बूंदी में 'चौरासी खम्भों की छतरी' का निर्माण किसने करवाया ?

JEN (विद्युत डिग्रीधारक) 19.05.2022

  • महाराव बुध सिंह 

  • राव शत्रुसाल

  • महाराव विष्णु सिंह

  • राव अनिरुद्ध 

🔹 व्याख्या

👉 चौरासी खम्भों की छतरी बूंदी के देवपुरा गाँव में बनी है।
👉 यह छतरी तीन मंजिला है और शिव उपासना हेतु निर्मित की गई।
👉 इसमें पशु-पक्षियों और कामसूत्र आधारित चित्र उकेरे गए हैं।
👉 इसका निर्माण राव राजा अनिरुद्ध सिंह के काल में राव देवा ने करवाया था।

✍️ सही उत्तर है – राव अनिरुद्ध सिंह 

'क्षारबाग' स्थित है :

[JEN (Civil डिप्लोमा) 16.10.2016]

  • अजमेर

  • बीकानेर 

  • जोधपुर 

  • बून्दी 

🔹 व्याख्या

👉 क्षारबाग की छतरियाँ बूंदी जिले में स्थित हैं।
👉 इन्हें स्थानीय रूप से छत्र विलास भी कहा जाता है।
👉 यहाँ बूंदी के हाड़ा शासकों की स्मृति में छतरियाँ बनी हैं।
👉 यह स्थान बूंदी राज्य की राजवंशीय परंपरा का प्रतीक है।

✍️ सही उत्तर है – बूंदी 

गलत युग्म चुनिए

छतरी               -       स्थल

(1) 84 खंभों की छतरी   -    कोटा 

(2) ब्राह्मण देवता की छतरी - मण्डोर 

(3) मामा भांजा की छतरी  - जयपुर 

(4) कुंवर पृथ्वीराज की छतरी-कुंभलगढ़

[वनरक्षक (प्रथम चरण) 12.11.2022]

कूट -

  • 1 और 2 

  • 1 और 3

  • केवल 1

  • 1 और 4 

🔹 व्याख्या

👉 84 खम्भों की छतरी बूंदी जिले के देवपुरा गाँव में है, न कि कोटा में।
👉 ब्राह्मण देवता की छतरी सचमुच मंडोर (जोधपुर) में स्थित है।
👉 मामा-भांजा की छतरी मेहरानगढ़ दुर्ग (जोधपुर) में बनी है, न कि जयपुर में।
👉 कुंवर पृथ्वीराज की छतरी वास्तव में कुंभलगढ़ दुर्ग (राजसमंद) में ही है।

✍️ सही उत्तर है – 1 और 3 

निम्नलिखित में से किस प्रसिद्ध कलाकार ने भारत उत्सव में 'बहरूपिया कला' में राजस्थान का प्रतिनिधित्व किया ?  

[CET (स्नातक) 27.09.2024 प्रथम चरण]

  • जमना लाल भट्ट 

  • अमर सिंह राठौड़ 

  • जय सिंह राठौड़ 

  • जानकी लाल भांड 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान की पारंपरिक बहरूपिया कला लोकमंच पर विशेष पहचान रखती है।
👉 इस कला के प्रसिद्ध कलाकार जानकी लाल भांड रहे हैं।
👉 इन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित भारत उत्सव में भाग लिया।
👉 वहाँ इन्होंने राजस्थान का प्रतिनिधित्व किया।

✍️ सही उत्तर है – जानकी लाल भांड 

"मूसी महारानी की छतरी" कहाँ स्थित है ?

[पुस्तकालयाध्यक्ष ग्रेड - III 19.09.2019]

  • धौलपुर

  • अलवर

  • बाड़मेर  

  • जोधपुर 

🔹 व्याख्या

👉 मूसी महारानी की छतरी अलवर दुर्ग के पास स्थित है।
👉 इसे महाराजा विनयसिंह ने 1815 ईस्वी में बनवाया था।
👉 यह छतरी दो मंजिला है—पहली लाल पत्थर की और दूसरी संगमरमर की।
👉 भीतर की दीवारों पर रामायण व महाभारत के भित्ति चित्र बने हैं।

✍️ सही उत्तर है – अलवर 

'मूसी रानी की छतरी कहां स्थित है? 

VDO Pre. (चतुर्थ चरण) 28.12.2021

  • अलवर 

  • उदयपुर 

  • जोधपुर

  • जैसलमेर 

🔹 व्याख्या

👉 मूसी महारानी की छतरी अलवर दुर्ग के पास स्थित है।
👉 इसका निर्माण महाराजा विनयसिंह ने 1815 ई. में करवाया।
👉 यह छतरी दो मंजिला है—पहली मंजिल लाल पत्थर व दूसरी संगमरमर की बनी है।
👉 इसकी दीवारों पर रामायण और महाभारत के भित्ति-चित्र अंकित हैं।

✍️ सही उत्तर है – अलवर 

सूची-I के साथ सूची-II का मिलान कीजिए: 

सूची-I स्मारक

सूची-II स्थान

(a) जसवंत सिंह का थड़ा

(i) जैसलमेर

(b) शासकों और पालीवालों की छत्रियाँ

(ii) बूंदी

(c) चौरासी खंभों की छतरी

(iii) अलवर

(d) फतेह गुम्बद

(iv) जोधपुर

नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर चुनें।  

[CET (स्नातक) 28.09.2024 चतुर्थ चरण]

  • (a) - (iii), (b) - (ii), (c) - (i), (d) - (iv) 

  • (a) - (i), (b) - (iii), (c) - (iv), (d) - (ii) 

  • (a) - (ii), (b) - (iv), (c) - (iii), (d) - (i) 

  • (a) - (iv), (b) - (i), (c) - (ii), (d) - (iii) 

🔹 व्याख्या

👉 जसवंत सिंह का थड़ा जोधपुर में स्थित है।
👉 शासकों और पालीवालों की छतरियाँ जैसलमेर में बनी हैं।
👉 चौरासी खम्भों की छतरी बूंदी जिले के देवपुरा गाँव में है।
👉 फतेह गुम्बद की छतरी अलवर में स्थित है।

✍️ सही उत्तर है – (a) - (iv), (b) - (i), (c) - (ii), (d) - (iii) 

महाराणा प्रताप की छतरी कहाँ स्थित है ? 

[अन्वेषक परीक्षा 27.12.2020]

  • गैटोर 

  • बाण्डोली

  • माण्डल

  • बूंदी 

🔹 व्याख्या

👉 महाराणा प्रताप की स्मृति में विशेष छतरी बनाई गई।
👉 यह छतरी चावंड के पास बाण्डोली गाँव में स्थित है।
👉 इसमें 8 खम्भों पर आधारित आकर्षक संरचना है।
👉 इसका निर्माण महाराणा अमरसिंह प्रथम ने करवाया था।

✍️ सही उत्तर है – बाण्डोली 

मूसी महारानी की छतरी स्थित है ?

[कनिष्ठ वैज्ञानिक सहायक (भौतिक) 21.09.2019]

  • जोधपुर में 

  • रामगढ़ में 

  • अलवर में

  • बीकानेर में 

🔹 व्याख्या

👉 मूसी महारानी की छतरी अलवर जिले में निर्मित है।
👉 इसे महाराजा विनयसिंह ने 1815 ईस्वी में बनवाया था।
👉 यह छतरी दो मंजिला है—पहली लाल पत्थर से और दूसरी संगमरमर से बनी है।
👉 भीतर की दीवारों पर रामायण व महाभारत के भित्ति-चित्र अंकित हैं।

✍️ सही उत्तर है – अलवर 

पृथ्वीराज की "12 खम्बों की छतरी" निम्नलिखित में से किस किले में स्थित है ? 

[CET (स्नातक) (चरण -IV) 08.01.2023]

  • चित्तौड़गढ़ किला 

  • मेहरानगढ किला 

  • कुंभलगढ़ किला

  • गोगुन्दा किला

🔹 व्याख्या

👉 कुंवर पृथ्वीराज, महाराणा रायमल के पुत्र थे।
👉 उनकी स्मृति में 12 खम्भों की छतरी निर्मित है।
👉 यह छतरी कुंभलगढ़ दुर्ग (राजसमंद) में स्थित है।
👉 इसके वास्तुकार का नाम धणषपना बताया गया है।

✍️ सही उत्तर है – कुंभलगढ़ किला 

'तूरजी का झालरा' में स्थित है।

[NHM Audiologist 06.06.2025] 

  • जयपुर 

  • झालावाड़ 

  • झुंझुनु 

  • जोधपुर 

🔹 व्याख्या

👉 तूरजी का झालरा राजस्थान के जोधपुर शहर में स्थित एक प्राचीन बावड़ी (जलकुंड) है।
👉 इसका निर्माण महाराजा अभय सिंह की पत्नी महारानी तूरजी ने 1740 के दशक में करवाया था।
👉 यह बावड़ी जोधपुर के लाल बलुआ पत्थर से निर्मित है और अपनी जटिल नक्काशी के लिए प्रसिद्ध है।
👉 इसे उस समय शहर की जल-संचयन प्रणाली का एक महत्वपूर्ण भाग माना जाता था।
👉 वर्तमान में यह स्थल जोधपुर के पुराने शहर का प्रसिद्ध पर्यटन आकर्षण बन चुका है।

✍️ सही उत्तर है – जोधपुर 

निम्नलिखित में से कौन सा स्थान जहाँ छतरी स्थित है, सही सुमेलित नहीं है ?  

[कनिष्ठ अनुदेशक (टर्नर) 09.01.2025]

छतरी  - स्थान 

  • राव कल्याणमल की छतरी  - बीकानेर 

  • सेठों की छतरी - रामगढ़ 

  • मूसी महारानी की छतरी - अलवर 

  • पालीवालों की छतरी  - श्री गंगानगर 

🔹 व्याख्या

👉 पालीवालों की छतरी राजस्थान के जैसलमेर में स्थित है।
👉 यह छतरी स्थानीय पालीवाल समुदाय से संबंधित है। 
👉 अतः यह युग्म सही सुमेलित नहीं है।

✍️ सही उत्तर है – पालीवालों की छतरी – श्रीगंगानगर 

चौरासी खम्भा छतरी के बारे में निम्नलिखित कथनों में से कौनसा कथन असत्य हैं

[पुस्तकालयाध्यक्ष 13.11.2016]

  • इस छतरी का निर्माण राव अनिरुद्ध सिंह के काल में राव देवा द्वारा कराया गया था।

  • इस छतरी का निर्माण राव विष्णुसिंह के काल में राव देवा द्वारा कराया गया था।

  • यह छतरी बन्दों के पास देवपुरा गाँव में स्थित है। 

  • उसका निर्माण 1683-1695 के मध्य कराया गया था।

🔹 व्याख्या

👉 चौरासी खम्भों की छतरी बूंदी जिले के देवपुरा गाँव में बनी है।
👉 इसका निर्माण राव राजा अनिरुद्ध सिंह के काल में राव देवा द्वारा 1683–1695 ई. के मध्य कराया गया।
👉 इसे मुख्यतः शिव उपासना हेतु बनाया गया था।
👉 अतः इसे राव विष्णुसिंह के काल में बनवाया गया कहना असत्य है।

✍️ सही उत्तर है – इस छतरी का निर्माण राव विष्णुसिंह के काल में राव देवा द्वारा कराया गया था।

रानी मूसी की छतरी राजस्थान के किस स्थान पर है ? 

[सर्वेयर परीक्षा 23.02.2025]

  • करोली 

  • अलवर 

  • रामगढ़ 

  • जोधपुर 

🔹 व्याख्या

👉 रानी मूसी की छतरी राजस्थान के अलवर जिले में बनी है।
👉 इसका निर्माण महाराजा विनयसिंह ने 1815 ईस्वी में करवाया।
👉 यह छतरी दो मंजिला है—पहली लाल पत्थर से तथा दूसरी संगमरमर से बनी है।
👉 इसके अंदर रामायण और महाभारत के भित्ति चित्र अंकित हैं।

✍️ सही उत्तर है – अलवर 

निम्नलिखित में से कौन राजस्थान में स्मारकों के संदर्भ में सही जोड़ी का प्रतिनिधित्व करता है ? 

[JEN यांत्रिक डिग्री 10.02.2025]

  • चौरासी खंबों की छत्री - बूंदी 

  • सवाई जयसिंह की छत्री - कोटा 

  • गोपाल सिंह की छत्री - चूरू 

  • मूसी रानी की छत्री - अजमेर 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान की प्रसिद्ध चौरासी खम्भों की छतरी बूंदी जिले में बनी है।
👉 यह छतरी देवपुरा गाँव में स्थित है।
👉 इसका निर्माण शिव उपासना हेतु किया गया था।
👉 इसमें पशु-पक्षियों और कामसूत्र पर आधारित चित्र उकेरे गए हैं।

✍️ सही उत्तर है – चौरासी खम्भों की छत्री – बूंदी 

निम्न में से कौन सा शब्द उन स्मारकों की सदियों पुरानी परंपरा को परिभाषित करता है जो शासक परिवारों या अमीर व्यापारियों जैसे प्रतिष्ठित व्यक्तियों की मृत्यु के बाद बनाए गए थे ? 

नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर चुनें।  

[JEN सिविल डिग्री 22.02.2025]

  • दरगाह 

  • छतरियाँ 

  • पोल 

  • बावड़ी 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान में पूर्वजों की मृत्यु के बाद स्मृति-चिह्न बनाने की परंपरा रही है।
👉 शासक वर्ग, सामंत और धनिक वर्ग की स्मृति में विशिष्ट स्मारक बने।
👉 इन स्मारकों को स्थापत्य की दृष्टि से विशेष महत्व दिया गया।
👉 इन्हें प्रचलित रूप से छतरियाँ और देवल कहा जाता है।

✍️ सही उत्तर है – छतरियाँ 

निम्नलिखित का मिलान करें : 

(a) सेठों की छतरी 

(i) बूंदी 

(b) चौरासी खंभों की छतरी 

(ii) करौली 

(c) गोपाल सिंह की छतरी 

(iii) अलवर 

(d) मुसी रानी की छतरी 

(iv) रामगढ़ 

नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर चुनें : 

[खनिज कार्यदेशक 23.02.2025]

  • (a)-(iii), (b)-(i), (c)-(ii), (d)-(iv) 

  • (a)-(ii), (b)-(i), (c)-(iv), (d)-(iii) 

  • (a)-(iv), (b)-(i), (c)-(ii), (d)-(iii) 

  • (a)-(i), (b)-(ii), (c)-(iii), (d)- (iv) 

🔹 व्याख्या

👉 सेठों की छतरी शेखावाटी क्षेत्र के रामगढ़ (सीकर) में बनी है।
👉 चौरासी खम्भों की छतरी बूंदी जिले के देवपुरा गाँव में स्थित है।
👉 गोपाल सिंह की छतरी करौली जिले में पाई जाती है।
👉 मूसी रानी की छतरी अलवर दुर्ग के पास बनी है।

✍️ सही उत्तर है – (a) - (iv), (b) - (i), (c) - (ii), (d) - (iii) 

चौरासी खम्भों की छतरी कहाँ स्थित है ? 

[JEN (विद्युत/यांत्रिक) (डिग्रीधारक) 26.12.2020]

  • करौली

  • बूंदी 

  • जैसलमेर

  • रामगढ़ 

🔹 व्याख्या

👉 प्रसिद्ध चौरासी खम्भों की छतरी बूंदी जिले के देवपुरा गाँव में बनी है।
👉 यह छतरी तीन मंजिला है और शिव उपासना के लिए निर्मित की गई थी।
👉 इसके भीतर पशु-पक्षियों तथा कामसूत्र आधारित चित्र बनाए गए हैं।
👉 निर्माण कार्य 1683 से 1695 ई. के मध्य सम्पन्न हुआ था।

✍️ सही उत्तर है – बूंदी 

महाराणा प्रताप की छतरी कहाँ स्थित है ? 

[REET मुख्य परीक्षा (L -2) 26.02.2023]

  • बंदोली

  • गैटोर

  • माण्डल

  • बूंदी 

🔹 व्याख्या

👉 महाराणा प्रताप की स्मृति में एक विशेष छतरी बनाई गई।
👉 यह छतरी चावंड के निकट बांडोली गाँव में स्थित है।
👉 इसमें 8 खम्भों पर आधारित आकर्षक संरचना है।
👉 इस छतरी का निर्माण महाराणा अमरसिंह प्रथम ने करवाया था।

✍️ सही उत्तर है – बंदोली

प्रसिद्ध चौरासी खम्बों की छतरी कहाँ स्थित है ?

[कनिष्ठ अनुदेशक (कोपा) 24.03.2019]

  • बूंदी 

  • जयपुर 

  • कोटा 

  • रणथम्भौर

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान की प्रसिद्ध चौरासी खम्भों की छतरी बूंदी जिले में है।
👉 यह छतरी देवपुरा गाँव में स्थित है।
👉 इसका निर्माण शिव उपासना के उद्देश्य से किया गया था।
👉 इसमें पशु-पक्षियों तथा कामसूत्र पर आधारित चित्र उकेरे गए हैं।

✍️ सही उत्तर है – बूंदी 

 दुर्गादास राठौड़ की छतरी किस राज्य में स्थित है?

[JEN (कृषि) 10.09.2022]

  • राजस्थान 

  • गुजरात 

  • मध्यप्रदेश 

  • उत्तरप्रदेश 

🔹 व्याख्या

👉 वीर योद्धा दुर्गादास राठौड़ की स्मृति में विशेष छतरी बनाई गई।
👉 यह छतरी राजस्थान में न होकर रामपुरा (मध्यप्रदेश) में स्थित है।
👉 इसे उनकी वीरता और बलिदान का प्रतीक माना जाता है।
👉 यह छतरी उनके ऐतिहासिक महत्त्व को दर्शाती है।

✍️ सही उत्तर है – मध्यप्रदेश 

गैटोर स्थित कछवाहा शासकों की छतरियाँ किस किले की तलहटी में मिलती हैं?

[पुस्तकालयाध्यक्ष ग्रेड -II 11.09.2022]

  • जयगढ़ 

  • विजयगढ़ 

  • आमेर 

  • नाहरगढ़ 

🔹 व्याख्या

👉 गैटोर की छतरियाँ जयपुर के कछवाहा शासकों की स्मृति से जुड़ी हैं।
👉 यह स्थल शासकों का निजी श्मशान घाट माना जाता है।
👉 ये छतरियाँ नाहरगढ़ दुर्ग की तलहटी में स्थित हैं।
👉 इनमें सबसे कलात्मक छतरी सवाई जयसिंह द्वितीय की मानी जाती है।

✍️ सही उत्तर है – नाहरगढ़ 

सूची-I के साथ सूची-II का मिलान कीजिए 

सूची-I (छतरी)

सूची-II (स्थान)

a. सवाई जय सिंह की छतरी

I. अलवर

b. मूसी रानी की छतरी

II. रामगढ़

c. गोपाल सिंह की छतरी

III. गैटोर

d. सेठों की छतरी

IV. करौली

नीचे दिए गए विकल्पों में से सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर चुनें:  

[CET (स्नातक) 27.09.2024 प्रथम चरण]

  • a - IV, b - III, c - I, d - II 

  • a - II, b – I, c - IV, d - III 

  • a - I, b - II, c - III, d - IV 

  • a - III, b - I, c - IV, d - II 

🔹 व्याख्या

👉 सवाई जयसिंह की छतरी जयपुर के गैटोर की छतरियों में बनी है।
👉 मूसी रानी की छतरी अलवर दुर्ग के पास स्थित है।
👉 राव गोपालसिंह की छतरी करौली में पाई जाती है।
👉 सेठ रामगोपाल पोद्दार की छतरी सीकर के रामगढ़ में बनी है।

✍️ सही उत्तर है – a - III, b - I, c - IV, d - II 

जोधपुर में राजाओं की छतरियाँ ___ में स्थित हैं। 

[कनिप्ठ अनुदेशक (रेफ्रीजरेशन) 24.12.2019]

  • ओसिया

  • गैटोर

  • मंडोर 

  • लूणी 

🔹 व्याख्या

👉 जोधपुर नरेशों की स्मृति में बनी छतरियाँ विशिष्ट स्थापत्य का उदाहरण हैं।
👉 इन्हें स्थानीय भाषा में देवल भी कहा जाता है।
👉 ये छतरियाँ जोधपुर के मंडोर बाग क्षेत्र में स्थित हैं।
👉 यहाँ सबसे बड़ी और सुंदर छतरी महाराजा अजीत सिंह की है।

✍️ सही उत्तर है – मंडोर 

राव मालदेव की छतरी निम्नलिखित में से राजस्थान के किस शहर में स्थित है ? 

[कनिष्ठ वैज्ञानिक सहायक (सीरम) 15.09.2019]

  • जोधपुर

  • कोटा 

  • जालौर 

  • जैसलमेर 

🔹 व्याख्या

👉 मारवाड़ के शासक राव मालदेव की छतरी जोधपुर में स्थित है।
👉 प्रारंभ में शासकों की छतरियाँ पंचकुण्ड क्षेत्र में बनती थीं।
👉 राव मालदेव के समय से छतरियाँ मंडोर में बनने लगीं।
👉 मंडोर बाग की छतरियों में राव मालदेव की छतरी प्रमुख है।

✍️ सही उत्तर है – जोधपुर