नहर पर स्थित राजस्थान का प्रथम सौर ऊर्जा संयंत्र निर्मित है :

[Development Officer 29.07.2025]

  • हरकासर में

  • मैनावली में

  • धूनिया में

  • पार की ढाणी में

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान का पहला नहर आधारित सौर ऊर्जा संयंत्र राज्य के मैनावली क्षेत्र में स्थापित किया गया है।
👉 यह संयंत्र नहर के ऊपर बने ढाँचे पर सौर पैनलों के माध्यम से बिजली उत्पन्न करता है।
👉 मैनावली परियोजना राज्य में नवीन ऊर्जा के उपयोग का एक सफल उदाहरण है।
👉 नहर पर संयंत्र बनने से भूमि उपयोग की आवश्यकता कम होती है और जल वाष्पीकरण भी घटता है।

✍️ सही उत्तर है – मैनावली 

‘भदेसर तापीय विद्युत परियोजना', निम्नलिखित में से किस जगह पर स्थित है ?

[स्कूल व्याख्याता GK (D) 04.07.2025]

  • जोधपुर

  • बाड़मेर

  • पाली

  • बीकानेर

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान में कई तापीय विद्युत परियोजनाएँ स्थापित की गई हैं।
👉 इनमें से एक है भदेसर तापीय विद्युत परियोजना।
👉 यह परियोजना बाड़मेर जिले में प्रस्तावित है।
👉 इसकी क्षमता 100 मेगावाट निर्धारित की गई है।

✍️ सही उत्तर है – बाड़मेर 

मथानिया सौर उर्जा परियोजना स्थित हैं 

[Head Master 2011]

  • जैसलमेर जिले में 

  • नागौर जिले में 

  • बीकानेर जिले में 

  • जोधपुर जिले में 

🔹 व्याख्या:

👉 माथानिया सौर ऊर्जा परियोजना राजस्थान के जोधपुर जिले में स्थित है।
👉 यह भारत की प्रथम सौर ऊर्जा परियोजनाओं में से एक है।
👉 इसकी स्थापना वर्ष 1999 में की गई थी।
👉 इस परियोजना की क्षमता 140 मेगावाट है।
👉 यह परियोजना सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने और प्रदूषण कम करने में सहायक है।

✍️ सही उत्तर है – जोधपुर जिले में 

राजस्थान में खुली बिक्री हेतु अधिकृत बायोडीज़ल का प्रकार है -   

[Research Scholar 04.08.2024]

  • B-100 

  • R-100 

  • BF-100 

  • RJ-100 

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान में बायोफ्यूल नीति लागू की गई है।
👉 इसके तहत राज्य में बायोडीज़ल की खुली बिक्री की अनुमति दी गई है।
👉 अधिकृत रूप से बिक्री के लिए स्वीकृत प्रकार B-100 है।

✍️ सही उत्तर है – B-100 

भारत में सौर ऊर्जा उत्पादन में वर्तमान में राजस्थान की स्थिति क्या है ? 

[LDC (RPSC) 23.10.2016]

  • प्रथम

  • तृतीय 

  • चतुर्थ 

  • द्वितीय 

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान सौर ऊर्जा की दृष्टि से देश का अग्रणी राज्य है।
👉 यहाँ सौर परावर्तन 5.8 से 6.4 KWH/m² है और लगभग 325 दिन आकाश साफ़ रहता है।
👉 मार्च 2023 की केन्द्रीय ऊर्जा मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार राजस्थान की स्थापित सौर क्षमता 21237 मेगावाट हो गई।
👉 इस उपलब्धि के आधार पर राजस्थान देश में प्रथम स्थान पर है।

✍️ सही उत्तर है – प्रथम

निम्नलिखित में से राजस्थान में कौनसा स्थल पवन ऊर्जा का नहीं है ? 

[PTI & Librarian 03.05.2025]

  • खोडल 

  • फलोदी 

  • पथमेड़ा-सांचौर 

  • हर्षनाथ 

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान में पवन ऊर्जा परियोजनाएँ जैसलमेर (अमर सागर), प्रतापगढ़ (देवगढ़) और जोधपुर (फलौदी/बीठड़ी) में स्थापित की गई हैं। 
👉 अन्य विकल्पों – फलौदी, खोडल और हर्षनाथ का सम्बन्ध पवन ऊर्जा से है।

✍️ सही उत्तर है – पथमेड़ा – सांचौर

निम्नलिखित में से कौन सी राजस्थान की कोयला आधारित ताप ऊर्जा परियोजना नहीं है ? 

[हॉस्पिटल केयर टेकर 10.02.2023]

  • अन्ता 

  • सूरतगढ़ 

  • छबड़ा

  • कालीसिन्ध 

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान में कालीसिंध, सूरतगढ़ और छबड़ा तापीय परियोजनाएँ कोयला आधारित हैं।
👉 अन्ता पावर प्लांट (बारां) गैस आधारित तापीय विद्युत गृह है।
👉 इसकी प्रथम इकाई 21 जनवरी, 1989 को प्रारम्भ हुई थी।
👉 अतः यह कोयला आधारित तापीय ऊर्जा परियोजना नहीं है।

✍️ सही उत्तर है – अन्ता

इनमें से पवन ऊर्जा संयन्त्र कहाँ स्थापित किया गया है ? 

[LDC (RPSC) 2011]

  • माउन्ट आबू

  • चूरू 

  • सांगानेर 

  • मथानिया 

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान की पहली पवन ऊर्जा परियोजना 10 अप्रैल 1999 को जैसलमेर जिले के अमरसागर में स्थापित की गई।
👉 राज्य की अधिकतर पवन ऊर्जा परियोजनाएँ जैसलमेर में स्थित हैं।
👉 इसी कारण जैसलमेर को "पवनों की नगरी" कहा जाता है।
👉 राजस्थान में पवन ऊर्जा नीति 2012 को 18 जुलाई 2012 को लागू किया गया।

✍️ सही उत्तर है – मथानिया 

'राजस्थान सौर ऊर्जा नीति' किस वर्ष में जारी की गई ? 

[Asst. Prof. (भूगोल) 28.09.2021]

  • 2020 

  • 2015 

  • 2019 

  • 2017 

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान में सौर ऊर्जा की अपार सम्भावनाओं को देखते हुए विशेष नीति घोषित की गई।
👉 इसका नाम राजस्थान सौर ऊर्जा नीति-2019 है।
👉 इस नीति के अंतर्गत राज्य को राष्ट्रीय सौर ऊर्जा लक्ष्य में बड़ा योगदान देना था।
👉 इसके तहत 25 GW क्षमता तक सौर ऊर्जा उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया।

✍️ सही उत्तर है – 2019 

देवगढ़ पवन ऊर्जा परियोजना ...... में अवस्थित है । 

[स. सांख्यिकी अधिकारी 08.07.2022]

  • जैसलमेर 

  • प्रतापगढ़ 

  • बारां 

  • हनुमानगढ़ 

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान की दूसरी पवन ऊर्जा परियोजना देवगढ़ पवन ऊर्जा परियोजना है।
👉 इसका शुभारम्भ 6 मार्च, 2004 को किया गया था।
👉 यह परियोजना प्रतापगढ़ जिले में स्थापित की गई है।
👉 यह गैर-परम्परागत ऊर्जा स्रोतों में से एक महत्त्वपूर्ण परियोजना है।

✍️ सही उत्तर है – प्रतापगढ़ 

गिरल लिग्नाईट थर्मल पावर प्लांट अवस्थित है - 

[Supt. Garden 28.07.2021]

  • चित्तौड़गढ़ में

  • बाडमेर में

  • कोटा में

  • बीकानेर में

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान में लिग्नाइट आधारित तापीय विद्युत परियोजनाएँ स्थापित की गई हैं।
👉 इनमें गिरल लिग्नाइट थर्मल पावर प्लांट प्रमुख है।
👉 यह परियोजना बाड़मेर जिले में अवस्थित है।
👉 इसकी प्रथम इकाई की क्षमता 125 मेगावाट है।

✍️ सही उत्तर है – बाडमेर में 

रामगढ़ गैस तापीय विद्युत परियोजना किस जिले में स्थित है ?  

[अन्वेषण उत्खनन अधिकारी 19.06.2024]

  • कोटा 

  • बीकानेर 

  • गंगानगर 

  • जैसलमेर 

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान में गैस आधारित परियोजनाएँ भी स्थापित की गई हैं।
👉 इनमें रामगढ़ गैस तापीय विद्युत परियोजना प्रमुख है।
👉 इसकी कुल उत्पादन क्षमता 223.5 मेगावाट है।
👉 यह परियोजना जैसलमेर जिले में स्थित है।

✍️ सही उत्तर है – जैसलमेर 

राजस्थान का निम्नलिखित में से कौन सा नगर भारत सरकार के 'सोलर सिटी विकास कार्यक्रम' का हिस्सा नहीं है ? 

[ACF 18.02.2021]

  • जोधपुर 

  • जयपुर 

  • उदयपुर 

  • अजमेर 

🔹 व्याख्या:

👉 भारत सरकार के नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE) द्वारा राजस्थान के जयपुर, जोधपुर और अजमेर को 'सोलर सिटी' (Solar City) विकास कार्यक्रम के तहत विकसित करने के लिए चुना गया है। इन शहरों में सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने और ऊर्जा की मांग को कम करने के लिए यह पहल शुरू की गई है

गिरल लिग्नाइट तापशक्ति परियोजना, राजस्थान के किस जिले में स्थित है ? 

[स्कूल व्याख्याता 14.12.2020]

  • बीकानेर 

  • बाड़मेर 

  • चुरू 

  • बारां 

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान में लिग्नाइट आधारित तापीय परियोजनाएँ विकसित की गई हैं।
👉 इनमें गिरल लिग्नाइट तापशक्ति परियोजना शामिल है।
👉 यह परियोजना बाड़मेर जिले में स्थापित है।
👉 इसकी प्रथम इकाई 125 मेगावाट क्षमता की है।

✍️ सही उत्तर है – बाड़मेर 

राजस्थान के उन स्थानों का चयन कीजिए जो सोलर पार्क से संबद्ध हैं : 

(A) पोहरा 

(B) पूगल 

(C) नोख 

(D) आकल 

कूट : 

[भूवैज्ञानिक परीक्षा 07.05.2025]

  • केवल (C) 

  • (B), (C) तथा (D) 

  • (B) तथा (C) 

  • (A), (C) तथा (D) 

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान में सोलर पार्क योजना के अन्तर्गत चार प्रमुख स्थल शामिल हैं।
👉 इनमें फलौदी–पोकरण (750 मेगावाट), फतेहगढ़ फेज–I बी (1500 मेगावाट), नोख–जैसलमेर (925 मेगावाट) और पूगल–बीकानेर (1450 मेगावाट) हैं। 

✍️ सही उत्तर है – (B) पूगल, (C) नोख

सूची-I (ऊर्जा के स्रोत) को सूची-II (स्थान) से सुमेलित करते हुए नीचे दिए गए कूट में से सही उत्तर का चयन कीजिए - 

सूची-I (ऊर्जा के स्रोत)

सूची-II (स्थान)

(A) पवन

(i) मैनावली

(B) जल विद्युत

(ii) अन्ता

(C) सौर

(iii) बिथड़ी

(D) प्राकृतिक गैस

(iv) अनूपगढ़

कूट -  

[Asst. Testing Officer 08.07.2025]

  • (A)–(i), (B)–(ii), (C)–(iii), (D)–(iv)

  • (A)–(iii), (B)–(iv), (C)–(i), (D)–(ii)

  • (A)–(iv), (B)–(i), (C)–(ii), (D)–(iii)

  • (A)–(ii), (B)–(iii), (C)–(iv), (D)–(i)

🔹 व्याख्या:

👉 पवन ऊर्जा – राजस्थान की पवन परियोजनाओं में बीठड़ी (जोधपुर) शामिल है।
👉 जल विद्युत – इंदिरा गांधी नहर परियोजना के अन्तर्गत अनूपगढ़ शाखा पर जल विद्युत गृह स्थापित किए गए हैं।
👉 सौर ऊर्जा – राज्य का पहला नहर आधारित सोलर प्लांट मैनावली (हनुमानगढ़) में है।
👉 प्राकृतिक गैस – गैस आधारित ताप विद्युत परियोजना अन्ता (बारां) में स्थित है।

✍️ सही उत्तर है – A-(iii), B-(iv), C-(i), D-(ii)

निम्नलिखित में से कौनसा जैसलमेर में प्राकृतिक गैस भण्डार क्षेत्र नहीं है ?  

[EO RO (Re Exam) 23 मार्च 2025]

  • मनिहारी टिब्बा 

  • जोगसरिया 

  • चिन्नेवाला 

  • घोटारू 

🔹 व्याख्या:

👉 जैसलमेर क्षेत्र में प्राकृतिक गैस व तेल के भण्डार है।
👉 इनमें मनिहारी टिब्बा, घोटारू और चिन्नेवाला प्रमुख क्षेत्र हैं। 

✍️ सही उत्तर है – जोगसरिया

'ग्रीन एनर्जी कॉरीडोर' राजस्थान के निम्नलिखित में से किन जिलों से गुजरेगा ? 

[RAS Pre. 27.10.2021]

  • जोधपुर, जयपुर, अलवर 

  • कोटा, अजमेर, जोधपुर

  • उदयपुर, भीलवाड़ा, जयपुर 

  • अजमेर, चित्तौड़गढ़, बीकानेर 

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान का ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर भारत सरकार की एक महत्वपूर्ण योजना है, जो राज्य में सौर और पवन ऊर्जा जैसे नवीकरणीय स्रोतों से उत्पन्न होने वाली बिजली को राष्ट्रीय ग्रिड से जोड़ती है। यह राजस्थान के पश्चिमी और मध्य भागों में स्वच्छ ऊर्जा के पारेषण को आसान बनाता है।ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर से जुड़े मुख्य बिंदु (Key Highlights):

  • उद्देश्य: विशाल थार के रेगिस्तान और प्रचुर धूप वाले क्षेत्रों (जैसे जैसलमेर, बाड़मेर और बीकानेर) में उत्पादित सौर और पवन ऊर्जा को सुरक्षित और सुचारू रूप से देश के अन्य हिस्सों तक पहुँचाना।
  • गुजरने वाले जिले: राजस्थान में यह गलियारा मुख्य रूप से 5 जिलों— बीकानेर, अजमेर, नागौर, जोधपुर और चित्तौड़गढ़ से होकर गुजरता है।
  • वित्तीय संरचना (Funding): इस परियोजना को विकसित करने में 40% राशि केंद्र सरकार के अनुदान, 20% राज्य सरकार की हिस्सेदारी, और शेष 40% जर्मनी के विकास बैंक केएफडब्ल्यू (KfW) से मिले ऋण के माध्यम से जुटाई गई है।
  • राज्य का महत्व: राजस्थान देश के सबसे बड़े नवीकरणीय ऊर्जा संपन्न राज्यों में से एक है।
  • भड़ला (फलौदी) जैसे विश्व स्तरीय सोलर पार्क इसी का हिस्सा हैं जो भारत की स्वच्छ ऊर्जा की जरूरतों को पूरा कर रहे हैं।
  • आर्थिक लाभ: यह प्रोजेक्ट राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूत कर रहा है।
  • इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा हो रहे हैं और कार्बन उत्सर्जन कम करके पर्यावरण संरक्षण में मदद मिल रही है

राजस्थान में RRECL द्वारा प्रथम एवं द्वितीय व्यावसायिक पवन फार्म कहाँ स्थापित किए गए थे ? 

[EO RO (Re Exam) 23 मार्च 2025]

  • जैसलमेर तथा आकल 

  • खोडल तथा देवगढ़ 

  • देवगढ़ तथा नोख 

  • फलोदी तथा हर्षनाथ 

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान में पवन ऊर्जा विकास हेतु Rajasthan Renewable Energy Corporation Ltd. (RRECL) कार्यरत है।
👉 इसके द्वारा राज्य में व्यावसायिक पवन ऊर्जा फार्म स्थापित किए गए।
👉 प्रथम और द्वितीय व्यावसायिक पवन फार्म जैसलमेर तथा आकल में स्थापित किए गए थे।
👉 इनसे राज्य में पवन ऊर्जा उत्पादन को गति मिली।

✍️ सही उत्तर है – जैसलमेर तथा आकल 

राजस्थान की ऊर्जा उत्पादन क्षमता से संबन्धित निम्न कथनों पर विचार कीजिए - 

कथन (1) : 2020-21 से 2023-24 तक कुल ऊर्जा उत्पादन की संकलित वार्षिक वृद्धि दर (सी. ए. जी. आर.) 4.08 प्रतिशत रही है। 

कथन (2) : इसी अवधि के दौरान सौर ऊर्जा में 20.57 प्रतिशत सी.ए.जी.आर. की दर से वृद्धि हुई है जबकि पवन ऊर्जा में 5.30 प्रतिशत सी.ए.जी.आर. की दर से वृद्धि हुई है। 

दिए गए कथनों को ध्यान में रखते हुए, निम्नलिखित में से सही विकल्प का चयन कीजिए - 

[Asst. Testing Officer 08.07.2025]

  • कथन (1) गलत है तथा कथन (2) सही है 

  • दोनों कथन (1) तथा (2) सही हैं 

  • दोनों कथन (1) तथा (2) गलत हैं 

  • कथन (1) सही है तथा कथन (2) गलत है 

🔹 व्याख्या:

👉 कथन (1) – 2020-21 से 2023-24 तक राजस्थान में कुल ऊर्जा उत्पादन की संकलित वार्षिक वृद्धि दर (CAGR) 4.08% रही → सही।
👉 कथन (2) – इसी अवधि में सौर ऊर्जा 20.57% CAGR और पवन ऊर्जा 5.30% CAGR की दर से बढ़ी → सही।
👉 इसलिए दोनों कथन तथ्यात्मक रूप से सही हैं।

✍️ सही उत्तर है – दोनों कथन (1) तथा (2) सही हैं 

राजस्थान में ऊर्जा सृजन का सर्वाधिक महत्त्वपूर्ण स्रोत कौनसा है :  

[Research Assistant 24.08.2017]

  • सोलर  

  • आणविक    

  • थर्मल  

  • वायु  

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान में कोयला आधारित तापीय विद्युत गृह सबसे अधिक हैं।
👉 कोटा, सूरतगढ़, छबड़ा, कालीसिंध, गिरल, बरसिंगसर आदि प्रमुख तापीय परियोजनाएँ हैं।
👉 विद्युत उत्पादन का मुख्य आधार बाहर से लाए गए कोयले और लिग्नाइट पर है।
👉 जलविद्युत, सौर, पवन और आणविक ऊर्जा का योगदान तापीय ऊर्जा की तुलना में कम है।

✍️ सही उत्तर है – थर्मल 

निम्नलिखित में से राजस्थान के कौन से नगर नवीन व नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय द्वारा 'सोलर सिटी' के रूप में चयनित किए गये ? 

[AEN 16 दिसम्बर 2018]

  • जयपुर, जोधपुर, जैसलमेर 

  • जयपुर, जोधपुर, उदयपुर 

  • जयपुर, जोधपुर, अजमेर 

  • जयपुर, जोधपुर, बीकानेर 

🔹 व्याख्या:

👉 नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय ने राजस्थान के दो नगरों का चयन किया।
👉 जयपुर और जोधपुर को ‘सोलर सिटी’ के रूप में चुना गया।
👉 उद्देश्य – सौर ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देना और नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों को अपनाना।
👉 इन शहरों में अक्षय ऊर्जा आधारित परियोजनाएँ विशेष रूप से लागू की जाएँगी।

✍️ सही उत्तर है – जयपुर, जोधपुर, अजमेर 

राजस्थान के निम्न में से किस जिले में द्वितीय वायु ऊर्जा प्लान्ट स्थापित किया गया ?

[व्याख्याता (तकनीकी) 12.03.2021]

  • प्रतापगढ़ 

  • जैसलमेर 

  • बाड़मेर 

  • जालौर 

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान की दूसरी पवन ऊर्जा परियोजना देवगढ़ पवन ऊर्जा परियोजना है।
👉 इसका शुभारम्भ 6 मार्च, 2004 को किया गया।
👉 यह परियोजना प्रतापगढ़ जिले में स्थापित की गई है।
👉 इसकी क्षमता कई मेगावाट है और यह गैर-परम्परागत ऊर्जा विकास का हिस्सा है।

✍️ सही उत्तर है – प्रतापगढ़ 

राजस्थान की पहली पवन ऊर्जा परियोजना है : 

[Asst. Prof. (भूगोल) 28.09.2021]

  • अमर सागर पवन ऊर्जा परियोजना

  • बीथड़ी / बीठड़ी पवन ऊर्जा परियोजना

  • देवगढ़ पवन ऊर्जा परियोजना 

  • मोकला पवन ऊर्जा परियोजना  

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान की पहली पवन ऊर्जा परियोजना 14 अगस्त, 1999 को स्थापित की गई थी।
👉 इस परियोजना का नाम अमर सागर पवन ऊर्जा परियोजना है।
👉 इसकी कुल क्षमता 2 मेगावाट है।
👉 यह परियोजना जैसलमेर जिले में स्थापित की गई।

✍️ सही उत्तर है – अमर सागर पवन ऊर्जा परियोजना 

रामगढ़ पावर प्लाण्ट को प्राकृतिक गैस की आपूर्ति होती है - 

[सहायक पुरालेखपाल 03.08.2024]

  • मनहेरा टिब्बा तथा तनोट से 

  • बाघेवाला से 

  • तुरीवाला से 

  • अंकलेश्वर (गुजरात) से 

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान का रामगढ़ पावर प्लांट एक गैस आधारित बिजलीघर है।
👉 इसे प्राकृतिक गैस की आपूर्ति स्थानीय गैस क्षेत्रों से की जाती है।
👉 यह आपूर्ति मुख्यतः मनहेरा टिब्बा और तनोट क्षेत्रों से होती है।

✍️ सही उत्तर है – मनहेरा टिब्बा तथा तनोट

राजस्थान सरकार ने 'राजस्थान विण्ड एण्ड 18. हाइब्रिड एनर्जी पॉलिसी' कब लागू की ?  

[AEN परीक्षा 30.06.2024]

  • 1 दिसम्बर, 2019 

  • 18 दिसम्बर, 2019 

  • अक्टूबर, 2020 

  • 1 सितम्बर, 2022 

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान में पवन ऊर्जा विकास हेतु विशेष नीति लागू की गई।
👉 इसका नाम "The Wind and Hybrid Policy-2019" है।
👉 यह नीति 18 दिसम्बर, 2019 को लागू की गई।
👉 इसका उद्देश्य पवन ऊर्जा परियोजनाओं का विकास और नवीनीकरण करना है।

✍️ सही उत्तर है – 18 दिसम्बर, 2019 

कॉलम-I को कॉलम-II से सुमेलित कीजिए तथा नीचे दिए गए कूटों में से सही उत्तर का चयन कीजिए :

कॉलम-I (स्थान)  कॉलम-II (सोलर पावर प्लान्ट)
A. नागौर  i. आगोरिया
B. झुन्झुनुं  ii. धूनिया
C. जोधपुर  iii. गौरीर
D. बाड़मेर  iv. खींवसर

कूट :-

        A  B  C  D

[स्कूल व्याख्याता GK (E) 06.07.2025]

  • ii i iii iv

  • iv iii ii i

  • iii ii i iv

  • i ii iii iv

🔹 व्याख्या:

👉 नागौर – यहाँ खीवसर सोलर एनर्जी प्लांट है।
👉 झुंझुनूं – यहाँ गौरीर सोलर फोटोवोल्टिक प्रोजेक्ट है।
👉 जोधपुर – यहाँ धूनिया सोलर एनर्जी प्लांट है।
👉 बाड़मेर – यहाँ आगोरिया सोलर पावर प्रोजेक्ट है।

✍️ सही उत्तर है – A-(iv), B-(iii), C-(ii), D-(i) 

राजस्थान अक्षय ऊर्जा नीति : 2023 में वर्ष 2029-30 तक गैर-परम्परागत ऊर्जा उत्पादन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है

[PTI & Librarian 03.05.2025]

  • 8500 मेगावाट 

  • 125000 मेगावाट 

  • 65000 मेगावाट 

  • 90000 मेगावाट 

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान अक्षय ऊर्जा नीति 2023 में गैर-परंपरागत ऊर्जा उत्पादन का बड़ा लक्ष्य तय किया गया है।
👉 वर्ष 2029-30 तक कुल 90,000 मेगावाट क्षमता का लक्ष्य निर्धारित है।
👉 इसमें – 65,000 मेगावाट सौर ऊर्जा, 15,000 मेगावाट पवन व हाइब्रिड ऊर्जा, और 10,000 मेगावाट जल विद्युत व भंडारण शामिल हैं।

✍️ सही उत्तर है – 90,000 मेगावाट 

राजस्थान में निम्नलिखित में से कौन सा प्राकृतिक गैस पर आधारित विद्युत गृह है ? 

[सांख्यिकी अधिकारी 25.02.2024]

  • चित्तौड़गढ़ 

  • अन्ता 

  • छबड़ा 

  • बरसिंगपुर 

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान में गैस आधारित विद्युत गृह भी स्थापित किए गए हैं।
👉 इनमें प्रमुख है अन्ता गैस आधारित ताप बिजलीघर।
👉 इसकी प्रथम इकाई 21 जनवरी, 1989 को प्रारम्भ हुई थी।
👉 इसकी कुल क्षमता 413 मेगावाट है।

✍️ सही उत्तर है – अन्ता 

किस वर्ष में राजस्थान ऊर्जा विकास एजेन्सी (REDA) स्थापित की गई ? 

[पुरालेखपाल परीक्षा 03.08.2024]

  • 2002 

  • 1981 

  • 1985 

  • 1998 

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान में गैर-परम्परागत ऊर्जा स्रोतों के विकास हेतु विशेष संस्था का गठन किया गया।
👉 इस संस्था का नाम राजस्थान ऊर्जा विकास एजेन्सी (REDA) है।
👉 इसका गठन 21 जनवरी, 1985 को किया गया।
👉 इसका उद्देश्य सौर, पवन, बायोगैस आदि ऊर्जा स्रोतों का समन्वित विकास करना था।

✍️ सही उत्तर है – 1985 

प्राकृतिक गैस पर आधारित 'शक्ति परियोजना' स्थित है 

[वरिष्ठ अध्यापक 2011]

  • उदयपुर 

  • भिवाड़ी 

  • बीकानेर 

  • रामगढ़ 

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान में गैस आधारित विद्युत परियोजनाओं की स्थापना की गई है।
👉 इनमें से एक प्रमुख परियोजना रामगढ़ गैस आधारित ताप बिजलीघर है।
👉 इसकी कुल उत्पादन क्षमता 223.5 मेगावाट है।
👉 यह परियोजना जैसलमेर जिले के रामगढ़ क्षेत्र में स्थित है।

✍️ सही उत्तर है – रामगढ़

निम्न कथनों पर ध्यान दीजिये - 

कथन (A) - राष्ट्रीय सौर ऊर्जा संस्थान ने राजस्थान में 284 गीगावॉट सौर ऊर्जा की सम्भाव्यता का अनुमान लगाया है।  

कथन (B) - राष्ट्रीय पवन ऊर्जा संस्थान ने राजस्थान में जमीन से 150 मीटर ऊपर 142 गीगावॉट की पवन ऊर्जा क्षमता की संभावना बताई है। 

ऊपर दिये कथनों में से कौनसा/से सही है/हैं ?  

[Asst. Testing Officer 08.07.2025]

  • केवल (A) 

  • केवल (B) 

  • (A) और (B) दोनों 

  • न तो (A) और ना ही (B) 

🔹 व्याख्या:

👉 कथन (A) – राष्ट्रीय सौर ऊर्जा संस्थान द्वारा राजस्थान में 284 गीगावॉट की सौर ऊर्जा सम्भाव्यता का अनुमान नहीं लगाया गया है → असत्य।
👉 कथन (B) – राष्ट्रीय पवन ऊर्जा संस्थान ने 150 मीटर ऊँचाई पर 142 गीगावॉट की पवन ऊर्जा क्षमता नहीं बताई है → असत्य।
👉 अतः दोनों ही कथन गलत हैं।

✍️ सही उत्तर है – न तो (A) और ना ही (B) 

निम्नलिखित में से कौन से राजस्थान में पेट्रोलिफेरस बेसिन हैं? 

(A) बाड़मेर - सांचोर बेसिन, 

(B) जैसलमेर बेसिन 

(C) बीकानेर - नागौर बेसिन 

(D) विन्ध्यन बेसिन 

[स्कूल व्याख्याता 11.10.2022]

  • A, B, C एवं D 

  • B, C एवं D 

  • A, B एवं C 

  • A, C एवं D 

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान में पेट्रोलियम की खोज हेतु विस्तृत सर्वेक्षण किए गए।
👉 यहाँ चार प्रमुख पेट्रोलिफेरस बेसिन बताए गए हैं।
👉 इनमें शामिल हैं – बाड़मेर–सांचोर बेसिन, जैसलमेर बेसिन, बीकानेर–नागौर बेसिन, और विन्ध्यन बेसिन।
👉 ये बेसिन पश्चिमी व मध्य राजस्थान के भूभाग में फैले हुए हैं।

✍️ सही उत्तर है – (A), (B), (C), (D)

निम्न कथनों पर ध्यान दीजिए : 

कथन-I : राजस्थान की एकीकृत स्वच्छ ऊर्जा नीति 2024 का लक्ष्य 2030 तक 3000 किलो टन प्रति वर्ष हरित हाइड्रोजन उत्पादन प्राप्त करना है।

कथन-II : राजस्थान विद्युत प्रसारण निगम (आर.वी.पी.एन.) राजस्थान में ऊर्जा संरक्षण एवं ऊर्जा दक्षता कार्यक्रम के लिए कार्यान्वयन एजेन्सी है। 

दिए गए कथनों के आलोक में निम्न में से सही विकल्प का चयन कीजिए :  

[Deputy Jailor Exam 13.07.2025]

  • कथन-I तथा II दोनों सत्य हैं। 

  • कथन-I असत्य है तथा कथन-II सत्य है। 

  • कथन-I सत्य है तथा कथन-II असत्य है।

  • कथन- I तथा II दोनों असत्य हैं। 

🔹 व्याख्या:

👉 कथन-I – एकीकृत स्वच्छ ऊर्जा नीति 2024 में 2030 तक 3000 किलो टन हरित हाइड्रोजन उत्पादन का लक्ष्य नहीं है → असत्य।
👉 कथन-II – ऊर्जा संरक्षण एवं ऊर्जा दक्षता कार्यक्रम की कार्यान्वयन एजेंसी RRECL (राजस्थान अक्षय ऊर्जा निगम) है, न कि RVPN → असत्य।
👉 अतः दोनों कथन गलत हैं।

✍️ सही उत्तर है – कथन-I तथा II दोनों असत्य हैं

विश्व का सबसे बड़ा सोलर (सौर ऊर्जा) पार्क भड़ला अवस्थित है — 

[स्कूल व्याख्याता 15.10.2022]

  • बीकानेर 

  • जोधपुर 

  • बाड़मेर 

  • जैसलमेर 

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान का भड़ला सोलर पार्क विश्व का सबसे बड़ा सौर ऊर्जा पार्क माना जाता है।
👉 यह लगभग 14 हजार एकड़ क्षेत्र में फैला हुआ है।
👉 यहाँ से 2245 मेगावाट सौर ऊर्जा का उत्पादन हो रहा है।
👉 यह पार्क जोधपुर जिले में अवस्थित है।

✍️ सही उत्तर है – जोधपुर

एक ही स्थान पर पवन ऊर्जा उत्पादन की सबसे बड़ी सुविधा का विकास जिस जिले में हो रहा है, वह है - 

[ACF परीक्षा 2011]

  • बीकानेर

  • बाड़मेर 

  • जैसलमेर 

  • सिरोही 

🔹 व्याख्या:

👉 जैसलमेर पवन पार्क राजस्थान के जैसलमेर जिले में स्थित है।
👉 यह भारत के प्रमुख पवन ऊर्जा स्थलों में से एक है।
👉 इसकी गिनती भारत के दूसरे सबसे बड़े पवन ऊर्जा फार्म के रूप में होती है।

✍️ सही उत्तर है – जैसलमेर  

निम्न में से कौन से कथन राजस्थान में ऊर्जा के बारे में सही हैं ? नीचे दिये गये कूटों का उपयोग करते हुए सही उत्तर चुनिये :

(A) दिसंबर 2024 तक राजस्थान में ऊर्जा की अंधिस्थापित क्षमता 24,325.19 मेगावाट थी।
(B)
नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के अनुसार राजस्थान में सौर्य ऊर्जा निर्माण की क्षमता 284 गीगावॉट है।
(C)
नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के अनुसार राजस्थान में पवन ऊर्जा निर्माण की क्षमता 142 गीगावॉट है।
(D)
पवन और सौर्य ऊर्जा से राजस्थान की दिसंबर 2024 तक की कुल अधिस्थापित ऊर्जा क्षमता का 35.59% प्राप्त हुआ।

कूट :

[Asst. Prof. (Paper -III) 07.12.2025]

  • (A), (B), (C) और (D) सभी गलत हैं।

  • (A), (B), (C) और (D) सभी सही हैं।

  • केवल (A) और (D) सही हैं।

  • केवल (B) और (C) सही हैं।

🔹 व्याख्या

👉 दिसंबर 2024 तक कुल अधिस्थापित ऊर्जा क्षमता 24,325.19 मेगावाट दर्ज की गई थी।

👉 राजस्थान में सौर ऊर्जा की अनुमानित क्षमता 284 गीगावॉट आँकी गई है।

👉 इसी प्रकार पवन ऊर्जा निर्माण की राज्य में कुल क्षमता 142 गीगावॉट है।

👉 सौर और पवन ऊर्जा का कुल स्थापित क्षमता में योगदान 35.59% रहा है।

✍️ सही उत्तर है – (A), (B), (C) और (D) सभी सही हैं।

राजस्थान में निम्नलिखित में से कौनसा पवन ऊर्जा परियोजना स्थल नहीं है ?  

[अनुसंधान अधिकारी पुरा. 04.08.2024]

  • मोकला 

  • फलोदी 

  • बीठड़ी 

  • देवगढ़ 

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान में पवन ऊर्जा परियोजनाएँ जैसलमेर (अमर सागर), प्रतापगढ़ (देवगढ़) और जोधपुर (बीठड़ी/फलौदी) में स्थापित की गई हैं।
👉 मोकला स्थल सौर ऊर्जा परियोजना (50 मेगावाट) के रूप में किया गया है, पवन ऊर्जा परियोजना के रूप में नहीं।
👉 अतः मोकला पवन ऊर्जा परियोजना स्थल नहीं है।

✍️ सही उत्तर है – मोकला 

निम्नलिखित में से कौन सा अक्षुण्ण संसाधन नहीं है ?

[Asst. Prof. (Geo -II) 17.12.2025]

  • प्राकृतिक गैस

  • सौर ऊर्जा

  • महासागरीय जल

  • वृहद् प्रदेशीय जलवायु

🔹 व्याख्या

👉 प्राकृतिक गैस एक जीवाश्म ईंधन है।
👉
यह लाखों वर्षों में निर्मित संसाधन है।
👉
इसकी मात्रा सीमित उपलब्ध होती है।
👉
इसलिए यह अनवीकरणीय संसाधन है।

✍️ सही उत्तर है – प्राकृतिक गैस

माही - बांसवाड़ा राजस्थान परमाणु ऊर्जा परियोजना के सन्दर्भ में निम्न कथनों पर ध्यान दीजिये :

(a) इस परियोजना में दो 700 मेगावाट के दबावयुक्त भारी पानी रिएक्टर स्थापित होंगे।
(b)
यह भारतीय परमाणु ऊर्जा निगम और राष्ट्रीय ताप विद्युत निगम लिमिटेड के बीच का एक संयुक्त उद्यम है।
(c)
यह परियोजना भारत सरकार के फ्लीट मोड रिएक्टर प्रोग्राम का एक भाग है जिसके तहत 20 स्वदेशी दबावयुक्त भारी पानी रिएक्टरों का निर्माण किया जा रहा है।

उपरोक्त में से कौन सा/से सत्य है/हैं ?

[Asst. Prof. (Paper -III) 07.12.2025]

  • (a), (b) और (c) सत्य हैं।

  • (a) और (b) सत्य हैं।

  • केवल (b) सत्य है।

  • (b) और (c) सत्य हैं।

🔹 व्याख्या

👉 माही-बांसवाड़ा परियोजना में 700 मेगावाट के कुल चार रिएक्टर स्थापित किए जाएंगे।

👉 यह NPCIL और NTPC के बीच एक महत्वपूर्ण संयुक्त उद्यम (Joint Venture) है।

👉 यह परियोजना फ्लीट मोड प्रोग्राम का हिस्सा है, जिसके तहत 10 रिएक्टर बनाए जा रहे हैं।

👉 यहाँ कथन (a) में दो रिएक्टर और (c) में 20 रिएक्टर की संख्या गलत दी गई है।

✍️ सही उत्तर है – केवल (b) सत्य है।

निम्नलिखित में से कौनसा युग्म (सोलर पार्क कुल उत्पादन क्षमता) सुमेलित नहीं है ?  

[Research Assistant 10.07.2025]

  • फलोदी-पोकरण 750 मेगावॉट

  • पुगल - 1450 मेगावॉट 

  • बोडाना – 2000 मेगावॉट

  • नोखा - 925 मेगावॉट 

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान में कई सोलर पार्क स्थापित किए गए हैं।
👉 भड़ला सोलर पार्क (जोधपुर) – 2245 मेगावाट क्षमता का है।
👉 फलौदी–पोकरण सोलर पार्क – 750 मेगावाट क्षमता का है।
👉 फतेहगढ़ फेज-I बी सोलर पार्क – 1500 मेगावाट क्षमता का है।
👉 नोख (जैसलमेर) सोलर पार्क – 925 मेगावाट क्षमता का है। 

2019-20 के बजट घोषणा की पालना में निम्न में से किन जिलों में शून्य बजट प्राकृतिक फार्मिंग की एक पायलट योजना प्रारंभ की जा रही है ?

[ATO परीक्षा 27.07.2021] 

  • टोंक, भीलवाड़ा तथा चित्तौड़गढ़ 

  •  टोंक , सवाई माधोपुर तथा धौलपुर 

  • टोंक सवाई माधोपुर तथा कोटा 

  • टोंक, बाँसवाड़ा तथा सिरोही

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान ने राज्य बजट 2019-20 के बाद से शून्य बजट प्राकृतिक खेती (ZBNF) पर ध्यान केंद्रित किया।
👉 इसके तहत 10 करोड़ रुपये की लागत से योजना लागू की गई।
👉 यह योजना बांसवाड़ा, टोंक और सिरोही की 36 ग्राम पंचायतों में चलाई जा रही है।
👉 इससे लगभग 20 हजार किसानों को लाभ होगा।

✍️ सही उत्तर है – टोंक, बाँसवाड़ा तथा सिरोही

माही बांसवाड़ा राजस्थान एटोमिक पावर प्रोजेक्ट इकाईयां 1 से 4 का पहला कंकरीट भराव किस वर्ष में अपेक्षित है ? 

  • 2024 

  • 2025 

  • 2026 

  • 2023 

🔹 व्याख्या:

👉 परमाणु ऊर्जा संयंत्रों के निर्माण की शुरुआत का संकेत कंक्रीट का पहला भराव होता है।
👉 वर्ष 2023 में कर्नाटक के कैगा में 700 मेगावाट के परमाणु ऊर्जा संयंत्र के लिए पहला कंक्रीट डाला गया।
👉 इसके साथ ही भारत ने अगले तीन वर्षों में 10 बड़े मोड्यूलर परमाणु रिएक्टरों के निर्माण कार्य को गति देने की योजना बनाई है।

✍️ सही उत्तर है – 2024 

सूची-I (सोलर पार्क) को सूची-II (कम्पनी/उपक्रम) के साथ सुमेलित कीजिए तथा नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए- 

सूची-I (सोलर पार्क)

सूची-II (कम्पनी/उपक्रम)

(A) फलौदी - पोखरण

(i) एसेल सौर्य ऊर्जा कम्पनी

(B) फतेहगढ़ फेज़ - Iबी

(ii) अडानी रिन्यूएबल एनर्जी कम्पनी

(C) नोख - जैसलमेर

(iii) आर. एस. डी.सी.एल.

(D) पूंगल - बीकानेर

(iv) आर. एस. डी. सी. एल.

कूट - 

[रसायनज्ञ पुरालेख विभाग 05.08.2024]

  • A-(iii), B-(i), C-(iv), D-(ii)

  • A-(i), B-(iv), C-(iii), D-(ii)

  • A-(iv), B-(ii), C-(i), D-(iii)

  • A-(i), B-(ii), C-(iii), D-(iv)

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान में विभिन्न सोलर पार्क अलग-अलग कंपनियों/उपक्रमों के सहयोग से स्थापित किए गए हैं।
👉 सही संयोजन इस प्रकार है –

  • (A) फलौदी - पोखरण → (i) एसेल सौर्य ऊर्जा कम्पनी

  • (B) फतेहगढ़ फेज़ - Iबी → (ii) अडानी रिन्यूएबल एनर्जी कम्पनी

  • (C) नोख - जैसलमेर → (iii) आर.एस.डी.सी.एल.

  • (D) पूंगल - बीकानेर → (iv) आर.एस.डी.सी.एल.

✍️ सही उत्तर है – A-(i), B-(ii), C-(iii), D-(iv)

कथन (A) : राजस्थान में सौर्य ऊर्जा विकास की असीम सम्भावनाएँ हैं ।

कारण (R) : भाड़ला सोलर पार्क 2,245 मेगावॉट क्षमता वाला राजस्थान का सबसे बड़ा सोलर पॉवर प्लांट है ।

[कृषि अधिकारी 20.04.2025]

  • (A) सही है, परन्तु (R) गलत है ।

  • (A) और (R) दोनों सही हैं, परन्तु (R), (A) की सही व्याख्या नहीं है ।

  • (A) गलत है, परन्तु (R) सही है ।

  • (A) और (R) दोनों सही हैं और (R), (A) की सही व्याख्या है ।

  • राजस्थान, सौर ऊर्जा क्षमता के मामले में भारत का सबसे अग्रणी राज्य है। राज्य में 142 गीगावाट से अधिक की भारी सौर ऊर्जा क्षमता मौजूद है। यहाँ प्रचुर बंजर भूमि और साल भर तेज धूप (325 से अधिक धूप वाले दिन) होने के कारण राज्य इस क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर सबसे उपयुक्त स्थानों में से एक है।राजस्थान में सौर ऊर्जा विकास की प्रमुख सम्भावनाएं और वर्तमान स्थिति इस प्रकार हैं:1. विशाल स्थापित क्षमता और बड़े सोलर पार्कअग्रणी स्थिति: वर्तमान में राजस्थान की स्थापित सौर क्षमता 22,000 मेगावाट (22 GW) से काफी ऊपर पहुँच चुकी है और देश की कुल सौर क्षमता में राज्य का योगदान लगभग 27% है।भड़ला सोलर पार्क: जोधपुर जिले में स्थित भड़ला सोलर पार्क दुनिया और देश का सबसे बड़ा सोलर पार्क है।नए प्रोजेक्ट्स: जैसलमेर, बीकानेर, और बाड़मेर क्षेत्रों में 'ग्रीन एनर्जी हब' बनाए जा रहे हैं। यहाँ हाइब्रिड (सौर + पवन) प्रोजेक्ट्स और बैटरी स्टोरेज सिस्टम (BESS) भी लगाए जा रहे हैं। अतः कथन और कारण दोनों सही है

निम्नलिखित को सुमेलित कीजिए तथा नीचे दिए गए कूटों में से सही उत्तर चुनिए : 

सूची-I (ऊर्जा परियोजना)  सूची -II (अवस्थिति) 
A. भड़ला सोलर पार्क   (i) खीवंसर, नागौर 
B. अवशिष्ट ऊर्जा परियोजना (ii) देवगढ़, प्रतापगढ़ 
C. पवन ऊर्जा परियोजना (iii) बालोतरा, बाड़मेर 
D. सौर ऊर्जा परियोजना (iv) फलौदी, जोधपुर 

[ACF 18.02.2021]

कूट :    

            A     B     C     D 

  • (i)     (ii)     (iii)     (iv) 

  • (iv)     (iii)     (i)     (ii) 

  • (iii)     (iv)     (ii)     (i) 

  • (iv)     (iii)     (ii)     (i) 

🔹 व्याख्या:

👉 भड़ला सोलर पार्क – जोधपुर जिले के फलौदी क्षेत्र में स्थित है।
👉 अवशिष्ट (अपशिष्ट) ऊर्जा परियोजना – बाड़मेर जिले के बालोतरा क्षेत्र में स्थापित है।
👉 पवन ऊर्जा परियोजना – प्रतापगढ़ जिले के देवगढ़ क्षेत्र में स्थापित है।
👉 सौर ऊर्जा परियोजना – नागौर जिले के खीवंसर क्षेत्र में स्थित है।

✍️ सही उत्तर है – A-(iv), B-(iii), C-(ii), D-(i)

माही जल विद्युत परियोजना किस जिले में स्थित है ? 

[LDC (RPSC) 2011]

  • प्रतापगढ़

  • डूंगरपुर 

  • राजसमंद 

  • बांसवाड़ा 

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान में माही नदी पर जल विद्युत परियोजना स्थापित की गई है।
👉 इस परियोजना की प्रथम इकाई से वर्ष 1984 में उत्पादन प्रारम्भ हुआ।
👉 द्वितीय इकाई से 1989 में बिजली उत्पादन शुरू हुआ।
👉 इसकी कुल उत्पादन क्षमता 140 मेगावाट है।
👉 यह परियोजना बांसवाड़ा जिले में स्थित है।

✍️ सही उत्तर है – बांसवाड़ा 

बरसिंगसर ताप परियोजना किस जिले में स्थित है ? 

[LDC (RPSC) 2011]

  • जोधपुर 

  • नागौर 

  • जैसलमेर 

  • बीकानेर 

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान में लिग्नाइट आधारित तापीय परियोजनाओं का विकास किया गया है।
👉 बरसिंगसर ताप विद्युत गृह इनमें से एक प्रमुख परियोजना है।
👉 इसकी प्रथम इकाई 5 जून, 2010 को समर्पित की गई थी।
👉 यह परियोजना बीकानेर जिले में स्थित है।

✍️ सही उत्तर है – बीकानेर 

राजस्थान में नए और अक्षय ऊर्जा मंत्रालय के अनुसार सौर ऊर्जा से बिजली की क्षमता है 

[व्याख्याता (तकनीकी) 12.03.2021]

  • 153 GW

  • 142 GW

  • 182 GW

  • 190 GW

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान में सौर ऊर्जा की सम्भावनाएँ अत्यधिक हैं।
👉 यहाँ वर्ष में लगभग 325 दिन सूर्य का प्रकाश उपलब्ध होता है।
👉 राज्य में सौर परावर्तन 5.8 से 6.4 KWH/m² आँका गया है। 

✍️ सही उत्तर है – 142 GW

राजस्थान में गैर-पारम्परिक ऊर्जा स्रोतों से ऊर्जा उत्पन्न करने हेतु निम्न में से कौन सी नोडल एजेंसी है ? 

[LDC (RPSC) 23.10.2016]

  • राजस्थान अक्षय ऊर्जा निगम लिमिटेड 

  • राजस्थान गैर- पारम्परिक ऊर्जा (प्रा.) लिमिटेड 

  • राजस्थान राज्य विद्युत मंडल 

  • राजस्थान धारणीय ऊर्जा निगम लिमिटेड 

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान में गैर-परम्परागत ऊर्जा स्रोतों के विकास हेतु विशेष संस्था गठित की गई।
👉 इसका नाम Rajasthan Renewable Energy Corporation Ltd. (RRECL) है।
👉 इसका गठन अगस्त 2002 में किया गया था।
👉 यह भारत सरकार के नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय की नोडल एजेंसी के रूप में कार्य करती है।

✍️ सही उत्तर है – राजस्थान अक्षय ऊर्जा निगम लिमिटेड 

छबडा पॉवर परियोजना स्थित है 

[ACF परीक्षा 2011]

  • बाँरा जिले में 

  • सवाई माधोपुर जिले में 

  • झालावाड जिले में 

  • कोटा जिले में  

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान में कई तापीय विद्युत परियोजनाएँ कार्यरत हैं।
👉 इनमें से एक प्रमुख परियोजना छबड़ा तापीय विद्युत परियोजना है।
👉 यह परियोजना बारां जिले में स्थापित है।
👉 यहाँ 250 मेगावाट और 660 मेगावाट क्षमता की इकाइयाँ कार्यरत हैं।

✍️ सही उत्तर है – बारां जिले में

हाल ही में प्रारम्भ हुई गोरबिया सौर परियोजना को विकसित करने वाली कम्पनी है-

[Junior Chemist PHED 01.02.2026]

  • लुमिनस एनर्जी

  • जेलेस्ट्रा इण्डिया

  • सुज़लोन एनर्जी

  • अडानी ग्रीन एनर्जी

🔹 व्याख्या

👉 गोरबिया सौर ऊर्जा परियोजना राजस्थान के बीकानेर जिले में स्थित 435 मेगावाट की एक विशाल अक्षय ऊर्जा (नवीकरणीय ऊर्जा) पहल है。इसे ज़ेलेस्ट्रा (Zelestra) द्वारा विकसित किया गया है。यह परियोजना रिकॉर्ड 8 महीने से भी कम समय में पूरी होकर जुलाई 2025 में चालू हो गई

लिग्नाइट पर आधारित ताप विद्युत संयंत्र स्थित हैं

सहायक आचार्य [ 07.01.2024] 

  • गिराल तथा बाँसवाड़ा

  • गुढ़ा गाँव तथा गिराल

  • छाबड़ा तथा सूरतगढ़

  • कवाई तथा दानपुर 

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान में लिग्नाइट आधारित ताप विद्युत संयंत्र गुढ़ा और गिराल में स्थित हैं।
👉 गुढ़ा (बीकानेर) – यहाँ वीएस लिग्नाइट पावर प्लांट है।
👉 गिराल (बाड़मेर, थुम्बली गाँव के पास) – यहाँ गिरल लिग्नाइट थर्मल पावर प्रोजेक्ट है।
👉 यह राजस्थान का पहला लिग्नाइट गैसीकरण तकनीक आधारित प्रोजेक्ट है।
👉 इसकी वर्तमान क्षमता 250 मेगावाट है और इसे जर्मनी की K.L.F. कंपनी के सहयोग से संचालित किया जाता है।

✍️ सही उत्तर है – गुढ़ा गाँव तथा गिराल

राजस्थान का द्वितीय परमाणु ऊर्जा संयंत्र प्रस्तावित है 

[खाध्य सुरक्षा अधिकारी 25.11.2019]

  • जोधपुर में 

  • बीकानेर में 

  • बाँसवाड़ा में 

  • अलवर में  

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान में पहला परमाणु ऊर्जा केन्द्र रावतभाटा (चित्तौड़गढ़) में है।
👉 राज्य का दूसरा परमाणु विद्युत केन्द्र बाँसवाड़ा में प्रस्तावित है।
👉 इसकी स्थापना माही नदी पर की जानी है।
👉 इस परियोजना की क्षमता 4×700 मेगावाट निर्धारित की गई है।

✍️ सही उत्तर है – बाँसवाड़ा में 

जैसलमेर के सोढ़ा तथा आकल में निम्नलिखित में से किस प्रकार की ऊर्जा का उत्पादन होता है ?  

[Assistant Director 09.07.2025]

  • बायोमास ऊर्जा 

  • पवन ऊर्जा 

  • सौर ऊर्जा 

  • सौर तथा पवन ऊर्जा 

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान में पवन ऊर्जा की पहली परियोजना जैसलमेर में स्थापित की गई थी।
👉 जैसलमेर जिले के अमर सागर, सोढ़ा और आकल क्षेत्र पवन ऊर्जा परियोजनाओं के लिए प्रसिद्ध हैं।
👉 यहाँ वायु का वेग अधिक होने से पवन चक्कियाँ स्थापित की गई हैं।
👉 अतः इन क्षेत्रों में पवन ऊर्जा का उत्पादन होता है।

✍️ सही उत्तर है – पवन ऊर्जा 

सूचि-I को सूची-II से सुमेलित करते हुए नीचे दर्शाए गये विकल्पों में से सही कूट का चयन कीजिए :  

सूची-I ऊर्जा के स्रोत

सूची-II क्षेत्र

A. तापीय ऊर्जा

i. अमर सागर

B. सौर ऊर्जा

ii. बायतू

C. प्राकृतिक गैस

iii. सूरतगढ़

D. पवन ऊर्जा

iv. भड़ला

[AEN परीक्षा 30.06.2024]

कूट : 

A B C D 

  • i ii iii iv 

  • iii iv i ii 

  • ii iv i iii 

  • iii iv ii i 

🔹 व्याख्या:

👉 तापीय ऊर्जा – राजस्थान में प्रमुख तापीय परियोजना सूरतगढ़ में है।
👉 सौर ऊर्जा – सबसे बड़ा भड़ला सोलर पार्क (जोधपुर) है।
👉 प्राकृतिक गैस – बायतू (बाड़मेर) क्षेत्र में तेल व गैस भण्डार हैं।
👉 पवन ऊर्जा – पहली पवन ऊर्जा परियोजना अमर सागर (जैसलमेर) में स्थापित हुई थी।

✍️ सही उत्तर है – A-(iii), B-(iv), C-(ii), D-(i)

राजस्थान के जैसलमेर जिले में प्रारम्भ की गई प्रथम पवन ऊर्जा परियोजना का नाम है -

[Asst. Prof. (भूगोल) 18.05.2024]

  • देवगढ़ पवन ऊर्जा परियोजना 

  • अमर सागर पवन ऊर्जा परियोजना 

  • बिठड़ी पवन ऊर्जा परियोजना 

  • फलौदी पवन ऊर्जा परियोजना 

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान में पहली पवन ऊर्जा परियोजना जैसलमेर जिले में स्थापित की गई।
👉 इसका शुभारम्भ 14 अगस्त, 1999 को किया गया।
👉 इसकी कुल क्षमता 2 मेगावाट है।
👉 इस परियोजना का नाम अमर सागर पवन ऊर्जा परियोजना है।

✍️ सही उत्तर है – अमर सागर पवन ऊर्जा परियोजना

कौन से वर्ष में राजस्थान सौर ऊर्जा नीति घोषित की गई थी ? 

[RAS Pre. 27.10.2021]

  • 2015

  • 2018

  • 2019

  • 2017

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान सरकार द्वारा 18 दिसंबर 2019 को लागू की गई राजस्थान सौर ऊर्जा नीति 2019 का मुख्य उद्देश्य राज्य को देश में सौर ऊर्जा के प्रमुख हब के रूप में विकसित करना है। इसके तहत अगले वर्षों में 30,000 मेगावाट सौर ऊर्जा क्षमता हासिल करने और राज्य में सौर उपकरणों के निर्माण को बढ़ावा देने का लक्ष्य रखा गया है।इस नीति के प्रमुख प्रावधान और लक्ष्य निम्नलिखित हैं:1. मुख्य उद्देश्य और लक्ष्यक्षमता लक्ष्य: अगले 5-6 वर्षों में 30,000 मेगावाट (30 GW) सौर ऊर्जा उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है।घरेलू निर्माण: राज्य में सौर ऊर्जा उपकरणों, पैनलों और बैटरी स्टोरेज सिस्टम के निर्माण (Manufacturing) को प्रोत्साहन देना।ग्रिड और ऑफ-ग्रिड प्रोजेक्ट: रूफटॉप सोलर, फ्लोटिंग सोलर, नहर की छतों (Canal Top) पर सोलर प्रोजेक्ट्स और सौर ऊर्जा आधारित EV चार्जिंग स्टेशनों को बढ़ावा देना।

कौनसा सुमेलित नहीं है ?

[Head Master 11.10.2021]

  • सौर ऊर्जा प्लांट - मोकला 

  • अमर सागरं पवन ऊर्जा परियोजना – जैसलमेर 

  • गैस आधारित ऊर्जा परियोजना – गिराल 

  • राजस्थान परमाणु ऊर्जा परियोजना – रावत भाटा 

🔹 व्याख्या:

👉 मोकला (जैसलमेर) में सौर ऊर्जा परियोजना है।
👉 रावतभाटा (चित्तौड़गढ़) में राजस्थान परमाणु ऊर्जा परियोजना स्थापित है।
👉 गिराल (बाड़मेर) लिग्नाइट आधारित तापीय ऊर्जा परियोजना है, गैस आधारित नहीं।
👉 अमर सागर (जैसलमेर) में पहली पवन ऊर्जा परियोजना प्रारम्भ की गई थी।

✍️ सही उत्तर है – गैस आधारित ऊर्जा परियोजना – गिराल

निम्नलिखित में से कौनसा (सौर ऊर्जा संयंत्र - जिला) सही सुमेलित नहीं है ?  

[सहायक सांख्यिकी अधि. 25.08.2024]

  • धूनी - सीकर 

  • अगोरिया - बाड़मेर 

  • गोरीर - झुन्झुनू 

  • मोकला - जैसलमेर 

🔹 व्याख्या:

👉 अगोरिया सोलर पावर प्रोजेक्ट बाड़मेर जिले में स्थित है।
👉 गोरीर सोलर फोटोवोल्टिक प्रोजेक्ट झुंझुनूं जिले में है।
👉 मोकला सोलर एनर्जी प्रोजेक्ट जैसलमेर जिले में है।
👉 जबकि धूनी सोलर एनर्जी प्लांट वास्तव में जोधपुर जिले में है, न कि सीकर में।

✍️ सही उत्तर है – धूनी – सीकर

राजस्थान सरकार द्वारा "राजस्थान पवन एवं हाईब्रिड ऊर्जा नीति" किस वर्ष में घोषित की गई ?

[ATO परीक्षा 27.07.2021] 

  • 2019 

  • 2018 

  • 2015 

  • 2017 

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान में पवन ऊर्जा की अपार सम्भावनाएँ हैं।
👉 इसके विकास और नवीनीकरण हेतु विशेष नीति लागू की गई।
👉 इस नीति का नाम "The Wind and Hybrid Policy-2019" है।
👉 यह वर्ष 2019 में घोषित की गई।

✍️ सही उत्तर है – 2019 

निम्नलिखित में से कौनसा राजस्थान में एक गैस-आधारित ऊर्जा संयंत्र नहीं है ? 

[संग्रहाध्यक्ष पुरातत्व विभाग 19.06.2024]

  • धौलपुर 

  • गिरल (बालोतरा बाड़मेर)

  • अन्ता (बारां) 

  • रामगढ़ (जैसलमेर) 

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान में अन्ता (बारां), रामगढ़ (जैसलमेर) और धौलपुर गैस आधारित विद्युत परियोजनाएँ हैं।
👉 गिरल (बाड़मेर) परियोजना वास्तव में लिग्नाइट आधारित तापीय विद्युत परियोजना है।
👉 अतः यह गैस आधारित ऊर्जा संयंत्र नहीं है।

✍️ सही उत्तर है – गिरल (बालोतरा बाड़मेर) 

राजस्थान के निम्न तापीय बिजली घरों में से किसकी प्रस्थापित क्षमता सर्वाधिक है ? 

[ACF 18.02.2021]

  • कालीसिन्ध ताप बिजली घर 

  • सूरतगढ़ ताप बिजली घर 

  • कोटा ताप बिजली घर 

  • छबड़ा ताप बिजली घर 

🔹 व्याख्या:

👉 कोटा ताप बिजली घर की क्षमता 1240 मेगावाट है।
👉 कालीसिंध ताप बिजली घर (झालावाड़) की कुल क्षमता 1200 मेगावाट है।
👉 सूरतगढ़ ताप बिजली घर की क्षमता 1500 मेगावाट है।
👉 छबड़ा ताप बिजली घर (बारां) की कुल क्षमता 2320 मेगावाट है, जो सबसे अधिक है।

✍️ सही उत्तर है – छबड़ा ताप बिजली घर

राजस्थान द्वारा विंड एवं हाइब्रिड एनर्जी पॉलिसी वर्ष............... में लागू की गई। 

[स. सांख्यिकी अधिकारी 08.07.2022]

  • 2019 

  • 2020

  • 2022

  • 2011 

🔹 व्याख्या:

  • 2019 को राजस्थान सौर ऊर्जा नीति 2019 लागू की गई थी。
  • इसका मुख्य उद्देश्य राज्य में सौर ऊर्जा का उत्पादन बढ़ाना और 2024-25 तक 30 गीगावाट (GW) सौर ऊर्जा उत्पादन का महत्वाकांक्षी लक्ष्य हासिल करना है。
  • इस नीति के प्रमुख प्रावधान और विशेषताएं निम्नलिखित हैं:कुल क्षमता लक्ष्य: राजस्थान की कुल सौर ऊर्जा क्षमता 142 गीगावाट आंकी गई है, जिसका व्यवस्थित उपयोग करना इस नीति का मुख्य लक्ष्य है。
  • विस्तृत लक्ष्य (Goa to Goal): इसके तहत 2024-25 तक 30,000 मेगावाट क्षमता का लक्ष्य तय किया गया, जिसमें उपयोगिता/बड़े पैमाने के सोलर पार्क, रूफटॉप सोलर, और कृषि आधारित पंप शामिल हैं。
  • नेट व ग्रॉस मीटरिंग: बिजली अधिनियम 2003 के अनुसार, घरों की छतों पर रूफटॉप सोलर सिस्टम (Rooftop Solar) लगाने के लिए नेट और ग्रॉस मीटरिंग को बढ़ावा दिया गया

राजस्थान में गैस आधारित विद्युत परियोजना कहाँ स्थित हैं ? 

[स्टेनोग्राफर (RPSC) 2011]

  • अन्ता 

  • सूरतगढ़ 

  • छबड़ा 

  • पलाना 

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान में गैस आधारित विद्युत उत्पादन हेतु परियोजनाएँ स्थापित की गई हैं।
👉 इनमें प्रमुख अन्ता गैस आधारित ताप बिजलीघर (बारां जिला) है।
👉 इसकी पहली इकाई 21 जनवरी, 1989 को प्रारम्भ हुई थी।
👉 इसकी कुल स्थापित क्षमता 413 मेगावाट है।

✍️ सही उत्तर है – अन्ता 

किस जिले में जालीपा–कपूरड़ी तापीय ऊर्जा संयन्त्र अवस्थित है ?

[Asst. Prof. (Geo -II) 17.12.2025]

  • बीकानेर

  • जोधपुर

  • बाड़मेर

  • चूरू

🔹 व्याख्या

👉 जालीपा–कपूरड़ी तापीय ऊर्जा संयंत्र स्थित है।
👉
यह लिग्नाइट आधारित विद्युत उत्पादन केन्द्र है।
👉
इसका स्थान बाड़मेर जिले में है।

✍️ सही उत्तर है – बाड़मेर

धोलपुर पॉवर प्रोजेक्ट आधारित है

[Head Master 2011]

  • गैस पर 

  • लिग्नाइट पर 

  • नेप्या पर

  • डीज़ल पर 

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान में गैस आधारित परियोजनाओं में धौलपुर का नाम भी आता है।
👉 यहाँ कम्बाइण्ड साइकिल गैस पावर प्रोजेक्ट स्थापित किया गया है।
👉 इसकी कुल स्थापित क्षमता 330 मेगावाट है।
👉 यह परियोजना गैस पर आधारित है।

✍️ सही उत्तर है – गैस पर 

कालीसिंध सुपर ताप बिजली स्टेशन अवस्थित है

[RAS Pre. 01.10.2023]

  • बारां 

  • बाँसवाड़ा

  • झालावाड़ 

  • डूंगरपुर  

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान में कालीसिंध तापीय विद्युत परियोजना स्थापित की गई है।
👉 इस परियोजना की प्रथम इकाई 600 मेगावाट की है।
👉 द्वितीय इकाई भी 600 मेगावाट की है।
👉 यह विद्युत गृह झालावाड़ जिले में स्थित है।

✍️ सही उत्तर है – झालावाड़ 

निम्नलिखित में से कौन सी परियोजना राजस्थान की, 'प्रथम पवन ऊर्जा परियोजना' थी ?

[सांख्यिकी अधिकारी 25.02.2024]

  • बीथड़ी परियोजना 

  • धूनिया परियोजना 

  • देवगढ़ परियोजना 

  • अमर सागर परियोजना 

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान में सबसे पहली पवन ऊर्जा परियोजना 14 अगस्त, 1999 को स्थापित की गई।
👉 इस परियोजना का नाम अमर सागर पवन ऊर्जा परियोजना है।
👉 इसकी क्षमता 2 मेगावाट है।
👉 यह परियोजना जैसलमेर जिले में प्रारम्भ की गई थी।

✍️ सही उत्तर है – अमर सागर परियोजना 

राजस्थान रिफाइनरी लिमिटेड, हिन्दुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड और राजस्थान सरकार के बीच क्रमशः कितने प्रतिशत की हिस्सेदारी का एक संयुक्त उद्यम है ?

[A.En (Pre) EXAM 28.09.2025]

  • 50:50

  • 74:26

  • 60:40

  • 75:25

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान रिफाइनरी लिमिटेड (HRRL) एक संयुक्त उद्यम है जिसमें HPCL की 74% हिस्सेदारी शामिल है।
👉 इस परियोजना में राजस्थान सरकार की 26% हिस्सेदारी निर्धारित की गई है।
👉 HPCL और राज्य सरकार का यह संयुक्त ढाँचा रिफाइनरी के वित्तीय व संचालन नियंत्रण को तय करता है।
👉 हिस्सेदारी संरचना परियोजना में HPCL की प्रमुख भूमिका को दर्शाती है।

✍️ सही उत्तर है – 74:26 

जोधपुर में मथानिया में 140 मॅगावाट की क्षमता का प्रस्तावित पॉवर प्लाण्ट आधारित होगा [*]  

[ACF परीक्षा 2011]

  • सौर व डीजल दोनों पर 

  • लिग्नाइट पर 

  • गैस पर 

  • सौर ऊर्जा पर 

📌 महत्वपूर्ण सूचना: इस प्रश्न को बोर्ड द्वारा 'डिलीट' या अमान्य घोषित किया गया है। 

अंता विद्युत परियोजना किस जिले में स्थित है ? 

[स्कूल व्याख्याता (कोच) 11.04.2015]

  • कोटा 

  • झालावाड़

  • चित्तौड़गढ़

  • बारां 

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान में गैस आधारित विद्युत उत्पादन हेतु अंता ताप बिजलीघर स्थापित किया गया।
👉 इसकी प्रथम इकाई 21 जनवरी, 1989 को प्रारम्भ हुई।
👉 इसकी कुल स्थापित क्षमता 413 मेगावाट है।
👉 यह परियोजना बारां जिले में स्थित है।

✍️ सही उत्तर है – बारां 

निम्न में से कौन सा युग्म गलत है ? 

सहायक आचार्य [30.05.2019]

  • पेट्रोल  -  भाग्य शक्ति (बाड़मेर) 

  • कोयला  - पलाना (बीकानेर) 

  • पेट्रोल  - घोटारू (जैसलमेर) 

  • कोयला  - बरसिंगसर (बाड़मेर) 

🔹 व्याख्या:

👉 भाग्य-शक्ति (बाड़मेर) पेट्रोलियम क्षेत्र है।
👉 पलाना (बीकानेर) लिग्नाइट (कोयला) क्षेत्र है।
👉 घोटारू (जैसलमेर) में गैस/पेट्रोलियम की सम्भावना बताई गई है।
👉 बरसिंगसर वास्तव में बीकानेर जिले का लिग्नाइट (कोयला) क्षेत्र है, न कि बाड़मेर का।

✍️ सही उत्तर है – कोयला – बरसिंगसर (बाड़मेर) 

राजस्थान के निम्नलिखित स्थानों पर विचार कीजिए :

A. देवगढ़
B.
सोढा, जैसलमेर
C.
भाड़ला
D.
फतेहगढ़

उपर्युक्त में से कितने स्थान / स्थानों पर सोलर पार्क है/हैं ?

कूट :

[Asst. Prof. (Paper -III) 07.12.2025]

  • A और D

  • A और C

  • C और D

  • B और D

🔹 व्याख्या

👉 भाड़ला में प्रमुख सोलर पार्क स्थित है।
👉
फतेहगढ़ में भी सोलर पार्क विकसित है।
👉
देवगढ़, सोढा में सोलर पार्क नहीं हैं।

✍️ सही उत्तर है – C और D

निम्नलिखित को सुमेलित कीजिये तथा नीचे दिये गये कूटों में से सही उत्तर चुनिये- 

सौर ऊर्जा प्लांट       अवस्थिति (जिला) 

A खींवसर प्लांट     i जैसलमेर 

B धूनिया प्लांट        ii नागौर 

C अगोरिया प्लांट   iii जोधपुर 

D मोकला प्लांट      iv बाडमेर  

[ATO परीक्षा 27.07.2021] 

कूट -

      A      B     C     D

  • i     ii     iii     iv 

  • ii     iii     iv      i 

  • ii     iii     i       iv 

  • iii     ii     iv      i 

🔹 व्याख्या:

👉 खींवसर सोलर एनर्जी प्लांट – नागौर जिले में है।
👉 धूनिया सोलर एनर्जी प्लांट – जोधपुर जिले में है।
👉 अगोरिया सोलर पावर प्रोजेक्ट – बाड़मेर जिले में है।
👉 मोकला सोलर एनर्जी प्रोजेक्ट – जैसलमेर जिले में है।

✍️ सही उत्तर है – A-(ii), B-(iii), C-(iv), D-(i) 

सूची-I को सूची-II से सुमेलित कीजिए तथा नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर चुनिए [*]

सूची-I (ऊर्जा)     सूची-II (स्थान) 

(A) प्राकृतिक गैस  (i) बड़ा बाग 

(B) पवन             (ii) भेरू खेड़ा 

(C) सौर ऊर्जा      (iii) रामगढ़

(D) परमाणु (आणविक)ऊर्जा (iv) रावतभाटा

[सहायक कृषि अधिकारी 28.05.2022]

  • A - (i), B - (ii), C - (iii), D - (iv) 

  • A- (iii), B - (ii) C - (i), D - (iv) 

  • A - (ii), B - (iii), C - (i), D - (iv) 

  • A-(i), B- (iii); C - (ii), D - (iv) 

📌 महत्वपूर्ण सूचना: इस प्रश्न को बोर्ड द्वारा 'डिलीट' या अमान्य घोषित किया गया है।  

कवई विद्युत परियोजना सम्बन्धित है : 

[ACF परीक्षा 2011]

  • कोटा जिले से 

  • बाड़मेर जिले से 

  • बाँसवाड़ा जिले से 

  • बाँरा जिले से 

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान में कई तापीय विद्युत परियोजनाएँ स्वीकृत की गई हैं।
👉 इनमें कवई तापीय विद्युत परियोजना भी शामिल है।
👉 इस परियोजना की क्षमता 1200 मेगावाट निर्धारित की गई है।
👉 यह परियोजना बारां जिले में स्थापित की गई है।

✍️ सही उत्तर है – बाँरा जिले से 

बड़ाबाग (जैसलमेर) तथा देवगढ़ (चित्तौड़गढ़) में है 

[Food Safety Officer 27.06.2023]

  • बायोगैस ऊर्जा परियोजना 

  • पवन ऊर्जा परियोजना 

  • सौर ऊर्जा परियोजना 

  • पवन तथा सौर ऊर्जा परियोजना 

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान में पवन ऊर्जा के लिए कई स्थल चिन्हित किए गए हैं।
👉 बड़ाबाग (जैसलमेर) में पवन ऊर्जा आधारित संयंत्र स्थापित किया गया है।
👉 देवगढ़ (प्रतापगढ़/चित्तौड़गढ़ क्षेत्र) में भी पवन ऊर्जा परियोजना कार्यरत है।
👉 दोनों ही स्थान पवन ऊर्जा परियोजनाओं से जुड़े हुए हैं।

✍️ सही उत्तर है – पवन ऊर्जा परियोजना 

राजस्थान के किस जिले में 'देवगढ़ पवन ऊर्जा परियोजना स्थित है ? 

[स्कूल व्याख्याता 15.11.2022]

  • बांसवाड़ा 

  • जयपुर 

  • कोटा 

  • प्रतापगढ़ 

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान की दूसरी पवन ऊर्जा परियोजना देवगढ़ पवन ऊर्जा परियोजना है।
👉 यह परियोजना प्रतापगढ़ जिले में स्थापित की गई है।
👉 इसका शुभारम्भ 6 मार्च, 2004 को किया गया था।
👉 यह गैर-परम्परागत ऊर्जा स्रोतों में से एक महत्वपूर्ण योजना है।

✍️ सही उत्तर है – प्रतापगढ़

वह गाँव जहाँ अडानी पॉवर राजस्थान लिमिटेड इकाई स्थापित है

[स्कूल व्याख्याता 04.08.2020]

  • थुम्बली (बाड़मेर)

  • माही (बाँसवाड़ा)

  • अन्ता (बारां) 

  • कवाई (बारां) 

🔹 व्याख्या:

👉 कवाई थर्मल पावर स्टेशन राजस्थान का एक प्रमुख तापीय बिजलीघर है।
👉 यह बारां जिले के कवाई गाँव में स्थित है।
👉 इसकी कुल क्षमता 1,320 मेगावाट (2×660 मेगावाट) है।
👉 यह एक कोयला-आधारित थर्मल पावर प्लांट है।

✍️ सही उत्तर है – कवाई (बारां)  

राजस्थान ऊर्जा विकास निगम लिमिटेड के बारे में कौन सा तथ्य सही नहीं है ? 

[खाध्य सुरक्षा अधिकारी 25.11.2019]

  • यह ऊर्जा क्रय-विक्रय व्यवसाय के लिए बनाया गया । 

  • यह वितरण निगमों, प्रसारण निगम एवं उत्पादन निगम की सूत्रधारी कम्पनी है

  • मंत्रिमण्डल निर्णय के पश्चात् यह 2015 में गठित की गई । 

  • इसे कम्पनीज एक्ट, 2013 के अन्तर्गत समामेलित किया गया । 

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान ऊर्जा विकास निगम लिमिटेड (RUVNL): वर्ष 2015 में स्थापित। यह तीनों Discoms की ओर से बिजली खरीद-बिक्री (Power Trading) का कार्य करती है। राजस्थान नवीकरणीय ऊर्जा निगम लिमिटेड (RRECL): नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं एवं ग्रीन हाइड्रोजन के लिए नोडल एजेंसी के रूप में कार्यरत।

राजस्थान की एकीकृत स्वच्छ ऊर्जा नीति 2024 के अन्तर्गत राजस्थान में 2030 तक ग्रीन हाइड्रोजन के उत्पादन का क्या लक्ष्य रखा गया है ?  

[Deputy Jailor Exam 13.07.2025]

  • 2500 किलो टन प्रति वर्ष

  • 1500 किलो टन प्रति वर्ष

  • 3000 किलो टन प्रति वर्ष 

  • 2000 किलो टन प्रति वर्ष 

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान ने हरित हाइड्रोजन क्षेत्र में बड़ा लक्ष्य तय किया है।
👉 राज्य का लक्ष्य वर्ष 2030 तक 2,000 किलोटन प्रतिवर्ष उत्पादन करना है।
👉 यह भारत के 50 लाख टन राष्ट्रीय लक्ष्य का लगभग 40% है।
👉 वर्तमान में भारत हर साल 20 लाख टन से अधिक अमोनिया आयात करता है।
👉 राजस्थान से उत्पादित हरित हाइड्रोजन व्युत्पन्न इस आयात की भरपाई कर सकते हैं।

✍️ सही उत्तर है – 2,000 किलोटन प्रतिवर्ष