"मंगला" जिसके खनन से सम्बन्धित है :  

[Research Assistant 24.08.2017]

  • लिग्नाइट 

  • ग्रेनाइट  

  • खनिज तेल    

  • प्राकृतिक गैस  

🔹 व्याख्या:

👉 मंगला क्षेत्र (बाड़मेर) राजस्थान में खनिज तेल के भंडार के लिए प्रसिद्ध है।
👉 यह क्षेत्र केयर्न एनर्जी द्वारा विकसित किया गया है और भारत की प्रमुख तेल खोजों में शामिल है।
👉 यह प्राकृतिक गैस नहीं, बल्कि कच्चे तेल (Crude Oil) का उत्पादक क्षेत्र है। 

✍️ सही उत्तर है – खनिज तेल

निम्न में से कौन सा राजस्थान के तेल क्षेत्र का नाम नहीं है ? 

[ACF 18.02.2021]

  • लक्ष्मी 

  • रागेश्वरी 

  • ऐश्वर्या 

  • सरस्वती

🔹 व्याख्या:

👉 ऐश्वर्या, सरस्वती और रागेश्वरी — ये सभी राजस्थान के बाड़मेर में स्थित तेल क्षेत्र हैं।
👉 ये क्षेत्र मुख्यतः केयर्न एनर्जी की खोज और संचालन के अधीन हैं।

✍️ सही उत्तर है – लक्ष्मी

बीकानेर के पलाना में_____________के निक्षेप हैं ।

[EO RO (Shift I) 14.05.2023]

  • यूरेनियम 

  • ग्रेफाइट

  • कोयला (लिग्नाइट)

  • लिथियम 

🔹 व्याख्या:

👉 पलाना (बीकानेर जिला) में कोयला (लिग्नाइट) के निक्षेप पाए जाते हैं। 
👉 यहाँ से ऊर्जा उत्पादन हेतु कोयले का खनन किया जाता है। 

✍️ सही उत्तर है – कोयला (लिग्नाइट)

राजस्थान की नई खनिज नीति 2015, निम्नलिखित में से कौन से मुद्दों पर जोर देती है? 

A. शून्य अपशिष्ट 

B. सुरक्षा उपाय 

C. किफायती / लागत सार्थकता 

D. उत्पादकता एवं संरक्षण 

  • A, B, C और D 

  • B, C और D 

  • A, B और C 

  • A, C और D 

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान सरकार ने 5 जून 2015 को खनिज नीति 2015 जारी की।
👉 यह नीति भविष्यवादी है और शून्य अपशिष्ट के उद्देश्य से बनाई गई है।
👉 इसका उद्देश्य वैज्ञानिक, सुरक्षित, लागत प्रभावी और पर्यावरण-अनुकूल खनन को बढ़ावा देना है।
👉 इसमें स्वास्थ्य, सामाजिक प्रतिबद्धताओं और संरक्षण मानकों का पालन सुनिश्चित किया गया है।

गलत युग्म को पहचानिए : 

RAS Pre. 28.08.2016

       खनिज  -   खान

  • यूरेनियम – कुराड़िया

  • गुलाबी - संगमरमर बाबरमल

  • तामड़ा - राजमहल 

  • जिप्सम - पलाना

🔹 व्याख्या:

👉 गुलाबी संगमरमर का उत्पादन बाबरमल (उदयपुर) क्षेत्र से होता है, यह सही है।
👉 तामड़ा का प्रमुख उत्पादन क्षेत्र राजमहल (टोंक) है।

✍️ सही उत्तर है – जिप्सम - पलाना

जी. एस. आई. द्वारा हाल ही में, राजस्थान के किस जिले में बॉक्साइट की प्राप्ति रिपोर्ट की गई है ? 

[सहायक सांख्यिकी अधि. 25.08.2024]

  • बाँसवाड़ा 

  • कौटा 

  • उदयपुर 

  • झालावाड़ 

🔹 व्याख्या:

👉 कोटा जिले में प्रमुख खनिज हैं — चूना पत्थर (मोड़क, चेचट, सुकेत, निमोदा क्षेत्र) और बलुआ पत्थर (रामगंजमंडी, ढाबादे)।
👉 उदयपुर राजस्थान का सर्वाधिक समृद्ध खनिज जिला है — यहाँ ताँबा, सीसा-जस्ता, मैंगनीज, डोलोमाइट, रॉक फॉस्फेट, फेल्सपार, अभ्रक, संगमरमर, घीया पत्थर, केल्साइट आदि पाए जाते हैं।
👉 बाँसवाड़ा जिले में मैंगनीज, सोना (भुखिया–जगपुरा), डोलोमाइट, संगमरमर, घीया पत्थर जैसे खनिज उपलब्ध हैं।

निम्नलिखित में से कौन सा सुमेलित नहीं है ?  

[AEN परीक्षा 30.06.2024]

खनिज  उत्पादन क्षेत्र 

  • अभ्रक - नट-की-बेरी, टून्का 

  • लीथियम - जनकपुरा, गुजरवाड़ा 

  • गारनेट - राजमहल, कुशालपुरा 

  • पन्ना - गुम-गुरहा, बूबानी-मुहामी 

🔹 व्याख्या:

👉 अभ्रक का उत्पादन नात-की-नेरी, तूनका (भीलवाड़ा) क्षेत्र में होता है।
👉 पन्ना (एमराल्ड) का उत्पादन कालगुमान, टिक्की (राजसमंद) क्षेत्र में होता है।
👉 गारनेट (तामड़ा) का उत्पादन राजमहल, कुशलपुरा (टोंक) में होता है।
👉 लीथियम की सम्भावना डेगाना (नागौर) और पाली में है।

✍️ सही उत्तर है – लीथियम – जनकपुरा, गुजरवाड़ा

निम्नलिखित में से कौन सा पदार्थ प्रकाशिक लेन्स बनाने हेतु प्रयुक्त नहीं किया जा सकता है ? 

[ACF 18.02.2021]

  • चिकनी मिट्टी 

  • काँच 

  • प्लास्टिक 

  • जल 

🔹 व्याख्या:

👉 प्रकाशिक लेन्स बनाने में सामान्यतः काँच और प्लास्टिक जैसे पारदर्शी पदार्थों का उपयोग किया जाता है।
👉 कुछ विशेष प्रयोगों में जल का भी उपयोग लेन्स के रूप में किया जा सकता है (जैसे जल लेन्स)।
👉 जबकि चिकनी मिट्टी पारदर्शी नहीं होती, अतः इसका उपयोग लेन्स निर्माण में नहीं किया जा सकता।
👉 लेन्स निर्माण के लिए पदार्थ का पारदर्शी होना आवश्यक होता है।

✍️ सही उत्तर है – चिकनी मिट्टी

किस कम्पनी ने भारत का पहला 390 एम.डब्ल्यू. का पवन सौर हाइब्रिड पावर प्लान्ट जैसलमेर में शुरू किया है ? 

[स्कूल व्याख्याता 15.10.2022]

  • "ए.एच.ई. जे. ओ.एल." अडानी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड की सहायक कम्पनी 

  • सुज़लॉन एनर्जी 

  • टाटा पावर क. लि. 

  • रिलायंस पावर लिमिटेड 

🔹 व्याख्या:

👉 अडानी ग्रीन एनर्जी द्वारा जैसलमेर (राजस्थान) में सौर-पवन हाईब्रिड ऊर्जा संयंत्र चालू किया गया है।
👉 यह 390 मेगावाट क्षमता का संयंत्र भारत का पहला हाईब्रिड ऊर्जा संयंत्र है। 

राजस्थान में सीसा एवं जस्ता की रामपुरा-अगुचा की खानें, जिस जिले में स्थित हैं, वह है - 

[सांख्यिकी अधिकारी 18.12.2021]

  • भीलवाडा 

  • प्रतापगढ़ 

  • उदयपुर 

  • झुन्झुनू 

🔹 व्याख्या:

👉 रामपुरा–आगूचा क्षेत्र राजस्थान के भीलवाड़ा जिले में स्थित है।
👉 यह राज्य का एक प्रमुख सीसा–जस्ता उत्पादक क्षेत्र है।
👉 यहाँ से निकले अयस्क को शुद्ध करने हेतु चन्देरिया (चित्तौड़गढ़) में संयंत्र स्थापित किया गया है।

✍️ सही उत्तर है – भीलवाड़ा

सन् 2016-17 के उत्पादन के अनुसार राजस्थान में प्रमुख धात्विक खनिज कौन-कौन से हैं ? 

(अ) सीसा एवं जस्ता 

(ब) तांबा अयस्क 

(स) लौह अयस्क 

(द) बॉक्साइट 

[AEN 16 दिसम्बर 2018]

  • अ, स एवं द 

  • अ, ब, स एवं द 

  • अ, ब एवं स 

  • अ, ब एवं द 

🔹 व्याख्या:

👉 वर्ष 2016–17 में राजस्थान में जिन धात्विक खनिजों का उल्लेखनीय उत्पादन दर्ज हुआ, उनमें प्रमुख हैं —
👉 सीसा एवं जस्ता: 6136 हजार टन उत्पादन के साथ प्रमुख स्थान पर रहे।
👉 ताँबा अयस्क: इस वर्ष 1055 हजार टन का उत्पादन हुआ।
👉 लौह अयस्क: लगभग 35 लाख टन उत्पादन दर्ज हुआ था। 

✍️ सही उत्तर है – (अ), (ब), (स)

निम्न में से किस जिले या जिलों में राजस्थान में सोने के भंडार मिले हैं ? 

[ACF परीक्षा 2011]

  • बाड़मेर जिले में 

  • अलवर जिले में 

  • बाँसवाडा-डूंगरपुर जिलों में 

  • भीलवाड़ा जिले में 

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान में सोने के भंडार मुख्यतः बाँसवाड़ा–डूंगरपुर जिले की भुखिया–जगपुरा–देलवाड़ा पेटी में मिले हैं।
👉 2006-07 में राज्य में 51.005 किग्रा. सोने का उत्पादन भी दर्ज किया गया था।

✍️ सही उत्तर है – बाँसवाड़ा–डूंगरपुर जिलों में

राजस्थान राज्य में मुख्यतः कोयले की किस्म पाई जाती है - 

[RAS Pre. 31.10.2015]

  • एन्थ्रेसाइट

  • बिटुमिनस 

  • पीट 

  • लिग्नाइट

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान में कोयले की प्रमुख किस्म के रूप में लिग्नाइट पाया जाता है।
👉 यह विशेष रूप से बीकानेर जिले के पलाना क्षेत्र में मिलता है।
👉 लिग्नाइट कोयले का उपयोग ऊर्जा उत्पादन में किया जाता है।
👉 अन्य किस्में जैसे पीट, एन्थ्रेसाइट, बिटुमिनस — राजस्थान में प्रमुख नहीं हैं।

✍️ सही उत्तर है – लिग्नाइट

सूची-I को सूची-II से सुमेलित कीजिये तथा नीचे दिये गये कूट में से सही उत्तर चुनिये - 

सूची-I (खनिज)       सूची-II ( खनन क्षेत्र)

(A) ताम्र                 (i) राजपुरा- दरीबा 

(B) सीसा एवं जस्ता  (ii) मोरिज़ा - नीमाला 

(C) लौह अयस्क      (iii) छोटी सार - बड़ी सार

(D) मैंगनीज़           (iv) खो - दरीबा 

[स्कूल व्याख्याता 20.10.2022]

कूट 

            (A)     (B)     (C)    (D) 

  • (iv)     (ii)     (i)     (iii) 

  • (iv)     (i)     (iii)     (ii) 

  • (iv)     (i)     (ii)     (iii) 

  • (i)     (iv)     (ii)     (iii) 

🔹 व्याख्या:

👉 ताम्र का क्षेत्र है खो-दरीबा (iv) — यह अलवर जिले में स्थित है।
👉 सीसा एवं जस्ता का प्रमुख क्षेत्र राजपुरा-दरीबा है — यह उदयपुर-राजसमन्द क्षेत्र में है।
👉 लौह अयस्क का प्रमुख क्षेत्र मोरिजा-नीमाला है — यह जयपुर व दौसा जिलों में है।
👉 मैंगनीज़ का प्रमुख क्षेत्र छोटी सार–बड़ी सार है।

✍️ सही उत्तर है – A-iv, B-i, C-ii, D-iii

सोने की भुकिया-जगपुरा-दिलवारा पेटी स्थित है ?

[स्कूल व्याख्याता 11.10.2022]

  • जालौर 

  • झालावाड़ 

  • बांसवाड़ा 

  • प्रतापगढ़ 

🔹 व्याख्या:

👉 सोने की भुकिया–जगपुरा–देलवाड़ा पेटी राज्य के बाँसवाड़ा जिले में है।
👉 यह क्षेत्र आधुनिक सर्वेक्षणों के अनुसार स्वर्ण भण्डार के लिए जाना गया है।
👉 इसी पृष्ठभूमि पर वर्ष 2006-07 में सोने का 51.005 किग्रा. उत्पादन दर्ज हुआ था। 

✍️ सही उत्तर है – बांसवाड़ा

राजस्थान का कौन सा जिला 95 प्रतिशत से अधिक फेल्सपार का उत्पादन करता है ? 

[AEN Pre. 2013]

  • अजमेर 

  • पाली 

  • जयपुर 

  • टोंक 

🔹 व्याख्या:

👉 फेल्सपार राजस्थान में एक प्रमुख अधात्विक खनिज है। इस खनिज का लगभग 96% उत्पादन अकेले अजमेर जिले से होता है, जो इसे राज्य का सर्वाधिक उत्पादक जिला बनाता है।
👉 अन्य जिलों जैसे जयपुर, पाली, टोंक में इसका सीमित उत्पादन होता है, लेकिन वे 95% से अधिक उत्पादन में शामिल नहीं हैं।

✍️ सही उत्तर है – अजमेर

भुखिया-जगपुरा-देलवारा पट्टा जाना जाता है ?

[Food Safety Officer 27.06.2023]

  • क्वार्ट्ज के भंडार के लिए 

  • मैंगनीज के भंडार के लिए 

  • टंग्स्टन के भंडार के लिए 

  • सोने के भंडार के लिए 

🔹 व्याख्या:

👉 भुखिया–जगपुरा–देलवाड़ा पट्टा (बांसवाड़ा जिला) सोने के भण्डार के लिए जाना जाता है।
👉 यह क्षेत्र नवीन खनिज सर्वेक्षणों में सामने आया है और सोना मिलने की सम्भावना पाई गई है। 
👉 अन्य विकल्प जैसे टंग्स्टन (डेगाना), क्वार्ट्ज व मैंगनीज इससे संबंधित नहीं हैं।

✍️ सही उत्तर है – सोने के भंडार के लिए

खेरवाड़ा व ऋषभदेव प्रमुख उत्पादक क्षेत्र हैं - 

[Research Scholar 04.08.2024]

  • एस्बेस्टस के 

  • फेल्सपार के 

  • अभ्रक के 

  • जिप्सम के 

🔹 व्याख्या:

👉 खेरवाड़ा और ऋषभदेव (उदयपुर) एस्बेस्टस के प्रमुख उत्पादक क्षेत्र हैं।
👉 यहाँ से प्राप्त एस्बेस्टस का उपयोग सीमेंट की चादरें, टाइलें व ताप निरोधक वस्तुओं में होता है।
👉 राज्य के कुल एस्बेस्टस उत्पादन का लगभग 90% राजस्थान से होता है।
👉 अन्य क्षेत्र – नाथद्वारा, कांथल, आसिन्द, सलूम्बर, बरना, गुंजाम भी महत्वपूर्ण हैं।

✍️ सही उत्तर है – एस्बेस्टस के

सूची-I का सूची-II से मिलान कीजिए तथा नीचे दिए गए कूट का उपयोग कर सही उत्तर का चयन कीजिए -

सूची-I (खनिज)

सूची-II (उत्पादक क्षेत्र)

(A) बैराइट्स

(i) बिरमानिया

(B) जिप्सम

(ii) गोठ-मंगलोद

(C) रॉक-फॉस्फेट

(iii) माण्डो-की-पाल

(D) फ्लोर्सपार

(iv) भगत-का-बास

[संग्रहाध्यक्ष पुरातत्व विभाग 19.06.2024]

कूट - 

  • A-(iv), B-(ii), C-(i), D-(iii)

  • A-(iv), B-(i), C-(ii), D-(iii) 

  • A-(i), B-(ii), C-(iv), D-(iii) 

  • A-(iii), B-(ii), C-(iv), D-(i) 

🔹 व्याख्या:

👉 (A) बैराइट्स – भगत-का-बास (अलवर) में पाया जाता है।
👉 (B) जिप्सम – गोठ-मंगलोद (नागौर) क्षेत्र इसका प्रमुख उत्पादक है।
👉 (C) रॉक फॉस्फेट – बिरमानिया (जैसलमेर) इसका प्रमुख क्षेत्र है।
👉 (D) फ्लोर्सपार – माण्डो-की-पाल (डूंगरपुर) इसका उत्पादक क्षेत्र है। 

✍️ सही उत्तर है – (A)-(iv), (B)-(ii), (C)-(i), (D)-(iii)

गलत युग्म कौनसा है? 

[स्कूल व्याख्याता 20.10.2022]

            डोलोमाइट निक्षेप - जिला 

  • इंडो की ढाणी - कोटा 

  • करोली-कसोली - राजसमंद 

  • बाजला-काबरा  - अजमेर 

  • मांडल  - भीलवाड़ा 

🔹 व्याख्या:

👉 इंडो की ढाणी राजस्थान के कोटा (Kota) जिले में स्थित है। यह स्थान डोलोमाइट (Dolomite) नामक खनिज के खनन के लिए प्रमुख रूप से जाना जाता है। बाजला-काबरा (राजस्थान) डोलोमाइट खनन के लिए जाना जाता है।
👉 रामपुरा-अगुचा विश्व की सबसे बड़ी सीसा-जस्ता खदानों में से एक है।

निम्नलिखित में से किस जिले में राजस्थान के प्रमुख जिप्सम भंडार हैं ?  

[AEN परीक्षा 30.06.2024]

  • झालावाड़ 

  • सीकर 

  • भरतपुर 

  • नागौर 

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान में जिप्सम के प्रमुख भंडार नागौर, बीकानेर, जैसलमेर, गंगानगर, चूरू जिलों में पाए जाते हैं।
👉 नागौर जिले के गोठ-मंगलोद, मालगू, मादवासी क्षेत्र प्रमुख जिप्सम उत्पादक क्षेत्र हैं।
👉 जबकि झालावाड़, सीकर और भरतपुर में जिप्सम का कोई उल्लेख नहीं है।
👉 राज्य में जिप्सम उत्पादन का उपयोग मुख्यतः उर्वरक और प्लास्टर ऑफ पेरिस में होता है।

✍️ सही उत्तर है – नागौर

राजस्थान के खनिज संसाधनों तथा उनके उत्पादक स्थलों का मिलान कीजिए: 

I. टंग्स्टन           A. लीलवानी 

II. मैंगनीज        B. डेगाना 

III. ताँबा           C. जावर माला 

IV. सीसा-जस्ता  D. खेतड़ी सिंघाना

[उपनिरीक्षक (SI) 13.09.2021]

सुमेलित युग्म हैं :

            I     II     III     IV

  • D     C     A    B

  • A     B     C    D

  • C     D     B    A

  • B     A    D     C

🔹 व्याख्या:

👉 टंग्स्टन का प्रमुख उत्पादक क्षेत्र है डेगाना (नागौर) – यह देश की एकमात्र सक्रिय खान है।
👉 मैंगनीज का उत्पादन मुख्यतः लीलवानी (बांसवाड़ा) से होता है।
👉 ताँबा का सबसे बड़ा क्षेत्र है खेतड़ी-सिंघाना (झुंझुनूं)।
👉 सीसा-जस्ता का उत्पादन जावरमाला (उदयपुर) क्षेत्र से होता है।

✍️ सही उत्तर है = I–B, II–A, III–D, IV–C

झुंझुनूं का खेतड़ी-सिंघाना किस खनिज/धातु का उत्पादक है ?

[EO RO (Shift I) 14.05.2023]

  • कोयला 

  • जिप्सम

  • अभ्रक 

  • ताँबा 

🔹 व्याख्या:

👉 खेतड़ी-सिंघाना (झुंझुनूं जिला) ताँबा (Copper) का प्रमुख उत्पादक क्षेत्र है।
👉 यहाँ के मुख्य स्थान हैं – कोल्हन, मन्धान, पपरना, अखवाली, बबाई, बरखेड़ा आदि।
👉 यह क्षेत्र राज्य का सबसे महत्त्वपूर्ण ताँबा क्षेत्र माना जाता है। 

✍️ सही उत्तर है – ताँबा

राजस्थान का कौन सा जिला रॉक-फॉस्फेट खनिज का उत्पादक नहीं है ?  

[Asst. Jailor 15.03.2016]

  • जयपुर  

  • उदयपुर  

  • पाली   

  • जैसलमेर  

🔹 व्याख्या:

👉 रॉक-फॉस्फेट का उत्पादन राजस्थान में मुख्यतः उदयपुर, जैसलमेर, जयपुर, बाँसवाड़ा व सीकर जिलों में होता है।
👉 इन जिलों के क्षेत्रों में झामर कोटड़ा, मटून, फतेहगढ़, बीरमानिया, अचरोल आदि प्रमुख स्थल हैं। 

✍️ सही उत्तर है – पाली

निम्न में से कौन-सा युग्म सही नहीं है ?  

[वरिष्ठ अध्यापक (Spl Edu) 07.02.2018]

  • फैल्सपार (खनिज)   - अजमेर (उत्पादक जिला)  

  • राॅक फास्फेट     - टोंक (उत्पादक जिला)  

  • वोलस्टोनाइट (खनिज) - सिरोही (उत्पादक जिला)  

  • टंगस्टन (खनिज) - नागौर (उत्पादक जिला)  

🔹 व्याख्या:

👉 फेल्सपार का प्रमुख उत्पादक जिला अजमेर है — राज्य का लगभग 96% उत्पादन यहीं से होता है।
👉 रॉक फास्फेट का उल्लेख टोंक जिले में कहीं नहीं है, यह उदयपुर, बाँसवाड़ा, जैसलमेर, जयपुर, सीकर में पाया जाता है।
👉 वोलस्टोनाइट का उत्पादन सिरोही जिले में होता है।
👉 टंगस्टन का उत्पादन नागौर जिले के डेगाना क्षेत्र में होता है।

✍️ सही उत्तर है – रॉक फास्फेट – टोंक (उत्पादक जिला)

राजस्थान में मोरीजा - नीमला लौह अयस्क भण्डार ……… जिले में स्थित हैं । 

[सांख्यिकी अधिकारी 18.12.2021]

  • जयपुर 

  • अलवर 

  • दौसा 

  • अजमेर 

🔹 व्याख्या:

👉 मोरीजा और नीमला — दोनों लौह अयस्क भण्डार जयपुर जिले में स्थित हैं।
👉 मोरीजा क्षेत्र आमेर तहसील में चौमूं-सामोद के पास स्थित है।
👉 नीमला क्षेत्र दौसा जिले की सीमा के पास, लेकिन प्रशासनिक रूप से जयपुर में आता है।
👉 यहाँ हेमेटाइट प्रकार का लोहा पाया जाता है, जिसमें 65–70% लौह अंश होता है।

✍️ सही उत्तर है – जयपुर

निम्नलिखित में से कौन सी रॉक फॉस्फेट की प्रसिद्ध खान है ? 

[Protection Officer 28.01.2023]

  • नट की नेरी 

  • बीदासर 

  • झामर - कोटरा

  • सलुम्बर 

🔹 व्याख्या:

👉 रॉक फॉस्फेट की राजस्थान में प्रसिद्ध खानों में झामर–कोटड़ा (उदयपुर) प्रमुख है।
👉 यह क्षेत्र राज्य का मुख्य रॉक फॉस्फेट उत्पादक क्षेत्र है।
👉 नट की नेरी (भीलवाड़ा) — अभ्रक से संबंधित है।
👉 सलुम्बर – घीया पत्थर।
👉 बीदासर (बीकानेर) – अभ्रक या अन्य खनिज से जुड़े हैं।

✍️ सही उत्तर है – झामर–कोटरा

राजस्थान के डेगाना क्षेत्र में टंगस्टन से संबंधित कौनसा खनिज पाया जाता है ?  

[प्रोग्रामर परीक्षा 27.10.2024]

  • बॉक्साइट 

  • मैग्नेटाइट 

  • वोल्फ्रामाइट 

  • हेमेटाइट 

🔹 व्याख्या:

👉 डेगाना क्षेत्र (नागौर) में टंगस्टन से संबंधित खनिज वोल्फ्रामाइट पाया जाता है।
👉 यह भारत में टंगस्टन उत्पादन का एकमात्र सक्रिय क्षेत्र है।
👉 अन्य विकल्पों में – हेमेटाइट और मैग्नेटाइट लौह अयस्क से संबंधित हैं।
👉 जबकि बॉक्साइट एल्युमिनियम का प्रमुख अयस्क है।

✍️ सही उत्तर है – वोल्फ्रामाइट

निम्नलिखित में से कौनसा (उत्पादक क्षेत्र - खनिज) सुमेलित नहीं है ?  

[रसायनज्ञ पुरालेख विभाग 05.08.2024]

  • मोरीजा बानोल - लोहा 

  • लीलवानी - मैग्नीज़ 

  • चम्पागुड़ा - बेरेलियम 

  • खो-दरीबा - सीसा और जस्ता 

🔹 व्याख्या:

👉 आगुचा-गुलाबपुरा क्षेत्र राजस्थान में सीसा और जस्ता के खनिजों के लिए प्रसिद्ध है।
👉 खो-दरीबा क्षेत्र का संबंध ताँबा खनिज से है। 

खारी, चनेरी, पलाना, गंगा सरोवर किस खनिज की 'खानें हैं ?  

[अन्वेषण उत्खनन अधिकारी 19.06.2024]

  • लौह-अयस्क 

  • यूरेनियम 

  • गैस 

  • कोयला 

🔹 व्याख्या:

👉 खारी, चनेरी, पलाना, गंगा सरोवर क्षेत्र लिग्नाइट कोयला से संबंधित हैं – विशेषकर बीकानेर जिले में स्थित हैं।
👉 यह क्षेत्र राजस्थान में लिग्नाइट के प्रमुख भण्डारों के रूप में जाना जाता है।
👉 राज्य में गैस, यूरेनियम और लौह अयस्क के क्षेत्र अलग-अलग हैं।
👉 लिग्नाइट कोयला एक प्रकार का नरम कोयला होता है, जिसका उपयोग उर्जा उत्पादन में होता है।

✍️ सही उत्तर है – कोयला

निम्नलिखित में से राजस्थान का कौनसा एक रॉक फॉस्फेट खनन क्षेत्र है ? 

[सहायक पुरालेखपाल 03.08.2024]

  • झामर-कोटड़ा 

  • पुर-दरीबा 

  • डाबला 

  • माण्डव-की-पाल 

🔹 व्याख्या:

👉 झामर-कोटड़ा (उदयपुर) राजस्थान का एक प्रमुख रॉक फॉस्फेट खनन क्षेत्र है।
👉 पुर-दरीबा क्षेत्र ताँबा के लिए जाना जाता है (भीलवाड़ा)।
👉 माण्डव-की-पाल क्षेत्र फ्लोराइट से संबंधित है (डूंगरपुर)।
👉 डाबला क्षेत्र लौह अयस्क के लिए प्रसिद्ध है (सीकर)।

✍️ सही उत्तर है – झामर-कोटड़ा

कौन सा सुमेलित नहीं है? 

[Head Master 02.09.2018]

       खनिज  -  खनन क्षेत्र 

  • फेल्सपार  -    डेगाना

  • तामड़ा  -   राजमहल 

  • मैंगनीज  -   लीलवानी 

  • जिप्सम  -    जामसर

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान के नागौर जिले में स्थित डेगाना (मुख्यतः रेवंत की पहाड़ी/डेगाना-भाकरी क्षेत्र) मुख्य रूप से टंगस्टन (Tungsten) और लिथियम (Lithium) के विशाल भंडारों के लिए जाना जाता है। जिप्सम का प्रमुख क्षेत्र जामसर (बीकानेर) है।
👉 मैंगनीज का उत्पादन लीलवानी (बाँसवाड़ा) में होता है।
👉 तामड़ा का उत्पादन राजमहल (टोंक) क्षेत्र में होता है।
👉 फेल्सपार का प्रमुख उत्पादन क्षेत्र अजमेर है।

✍️ सही उत्तर है – फेल्सपार - डेगाना

सूची-I व सूची-II को सुमेलित कीजिए तथा नीचे दिए कूटों से सही उत्तर का चयन कीजिए : 

सूची-I                 सूची-II 

A. लूणकरणसर  1. बेरिलियम 

B. जावर           2. जिप्सम 

C. डेगाना          3. सीसा व जस्ता 

D. चम्पा-गुढा    4. टंगस्टन 

[स्कूल व्याख्याता 17.07.2016]

कूट : 

           A     B     C     D 

  • 1     2     3     4 

  • 2     3     4     1 

  • 4     2     1     3 

  • 3     4     2     1 

🔹 व्याख्या:

👉 लूणकरणसर (बीकानेर) क्षेत्र जिप्सम उत्पादन के लिए प्रसिद्ध है।
👉 जावर (उदयपुर) राजस्थान का प्रमुख सीसा व जस्ता उत्पादक क्षेत्र है।
👉 डेगाना (नागौर) राज्य का एकमात्र सक्रिय टंगस्टन खनन क्षेत्र है।
👉 चम्पा–गुढ़ा (उदयपुर) में बेरिलियम के भण्डार स्थित हैं।

✍️ सही उत्तर है – 2 3 4 1

निम्नलिखित में से कौन सा जोड़ा गलत है ?

[Protection Officer 29.05.2019]

(खनिज)            (प्रमुख खानें)  

  • सीसा - जस्ता  - राजपुरा दरीबा 

  • रॉकफास्फेट - झामर कोटडा

  • ताँबा - लीलवानी

  • लौह-अयस्क - डाबला क्षेत्र 

🔹 व्याख्या:

👉 सीसा–जस्ता की प्रमुख खान राजपुरा–दरीबा (उदयपुर) है।
👉 लौह-अयस्क का उत्पादन डाबला क्षेत्र (सीकर-झुंझुनूं) से होता है।
👉 रॉक फॉस्फेट का प्रमुख क्षेत्र झामर कोटड़ा (उदयपुर) है।
👉 लेकिन लीलवानी क्षेत्र मैंगनीज़ उत्पादन के लिए प्रसिद्ध है।

✍️ सही उत्तर है – ताँबा–लीलवानी

सुमेलित कीजिये : 

      खनिज                क्षेत्र 

(A) जिप्सम           (I) झामर कोटडा 

(B) ताँबा               (II) रामपुरा आमुचा

(C) रॉक फास्फेट     (III) खो जरीबा 

(D) सीसा एवं जस्ता (IV) जामसर

[AEN Pre. 2013]

नीचे दिये कोड का प्रयोग करते हुए सही उत्तर चुनिये 

            (A)     (B)     (C)     (D) 

  • (I)    (IV)     (II)     (III) 

  • (III)     (II)     (IV)     (I) 

  • (IV)     (III)    (I)     (II)

  • (II)     (III)     (IV)     (I)

🔹 व्याख्या:

👉 जिप्सम का सबसे प्रमुख क्षेत्र है जामसर (बीकानेर)।
👉 ताँबा के लिए खो–दरीबा (अलवर) एक प्रमुख उत्पादक क्षेत्र है।
👉 रॉक फास्फेट का खनन झामर कोटड़ा (उदयपुर) क्षेत्र में किया जाता है।
👉 सीसा एवं जस्ता के लिए रामपुरा–आगूचा (भीलवाड़ा) क्षेत्र प्रसिद्ध है।

✍️ सही उत्तर है – (A-IV), (B-III), (C-I), (D-II)

निम्नलिखित में से कौनसा राजस्थान में एक घीया पत्थर उत्पादक क्षेत्र नहीं है ?  

[अनुसंधान अधिकारी पुरा. 04.08.2024]

  • ऋषभदेव - चिकला 

  • गुंजन - कछाला 

  • सलूम्बर - बेंद 

  • ओरडा - देपुरा 

🔹 व्याख्या:

👉 सलूम्बर-बेंद (उदयपुर) घीया पत्थर का प्रमुख उत्पादक क्षेत्र है।
👉 ओरडा-देपुरा और ऋषभदेव-चिकला क्षेत्र भी उदयपुर जिले के घीया पत्थर उत्पादक क्षेत्र हैं।
👉 गुंजन-कछाला एस्बेस्टस खनन क्षेत्रों में है, न कि घीया पत्थर में।

✍️ सही उत्तर है – गुंजन - कछाला

राजस्थान में सर्वाधिक फैल्सपार उत्पादक जिला है 

[LDC (RPSC) 23.10.2016]

  • कोटा 

  • जयपुर 

  • अजमेर 

  • भीलवाड़ा 

🔹 व्याख्या:

👉 फेल्सपार का सर्वाधिक उत्पादन अजमेर जिले से होता है।
👉 राज्य के कुल फेल्सपार उत्पादन का लगभग 96% हिस्सा अकेले अजमेर से प्राप्त होता है।
👉 यह खनिज अभ्रक के सह-उत्पाद के रूप में भी निकाला जाता है।
👉 जयपुर, पाली, टोंक आदि जिलों में यह सीमित मात्रा में पाया जाता है।

✍️ सही उत्तर है – अजमेर

इनमें से कौन-सा राजस्थान का प्रमुख जिप्सम उत्पादक क्षेत्र है ? 

  • जौधपुर - बीकानेर - बाड़मेर क्षेत्र 

  • चूरू - झुन्झुनू - सीकर क्षेत्र 

  • बीकानेर - गंगानगर - हनुमानगढ़ क्षेत्र 

  • जैसलमेर - बाड़मेर - जौधपुर क्षेत्र 

🔹 व्याख्या:

👉 जिप्सम का सबसे प्रमुख उत्पादक क्षेत्र है बीकानेर – गंगानगर – हनुमानगढ़ क्षेत्र।
👉 इसमें बीकानेर के जामसर, लूणकरणसर, सियासर, पुगाल जैसे क्षेत्र शामिल हैं।
👉 इस क्षेत्र में देश के 17% जिप्सम भण्डार होने का अनुमान है। 

✍️ सही उत्तर है – बीकानेर – गंगानगर – हनुमानगढ़ क्षेत्र

निम्न में से राजस्थान में कौन-सा मैंगनीज खनन का क्षेत्र नहीं है ?  

[Research Assistant 24.08.2017]

  • राजपुरा    

  • लीलवानी

  • तिम्मामोरी 

  • कालाखूंटा

🔹 व्याख्या:

👉 लीलवानी, कालाखूंटा और तिम्मामोरी – ये सभी बांसवाड़ा जिले के प्रमुख मैंगनीज खनन क्षेत्र हैं।
👉 राजपुरा क्षेत्र सीसा व जस्ता के लिए प्रसिद्ध है – विशेषकर राजपुरा-दरीबा (राजसमन्द-उदयपुर)। 

✍️ सही उत्तर है – राजपुरा

"गोट-मंगलोढ" क्षेत्र का सम्बन्ध किस खनिज से है ? 

[RAS Pre. 31.10.2015]

  • मैंगनीज 

  • रॉक फॉस्फेट 

  • जिप्सम

  • टंगस्टन 

🔹 व्याख्या:

👉 गोट-मंगलोढ़ क्षेत्र राजस्थान के नागौर जिले में स्थित है।
👉 यह क्षेत्र जिप्सम खनिज के लिए प्रमुख रूप से जाना जाता है।
👉 नागौर जिले के अन्य स्थान जैसे मालगू, मादवासी, भडान्न आदि भी जिप्सम क्षेत्र हैं।
👉 राज्य में जिप्सम उत्पादन का बड़ा भाग बीकानेर, नागौर और जैसलमेर से होता है।

✍️ सही उत्तर है – जिप्सम

राजस्थान के किस जिले में जिप्सम का उत्पादन सर्वाधिक होता है ? [*]

सहायक आचार्य [24.04.2016]

  • बाड़मेर 

  • जैसलमेर 

  • अजमेर 

  • उदयपुर 

📌 महत्वपूर्ण सूचना: इस प्रश्न को बोर्ड द्वारा 'डिलीट' या अमान्य घोषित किया गया है। 

सूची-। को सूची-॥ से सुमेलित कीजिए एवं नीचे दिये गये कूटों की  सहायता से सही उत्तर का चयन कीजिए :  

सूची -।

(खनिज)

सूची -॥ 

 (खनन क्षेत्र)  

A. मैंगनीज

(i) जामसर  

B. सीसा एवं जस्ता

(ii) खो - दरीबा  

C. तांबा

(iii) राजपुरा - दरीबा  

D. जिप्सम

(iv) लीलवानी 

[Research Assistant 24.08.2017]

          A B C D

  • (ii) (i) (iii) (iv)

  • (iv) (iii) (ii) (i)   

  • (iii) (iv) (i) (ii)

  • (i) (iii) (iv) (ii)

🔹 व्याख्या:

👉 (A) मैंगनीज – लीलवानी (बांसवाड़ा) इसका प्रमुख खनन क्षेत्र है।
👉 (B) सीसा एवं जस्ता – राजपुरा-दरीबा (राजसमन्द) क्षेत्र से संबंधित है।
👉 (C) तांबा – खो-दरीबा (अलवर) तांबा उत्पादक क्षेत्र है।
👉 (D) जिप्सम – जामसर (बीकानेर) इसका प्रमुख भण्डार क्षेत्र है। 

✍️ सही उत्तर है – A-(iv), B-(iii), C-(ii), D-(i)

राजस्थान में 'खो दरीबा क्षेत्र निम्न में से किस खनिज से सम्बन्धित है ? 

[Head Master 2011]

  • मैगजीन

  • चांदी 

  • ताम्बा 

  • सीसा एवं जस्ता 

🔹 व्याख्या:

👉 खो दरीबा क्षेत्र (अलवर) मुख्य रूप से ताँबा खनिज से संबंधित है।
👉 सीसा एवं जस्ता का उत्पादन जावर, दरिबा, आगूचा क्षेत्रों में होता है। 
👉 चाँदी उत्पादन सीसा-जस्ता के साथ मिश्रित रूप में होता है।

✍️ सही उत्तर है – ताम्बा

इनमें से कौन सा राजस्थान का टंगस्टन उत्पादक क्षेत्र है ? 

[स्टेनोग्राफर (RPSC) 2011]

  • राजमहल 

  • डेगाना 

  • गोगुन्दा 

  • जावर 

🔹 व्याख्या:

👉 टंगस्टन का एकमात्र सक्रिय उत्पादन क्षेत्र राजस्थान का डेगाना (नागौर जिला) है।
👉 यह क्षेत्र देश में टंगस्टन उत्पादन की एकमात्र प्रमुख खान के रूप में जाना जाता है।
👉 अन्य विकल्प जैसे राजमहल (टोंक) – तामड़ा।
👉 गोगुन्दा – पन्ना।
👉 जावर – सीसा-जस्ता से संबंधित हैं।

✍️ सही उत्तर है – डेगाना

निम्न में से कौन सा सही सुमेलित नहीं है ? 

[सांख्यिकी अधिकारी 25.02.2024]

     खनिज  -  खनन क्षेत्र 

  • बेरिलियम  - चम्पागुढ़ा 

  • फेल्सपार  - मकरेड़ा 

  • टंगस्टन  - जामसर 

  • यूरेनियम  - रोहिल 

🔹 व्याख्या:

👉 यूरेनियम का भण्डार सीकर जिले के रोही, खंडेला, घाटेश्वर में पाया गया है। बीकानेर के जामसर (Jamsar) में जिप्सम (Gypsum) नामक खनिज पाया जाता है।जामसर अपनी उच्च गुणवत्ता वाले जिप्सम के लिए पूरे भारत में प्रसिद्ध है और यह देश की सबसे बड़ी जिप्सम खदानों में से एक है। इसका उपयोग मुख्य रूप से सीमेंट और उर्वरक (खाद) उद्योग में किया जाता है।

✍️ सही उत्तर है – टंगस्टन – जामसर 

सुमेलित कीजिये : 

      खनिज             क्षेत्र 

(a) जिप्सम           (i) जावर 

(b) ताँबा              (ii) झामर-कोटडा 

(c) रॉक फास्फेट    (iii) खो - दरीबा 

(d) सीसा व जस्ता (iv) जामसर  

[ACF परीक्षा 2011]

कोड :    

            (a)     (b)     (c)     (d)

  • (ii)     (i)     (iv)     (iii) 

  • (iii)     (iv)     (ii)     (i) 

  • (iv)     (iii)     (ii)     (i) 

  • (iii)     (ii)     (i)    (iv) 

🔹 व्याख्या:

👉 (a) जिप्सम – (iv) जामसर : यह सुमेलित है, जामसर (बीकानेर) जिप्सम के लिए प्रसिद्ध है।
👉 (b) ताँबा – (iii) खो-दरीबा : यह सुमेलित है, खो-दरीबा (अलवर) ताँबा क्षेत्र है।
👉 (c) रॉक फास्फेट – (ii) झामर-कोटड़ा : यह सुमेलित है, झामर-कोटड़ा (उदयपुर) रॉक फास्फेट का क्षेत्र है।
👉 (d) सीसा व जस्ता – (i) जावर : यह सुमेलित है, जावर (उदयपुर) सीसा-जस्ता का प्रमुख क्षेत्र है।

✍️ सही उत्तर है – (a-iv), (b-iii), (c-ii), (d-i) 

राजस्थान उत्पादन में अपना एकाधिकार रखता है : 

[Head Master 2011]

  • मैंगनीज के 

  • वोलेस्टोनाइट के

  • अभ्रक

  • फेल्सपार के

🔹 व्याख्या:

👉 वोलेस्टोनाइट के उत्पादन में राजस्थान का एकाधिकार है। यह खनिज केवल राजस्थान में ही पाया जाता है।
👉 अभ्रक का उत्पादन बिहार व झारखंड में भी होता है।
👉 मैंगनीज का प्रमुख उत्पादन मध्यप्रदेश में होता है।
👉 फेल्सपार का उत्पादन राजस्थान में अधिक है, लेकिन एकाधिकार नहीं है।

✍️ सही उत्तर है – वोलेस्टोनाइट के

निम्नलिखित में से कौन से खनिजों का राजस्थान लगभग अकेला उत्पादक राज्य है

(अ) सीसा एवं जस्ता अयस्क 

(ब) ताम्र अयस्क 

(स) वोलेस्टोनाइट 

(द) सेलेनाइट 

[RAS Pre. 05.08.2018]

कूट

  • (अ) एवं (स) 

  • (अ), (ब) एवं (द)

  • (अ), (स) एवं (द)

  • (अ), (ब) एव (स) 

🔹 व्याख्या:

👉 वोलेस्टोनाइट और सेलेनाइट ऐसे खनिज हैं जिनका उत्पादन लगभग केवल राजस्थान में होता है।
👉 वहीं सीसा-जस्ता और ताम्र अयस्क का उत्पादन राजस्थान में अधिक है।

✍️ सही उत्तर है – (अ), (स) एवं (द)

अगूचा-गुलाबपुरा किस खनिज का खनन केन्द्र है ?  

[Asst. Jailor 15.03.2016]

  • ताँबा  

  • लौह-अयस्क

  • सीसा और जस्ता  

  • मैंगनीज  

🔹 व्याख्या:

👉 अगूचा–गुलाबपुरा (भीलवाड़ा) क्षेत्र सीसा व जस्ता का प्रमुख खनन क्षेत्र है।
👉 यहाँ वृहद भण्डारों की उपस्थिति के कारण चन्देरिया (चित्तौड़गढ़) में शोधक संयंत्र भी स्थापित किया गया है।
👉 यह क्षेत्र दक्षिण-पूर्वी राजस्थान के प्रमुख सीसा–जस्ता उत्पादक क्षेत्रों में गिना जाता है।

✍️ सही उत्तर है – सीसा और जस्ता

सूची-I और सूची-II को सुमेल करके नीचे दिए गए कूटों से सही उत्तर चुनिए:

        सूची-I           सूची-II 

(यूरेनियम केन्द्र)     (राज्य)

(A) दोमियासियात    i. राजस्थान 

(B) लम्बापुर           ii. कर्नाटक 

(C) रोहिली            iii. मेघालय 

(D) गोगी              iv. आन्ध्र प्रदेश 

[उपनिरीक्षक (SI) 15.09.2021]

कूट : 

            (A)     (B)     (C)     (D)

  • ii     i      iii     iv 

  • i     iii    iv     ii 

  • iv     ii     iii     i

  • iii     iv     i     ii 

🔹 व्याख्या:

👉 दोमियासियात यूरेनियम केंद्र मेघालय राज्य में स्थित है।
👉 लम्बापुर यूरेनियम परियोजना आंध्र प्रदेश में है।
👉 रोहिली यूरेनियम केंद्र राजस्थान के सीकर जिले में आता है।
👉 गोगी यूरेनियम क्षेत्र कर्नाटक राज्य में स्थित है।

✍️ सही उत्तर है – A–iii, B–iv, C–i, D–ii

राजस्थान में निम्न में से कौन सा जिला 'फैल्सपार' का अधिकतम उत्पादन करता है ? 

[स्कूल व्याख्याता 17.07.2016]

  • सीकर 

  • पाली 

  • जयपुर 

  • अजमेर

🔹 व्याख्या:

👉 फेल्सपार का उत्पादन राजस्थान में प्रमुख रूप से अजमेर जिले में होता है।
👉 राज्य का लगभग 96% फेल्सपार उत्पादन केवल अजमेर जिले से प्राप्त होता है।
👉 यह खनिज अभ्रक के सह-उत्पाद के रूप में भी निकलता है।
👉 अन्य जिलों जैसे जयपुर, पाली, टोंक, सीकर में इसका सीमित उत्पादन होता है।

✍️ सही उत्तर है – अजमेर

निम्न को सुमेलित कीजिए : [*]

    खनिज                  निक्षेप क्षेत्र 

A ताँबा                 i. मोरिजा निक्षेप 

B लौह अयस्क      ii. गरारिया से रतिमाऊरी 

C सीसा एवं जस्ता iii. मदान - कूदान निक्षेप

D मैंगनीज            iv. झावर निक्षेप 

सहायक आचार्य [30.05.2019]

कूट : 

          A    B    C    D 

  • i   ii   iii  iv 

  • ii   iv   i   iii

  • i   ii   iv   iii

  • iv  ii   iii   i 

राजस्थान में निम्नलिखित में से असतत/अस्थिर खनन के पर्यावरणीय प्रभाव कौनसे हैं ? 

(A) वायु प्रदूषण 

(B) जैव-विविधता का ह्रास 

(C) भूमि क्षरण 

(D) सतही तथा भू-जल प्रदूषण 

कूट - 

[सहायक सांख्यिकी अधि. 25.08.2024]

  • केवल B तथा C

  • A, B, C 

  • A, B, C, D 

  • B, C, D 

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान में असतत खनन से उत्पन्न प्रमुख समस्याओं में वायु प्रदूषण शामिल है — धूल व कणों से वातावरण प्रभावित होता है।
👉 खनन क्षेत्रों में जैव-विविधता का ह्रास होता है, जिससे पारिस्थितिक संतुलन बिगड़ता है।
👉 खनन के कारण भूमि क्षरण और गड्ढों का निर्माण भूमि की गुणवत्ता को प्रभावित करता है।
👉 इसके साथ ही सतही और भू-जल स्रोत भी प्रदूषित होते हैं, जिससे पीने और सिंचाई योग्य जल प्रभावित होता है।

✍️ सही उत्तर है – (A), (B), (C), (D)

राजस्थान में निम्नलिखित में से कौन सा 'संगमरमर शहर' के रूप में प्रसिद्ध है ? 

[EO RO (Shift II) 14.05.2023]

  • बीदासर 

  • खेतड़ी

  • नचना 

  • मकराना

🔹 व्याख्या:

👉 मकराना (नागौर जिला) राजस्थान में ‘संगमरमर शहर’ के रूप में प्रसिद्ध है।
👉 यहाँ से प्राप्त सफेद संगमरमर विश्व प्रसिद्ध है, जिसका उपयोग ताजमहल जैसे स्मारकों में हुआ है।
👉 मकराना की खानें बहुत पुरानी और गहरी हैं, जहाँ सदियों से खनन हो रहा है।
👉 अन्य विकल्प जैसे नचना, बीदासर, खेतड़ी संगमरमर के लिए प्रसिद्ध नहीं हैं।

✍️ सही उत्तर है – मकराना

निम्नलिखित में से कौन सा गारनेट का प्रमुख उत्पादक जिला है ? 

[EO RO (Shift II) 14.05.2023]

  • बीकानेर

  • जैसलमेर 

  • टोंक 

  • बाड़मेर 

🔹 व्याख्या:

👉 गारनेट (तामड़ा) का प्रमुख उत्पादक जिला टोंक है – विशेषकर राजमहल, गांवरी, कुशलपुरा, जनकपुरा क्षेत्र। 
👉 अन्य विकल्प जैसे बीकानेर, बाड़मेर और जैसलमेर गारनेट के उत्पादक नहीं हैं।
👉 राजस्थान का गारनेट उत्पादन पर एकाधिकार है।

✍️ सही उत्तर है – टोंक

राजस्थान का एकमात्र जिला जहाँ पाइराइट भण्डार है: 

सहायक आचार्य [22.09.2021]

  • भीलवाड़ा

  • सीकर 

  • दौसा

  • राजसमन्द

🔹 व्याख्या:

👉 पाइराइट खनिज का भण्डार राजस्थान में केवल सीकर जिले में पाया जाता है। 
👉 यह खनिज उर्वरक वर्ग में आता है और सीमित क्षेत्र में उपलब्ध है। 

✍️ सही उत्तर है – सीकर

राजस्थान के बाड़मेर- सांचोर द्रोणी में तेल की खोज और वाणिज्यिक उत्पादन से कौनसी कम्पनी सम्बद्ध है?  

वरिष्ठ अध्यापक 2010 पेपर -I GK (विज्ञान)

  • ब्रिटिश पेट्रोलियम

  • रिलायन्स एनर्जी केयर्न्स

  • ऑइल इण्डिया लिमिटेड

  • केयर्न एनर्जी 

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान के बाड़मेर-सांचोर द्रोणी में तेल की खोज और वाणिज्यिक उत्पादन से केयर्न एनर्जी कम्पनी सम्बद्ध है।

✍️ सही उत्तर है – रॉक फास्फेट–टोंक (उत्पादक जिला)

लौह अयस्क खनन क्षेत्र नहीं है -

[RAS Pre. 31.10.2015]

  • डाबला 

  • मोरीजा 

  • तलवाडा 

  • नीमला 

🔹 व्याख्या:

👉 मोरीजा, डाबला और नीमला — ये सभी क्षेत्र लौह अयस्क के प्रमुख खनन क्षेत्र हैं।
👉 ये क्रमशः जयपुर, सीकर और दौसा जिलों में स्थित हैं।
👉 जबकि तलवाड़ा का संबंध मैंगनीज़ खनिज से है, यह बांसवाड़ा जिले में स्थित है। 

✍️ सही उत्तर है – तलवाड़ा

निम्न में से कौन सा युग्म सही नहीं है ?

[Head Master 02.09.2018] 

            खनिज  - खान 

  • यूरेनियम - कुराड़िया 

  • जिप्सम - पलाना 

  • तामड़ा  - राजमहल 

  • गुलाबी संगमरमर  - बाबरमल 

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान के बीकानेर जिले में स्थित पलाना गाँव मुख्य रूप से अपने लिग्नाइट (Lignite) कोयला खनन के लिए विश्व प्रसिद्ध है। :लिग्नाइट के भंडार: यहाँ भारत के सबसे बेहतरीन और पुराने टर्शियरी (Tertiary) कोयला भंडारों में से एक है। जिप्सम का प्रमुख क्षेत्र पलाना नहीं है, बल्कि यह बीकानेर के जामसर, लूणकरणसर, सियासर, पुगाल आदि क्षेत्रों में पाया जाता है।
👉 गुलाबी संगमरमर का खनन उदयपुर के बाबरमल क्षेत्र में होता है।
👉 तामड़ा (Garnet) का उत्पादन राजमहल (टोंक) क्षेत्र में होता है।
👉 यूरेनियम का भण्डार डूंगरपुर, बाँसवाड़ा, सीकर (रोही, घाटेश्वर) आदि क्षेत्रों में है।

✍️ सही उत्तर है – जिप्सम - पलाना

सूची-I को सूची-II के साथ सुमेलित करते हुए उनके नीचे दिये गए कूटों से सही उत्तर का चयन कीजिये : 

सूची-I (कोयला/गैस खानें) सूची-II (जिला) 
A. केसरदेसर       i. जैसलमेर 
B. कपूरड़ी  ii. नागौर 
C. मातासुख iii. बीकानेर
D. तनोट  iv. बाड़मेर 

[RAS Pre. 31.10.2015]

कूट : 

       A      B     C     D 

  • iii     iv     ii     i 

  • iii     ii     iv     i 

  • i     iv     ii    iii

  • i     ii    ili     iv 

🔹 व्याख्या:

👉 केसरदेसर कोयले की खान बीकानेर जिले में स्थित है।
👉 कपूरड़ी लिग्नाइट क्षेत्र बाड़मेर जिले में आता है।
👉 मातासुख लिग्नाइट का प्रमुख क्षेत्र नागौर जिले में है।
👉 तनोट प्राकृतिक गैस क्षेत्र जैसलमेर जिले में स्थित है।

✍️ सही उत्तर है – A–iii, B–iv, C–ii, D–i

'मंगला तेल क्षेत्र' जिस जिले में स्थित है, वह है 

[LDC (RPSC) 23.10.2016]

  • बाड़मेर 

  • जोधपुर 

  • बीकानेर 

  • जैसलमेर 

🔹 व्याख्या:

👉 मंगला तेल क्षेत्र राजस्थान के बाड़मेर जिले में स्थित है।
👉 यह क्षेत्र राज्य का प्रमुख पेट्रोलियम उत्पादक क्षेत्र है। 

✍️ सही उत्तर है – बाड़मेर

सुमेलित कीजिये : 

      सूची I             सूची II 

     खनिज       राजस्थान में मुख्य उत्पादन क्षेत्र 

(A) फैल्सपार             (i) सीकर 

(B) फ्लोराइट             (ii) पाली 

(C) कैल्साइट             (iii) अजमेर 

(D) वोलेस्टोनाइट        (iv) बाडमेर 

        (v) डूंगरपुर 

[Head Master 2011]

(A)     (B)     (C)     (D) 

  • (iii)     (v)     (i)      (ii) 

  • (ii)     (iv)     (iii)     (v) 

  • (v)     (ii)     (iv)     (iii) 

  • (iv)     (iii)     (ii)     (i) 

🔹 व्याख्या:

👉 फेल्सपार का प्रमुख उत्पादन अजमेर जिले में होता है।
👉 फ्लोराइट का प्रमुख क्षेत्र डूंगरपुर जिले हैं।
👉 कैल्साइट का प्रमुख क्षेत्र सीकर है।
👉 वोलेस्टोनाइट का प्रमुख क्षेत्र पाली है।

✍️ सही उत्तर है – A–iii, B–v, C–i, D–ii

जावर खाने समीप स्थित है ?

[स्कूल व्याख्याता 2011]

  • भीलवाडा के 

  • बांसवाडा के 

  • उदयपुर के 

  • खेतड़ी के 

🔹 व्याख्या:

👉 जावर क्षेत्र राजस्थान के उदयपुर जिले में स्थित है, जो राज्य का प्रमुख सीसा–जस्ता उत्पादक क्षेत्र है।
👉 यह क्षेत्र उदयपुर नगर से दक्षिण-पूर्व में लगभग 40 कि.मी. दूर स्थित है।
👉 यहाँ की प्रमुख पहाड़ियाँ हैं — जावरमाला, बरोड़ मगरा और मोचिया मगरा।
👉 इस क्षेत्र में देबारी स्थित शोधक संयंत्र भी कार्यरत है।

✍️ सही उत्तर है – उदयपुर के 

निम्नलिखित को सुमेलित कीजिए 

   जिला          तांबा भंडार क्षेत्र 

(A) अलवर    (1) पादर की पाल 

(B) डूंगरपुर   (2) मंदन कुदान 

(C) झुंझुनू     (3) भगोनी 

(D) सीकर    (4) बालेश्वर 

[स. सांख्यिकी अधिकारी 08.07.2022]

कूट 

            A     B     C     D 

  • 3     1     2     4 

  • 3     2     1     4 

  • 4     1     2     3 

  • 2    1     4     3 

🔹 व्याख्या:

👉 अलवर जिले में ताँबा भण्डार भगोनी, खो-दरीबा, सेनपुरी क्षेत्रों में पाया जाता है।
👉 डूंगरपुर में ताँबा भण्डार पादर की पाल जैसे क्षेत्रों में किया गया है।
👉 झुंझुनू जिले के मन्दन, खेतड़ी, कोल्हन प्रमुख ताँबा उत्पादक क्षेत्र हैं।
👉 सीकर जिले में ताँबा भण्डार बालेश्वर जैसे क्षेत्रों में मिलता है।

✍️ सही उत्तर है – (A-3), (B-1), (C-2), (D-4)

राजस्थान, देश में कच्चे तेल का दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक है। देश में राज्य का कुल कच्चे तेल का उत्पादन कितना है ? 

[स्कूल व्याख्याता 17.10.2022]

  • 20% से अधिक 

  • 10% से कम 

  • 30% से अधिक 

  • 15% से कम 

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान देश का दूसरा सबसे बड़ा कच्चा तेल उत्पादक बन गया है।
👉 राज्य प्रतिवर्ष लगभग 90 लाख टन तेल का उत्पादन कर रहा था, जो कि देश के कुल कच्चे तेल उत्पादन का 24% है।

पाली जोधपुर पट्टे पर - फलसुंड, मंगलोद क्षेत्र निम्नलिखित में से किस खनिज के खनन के लिए प्रसिद्ध हैं ? 

[EO RO (Shift II) 14.05.2023]

  • हीरा 

  • जिप्सम 

  • ग्रेफाइट 

  • पेट्रोलियम 

🔹 व्याख्या:

👉 फलसुंड (जैसलमेर) और मंगलोद (नागौर-जोधपुर क्षेत्र) जिप्सम खनिज के लिए प्रसिद्ध हैं।
👉 यह क्षेत्र पाली–जोधपुर पट्टे में आता है, जहाँ जिप्सम के प्रमुख भण्डार स्थित हैं।
👉 इन क्षेत्रों में उर्वरक निर्माण हेतु जिप्सम का खनन होता है। 

✍️ सही उत्तर है – जिप्सम

सूची-I को सूची-II से सुमेलित कीजिए तथा नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर का चयन कीजिए : 

सूची-I (खनिज)  सूची-II (खानें/भण्डार)

i. टंग्स्टन       a. आसींद 

ii. एस्बेस्टॉस  b. नाना कराब 

iii. फेल्सपार c. रेवासा 

iv. मैग्नीज़    d. लोहरवाड़ा 

सहायक आचार्य [07.01.2024] 

कूट : 

            i  ii  iii iv 

  • a b d c

  • b a d c 

  • b d a c 

  • c b d a 

🔹 व्याख्या:

👉 टंग्स्टन का प्रमुख भण्डार है नाना कराब (डेगाना क्षेत्र) – यह देश की एकमात्र सक्रिय खान है।
👉 एस्बेस्टॉस की प्रमुख खानों में आसींद (अजमेर/भीलवाड़ा) क्षेत्र आता है।

👉 फेल्सपार का उत्पादन होता है लोहरवाड़ा (उदयपुर) क्षेत्र से।

👉 मैंगनीज़ खनिज का भण्डार रेवासा (बांसवाड़ा) क्षेत्र में है।

✍️ सही उत्तर है – i–b, ii–a, iii–d, iv–c

खैरवाड़ा तथा रिषभदेव किस खनिज के उत्पादन के लिए प्रसिद्ध हैं ?  

[संग्रहाध्यक्ष पुरातत्व विभाग 19.06.2024]

  • अभ्रक के लिए 

  • एस्बेस्टॉस के लिए

  • बेरिलियम के लिए 

  • लौह-अयस्क के लिए

🔹 व्याख्या:

👉 खेरवाड़ा और ऋषभदेव (उदयपुर जिला) एस्बेस्टॉस खनिज के प्रमुख उत्पादक क्षेत्र हैं।
👉 यह खनिज ताप निरोधक वस्तुओं, टाइलें, सीमेन्ट चादरें आदि में उपयोग होता है। 

✍️ सही उत्तर है – एस्बेस्टॉस के लिए

गलत युग्म का चुनाव कीजिए - 

[पुरालेखपाल परीक्षा 03.08.2024]

  • मैंगनीज - कांसला 

  • ताँबा - अगूचा गुलाबपुरा 

  • सीसा व जस्ता - राजपुरा दरीबा 

  • लौह अयस्क - डाबला क्षेत्र 

🔹 व्याख्या:

👉 अगूचा-गुलाबपुरा (भीलवाड़ा) क्षेत्र सीसा व जस्ता का उत्पादक है।
👉 कांसला (बांसवाड़ा) मैंगनीज का प्रमुख क्षेत्र है।
👉 राजपुरा-दरीबा (उदयपुर-राजसमंद) सीसा व जस्ता का प्रसिद्ध क्षेत्र है।
👉 डाबला क्षेत्र (सीकर) लौह अयस्क के लिए प्रसिद्ध है।

✍️ सही उत्तर है – ताँबा - अगूचा गुलाबपुरा

डेगाना जिस खनन के लिए जाना जाता है 

सहायक आचार्य [24.04.2016]

  • टँगस्टन

  • लोह अयस्क 

  • कोयला 

  • तांबा 

🔹 व्याख्या:

👉 टंगस्टन का उत्पादन डेगाना (नागौर) क्षेत्र में होता है, जो देश की एकमात्र सक्रिय खान है।
👉 लोह अयस्क राजस्थान में जयपुर, सीकर, उदयपुर आदि क्षेत्रों में पाया जाता है।
👉 कोयला राजस्थान में बीकानेर के पलाना क्षेत्र में पाया जाता है।
👉 ताँबा का प्रमुख क्षेत्र झुंझुनूँ (खेतड़ी-सिंघाना) तथा अलवर के क्षेत्र है।

✍️ सही उत्तर है – टँगस्टन

राजस्थान का 90% से अधिक फैल्सपार का उत्पादन करने वाला जिला है 

[SI (मोटर वाहन) 2013] 

  • भीलवाड़ा 

  • अजमेर 

  • नागौर 

  • जयपुर 

🔹 व्याख्या:

👉 फेल्सपार का लगभग 90% से अधिक उत्पादन अकेले अजमेर जिले से होता है।
👉 यह खनिज अभ्रक के सह-उत्पाद के रूप में निकलता है।
👉 अन्य जिले जैसे भीलवाड़ा, नागौर, जयपुर में इसका केवल सीमित उत्पादन होता है। 

✍️ सही उत्तर है – अजमेर

जनकपुरा और सरवाड़ खानें जिस खनिज के उत्पादन के लिये जानी जाती हैं, वह है

[RAS Pre. 28.08.2016]

  • पाइराइट 

  • पन्ना 

  • तामड़ा 

  • बेराइट्स 

🔹 व्याख्या:

👉 जनकपुरा और सरवाड़ क्षेत्र तामड़ा खनिज के प्रमुख उत्पादक क्षेत्रों में शामिल हैं।
👉 यह खनिज एक पारदर्शी रत्न होता है, जिसका उपयोग आभूषणों और अन्य उद्योगों में होता है।
👉 टोंक, अजमेर, सीकर, भीलवाड़ा में तामड़ा के भंडार स्थित हैं।
👉 राजमहल, गांवरी, कुशलपुरा, जनकपुरा और सरवाड़ जैसे क्षेत्र विशेष रूप से तामड़ा के लिए प्रसिद्ध हैं।

✍️ सही उत्तर है – तामड़ा

निम्न में से कौन से कथन सत्य हैं ? 

(अ) संगमरमर विकास एवं संरक्षण नियमावली 2002 

(ब) राजस्थान खनिज नीति- 2015 

(स) जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट नियमावली 2016 

(द) राजस्थान अप्रधान खनिज रिआयत नियमावली (संशोधित मई 2016 तक) 

[RAS Pre. 05.08.2018]

कूट : 

  • केवल (अ), (ब) एवं (द)

  • केवल (अ), (स) एवं (द)

  • केवल (अ) एवं (द)

  • ये सभी

🔹 व्याख्या:

👉 संगमरमर विकास एवं संरक्षण नियमावली - 2002 
👉 राजस्थान खनिज नीति - 2015 
👉 राजस्थान अप्रधान खनिज रिआयत नियमावली (संशोधित मई 2016 तक) 

✍️ सही उत्तर है – ये सभी

राजस्थान सरकार के पेट्रोलियम निदेशालय के अनुसार, राज्य को कितने संभावित पेट्रोलिफेरस बेसिनों में वर्गीकृत किया गया है ? 

[पुरालेखपाल परीक्षा 03.08.2024]

  • 4 

  • 8 

  • 12 

  • 10 

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान के 14 जिलों में पेट्रोलियम उत्पादक क्षेत्र फैले हैं — कुल क्षेत्रफल 1,50,000 वर्ग किमी।
👉 राज्य में 4 पेट्रोलिफेरस बेसिन, जिनमें से 3 को श्रेणी-1 (बॉम्बे हाई के समकक्ष) में रखा गया है।
👉 ये जिले हैं — बाड़मेर, जैसलमेर, बीकानेर, गंगानगर, हनुमानगढ़, जालौर, जोधपुर, कोटा, झालावाड़, बारां, बूंदी, भीलवाड़ा, चुरु, चित्तौड़गढ़।
👉 21 ब्लॉकों में 60,000 वर्ग किमी क्षेत्र अन्वेषण हेतु अधिसूचित किया गया है।

निम्नलिखित को सुमेलित कीजिये तथा नीचे दिये गये कूटों का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिये : 

     खनिज        राजस्थान में खनन क्षेत्र 

(अ) पॉयराइट   (i) सलादीपुर (सीकर) 

(ब) टंगस्टन      (ii) डेगाना (नागौर) 

(स) ताँबा        (iii) बिलाड़ा (जोधपुर) 

(द) लाइमस्टोन 

/चूना पत्थर  (iv)खेतड़ी-सिंघाना (झुन्झुनू)    

कूट : 

            (अ)    (ब)    (स)    (द) 

[स्कूल व्याख्याता 09.01.2020]

  • (i)    (ii)     (iv)     (iii) 

  • (i)    (ii)     (iii)     (iv) 

  • (i)   (iii)     (ii)     (iv) 

  • (iv)   (iii)    (ii)     (i)

🔹 व्याख्या:

👉 पॉयराइट राजस्थान में सीकर जिले में पाया जाता है, जो राज्य का एकमात्र उत्पादक क्षेत्र है।
👉 टंगस्टन का उत्पादन डेगाना (नागौर) की खान में होता है, जो देश की एकमात्र सक्रिय खान है।
👉 ताँबा का प्रमुख क्षेत्र खेतड़ी–सिंघाना (झुंझुनूं) है, जहाँ ताँबा संयंत्र भी स्थित है।
👉 चूना पत्थर का खनन बिलाड़ा (जोधपुर) सहित अनेक जिलों में किया जाता है।

✍️ सही उत्तर है – (अ-i), (ब-ii), (स-iv), (द-iii)

सूची-I व सूची-II को सुमेलित कर निम्नलिखित कूट में से सही उत्तर का चयन कीजिए : 

       सूची-I                   सूची-II 

     (खनिज)                 (स्थान) 

(A) ग्रेनाइट           (i) देपुरा (उदयपुर) 

(B) चूना पत्थर     (ii) सोनू (जैसलमेर) 

(C) घीया पत्थर    (iii) अजीतगढ़ (सीकर)

(D) रॉक फास्फेट  (iv) माटोन (उदयपुर) 

[स्कूल व्याख्याता 04.08.2020]

कूट : 

            (A)     (B)     (C)     (D)

  • (iv)     (i)     (iii)     (ii) 

  • (ii)     (iii)     (i)     (iv) 

  • (i)     (iv)     (iii)     (ii)

  • (iii)     (ii)     (i)     (iv) 

🔹 व्याख्या:

👉 ग्रेनाइट का उत्पादन अजीतगढ़ (सीकर) सहित राज्य के कई जिलों में होता है — जैसे जालौर, पाली, सिरोही।
👉 चूना पत्थर का प्रमुख क्षेत्र सोनू (जैसलमेर) है, जहाँ सीमेंट ग्रेड भंडार उपलब्ध हैं।
👉 घीया पत्थर के क्षेत्र में देपुरा (उदयपुर) प्रमुख है, साथ ही ओरडा, नाथरा की पाल भी महत्वपूर्ण हैं।
👉 रॉक फास्फेट का प्रमुख उत्पादन क्षेत्र माटोन (उदयपुर) है, साथ ही झामर कोटड़ा, कानपुर आदि भी शामिल हैं।

✍️ सही उत्तर है – (A-iii), (B-ii), (C-i), (D-iv)

भारत का कौन सा राज्य जिप्सम का सर्वाधिक उत्पादन करता है ? 

[उपनिरीक्षक (SI) 13.09.2021]

  • राजस्थान

  • गुजरात

  • मध्य प्रदेश 

  • तमिलनाडु 

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान देश में जिप्सम का सर्वाधिक उत्पादन करने वाला राज्य है।
👉 यहाँ देश के 90% से अधिक जिप्सम का उत्पादन होता है।
👉 प्रमुख उत्पादक क्षेत्र हैं – बीकानेर, नागौर, जैसलमेर, जोधपुर, गंगानगर आदि।
👉 जिप्सम का उपयोग उर्वरक, प्लास्टर ऑफ पेरिस, रंग-रोगन आदि में होता है।

✍️ सही उत्तर है – राजस्थान

निम्न में से कौन सा सही सुमेलित है? 

(A) मांडो की पाल -फेल्सपार 

(B) तलवाड़ा - सीसा एवं जस्ता 

(C) खेरवाड़ा - एस्बेस्टस 

(D) ऋषभदेव -अभ्रक 

[RAS Pre. 27.10.2021]

  • B

  • C

  • A

  • D

🔹 व्याख्या:

👉 (A) मांडो की पाल – फेल्सपार: मांडो की पाल फ्लुओराइट खनिज के लिए प्रसिद्ध है, फेल्सपार से संबंधित नहीं है।
👉 (B) तलवाड़ा – सीसा एवं जस्ता: तलवाड़ा (डूंगरपुर) लौह अयस्क क्षेत्र में आता है, न कि सीसा-जस्ता से संबंधित है।
👉 (C) खेरवाड़ा – एस्बेस्टस: यह जोधपुर जिले का क्षेत्र एस्बेस्टस के लिए प्रसिद्ध है — सही सुमेलित।
👉 (D) ऋषभदेव – अभ्रक: ऋषभदेव क्षेत्र घीया पत्थर (सोप स्टोन) और संगमरमर के लिए जाना जाता है, अभ्रक के लिए नहीं।

✍️ सही उत्तर है – C 

राजस्थान में कालाखुटा, लीलवानी, नारदिया, तिम्मामोरी किस खनिज के उत्पादक क्षेत्र हैं ? 

[RAS Pre. 01.10.2023]

  • ताँबा 

  • मैंगनीज़ 

  • टंगस्टन 

  • लौह-अयस्क 

🔹 व्याख्या:

👉 कालाखूंटा, लीलवानी, नरडिया, तिम्मामौरी जैसे क्षेत्र बांसवाड़ा जिले में स्थित हैं।
👉 ये सभी क्षेत्र मैंगनीज़ खनिज के प्रमुख उत्पादक क्षेत्र हैं।
👉 राजस्थान में मैंगनीज़ का प्रमुख व्यापारिक खनन केवल बांसवाड़ा जिले में होता है। 

✍️ सही उत्तर है – मैंगनीज़

कौनसा (खनिज - खनन क्षेत्र/भण्डार) सुमेलित नहीं है ?  

[अनुसंधान अधिकारी पुरा. 04.08.2024]

  • तामड़ा - राजगढ़, कुशलगढ़ 

  • फ्लोराइट - माण्डो-की- पाल 

  • चूना पत्थर - माण्डला, मुण्डवा 

  • बेराइट्स - बालूपुरा, खोरा

🔹 व्याख्या:

👉 फ्लोराइट का प्रमुख क्षेत्र माण्डो-की-पाल (डूंगरपुर) है।
👉 बेराइट्स के भण्डार बालूपुरा (अलवर) में स्थित हैं।
👉 तामड़ा का भण्डार राजगढ़ में नहीं, बल्कि सरवाड़ (अजमेर), राजमहल (टोंक) आदि में है।
👉 चूना पत्थर का भण्डार माण्डला, मुण्डवा (नागौर) में है।

✍️ सही उत्तर है – तामड़ा - राजगढ़, कुशलगढ़

राजस्थान में निम्नलिखित में से कौन से जिलों में बेन्टोनाइट के महत्वपूर्ण भण्डार है ?

[AEN Pre. 2013]

  • कोटा, झालावाड

  • बाडमेर, बीकानेर, सवाई माधोपुर 

  • अजमेर, नागौर, भीलवाडा 

  • जयपुर, सीकर, झुन्झुनू  

🔹 व्याख्या:

👉 बेंटोनाइट के प्रमुख भण्डार राजस्थान के बाड़मेर, बीकानेर और सवाई माधोपुर जिलों में स्थित हैं।
👉 इसका उपयोग वनस्पति व खनिज तेलों को शुद्ध करने के लिए किया जाता है। 
👉 वर्ष 2020-21 में इसका उत्पादन 4.46 लाख टन रहा था।

✍️ सही उत्तर है – बाड़मेर, बीकानेर, सवाई माधोपुर

राजस्थान में स्टील ग्रेड चूना पाया जाता है

[Head Master 2011]

  • जैसलमेर नागौर जिले में 

  • चित्तौडगढ़ जिले में 

  • अलवर जिले में 

  • सवाई माधोपुर जिले में

🔹 व्याख्या:

👉 स्टील ग्रेड चूना पत्थर का प्रमुख उत्पादन जैसलमेर नागौर जिले में होता है।

✍️ सही उत्तर है – जैसलमेर नागौर जिले में 

किस खनिज से सीमेंट चादरें, टाइलें, फिल्टर्स, बॉइलर्स तथा अन्य ताप निरोधक वस्तुओं का निर्माण किया जाता है 

[उपनिरीक्षक (SI) 14.09.2021]

  • वोलेस्टोनाइट 

  • फेल्सपार 

  • एस्बेस्टॉस 

  • डोलोमाइट 

🔹 व्याख्या:

👉 एस्बेस्टॉस का उपयोग सीमेंट चादरें, टाइलें, फिल्टर्स, बॉइलर्स व अन्य ताप निरोधक वस्तुओं के निर्माण में किया जाता है।
👉 राजस्थान देश का लगभग 90% एस्बेस्टॉस उत्पादन करता है।
👉 इसके प्रमुख क्षेत्र उदयपुर, डूंगरपुर, राजसमन्द, अजमेर, पाली आदि हैं।
👉 यह एक उष्मा अवरोधक खनिज है जिसका औद्योगिक महत्व अधिक है।

✍️ सही उत्तर है – एस्बेस्टॉस

सूची सूची-I को सूची-II से सुमेलित कीजिए तथा नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर का चयन कीजिए 

सूची-I (खनिज)     सूची-II (क्षेत्र)

(A) लोह अयस्क   (i) डेगाना भाकरी 

(B) ताँबा             (ii) चौथ का बरवाड़ा

(C) सीसा व जस्ता (iii) खो - दरीबा 

(D) टंगस्टन          (iv) डाबला सिंघाना  

[सहायक कृषि अधिकारी 28.05.2022]

  • A - (iv),B - (iii), C - (ii), D - (i) 

  • A - (ii), B - (i), C - (iv), D - (iii) 

  • A - (i), B - (ii), C - (iii), D - (iv)

  • A - (iii), B - (ii) C - (i), D - (iv) 

🔹 व्याख्या:

👉 लोह अयस्क का प्रमुख क्षेत्र है डाबला–सिंघाना (सीकर-झुंझुनूं)।
👉 ताँबा का खनन खो-दरीबा (अलवर) में होता है।
👉 सीसा व जस्ता के भण्डार चौथ का बरवाड़ा (सवाई माधोपुर) क्षेत्र में मिले हैं।
👉 टंगस्टन का उत्पादन डेगाना–भाकरी (नागौर) क्षेत्र से होता है।

✍️ सही उत्तर है – (A-iv), (B-iii), (C-ii), (D-i)

वर्ष 2017-18 (दिसम्बर 2017 तक) में राजस्थान के कौन से क्षेत्र से सर्वाधिक कच्चे तेल (Crude oil) का उत्पादन प्राप्त हुआ है ?

[RAS Pre. 05.08.2018]

  • बाड़मेर- सांचोर बेसिन 

  • इनमें से कोई नहीं

  • बीकानेर-नागौर बेसिन

  • जैसलमेर बेसिन 

🔹 व्याख्या:

👉 कच्चे तेल का सर्वाधिक उत्पादन राज्य के बाड़मेर-सांचौर बेसिन से होता है।
👉 यह क्षेत्र राजस्थान में तेल एवं गैस भंडारण की दृष्टि से अत्यंत महत्त्वपूर्ण है।
👉 जैसलमेर व बीकानेर-नागौर बेसिन से भी तेल मिलता है, परंतु उत्पादन में ये बाड़मेर से पीछे हैं।
👉 वर्ष 2017-18 तक सर्वाधिक उत्पादन इसी बेसिन से हुआ था।

✍️ सही उत्तर है – बाड़मेर-सांचोर बेसिन

राजस्थान में पेट्रोलियम उत्पादक क्षेत्र कितने जिलों में फैला हुआ है ? 

सहायक आचार्य [ 07.01.2024] 

  • 8 जिलों में 

  • 14 जिलों में 

  • 6 जिलों में 

  • 10 जिलों में 

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान में पेट्रोलियम उत्पादक क्षेत्र का विस्तार 14 जिलों में तक फैला हुआ है।

निम्न में से कौन सा एक सही नहीं है ? 

[Head Master 2011]

  • नागौर - जिप्सम 

  • बून्दी - गारनेट 

  • जावर - जस्ता एवं सीसा अयस्क 

  • बांसवाडा - मैंगनीज 

🔹 व्याख्या:

👉 जावर (उदयपुर) क्षेत्र जस्ता एवं सीसा अयस्क के लिए प्रसिद्ध है।
👉 बांसवाड़ा में मैंगनीज के प्रमुख क्षेत्र जैसे लीलवानी, कालाखूंटा आदि हैं।
👉 नागौर जिले में जिप्सम के बड़े भण्डार हैं।
👉 गारनेट (तामड़ा) का उत्पादन टोंक, अजमेर, भीलवाड़ा, सीकर आदि में होता है, बूंदी में नहीं।

✍️ सही उत्तर है – बून्दी-गारनेट

राजस्थान में निम्नलिखित में से किस जिले में सर्वाधिक (मिलियन टन) ताँबे का भंडार है ? 

[AEN CIVIL 21 मई 2023]

  • झुंझुनू 

  • पाली 

  • अलवर 

  • चित्तौड़गढ़ 

🔹 व्याख्या:

👉 ताँबे का सर्वाधिक भंडार राजस्थान के झुंझुनू जिले के खेतड़ी–सिंघाना क्षेत्र में पाया जाता है।
👉 यहाँ लगभग 8 करोड़ टन ताँबा भंडार का अनुमान है, जो राज्य में सबसे अधिक है।
👉 इस क्षेत्र में खेतड़ी ताँबा संयंत्र भी स्थित है जहाँ ताँबे का शोधन किया जाता है। 

✍️ सही उत्तर है – झुंझुनू

'लालसोट', ' रावसोला' एवं 'बोमानी' स्थान किस खनिज से संबंधित हैं

[AEN 16 दिसम्बर 2018]

  • मैंगनीज़

  • तांबा

  • टंगस्टन

  • लौह-अयस्क

🔹 व्याख्या:

👉 'लालसोट', ' रावसोला' एवं 'बोमानी' स्थान लौह-अयस्क खनिज से संबंधित हैं।

✍️ सही उत्तर है – लौह-अयस्क 

निम्न में से राजस्थान के किस जिले में सोने के भण्डार पाये गये हैं ? 

सहायक आचार्य [ 07.01.2024] 

  • सिरोही 

  • बाँसवाड़ा 

  • झालावाड़ 

  • अजमेर 

🔹 व्याख्या:

👉 सोने के भण्डार राजस्थान के बाँसवाड़ा जिले में पाए गए हैं।
👉 भूखिया–जगपुरा–देलवाड़ा पेटी में स्थित हैं।

✍️ सही उत्तर है – बाँसवाड़ा

राजस्थान में पाया जाने वाला अधात्विक खनिज है-  

वरिष्ठ अध्यापक 2010 पेपर -I GK (SST)

  • फेल्स्पार 

  • अभ्रक 

  • टंगस्टन 

  • मैंगनीज 

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान में पाया जाने वाला अधात्विक खनिज है -  अभ्रक। 

✍️ सही उत्तर है – अभ्रक।

दशकों से राजस्थान तामड़ा उत्पादन में अग्रणी रहा है । इसकी खानें प्रमुखतः स्थित हैं 

[ACF 18.02.2021]

  • टोंक व जोधपुर में 

  • जयपुर व दौसा में 

  • जयपुर व अलवर में 

  • टोंक व अजमेर में 

🔹 व्याख्या:

👉 तामड़ा (Garnet) उत्पादन में राजस्थान का अग्रणी स्थान रहा है।
👉 इसकी प्रमुख खानें टोंक (राजमहल, गांवरी) और अजमेर (सरवाड़, खरवारी) जिलों में स्थित हैं।
👉 यह खनिज लाल व गुलाबी पारदर्शी रत्न होता है और आभूषणों में प्रयोग किया जाता है।
👉 भीलवाड़ा, सीकर और चित्तौड़गढ़ में भी इसके भंडार हैं, पर प्रमुखता टोंक–अजमेर में है।

✍️ सही उत्तर है – टोंक व अजमेर में

झामर कोटड़ा खानें जानी जाती हैं- 

[Head Master 02.09.2018]

  • बेराइट्स 

  • बॉक्साइट 

  • रॉक फॉस्फेट 

  • अभ्रक 

🔹 व्याख्या:

👉 झामर कोटड़ा (उदयपुर) क्षेत्र रॉक फॉस्फेट के उत्पादन के लिए प्रसिद्ध है।
👉 अभ्रक का उत्पादन भीलवाड़ा, उदयपुर, टोंक आदि में होता है।
👉 बेराइट्स का प्रमुख क्षेत्र अलवर, भरतपुर, सीकर आदि हैं।

✍️ सही उत्तर है – रॉक फॉस्फेट

राजस्थान के जिस जिले में बलुई पत्थर का खनन नहीं होता है, वह है [*]  

[ACF परीक्षा 2011]

  • जोधपुर 

  • बीकानेर 

  • करौली 

  • भरतपुर 

📌 महत्वपूर्ण सूचना: इस प्रश्न को बोर्ड द्वारा 'डिलीट' या अमान्य घोषित किया गया है। 

भीलवाड़ा जिले के आगूचा-गुलाबपुरा क्षेत्र से कौन सा खनिज प्राप्त होता है ? 

[LDC (RPSC) 2011]

  • ताँबा 

  • अभ्रक 

  • जस्ता 

  • केल्साइट 

🔹 व्याख्या:

👉 भीलवाड़ा जिले के आगूचा–गुलाबपुरा क्षेत्र में सीसा व जस्ता के वृहद भण्डार पाए जाते हैं।
👉 यहाँ से निकाले गए अयस्क के लिए चन्देरिया (चित्तौड़गढ़) में जस्ता शोधक संयंत्र कार्यरत है।
👉 इस क्षेत्र को राज्य के प्रमुख जस्ता उत्पादन क्षेत्रों में गिना गया है। 

✍️ सही उत्तर है – जस्ता

'राजस्थान में सरस्वती परियोजना’ प्रारंभ करने वाली एजेन्सी हैं-  

वरिष्ठ अध्यापक 2010 पेपर -I GK (SST)

  • खान एवं भूविज्ञान विभाग, राजस्थान 

  • वेदान्ता समूह 

  • राजस्थान स्टेट माइन्स व मिनरल्स 

  • ऑयल एण्ड नेचुरल गैस कंपनी 

🔹 व्याख्या:

👉 'राजस्थान में सरस्वती परियोजना’ प्रारंभ करने वाली एजेन्सी ऑयल एण्ड नेचुरल गैस कंपनी हैं।

✍️ सही उत्तर है – ऑयल एण्ड नेचुरल गैस कंपनी 

गलत युग्म को चुनिए ? 

      खनिज    -   खान 

(1) चूना पत्थर  -  कनोई 

(2) मैग्नेसाइट   - सेन्ड्रा 

(3) पन्ना           - काला गुमान 

(4) बेंटोनाइट    -  राजगढ़ 

[स्कूल व्याख्याता 03.01.2020]

  • 3 

  • 4

  • 1 

  • 2 

🔹 व्याख्या:

👉 चूना पत्थर का उत्पादन "कनोई" में है।
👉 मैग्नेसाइट का उत्पादन पाली जिले के सेन्दरा क्षेत्र में है।
👉 पन्ना की प्रमुख खान राजसमन्द जिले के कालागुमान क्षेत्र में है।
👉 बेंटोनाइट का उत्पादन बाड़मेर, बीकानेर और सवाई माधोपुर में होता है।

✍️ सही उत्तर है – (4) बेंटोनाइट – राजगढ़

राजस्थान भारत में किस बहुमूल्य पत्थर के उत्पादन में एकाधिकार रखता है ? 

[स्टेनोग्राफर (RPSC) 2011]

  • तामड़ा 

  • पन्ना 

  • उपर्युक्त सभी में

  • हीरा 

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान का तामड़ा (Garnet) उत्पादन में देशभर में एकाधिकार है।
👉 पन्ना भी राज्य में पाया जाता है, पर मध्यप्रदेश का भी योगदान है। 
👉 इसलिए राजस्थान का एकमात्र पूर्ण एकाधिकार तामड़ा पर ही है।

✍️ सही उत्तर है – तामड़ा

सुमेलित कीजिये। 

      खनिज             क्षेत्र 

A. ताँबा             i. जामसर 

B. जिप्सम          ii. खो- दरीबा 

C. सीसा व जस्ता iii. झामर-कोटड़ा 

D. रॉक फॉस्फेट   iv. रामपुरा- आगूचा  

[LDC (RPSC) 23.10.2016]

कूट : 

            A     B     C     D

  • iv     iii     ii     i 

  • ii     i     iii     iv 

  • iii     ii     i     iv 

  • ii     i     iv     iii 

🔹 व्याख्या:

👉 ताँबा का खनन क्षेत्र खो-दरीबा (अलवर) तथा खेतड़ी-सिंघाना (झुंझुनूं) प्रमुख हैं।
👉 जिप्सम का सबसे बड़ा भंडार बीकानेर के जामसर में है।
👉 सीसा व जस्ता का प्रमुख क्षेत्र रामपुरा-आगूचा (भीलवाड़ा) है।
👉 रॉक फॉस्फेट का खनन झामर-कोटड़ा (उदयपुर) में होता है।

✍️ सही उत्तर है – (A-ii), (B-i), (C-iv), (D-iii)

नात–की–नेरी, टुनका, सिंदरियास निम्नलिखित में से किस खनिज के खनन क्षेत्र हैं ?  

[सहायक आचार्य परीक्षा 08.09.2024]

  • अभ्रक 

  • ताँबा 

  • यूरेनियम 

  • पन्ना 

🔹 व्याख्या:

👉 नात-की-नेरी, टुनका, सिंदरियास जैसे क्षेत्र भीलवाड़ा जिले में स्थित हैं।
👉 ये सभी क्षेत्र अभ्रक खनिज के प्रमुख उत्पादक क्षेत्र हैं।
👉 अभ्रक का उपयोग विद्युत उपकरणों, सजावट, अग्नि प्रतिरोधक ईंटों आदि में किया जाता है।
👉 भीलवाड़ा-उदयपुर पेटी राज्य की मुख्य अभ्रक उत्पादक पट्टी है।

✍️ सही उत्तर है – अभ्रक