राजस्थान राज्य सहकारी विपणन संघ (राजफैड) का मुख्य कार्य है : 

[AEN Pre. 2013]

  • भूमि के बदले किसानों को अल्पकालीन, मध्यमकालीन व दीर्घकालीन ऋण प्रदान करना 

  • किसानों को वित्तीय सहायता प्रदान कराना 

  • किसानों को उचित कीमत पर अधिक उपज देनेवाली किस्मों के बीजों उर्वरकों और कीटनाशकों को उपलब्ध करवाना 

  • किसानों को अनुदान और ब्याज मुक्त ऋण उपलब्ध करवाना 

  • राजफैड (RAJFED) का पूरा नाम 'राजस्थान स्टेट को-ऑपरेटिव मार्केटिंग फेडरेशन लिमिटेड' है।
  • इसकी स्थापना 1957 में हुई थी। यह राजस्थान के किसानों को समर्थन मूल्य (MSP) पर फसल बेचने के लिए ऑनलाइन पंजीकरण की सुविधा और उचित दाम पर बीज, उर्वरक व कीटनाशक उपलब्ध कराता है
  • राजफैड (RAJFED) से जुड़ी मुख्य जानकारी निम्नलिखित है: मुख्य कार्य और उद्देश्य फसलों की खरीद: किसानों को बिचौलियों से बचाने और उनकी फसलों (जैसे- गेहूं, सरसों, चना, मूंग) का सही दाम दिलाने के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीद का संचालन करना
  • कृषि आदान (Agricultural Inputs): किसानों को उचित मूल्य पर उच्च गुणवत्ता वाले बीज, उर्वरक और कीटनाशक उपलब्ध कराना
  • बफर स्टॉकिंग: राज्य के किसानों को आवश्यक उर्वरकों की निरंतर आपूर्ति बनाए रखना

राजस्थान सहकारी डेयरी फेडरेशन लिमिटेड (RCDF) का मुख्यालय कहाँ है

[वरिष्ठ अध्यापक 19.02.2019]

  • बीकानेर 

  • अजमेर 

  • जयपुर 

  • जैसलमेर 

  • RCDF (राजस्थान को-ऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन लिमिटेड) राजस्थान का प्रमुख दुग्ध सहकारी संघ है।
  • यह राज्य में 'सरस' (Saras) ब्रांड के तहत दूध और डेयरी उत्पादों का विपणन करता है।
  • इसकी स्थापना 1977 में हुई थी और इसका मुख्यालय जयपुर में स्थित है।
  • प्रमुख बिंदु:उद्देश्य: 1.किसानों और पशुपालकों से दूध एकत्रित करके उसे प्रोसेस करना और उपभोक्ताओं तक शुद्ध उत्पाद पहुँचाना।
  • ब्रांड: सरस (Saras) ब्रांड के अंतर्गत दूध, घी, पनीर, छाछ, और लस्सी जैसे उत्पाद बेचे जाते हैं।
  • विस्तार: हाल ही में RCDF ने 'सरस नीर' (पैकेज्ड ड्रिंकिंग वॉटर) भी लॉन्च किया है।
  • आधुनिक आउटलेट्स: राज्य में आधुनिक सुविधाओं वाले 'सरस कैफे और आउटलेट्स' का विस्तार किया जा रहा है।

सहकारी साख ढाँचे के अन्तर्गत निम्न में से कौन-सी संस्था राजस्थान में किसानों को दीर्घकालीन साख प्रदान करती है ? 

[ACF परीक्षा 2011]

  • प्राथमिक कृषि ऋणदात्री समितियां 

  • प्राथमिक भूमि विकास बैंक 

  • जिला सहकारी बैंक 

  • राज्य सहकारी बैंक 

  • प्राथमिक भूमि विकास बैंक (PLDB) जिला स्तर पर काम करने वाली सहकारी संस्थाएं हैं जो किसानों को दीर्घकालिक कृषि और ग्रामीण विकास ऋण (5 से 25 वर्ष की अवधि के लिए) प्रदान करती हैं।
  • इनका मुख्य उद्देश्य किसानों को जमीन सुधार, ट्रैक्टर, ट्यूबवेल और कृषि उपकरण खरीदने के लिए आर्थिक सहायता देना है
  • प्रमुख विशेषताएं और कार्यऋण का प्रकार: ये बैंक अल्पकालिक (Short-term) लोन नहीं देते, बल्कि 5 से 25 साल तक के दीर्घकालिक ऋण उपलब्ध कराते हैं।
  • ऋण का उपयोग: इसका उपयोग कृषि उत्पादन बढ़ाने, भूमि सुधार, नए नलकूप लगाने, बागवानी और कृषि आधारित उद्योगों के लिए किया जाता है।
  • जमानत: यह ऋण प्राप्त करने के लिए किसानों को अपनी कृषि भूमि बैंक के पास गिरवी रखनी पड़ती है।शासन व्यवस्था: वर्तमान में राजस्थान जैसे राज्यों में इन बैंकों के कार्य-प्रदर्शन को सुधारने के लिए मासिक आधार पर रैंकिंग और निगरानी व्यवस्था लागू की गई है।