर्वी
भागों के मध्य
से गुजरती है।
👉
यह
जालौर,
पाली,
डीडवाना,
सीकर,
झुंझुनूं
जिलों से होकर
जाती है।
👉
यह
मानसून
(जून–सितंबर)
में
वर्षा वितरण
को दर्शाती
है।
👉
यह
अर्ध-शुष्क
व उप-आर्द्र
क्षेत्रों को
विभाजित करती
है।
👉
यह
25
सेमी
व 50
सेमी
रेखाओं के बीच
स्थित है।
✍️ सही उत्तर है – सीकर तथा झुन्झुनूं से
ट्रिवार्था के जलवायु वर्गीकरण के अनुसार, राजस्थान का कौनसा प्रदेश ‘Caw' जलवायु प्रकार वाला है?
[Deputy Commandant 11.01.2026]
🔹 व्याख्या
👉 ट्रिवार्था ने कोपेन के जलवायु वर्गीकरण में संशोधन कर अपना सिद्धांत प्रस्तुत किया था।
👉 Caw (उष्णकटिबंधीय सवाना) जलवायु प्रदेश मुख्य रूप से राजस्थान के दक्षिण-पूर्वी क्षेत्र में है।
👉 इस प्रदेश में हाड़ौती का पठार और दक्षिणी मेवाड़ के क्षेत्र विशेष रूप से सम्मिलित हैं।
✍️ सही उत्तर है – दक्षिण-पूर्वी क्षेत्र / प्रदेश
जिलों का वह कौन सा समूह है, जो कि (मध्य जून से सितम्बर तक ) मानसूनी वर्षा से 500-600 मि.मी. के मध्य वर्षा प्राप्त करता है ?
[स्कूल व्याख्याता GK (E) 06.07.2025]
👉 राजस्थान में मध्य जून से सितम्बर तक मानसूनी वर्षा होती है।
👉 उदयपुर, राजसमन्द, जयपुर और अलवर जिले 500–600 मि.मी. वर्षा प्राप्त करते हैं।
✍️ सही उत्तर है – उदयपुर, राजसमन्द, जयपुर, अलवर
दक्षिण-पश्चिम मानसून के मौसम में प्राप्त औसत वर्षा की मात्रा के अनुसार राजस्थान के निम्नलिखित जिलों में से कौनसा सही ढंग से अवरोही क्रम में व्यवस्थित है ?
[EO RO (Re Exam) 23 मार्च 2025]
👉 धौलपुर में औसत वर्षा लगभग 60–80 से.मी.,
👉 अलवर में भी वर्षा 60–80 से.मी. के मध्य होती है लेकिन धौलपुर से थोड़ी कम,
👉 जबकि झुन्झुनूं में यह मात्रा लगभग 40–60 से.मी. के मध्य होती है।
👉 अतः औसत वर्षा के अवरोही क्रम में सही क्रम होगा —
धौलपुर > अलवर > झुन्झुनूं।
थॉर्नवेट के जलवायु वर्गीकरण के अनुसार, शुष्क वन के लिए वर्षण प्रभावित सूचकांक क्या है?
[स्कूल व्याख्याता (भूगोल) 16.10.2022]
👉 थॉर्नवेट के जलवायु वर्गीकरण के अनुसार, शुष्क वन के लिए वर्षण प्रभावित सूचकांक 16 से कम (<16) होना चाहिए।
👉 यह दर्शाता है कि वहाँ वर्षा की मात्रा वनस्पति की वृद्धि के लिए अपर्याप्त होती है।
👉 ऐसे क्षेत्र राजस्थान के शुष्क और अर्द्ध-शुष्क भागों में पाए जाते हैं।
राजस्थान के किस जिले में शुष्क प्रकार की जलवायु पायी जाती है ?
[EO RO (Shift I) 14.05.2023]
👉 बीकानेर जिला राजस्थान के उत्तर-पश्चिमी भाग में स्थित है, जहाँ शुष्क मरुस्थलीय जलवायु पाई जाती है।
👉 यहाँ वर्षा की मात्रा 20 से.मी. से भी कम होती है और तापमान में अत्यधिक दैनिक व वार्षिक अंतर देखा जाता है।
👉 यह क्षेत्र कोपेन के अनुसार BWhw जलवायु वर्ग में आता है।
👉 बीकानेर में गर्मी तीव्र और शीतकाल अपेक्षाकृत ठंडा होता है।
कोपेन के अनुसार, कौन सा जिला समूह "Aw" जलवायु प्रदेश के अन्तर्गत आता है ?
[कृषि अधिकारी 20.04.2025]
👉 Aw या उष्णकटिबंधीय आर्द्र क्षेत्र में डूंगरपुर और बाँसवाड़ा जिले आते हैं।
👉 यहाँ घास के मैदान और सवाना प्रकार की पर्णपाती वनस्पति पाई जाती है।
👉 सर्दियाँ शुष्क व ठंडी तथा गर्मियाँ अत्यधिक गर्म होती हैं।
👉 वर्षा मुख्यतः ग्रीष्म ऋतु (मानसून) में होती है।
✍️ सही उत्तर है – बाँसवाड़ा, डूंगरपुर, झालावाड़
निम्नलिखित में से किस जिले में जुलाई का औसत अधिकतम तापमान सबसे कम अंकित किया गया है?
[Junior Chemist PHED 01.02.2026]
🔹 व्याख्या
👉
जुलाई
तापमान
में क्षेत्रीय
अंतर
पाया जाता है।
👉
चित्तौड़गढ़
जिला में
अधिकतम
कम दर्ज
है।
👉
इसलिए
सबसे कम
तापमान
यही है।
✍️ सही उत्तर है – चित्तौड़गढ़
भीलवाड़ा, राजसमंद और चित्तौड़गढ़ जिले राजस्थान के किस कृषि - जलवायु प्रदेश में सम्मिलित किये जाते हैं ?
[लाइब्रेरियन ग्रेड -II [02.08.2020]
👉 उप-आर्द्र दक्षिणी मैदान कृषि–जलवायु प्रदेश में वे जिले आते हैं जहाँ 60 से 80 से.मी. वर्षा होती है।
👉 इसमें भीलवाड़ा, राजसमंद और चित्तौड़गढ़ का दक्षिणी भाग प्रमुख रूप से सम्मिलित हैं।
👉 इस क्षेत्र की जलवायु मध्यम आर्द्रता वाली होती है, जो कृषि के लिए अनुकूल है।
भरतपुर एवं अलवर जिले का अधिकांश भाग किन समवर्षा रेखाओं के मध्य स्थित है?
[स्कूल व्याख्याता (भूगोल) 24.06.2025]
👉 भरतपुर और अलवर जिले का अधिकांश भाग मानसूनी वर्षा पर आधारित है।
👉 ये जिले मुख्यतः 600–700 मि.मी. समवर्षा रेखाओं के बीच स्थित हैं।
✍️ सही उत्तर है – 600–700 मिलीमीटर
नीचे दिए गए दो कथनों को अभिकथन (A) और कारण (R) के रूप में अंकित किया गया है।
अभिकथन (A) : राजस्थान में मानसून की अरब सागरीय शाखा से कम वर्षा होती है।
कारण (R) : अरब सागरीय शाखा की दिशा दक्षिण-पश्चिम से उत्तर-पूर्व है, जो अरावली श्रृंखला के समानान्तर है
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए -
[Assistant Director 09.07.2025]
👉 अभिकथन (A) सही है – राजस्थान में अरब सागरीय शाखा से कम वर्षा होती है।
👉 कारण (R) भी सही है – क्योंकि यह शाखा अरावली श्रृंखला के समानान्तर गुजरती है।
👉 इसलिए (R), (A) को सही स्पष्ट करता है।
✍️ सही उत्तर है – (A) और (R) दोनों सही हैं और (R), (A) को सही स्पष्ट करता है
निम्न में से राजस्थान का कौन सा कृषि - जलवायु प्रदेश सर्वाधिक वर्षा प्राप्त करता है ?
[खाध्य सुरक्षा अधिकारी 25.11.2019]
👉 राजस्थान में सर्वाधिक वर्षा IV-B – आर्द्र दक्षिण-पूर्वी मैदान एवं V – अति-आर्द्र जलवायु प्रदेश में होती है।
👉 इन प्रदेशों में कोटा, बारां, झालावाड़, बाँसवाड़ा, डूंगरपुर, सिरोही, उदयपुर जैसे जिले आते हैं।
👉 यहाँ वर्षा 80 से.मी. से अधिक, सामान्यतः 100 से.मी. तक होती है।
👉 यह क्षेत्र मानसून से अत्यधिक प्रभावित होता है और कृषि के लिए अत्यंत अनुकूल माना जाता है।
निम्नलिखित में से कौनसे जिले उनके सामान्य वार्षिक वर्षा के आधार पर सही अवरोही क्रम में व्यवस्थित हैं?
[वरिष्ठ अध्यापक (ग्रुप- C) 09.09.2025]
👉 वर्षा के आधार पर बांसवाड़ा, भीलवाड़ा, और हनुमानगढ़ जिलों का क्रम अवरोही रूप में सबसे अधिक से कम वर्षा की ओर दर्शाया जाता है।
👉 बांसवाड़ा जिला दक्षिण-पूर्वी राजस्थान में स्थित है और यहाँ प्रदेश की सर्वाधिक वर्षा प्राप्त होती है।
👉 भीलवाड़ा क्षेत्र भी दक्षिण-पूर्वी भाग में है, जहाँ अच्छी मात्रा में वर्षा दर्ज की जाती है।
👉 हनुमानगढ़ जिला पश्चिम–उत्तर के शुष्क क्षेत्र के निकट है, इसलिए यहाँ प्रदेश में सबसे कम वर्षा होती है।
✍️ सही उत्तर है – बांसवाड़ा > भीलवाड़ा > हनुमानगढ़
कोपेन के जलवायु वर्गीकरण के अनुसार, राजस्थान के किस क्षेत्र में BShw जलवायु प्रकार पाया जाता है ?
[वरिष्ठ अध्यापक (ग्रुप- B) 08.09.2025]
👉 राजस्थान में BShw जलवायु प्रकार अर्ध-शुष्क प्रदेश में पाया जाता है, जहाँ वर्षा बहुत कम होती है तथा सर्दियाँ अधिक शुष्क रहती हैं।
👉 इस क्षेत्र में जालौर, बाड़मेर, जोधपुर, पाली, नागौर, सीकर, झुंझुनू, हनुमानगढ़ और गंगानगर जिले प्रमुख रूप से शामिल हैं।
👉 यहाँ गर्मियों में भी पर्याप्त वर्षा नहीं होती और औसत वर्षा लगभग 20–40 से.मी. के बीच रहती है।
👉 इस जलवायु में वनस्पति स्टेपी प्रकार की पाई जाती है, जिसमें मुख्यतः कांटेदार झाड़ियाँ और घास उगती हैं।
✍️ सही उत्तर है – अर्द्ध-शुष्क प्रदेश