मारवाड़ में 'दामणी' क्या है ?
[पटवार (द्वितीय चरण) 23.10.2021]
👉 राजस्थान की स्त्रियों के परिधानों में अनेक प्रकार की ओढ़नियाँ प्रचलित थीं।
👉 मारवाड़ क्षेत्र में एक विशेष लाल रंग की ओढ़नी प्रसिद्ध रही।
👉 इस ओढ़नी पर धागों से सुंदर कढ़ाई की जाती थी।
👉 इसी ओढ़नी को मारवाड़ में दामणी कहा जाता है।
✍️ सही उत्तर है – एक प्रकार की ओढ़नी
राजस्थान में आदिवासी महिलाओं में, "कटकी" परिधान कौन पहनता है ?
[कनिष्ठ अनुदेशक (कार्यशाला) 10.09.2022]
👉 राजस्थान की आदिवासी स्त्रियों में अनेक प्रकार की ओढ़नियाँ प्रचलित हैं।
👉 इनमें एक विशेष ओढ़नी कटकी कहलाती है।
👉 इसकी जमीन लाल रंग की होती है, जिस पर सफेद व काले धागे से बूटियाँ बनाई जाती हैं।
👉 यह विशेष रूप से आदिवासी अविवाहित महिलाओं द्वारा पहनी जाती है।
✍️ सही उत्तर है – अविवाहित महिला
मध्यकाल और उसके बाद के समय में, राजस्थान में, निम्नलिखित में से कौनसी पगड़ी की शैली नहीं थी?
[4th Grade (1st Phase) 19.09.2025]
👉 मध्यकाल और उसके बाद के समय में राजस्थान में पगड़ी की कई शैलियाँ प्रचलित थीं जैसे साफा, फेंटा, पटका आदि।
👉 ‘पोमचा’ वास्तव में ओढ़नी या दुपट्टे का एक प्रकार है, पगड़ी की शैली नहीं है।
👉 अतः दिए गए विकल्पों में पोमचा राजस्थान की पगड़ी शैली में शामिल नहीं है।
✍️ सही उत्तर है – पोमचा
'पछेवड़ा' है
[कनिष्ठ अनुदेशक (वायरमेन) 05.01.2025]
👉 राजस्थान में ग्रामीण पुरुषों द्वारा सर्दी से बचने हेतु मोटे वस्त्र ओढ़े जाते हैं।
👉 इन्हीं में एक प्रमुख मोटा वस्त्र पछेवड़ा कहलाता है।
👉 यह कंबल की तरह ओढ़ा जाने वाला वस्त्र है।
👉 अतः यह सीधे तौर पर एक परिधान से संबंधित है।
✍️ सही उत्तर है – परिधान
राजस्थान में तीज के त्यौहार के अवसर पर महिलाएँ अधिकतर ________ पहनती हैं।
निम्नलिखित विकल्पों में से सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर चुनें:
[पशु परिचर (4th Phase) 02.12.2024]
👉 राजस्थान की महिलाएँ विशेष पर्वों पर अलग-अलग ओढ़नियाँ धारण करती हैं।
👉 तीज त्यौहार के अवसर पर एक विशेष ओढ़नी का प्रयोग होता है।
👉 इस समय महिलाएँ प्रायः लहरिया भाँत की ओढ़नी पहनती हैं।
👉 यह श्रावणी पर्व की परंपरा और आस्था से जुड़ी है।
✍️ सही उत्तर है – लहरिया भाँत की ओढ़नी
उदयशाही, खंजरशाही, शिवशाही एवं विजयशाही इत्यादि राजस्थान के किस परिधान से संबंधित हैं ?
निम्नलिखित विकल्पों में से सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर चुनें:
[पशु परिचर (3rd Phase) 02.12.2024]
👉 राजस्थान में पुरुषों की शान का प्रतीक पगड़ी रही है।
👉 विभिन्न कालों में कई शाही पगड़ियाँ प्रचलित हुईं।
👉 इनमें उदयशाही, खंजरशाही, शिवशाही और विजयशाही प्रमुख हैं।
👉 ये सभी पारंपरिक पगड़ी के प्रकार हैं।
✍️ सही उत्तर है – पगड़ी
भीलों के वस्त्रों के संदर्भ में, 'फेटा' है
[वनरक्षक (प्रथम चरण) 12.11.2022]
👉 राजस्थान की भील जनजाति के अपने पारंपरिक वस्त्र प्रचलित हैं।
👉 भील पुरुष पगड़ी के स्थान पर मोटा वस्त्र पोतिया बाँधते हैं।
👉 इसके अतिरिक्त वे सिर पर विशेष प्रकार का साफा भी पहनते हैं।
👉 भीलों के इसी सिर ढकने वाले वस्त्र को फेटा कहा जाता है।
✍️ सही उत्तर है – सिर का वस्त्र (पगड़ी)
निम्नलिखित में से कौन सा पुरुषों का वस्त्र है ?
[REET मुख्य परीक्षा (L -2) 28.02.2023]
👉 राजस्थान में पुरुषों द्वारा पहना जाने वाला प्रमुख वस्त्र अंगरखी कहलाता है।
👉 अंगरखी के विभिन्न रूपों में तनसुख, दुतई, गाबा, गदर, मिरजाई, दोढ़ी, कानो और डगला आते हैं।
👉 दोढ़ी इन्हीं प्रकारों में से एक है।
👉 यह पुरुषों द्वारा पहना जाने वाला ऊपरी वस्त्र है।
✍️ सही उत्तर है – दोढ़ी
मारवाड़ में 'दामणी' क्या था ?
[वनरक्षक (प्रथम चरण) 12.11.2022]
👉 राजस्थान में स्त्रियों के परिधानों में विभिन्न प्रकार की ओढ़नियाँ प्रचलित थीं।
👉 मारवाड़ क्षेत्र में एक विशेष लाल रंग की ओढ़नी लोकप्रिय थी।
👉 इस ओढ़नी पर धागे से सुंदर कशीदाकारी की जाती थी।
👉 इसे मारवाड़ में दामणी कहा जाता था।
✍️ सही उत्तर है – ओढ़नी का एक प्रकार
मारवाड़ में 'दामणी' क्या था ?
[पटवार प्री. परीक्षा 2015]
👉 राजस्थान में स्त्रियों के परिधानों में अनेक प्रकार की ओढ़नियाँ प्रचलित थीं।
👉 मारवाड़ क्षेत्र में एक लाल रंग की कशीदाकारीदार ओढ़नी प्रसिद्ध रही।
👉 इस विशेष ओढ़नी को ही दामणी कहा जाता था।
👉 यह मारवाड़ की स्त्रियों का लोकप्रिय परिधान थी।
✍️ सही उत्तर है – ओढ़नी का एक प्रकार
'पछेवडा' संदर्भित है
[JEN (यांत्रिक) (डिग्रीधारक) 13.12.2020]
👉 राजस्थान के ग्रामीण क्षेत्रों में सर्दी से बचने हेतु मोटे वस्त्र उपयोग में लिए जाते हैं।
👉 इन्हीं में एक प्रमुख वस्त्र पछेवड़ा कहलाता है।
👉 यह कंबल की तरह ओढ़ा जाने वाला परिधान है।
👉 इसका प्रयोग विशेषकर पुरुषों द्वारा किया जाता है।
✍️ सही उत्तर है – परिधान से
राजस्थान के पुरुष, विवाह में किस प्रकार की पगड़ी पहनते हैं ?
[JEN (Agriculture) 22.02.2025]
👉 राजस्थान में विभिन्न अवसरों पर अलग-अलग प्रकार की पगड़ियाँ पहनी जाती हैं।
👉 विवाह के समय पुरुष विशेष रूप से रंग-बिरंगी पगड़ी धारण करते हैं।
👉 इस अवसर पर पहनी जाने वाली पगड़ी को मोठड़ा पगड़ी कहा जाता है।
👉 यह विवाह की शुभता और परंपरा का प्रतीक है।
✍️ सही उत्तर है – मोठड़ा
विजयशाही एक प्रकार का / की ____ है ।
[REET मुख्य परीक्षा (L -2) 26.02.2023]
👉 राजस्थान में पुरुषों के लिए अनेक प्रकार की पगड़ियाँ प्रचलित थीं।
👉 मारवाड़ क्षेत्र में कई शाही पगड़ियाँ प्रसिद्ध थीं।
👉 इन्हीं में से एक विजयशाही पगड़ी रही।
👉 यह महाराजा विजयसिंह के समय प्रचलित थी।
✍️ सही उत्तर है – पगड़ी
निम्न में से कौनसा वस्त्र राजस्थान में प्रतिष्ठा का सूचक माना जाता है ?
[सुपरवाईजर परीक्षा 06.01.2019]
👉 राजस्थान की वेशभूषा में पगड़ी का विशेष स्थान है।
👉 इसे आन, बान और शान का प्रतीक माना जाता है।
👉 पगड़ी पहनना सामाजिक व धार्मिक प्रतिष्ठा से जुड़ा है।
👉 ‘पगड़ी की लाज रखना’ आज भी गौरव का प्रतीक माना जाता है।
✍️ सही उत्तर है – पगड़ी
अमरशाही किसका नाम है ?
[CET (10+2 तृतीय चरण) 05.02.2023]
👉 मेवाड़ क्षेत्र में कई शाही प्रकार की पगड़ियाँ प्रचलित थीं।
👉 इनमें महाराणा अमरसिंह द्वितीय के समय की पगड़ी प्रमुख है।
👉 इस पगड़ी को अमरशाही पगड़ी कहा जाता है।
👉 यह मेवाड़ की विशिष्ट पगड़ी के रूप में जानी जाती है।
✍️ सही उत्तर है – पगड़ी
निम्नलिखित में से किस अवसर पर राजस्थानी महिलाएँ विशेष रूप से 'लहरिया भाँत की ओढ़नी' पहनती हैं?
[Patwar Exam (Shift II) 17.08.2025]
👉 राजस्थान की महिलाएँ तीज के अवसर पर विशेष रूप से ‘लहरिया भाँत की ओढ़नी’ धारण करती हैं।
👉 यह ओढ़नी सावन और तीज पर्व की उमंग का प्रतीक मानी जाती है।
👉 लहरिया वस्त्रों के तरंगदार रंग-बिरंगे डिजाइन महिलाओं की आनंद और उत्सव भावना को दर्शाते हैं।
✍️ सही उत्तर है – तीज
राजस्थान में स्त्रियों द्वारा लहरिया किस अवसर पर पहना जाता है ?
[REET मुख्य परीक्षा (L -2) 26.02.2023]
👉 राजस्थान में स्त्रियों की ओढ़नी व साड़ी के अनेक रूप प्रचलित हैं।
👉 इनमें लहरिया विशेष रूप से लोकप्रिय मानी जाती है।
👉 इसे स्त्रियाँ श्रावण मास के अवसर पर पहनती हैं।
👉 विशेष रूप से यह सावनी तीज पर धारण की जाती है।
✍️ सही उत्तर है – सावनी तीज पर
मेवाड़ की पारंपरिक टोपी को क्या कहा जाता है?
[4th Grade 6th Phase) 21.09.2025]
👉 मेवाड़ क्षेत्र में पुरुषों द्वारा पहनी जाने वाली पगड़ी या साफा राजपूतों की शान और परंपरा का प्रतीक है।
👉 यह राजस्थान की पारंपरिक वेशभूषा का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो सम्मान और गौरव को दर्शाती है।
👉 मेवाड़ में पगड़ी की कई विशिष्ट शैलियाँ प्रचलित हैं, जैसे —
• उदयशाही पगड़ी – महाराणा उदय सिंह के काल से प्रसिद्ध।
• अमरशाही पगड़ी – महाराणा अमर सिंह द्वारा धारण की जाती थी।
• अरसीशाही पगड़ी – महाराणा अरि सिंह के काल में प्रचलन में आई।
• भीमशाही पगड़ी – महाराणा भीम सिंह के समय लोकप्रिय हुई।
👉 इन पगड़ियों के रंग, आकार और बंधेज की शैली पहनने वाले की सामाजिक स्थिति और अवसर को दर्शाती है।
✍️ सही उत्तर है – साफा/पगड़ी
पोमचा क्या है ?
[वनपाल परीक्षा 06.11.2022]
👉 राजस्थान में स्त्रियों की ओढ़नी के अनेक रूप और नाम प्रचलित हैं।
👉 इनमें पोमचा, पीला पोमचा, चीड़ का पोमचा, लहरिया, चुनरी, मोठड़ा, धनक आदि प्रमुख हैं।
👉 पोमचा वस्त्रों की विशेष रंगाई की शैली है।
👉 यह पारंपरिक ओढ़नी के रूप में प्रयोग होता है।
✍️ सही उत्तर है – रंगाई की शैली
अमरशाही किसका नाम है ?
[कर सहायक 14.10.2018]
👉 मेवाड़ क्षेत्र में कई शाही प्रकार की पगड़ियाँ प्रचलित थीं।
👉 महाराणा अमरसिंह द्वितीय के समय की पगड़ी को विशेष स्थान मिला।
👉 इस पगड़ी को अमरशाही पगड़ी कहा जाता है।
👉 यह मेवाड़ की पारंपरिक शाही पगड़ी मानी जाती है।
✍️ सही उत्तर है – पगड़ी
कोटा डोरिया साड़ी का एक अन्य नाम क्या है ? (निम्न में से सबसे उपयुक्त विकल्प चुनें)
[4th Grade (2nd Phase) 19.09.2025]
👉 कोटा डोरिया साड़ी राजस्थान की प्रसिद्ध हाथ से बुनी पारंपरिक साड़ी है।
👉 इसे “कोटा मसूरिया साड़ी” के नाम से भी जाना जाता है।
👉 इस साड़ी की विशेषता इसके जालीनुमा बुनावट (खाना या चेक डिज़ाइन) में होती है।
👉 यह साड़ी कोटा और बूंदी क्षेत्र में बनाई जाती है और अपनी हल्की व आरामदायक बनावट के लिए प्रसिद्ध है।
✍️ सही उत्तर है – कोटा मसूरिया साड़ी
चीर-पटोरी क्या है ?
[वनरक्षक (द्वितीय चरण -B) 11.12.2022]
👉 राजस्थान में स्त्रियों के परिधानों में अनेक प्रकार की साड़ियाँ प्रचलित थीं।
👉 इनमें पट, दुकुल, वसन, चोल, निचोल, अंसुक, चीर-पटोरी, चोरसो प्रमुख रही हैं।
👉 चीर-पटोरी भी इन्हीं में से एक साड़ी का प्रकार है।
👉 यह राजस्थान की पारंपरिक वस्त्र संस्कृति को दर्शाती है।
✍️ सही उत्तर है – साड़ी
सूची I को सूची II से सुमेलित करें :
सूची I |
सूची II |
(a) लहरिया पगड़ी |
(i) विवाह |
(b) मोठड़ा पगड़ी |
(ii) होली |
(c) मदील पगड़ी |
(iii) सावण / श्रावण |
(d) अलंकृत छपाई पगड़ी |
(iv) दशहरा |
नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर चुनें :
[REET Mains ( L-1) 17.01.2026]
🔹 व्याख्या
👉 लहरिया
पगड़ी
प्रायः सावण
/
श्रावण
के अवसर पर पहनी
जाती है।
👉
मोठड़ा
पगड़ी
का प्रयोग मुख्यतः
विवाह
समारोह में
होता है।
👉
मदील
पगड़ी
विशेष रूप से
दशहरा
पर्व से जुड़ी
मानी जाती है।
👉
अलंकृत
छपाई पगड़ी
का उपयोग होली
के अवसर पर किया
जाता है।
✍️ सही उत्तर है – (a)-(iii), (b)-(i), (c)-(iv), (d)-(ii)
नीचे दो कथन दिए गए हैं: एक अभिकथन ( Assertion) A के रूप में लिखित है तो दूसरा उसके कारण (Reason) R के रूप में:
अभिकथन A: पोमचा का अर्थ है कमल पुष्प की आकृति युक्त ओढ़नी।
कारण R: राजस्थान में रंगाई के मुख्य प्रकार पोमचा, लहरिया और चुनड़ी हैं।
उपरोक्त कथन के आलोक में, नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर का चयन कीजिए :
[REET Mains (L-1) 20.01.2026]
🔹 व्याख्या
👉
पोमचा
शब्द का अर्थ
कमल आकृति
वाली ओढ़नी
से होता है।
👉
इसलिए
अभिकथन
A
तथ्यात्मक
रूप से सही
है।
👉
राजस्थान
में पोमचा,
लहरिया
और चुनड़ी
प्रमुख रंगाई
प्रकार
हैं।
👉
परन्तु
यह तथ्य पोमचा
के अर्थ
की व्याख्या
नहीं करता।
✍️ सही उत्तर है – A और R दोनों सही हैं लेकिन R, A की सही व्याख्या नहीं है
राजस्थान की महिलाएँ किस अवसर पर "लहरिया भाँत की ओढ़नी" पहनती हैं ?
निम्नलिखित विकल्पों में से सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर चुनें:
[पशु परिचर (2nd Phase) 01.12.2024]
👉 राजस्थान में स्त्रियों द्वारा अनेक प्रकार की ओढ़नियाँ पहनी जाती हैं।
👉 इनमें विशेष रूप से लहरिया भाँत की ओढ़नी लोकप्रिय है।
👉 यह ओढ़नी स्त्रियाँ सावन-तीज जैसे पर्वों पर पहनती हैं।
👉 इसका प्रयोग मांगलिक और श्रावणी अवसरों पर किया जाता है।
✍️ सही उत्तर है – तीज
नवजात पुत्री की माँ को किस रंग का पोमचा दिया जाता है?
निम्नलिखित विकल्पों में से सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर चुनें:
[पशु परिचर (5th Phase) 03.12.2024]
👉 राजस्थान में पोमचा स्त्रियों की ओढ़नी का विशेष रूप है।
👉 यह विभिन्न अवसरों और परिस्थितियों के अनुसार अलग-अलग रंगों में दिया जाता है।
👉 नवजात पुत्री की माँ को परंपरा अनुसार गुलाबी रंग का पोमचा दिया जाता है।
👉 यह माँ को सम्मान और सौभाग्य का प्रतीक माना जाता है।
✍️ सही उत्तर है – गुलाबी
महिलाओं की ओढ़नी 'पोमचा' का रंग कौन-सा होता है ?
[कनिप्ठ अनुदेशक (रेफ्रीजरेशन) 24.12.2019]
👉 राजस्थान में स्त्रियों की अनेक प्रकार की ओढ़नियाँ प्रचलित हैं।
👉 इनमें एक विशेष ओढ़नी पोमचा कहलाती है।
👉 यह प्रायः पीले रंग में पहनी जाती है।
👉 इसे स्त्रियाँ मांगलिक अवसरों पर धारण करती हैं।
✍️ सही उत्तर है – पीला
भील जनजाति के पुरुष कमर पर जो वस्त्र लपेटा करते हैं, उसे क्या कहा जाता हैं?
[CET (स्नातक) (चरण -I) 07.01.2023]
👉 राजस्थान की भील जनजाति के अपने पारंपरिक वस्त्र होते हैं।
👉 पुरुष विशेष रूप से कमर पर लंगोटिया बाँधते हैं।
👉 इस लंगोटिया को खोयतु कहा जाता है।
👉 यह भील पुरुषों का प्रमुख वस्त्र माना जाता है।
✍️ सही उत्तर है – खोयतु
'पछेवड़ा ' संदर्भित है -
[कनिष्ठ वैज्ञानिक सहायक (रसायन) 14.09.2019]
👉 राजस्थान में सर्दियों में उपयोग होने वाले मोटे वस्त्रों का विशेष महत्व है।
👉 ग्रामीण क्षेत्रों में पुरुष इसे कंबल की तरह ओढ़ते हैं।
👉 इस मोटे ओढ़ने वाले वस्त्र को पछेवड़ा कहा जाता है।
👉 यह सीधे तौर पर परिधान से संबंधित है।
✍️ सही उत्तर है – परिधान
मिरज़ाई, दुतई और डंगला किसके प्रकार हैं?
[VDO Pre. (प्रथम चरण) 27.12.2021]
👉 राजस्थान में पुरुषों का प्रमुख परिधान अंगरखी कहलाता है।
👉 यह बिना कॉलर, बिना बटन का चुस्त ऊपरी वस्त्र होता है।
👉 अंगरखी के कई प्रकार प्रचलित रहे जैसे – तनसुख, दुतई, गाबा, गदर, मिरजाई, डोढ़ी, कानो, डगला।
👉 अतः मिरजाई, दुतई और डगला सभी अंगरखी के प्रकार हैं।
✍️ सही उत्तर है – अंगरखी के
राजस्थानी 'तारा भांत की ओढणी' का पहनावा किसमें प्रचलित है ?
[संगणक परीक्षा 19.12. 2021]
👉 राजस्थान की स्त्रियों में विभिन्न प्रकार की ओढ़नियाँ प्रचलित हैं।
👉 इनमें एक प्रमुख ओढ़नी तारा भांत की ओढ़नी है।
👉 इसकी जमीन भूरी व लाल रंग की होती है और किनारों पर काला व षट्कोणीय तारों जैसा अलंकरण होता है।
👉 यह पहनावा विशेष रूप से आदिवासी महिलाओं में प्रचलित है।
✍️ सही उत्तर है – आदिवासी महिलाएँ
भील जनजाति की स्त्रियों द्वारा पहने जाने वाला लम्बा घाघरा जिस नाम से जाना जाता है, वह है -
JEN (विद्युत डिप्लोमाधारक) 19.05.2022
👉 राजस्थान की भील जनजाति के पुरुष व स्त्रियों के अलग-अलग वस्त्र प्रचलित हैं।
👉 स्त्रियाँ विशेष रूप से लंबा घाघरा पहनती हैं।
👉 इस लंबे घाघरे को कछाबू कहा जाता है।
👉 यह भील स्त्रियों का प्रमुख परिधान है।
✍️ सही उत्तर है – कछाबू
राष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्ध राजस्थानी पोशाक है: नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर का चुनाव करें:
[4th Grade 5th Phase) 21.09.2025]
👉 जोधपुरी कोट या जोधपुरी सूट राजस्थान की राष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्ध पारंपरिक वेशभूषा है।
👉 यह पोशाक राजसी गरिमा और शालीनता का प्रतीक मानी जाती है।
👉 इसमें आमतौर पर बंद गला, फिटिंग कोट और पतलून शामिल होते हैं।
👉 यह पोशाक केवल राजस्थान ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी लोकप्रिय है।
✍️ सही उत्तर है – जोधपुरी कोट
राजस्थान के सन्दर्भ में 'पीला पोमचा' है ?
[पशुधन सहायक (LSA) 21.10.2018]
👉 राजस्थान की स्त्रियों की ओढ़नी में विभिन्न प्रकार के पोमचा प्रचलित हैं।
👉 इनमें एक विशेष रूप से लोकप्रिय पीला पोमचा है।
👉 यह स्त्रियों द्वारा मांगलिक अवसरों पर पहना जाने वाला कपड़ा है।
👉 इसका प्रयोग पारंपरिक ओढ़नी के रूप में किया जाता है।
✍️ सही उत्तर है – कपड़ा
निम्नलिखित में से कौन एक साड़ी का प्रकार नहीं है ? (निम्न में से सबसे उपयुक्त विकल्प चुनें)
[Supervisor (महिला) 07.09.2024]
👉 राजस्थान में अनेक प्रकार की साड़ियाँ प्रचलित रही हैं।
👉 इनमें पट, दुकुल, वसन, चोल, निचोल, अंसुक, चीर-पटोरी, चोरसो, ओढ़नी, चूंदड़ी, धोरावाली साड़ी प्रमुख हैं।
👉 लहरिया व बंधेज की साड़ियाँ भी विशेष रूप से प्रसिद्ध हैं।
👉 डागला वस्त्र का प्रकार है, पर यह साड़ी नहीं है।
✍️ सही उत्तर है – डागला
चोल, निकोल, पट्टा, दुकूल, चोरसो ___ के विभिन्न नाम हैं।
[CET (10+2 पंचम चरण) 11.02.2023]
👉 राजस्थान में स्त्रियों के परिधानों में ओढ़नी का विशेष स्थान है।
👉 ओढ़नी के अनेक नाम और रूप प्रचलित रहे हैं।
👉 इनमें चोल, निकोल, पट्टा, दुकूल, चोरसो प्रमुख हैं।
👉 ये सभी नाम ओढ़नी के विभिन्न प्रकारों को दर्शाते हैं।
✍️ सही उत्तर है – ओढ़नी
राजस्थान में प्राचीन समय से पुरुष परिधान के लिए किस प्रकार का वस्त्र उपयोग में लाया जाता है ?
निम्नलिखित विकल्पों में से सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर चुनें:
[पशु परिचर (6th Phase) 03.12.2024]
👉 राजस्थान में पुरुषों के लिए विभिन्न प्रकार के परिधान प्रचलित रहे हैं।
👉 प्राचीन सभ्यताओं जैसे कालीबंगा और आहड़ काल से ही वस्त्र उपयोग में थे।
👉 उस समय से पुरुष परिधान के लिए मुख्य रूप से सूती वस्त्र प्रयुक्त होते थे।
👉 यह परंपरा लंबे समय तक राजस्थान में बनी रही।
✍️ सही उत्तर है – सूती
राजस्थान में तनसुख, दुत्तई, मिर्जई, गाबा आदि नाम किस वस्त्र के लिए प्रयुक्त होते हैं ?
[Conductor Exam 06.11.2025]
🔹 व्याख्या
👉
राजस्थान
में अंगरखी
(या
बुगत्तरी)
के
विभिन्न प्रकारों
के लिए तनसुख,
दुत्तई,
मिर्जई,
गाबा,
गदर,
डगला
आदि नाम प्रयुक्त
होते हैं।
👉
यह
पुरुषों
द्वारा ऊपरी
शरीर पर पहना
जाने वाला पारंपरिक
परिधान
है।
👉
Testbook
के
अनुसार अंगरखी
कमर तक
की एक आस्तीनदार
पोशाक
होती है,
जिसे
कंधे के
पास बांधा जाता
है।
✍️ सही उत्तर है – अंगरखी
श्रावण माह में तीज के अवसर पर राजस्थानी पुरुष किस प्रकार की पगड़ी पहनते हैं? (निम्न में से सबसे उपयुक्त विकल्प चुनें)
[4th Grade (3rd Phase) 20.09.2025]
👉 श्रावण माह की तीज राजस्थान का प्रमुख सांस्कृतिक पर्व है।
👉 इस अवसर पर राजस्थानी पुरुष ‘लहरिया’ पगड़ी पहनते हैं।
👉 यह पगड़ी तरंगदार बहुरंगी डिज़ाइन वाली होती है, जो सावन की हरियाली और उत्सव के रंगों को दर्शाती है।
👉 लहरिया पगड़ी पारंपरिक रूप से उत्सव, आनंद और सौहार्द का प्रतीक मानी जाती है।
✍️ सही उत्तर है – लहरिया
अटपटी, अमरशाही, उदहशाही और शिवशाही क्या हैं ?
[वनपाल परीक्षा 06.11.2022]
👉 राजस्थान में पुरुषों की वेशभूषा में पगड़ी का विशेष महत्व है।
👉 यहाँ अनेक शाही पगड़ियों के प्रकार प्रचलित रहे।
👉 इनमें अटपटी, अमरशाही, उदयशाही और शिवशाही प्रमुख हैं।
👉 ये सभी पारंपरिक पगड़ियों के प्रकार हैं।
✍️ सही उत्तर है – पगड़ियों के प्रकार
सूची-I का सूची-II से मिलान कीजिए।
|
सूची-I गहने |
सूची-II अंग |
|
a. पीपलपत्र |
I. गर्दन |
|
b. दामना |
II. माथा |
|
c. बोरला |
III. उंगली |
|
d. थुस्सी |
IV. कान |
नीचे दिए गए विकल्पों में से सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर चुनें।
[Supervisor (महिला) 07.09.2024]
👉 पीपलपत्र आभूषण कान में पहना जाता है।
👉 दामना गहना उंगली में धारण किया जाता है।
👉 बोरला आभूषण माथे पर सजता है।
👉 थुस्सी गहना गर्दन में पहना जाता है।
✍️ सही उत्तर है – a-IV, b-III, c-II, d-I
मध्यकाल में खन्गा एक प्रकार का __था।
[REET मुख्य परीक्षा (L -2) 28.02.2023]
👉 मध्यकाल में अनेक प्रकार की पगड़ियाँ प्रचलित थीं।
👉 इनमें अमीरशाही, अटपटी, शिवशाही, शाहजहानी आदि पगड़ियाँ प्रमुख थीं।
👉 इन्हीं में खन्गा भी एक प्रकार की पगड़ी थी।
👉 यह पुरुषों के सिर पर धारण की जाती थी।
✍️ सही उत्तर है – पगड़ी
पछेवड़ा क्या है?
[JEN (कृषि) 10.09.2022]
👉 राजस्थान के ग्रामीण क्षेत्रों में पुरुष सर्दी से बचने के लिए मोटे वस्त्र ओढ़ते हैं।
👉 इन्हीं में एक प्रमुख वस्त्र पछेवड़ा कहलाता है।
👉 यह कंबल की तरह ओढ़ने वाला मोटा वस्त्र होता है।
👉 इसका प्रयोग मुख्यतः सर्दियों में किया जाता है।
✍️ सही उत्तर है – ओढ़ने वाला मोटा वस्त्र
राजस्थान में स्त्री परिधान 'पोमचा' को कहा जाता हैं -
[हाउस कीपर परीक्षा 09.07.2022]
👉 राजस्थान की स्त्रियों के परिधानों में विभिन्न प्रकार की ओढ़नियाँ प्रचलित हैं।
👉 इनमें एक विशेष ओढ़नी पोमचा कहलाती है।
👉 यह प्रायः पीले रंग में धारण की जाती है।
👉 इसे विशेष रूप से सुहाग व मांगलिक अवसरों पर पहना जाता है।
✍️ सही उत्तर है – पीला
भील जनजाति में 'कछावू' कौन पहनता है ?
ग्रामसेवक & छात्रा. अधीक्षक 18.12.2016
👉 राजस्थान की भील जनजाति के अपने पारंपरिक वस्त्र हैं।
👉 स्त्रियाँ विशेष रूप से लम्बा घाघरा धारण करती हैं।
👉 इस लंबे घाघरे को कछावू कहा जाता है।
👉 इसे भील जनजाति की महिलाएँ पहनती हैं।
✍️ सही उत्तर है – महिलाएँ
राजस्थान में विवाह के अवसर पर पुरुष किस प्रकार की पगड़ी पहनते हैं ?
निम्नलिखित विकल्पों में से सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर चुनें:
[पशु परिचर (1st Phase) 01.12.2024]
👉 राजस्थान में विभिन्न अवसरों पर अलग-अलग प्रकार की पगड़ियाँ पहनी जाती हैं।
👉 विवाह के समय पुरुष विशेष रूप से रंगीन साफा/पगड़ी धारण करते हैं।
👉 इस अवसर पर प्रचलित पगड़ी को मोठड़ा पगड़ी कहा जाता है।
👉 यह पगड़ी विवाह की शुभता और परंपरा का प्रतीक है।
✍️ सही उत्तर है – मोठड़ा