राजस्थान में किस वर्ष में सूखा प्रभावित जिलों की संख्या सर्वाधिक थी ?
[लाइब्रेरियन ग्रेड -II [02.08.2020]
👉 राजस्थान में 2002-03 में सदी का सबसे भीषण सूखा पड़ा।
👉 इस वर्ष राज्य के सभी 32 जिले सूखे से प्रभावित हुए।
👉 इसलिए 2002-03 को राजस्थान के इतिहास का सबसे भीषण सूखा माना जाता है।
✍️ सही उत्तर है – 2002-03
किसी भी क्षेत्र को न्यूनतम सूखा ग्रस्त क्षेत्र घोषित करने के लिए कितनी वार्षिक, वर्षा की मात्रा होनी चाहिए ?
[सहायक कृषि अधिकारी 27.08.2022]
👉 सूखा-ग्रस्त क्षेत्र घोषित करने के लिए कोई निश्चित वार्षिक वर्षा सीमा तय नहीं है।
👉 सामान्यतः 70 से 100 सेमी वार्षिक वर्षा वाले क्षेत्र, यदि वर्षा अनियमित हो या वाष्पीकरण अधिक हो, तो सूखा-ग्रस्त माने जाते हैं।
👉 केवल वर्षा की मात्रा से सूखाग्रस्तता तय नहीं होती, इसमें मिट्टी की नमी, वाष्पीकरण दर, फसलों की आवश्यकताएँ और जल प्रबंधन प्रणाली भी महत्वपूर्ण हैं।
सूखा प्रभावित क्षेत्र कार्यक्रम का प्रारम्भ राजस्थान में किस वर्ष में किया गया ?
[LDC (RPSC) 2011]
👉 सूखा प्रभावित क्षेत्र कार्यक्रम (DPAP) सूखे से प्रभावित क्षेत्रों के लिए केंद्र सरकार द्वारा शुरू किया गया।
👉 राजस्थान में यह कार्यक्रम वर्ष 1974-75 में लागू हुआ।
👉 इसकी शुरुआत राज्य के 8 पूर्वी जिलों में की गई थी।
✍️ सही उत्तर है – 1974-75
निम्न में से किस जिले के समूह में सूखे की संभावना सर्वाधिक है ?
[पशु चिकित्सा अधिकारी 02.08.2020]
👉 चूरू, बीकानेर, जोधपुर और बाड़मेर जिले पश्चिमी राजस्थान के मरुस्थलीय क्षेत्र में आते हैं।
👉 यहाँ की जलवायु अत्यंत शुष्क है और औसत वर्षा बहुत कम होती है।
👉 कम वर्षा व अधिक तापमान के कारण यह क्षेत्र लगातार सूखे की संभावना वाला क्षेत्र है।
👉 साथ ही यहाँ मरुस्थलीकरण की समस्या भी गंभीर है।
✍️ सही उत्तर है – चूरू, बीकानेर, जोधपुर और बाड़मेर
राजस्थान में "छप्पनिया” अकाल किस वर्ष में पड़ा था
[अनुसंधान अधिकारी पुरा. 04.08.2024]
👉 राजस्थान में भीषण "छप्पनिया अकाल" पड़ा था।
👉 यह अकाल 1899-1900 ई. (विक्रमी संवत 1956) में आया।
👉 इसे "छप्पनिया" इसलिए कहा गया क्योंकि इसका संबंध संवत 1956 से है।
👉 इसका प्रभाव राजस्थान और उत्तर-पश्चिम भारत में व्यापक रहा।
✍️ सही उत्तर है – 1899-1900 ई.
भारत मौसम विज्ञान विभाग (I.M.D.) की परिभाषा के अनुसार भयंकर सूखा (Severe Drought) होता है – जब वर्षा में कमी होती है
[पशु चिकित्सा अधिकारी 02.08.2020]
👉 भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) वर्षा की कमी के आधार पर सूखे की श्रेणियाँ तय करता है।
👉 जब किसी क्षेत्र में सामान्य वर्षा से 50% से अधिक कमी हो जाती है, तो इसे भयंकर सूखा (Severe Drought) कहा जाता है।
👉 यह स्थिति कृषि, जल और जीवन पर गंभीर प्रभाव डालती है।
✍️ सही उत्तर है – 50% से अधिक कमी
निम्नलिखित वर्षों में से किस वर्ष के अकाल में राजस्थान की सर्वाधिक जनसंख्या प्रभावित हुई
[सहायक कृषि अधिकारी 28.05.2022]
👉 राजस्थान में 2009-10 का अकाल अत्यंत भीषण था।
👉 इस दौरान राज्य के 27 जिलों में अकाल पड़ा।
👉 कुल 33,464 गाँव प्रभावित हुए।
👉 लगभग 429.13 लाख जनसंख्या अकाल से प्रभावित हुई थी।
✍️ सही उत्तर है – 2009-10
सूखा संभाव्य क्षेत्र कार्यक्रम (डी. पी. ए. पी.) में शुरुआत में भारत सरकार तथा राजस्थान सरकार में वित्त पोषण अनुपात क्रमशः था -
[सहायक सांख्यिकी अधि. 25.08.2024]
👉 सूखा संभाव्य क्षेत्र कार्यक्रम (DPAP) के प्रारंभिक चरण में वित्तीय व्यवस्था केंद्र और राज्य दोनों की भागीदारी से होती थी।
👉 आरंभ में इसमें भारत सरकार और राजस्थान सरकार का हिस्सा 50:50 था।
✍️ सही उत्तर है – 50:50
राजस्थान में बार-बार अकाल क्यों पड़ते है ? निम्न में से कौन-सा कारण यहाँ प्रासंगिक नहीं है ?
[ACF परीक्षा 2011]
👉 राजस्थान में बार-बार अकाल का मुख्य कारण अनियमित और अपर्याप्त वर्षा है।
👉 इसके अतिरिक्त जलवायु की विषमता, वनों की कमी और अरावली पर्वतमाला की दिशा भी जिम्मेदार हैं।
👉 अधिक पानी वाली फसलें उगाना समस्या बढ़ाता है, पर यह मुख्य कारण नहीं है।
✍️ सही उत्तर है – फसलों का गलत प्रारूप
राजस्थान में सूखा संभाव्य (सुखा प्रभावित) क्षेत्र कार्यक्रम किस वर्ष में प्रारम्भ किया गया ?
[स्टेनोग्राफर (RPSC) 2011]
👉 राजस्थान में सूखा संभावित क्षेत्र कार्यक्रम (DPAP) की शुरुआत 1974-75 में हुई।
👉 यह कार्यक्रम राज्य के 11 जिलों में लागू किया गया।
👉 शुरुआत में यह कुल 32 ब्लॉकों में संचालित किया गया था।
✍️ सही उत्तर है – 1974-75
निम्नलिखित जिलों में से किनमें सूखे की पुनरावृत्ति 8 वर्ष में एक बार है ?
[Asst. Prof. (Paper -III) 07.12.2025]
🔹 व्याख्या
👉
सूखा
पुनरावृत्ति
लगभग 8
वर्ष
में एक बार है।
👉
यह
स्थिति धौलपुर
व भरतपुर
जिलों में पाई
जाती है।
👉
ये
क्षेत्र अपेक्षाकृत
कम सूखा
प्रभावित
हैं।
✍️ सही उत्तर है – धौलपुर तथा भरतपुर
कथन (A) - राजस्थान में भू-जल स्तर निरन्तर गिर रहा है।
कारण (R) - वर्षा की कमी तथा अत्यधिक भू-जल दोहन इसके लिए उत्तरदायी हैं।
[रसायनज्ञ पुरालेख विभाग 05.08.2024]
👉 कथन (A) – राजस्थान में भूजल स्तर लगातार गिर रहा है → यह सही है।
👉 कारण (R) – वर्षा की कमी और अत्यधिक भूजल दोहन इसका कारण है → यह भी सही है।
👉 राजस्थान की शुष्क-अर्धशुष्क जलवायु और कृषि-औद्योगिक उपयोग के लिए अत्यधिक दोहन से यह समस्या और गहरी होती है।
✍️ सही उत्तर है – (A) और (R) दोनों सही हैं और (R), (A) की सही व्याख्या करता है
दीर्घकालीन अकालग्रस्त क्षेत्र के अंतर्गत राजस्थान के निम्नांकित जिलों के समूह में कौन सा सही है ?
[सहायक कृषि अधिकारी 27.08.2022]
👉 राजस्थान में कुछ जिले लगातार दीर्घकालीन अकालग्रस्त क्षेत्र की श्रेणी में आते हैं।
👉 इनमें प्रमुख हैं – श्रीगंगानगर, पाली और चूरू।
👉 ये जिले पश्चिमी व उत्तर-पश्चिमी राजस्थान में स्थित हैं और सूखा/अकाल के प्रति अधिक संवेदनशील हैं।
✍️ सही उत्तर है – श्रीगंगानगर, पाली, चूरू
राजस्थान में किस वर्ष में अकाल/सूखा से प्रभावित गाँवों की संख्या अधिकतम थी ?
सहायक आचार्य [22.09.2021]
👉 राजस्थान में 2002-03 में सदी का सबसे भीषण सूखा पड़ा।
👉 यह लगातार पाँचवाँ सूखा वर्ष था।
👉 इस दौरान राज्य के सभी 32 जिले प्रभावित हुए।
👉 प्रभावित गाँवों की संख्या अधिकतम दर्ज की गई।
✍️ सही उत्तर है – 2002-03
राजस्थान में बंजर भूमि विकास कार्यक्रम क्रियान्वित होता है।
[स्कूल व्याख्याता (भूगोल) 07.01.2020]
👉 राजस्थान में बंजर भूमि विकास कार्यक्रम का क्रियान्वयन ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग करता है।
👉 यह कार्यक्रम वर्षा आधारित व सूखाग्रस्त क्षेत्रों में एकीकृत ग्रामीण विकास हेतु चलाया जाता है।
👉 राज्य में बंजर भूमि विकास बोर्ड का गठन 2009 में किया गया।
👉 बाद में इसका नाम बदलकर बंजर भूमि एवं चारागाह विकास बोर्ड रखा गया।
राजस्थान में सूखा संभावित कार्यक्रम कब प्रारम्भ हुआ था ?
[कृषि अधिकारी 29.08.2022]
👉 सूखा प्रभावित क्षेत्र कार्यक्रम (DPAP) एक केंद्रीय प्रायोजित योजना है।
👉 इसका उद्देश्य सूखे के प्रभाव को कम करना और ग्रामीण क्षेत्रों का आर्थिक विकास करना है।
👉 राजस्थान में इसे वर्ष 1974-75 में शुरू किया गया।
👉 शुरुआत में यह राज्य के 8 पूर्वी जिलों में लागू हुआ।
✍️ सही उत्तर है – 1974-75
निम्नलिखित में से किस कृषि वर्ष में राजस्थान में अकाल/अभाव से प्रभावित जिलों की संख्या अधिकतम थी (2010-11 से 2022-23 के मध्य) ?
[AEN परीक्षा 30.06.2024]
👉 राजस्थान में 2002-03 में सदी का सबसे भीषण सूखा पड़ा था, जिसमें सभी 32 जिले प्रभावित हुए।
👉 2019-20 कृषि वर्ष में भी राज्य में अकाल/अभाव की स्थिति गंभीर रही।
👉 इस वर्ष राजस्थान में अकाल से प्रभावित जिलों की संख्या अधिकतम दर्ज की गई।
✍️ सही उत्तर है – 2019-20
राष्ट्रीय कृषि आयोग द्वारा सूखा/अकाल के वर्गीकरण में, निम्न में से कौनसा वर्गीकरण सही दर्शाता है ?
(अ) कृषि - अकाल/सूखा
(ब) मौसमी - अकाल/सूखा
(स) जलीय - अकाल/सूखा
[अन्वेषण उत्खनन अधिकारी 19.06.2024]
कूट -
👉 राष्ट्रीय कृषि आयोग ने सूखे को तीन मुख्य प्रकारों में वर्गीकृत किया है।
👉 मौसम संबंधी सूखा – सामान्य वर्षा से काफी कम वर्षा होना।
👉 कृषि सूखा – नमी और वर्षा की कमी से फसलों पर प्रतिकूल प्रभाव।
👉 जलीय सूखा – सतह और भूजल की आपूर्ति में कमी होना।
त्रिकाल का सम्बंध है
सहायक आचार्य [30.05.2019]
👉 राजस्थान में त्रिकाल अकाल की स्थिति को दर्शाता है।
👉 इसमें तीन मुख्य संकट होते हैं – अनाज की कमी, पानी की कमी और पशुओं के चारे की कमी।
👉 इससे मानव जीवन, कृषि और पशुधन सभी प्रभावित होते हैं।
👉 यह स्थिति राजस्थान के इतिहास में भीषण अकालों के दौरान स्पष्ट हुई है।
✍️ सही उत्तर है – चारा, भोजन व जल की कमी
इसरो के 'भारत मरुस्थलीकरण तथा भूमि क्षरण एटलस -2021' के अनुसार राजस्थान में (2018-19 में) पवन अपरदन के बाद मरुस्थलीकरण/भूमि क्षरण की सबसे महत्त्वपूर्ण प्रक्रिया निम्नलिखित में से कौनसी है ?
[संग्रहाध्यक्ष पुरातत्व विभाग 19.06.2024]
👉 इसरो के मरुस्थलीकरण एवं भूमि क्षरण एटलस-2021 में राजस्थान की स्थिति दर्शाई गई है।
👉 वर्ष 2018-19 में राज्य में पवन अपरदन मरुस्थलीकरण का मुख्य कारण पाया गया।
👉 इसके बाद सबसे महत्वपूर्ण प्रक्रिया वनस्पति क्षरण पाई गई।
✍️ सही उत्तर है – वनस्पति क्षरण
सूखा विकास कार्यक्रम (डी.डी.पी.) भारत सरकार तथा राजस्थान सरकार द्वारा क्रमश:___________अनुपात में वित्त पोषित है।
[अनुसंधान अधिकारी पुरा. 04.08.2024]
👉 सूखा संभावित क्षेत्र विकास कार्यक्रम (Drought Prone Areas Programme - DPAP) की शुरुआत 1974-75 में चौथी पंचवर्षीय योजना के दौरान की गई। इसका प्रमुख उद्देश्य राज्य में स्थायी जल संरक्षण, कृषि विकास और ग्रामीणों के लिए रोजगार सृजन के माध्यम से बार-बार पड़ने वाले सूखे के दुष्प्रभावों को कम करना है।राजस्थान में इस कार्यक्रम की मुख्य विशेषताएं:प्रारंभ और वित्त पोषण: इसे केंद्र और राज्य सरकार द्वारा 75:25 के अनुपात में वित्त पोषित किया जाता है। भौगोलिक विस्तार: यह कार्यक्रम वर्तमान में राजस्थान के 11 जिलों के 32 खंडों (Blocks) में संचालित है।प्रमुख जिले: इनमें मुख्य रूप से उदयपुर, डूंगरपुर, बांसवाड़ा, अजमेर और कोटा संभाग के जिले (कोटा, बारां, झालावाड़) शामिल हैं।मुख्य गतिविधियां:जल संरक्षण और प्रबंधनबंजर भूमि का विकासवनीकरण (वृक्षारोपण) और चरागाहों का विकासमृदा एवं नमी संरक्षण (Soil and Moisture Conservation)पशुपालन एवं कृषि वानिकी को बढ़ावा देना
✍️ सही उत्तर है – 75:25
सन् 2002-2003 में, राजस्थान राज्य के कुल कितने जिलों को अंकाल प्रभावित जिले घोषित किया गया था ?
[Food Safety Officer 27.06.2023]
👉 2002-2003 में राजस्थान को सदी के सबसे भीषण सूखे का सामना करना पड़ा।
👉 इस वर्ष राज्य के सभी 32 जिले अकाल प्रभावित घोषित किए गए।
👉 इस सूखे का प्रभाव कृषि, जल और पशुधन पर अत्यंत गंभीर पड़ा।
राजस्थान में 'सूखे से निपटने हेतु नोडल विभाग है -
[सहायक कृषि अधिकारी 28.08.2022]
👉 राजस्थान में सूखे से निपटने का नोडल विभाग – आपदा प्रबंधन एवं राहत विभाग है। आपदा प्रबंधन, राहत एवं नागरिक सुरक्षा विभाग (राजस्थान) राज्य में किसी भी प्राकृतिक या मानव-जनित आपदा के समय बचाव, राहत कार्य और वित्तीय सहायता प्रदान करने वाला प्रमुख नोडल विभाग है। मुख्यमंत्री इस विभाग के पदेन अध्यक्ष होते हैं।
👉 यह विभाग सूखे की स्थिति के लिए समय से पहले रणनीति तैयार करता है।
👉 अकाल घोषित होने के बाद यह विभाग रोजगार सृजन, पेयजल प्रबंधन, पशु संरक्षण, अनुग्रह सहायता, खाद्य सुरक्षा और स्वास्थ्य सेवाएँ सुनिश्चित करता है।
✍️ सही उत्तर है – आपदा प्रबंधन एवं राहत विभाग
'सूखा संभावित क्षेत्र कार्यक्रम' (डी.पी.ए.पी.), का आरम्भ राजस्थान में किस वर्ष से किया गया था ?
[कृषि अधिकारी 20.04.2025]
👉 राजस्थान में सूखा संभावित क्षेत्र कार्यक्रम (DPAP) वर्ष 1974-75 में शुरू किया गया।
👉 यह केंद्र सरकार द्वारा प्रारंभ किया गया था और शुरुआत में 8 पूर्वी जिलों में लागू हुआ।
👉 इसके मुख्य लक्ष्य –
सूखे की स्थिति से निपटने के उपाय।
पर्यावरण संतुलन और संसाधनों का संरक्षण।
स्थायी विकास को बढ़ावा देना।
गरीब व वंचित वर्गों का सामाजिक-आर्थिक विकास।
✍️ सही उत्तर है – 1974-75