निम्नलिखित में से कौन सा (लोकदेवी स्थान) सुमेलित नहीं हैं ?
[वनरक्षक (प्रथम चरण) 12.11.2022]
👉 आई माता का प्रमुख संबंध बिलाड़ा (जोधपुर) से है।
👉 इन्हें विशेष रूप से सिरवी जाति की कुलदेवी माना जाता है।
👉 जबकि ओसियां की कुलदेवी सच्चियाय माता (सच्चिका माता) हैं।
👉 इस कारण दिया गया मेल सही नहीं है।
✍️ सही उत्तर है – आई माता – ओसियां
अलवर क्षेत्र की लोकदेवी के रूप में किसे मान्यता प्राप्त है ?
[वनरक्षक (चतुर्थ चरण) 13.11.2022]
👉 अलवर क्षेत्र में पूजित प्रमुख लोकदेवी जिलाणी माता हैं।
👉 ये एक गुर्जर महिला थीं जिन्होंने धर्मान्तरण रोकने में सहायता की थी।
👉 इसी कारण इन्हें समाज में लोकदेवी के रूप में मान्यता मिली।
👉 इनका मंदिर बहरोड़ (कोटपूतली-बहरोड़) क्षेत्र में स्थित है।
✍️ सही उत्तर है – जिलाणी माता
अष्टभुजी देवी "जीण माता” किस देवी का अवतार मानी जाती हैं ?
निम्नलिखित विकल्पों में से सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर चुनें:
[पशु परिचर (5th Phase) 03.12.2024]
👉 राजस्थान की विख्यात लोकदेवी जीण माता की प्रतिमा अष्टभुजी (आठ भुजाओं वाली) है।
👉 इन्हें नवदुर्गाओं में से एक माना गया है।
👉 जीण माता का उल्लेख भागवत पुराण के नवें स्कंध में भी मिलता है।
👉 इस कारण जीण माता को देवी दुर्गा का अवतार स्वीकार किया जाता है।
✍️ सही उत्तर है – दुर्गा
लांगुरिया गाना किस देवता/देवी से संबंधित है ?
[CET (10+2) 23.10.2024 तृतीय चरण]
👉 राजस्थान का लोकप्रिय लांगुरिया गीत देवी-आराधना से जुड़ा है।
👉 यह गीत विशेष रूप से कैला देवी की पूजा के समय गाया जाता है।
👉 इसमें हनुमान जी को लंगूर मानकर उनका स्मरण किया जाता है।
👉 चैत्र शुक्ल अष्टमी के कैला देवी मेले में यह परम्परा प्रमुख है।
✍️ सही उत्तर है – कैला देवी
बिलाडा का संबंध किस लोक देवी से है ?
[वनरक्षक (प्रथम चरण) 12.11.2022]
👉 बिलाड़ा (जोधपुर) का संबंध प्रमुख लोकदेवी आई माता से है।
👉 इनका मूल नाम जीजी बाई था, जिन्हें बाद में आईजी माता कहा जाने लगा।
👉 ये विशेष रूप से सिरवी जाति की कुलदेवी हैं।
👉 इनके मंदिर को 'दरगाह' तथा समाधि स्थल को 'बडेर' कहा जाता है।
✍️ सही उत्तर है – आई माता
चौथमाता किस जनजाति की कुलदेवी (आराध्यदेवी) है ?
[REET मुख्य परीक्षा (L -2) 28.02.2023]
👉 चौथ माता का प्रमुख मंदिर चौथ का बरवाड़ा (सवाईमाधोपुर) में है।
👉 यह माता विशेष रूप से कंजर जाति की कुलदेवी मानी जाती हैं।
👉 स्थानीय समाज में इनकी पूजा आस्था और परम्परा से जुड़ी हुई है।
👉 नवरात्रों और अन्य अवसरों पर यहाँ धार्मिक आयोजन होते हैं।
✍️ सही उत्तर है – कंजर
राजस्थान में किस देवी के तीर्थ तरताई देवी के रूप में जाने जाते हैं ?
[Platoon Commander 22.11.2025]
🔹 व्याख्या
👉
राजस्थान
में तरताई
देवी के
नाम से प्रसिद्ध
तीर्थ एक शक्तिपीठ
के रूप में मान्य
है।
👉
यह
तीर्थ वास्तव
में त्रिपुरा
सुंदरी देवी
से संबंधित
है।
👉
स्थानीय
स्तर पर इन्हें
तरताई माता
के नाम से भी
पूजा जाता है।
✍️ सही उत्तर है – त्रिपुरा सुंदरी
निम्न में से किस लोक देवी को “थार की वैष्णो देवी" कहा जाता है ?
[कर सहायक 14.10.2018]
👉 राजस्थान की प्रसिद्ध लोकदेवी तनोट माता का संबंध जैसलमेर से है।
👉 इन्हें विशेष रूप से “थार की वैष्णो देवी” कहा जाता है।
👉 इनका मंदिर तनोट में स्थित है, जिसे रूमाल वाला मंदिर भी कहते हैं।
👉 यहाँ BSF के जवान पूजा करते हैं और नवरात्रों में मेला भरता है।
✍️ सही उत्तर है – तनोट माता
निम्नलिखित में से कौन-सा समुदाय/समाज माँ त्रिपुरा सुंदरी की पूजा अपनी कुल देवी के रूप में करता है ?
[Conductor Exam 06.11.2025]
🔹 व्याख्या
👉
माँ
त्रिपुरा सुंदरी
(तिलोरा
माता)
राजस्थान
की प्रसिद्ध
कुलदेवी मानी
जाती हैं।
👉
पंचाल
समुदाय
माँ त्रिपुरा
सुंदरी को अपनी
कुल देवी
के रूप में पूजता
है।
👉
उनका
प्रमुख मंदिर
बाँसवाड़ा
(तिलोरा)
में
स्थित है।
👉
अन्य
समुदायों की
कुलदेवियाँ
अलग-अलग
मानी जाती हैं।
✍️ सही उत्तर है – पंचाल
अलवर क्षेत्र की लोकदेवी के रूप में किसे मान्यता प्राप्त है ?
JEN (विद्युत/यांत्रिक, डिप्लोमा) 20.05.2022
👉 अलवर क्षेत्र में प्रसिद्ध लोकदेवी जिलाणी माता हैं।
👉 वे मूलतः गुर्जर जाति की महिला थीं।
👉 इन्होंने समाज में धर्मान्तरण रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
👉 इसी कारण इन्हें यहाँ लोकदेवी के रूप में मान्यता प्राप्त है।
✍️ सही उत्तर है – जिलाणी माता
राजस्थान के करौली क्षेत्र में कैला देवी के भक्तों द्वारा गाए जाने वाले भक्ति गीतों को क्या कहा जाता है?
[4th Grade 6th Phase) 21.09.2025]
👉 लांगुरिया गीत राजस्थान के करौली क्षेत्र में देवी कैला देवी की आराधना में गाए जाने वाले भक्ति गीत हैं।
👉 ये गीत विशेष रूप से नवरात्रों के अवसर पर गाए जाते हैं, जब कैला देवी मंदिर में विशाल मेला आयोजित होता है।
👉 इन्हें कैला देवी के भक्तों द्वारा भक्ति और उत्साह के साथ प्रस्तुत किया जाता है।
👉 इन गीतों के साथ लांगुरिया नृत्य भी किया जाता है, जो भक्ति और आनंद का सामूहिक प्रदर्शन होता है।
👉 यह परंपरा करौली क्षेत्र की धार्मिक आस्था और लोकभक्ति का प्रतीक है।
✍️ सही उत्तर है – लांगुरिया
करणी माता राजस्थान के किस राजवंश की कुलदेवी है ?
[कनिष्ठ अनुदेशक (STE) 05.01.2025]
👉 राजस्थान की लोकदेवी करणी माता का विशेष संबंध बीकानेर से है।
👉 इन्हें चारण जाति की आराध्य देवी माना गया है।
👉 बीकानेर के राठौड़ राजवंश ने इन्हें अपनी कुलदेवी के रूप में स्वीकार किया।
👉 इनका प्रसिद्ध मंदिर देशनोक (बीकानेर) में स्थित है।
✍️ सही उत्तर है – राठौड़ वंश
बीकानेर राज परिवार की कुलदेवी____________है। [*]
कनिष्ठ अनुदेशक (रेफ्रिजरेशन) 18.11.2024
राजस्थान के लांगुरिया गीतों का सम्बन्ध है :-
[कृषि पर्यवेक्षक परीक्षा 03.03.2019]
👉 राजस्थान के प्रसिद्ध लांगुरिया गीत देवी आराधना से जुड़े हैं।
👉 ये गीत विशेष रूप से कैला देवी की पूजा के अवसर पर गाए जाते हैं।
👉 इसमें हनुमान जी को लंगूर मानकर उनकी स्तुति की जाती है।
👉 चैत्र शुक्ल अष्टमी पर भरने वाले कैला देवी मेले में ये प्रमुख होते हैं।
✍️ सही उत्तर है – कैला देवी
कैला देवी को किनका अवतार माना गया है ?
निम्नलिखित विकल्पों में से सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर चुनें:
[पशु परिचर (6th Phase) 03.12.2024]
👉 राजस्थान की लोकदेवी कैला देवी का प्रमुख मंदिर करौली जिले में है।
👉 इन्हें विशेष रूप से करौली राजवंश और यादव वंश की कुलदेवी माना जाता है।
👉 लोकमान्यता है कि कैला देवी वास्तव में अंजना माता का रूप हैं।
👉 साथ ही इन्हें महालक्ष्मी का अवतार भी स्वीकार किया गया है।
✍️ सही उत्तर है – महालक्ष्मी


करणी माता का जन्म राजस्थान के फलौदी के निकट निम्नलिखित में से किस गाँव में हुआ था?
[4th Grade 5th Phase) 21.09.2025]
👉 करणी माता राजस्थान की प्रसिद्ध लोकदेवी हैं, जिन्हें शक्ति स्वरूपा दुर्गा का अवतार माना जाता है।
👉 उनका जन्म विक्रम संवत 1444 (2 अक्टूबर, 1387 ई.) को फलौदी के निकट सुवाप गाँव में हुआ था।
👉 उनके पिता का नाम मेहाजी किनिया और माता का नाम देवल देवी था।
👉 वे चारण जाति की किनिया शाखा से संबंधित थीं।
👉 करणी माता को विशेष रूप से देशनोक मंदिर (बीकानेर) में ‘चूहों वाली माता’ के रूप में पूजा जाता है।
✍️ सही उत्तर है – सुवाप
सुमेलित कीजिए -
कुलदेवी जाति
(1) करणी माता (i) नाई
(2) सकराय माता (ii) सीरवी
(3) आई माता (iii) खण्डेलवाल
(4) नारायणी माता (iv) चारण
कूट -
[CET (स्नातक) (चरण -I) 07.01.2023]
👉 करणी माता को चारण जाति की कुलदेवी माना जाता है।
👉 सकराय माता खण्डेलवाल जाति की कुलदेवी हैं।
👉 आई माता को सिरवी जाति की कुलदेवी माना गया है।
👉 नारायणी माता विशेष रूप से नाई जाति की कुलदेवी हैं।
✍️ सही उत्तर है – 1-iv, 2-iii, 3-ii, 4-i
अलवर क्षेत्र की लोकदेवी के रूप में किसे मान्यता प्राप्त है ?
ग्रामसेवक & छात्रा. अधीक्षक 18.12.2016
👉 अलवर क्षेत्र की लोकआस्था में पूजित देवी जिलाणी माता हैं।
👉 ये एक गुर्जर महिला थीं जिन्होंने धर्मान्तरण रोकने में योगदान दिया।
👉 इस कारण इन्हें समाज ने लोकदेवी का दर्जा प्रदान किया।
👉 इनका मंदिर बहरोड़ (कोटपूतली-बहरोड़, अलवर) क्षेत्र में स्थित है।
✍️ सही उत्तर है – जिलाणी माता
जीण माता कौनसे राजपूत वंश की कुलदेवी है ?
[कनिष्ठ अनुदेशक (फिटर) 20.11.2024]
👉 जीण माता को विशेष रूप से चौहान वंश की कुलदेवी माना जाता है।
👉 इनका मंदिर रैवासा (सीकर) क्षेत्र की पहाड़ी तलहटी में स्थित है।
👉 जीण माता को भ्रामरी और मधुमक्खियों की देवी भी कहा जाता है।
👉 इनका मेला चैत्र व आश्विन नवरात्रों में भव्य रूप से भरता है।
✍️ सही उत्तर है – चौहान वंश
निम्नलिखित युग्मों में से कौन सा (लोकदेवी - प्रमुख मंदिर) असंगत युग्म है ?
JEN (सिविल डिग्रीधारक) 18.05.2022
👉 जिलाणी माता का प्रमुख मंदिर बहरोड़ (कोटपूतली-बहरोड़, अलवर क्षेत्र) में स्थित है।
👉 इनका संबंध गुर्जर जाति से है और इन्हें लोकदेवी के रूप में पूजते हैं।
👉 जबकि जासोल (बाड़मेर) का संबंध राणी भटियाणी माता से है।
✍️ सही उत्तर है – जिलाणी माता – जासोल (बाड़मेर)
राजस्थान की कौनसी विख्यात लोकदेवी का संबंध चूहों से है ?
[सुपरवाईजर परीक्षा 06.01.2019]
👉 राजस्थान की विख्यात लोकदेवी करणी माता का विशेष संबंध चूहों से है।
👉 बीकानेर के देशनोक मंदिर में असंख्य चूहे पाए जाते हैं जिन्हें काबा कहा जाता है।
👉 मान्यता है कि ये चूहे करणी माता के वंशज माने जाते हैं।
👉 इसी कारण यह मंदिर चूहों का मंदिर (Temple of Rats) भी कहलाता है।
✍️ सही उत्तर है – करणी माता