'छप्पन का मैदान' इनमें से किन जिलों में स्थित है ? 

[वरिष्ठ अध्यापक (SST) 2011]

  • डूँगरपुर-बाँसवाड़ा 

  • चित्तौड़गढ़-डूँगरपुर 

  • उदयपुर-राजसमंद 

  • प्रतापगढ़-बाँसवाड़ा 

🔹 व्याख्या:

👉 "छप्पन का मैदान" राजस्थान के दक्षिणी-पूर्वी क्षेत्र में स्थित एक असमतल मैदान है।
👉 इसका विस्तार मुख्यतः बाँसवाड़ा, डूंगरपुर, और चित्तौड़गढ़ के दक्षिणी भाग में है।
👉 यह क्षेत्र माही नदी और उसकी सहायक नदियों द्वारा सिंचित है।
👉 प्रतापगढ़ और बाँसवाड़ा के मध्य भाग में स्थित छप्पन ग्राम समूह के आधार पर इसे यह नाम मिला है।

राजस्थान के जिले और उसके आधिकारिक पशु/पक्षी शुभंकर के गलत युग्म का चयन करें :

[Sub Inspector Exam 06.04.2026]

  • अजमेर — खडमौर

  • बूंदी — सुर्खाब

  • भीलवाड़ा — मोर

  • झुंझुनूं — कुरजा

  • राजस्थान के वन विभाग द्वारा राज्य के सभी जिलों में वन्यजीवों के संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए प्रत्येक जिले का एक विशेष वन्यजीव शुभंकर (Mascot) घोषित किया गया है:

अजमेर -खरमोर पक्षी, अलवर-सांभर,बांसवाड़ा-जल पीपी,बारां-मगरमच्छ (मगर)

बाड़मेर-मरू लोमड़ी (डेजर्ट फॉक्स),भरतपुर-सारस,भीलवाड़ा-मोर,बीकानेर-भट्टीतर,बूंदी-सुरखाब,चित्तौड़गढ़-चौसिंगा,चूरू-कृष्ण मृग (काला हिरण),दौसा-खरगोश,धौलपुर-पचीरा (इंडियन स्कीमर),डूंगरपुर-जांघिल,श्रीगंगानगर-चिंकारा,हनुमानगढ़-छोटा किलकिला,जयपुर-चीतल,जैसलमेर-गोडावण,जालौर-भालू,झालावाड़-गागरोनी तोता,झुंझुनू-काला तीतर,जोधपुर-कुरंजा,करौली-घड़ियाल,कोटा-उदबिलाव,नागौर-राजहंस,पाली-तेंदुआ,प्रतापगढ़-उड़न गिलहरी,राजसमंद-भेड़िया,सवाई माधोपुर-बाघ,सीकर-शाहीन,सिरोही-जंगली मुर्गी,टोंक-हंस,उदयपुर-कब्र बिज्जू

विश्व धरोहर स्थल रामगढ़ क्रेटर स्थित है

[कृषि अधिकारी 20.04.2025]

  • बारां जिले में

  • कोटा जिले में

  • बूँदी जिले में

  • झालावाड़ जिले में

🔹 व्याख्या

👉 रामगढ़ क्रेटर राजस्थान के बारां जिले में स्थित एक महत्वपूर्ण भूवैज्ञानिक स्थल है।
👉 यह स्थल उल्कापिंड के प्रभाव से बना है और इसे भारत का पहला अधिसूचित भू-विरासत स्थल घोषित किया गया है।
👉 रामगढ़ गाँव (किशनगंज/मंगरोल तहसील) के पास स्थित यह क्रेटर पुष्कर तालाब और 10वीं सदी के भांड देव मंदिर (मिनी खजुराहो शैली) के लिए प्रसिद्ध है।
👉 यह भारत का तीसरा तथा राजस्थान का पहला उल्कापिंड क्रेटर माना जाता है।

✍️ सही उत्तर है – बारां जिले में

निम्नलिखित में से राजस्थान का कौनसा क्षेत्र बालुका पत्थर का उत्पादक नहीं है ?  

[Research Assistant 10.07.2025]

  • हाड़ौती क्षेत्र 

  • जोधपुर क्षेत्र 

  • डांग क्षेत्र

  • सिरोही क्षेत्र 

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान बलुआ पत्थर (Sandstone) के मामले में भारत का सबसे अग्रणी राज्य है और देश के कुल उत्पादन का 90% से अधिक हिस्सा यहीं से आता है।

यह पत्थर मुख्य रूप से राज्य के पश्चिमी, पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी हिस्सों के लगभग 17 जिलों में पाया जाता है।प्रमुख उत्पादक क्षेत्र इस प्रकार हैं:

1.धौलपुर: यहाँ का गहरा लाल बलुआ पत्थर (Red Sandstone) अपनी मजबूती और सुंदरता के लिए दुनिया भर में प्रसिद्ध है।

2.करौली: करौली, सपोटरा, मंदरायल और हिंडौन क्षेत्रों में मुख्य रूप से गहरे लाल और क्रीम रंग का बलुआ पत्थर निकाला जाता है।

3.जोधपुर: "ब्लू सिटी" के रूप में मशहूर जोधपुर अपने लाल, भूरे, और हल्के सफेद-पीले बलुआ पत्थर के लिए जाना जाता है। यहाँ के पत्थर का उपयोग कई ऐतिहासिक किलों और स्मारकों में हुआ है।

4.कोटा और बूंदी (हाड़ौती क्षेत्र): दक्षिण-पूर्वी राजस्थान के इन इलाकों में उच्च गुणवत्ता वाला बलुआ पत्थर बड़ी मात्रा में उपलब्ध है।

5.नागौर: यहाँ का 'खाटू' (Khatu) बलुआ पत्थर क्रीमिश-सफेद रंग का होता है, जो बारीक नक्काशी और जालीदार खिड़कियां बनाने के लिए बेहद लोकप्रिय है।

✍️ सही उत्तर है – सिरोही क्षेत्र 

निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा/से सही है?

A. जयसमंद झील के पश्चिम में लसड़िया पठार स्थित है।
B.
भोराट के पठार की औसत ऊँचाई 1225 मीटर है।
C.
उदयपुर बेसिन को चारों ओर से घेरे हुई भूआकृति को 'भाकर' कहा जाता है।

कूट -

[Lecturer (Ayurved) 12.01.2026]

  • केवल B

  • B और C

  • केवल C

  • A और C

🔹 व्याख्या

👉 जयसमंद झील के पूर्वी भाग में विच्छेदित एवं कटा-फटा लसड़िया पठार स्थित है।

👉 भोराट के पठार की औसत ऊँचाई लगभग 1225 मीटर है।

👉 उदयपुर बेसिन के चारों ओर स्थित तश्तरीनुमा पहाड़ियों को गिरवा कहा जाता है।

👉 भाकर मुख्य रूप से पूर्वी सिरोही की तीव्र ढाल वाली पहाड़ियों को कहते हैं।

✍️ सही उत्तर है – केवल B

हाड़ौती पठार की डग-गंगधार उच्च-भूमि के सम्बन्ध में निम्नलिखित में से कौनसा कथन सही नहीं है ?  

[Research Assistant 10.07.2025]

  • यह हाड़ौती पठार की सबसे छोटी भूआकृतिक इकाई है। 

  • चम्बल नदी इसकी दक्षिण-पूर्वी सीमा बनाती है।

  • यह हाड़ौती पठार के दक्षिण-पश्चिमी भाग में अवस्थित है।

  • यह उच्च - भूमि 450 मीटर तक ऊँची है। 

🔹 व्याख्या:

👉 चंबल नदी यमुना नदी की सहायक नदी है और गंगा जल निकासी प्रणाली का हिस्सा है।
👉 यह नदी मध्य प्रदेश से निकलकर उत्तर-पूर्व की ओर बहती है।
👉 यह कुछ दूरी तक राजस्थान से होकर भी बहती है।

✍️ सही उत्तर है – चम्बल नदी इसकी दक्षिण-पूर्वी सीमा बनाती है।

राजस्थान के भॉतिक स्वरुप संरचनात्मक दृष्टि से भारत के निम्नलिखित में से किन उच्चावच प्रदेशों का हिस्सा है

[Asst. Prof. (भूगोल) 04.07.2016]

  • उत्तरी पर्वतीय प्रदेश , उत्तरी बृहत्‌ मैदान  

  • प्रायद्वीपीय पठार , उत्तरी पर्वतीय प्रदेश  

  • उत्तरी बृहत्‌ मैदान , प्रायद्वीपीय पठार  

  • तटीय मैदान , प्रायद्वीपीय पठार  

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान का भौतिक स्वरूप संरचनात्मक दृष्टि से दो प्रमुख उच्चावच प्रदेशों का भाग है।
👉 इसका पूर्वी एवं उत्तर-पूर्वी भाग भारत के उत्तरी बृहत्‌ मैदान से संबद्ध है।
👉 वहीं दक्षिणी एवं दक्षिण-पूर्वी क्षेत्र का विस्तार प्रायद्वीपीय पठार (विशेषकर मालवा पठार) तक होता है।
👉 इस प्रकार, यह प्रदेश दोनों उच्चावच इकाइयों से जुड़ा हुआ है।

राजस्थान में ‘उत्खात स्थलाकृति' मुख्यतः मिलती है

[Junior Chemist PHED 01.02.2026]

  • अरावली पर्वतीय प्रदेश

  • पश्चिमी मरुस्थलीय प्रदेश

  • पूर्वी मैदानी प्रदेश

  • दक्षिणी-पूर्वी पठार प्रदेश

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान में उत्खात भूमि (Badland Topography) मुख्य रूप से सवाई माधोपुर, करौली, और धौलपुर जिलों में चंबल बेसिन के किनारे पाई जाती है।इसे स्थानीय स्तर पर 'डांग' या 'बीहड़' के रूप में जाना जाता है।

✍️ सही उत्तर है – पूर्वी मैदानी प्रदेश

कौन सा एक सुमेलित नहीं है ?

[Sub Inspector Exam 06.04.2026]

संरक्षित क्षेत्र — जिला

  • महसीर — उदयपुर

  • हमीरगढ़ — मालवाड़ा

  • बीड़ मुहाना — जयपुर

  • वाड़ाखेड़ा — अजमेर

🔹 व्याख्या

👉 वाड़ाखेड़ा संरक्षित क्षेत्र (Conservation Reserve) राजस्थान के सिरोही जिले में स्थित है।

👉 अजमेर में प्रसिद्ध मकराना और बीड़ घास के मैदान जैसे संरक्षित क्षेत्र पाए जाते हैं।

👉 वाड़ाखेड़ा को पारिस्थितिक तंत्र के संरक्षण और वन्यजीवों के सुरक्षित आवास हेतु घोषित किया गया है।

👉 राजस्थान में वर्तमान में 30 से अधिक संरक्षित क्षेत्र हैं, जो जैव विविधता के प्रबंधन में सहायक हैं।

✍️ सही उत्तर है – वाड़ाखेड़ा — अजमेर

एक प्राकृतिक प्रदेश की निम्नलिखित विशिष्टताओं पर विचार कीजिए - 

(A) इसकी औसत ऊँचाई 1225 मीटर है।

(B) जरगा सर्वोच्च शिखर है। 

प्रदेश को पहचानिए : 

[भूवैज्ञानिक परीक्षा 07.05.2025]

  • हाड़ौती पठार 

  • भोरट का पठार 

  • माउण्ट आबू प्रदेश

  • मालपुरा-करौली मैदान 

🔹 व्याख्या:

👉 भोराट पठार अरावली का ऊँचा भाग है, जो कुंभलगढ़ और गोगुन्दा के बीच स्थित है।
👉 इसकी औसत ऊँचाई 1225 मीटर है।
👉 इसका सर्वोच्च शिखर जरगा है, जो दक्षिणी अरावली का भी सबसे ऊँचा शिखर है।

✍️ सही उत्तर है – भोराट पठार  

राजस्थान के हमादा मरुस्थलीय प्रदेश की शैलें निम्नलिखित में से किस भूगर्भिक काल की हैं?

[स्कूल व्याख्याता (भूगोल) 24.06.2025]

  • जुरासिक व इओसीन काल

  • कार्बोनिफेरस व पर्मियन काल

  • ओलिगोसीन व मायोसीन काल

  • कैम्ब्रियन व ऑर्डोविशियन काल

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान का हमादा मरुस्थलीय प्रदेश चट्टानी और रेत-मुक्त परिदृश्य है।
👉 यहाँ की चट्टानें मुख्यतः जुरासिक व इओसीन काल की हैं।
👉 बीकानेर और जैसलमेर क्षेत्र के चूना पत्थर व बलुआ पत्थर भी इन्हीं कालों से संबंधित हैं।

✍️ सही उत्तर है – जुरासिक व इओसीन काल

निम्नांकित में से कौनसा एक राजस्थान के दक्षिणी-पूर्वी पठार प्रदेश का भाग नहीं है ?  

[EO RO (Re Exam) 23 मार्च 2025]

  • देवगढ़ का पीडमाण्ट मैदान 

  • शाहबाद का उच्च स्थल 

  • डग - गंगधार के उच्च क्षेत्र 

  • अर्द्ध - चन्द्राकार पर्वत श्रेणियाँ

🔹 व्याख्या:

👉 दक्षिणी-पूर्वी पठार को हाड़ौती पठार कहा जाता है, जिसमें झालावाड़, कोटा, बारां और बूंदी जिले शामिल हैं।
👉 इस क्षेत्र में मुकन्दरा, बूँदी की पहाड़ियाँ, और डग–गंगधार उच्चभूमियाँ आती हैं।

कौनसा पर्वत शिखरं उत्तरी अरावली प्रदेश में अवस्थित नहीं है ?  

[Technical Assistant 07.07.2025]

  • रोजा भाकर 

  • बरवाड़ा 

  • बिलाली 

  • सिरावास 

🔹 व्याख्या:

👉 रोजा भाकर राजस्थान के जालौर जिले में स्थित एक प्रमुख अरावली पहाड़ी है。 यह स्थान अपनी ऊबड़-खाबड़ चट्टानों और भूवैज्ञानिक बनावट के लिए जाना जाता है

✍️ सही उत्तर है – रोजा भाकर

सूची-I को सूची-II से सुमेलित कीजिए और सही उत्तर का चयन नीचे दिये कूट से कीजिए : 

       सूची-I                सूची-II 

(भू-आकृतिक प्रदेश)   (जिला) 

A. घग्गर      i. बाँसवाड़ा 

B. गिरवा     ii. नागौर 

C. वागड़     iii. हनुमानगढ़ 

D. बांगड़     iv. उदयपुर 

[Asst. Prof. (भूगोल) 28.09.2021]

कूट : 

          A B C D

  • iii iv ii i 

  • iii iv i ii  

  • i iii iv ii 

  • iv iii i ii

🔹 व्याख्या:

👉 A. घग्गर मैदान का विस्तार हनुमानगढ़ और गंगानगर जिलों में है, जहाँ घग्गर नदी का शुष्क तल पाया जाता है।
👉 B. गिरवा क्षेत्र उदयपुर के आसपास की पहाड़ियों द्वारा घिरे भू-भाग को कहा जाता है।
👉 C. वागड़ क्षेत्र बाँसवाड़ा और डूंगरपुर जिलों में स्थित है, जो छप्पन के मैदान से संबंधित है।
👉 D. बांगड़ या शेखावाटी प्रदेश का विस्तार नागौर के उत्तरी भाग तक होता है।

हाडौती पठार का भाग नहीं है  

[Assistant Director 09.07.2025]

  • झालावाड़ पठार 

  • उड़िया पठार 

  • डग - गंगधार उच्च क्षेत्र 

  • शाहबाद उच्च क्षेत्र 

🔹 व्याख्या:

👉 उड़िया पठार – सिरोही जिले में स्थित, राज्य का सबसे ऊँचा पठार।
👉 मेसा का पठार (बीका की पहाड़ी) – चित्तौड़गढ़ जिले में, जिस पर चित्तौड़गढ़ का किला स्थित है।
👉 करस्का का पठार – अलवर जिले में स्थित।
👉 त्रिकूट पहाड़ी – जिस पर जैसलमेर का किला बना हुआ है।

✍️ सही उत्तर है – उड़िया पठार 

शेष राजस्थान से मरुस्थली प्रदेश को अलग करने वाली समवषा रेखा है ?

[वरिष्ठ अध्यापक (SST) 2010]

  • 10 सेमी. 

  • 20 सेमी. 

  • 40 सेमी.

  • 30 सेमी. 

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान में पश्चिमी मरुस्थलीय प्रदेश और अन्य क्षेत्रों के बीच स्पष्ट भौगोलिक अंतर दर्शाया गया है।
👉 यह अंतर समवर्षा रेखा के आधार पर बताया गया है, जहाँ 25 सेमी. वर्षा रेखा के पश्चिम का क्षेत्र शुष्क मरुस्थलीय माना गया है।
👉 यह क्षेत्र बाड़मेर, जैसलमेर, बीकानेर, आदि जिलों में विस्तृत है।

डंग-गंगधार उच्च भूमि क्षेत्र, राजस्थान के किस भौतिक प्रदेश में स्थित है ?

[स्कूल व्याख्याता (भूगोल) 16.10.2022]

  • बनास बेसिन क्षेत्र 

  • दक्षिण हाड़ौती क्षेत्र 

  • छप्पन का मैदान 

  • बांगर प्रदेश 

🔹 व्याख्या:

👉 डंग–गंगधार उच्च भूमि राजस्थान के दक्षिणी-पूर्वी पठारी भाग में स्थित है।
👉 यह क्षेत्र मुख्यतः झालावाड़ जिले के दक्षिण-पश्चिम में फैला हुआ है।
👉 इसे हाड़ौती पठार का एक भाग माना जाता है, जिसमें छोटी-छोटी पहाड़ियाँ फैली हुई हैं।
👉 यह भू-आकृति सामान्यतः 450 मीटर ऊँचाई पर स्थित है।

निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिये : 

A. लूनी बेसिन और शेखावाटी प्रदेश राजस्थान बांगड़ के उप-प्रदेश हैं। 

B. घग्घर का मैदान अधिकांशतः हनुमानगढ़ एवं गंगानगर जिलों में फैला है 

C. नागौर उच्च भूमि में लवणीय झीलें और आन्तरिक जल प्रवाह है। 

D. अरावली श्रेणियाँ सभी प्रकार के खनिजों में समृद्ध हैं। 

सही उत्तर का चयन नीचे दिये कूट से कीजिये : 

[RAS Pre परीक्षा 02.02.2025]

कूट : 

  • B, C और D 

  • A, B, C और D 

  • A और B 

  • A, B और C 

🔹 व्याख्या:

👉 A. लूनी बेसिन और शेखावाटी प्रदेश, राजस्थान के पश्चिमी मरुस्थलीय प्रदेश के उप-भाग हैं
👉 B. घग्घर का मैदान, वास्तव में हनुमानगढ़ और गंगानगर जिलों में विस्तृत है — यह कथन सही है।
👉 C. नागौर उच्च भूमि में लवणीय झीलें (जैसे कुचामन, डीडवाना) और आन्तरिक जल प्रवाह देखा जाता है।

सूची-I को सूची-II से सुमेलित कीजिये तथा सही उत्तर का चयन नीचे दिये कूट से कीजिये - 

सूची-I (भू-आकृति प्रदेश)

सूची-II (प्राकृतिक भूदृश्य)

(A) हाड़ौती पठार

(i) लसाडिया पठार

(B) मेवाड़ पहाडी प्रदेश

(ii) कुचामन नावा झीलें

(C) मध्यवर्ती अरावली प्रदेश

(iii) ऊपरमाल

(D) नागौर उच्च भूमि

(iv) मेरवाड़ा की पहाड़ियाँ

[Asst. Prof. (भूगोल) 18.05.2024]

कूट -

  • (A)-(iv), (B)-(iisi), (C)-(ii), (D)-(i) 

  • (A)-(ii), (B)-(i), (C)-(iii), (D)-(iv) 

  • (A)-(iii), (B)-(i), (C)-(iv), (D)-(ii) 

  • (A)-(iii), (B)-(iv), (C)-(ii), (D)-(i) 

🔹 व्याख्या:

👉 (A) हाड़ौती पठार से संबंधित है ऊपरमाल (iii) — यह पठारी क्षेत्र कोटा-बूँदी में विस्तारित है।
👉 (B) मेवाड़ पहाड़ी प्रदेश में स्थित है लसाडिया पठार (i) — यह उदयपुर क्षेत्र के पूर्व में स्थित है।
👉 (C) मध्यवर्ती अरावली प्रदेश में आती हैं मेरवाड़ा की पहाड़ियाँ (iv) — जो अजमेर-ब्यावर क्षेत्र में हैं।
👉 (D) नागौर उच्च भूमि के पास पाई जाती हैं कुचामन-नावा झीलें (ii) — जो बांगड़ क्षेत्र में आती हैं।

लूनी बेसिन अथवा गोडवार क्षेत्र में कौन सा जिला समूह सम्मिलित है ?

[Asst. Prof. (Paper -III) 07.12.2025]

  • जोधपुर, पाली, जालौर

  • सिरोही, जोधपुर, नागौर

  • जोधपुर, बाराँ, जालौर

  • जोधपुर, बाड़मेर, नागौर

🔹 व्याख्या

👉 लूनी बेसिन को गोडवार प्रदेश के नाम से जाना जाता है, जो अर्ध-शुष्क मैदान है।

👉 इसके अंतर्गत मुख्य रूप से जोधपुर, पाली, जालौर, बाड़मेर और सिरोही जिले आते हैं।

👉 लूनी नदी अजमेर की नाग पहाड़ियों से निकलकर इस संपूर्ण क्षेत्र में प्रवाहित होती है।

👉 इस क्षेत्र की मिट्टी रेतीली और खारी है, जो लूनी के प्रवाह से प्रभावित होती है।

✍️ सही उत्तर है – जोधपुर, पाली, जालौर

शेखावटी प्रदेश के सन्दर्भ में कौन सा कथन सही नहीं है ?

[A.En (Pre) EXAM 28.09.2025]

  • इसके अन्तर्गत झुन्झुनूं, सीकर, चुरू जिले व नागौर का उत्तरी भाग सम्मिलित है ।

  • इस प्रदेश में अंतर्देशीय जल प्रवाह पाया जाता है ।

  • यह मध्यम एवं निम्न ऊँचाई के बालुका स्तूपों से युक्त रेतीला मैदान है ।

  • यहाँ लवणीय गर्त (रन) नहीं पाए जाते हैं ।

🔹 व्याख्या

👉 यह कथन सही नहीं है कि शेखावाटी प्रदेश में लवणीय गर्त (रन) नहीं पाए जाते।
👉 वास्तव में शेखावाटी क्षेत्र में खारे अवसाद या रन मौजूद हैं।
👉 ऐसे लवणीय गर्त मुख्य रूप से चूरू जिले में पाए जाते हैं। 

✍️ सही उत्तर है – यहाँ लवणीय गर्त (रन) नहीं पाए जाते हैं । 

इनमें से कौन सी पहाड़ी मध्य-अरावली क्षेत्र में स्थित है ?

[स्कूल व्याख्याता GK (B) 26.06.2025]

  • नाग पानी

  • डोरा पर्बत

  • नाग-पहाड़

  • बिलाली

🔹 व्याख्या:

👉 नाग पहाड़ अजमेर जिले में अरावली पर्वत श्रृंखला का हिस्सा है।
👉 अरावली भारत की सबसे पुरानी पर्वत श्रृंखला है, जो राजस्थान को उत्तर से दक्षिण तक विभाजित करती है।
👉 अरावली की सबसे ऊँची चोटी गुरु शिखर (सिरोही, 1722 मी.) है।
👉 नाग पहाड़ अजमेर शहर को पुष्कर से पृथक करता है।

✍️ सही उत्तर है – नाग पहाड़ 

किस भू-आकृतिक प्रदेश को "गोड़वाड प्रदेश” कहा जाता है ?

[स्कूल व्याख्याता GK (E) 06.07.2025]

  • पूर्वी मैदान

  • शेखावाटी प्रदेश

  • चम्बल बेसिन

  • लूनी - जवाई बेसिन

🔹 व्याख्या:

👉 गोडवाड़ प्रदेश लूणी नदी के बेसिन क्षेत्र को कहा जाता है।
👉 इसमें पाली, जालौर, सिरोही और बाड़मेर जिले शामिल हैं।
👉 यह अरावली के पश्चिमी किनारे व गुजरात सीमा से लगा क्षेत्र है।
👉 ‘गोडवाड़’ शब्द ‘गीरीवाड़’ (पहाड़ों का प्रदेश) का अपभ्रंश है।

✍️ सही उत्तर है – लूनी - जवाई बेसिन

अरावली और विन्धयन के मिलन स्थल का भ्रंश कहलाता है : 

[स्कूल व्याख्याता (भूगोल) 2013]

  • मुख्य मध्यवर्ती भ्रंश 

  • महान सीमा भ्रंश 

  • दिल्ली भ्रंश 

  • मुख्य सीमा भ्रंश 

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान में अरावली पर्वत और विन्ध्यन श्रेणी के मिलन स्थल पर एक प्रमुख भूगर्भिक संरचना पाई जाती है।
👉 यह संरचना एक विशाल भ्रंश रेखा है जिसे "महान सीमान्त भ्रंश" कहा जाता है।
👉 यह भ्रंश रेखा चित्तौड़गढ़ के बेगूँ से शुरू होकर सवाई माधोपुर और धौलपुर जिलों तक फैली है।
👉 यह राजस्थान की भू-संरचना में अत्यंत महत्त्वपूर्ण भौगोलिक रेखा है।

निम्नलिखित में से कौन सा कथन “हाड़ौती पठार" के संदर्भ में सही नहीं है ?  

[Deputy Jailor Exam 13.07.2025]

  • यह पठार सर्वत्र धरातलीय एकरूपता नहीं रखता है। 

  • इस पठार की औसत ऊँचाई 600 मीटर है। 

  • कोटा, बारां, बूँदी व झालावाड़ जिलों में इस पठार का विस्तार है। 

  • यह पठार मालवा के पठार का ही विस्तार है। 

🔹 व्याख्या:

👉 हाड़ौती पठार राजस्थान का दक्षिण-पूर्वी पठारी भाग है।
👉 इसकी औसत ऊँचाई लगभग 500 मीटर है।
👉 अतः यह कथन कि इसकी ऊँचाई 600 मीटर है, सही नहीं है।

✍️ सही उत्तर है – इस पठार की औसत ऊँचाई 600 मीटर है

राजस्थान में निम्नलिखित में से किस बालूका स्तूप को जीवावशेष बालूका स्तूप माना जाता है ?

[स्कूल व्याख्याता GK (C) 03.07.2025] 

  • बरखान

  • अवरोधी

  • अनुदैर्ध्य

  • अनुप्रस्थ

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान में अवरोधी बालूका स्तूप को जीवावशेष बालूका स्तूप माना जाता है।
👉 ये झाड़ियों, पेड़ों या पहाड़ियों जैसी बाधाओं के कारण बनते हैं।
👉 रेत जमा होकर स्थिर हो जाती है और समय के साथ इनके जीवाश्म बन जाते हैं।

✍️ सही उत्तर है – अवरोधी

निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए तथा नीचे दिए गए कूट का उपयोग करके सही उत्तर का चयन कीजिए —
(
A) कार्बी आंगलोंग भारत के प्रायद्वीपीय पठार का हिस्सा है।
(B)
मेसोज़ोइक युग के समय भारतीय मरुस्थल क्षेत्र समुद्र के नीचे था।
(C)
पूर्वी भारतीय तट पोर्ट व हार्बर के विकास के लिए अनुकूल है।
(D)
रिची द्वीपसमूह अरब सागर में हैं।
कूट —

[स्कूल व्याख्याता (भूगोल) 24.06.2025]

  • (B), (C) एवं (D)

  • (A), (B) एवं (C)

  • (B) एवं (C)

  • (A) एवं (B)

🔹 व्याख्या:

👉 (A) कार्बी आंगलोंग प्रायद्वीपीय पठार का हिस्सा है – सही।
👉 (B) मेसोज़ोइक युग में भारतीय मरुस्थल समुद्र के नीचे था – सही।
👉 (C) पूर्वी तट पर पोर्ट विकास के लिए उतना अनुकूल नहीं है – गलत।
👉 (D) रिची द्वीपसमूह अरब सागर में नहीं, बल्कि अंडमान-निकोबार में है – गलत।

✍️ सही उत्तर है – (A) एवं (B)

निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए तथा सही उत्तर का चयन नीचे दिये गए कूट से कीजिए 

(A) काला भरा डूंगर, लूनी बेसिन की पश्चिमी सीमा बनाता है। 

(B) सालीसर, जस्सूसर और मलसीसर, शेखावाटी प्रदेश में अवस्थित हैं। 

(C) हनुमानगढ़ के निकट घग्घर नदी का तल 'नाली' कहलाता है। 

[PTI & Librarian 03.05.2025]

  • केवल (A) और (C) सही हैं। 

  • केवल (A) सही है। 

  • केवल (B) और (C) सही हैं।

  • केवल (C) सही है। 

🔹 व्याख्या:

👉 (A) काला भरा डूंगर लूणी बेसिन की पश्चिमी सीमा नहीं बनाता – गलत।
👉 (B) सालीसर, जस्सूसर और मलसीसर शेखावाटी प्रदेश में अवस्थित हैं – सही।
👉 (C) हनुमानगढ़ के निकट घग्घर नदी का तल 'नाली' कहलाता है – सही।

✍️ सही उत्तर है – केवल (B) और (C) सही हैं

डग–गंगधार उच्च प्रदेश, राजस्थान के किस भौतिक विभाग के अन्तर्गत आते हैं?

[Deputy Commandant 11.01.2026]

  • अरावली पर्वतीय प्रदेश

  • दक्षिण - पूर्वी पठारी प्रदेश

  • पश्चिमी मरुस्थलीय प्रदेश

  • पूर्वी मैदानी प्रदेश

🔹 व्याख्या

👉 डग–गंगधार क्षेत्र राजस्थान का उच्च प्रदेश है।
👉
यह दक्षिण-पूर्वी भाग में स्थित है।
👉
इसे पठारी प्रदेश के अंतर्गत रखा जाता है।

✍️ सही उत्तर है – दक्षिण - पूर्वी पठारी प्रदेश

निम्नलिखित में से कौनसा युग्म सही है ?  

[Asst. Testing Officer 08.07.2025]

  • धोनिया डूंगर - मध्य अरावली 

  • नाग पहाड़ - दक्षिणी अरावली 

  • मालखेत - मध्य अरावली 

  • भोजगढ़ - उत्तर पूर्वी अरावली 

🔹 व्याख्या:

👉 मालखेत – मध्य अरावली में नहीं है। मालखेत की पहाड़ियाँ (Malkhet Hills) राजस्थान के सीकर जिले में अरावली पर्वतमाला का एक प्रमुख हिस्सा हैं। इनकी सबसे ऊँची चोटी की ऊँचाई लगभग 1052 मीटर है।
👉 धोनिया डूंगर चोटी उदयपुर के पास स्थित है।
👉 इसकी ऊँचाई लगभग 1183 मीटर (3881 फीट) है। 

👉 नाग पहाड़ अजमेर में अरावली पर्वत श्रृंखला का भाग है। 
👉 अरावली की सबसे ऊँची चोटी गुरु शिखर (1722 मी., सिरोही) है।
👉 नाग पहाड़ अजमेर शहर और पुष्कर को अलग करता है।

👉 भोजगढ़ – उत्तर-पूर्वी अरावली में स्थित है। 

✍️ सही उत्तर है – भोजगढ़ – उत्तर पूर्वी अरावली

निम्नलिखित में से कौन सा/से सुमेलित है/हैं ?

भू-आकृति

अवस्थिति

A. गिरवा

उदयपुर बेसिन

B. भाकर

माही बेसिन

C. भोराट पठार

कुम्भलगढ़ और गोगुन्दा के मध्य

नीचे दिए गए कूट में से सही उत्तर का चयन कीजिए :

कूट :

[स्कूल व्याख्याता GK (D) 04.07.2025]

  • A और C

  • A और B

  • केवल C

  • A, B और C

🔹 व्याख्या:

👉 'भाकर' (Bhakar) शब्द का अर्थ सिरोही जिले में स्थित अरावली पर्वतमाला की तीव्र ढाल वाली और अत्यधिक ऊबड़-खाबड़ पहाड़ियों से है。भाकर पहाड़ियों की मुख्य विशेषताएँ:स्थान: मुख्य रूप से सिरोही जिले में पाई जाती हैं。ढाल: इनकी बनावट बहुत तीव्र (खड़ी) और उबड़-खाबड़ होती है。अन्य नाम: अरावली की कुछ प्रमुख पहाड़ियों को स्थानीय रूप से 'भाकर' कहा जाता है, जैसे कि जालौर क्षेत्र में स्थित रोजा भाकर और इसराना भाकर。

✍️ सही उत्तर है – A और C

जैसलमेर के निकटवर्ती क्षेत्र की शैले है : 

[स्कूल व्याख्याता (भूगोल) 2013]

  • अजरबगढ़ समूह 

  • रायलो समूह 

  • मालानी अग्निय 

  • जुरासिक बालु का पत्थर 

🔹 व्याख्या:

👉 जैसलमेर के निकटवर्ती क्षेत्र में अवसादी शैलों का विस्तार है, जो भूगर्भीय दृष्टि से अत्यंत महत्त्वपूर्ण हैं।
👉 यहाँ जुरासिक काल में समुद्र के विस्तार के प्रमाणस्वरूप बालुका पत्थर पाए जाते हैं।
👉 यह क्षेत्र पूरी तरह से अवसादी शैलों से ढका है और यहाँ बालुका स्तूपों का अभाव है।
👉 आंकल वुड फॉसिल पार्क इसी क्षेत्र में स्थित एक विशिष्ट स्थल है।

निम्नलिखित में से कौन सा/से सुमेलित है/हैं ?

भौतिक आकृति   — अवस्थिति/क्षेत्र

A. चंदवाड़ी          — बूंदी पहाड़ियाँ

B. मेसा पठार       — चित्तौड़गढ़

C. पालखेड़ा पर्वत — चित्तौड़गढ़–प्रतापगढ़

D. शाहाबाद उच्च–भूमियाँ — झालावाड़ 

S.I. Telecom (Paper-II) 09.11.2025

नीचे दिए गए कूट का उपयोग कर सही उत्तर का चयन कीजिए :

कूट :

  • B, C तथा D

  • A, B तथा C

  • केवल B तथा C

  • केवल A तथा D

🔹 व्याख्या

शाहाबाद उच्च भूमि (Shahabad Highland):स्थिति: यह बारां जिले में स्थित है |विशेषता: यह दक्षिण-पूर्वी हाड़ौती के पठार का एक प्रमुख उप-क्षेत्र है | यह क्षेत्र घने जंगलों, मुकुंदरा पर्वत श्रृंखलाओं और रामगढ़ क्रेटर (गुंबद) जैसी विशिष्ट भौगोलिक आकृतियों के लिए जाना जाता है | इसी उच्च भूमि के बीचों-बीच हाड़ौती क्षेत्र का सबसे मजबूत शाहाबाद का किला स्थित है |

👉 मेसा पठार का संबंध चित्तौड़गढ़ क्षेत्र से माना जाता है, इसलिए B सुमेलित है।

👉 पालखेड़ा पर्वत चित्तौड़गढ़–प्रतापगढ़ के बीच स्थित भौतिक संरचना है, अतः C भी सही सुमेल है।

👉 चंदवाड़ी — बूंदी पहाड़ियाँ (A) का यह सुमेल स्वीकार्य नहीं माना जाता।

👉 शाहाबाद उच्च–भूमियाँ — झालावाड़ (D) का यह सुमेल भी मान्य नहीं है।

✍️ सही उत्तर है – केवल B तथा C

सन् 1992 में समुद्र पारीय आर्थिक सहयोग निधि (O.E.C.F.) जापान द्वारा आरम्भ 'अरावली वृक्षारोपण परियोजना का उद्देश्य बताएँ :  

(a) अरावली पर्वत प्रदेश को हरा-भरा रखना ।

(b) एनिकट का निर्माण कर जल संसाधन का संरक्षण करना । 

(c) भूमि का कटाव तथा अवैध खनन को रोकना । 

(d) उपरोक्त वर्णित सभी 

[वरिष्ठ अध्यापक (SST) 21.12.2022]

  • (a) तथा (c)

  • (a) तथा (b)

  • (b) तथा (c) 

  • (d) 

🔹 व्याख्या:

👉 आपके पृष्ठों में सन् 1992 की O.E.C.F. जापान परियोजना या अरावली वृक्षारोपण परियोजना का कोई भी उल्लेख नहीं किया गया है।
👉 अतः इस प्रश्न से संबंधित प्रत्यक्ष जानकारी आपके अध्याय में उपलब्ध नहीं है।
👉 फिर भी अरावली क्षेत्र से संबंधित जानकारी के अनुसार, यह क्षेत्र वनाच्छादित, जलविभाजक, और वन्यजीवों की शरणस्थली के रूप में वर्णित है।
👉 इसके अलावा वनों की कटाई से इस क्षेत्र को हानि पहुँचने का उल्लेख है।

राजस्थान में भौतिक आकृतियों के सम्बन्ध में निम्नलिखित कथनों का परीक्षण करें 

(अ) थार मरुभूमि में बालुका स्तूपों के मध्यवर्ती निम्नवर्ती गर्त 'मरहो' कहलाते हैं । 

(ब) 'उत्खात स्थलाकृति' बनास बेसिन में पायी जाती है । 

(स) राजस्थान के दक्षिणी पश्चिमी भाग में स्थित डोरा पर्वत अरावली पर्वतों का हिस्सा है।

(द) 'महान सीमान्त भ्रंश' अरावली के पश्चिमी भाग के सहारे स्थित है ।

सही कथनों का चयन करें -

[वरिष्ठ अध्यापक (SST) 29.10.2018]

  • केवल (अ) तथा (स) 

  • (अ), (ब) तथा (स)

  • (ब), (स) तथा (द) 

  • (अ), (ब), (स) तथा (द)

🔹 व्याख्या:

👉 कथन (अ) सही है — थार मरुस्थल में बालुका स्तूपों के बीच की निम्नवर्ती संरचना को 'मरहो' कहा जाता है।
👉 कथन (ब) गलत है — 'उत्खात स्थलाकृति' चम्बल बेसिन में पाई जाती है, न कि बनास बेसिन में।
👉 कथन (स) सही है — डोरा पर्वत राजस्थान के दक्षिण-पश्चिम में स्थित है और यह अरावली श्रेणी का भाग है।
👉 कथन (द) गलत है — महान सीमान्त भ्रंश अरावली के पूर्वी भाग के सहारे स्थित है, न कि पश्चिमी के।

पश्चिमी मरुस्थलीय प्रदेश का लगभग कितने प्रतिशत भाग बालूका स्तूप रहित क्षेत्र है ?

[Asst. Prof. (Geo -II) 17.12.2025]

  • 28.8

  • 51.2

  • 61.3

  • 41.5

🔹 व्याख्या

👉 पश्चिमी मरुस्थल का लगभग 41.5% क्षेत्र बालुका स्तूप रहित है।
👉
यह क्षेत्र चट्टानी धरातल वाला हमाद कहलाता है।
👉
जबकि शेष भाग बालुका स्तूप युक्त क्षेत्र है।
👉
इसमें जैसलमेर, बाड़मेर, बीकानेर आदि जिले आते हैं।

✍️ सही उत्तर है – 41.5%

शाहबाद उच्च - भूमि में निम्नलिखित में से कौन सी भू-आकृति/भू-आकृतियाँ पायी जाती है/हैं ? 

A. घोड़े की नाल के आकार की पहाड़ी (रामगढ़) 

B. डग-गंगधार उच्च - भूमियाँ 

C. चाँदवाड़ी के निकट सर्वोच्च चोटी 517 मीटर 

नीचे दिए गए कूट का उपयोग कर सही उत्तर का चयन कीजिए : 

कूट : 

[Sr. Teacher (SST) 07.09.2025]

  • A तथा C 

  • B तथा C 

  • A, B तथा C 

  • केवल A 

🔹 व्याख्या

👉 शाहबाद उच्च भूमि में पाई जाने वाली प्रमुख भू-आकृति घोड़े की नाल के आकार की पहाड़ी (रामगढ़) है।
👉 यह भू-रूप क्षेत्र की विशिष्ट भौगोलिक पहचान मानी जाती है।
👉 डग-गंगधार उच्च भूमियाँ भी शाहबाद उच्च भूमि का हिस्सा मानी जाती हैं।
👉 517 मीटर वाली चाँदवाड़ी चोटी शाहबाद उच्च भूमि से संबंधित जानकारी में सम्मिलित नहीं है।
👉 इसलिए दिए गए कूट में केवल A विकल्प सही माना गया है।

✍️ सही उत्तर है – केवल A 

निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए तथा सही उत्तर का चयन नीचे दिये कूट से कीजिए 

(A) लसाड़िया पठार जयसमन्द के पूर्व में स्थित है। 

(B) उड़िया पठार गुरु शिखर के नीचे स्थित है।

(C) मुकन्दरा की पहाड़ियाँ कोटा और बूंदी जिले के मध्य स्थित हैं। 

कूट -  

[Technical Assistant 07.07.2025]

  • (B) और (C) 

  • (A) और (B) 

  • (A), (B) और (C) 

  • (A) और (C) 

🔹 व्याख्या:

मुकुंदरा पर्वत श्रेणी का सर्वोच्च शिखर दर्रा चोटी (Darrah Peak) है。यह चोटी मुकुंदरा हिल्स (या दर्रा) वन्यजीव अभयारण्य का मुख्य भाग है, जो राजस्थान के कोटा और झालावाड़ जिलों के बीच हाड़ौती के पठार क्षेत्र में स्थित है。

इसकी मुख्य विशेषताएं इस प्रकार हैं:ऊंचाई: लगभग 1164 मीटर (3819 फीट)。क्षेत्र: यह मुकुंदरा पर्वत श्रृंखला का उच्चतम बिंदु है, जो कोटा शहर से लगभग 56 किमी दूर दक्षिण-पूर्व में स्थित है。

महत्व: यह क्षेत्र मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व (Mukundra Hills Tiger Reserve) का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है

👉 (A) लसाड़िया पठार जयसमन्द के पूर्व में स्थित है – सही।
👉 (B) उड़िया पठार गुरु शिखर के नीचे स्थित है – सही।
👉 (C) मुकन्दरा की पहाड़ियाँ कोटा और बूंदी जिले के मध्य नहीं मानी जातीं – गलत।

✍️ सही उत्तर है – (A) और (B)