अपवाह तंत्र: नदियाँ राजस्थान — Agri Master Mind
निम्नलिखित में से किस जिले में कोई नदी प्रवाह नहीं है ?
[कृषि अधिकारी 29.08.2022]
बूँदी
बीकानेर
जैसलमेर
धौलपुर
🔹 व्याख्या:
👉 बीकानेर जिला पूरी तरह रेगिस्तानी क्षेत्र है, जहाँ कोई स्थायी नदी प्रवाहित नहीं होती।
👉 जबकि —
• जैसलमेर में काकनी नदी,
• बूँदी में चम्बल की सहायक नदियाँ,
• धौलपुर में भी चम्बल नदी प्रवाहित होती है।
👉 अतः सही उत्तर है — बीकानेर।
निम्नलिखित में से कौन-सी नदी बनास से दाएं किनारे पर नहीं मिलती है ?
[सांख्यिकी अधिकारी 18.12.2021]
बेड़च
बाजायिन
सोडरा
गोलवा
🔹 व्याख्या:
👉 बनास नदी की प्रमुख सहायक नदियाँ हैं — बेड़च, कोठारी, खारी, मैनाल, बाण्डी, मानसी, धुन्ध और मोरेल।
👉 सोडरा नदी बनास में बाएं किनारे से मिलती है, ना कि दाएं किनारे से।
लूनी नदी के विषय में निम्नलिखित में से कौनसा कथन असत्य है ?
[सहायक सांख्यिकी अधि. 25.08.2024]
लूनी नदी बेसिन की पूर्वी सीमा 'काला भूरा डूंगर' है।
उद्गम से बालोतरा कस्बे तक इसका पानी मीठा है।
यह नदी कच्छ के रण तक प्रवाहित होती है।
यह राजस्थान के कुल अपवाह क्षेत्र के 5.6 प्रतिशत भाग पर प्रवाहित होती है।
🔹 व्याख्या:
👉 लूनी नदी का उद्गम अजमेर के नाग पहाड़ से होता है और इसका पानी बालोतरा तक मीठा होता है।
👉 यह नदी कच्छ के रन में समाहित होती है, और इसका जलग्रहण क्षेत्र 34,250 वर्ग किमी है जो राजस्थान के कुल अपवाह क्षेत्र का 20.21% है।
👉 अतः "यह नदी राजस्थान के कुल अपवाह क्षेत्र के 5.6% भाग पर प्रवाहित होती है" — यह कथन असत्य है।
सूची-I और सूची-II को सुमेलित करके नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर चुनिए
सूची-I सूची-II
उद्गम स्थल नदी
(A) खमनौर की पहाड़ियाँ (i) कांतली
(B) बैराठ की पहाड़ियाँ (ii) साबी
(C) खण्डेला की पहाड़ियाँ (iii) बनास
(D) सेवर की पहाड़ियाँ (iv) बाणगंगा
[कृषि अधिकारी 29.08.2022]
कूट -
A B C D
iii iv i ii
i iii ii iv
ii i iii `iv
ii iv i iii
🔹 व्याख्या:
👉 (A) खमनौर की पहाड़ियाँ — स्रोत: बनास नदी (iii)
👉 (B) बैराठ की पहाड़ियाँ — स्रोत: बाणगंगा नदी (iv)
👉 (C) खंडेला की पहाड़ियाँ — स्रोत: कांतली नदी (i)
👉 (D) सेवर की पहाड़ियाँ — स्रोत: साबी नदी (ii)
👉 अतः सही क्रम है — iii, iv, i, ii
निम्न में से कौन सा एक युग्म (मुख्य नदी - सहायक नदी) सही सुमेलित नहीं है ?
[वरिष्ठ अध्यापक (स्थगित) 22.12.2022]
चम्बल - बनास
बनास - गुहिया
यमुना - गंभीरी
लूनी - सागी
🔹 व्याख्या:
👉 गुहिया राजस्थान की प्रमुख मौसमी नदी लूणी की एक महत्वपूर्ण सहायक नदी है।
- गुहिया नदी का:उद्गम: यह पाली जिले के अरावली पहाड़ियों (खारिया नीव गाँव) से निकलती है।
- प्रवाह: यह मुख्य रूप से पाली जिले में बहने वाली एक बरसाती नदी है।
- संगम: अंत में, पाली में ही फेकारिया गांव के पास यह बांडी नदी में मिल जाती है, जो खुद बाद में लूणी नदी में विलीन हो जाती है।
कौन सा सुमेलित नहीं हैं?
[स्कूल व्याख्याता 11.10.2022]
नदियाँ - सहायक नदी
लूनी - पार्वती
बनास - कोठारी
चम्बल - मेज
कालीसिन्ध - आहू
🔹 व्याख्या:
👉 लूनी नदी की सहायक नदियाँ हैं — जवाई, मीठड़ी, लीलड़ी, सुखड़ी, आदि, लेकिन पार्वती नहीं।
👉 पार्वती नदी, चम्बल की सहायक है और यह बारां व सवाई माधोपुर में बहती है।
👉 बाकी सभी युग्म — कालीसिंध–आहू, बनास–कोठारी, चम्बल–मेज — सुमेलित हैं।
निम्नलिखित में से कौनसा मैदान माही तथा उसकी सहायक नदियों द्वारा अपवाहित मैदान है ?
[व्याख्याता (आयुर्वेद) 12.11.2021]
छप्पन के मैदान
नाली प्रदेश
दक्षिण-पूर्व राजस्थान के नदी निर्मित मैदान
बनास मैदान
🔹 व्याख्या:
👉 छप्पन की पहाड़ियाँ (Chappan ki Pahadiya) राजस्थान के बाड़मेर जिले (वर्तमान में बालोतरा जिले) के सिवाना क्षेत्र में स्थित 56 गोलाकार या गुंबदाकार पहाड़ियों का एक प्रसिद्ध समूह है।
👉 ग्रेनाइट पत्थरों से बनी इन पहाड़ियों को स्थानीय तौर पर 'नाकोडा पर्वत' भी कहा जाता है।
निम्नलिखित में से कौनसा युग्म सही है
[सहायक कृषि अधिकारी 29.04.2018]
लूणी (नदी) कोठारी (सहायक नदी)
माही (नदी) जाख़म (सहायक नदी)
चम्बल (नदी) सूकड़ी (सहायक नदी)
बनास (नदी) बाणगंगा (सहायक नदी)
🔹 व्याख्या:
👉 माही नदी का उद्गम मध्य प्रदेश के महू क्षेत्र से होता है और यह राजस्थान के बाँसवाड़ा व डूंगरपुर जिलों से होकर गुजरती है।
👉 इसकी प्रमुख सहायक नदियाँ हैं — सोम, जाख़म, अनास, चाप, इराऊ और मोरेन।
👉 अतः माही – जाख़म का युग्म सही है।
निम्न में से कौनसी नदियाँ सांभर झील में गिरती है
(A) काकनी (B) कान्तली
(C) मेंढा (D) रूपनगढ़
[सहायक कृषि अधिकारी 29.04.2018]
A, B, C
A, C, D
C and D
A, B, C and D
🔹 व्याख्या:
👉 सांभर झील एक खारे पानी की झील है, जो जयपुर जिले में स्थित है।
👉 इसमें मिलने वाली प्रमुख जलधाराएँ हैं — मेंढा, रूपनगढ़, तुरतमंती, खारी और खंडेला नदियाँ।
👉 अतः विकल्प (C) मेंढा और (D) रूपनगढ़ नदियाँ सांभर झील में गिरती हैं।
👉 काकनी व कान्तली नदियाँ इसमें प्रवाहित नहीं होतीं।
निम्न में से राजस्थान के किन जिलों में चम्बल नदी बहती है ?
[सहायक कृषि अधिकारी 27.08.2022]
कोटा, बूंदी, अलवर, करौली
कोटा, बूंदी, अलवर, सवाई माधोपुर
बूंदी, कोटा, सवाई माधोपुर, धौलपुर
कोटा, बूंदी, बारां, झालावाड़
🔹 व्याख्या:
👉 चम्बल नदी राजस्थान में चौरासीगढ़ (कोटा के पास) से प्रवेश करती है।
👉 यह नदी बूंदी, कोटा, सवाई माधोपुर और धौलपुर जिलों से होकर बहती है।
👉 इन क्षेत्रों में यह कई स्थानों पर घाटी (गार्ज) बनाते हुए प्रवाहित होती है और बीहड़ स्थलाकृति का निर्माण करती है।
नदियाँ जो अपना जल सांभर झील में गिराती हैं-
(A) साबी (B) चाप
(C) रूपनगढ (D) मेढ़ा
[Head Master 11.10.2021]
A और D
C और D
B और C
A और B
🔹 व्याख्या:
👉 सांभर झील भारत की सबसे बड़ी अंतर्देशीय खारे पानी की झील है। यह राजस्थान के जयपुर, नागौर और अजमेर जिलों के बीच फैली हुई है। जयपुर से दक्षिण-पश्चिम में लगभग 80km किलोमीटर की दूरी पर स्थित यह झील अपने नमक उत्पादन और हजारों प्रवासी पक्षियों (विशेषकर फ्लेमिंगो) के लिए जानी जाती है।सांभर झील से जुड़ी मुख्य बातें:उत्पत्ति व क्षेत्रफल: यह झील लगभग 230वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में फैली है। मेढ़ा, खारी, खंडेला और रूपनगढ़ सहित चार प्रमुख नदियाँ इसमें अपना जल गिराती हैं।नमक उत्पादन: यह ऐतिहासिक झील देश के कुल नमक उत्पादन का लगभग 9% होता है यहां का नमक उत्पादन कार्य मुख्य रूप से हिन्दुस्तान साल्ट्स लिमिटेड द्वारा संचालित होता है।
आन्तरिक प्रवाह वाली नदिया है -
अ. माही ब. कान्तली
स. साहीबी द. गम्भीरी
सही उत्तर का चुनाव कीजिए -
[सहायक कृषि अधिकारी 25.04.2018]
ब तथा स
ब तथा द
ब,स तथा द
अ, ब तथा स
🔹 व्याख्या:
👉 कान्तली नदी खण्डेला की पहाड़ियों से निकलकर अंततः चूरू में रेत में विलीन हो जाती है, यह अंतः प्रवाही नदी है।
👉 साहीबी नदी भी जयपुर की सेवर पहाड़ियों से निकलकर हरियाणा में प्रवाहित होते हुए अंततः विलुप्त हो जाती है।
👉 जबकि माही और गम्भीरी नदियाँ सागरीय अपवाह तंत्र में आती हैं।
👉 अतः सही उत्तर है — ब (कान्तली) तथा स (साहीबी)।
निम्नलिखित युग्मों को दिए गए कूट की सहायता से सुमेलित कीजिए :
प्रमुख नदी सहायक नदी
(A) चंबल (i) बांडी
(B) लूनी (ii) मान्सी
(C) माही (iii) वापणी
(D) बनास (iv) अनास
[स. सांख्यिकी अधिकारी 27.05.2019]
कूट :
(A) (B) (C) (D)
(iii) (i) (ii) (iv)
(i) (iv) (ii) (iii)
(iii) (i) (iv) (ii)
(iii) (ii) (i) (iv)
🔹 व्याख्या:
👉 चम्बल नदी की सहायक नदियों में वापणी (ब्राह्मणी) शामिल है।
👉 लूनी नदी की सहायक नदियों में बांडी एक प्रमुख सहायक है।
👉 माही नदी की सहायक नदियों में अनास प्रमुख है।
👉 बनास नदी की सहायक नदियों में मानसी शामिल है।
निम्न में से कौन सी झील में रूपनगढ़, मेन्ढा एवं खंडेला नदियाँ अपना पानी प्रवाहित करती हैं ?
[सहायक कृषि अधिकारी 31.05.2019]
सांभर झील
डीडवाना झील
फलौदी झील
पचभदरा झील
🔹 व्याख्या:
👉 रूपनगढ़, मेढ़ा एवं खंडेला नदियाँ, राजस्थान की प्रमुख खारी झील — सांभर झील में अपना जल प्रवाहित करती हैं।
👉 सांभर झील, जयपुर जिले में स्थित है और यह भारत की सबसे बड़ी खारे पानी की झील है।
👉 यह झील मुख्यतः अंतःप्रवाही अपवाह क्षेत्र का भाग है।
सोम एक सहायक नदी है
[वरिष्ठ अध्यापक 28.10.2018]
बनास की
माही की
साबरमती की
लूनी की
🔹 व्याख्या:
👉 सोम नदी राजस्थान के उदयपुर जिले की ऋषभदेव तहसील के पास बाबलवाड़ा के जंगलों में स्थित बिच्छामेढ़ा (या बीछामेड़ा) की पहाड़ियों से निकलती है। यह मुख्य रूप से माही नदी की एक प्रमुख सहायक नदी है।
यदि आप लूनी नदी के किनारे इसके उद्गम से अंत तक की यात्रा करते हैं तो आप इसकी सहायक नदियों को किस क्रम में पायेंगें ?
(a) सूकड़ी (b) बांडी
(c) जवाई (d) गुहिया
नीचे दिए गए कूट का उपयोग करके सही क्रम वाले उत्तर को चुनिए
[वरिष्ठ अध्यापक (Spl Edu) 07.02.2018]
b, d, c, a
a, c, d, b
d, b, a, c
a, b, c, d
🔹 व्याख्या:
👉 लूनी नदी का उद्गम अजमेर के नाग पहाड़ से होता है और यह पाली, जोधपुर, बाड़मेर, जालौर जिलों से होकर कच्छ के रण में गिरती है।
👉 इसकी सहायक नदियाँ क्रमशः इस प्रकार मिलती हैं —
(d) गुहिया, फिर (b) बांडी, फिर (a) सूकड़ी, और अंत में (c) जवाई।
👉 अतः सही क्रम है — d, b, a, c।
कौनसी नदी अरब सागर में गिरती है
[सहायक कृषि अधिकारी 27.08.2022]
बनास नदी
गंभीरी नदी
चम्बल नदी
लूनी नदी
🔹 व्याख्या:
👉 लूनी नदी, राजस्थान की प्रमुख नदी है जो मरुस्थलीय क्षेत्रों से होकर बहती है।
👉 यह नदी अंततः कच्छ के रण में गिरती है, जो अरब सागर तंत्र का भाग माना जाता है।
👉 इसका जल केवल वर्षा ऋतु में प्रवाहित होता है और कई सहायक नदियाँ इसमें मिलती हैं।
निम्नलिखित में से कौन सी नदी जालौर जिले में नहीं बहती है ?
[सहायक कृषि अधिकारी 27.08.2022]
सूकड़ी
लूनी
मेनाली
बांडी
🔹 व्याख्या:
👉 मेनाली नदी, बनास नदी की सहायक है और यह मुख्यतः चित्तौड़गढ़ व भीलवाड़ा जिलों में बहती है।
👉 जबकि लूनी नदी की सहायक नदियाँ — जैसे जवाई, सुखड़ी आदि जालौर जिले में प्रवाहित होती हैं।
👉 अतः मेनाली नदी, जालौर जिले में नहीं बहती।
निम्नलिखित में से कौन सी एक बनास नदी की सहायक नहीं है ?
[वरिष्ठ अध्यापक 17.02.2019]
मोरेल
मानसी
कोठारी
पार्वती
🔹 व्याख्या:
👉 कोठारी, मोरेल और मानसी — ये सभी बनास नदी की सहायक नदियाँ हैं।
👉 जबकि पार्वती नदी, चम्बल नदी की सहायक है, जो मध्यप्रदेश से निकलकर राजस्थान में मिलती है।
👉 अतः पार्वती नदी, बनास की सहायक नहीं है।
निम्नलिखित में से कौनसी बनास नदी की सहायक नदी नहीं है ?
[सहायक कृषि अधिकारी 25.04.2018]
मोरेल
पार्वती
कोठारी
मांसी
🔹 व्याख्या:
👉 बनास नदी की प्रमुख सहायक नदियाँ हैं — बेड़च, कोठारी, खारी, मैनाल, बाण्डी, मानसी, धुन्ध और मोरेल।
👉 पार्वती नदी चम्बल नदी की सहायक है, जो बारां और सवाई माधोपुर जिलों में प्रवाहित होती है।
👉 अतः पार्वती नदी, बनास की सहायक नहीं है।
निम्नलिखित विशेषताएं किस नदी की हैं?
-इसका उद्गम कुम्भलगढ़ किले के निकट अरावली पहाड़ियों से है ।
-यह नदी मेवाड़ के मैदान के मध्य से गुजरती है।
-बेडच, कोठारी व मोरेल इसकी सहायक नदियाँ हैं ।
[RAS Pre. 27.10.2021]
माही
चम्बल
बनास
लूनी
🔹 व्याख्या:
👉 यह नदी बनास नदी है, जिसका उद्गम अरावली की खमनोर पहाड़ियों से होता है, जो कुम्भलगढ़ के निकट हैं।
👉 यह नदी मेवाड़ के मैदानों से होकर बहती है और इसका सम्पूर्ण प्रवाह राजस्थान में ही होता है।
👉 इसकी प्रमुख सहायक नदियाँ हैं — बेड़च, कोठारी, खारी, मैनाल, मोरेल आदि।
👉 इसे "वन की आशा" भी कहा जाता है।
निम्लिखित में से कौनसी नदी बंगाल की खाड़ी के नदी तंत्र का भाग नहीं हैं|
[सहायक कृषि अधिकारी 25.04.2018]
बनास
गंभीरी
चम्बल
पश्चिमी बनास
🔹 व्याख्या:
👉 पश्चिमी बनास नदी अरावली की पश्चिमी ढलानों से निकलकर सिरोही जिले में प्रवाहित होती है।
👉 यह नदी अंततः कच्छ के रन में समाहित हो जाती है, इसलिए यह अरब सागर अपवाह तंत्र का भाग है।
👉 अतः यह बंगाल की खाड़ी के नदी तंत्र का भाग नहीं है।
राजस्थान की वह कौनसी एकमात्र नदी है, जो कर्क रेखा को दो बार पार करती है
वरिष्ठ अध्यापक 2010 पेपर -I GK (हिन्दी)
काली सिंध
बनास
लूणी
माही
🔹 व्याख्या:
👉 माही नदी राजस्थान की एकमात्र नदी है जो कर्क रेखा को दो बार पार करती है।
👉 यह नदी मध्यप्रदेश के महू क्षेत्र से निकलकर राजस्थान के बाँसवाड़ा व डूंगरपुर जिलों से होकर गुजरती है।
👉 अंत में यह अरब सागर की खंभात की खाड़ी में गिरती है।
निम्नलिखित में से कौनसी नदी राजस्थान में अंतर्देशीय जल निकासी से संबंधित नहीं है ?
[स्कूल व्याख्याता 20.10.2022]
साहिबी
हकरा
रुपारेल
सागी
🔹 व्याख्या:
👉 साबी नदी (जिसे साहिबी नदी भी कहा जाता है) राजस्थान के उत्तरी भाग में बहने वाली एक महत्वपूर्ण और प्रमुख वर्षा आधारित मौसमी नदी है। यह नदी राजस्थान से शुरू होकर हरियाणा और दिल्ली तक अपना जल ले जाती है।साबी नदी का उद्गम और प्रवाह क्षेत्र (Origin): यह नदी राजस्थान के नीम का थाना या जयपुर ग्रामीण (पहले जयपुर) जिले के शाहपुरा क्षेत्र में स्थित सेवर की पहाड़ियों से निकलती है।
निम्नांकित में से कौनसा युग्म सुमेलित नहीं है ?
[सहायक कृषि अधिकारी 28.08.2022]
नदी - सहायक नदी
बनास - कोठारी
साबरमती - मोरेन
माही - सोम
लूनी - बाण्डी
🔹 व्याख्या:
👉 माही – सोम, बनास – कोठारी, और लूनी – बाण्डी — ये सभी युग्म सही सुमेलित हैं।
👉 जबकि मोरेन नदी, माही की सहायक नदी है, न कि साबरमती की।
मोरेन (मोरन) नदी माही नदी की एक प्रमुख सहायक नदी है। यह मुख्य रूप से राजस्थान के दक्षिणी क्षेत्र में माही नदी तंत्र का हिस्सा है।
👉 अतः "साबरमती – मोरेन" युग्म सही सुमेलित नहीं है।
अपवाह बेसिनों का उत्तर से दक्षिण सही क्रम है
[सहायक कृषि अधिकारी 31.05.2019]
बाणगंगा - साबी - बेड़च - सोम
साबी - बेड़च - सोम - पश्चिमी बनास
बनास - पश्चिमी बनास - सोम - बेड़च
साबी - बाणगंगा - बेड़च - सोम
🔹 व्याख्या:
👉 साबी नदी उत्तर राजस्थान (जयपुर की सेवर पहाड़ियों) से निकलती है और हरियाणा की ओर जाती है।
👉 बाणगंगा नदी जयपुर की बैराठ पहाड़ियों से निकलकर सवाई माधोपुर और भरतपुर तक जाती है।
👉 बेड़च नदी उदयपुर के गोगुन्दा की पहाड़ियों से निकलकर चित्तौड़गढ़ जिले से बहती है।
👉 सोम नदी माही की सहायक नदी है, जो डूंगरपुर-बाँसवाड़ा के दक्षिणी क्षेत्र से जुड़ी है।
👉 अतः उत्तर से दक्षिण की दिशा में सही क्रम होगा — साबी → बाणगंगा → बेड़च → सोम।
निम्न में से कौन सी नदियाँ कच्छ के रण में गिरती हैं ?
[सांख्यिकी अधिकारी 25.02.2024]
पश्चिमी बनास और लूनी
माही और लूनी
साबरमती और लूनी
माही और पश्चिमी बनास
🔹 व्याख्या:
👉 लूनी नदी अजमेर से निकलकर जोधपुर, बाड़मेर, जालौर से होती हुई अंततः कच्छ के रण में गिरती है।
👉 पश्चिमी बनास नदी भी अरावली की पश्चिमी ढलानों से निकलकर सिरोही जिले में प्रवाहित होती हुई कच्छ के रण में समाहित हो जाती है।
👉 अतः दोनों नदियाँ — लूनी और पश्चिमी बनास, कच्छ के रण में गिरती हैं।
जाखम नदी एक सहायक नदी है
[कृषि अधिकारी 29.08.2022]
सोम की
काली सिन्ध की
अनास की
बाणगंगा की
🔹 व्याख्या:
👉 सोम नदी राजस्थान के उदयपुर जिले में ऋषभदेव के पास बाबलवाड़ा के जंगलों में बिच्छामेड़ा की पहाड़ियों से निकलती है। यह नदी दक्षिण-पूर्व की ओर बहती हुई डूंगरपुर में माही नदी में मिल जाती है।नदी का:उद्गम स्थल: उदयपुर ज़िले की बिच्छामेड़ा की पहाड़ियाँ।संगम: डूंगरपुर जिले के नवाटापुरा (बेणेश्वर) नामक स्थान पर यह सोम, माही और जाखम नदियों के प्रसिद्ध त्रिवेणी संगम का निर्माण करती है। इसी स्थान पर प्रसिद्ध बणेश्वर धाम स्थित है।सहायक नदी: यह माही नदी की एक प्रमुख सहायक नदी है।
कौन सी नदी अन्त: प्रवाहित नदी नहीं है ?
सहायक आचार्य [24.04.2016]
काकानी
ख़ारी
काँतली
साबी
🔹 व्याख्या:
👉 साबी, कांतली और काकनी — ये सभी अंतःप्रवाहित नदियाँ हैं जो कुछ दूरी तक बहने के बाद रेत या भूमि में विलुप्त हो जाती हैं।
👉 जबकि खारी नदी, बनास की सहायक नदी है और अंततः बनास के माध्यम से चम्बल में मिलती है।
👉 इसलिए खारी नदी अंतःप्रवाहित नहीं है।
सूची-I को सूची-II से सुमेलित कीजिए एवं सूचियों के नीचे दिए गए कूट का उपयोग कर सही उत्तर चुनिए :
सूची-I सूची-II
(नदी) (सहायक नदी)
A. चम्बल i. सोम
B. बनास ii. सुकड़ी
C. लूनी iii. खारी
D. माही iv. पार्वती
[PTI GRADE -II & III (RPSC) 2013]
कूट :
A B C D
iii ii i iv
i iii ii iv
ii iv iii i
iv iii ii i
🔹 व्याख्या:
👉 A. चम्बल की सहायक नदी है — पार्वती (iv)
👉 B. बनास की सहायक नदी है — खारी (iii)
👉 C. लूनी की सहायक नदी है — सुकड़ी (ii)
👉 D. माही की सहायक नदी है — सोम (i)
👉 अतः सही क्रम है — iv, iii, ii, i
निम्नलिखित में से राजस्थान के कौनसे जिलों में नदी नहीं है?
वरिष्ठ अध्यापक 2010 पेपर -I GK (ENG)
बीकानेर व चुरू
श्रीगंगानगर व हनुमानगढ़
बाड़मेर व जालौर
जैसलमेर व जोधपुर
🔹 व्याख्या:
👉 बीकानेर और चुरू जिले ऐसे क्षेत्र हैं जहाँ स्थायी नदियाँ नहीं बहतीं, ये क्षेत्र अत्यंत शुष्क और रेगिस्तानी हैं।
👉 जबकि श्रीगंगानगर व हनुमानगढ़ से घग्घर नदी, जैसलमेर से काकनी, और जालौर-बाड़मेर से लूनी नदी बहती है।
👉 अतः बीकानेर व चुरू जिले ऐसे हैं जहाँ कोई प्रमुख नदी नहीं बहती।
निम्नलिखित को सुमेलित कीजिए :
नदी उद्गम स्थल
A. साबी i. सेवर पहाड़ियाँ
B. काकनी ii. बैराठ पहाड़ियाँ
C. बाणगंगा iii.खण्डेला पहाड़ियाँ
D. कांतली iv. कोटड़ी गाँव
[वरिष्ठ अध्यापक 26.04.2017]
कूट :
A B C D
i iv ii iii
iv i ii iii
i ii iii iv
iii ii iv i
🔹 व्याख्या:
👉 A. साबी — उद्गम: सेवर पहाड़ियाँ (i)
👉 B. काकनी — उद्गम: कोटड़ी गाँव (iv)
👉 C. बाणगंगा — उद्गम: बैराठ पहाड़ियाँ (ii)
👉 D. कांतली — उद्गम: खंडेला पहाड़ियाँ (iii)
👉 अतः सही मिलान क्रम है — i, iv, ii, iii
निम्नलिखित में से कौन सा सही युग्म नहीं है ?
[वरिष्ठ अध्यापक 01.05.2017]
नदी सहायक
साबरमती - वाकल
कालीसिंध - निवाज
माही - चाप
बनास - सागी
🔹 व्याख्या:
👉 कालीसिंध – निवाज, माही – चाप, और साबरमती – वाकल — ये सभी युग्म सही सुमेलित हैं।
👉 जबकि सागी नदी, लूनी नदी की सहायक है, न कि बनास की।
👉 अतः बनास – सागी युग्म सही सुमेलित नहीं है।
चम्बल नदी का जल - अपवाह क्षेत्र राजस्थान में कितने प्रतिशत में है ?
[सहायक कृषि अधिकारी 27.08.2022]
21.10%
22.70%
19.10%
20.90%
🔹 व्याख्या:
👉 चम्बल नदी प्रणाली का जलग्रहण क्षेत्र राजस्थान में 29,110 वर्ग किमी में फैला हुआ है।
👉 यह राज्य के कुल जलग्रहण क्षेत्र का 17.18% है।
👉 अतः 20.90% नहीं, बल्कि सही आँकड़ा 17.18% है।
निम्नलिखित में से किस नदी को 'वराह' या 'लासवारी' के नाम से भी जाना जाता है ?
[सहायक आचार्य परीक्षा 08.09.2024]
साबरमती
कांतली
रूपारेल
सोम
🔹 व्याख्या:
👉 वराह या लासवारी राजस्थान की रूपारेल नदी को कहा जाता है।यह एक आंतरिक प्रवाह की मौसमी नदी है, जो मुख्य रूप से राजस्थान के अलवर और भरतपुर जिलों में बहती है। 2. उद्गम (Origin): अलवर जिले की थानागाजी तहसील में स्थित उदयनाथ की पहाड़ियाँ।अन्य नाम: इसे स्थानीय स्तर पर 'वराह' और 'लासवारी' के नाम से भी पुकारा जाता है।समापन (Ending): यह नदी अलवर से बहती हुई भरतपुर में प्रवेश करती है और अंततः भरतपुर के कुशालगढ़ के पास विलुप्त हो जाती है।
प्रमुख बाँध: इस नदी पर भरतपुर जिले में सीकरी बाँध (या सीकरी बंध) और मारेहरा बाँध बने हुए हैं।
राजस्थान में बहने वाली नदी एवं उसके सम्बद्ध प्रवाह क्षेत्र के सम्बन्ध में निम्नलिखित में से कौन - सा युग्म सही नहीं है ?
[PTI Grade -II (RPSC) 2011]
नदी - प्रवाह क्षेत्र
माही - डूंगरपुर
कालीसिंघ - झालावाड़
पार्वती - बाँसवाड़ा
लूनी - जोधपुर
🔹 व्याख्या:
👉 कालीसिंध नदी का प्रवाह झालावाड़ और बारां जिलों में होता है — यह युग्म सही है।
👉 माही नदी का प्रवाह बाँसवाड़ा और डूंगरपुर में होता है — यह युग्म भी सही है।
👉 लूनी नदी का प्रवाह जोधपुर, पाली, बाड़मेर, जालौर में होता है — यह भी सही है।
👉 जबकि पार्वती नदी का प्रवाह बारां व सवाई माधोपुर जिलों में होता है, बाँसवाड़ा नहीं — अतः यह युग्म सही नहीं है।
राजस्थान की निम्नलिखित नदियों को उनकी सहायक नदियों से सुमेलित कीजिए :
(मुख्य नदी) (सहायक नदियाँ)
(i) चम्बल (a) खारी, बांडी
(ii) माही (b) सिवान, परवन
(iii) साबरमती (c) अनास, चाप
(iv) बनास (d) वाकल, हथमति
[वरिष्ठ अध्यापक 12.02.2023]
कूट :
(i) (ii) (iii) (iv)
(a) (b) (c) (d)
(b) (c) (d) (a)
(d) (c) (b) (a)
(c) (d) (a) (b)
🔹 व्याख्या:
👉 (i) चम्बल नदी की सहायक नदियाँ हैं — सिवान, परवन।
👉 (ii) माही नदी की सहायक नदियाँ हैं — अनास, चाप।
👉 (iii) साबरमती नदी की सहायक नदियाँ हैं — वाकल, हथमती।
👉 (iv) बनास नदी की सहायक नदियाँ हैं — खारी, बाण्डी।
👉 अतः सही मिलान क्रम होगा — (b), (c), (d), (a)।
निम्नलिखित में से कौनसी नदियों का उद्गम राजस्थान से नहीं हुआ है ?
(A) चम्बल (B) पश्चिमी बनास
(C) माही (D) साबरमती
[स्कूल व्याख्याता 17.10.2022]
A, C एवं D
A, B एवं C
A एवं C
A, B एवं D
🔹 व्याख्या:
👉 चम्बल नदी का उद्गम मध्यप्रदेश के जनापाव पहाड़ी से होता है और यह राजस्थान में कोटा के पास प्रवेश करती है।
👉 माही नदी भी मध्यप्रदेश के महू क्षेत्र से निकलती है और फिर राजस्थान में बहती है।
👉 साबरमती नदी का उद्गम उदयपुर के दक्षिण-पश्चिम भाग से होता है, जबकि
👉 पश्चिमी बनास नदी का स्रोत अरावली की पश्चिमी ढालों से है — जो राजस्थान में है।
👉 अतः (A) चम्बल और (C) माही का उद्गम राजस्थान से नहीं हुआ है।
निम्नलिखित में से कौन सी नदी अरब - सागरीय नदी तन्त्र का भाग है ?
[कृषि अधिकारी 24.11.2020]
काली-सिंध
बनास
पश्चिमी बनास
चम्बल
🔹 व्याख्या:
👉 राजस्थान के कुल अपवाह तंत्र का लगभग 16% भाग अरब सागरीय नदी तंत्र के अंतर्गत आता है。इस तंत्र की नदियाँ अपना जल या तो सीधे अरब सागर (खंभात की खाड़ी/कच्छ की खाड़ी) में ले जाती हैं या कच्छ के रण में विलुप्त हो जाती हैं इसमें प्रमुख नदिया जैसे लुंनी नदी, साबरमती, माही,पश्चिम बनास
निम्नलिखित में से कौन सा एक सुमेलित नहीं है ?
सहायक आचार्य [22.09.2021]
नदी - उदगम स्थल
कान्तली - खण्डेला पहाड़ियाँ
सोम - बीछामेड़ा
साबी - सेवर पहाड़ियाँ
बाणगंगा - खमनौर पहाड़ियाँ
🔹 व्याख्या:
👉 इसे 'अर्जुन की गंगा' (मान्यता है कि अर्जुन ने तीर मारकर इस नदी को निकाला था) और 'रूण्डित नदी' (ऐसी नदी जो मुख्य नदी में मिलने से पहले ही समाप्त हो जाए) भी कहा जाता है।
निम्नलिखित में से कौन सी नदी राजस्थान में सबसे बड़ा नदी बेसिन क्षेत्र बनाती है ?
[स्कूल व्याख्याता 15.10.2022]
माही
लूनी
बनास
चम्बल
🔹 व्याख्या:
👉 बनास नदी प्रणाली राजस्थान में सबसे बड़े जलग्रहण क्षेत्र वाली नदी प्रणाली है।
👉 इसका जलग्रहण क्षेत्र 46,570 वर्ग किमी है, जो कुल का 27.48% है।
👉 यह नदी राजस्थान में ही उत्पन्न होकर यहीं बहती है और अंत में चम्बल में मिलती है।
बिगोद, जिला भीलवाड़ा में किन तीन नदियों का संगम स्थित है ?
[स्कूल व्याख्याता 15.11.2022]
बनास - मेनाल - डाई
बनास - बेड़च - मेनाल
बेड़च मेनाल - खारी
बनास - डाई - खारी
🔹 व्याख्या:
👉 बिगोद (भीलवाड़ा) में बनास, बेड़च और मैनाल नदियों का संगम होता है, जिसे त्रिवेणी संगम कहा जाता है।
👉 बेड़च नदी, उदयपुर से निकलकर, और मैनाल नदी चित्तौड़गढ़ से बहते हुए यहाँ बनास में मिलती हैं।
👉 यह स्थल धार्मिक दृष्टि से भी महत्त्वपूर्ण माना जाता है।
तालिका-I में दिये गये राजस्थान की नदियों के साथ तालिका-II में वर्णित (उनके उद्गम स्थल) को सुमेलित करते हुए सही कूट को चयनित कीजिए :
तालिका-I तालिका-II
(नदियाँ) (उद्गम स्थल)
A. घग्घर (i) खमनोर की पहाड़ियाँ
B. मांही (ii) जानापाव की पहाड़ियाँ
C. चम्बल (iii) मेहन्द झील
D. बनास (iv) शिवालिक की पहाड़ियाँ
[PTI Grade -II (RPSC) 30.04.2023]
कूट :
A B C D
(i) (ii) (iii) (iv)
(iv) (iii) (ii) (i)
(ii) (iv) (i) (iii)
(i) (ii) (iii) (iv)
🔹 व्याख्या:
👉 A. घग्घर — उद्गम: शिवालिक की पहाड़ियाँ (iv)
👉 B. माही — उद्गम: मेहन्द झील है (iii)
👉 C. चम्बल — उद्गम: जानापाव की पहाड़ियाँ (ii)
👉 D. बनास — उद्गम: खमनोर की पहाड़ियाँ (i)
लूनी नदी के प्रदूषण का प्रमुख स्रोत क्या है ?
[वरिष्ठ अध्यापक 01.05.2017]
इन्जीनियरिंग उद्योग
हैन्डी क्राफ्ट उद्योग
ग्वार गम उद्योग
रंगाई - छपाई उद्योग
🔹 व्याख्या:
👉 लूनी नदी राजस्थान की प्रमुख मरुस्थलीय नदी है, जिसका उद्गम अजमेर के नाग पहाड़ से होता है।
👉 लूनी नदी के प्रदूषण का प्रमुख स्रोत रंगाई - छपाई उद्योग है।
👉 यह नदी पाली, जोधपुर, बाड़मेर और जालौर जिलों से होकर बहती है और अंत में कच्छ के रण में लीन हो जाती है।
👉 इसकी प्रमुख सहायक नदियाँ हैं — जवाई, मीठड़ी, लीलड़ी, सुखड़ी, सागी, बाड़ी आदि।
निम्न में से कौन सुमेलित नहीं है ?
[वरिष्ठ अध्यापक 31.10.2018]
नदी - सहायक नदी
गम्भीरी - मेशवा
काली सिंध - परवन
माही - जाखम
साबरमती - माजम
🔹 व्याख्या:
👉 गम्भीरी नदी, बेड़च नदी में मिलती है, जबकि मेशवा नदी, साबरमती की सहायक है — अतः यह युग्म ग़लत है।
👉 माही – जाखम, कालीसिंध – परवन, और साबरमती – माजम — ये सभी युग्म सही सुमेलित हैं।
👉 इसलिए सही उत्तर है — गम्भीरी – मेशवा सुमेलित नहीं है।
बहिड स्थलाकृति निम्नलिखित में से किस नदी से संबंधित है ?
[कृषि अधिकारी 24.11.2020]
माही
चंबल
घग्गर
लूनी
🔹 व्याख्या:
👉 चंबल नदी का उद्गम मध्य प्रदेश में इंदौर के पास महू के निकट विंध्याचल पर्वतमाला की जनापाव पहाड़ियों (सिंगार चोरी चोटी) से होता है।यह नदी राजस्थान में चित्तौड़गढ़ जिले के चौरासीगढ़ (Chaurasigarh) के समीप प्रवेश करती है और राज्य की सबसे बड़ी बारहमासी नदी है।राजस्थान में चंबल नदी से जुड़े मुख्य बिंदु:प्रवेश द्वार: चौरासीगढ़, चित्तौड़गढ़।जलप्रपात: चित्तौड़गढ़ में भैंसरोडगढ़ के पास चूलिया जलप्रपात (राजस्थान का सबसे ऊंचा जलप्रपात) इसी नदी पर स्थित है।प्रमुख बांध और परियोजनाएं: राजस्थान में इस नदी पर राणा प्रताप सागर (चित्तौड़गढ़), जवाहर सागर (कोटा), और कोटा बैराज (कोटा) बने हैं।बहाव क्षेत्र: यह नदी चित्तौड़गढ़, कोटा, बूंदी, सवाई माधोपुर, करौली और धौलपुर जिलों से होकर बहती है।यहाँ यह क्षेत्र मुख्य रूप से धौलपुर, करौली, और सवाई माधोपुर जिलों में चंबल नदी के किनारे-किनारे फैला हुआ है। सर्वाधिक बीहड़ भूमि राजस्थान के धौलपुर जिले में पाई जाती है。
नदी, जिसका अपवाह क्षेत्र सर्वाधिक है -
[व्याख्याता (आयुर्वेद) 11.11.2021]
जवाई
सुकड़ी तथा खारी
बनास
साबरमती
🔹 व्याख्या:
👉 बनास नदी का अपवाह क्षेत्र सर्वाधिक है, जो 46,570 वर्ग किमी में फैला हुआ है।
👉 यह राजस्थान की प्रमुख नदी प्रणाली है, जिसका 27.48% जलग्रहण क्षेत्र है।
👉 इसकी प्रमुख सहायक नदियाँ हैं — बेड़च, कोठारी, खारी, मोरेल आदि।
वह कौन सी नदी है जो अरावली के पश्चिमी ढालों से निकल कर, सिरोही के कुछ क्षेत्रों से बहते हुए कच्छ की खाड़ी में लीन हो जाती है ?
साबरमती
माही
पश्चिम बनास
मोरेन
🔹 व्याख्या:
👉 पश्चिमी बनास नदी अरावली पर्वतमाला की पश्चिमी ढालों से निकलती है।
👉 यह नदी सिरोही जिले से होकर बहती है और अंततः कच्छ के रण में लीन हो जाती है।
👉 यह नदी अंतः प्रवाहित नहीं, बल्कि अरब सागर अपवाह तंत्र से संबंधित है।
निम्नलिखित में से कौन सा राजस्थान के दक्षिणतम भाग में अवस्थित है ?
[स. सांख्यिकी अधिकारी 27.05.2019]
दक्षिणी अरावली
बनास बेसिन
माही बेसिन
लूनी बेसिन
🔹 व्याख्या:
👉 माही नदी का प्रवाह राजस्थान के दक्षिणी जिलों — बाँसवाड़ा, डूंगरपुर, चित्तौड़गढ़ में होता है।
👉 यह नदी मध्य प्रदेश से निकलकर राजस्थान के दक्षिणतम भाग से गुजरती है और गुजरात के खम्भात की खाड़ी में गिरती है।
👉 अतः माही बेसिन, राजस्थान के दक्षिणतम भाग में स्थित है।
अनास, एराव व सोम जिस नदी की सहायक नदियाँ हैं ; वह है :
सहायक आचार्य [24.04.2016]
माही
काली सिंध
बनास
साबरमती
🔹 व्याख्या:
- यह भारत की एकमात्र ऐसी नदी है जो कर्क रेखा को दो बार काटती है।
- उद्गम: यह नदी मध्य प्रदेश के धार जिले में विंध्याचल की पहाड़ियों (मेहद झील) से निकलती है।प्रवेश: राजस्थान में यह बांसवाड़ा जिले के खांदू गांव से प्रवेश करती है।जिले: यह बांसवाड़ा, प्रतापगढ़ और डूंगरपुर जिलों में बहने के बाद गुजरात में प्रवेश करती है और अंत में अरब सागर (खंभात की खाड़ी) में गिर जाती है।लंबाई: नदी की कुल लंबाई लगभग 576 किमी है, जिसमें से राजस्थान में इसकी लंबाई 171 किमी है।
- त्रिवेणी संगम: डूंगरपुर के नवाटापारा (बनेश्वर) में माही, सोम और जाखम नदियों का प्रसिद्ध त्रिवेणी संगम बनता है।उपनाम: इसे स्थानीय स्तर पर 'आदिवासियों की गंगा', 'वागड़ की गंगा' और 'दक्षिण की राजस्थान की गंगा' भी कहा जाता है।प्रमुख बाँध एवं परियोजनाएँ:माही बजाज सागर बाँध: यह बांसवाड़ा में स्थित है और राजस्थान का सबसे लंबा बाँध (3109 मीटर) है।कगदी पिकअप बाँध: यह भी बांसवाड़ा में स्थित है।कड़ाना बाँध: यह गुजरात राज्य में स्थित है।
निम्न में से कौन सी नदी राजस्थान के आंतरिक अपवाह तंत्र से संबद्ध नहीं है
[वरिष्ठ अध्यापक 19.02.2019]
मेंढ़ा
खांडेल
रूपनगढ़
मित्री
🔹 व्याख्या:
👉 रूपनगढ़, मेढ़ा और खांडेल — ये तीनों नदियाँ सांभर झील में गिरती हैं, जो एक आंतरिक अपवाह तंत्र का हिस्सा है।
👉 जबकि मित्री नदी का आंतरिक अपवाह तंत्र से संबद्ध नहीं माना गया है।
👉 इसलिए सही उत्तर है — मित्री नदी।
सूची-I को सूची-II से मिलाइए तथा नीचे दिए गए कूट का उपयोग करते हुए सही उत्तर का चयन कीजिए।
सूची-I नदी - सूची-II उत्पत्ति स्थान
(A) साबी - (i) गोगुन्दा की पहाड़ियाँ
(B) बेड़च - (ii) सेवर की पहाड़ियाँ
(C) कांतली - (iii) दिवेर
(D) कोठारी - (iv) खण्डेला की पहाड़ियाँ
[व्याख्याता (आयुर्वेद) 13.11.2021]
कूट -
(A) (B) (C) (D)
ii iv i iii
iii iv i ii
iv i ii iii
ii i iv iii
🔹 व्याख्या:
👉 (A) साबी — उद्गम: सेवर की पहाड़ियाँ (ii)
👉 (B) बेड़च — उद्गम: गोगुन्दा की पहाड़ियाँ (i)
👉 (C) कांतली — उद्गम: खंडेला की पहाड़ियाँ (iv)
👉 (D) कोठारी — उद्गम: दिवेर (iii) (राजसमंद जिले का उत्तरी भाग)
👉 अतः सही क्रम है — ii, i, iv, iii
कौनसी चम्बल नदी की सहायक नदी है ?
[स्कूल व्याख्याता 20.10.2022]
माही
जाखम
जवाई
काली सिन्ध
🔹 व्याख्या:
👉 काली सिंध नदी, चम्बल नदी की प्रमुख सहायक नदी है, जो देवास (मध्यप्रदेश) से निकलती है।
👉 यह झालावाड़ और बारां जिलों से बहती हुई नानेरा के पास चम्बल में मिलती है।
👉 इसकी सहायक नदियाँ हैं — परवन, उजाड़, निवाज और आहू।
राजस्थान राज्य में किस नदी का अपवाह क्षेत्र न्यूनतम है ? [*]
[RAS Pre. 31.10.2015]
वाकल
माही
पश्चिमी बनास
साबरमती
📌 महत्वपूर्ण सूचना: इस प्रश्न को बोर्ड द्वारा 'डिलीट' या अमान्य घोषित किया गया है।
लूनी नदी के जल प्रदूषण का मुख्य कारण है
[कृषि अधिकारी 19.01.2021]
रंगाई एवं छपाई उद्योग
सीमेन्ट उद्योग
चर्म उद्योग
कीटनाशक उद्योग
🔹 व्याख्या:
👉 यह अजमेर के निकट अरावली की नाग पहाड़ियों से निकलती है। शुरुआत में इसे 'सागरमती' कहा जाता है और गोविंदगढ़ में सरस्वती नदी (पुष्कर झील से) मिलने के बाद यह 'लूणी' कहलाती है。अपवाह क्षेत्र (Flow Area): यह नदी अजमेर, नागौर, पाली, जोधपुर, बाड़मेर और जालौर जिलों से होकर बहती है। इसके प्रवाह क्षेत्र (Basin) को 'गोड़वाड़ प्रदेश' भी कहा जाता है。खारे पानी का रहस्य: बालोतरा (बाड़मेर) तक इस नदी का पानी मीठा रहता है, लेकिन इसके आगे की मिट्टी में लवणता (नमक) अधिक होने के कारण इसका पानी खारा हो जाता है。सहायक नदियाँ: इसकी प्रमुख सहायक नदियाँ लीलड़ी, सूकड़ी, बांडी, मीठड़ी, जवाई और सागी हैं。 जोजरी एकमात्र ऐसी सहायक नदी है जो इसके दाईं ओर से आकर मिलती है。उपनाम: संस्कृत में इसे 'लवणवती' (खारे पानी की नदी) कहा जाता है।
निम्नलिखित में से कौनसी नदी बेसिन राजस्थान के पूर्वी मैदान का भाग नहीं है ?
[कृषि अधिकारी 30.08.2022]
बनास बेसिन
माही बेसिन
चंबल बेसिन
जवाई बेसिन
🔹 व्याख्या:
👉 जवाई नदी, लूनी नदी की सहायक नदी है और इसका प्रवाह क्षेत्र पाली और जालौर जिलों में स्थित है।
👉 यह क्षेत्र राजस्थान के पश्चिमी भाग में आता है, न कि पूर्वी मैदान में।
👉 अतः जवाई बेसिन, राजस्थान के पूर्वी मैदान का भाग नहीं है।
छप्पन मैदान भाग है
[कृषि अधिकारी 19.01.2021]
चंबल बेसिन का
लूनी बेसिन का
माही बेसिन का
बनास बेसिन का
🔹 व्याख्या:
👉 छप्पन का मैदान राजस्थान के बाँसवाड़ा जिले में स्थित है, जो एक ऊबड़-खाबड़ और जल अपवाहित क्षेत्र है।
👉 यह क्षेत्र मुख्यतः माही नदी बेसिन का भाग है, जिसमें इसकी सहायक नदियाँ — सोम, जाखम, अनास आदि प्रवाहित होती हैं।
सूची- I को सूची- II से सुमेलित कीजिए तथा नीचे दिये गये कूटों की सहायता से सही उत्तर का चयन कीजिये ?
सूची-I (नदी) सूची-II (उद्गम स्थल)
(A). बेडच (i). खमनौर पहाड़ियाँ
(B). बाणगंगा (ii). विंध्यन श्रृंखला
(C). पार्वती (iii). गोगुंदा पहाड़ियाँ
(D). बनास (iv). बैराठ पहाड़ियाँ
[सहायक कृषि अधिकारी 29.04.2018]
कूट:
A B C D (iii) (iv) (ii) (i)
A B C D (iv) (iii) (ii) (i)
A B C D (i) (ii) (iii) (iv)
A B C D (ii) (i) (iii) (iv)
🔹 व्याख्या:
👉 बेडच नदी का उद्गम गोगुंदा की पहाड़ियों से होता है, जो उदयपुर के निकट हैं।
👉 बाणगंगा नदी की उत्पत्ति जयपुर जिले की बैराठ पहाड़ियों से होती है।
👉 पार्वती नदी मध्यप्रदेश के सिहोर के पास विंध्यन पर्वतमाला से निकलती है।
👉 बनास नदी का स्रोत अरावली की खमनौर पहाड़ियों में स्थित है।
👉 अतः सही सुमेलन होगा —
A–(iii), B–(iv), C–(ii), D–(i)
राजस्थान राज्य में ही पूर्णतः बहनेवाली सबसे लम्बी नदी है :
[PTI Grade -II (RPSC) 2011]
चम्बल
बनास
लूनी
माही
🔹 व्याख्या:
👉 बनास नदी राजस्थान की सबसे लम्बी पूर्णतः राज्य के भीतर बहने वाली नदी है।
👉 इसकी कुल लंबाई लगभग 480 कि.मी. है और यह पूरी तरह राजस्थान में ही प्रवाहित होती है।
👉 अंत में यह कोटा के पास चम्बल नदी में मिल जाती है।
एक नदी के बारे में निम्नलिखित तथ्यों को पढ़िए:
(A) यह कोटडा (उदयपुर) से उद्गमित होती है ।
(B) हथमती, मेश्वा तथा वेतरक इसकी सहायक नदियाँ हैं!
(C) यह नदी राजस्थान में लगभग केवल 45 किमी प्रवाहित होती है ।
[वरिष्ठ अध्यापक 29.01.2023]
उपर्युक्त तथ्यों के आधार पर नदी को पहचानिए :
माही
जाखम
पश्चिमी बनास
साबरमती
🔹 व्याख्या:
👉 यह नदी साबरमती नदी है, जिसका उद्गम उदयपुर के दक्षिण-पश्चिम, कोटड़ा क्षेत्र से होता है।
👉 इसकी सहायक नदियाँ हैं — हथमती, मेश्वा और याजम।
👉 यह नदी राजस्थान में लगभग 45 किमी बहती है और फिर गुजरात में प्रवेश कर खंभात की खाड़ी में गिरती है।
गांगरोण का किला किन नदियों के संगम स्थल पर स्थित है ?
[सहायक कृषि अधिकारी 27.08.2022]
आहू और कालीसिंध
चम्बल और आहू
आहू और निमाज
कालीसिंध और चम्बल
🔹 व्याख्या:
👉 गांगरोण का किला राजस्थान के झालावाड़ जिले में स्थित है।
👉 यह किला कालीसिंध और आहू नदियों के संगम स्थल पर स्थित है।
👉 दोनों नदियाँ बाद में चम्बल नदी प्रणाली से जुड़ती हैं।
निम्नलिखित में से कौन सी नदियों का उद्गम मध्यप्रदेश में है ?
A. कालीसिंन्ध B. बेड़च
C. पार्वती D. बाणगंगा
[वरिष्ठ अध्यापक 30.07.2023]
C और D सही हैं ।
A और B सही हैं
B और D सही हैं ।
A और C सही हैं ।
🔹 व्याख्या:
👉 कालीसिंध नदी का उद्गम मध्यप्रदेश के देवास के पास होता है।
👉 पार्वती नदी भी मध्यप्रदेश के सिहोर क्षेत्र से निकलती है।
👉 जबकि बेड़च नदी का स्रोत उदयपुर के पास गोगुन्दा की पहाड़ियों में है और
👉 बाणगंगा नदी का स्रोत जयपुर जिले की बैराठ पहाड़ियों में है।
👉 अतः (A) कालीसिंध और (C) पार्वती नदियों का उद्गम मध्यप्रदेश में है।
राजस्थान की वह नदी को दक्षिण से उत्तर की ओर बहती है - [*]
[PTI Grade -II (RPSC) 2011]
बनास
गोमती
लूणी
चम्बल
राजस्थान की निम्न नदियों पर विचार कीजिए –
(A) माही
(B) चम्बल
(C) साबरमती
(D) लूनी
अरब सागर में गिरने वाली नदियाँ हैं
[कृषि अधिकारी 29.08.2022]
(A), (B) और (C)
(A), (C) और (D)
(A) और (B)
(A), (B) और (D)
🔹 व्याख्या:
👉 अरब सागर में गिरने वाली राजस्थान की नदियाँ हैं — माही, साबरमती और लूनी।
👉 ये सभी नदियाँ पश्चिमी दिशा में बहती हैं और अंत में अरब सागर या कच्छ के रण में विलीन होती हैं।
👉 जबकि चम्बल नदी, बंगाल की खाड़ी अपवाह तंत्र का हिस्सा है क्योंकि यह यमुना के माध्यम से गंगा में मिलती है।
निम्नलिखित में से कौन सी राजस्थान में अंतर्देशीय नदी है ?
[कृषि अधिकारी 24.11.2020]
काली
कांतली
बनास
कोठारी
🔹 व्याख्या:
👉 कांतली नदी एक अंतर्देशीय (अंतःप्रवाहित) नदी है, जो खंडेला की पहाड़ियों (सीकर) से निकलती है।
👉 यह नदी सीकर, झुंझुनूं और चूरू जिलों से होकर बहती है और अंत में रेतीली भूमि में विलीन हो जाती है।
👉 यह केवल वर्षा काल में ही प्रवाहित होती है।
कथन (A) : चम्बल नदी राजस्थान की एकमात्र नियतवाही नदी है ।
कारण (R) : चम्बल नदी का जल केवल सिंचाई के उपयोग में लिया जाता है ।
[वरिष्ठ अध्यापक 01.05.2017]
(A) और (R) दोनों सही हैं और (R), (A) का सही स्पष्टीकरण है
(A) सही है, (R) गलत है ।
(A) गलत है, (R) सही है ।
(A) और (R) दोनों सही हैं, किंतु (R), (A) का सही स्पष्टीकरणनहीं है ।
🔹 व्याख्या:
👉 कथन (A) सही है — चम्बल नदी राजस्थान की एकमात्र नियतवाही नदी है, जो वर्षभर जल से युक्त रहती है।
👉 कारण (R) गलत है — चम्बल नदी का जल केवल सिंचाई नहीं, बल्कि जल विद्युत उत्पादन तथा अन्य उपयोगों में भी लिया जाता है।
👉 अतः सही उत्तर है — (A) सही है, (R) गलत है।
कौन सा सुमेलित नहीं है ?
[कृषि अधिकारी 19.01.2021]
नदी - सहायक नदी
माही - वाकल
काली सिन्ध - आहू
लूनी - सागी
बनास - कोठारी
🔹 व्याख्या:
👉 बनास – कोठारी, लूनी – सागी, और कालीसिंध – आहू — ये सभी युग्म सही सुमेलित हैं।
👉 जबकि वाकल नदी, माही की नहीं, बल्कि साबरमती नदी की सहायक नदी है।
👉 अतः माही – वाकल सही सुमेलित नहीं है।
राजस्थान में प्रवाह प्रणाली कितने रूप में पाई जाती है?
वरिष्ठ अध्यापक 2010 पेपर -I GK (संस्कृत)
5
2
3
4
🔹 व्याख्या:
👉 राजस्थान में अपवाह प्रणाली (प्रवाह तंत्र) को तीन प्रकार में वर्गीकृत किया गया है।
👉 ये हैं —
1️⃣ बंगाल की खाड़ी में गिरने वाली नदियाँ (जैसे चम्बल, बनास)
2️⃣ अरब सागर में गिरने वाली नदियाँ (जैसे माही, साबरमती, लूनी)
3️⃣ अंतःप्रवाहित नदियाँ (जैसे कांतली, साबी, घग्घर, काकनी)
बनास, चम्बल और सीप नदियां किस जिले में, राजस्थान के त्रिवेणी संगम का निर्माण करती है ?
[सहायक कृषि अधिकारी 27.08.2022]
टोंक
भीलवाड़ा
डूंगरपुर
सवाई माधोपुर
🔹 व्याख्या:
👉 बनास, चम्बल और सीप नदियाँ राजस्थान के सवाई माधोपुर जिले में मिलकर त्रिवेणी संगम का निर्माण करती हैं।
👉 यह संगम स्थल धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है।
👉 इनमें से बनास, चम्बल की सहायक नदी है, जबकि सीप नदी भी उसी तंत्र से जुड़ी है।
निम्नलिखित में से कौनसी नदियाँ अरब सागरीय नदी तन्त्र का भाग नहीं हैं? नीचे दिये गये से सही उत्तर का चुनाव कीजिये
(A) बनास नदी
(B) साबरमती नदी
(C) पश्चिमी बनास नदी
(D) कांकणी नदी
(E) माही नदी
[व्याख्याता (आयुर्वेद) 12.11.2021]
कूट -
A, C एवं D
B, C एवं E
A एवं D
A, B एवं D
🔹 व्याख्या:
👉 साबरमती, माही और पश्चिमी बनास — ये तीनों अरब सागर अपवाह तंत्र से संबंधित हैं।
👉 जबकि बनास नदी अंत में चम्बल नदी में मिलती है, जो बंगाल की खाड़ी तंत्र से जुड़ी है।
👉 कांकणी नदी एक अंतःप्रवाहित नदी है, जो कुछ दूरी तक बहकर रेत में विलुप्त हो जाती है।
👉 अतः (A) बनास नदी और (D) कांकणी नदी — अरब सागर तंत्र का भाग नहीं हैं।
सोम और जाखम नदियाँ ............नदी की सहायक नदियाँ हैं ?
[कृषि अधिकारी 24.11.2020]
माही
परवन नदी की
साबरमती
बनास
🔹 व्याख्या:
👉 सोम और जाखम नदियाँ, राजस्थान की माही नदी की प्रमुख सहायक नदियाँ हैं।
👉 ये नदियाँ मुख्यतः बाँसवाड़ा, डूंगरपुर और उदयपुर जिलों से होकर बहती हैं।
👉 माही नदी अंत में खंभात की खाड़ी (अरब सागर) में गिरती है।
निम्नलिखित को सुमेलित कीजिए :
नदी सहायक नदी
A. लुनी i. सारनी
B. माही ii. मानसी
C. बनास iii. चाप
D. सोम iv. सागी
[कृषि अधिकारी 24.11.2020]
कूट :
A B C D
i iii ii iv
iv iii ii i
iii ii i iv
ii iii i iv
🔹 व्याख्या:
👉 A. लूनी की सहायक नदी है — सागी (iv)
👉 B. माही की सहायक नदी है — चाप (iii)
👉 C. बनास की सहायक नदी है — मानसी (ii)
👉 D. सोम की सहायक नदी है — सारनी (i)
👉 अतः सही क्रम है — iv, iii, ii, i
राजस्थान में “छप्पन का मैदान” किस नदी के बेसिन में स्थित है ?
[उपनिरीक्षक (SI) 15.09.2021]
माही
लूनी
चम्बल
बनास
🔹 व्याख्या:
👉 छप्पन की पहाड़ियाँ राजस्थान के बालोतरा (पूर्व में बाड़मेर) जिले में सिवाणा से मोकलसर तक फैली हुई हैं।
56 गोलाकार या गुंबदाकार पहाड़ियों का समूह होने के कारण इन्हें 'छप्पन की पहाड़ियाँ' कहा जाता है।
नाकोड़ा पर्वत के नाम से प्रसिद्ध इन पहाड़ियों में ग्रेनाइट चट्टानों की प्रधानता है, जिसके कारण इसे 'ग्रेनाइट पर्वत' भी कहते हैं।
निम्नलिखित नदियों में से कौन सी नदी 'मृत नदी' कहलाती है ?
[सहायक कृषि अधिकारी 31.05.2019]
लूनी
घग्घर
काँतली
बाणगंगा
🔹 व्याख्या:
👉 राजस्थान के उतर पश्चिम में बहने वाली सबसे महत्वपूर्ण आंतरिक प्रवाह की नदी है。यह नदी हिमाचल प्रदेश की शिवालिक पहाड़ियों से निकलकर पंजाब और हरियाणा से होते हुए राजस्थान में प्रवेश करती है और अंततः थार के रेगिस्तान में विलुप्त हो जाती है。घग्गर नदी राजस्थान में प्रवेश और प्रवाह मार्ग प्रवेश बिंदु: यह राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले की टिब्बी तहसील के तलवाड़ा गाँव से राज्य में प्रवेश करती है。मार्ग: हनुमानगढ़ से बहने के बाद यह नदी श्रीगंगानगर और अनूपगढ़ जिलों की ओर जाती है。अंतिम बिंदु: सामान्य दिनों में यह नदी राजस्थान के रेगिस्तान में ही सूख जाती है。लेकिन, भारी बारिश के दौरान इसका पानी पाकिस्तान (फोर्ट अब्बास तक) पहुंच जाता है。तलवाडा झील: हनुमानगढ़ में इस नदी के द्वारा 'तलवाड़ा झील' का निर्माण किया जाता है, जो राजस्थान की सबसे नीची झील है。प्राचीन सभ्यताएं: इस नदी के किनारे कई ऐतिहासिक पुरातात्विक स्थल विकसित हुए हैं, जिनमें प्रमुख हैं - कालीबंगा, पीलीबंगा, रंगमहल और बरोर (हनुमानगढ़ और अनूपगढ़)。उपजाऊ मैदान: इसके बहाव क्षेत्र (विशेषकर हनुमानगढ़ के आसपास) को स्थानीय भाषा में 'नाली' कहा जाता है。अन्य नाम और उपनाम मृत नदी: पानी की अनिश्चितता के कारण इसे मृत नदी भी कहा जाता है。
निम्नलिखित नदियों में से राजस्थान में कौन सी 'रुन्डित सरिता' कहलाती है ?
[वरिष्ठ अध्यापक 01.05.2017]
वाकल
कोठारी
खारी
बाणगंगा
🔹 व्याख्या:
👉 बाणगंगा नदी का उद्गम जयपुर की बैराठ पहाड़ियों से होता है और इसका जल भरतपुर क्षेत्र में फैल जाता है।
👉 यह नदी पहले यमुना में मिलती थी, परंतु अब इसका प्रवाह वहीं रुक जाता है — इसलिए इसे 'रुंडित सरिता' कहा जाता है।
👉 यह एक आंतरिक प्रवाह प्रणाली वाली नदी है।
नदी जो कि 'वन की आस' के रूप में जानी जाती है
[वरिष्ठ अध्यापक 29.01.2023]
बाणगंगा
बनास
आहू
चम्बल
🔹 व्याख्या:
👉 बनास नदी को 'वन की आशा' (वन की आस) कहा जाता है क्योंकि यह राजस्थान की आंतरिक और प्रमुख नदी है।
👉 इसका उद्गम खमनौर की पहाड़ियों से होता है और यह मेवाड़ क्षेत्र के सूखे इलाकों में जीवनदायिनी है।
👉 इसकी प्रमुख सहायक नदियाँ हैं — बेड़च, कोठारी, खारी, मैनाल, मोरेल आदि।
कौन सा सुमेलित नहीं है ?
[कृषि अधिकारी 19.01.2021]
बेड़च नदी - गोगुन्दा की पहाड़ियाँ
बाणगंगा नदी - बैराठ पहाड़ियाँ
गम्भीरी नदी - जावद पहाड़ियाँ
माही नदी - खमनौर की पहाड़ियाँ
🔹 व्याख्या:
👉 माही नदी का उद्गम मध्यप्रदेश के महू क्षेत्र से होता है, न कि खमनौर की पहाड़ियों से।
👉 खमनौर की पहाड़ियाँ, बनास नदी का उद्गम स्थल हैं।
👉 अतः "माही नदी – खमनौर की पहाड़ियाँ" युग्म सही सुमेलित नहीं है।
राजस्थान की किस नदी को 'मृत नदी' कहा जाता है ?
[सहायक कृषि अधिकारी 29.04.2018]
मोरेल
जवाई
घग्गर
साबरमती
🔹 व्याख्या:
👉 घग्घर नदी को राजस्थान में 'मृत नदी' (Dead River) कहा जाता है।
👉 यह नदी केवल वर्षा ऋतु में प्रवाहित होती है और शेष समय शुष्क रहती है।
👉 वर्तमान में इसके तल को 'नाली' कहा जाता है, और यह हनुमानगढ़ व गंगानगर क्षेत्रों से होकर बहती है।
जो नदी लूणी अपवाह तंत्र का अंग है, वह है-
[PTI Grade -III (RPSC) 2011]
काली सिन्ध
जाखम
कान्तली
जवाई
🔹 व्याख्या:
👉 जवाई नदी, लूणी नदी की प्रमुख सहायक नदी है, जो पाली जिले के गोरिया गाँव से निकलती है।
👉 यह नदी खारी और सुखड़ी जैसी सहायक नदियों को अपने साथ लेकर लूणी नदी में मिलती है।
👉 अतः जवाई नदी, लूणी अपवाह तंत्र का अंग है।
उत्खात भूमि स्थलाकृति के लिए कौनसी नदी प्रसिद्ध है ?
[कृषि अधिकारी 29.08.2022]
बनास
लूनी
माही
चम्बल
🔹 व्याख्या:
👉 चम्बल नदी अपनी अत्यधिक अपरदन क्रिया के कारण उत्खात भूमि (बीहड़ क्षेत्र) के निर्माण के लिए प्रसिद्ध है।
👉 यह स्थलाकृति विशेष रूप से सवाई माधोपुर और धौलपुर जिलों में देखी जाती है।
👉 चम्बल नदी राजस्थान की एकमात्र नियतवाही नदी भी है।
इनमें से कौन सी राजस्थान की अन्तः प्रवाही नदी नहीं है ?
[वरिष्ठ अध्यापक 26.04.2017]
सागी
काकनी
कांतली
घग्घर
🔹 व्याख्या:
👉 कांतली, काकनी और घग्घर — ये सभी अंतःप्रवाही नदियाँ हैं, जो कुछ दूरी तक बहने के बाद रेत या भूमि में विलीन हो जाती हैं।
👉 जबकि सागी नदी, सिरोही से निकलकर लूनी नदी में मिलती है, जो अंततः कच्छ के रण में गिरती है।
👉 अतः सागी नदी, अंतःप्रवाही नहीं है।
छप्पन का मैदान कौन सी नदी द्वारा निर्मित है ?
[कृषि अधिकारी 24.11.2020]
चंबल
बाणगंगा
माही
सूकड़ी
🔹 व्याख्या:
👉 छप्पन का मैदान राजस्थान के बाँसवाड़ा जिले में स्थित है और यह क्षेत्र वागड़ का हिस्सा है।
👉 यह मैदान माही नदी और उसकी सहायक नदियों — जैसे सोम, जाखम, अनास द्वारा निर्मित है।
👉 इस क्षेत्र की स्थलाकृति ऊबड़-खाबड़ और जल-अपवाहित पाई जाती है।
निम्नलिखित में से राजस्थान की किस नदी बेसिन में 'उत्खात भूमि' पाई जाती है ?
[कृषि अधिकारी 30.08.2022]
माही
लूनी
बाणगंगा
चंबल
🔹 व्याख्या:
👉 राजस्थान में 'उत्खात भूमि' (गहरे कटाव वाली बीहड़ भूमि) मुख्यतः चम्बल नदी बेसिन में पाई जाती है।
👉 विशेष रूप से सवाई माधोपुर और धौलपुर जिलों में चम्बल नदी के किनारे बीहड़ क्षेत्र विकसित हुए हैं।
👉 यह भूमि अत्यधिक अपरदन के कारण निर्मित होती है।
निम्न बेसिनों में से कौन सा गोडवार प्रदेश के नाम से जाना जाता है ?
[कृषि अधिकारी 24.11.2020]
सांभर बेसिन
मध्य माही बेसिन
लुनी बेसिन
चम्बल बेसिन
🔹 व्याख्या:
👉 लूनी नदी बेसिन को राजस्थान में 'गोडवार प्रदेश' के नाम से जाना जाता है।
👉 यह क्षेत्र मुख्यतः पाली और जोधपुर जिलों में फैला हुआ है।
👉 लूनी नदी मरुस्थलीय क्षेत्र की प्रमुख नदी है, जो अंततः कच्छ के रण में विलीन हो जाती है।
राजस्थान में बाढ़ का प्रकोप मुख्तया “घग्गर नदी की घाटी" में किन-किन क्षेत्रों में देखा जाता है ?
A. सूरतगढ़
B. बोरपाल
C. मानेकथर
D. खण्डेला
[कृषि अधिकारी 30.08.2022]
सही उत्तर का चयन नीचे दिये गये कूट से कीजिए-
कूट -
A, B, C और D
B, C और D
A, B और C
A, C और D
🔹 व्याख्या:
👉 राजस्थान में घग्घर नदी वर्षा काल में अत्यधिक जल लेकर आती है, जिससे इसके किनारे बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो जाती है।
👉 इसका प्रवाह मुख्यतः सूरतगढ़, बोरपाल और मानेकथर जैसे क्षेत्रों से होकर होता है।
👉 जबकि खण्डेला, कांतली नदी के क्षेत्र में स्थित है, जो इससे संबंधित नहीं है।
राजस्थान में स्थित 'वागड़' नामक ऊबड़-खाबड़ सतह एवं विच्छेदित स्थलाकृति किस नदी कार्य के द्वारा निर्मित हैं ?
[वरिष्ठ अध्यापक 30.07.2023]
लूनी
चंबल
बनास
माही
🔹 व्याख्या:
👉 राजस्थान में 'वागड़' क्षेत्र मुख्यतः बाँसवाड़ा और डूंगरपुर जिलों में स्थित है।
👉 यह क्षेत्र माही नदी की अपरदन क्रिया से बनी ऊबड़-खाबड़ और विच्छिन्न स्थलाकृति के रूप में जाना जाता है।
👉 माही नदी इस क्षेत्र में गहरे कटाव और घाटियों का निर्माण करती है।
माण्डलगढ़ के निकट त्रिवेणी पर कौन सी तीन नदियाँ मिलती है -
वरिष्ठ अध्यापक 2010 पेपर -I GK (गणित)
खारी, कोठारी, मेनाल
बनास, गम्भीरी, लूणी
बेड़च, बनास, मेनाल
बेड़च, गम्भीरी, कोठारी
🔹 व्याख्या:
👉 माण्डलगढ़ (भीलवाड़ा) के निकट स्थित त्रिवेणी संगम पर तीन नदियाँ मिलती हैं — बेड़च, बनास और मेनाल।
👉 यह संगम स्थल धार्मिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जाता है।
👉 तीनों नदियाँ अंततः चम्बल नदी प्रणाली से जुड़ती हैं।
अपवाह क्षेत्र की दृष्टि से राजस्थान की नदी प्रणालियों का सही अवरोही क्रम है :
[वरिष्ठ अध्यापक 21.02.2014]
चम्बल, लूनी, माही, बनास
बनास, चम्बल, लूनी, माही
बनास, चम्बल, माही, लूनी
चम्बल, लूनी, बनास, माही
🔹 व्याख्या:
👉 चम्बल नदी राजस्थान की एकमात्र नियतवाही नदी है, जो वर्षभर बहती है और अंततः यमुना नदी में मिलती है।
👉 लूनी नदी पश्चिमी राजस्थान की प्रमुख मरुस्थलीय नदी है, जो कच्छ के रण में विलीन होती है।
👉 बनास नदी पूरी तरह से राजस्थान में बहती है और अंत में चम्बल में मिलती है।
👉 माही नदी मध्यप्रदेश से निकलकर राजस्थान के बाँसवाड़ा व डूंगरपुर जिलों से गुजरती हुई अरब सागर में गिरती है।
निम्नलिखित में से किन तीन नदियों के संगम को 'त्रिवेणी' कहा जाता है ?
[RAS Pre. 01.10.2023]
सोम, आहू, बाण्डी
गम्भीरी, मांसी, धुन्ध
बनास, मैनाल, बेडच
कोठारी, खोरी, बेडच
🔹 व्याख्या:
👉 मेनाल नदी का उद्गम राजस्थान के भीलवाड़ा ज़िले की बिजौलिया की पहाड़ियों से होता है। 2.:जलप्रपात: यह नदी मेनाल नामक स्थान पर लगभग 150 फीट ऊंचे मेनाल जलप्रपात (महानाल) का निर्माण करती है।3 संगम: मेनाल नदी बनास नदी की एक प्रमुख सहायक नदी है और यह चित्तौड़गढ़ (बेगूं) के पास दाईं ओर से बनास नदी में मिल जाती है।
जाखम एक सहायक नदी है -
[स्कूल व्याख्याता 21.10.2022]
बनास की
माही की
साबरमती की
लूनी की
🔹 व्याख्या:
1. जाखम नदी राजस्थान के प्रतापगढ़ जिले की छोटी सादड़ी तहसील की पहाड़ियों से निकलती है। यह नदी प्रतापगढ़ और उदयपुर ज़िलों में बहते हुए आगे बढ़ती है।
2. यह नदी सोम नदी की प्रमुख सहायक नदी है।उदयपुर और डूंगरपुर जिलों की सीमा पर यह बिलारा गांव के पास सोम नदी में मिल जाती है।अंततः सोम नदी, माही नदी में मिल जाती है (जो बेणेश्वर धाम, डूंगरपुर में सोम, माही और जाखम का प्रसिद्ध त्रिवेणी संगम बनाती है)।
3. जाखम बांध (सबसे ऊंचा बांध)इस नदी पर प्रतापगढ़ ज़िले के अनूपपुरा गांव में जाखम बांध बनाया गया है।यह राजस्थान का सबसे ऊंचा बांध है, जिसकी ऊंचाई 81 मीटर (265 फीट) है।
कौन सा (उद्गम स्थल - नदी) सुमेलित नहीं हैं?
[सहायक कृषि अधिकारी 28.05.2022]
बिजराल - खारी
खमनौर – लूनी
दिवेर - कोठारी
बीछामेड़ा - सोम
🔹 व्याख्या:
👉 खमनौर की पहाड़ियाँ, बनास नदी का उद्गम स्थल हैं, जो कुम्भलगढ़ के पास स्थित हैं।
👉 जबकि लूनी नदी का उद्गम अजमेर के नाग पहाड़ से होता है।
👉 अतः "खमनौर – लूनी" युग्म सही सुमेलित नहीं है।
नदी जिसका जल बंगाल की खाड़ी में पहुँचता है, वह है-
वरिष्ठ अध्यापक 2010 पेपर -I GK (विज्ञान)
साबरमती
सोम
माही
चम्बल
🔹 व्याख्या:
👉 चम्बल नदी राजस्थान से होकर बहती हुई अंत में उत्तर प्रदेश में यमुना नदी में मिलती है।
👉 यमुना आगे जाकर गंगा नदी में मिलती है, और गंगा का जल बंगाल की खाड़ी में गिरता है।
👉 अतः चम्बल नदी का जल अंततः बंगाल की खाड़ी तक पहुँचता है।
बेड़च नदी का उद्गम स्थल है ?
[व्याख्याता (आयुर्वेद) 11.11.2021]
बैराठ की पहाड़ियाँ
नाग पहाड़
गोगुन्दा की पहाड़ियाँ
खण्डेला की पहाड़ियाँ
🔹 व्याख्या:
👉 बेड़च नदी का उद्गम उदयपुर के पास गोगुन्दा की पहाड़ियों से होता है।
👉 प्रारंभ में इसे आयड़ नदी कहा जाता है, जो उदयसागर झील में गिरती है।
👉 झील से निकलने के बाद इसे बेड़च नदी कहा जाता है और यह बिगोद (भीलवाड़ा) के पास बनास नदी में मिलती है।
प्रसिद्ध तीर्थस्थल गलियाकोट किस नदी के किनारे स्थित है ?
[स्कूल व्याख्याता 04.08.2020]
माही
परवन
काली सिंध
सोम
🔹 व्याख्या:
👉 गलियाकोट राजस्थान के डूंगरपुर जिले में स्थित एक प्रसिद्ध तीर्थस्थल है।
👉 यह तीर्थस्थल माही नदी के किनारे बसा हुआ है, जो राजस्थान के बाँसवाड़ा व डूंगरपुर से होकर बहती है।
👉 माही नदी अंत में खंभात की खाड़ी (अरब सागर) में गिरती है।
'सोम' नदी निकलती है :
[सहायक कृषि अधिकारी 2011]
माउन्ट आबू
बीछामेड़ा
पचमेड़ा
अजमेर
🔹 व्याख्या:
👉 सोम नदी राजस्थान के उदयपुर जिले में ऋषभदेव के पास बाबलवाड़ा के जंगलों में बिच्छामेड़ा की पहाड़ियों से निकलती है। यह नदी दक्षिण-पूर्व की ओर बहती हुई डूंगरपुर में माही नदी में मिल जाती है।नदी का:उद्गम स्थल: उदयपुर ज़िले की बिच्छामेड़ा की पहाड़ियाँ।संगम: डूंगरपुर जिले के नवाटापुरा (बेणेश्वर) नामक स्थान पर यह सोम, माही और जाखम नदियों के प्रसिद्ध त्रिवेणी संगम का निर्माण करती है। इसी स्थान पर प्रसिद्ध बणेश्वर धाम स्थित है।सहायक नदी: यह माही नदी की एक प्रमुख सहायक नदी है।
निम्नलिखित में से कौन सी नदियाँ गंगा नदी तंत्र का भाग नहीं हैं ?
A. मेज नदी B. मैनाल नदी
C. मोरेन नदी D. मानसी नदी
E. याजम नदी
[ACF 18.02.2021]
कूट :
B एवं C
केवल E
C, D एवं E
C एवं E
🔹 व्याख्या:
👉 गंगा नदी तंत्र में वे नदियाँ आती हैं जो चम्बल, बनास या बाणगंगा के माध्यम से यमुना और फिर गंगा में मिलती हैं।
👉
A. मेज नदी – भीलवाड़ा से निकलकर चम्बल में मिलती है → गंगा तंत्र का भाग
B. मैनाल नदी – बनास की सहायक नदी → गंगा तंत्र का भाग
C. मोरेन नदी – माही की सहायक नदी → गंगा तंत्र का भाग नहीं
D. मानसी नदी – बनास की सहायक नदी → गंगा तंत्र का भाग
E. याजम नदी – साबरमती की सहायक नदी → गंगा तंत्र का भाग नहीं
👉 अतः मोरेन नदी और याजम नदी, गंगा नदी तंत्र का भाग नहीं हैं।
निम्नलिखित नदियों में से कौन सी नदी आंतरिक प्रवाह क्षेत्र के अन्तर्गत नहीं है ?
[वरिष्ठ अध्यापक (स्थगित) 22.12.2022]
खारी
घग्गर
क़ांतली
कांकणी
🔹 व्याख्या:
👉 कांतली, घग्गर और काकनी — ये सभी अंतःप्रवाहित नदियाँ हैं, जो कुछ दूरी तक बहकर रेत या भूमि में विलीन हो जाती हैं।
👉 जबकि खारी नदी, बनास की सहायक नदी है और अंत में चम्बल नदी से मिलती है।
👉 अतः खारी नदी, आंतरिक प्रवाह क्षेत्र के अन्तर्गत नहीं आती।
निम्नांकित कथनों पर विचार कीजिए तथा दिए गए कूटों से सही कथन चुनिए :
A. लूनी नदी क्रम का अधिकांश अपवाह क्षेत्र राजस्थान में है ।
B.खारी नदी बनास नदी की सहायक नदी है ।
C.बनास नदी खमनौर की पहाड़ियों से निकलती है ।
[वरिष्ठ अध्यापक 12.02.2023]
कूट :
केवल B तथा C सही हैं ।
केवल A तथा B सही हैं ।
केवल A तथा C सही हैं ।
A, B तथा C सही हैं ।
🔹 व्याख्या:
👉 कथन A सही है – लूनी नदी का अधिकांश अपवाह क्षेत्र राजस्थान के पाली, जोधपुर, बाड़मेर, जालौर जिलों में फैला है।
👉 कथन B सही है – खारी नदी, बनास नदी की सहायक नदी है, जो राजसमंद जिले से निकलती है।
👉 कथन C भी सही है – बनास नदी, अरावली की खमनौर पहाड़ियों से निकलती है जो कुम्भलगढ़ के पास स्थित हैं।
👉 अतः तीनों कथन सही हैं।
निम्न में से कौन सा सुमेलित नहीं है ?
[वरिष्ठ अध्यापक 26.04.2017]
नदी सहायक
बनास - मेज
माही - जाखम
लूनी - सूकड़ी
चंबल - पार्वती
🔹 व्याख्या:
👉 माही – जाखम, लूनी – सूकड़ी, और चंबल – पार्वती — ये सभी युग्म सही सुमेलित हैं।
👉 जबकि मेज नदी, बनास की नहीं, बल्कि चम्बल की सहायक नदी है।
👉 अतः बनास – मेज युग्म सही सुमेलित नहीं है।
सूची-I एवं सूची-II को सुमेलित करते हुए नीचे दिए गए कूट की सहायता से सही उत्तर दीजिये
सूची-I सूची-II
(A) खमनोर पहाड़ियाँ (1) बेड़च नदी
(B) गोगुन्दा पहाड़ियाँ (2) जाखम नदी
(C) बैराठ पहाड़ियाँ (3) बनास नदी
(D) छोटी सादड़ी (4) बाणगंगा नदी
[व्याख्याता (आयुर्वेद) 12.11.2021]
कूट -
(A) (B) (C) (D)
1 4 2 3
4 2 3 1
3 1 4 2
2 3 1 4
🔹 व्याख्या:
👉 (A) खमनोर पहाड़ियाँ — स्रोत: बनास नदी (3)
👉 (B) गोगुन्दा पहाड़ियाँ — स्रोत: बेड़च नदी (1)
👉 (C) बैराठ पहाड़ियाँ — स्रोत: बाणगंगा नदी (4)
👉 (D) छोटी सादड़ी — स्रोत: जाखम नदी (2)
👉 अतः सही क्रम है — 3, 1, 4, 2