नीचे दो कथन दिए गए हैं:
कथन (I) : राजस्थान में कंजर जनजाति अधिकतर कोटा, बूंदी, बारां, झालावाड़, भीलवाड़ा, उदयपुर, अजमेर और अलवर इलाकों में पाई जाती है।
कथन (II) : कंजर जनजाति में, परिवार के प्रमुख को 'कोतवाल' के नाम से जाना जाता है।
उपरोक्त कथनों के आलोक में, नीचे दिए गए विकल्पों में से सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर चुनें।
[CET स्नातक 28.09.2024 तृतीय चरण]
👉 कंजर जनजाति राजस्थान की एक घुमक्कड़ व अनुसूचित जाति है।
👉 यह अधिकतर भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़, अलवर, अजमेर व आसपास के जिलों में पाई जाती है।
👉 इस जनजाति में परिवार या समाज का मुखिया पटेल कहलाता है।
👉 अतः पहला कथन सही है, पर दूसरा कथन गलत है।
✍️ सही उत्तर है – कथन (I) सही है लेकिन कथन (II) गलत है।
राजस्थान में भीलों द्वारा पहाडी भागों में की जाने वाली कृषि कहलाती है -
JEN (सिविल डिप्लोमाधारक) 18.05.2022
👉 भील जनजाति राजस्थान की दूसरी सबसे बड़ी जनजाति है।
👉 भील लोग पहाड़ी जंगल को काटकर या जलाकर कृषि करते हैं।
👉 इस प्रकार की स्थानान्तरित कृषि पद्धति को चिमाता कहा जाता है।
👉 यह भीलों की पारंपरिक जीविकोपार्जन प्रणाली का हिस्सा है।
✍️ सही उत्तर है – चिमाता
राजस्थान के जनजातीय समुदायों में प्रचलित लोक-कला, जिसमें सुई जैसे औज़ार से सजावट के लिए त्वचा में काले रंग को डाला जाता है, उसे कहते हैं -
[4th Grade (1st Phase) 19.09.2025]
👉 गोदना राजस्थान के जनजातीय समुदायों में प्रचलित एक पारंपरिक टैटू कला है।
👉 इस कला में सुई जैसे नुकीले औज़ार से त्वचा को छेदकर काले रंग से आकृतियाँ बनाई जाती हैं।
👉 गोदना को शारीरिक सजावट और पहचान के रूप में माना जाता है।
👉 यह परंपरा विशेष रूप से आदिवासी और ग्रामीण महिलाओं में आज भी प्रचलित है।
✍️ सही उत्तर है – गोदना
कर्नल टॉड के अनुसार, मीणाओं का मूल निवास स्थान निम्न में से कौन सा था ?
[CET (स्नातक) (चरण -III) 08.01.2023]
👉 मीणा जनजाति राजस्थान की सबसे बड़ी जनजाति है।
👉 इनके उद्भव व मूल निवास स्थान को लेकर विभिन्न मत मिलते हैं।
👉 कर्नल जेम्स टॉड ने मीणाओं का मूल निवास स्थान कालीखोह पर्वतमाला माना है।
👉 यह पर्वतमाला अजमेर और आगरा के बीच स्थित बताई जाती है।
✍️ सही उत्तर है – काली खोह पर्वतमाला
राजस्थान की जनजातियों के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार करें :
(a) डामोर जनजाति मुख्यतया डूंगरपुर ज़िले की सीमलवाड़ा पंचायत समिति में संकेन्द्रित है।
(b) भील, राजस्थान में मुख्य जनजाति समूह है।
(c) मीणा संख्या के अनुसार राजस्थान में सबसे बड़ी जनजाति है।
(d) सांसी अधिकांशतया जयपुर ज़िले में पायी जाने वाली घुमंतू जनजाति है।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर चुनें :
[REET Mains L-2 Hindi 19.01.2026]
🔹 व्याख्या
👉 डामोर जनजाति डूंगरपुर की सीमलवाड़ा में सर्वाधिक रहती है।
👉 मीणा जनजाति राजस्थान का सबसे बड़ा समूह है।
👉 भील जनजाति राज्य का दूसरा बड़ा समूह है।
👉 सांसी जनजाति मुख्य रूप से भरतपुर जिले में पाई जाती है।
✍️ सही उत्तर है – a, b, c
नीचे दो कथन दिए गए हैं: एक अभिकथन (Assertion) A के रूप में लिखित है तो दूसरा उसके कारण (Reason) R के रूप में -
अभिकथन A: भील, भारत में सबसे बड़ा जनजातीय समूह है।
कारण R: राजस्थान के भील स्थानांतरित कृषि करते हैं, जिसे स्थानीय रूप से वालरा कहा जाता है।
उपरोक्त कथनों के आलोक में, नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर का चयन कीजिए:
[REET Mains (L-1) 20.01.2026]
🔹 व्याख्या
👉
भील
जनजाति
भारत का सबसे
बड़ा
जनजातीय समूह
मानी जाती है।
👉
इसलिए
अभिकथन
A
तथ्यात्मक
रूप से सही
है।
👉
राजस्थान
में भील
जनजाति
द्वारा स्थानांतरित
कृषि की
जाती है।
👉
इस
कृषि को स्थानीय
रूप से वालरा
कहा जाता है।
✍️ सही उत्तर है – A और R दोनों सही हैं लेकिन R, A की सही व्याख्या नहीं है
अर्जुनायन जाति के प्रभाव क्षेत्र में सम्मिलित प्रान्त कौन से हैं ?
[JEN (विद्युत/यांत्रिक) (डिप्लोमा) 26.12.2020]
👉 अर्जुनायन जाति प्राचीनकाल की एक प्रमुख जनजाति थी।
👉 इसका प्रभाव क्षेत्र राजस्थान के अलवर और भरतपुर प्रांतों में पाया जाता था।
👉 इन क्षेत्रों में अर्जुनायन जाति ने अपना राजनैतिक व सामाजिक प्रभाव स्थापित किया।
✍️ सही उत्तर है – अलवर-भरतपुर प्रांत
'कथोड़ी जनजाति मुख्यतः किस जिले में पायी जाती है?
[CET (स्नातक) (चरण -IV) 08.01.2023]
👉 कथौड़ी जनजाति राजस्थान की एक छोटी जनजाति है।
👉 वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार इनकी संख्या मात्र 4833 दर्ज की गई।
👉 इनका सर्वाधिक निवास राजस्थान के उदयपुर जिले में पाया जाता है।
👉 झाड़ौल, कोटड़ा व सलूम्बर की पंचायत समितियों में इनकी संख्या अधिक है।
✍️ सही उत्तर है – उदयपुर
राजस्थान में “ऊंदरिया पंथ” किनमें प्रचलित है ?
[पटवारी मुख्य परीक्षा 24.12.2016]
👉 भील जनजाति राजस्थान की सबसे प्राचीन जनजाति मानी जाती है।
👉 इनके समाज में विभिन्न धार्मिक मान्यताएँ प्रचलित हैं।
👉 इन्हीं में एक प्रमुख आस्था "ऊंदरिया पंथ" के रूप में मान्य है।
👉 यह पंथ भीलों की धार्मिक परंपराओं और सामाजिक जीवन से जुड़ा है।
✍️ सही उत्तर है – भीलों में
राजस्थान के पारंपरिक शिकारी हैं:
a. थोरी
b. नायक
c. सांसी
d. बोलिया
नीचे दिए गए विकल्पों में से सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर चुनें।
[पशु परिचर (3rd Phase) 02.12.2024]
👉 राजस्थान में कुछ जातियाँ परंपरागत रूप से शिकारी मानी जाती रही हैं।
👉 इनमें थोरी, नायक और बोलिया प्रमुख शिकारी वर्ग रहे हैं।
👉 सांसी जाति घुमक्कड़ एवं खानाबदोश है, पर यह पारंपरिक शिकारियों में नहीं आती।
👉 इसलिए सही विकल्प केवल a, b और d ही हैं।
✍️ सही उत्तर है – केवल a, b और d
हेलरु संस्था संबद्ध है
[VDO मुख्य परीक्षा 09.07.2022]
👉 गरासिया जनजाति राजस्थान की एक प्रमुख जनजाति है।
👉 इस जनजाति में हेलरु नामक एक सहकारी संस्था प्रचलित है।
👉 हेलरु संस्था गरासियों की सामूहिक सहयोग और संगठन की परंपरा को दर्शाती है।
👉 यह संस्था गरासिया समाज की सामाजिक एकता का प्रतीक मानी जाती है।
✍️ सही उत्तर है – गरासिया जनजाति
निम्नलिखित में से कौन-सा कथन राजस्थान की सहरिया जनजाति के बारे में सही नहीं है ?
[CET (स्नातक) 27.09.2024 प्रथम चरण]
👉 सहरिया जनजाति राजस्थान की एकमात्र आदिम जनजाति है।
👉 इस जनजाति के गाँव या बस्ती का मुखिया कोतवाल कहलाता है।
👉 प्रश्न में दिया गया कथन कि इनका मुखिया तपाड़ा कहलाता है, असत्य है।
👉 अतः यह कथन सहरिया जनजाति के बारे में सही नहीं है।
✍️ सही उत्तर है – इस जनजाति के मुखिया को तपाड़ा कहा जाता है।
कटे हुए कान तथा 'जटा' निम्न में से किसका परिचयात्मक प्रतीक होते हैं ? [*]
[सूचना सहायक 12.05.2018]
📌 नोट : यह प्रश्न परीक्षा बोर्ड द्वारा डिलीट माना गया है।
पटेल्या बीछियों एवं लालर प्रमुख लोकगीत है -
[पर्यवेक्षक परीक्षा 29.11.2015]
👉 राजस्थान के आदिवासी समाज में कई प्रकार के लोकगीत प्रचलित हैं।
👉 इनमें विशेष रूप से पटेल्या बीछियों और लालर प्रमुख लोकगीत माने जाते हैं।
👉 ये लोकगीत आदिवासियों की संस्कृति और लोकजीवन को व्यक्त करते हैं।
✍️ सही उत्तर है – आदिवासियों के
गोविन्द गीरी किस जाति से सम्बन्धित थे
[JEN (विद्युत/यांत्रिक) (डिग्रीधारक) 26.12.2020]
👉 गोविन्द गीरी राजस्थान के एक प्रमुख सामाजिक सुधारक थे।
👉 वे विशेष रूप से बंजारा जाति से सम्बन्धित थे।
👉 इन्होंने आदिवासियों व वंचित वर्गों में जागृति और संगठन का कार्य किया।
👉 गोविन्द गीरी ने समाज में सुधार हेतु अनेक आन्दोलन चलाए।
✍️ सही उत्तर है – बंजारा जाति
'कू' क्या है?
[हाउस कीपर परीक्षा 09.07.2022]
👉 भील जनजाति राजस्थान की दूसरी सबसे बड़ी जनजाति है।
👉 भील अपने घर को विशेष नाम से कू / टापरा कहते हैं।
👉 यह घर घास-फूस से बना साधारण निवास स्थान होता है।
👉 कू भील जनजाति की परंपरागत आवास व्यवस्था का प्रतीक है।
✍️ सही उत्तर है – भील जनजाति का घर
सूची-I को सूची-II से सुमेलित करें :
सूची-I (जनजाति) |
सूची-II (उनकी विशेषता) |
(a) भील |
(i) राजस्थान में सबसे बड़ा जनजातीय समूह |
(b) मीणा |
(ii) विवाह की मोर बंधिया रीति का अनुपालन |
(c) गरासिया |
(iii) भारत में सबसे बड़ा जनजातीय समूह |
(d) सहरिया |
(iv) मुख्यतया “बेहरू भवानी” की पूजा |
नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर चुनें :
[REET Mains L-2 Eng) 19.01.2026]
🔹 व्याख्या
👉 भील
भारत में सबसे
बड़े जनजातीय
समूह में
आते हैं।
👉
मीणा
राजस्थान के
मुख्य
जनजातीय समूह
हैं।
👉
गरासिया
अपनी मोर
बंधिया विवाह
रीति के
लिए जाने जाते
हैं।
👉
सहरिया
मुख्यतः बेहरू
भवानी
की पूजा करते
हैं।
✍️ सही उत्तर है – (a)-(iii), (b)-(i), (c)-(ii), (d)-(iv)
गरासिया जनजाति का मुखिया कहलाता है
[REET मुख्य परीक्षा (L -2) 25.02.2023]
👉 गरासिया जनजाति राजस्थान की प्रमुख जनजाति है।
👉 इनके गाँव या पंचायत का मुखिया सहलोत कहलाता है।
👉 सहलोत गरासियों की सामाजिक पंचायत का नेतृत्व करता है।
👉 यह गाँव के विवादों व परम्पराओं में अंतिम निर्णयकर्ता होता है।
✍️ सही उत्तर है – सहलोत
'पाल' किसे कहते हैं ?
VDO Pre. (द्वितीय चरण) 27.12.2021
👉 भील जनजाति राजस्थान की प्राचीनतम जनजाति है।
👉 भीलों के बहुत से झोपड़ों का समूह या बड़ा गाँव पाल कहलाता है।
👉 पाल का नेतृत्व करने वाला प्रमुख व्यक्ति पालवी कहलाता है।
👉 यह भीलों की सामूहिक बस्ती व्यवस्था का प्रतीक है।
✍️ सही उत्तर है – भीलों की बस्ती
'गमेती' निम्नलिखित में से किस जनजाति के लोगों के नेता होता है ?
[कृषि पर्यवेक्षक परीक्षा 03.03.2019]
👉 भील जनजाति राजस्थान की दूसरी सबसे बड़ी जनजाति है।
👉 भीलों के गाँवों के समूह का मुखिया गमेती कहलाता है।
👉 गमेती भीलों की सामाजिक पंचायत का संचालन करता है।
👉 यह व्यक्ति विवादों का निपटारा कर न्याय देने वाला प्रमुख होता है।
✍️ सही उत्तर है – भील
राजस्थान में ‘फड़' वाचक कौन थे ? (निम्न में से सबसे उपयुक्त विकल्प चुनें)
[Platoon Commander 22.11.2025]
🔹 व्याख्या
👉
‘फड़’
राजस्थान की
पारंपरिक चित्रकला
है,
जिसमें
लोकदेवताओं
की कथाएँ चित्रित
होती हैं।
👉
इन
फड़ों का वाचन
(कथा
गायन)
विशेष
लोक कलाकार
करते थे।
👉
इन्हें
भोपा
कहा जाता है,
जो
फड़ के सामने
कथा गाते हैं।
✍️ सही उत्तर है – भोपा
राजस्थान में राईका जाति किस व्यवसाय से संबंधित है ?
[JEN (कृषि) 10.09.2022]
👉 राईका जाति राजस्थान की पारंपरिक समुदाय है।
👉 यह जाति विशेष रूप से ऊँट पालन से जुड़ी रही है।
👉 राईका लोग ऊँटों के पालन-पोषणकर्ता और संरक्षक कहलाते हैं।
👉 इन्हें राजस्थान में ऊँटों के परंपरागत पालक वर्ग के रूप में पहचाना जाता है।
✍️ सही उत्तर है – परंपरागत ऊँट पालन-पोषणकर्ता
नीचे दो कथन दिए गए हैं:
कथन (I) : सांसी एक घुमन्तू जनजाति है, जो कि मुख्यतः भरतपुर ज़िले में पाई जाती है।
कथन (II) : सांसी जनजाति के वीजा और मावा दो वर्ग हैं।
उपरोक्त कथनों के आलोक में, नीचे दिए गए विकल्पों में से सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर चुनें।
[CET स्नातक 28.09.2024 तृतीय चरण]
👉 सांसी जाति राजस्थान की एक घुमक्कड़ और खानाबदोश जाति है।
👉 यह जाति मुख्यतः भरतपुर, डीग व झुंझुनूं क्षेत्रों में पाई जाती है।
👉 सांसी जाति की दो उपजातियाँ मानी जाती हैं – बीजा और माला।
👉 अतः दोनों कथन इस जनजाति के बारे में सही हैं।
✍️ सही उत्तर है – कथन (I) और कथन (II) दोनों सही हैं।
'कू' संबंधित है
[स्टेनोग्राफर परीक्षा 21.03.2021]
👉 भील जनजाति राजस्थान की दूसरी सबसे बड़ी जनजाति है।
👉 भील अपने घर को विशेष रूप से कू / टापरा कहते हैं।
👉 यह घर घास-फूस से बना साधारण निवास स्थान होता है।
👉 कू भील जनजाति की पारंपरिक आवास शैली का परिचायक है।
✍️ सही उत्तर है – भील जनजाति के घर से