राजस्थान में 2022 में औसत वार्षिक वर्षा (से.मी.) हुई है - (जल संसाधन विभाग राजस्थान की वार्षिक वर्षा रिपोर्ट)
[Asst. Prof. (भूगोल) 18.05.2024]
'थार का घड़ा' किसे कहा जाता है ?
[EO RO (Shift II) 14.05.2023]
👉 'थार का घड़ा' चाँदन नलकूप का प्रसिद्ध नलकूप है।
👉 थार का घड़ा चांदन नलकूप को कहा जाता है。यह राजस्थान के जैसलमेर जिले में स्थित एक प्रसिद्ध नलकूप है。
इसे 'थार का घड़ा' इसलिए कहते हैं क्योंकि यह थार के शुष्क रेगिस्तानी क्षेत्र में मीठे पानी का एक बहुत बड़ा और स्थायी स्रोत है。
यह नलकूप 'लाठी सीरीज' (पोखरण से मोहनगढ़ के बीच की भूगर्भीय जलपट्टी) में स्थित है और इससे हर घंटे लगभग सवा दो लाख लीटर मीठा पानी निकलता है, जो इस इलाके के लिए किसी वरदान से कम नहीं है
✍️ सही उत्तर है – चाँदन नलकूप
निम्नलिखित में से कौन सा समूह उनके औसत वार्षिक वर्षा के अनुसार अवरोही क्रम में व्यवस्थित है ?
[स्कूल व्याख्याता (भूगोल) 07.01.2020]
👉 राजस्थान में औसत वार्षिक वर्षा के अनुसार –
बूंदी में सबसे अधिक वर्षा होती है।
इसके बाद अजमेर, फिर नागौर।
सबसे कम गंगानगर में।
✍️ सही उत्तर है – बूंदी > अजमेर > नागौर > गंगानगर
"जायका" राजस्थान में किस क्षेत्र में कार्य करती है ?
[कृषि अधिकारी 29.08.2022]
👉 जायका (JICA) योजना, जापान सरकार की सहायता से भारत में चलाई जा रही विभिन्न विकास और कल्याणकारी परियोजनाओं का सामूहिक नाम है。
✍️ सही उत्तर है – जल क्षेत्र, आजीविका सुधार
राजस्थान में भारत के सतही जल का (लगभग) उपलब्ध प्रतिशत हिस्सा है:
[Research Assistant 24.08.2017]
👉 भारत के कुल सतही जल में से राजस्थान को बहुत कम भाग प्राप्त है।
👉 यह हिस्सा केवल 1.16% है।
✍️ सही उत्तर है – 1.16%
राजस्थान में कौन सा जिला फ्लोरोसिस से सर्वाधिक प्रभावित है जो पानी में फ्लोराइड के कारण होता है ?
[लाइब्रेरियन ग्रेड -II [02.08.2020]
👉 राजस्थान में पानी में फ्लोराइड की अधिकता से फ्लोरोसिस रोग फैलता है।
👉 इस समस्या से सर्वाधिक प्रभावित जिला नागौर है।
✍️ सही उत्तर है – नागौर
'खड़ीन' है -
[स्कूल व्याख्याता (भूगोल) 07.01.2020]
2020 में अटल भू-जल योजना किसकी वित्तीय सहायता से आरम्भ की गई है ?
[ATO परीक्षा 27.07.2021]
👉 अटल भूजल योजना (Atal Jal) भारत सरकार की एक केंद्रीय क्षेत्र की योजना है, जिसे जल शक्ति मंत्रालय द्वारा 6,000 करोड़ रुपये के परिव्यय के साथ शुरू किया गया था।
निम्न में से जिलों का कौन सा युग्म जलभराव (सेम) की समस्या से अधिक प्रभावित है ?
[कृषि अधिकारी 19.01.2021]
👉 राजस्थान में 'सेम' समस्या मुख्यतः नहर सिंचित क्षेत्रों में पाई जाती है।
👉 राजस्थान में 'सेम' (Sem) एक गंभीर पारिस्थितिक समस्या है, जिसके तहत अत्यधिक सिंचाई और जल रिसाव के कारण जमीन दलदली हो जाती है और भूजल स्तर ऊपर आ जाता है।
इससे मिट्टी में लवणता (नमक) बढ़ जाती है, उपजाऊ भूमि बंजर हो जाती है और फसलें नष्ट होने लगती हैं।
1. मुख्य प्रभावित क्षेत्र (राजस्थान)यह समस्या मुख्य रूप से इंदिरा गांधी नहर परियोजना (IGNP) और चंबल सिंचित क्षेत्रों में होती है।गंभीर रूप से प्रभावित जिले: श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ (विशेष रूप से बड़ोपल, टिब्बी और पीलीबंगा क्षेत्र)।अन्य प्रभावित जिले: बीकानेर और बूंदी।
2. सेम की समस्या के प्रमुख कारणनहरों से पानी का रिसाव: कच्ची नहरों से लगातार पानी रिसता रहता है, जो आसपास की जमीन को दलदल में बदल देता है।दोषपूर्ण सिंचाई पद्धतियाँ: किसान खेतों में जरूरत से ज्यादा पानी भर देते हैं (बाढ़ सिंचाई), जिससे जमीन सोख नहीं पाती।जल स्तर का ऊपर आना: रिसाव और अति-सिंचाई से भूजल स्तर 5 से 10 फीट तक ऊपर आ जाता है, जिससे लवणीय पानी जड़ों को गला देता है।
✍️ सही उत्तर है – गंगानगर एवं हनुमानगढ़
राजस्थान में नए जल - संभर (watershed) के चुनाव में निम्न में से किस मानदंड को सर्वाधिक भारिता (महत्त्व) दी जाती है ?
[खाध्य सुरक्षा अधिकारी 25.11.2019]
👉 राजस्थान में नए जल-संभर (watershed) का चयन कुछ मानदंडों पर किया जाता है।
👉 इनमें सबसे अधिक महत्व उस क्षेत्र को दिया जाता है जहाँ पेयजल की विकट कमी हो।
✍️ सही उत्तर है – क्षेत्र, जिसमें पेय जल की विकट कमी हो
रंगाई एवं छपाई उद्योग के कारण निम्नलिखित में से राजस्थान का कौन सा जिला जल प्रदूषण से सर्वाधिक प्रभावित हुआ है?
सहायक आचार्य [22.09.2021]
👉 राजस्थान में जल प्रदूषण का प्रमुख कारण रंगाई एवं छपाई उद्योग है।
👉 इससे सर्वाधिक प्रभावित जिला पाली है।
✍️ सही उत्तर है – पाली
राजस्थान में जल संरक्षण के लिए “अमृतम् जलम्” _______________ का अभियान है ।
[EO RO (Shift II) 14.05.2023]
👉 राजस्थान में जल संरक्षण हेतु विभिन्न जनअभियान चलाए गए हैं।
👉 “अमृतम् जलम्” अभियान राजस्थान पत्रिका द्वारा चलाया गया है।
✍️ सही उत्तर है – राजस्थान पत्रिका
बालोतरा और बगरू में जल प्रदूषण का प्रमुख कारण है :
[भूवैज्ञानिक परीक्षा 07.05.2025]
👉 राजस्थान के बालोतरा और बगरू क्षेत्र जल प्रदूषण से प्रभावित हैं।
👉 इसका प्रमुख कारण वहाँ की वस्त्र इकाइयाँ (डाईंग और प्रिंटिंग उद्योग) हैं।
✍️ सही उत्तर है – वस्त्र इकाइयाँ
लूनी नदी में जल प्रदूषण का मुख्य कारण है
सहायक आचार्य [ 07.01.2024]
👉 लूणी नदी में प्रदूषण का मुख्य कारण औद्योगिक इकाइयों, विशेष रूप से रंगाई और छपाई (Dyeing and Printing) कारखानों से निकलने वाला untreated (बिना उपचारित) रासायनिक कचरा और जहरीला पानी है。मुख्य कारण और उनके प्रभाव निम्नलिखित हैं:कपड़ा उद्योग का कचरा: पाली, जोधपुर और बालोतरा जैसे औद्योगिक क्षेत्रों में स्थित कपड़ा कारखानों से निकलने वाला रंगीन और रासायनिक पानी बिना साफ़ किए सीधे नदी में छोड़ दिया जाता है。बांडी नदी का प्रभाव: जोजरी और बांडी जैसी सहायक नदियों के माध्यम से यह जहरीला औद्योगिक अपशिष्ट लूनी नदी तक पहुँच जाता है。भूमिगत जल का दूषित होना: इस रासायनिक कचरे से न केवल नदी का पानी प्रदूषित होता है, बल्कि आसपास के क्षेत्रों का भूजल भी जहरीला हो जाता है。
✍️ सही उत्तर है – वस्त्रों की रंगाई और छपाई इकाइयाँ
राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (RSPCB) का गठन मूल रूप से किस अधिनियम के तहत किया गया था ?
[Development Officer 29.07.2025]
👉 राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (RSPCB) का गठन जल (प्रदूषण की रोकथाम एवं नियंत्रण) अधिनियम 1974 की धारा 4 के तहत किया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य जल प्रदूषण नियंत्रण था।
👉 बोर्ड की स्थापना 7 फरवरी 1975 को की गई, जिससे राज्य में जल की गुणवत्ता के संरक्षण और निगरानी का कार्य प्रारम्भ हुआ।
👉 बाद में वायु (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम 1981 के तहत इसे वायु प्रदूषण नियंत्रण की अतिरिक्त जिम्मेदारी प्रदान की गई।
👉 पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम 1986 ने बोर्ड के कार्यक्षेत्र को और विस्तृत अधिकार, दायित्व एवं पर्यावरण संरक्षण की समग्र भूमिका प्रदान की।
✍️ सही उत्तर है – राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (RSPCB)
केन्द्रीय भूजल बोर्ड की रिपोर्ट 2011 के अनुसार राजस्थान में सुरक्षित जल भंडार वाले विकास खण्डों की संख्या है [*]
[वरिष्ठ अध्यापक 26.04.2017]
📌 महत्वपूर्ण सूचना: इस प्रश्न को बोर्ड द्वारा 'डिलीट' या अमान्य घोषित किया गया है।
जैसलमेर में पालीवाल ब्राह्मणों द्वारा विकसित मौलिक पारम्परिक वर्षा जल संचयन पद्धति का नाम है :
[वरिष्ठ अध्यापक 21.02.2014]
👉 जैसलमेर में पालीवाल ब्राह्मणों ने पारंपरिक वर्षा जल संचयन पद्धति विकसित की।
👉 इसका नाम खडीन (धोरा) है।
👉 इसमें सतही अपवाह जल को खेतों में रोककर मिट्टी में सोखने दिया जाता है।
👉 इससे फसल उत्पादन और जल संरक्षण दोनों में मदद मिलती है।
✍️ सही उत्तर है – खडीन
राजस्थान के किस जिले में 'खड़ीन' जल संरक्षण की प्रचलित विधि है ?
[RAS Pre परीक्षा 02.02.2025]
👉 खड़ीन जल संरक्षण की पारंपरिक विधि है।
👉 यह मुख्य रूप से जैसलमेर जिले में प्रचलित है।
✍️ सही उत्तर है – जैसलमेर
राजस्थान के निम्नलिखित में से किस जिले में सूखे की बारंबारता 8 वर्ष में एक बार है ?
[सहायक आचार्य परीक्षा 08.09.2024]
👉 राजस्थान के कुछ जिलों में सूखे की बारंबारता का आकलन किया गया है।
👉 भरतपुर जिले में सूखा लगभग हर 8 वर्ष में एक बार पड़ता है।
✍️ सही उत्तर है – भरतपुर
निम्नलिखित में से कौनसी राजस्थान में परम्परागत जल संरक्षण तकनीक नहीं है ?
[EO RO (Re Exam) 23 मार्च 2025]
👉 राजस्थान में कई पारंपरिक जल संरक्षण तकनीकें विकसित हुई हैं।
👉 इनमें प्रमुख हैं – झालरा, टोबा और नाडी।
✍️ सही उत्तर है – पैंडा
पीने के पानी में फ्लोराइड की सांद्रता से जिलों का कौनसा समूह सर्वाधिक प्रभावित है ?
[कृषि अधिकारी 29.08.2022]
👉 राजस्थान के कई जिले फ्लोराइड युक्त पानी की समस्या से प्रभावित हैं।
👉 सबसे अधिक प्रभावित समूह है – जालौर, बाड़मेर, सिरोही, बांसवाड़ा।
✍️ सही उत्तर है – जालौर, बाड़मेर, सिरोही, बांसवाड़ा
निम्न में से कौन सी परम्परागत जल संरक्षण की विधि नहीं है ? [*]
सहायक आचार्य [24.04.2016]
📌 महत्वपूर्ण सूचना: इस प्रश्न को बोर्ड द्वारा 'डिलीट' या अमान्य घोषित किया गया है।
सुमेलित कीजिये -
लिफ्ट परियोजना पीने के पानी की आपूर्ति
(A) कंवरसेन लिफ्ट नहर (i) नागौर को
(B) गंधेली साहवा लिफ्ट परियोजना(ii) जोधपुर को
(C) राजीव गाँधी लिफ्टनहर (iii) चूरू को
(D) गजनेर परियोजना (iv) बीकानेर को
[Head Master 2011]
A B C D
👉 कंवरसेन लिफ्ट नहर → बीकानेर को (IV)
👉 गंधेली–साहवा लिफ्ट परियोजना → चूरू को (III)
👉 राजीव गाँधी लिफ्ट नहर → जोधपुर को (II)
👉 गजनेर परियोजना → नागौर को (I)