ISFR 2019 - राजस्थान रिपोर्ट के अनुसार, राजस्थान में कुल वनावरण का कितना प्रतिशत अत्यधिक अग्नि प्रवण क्षेत्र था ? 

[अनुसंधान अधिकारी पुरा. 04.08.2024]

  • 3.62 

  • 0.32 

  • 2.48 

  • 0.00 

🔹 व्याख्या:

👉 ISFR 2019 - राजस्थान रिपोर्ट के अनुसार, राजस्थान में कुल वनावरण का 2.48 प्रतिशत अत्यधिक अग्नि प्रवण क्षेत्र था।

'फॉरेस्ट सर्वे ऑफ इंडिया द्वारा जारी "स्टेट ऑफ फॉरेस्ट रिपोर्ट-2017" के अनुसार राजस्थान का कुल वन क्षेत्र है : [*]

[उपनिरीक्षक (SI) 07.10.2018]

  • 9.18% 

  • 9.57% 

  • 8.34%    

  • 10.23% 

वन विभाग, राजस्थान के “प्रशासनिक प्रतिवेदन (2021 के आकलन) के अनुसार निम्नलिखित में से किन जिलों के समूह में वनावरण का प्रतिशत सर्वाधिक है ? 

[वरिष्ठ अध्यापक 12.02.2023]

  • उदयपुर तथा प्रतापगढ़ 

  • बाँसवाड़ा तथा डूंगरपुर 

  • प्रतापगढ़ तथा करौली 

  • डूंगरपुर तथा कोटा 

🔹 व्याख्या:

👉 उदयपुर जिले में वनावरण का प्रतिशत 23.49% है, जो राजस्थान में सर्वाधिक है।
👉 इसके बाद प्रतापगढ़ जिले का स्थान है, जहाँ वनावरण 23.24% है।
👉 ये आँकड़े राज्य में सर्वाधिक वन क्षेत्र वाले जिलों को दर्शाते हैं।

निम्नांकित में कौन-से जिले में 3 प्रतिशत से भी कम वन क्षेत्र है ? 

[कृषि अधिकारी 2011]

  • भीलवाड़ा 

  • जोधपुर 

  • उदयपुर 

  • बुन्दी 

🔹 व्याख्या:

👉 जोधपुर जिले का कुल वन क्षेत्र केवल 246.78 वर्ग कि.मी. है।
👉 जोधपुर का कुल भौगोलिक क्षेत्रफल लगभग 22,850 वर्ग कि.मी. है, अतः वन क्षेत्र 3% से भी कम आता है।
👉 बाकी तीनों जिलों — उदयपुर (4161.92), बूंदी (1563.57), भीलवाड़ा (779.06) — में वन क्षेत्र 3% से अधिक है।

✍️ सही उत्तर है – जोधपुर 

वन विभाग की 2021-22 की प्रशासनिक रिपोर्ट के अनुसार राजस्थान का 31-03-2022 को कुल वन क्षेत्र था 

  • 32,737:34 वर्ग कि.मी. 

  • 32,862.50 वर्ग कि.मी. 

  • 32,864.62 वर्ग कि.मी. 

  • 32,845.30 वर्ग कि.मी. 

🔹 व्याख्या:

👉 प्रशासनिक रिपोर्ट 2020-21 के अनुसार, राजस्थान में कुल वन क्षेत्र 32,864 वर्ग किमी है, जो राज्य के कुल भौगोलिक क्षेत्र का 9.60% है।
👉 इसमें आरक्षित वन 12,176 वर्ग किमी (37.0%), संरक्षित वन 18,543 वर्ग किमी (56.4%) और अवर्गीकृत वन 2,144 वर्ग किमी (6.5%) सम्मिलित हैं।
👉 यह वर्गीकरण राज्य के वन संसाधनों की संरचना और संरक्षण की स्थिति को दर्शाता है।

निम्नलिखित जिलों में से किन जिलों में शुष्क सागवान वन पाये जाते हैं ?

[PTI Grade -II (RPSC) 30.04.2023]

  • सीकर एवं झुन्झुनूं जिले

  • डूंगरपुर एवं बाँसवाड़ा जिले 

  • पाली एवं जालौर जिले

  • चुरू एवं बीकानेर जिले 

🔹 व्याख्या:

👉 शुष्क सागवान वन राजस्थान के दक्षिणी जिलों में प्रमुखता से पाए जाते हैं।
👉 ये विशेष रूप से बाँसवाड़ा, डूंगरपुर, चित्तौड़गढ़, उदयपुर, सलुम्बर जिलों में विस्तृत हैं।
👉 इन क्षेत्रों की भौगोलिक स्थिति और जलवायु सागवान वृक्ष के विकास के लिए उपयुक्त है।

✍️ सही उत्तर है – बाँसवाड़ा, डूंगरपुर 

'राजस्थान स्टेट इनवायरमेन्ट पॉलिसी' सर्वप्रथम किस वर्ष लागू की गई थी ? 

[Food Safety Officer 27.06.2023]

  • 2010 

  • 2014 

  • 2011 

  • 2016 

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान राज्य पर्यावरण नीति 2010 में प्रमुख पर्यावरणीय चुनौतियों की पहचान कर उनके समाधान हेतु रणनीतियाँ व कार्यों की रूपरेखा बनाई गई।
👉 इसमें 2010–2014 के लिए अनुकूलन और शमन रणनीतियाँ, पर्यावरण मिशन तथा जलवायु परिवर्तन एजेंडा सम्मिलित किए गए। 

'भारत-राज्य वन स्थिति रिपोर्ट 2021' के अनुसार, राजस्थान में वन के अन्तर्गत वनस्पति आवरण के संदर्भ में भौगोलिक क्षेत्र का प्रतिशत है - 

[अन्वेषण उत्खनन अधिकारी 19.06.2024]

  • 4.87 

  • 9.01 

  • 15.02 

  • 3.02 

🔹 व्याख्या:

👉 भारत की वन स्थिति रिपोर्ट 2021 के अनुसार, राजस्थान में कुल वन आवरण 16,654 वर्ग किमी है, जो राज्य के कुल भौगोलिक क्षेत्र का 4.87% है।
👉 राज्य की शुष्क एवं अर्द्ध-शुष्क जलवायु और थार रेगिस्तान वन क्षेत्र को सीमित करते हैं।
👉 रेगिस्तानीकरण से ग्रस्त क्षेत्रों में वनीकरण प्रयास लगातार जारी हैं, जिससे आवरण में सुधार हो रहा है।
👉 रणथंभौर राष्ट्रीय उद्यान व सिरोही का सरिस्का बाघ अभयारण्य पारिस्थितिक विविधता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। 

वर्तमान में राजस्थान में कुल वन क्षेत्र का कितने प्रतिशत सुरक्षित वन क्षेत्र के अन्तर्गत आता है ? 

[कृषि अधिकारी 24.11.2020]

  • लगभग 33% 

  • लगभग 27% 

  • लगभग 38% 

  • लगभग 56% 

🔹 व्याख्या:

👉 ISFR 2021 के अनुसार, राजस्थान का सबसे बड़ा वन क्षेत्र (56.4%) संरक्षित वन श्रेणी में आता है, जो 18,543 वर्ग किमी है।
👉 इसके बाद आरक्षित वन 12,176 वर्ग किमी (37%) और अवर्गीकृत वन 2,144 वर्ग किमी (6.5%) हैं।
👉 यह दर्शाता है कि राज्य का प्रमुख वन क्षेत्र संरक्षित वनों में आता है, जो संरक्षण की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। 

देश के 142 डेजर्ट ब्लाक में से राजस्थान में कितने डेजर्ट ब्लाक है ? 

[वरिष्ठ अध्यापक 2011]

  • 100

  • 90 

  • 40 

  • 85

🔹 व्याख्या:

👉 थार रेगिस्तान राजस्थान के अरावली के पश्चिमी भाग के 11 जिलों में फैला है — जिनमें बाड़मेर, बीकानेर, चूरू, गंगानगर, हनुमानगढ़, जैसलमेर, झुंझुनूं, जोधपुर, जालौर, नागौर, पाली, सीकर और अनूपगढ़ शामिल हैं।
👉 थार का लगभग 85% भाग भारत में और 15% भाग पाकिस्तान में है।
👉 यह भारत के कुल भौगोलिक क्षेत्र का लगभग 4.56% क्षेत्र घेरता है और राजस्थान की लगभग 70% भूमि इसी में आती है।
👉 थार के भीतर प्रमुख रेत के टीले और स्थलाकृतियाँ जैसे सांभर, खारी, डीडवाना, पचपदरा, फलोदी, खुशालगढ़ शामिल हैं। 

निम्नलिखित जिला समह में से किसमें सालार या साल (बोसवालिया सेराता) के वन पाये जाते हैं ?

सहायक आचार्य [22.09.2021]

  • टोंक, जयपुर, दौसा, सीकर

  • अलवर, चित्तौड़गढ़, उदयपुर, सिरोही 

  • सवाई माधोपुर, बूंदी, धौलपुर, करौली

  • कोटा, बूंदी, बारां, झालावाड़

🔹 व्याख्या:

👉 सालार या साल (बोसवालिया सेराटा) के वृक्ष राजस्थान में उष्णकटिबंधीय शुष्क पर्णपाती वनों का भाग हैं।
👉 ये वृक्ष विशेष रूप से अलवर, चित्तौड़गढ़, उदयपुर, सिरोही जैसे जिलों में पाए जाते हैं।
👉 ये जिले अधिक वर्षा वाले तथा पर्वतीय/अर्द्ध-पर्वतीय क्षेत्र हैं, जहाँ मिश्रित वनों में सालर शामिल होता है।

✍️ सही उत्तर है – अलवर, चित्तौड़गढ़, उदयपुर, सिरोही 

राजस्थान के किस क्षेत्र में उपोष्ण कटिबन्धीय सदाबहार वन पाये जाते हैं ?  

[रसायनज्ञ पुरालेख विभाग 05.08.2024]

  • माउंट आबू के चारों ओर 

  • कुम्भलगढ़ के चारों ओर 

  • नाग पहाड़ के चारों ओर 

  • सिलिसेढ़ के चारों ओर 

🔹 व्याख्या:

👉 उपोष्ण-कटिबंधीय सदाबहार वन राजस्थान में केवल सिरोही जिले के माउंट आबू पर्वतीय क्षेत्र में पाए जाते हैं।
👉 इस क्षेत्र में सदाबहार एवं अर्द्ध-सदाबहार वनस्पति की प्रधानता है। 

राजस्थान सरकार द्वारा पहली वन नीति का अनुमोदन कब किया गया ? 

[Head Master 02.09.2018]

  • मार्च 2011 

  • सितम्बर 2011 

  • अगस्त 2010 

  • फरवरी 2010 

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान की पहली राज्य वन नीति फरवरी 2010 में निर्धारित की गई थी, जो राष्ट्रीय वन नीति 1988 के दिशा-निर्देशों पर आधारित है।
👉 इसका उद्देश्य स्थानीय समुदाय की भागीदारी से वनों का संरक्षण व विकास करना है।
👉 नीति में वनों की उत्पादकता बढ़ाना, मरुस्थलीकरण की रोकथाम, और बड़े पैमाने पर वनीकरण शामिल हैं।
👉 यह नीति वन-निर्भर समुदायों की आजीविका व जरूरतों की पूर्ति पर भी केन्द्रित है। 

राजस्थान सरकार ने किस वर्ष में राजस्थान जैव विविधता नियम (राजस्थान बॉयोलोजीकल डायवर्सिटी रूल्स) बनाया ? 

[AEN 16 दिसम्बर 2018]

  • 2015

  • 2010

  • 2002

  • 1994 

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान सरकार ने ‘राजस्थान जैविक विविधता नियम, 2010’ के अंतर्गत राज्य जैव विविधता बोर्ड की स्थापना की।
👉 यह अधिनियम जैविक विविधता अधिनियम 2002 की धारा 63 में प्रदत्त शक्तियों के आधार पर लागू किया गया।
👉 धारा 22 के अनुसार, बोर्ड की स्थापना का उद्देश्य राज्य में जैव विविधता संरक्षण सुनिश्चित करना है।
👉 बोर्ड के अध्यक्ष की नियुक्ति राज्य सरकार द्वारा की जाती है, जो सरकारी अथवा बाह्य सेवा से हो सकते हैं। 

राजस्थान में सर्वाधिक वन क्षेत्र किस जिले में है ? 

[AEN Pre. 2013]

  • उदयपुर 

  • बांसवाडा 

  • सिरोही 

  • करौली 

🔹 व्याख्या:

👉 31 मार्च 2023 की स्थिति अनुसार उदयपुर जिले में सर्वाधिक वन क्षेत्र (4161.92 वर्ग किमी) पाया गया है।
👉 यह क्षेत्रफल राज्य के कुल वन क्षेत्र का सबसे बड़ा भाग है।
👉 उदयपुर में अरावली पर्वतमाला और सघन वनस्पति के कारण वन क्षेत्र अधिक है। 

निम्न में से किस जिले में, उप-उष्ण पर्वतीय वन पाएं जाते हैं ? 

[RAS Pre. 27.10.2021]

  • झालावाड़

  • उदयपुर 

  • बांसवाड़ा

  • सिरोही 

🔹 व्याख्या:

👉 उप-उष्ण पर्वतीय वन राजस्थान में केवल सिरोही जिले के आबू पर्वतीय क्षेत्र में पाए जाते हैं।
👉 इन वनों में सदाबहार और अर्द्ध-सदाबहार वनस्पति होती है, जो राज्य के अन्य भागों में नहीं मिलती।
👉 यह विशिष्ट वन प्रकार केवल माउंट आबू की ऊँचाई और जलवायु के कारण संभव है।

✍️ सही उत्तर है – सिरोही 

निम्नलिखित में से राजस्थान में किस प्रकार के वन सर्वाधिक वर्षा वाले क्षेत्रों में पाये जाते हैं ?

[वरिष्ठ अध्यापक 30.07.2023]

  • खैर वन 

  • उष्णकटिबंधीय काँटेदार वन 

  • शुष्क सागवान वन 

  • मिश्रित पतझड़ी वन 

🔹 व्याख्या:

👉 वन रिपोर्ट 2021 के अनुसार, राजस्थान के कुल भौगोलिक क्षेत्र का 9.60% भाग जंगल है।
👉 शुष्क सागौन वन मुख्यतः दक्षिणी राजस्थान में पाए जाते हैं।
👉 यह वन क्षेत्र 75 सेमी से 100 सेमी तक की वार्षिक वर्षा प्राप्त करता है। 

थार का कल्पवृक्ष कहा जाने वाला वृक्ष है -  

वरिष्ठ अध्यापक 2010 पेपर -I GK (उर्दू)

  • रोहिड़ा 

  • सागवान 

  • खेजड़ी 

  • बबूल 

🔹 व्याख्या:

👉 थार का कल्पवृक्ष कहलाने वाला वृक्ष है – खेजड़ी।
👉 यह वृक्ष शुष्क मरुस्थलीय क्षेत्रों में जीवित रहने की अद्भुत क्षमता रखता है।
👉 ईंधन, चारा, गोंद, औषधि, छाया जैसे अनेक उपयोगी गुणों के कारण इसे 'कल्पवृक्ष' की संज्ञा दी गई है।

✍️ सही उत्तर है – खेजड़ी 

राजस्थान में 31 दिसम्बर 2020 के अनुसार सर्वाधिक आरक्षित वन किस जिले में है ? 

[सहायक कृषि अधिकारी 28.05.2022]

  • चित्तौड़गढ़ 

  • अलवर 

  • उदयपुर 

  • सवाई माधोपुर 

🔹 व्याख्या:

👉 वन स्थिति रिपोर्ट 2019 के अनुसार, राजस्थान का कुल वन क्षेत्र 32,737 वर्ग किमी है, जो राज्य के भौगोलिक क्षेत्र का 9.57% है।
👉 उदयपुर जिला सर्वाधिक वन क्षेत्र वाला है, जहाँ आरक्षित वन क्षेत्र 18,543 वर्ग किमी (56.4%) है।
👉 उदयपुर को "झीलों का शहर" कहा जाता है और यह अरावली पहाड़ियों से घिरा है।
👉 यहाँ उष्णकटिबंधीय शुष्क पर्णपाती और कांटेदार वन जैव विविधता व पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में सहायक हैं। 

राजस्थान के निम्नलिखित में से कौन से जिलों में उष्ण कटिबंधीय शुष्क पतझड़ी वन पाये जाते हैं ? 

[वरिष्ठ अध्यापक (स्थगित) 21.12.2022]

  • सीकर, झुंझुनू, जालौर

  • बीकानेर, नागौर, चुरू 

  • उदयपुर, बाँसवाडा, कोटा

  • जैसलमेर, बाड़मेर, पाली  

🔹 व्याख्या:

👉 उष्ण कटिबंधीय शुष्क पतझड़ी वन राजस्थान में अधिक वर्षा वाले तथा अरावली पर्वतमाला से प्रभावित जिलों में पाए जाते हैं।
👉 ये वन विशेष रूप से सिरोही, उदयपुर, सलुम्बर, अजमेर, चित्तौड़गढ़, तथा कोटा, बारां, झालावाड़, बूँदी, सवाई माधोपुर, डूंगरपुर, बाँसवाड़ा जिलों में पाए जाते हैं।
👉 इनमें से उदयपुर, बाँसवाड़ा और कोटा इस वन प्रकार के प्रमुख जिले हैं।

✍️ सही उत्तर है – उदयपुर, बाँसवाडा, कोटा 

सही कथनों का चयन नीचे दिये कूट से कीजिये :

A. अर्द्ध - उष्ण सदाबहार वन आबू पर्वत क्षेत्र में मिलते हैं । 

B. शुष्क सागवान के वन राजस्थान के दक्षिणी भागों में केन्द्रित हैं । 

C. मिश्रित पतझड़ वाले वन उत्तरी राजस्थान में मिलते हैं । 

D. 'खेजड़ी' वृक्ष शुष्क वनों की विशेषता है । 

सहायक आचार्य [30.05.2019]

कूट : 

  • A, B और C सही हैं । 

  •  A, B, C और D सही हैं । 

  •  B, C और D सही हैं । 

  • A, B और D सही हैं । 

🔹 व्याख्या:

👉 A. सही — अर्द्ध-उष्ण सदाबहार वन केवल सिरोही जिले के आबू पर्वत क्षेत्र में पाए जाते हैं।
👉 B. सही — शुष्क सागवान के वन राजस्थान के दक्षिणी भागों (बाँसवाड़ा, डूंगरपुर, सलुम्बर आदि) में केन्द्रित हैं।
👉 C. गलत — मिश्रित पतझड़ वन दक्षिण-पूर्वी राजस्थान में पाए जाते हैं, उत्तरी राजस्थान में नहीं।
👉 D. सही — 'खेजड़ी' वृक्ष शुष्क वनों की विशेषता है और इसे राजस्थान का राज्य वृक्ष भी कहा जाता है।

✍️ सही कथन हैं – A, B और D 

वनों के क्षेत्र (लीगल स्टेटस ) के अनुसार राजस्थान के जिलों का अवरोही क्रम है : [*]

[PTI GRADE -II & III (RPSC) 2013]

  • चित्तौड़गढ़, उदयपुर, करौली, बारां 

  • उदयपुर, चित्तौड़गढ़, बारां, करौली 

  • उदयपुर, करौली, चित्तौड़गढ़, बारां 

  • करौली, उदयपुर, बारां, चित्तौड़गढ़ 

स्टेट फॉरेस्ट रिपोर्ट 2021 के अनुसार, राजस्थान में वास्तविक सर्वाधिक वन क्षेत्रफल (वर्ग कि.मी.) वाले जिलों का सही युग्म है 

[कृषि अधिकारी 29.08.2022]

  • उदयपुर एवं प्रतापगढ़ 

  • उदयपुर एवं बारां 

  • उदयपुर एवं अलवर

  • अलवर एवं प्रतापगढ़ 

🔹 व्याख्या:

👉 ISFR 2021 रिपोर्ट के अनुसार, राजस्थान में उदयपुर जिला सर्वाधिक वन क्षेत्र (2753.39 वर्ग किमी) वाला है।
👉 इसके बाद अलवर जिला (1195.91 वर्ग किमी) दूसरे स्थान पर आता है।
👉 यह दोनों जिले राज्य में सर्वाधिक वन क्षेत्रफल वाले प्रमुख युग्म हैं। 

 31 मार्च 2023 को जारी वन रिपोर्ट के अनुसार सर्वाधिक वन क्षेत्र वाले जिले 1. उदयपुर (4161.92) 2. बारां (2250.56) 3. करौली (1810.16)

राजस्थान में 'शुष्क सागवान वन' कहाँ पाये जाते है?  

वरिष्ठ अध्यापक 2010 पेपर -I GK (SST)

  • डूंगरपुर व बांसवाड़ा में 

  • आबू पर्वतीय क्षेत्र में 

  • अलवर व भरतपुर में 

  • पश्चिमी राजस्थान में 

🔹 व्याख्या:

👉 शुष्क सागवान वन राजस्थान के दक्षिणी जिलों में पाए जाते हैं।
👉 ये विशेष रूप से डूंगरपुर, बाँसवाड़ा, चित्तौड़गढ़, उदयपुर, सलुम्बर क्षेत्रों में विस्तृत हैं।
👉 इन क्षेत्रों की जलवायु एवं मिट्टी सागवान वृक्षों के लिए उपयुक्त है।

✍️ सही उत्तर है – डूंगरपुर व बांसवाड़ा में 

निम्न में से कौन सा राजस्थान में मरुस्थलीकरण का कारण नहीं है ?

[वरिष्ठ अध्यापक 26.04.2017]

  • जनसंख्या दबाव 

  • अतिचारण 

  • वनोन्मूलन 

  • सौर्य ऊर्जा उत्पादन 

🔹 व्याख्या:

👉 अतिचारण, वनोन्मूलन और जनसंख्या दबाव — ये सभी राजस्थान में मरुस्थलीकरण के प्रमुख कारण हैं।
👉 जबकि सौर्य ऊर्जा उत्पादन एक स्वच्छ एवं पर्यावरण-अनुकूल ऊर्जा स्रोत है, जो मरुस्थलीकरण का कारण नहीं है।

✍️ सही उत्तर है – सौर्य ऊर्जा उत्पादन

राजस्थान के निम्नलिखित में से किन जिलों में सागवान प्रमुखता से मिलता है ?  

[Research Scholar 04.08.2024]

  • नागौर, पाली, जालौर, कोंटा 

  • सिरोही, राजसमंद, अजमेर, कोटा 

  • बांसवाड़ा, डूंगरपुर, चित्तौड़गढ़, उदयपुर

  • जैसलमेर, बाड़मेर, भीलवाड़ा, बारां 

🔹 व्याख्या:

👉 सागवान वृक्ष राजस्थान के बाँसवाड़ा, डूंगरपुर, चित्तौड़गढ़, उदयपुर और सलुम्बर जिलों में प्रमुखता से पाया जाता है।
👉 इन जिलों के वनों में इमारती लकड़ी के रूप में सागवान का विशेष महत्त्व है।
👉 यह लकड़ी राज्य में 12% इमारती उपयोग में ली जाती है। 

निम्नांकित में से राजस्थान के कौन से जिले में तेंदू पत्ती का उत्पादन नहीं होता है ?

[सहायक कृषि अधिकारी 27.08.2022]

  • झालावाड़ 

  • सिरोही 

  • उदयपुर 

  • बारां 

🔹 व्याख्या:

👉 तेंदू पत्तियों का उत्पादन मुख्यतः झालावाड़, कोटा, बूंदी, उदयपुर, चित्तौड़गढ़ जिलों में होता है।
👉 इसमें सिरोही जिले का उल्लेख तेंदू पत्ती उत्पादन के अंतर्गत नहीं किया गया है। 

 तेंदु के पते से बीड़ी बनाई जाती है 

✍️ सही उत्तर है – सिरोही 

वन विभाग, राजस्थान के प्रशासनिक प्रतिवेदन 2022 के अनुसार, निम्नलिखित में से किन जिलों के समूह में 2019-2021 के बीच अधिकतम दर (% में) से वन का विनाश हुआ ? 

[Food Safety Officer 27.06.2023]

  • सिरोही तथा भरतपुर 

  • जालौर तथा करौली 

  • करौली तथा भरतपुर 

  • सिरोही तथा जालौर 

🔹 व्याख्या:

👉 वन विभाग, राजस्थान के प्रशासनिक प्रतिवेदन 2022 के अनुसार, जालौर तथा करौली जिलों के समूह में 2019-2021 के बीच अधिकतम दर (% में) से वन का विनाश हुआ।

गोगेलाव संरक्षित क्षेत्र किस जिले में स्थित है ? 

[RAS Pre. 27.10.2021]

  • जालौर 

  • नागौर 

  • पाली 

  • चूरू 

🔹 व्याख्या:

👉 "गोगेलाव" एक Conservation Reserve है और यह नागौर जिले में स्थित है।

✍️ सही उत्तर है – नागौर 

धोकड़ा है- 

वरिष्ठ अध्यापक 2010 पेपर -I GK (विज्ञान)

  • मिट्टी

  • खनिज 

  • वृक्ष 

  • अनाज

🔹 व्याख्या:

👉 धोकड़ा एक उपयोगी वृक्ष है, जो विशेष रूप से राजस्थान के शुष्क एवं पतझड़ वनों में पाया जाता है।
👉 इसका उपयोग ईंधन, इमारती लकड़ी और स्थानीय निर्माण कार्यों में किया जाता है।
👉 यह वृक्ष शुष्क पर्णपाती वनों का प्रमुख घटक है।

✍️ सही उत्तर है – वृक्ष 

किस प्रकार के वन केवल माउंट आबू पर्वतीय क्षेत्र में पाए जाते हैं जो राजस्थान के कुलं वन क्षेत्र के 0.5% से कम को कवर करता है ? 

[EO RO (Shift II) 14.05.2023]

  • उष्णकटिबंधीय काँटेदार वन 

  • उपोष्ण पर्वतीय वन 

  • अल्पाइन वन 

  • उष्णकटिबंधीय शुष्क पर्णपाती वन 

🔹 व्याख्या:

👉 केवल माउंट आबू पर्वतीय क्षेत्र में पाए जाने वाले वन हैं उपोष्ण पर्वतीय वन।
👉 यह वन प्रकार राजस्थान के कुल वन क्षेत्र का 0.5% से भी कम हिस्सा घेरता है।
👉 इनमें सदाबहार एवं अर्द्ध-सदाबहार वनस्पति होती है। 

राजस्थान का "कल्पवृक्ष" है:  

[Research Assistant 24.08.2017]

  • नीम    

  • महुआ  

  • रोहिड़ा  

  • खेजड़ी  

1.खेजड़ी (वैज्ञानिक नाम: प्रोसोपिस सिनेरिया) राजस्थान का राज्य वृक्ष है 2.थार के मरुस्थल में उगने के कारण इसे 'रेगिस्तान का कल्पवृक्ष' भी कहा जाता है। 3.यह कठोर जलवायु और भीषण गर्मी में भी हरा-भरा रहता है और मरुस्थलीय पारिस्थितिकी तंत्र के लिए महत्वपूर्ण है 3.अन्य नाम: इसे अलग-अलग क्षेत्रों में शमी, जांटी (दिल्ली/हरियाणा), जांड (पंजाब), और बन्नी (कर्नाटक) के नाम से भी जाना जाता है 4. उपयोगिता: फल और पत्तियां: इसकी हरी फलियों को 'सांगरी' कहा जाता है, जो राजस्थान में एक लोकप्रिय सब्जी है। 4.इसकी पत्तियों को 'लूंग' कहते हैं,

विश्व पर्यावरण दिवस -2018 का (थीम) मुद्दा है ?

[वरिष्ठ अध्यापक 28.10.2018]

  • वनोन्मूलन पर रोक 

  • मैनग्रोव वन की संरक्षा 

  • ओजोन बचाओ विश्व बचाओ 

  • प्लास्टिक प्रदूषण को परास्त करना 

🔹 व्याख्या:

👉 विश्व पर्यावरण दिवस हर वर्ष 5 जून को मनाया जाता है, जिसका उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।
👉 वर्ष 2018 की थीम है – "प्लास्टिक प्रदूषण को परास्त करना"।

भारत-वन स्थिति रिपोर्ट-2017 के अनुसार राजस्थान का अधिकतम वन क्षेत्र किस श्रेणी के अन्तर्गत आता है ? 

[लाइब्रेरियन ग्रेड -II [02.08.2020]

  • आरक्षित वन 

  • संरक्षित वन 

  • खुला वन 

  • अवर्गीकृत वन 

राजस्थान का सबसे बड़ा वन क्षेत्र किन जिलों में स्थित है ?

[PTI Grade -II (RPSC) 2011]

  • सवाई माधोपुर एवं करौली

  • भरतपुर एवं धौलपुर

  • भीलवाड़ा एवं चितौड 

  • उदयपुर एवं राजसमन्द 

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान का सबसे बड़ा वन क्षेत्र जिन जिलों में स्थित है, वे हैं:

  • उदयपुर – 4161.92 वर्ग कि.मी. (राज्य में सर्वाधिक)

  • राजसमंद – 401.66 वर्ग कि.मी.

👉 जबकि अन्य विकल्पों में दिए गए जिलों का वन क्षेत्र इससे कम है।

✍️ सही उत्तर है – उदयपुर एवं राजसमन्द 

निम्नलिखित को सुमेलित कीजिए तथा नीचे दिये गये कूटों का प्रयोग कर सही उत्तर का चुनाव कीजिए 

        वनोत्पाद         पेड 

(अ) इमारती लकड़ी (i) खैर 

(ब) कोयला            (ii) सागवान 

(स) कत्था             (iii) तेन्दू 

(द) बीड़ी               (iv) धोकड़ा 

[AEN 16 दिसम्बर 2018]

कूट - 

            अ   ब   स   द 

  • ii     iv     i     iii 

  • i     ii     iii     iv 

  • i     iii     iv     ii 

  • ii     iv     iii     i 

🔹 व्याख्या:

👉 (अ) इमारती लकड़ी का स्रोत है सागवान।
👉 (ब) कोयला मुख्यतः धोकड़ा वृक्ष से बनाया जाता है। 
👉 (स) कत्था उत्पादन होता है खैर वृक्ष से।
👉 (द) बीड़ी बनाने के लिए उपयोग होता है तेन्दू पत्तियों का।

निम्नलिखित में से कौन सा ‘राजस्थान वानिकी एवं जैव-विविधता परियोजना' का उद्देश्य नहीं है ? 

सहायक आचार्य [24.04.2016]

  • वृक्षारोपण 

  • बाढ़ नियंत्रण 

  • जल संरक्षण 

  • जैव-विविधता संरक्षण 

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान वानिकी एवं जैव-विविधता परियोजना का उद्देश्य है —
वृक्षारोपण, जैव-विविधता संरक्षण, जल संरक्षण एवं आजीविका संवर्धन जैसे कार्य करना।

✍️ सही उत्तर है – बाढ़ नियंत्रण 

राजस्थान वानिकी एवं जैव विविधता परियोजना, फेज -II को वित्तीय सहायता उपलब्ध करवाई थी - 

[कृषि अधिकारी 29.08.2022]

  • एशियन विकास बैंक द्वारा 

  • जापान अन्तर्राष्ट्रीय को-ऑपरेशन एजेन्सी द्वारा 

  • विश्व बैंक द्वारा 

  • कनाडा अन्तर्राष्ट्रीय विकास एजेन्सी द्वारा 

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान वानिकी एवं जैव विविधता संरक्षण सोसायटी द्वारा यह परियोजना जायका (JICA) के सहयोग से संचालित की गई।
👉 JICA का पूर्ण रूप है – Japan International Cooperation Agency।
👉 यह परियोजना वृक्षारोपण, वन्यजीव संरक्षण एवं जैव विविधता संरक्षण के लिए चलाई गई थी।

✍️ सही उत्तर है – जापान अन्तर्राष्ट्रीय को-ऑपरेशन एजेन्सी द्वारा 

प्रोजेक्ट बस्टर्ड के संदर्भ में, निम्नलिखित में से कौनसा कथन सही है ? 

[कृषि अधिकारी 29.08.2022]

  • इस प्रजाति की रक्षा के लिए प्रोजेक्ट ग्रेट इण्डियन बस्टर्ड को पर्यावरण मंत्रालय ने शुरू किया था। 

  • पर्यावरण विकास और पर्यावरण पर्यटन गतिविधियों में स्थानीय लोगों को शामिल करना । 

  • इसे वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के तहत लागू किया गया । 

  • यह घास के मैदान पारिस्थितिकी के संरक्षण से सम्बन्धित है। 

🔹 व्याख्या:

👉 प्रोजेक्ट ग्रेट इंडियन बस्टर्ड की शुरुआत जून 2013 में राजस्थान सरकार द्वारा की गई थी।
👉 इसका उद्देश्य गंभीर रूप से संकटग्रस्त पक्षी ग्रेट इंडियन बस्टर्ड का संरक्षण करना है।
👉 यह पक्षी दुनिया के सबसे भारी उड़ने वाले पक्षियों में से एक है और इसका मुख्य आवास डेजर्ट नेशनल पार्क, राजस्थान है।
👉 परियोजना में आवास सुधार, प्रजनन कार्यक्रम और सामुदायिक भागीदारी को भी शामिल किया गया है। 

निम्नलिखित में से किसे उष्णकटिबंधीय कँटीले जंगलों में स्थापित रेगिस्तान में अपनी जबरदस्त उपयोगिता के कारण रेगिस्तान का कल्प वृक्ष कहा जाता है ? 

[EO RO (Shift I) 14.05.2023]

  • थोर 

  • रोहिड़ा

  • खेजड़ी / खेजरी

  • केर 

1. खेजड़ी (वैज्ञानिक नाम: प्रोसोपिस सिनेरिया) राजस्थान का राज्य वृक्ष है。थार के मरुस्थल में उगने के कारण इसे 'रेगिस्तान का कल्पवृक्ष' भी कहा जाता है। 2.यह कठोर जलवायु और भीषण गर्मी में भी हरा-भरा रहता है और मरुस्थलीय पारिस्थितिकी तंत्र के लिए बेहद महत्वपूर्ण है. 3.अन्य नाम: इसे अलग-अलग क्षेत्रों में शमी, जांटी (दिल्ली/हरियाणा), जांड (पंजाब), और बन्नी (कर्नाटक) के नाम से भी जाना जाता है.

राजस्थान के किस जिले में मुख्यतः सागवान के वन पाए जाते हैं ? 

[कृषि अधिकारी 30.08.2022] 

  • बांसवाड़ा 

  • चित्तौड़गढ 

  • जालौर 

  • अलवर 

🔹 व्याख्या:

👉 सागवान के वन मुख्यतः बांसवाड़ा, डूंगरपुर, चित्तौड़गढ़, उदयपुर, सलूम्बर जिलों में पाए जाते हैं।
👉 इनमें से बांसवाड़ा जिले में सागवान की उपयोगी लकड़ी अत्यधिक मात्रा में उपलब्ध होती है।

✍️ सही उत्तर है – बांसवाड़ा 

निम्नलिखित में से कौन सा जिलों का समूह राजस्थान में सर्वाधिक कुल वन क्षेत्र घेरता है ? 

[वरिष्ठ अध्यापक 29.01.2023]

  • उदयपुर, चित्तौड़गढ़, बारां एवं करौली 

  • बूँदी, बाँसवाड़ा, डूंगरपुर एवं झालावाड़ 

  • अलवर, सिरोही, जोधपुर एवं जयपुर 

  • उदयपुर, चित्तौड़गढ़, झालावाड़ एवं टोंक 

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान में सर्वाधिक कुल वन क्षेत्र वाले जिले हैं:

  • उदयपुर – 4161.92 वर्ग किमी

  • प्रतापगढ़ – 1666.92 वर्ग किमी

  • चित्तौड़गढ़ – 1789.02 वर्ग किमी

  • करौली – 1810.16 वर्ग किमी

  • बारां – 2250.56 वर्ग किमी

  • बूँदी – 1563.57 वर्ग किमी

👉 इन जिलों का समूह राजस्थान के कुल वन क्षेत्र का सबसे बड़ा भाग घेरे हुए है।

✍️ सही उत्तर है – उदयपुर, चित्तौड़गढ़, बारां एवं करौली  

'TOFIR’ कार्यक्रम का सम्बन्ध है - 

[Research Scholar 04.08.2024]

  • पर्यटन से 

  • व्यापार से 

  • पौधारोपण से 

  • परिवहन से 

🔹 व्याख्या:

👉 'TOFIR' कार्यक्रम का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण से जुड़ा है।
👉 इसका सम्बन्ध पौधारोपण से है।

✍️ सही उत्तर है – पौधारोपण

निम्नलिखित में से कौन से कारक राजस्थान में मरुस्थलीकरण से सम्बन्धित हैं ? 

A. नहरी सिंचाई 

B. अति पशुचारण 

C. मृदा अपरदन 

D. पवन-ऊर्जा परियोजनाएँ 

E. वनों की कटाई 

[सांख्यिकी अधिकारी 25.02.2024]

कूट : 

  • A, B, C एवं D

  • A, B, C एवं E 

  • B, D एवं E 

  • B, C एवं E 

🔹 व्याख्या:

👉 मरुस्थलीकरण के प्रमुख कारण हैं – अतिचारण, वनों की कटाई, अनुपयुक्त कृषि-पद्धतियाँ, शहरीकरण, जल व वायु अपरदन।
👉 इन कारणों से भूमि की उपजाऊ शक्ति, जैव विविधता और उत्पादकता में गिरावट आती है।
👉 राजस्थान देश का सबसे अधिक मरुस्थलीकरण क्षेत्र वाला राज्य है।
👉 2011–13 की अवधि में राजस्थान का 62.90% भौगोलिक क्षेत्र मरुस्थलीकरण और भूमि क्षरण की श्रेणी में शामिल रहा। 

राज्य में नई वन नीति की घोषणा कब हुई ?  

वरिष्ठ अध्यापक 2010 पेपर -I GK (SST)

  • 18 फरवरी 2008 

  • 18 फरवरी 2010 

  • 28 दिसंबर 2009 

  • 18 फरवरी 2009 

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान की पहली राज्य वन नीति फरवरी 2010 में निर्धारित की गई, जो राष्ट्रीय वन नीति 1988 पर आधारित है।
👉 इसका उद्देश्य स्थानीय समुदाय की भागीदारी से प्राकृतिक वनों का संरक्षण व विकास करना है।
👉 नीति में वनों की उत्पादकता में वृद्धि, मरुस्थलीकरण की रोकथाम, और बड़े पैमाने पर वनीकरण पर बल दिया गया है।
👉 यह नीति वन-निर्भर समुदायों की आजीविका को ध्यान में रखते हुए संसाधनों पर निर्भरता कम करने का प्रयास करती है।  

राजस्थान राज्य की नई वन नीति 2023 में राज्य के सम्पूर्ण भू भाग के 20 प्रतिशत भाग को आगामी दो दशक में वृक्षाच्छादित करने का लक्ष्य रखा गया है

राजस्थान में सर्वाधिक शुष्क सागवान वन पाये जाते हैं -  

[अन्वेषण उत्खनन अधिकारी 19.06.2024]

  • अजमेर वन खण्ड में

  • कोटा वन खण्ड में

  • बांसवाड़ा वन खण्ड में

  • जयपुर वन खण्ड में

🔹 व्याख्या:

👉 शुष्क सागवान वन राजस्थान के बाँसवाड़ा वन खण्ड में सर्वाधिक पाए जाते हैं।
👉 यह क्षेत्र दक्षिणी राजस्थान में स्थित है जहाँ सागवान की उपयोगी लकड़ी प्रमुख रूप से उपलब्ध होती है।
👉 इसके अतिरिक्त डूंगरपुर, चित्तौड़गढ़, उदयपुर और सलुम्बर क्षेत्रों में भी सागवान वन मिलते हैं। 

राजस्थान में शुष्क मिश्रित पतझड़ वन पाए जाते हैं  

[संग्रहाध्यक्ष पुरातत्व विभाग 19.06.2024]

  • अलवर, सवाई माधोपुर, भरतपुर में 

  • अजमेर, टोंक, जयपुर में 

  • बाँसवाड़ा, डूंगरपुर, झालावाड़ में 

  • उदयपुर, कोटा, बारां, चित्तौड़गढ़ में 

🔹 व्याख्या:

👉 शुष्क मिश्रित पतझड़ वन राजस्थान में मुख्यतः कोटा, बारां, उदयपुर, बूँदी, डूंगरपुर, बाँसवाड़ा, चित्तौड़गढ़ जिलों में पाए जाते हैं।
👉 ये वन क्षेत्र दक्षिण-पूर्वी राजस्थान में स्थित हैं और इनकी वनस्पति में धोकड़ा, पलाश, तेंदू, आँवला आदि वृक्ष शामिल हैं।

राजस्थान में खैर वनीय क्षेत्र पाए जाते हैं 

[व्याख्याता (आयुर्वेद) 13.11.2021]

  • जालौर - सिरोही

  • कोटा - सवाई माधोपुर

  • अजमेर - भीलवाड़ा 

  • बीकानेर - बाड़मेर

🔹 व्याख्या:

👉 खैर वृक्ष, जिससे कत्था प्राप्त किया जाता है, राजस्थान के उदयपुर, सलुम्बर, चित्तौड़गढ़, झालावाड़, बूँदी, भरतपुर और जयपुर जिलों में पाया जाता है।
👉 कोटा और सवाई माधोपुर ही ऐसे जिले हैं जो इन क्षेत्रों के निकट हैं और जहां खैर वनीय क्षेत्र होने की संभावना सबसे उपयुक्त है।

✍️ सही उत्तर है – कोटा – सवाई माधोपुर 

राजस्थान सरकार ने कौन से वर्ष में राजस्थान जैविक विविधता नियमों को बनाया तथा राजस्थान राज्य जैव-विविधता बोर्ड की स्थापना की ? 

RAS Pre. 28.08.2016

  • 2010 

  • 2008 

  • 2014

  • 2012 

🔹 व्याख्या:

👉 14 सितम्बर 2010 को राजस्थान सरकार ने राज्य जैव विविधता बोर्ड की स्थापना की।
👉 यह स्थापना जैविक विविधता अधिनियम 2002 की धारा 63 के तहत की गई थी।
👉 इसका उद्देश्य जैविक संसाधनों का संरक्षण और साम्यिक साझाकरण हेतु प्रणाली विकसित करना था।
👉 इसी वर्ष 'राजस्थान जैविक विविधता नियम' भी बनाए गए थे।

तेंदु पत्तियों का उत्पादन नहीं करने वाला जिला है -

[SI (मोटर वाहन) 2013] 

  • बारां 

  • चितौड़गढ़ 

  • हनुमानगढ़ 

  • झालावाड़ 

🔹 व्याख्या:

👉 तेंदू पत्तियों का उत्पादन मुख्य रूप से झालावाड़, कोटा, बूंदी, उदयपुर, चित्तौड़गढ़ जिलों में होता है।
👉 हनुमानगढ़ जिला तेंदू उत्पादन वाले क्षेत्रों में शामिल नहीं है। 

राजस्थान में "राजस्थान वानिकी और जैव- विविधता विकास परियोजना" किस देश के वित्तीय सहयोग से क्रियान्वित की जा रही है ? 

[सहायक कृषि अधिकारी 28.08.2022]

  • FDA - फ्रान्स 

  • AFD - फ्रान्स 

  • JICA - जापान 

  • JCIA - जापान 

🔹 व्याख्या:

👉 'राजस्थान वानिकी और जैव विविधता परियोजना' जापान की अंतरराष्ट्रीय सहयोग एजेंसी (JICA) द्वारा प्रायोजित है।
👉 यह परियोजना 2011-12 से शुरू हुई और राजस्थान के 15 जिलों व 7 वन्यजीव अभयारण्यों में लागू की गई।
👉 इसमें NGO/VO, विशेषज्ञ, एजेंसियों और संस्थानों की भागीदारी के साथ समुदाय संगठन और विकास को जोड़ा गया।
👉 परियोजना का क्रियान्वयन राजस्थान सोसायटी फॉर सोइल एंड वाटर कंजर्वेशन के माध्यम से किया जा रहा है।
👉 PMU और DMU इकाइयों द्वारा इस परियोजना की निगरानी और कार्यान्वयन किया जाता है। 

किस प्रकार के वन केवल माउंट आबू क्षेत्र में पाये जाते हैं ? 

[Asst. Town Planner 16.06.2023]

  • अल्पाइन वन 

  • उष्णकटिबंधीय शुष्क पर्णपाती वन

  • उपोष्णकटिबंधीय पर्वतीय वन 

  • उष्णकटिबंधीय काँटेदार वन

🔹 व्याख्या:

👉 केवल माउंट आबू क्षेत्र में पाए जाने वाले वन हैं उपोष्णकटिबंधीय पर्वतीय वन।
👉 इन्हें उप-उष्ण पर्वतीय वन कहा गया है।
👉 इनमें सदाबहार एवं अर्द्ध-सदाबहार वनस्पति पाई जाती है। 

राजस्थान में 31 मार्च, 2022 को संरक्षित वनों के अन्तर्गत सर्वाधिक क्षेत्रफल था - 

[सहायक पुरालेखपाल 03.08.2024]

  • बाँसवाड़ा जिले में 

  • करौली जिले में 

  • बारां जिले में 

  • उदयपुर जिले में 

🔹 व्याख्या:

👉 31 मार्च, 2022 को राजस्थान में संरक्षित वनों का सर्वाधिक क्षेत्रफल बारां जिले में पाया गया।
👉 संरक्षित वन वे होते हैं जहाँ कुछ शर्तों के साथ लकड़ी काटना व पशु चराना अनुमत होता है।
👉 उस समय संरक्षित वनों का कुल क्षेत्रफल 18,543 वर्ग किमी था, जो राजस्थान के कुल वन क्षेत्र का 56.4% था। 

तेंदु पत्ते मुख्यतः जिस जिले में प्राप्त किये जाते हैं, वह है- 

[PTI Grade -III (RPSC) 2011]

  • बीकानेर 

  • जोधपुर 

  • नागौर 

  • बांसवाड़ा 

🔹 व्याख्या:

👉 तेंदु पत्ते राजस्थान में विशेष रूप से झालावाड़, कोटा, बूंदी, उदयपुर, बांसवाड़ा, चित्तौड़गढ़ जिलों में पाए जाते हैं। 

तेंदु के पते का उपयोग बीड़ी बनाने में किया जाता है

✍️ सही उत्तर है – बांसवाड़ा 

सज्जनगढ़ बायोलॉजीकल पार्क राजस्थान के कौन से जिले में अवस्थित है ? 

[AEN 16 दिसम्बर 2018]

  • जोधपुर 

  • उदयपुर 

  • जयपुर 

  • अजमेर 

🔹 व्याख्या:

👉 सज्जनगढ़ जैविक उद्यान (Biological Park) का विकास उदयपुर जिले में किया गया है।
👉 यह उद्यान सज्जनगढ़ दुर्ग के पहाड़ी क्षेत्र में स्थित है।
👉 यह राज्य में विकसित 4 जैविक उद्यानों में से एक है।
👉 अन्य जैविक उद्यान हैं – नाहरगढ़ (जयपुर), माचिया (जोधपुर), अभेड़ा (कोटा)। 

किस जिले में उपोष्ण पर्वतीय वन पाए जाते हैं ?

[सहायक कृषि अधिकारी 27.08.2022]

  • अजमेर 

  • सीकर 

  • अलवर 

  • सिरोही 

🔹 व्याख्या:

👉 उपोष्ण पर्वतीय वन केवल सिरोही जिले के आबू पर्वतीय क्षेत्र में पाए जाते हैं।
👉 इन वनों में सदाबहार एवं अर्द्ध-सदाबहार वनस्पति पाई जाती है।
👉 यह वन राजस्थान में अन्य किसी जिले में नहीं मिलते।

✍️ सही उत्तर है – सिरोही 

निम्नलिखित में से कौन सी एप्लिकेशन राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा एक पहल हैं जो वास्तविक समय के आधार पर जयपुर, जोधपुर और उदयपुर शहरों के वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) के बारे में जानकारी प्रदान करता है ? 

[Asst. Town Planner 16.06.2023]

  • राजपर्यावरण 

  • राजवायु 

  • राजदृष्टि 

  • राजसृष्टि 

🔹 व्याख्या:

👉 जयपुर, जोधपुर और उदयपुर जैसे शहरों के वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) की वास्तविक समय आधारित जानकारी प्रदान करता है।
👉 इसका उद्देश्य नागरिकों को स्वच्छ वायु की स्थिति से अवगत कराना और पर्यावरणीय जागरूकता फैलाना है।
👉 यह एप मुख्यतः राज्य की शहरी वायु गुणवत्ता निगरानी के लिए विकसित की गई है।

✍️ सही उत्तर है – राजवायु 

राजस्थान के किस क्षेत्र (प्रदेश) में सालार (बोसवेलिया सेराटा) वन मिलते हैं ?  

[अनुसंधान अधिकारी पुरा. 04.08.2024]

  • अरावली पहाड़ियों की उच्च श्रेणियों में 

  • शेखावाटी प्रदेश 

  • मुकुन्दरा की पहाड़ियाँ 

  • मध्य माही बेसिन 

🔹 व्याख्या:

👉 सालार (बोसवेलिया सेराटा) वन मुख्यतः उदयपुर, चित्तौड़गढ़, अलवर और माउंट आबू जैसे अरावली पर्वतीय क्षेत्रों में पाए जाते हैं।
👉 इन्हें प्रायः सदाबहार वन भी कहा जाता है और ये औषधीय गुणों के लिए प्रसिद्ध होते हैं।
👉 इन वनों में सालार, ढोक, कथिरा और धवद जैसे वृक्ष प्रमुख रूप से पाए जाते हैं।
👉 सालार वृक्ष से प्राप्त गोंद को लोबान कहते हैं, जिसका उपयोग औषधियों में होता है। 

केंद्रीय शुष्क बागवानी संस्थान स्थित है [*]

[सहायक कृषि अधिकारी 31.05.2019]

  • सवाई माधोपुर 

  • श्रीगंगानगर 

  • बीकानेर 

  • जोधपुर 

📌 महत्वपूर्ण सूचना: इस प्रश्न को बोर्ड द्वारा 'डिलीट' या अमान्य घोषित किया गया है।  

भारत राज्य वन रिपोर्ट 2021 के अनुसार, वनस्पति आवरण के संदर्भ में वन क्षेत्र 16,654 वर्ग किमी है व राजस्थान के भौगोलिक क्षेत्र का-------------------प्रतिशत है । 

[RAS Pre. 01.10.2023]

  • 8.47 

  • 6.74 

  • 4.87

  • 7.48 

🔹 व्याख्या:

👉 भारत की वन स्थिति रिपोर्ट 2021 के अनुसार, राजस्थान में वन आवरण 16,654 वर्ग किमी है।
👉 यह आँकड़ा राज्य के कुल भौगोलिक क्षेत्र का लगभग 4.87% भाग दर्शाता है। 

भारतीय राज्य वन रिपोर्ट 2023 के अनुसार राजस्थान में कुल वनावरण 16,548.21 वर्ग किलोमीटर है जो कुल भौगोलिक क्षेत्रफल का 4.84% है

किस वर्ष राजस्थान राज्य पर्यावरण नीति घोषित की गई ? 

[कृषि अधिकारी 19.01.2021]

  • 2008 

  • 2001 

  • 2012 

  • 2010 

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान राज्य पर्यावरण नीति 2010 में घोषित की गई, जो प्रमुख पर्यावरणीय चुनौतियों की पहचान करती है।
👉 यह नीति रणनीतियों व कार्यों की रूपरेखा प्रस्तुत करती है और राज्य-विशिष्ट मुद्दों पर आधारित है।
👉 इसमें प्राकृतिक संसाधनों की कमी, अनुकूलन और शमन के लिए 2010–2014 तक का कार्यकाल निर्धारित किया गया।
👉 इसके अंतर्गत पर्यावरण मिशन और जलवायु परिवर्तन एजेंडा भी सम्मिलित हैं। 

राजस्थान के किस जिले में उपोष्णकटिबन्धीय पर्वतीय वन पाये जाते हैं ?

[व्याख्याता (आयुर्वेद) 11.11.2021]

  • अलवर 

  • झालावाड़ 

  • कोटा 

  • सिरोही 

🔹 व्याख्या:

👉 उपोष्णकटिबंधीय पर्वतीय वन केवल सिरोही जिले के आबू पर्वतीय क्षेत्र में पाए जाते हैं।
👉 इन वनों में सदाबहार एवं अर्द्ध-सदाबहार वनस्पति मिलती है, जो राजस्थान में अन्यत्र नहीं पाई जाती।

✍️ सही उत्तर है – सिरोही 

निम्नलिखित वृक्षों में से कौनसा राजस्थान का कल्पवृक्ष कहलाता है ? 

[वरिष्ठ अध्यापक (स्थगित) 22.12.2022]

  • खेजड़ी 

  • आम 

  • नीम 

  • सागवान 

🔹 व्याख्या:

👉 खेजड़ी वृक्ष को राजस्थान का "कल्पवृक्ष" कहा जाता है क्योंकि यह बहुउपयोगी, सूखा प्रतिरोधी और मरुस्थलीय जीवन के अनुकूल है।
👉 यह वृक्ष ईंधन, चारा, गोंद, छाया, औषधीय गुणों के लिए महत्वपूर्ण है और इसे राज्य वृक्ष का दर्जा प्राप्त है।
👉 यह विशेष रूप से शुष्क व अर्द्धशुष्क क्षेत्रों में पाया जाता है।

✍️ सही उत्तर है – खेजड़ी 

भारत वन स्थिति रिपोर्ट-2021 के अनुसार, राजस्थान में वनावरण था -  

[सहायक सांख्यिकी अधि. 25.08.2024]

  • 16655 वर्ग कि.मी. लगभग 

  • 19655 वर्ग कि.मी. लगभग 

  • 18655 वर्ग कि.मी. लगभग

  • 14655 वर्ग कि.मी. लगभग 

🔹 व्याख्या:

👉 भारत की वन स्थिति रिपोर्ट 2021 के अनुसार, राजस्थान में वन आवरण 16,655 वर्ग किमी है।
👉 यह आँकड़ा राज्य के कुल भौगोलिक क्षेत्र का 4.87% दर्शाता है।
👉 यह वन आवरण राज्य में हरित क्षेत्र की स्थिति को दर्शाने वाला प्रमुख मापदंड है। 

फॉरेस्ट रिपोर्ट 2023 के अनुसार राज्य का वनावरण 16,548.21 वर्ग किलोमीटर है जो कुल भौगोलिक क्षेत्रफल का 4.84% है

राजस्थान में कुल वन क्षेत्र है [*]

[स्टेनोग्राफर (RPSC) 2011]

  • 36,225 वर्ग कि.मी. 

  • 30,640 वर्ग कि.मी. 

  • 32,488 वर्ग कि.मी. 

  • 32,701 वर्ग कि.मी. 

निम्नलिखित में से राजस्थान में किस श्रेणी के वनों का सर्वाधिक क्षेत्र है ?  

[वरिष्ठ अध्यापक (Spl Edu) 07.02.2018]

  • अवर्गीकृत वन  

  • व्यापारिक वन  

  • आरक्षित वन  

  • सुरक्षित वन

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान में प्रशासनिक दृष्टि से वनों को तीन श्रेणियों में बाँटा गया है — आरक्षित वन, रक्षित (सुरक्षित) वन, और अवर्गीकृत वन।
👉 इनमें से सर्वाधिक क्षेत्रफल रक्षित (सुरक्षित) वन के अंतर्गत आता है — 18605.18 वर्ग कि.मी., जो कुल वन क्षेत्र का 56.51% है।
👉 यह आँकड़ा 2023–24 की प्रशासनिक रिपोर्ट के अनुसार है।

✍️ सही उत्तर है – सुरक्षित वन 

माउंट आबू के चारों ओर 1000-1300 मीटर की ऊँचाई एवं 150 सेंटीमीटर वर्षा वाले भागों में किस प्रकार के वन पाये जाते हैं ? 

[स. सांख्यिकी अधिकारी 27.05.2019]

  • शुष्क सागवान वन 

  • शंकुधारी वन 

  • अर्द्ध-उष्ण सदाबहार वन 

  • मिश्रित पर्णपाती वन 

🔹 व्याख्या:

👉 माउंट आबू के चारों ओर 1000-1300 मीटर की ऊँचाई एवं 150 सेंटीमीटर वर्षा वाले भागों में अर्द्ध-उष्ण सदाबहार वन पाये जाते हैं।

ये वन सदा ही हरे भरे दिखते हैं इसलिए इन्हें सदाबहार वन कहते है इन वनों में मुख्यतः आम, बांस, सांगवान वृक्ष पाए जाते है 

राजस्थान का लगभग कितने प्रतिशत भौगोलिक भाग वनाच्छादित है?  

वरिष्ठ अध्यापक 2010 पेपर -I GK (ENG)

  • 15 से 17% 

  • 7 से 9% 

  • 11 से 13% 

  • 19 से 21%     

🔹 व्याख्या:

👉 31 मार्च 2011 को राजस्थान का 9.55% भौगोलिक क्षेत्र वनाच्छादित था।
👉 बाद में 2023 तक यह प्रतिशत 9.61% तक पहुँचा।
👉 यह अनुपात लगभग 7% से 9% के बीच आता है।

✍️ सही उत्तर है – 7 से 9% 

राजस्थान वन विभाग के प्रशासनिक प्रतिवेदन 2021 के अनुसार वह जिला जहां वास्तविक रक्षित वन क्षेत्र अधिकतम प्रतिवेदित हैं, वह है  [*]

[स. सांख्यिकी अधिकारी 08.07.2022]

  • झालावाड़ 

  • उदयपुर 

  • करौली  

  • बांसवाड़ा 

📌 महत्वपूर्ण सूचना: इस प्रश्न को बोर्ड द्वारा 'डिलीट' या अमान्य घोषित किया गया है।  

राजस्थान के किस प्रदेश में शुष्क सागवान के वन पाये जाते हैं ?  

[Research Assistant 24.08.2017]

  • पूर्वी    

  • उत्तरी- पूर्वी  

  • मध्य  

  • दक्षिणी

🔹 व्याख्या:

👉 शुष्क सागवान के वन राजस्थान के दक्षिणी प्रदेश में पाए जाते हैं।
👉 ये वन मुख्यतः बाँसवाड़ा, डूंगरपुर, चित्तौड़गढ़, उदयपुर, सलुम्बर क्षेत्रों में विकसित हैं।
👉 यह क्षेत्र अधिक वर्षा और सघन वनस्पति के लिए जाना जाता है। 

निम्न में से किस क्षेत्र में उपोष्ण-कटिबंधीय सदाबहार वन पाए जाते हैं ? 

[सांख्यिकी अधिकारी 25.02.2024]

  • सूरतगढ़ 

  • कोलायत 

  • केलवाड़ा 

  • आबू 

🔹 व्याख्या:

👉 उपोष्ण-कटिबंधीय सदाबहार वन केवल सिरोही जिले के आबू पर्वतीय क्षेत्र में पाए जाते हैं।
👉 इस क्षेत्र में सदाबहार एवं अर्द्ध-सदाबहार वनस्पति का विस्तार है, जिसे आपकी सामग्री में उप-उष्ण पर्वतीय वन कहा गया है।
👉 कोलायत, केलवाड़ा व सूरतगढ़ जैसे क्षेत्रों में यह वनस्पति नहीं पाई जाती।

✍️ सही उत्तर है – आबू 

भारत में किस वर्ष में वन्य जीव (संरक्षण) अधिनियम लागू किया गया ? 

[AEN Pre. 2013]

  • 1965 में 

  • 1972 में 

  • 1975 में 

  • 1980में 

🔹 व्याख्या:

👉 भारत में वन्य जीव (संरक्षण) अधिनियम वर्ष 1972 में लागू किया गया।
👉 यह अधिनियम वन्य जीवों की रक्षा हेतु प्रभावशाली क़दम था।
👉 इसके अंतर्गत शिकार पर प्रतिबंध और संरक्षित क्षेत्रों की स्थापना की गई।

राजस्थान के निम्न में से किस जिले में सेवण घास उगायी जाती है ? 

[ACF परीक्षा 2011]

  • बीकानेर में

  • बाड़मेर में

  • जैसलमेर में

  • जोधपुर में 

🔹 व्याख्या:

👉 सेवण घास मुख्य रूप से जैसलमेर में तथा मरू राष्ट्रीय उद्यान के क्षेत्र में पाई जाती है।
👉 यह घास प्राकृतिक रूप से उगती है और मरुस्थलीय पर्यावरण के अनुकूल होती है।

सेवण घास में गोडावन पक्षी पाया जाता है

✍️ सही उत्तर है – जैसलमेर में

निम्न में से सालार वन किस जिले में नहीं पाए जाते हैं ? 

[कृषि अधिकारी 19.01.2021]

  • सिरोही 

  • अलवर 

  • उदयपुर

  • कोटा 

🔹 व्याख्या:

👉 सालार के वन राजस्थान के उदयपुर, राजसमंद, चित्तौड़गढ़, सिरोही, पाली, अजमेर, जयपुर, अलवर और सीकर जिलों में विस्तारित हैं।
👉 इन वनों में सालार, ढोक, कठीरा और धवद प्रमुख वृक्ष प्रजातियाँ पाई जाती हैं।
👉 ये वन प्रदेश के शुष्क पर्णपाती क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करते हैं।

भारतीय वन सर्वेक्षण रिपोर्ट 2017 के अनुसार राजस्थान के किन जिलों में सर्वाधिक व न्यूनतम वन क्षेत्र पाया जाता है ? 

[ACF 18.02.2021]

             सर्वाधिक  -   न्यूनतम 

  • उदयपुर  - चुरू 

  • बारां  - चुरू 

  • बाँसवाड़ा  - सीकर 

  • अलवर - जैसलमेर 

🔹 व्याख्या:

👉 31 मार्च 2023 की स्थिति अनुसार राजस्थान में कुल 32,921.00 वर्ग किमी क्षेत्र में वन फैले हुए हैं।
👉 इनमें सबसे अधिक वन क्षेत्र उदयपुर जिले में 4161.92 वर्ग किमी है।
👉 जबकि सबसे कम वन क्षेत्र चूरू जिले में मात्र 79.91 वर्ग किमी दर्ज है। 

राज्य में 'हरित राजस्थान योजना' क्रियान्वित की जा रही है इसका उद्देश्य है : 

[AEN Pre. 2013]

  • कृषि क्षेत्र को बढ़ाना 

  • वन क्षेत्र को बढ़ाना 

  • खाद्य फसलों की उत्पादकता को बढ़ाना 

  • सिंचाई सुविधाओं को बढ़ाना 

🔹 व्याख्या:

👉 राज्य सरकार ने 'हरित राजस्थान' नाम से सघन वृक्षारोपण कार्यक्रम प्रारम्भ किया है।
👉 इसका मुख्य उद्देश्य वनों के संरक्षण व वन क्षेत्र में वृद्धि करना है।
👉 यह कार्यक्रम वृक्षारोपण को बढ़ावा देने हेतु चलाया जा रहा है।
👉 यह प्रयास जैव विविधता व पर्यावरण संतुलन हेतु महत्त्वपूर्ण है। 

'हरित राजस्थान' योजना आरंभ की गई थी 

[वरिष्ठ अध्यापक 2011]

  • 2007 में 

  • 2009-10 में 

  • 2002-03 में 

  • 2004-05 में 

🔹 व्याख्या:

👉 हरित राजस्थान अभियान की शुरुआत 18 जून 2009 को जयपुर में एक शिक्षा परिसर में पौधारोपण से हुई थी।
👉 यह अभियान पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने हेतु शुरू किया गया।
👉 यह कार्यक्रम केवल 1 वर्ष नहीं बल्कि 5 वर्ष या उससे अधिक समय तक सतत क्रियान्वयन पर आधारित है।
👉 यह राज्य सरकार की पहल है जो आने वाले वर्षों में वन क्षेत्र की वृद्धि करेगा। 

माउंट आबू के आसपास, जहाँ वर्षा 150 से.मी. से अधिक है, वन पाए जाते हैं 

[कृषि अधिकारी 29.08.2022]

  • मिश्रित पतझड़ वन 

  • उष्णकटिबंधीय शुष्क पतझड़ वन 

  • अर्द्ध उष्ण सदाबहार वन 

  • उष्णकटिबंधीय काँटेदार वन 

🔹 व्याख्या:

👉 माउंट आबू सिरोही जिले में स्थित है जहाँ 150 से.मी. से अधिक वर्षा होती है।
👉 इस क्षेत्र में पाए जाते हैं उप-उष्णकटिबंधीय पर्वतीय वन, जिन्हें अर्द्ध-सदाबहार व सदाबहार वन कहा गया है।
👉 यह वनस्पति केवल माउंट आबू के आसपास ही पाई जाती है।

✍️ सही उत्तर है – अर्द्ध उष्ण सदाबहार वन 

राजस्थान सरकार द्वारा पहली वन नीति का अनुमोदन कब किया गया ? 

RAS Pre. 28.08.2016

  • फरवरी 2010

  • सितम्बर 2011

  • अगस्त 2010 

  • मार्च 2011 

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान की पहली वन नीति फरवरी 2010 में निर्धारित की गई थी।
👉 यह नीति राष्ट्रीय वन नीति 1988 के दिशानिर्देशों के अनुरूप बनाई गई थी।
👉 इसका उद्देश्य वन प्रबंधन को संगठित करना और राज्य की पर्यावरणीय दिशा तय करना था।

वन विभाग, राजस्थान के प्रशासनिक प्रतिवेदन 2022-23 के अनुसार, उन जिलों के समूह का चयन कीजिए जहाँ 2021 के आकलन के अनुसार वनावरण उनके भौगोलिक क्षेत्र के 10% से अधिक हो 

[Food Safety Officer 27.06.2023]

  • बाँसवाड़ा, भरतपुर, दौसा 

  • राजसमन्द, करौली, धौलपुर 

  • पाली, भीलवाड़ा, अजमेर 

  • सीकर, जालौर, झालावाड़ 

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान के प्रशासनिक प्रतिवेदन 2022-23 के अनुसार - 

👉 राजस्थान में सर्वाधिक कुल वन क्षेत्रफल वाला जिला है उदयपुर (2753.39 वर्ग किमी), इसके बाद अलवर, प्रतापगढ़, बारां और चित्तौड़गढ़ का स्थान आता है।

👉 प्रतिशत के आधार पर सर्वाधिक वन क्षेत्र भी उदयपुर (23.49%) में है, इसके बाद प्रतापगढ़ (23.24%), सिरोही (17.49%), करौली (15.28%) और बारां (14.45%) आते हैं। 

राजस्थान में पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन निदेशालय की स्थापना वर्ष............ में की गई | 

[सांख्यिकी अधिकारी 18.12.2021]

  • 2018 

  • 2016 

  • 2019 

  • 2013 

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान में पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन निदेशालय की स्थापना वर्ष 2019 में की गई।

👉 राजस्थान राज्य पर्यावरण नीति, 2010 में घोषित की गई, जिसमें पर्यावरणीय चुनौतियों की पहचान, उनसे निपटने हेतु रणनीतियाँ व कार्यों की रूपरेखा तैयार की गई।
👉 यह नीति राज्य-विशिष्ट मुद्दों के विश्लेषण पर आधारित है और प्राकृतिक संसाधनों की कमी तथा पर्यावरण पर उनके प्रभाव को उजागर करती है।
👉 नीति में अनुकूलन और शमन के लिए रणनीति बनाते हुए, 2010–2014 की अवधि में पर्यावरण मिशन व जलवायु परिवर्तन एजेंडा भी शामिल किया गया।

वन विभाग, राजस्थान के प्रशासनिक प्रतिवेदन 2022-23 के अनुसार निम्नलिखित में से किस जिले में आरक्षित वन का क्षेत्रफल सर्वाधिक है ? 

[AEN परीक्षा 30.06.2024]

  • प्रतापगढ़ 

  • उदयपुर 

  • चित्तौड़गढ़

  • अलवर 

🔹 व्याख्या:

👉 प्रशासनिक प्रतिवेदन 2022-23 के अनुसार, उदयपुर जिला राजस्थान में सर्वाधिक आरक्षित वन क्षेत्र वाला जिला है।
👉 इसके बाद अलवर, प्रतापगढ़ एवं बारां का स्थान आता है, जो भी वन संपदा में समृद्ध हैं।
👉 उदयपुर की यह स्थिति इसे वन क्षेत्र की दृष्टि से अग्रणी बनाती है।
👉 यह रिपोर्ट वन विभाग, राजस्थान द्वारा प्रकाशित की गई है। 

सन 2011-12 में राजस्थान के निम्न जिलों में  से किस जिले में सर्वाधिक वन-क्षेत्र थे ? [*]

सहायक आचार्य [24.04.2016] 

  • करौली 

  • प्रतापगढ़ 

  • उदयपुर 

  • सिरोही 

किन जिलों में मिश्रित पतझड़ वन पाये जाते हैं ? 

[वरिष्ठ अध्यापक 29.01.2023]

  • अलवर, भरतपुर, धौलपुर, जालौर 

  • अजमेर, पाली, सिरोही, चूरू 

  • उदयपुर, कोटा, बूँदी, चित्तौड़गढ़ 

  • प्रतापगढ़, डूंगरपुर, बाँसवाड़ा, नागौर 

🔹 व्याख्या:

👉 मिश्रित पतझड़ वन राजस्थान के दक्षिण-पूर्वी जिलों में प्रमुखता से पाए जाते हैं।
👉 ये वन विशेष रूप से कोटा, उदयपुर, बारां, झालावाड़, बूँदी, सवाई माधोपुर, डूंगरपुर, बाँसवाड़ा और चित्तौड़गढ़ जिलों में विस्तृत हैं।

👉 इन वनों में धोकड़ा, गूलर, पलाश, आँवला, तेंदू जैसे अनेक उपयोगी वृक्ष होते हैं।

✍️ सही उत्तर है – उदयपुर, कोटा, बूँदी, चित्तौड़गढ़ 

इनमें से कौन-सी परियोजना जापान इन्टरनेशनल कोआपरेशन ऐजेन्सी के सहयोग से चलायी जा रही है ? 

[स्टेनोग्राफर (RPSC) 2011]

  • हरित राजस्थान

  • राष्ट्रीय उद्यानों का विकास 

  • राजस्थान वानिकी एवं जैवविविधता परियोजना 

  • मरूस्थलीकरण 

🔹 व्याख्या:

👉 ‘राजस्थान वानिकी एवं जैव-विविधता परियोजना’ (Rajasthan Forestry and Bio‑Diversity Project) 2011 से 2019 तक जापान इंटरनेशनल को-ऑपरेशन एजेंसी (JICA) के सहयोग से चलाई गई।
👉 इस परियोजना में वृक्षारोपण, जैव‑विविधता संरक्षण, और भू‑जल संरक्षण सहित स्थानीय आजीविका संवर्धन का कार्य शामिल था। 

स्टेट फॉरेस्ट रिपोर्ट-2017 के अनुसार राजस्थान में सुरक्षित वन क्षेत्र का प्रतिशत है:

[वरिष्ठ अध्यापक 17.02.2019]

  • 56.08%

  • 48.56%

  • 52.38% 

  • 55.64%

🔹 व्याख्या:

👉 स्टेट फॉरेस्ट रिपोर्ट 2017 के अनुसार, राजस्थान का दर्ज कुल वन क्षेत्र 32,737 वर्ग किमी है, जो राज्य के भौगोलिक क्षेत्र का 9.57% है।
👉 इसमें संरक्षित वन 55.64%, आरक्षित वन 38.11%, तथा अवर्गीकृत वन 6.25% सम्मिलित हैं।
👉 संरक्षित वन का प्रतिशत सर्वाधिक है, जो वन संरक्षण में राज्य की प्राथमिकता को दर्शाता है। 

किस जिले में शुष्क सागवान वन पाए जाते हैं ? 

[कृषि अधिकारी 19.01.2021]

  • बाँसवाड़ा

  • अजमेर 

  • अलवर

  • करौली 

🔹 व्याख्या:

👉 सागौन के शुष्क पर्णपाती वन राजस्थान के दक्षिणी भागों में पाए जाते हैं।
👉 इसका मुख्य विस्तार बांसवाड़ा और डूंगरपुर जिलों में होता है।
👉 सागौन की यह प्रजाति उष्णकटिबंधीय कठोर लकड़ी की मानी जाती है और यह लैमियासी कुल में आती है।
👉 इसके संरक्षण हेतु उचित प्रवृत्ति और पुनर्वास कार्य आवश्यक होते हैं। 

वेणुवर्ग संबंधित है - 

[संग्रहाध्यक्ष पुरातत्व विभाग 19.06.2024]

  • ताड़ - पत्र 

  • सन (शण) 

  • मूंज 

  • बांस 

🔹 व्याख्या:

👉 वेणुवर्ग का संबंध बांस से होता है।
👉 बांस का उपयोग टोकरी, चारपाई, झोंपड़ी, फर्नीचर व कागज निर्माण में किया जाता है।

निम्नलिखित में से कौनसे कथन सही हैं? नीचे दिये गये कूट में से सही उत्तर चयन चुनिए ― 

(A) मिश्रित पतझड़ वन 250 से.मी. से 300 से.मी. से अधिक वर्षा वाले क्षेत्रों में उगते हैं । 

(B) राजस्थान में वन क्षेत्र का 27% भूभाग मिश्रित पतझड़ वनों के अंतर्गत आता है ।

(C) मिश्रित पतझड़ वनों में वृक्ष वर्षा ऋतु में एक बार अपने पत्ते गिरा देते हैं । 

(D) धोक, साल, बाँस, खैर आदि पेड़ राजस्थान में मिश्रित पतझड़ वनों में पाये जाते हैं ! 

[कृषि अधिकारी 30.08.2022] 

कूट 

  • A, B और C 

  • A और D 

  • A और B 

  • B, C और D 

🔹 व्याख्या:

👉 (A) गलत – मिश्रित पतझड़ वन 75 से 200 से.मी. वर्षा वाले क्षेत्रों में पाए जाते हैं, न कि 250-300 से.मी.।
👉 (B) सही – राजस्थान के लगभग 27% वन क्षेत्र मिश्रित पतझड़ वनों के अंतर्गत है।
👉 (C) सही – इन वनों में वृक्ष वर्षा ऋतु में एक बार पत्ते गिराते हैं।
👉 (D) सही – धोक, साल, बाँस, खैर आदि इन वनों में पाए जाते हैं।

 इन वनों को मॉनसूनी वन भी कहा जाता है

✍️ सही उत्तर है – B, C और D 

शुष्क सागवन वन के लिये सबसे उपयुक्त जिला है : 

[वरिष्ठ अध्यापक 12.02.2023]

  • श्रीगंगानगर 

  • जालौर 

  • भरतपुर 

  • बाँसवाड़ा 

🔹 व्याख्या:

👉 शुष्क सागवान वन राजस्थान के दक्षिणी जिलों में प्रमुखता से पाए जाते हैं।
👉 विशेष रूप से यह वन बाँसवाड़ा, डूंगरपुर, चित्तौड़गढ़, उदयपुर, सलुम्बर क्षेत्रों में विस्तृत हैं।
👉 इनमें से बाँसवाड़ा को शुष्क सागवान के लिए सबसे उपयुक्त जिला माना गया है।

✍️ सही उत्तर है – बाँसवाड़ा 

राजस्थान के निम्नलिखित जिलों में से कौन सा न्यूनतम वन क्षेत्र प्रतिशत वाला जिला है ? 

[कृषि अधिकारी 24.11.2020]

  • जोधपुर 

  • बाड़मेर 

  • जैसलमेर 

  • बीकानेर 

🔹 व्याख्या:

जोधपुर जिले में अन्य चारों जिलों की तुलना में न्यूनतम वन क्षेत्र है।

  • जैसलमेर – 607.70 वर्ग कि.मी.

  • बीकानेर – 1250.75 वर्ग कि.मी.

  • जोधपुर – 246.78 वर्ग कि.मी.

  • बाड़मेर – 626.14 वर्ग कि.मी.

✍️ अतः, जोधपुर — न्यूनतम वन क्षेत्र वाला जिला है।

राजस्थान में निम्नलिखित में से किस प्रकार के वन 75 से 110 सेमी औसत वार्षिक वर्षा वाले क्षेत्रों में पाये जाते हैं ? 

[वरिष्ठ अध्यापक 19.02.2019]

  • शुष्क सागवान वन 

  • मिश्रित पतझड़ वन

  • उष्ण कटिबन्धीय कंटीले वन तथा झाड़ियाँ

  • शुष्क वन 

  • शुष्क सागवान (Dry Teak) वन उन क्षेत्रों में उगते हैं जहां वार्षिक वर्षा 75-110 सेमी होती है। ये मुख्य रूप से उष्णकटिबंधीय शुष्क पर्णपाती वन होते हैं। इनकी मुख्य विशेषता यह है कि पेड़ शुष्क मौसम में नमी बनाए रखने के लिए अपनी पत्तियां गिरा देते हैं

राजस्थान राज्य की नवीनतम वन नीति प्रचलन में आई 

[खाध्य सुरक्षा अधिकारी 25.11.2019]

  • 2008 में  

  • 2018 में 

  • 2010 में 

  • 1988 में 

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान राज्य की नवीनतम वन नीति 2023 में प्रचलन में आई।

निम्नलिखित में से कौन सा सुमेलित नहीं है ? 

[उपनिरीक्षक (SI) 15.09.2021]

    संरक्षित क्षेत्र  -  जिला/स्थान 

  • उम्मेदगंज  -  अजमेर 

  • गुढ़ा विश्नोइयान  -  जोधपुर 

  • रोटू  - नागौर 

  • बीड़ - झुन्झुनूं 

🔹 व्याख्या:

👉 संरक्षित क्षेत्रों (Conservation Reserves) के अनुसार:

  • रोटू – नागौर 

  • उम्मेदगंज – अजमेर  → सही मिलान: उम्मेदगंज – कोटा

  • बीड़ – झुन्झुनूं 

  • गुढ़ा विश्नोइयान – जोधपुर 

👉 अतः गलत सुमेलित है – उम्मेदगंज – अजमेर 

राजस्थान सरकार ने किस वर्ष 'राजस्थान राज्य पर्यावरण नीति (राजस्थान स्टेट एनवायरमेन्ट पॉलिसी) बनाई ? 

[सहायक कृषि अधिकारी 28.05.2022]

  • 2010 

  • 2002 

  • 1996

  • 2006 

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान राज्य पर्यावरण नीति 2010 में घोषित की गई, जो प्रमुख पर्यावरणीय चुनौतियों की पहचान करती है।
👉 यह नीति रणनीतियों व कार्यों की रूपरेखा राज्य-विशिष्ट मुद्दों और प्राकृतिक संसाधनों की कमी के आधार पर तैयार करती है।
👉 2010–2014 की अवधि में अनुकूलन व शमन हेतु पर्यावरण मिशन और जलवायु परिवर्तन एजेंडा भी शामिल किया गया।

शुष्क वन अनुसंधान संस्थान (आफरी) की स्थापना कब की गई ? [*]

[कृषि अधिकारी 29.08.2022]

  • 1981 

  • 1989 

  • 1985 

  • 1987 

📌 महत्वपूर्ण सूचना: इस प्रश्न को बोर्ड द्वारा 'डिलीट' या अमान्य घोषित किया गया है।  

निम्न में से किस प्रकार के वन राजस्थान में बहुत बड़े क्षेत्र में पाए जाते हैं ? [*]

[EO RO (Shift I) 14.05.2023]

  • धोकड़ा

  • पलास 

  • बबूल 

  • खेर 

📌 महत्वपूर्ण सूचना: इस प्रश्न को बोर्ड द्वारा 'डिलीट' या अमान्य घोषित किया गया है।  

निम्न में से किस जिले में सदाहरित और अर्द्ध- सदाहरित वन पाये जाते हैं ? 

[सहायक कृषि अधिकारी 28.08.2022]

  • सिरोही 

  • डूंगरपुर 

  • झालावाड़ 

  • अजमेर 

🔹 व्याख्या:

👉 सिरोही जिले के माउंट आबू पर्वतीय क्षेत्र में ही राजस्थान में सदाहरित और अर्द्ध-सदाहरित वनों की उपस्थिति पाई जाती है।
👉 यह वनस्पति राजस्थान में विशेष रूप से उप-उष्णकटिबंधीय पर्वतीय वन श्रेणी में आती है।

✍️ सही उत्तर है – सिरोही 

निम्नांकित में से कौनसा पुरस्कार पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन विभाग द्वारा प्रदान किया जाता है ? 

[सहायक कृषि अधिकारी 28.08.2022]

  • कैलाश सांखला पर्यावरण संरक्षण पुरस्कार 

  • सलीम अली पर्यावरण संरक्षण पुरस्कार

  • राजीव गाँधी पर्यावरण संरक्षण पुरस्कार 

  • इन्दिरा गाँधी पर्यावरण संरक्षण पुरस्कार 

🔹 व्याख्या:

👉 राजीव गांधी पर्यावरण संरक्षण पुरस्कार हर वर्ष 5 जून (विश्व पर्यावरण दिवस) को राजस्थान सरकार द्वारा प्रदान किया जाता है।
👉 इसका उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास में योगदान देने वालों को सम्मानित करना है।
👉 यह पुरस्कार वनरोपण, जल संरक्षण और प्रदूषण नियंत्रण जैसे प्रयासों को प्रोत्साहित करता है। 

वर्ष 2014-15 में राजस्थान में वनों के अन्तर्गत सर्वाधिक व न्यूनतम क्षेत्र निम्न युग्म में से किसमें अंकित किया गया ? [*]

[AEN 16 दिसम्बर 2018]

  • बारां  - बाड़मेर 

  • उदयपुर  - चुरू 

  • चित्तौड़गढ़  - बीकानेर

  • बांसवाड़ा  - जैसलमेर