निम्नलिखित में से कौन सा एक सुमेलित नहीं है ?

सहायक आचार्य [22.09.2021]

      पशु          -    नस्ल 

  • भैंस       - महसाना 

  • ऊँट      - नाचना

  • भेड़       - खेरी 

  • बकरी     - नाली 

🔹 व्याख्या:

👉 ऊँट – नाचना : यह सुमेलित सही है, नाचना ऊँट की नस्ल है।
👉 भेड़ – खेरी : यह भी सही है, खेरी भेड़ की नस्ल है।
👉 भैंस – महसाना : महसाना भैंस की नस्ल है, यह भी सही है।
👉 बकरी – नाली : यह गलत है, क्योंकि नाली भेड़ की नस्ल है, न कि बकरी की।

✍️ सही उत्तर है – बकरी – नाली 

राष्ट्रीय ऊँट अनुसंधान केन्द्र अवस्थित है 

[वरिष्ठ अध्यापक (स्थगित) 22.12.2022]

  • जैसलमेर में 

  • बीकानेर में 

  • बाड़मेर में 

  • जोधपुर में 

🔹 व्याख्या:

👉 राष्ट्रीय ऊँट अनुसंधान केन्द्र राजस्थान के बीकानेर में स्थित है।
👉 यह केंद्र भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के अधीन एक स्वायत्त संस्थान है।
👉 इसका उद्देश्य ऊँटों पर अनुसंधान, संरक्षण और विकास करना है। 

मगरा, जिसे पहले बीकानेरी के नाम से जाना जाता था; जिसे बीकानेरी चोखला और चकरी के नाम से भी जाना जाता है, नस्ल है - 

[Deputy Jailor Exam 13.07.2025]

  • भेड़ की 

  • गाय की 

  • बकरी की 

  • भैंस की 

🔹 व्याख्या:

👉 मगरा नस्ल भेड़ की एक प्रमुख नस्ल है।
👉 इसे पहले बीकानेरी कहा जाता था।
👉 इसे बीकानेरी चोखला और चकरी नाम से भी जाना जाता है।
👉 यह नस्ल मुख्य रूप से बीकानेर, नागौर, जैसलमेर और चुरू जिलों में पाई जाती है।

✍️ सही उत्तर है – भेड़ की 

निम्न में से किस समूह में नस्लों का समूह भिन्न है ?

[कृषि अधिकारी 20.04.2025]

  • बारबरी - बकरी

  • भदावरी भैंस

  • मिनोर्का – सूअर

  • सोनाड़ी - भेड़

🔹 व्याख्या:

👉 दिए गए विकल्पों में अधिकांश नस्लें मुर्गीपालन या अन्य पशुधन से संबंधित हैं।
👉 मिनोर्का वास्तव में मुर्गी की नस्ल है, न कि सूअर की।
👉 इसलिए यह समूह भिन्न है।

✍️ सही उत्तर है – मिनोर्का – सूअर 

निम्नलिखित में से कौन सा सुमेलित नहीं है ?

 ऊँट की नस्लें          क्षेत्र

[स्कूल व्याख्याता GK (B) 26.06.2025]

  • गोमठ   -        जोधपुर और नागौर

  • कुटची    -      गंगानगर और हनुमानगढ़

  • नाचना   -        जैसलमेर

  • केरुपाल -        बीकानेर और चुरू

 

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान में ऊँट की कई नस्लें पाई जाती हैं।
👉 प्रमुख नस्लें हैं – बीकानेरी, जोधपुरी, नचना, जैसलमेरी, कच्छी, जालोरी, मेवाड़ी, गोमत, गुरह, खेरुपल और अलवाड़ी।

✍️ सही उत्तर है = कुटची - गंगानगर और हनुमानगढ़

निम्नलिखित में से कौन सी एक राजस्थान में भेड़ की नस्ल नहीं है ? 

[AEN Pre. 2013]

  • मालवी 

  • मालपुरा 

  • मगरा 

  • नाली 

🔹 व्याख्या:

👉 नाली, मगरा और मालपुरा — ये सभी राजस्थान की भेड़ नस्लें हैं।
👉 जबकि मालवी नस्ल का संबंध गौवंश (गाय-बैल) से है।
👉 मालवी नस्ल मुख्यतः झालावाड़, कोटा, उदयपुर आदि जिलों में पाई जाती है।
👉 अतः मालवी भेड़ की नस्ल नहीं है।

✍️ सही उत्तर है – मालवी 

मार्च 2023 में जन्मी, भारत की प्रथम क्लोनित गाय "गंगा" किस नस्ल की है ?  

[RAS Pre परीक्षा 02.02.2025]

  • नागौरी

  • थारपारकर 

  • साहिवाल 

  • गिर

🔹 व्याख्या:

👉 राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान (NDRI) द्वारा भारत की पहली क्लोनित गाय "गंगा" मार्च 2023 में जन्मी, जो गिर नस्ल की है।

निम्न कथनों पर विचार कीजिए तथा नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर का चयन कीजिए :

A. राजस्थान में प्रति व्यक्ति दुग्ध उपलब्धता राष्ट्रीय औसत से अधिक है । 

B. राजस्थान में ऑपरेशन फ्लड-I का प्रारंभ 1970 में हुआ । 

C. राजस्थान में डेयरी विकास के लिए 'राजस्थान सहकारी डेयरी फेडरेशन' शीर्ष निकाय है । 

[पशु चिकित्सा अधिकारी 02.08.2020]

कूट : 

  • केवल A तथा C सही हैं । 

  • सभी सही हैं । 

  • केवल B तथा C सही हैं । 

  • केवल A तथा B सही हैं  

🔹 व्याख्या:

👉 A कथन सही है – राजस्थान में प्रति व्यक्ति दुग्ध उपलब्धता राष्ट्रीय औसत से अधिक है।
👉 B कथन सही है – राजस्थान में ऑपरेशन फ्लड-I की शुरुआत 1970 में हुई थी।
👉 C कथन सही है – राज्य में डेयरी विकास के लिए राजस्थान सहकारी डेयरी फेडरेशन (RCDF) एक शीर्ष निकाय है। 

कॉकरेज महत्त्वपूर्ण नस्ल है : 

[AEN Pre. 2013]

  • भेड की 

  • भैंस की 

  • गोधन की 

  • बकरी की

🔹 व्याख्या:

👉 काँकरेज एक महत्त्वपूर्ण गौवंश (गोधन) नस्ल है।
👉 यह मुख्यतः बाड़मेर, पाली, जालौर के क्षेत्रों में पाई जाती है।
👉 इसके बैल तेज चलने और बोझा ढोने में सक्षम होते हैं।

✍️ सही उत्तर है – गोधन की 

राजस्थान में पिछली पशुधन गणना सम्पन्न हुई ?  

वरिष्ठ अध्यापक 2010 पेपर -I GK (ENG)

  • 2003 में 

  • 2005 में 

  • 2007 में 

  • 2001 में

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान में 17वीं पशुगणना वर्ष 2003 में आयोजित की गई थी,
👉 इसके बाद 18वीं पशुगणना वर्ष 2007 में की गई थी।

✍️ सही उत्तर है – 2007 में

'पुगल' जिस पशु की नस्ल है, वह है 

[LDC (RPSC) 23.10.2016]

  • गाय 

  • बकरी 

  • ऊँट 

  • भेड़ 

🔹 व्याख्या:

👉 पुगल नस्ल की गणना राजस्थान की भेड़ों में होती है।
👉 यह नस्ल मुख्यतः बीकानेर और जैसलमेर जिलों में पाई जाती है।
👉 इसकी ऊन सफेद और मध्यम किस्म की होती है तथा प्रति वर्ष 1 से 2 किग्रा ऊन देती है।
👉 यह ऊन कालीन निर्माण हेतु उपयुक्त मानी जाती है।

✍️ सही उत्तर है – भेड़ 

पशुपालन की दृष्टि से राजस्थान का अग्रणी जिला है :  

[Research Assistant 24.08.2017]

  • जयपुर  

  • जैसलमेर  

  • बाड़मेर  

  • कोटा    

🔹 व्याख्या:

👉 पशुओं की संख्या की दृष्टि से बाड़मेर, जैसलमेर, जोधपुर, नागौर आदि जिले अग्रणी हैं।
👉 इनमें से बाड़मेर जिले में पशुओं की संख्या 20 लाख से अधिक है, साथ ही बकरी, ऊँट और भेड़ पालन में यह प्रमुख है।
👉 जिले की भौगोलिक परिस्थिति पशुपालन के लिए अनुकूल है और यहाँ मल्लीनाथ पशु मेला भी आयोजित होता है।

✍️ सही उत्तर है – बाड़मेर 

राजस्थान के किस जिले में राज्य सरकार सर्वाधिक पशु मेलों का आयोजन करती है-  

वरिष्ठ अध्यापक 2010 पेपर -I GK (उर्दू)

  • अजमेर 

  • बीकानेर

  • नागौर 

  • बाड़मेर

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान में सर्वाधिक पशु मेलों का आयोजन राज्य सरकार द्वारा नागौर जिले में किया जाता है।
👉 नागौर जिला पशु मेलों के लिए प्रसिद्ध है, जहाँ अनेक बड़े पशु मेले आयोजित होते हैं।
👉 इनमें प्रमुख है वीर तेजाजी पशु मेला, जो परबतसर (नागौर) में वीर तेजाजी महाराज की स्मृति में आयोजित होता है। 

थारपारकर नस्ल के गौवंश का उत्पत्ति स्थल माना जाता है 

[पशु चिकित्सा अधिकारी 02.08.2020]

  • हरियाणा 

  • दरीबा 

  • मालाणी 

  • गंगानगर 

🔹 व्याख्या:

👉 थारपारकर नस्ल का उत्पत्ति स्थल मालाणी (बाड़मेर) क्षेत्र माना जाता है।
👉 यह नस्ल दूध देने में सक्षम होती है और इसके बैल परिश्रमी होते हैं।
👉 थारपारकर गायें 10–12 किग्रा तक दूध प्रतिदिन देती हैं।
👉 इस नस्ल का विस्तार बालोतरा, जोधपुर, जैसलमेर तक है।

✍️ सही उत्तर है – मालाणी 

राजस्थान में इनमें से कौन-सी एक भेड़ की नस्ल पाई जाती है ? 

[स्टेनोग्राफर (RPSC) 2011]

  • चौकला 

  • नागौरी 

  • मुर्रा 

  • राठी 

🔹 व्याख्या:

👉 चौकला राजस्थान की एक प्रमुख भेड़ नस्ल है, जो मुख्यतः चूरू, सीकर, झुंझुनूं, नागौर आदि जिलों में पाई जाती है।
👉 नागौरी और राठी गौवंश की नस्लें हैं, जबकि मुर्रा भैंस की नस्ल है।
👉 चौकला नस्ल से औसतन 1.4 से 2.3 किलोग्राम ऊन प्राप्त होती है।
👉 इसे छापर एवं शेखावाटी नस्ल भी कहा जाता है।

✍️ सही उत्तर है – चौकला 

कौन सा कथन सही नहीं है ? 

[वरिष्ठ अध्यापक 29.01.2023]

  • सिरोही, जालौर और पाली जिले काँकरेज पशुधन प्रदेश के भाग हैं 

  • रथ प्रदेश में गौवंश प्रमुख पशुधन है। 

  • नागौर पशुधन प्रदेश बैलों के लिए प्रसिद्ध है ।

  • मध्य राजस्थान मालवी पशुधन प्रदेश में सम्मिलित है। 

🔹 व्याख्या:

👉 रथ प्रदेश पूर्वी राजस्थान में स्थित है, और यहाँ रथ नस्ल का गौवंश प्रमुख है – यह कथन सही है।
👉 मध्य राजस्थान 'मालवी क्षेत्र' का हिस्सा नहीं बल्कि यह दक्षिणी एवं दक्षिण-पूर्वी राजस्थान को दर्शाता है – अतः यह कथन गलत है।
👉 सिरोही, जालौर और पाली जिले काँकरेज क्षेत्र में आते हैं – यह कथन सही है।
👉 नागौर पशुधन प्रदेश नागौरी बैलों के लिए प्रसिद्ध है – यह कथन भी सही है।

✍️ सही उत्तर है – मध्य राजस्थान मालवी पशुधन प्रदेश में सम्मिलित है। 

राष्ट्रीय उष्ट्र अनुसंधान केन्द्र स्थित है : 

[RAS Pre. 01.10.2023]

  • बीकानेर 

  • अजमेर

  • अविकानगर 

  • जोधपुर 

🔹 व्याख्या:

👉 राष्ट्रीय उष्ट्र अनुसंधान केन्द्र का नाम है National Research Centre on Camel (NRCC)।
👉 यह केन्द्र बीकानेर में स्थित है और ऊँटों के प्रजनन, नस्ल सुधार और अनुसंधान का कार्य करता है।

✍️ सही उत्तर है – बीकानेर 

वर्ष 2021-22 में भैंसों के दुग्ध उत्पादन मात्रा में राजस्थान की श्रेणी पूरे भारत के राज्यों में कौन सी है ?

  • तृतीय

  • चतुर्थ

  • द्वितीय

  • प्रथम

🔹 व्याख्या:

👉 वर्ष 2021-22 में राजस्थान का भैंसों के दुग्ध उत्पादन में महत्वपूर्ण योगदान रहा।
👉 भैंस दुग्ध उत्पादन की दृष्टि से राजस्थान का स्थान पूरे भारत में द्वितीय है।

✍️ सही उत्तर है – द्वितीय

राजस्थान में कौन सी भेड़ की नस्ल नहीं है ? 

सहायक आचार्य [24.04.2016]

  • मालपुरी 

  • मालवी 

  • नाली 

  • सोनारी 

🔹 व्याख्या:

👉 मालवी एक गाय की नस्ल है, जो मुख्यतः झालावाड़, कोटा, बारां आदि जिलों में पाई जाती है।
👉 जबकि नाली, मालपुरी और सोनाड़ी — ये सभी भेड़ की नस्लें हैं, जो राजस्थान के विभिन्न क्षेत्रों में पाई जाती हैं।

✍️ सही उत्तर है – मालवी 

कौन सा सुमेलित नहीं है ? 

[हॉस्पिटल केयर टेकर 10.02.2023]

        पशुधन    -  नस्ल

  • गौवंश       -  मेवाती 

  • भेड़          -  लोही

  • ऊँट          -  नाचना

  • बकरियाँ    -  बड़वारी

मुर्गियों में रानीखेत बीमारी किसके द्वारा होती है ?

[कृषि अधिकारी 20.04.2025]

  • प्रोटोजोआ

  • जीवाणु

  • विषाणु

  • परजीवी कारक

🔹 व्याख्या:

👉 मुर्गियों में रानीखेत बीमारी एक संक्रामक रोग है।
👉 यह बीमारी विषाणु (Virus) से होती है।

✍️ सही उत्तर है – विषाणु

19वीं पशुधन गणना (2012) से 20वीं पशुधन गणना (2019) में राजस्थान में पशुधन की कुल संख्या में परिवर्तन है 

[वरिष्ठ अध्यापक 29.01.2023]

  • 1.66% की कमी 

  • 2.66% की कमी 

  • 1.66% की वृद्धि 

  • 4.2% की वृद्धि 

🔹 व्याख्या:

👉 2012 में राजस्थान में कुल पशुधन की संख्या 57.7 मिलियन थी,
👉 जबकि 2019 में यह संख्या घटकर 56.8 मिलियन हो गई।
👉 इस प्रकार, पशुधन की कुल संख्या में 1.66% की कमी दर्ज की गई। 

✍️ सही उत्तर है – 1.66% की कमी 

निम्न में से कौन सी राजस्थान की बकरी की प्रसिद्ध नस्ल है ? 

[ACF 18.02.2021]

  • नागौरी 

  • कांकरेज 

  • चौकला 

  • जखराना 

🔹 व्याख्या:

👉 जखराना राजस्थान की प्रसिद्ध बकरी नस्ल है, जो दुग्ध उत्पादन के लिए जानी जाती है।
👉 नागौरी और कांकरेज गौवंश की नस्लें हैं, जबकि चौकला भेड़ की नस्ल है।
👉 जखराना नस्ल की बकरी साधारण चारे पर भी जीवित रह सकती है और शुष्क क्षेत्रों में पाली जाती है।
👉 राज्य में अन्य प्रमुख बकरी नस्लों में सिरोही, जमनापुरी, लोही भी शामिल हैं।

✍️ सही उत्तर है – जखराना 

पशु - गणना-2019 के अनुसार, राजस्थान की कुल पशुधन जनसंख्या है -

[स्कूल व्याख्याता 17.10.2022]

  • 768.01 लाख 

  • 468.01 लाख 

  • 668.01 लाख 

  • 568.01 लाख 

🔹 व्याख्या:

👉 पशुगणना 2019 के अनुसार राजस्थान में कुल पशुधन की संख्या 568.01 लाख दर्ज की गई थी।
👉 यह संख्या 2012 की पशुगणना (577.32 लाख) से थोड़ी कम है, जिसमें लगभग 1.66% की कमी आई।
👉 राजस्थान पशुधन संख्या के मामले में देश में दूसरे स्थान पर रहा।

✍️ सही उत्तर है – 568.01 लाख 

नाली नस्ल हैं 

[स्कूल व्याख्याता 21.10.2022]

  • ऊंट की 

  • घोड़े की 

  • गौवंश की 

  • भेड़ की 

🔹 व्याख्या:

👉 नाली राजस्थान की एक प्रसिद्ध भेड़ की नस्ल है।
👉 यह मुख्यतः गंगानगर, चूरू और झुंझुनूं जिलों में पाई जाती है।
👉 इस नस्ल की ऊन सफेद, मोटी और लम्बे रेशे वाली होती है।

✍️ सही उत्तर है – भेड़ की 

भेड़ों की 'खेरी' नस्ल पाई जाती है -

[व्याख्याता (आयुर्वेद) 13.11.2021]

  • अलवर, भरतपुर और दौसा जिलों में

  • कोटा, बारां और बूंदी जिलों में 

  • जोधपुर, पाली और नागौर जिलों में

  • जैसलमेर, बीकानेर और गंगानगर जिलों में 

🔹 व्याख्या:

👉 खेरी नस्ल की भेड़ें जोधपुर, नागौर और पाली जिलों के घुमक्कड़ रेवड़ों में पाई जाती हैं।
👉 इनकी ऊन सफेद और मध्यम किस्म के गलीचों के लिए उपयुक्त होती है।
👉 इनसे औसतन 1 से 1.4 किलोग्राम ऊन प्रतिवर्ष प्राप्त होता है।

✍️ सही उत्तर है – जोधपुर, पाली और नागौर जिलों में 

मल्लीनाथ पशु मेला आयोजित होता है - 

[पशु चिकित्सा अधिकारी 02.08.2020]

  • परबतसर में

  • तिलवाड़ा में 

  • सवाई माधोपुर में 

  • झालरापाटन में 

🔹 व्याख्या:

👉 मल्लीनाथ पशु मेला तिलवाड़ा, बाड़मेर में आयोजित किया जाता है।
👉 यह मेला बाड़मेर जिले में होने वाले प्रमुख पशु मेलों में से एक है।

✍️ सही उत्तर है – तिलवाड़ा में 

पशुगणना 2012 की तुलना में 20वीं पशुगणना 2019 (राजस्थान) में किस पशुधन की नकारात्मक वृद्धि दर नहीं रही ?

[Lecturer (Ayurved) 12.01.2026]

  • गौवंश

  • भेड़

  • सूअर

  • बकरी

🔹 व्याख्या

👉 20वीं पशुगणना (2019) के अनुसार राजस्थान में गौवंश की संख्या में वृद्धि दर्ज की गई है।

👉 भेड़, सूअर और बकरी तीनों पशुओं की संख्या में पिछली गणना की तुलना में कमी आई है।

👉 राजस्थान में गौवंश की संख्या में लगभग 4.41% की सकारात्मक वृद्धि देखी गई है।

👉 अन्य पशुओं जैसे गधा और ऊँट की संख्या में भारी गिरावट (नकारात्मक वृद्धि) हुई है।

✍️ सही उत्तर है – गौवंश

पशुगणना - 2019 के अनुसार, राजस्थान में पशुओं की कुल जनसंख्या थी 

[व्याख्याता (आयुर्वेद) 13.11.2021]

  • 68.8 मिलियन

  •  56.8 मिलियन 

  •  67.8 मिलियन

  •  57.7 मिलियन 

🔹 व्याख्या:

👉 2019 की 20वीं पशुगणना के अनुसार, राजस्थान में कुल पशुओं की संख्या 56.8 मिलियन थी।
👉 यह संख्या 2012 की 57.7 मिलियन से कम है, जिससे 1.66% की कमी दर्ज की गई।
👉 इस आधार पर राजस्थान भारत में कुल पशुधन की दृष्टि से दूसरे स्थान पर रहा।
👉 इसमें गौवंश, भैंस, भेड़, बकरी, ऊँट आदि सभी पशु शामिल हैं।

✍️ सही उत्तर है – 56.8 मिलियन 

राजस्थान में 2019 की 20वीं पशुधन गुणना के अनुसार, सर्वाधिक भेड़ें पाई जाती हैं - 

[स्कूल व्याख्याता 15.10.2022]

  • अलवर में 

  • बीकानेर में 

  • बाड़मेर में 

  • गंगानगर में 

🔹 व्याख्या:

👉 2019 की 20वीं पशुगणना के अनुसार राजस्थान में सर्वाधिक भेड़ों की संख्या बाड़मेर जिले में पाई गई।
👉 इसके बाद जैसलमेर, बीकानेर और जोधपुर प्रमुख भेड़ पालक जिले हैं।
👉 बाड़मेर में यह संख्या 14 लाख से अधिक थी।

✍️ सही उत्तर है – बाड़मेर में 

सूची-I को सूची - II से सुमेलित कीजिए तथा नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर का चयन कीजिए: 

सूची - I (नस्ल)  सूची -II (पशु) 

i. सूरती           a. बकरी 

ii. मगरा          b. भेड़

iii. बरबरी       c. गोवंश

iv. मालवी      d. भैंस 

सहायक आचार्य [ 07.01.2024] 

कूट : 

            i ii iii iv 

  • c b a d 

  • d b a c 

  • b d a c 

  • d b c a 

🔹 व्याख्या:

👉 i. सूरती – भैंस (d) : सूरती एक प्रसिद्ध दूध देने वाली भैंस की नस्ल है।
👉 ii. मगरा – भेड़ (b) : मगरा राजस्थान की प्रमुख ऊन देने वाली भेड़ है।
👉 iii. बरबरी – बकरी (a) : बरबरी एक प्रसिद्ध बकरी की नस्ल है।
👉 iv. मालवी – गोवंश (c) : मालवी गाय की नस्ल है जो भारवाही कार्यों में उपयोगी होती है।

✍️ सही उत्तर है – i–d, ii–b, iii–a, iv–c 

चोकला, मगरा, पूगल किस पशु के प्रकार हैं ? 

[LDC (RPSC) 2011]

  • बकरी 

  • ऊँट 

  • भेड़ 

  • गाय-बैल

🔹 व्याख्या:

👉 चोकला, मगरा और पूगल — ये सभी राजस्थान की भेड़ों की नस्लें हैं।
👉 चोकला मुख्यतः चूरू, सीकर, बीकानेर, मगरा बीकानेर, नागौर, और पूगल बीकानेर व जैसलमेर में पाई जाती है।
👉 इन नस्लों से प्राप्त ऊन कालीन व कम्बल निर्माण में उपयोगी होती है।
👉 इनका पालन शुष्क और अर्द्ध-शुष्क क्षेत्रों में अधिक होता है।

✍️ सही उत्तर है – भेड़ 

कौन सा सुमेलित नहीं है ? 

[वरिष्ठ अध्यापक Spl Edu 03.07.2019]

      पशु  - नस्ल 

  • भेड़  -  जैसलमेरी 

  • गौवंश -  नाली 

  • भैंस  -  भदावरी 

  • बकरी  - बड़वारी 

🔹 व्याख्या:

👉 बड़वारी बकरी की एक नस्ल है, यह सुमेलित है।
👉 नाली भेड़ की नस्ल है, ना कि गौवंश की – अतः यह ग़लत सुमेलित है।
👉 जैसलमेरी भेड़ की नस्ल है, यह सुमेलित है।
👉 भदावरी भैंस की नस्ल है, यह भी सुमेलित है।

✍️ सही उत्तर है – गौवंश - नाली 

ऑपरेशन फ्लड के सूत्रधार है-  

वरिष्ठ अध्यापक 2010 पेपर -I GK (गणित)

  • डॉ. वर्गीज कुरियन

  • डॉ. आर. एल. सिंह

  • डॉ. एस. बी. चौधरी 

  • डॉ. रंधावा 

🔹 व्याख्या:

👉 ऑपरेशन फ्लड के सूत्रधार डॉ. वर्गीज कुरियन हैं, जिन्हें "श्वेत क्रांति के जनक" भी कहा जाता है।
👉 वर्ष 1970 में राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (NDDB) के माध्यम से उन्होंने इस कार्यक्रम की शुरुआत की।
👉 इसका उद्देश्य था भारत को दुग्ध उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाना और ग्रामीण दूध उत्पादकों की आय बढ़ाना।
👉 इस कार्यक्रम से भारत विश्व का सबसे बड़ा दुग्ध उत्पादक देश बना। 

वित्तीय वर्ष 2024-25 में राजस्थान को-ऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन और उससे सम्बद्ध जिला दुग्ध संघों ने गत वित्तीय वर्ष की तुलना में टर्नओवर में कितने प्रतिशत वृद्धि की है ?  

[Research Assistant 10.07.2025]

  • 15.4 प्रतिशत 

  • 18.4 प्रतिशत 

  • 24.4 प्रतिशत 

  • 5.4 प्रतिशतं 

🔹 व्याख्या:

👉 वित्तीय वर्ष 2024-25 में राजस्थान को-ऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन और उससे जुड़े जिला दुग्ध संघों का टर्नओवर बढ़ा।
👉 गत वर्ष की तुलना में इसमें 15.4% वृद्धि हुई है।

✍️ सही उत्तर है – 15.4 प्रतिशत 

2019 के पशुधन गणना के अनुसार, निम्नलिखित में से किस जिला समूह में भैंसों की संख्या सर्वाधिक थी ?  

[Deputy Jailor Exam 13.07.2025]

  • जयपुर, अलवर, भरतपुर 

  • भरतपुर, टोंक, नागौर 

  • अलवर, अजमेर, भीलवाडा 

  • जयपुर, दौसा, करौली 

🔹 व्याख्या:

👉 2019 की पशुधन गणना के अनुसार राजस्थान में भैंसों की संख्या का आकलन किया गया।
👉 सर्वाधिक भैंसों वाले जिले हैं – जयपुर, अलवर और भरतपुर।

✍️ सही उत्तर है – जयपुर, अलवर, भरतपुर 

निम्नलिखित को सुमेलित कीजिये तथा नीचे दिये गये कूट में से सही उत्तर का चुनाव कीजिये - 

सूची-I (गौवंश नस्ल) -   सूची -II (क्षेत्र) 

(A) थारपारकर (i) बाड़मेर, पाली एवं जालौर 

(B) कांकरेज    (ii) झालावाड़, कोटा एवं उदयपुर 

(C) मालवी      (iii) अजमेर, भीलवाडा एवं पाली 

(D) गिर          (iv) बाड़मेर, जोधपुर एवं जैसलमेर

[व्याख्याता (आयुर्वेद) 12.11.2021]

कूट - 

            (A)   (B)   (C)   (D) 

  • ii     iv     i     iii 

  • iv     i      ii      iii

  • iv     i     iii     ii

  • i     iv     ii       iii

🔹 व्याख्या:

👉 थारपारकर नस्ल बाड़मेर, जोधपुर, जैसलमेर में पाई जाती है।
👉 कांकरेज नस्ल बाड़मेर, पाली और जालौर जिलों में पाई जाती है।
👉 मालवी नस्ल झालावाड़, कोटा और उदयपुर में पाई जाती है।
👉 गिर नस्ल अजमेर, भीलवाड़ा और पाली जिलों में पाई जाती है।

✍️ सही उत्तर है – A-iv, B-i, C-ii, D-iii 

सूची-I को सूची-II से सुमेलित कीजिए एवं नीचे दिए कूट से सही उत्तर का चयन कीजिए: 

   सूची-I          सूची-II 

  (पशुधन)       (नस्ल) 

A. भेड़           (i) सूरती 

B. गौवंश        (ii) नाली 

C. भैंस          (iii) बरबरी 

D. बकरी       (iv) सांचोरी 

कूट : 

          A   B   C   D 

  • (ii) (iv) (iii) (i) 

  • (ii) (iv) (i) (iii) 

  • (iv) (iii) (i) (ii) 

  • (iii) (i) (iv) (ii) 

🔹 व्याख्या:

👉 A. भेड़ – नाली (ii) : नाली राजस्थान की प्रमुख ऊन देने वाली भेड़ की नस्ल है।
👉 B. गौवंश – सांचोरी (iv) : सांचोरी नस्ल गाय की नस्ल है जो पाली, जालौर, सिरोही क्षेत्र में पाई जाती है।
👉 C. भैंस – सूरती (i) : सूरती भैंस की एक प्रसिद्ध दूध देने वाली नस्ल है।
👉 D. बकरी – बरबरी (iii) : बरबरी एक प्रसिद्ध बकरी की नस्ल है।

✍️ सही उत्तर है – A–ii, B–iv, C–i, D–iii 

चौकला नस्ल है 

[वरिष्ठ अध्यापक (स्थगित) 21.12.2022]

  • गौवंश 

  • बकरी 

  • ऊँट 

  • भेड़ 

🔹 व्याख्या:

👉 चौकला राजस्थान की एक प्रमुख भेड़ की नस्ल है, जिसे छापर एवं शेखावाटी नस्ल के नाम से भी जाना जाता है।
👉 यह नस्ल मुख्यतः चूरू, झुंझुनूं, सीकर, बीकानेर, जयपुर और नागौर जिलों में पाई जाती है।
👉 इससे प्रति वर्ष 1.4 से 2.3 किग्रा ऊन प्राप्त होती है।

✍️ सही उत्तर है – भेड़ 

राजस्थान में उन्नीसवीं पशुधन गणना किस वर्ष में की गई ?

सहायक आचार्य [24.04.2016] 

  • 2011 

  • 2012 

  • 2013 

  • 2010 

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान में उन्नीसवीं पशुधन गणना का आयोजन वर्ष 2012 में किया गया था।
👉 इससे पूर्व की गणनाएँ क्रमशः 2003 (17वीं) और 2007 (18वीं) में हुई थीं।
👉 इसके बाद बीसवीं पशुगणना 2019 में आयोजित हुई।

✍️ सही उत्तर है – 2012 

सूची-I को सूची - II से सुमेलित कीजिए तथा नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर का चयन कीजिए : 

सूची-I  (पशु) 

सूची - II  (नस्ल)

A. भेड़

1. मुर्रा 

B. गोवंश 

2. नाचना 

C. ऊँट

3. राठी 

D. भैंस 

4. नाली 

[पशु चिकित्सा अधिकारी 02.08.2020]

कूट : 

            A B C D

  • 2 3 4  1

  • 3 4 2 1

  • 4 3 1 2

  • 4 3 2 1

🔹 व्याख्या:

👉 भेड़ की नस्ल – नाली, जो मुख्यतः गंगानगर, चूरू, झुंझुनूं में पाई जाती है।
👉 गोवंश की नस्ल – राठी, जो गंगानगर, बीकानेर, जैसलमेर में पाई जाती है।
👉 ऊँट की नस्ल – नाचना, जो राजस्थान की स्थानीय ऊँट नस्ल है।
👉 भैंस की नस्ल – मुर्रा, जो राज्य की प्रमुख दूध देने वाली भैंस नस्ल है।

✍️ सही उत्तर है – A-4, B-3, C-2, D-1 

खेरी तथा लोही नस्लें हैं : 

[वरिष्ठ अध्यापक 30.07.2023]

  • क्रमशः बकरी तथा भेड़ की

  • क्रमशः भेड़ तथा ऊँट की 

  • क्रमशः भेड़ तथा बकरी की 

  • क्रमशः ऊँट तथा भेड़ की

🔹 व्याख्या:

👉 खेरी भेड़ राजस्थान की कालीन ऊन उत्पादक भेड़ है, जिसे मारवाड़ी, मालपुरा और जैसलमेरी भेड़ों के संकर रूप में माना जाता है।
👉 यह भेड़ मुख्य रूप से नागौर, जोधपुर और टोंक जिलों में बड़े पैमाने पर पाई जाती है।
👉 खेरी भेड़ उच्च गुणवत्ता की ऊन उत्पादन के लिए प्रसिद्ध है।

👉 लोही बकरी राजस्थान की सबसे प्राचीन नस्लों में से एक है।

निम्नलिखित में से कौन सी बकरी की नस्ल है ? 

[सांख्यिकी अधिकारी 25.02.2024]

  • मालवी 

  • सांचौरी

  • सिरोही 

  • कांकरेज

🔹 व्याख्या:

👉 सिरोही नस्ल का उल्लेख राजस्थान की बकरियों की प्रमुख नस्लों में किया गया है।
👉 यह नस्ल शुष्क एवं अर्द्ध-शुष्क क्षेत्रों में पाई जाती है और दूध एवं माँस दोनों के लिए उपयोगी है।
👉 शेष विकल्पों में कांकरेज और सांचौरी गौवंश हैं जबकि मालवी भी गौवंश की नस्ल है।
👉 सिरोही के साथ लोही, जमनापुरी, बारबरी जैसी नस्लें भी पाई जाती हैं।

✍️ सही उत्तर है – सिरोही 

राजस्थान में निम्नांकित नस्लों में से कौन सी एक भेड़ की नहीं है ? 

[वरिष्ठ अध्यापक (SST) 03.07.2019]

  • नाली 

  • मगरा 

  • मालपुरा

  • सिरोही 

🔹 व्याख्या:

👉 मालपुरा, नाली और मगरा — ये सभी भेड़ की नस्लें हैं।
👉 सिरोही का संबंध राजस्थान की प्रमुख बकरी नस्ल से है।
👉 सिरोही नस्ल दुग्ध उत्पादन के लिए जानी जाती है और शुष्क क्षेत्रों में पाई जाती है। 

✍️ सही उत्तर है – सिरोही 

जिस जिले में न्यूनतम भेड़ें पाई जाती हैं, वह है - 

[PTI Grade -III (RPSC) 2011]

  • बीकानेर 

  • धौलपुर 

  • जोधपुर 

  • चूरू 

🔹 व्याख्या:

👉 धौलपुर जिले में न्यूनतम भेड़ें पाई जाती हैं। 

राजस्थान ऊन मिल कहाँ स्थापित है-  

वरिष्ठ अध्यापक 2010 पेपर -I GK (हिन्दी)

  • चुरू 

  • बाड़मेर 

  • जोधपुर 

  • बीकानेर 

🔹 व्याख्या:

👉 राज्य में भेड़ पालन के साथ-साथ ऊन उद्योग का भी विकास हुआ है।
👉 बीकानेर में ऊन की नियमित मण्डी स्थापित है।
👉 विकास केन्द्र भी बीकानेर सहित कुछ अन्य जिलों में हैं, जो ऊन से संबंधित कार्यों का संचालन करते हैं।
👉 राजस्थान में ऊन से संबंधित प्रमुख गतिविधियाँ बीकानेर में केन्द्रित हैं।

✍️ सही उत्तर है – बीकानेर 

राजस्थान राज्य डेयरी विकास निगम की स्थापना निम्नलिखित में से किस वर्ष की गई थी ?

[वरिष्ठ अध्यापक 17.02.2019]

  • 1975

  • 1985 

  • 1978

  • 1972

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान राज्य डेयरी विकास निगम (RSDDC) की स्थापना 1975 में की गई थी, जिससे राज्य में डेयरी विकास कार्यक्रम शुरू हुआ।
👉 वर्ष 1977 में राजस्थान सहकारी डेयरी फेडरेशन (RCDF) की स्थापना हुई, जिसने RSDDC के कार्यों को संभालते हुए उसे बदलकर नोडल एजेंसी का रूप ले लिया।
👉 अब RCDF राज्य में डेयरी विकास योजनाओं के क्रियान्वयन की मुख्य संस्था है। 

राजस्थान में गौवंश की कौन सी नस्ल सिंधी एवं साहीवाल की मिश्र नस्ल है ? 

[वरिष्ठ अध्यापक (ग्रुप- B) 08.09.2025]

  • गिर 

  • सांचौरी 

  • मालवी 

  • राठी 

🔹 व्याख्या

👉 राठी नस्ल लाल सिंधी और साहीवाल के मिश्रण से बनी दुग्धप्रधान नस्ल है, जिसे राजस्थान की कामधेनु कहा जाता है।
👉 इसमें साहीवाल नस्ल का रक्त अनुपात अधिक पाया जाता है, जिससे इसकी दुग्ध क्षमता मजबूत होती है।
👉 यह नस्ल बीकानेर, श्रीगंगानगर, जैसलमेर और चूरू के कुछ क्षेत्रों में प्रमुख रूप से पाली जाती है।
👉 राठी गाय का रंग सामान्यतः भूरा होता है, जिस पर हल्के सफेद धब्बे दिखाई दे सकते हैं।

✍️ सही उत्तर है – राठी  

'सोनाड़ी' और 'नाली' नस्ले हैं 

सहायक आचार्य [30.05.2019]

  • बकरी की 

  •  गौवंश की 

  • भेड़ की 

  • ऊँट की 

🔹 व्याख्या:

👉 सोनाड़ी और नाली — दोनों ही राजस्थान की भेड़ की प्रमुख नस्लें हैं।
👉 सोनाड़ी नस्ल मुख्यतः उदयपुर, डूंगरपुर, चित्तौड़गढ़ में पाई जाती है।
👉 नाली नस्ल मुख्यतः गंगानगर, चूरू, झुंझुनूं में मिलती है और ऊन उत्पादन में उपयोगी है।

✍️ सही उत्तर है – भेड़ की 

सूची-I और सूची-II को सुमेलित कीजिए एवं नीचे दिये गये कूटों में से सही उत्तर का चयन कीजिए :

सूची-I (नस्लें) सूची-II (पशु)
A. मारवाड़ी i. ऊँट
B. मेवाड़ी ii. भेड़
C. मेवाती iii. गाय
D. सूरती  iv. भैंस

कूट :

        A B C D

[स्कूल व्याख्याता GK (E) 06.07.2025]

  • iv iii i ii

  • ii i iii iv

  • iii iv ii i

  • i ii iv iii

🔹 व्याख्या:

👉 मारवाड़ी – भेड़ (ii)
👉 मेवाड़ी – ऊँट (i)
👉 मेवाती – गाय (iii)
👉 सूरती – भैंस (iv)

✍️ सही उत्तर है – ii, i, iii, iv 

निम्नलिखित में से कौनसी नस्लें राजस्थानी भेड़ से संबंधित नहीं हैं ? 

[व्याख्याता (आयुर्वेद) 11.11.2021]

  • चोकला और सोनाडी 

  • मगरा और खेरी

  • पूगल और नाली

  •  मुर्रा और राठी 

🔹 व्याख्या:

👉 मुर्रा भैंस की नस्ल है और राठी गाय की नस्ल है।
👉 शेष सभी – मगरा, खेरी, चोकला, सोनाड़ी, पूगल, नाली — ये सभी राजस्थानी भेड़ों की नस्लें हैं।
👉 मुर्रा भैंस मुख्यतः दूध उत्पादन के लिए पाली जाती है और राठी गायें भी दूध उत्पादन में प्रसिद्ध हैं।

✍️ सही उत्तर है – मुर्रा और राठी 

निम्नलिखित में से कौन सी एक गोवंश नस्ल नहीं है ? 

[PTI Grade -II (RPSC) 30.04.2023]

  • गिर

  • थारपारकर 

  • मेंवाती 

  • जमनापुरी 

🔹 व्याख्या:

👉 आपकी सामग्री के अनुसार गिर, मेंवाती और थारपारकर — ये सभी गोवंश की प्रमुख नस्लें हैं।
👉 जबकि जमनापुरी नस्ल का उल्लेख बकरियों की नस्ल के रूप में किया गया है।
👉 यह बकरी नस्ल मुख्यतः राजस्थान में पाली जाती है और इसका दूध उपयोगी होता है।
👉 अतः यह गोवंश नस्ल नहीं है, बल्कि बकरी नस्ल है।

✍️ सही उत्तर है – जमनापुरी 

राजस्थान राज्य के पशुपालन विभाग द्वारा गौवंश प्रजनन हेतु 'गोपाल' कार्यक्रम राज्य के दस दक्षिण - पूर्वी जिलों में किस वर्ष में आरम्भ हुआ ? 

[वरिष्ठ अध्यापक 12.02.2023]

  • 1989-90 

  • 1991-92 

  • 1990-91 

  • 1987-88 

🔹 व्याख्या:

👉 गोपाल योजना की शुरुआत 1990-91 को विश्व बैंक की सहायता से दक्षिण-पूर्व राजस्थान के 10 जिलों में की गई।
👉 इसका उद्देश्य पशुधन नस्ल सुधार के माध्यम से पशुओं की उत्पादकता बढ़ाना है।
👉 यह योजना पशुपालक किसानों को आर्थिक सहायता भी प्रदान करती है और नस्ल सुधार कार्य कराती है। 

निम्नलिखित में से 20वीं पशुगणना, 2019 के अनुसार नकारात्मक वृद्धि वाला पशुधन नहीं है ?

[Asst. Prof. (Geo -II) 17.12.2025]

  • बकरी

  • सूअर

  • ऊँट

  • गाय

🔹 व्याख्या

👉 20वीं पशुगणना (2019) में गायों की संख्या में वृद्धि दर्ज हुई।
👉
कुल गाय (Cattle) में 0.8% वृद्धि देखी गई।
👉
मादा मवेशियों में लगभग 18.0% वृद्धि हुई है।
👉
गधे, खच्चर, ऊंट आदि में नकारात्मक वृद्धि दर्ज हुई।

✍️ सही उत्तर है – गाय

सूची-I को सूची-II से सुमेलित कीजिए तथा नीचे दिए गए कूटों से सही उत्तर का चयन कीजिए :-

सूची-I (पशुधन)

सूची-II (नस्ल)

A. भेड़

I. चनोथर

B. ऊँट

II. गोमठ

C. भैंस

III. मेहसाना

D. गौवंश

IV. कांकरेज

कूट:-

[Lecturer (Ayurved) 12.01.2026]

  • A-III, B-IV, C-I, D-II

  • A-II, B-III, C-IV, D-I

  • A-IV, B-I, C-II, D-III

  • A-I, B-II, C-III, D-IV

🔹 व्याख्या

👉 चनोथर (सोनाड़ी) भेड़ की एक प्रमुख नस्ल है, जो मुख्य रूप से दक्षिणी राजस्थान में पाई जाती है।

👉 गोमठ ऊँट की एक प्रसिद्ध नस्ल है, जो अपनी तेज चाल और सवारी के लिए जानी जाती है।

👉 मेहसाना भैंस की एक उन्नत नस्ल है, जो मूलतः गुजरात सीमा से सटे क्षेत्रों में मिलती है।

👉 कांकरेज गौवंश की एक द्वि-प्रयोजनीय नस्ल है, जो सांचौर और बाड़मेर क्षेत्र में प्रसिद्ध है।

✍️ सही उत्तर है – A-I, B-II, C-III, D-IV

निम्नलिखित कथनों पर विचार करें - 

(A) राजस्थान के बाड़मेर जिले में भेड़ों की संख्या राज्य में सबसे अधिक है। 

(B) सूरती, राजस्थान में पाई जाने वाली भैंस की एक नस्ल है। 

सही विकल्प कौनसा है ? 

[वरिष्ठ अध्यापक (पेपर -I) 29.12.2024]

  • केवल (A) सही है 

  • केवल (B) सही है 

  • (A) और (B) दोनों सही हैं 

  • (A) और (B) दोनों गलत हैं 

🔹 व्याख्या:

👉 कथन (A) सही है — बाड़मेर जिले में भेड़ों की संख्या सर्वाधिक है।
👉 कथन (B) भी सही है — सूरती, राजस्थान में पाई जाने वाली भैंस की नस्ल है।

✍️ सही उत्तर है – दोनों कथन सही हैं 

बाड़मेर का 'मालाणी' क्षेत्र किस गौवंश का उत्पति क्षेत्र है?  

वरिष्ठ अध्यापक 2010 पेपर -I GK (SST)

  • काँकरेज 

  • मालवी 

  • थारपारकर

  • मेवाती

🔹 व्याख्या:

👉 बाड़मेर जिले के मालाणी क्षेत्र को एक विशेष गौवंश की उत्पत्ति भूमि माना जाता है।
👉 इस क्षेत्र से उत्पन्न थारपारकर नस्ल की गायें दूध उत्पादन में श्रेष्ठ मानी जाती हैं।
👉 इस नस्ल के बैल भी परिश्रमी होते हैं और कृषि कार्यों में उपयोगी हैं।
👉 थारपारकर नस्ल का विस्तार बाड़मेर, बालोतरा, जोधपुर और जैसलमेर में है।

✍️ सही उत्तर है – थारपारकर 

विश्व में ऊन उत्पादन के लिए भारत का ७ वाँ स्थान है, जिसकी सर्वाधिक पूर्ति किस राज्य से होती है। 

[Research Assistant 24.08.2017]

  • कर्नाटक

  • जम्मू व काश्मीर  

  • राजस्थान 

  • हरियाणा  

🔹 व्याख्या:

👉 भारत में ऊन उत्पादन में राजस्थान का योगदान सर्वाधिक है।
👉 वर्ष 2020-21 में राजस्थान का ऊन उत्पादन 156 लाख किलोग्राम था, जो देश में सबसे अधिक था।
👉 भेड़ पालन के लिए प्रमुख जिले हैं – बीकानेर, चूरू, जोधपुर, पाली, जैसलमेर आदि।
👉 राज्य में ऊन मण्डी और विकास केन्द्र भी स्थापित हैं।

✍️ सही उत्तर है – राजस्थान 

सूची-I को सूची-II से सुमेलित कीजिये तथा निम्न कूटों की सहायता से सही विकल्प का चयन कीजिये : 

 सूची-I        सूची-II

(पशुधन)      (नस्ल) 

a गौवंश          (i). बड़वारी 

b भेड़             (ii). मुर्रा 

c भैंस             (iii). मालवी 

d बकरी           (iv). नाली 

[वरिष्ठ अध्यापक (Spl Edu) 07.02.2018]

कोड:

  • a b c d - (iv) (iii) (i) (ii)

  • a b c d - (iii) (iv) (ii) (i)

  • a b c d - (ii) (i) (iii) (iv)

  • a b c d - (i) (ii) (iv) (iii)

🔹 व्याख्या:

👉 a. गौवंश – मालवी (iii) : मालवी नस्ल के बैल मजबूत होते हैं, जो कृषि कार्यों में उपयोगी हैं।
👉 b. भेड़ – नाली (iv) : नाली नस्ल की भेड़ें मुख्यतः गंगानगर, चूरू, झुंझुनूं में पाई जाती हैं।
👉 c. भैंस – मुर्रा (ii) : मुर्रा भैंस की नस्ल राजस्थान में प्रमुख रूप से पाली जाती है।
👉 d. बकरी – बड़वारी (i) : बड़वारी बकरी की एक प्रमुख नस्ल है।

✍️ सही उत्तर है – a-iii, b-iv, c-ii, d-i 

वर्ष 2020-21 में देश के कुल दुग्ध उत्पादन व ऊन उत्पादन में राजस्थान का क्रमशः क्या योगदान रहा ? 

[PTI & Librarian 03.05.2025]

  • 20.26% 40.45% 

  • 15.45% 48.25% 

  • 13.36% 52.25% 

  • 14.63% 42.45%

🔹 व्याख्या:

👉 वर्ष 2020-21 में राजस्थान का दुग्ध उत्पादन में योगदान 14.63% रहा।
👉 इसी वर्ष देश के कुल ऊन उत्पादन में राजस्थान का योगदान 42.45% था।

✍️ सही उत्तर है – दूध 14.63% और ऊन 42.45%

निम्नांकित सूची-I एवं सूची-II को सुमेलित करते हुए कूट की सहायता से सही उत्तर दीजिये -

    सूची-I                सूची-II 

(A) गाय  -   (1) लोही, बारबरी, जमुनापरी 

(B) भैंस   -  (2) राठी, गीर, थारपारकर 

(C) भेड़   -  (3) मुर्रा, सूरती, मेहसाना 

(D)बकरी -  (4) नाली, पूगल, मगरा 

[व्याख्याता (आयुर्वेद) 12.11.2021]

कूट - 

            (A)  (B)  (C)  (D) 

  • 4    1    2    3

  • 3    4    1    2  

  • 2    3    4    1

  • 1    2    3    4

🔹 व्याख्या:

👉 गाय की नस्लें – राठी, गीर, थारपारकर हैं।
👉 भैंस की नस्लें – मुर्रा, सूरती, मेहसाना हैं।
👉 भेड़ की नस्लें – नाली, पूगल, मगरा हैं।
👉 बकरी की नस्लें – लोही, बारबरी, जमुनापरी हैं।

✍️ सही उत्तर है – A-2, B-3, C-4, D-1 

सूची-I को सूची-II से सुमेलित कीजिए तथा सही उत्तर का चयन नीचे दिये गये कूट से कीजिए - 

सूची-I (पशुधन) 

सूची-II (नस्ल) 

(A) भेड़ 

(i) बरबरी 

(B) गौवंश 

(ii) सोनाडी 

(C) ऊँट 

(iii) बीकानेरी

(D) बकरी 

(iv) गिर

 [लाइब्रेरियन ग्रेड -II 16.02.2025]

कूट -

  • (A)-(ii), (B)-(iv), (C)-(iii), (D)-(i) 

  • (A)-(ii), (B)-(iii), (C)-(iv), (D)-(i) 

  • (A)-(ii), (B)-(iv), (C)-(i), (D)-(iii) 

  • (A)-(iv), (B)-(i), (C)-(ii), (D)-(iii)

🔹 व्याख्या:

👉 भेड़ की नस्ल – सोनाड़ी, जो उदयपुर, डूंगरपुर, चित्तौड़गढ़ क्षेत्र में पाई जाती है।
👉 गौवंश की नस्ल – गिर, जो अजमेर, भीलवाड़ा, पाली जिलों में पाई जाती है।
👉 ऊँट की नस्ल – बीकानेरी, जो बीकानेर जिले में पाई जाती है।
👉 बकरी की नस्ल – बरबरी, राजस्थान में पाई जाने वाली प्रमुख नस्लों में एक है।

✍️ सही उत्तर है – A-ii, B-iv, C-iii, D-i 

राजस्थान सरकार द्वारा निम्न से किसके दूध का प्रसंस्करण एवं वितरण करने हेतु जयपुर में मिनी प्लांट की स्थापना किए जाने की घोषणा की है ? 

[Head Master 02.09.2018]

  • भेड़ 

  • बकरी 

  • गाय 

  • ऊँट 

🔹 व्याख्या:

👉 जयपुर में, राजस्थान के 2018-19 के बजट में ऊँटनी के दूध के प्रसंस्करण और विपणन के लिए
👉 एक मिनी संयंत्र स्थापित करने की घोषणा की गई थी।
👉 यह पहल ऊँट पालन को प्रोत्साहित करने और दूध के व्यावसायिक उपयोग के लिए थी। 

बड़वारी नस्ल संबंधित है 

[पशु चिकित्सा अधिकारी 02.08.2020]

  • गौवंश 

  • भैंस

  • भेड़

  • बकरी 

🔹 व्याख्या:

👉 बड़वारी नस्ल का संबंध बकरी से है।
👉 यह राजस्थान की प्रमुख बकरी नस्लों में से एक है।
👉 अन्य बकरी नस्लों में सिरोही, लोही, जमनापुरी, जखराना आदि भी शामिल हैं। 

✍️ सही उत्तर है – बकरी 

निम्न में से कौन सी नस्ल राजस्थान में ऊँट से संबंधित है? 

सहायक आचार्य [24.04.2016]

  • बारबरी 

  • गुरहा 

  • पुगल 

  • मेवाती 

🔹 व्याख्या:

👉 गुरहा राजस्थान में पाई जाने वाली ऊँट की एक प्रमुख नस्ल है, जो विशेषकर रेगिस्तानी क्षेत्रों में पाई जाती है।
👉 राजस्थान की अन्य ऊँट नस्लों में बीकानेरी, जैसलमेरी, मेवाड़ी और गोमठ शामिल हैं।
👉 ये नस्लें स्थान विशेष की जलवायु और भौगोलिक परिस्थितियों के अनुसार अनुकूलित हैं। 

सूची-I को सूची-II से सुमेल्रित कीजिए एवं नीचे दिये गये कूटों की  सहायता से सही उत्तर का चयन कीजिए :  

सूची-। (गाय की नस्त्र)

सूची-॥ (राजस्थान का क्षेत्र)  

A. थारपारकर

(i) मध्यवर्ती भाग  

B. कांकरेज

(ii) उत्तरी पश्चिमी भाग  

C. राठी

(iii) दक्षिणी पश्चिमी भाग  

D. नागौरी

(iv) पश्चिमी भाग  

[Research Assistant 24.08.2017]

          A B C D  

  • (ii) (iv) (iii) (i)

  • (i) (iii) (ii) (iv)

  • (iii) (ii) (i) (iv)

  • (iv) (iii) (ii) (i)

🔹 व्याख्या:

👉 थारपारकर नस्ल – पाई जाती है बाड़मेर, जोधपुर, जैसलमेर में – यह क्षेत्र पश्चिमी भाग में है।
👉 कांकरेज नस्ल – पाई जाती है बाड़मेर, पाली, जालौर में – यह दक्षिणी पश्चिमी भाग में आता है।
👉 राठी नस्ल – पाई जाती है बीकानेर, गंगानगर, जैसलमेर में – यह उत्तरी पश्चिमी भाग है।
👉 नागौरी नस्ल – मूल रूप से नागौर जिले के सोहालक गाँव से – यह मध्यवर्ती भाग में है।

✍️ सही उत्तर है – A-iv, B-iii, C-ii, D-i 

निम्नलिखित में से कौनसी भेड़ की नस्लें नहीं हैं ?

[स्कूल व्याख्याता GK (A) 23.06.2025]

  • पुगल और नाली

  • मगरा और खेरी

  • चोकला और सोनाडी

  • जमनापुरी और मालवी

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान में भेड़ की प्रमुख 8 नस्लें पाई जाती हैं –

  1. जैसलमेरी – जैसलमेर क्षेत्र में।

  2. नाली – हनुमानगढ़, चूरू, बीकानेर, झुंझुनूं।

  3. मालपुरी/मालपुरा – जयपुर, दौसा, टोंक, करौली, सवाई माधोपुर।

  4. मगरां – जैसलमेर, बीकानेर, चूरू, नागौर।

  5. पुगल – बीकानेर के पुगलगढ़ क्षेत्र।

  6. चोकला/शेखावटी – उत्तम ऊन, जिसे भारत का मेरिनो कहते हैं।

  7. सोनीरी/चंचोरा – उदयपुर व कोटा मंडल, दक्षिणी गुजरात तक।

  8. मारवाड़ी – जोधपुर, जयपुर, अजमेर मंडल।

✍️ सही उत्तर है – जमनापुरी और मालवी 

निम्नलिखित को सुमेलित कीजिये तथा नीचे दिये गये कूटों में से सही उत्तर का चुनाव कीजिए : 

     पशु         नस्ल 

A. ऊँट        i. राठी 

B. भेड़       ii. बीकानेरी 

C. बकरी    iii. मगरा 

D. गाय      iv. झखराना 

[वरिष्ठ अध्यापक 19.02.2019]

कूट : 

            A   B   C   D 

  • iv   iii   ii   i 

  • ii   iii   i   iv

  • i   ii   iii   iv

  • ii   iii   iv   i

🔹 व्याख्या:

👉 A. ऊँट – बीकानेरी (ii) : राजस्थान में पाई जाने वाली ऊँट की प्रमुख नस्लों में से एक है।
👉 B. भेड़ – मगरा (iii) : यह भेड़ की नस्ल बीकानेर, नागौर, जैसलमेर व चूरू में पाई जाती है।
👉 C. बकरी – झखराना (iv) : यह बकरी की एक नस्ल है, जो राजस्थान में पाली जाती है।
👉 D. गाय – राठी (i) : राठी नस्ल की गायें उत्तम दूध देने वाली होती हैं।

✍️ सही उत्तर है – A-ii, B-iii, C-iv, D-i 

राजस्थान सरकार का मत्स्य फार्म 'सागरोद' स्थित है -  

[Research Assistant 24.08.2017]

  • बांसवाडा में  

  • टॉक में  

  • अलवर में    

  • कोटा में  

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान सरकार का मत्स्य फार्म 'सागरोद' जिले के बांसवाड़ा में स्थित है।
👉 इसका उद्देश्य मत्स्य संसाधनों का विकास और स्थानीय मछुआरों को आजीविका सहायता प्रदान करना है। 

सोनाड़ी नस्ल की भेड़ें राजस्थान के किस जिले में पाई जाती हैं ?

[उपनिरीक्षक (SI) 14.09.2021]

  • नागौर 

  • सिरोही 

  • उदयपुर 

  • पाली 

🔹 व्याख्या:

👉 सोनाड़ी नस्ल की भेड़ें मुख्यतः उदयपुर, सलुम्बर, डूंगरपुर और चित्तौड़गढ़ जिलों में पाई जाती हैं।
👉 यह नस्ल दूध देने वाली भेड़ मानी जाती है और इससे प्रति वर्ष औसतन 0.45 से 1.36 किग्रा ऊन प्राप्त होती है।
👉 इसकी ऊन का रेशा मोटा होता है।

✍️ सही उत्तर है – उदयपुर 

निम्नलिखित में से किस नस्ल के गौवंश दुग्ध उत्पादन तथा अच्छे बैलों के लिए जाने जाते हैं और अधिकांशतः बाड़मेर, पाली, सिरोही तथा सांचौर में पाए जाते हैं ? 

[वरिष्ठ अध्यापक (ग्रुप- A) 07.09.2025]

  • गिर 

  • कांकरेज 

  • राठी 

  • मालवी 

🔹 व्याख्या

👉 कांकरेज नस्ल एक प्रमुख द्वि-परियोजनीय गौवंश है, जिसे दूध तथा कृषि कार्य दोनों के लिए उपयोग किया जाता है।
👉 यह नस्ल बाड़मेर, पाली, सिरोही और सांचौर क्षेत्रों में पाई जाती है और स्थानीय जलवायु के प्रति अत्यधिक अनुकूल मानी जाती है।
👉 कांकरेज गाय प्रतिदिन लगभग 8–12 लीटर दूध देती है, जिसमें 4.5–5% फैट पाया जाता है।
👉 इसके बैल खेती एवं सामान ढोने के लिए बहुत शक्तिशाली होते हैं और कठिन मौसम में भी टिकाऊ क्षमता बनाए रखते हैं।
👉 नस्ल की पहचान इसके लंबे कान, सिर पर विशिष्ट उभार और अर्धचंद्राकार सींगों से होती है।

✍️ सही उत्तर है – कांकरेज  

गलत युग्म का चुनाव कीजिए :  

[स्कूल व्याख्याता (पेपर -I) 17.11.2024]

नसल  पशुधन

  • शेखावाटी  - बकरी

  • सूरती - ऊँट

  • गिर   - गाय 

  • मगरा - भेड़

🔹 व्याख्या:

👉 गिर – गाय, मगरा – भेड़, ये युग्म सही हैं।
👉 सूरती नस्ल का संबंध भैंस से है, न कि ऊँट से।

✍️ सही उत्तर है – सूरती – ऊँट 

आरसीडीएफ लिमिटेड का जर्मप्लाज्म स्टेशन स्थित है - 

[प्रोग्रामर परीक्षा 27.10.2024]

  • जोबनेर (जयपुर) में 

  • नरवा खिचियान (जोधपुर) में 

  • नाडोल (पाली) में 

  • बरसिंगसर (बीकानेर) में 

🔹 व्याख्या:

👉 आरसीडीएफ लिमिटेड (RCDF Ltd.) का जर्मप्लाज्म स्टेशन नरवा, जोधपुर में स्थित है।
👉 यह स्टेशन उत्कृष्ट नस्ल सुधार और उन्नत दुग्ध उत्पादन क्षमता वाले पशुओं के संरक्षण हेतु कार्य करता है। 

निम्नलिखित में से कौनसा (पशुधन नस्ल - उपनाम) सुमेलित नहीं है ?

[वरिष्ठ अध्यापक (ग्रुप- D) 11.09.2025]

  • थारपारकर - मालाणी 

  • गिर - रेण्डा 

  • चोकला - सोनाडी 

  • मगरा - चकरी 

🔹 व्याख्या

👉 चोकला भेड़ की एक प्रसिद्ध नस्ल है, जिसे उत्तम कालीन ऊन के कारण ‘राजस्थान की मेरिनो’ भी कहा जाता है।
👉 सोनाडी भी भेड़ की एक नस्ल है, इसलिए इसे चोकला के साथ सुमेलित नहीं किया जा सकता। 

✍️ सही उत्तर है – चोकला – सोनाडी  

निम्नलिखित में से कौन सा गौवंश का नस्ल नहीं है ? 

[वरिष्ठ अध्यापक 28.10.2018]

  • बागड़ी 

  • राठी 

  • मालवी 

  • कांकरेज 

🔹 व्याख्या:

👉 मालवी, राठी और काँकरेज — ये सभी गौवंश की नस्लें हैं, जो राजस्थान में अलग-अलग क्षेत्रों में पाई जाती हैं।

✍️ सही उत्तर है – बागड़ी 

निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए तथा नीचे दिए गए कूंटों से सही उत्तर चुनिए : 

A.लोही बकरी की एक नस्ल है । 

B.गुढ़ा भैंस की एक नस्ल है । 

C.जैसलमेरी ऊँट की एक नस्ल है । 

[वरिष्ठ अध्यापक 12.02.2023]

कूट : 

  • A तथा B सही हैं 

  • B तथा C सही हैं 

  • A तथा C सही हैं 

  • A, B तथा C सही हैं 

🔹 व्याख्या:

👉 लोही बकरी की नस्ल है और यह राजस्थान में पाई जाती है, अतः कथन A सही है।
👉 गुढ़ा भैंस की नस्ल के रूप कथन B गलत है।
👉 जैसलमेरी ऊँट की नस्ल है और यह राजस्थान के जैसलमेर जिले से संबंधित है, अतः कथन C सही है।

✍️ सही उत्तर है – A और C सही हैं 

'नीली क्रान्ति' निम्न में से किससे सम्बन्ध रखती है ?

[व्याख्याता (तकनीकी) 12.03.2021]

  • बागवानी उत्पादन

  • मत्स्य उत्पादन 

  • मुर्गी - अण्डा पालन

  • सरसों उत्पादन

🔹 व्याख्या:

👉 "नीली क्रांति" शब्द का अर्थ है — मत्स्यपालन की उल्लेखनीय प्रगति को दर्शाने वाली एक महत्वपूर्ण और अत्यधिक उत्पादक कृषि गतिविधि।
👉 इसमें जलीय कृषि, जलीय जानवरों और पौधों के सक्रिय संवर्धन के सभी रूप शामिल हैं।
👉 यह प्रक्रिया समुद्री, खारे या ताजे (मीठे) पानी में की जाती है। 

पशुगणना-2019 के अनुसार, राजस्थान में भारत के ऊँटों का प्रतिशत है - 

[वरिष्ठ अध्यापक (ग्रुप- C) 09.09.2025]

  • 84.43% 

  • 80.43% 

  • 86.34% 

  • 88.43% 

🔹 व्याख्या

👉 पशुगणना-2019 के अनुसार भारत के कुल ऊँटों में से 84.43% हिस्सा राजस्थान में पाया जाता है, जो सबसे अधिक ऊँट आबादी दर्शाता है।
👉 यह आँकड़ा 20वीं पशुधन गणना 2019 से प्राप्त है, जिसमें राजस्थान को ऊँटों का मुख्य केंद्र बताया गया है।
👉 देश में ऊँटों की आबादी गुजरात, हरियाणा और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में भी पाई जाती है, पर सबसे अधिक राजस्थान में है।
👉 राजस्थान में ऊँट का सांस्कृतिक महत्व अधिक है और इसे राज्य पशु का दर्जा प्राप्त है।

✍️ सही उत्तर है – 84.43% 

निम्नलिखित में से कौनसे कथन सही हैं ? 

(a) राजस्थान में 2012 में कुल गोजातीय जनसंख्या पशु व भैंस मिलाकर 26.3 मिलियन थी। 

(b) यह पिछली पशुगणना की तुलना में 12 प्रतिशत बढी। 

(c) राजस्थान देश का दूसरा राज्य है जहां गाय पालन के लिये समर्पित मंत्रालय है, जिसे 'गोपालन विभाग' कहा जाता है। 

(d) राजस्थान में दूध का उत्पादन बढ़ाने के लिये राज्य सरकार के द्वारा प्रथम गाय अभयारण्य की स्थापना गंगानगर में इन्दिरा नहर के पास की जा रही है। 

[PTI & Librarian 03.05.2025]

  • (a), (b) और (c) 

  • (a) और (c) 

  • (a) और (d) 

  • (a), (b), (c) और (d) 

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान का प्रथम गाय अभ्यारण्य (Gow Sanctuary) नापासर, बीकानेर में स्थापित किया जा रहा है। इस अभ्यारण्य से जुड़ी मुख्य बातें निम्नलिखित हैं:

  • स्थान: यह बीकानेर जिले के नापासर कस्बे में स्थित है।
  • क्षमता: यह 220 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में फैला है और यहाँ लगभग 10,000 गायों के आश्रय की व्यवस्था है।
  • सुविधाएँ: वन्यजीव अभ्यारण्य की तर्ज पर बनने वाले इस केंद्र में गायों के लिए अस्पताल और उत्तम चारे (जैसे सेवान घास) की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है।

👉 (a) सही – 2012 में राजस्थान में कुल गोजातीय जनसंख्या (पशु व भैंस मिलाकर) 26.3 मिलियन थी।
👉 (b) गलत – यह 12% बढ़ी नहीं थी।
👉 (c) सही – राजस्थान देश का दूसरा राज्य है जहाँ 'गोपालन विभाग' के नाम से अलग मंत्रालय है।
👉 (d) गलत – प्रथम गाय अभयारण्य गंगानगर में स्थापित नहीं हुआ।

✍️ सही उत्तर है – (a) और (c)

निम्नलिखित में से कौन राजस्थान में एक भेड़ की प्रजाति नहीं है ? 

[स. सांख्यिकी अधिकारी 27.05.2019]

  • मारवाड़ी 

  • मालवी 

  • मगरा 

  • पूगल 

🔹 व्याख्या:

👉 मगरा, पूगल और मारवाड़ी — ये सभी राजस्थान की भेड़ों की प्रमुख नस्लें हैं।
👉 जबकि मालवी नस्ल का संबंध गौवंश (गाय-बैल) से है, जो विशेषतः झालावाड़, कोटा, उदयपुर में पाई जाती है।
👉 मालवी नस्ल के बैल मजबूत और कृषि कार्यों में उपयोगी होते हैं। 

✍️ सही उत्तर है – मालवी 

सूची–I को सूची–II से सुमेलित कीजिए तथा नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर का चयन कीजिए –

सूची–I (पशुधन)

सूची–II (नस्ल)

(A) भैंस

(i) गोमठ

(B) ऊँट

(ii) चनोथर

(C) भेड़

(iii) जाफराबादी

(D) बकरी

(iv) लोही

 [सहायक आचार्य परीक्षा 08.09.2024]

कूट – 

  • A–(iii), B–(i), C–(ii) D–(iv) 

  • A–(iii), B–(i), C–(iv), D–(ii) 

  • A–(i), B–(iii) C–(iv), D–(ii) 

  • A–(ii), B–(i), C–(iii), D–(iv) 

पशुगणना-2019 के अनुसार, निम्नलिखित में से कौन सा सुमेलित नहीं है ? 

पशुधन  भारत में राजस्थान का प्रतिशत 

[स्कूल व्याख्याता GK (C) 03.07.2025]

  • ऊँट  84.43%

  • भेड़ें  10.64%

  • भैंसें  12.47%

  • बकरियाँ  12.05%

🔹 व्याख्या:

👉 भारत में बकरियों की संख्या में राजस्थान का महत्वपूर्ण योगदान है।
👉 राजस्थान का बकरियों में प्रतिशत 16.03% है, न कि 12.05%।

✍️ सही उत्तर है – बकरियाँ 12.05%

सूची-I को सूची-II से सुमेलित कीजिए तथा सूचियोंकेनीचे  दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए -  

           सूची - I                   सूची - II  

(राजस्थान के क्षेत्र)              (गाय की नस्लें) 

A उत्तर - पश्चिमी राजस्थान         1. राठी 

B. दक्षिण - पश्चिमी राजस्थान      2. कांकरेज 

C. पश्चिमी राजस्थान                  3. थारपारकर 

D. दक्षिण - पूर्वी मध्यवर्ती राजस्थान 4. गिर 

[Asst. Prof. (भूगोल) 04.07.2016]

  • A-3, B-4, C-2, D-1  

  • A-1, B-3, C-2, D-4  

  • A-3, B-2, C-1, D-4  

  • A-1, B-2, C-3, D-4  

🔹 व्याख्या:

👉 उत्तर-पश्चिमी राजस्थान – राठी नस्ल पाई जाती है (बीकानेर, गंगानगर, जैसलमेर)।
👉 दक्षिण-पश्चिमी राजस्थान – कांकरेज नस्ल पाई जाती है (पाली, जालौर, बाड़मेर)।
👉 पश्चिमी राजस्थान – थारपारकर नस्ल पाई जाती है (बाड़मेर, जोधपुर, जैसलमेर)।
👉 दक्षिण-पूर्वी मध्यवर्ती राजस्थान – गिर नस्ल पाई जाती है (अजमेर, पाली, भीलवाड़ा)।

✍️ सही उत्तर है – A-1, B-2, C-3, D-4 

2019 की पशुधन गणना के अनुसार, देश का कितना प्रतिशत पशुधन राजस्थान में है ?  

[सहायक आचार्य परीक्षा 08.09.2024]

  • 10.60 प्रतिशत 

  • 11.60 प्रतिशत 

  • 9.60 प्रतिशत 

  • 8.60 प्रतिशत 

🔹 व्याख्या:

👉 2019 की पशुधन गणना के अनुसार, राजस्थान में देश के कुल पशुधन का लगभग 10.60 प्रतिशत हिस्सा है।
👉 यह आंकड़ा राज्य की पशुपालन में महत्त्वपूर्ण भागीदारी को दर्शाता है।
👉 राज्य में भेड़, बकरी, ऊँट, गाय व भैंस की संख्या देश में प्रमुख है।

✍️ सही उत्तर है – 10.60 प्रतिशत 

सूची-I को सूची -II से सुमेलित कीजिए तथा नीचे दिए हुए कूटों का उपयोग कर सही उत्तर चुनिए : 

        सूची-I                         सूची -II 

(राजस्थान के क्षेत्र)           (गाय की नस्लें) 

(i) उत्तरी पश्चिमी राजस्थान         (a) राठी 

(ii) दक्षिणी पश्चिमी राजस्थान      (b) कांकरेज 

(iii) पश्चिमी राजस्थान               (c) थारपारकर

(iv) दक्षिण पूर्व मध्यवर्ती राजस्थान (d) गिर 

[वरिष्ठ अध्यापक 21.02.2014]

कूट : 

  • (i) - (a), (ii) - (b), (iii) - (d), (iv) - (c) 

  • (i) - (a), (ii) - (b), (iii) - (c), (iv) - (d) 

  • (i) - (b), (ii) - (c), (iii) - (d), (iv) - (a) 

  • (i) - (c), (ii) - (b), (iii) - (a), (iv) - (d)

🔹 व्याख्या:

👉 (i) उत्तरी पश्चिमी राजस्थान – राठी (a) : यह नस्ल बीकानेर, गंगानगर व जैसलमेर के भागों में पाई जाती है।
👉 (ii) दक्षिणी पश्चिमी राजस्थान – काँकरेज (b) : सिरोही, पाली, जालौर आदि क्षेत्रों में यह नस्ल पाई जाती है।
👉 (iii) पश्चिमी राजस्थान – थारपारकर (c) : यह बाड़मेर, जैसलमेर, जोधपुर में पाई जाती है।
👉 (iv) दक्षिण-पूर्व मध्यवर्ती राजस्थान – गिर (d) : यह नस्ल अजमेर, पाली, भीलवाड़ा क्षेत्र में पाई जाती है।

✍️ सही उत्तर है – (i)-a, (ii)-b, (iii)-c, (iv)-d 

पशुगणना-2019 के अनुसार राजस्थान में कुल पशुधन की संख्या थी - 

[Assistant Director 09.07.2025]

  • 65.8 मिलियन 

  • 57.5 मिलियन

  • 67.5 मिलियन 

  • 56.8 मिलियन 

🔹 व्याख्या:

👉 पशुगणना 2019 के अनुसार राजस्थान में कुल पशुधन की गिनती की गई।
👉 राज्य में कुल पशुधन की संख्या 56.8 मिलियन दर्ज की गई।

✍️ सही उत्तर है – 56.8 मिलियन 

निम्नलिखित में से कौनसा स्थान, राजस्थान में डेयरी विकास कार्यक्रम के अधीन पशु आहार संयंत्र सम्बन्धित है?  

वरिष्ठ अध्यापक 2010 पेपर -I GK (ENG)

  • नोखा - बीकानेर 

  • तबीजी - अजमेर 

  • नैनवा - बून्दी 

  • तिजारा - अलवर 

🔹 व्याख्या:

👉 राज्य में डेयरी विकास कार्यक्रम के अंतर्गत पशु आहार संयंत्र स्थापित किए गए हैं।
👉 इस कार्यक्रम का संचालन राजस्थान सहकारी डेयरी फेडरेशन द्वारा किया जाता है।
👉 इन संयंत्रों में तबीजी (अजमेर) स्थित संयंत्र है, जो पशुओं के लिए आहार उत्पादन करता है। 

✍️ सही उत्तर है – तबीजी - अजमेर 

सूची-I को सूची-II से सुमेलित कीजिए तथा नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर का चयन कीजिए : 

सूची-I (पशु मेला) 

सूची - II (स्थान) 

A. श्री बलदेव पशु मेला 

1. मेड़तासिटी 

B. चंद्रभागा पशु मेला

2. परबतसर 

C. रामदेव पशु मेला 

3. झालरापाटन 

D. वीर तेजाजी पशु मेला 

4. नागौर 

[पशु चिकित्सा अधिकारी 02.08.2020]

कूट : 

            A B C D 

  • 4 1 3 2

  • 3 1 4 2 

  • 1 3 4 2

  • 1 3 2 4  

🔹 व्याख्या:

👉 श्री बलदेव पशु मेला – मेड़तासिटी में आयोजित होता है।
👉 चंद्रभागा पशु मेला – झालरापाटन में होता है।
👉 रामदेव पशु मेला – नागौर में आयोजित किया जाता है।
👉 वीर तेजाजी पशु मेला – परबतसर में होता है।

✍️ सही उत्तर है – A-1, B-3, C-4, D-2 

पशु जनगणना 2019 के अनुसार, निम्नलिखित में से किसकी जनसंख्या सबसे अधिक है ? 

[सहायक कृषि अधिकारी 28.05.2022]

  • बकरी 

  • ऊँट 

  • भैंस 

  • भेड़ 

🔹 व्याख्या:

👉 2019 की पशुगणना के अनुसार, राजस्थान में बकरियों की संख्या 20.84 मिलियन थी।
👉 वहीं भैंसों की संख्या 13.69 मिलियन, भेड़ों की संख्या 7.90 मिलियन और ऊँटों की संख्या 0.213 मिलियन थी।
👉 इस प्रकार राजस्थान में सबसे अधिक जनसंख्या बकरियों की पाई गई है।

✍️ सही उत्तर है – बकरी 

20वीं पशुगणना 2019 के अनुसार, राजस्थान के कुल पशुओं की संख्या में कितने प्रतिशत की कमी/वृद्धि हुई ?

[A.En (Pre) EXAM 28.09.2025]

  • -1.66

  • 1.93

  • 2.91

  • -2.09

🔹 व्याख्या

👉 20वीं पशुगणना 2019 के अनुसार राजस्थान में कुल पशुधन संख्या में –1.66% का परिवर्तन दर्ज किया गया।
👉 यह प्रतिशत राज्य में पशुओं की संख्या में कमी को दर्शाता है, वृद्धि को नहीं।
👉 –1.66% का यह गिरावट आँकड़ा कुल पशुधन की पिछली गणना की तुलना में दर्ज किया गया परिवर्तन है।
👉 यह बदलाव पशुधन संरचना और पशुपालन प्रवृत्तियों में आए उतार–चढ़ाव को दिखाता है।

✍️ सही उत्तर है = –1.66% 

निम्नांकित में से कौन सा युग्म सही रूप से सुमेलित नहीं है ?

[व्याख्याता (तकनीकी) 12.03.2021]

  • ऊँट - गोमत, बीकानेरी

  • बकरी - जमनापुरी, ज़ारवाली

  • गाय - हरियानवी, मुर्रा 

  • भेड़- बागड़ी, मारवाड़ी

🔹 व्याख्या:

👉 भेड़ की नस्लें – मारवाड़ी भेड़ की नस्ल है।
👉 बकरी की नस्लें – जमनापुरी प्रसिद्ध है।
👉 ऊँट की नस्लें – गोमठ और बीकानेरी दोनों सही हैं।
👉 गाय की नस्लें – हरियाणवी सही है, लेकिन मुर्रा भैंस की नस्ल है, गाय की नहीं।

✍️ सही उत्तर है – गाय - हरियानवी, मुर्रा 

पश्चिमी गंगानगर, उत्तरी पूर्वी जैसलमेर और पश्चिमी बीकानेर जिलों में गौवंश की कौनसी नस्ल सामान्यतया मिलती है ? 

[PTI & Librarian 03.05.2025]

  • राठी 

  • मालवी 

  • गिर 

  • सांचोरी 

🔹 व्याख्या:

👉 राठी गौवंश मुख्य रूप से पश्चिमी गंगानगर, उत्तर-पूर्वी जैसलमेर और पश्चिमी बीकानेर जिलों में पाया जाता है।
👉 यह नस्ल अपनी उच्च दूध उत्पादन क्षमता के लिए प्रसिद्ध है।
👉 इसे राजस्थान की "कामधेनु" कहा जाता है।

✍️ सही उत्तर है – राठी  

निम्नलिखित में से कौनसी नस्ल भेड़ की है ? 

[वरिष्ठ अध्यापक (स्थगित) 22.12.2022]

  • जमनापारी 

  • पूगल 

  • मालवी 

  • गिर 

🔹 व्याख्या:

👉 पूगल राजस्थान में पाई जाने वाली एक भेड़ की नस्ल है, जो विशेष रूप से बीकानेर और जैसलमेर जिलों में मिलती है।
👉 गिर नस्ल गाय की है जो दूध उत्पादन के लिए जानी जाती है।
👉 जमनापारी बकरी की नस्ल है जो राजस्थान में पाली जाती है।
👉 मालवी नस्ल गौवंश की है और यह झालावाड़, कोटा, बारां क्षेत्रों में पाई जाती है।

✍️ सही उत्तर है – पूगल 

गलत युग्म कौन सा है - 

[AEN 16 दिसम्बर 2018]

            पशु  -  नस्ल

  • ऊँट  - मारवाड़ी 

  • भैंस  - ओंगोल  

  • बकरी  - सिरोही 

  • भेंड  - मगरा 

🔹 व्याख्या:

👉 मगरा (भेड़), सिरोही (बकरी), और मारवाड़ी (ऊँट) — ये सभी युग्म सही हैं।
👉 भैंस की नस्लें मुर्रा, महसाना, सुरती, भदावरी और जाफराबादी हैं। 

✍️ सही उत्तर है – भैंस - ओंगोल 

भैंस की नस्ल है - 

[PTI Grade -III (RPSC) 2011]

  • मुर्रा 

  • मालानी 

  • चौकला 

  • सांचोरी 

🔹 व्याख्या:

👉 मुर्रा एकमात्र ऐसी नस्ल है जो भैंस की प्रमुख नस्ल के रूप में पाली जाती है।
👉 राज्य में अन्य नस्लों में महसाना, सुरती, भदावरी, जाफराबादी भी शामिल हैं।
👉 शेष विकल्पों में चौकला भेड़, मालाणी थारपारकर गौवंश तथा सांचोरी काँकरेज गौवंश से संबंधित हैं।
👉 जयपुर और अलवर में मुर्रा भैंसों की संख्या सर्वाधिक है।

✍️ सही उत्तर है – मुर्रा 

निम्न कथन को ध्यान से पढ़िये एवं उपयुक्त उत्तर का चयन कीजिए : 

कथन - A : ग्रामीण क्षेत्र के 80% से अधिक परिवार पशुओं को अपने घर पर ही पालते हैं ।

कथन - B : राजस्थान के सकल घरेलू उत्पादों में 9.16% योगदान पशु पालन का है ।

कथन - C : लघु एवं सीमांत किसानों की 60% आय पशु पालन एवं दुग्ध व्यवसाय से होती है ।

चयन :

[कृषि अधिकारी 20.04.2025]

  • कथन A एवं B सही हैं।

  • कथन A, B एवं C सही हैं ।

  • कथन A एवं C सही हैं

  • कथन B एवं C सही हैं ।

🔹 व्याख्या:

👉 कथन A – सही, ग्रामीण क्षेत्र के 80% से अधिक परिवार अपने घर पर पशुपालन करते हैं।
👉 कथन B – सही, राजस्थान के सकल घरेलू उत्पाद में पशुपालन का योगदान लगभग 9.16% है।
👉 कथन C – सही नहीं माना गया।

✍️ सही उत्तर है – कथन A एवं B सही हैं 

सर्रा (तिबरसा) रोग संबंधित है 

[सांख्यिकी अधिकारी 18.12.2021]

  • सूअर से 

  • ऊंट से 

  • बकरी से 

  • भैंस से 

🔹 व्याख्या:

👉 सर्रा (तिबरसा) रोग विशेषकर ऊँट में पाया जाता है, जो ट्रिपेनोसोमा इवांसी नामक परजीवी से होता है।
👉 यह रोग रक्त चूसने वाली मक्खियों द्वारा फैलता है।
👉 इसके प्रमुख लक्षण हैं — बुखार, कमजोरी, वजन घटना और एनीमिया।
👉 यह रोग पशुओं की कार्यक्षमता और जीवन पर प्रतिकूल प्रभाव डालता है। 

राजस्थान की सबसे पुरानी डेयरी पद्मा' कहाँ है?  

वरिष्ठ अध्यापक 2010 पेपर -I GK (SST)

  • अजमेर 

  • भरतपुर 

  • जोधपुर 

  • अलवर 

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान की सबसे पुरानी डेयरी पद्मा डेयरी है, जो अजमेर में स्थित है।
👉 इसकी स्थापना वर्ष 1975 में हुई थी और यह राज्य की पहली डेयरी इकाई मानी जाती है।
👉 पद्मा डेयरी ने राजस्थान में डेयरी विकास की आधारशिला रखी। 

"खेरी" एक नस्ल हैं। 

[Asst. Prof. (भूगोल) 04.07.2016]

  • भैंस की  

  • ऊँट की  

  • भेड़ की  

  • बकरी की  

🔹 व्याख्या:

👉 खेरी एक भेड़ की नस्ल है जो जोधपुर, नागौर और पाली जिलों के घुमक्कड़ रेवड़ों में पाई जाती है।
👉 इसकी ऊन सफेद और मध्यम किस्म की होती है जो गलीचा निर्माण के लिए उपयुक्त है।
👉 इससे प्रति वर्ष औसतन 1 से 1.4 किलोग्राम ऊन प्राप्त होती है।

✍️ सही उत्तर है – भेड़ की 

भेंड़ की निम्नलिखित नस्लों में से किसे ‘छापर' के नाम से भी जाना जाता है ?   

[Asst. Prof. (भूगोल) 18.05.2024]

  • मगरा 

  • चोकला 

  • पूगल 

  • नाली 

🔹 व्याख्या:

👉 चोकला नस्ल को ही ‘छापर’ एवं ‘शेखावाटी’ नाम से भी जाना जाता है।
👉 यह नस्ल मुख्यतः चूरू, सीकर, झुंझुनूं, बीकानेर, जयपुर, नागौर जिलों में पाई जाती है।
👉 इससे प्रति भेड़ औसतन 1.4 से 2.3 किग्रा ऊन प्राप्त होती है।

✍️ सही उत्तर है – चोकला 

निम्नलिखित में से कौनसी भेड़ की नस्ल राजस्थान में नहीं है ? 

[स्कूल व्याख्याता 15.11.2022]

  • मालवी 

  • मालपुरा 

  • मगरा 

  • मारवाडी 

🔹 व्याख्या:

👉 मालवी एक गाय की नस्ल है, जो झालावाड़, कोटा और बारां क्षेत्रों में पाई जाती है।
👉 जबकि मगरा, मारवाड़ी और मालपुरा — ये सभी राजस्थान की भेड़ की नस्लें हैं।
👉 मालवी का उपयोग खेतों में भारवाही कार्यों हेतु किया जाता है।

✍️ सही उत्तर है – मालवी 

कौन सा सुमेलित नहीं है ? 

पशुधन  नस्ल 

[Asst. Prof. (भूगोल) 28.09.2021]

  • ऊँट  - गोमठ 

  • बकरी -  खेरी 

  • भेड़  - चोकला 

  • भैंस  - सुरती  

🔹 व्याख्या:

👉 चोकला (भेड़), गोमठ (ऊँट), सुरती (भैंस) — ये सभी युग्म सही हैं।
👉 खेरी का संबंध भेड़ की नस्ल से है, न कि बकरी से।
👉 खेरी नस्ल जोधपुर, नागौर, पाली जिलों में पाई जाती है और गलीचा निर्माण हेतु ऊन देती है।

✍️ सही उत्तर है – बकरी – खेरी 

राजस्थान में 'पूगल' नस्ल है 

[वरिष्ठ अध्यापक 17.02.2019]

  • ऊँट की 

  • बकरी की

  • गाय की

  • भेड़ की

🔹 व्याख्या:

👉 पूगल राजस्थान की एक प्रसिद्ध भेड़ की नस्ल है, जो मुख्यतः बीकानेर और जैसलमेर जिलों में पाई जाती है।
👉 इससे प्राप्त ऊन सफेद और मध्यम किस्म की होती है।
👉 प्रति वर्ष इससे औसतन 1 से 2 किग्रा ऊन प्राप्त होती है।

✍️ सही उत्तर है – भेड़ की 

थारपारकर नस्ल अधिकांशतः पाई जाती है -

[व्याख्याता (आयुर्वेद) 11.11.2021]

  • पूर्वी राजस्थान में

  • उत्तरी राजस्थान में

  •  पश्चिमी राजस्थान में

  • दक्षिणी राजस्थान में

🔹 व्याख्या:

👉 थारपारकर नस्ल का उत्पत्ति क्षेत्र बाड़मेर का मालाणी प्रदेश है।
👉 यह नस्ल विशेष रूप से बाड़मेर, बालोतरा, जोधपुर और जैसलमेर में पाई जाती है।
👉 ये सभी जिले पश्चिमी राजस्थान में स्थित हैं।
👉 यह नस्ल दूध उत्पादन के लिए प्रसिद्ध है।

✍️ सही उत्तर है – पश्चिमी राजस्थान में 

निम्नलिखित को सुमेलित कीजिए : 

    गोवंश          जिला 

A. राठी            i. बाड़मेर 

B. थारपारकर   ii. बीकानेर 

C. गिर            iii. जालौर 

D. कांकरेज     iv. अजमेर 

[PTI GRADE -II & III (RPSC) 2013]

कूट : 

    A     B      C     D 

  • i      ii     iii     iv

  • ii     i     iv     iii

  • iii    iv     i     ii

  • ii     iv     iii     i

🔹 व्याख्या:

👉 राठी नस्ल गंगानगर, बीकानेर, जैसलमेर में पाई जाती है।
👉 थारपारकर नस्ल बाड़मेर, बालोतरा, जोधपुर, जैसलमेर क्षेत्र में पाई जाती है।
👉 गिर नस्ल अजमेर, ब्यावर, भीलवाड़ा, पाली जिलों में पाई जाती है।
👉 काँकरेज नस्ल बाड़मेर, पाली, जालौर के सांचोर क्षेत्र में पाई जाती है।

✍️ सही उत्तर है – A-ii, B-i, C-iv, D-iii 

कौन सा गोवंश नस्ल 'अजमेरा' के नाम से भी जाना जाता है ? 

[पशु चिकित्सा अधिकारी 02.08.2020]

  • राठी 

  • गिर 

  • कांकरेज 

  • थारपारकर 

🔹 व्याख्या:

👉 गिर नस्ल की गायें दूध उत्पादन में प्रसिद्ध हैं और इन्हें ही 'अजमेरा' या 'रेड़ा' नाम से भी जाना जाता है।
👉 यह नस्ल मुख्यतः अजमेर, ब्यावर, भीलवाड़ा, पाली जिलों में पाई जाती है।
👉 गिर गायें उत्तम दुधारू नस्लों में गिनी जाती हैं। 

✍️ सही उत्तर है – गिर 

राजस्थान में निम्नलिखित में से कौन सी एक भैंस की नस्ल है ?

[स्कूल व्याख्याता GK (D) 04.07.2025]

  • मारवाड़ी

  • मगरा

  • मालपुरा

  • मुर्राह

🔹 व्याख्या:

👉 मुर्रा भैंस की नस्ल राजस्थान में पाई जाती है।
👉 यह विशेष रूप से जयपुर, अलवर और भरतपुर जिलों में मिलती है।
👉 मुर्रा नस्ल अपनी उच्च दूध उत्पादन क्षमता के लिए प्रसिद्ध है।

✍️ सही उत्तर है – मुर्राह

20वीं पशुगणना (2019) के अनुसार, राजस्थान किस पशुधन समूह में देश में प्रथम स्थान रखता है ?

[Asst. Prof. (Paper -III) 07.12.2025]

  • बकरी, ऊँट और गधे

  • भेड़, बकरी और घोड़े

  • बकरी, भेड़ और ऊँट

  • गौवंश, भेड़ और गधे

🔹 व्याख्या

👉 20वीं पशुगणना 2019 के अनुसार आँकड़े हैं।
👉
राजस्थान बकरी, ऊँट, गधे में प्रथम स्थान पर है।
👉
यह राज्य का प्रमुख पशुधन समूह है।

✍️ सही उत्तर है – बकरी, ऊँट और गधे