राजस्थान में विजया तथा शक्ति तेल कुएं अवस्थित हैं -
[Technical Assistant 07.07.2025]
👉 राजस्थान में विजया और शक्ति तेल कुएँ स्थित हैं।
👉 ये बाड़मेर-सांचोर बेसिन में अवस्थित हैं।
✍️ सही उत्तर है – बाड़मेर-सांचोर बेसिन
कॉलम-I को कॉलम-II से सुमेलित कीजिए तथा नीचे दिए गए कूटों में से सही उत्तर का चयन कीजिए :
| कॉलम-I (खनिज) | कॉलम-II (खनन क्षेत्र) |
| A. ताँबा | i. रायसल |
| B. सीसा और जस्ता | ii. काला खूंटा |
| C. मैंगनीज़ | iii. कोल्हन |
| D. लौह-अयस्क | iv. राजपुरा- दरीबा |
कूट :
A B C D
[स्कूल व्याख्याता GK (E) 06.07.2025]
👉 ताँबा – कोल्हन (iii)
👉 सीसा और जस्ता – राजपुरा-दरीबा (iv)
👉 मैंगनीज़ – काला खूंटा (ii)
👉 लौह-अयस्क – रायसल (i)
✍️ सही उत्तर है – (A)-(iii), (B)-(iv), (C)-(ii), (D)-(i)
राज्य में खनिज तेल का दृष्टि से अग्रणी जिला-युग्म है-
[वरिष्ठ अध्यापक (SST) 2010]
👉 बाड़मेर और जैसलमेर जिले खनिज तेल उत्पादन में राजस्थान के अग्रणी जिले हैं।
👉 मंगला, भगीरथ, ऐश्वर्या, रत्नेश्वरी जैसे तेल क्षेत्र विशेषकर बाड़मेर में स्थित हैं।
✍️ सही उत्तर है – बाड़मेर-जैसलमेर
कौन सा सुमेलित नहीं है ?
[ATO परीक्षा 27.07.2021]
खनिज निक्षेप क्षेत्र
👉 ताम्र (ताँबा) – अकावाली (झुंझुनूं) क्षेत्र में खेतड़ी-सिंघाना बेल्ट के अंतर्गत ताँबे का उत्पादन होता है।
👉 लौह अयस्क – पुर-बानेरा पेटी (भीलवाड़ा) लौह अयस्क की पेटी में शामिल है।
👉 मैंगनीज – सिवानिया-खेरिया (बांसवाड़ा) क्षेत्र मैंगनीज उत्पादक है।
✍️ सही उत्तर है – सीसा एवं जस्ता - हनोतिया (अजमेर)
राजस्थान में निम्नलिखित में से कौनसा खनन क्षेत्र मुल्तानी मिट्टी का नहीं है ?
[PTI & Librarian 03.05.2025]
👉 राजस्थान में मुल्तानी मिट्टी (फुलर्स अर्थ) के प्रमुख खनन क्षेत्र नागौर, बारमेर, जोधपुर आदि हैं।
👉 मोकासर मुल्तानी मिट्टी का खनन क्षेत्र नहीं है।
✍️ सही उत्तर है – मोकासर
केसरपुरा, पाटन तथा तलवाड़ा प्रसिद्ध हैं
[वरिष्ठ अध्यापक (SST) 17.02.2019]
👉 चूना पत्थर मुख्यतः कैल्शियम कार्बोनेट से बना तलछटी शैल है, जो जीवाश्म अवशेषों से बनता है।
👉 यह आमतौर पर स्लेटी, परंतु सफेद, पीला या भूरा भी हो सकता है, तथा नरम होने के कारण आसानी से काटा जा सकता है।
👉 प्रमुख क्षेत्र — अजमेर, तलवाड़, पाटन, सथूर, केसरपुरा, लुलवा, बूंदी, लखेरी।
👉 विशेषतः केसरपुरा, पाटन और तलवाड़ चूना पत्थर के लिए प्रसिद्ध हैं।
निम्नलिखित में से राजस्थान के संदर्भ में कौन से सुमेलित हैं ?
खनिज — खनन/जमाव क्षेत्र
A. ताँबा — बीदासर
B. मैंगनीज — काचला
C. लौह अयस्क — नीमला
D. सीसा एवं जस्ता — इन्द्रगढ़
नीचे दिए गए कूट का उपयोग कर सही उत्तर का चयन कीजिए
[A.En (Pre) EXAM 28.09.2025]
कूट :
👉 ताँबा – बीदासर सही सुमेल है, क्योंकि बीदासर क्षेत्र में ताँबे का खनन व जमाव पाया जाता है।
👉 मैंगनीज – काचला भी सही मिलान है, जहाँ मैंगनीज का उत्पादन क्षेत्रीय रूप से मिलता है।
👉 लौह अयस्क – नीमला का सुमेल भी सही है और यहाँ लौह अयस्क के जमाव क्षेत्र मिलते हैं।
बूंदी जिले में स्थित इंदरगढ़ (Indergarh) और उसके आसपास के क्षेत्रों में मुख्य रूप से लौह-अयस्क (Iron Ore) और चूना पत्थर (Limestone) पाए जाते हैं
✍️ सही उत्तर है – A, B तथा C
राजस्थान में निम्नलिखित स्थलों पर ऐस्बेस्टॉस खदानें कहाँ अवस्थित हैं ?
[RAS Pre परीक्षा 02.02.2025]
👉 अर्जुनपुरा (अजमेर) और पीपरदा (डूंगरपुर) – ये दोनों स्थल राजस्थान में ऐस्बेस्टॉस खदानों के प्रमुख क्षेत्र हैं।
✍️ सही उत्तर है – अर्जुनपुरा और पीपरदा
निम्नलिखित में से कौन सा खनिज बाँसवाड़ा जिले के लीलवानी एवं नराड़िया क्षेत्र में पाया जाता है ?
[कृषि अधिकारी 20.04.2025]
👉 राजस्थान के बाँसवाड़ा जिले के लीलवानी और नराड़िया क्षेत्र खनिज संपदा के लिए प्रसिद्ध हैं।
👉 यहाँ मुख्यतः मैंगनीज़ खनिज पाया जाता है।
✍️ सही उत्तर है – मैंगनीज़
कालागुमान क्षेत्र किस खनिज से सम्बन्धित है ?
[Assistant Director 09.07.2025]
👉 राजस्थान का कालागुमान क्षेत्र खनन के लिए प्रसिद्ध है।
👉 यह क्षेत्र मुख्यतः पन्ना (Emerald) खनिज से संबंधित है।
✍️ सही उत्तर है – पन्ना
सरवाड़ एवं राजमहल खनन क्षेत्र इसके लिए प्रसिद्ध हैं :
[वरिष्ठ अध्यापक (SST) 21.12.2022]
👉 सरवाड़ (अजमेर) और राजमहल (टोंक) क्षेत्र गारनेट (तामड़ा) खनिज के लिए प्रसिद्ध हैं।
👉 यह एक बहुमूल्य पत्थर है, जो आभूषण, लैन्स और रंग उद्योग में उपयोग होता है।
✍️ सही उत्तर है – गारनेट
कौन सा सुमेलित नहीं है ?
[Asst. Prof. (Paper -III) 07.12.2025]
खनिज - खनन क्षेत्र
🔹 व्याख्या
👉
रॉक
फॉस्फेट क्षेत्र
मटून,
झामर-कोटड़ा
(उदयपुर)
व
ढोल-की-पाल
(भीलवाड़ा)
हैं।
👉
इसका
उपयोग सुपर
फॉस्फेट खाद
व फास्फोरस
पूर्ति
में होता है।
👉
मधु
सिलिका कंपनी
अवक्षेपित
सिलिका की अग्रणी
उत्पादक
है (भावनगर)।
👉
इसका
उपयोग रबर,
टायर,
टूथपेस्ट,
कोटिंग्स
में होता है।
👉
सिलिसियस
अर्थ क्षेत्र
मण्डाई व धारवी
खुर्द (बाड़मेर)
में
हैं।
✍️ सही उत्तर है – घीया पत्थर - अलीपुरा, रूपनगर
सुमेलित कीजिए :
|
सूची-I (खनिज) |
सूची-II (उत्पादक जिला) |
|
A. वुल्फ्रेमाइट |
i. बाड़मेर |
|
B. बेरेलियम |
ii. बाँसवाड़ा |
|
C. मैंगनीज |
iii. उदयपुर |
|
D. बेन्टोनाईट |
iv. नागौर |
[खाध्य सुरक्षा अधिकारी 25.11.2019]
सही कूट चुनिए : कूट :
A B C D
👉 (A) वुल्फ्रेमाइट – नागौर जिले के डेगाना क्षेत्र में पाया जाता है।
👉 (B) बेरेलियम – उदयपुर जिला इसका प्रमुख उत्पादक है।
👉 (C) मैंगनीज – बाँसवाड़ा जिले के लीलवानी, कालाखूंटा, आदि क्षेत्रों में प्रमुख रूप से मिलता है।
👉 (D) बेन्टोनाइट – बाड़मेर इसका प्रमुख उत्पादक जिला है।
✍️ सही उत्तर है – A-(iv), B-(iii), C-(ii), D-(i)
निम्नलिखित (खनिज - खनन क्षेत्र) युग्मों में कौनसा सुमेलित नहीं है?
[स्कूल व्याख्याता GK (A) 23.06.2025]
👉 राजस्थान में लौह-अयस्क के भंडार जयपुर, उदयपुर, झुंझुनूं, सीकर, भीलवाड़ा, अलवर, भरतपुर, दौसा और बांसवाड़ा जिलों में स्थित हैं।
👉 राज्य में हेमेटाइट व मैग्नेटाइट दोनों प्रकार के लौह-अयस्क उपलब्ध हैं, कुल अनुमानित संसाधन लगभग 2621 मिलियन टन हैं।
👉 प्रमुख क्षेत्र – मोरोजा-नीमला (जयपुर), लालसोट (दौसा), रामपुरा, डबला (सीकर), ताजोड़ा (झुंझुनूं), पुर-बनेरा, बिगोद (भीलवाड़ा), नाशारा-की-पाल, घुर (उदयपुर), इंदरगढ़, मोहनपुरा (बूंदी), करौली, सिलौती, टोडुपुरा, खोरा (करौली)।
✍️ सही उत्तर है – लौह-अयस्क - नात की नेरी
निम्नलिखित में से कौनसा एक युग्म सुमेलित नहीं है?
[स्कूल व्याख्याता (भूगोल) 16.10.2022]
खनिज - खनन क्षेत्र
👉 सीसा-जस्ता – मोचिया मगरा (उदयपुर) एक सही सुमेलित युग्म है।
👉 मैंगनीज़ – लीलवानी (बांसवाड़ा) भी सही सुमेलित है।
👉 सोना – आनन्दपुर-भूखिया (बांसवाड़ा)।
👉 लोहा – कोलिहान और मानधन गलत है, क्योंकि ये क्षेत्र ताँबे के खनन क्षेत्र हैं, न कि लोहा।
✍️ सही उत्तर है – लोहा — कोलिहान और मानधन
सूची-I को सूची-II से सुमेलित कीजिए तथा नीचे दिए गए कूटों से सही उत्तर का चयन कीजिए :
|
सूची-I (खनिज) |
सूची-II ( खनन क्षेत्र ) |
|
A. रॉक फॉस्फेट |
1. धरियावाद तथा खमेरा |
|
B. टंगस्टन |
2. डाफन कोटड़ा तथा फतेहगढ़ |
|
C. मैंगनीज |
3. लीलवानी |
|
D. डोलोमाइट |
4. डेगाना |
[खाध्य सुरक्षा अधिकारी 25.11.2019]
कूट :
A B C D
👉 (A) रॉक फॉस्फेट – डाफन कोटड़ा (उदयपुर) और फतेहगढ़ (जैसलमेर) इसके प्रमुख क्षेत्र हैं।
👉 (B) टंगस्टन – डेगाना (नागौर) टंगस्टन का एकमात्र सक्रिय उत्पादन क्षेत्र है।
👉 (C) मैंगनीज – लीलवानी (बांसवाड़ा) इसका प्रमुख उत्पादक क्षेत्र है।
👉 (D) डोलोमाइट – धरियावाद व खमेरा (उदयपुर-बांसवाड़ा) इसके प्रमुख खनन क्षेत्र हैं।
✍️ सही उत्तर है – A-(2), B-(4), C-(3), D-(1)
बिरमानिया और फतेहगढ़ क्षेत्र किस खनिज के उत्पादक क्षेत्र हैं ?
[भूवैज्ञानिक परीक्षा 07.05.2025]
👉 राजस्थान के बिरमानिया और फतेहगढ़ क्षेत्र खनन के लिए प्रसिद्ध हैं।
👉 ये क्षेत्र मुख्यतः रॉक फॉस्फेट के उत्पादक क्षेत्र हैं।
✍️ सही उत्तर है – रॉक फॉस्फेट
सीसा-जस्ता प्रद्रावक अवस्थित है
[योगा चिकित्सा अधिकारी 10.03.2021]
👉 राजस्थान में सीसा-जस्ता प्रद्रावक का प्रमुख केंद्र चंदेरिया (चित्तौड़गढ़) में स्थित है।
👉 यहाँ हिंडाल्को कंपनी द्वारा सीसा-जस्ता अयस्क का प्रसंस्करण और शुद्धिकरण किया जाता है।
👉 अन्य विकल्प जैसे अजमेर, डीडवाना, कोटा इस खनिज प्रसंस्करण के लिए प्रसिद्ध नहीं हैं।
👉 चंदेरिया संयंत्र राजस्थान में सीसा-जस्ता उद्योग का प्रमुख केंद्र माना जाता है।
✍️ सही उत्तर है – चंदेरिया
नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के द्वारा अनुमोदित राजस्थान की एक मेगा सोलर पावर परियोजना अवस्थित है
[खाध्य सुरक्षा अधिकारी 25.11.2019]
👉 नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के द्वारा अनुमोदित राजस्थान की एक मेगा सोलर पावर परियोजना फतेहगढ़ में अवस्थित है।
निम्न को सुमेलित कीजिए तथा नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर का चयन कीजिए :
|
(खनिज) |
(क्षेत्र) |
|
(A) पन्ना |
(i) माँडो की पाल |
|
(B) फ्लोराइट |
(ii) कालागुमान |
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(C) लिग्नाइट |
(iii) झामर-कोटड़ा |
|
(D) रॉक फॉस्फेट |
(iv) कपूरड़ी-जालिपा |
कूट :
(A) (B) (C) (D)
[भूवैज्ञानिक परीक्षा 07.05.2025]
👉 पन्ना – कालागुमान (ii)
👉 फ्लोराइट – माँडो की पाल (i)
👉 लिग्नाइट – कपूरड़ी-जालिपा (iv)
👉 रॉक फॉस्फेट – झामरकोटड़ा (iii)
✍️ सही उत्तर है – (A)-(ii), (B)-(i), (C)-(iv), (D)-(iii)
निम्नलिखित में से कौन सा राजस्थान का केल्साइट खनन क्षेत्र नहीं है ?
[Sr. Teacher (SST) 07.09.2025]
👉 घेवरिया–चाँदपुर (भीलवाड़ा) एक मान्य खनन क्षेत्र है, पर यह कैल्साइट खनन के लिए प्रसिद्ध नहीं है।
👉 राजस्थान में कैल्साइट के सर्वाधिक भंडार मुख्यतः सीकर जिले में पाए जाते हैं।
👉 घेवरिया–चाँदपुर क्षेत्र अन्य खनिज खनन के लिए जाना जाता है, इसलिए इसे कैल्साइट से सुमेलित नहीं किया जा सकता।
👉 राज्य में बालूपुरा, दागोठा–झरना आदि भी मान्यता प्राप्त खनन क्षेत्र हैं।
✍️ सही उत्तर है – घेवरिया - चाँदपुर क्षेत्र (भीलवाड़ा)
राजस्थान में वोलेस्टोनाइट का मुख्य भण्डारण कहाँ पाया जाता है ?
[Deputy Commandant 23.08.2020]
👉 वोलेस्टोनाइट के प्रमुख भंडार डूंगरपुर, पाली, सिरोही और उदयपुर जिलों में पाए जाते हैं।
👉 सिरोही जिले का बेल्का पहाड़ भारत का सबसे बड़ा वोलेस्टोनाइट भंडार वाला क्षेत्र है।
इनमें से कौनसा खनन क्षेत्र राजस्थान में जस्ता सीसा उत्पादक है?
[वरिष्ठ अध्यापक (SST) 2011]
👉 आगूचा-गुलाबपुरा (भीलवाड़ा) क्षेत्र जस्ता-सीसा का प्रमुख उत्पादक क्षेत्र है।
👉 यहाँ से प्राप्त खनिजों के शोधन हेतु चन्देरिया में संयंत्र स्थापित है।
👉 खेतड़ी – ताँबा, खौ-दरीबा – ताँबा,
👉 डेगाना – टंगस्टन के लिए प्रसिद्ध हैं।
✍️ सही उत्तर है – आगूचा - गुलाबपुरा
राजस्थान में रॉक फॉस्फेट की मुख्य खदानें कहाँ स्थित है ?
[Deputy Commandant 23.08.2020]
👉 रॉक फॉस्फेट के लिए राजस्थान का प्रमुख खनन क्षेत्र झामर-कोटड़ा (उदयपुर जिला) है — यह राज्य में रॉक फॉस्फेट का प्रमुख केंद्र माना जाता है।
👉 खो-दरीबा सीसा-जस्ता क्षेत्र है,
👉 डेगाना टंगस्टन वोल्फ्रामाइट के लिए है।
✍️ सही उत्तर है – झामर-कोटड़ा
राजस्थान के प्रमुख महत्वपूर्ण लिग्नाइट संसाधन स्थित हैं :
[वरिष्ठ अध्यापक (SST) 2013]
👉 राजस्थान में लिग्नाइट के महत्वपूर्ण भंडार पाए जाते हैं।
👉 इसके प्रमुख क्षेत्र हैं – कपूरड़ी, मेड़ता और पलाना।
✍️ सही उत्तर है – कपूरड़ी, मेड़ता एवं पलाना
राजस्थान में खनिज तेल के वि पदार्थ भण्डार पाये जाते हैं?
[वरिष्ठ अध्यापक (SST) 2010]
👉 राजस्थान में खनिज तेल के वि पदार्थ (By-products) भण्डार बाड़मेर में पाए जाते हैं।
👉 यह क्षेत्र मंगला, ऐश्वर्या, भगीरथ जैसे प्रमुख तेल क्षेत्रों के लिए प्रसिद्ध है।
✍️ सही उत्तर है – बाड़मेर में
जगपुरा, आनन्दपुर व भूकिया प्रसिद्ध है :
[स्कूल व्याख्याता (भूगोल) 2013]
👉 जगपुरा, आनन्दपुर और भूकिया (बांसवाड़ा) क्षेत्र सोना भण्डार के लिए प्रसिद्ध हैं।
👉 ये क्षेत्र हाल की नवीन खनिज सर्वेक्षणों में स्वर्ण भंडार संभावित क्षेत्र के रूप में पहचाने गए हैं।
✍️ सही उत्तर है – सोना भण्डार
राजस्थान में लिग्नाइट के सबसे महत्वपूर्ण संसाधन स्थित हैं :
[RAS Pre परीक्षा 02.02.2025]
👉 राजस्थान में लिग्नाइट के प्रमुख भंडार पाए जाते हैं।
👉 इसके सबसे महत्वपूर्ण संसाधन कपूरड़ी, मेड़ता और कसनऊ में स्थित हैं।
✍️ सही उत्तर है – कपूरड़ी, मेड़ता एवं कसनऊ
निम्नलिखित में से कौनसा राजस्थान में धिया पत्थरं खनन क्षेत्र नहीं है ?
[EO RO (Re Exam) 23 मार्च 2025]
👉 देवपुरा (उदयपुर) और डिंगरी (उदयपुर) – ये दोनों क्षेत्र घीया पत्थर (Soap Stone) के प्रमुख खनन क्षेत्रों में शामिल हैं।
👉 बालूपुरा – बेराइट्स क्षेत्र है लेकिन घीया पत्थर से संबंधित नहीं है।
✍️ सही उत्तर है – बालूपुरा
कौन सा सुमेलित नहीं है ?
खनिज - खनन क्षेत्र
[Asst. Prof. (भूगोल) 28.09.2021]
👉 तामड़ा – राजमहल (टोंक) व सरवाड़ (अजमेर) इसके सही खनन क्षेत्र हैं।
👉 घीया पत्थर – देवल (डूंगरपुर), कागदर (राजसमन्द), जगपुरा (बांसवाड़ा) – सभी सही क्षेत्र हैं।
👉 फायर क्ले – कोलायत (बीकानेर), मंगरूप (भीलवाड़ा), एरल (चित्तौड़गढ़) – सही सुमेलन है।
👉 सिलिका सैण्ड (काँच बालुका) – इसका उत्पादन धरियावद, हल्दीघाटी, राजनगर में नहीं होता – ये डोलोमाइट/चूना पत्थर के क्षेत्र हैं।
✍️ सही उत्तर है – सिलिकासैण्ड (काँच बालुका) – धरियावद, हल्दीघाटी, राजनगर
बायतू, कांसल एवं कपूरड़ी क्षेत्र किसके उत्पादन के लिए प्रसिद्ध हैं ?
[खाध्य सुरक्षा अधिकारी 25.11.2019]
👉 बायतु, कांसल और कपूरड़ी क्षेत्र तेल एवं गैस उत्पादन के लिए प्रसिद्ध हैं।
👉 राजस्थान बेसिन को चार संभावित पेट्रोलियम बेसिनों में उप-विभाजित किया गया है।
निम्न में से राजस्थान का कौन सा क्षेत्र तांबा भण्डारण के लिए प्रसिद्ध है ?
[Deputy Commandant 23.08.2020]
👉 खेतड़ी (झुंझुनूं) राजस्थान में ताँबा भण्डारण का सबसे प्रमुख क्षेत्र है।
👉 यहाँ के क्षेत्र जैसे कोल्हन, मन्धान, पपरना, अखवाली, बबाई ताँबा उत्पादक हैं।
👉 लूणकरणसर – जिप्सम क्षेत्र है,
👉 अगुचा – सीसा-जस्ता के लिए प्रसिद्ध है।
✍️ सही उत्तर है – खेतड़ी
आबू पर्वत क्षेत्र मुख्यतः निर्मित है
[खाध्य सुरक्षा अधिकारी 25.11.2019]
👉 आबू पर्वत क्षेत्र मुख्यतः ग्रेनाइट चट्टानों से निर्मित है।
👉 यह राजस्थान का एकमात्र स्थान है जहाँ ज्वालामुखीय मूल की ग्रेनाइट चट्टानें पाई जाती हैं।
✍️ सही उत्तर है – ग्रेनाइट से
सूची-I को सूची-II से सुमेलित कीजिये तथा सही उत्तर का चयन नीचे दिये कूट से कीजिये -
|
सूची-I जिला (पुरातन) |
सूची-II (खनन क्षेत्र) |
|
(a) राजसमन्द |
(I) कचला |
|
(b) बांसवाड़ा |
(II) ओडन |
|
(c) जोधपुर |
(III) चूरला |
|
(d) सीकर |
(IV) फलसुन्द |
[Asst. Prof. (भूगोल) 18.05.2024]
कूट -
👉 (a) राजसमन्द – ओडन (II) घीया पत्थर व डोलोमाइट के लिए प्रसिद्ध क्षेत्र है।
👉 (b) बांसवाड़ा – कचला (I) मैंगनीज खनन क्षेत्र है।
👉 (c) जोधपुर – फलसुन्द (IV) जिप्सम खनन क्षेत्र है।
👉 (d) सीकर – चूरला (III) बेरिलियम का क्षेत्र है।
✍️ सही उत्तर है – (a)-(II), (b)-(I), (c)-(IV), (d)-(III)
सूची-I को सूची-II से सुमेलित कीजिये और सही उत्तर का चयन नीचे दिये कूट से कीजिए
|
सूची-I (खनिज) |
सूची-II (खनन क्षेत्र) |
|
(A) कैल्साइट |
(i) रेलपातलिया |
|
(B) बैराइट्स |
(ii) बेल्का पहाड़ |
|
(C) फ्लोराइट |
(iii) राम-का-मुन्ना |
|
(D) रॉक फॉस्फेट |
(iv) मांडो-की-पाल |
कूट -
[Technical Assistant 07.07.2025]
👉 कैल्साइट – बेल्का पहाड़ (ii)
👉 बैराइट्स – रेलपातलिया (i)
👉 फ्लोराइट – मांडो-की-पाल (iv)
👉 रॉक फॉस्फेट – राम-का-मुन्ना (iii)
✍️ सही उत्तर है – (A)-(ii), (B)-(i), (C)-(iv), (D)-(iii)
निम्न सूची-I और सूची -II को सुमेलित कीजिए तथा सही कूट का चयन कीजिए:
| सूची-I (खनिज) | सूची-II (खनन क्षेत्र) |
| A. लौह-अयस्क | (i) जावर खनन क्षेत्र |
| B. सीसा एवं जस्ता | (ii) मन्धान |
| C. मैंगनीज़ | (iii) नाथरा-का-पाल |
| D. ताँबा | (iv) तिम्मामौरी |
कूट :
A B C D
[स्कूल व्याख्याता GK (D) 04.07.2025]
👉 लौह-अयस्क – नाथरा-का-पाल (iii)
👉 सीसा एवं जस्ता – जावर खनन क्षेत्र (i)
👉 मैंगनीज़ – तिम्मामौरी (iv)
👉 ताँबा – मन्धान (ii)
✍️ सही उत्तर है – (A)-(iii), (B)-(i), (C)-(iv), (D)-(ii)
दिये गये खनिजों एवं उनके खनन क्षेत्रों में से त्रुटिपूर्ण (गलत) युग्म की पहचान कीजिए :
[व्याख्याता (तकनीकी) 12.03.2021]
खनिज - खनन क्षेत्र
👉 लोहा-अयस्क – नाथरा-की-पाल (उदयपुर) इसका सही खनन क्षेत्र है।
👉 ताँबा – खेतड़ी-सिंघाना (झुंझुनूं) प्रमुख ताँबा उत्पादक क्षेत्र है।
👉 जस्ता एवं सीसा – जावर (उदयपुर) क्षेत्र इसके लिए प्रसिद्ध है।
👉 टंगस्टन – झामर-कोटड़ा नहीं, बल्कि डेगाना (नागौर) इसका एकमात्र सक्रिय खनन क्षेत्र है।
✍️ सही उत्तर है – टंगस्टन - झामर-कोटड़ा
निम्नलिखित में से कौन सा जिला राजस्थान में मेंगनीज उत्पादक है ?
[स्कूल व्याख्याता (भूगोल) 2013]
👉 बांसवाड़ा जिला राजस्थान में मैंगनीज उत्पादन के लिए प्रमुख है।
👉 यहाँ के क्षेत्र जैसे लीलवानी, कालाखूंटा, सिवोनिया, खेरिया आदि मैंगनीज खनन के लिए प्रसिद्ध हैं।
✍️ सही उत्तर है – बांसवाड़ा
निम्नलिखित पर विचार कीजिए :
(A) ऋषभदेव
(B) सेन्द्रा
(C) खैरवाडा
(D) डाबला - सिंघाना
उपर्युक्त में से कितने एस्बेस्टॉस की खानों से संबंधित हैं ?
[Sub Inspector Exam 05.04.2026]
🔹 व्याख्या
👉 ऋषभदेव (उदयपुर), सेन्द्रा (पाली) और खैरवाड़ा (उदयपुर) एस्बेस्टॉस उत्पादन के प्रमुख क्षेत्र हैं।
👉 डाबला-सिंघाना (झुंझुनू) क्षेत्र मुख्य रूप से लोहा अयस्क खनन के लिए जाना जाता है।
👉 राजस्थान भारत में एस्बेस्टॉस के उत्पादन में एकाधिकार रखने वाला प्रमुख राज्य है।
✍️ सही उत्तर है – केवल तीन
निम्नलिखित को सुमेलित कीजिए तथा नीचे दिए गए से सही उत्तर का चयन कीजिए
| खनन क्षेत्र | खनिज |
| (A) अकवाली और सतकुई | (i) फ्लोराइट |
| (B) रामपुरा - आगुचा | (ii) सोना |
| (C) जगपुरा - भूकिया | (iii) लाइमस्टोन |
| (D) मांडो की पाल | (iv) ताँबा |
| (E) सबला-लोहारिया | (v) सीसा - जस्ता |
कूट -
[स्कूल व्याख्याता (भूगोल) 24.06.2025]
👉 अकवाली और सतकुई – ताँबा (iv)
👉 रामपुरा-आगुचा – सीसा-जस्ता (v)
👉 जगपुरा-भूकिया – सोना (ii)
👉 मांडो की पाल – फ्लोराइट (i)
👉 सबला-लोहारिया – लाइमस्टोन (iii)
✍️ सही उत्तर है – (A)-(iv), (B)-(v), (C)-(ii), (D)-(i), (E)-(iii)
निम्नलिखित में से कौन से सुमेलित हैं ?
| सीमेण्ट इकाई | स्थान |
| A. हिन्दुस्तान सीमेण्ट लिमिटेड | ब्यावर |
| B. बिड़ला व्हाइट सीमेण्ट | गोटन |
| C. राजश्री सीमेण्ट | मीरापुर |
| D. श्री सीमेण्ट | चन्देरिया |
कूट :
[स्कूल व्याख्याता GK (D) 04.07.2025]
👉 हिन्दुस्तान सीमेंट लिमिटेड – ब्यावर (गलत)
👉 बिड़ला व्हाइट सीमेंट – गोठन (सही)
👉 राजश्री सीमेंट – मीरापुर (सही)
👉 श्री सीमेंट लिमिटेड राजस्थान की प्रमुख सीमेंट इकाई है।
👉 इसका मुख्य संयंत्र ब्यावर (अजमेर) के पास स्थित है।
👉 इसे बीकानेर के पास नहीं बल्कि अजमेर जिले के ब्यावर क्षेत्र में स्थापित किया गया है।
✍️ सही उत्तर है – B और C
राजस्थान में मैंगनीज खनन के लिए विख्यात स्थान है
[वरिष्ठ अध्यापक (SST) 30.03.2014]
👉 तलवाड़ा (बांसवाड़ा) राजस्थान में मैंगनीज खनन के लिए प्रमुख स्थान है।
👉 सिंघाना – ताँबा,
👉 दरीबा – सीसा-जस्ता,
👉 जावर – सीसा-जस्ता के लिए प्रसिद्ध हैं।
✍️ सही उत्तर है – तलवाड़ा
सूची-I को सूची-II से मिलाएँ तथा सूची के नीचे दिए गए कूट का उपयोग करते हुए सही उत्तर का चयन करें
सूची-I सूची-II
खनिज मुख्य उत्पादक जिले
(अ) पाइराइट (i) अलवर
(ब) वेण्टोनाइट (ii) सीकर
(स) लीथियम (iii) बाड़मेर, बीकानेर
(द) स्लेट पत्थर (iv) अजमेर
[वरिष्ठ अध्यापक (SST) 29.10.2018]
कूट :
👉 पाइराइट – सीकर जिले में पाया जाता है।
👉 वेण्टोनाइट – बाड़मेर, बीकानेर इसके प्रमुख उत्पादक जिले हैं।
राजस्थान में सर्वाधिक जिप्सम भंडार अवस्थित हैं :
[वरिष्ठ अध्यापक (SST) 17.02.2019]
👉 राजस्थान में जिप्सम के सर्वाधिक भंडार बीकानेर जिले के जामसर क्षेत्र में स्थित हैं।
👉 यह क्षेत्र तलछटी खनिजों में अग्रणी है और जिप्सम उत्पादन में राजस्थान को प्रमुख बनाता है।
👉 अन्य विकल्प जैसे बीरमनिया (जैसलमेर), कानपुर (उदयपुर), सॉलोपेट (बाँसवाड़ा) प्रमुख जिप्सम क्षेत्र नहीं हैं।
👉 बीकानेर जिप्सम का प्रमुख उत्पादक जिला है।
✍️ सही उत्तर है – जामसर, बीकानेर में
सूची-I और सूची-II को सुमेलित करके नीचे दिये गये कूटों में से सही उत्तर का चयन कीजिए
सूची-I सूची-II
( सीमेन्ट प्लान्ट) (जिला)
(A) श्रीराम सीमेन्ट (i) कोटा
(B) एसीसी सीमेन्ट (ii) चित्तौड़गढ़
(C) आदित्य सीमेन्ट (iii) बूँदी
(D) जे.के. लक्ष्मी सीमेन्ट (iv) सिरोही
कूट -
[स्कूल व्याख्याता GK (A) 23.06.2025]
👉 श्रीराम सीमेन्ट – कोटा (i)
👉 एसीसी सीमेन्ट – बूंदी (iii)
👉 आदित्य सीमेन्ट – चित्तौड़गढ़ (ii)
👉 जे.के. लक्ष्मी सीमेन्ट – सिरोही (iv)
✍️ सही उत्तर है – (A)-(i), (B)-(iii), (C)-(ii), (D)-(iv)
सूची-I को सूची-II से सुमेलित कीजिए तथा नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए -
सूची-I सूची-II
(खनिज) (खनन क्षेत्र)
A पन्ना 1. टिक्की , गढ़बोर
B. तामड़ा 2. राजमहल , बागेश्वर
C. मैंगनीज 3. लीलावानी , कालाखूटा
D. तांबा 4. कोल्हन , भगोनी
[Asst. Prof. (भूगोल) 04.07.2016]
👉 (A) पन्ना – टिक्की, गढ़बोर (राजसमन्द) में पाया जाता है।
👉 (B) तामड़ा (गारनेट) – राजमहल, बागेश्वर (टोंक, सीकर) इसके प्रमुख क्षेत्र हैं।
👉 (C) मैंगनीज – लीलावानी, कालाखूंटा (बांसवाड़ा) के क्षेत्र प्रसिद्ध हैं।
👉 (D) तांबा – कोल्हन, भगोनी (झुंझुनूं) क्षेत्र में ताँबा उत्पादित होता है।
✍️ सही उत्तर है – A-(1), B-(2), C-(3), D-(4)
राजस्थान का निम्नलिखित में से कौनसा लौह-अयस्क का खनन क्षेत्र नहीं है ?
[PTI & Librarian 03.05.2025]
👉 राजस्थान में लौह-अयस्क के प्रमुख खनन क्षेत्र – नाथरा-की-पाल, मोरोजा-नीमला, लालसोट, रायसल आदि हैं।
👉 पुर-बनेड़ा क्षेत्र लौह-अयस्क का खनन क्षेत्र नहीं है।
✍️ सही उत्तर है – पुर-बनेड़ा क्षेत्र
कांसला - नरडिया क्षेत्र में निम्नलिखित में से कौन से अयस्क की बहुलता है ?
[स्कूल व्याख्याता GK (D) 04.07.2025]
👉 राजस्थान का कांसला-नरडिया क्षेत्र मैंगनीज़ अयस्क के लिए प्रसिद्ध है।
👉 यहाँ मैंगनीज़ अयस्क की बहुलता पाई जाती है।
👉 यह खनिज मुख्यतः इस्पात उद्योग में उपयोग होता है।
✍️ सही उत्तर है – मैंगनीज़
निम्नलिखित में से कौन से ताम्र खनन क्षेत्र हैं ?
A. खेतड़ी - सिंघाना पेटी
B. खो - दरीबा पेटी
C. चौमू - मोरिया - बनोल पेटी
D. पुर - बनेड़ा क्षेत्र
[हॉस्पिटल केयर टेकर 10.02.2023]
कूट : -
👉 (A) खेतड़ी-सिंघाना पेटी (झुंझुनूं) – प्रमुख ताँबा खनन क्षेत्र है।
👉 (B) खो-दरीबा पेटी (अलवर) – यह भी ताँबे का उत्पादक क्षेत्र है।
👉 (C) चौमू-मोरिया-बनोल पेटी – यह लौह अयस्क क्षेत्र है।
👉 (D) पुर-बनेड़ा क्षेत्र (भीलवाड़ा) – यह भी ताँबा उत्पादक क्षेत्र है।
✍️ सही उत्तर है – A, B और D
सूची-I को सूची-II से सुमेलित कीजिए तथा सही उत्तर का चयन नीचे दिये गये कूट से कीजिए
सूची-I (खनिज) |
सूची-II (खनन क्षेत्र) |
(A) एस्बेस्टस |
(i) जामसर |
(B) अभ्रक |
(ii) काचरवाड़ा |
(C) जिप्सम |
(iii) खेरवाड़ा |
(D) रॉक फॉस्फेट |
(iv) सल्लोपट |
कूट -
[Junior Chemist PHED 01.02.2026]
🔹 व्याख्या
👉 एस्बेस्टस
— खेरवाड़ा
👉
अभ्रक
— काचरवाड़ा
👉
जिप्सम
— जामसर
👉
रॉक
फॉस्फेट
— सल्लोपट
✍️ सही उत्तर है – (A)-(iii), (B)-(ii), (C)-(i), (D)-(iv)
जयपुर जिले की बंजारी तथा लक्ष्मी खनन क्षेत्र / खानें हैं
[स्कूल व्याख्याता (भूगोल) 24.06.2025]
👉 जयपुर जिले के बंजारी और लक्ष्मी खनन क्षेत्र प्रसिद्ध खनन क्षेत्र हैं।
👉 ये खनन क्षेत्र मुख्यतः अभ्रक के लिए जाने जाते हैं।
✍️ सही उत्तर है – अभ्रक
निम्नलिखित युग्मों (खनिज - खनन स्थल) पर विचार कीजिए और गलत युग्म की पहचान कीजिए
[Asst. Testing Officer 08.07.2025]
👉 दिए गए युग्मों में से गलत युग्म है – तामड़ा (गार्नेट) – कालाखूंटा।
👉 कालाखूंटा वास्तव में मैंगनीज़ खनन क्षेत्र है, न कि गार्नेट का।
✍️ सही उत्तर है – तामड़ा (गार्नेट) – कालाखूंटा
राजस्थान में निम्नलिखित में से कौन सा रॉक फॉस्फेट खनन/भण्डार क्षेत्र नहीं है ?
[स्कूल व्याख्याता GK (B) 26.06.2025]
👉 राजस्थान में प्रमुख रॉक फॉस्फेट खनन क्षेत्र हैं – झामरकोटड़ा (उदयपुर), सीकर, चित्तौड़गढ़ आदि।
👉 गोठ मांगलोद रॉक फॉस्फेट खनन/भंडार क्षेत्र नहीं है।
✍️ सही उत्तर है – गोठ मांगलोद
निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए तथा सही उत्तर का चयन नीचे दिये कूट से कीजिये :
A. सीकर जिले में पाइराइट के भण्डार हैं।
B. बाड़मेर, बीकानेर और सवाई माधोपुर जिलों में बेण्टोनाइट के भण्डार हैं।
C. राजमहल (टोंक) और सरवाड़ (अजमेर) पन्ना के प्रमुख खनन क्षेत्र हैं।
कूट :
[Development Officer 29.07.2025]
👉 सीकर जिले में सलादीपुरा क्षेत्र में पायराइट के बड़े भंडार पाए जाते हैं, इसलिए कथन A सही है।
👉 बाड़मेर, बीकानेर और सवाई माधोपुर जिले बेण्टोनाइट के प्रमुख भंडार वाले क्षेत्र हैं, इसलिए कथन B भी सही है।
👉 राजमहल (टोंक) और सरवाड़ (अजमेर) पन्ना के खनन क्षेत्र नहीं हैं, इसलिए कथन C सही नहीं है।
राजस्थान के राजमहल (टोंक) और सरवाड़ (केकड़ी) क्षेत्र मुख्य रूप से गार्नेट (Garnet) के उत्पादन के लिए प्रसिद्ध हैं। गार्नेट को स्थानीय रूप से 'रक्तमणि' (Raktmani) या 'तामड़ा' भी कहा जाता है। राजस्थान गार्नेट का एकमात्र उत्पादक राज्य है
✍️ सही उत्तर है – A और B
सुमेलित कीजिये कॉलम-I को कॉलम-II से -
|
कॉलम-I (खनिज) |
कॉलम-II (खनन क्षेत्र) |
|
(A) टंगस्टन |
(i) खो- दरीबा |
|
(B) लौह-अयस्क |
(ii) जावर क्षेत्र |
|
(C) ताम्बा |
(iii) डेगाना क्षेत्र |
|
(D) सीसा-जस्ता |
(iv) डाबला क्षेत्र |
[Asst. Prof. (भूगोल) 18.05.2024]
कूट -
👉 (A) टंगस्टन – डेगाना क्षेत्र (नागौर) में पाया जाता है।
👉 (B) लौह-अयस्क – डाबला क्षेत्र (सीकर) इसका प्रमुख क्षेत्र है।
👉 (C) ताम्बा – खो-दरीबा (अलवर) ताँबे के लिए प्रसिद्ध है।
👉 (D) सीसा-जस्ता – जावर क्षेत्र (उदयपुर) का प्रमुख खनिज है।
✍️ सही उत्तर है – A-(iii), B-(iv), C-(i), D-(ii)
राजस्थान में कौन-सा जिला केल्साइट का उत्पादक नहीं है ?
[वरिष्ठ अध्यापक (SST) 30.03.2014]
👉 केल्साइट का उत्पादन सीकर, पाली, सिरोही, जयपुर, झुंझुनूं और उदयपुर जिलों में होता है।
✍️ सही उत्तर है – अलवर
मंगलम सीमेन्ट लिमिटेड अवस्थित है -
[स्कूल व्याख्याता (भूगोल) 24.06.2025]
👉 मंगलम सीमेंट लिमिटेड का विनिर्माण संयंत्र और पंजीकृत कार्यालय कोटा जिले के मोड़क में स्थित है।
👉 यह बी.के. बिड़ला समूह का हिस्सा है।
👉 इसकी स्थापना वर्ष 1976 में की गई थी।
✍️ सही उत्तर है – मोडक मे
कालागुमान खान क्षेत्र प्रसिद्ध है
[स्कूल व्याख्याता (भूगोल) 07.01.2020]
👉 कालागुमान खान क्षेत्र (राजसमन्द) पन्ना (Emerald) के लिए प्रसिद्ध है।
👉 यह क्षेत्र देवगढ़ से लेकर कॉकरोली तक फैली हुई पन्ना उत्पादक पेटी में स्थित है।
✍️ सही उत्तर है – पन्ना के लिये
नाथरा-की-पाल तथा मोरीजा-बनोल क्षेत्र में खानें हैं
[खाध्य सुरक्षा अधिकारी 25.11.2019]
👉 नाथरा-की-पाल (उदयपुर) और मोरीजा-बनोल (जयपुर) क्षेत्र में लौह अयस्क की खानें पाई जाती हैं।
👉 ये दोनों क्षेत्र राज्य के सीमित लौह अयस्क भण्डारों में शामिल हैं – विशेषकर हेमेटाइट किस्म के लौह के लिए।
✍️ सही उत्तर है – लौह अयस्क की
'कैओलिन' के नाम से किसे जाना जाता है ?
[Deputy Jailor Exam 13.07.2025]
👉 कैओलिन एक महत्वपूर्ण खनिज है।
👉 इसे सामान्यतः चाइना क्ले के नाम से जाना जाता है।
✍️ सही उत्तर है – चाइना क्ले
निम्नांकित में से कौनसी रॉक फॉस्फेट की खान है ?
[Deputy Commandant 11.01.2026]
🔹 व्याख्या
👉
झामर
कोटड़ा
उदयपुर में
स्थित
मुख्य खान है।
👉
यह
रॉक फॉस्फेट
का सबसे प्रमुख
भंडार
है।
👉
यह
खान RSMML
के
तहत संचालित
होती है।
👉
नीमच
माता भी
इससे संबंधित
क्षेत्र
है।
👉
साथ
ही बिरमानियां
(जैसलमेर)
भी
जानी जाती
है।
✍️ सही उत्तर है – नीमच माता तथा झामर कोटड़ा
राजस्थान का सर्वाधिक फैल्सपार उत्पादक जिला है : [*]
[वरिष्ठ अध्यापक (SST) 08.02.2018]
📌 महत्वपूर्ण सूचना: इस प्रश्न को बोर्ड द्वारा 'डिलीट' या अमान्य घोषित किया गया है।
ताँबे की खानें कुशलगढ़, सेनपरी व भगत का बास निम्नलिखित में से किस जिले में स्थित हैं ?
[स्कूल व्याख्याता (पेपर -I) 17.11.2024]
👉 कुशलगढ़, सेनपरी और भगत का बास – ये सभी ताँबे की खानें अलवर जिले में स्थित हैं।
👉 यह क्षेत्र खो-दरीबा पेटी का हिस्सा है, जो ताँबे के खनन क्षेत्रों में है।
👉 झुंझुनू (खेतड़ी), भीलवाड़ा (पुर) और कोटा — अन्य ताँबा क्षेत्रों के अंतर्गत आते हैं।
✍️ सही उत्तर है – अलवर
निम्न में से कौनसा बेसिन एक पेट्रोलीफेरस बेसिन (पेट्रोलियम उत्पादक क्षेत्र) नहीं है ?
[PTI & Librarian 03.05.2025]
👉 राजस्थान में पेट्रोलियम उत्पादक (Petroliferous) बेसिन हैं – बाड़मेर-सांचोर बेसिन, जैसलमेर बेसिन और बीकानेर-नागौर बेसिन।
👉 जोधपुर बेसिन पेट्रोलीफेरस बेसिन नहीं है।
✍️ सही उत्तर है – जोधपुर बेसिन
निम्नलिखित में से राजस्थान राज्य का कौनसा जिला फेल्सपार उत्पादन में अग्रणी है (जुलाई 2022 के अनुसार) ?
[स्कूल व्याख्याता (भूगोल) 16.10.2022]
👉 राजस्थान में फेल्सपार का कुल संसाधन लगभग 87.94 मिलियन टन है।
👉 राज्य का प्रमुख फेल्सपार उत्पादक जिला – अजमेर है।
👉 अन्य महत्वपूर्ण जिले — भीलवाड़ा, राजसमंद, पाली, टोंक, सीकर।
👉 सिरोही, उदयपुर, चित्तौड़गढ़, जयपुर – छोटे स्तर पर उत्पादक हैं।
निम्नलिखित में से कौन सा पेट्रोलियम खनन क्षेत्र जैसलमेर जिले में नहीं है ?
[Asst. Prof. (Geo -II) 17.12.2025]
🔹 व्याख्या
👉
भाग्यम
क्षेत्र
बाड़मेर–सांचौर
बेसिन
का भाग
है।
👉
यह
मुख्यतः बाड़मेर
(बालोतरा)
जिले
में स्थित है।
👉
जैसलमेर
जिले में
तनोट,
डांडेवाला
आदि गैस
क्षेत्र
हैं।
👉
इसलिए
भाग्यम
क्षेत्र
जैसलमेर में
स्थित
नहीं है।
✍️ सही उत्तर है – भाग्य शक्ति
निम्न में से किन खनिजों में राजस्थान भारत में एकल उत्पादनकर्ता है ?
[ATO परीक्षा 27.07.2021]
👉 राजस्थान भारत में वोलेस्टोनाइट, सेलेनाइट और सीसा एवं जिंक अयस्क का एकमात्र उत्पादक राज्य है।
👉 अभ्रक, जिप्सम और यूरेनियम का उत्पादन अन्य राज्यों में भी होता है, अतः वे एकल उत्पादक की श्रेणी में नहीं आते।
✍️ सही उत्तर है – सीसा एवं जिंक अयस्क, सेलेनाइट तथा वोलेस्टोनाइट
राजस्थान खनिज नीति 2024 का निम्न में से कौन सा लक्ष्य नहीं है ?
[Asst. Prof. (Paper -III) 07.12.2025]
🔹 व्याख्या
👉 राजस्थान खनिज नीति 2024 का लक्ष्य राज्य के राजस्व में भारी वृद्धि करना है।
👉 इस नीति के तहत 2046-47 तक राजस्व को ₹1 लाख करोड़ तक पहुँचाना है।
👉 यहाँ 80,000 करोड़ का लक्ष्य दिया गया कथन गलत (असत्य) माना गया है।
👉 इसका मुख्य उद्देश्य अवैध खनन को रोकना और पारदर्शी नीलामी को बढ़ावा देना है।
✍️ सही उत्तर है – राज्य के राजस्व को 2046-47 तक 80,000 करोड़ तक बढ़ाना।
सूची-I को सूची-II से सुमेलित कीजिये तथा सहीउत्तर का चयन नीचे दिये कूट से कीजिये -
|
सूची-I (खनिज) |
सूची-I (खनन क्षेत्र) |
|
(A) लौह अयस्क |
(i) रेवत पहाड़ियाँ |
|
(B) मैंगनीज |
(ii) काली पहाड़ी |
|
(C) टंगस्टन |
(iii) सागवाड़ा |
|
(D) बेरिलियम |
(iv) काला खूंटा |
[EO RO (Re Exam) 23 मार्च 2025]
कूट -
👉 (A) लौह अयस्क – काली पहाड़ी (झुंझुनूं) इसका प्रमुख क्षेत्र है।
👉 (B) मैंगनीज – काला खूंटा (बांसवाड़ा) से है।
👉 (C) टंगस्टन – रेवत पहाड़ियाँ (डेगाना-नागौर) इसका खनन क्षेत्र है।
👉 (D) बेरिलियम – सागवाड़ा (डूंगरपुर) में इसके भण्डार हैं।
✍️ सही उत्तर है – A-(ii), B-(iv), C-(i), D-(iii)
निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही नहीं है ?
[Supt. Garden 28.07.2021]
👉 राजसमन्द एवं अजमेर में पन्ना के निक्षेप पाए जाते हैं।
👉 राजस्थान देश में जिप्सम का लगभग अकेला उत्पादक है।
👉 अजमेर राजस्थान में फेल्सपार का अग्रणी उत्पादक है।
👉 लेकिन कार्बोनिफेरस युगीन लिग्नाइट राजस्थान में नहीं मिलता, यहाँ का लिग्नाइट आधुनिक युगीन है।
✍️ सही उत्तर है – राजस्थान में कार्बोनिफेरस युगीन लिग्नाईट कोयले के सर्वाधिक निक्षेप पाये जाते हैं।