राजस्थान के निम्नलिखित में से किस जिले में स्टंपी जलवायु परिस्थितियाँ नहीं पाई जाती हैं?
[वरिष्ठ अध्यापक (पेपर -I) 29.12.2024]
👉 स्टंपी जलवायु परिस्थितियाँ राजस्थान के पश्चिमी अर्द्धशुष्क और शुष्क जिलों जैसे पाली, जोधपुर, जालौर में पाई जाती हैं।
👉 जबकि जयपुर अपेक्षाकृत पूर्वी राजस्थान में स्थित है जहाँ ऐसी जलवायु नहीं पाई जाती।
👉 अतः स्टंपी जलवायु परिस्थितियाँ जयपुर जिले में नहीं मिलतीं।
राजस्थान में जिलों का समूह जिसमें राज्य के कुल वन क्षेत्र का लगभग आधा आवरण पाया जाता है -
[Supt. Garden 28.07.2021]
👉 राजस्थान के कुल वन क्षेत्र का लगभग आधा हिस्सा कुछ विशिष्ट जिलों में केंद्रित है।
👉 उदयपुर (4161.92), चित्तौड़गढ़ (1789.02), प्रतापगढ़ (1666.92), बारां (2250.56), सिरोही (1642.12), बूंदी (1563.57), अलवर (1784.52) जैसे जिले वन क्षेत्र में अग्रणी हैं।
👉 ये जिले 2023 के अनुसार राज्य के कुल वन क्षेत्र का लगभग आधा आवरण रखते हैं।
👉 इन जिलों का सम्मिलित वन क्षेत्र लगभग कुल 32,921 वर्ग किमी का लगभग आधा हो जाता है।
राजस्थान वानिकी एवं जैव विविधता विकास परियोजना (2023 से 2031) के लिए निम्न में से कौनसी बाहरी संस्था वित्तीय सहायता प्रदान कर रही है ?
[Assistant Director 09.07.2025]
👉 राजस्थान वानिकी एवं जैव विविधता विकास परियोजना (2023–2031) लागू की गई है।
👉 इसके लिए वित्तीय सहायता बाहरी संस्था ए.एफ.डी. (AFD – Agence Française de Développement) द्वारा दी जा रही है।
✍️ सही उत्तर है – ए.एफ.डी.
राजस्थान वन विभाग के प्रशासनिक प्रतिवेदन 2023-24 के अनुसार, राज्य में सर्वाधिक वन क्षेत्र (वर्ग कि.मी. में) के तीन जिले हैं
[Technical Assistant 07.07.2025]
👉 राजस्थान वन विभाग के प्रशासनिक प्रतिवेदन 2023-24 के अनुसार आँकड़े जारी हुए।
👉 राज्य में सर्वाधिक वन क्षेत्र वाले तीन जिले हैं – उदयपुर, बारां और करौली।
✍️ सही उत्तर है – उदयपुर, बारां, करौली
वन विभाग, राजस्थान के प्रशासनिक प्रतिवेदन 2024-2025 के अनुसार, राजस्थान में 2023 में अवर्गीकृत वनों का प्रतिशत क्षेत्रफल क्या था?
[Junior Chemist PHED 01.02.2026]
🔹 व्याख्या
👉
अवर्गीकृत
वन का
प्रतिशत 6.40%
है।
👉
यह
आंकड़ा वर्ष
2023
का
है।
👉
स्रोत
प्रशासनिक
प्रतिवेदन
2024-25
है।
✍️ सही उत्तर है – 6.40%
राजस्थान का निम्नलिखित में से कौन सा वृक्ष गोंद का स्रोत नहीं है ?
[योगा चिकित्सा अधिकारी 10.03.2021]
👉 बबूल, नीम और पीपल जैसे वृक्षों से गोंद प्राप्त होता है।
👉 जबकि बाँस से गोंद प्राप्त नहीं होता, इसका उपयोग अन्य कार्यों जैसे फर्नीचर, टोकरी, कागज निर्माण आदि में होता है।
👉 अतः बाँस गोंद का स्रोत नहीं है।
गोंद के लिए बाड़मेर का चौहटन प्रसिद्ध है
निम्नांकित रोगों का उपचार हेतु प्रयोग में ली जानेवाली वनस्पतियों से सुमेलित कीजिए :
(रोग) |
(वनस्पति) |
A. अतिसार |
I. छोटी हरड़ |
B. पांडु रोग |
II. गुड़मार के पत्ते |
C. मधुमेह |
III. शंतावर के पत्ते |
D. रक्तचाप |
IV. अर्जुन की छाल |
सही उत्तर का चयन कीजिए -
[Lecturer (Ayurved) 12.01.2026]
🔹 व्याख्या
👉 अतिसार के उपचार में शतावर के पत्ते अत्यंत लाभकारी माने जाते हैं।
👉 पांडु रोग (एनीमिया) के निवारण हेतु छोटी हरड़ का प्रयोग किया जाता है।
👉 मधुमेह को नियंत्रित करने के लिए गुड़मार के पत्ते प्रभावी औषधि हैं।
👉 रक्तचाप की समस्या के समाधान में अर्जुन की छाल का उपयोग होता है।
✍️ सही उत्तर है – A-III, B-I, C-II, D-IV
निम्नलिखित पर विचार कीजिए -
(A) सीकर
(B) उदयपुर
(C) अलवर
(D) बारां
भारत की वन स्थिति रिपोर्ट-2023 के अनुसार, 2021 से 2023 के बीच उपर्युक्त में से कितने जिलों के वन आवरण प्रतिशत में ऋणात्मक परिवर्तन हुआ है?
[Junior Chemist PHED 01.02.2026]
🔹 व्याख्या
👉 वन आवरण परिवर्तन में जिला अंतर पाया गया।
👉 इनमें केवल एक जिले में कमी दर्ज हुई।
👉 इसलिए ऋणात्मक परिवर्तन एक ही में है।
बारां जिले मे वनों ने कमी हुई है
✍️ सही उत्तर है – केवल एक
निम्नलिखित में से कौन सी आर्थिक महत्त्व की वृक्ष प्रजाति की पहचान राजस्थान राज्य जैव- विविधता बोर्ड द्वारा गंभीर रूप से संकटग्रस्त पादप प्रजाति के रूप में की गई है ?
[Sub Inspector Exam 05.04.2026]
🔹 व्याख्या
👉 ऐनोगाइसस सेरीसिया वेरा. नुमुलेरिया को राजस्थान में धोक की एक दुर्लभ किस्म माना जाता है।
👉 राजस्थान राज्य जैव-विविधता बोर्ड ने इसे गंभीर रूप से संकटग्रस्त प्रजाति घोषित किया है।
👉 यह मुख्य रूप से राजस्थान के अर्ध-शुष्क क्षेत्रों में पाई जाने वाली एक महत्वपूर्ण वृक्ष प्रजाति है।
✍️ सही उत्तर है – ऐनोगाइसस सेरीसिया वेरा. नुमुलेरिया
निम्नलिखित में से कौन सी एक प्रकार की वनस्पति राजस्थान में नहीं है?
[वरिष्ठ अध्यापक (SST) 08.02.2018]
👉 मैन्ग्रोव वनस्पति सामान्यतः सामुद्रिक तटीय क्षेत्रों में पाई जाती है, जहाँ नमकीन पानी और दलदली भूमि होती है।
👉 चूंकि राजस्थान एक स्थलप्रदेश है और यहाँ समुद्र तट नहीं है, इसलिए मैन्ग्रोव वनस्पति राजस्थान में नहीं पाई जाती।
👉 राजस्थान में मुख्यतः काँटेदार वन, पतझड़ वन और उपोष्ण पर्वतीय वन मिलते हैं।
निम्नलिखित विशेषताओं के आधार पर राजस्थान के वन प्रकार को पहचानिए :
(A) यह वन सामान्यतः उदयपुर में तथा कोटा, बूंदी, चित्तौड़गढ़ तथा सिरोही जिलों के कुछ भागों में पाये जाते हैं।
(B) इन वनों में सामान्यतः धोकड़ा, गूलर, आम, पलाश, सेमल आदि वृक्ष पाये जाते हैं।
(C) यह वन 300 से 1200 मीटर की ऊँचाई पर पाये जाते हैं।
कूट :
[भूवैज्ञानिक परीक्षा 07.05.2025]
👉 ये वन मुख्यतः उदयपुर, कोटा, बूंदी, चित्तौड़गढ़ और सिरोही के कुछ भागों में पाए जाते हैं।
👉 इनमें धोकड़ा, गूलर, आम, पलाश, सेमल जैसे वृक्ष प्रमुख हैं।
👉 ये वन 300 से 1200 मीटर की ऊँचाई पर मिलते हैं।
✍️ सही उत्तर है – मिश्रित पतझड़ी
राजस्थान के शुष्क सागवान वनों के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही है?
[Lecturer (Ayurved) 12.01.2026]
1.राजस्थान में शुष्क सागवान वन मुख्यतः राज्य के दक्षिणी और दक्षिण-पूर्वी हिस्सों में पाए जाते हैं। 2.ये वन बांसवाड़ा, उदयपुर, डूंगरपुर, चित्तौड़गढ़, कोटा, बारां और झालावाड़ जिलों में केंद्रित हैं। इनमें बांसवाड़ा जिला सागवान के वनों के लिए सबसे प्रमुख और सर्वाधिक क्षेत्रफल वाला क्षेत्र है 3.: ये वन 250 से 450 मीटर की ऊंचाई वाले क्षेत्रों में पाए जाते हैं। 4.जलवायु और वर्षा: इनके विकास के लिए 75 से 110 सेमी वार्षिक वर्षा और उपोष्णकटिबंधीय जलवायु आदर्श मानी जाती है। 5.यह राजस्थान के कुल वन क्षेत्र का लगभग 6.86% भाग कवर करते हैं। 7.प्रमुख वृक्ष: सागवान के अलावा इन जंगलों में तेंदू, महुआ, सालर, गुलर, खैर, धावड़ा, और बांस के पेड़ मुख्य रूप से उगते हैं।
राजस्थान वानिकी एवं जैव-विविधता विकास परियोजना की मुख्य गतिविधियाँ हैं :
A. वनरोपण
B. जैव-विविधता और वन्यजीव संरक्षण
C. आजीविका सुधार
नीचे दिए गए कूट का उपयोग कर सही उतर का चयन कीजिए :
[Development Officer 29.07.2025]
कूट :
👉 राजस्थान वानिकी परियोजना में वनरोपण जैसी गतिविधियाँ शामिल हैं, जो वन क्षेत्र वृद्धि के लिए आवश्यक हैं।
👉 इसमें जैव-विविधता संरक्षण और वन्यजीवों की सुरक्षा जैसी महत्त्वपूर्ण क्रियाएँ भी सम्मिलित हैं।
👉 परियोजना का उद्देश्य ग्रामीणों की आजीविका सुधार कर स्थानीय समुदाय को वानिकी से जोड़ना भी है।
✍️ सही उत्तर है – A, B और C
सालार वन निम्नलिखित में से किन जिलों में मिलते हैं?
[वरिष्ठ अध्यापक (पेपर -I) 29.12.2024]
👉 सालार वन राजस्थान में मुख्यतः अलवर, चित्तौड़गढ़, उदयपुर जिलों में पाए जाते हैं।
👉 ये वन शुष्क पतझड़ वनों का हिस्सा होते हैं और इन क्षेत्रों की अधिक वर्षा तथा पर्वतीय भू-आकृति इसके अनुकूल होती है।
“मिश्रित पर्णपाती वन" राजस्थान के निम्नलिखित जिलों के किस युग्म में अधिकतर पाये जाते हैं?
[Deputy Commandant 11.01.2026]
🔹 व्याख्या
👉
मिश्रित
पर्णपाती वन
दक्षिण-पूर्वी
राजस्थान
में पाए जाते
हैं।
👉
ये
वन उदयपुर,
कोटा
में अधिक
मिलते हैं।
👉
साथ
ही बूंदी,
चित्तौड़गढ़,
झालावाड़
में विस्तार
है।
👉
इनमें
ढोक,
साल,
सागवान
प्रमुख प्रजातियाँ
हैं।
✍️ सही उत्तर है – उदयपुर, कोटा
राजस्थान वानिकी एवं जैव-विविधता परियोजना (फेज-2) के संदर्भ में गलत कथन का चयन कीजिए।
[RAS Pre परीक्षा 02.02.2025]
👉 'राजस्थान वानिकी और जैव विविधता परियोजना' जापान की अंतरराष्ट्रीय सहयोग एजेंसी (JICA) द्वारा प्रायोजित है।
👉 यह परियोजना 15 जिलों व 7 वन्यजीव अभयारण्यों में RFBP-2 के तहत लागू की गई और 2011-12 में शुरू हुई।
👉 इसमें समुदाय संगठन, NGO/VO की भागीदारी, और तकनीकी व विशेष क्षेत्रों में विशेषज्ञों एवं संस्थाओं की भागीदारी सुनिश्चित की गई है।
राजस्थान के निम्नलिखित में से किस जिले में, 'स्पाइस पार्क' स्थापित है ?
[स्कूल व्याख्याता GK (B) 26.06.2025]
👉 राजस्थान का पहला स्पाइस पार्क जोधपुर (रामपुरा भटियान, मथानिया) में स्थापित है।
👉 इसका निर्माण 27 करोड़ रुपये की लागत से हुआ।
👉 यह पार्क 60.07 एकड़ भूमि पर बना है और राज्य सरकार द्वारा निशुल्क उपलब्ध कराया गया।
👉 यहाँ जीरा और धनिया सहित बीज-मसालों की सफाई, ग्रेडिंग, पीसने व पैकिंग की आधुनिक सुविधाएँ हैं।
✍️ सही उत्तर है – कोटा
निम्नलिखित में से कौन से चार जिले राजस्थान में सर्वाधिक वन क्षेत्र वाले है ? [*]
[स्कूल व्याख्याता (भूगोल) 2013]
📌 महत्वपूर्ण सूचना: इस प्रश्न को बोर्ड द्वारा 'डिलीट' या अमान्य घोषित किया गया है।
वन विभाग, राजस्थान वार्षिक रिपोर्ट 2023-24 के अनुसार, राज्य का प्रति व्यक्ति औसत वनावरण तथा वृक्षावरण है :
[कृषि अधिकारी 20.04.2025]
👉 राजस्थान में वन विभाग की रिपोर्टों के अनुसार प्रति व्यक्ति औसत वनावरण और वृक्षावरण 0.037 हे. है।
👉 यह आँकड़ा कुल वनावरण और वृक्षावरण को राज्य की जनसंख्या से विभाजित करने पर प्राप्त होता है।
👉 यह राज्य के वन संसाधनों का महत्वपूर्ण संकेतक है।
✍️ सही उत्तर है – 0.037 हेक्टेयर
राजस्थान वन विभाग के प्रशासनिक प्रतिवेदन 2024-25 (मूल्यांकन वर्ष 2023) के अनुसार, किस जिला युग्म में सबसे कम कुल वनावरण (वर्ग कि.मी. में) था ?
[Sub Inspector Exam 05.04.2026]
🔹 व्याख्या
👉 राजस्थान में सबसे कम वनों वाले जिले 1 चूरू 2. हनुमानगढ 3. नागोंर 4 जोधपुर right answer चूरू और हनुमानगढ़
निम्नलिखित में से कौन से कथन सही है? नीचे दिये गये कूटों में से सही उत्तर चुनिये -
(A) मिश्रित पतझड वन 250 सेमी. से 300 सेमी. से अधिक वर्षा वाले क्षेत्रों में उगते हैं।
(B) राजस्थान में वन क्षेत्र का 25% से अधिक भाग मिश्रित पतझड़ वनों के अन्तर्गत आता है।
(C) धोक, साल, बांस, खैर आदि पेड राजस्थान में मिश्रित पतझड़ वनों में पाये जाते हैं।
[ATO परीक्षा 27.07.2021]
कूट -
👉 (A) कथन गलत है क्योंकि मिश्रित पतझड़ वन उन क्षेत्रों में उगते हैं जहाँ वर्षा 100 सेमी से 200 सेमी के बीच होती है; 250 सेमी से अधिक वर्षा वाले क्षेत्रों में उष्णकटिबंधीय सदाबहार वन होते हैं।
👉 (B) कथन सही है — राजस्थान में 25% से अधिक वन क्षेत्र मिश्रित पतझड़ वनों के अंतर्गत आता है।
👉 (C) कथन भी सही है — धोक, साल, बांस, खैर जैसे वृक्ष राजस्थान के मिश्रित पतझड़ वनों में पाए जाते हैं।
✍️ सही उत्तर है – केवल A गलत है, B और C सही हैं।
सालार वन 'निम्नलिखित में से किन जिलों मे मिलते हैं ?
[हॉस्पिटल केयर टेकर 10.02.2023]
👉 सालार वन राजस्थान के अलवर, चित्तौड़गढ़, उदयपुर जिलों में पाए जाते हैं।
👉 ये जिले दक्षिण-पूर्वी राजस्थान में स्थित हैं जहाँ शुष्क मिश्रित पतझड़ वन के अंतर्गत सालार वृक्ष उगते हैं।
निम्नलिखित में से किस जिले में तेंदू के वन नहीं है ?
[Asst. Testing Officer 08.07.2025]
1.राजस्थान में तेंदू का पेड़ (वैज्ञानिक नाम: डायोस्पायरोस मेलानोक्सिलोन) मुख्य रूप से दक्षिणी और दक्षिण-पूर्वी क्षेत्रों के मिश्रित पर्णपाती जंगलों में पाया जाता है। 2.इसके पत्ते बीड़ी बनाने के लिए अत्यधिक मूल्यवान हैं, और इसके फल (चीकू जैसे) गर्मियों में खाए जाते हैं। 3.तेंदु के पेड़ मुख्य रूप से निम्नलिखित जिलों में बहुतायत से पाए जाते हैं:1.उदयपुर 2.चित्तौड़गढ़ 3.बांसवाड़ा 4.डूंगरपुर 5.प्रतापगढ़ 6.झालावाड़ और बारां, बूंदी, कोटा.
जून 2018 में अरावली में अत्यधिक वनोन्मूलन के लिए निम्न में से किस संगठन के द्वारा केन्द्र, हरियाणा तथा राजस्थान को नोटिस दिया गया ?
[पशु चिकित्सा अधिकारी 02.08.2020]
👉 जून 2018 में अरावली में अत्यधिक वनोन्मूलन के लिए राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग द्वारा संगठन के द्वारा केन्द्र, हरियाणा तथा राजस्थान को नोटिस दिया गया।
प्रशासनिक रिपोर्ट राजस्थान 2021-22 के अनुसार, निम्नलिखित में से किस जिले में सर्वाधिक वन क्षेत्र अभिलेखित है ?
[Asst. Prof. (भूगोल) 18.05.2024]
👉 मार्च 2023 के अनुसार निम्नलिखित जिलों में वन क्षेत्र है:
बारां → 2250.56 वर्ग कि.मी.
चित्तौड़गढ़ → 1789.02 वर्ग कि.मी.
झालावाड़ → 1286.72 वर्ग कि.मी.
बूंदी → 1563.57 वर्ग कि.मी.
कॉम्बेटिंग डेज़र्टिफिकेशन (मरुस्थलीकरण संघर्ष परियोजना (C. D. P.)) को किस वर्ष में चालू किया गया ?
[व्याख्याता (तकनीकी) 12.03.2021]
👉कॉम्बेटिंग डेज़र्टिफिकेशन (मरुस्थलीकरण संघर्ष परियोजना (C. D. P.)) को 1999 वर्ष में चालू किया गया।
शुष्क वन अनुसंधान संस्थान (ए एफ आर आई) अवस्थित है
[लाइब्रेरियन ग्रेड -II [02.08.2020]
👉 शुष्क वन अनुसंधान संस्थान (AFRI) का पूरा नाम है – Arid Forest Research Institute।
👉 यह संस्थान शुष्क वनों पर अनुसंधान के लिए समर्पित है और राजस्थान के जोधपुर शहर में स्थित है।
👉 AFRI, भारतीय वन अनुसंधान एवं शिक्षा परिषद (ICFRE) के अधीन कार्य करता है।
👉 यह संस्थान वन विकास, संरक्षण और मरुस्थलीय क्षेत्रों की हरियाली बढ़ाने हेतु कार्य करता है।
AFRI की स्थापना जून 1987 में की गई
✍️ सही उत्तर है – जोधपुर में
राजस्थान में घास के मैदान और चरागाह कहलाते हैं
[Deputy Commandant 23.08.2020]
👉 राजस्थान में घास के मैदान और चरागाह को "बीड" कहा जाता है।
👉 बीड का उपयोग पशुओं के चारे के रूप में होता है और ये क्षेत्र ग्रामीण अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
👉 ये विशेषकर शुष्क और अर्द्ध शुष्क क्षेत्रों में पाए जाते हैं।
राजस्थान वन विभाग के प्रशासनिक प्रतिवेदन (2023-24) के अनुसार, राजस्थान के कुल वन क्षेत्र में अवर्गीकृत वनों का प्रतिशत क्या है?
[वरिष्ठ अध्यापक (ग्रुप- D) 11.09.2025]
👉 राजस्थान के कुल वन क्षेत्र में अवर्गीकृत वन का हिस्सा 6.5% है, जिसका क्षेत्रफल लगभग 2,144 वर्ग किमी दर्ज किया गया है।
👉 इस श्रेणी के वनों में पेड़ों के कटान पर प्रतिबंध नहीं होता और मवेशियों का अविरुद्ध चराव भी सम्भव है।
👉 राज्य के आरक्षित वन कुल वन क्षेत्र का 37% (12,176 वर्ग किमी) बनाते हैं और इनका संरक्षण स्तर अधिक होता है।
👉 संरक्षित वन श्रेणी राज्य के वन क्षेत्र का सबसे बड़ा भाग है, जो 56.4% (18,543 वर्ग किमी) के रूप में दर्ज है।
✍️ सही उत्तर है – 6.50%
निम्नलिखित में से किस जिले में शीशम वृक्ष प्रमुखता से पाया जाता है ?
[Development Officer 29.07.2025]
👉 राजस्थान में शीशम (टाहली) के वृक्ष मुख्य रूप से श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ जिलों में सबसे ज्यादा पाए जाते हैं।
'राजस्थान वानिकी एवं जैव विविधता परियोजना' की सहायता से चल रही है [*]
[स्कूल व्याख्याता (भूगोल) 21.07.2016]
📌 महत्वपूर्ण सूचना: इस प्रश्न को बोर्ड द्वारा 'डिलीट' या अमान्य घोषित किया गया है।
राजस्थान में शुष्क सागवान के वृक्षारोपण हेतु सर्वाधिक उपयुक्त जिले है -
[Asst. Prof. (भूगोल) 04.07.2016]
👉 शुष्क सागवान के वृक्षारोपण के लिए बाँसवाड़ा, डूंगरपुर और उदयपुर जैसे दक्षिणी जिले सर्वाधिक उपयुक्त माने जाते हैं।
👉 इन जिलों में वर्षा अधिक होती है और वनस्पति का घनत्व भी अच्छा होता है।
भारत वन स्थिति रिपोर्ट-2023 के अनुसार, निम्नलिखित में से किस जिला समूह (अविभाजित) के कुल क्षेत्रफल में वन क्षेत्र का प्रतिशत सबसे कम था ?
[Assistant Director 09.07.2025]
👉 भारत वन स्थिति रिपोर्ट 2023 (ISFR-2023) के अनुसार राजस्थान के जिलों का आकलन किया गया।
👉 इसमें चुरू और जोधपुर अविभाजित जिलों में सबसे कम वन क्षेत्र प्रतिशत दर्ज हुआ।
👉 ये जिले राजस्थान के न्यूनतम वन प्रतिशत वाले जिलों में शामिल हैं।
✍️ सही उत्तर है – चुरू और जोधपुर
राजस्थान राज्य जैवविविधता बोर्ड की स्थापना किस वर्ष में की गई ?
[लाइब्रेरियन ग्रेड -II [02.08.2020]
👉 14 सितंबर 2010 को राजस्थान सरकार ने राज्य जैव विविधता बोर्ड की स्थापना की।
👉 इसके लिए ‘राजस्थान जैविक विविधता नियम, 2010’ बनाया गया, जो जैविक विविधता अधिनियम 2002 के तहत लागू हुआ।
👉 इस अधिनियम की धारा 63 के तहत राज्य सरकार को यह अधिकार प्राप्त था।
👉 इसका उद्देश्य जैविक संसाधनों का संरक्षण और सतत् उपयोग हेतु प्रणाली विकसित करना था।
राजस्थान में 2023-24 में किस श्रेणी के वनों का क्षेत्र, कुल वन क्षेत्र का 50% से अधिक था ?
[वरिष्ठ अध्यापक (ग्रुप- B) 08.09.2025]
👉 राजस्थान में रक्षित वन श्रेणी का क्षेत्रफल कुल वन क्षेत्र का 56.4% है, जो 50% से अधिक हिस्सेदारी दर्शाता है।
👉 संरक्षित वनों का कुल क्षेत्र लगभग 18,543 वर्ग किमी है, जो राज्य के वन ढाँचे का सबसे बड़ा भाग बनाता है।
👉 आरक्षित वन कुल वन क्षेत्र का लगभग 37% (12,176 वर्ग किमी) भाग बनाते हैं।
👉 अवर्गीकृत वन क्षेत्र कुल वन क्षेत्र का 6.5% (लगभग 2,144 वर्ग किमी) हैं।
✍️ सही उत्तर है – रक्षित वन
राजस्थान में 'ओरण' क्या है ?
[लाइब्रेरियन ग्रेड -II 16.02.2025]
👉 राजस्थान में 'ओरण' उन पवित्र उपवनों (sacred groves) को कहते हैं जो मुख्यतः पश्चिमी राजस्थान में पाए जाते हैं।
👉 ये वन क्षेत्र सामुदायिक संरक्षण के अंतर्गत होते हैं और इन्हें धार्मिक मान्यताओं के कारण संरक्षित किया जाता है।
👉 ओरण क्षेत्र पर्यावरण संतुलन, वन्य जीवों की शरणस्थली और स्थानीय जैव विविधता के लिए महत्वपूर्ण हैं।
निम्न में से कौन सी योजना “विशेष क्षेत्रीय विकास कार्यक्रम” में सम्मिलित नहीं है ?
[व्याख्याता (तकनीकी) 12.03.2021]
👉 सामाजिक वानिकी योजना “विशेष क्षेत्रीय विकास कार्यक्रम” में सम्मिलित नहीं है।
'सालार' के वन वितरित हैं
[लाइब्रेरियन ग्रेड -II [02.08.2020]
👉 सालार (बोसवेलिया सेराटा) वन मुख्य रूप से अरावली पर्वतीय प्रदेश की उच्च श्रेणियों में पाए जाते हैं।
👉 इस प्रकार, वे जिलों में वितरित हैं जिनका संबंध अरावली की उच्च पहाड़ी श्रेणियों से है।
👉 “अलवर, उदयपुर, सिरोही और अजमेर” जिले इसी श्रेणी में आते हैं, जहाँ सालार वन मिलते हैं।
सही उत्तर: अलवर, उदयपुर, सिरोही और अजमेर जिलों में।
राज्य के दक्षिणी उच्च भूमि के सवाई माधोपुर, चित्तौड़गढ़, कोटा, बारां तथा झालावाड़ जिलों में निम्नलिखित में से किस प्रकार के वन पाए जाते हैं ?
[Deputy Jailor Exam 13.07.2025]
👉 हाड़ौती क्षेत्र (सवाई माधोपुर, चित्तौड़गढ़, कोटा, बारां, झालावाड़) में वन पाए जाते हैं।
👉 यहाँ प्रमुख रूप से खैर वन (उष्णकटिबंधीय शुष्क पतझड़ वन) मिलते हैं।
👉 इन वनों में खैर और बबूल जैसे वृक्ष पाए जाते हैं।
✍️ सही उत्तर है – खैर वन
राजस्थान वन प्रतिवेदन 2023-24 के अनुसार, कुल आकलित वन क्षेत्र वर्ष 2021 की दृष्टि से राजस्थान के जिलों का अवरोही क्रम हैं -
[स्कूल व्याख्याता (भूगोल) 24.06.2025]
👉 राजस्थान वन प्रतिवेदन 2023-24 के अनुसार जिलों का कुल आकलित वन क्षेत्र वर्ष 2021 की तुलना में अवरोही क्रम में है –
उदयपुर → अलवर → प्रतापगढ़ → बारां।
✍️ सही उत्तर है – उदयपुर, अलवर, प्रतापगढ़, बारां
किस देश के सहयोग से राजस्थान वानिकी एवं जैव-विविधता विकास परियोजना (RFBDP) राज्य में संचालित की जा रही है ?
[कृषि अधिकारी 20.04.2025]
राजस्थान वानिकी और जैव विविधता विकास परियोजना (RFBDP/RFBP-2) जापानी अंतर्राष्ट्रीय सहयोग एजेंसी (JICA) द्वारा वित्तपोषित एक प्रमुख वन संरक्षण पहल है।2. इसका उद्देश्य राजस्थान में हरित क्षेत्र को बढ़ाना, जैव विविधता की रक्षा करना और स्थानीय वन-निर्भर समुदायों की आजीविका में सुधार करना है।
31 मार्च, 2023 की स्थिति के अनुसार, राजस् थान के कुल वन क्षेत्रफल वाले सर्वोच्च तीन जिले थे :
[स्कूल व्याख्याता GK (C) 03.07.2025]
👉 31 मार्च 2023 की स्थिति के अनुसार राजस्थान में वन क्षेत्रफल का आकलन किया गया।
👉 कुल वन क्षेत्रफल वाले सर्वोच्च तीन जिले हैं – उदयपुर, बारां और करौली।
✍️ सही उत्तर है – उदयपुर, बारां, करौली
इण्डिया स्टेट ऑफ फॉरेस्ट रिपोर्ट-2023 के अनुसार निम्नलिखित में से सबसे कम कुल वनावरण क्षेत्र वाले जिलों का युग्म कौनसा है ?
[वरिष्ठ अध्यापक (ग्रुप- C) 09.09.2025]
👉 इण्डिया स्टेट ऑफ फॉरेस्ट रिपोर्ट–2023 के अनुसार राजस्थान में सबसे कम कुल वनावरण वाला जिला चूरू है।
👉 चूरू जिले में वन क्षेत्र का विस्तार अत्यंत न्यूनतम स्तर पर दर्ज किया गया है।
👉 इसके बाद हनुमानगढ़ जिला राज्य का दूसरा सबसे कम वनावरण वाला क्षेत्र है।
👉 दोनों जिलों में वनावरण का प्रतिशत तथा क्षेत्रफल राज्य के अन्य जिलों की तुलना में स्पष्ट रूप से कम है।
सबसे कम वन क्षेत्र वाले जिले 1. चूरू( 79.91 वर्ग km) 2. हनुमानगढ(239.46) 3 नागोंर (242.40 वर्ग km) 4 जोधपुर (246.78 वर्ग km)
✍️ सही उत्तर है – चूरू तथा हनुमानगढ़
वन विभाग, राजस्थान प्रशासनिक प्रतिवेदन 2023-24 के अनुसार, निम्नलिखित में से कौन सा सर्वाधिक वन क्षेत्र वाला जिला है ?
[A.En (Pre) EXAM 28.09.2025]
👉 प्रतापगढ़ जिले में भौगोलिक क्षेत्र अनुपात के अनुसार राज्य का दूसरा सबसे बड़ा वन आवरण प्रतिशत पाया जाता है।
👉 2023–24 प्रशासनिक प्रतिवेदन अनुसार कुल वन क्षेत्र की दृष्टि से उदयपुर जिला राजस्थान में सबसे अधिक वन क्षेत्र वाला जिला है।
👉 प्रतापगढ़ का वन आवरण झालावाड़, कोटा और बूंदी जैसे जिलों की तुलना में प्रतिशत रूप में अधिक है।
👉 विकल्पों में प्रतापगढ़ का चयन इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इसका वन आवरण प्रतिशत अत्यधिक है।
✍️ सही उत्तर है – प्रतापगढ़
राजस्थान में 75 से 110 सेन्टीमीटर औसत वर्षा वाले क्षेत्रों में निम्न में से किस प्रकार की वनस्पति पाई जाती है ?
[पशु चिकित्सा अधिकारी 02.08.2020]
👉 राजस्थान में जहाँ 75 से 110 सेमी औसत वर्षा होती है, वहाँ मुख्यतः शुष्क सागवान वन पाए जाते हैं।
👉 ये वन मुख्य रूप से दक्षिणी राजस्थान के क्षेत्रों — बाँसवाड़ा, डूंगरपुर, चित्तौड़गढ़, उदयपुर, सलुम्बर आदि में विकसित हैं।
👉 इन क्षेत्रों की वर्षा मात्रा व भू-प्राकृतिक परिस्थितियाँ सागवान वृक्षों के अनुकूल होती हैं।
राजस्थान में किस वर्ष पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन निदेशालय (DOECC) की स्थापना की गई ?
[Asst. Testing Officer 08.07.2025]
👉 राजस्थान में पर्यावरण संरक्षण और जलवायु परिवर्तन पर विशेष कार्य हेतु एक निदेशालय बनाया गया।
👉 पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन निदेशालय (DOECC) की स्थापना वर्ष 2019 में हुई।
✍️ सही उत्तर है – 2019
निम्न में से कौन सा वृक्ष राजस्थान का राज्य वृक्ष है ?
[व्याख्याता (तकनीकी) 12.03.2021]
खेजड़ी (वैज्ञानिक नाम: प्रोसोपिस सिनेरिया) राजस्थान का राज्य वृक्ष है 2.थार के मरुस्थल में उगने के कारण इसे 'रेगिस्तान का कल्पवृक्ष' भी कहा जाता है। यह कठोर जलवायु और भीषण गर्मी में भी हरा-भरा रहता है और मरुस्थलीय पारिस्थितिकी तंत्र के लिए बेहद महत्वपूर्ण है。 3.अन्य नाम: इसे अलग-अलग क्षेत्रों में शमी, जांटी (दिल्ली/हरियाणा), जांड (पंजाब), और बन्नी (कर्नाटक) के नाम से भी जाना जाता है.
सागवान के वन वाला जिला युग्म है
[स्कूल व्याख्याता (भूगोल) 21.07.2016]
👉 सागवान के वन राजस्थान में मुख्यतः बाँसवाड़ा और डूंगरपुर जिलों में पाए जाते हैं।
👉 यह क्षेत्र दक्षिणी राजस्थान में स्थित है जहाँ वर्षा अधिक होती है और सागवान की लकड़ी प्रमुखता से मिलती है।
निम्नलिखित में से कौन सा एक मरुस्थलीकरण के रोकथाम के लिए उपयोगी है ?
[मूल्यांकन अधिकारी 23.08.2020]
👉 मरुस्थलीकरण की रोकथाम के लिए मृदा संरक्षण, अतिचारण पर नियंत्रण, और वनोन्मूलन रोकना सभी आवश्यक उपाय हैं।
👉 इन उपायों से भूमि की उर्वरता बनी रहती है, हरियाली बढ़ती है और पारिस्थितिकी संतुलन बना रहता है।
👉 अतः यह तीनों उपाय मिलकर समग्र रूप से मरुस्थलीकरण को रोकने में सहायक होते हैं।
वन विभाग, राजस्थान के प्रशासनिक प्रतिवेदन 2023-24 के अनुसार राजस्थान में रक्षित वन (Protected Forest) का क्षेत्र था (100% में से)
[Asst. Prof. (Paper -III) 07.12.2025]
🔹 व्याख्या
👉
कुल
वन क्षेत्र
32,921.01
वर्ग
किमी अभिलेखित
है।
👉
संरक्षित
वन का
हिस्सा 56.51%
है।
👉
आरक्षित
वन 36.99%,
अवर्गीकृत
वन 6.50%
है।
👉
कुल
वन क्षेत्र
9.61%
भौगोलिक
क्षेत्रफल
है।
✍️ सही उत्तर है – 56.51%
राजस्थान में 'वन्यजीव प्रबन्धन एवं रेगिस्तान पारितन्त्र प्रशिक्षण संस्था अवस्थित है
[Research Assistant 10.07.2025]
👉 राजस्थान में वन्यजीव प्रबंधन एवं रेगिस्तान पारितंत्र प्रशिक्षण संस्था स्थापित है।
👉 यह तालछापर (चूरू) में अवस्थित है।
✍️ सही उत्तर है – तालछापर (चूरू)
निम्न में से किस औषधीय पौधे को 'कुष्ट नाशिनी' भी कहा जाता है?
[Lecturer (Ayurved) 12.01.2026]
🔹 व्याख्या
👉 बावची औषधीय पौधे को कुष्ठ नाशिनी के नाम से जाना जाता है।
👉 इसके बीजों का उपयोग सफेद दाग और चर्म रोगों के उपचार में होता है।
👉 आयुर्वेद में इसे त्वचा विकारों को दूर करने वाली प्रमुख औषधि माना गया है।
👉 इसके फल व बीज औषधीय गुणों से भरपूर और स्वास्थ्यवर्धक होते हैं।
✍️ सही उत्तर है – बावची
धोकड़ा, पलाश, तेंदू और सेमल के वृक्ष किस प्रकार के वन में पाये जाते हैं ?
[वरिष्ठ अध्यापक (ग्रुप- A) 07.09.2025]
👉 धोकड़ा, पलाश, तेंदू और सेमल जैसे प्रमुख वृक्ष प्राकृतिक रूप से मिश्रित पतझड़ वनों में पाये जाते हैं।
👉 इन वनों में पर्णपाती प्रजातियों का विविध संयोजन मिलता है, जो वर्ष में एक बार पत्तियाँ झाड़ते हैं।
✍️ सही उत्तर है – मिश्रित पतझड़ वन
राजस्थान मरुस्थल में ग्रीष्मकाल की रात्रि में तापमान में आकस्मिक गिरावट होती है, जिसका कारण है :
[मूल्यांकन अधिकारी 23.08.2020]
👉 राजस्थान मरुस्थल में ग्रीष्मकाल की रात्रि में तापमान में अचानक गिरावट का मुख्य कारण है –
👉 वायुमण्डल में उच्च शुष्कता, स्वच्छ आसमान, रेतीली मिट्टी, तथा वनस्पति की कमी।
👉 ये सभी कारण मिलकर तापीय विकिरण को शीघ्रता से बाहर जाने देते हैं, जिससे रात में तापमान तेजी से गिर जाता है।