मूल्यह्रास को यह भी कहते हैं 

[ACF 18.02.2021]

  • स्थिर पूँजी का स्टॉक 

  • स्थिर पूँजी संचय 

  • स्थिर पूँजी का उपभोग 

  • स्थिर पूँजी का व्यय

🔹 व्याख्या:

👉 मूल्यह्रास का अर्थ है टूट-फूट के कारण संपत्ति के मूल्य में कमी।
👉 यह एक अवधि में पंजीकृत स्टॉक के आर्थिक मूल्य में क्रमिक कमी है।
👉 कारण – बाजार की प्रतिकूल स्थितियां, मशीनरी, उपकरण और मुद्रा का मूल्य कम होना।

✍️ सही उत्तर है – स्थिर पूँजी का उपभोग 

निम्न में से कौन-सी सिफारिशों तेरहवें वित्त आयोग की है ? 

1. वस्तुओं व सेवाओं पर कर लगाये जाने का मॉडल तैयार करना तथा इसके लिये क्षतिपूर्ति का तरीका बताना | 

2. स्थानीय निकायों के लिये अनुदान देना । 

3. अगले दस वर्षों में पूर्ण रोजगार के लिये एक रोड मैप तैयार करना । 

निम्नलिखित कूटों के आधार पर सही उत्तर चुनिये : 

[ACF परीक्षा 2011]

  • 1, 2 और 3 

  • केवल 1 और 2 

  • केवल 1 व 3 

  • केवल 1 

🔹 व्याख्या:

👉 तेरहवें वित्त आयोग (2010-2015) का मुख्य जोर राजकोषीय समेकन और राज्यों को वित्तीय सहायता प्रदान करने पर था।
👉 इसकी सिफारिशों में अगले दस वर्षों में पूर्ण रोजगार के लिए रोडमैप तैयार करना शामिल नहीं था।
👉 आयोग ने वित्तीय अनुशासन और संसाधनों के न्यायसंगत बंटवारे पर बल दिया।

✍️ सही उत्तर है – केवल 1 और 2 

चालू खाते में घाटे की हमारी वर्तमान समस्या के लिये निम्न में से कौन सा कारण प्रासंगिक नहीं है :

[AEN Pre. 2013]

  • बड़ी मात्रा में कोयले का आयात 

  • तेल आयात पर हमारी बहुत अधिक निर्भरता 

  • बाहरी व्यापारिक उधार 

  • हमारा सोने के प्रति मोह 

🔹 व्याख्या:

👉 चालू खाते में घाटे की वर्तमान समस्या के लिए बाहरी व्यापारिक उधार कारण प्रासंगिक नहीं है।

✍️ सही उत्तर है – बाहरी व्यापारिक उधार

राजस्थान के सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जी.एस.डी.पी.) में सबसे बड़ा योगदानकर्ता क्षेत्र है 

[कनिष्ठ लेखाकार (RPSC) 04.10.2016]

  • कृषि क्षेत्र 

  • सेवा क्षेत्र 

  • उद्योग क्षेत्र 

  • उद्योग एवं खनन क्षेत्र 

🔹 व्याख्या:

  • राजस्थान के सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) में सबसे ज्यादा योगदान सेवा क्षेत्र (Service Sector) का है।
  • नवीनतम आर्थिक समीक्षा के अनुसार, राज्य के कुल सकल राज्य मूल्यवर्धन (GSVA) में सेवा क्षेत्र का योगदान 47.71% है।
  • राज्य के सकल घरेलू उत्पाद में योगदान देने वाले प्रमुख क्षेत्रों की स्थिति इस प्रकार है:सेवा क्षेत्र (Service Sector): लगभग 47.71% (योगदान में सबसे आगे)उद्योग क्षेत्र (Industry Sector): लगभग 26.55%कृषि क्षेत्र (Agriculture Sector): लगभग 25.74%
  • महत्वपूर्ण तथ्य:यद्यपि सकल घरेलू उत्पाद (धन) में सेवा क्षेत्र का योगदान सबसे ज्यादा है, लेकिन रोजगार और आजीविका प्रदान करने के मामले में कृषि क्षेत्र आज भी सबसे बड़ा आधार है, जिससे राज्य की 60% से अधिक आबादी जुड़ी हुई है।

आर्थिक समीक्षा 2019-20 के अनुसार स्थिर कीमतों (2011-12) पर राजस्थान की 2018-19 में प्रति व्यक्ति आय थी - 

[ACF 18.02.2021]

  • ₹ 57,192 

  • ₹ 68,048 

  • ₹ 78,570 

  • ₹82,072 

🔹 व्याख्या:

👉 आर्थिक समीक्षा 2019-20 के अनुसार वर्ष 2018-19 में राजस्थान की प्रति व्यक्ति आय (स्थिर कीमतों – 2011-12) ₹78,570 थी।
👉 यह आंकड़ा राज्य में औसत आर्थिक स्थिति और जीवन स्तर का सूचक है।

✍️ सही उत्तर है – ₹78,570

रिजर्व बैंक द्वारा दिसम्बर 1969 में लीड बैंक योजना शुरू की गई थी । इस योजना का मुख्य उद्देश्य है कि 

[ACF परीक्षा 2011]

  • जमा एकत्रीकरण के लिये प्रतियोगिता बढ़नी चाहिये । 

  • वैयक्तिक बैंक विशेष जिलों को अपना कर उनमें गहन बैंकिंग विकास करे । 

  • सभी बैंकों को प्रत्येक जिले में अपनी शाखायें खोलनी चाहिये । 

  • शाखा विस्तार के लिये बैंकों के बीच प्रतियोगिता बढ़नी चाहिये । 

🔹 व्याख्या:

👉 लीड बैंक योजना की शुरुआत भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने की।
👉 इसका मुख्य उद्देश्य वित्तीय समावेशन सुनिश्चित करना था।
👉 इसके तहत समाज के सभी वर्गों को बैंकिंग सेवाएँ उपलब्ध कराना लक्ष्य था।

✍️ सही उत्तर है – वैयक्तिक बैंक विशेष जिलों को अपना कर उनमें गहन बैंकिंग विकास करे। 

रैयतवाडी व्यवस्था के सन्दर्भ में निम्न कथनों पर विचार कीजिये : 

1. किसानों द्वारा लगान सीधे सरकार को दिया जाता था । 

2. कर लगाने के पूर्व भूमि का सर्वेक्षण और मूल्य निर्धारण किया जाता था । 

3. रैयत अपनी भूमि को किसी और को भी देने के लिये स्वतन्त्र था इस प्रकार वह काश्त पर स्थायी अधिकार काउपयोग करता था । 

उपर्युक्त में से कौन-सा/कौन-से कथन सही है ? 

[ACF परीक्षा 2011]

  • केवल 1 और 2 

  • केवल 1 

  • 1, 2 व 3 

  • केवल 2 व 3 

🔹 व्याख्या:

👉 रैयतवाड़ी व्यवस्था में किसान (रैयत) भूमि के मालिक माने जाते थे और सीधे सरकार को लगान देते थे।
👉 इस व्यवस्था में भूमि का सर्वेक्षण और मूल्यांकन करके कर निर्धारित किया जाता था।
👉 रैयतों को भूमि बेचने, गिरवी रखने या पट्टे पर देने का अधिकार होता था, जिससे उन्हें स्थायी अधिकार प्राप्त होते थे।

✍️ सही उत्तर है – सभी कथन सही हैं

निम्नलिखित में से राजस्थान के थोक मूल्य सूचकांक का आधार वर्ष कौन सा है ?

[व्याख्याता (तकनीकी) 12.03.2021]

  • 2011-2012

  • 1999-2000 

  • 2000-2001 

  • 2010-2011 

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान में WPI के लिए आधार वर्ष 1999-2000 है।
👉 थोक मूल्य सूचकांक वस्तुओं की कीमतों में उतार-चढ़ाव का संकेतक है।
👉 यह सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) की गणना में भी संकेतक के रूप में प्रयुक्त होता है।

✍️ सही उत्तर है – 1999-2000

भारत निर्माण योजना निम्न में से किसके विकास से सम्बन्धित है ? 

[ACF परीक्षा 2011]

  • ग्रामीण आधारभूत ढाँचा 

  • सडकें 

  • शहरी आधारभूत संरचना 

  • शिक्षा व चिकित्सा 

🔹 व्याख्या:

👉 भारत निर्माण योजना की शुरुआत 16 दिसंबर 2005 को भारत सरकार द्वारा की गई।
👉 यह योजना ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी ढांचा विकास के लिए लागू की गई।
👉 इसका उद्देश्य ग्रामीण सड़कों, बिजली, आवास, सिंचाई, जलापूर्ति और टेलीफोन जैसी सुविधाओं का विस्तार करना था।

✍️ सही उत्तर है – ग्रामीण आधारभूत ढाँचा 

आर्थिक समीक्षा 2019-20 के अनुसार वर्ष 2018-19 में स्थिर (2011-12) कीमतों पर सकल राज्य घरेलू उत्पाद के अनुसार राजस्थान की आर्थिक वृद्धि दर क्या थी ? 

[ACF 18.02.2021]

  • 7.10% 

  • 6.97% 

  • 7.22% 

  • 7.4% 

🔹 व्याख्या:

👉 आर्थिक समीक्षा 2019-20 के अनुसार राजस्थान का सकल राज्य घरेलू उत्पाद (2011-12 मूल्य) 7,11,627 करोड़ रुपये था, जबकि चालू मूल्य पर यह 10,20,989 करोड़ रुपये था।
👉 स्थिर (2011-12) कीमतों पर आर्थिक विकास दर 5.05% रही।
👉 चालू कीमतों पर सकल मूल्य वर्धन में क्षेत्रीय योगदान –

  • कृषि: 25.56%

  • उद्योग: 27.81%

  • सेवाएं: 46.63%

✍️ सही उत्तर है – 6.97% 

13वें वित्त आयोग के अध्यक्ष कौन थे ? 

[वरिष्ठ अध्यापक 2011]

  • सी. रंगराजन 

  • विजय केलकर 

  • डी. आर. मेहता 

  • ए. एस.खुसरो 

🔹 व्याख्या:

👉 13वें वित्त आयोग के अध्यक्ष डॉ. विजय एल. केलकर थे।
👉 इसका गठन 13 नवंबर 2007 को हुआ।
👉 इसकी सिफारिशें 2010 से 2015 की अवधि के लिए थीं।
👉 अन्य सदस्य – बी.के. चतुर्वेदी, डॉ. इंदिरा राजारमन, प्रो. अतुल सरमा और डॉ. संजीव मिश्रा।

✍️ सही उत्तर है – विजय केलकर 

मिश्रित अर्थव्यवस्था की धारणा सम्बन्धित है - 

[ACF परीक्षा 2011]

  • देशी पूँजी व विदेशी पूँजी की एक साथ उपस्थिति 

  • सेवा क्षेत्र व निर्माण क्षेत्र की एक ही समय उपस्थिति 

  • लघु क्षेत्र व वृहत् क्षेत्र की एक साथ उपस्थिति 

  • सार्वजनिक क्षेत्र व निजी क्षेत्र की एक साथ उपस्थिति 

🔹 व्याख्या:

👉 मिश्रित अर्थव्यवस्था में सार्वजनिक क्षेत्र और निजी क्षेत्र दोनों साथ मौजूद होते हैं।
👉 इसमें सरकारी स्वामित्व वाले उद्यम और निजी स्वामित्व वाले उद्यम दोनों शामिल होते हैं।
👉 यह प्रणाली पूंजीवाद और समाजवाद के तत्वों का मिश्रण है।
👉 सरकार कुछ क्षेत्रों को नियंत्रित करती है, जबकि निजी क्षेत्र को आर्थिक गतिविधियों में भाग लेने की अनुमति होती है।

✍️ सही उत्तर है – सार्वजनिक क्षेत्र व निजी क्षेत्र की एक साथ उपस्थिति