वह नदी जो राजस्थान में दक्षिण से प्रवेश करने के उपरान्त पश्चिम की ओर बहती हुई पुनः दक्षिण की ओर मुड़ जाती है ?
[प्रयोगशाला सहायक 13.11.2016]
👉 माही नदी, मध्य प्रदेश से निकलकर राजस्थान में दक्षिण से प्रवेश करती है।
👉 यह पहले पश्चिम दिशा में बहती है और फिर पुनः दक्षिण की ओर मुड़ जाती है।
👉 अंत में यह नदी गुजरात में खम्भात की खाड़ी (अरब सागर) में गिरती है।
राजस्थान में होकर प्रवाहित होने वाली निम्नलिखित नदियों में से कौन-सी सबसे लम्बी नदी है ?
[कनिष्ठ अनुदेशक (वेल्डर) 07.01.2025]
👉 चम्बल नदी राजस्थान में होकर प्रवाहित होने वाली सबसे लम्बी नदी है, जिसकी कुल लंबाई 965 किमी है।
👉 यह राजस्थान में 135 किमी तक बहती है, जबकि अन्य नदियाँ जैसे बनास (480 किमी), लूनी (320 किमी) चम्बल से छोटी हैं।
👉 इसका उद्गम मध्यप्रदेश के जनापाव पहाड़ से होता है और यह अंत में यमुना नदी में मिलती है।
👉 इस पर गाँधी सागर, राणा प्रताप सागर, जवाहर सागर, कोटा बैराज जैसे बाँध बने हैं।
राजस्थान की लूनी नदी का उद्गम स्थान कहाँ है?
निम्नलिखित विकल्पों में से सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर चुनें:
[पशु परिचर (5th Phase) 03.12.2024]
👉 लूनी नदी का उद्गम अजमेर जिले के नाग-पहाड़ से होता है।
👉 यह नदी पश्चिमी राजस्थान के शुष्क मरुस्थलीय क्षेत्र में लगभग 320 किमी प्रवाहित होती है।
👉 यह जोधपुर, पाली, बाड़मेर और जालौर जिलों से होकर गुजरती है।
👉 अंत में इसका जल कच्छ के रन में समाहित हो जाता है।
निम्नलिखित में से कौन-सी नदी राजस्थान के अन्तः स्थलीय अपवाह तंत्र से संबंधित नहीं है?
निम्नलिखित विकल्पों में से सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर चुनें:
[पशु परिचर (6th Phase) 03.12.2024]
👉 बनास नदी राजस्थान के अंतः स्थलीय अपवाह तंत्र से संबंधित नहीं है, क्योंकि इसका जल अंत में चम्बल नदी के माध्यम से बंगाल की खाड़ी में पहुँचता है।
👉 यह पूरी तरह राजस्थान में बहती है, लेकिन इसका अपवाह क्षेत्र बाह्य (External Drainage) है।
👉 इसके विपरीत कांतली, साबी, काकनी आदि नदियाँ अंतः प्रवाहित हैं जो रेत या भूमि में समा जाती हैं।
👉 अतः बनास नदी इस सूची में अंतः प्रवाह प्रणाली से संबंधित नहीं मानी जाती।
निम्नलिखित में से कौन - सा एक भाग राजस्थान के पूर्वी मैदानी प्रदेश में सम्मिलित नहीं है ? (निम्न में से सबसे उपयुक्त विकल्प चुनें)
[कनिष्ठ अनुदेशक (सुईंग) 09.01.2025]
👉 लूनी बेसिन राजस्थान के पश्चिमी मरुस्थलीय भाग में स्थित है, यह पूर्वी मैदानी प्रदेश में सम्मिलित नहीं होता।
👉 लूनी नदी अजमेर के नाग पहाड़ से निकलकर पाली, जोधपुर, बाड़मेर, जालौर जिलों में बहती है।
👉 पूर्वी मैदानी प्रदेश में मुख्यतः चम्बल, बनास, बाणगंगा आदि का प्रभाव क्षेत्र आता है।
👉 अतः लूनी बेसिन पूर्वी नहीं, बल्कि पश्चिमी शुष्क प्रदेश का हिस्सा है।
निम्नलिखित में से कौन सी नदी राजस्थान की अंतः स्थलीय अपवाह तंत्र से सम्बन्धित है?
निम्नलिखित विकल्पों में से सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर चुनें:
[पशु परिचर (4th Phase) 02.12.2024]
👉 कान्तली नदी राजस्थान की अंतः स्थलीय अपवाह तंत्र से संबंधित है, क्योंकि यह कुछ दूरी तक बहने के बाद रेतीली भूमि में विलुप्त हो जाती है।
👉 यह नदी सीकर जिले की खंडेला पहाड़ियों से निकलकर सीकर, झुंझुनूं और चूरू जिलों में बहती है।
👉 केवल वर्षा काल में ही इसमें जल प्रवाहित होता है और अंततः यह भूमि में समा जाती है।
👉 राजस्थान की अन्य प्रमुख अंतः प्रवाहित नदियाँ हैं — साबी, काकनी और घग्घर।
'मृत नदी' की उपमा निम्न में से किस नदी को दी गई है ?
[कर सहायक 14.10.2018]
👉 घग्घर नदी को राजस्थान में 'मृत नदी' की उपमा दी गई है।
👉 इसका प्रवाह केवल वर्षा ऋतु में होता है, बाकी समय इसका तल सूखा रहता है।
👉 वर्तमान में इसे स्थानीय भाषा में 'नाली' भी कहा जाता है।
बिजराल की पहाड़ियों से निकलने वाली खारी नदी निम्नलिखित
[प्रयोगशाला सहायक 13.11.2016]
👉 खारी नदी का उद्गम राजसमन्द जिले के बिजराल गाँव की पहाड़ियों से होता है।
👉 यह नदी अजमेर जिले के देवली के पास जाकर बनास नदी में मिलती है।
👉 बनास नदी आगे चलकर चम्बल नदी में और चम्बल अंततः बंगाल की खाड़ी में मिलती है।
👉 अतः खारी नदी, बंगाल की खाड़ी अपवाह तंत्र का भाग है।
राजस्थान का निम्नलिखित में से कौन सा क्षेत्र बीहड़ भूमि की समस्या से ग्रसित है ?
[कनिष्ठ अनुदेशक (इलेक्ट्रिशियन) 24.03.2019]
👉 चम्बल नदी के आसपास का क्षेत्र विशेषकर सवाई माधोपुर और धौलपुर जिले, बीहड़ भूमि की समस्या से ग्रसित हैं।
👉 इस क्षेत्र में अत्यधिक जल अपरदन के कारण गहरी खाइयाँ बन गई हैं, जिन्हें बीहड़ कहा जाता है।
👉 यह भूमि कृषि और विकास कार्यों के लिए अत्यंत कठिन मानी जाती है।
घग्घर का 'दोआब मैदान' जो राजस्थान के हनुमानगढ़ व श्रीगंगानगर जिलों में पाया जाता है, वह निम्नलिखित किन दो नदियों के निक्षेपण से बना है ?
[लिपिक ग्रेड-II 19.08.2018]
👉 घग्घर का दोआब मैदान राजस्थान के हनुमानगढ़ और श्रीगंगानगर जिलों में स्थित है।
👉 यह मैदान घग्घर और सतलज नदियों द्वारा किए गए निक्षेपण (deposition) से बना है।
👉 यह क्षेत्र उत्तरी राजस्थान का उपजाऊ मैदान माना जाता है।
लूनी नदी का जल उद्गम से लेकर किस स्थान तक मीठा रहता है
[JEN (Civil डिग्री) 16.10.2016]
👉 लूनी नदी का जल उद्गम (नाग पहाड़, अजमेर) से लेकर बालोतरा तक मीठा रहता है।
👉 इसके बाद इसका जल खारा हो जाता है, क्योंकि यह मरुस्थलीय क्षेत्र में प्रवाहित होती है।
👉 यह नदी अंत में कच्छ के रन में समाहित हो जाती है।
जवाई नदी में जल प्रदूषण का प्रमुख कारण है :
[अन्वेषक परीक्षा 21.08.2016]
👉 जवाई नदी में जल प्रदूषण का प्रमुख कारण रंगाई और छपाई उद्योग है।
👉 यह नदी पाली जिले से होकर बहती है, जहाँ वस्त्र उद्योगों से निकलने वाला अपशिष्ट जल नदी में मिल जाता है।
निम्नलिखित में से कौन सा किला बाराँ शहर के पास परवन नदी के तट पर स्थित है ?
[JEN (Diploma) 06.02.2025]
👉 परवन नदी राजस्थान के बाराँ जिले से होकर बहती है।
👉 इसके तट पर स्थित प्रसिद्ध किला शेरगढ़ किला है।
👉 यह किला ऐतिहासिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है और रणनीतिक स्थल पर बसा हुआ है।
✍️ सही उत्तर है – शेरगढ़ किला
लूनी की सहायक नदी नही है ?
[पर्यवेक्षक परीक्षा 29.11.2015]
👉 जोजरी, सूकड़ी और गुहिया — ये सभी लूनी नदी की सहायक नदियाँ हैं।
👉 जबकि मेंण्डा नदी का उल्लेख लूनी की सहायक नदियों में नहीं किया गया है।
👉 अतः मेंण्डा नदी, लूनी की सहायक नहीं है।
निम्नलिखित में से कौन सी नदी सम्पूर्णत: राजस्थान में बहने वाली सबसे लंबी नदी है? (निम्न में से सबसे उपयुक्त विकल्प चुनें)
[JEN विद्युत डिप्लोमा 08.02.2025]
👉 बनास नदी राजस्थान के भीतर पूर्ण रूप से बहने वाली सबसे लंबी (लगभग 512 किलोमीटर) नदी है。इसे स्थानीय स्तर पर 'वन की आशा' के नाम से भी जाना जाता है。यह नदी अपने उद्गम से लेकर समाप्ति तक कई प्रमुख जिलों और त्रिवेणी संगमों से होकर गुजरती है।बनास नदी का प्रवाह और मार्गउद्गम स्थल: यह नदी राजसमंद जिले में कुंभलगढ़ के पास अरावली की खमनोर पहाड़ियों (वेरों का मठ) से निकलती है。प्रवाह जिले: उद्गम के बाद यह नदी राजसमंद, चित्तौड़गढ़, भीलवाड़ा, शाहपुरा, केकड़ी, टोंक होते हुए सवाई माधोपुर जिले में बहती है。मुहाना: अंत में, यह नदी सवाई माधोपुर के रामेश्वरम (खंडार तहसील) के निकट चंबल नदी में मिल जाती है。प्रमुख त्रिवेणी संगम यह नदी अपने प्रवाह के दौरान चार महत्वपूर्ण त्रिवेणी संगम (जहाँ तीन नदियाँ मिलती हैं) बनाती है —बिंगोद (भीलवाड़ा): बनास, बेड़च और मेनाल नदियों का संगम।मातृकुंडिया (चित्तौड़गढ़): बनास, चंद्रभागा और कोठारी नदियों का संगम। राजमहल (टोंक): बनास, डाई और खारी नदियों का संगम।रामेश्वरम (सवाई माधोपुर): बनास, चंबल और सीप नदियों का संगम।प्रमुख बाँधटोडारायसिंह (टोंक) के पास बनास नदी पर बीसलपुर बाँध बनाया गया है, जो अजमेर, जयपुर और टोंक क्षेत्रों में जलापूर्ति का प्रमुख स्रोत है।
साबरमती नदी का उद्गम होता है:
[कनिष्ठ अनुदेशक (सुईंग) 09.01.2025]
👉 साबरमती नदी का उद्गम उदयपुर के दक्षिण-पश्चिम भाग से होता है।
👉 यह नदी उदयपुर और सिरोही जिलों में प्रवाहित होकर गुजरात में प्रवेश करती है और अंततः खम्भात की खाड़ी में गिरती है।
👉 प्रारंभ में यह नदी दो धाराओं — वाकल और सेई में बहती है।
👉 यह नदी राजस्थान के दक्षिण-पश्चिमी भाग की प्रमुख नदियों में शामिल है।
राजस्थान के आन्तरिक प्रवाह क्षेत्र की सबसे बड़ी नदी कौन-सी
[JEN (यांत्रिक डिप्लोमा) 21.08.2016]
👉 घग्घर नदी राजस्थान के आन्तरिक प्रवाह क्षेत्र की सबसे बड़ी नदी मानी जाती है।
👉 इसका प्रवाह केवल वर्षा ऋतु में होता है और शेष समय यह सूखी रहती है, जिसे 'मृत नदी' भी कहा जाता है।
👉 यह नदी हनुमानगढ़ और श्रीगंगानगर जिलों में प्रवाहित होती है।
राजस्थान में निम्न में से कौन-सी नदी बंगाल की खाड़ी अपवाह तंत्र से संबंधित नहीं है?
निम्नलिखित विकल्पों में से सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर चुनें:
[पशु परिचर (2nd Phase) 01.12.2024]
👉 लूनी नदी पश्चिम की ओर बहती है और अंत में कच्छ के रन में समाहित होती है, जो अरब सागर अपवाह तंत्र का भाग है।
👉 जबकि चम्बल, बनास और बाणगंगा नदियाँ अंततः यमुना के माध्यम से बंगाल की खाड़ी में जल छोड़ती हैं।
👉 अतः लूनी नदी बंगाल की खाड़ी अपवाह तंत्र से संबंधित नहीं है।
राजस्थान के ज़िले, जो घग्घर के मैदान में स्थित हैं, वे हैं- (निम्न में से सबसे उपयुक्त विकल्प चुनें)
[कनिष्ठ अनुदेशक (इलेक्ट्रिक) 10.01.2025]
👉 घग्घर नदी का प्रवाह राजस्थान में हनुमानगढ़ और गंगानगर जिलों से होकर होता है।
👉 यह नदी वर्षा काल में बहती है और बाकी समय शुष्क या मृत नदी (Dead River) के रूप में जानी जाती है।
👉 यह शिवालिक पहाड़ियों से निकलकर हरियाणा होते हुए राजस्थान के टिब्बी, सूरतगढ़, अनूपगढ़ क्षेत्रों से होकर गुजरती है।
👉 स्थानीय भाषा में इसके तल को "नाली" कहा जाता है।
राजस्थान में निम्न लिखित में से नदियों का कौनसा युग्म सही
[JEN (Civil डिप्लोमा) 16.10.2016]
👉 जाखम नदी, माही नदी की प्रमुख सहायक नदी है।
👉 यह नदी माही नदी में मिलती है, इसलिए यह युग्म सही सुमेलित है।
👉 माही की अन्य सहायक नदियाँ हैं — सोम, अनास, चाप, इराऊ और मोरेन।
सांभर झील आन्तरिक अपवाह क्षेत्र की नदी कौन सी है ?
[JEN (Civil डिप्लोमा) 16.10.2016]
👉 सांभर झील एक आन्तरिक अपवाह क्षेत्र है, जिसमें कई नदियाँ आकर गिरती हैं।
👉 इनमें प्रमुख हैं — मेंदा नदी, रूपनगढ़ नदी, तुरतमंती, खारी और खण्डेला नदियाँ।
👉 ये सभी नदियाँ वर्षा ऋतु में सांभर झील को जल प्रदान करती हैं।
निम्नांकित में से कौन सी नदी बंगाल की खाड़ी के अपवाह तंत्र में सम्मिलित नहीं है ?
[पशुधन सहायक (LSA) 21.10.2018]
👉 अनास नदी (Anas River) का उद्गम मध्य प्रदेश के अलीराजपुर ज़िले के उदयगढ़ क्षेत्र में विंध्य पर्वतमाला की उत्तरी ढलानों (फुट तालाब, बड़ा रेली, तेली पहाड़ी के पास कलमोरा) से होता है।यह नदी मध्य प्रदेश से निकलकर राजस्थान के बांसवाड़ा और डूंगरपुर ज़िलों से बहती हुई, अंततः राजस्थान के कुशलगढ़ के पास माही नदी में मिल जाती है। यह माही नदी की एक प्रमुख बाईं ओर की सहायक नदी है
चम्बल के बायें किनारे की सहायक नदी कौन-सी है ?
[कनिष्ठ अनुदेशक (कंप्यूटर) 10.01.2025]
👉 चम्बल नदी की कई सहायक नदियाँ हैं, जो दाएँ व बाएँ किनारे से मिलती हैं।
👉 बामनी नदी चम्बल की बाएँ किनारे की सहायक नदी है।
👉 यह राजस्थान के दक्षिण-पूर्वी भाग में चम्बल से मिलती है।
✍️ सही उत्तर है – बामनी
राजस्थान की वह नदी जो अरब सागर में गिरती है -
[CET (10+2) 22.10.2024 प्रथम चरण]
👉 लूनी नदी राजस्थान की एकमात्र महत्वपूर्ण नदी है जो अरब सागर अपवाह तंत्र में आती है।
👉 यह नदी नाग पहाड़ (अजमेर) से निकलकर पाली, जोधपुर, बाड़मेर, जालौर होते हुए
👉 अंततः कच्छ के रन में समा जाती है, जो अरब सागर का भाग है।
वाकल, वतरक, मेशवॉ और हथमती किसकी सहायक नदियाँ
[JEN (Civil Diploma) 21.08.2016]
👉 वाकल, मेशवॉ, हथमती — ये सभी साबरमती नदी की सहायक नदियाँ हैं।
👉 साबरमती नदी उदयपुर एवं सिरोही जिलों से गुजरती हुई गुजरात में खम्भात की खाड़ी में गिरती है।
👉 यह नदी प्रारंभ में वाकल और सेई नामक दो धाराओं में बहती है।
बनास नदी जहाँ से निकलती है, वह स्थल कहलाता है:
निम्नलिखित विकल्पों में से सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर चुनें:
[पशु परिचर (3rd Phase) 02.12.2024]
👉 बनास नदी का उद्गम अरावली की खमनोर पहाड़ियों से होता है, जो कुम्भलगढ़ से 5 किमी दूर स्थित है।
👉 यह राजस्थान की प्रमुख नदी है क्योंकि इसका पूरा प्रवाह क्षेत्र केवल इसी राज्य में है।
👉 इसकी प्रमुख सहायक नदियाँ हैं – बेड़च, कोठारी, खारी, मोरेल, मैनाल, धुंध, मानसी और बाण्डी।
👉 इसे 'वन की आशा' भी कहा जाता है और यह 480 किमी लंबी है।
शेखावाटी प्रदेश के कौन से जिले में कोई भी नदी नहीं पायी जाती है ?
[संगणक परीक्षा 05.05.2018]
👉 चुरू जिला, शेखावाटी क्षेत्र का एक भाग है और यह अत्यधिक शुष्क मरुस्थलीय क्षेत्र में आता है।
👉 यहाँ से कोई भी स्थायी या मौसमी नदी प्रवाहित नहीं होती।
कॉलम I में नदी को कॉलम II में सहायक नदी से मिलान कीजिए।
|
कॉलम I (नदी) |
कॉलम II (सहायक नदी) |
|
1. बनास |
a. मोरेल |
|
2. लूणी |
b. बाण्डी |
|
3. माही |
c. जाखम |
|
4. चम्बल |
d. काली सिन्ध |
निम्न में से सबसे उपयुक्त विकल्प चुनें:
[कनिष्ठ अनुदेशक (कोस्मेटो) 08.01.2025]
👉 1. बनास → a. मोरेल — मोरेल बनास नदी की सहायक नदी है।
👉 2. लूनी → b. बाण्डी — बाण्डी लूनी की सहायक नदियों में से एक है।
👉 3. माही → c. जाखम — जाखम माही की प्रमुख सहायक नदी है।
👉 4. चम्बल → d. कालीसिंध — कालीसिंध चम्बल की सबसे प्रमुख सहायक नदी है।
'छप्पन मैदान' का सम्बन्ध निम्न में से किस एक नदी से है ?
[उद्योग प्रचार अधिकारी 22.07.2018]
👉 'छप्पन मैदान' का संबंध माही नदी से है, जो राजस्थान के डूंगरपुर और बाँसवाड़ा जिलों में प्रवाहित होती है।
👉 माही नदी पर माही बजाज सागर बाँध भी स्थित है।
बनास नदी का उद्गम स्थल है :
[संकलनकर्ता परीक्षा 21.08.2016]
👉 बनास नदी का उद्गम अरावली की खमनोर पहाड़ियों से होता है, जो कुम्भलगढ़ के पास स्थित हैं।
👉 यह नदी राजस्थान की पूर्णतः राज्य के भीतर बहने वाली सबसे लंबी नदी है।
👉 यह अंत में कोटा जिले के पास चम्बल नदी में मिलती है।
अपवाह क्षेत्र के विस्तार की दृष्टि से राजस्थान के नदी तंत्र का सही आरोही क्रम है - [*]
[पटवारी मुख्य परीक्षा 24.12.2016]
📌 महत्वपूर्ण सूचना: इस प्रश्न को बोर्ड द्वारा 'डिलीट' या अमान्य घोषित किया गया है।
वेणेश्वर, माही नदी व ______ का संगम है ।
[कनिष्ठ अनुदेशक (फिटर) 23.03.2019]
👉 वेणेश्वर संगम वह स्थल है जहाँ माही, सोम और जाखम नदियों का संगम होता है।
👉 यह संगम स्थल डूंगरपुर जिले में स्थित है और धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्त्वपूर्ण तीर्थ है।
👉 अतः वेणेश्वर, माही नदी व सोम का संगम है।
चूलिया जल प्रपात राजस्थान राज्य के किस क्षेत्र में स्थित है?
निम्नलिखित विकल्पों में से सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर चुनें:
[पशु परिचर (4th Phase) 02.12.2024]
👉 चूलिया जल प्रपात राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले के पास स्थित है और यह चम्बल नदी पर बना हुआ है।
👉 यह जलप्रपात चौरासीगढ़ से 5 किमी दूर है, जहाँ से चम्बल नदी एक संकीर्ण घाटी से होकर बहती है।
👉 यह जलप्रपात राजस्थान के प्रमुख तीन जलप्रपातों में शामिल है — चूलिया, भीमताल और मेनाल।
👉 चम्बल नदी यहाँ से आगे कोटा की ओर प्रवाहित होती है।
सूची-I को सूची II से सुमेलित कीजिए तथा नीचे दिए गए कूट का
सूची-I (त्रिवेणी संगम) सूची-II (नदियाँ)
A. बीगोद (i) बनास, बेड़च, मेनाली
B. राजमहल (ii) बनास, डाई, खारी
C. रामेश्वर घाट (iii) बनास, चम्बल, सीप
D. बेणेश्वर (iv) सोम, माही, जाखम
[पटवार प्री. परीक्षा 2015]
कूट -
A B C D
👉 बीगोद (A) में संगम होता है बनास, बेड़च और मेनाली नदियों का — (i)
👉 राजमहल (B) पर मिलती हैं बनास, डाई और खारी नदियाँ — (ii)
👉 रामेश्वर घाट (C) पर संगम होता है बनास, चम्बल और सीप का — (iii)
👉 बेणेश्वर (D) पर त्रिवेणी है सोम, माही और जाखम नदियों की — (iv)
निम्नलिखित में कौन-सी नदी बंगाल की खाड़ी अपवाह तंत्र से संबंधित है?
निम्नलिखित विकल्पों में से सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर चुनें:
[पशु परिचर (5th Phase) 03.12.2024]
👉 चम्बल नदी राजस्थान की वह नदी है जो बंगाल की खाड़ी अपवाह तंत्र से संबंधित है।
👉 यह मध्य प्रदेश के जनापाव पहाड़ी से निकलकर कोटा, बूंदी, सवाई माधोपुर से होती हुई उत्तर प्रदेश में यमुना में मिलती है।
👉 इसकी प्रमुख सहायक नदियाँ हैं – बनास, कालीसिंध और पार्वती।
👉 चम्बल राजस्थान में लगभग 135 किमी बहती है और इस पर गाँधी सागर, जवाहर सागर, राणा प्रताप सागर, कोटा बैराज बने हैं।
सुमेलित कीजिये
नदी का नाम उद्गम स्थल
(a) लूनी नदी (1) गोगुन्दा पहाड़ियाँ
(b) बेड़च नदी (2) विंध्याचल पहाड़ियाँ
(c) सोम नदी (3) नाग पहाड़ियाँ
(d) माही नदी (4) बीछा मेड़ा पहाड़ियाँ
[कृषि पर्यवेक्षक परीक्षा 03.03.2019]
कूट : -
(a) (b) (c) (d)
👉 (a) लूनी नदी – नाग पहाड़ियाँ (3)
👉 (b) बेड़च नदी – गोगुन्दा पहाड़ियाँ (1)
👉 (c) सोम नदी – बीछा मेड़ा पहाड़ियाँ (4)
👉 (d) माही नदी – विंध्याचल पहाड़ियाँ (2)
निम्न लिखित में से राजस्थान में कौन सी अन्तः प्रवाहित नदी नहीं
[अन्वेषक परीक्षा 21.08.2016]
👉 वापनी (ब्राह्मणी) नदी, चित्तौड़गढ़ जिले में हरिपुरा गाँव के पास से निकलती है।
👉 यह आगे चलकर भैंसरोडगढ़ के निकट चम्बल नदी में मिल जाती है,
👉 इसलिए यह चम्बल की सहायक है और इसका जल बंगाल की खाड़ी अपवाह तंत्र में जाता है।
👉 अतः वापनी नदी अंतः प्रवाही नहीं है।
निम्नलिखित में से कौन सा क्षेत्र लूनी नदी के बेसिन से जुड़ा हुआ है ?
[JEN (Diploma) 06.02.2025]
👉 लूनी नदी राजस्थान की प्रमुख आंतरिक नदी है।
👉 इसका बेसिन मुख्यतः पश्चिमी व मध्य राजस्थान में फैला है।
👉 नागौर जिला भी लूनी नदी के बेसिन क्षेत्र से जुड़ा हुआ है।
✍️ सही उत्तर है – नागौर
किस स्थल पर चम्बल नदी सर्वाधिक प्रदूषित हुई है ?
[JEN Mechenical डिग्री 16.10.2016]
👉 चम्बल नदी राजस्थान में कोटा बैराज के पास सर्वाधिक प्रदूषित पाई गई है।
👉 यहाँ औद्योगिक अपशिष्ट और नगरीय जल के कारण जल की गुणवत्ता प्रभावित हुई है।
👉 यह क्षेत्र चम्बल नदी पर बने प्रमुख बाँधों और सिंचाई परियोजनाओं का भी केंद्र है।
[संकलनकर्ता परीक्षा 21.08.2016]
👉 कथन (A) सही है क्योंकि चम्बल नदी राजस्थान की एकमात्र सदावाहिनी (बारहमासी) नदी है, जो वर्षभर जल से युक्त रहती है।
👉 कारण (R) गलत है क्योंकि चम्बल नदी का जल सिर्फ सिंचाई के लिए नहीं, बल्कि जल-विद्युत उत्पादन और अन्य उपयोगों में भी लिया जाता है।
👉 अतः A सही है, जबकि R गलत है।
लूनी नदी गिरती है - (निम्न में से सबसे उपयुक्त विकल्प चुनें)
[कनिष्ठ अनुदेशक (इलेक्ट्रिक) 10.01.2025]
👉 लूनी नदी राजस्थान की एक प्रमुख नदी है, जो अंततः कच्छ के रण में गिरती है।
👉 यह नदी अजमेर के नाग पहाड़ से निकलकर पाली, जोधपुर, बाड़मेर और जालौर जिलों से होकर बहती है।
👉 इसका जल बालोतरा तक मीठा और आगे खारा हो जाता है।
👉 यह नदी केवल वर्षा ऋतु में प्रवाहित होती है।
निम्नलिखित नदियों में से कौन-सी गागरोन के किले के पास से बहती हैं ?
1. आहू
2. कालीसिंध
3. बामनी
4. परवन
कनिष्ठ अनुदेशक (इलेक्ट्रिशियन) 19.11.2024
👉 कालीसिंध नदी का उद्गम मध्य प्रदेश के देवास के पास से होता है।
👉 यह झालावाड़ और बारां जिलों में बहती हुई नानेरा के पास चम्बल नदी में मिलती है।
👉 इसकी प्रमुख सहायक नदियाँ हैं — परवन, उजाड़, निवाज और आहू।
👉 आहू नदी भी कालीसिंध की सहायक है, जो चम्बल तंत्र का भाग है।
रूपनगढ़, मेंढा, खारी और खण्डेला मौसमी नदियाँ किस झील में
[JEN (यांत्रिकी डिग्री) 21.08.2016]
👉 रूपनगढ़, मेंढा, खारी और खण्डेला — ये सभी मौसमी नदियाँ हैं।
👉 वर्षा ऋतु में इन नदियों का जल जयपुर की सांभर झील में आकर एकत्रित होता है।
👉 सांभर झील एक आन्तरिक अपवाह क्षेत्र है और भारत की सबसे बड़ी खारे पानी की झील है।
राजस्थान में मालपुरा-करौली का मैदान' किस नदी बेसिन का भाग है ?
[लिपिक ग्रेड -II 16.09.2018]
👉 मालपुरा-करौली का मैदान, राजस्थान के बनास नदी बेसिन का हिस्सा है।
👉 यह क्षेत्र बनास नदी की मुख्य धारा और सहायक नदियों द्वारा निर्मित उपजाऊ मैदानों में आता है।
👉 बनास नदी का सम्पूर्ण प्रवाह राजस्थान में ही होता है।
अपवाह क्षेत्र की दृष्टि से राजस्थान की नदी प्रणालियों का सही
[पुस्तकालयाध्यक्ष 13.11.2016]
📌 महत्वपूर्ण सूचना: इस प्रश्न को बोर्ड द्वारा 'डिलीट' या अमान्य घोषित किया गया है।
राजस्थान की कौन-सी नदी विंध्याचल पर्वत के मिण्डा स्थान से निकलती है?
निम्नलिखित विकल्पों में से सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर चुनें:
[पशु परिचर (3rd Phase) 02.12.2024]
👉 माही नदी का प्रवाह राजस्थान के बाँसवाड़ा और डूंगरपुर जिलों में होता है।
👉 यह नदी अंततः गुजरात में खम्भात की खाड़ी में गिरती है।
👉 इसकी प्रमुख सहायक नदियाँ हैं — सोम, जाखम, अनास, चाप, इराऊ और मोरेन।
निम्नांकित में से कौनसी राजस्थान की एक नदी अन्तः प्रवाह प्रणाली के अन्तर्गत नहीं है ?
[लिपिक ग्रेड -II 16.09.2018]
👉 पार्वती नदी (मध्य प्रदेश - राजस्थान) उद्गम स्थल: मध्य प्रदेश के सीहोर जिले में विंध्याचल पर्वतमाला के पश्चिमी भाग से इस नदी का उद्गम होता है। समापन: यह नदी मध्य प्रदेश और राजस्थान (जैसे बारां और सवाई माधोपुर) से होते हुए बहती है और सवाई माधोपुर के निकट चंबल नदी में विलीन हो जाती है।
निम्नलिखित में से कौन सी नदी बंगाल की खाड़ी में गिरती है ?
[JEN विद्युत डिग्री 07.02.2025]
👉 चंबल नदी स्वयं सीधे बंगाल की खाड़ी में नहीं गिरती।
👉 यह यमुना नदी की सहायक नदी है।
👉 यमुना आगे गंगा नदी में मिलती है।
👉 अंततः गंगा नदी का जल बंगाल की खाड़ी में गिरता है।
✍️ सही उत्तर है – चंबल नदी
निम्नलिखित में से कौन सी पश्चिम की ओर बहने वाली नदी का सबसे बड़ा जलग्रहण-क्षेत्र है ?
[CET (10+2) 23.10.2024 चतुर्थ चरण]
👉 माही नदी, राजस्थान की पश्चिम की ओर बहने वाली प्रमुख नदी है।
👉 इसका जलग्रहण क्षेत्र राज्य के उदयपुर, बाँसवाड़ा, डूंगरपुर और चित्तौड़गढ़ जिलों में फैला है।
👉 राजस्थान की पश्चिम बहाव वाली नदियों में सबसे बड़ा जलग्रहण क्षेत्र माही नदी का है — 16,030 वर्ग किमी।
निम्नलिखित में से राजस्थान की सबसे लम्बी नदी कौन सी है ?
[CET (स्नातक) 27.09.2024 द्वितीय चरण]
👉 चम्बल नदी राजस्थान से होकर गुजरने वाली सबसे लम्बी नदी है, जिसकी कुल लम्बाई 965 किमी है।
👉 हालांकि यह राजस्थान की अपनी मूल नदी नहीं है, पर यह राज्य में लगभग 135 किमी तक बहती है।
👉 राजस्थान की पूर्णतः अंदर बहने वाली सबसे लम्बी नदी बनास (480 किमी) है।
अनास एवं चाप नदियां __________नदी की सहायक नदियां हैं।
[कनिष्ठ अनुदेशक (ICT) 04.01.2025]
👉 अनास एवं चाप नदियाँ माही नदी की सहायक नदियाँ हैं।
👉 माही नदी का प्रवाह बाँसवाड़ा, डूंगरपुर, चित्तौड़गढ़ जिलों में होता है और यह खम्भात की खाड़ी में गिरती है।
👉 माही की अन्य सहायक नदियाँ हैं – सोम, जाखम, इराऊ और मोरेन।
👉 इस पर माही-बजाज सागर बाँध भी बनाया गया है।
निम्नलिखित जिलों में से कौन - सा जिला लूनी बेसिन में सम्मिलित है ?
a. जोधपुर
b. सिरोही
c. पाली
निम्न में से सबसे उपयुक्त विकल्प चुनें :
[कनिष्ठ अनुदेशक (STE) 05.01.2025]
👉 जोधपुर, पाली, सिरोही — ये जिले लूनी बेसिन में सम्मिलित हैं, क्योंकि लूनी नदी नाग पहाड़ (अजमेर) से निकलकर इन जिलों से होकर बहती है।
👉 लूनी नदी का प्रवाह जोधपुर, पाली, बाड़मेर और जालौर जिलों में होता है और अंत में यह कच्छ के रन में समाहित हो जाती है।
निम्नलिखित में से कौन-सी नदी राजस्थान में नहीं बहती है?
निम्नलिखित विकल्पों में से सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर चुनें:
[पशु परिचर (5th Phase) 03.12.2024]
👉 माही, लूनी और बनास — ये तीनों नदियाँ राजस्थान राज्य में बहती हैं और आपकी सामग्री में विस्तार से वर्णित हैं।
👉 माही नदी का प्रवाह बाँसवाड़ा, डूंगरपुर, चित्तौड़गढ़ में होता है और यह अरब सागर में गिरती है।
👉 लूनी नदी पश्चिमी राजस्थान की प्रमुख नदी है, जो अजमेर के नाग पहाड़ से निकलकर कच्छ के रन में मिलती है।
👉 बनास नदी राजस्थान की प्रमुख नदी है, जो पूरी तरह राज्य के भीतर ही बहती है और अंत में चम्बल नदी में मिलती है।
कौन-सी नदी बेसिन 'छप्पन का मैदान' के नाम से भी जानी जाती है ?
[कनिष्ठ अनुदेशक (STE) 05.01.2025]
👉 माही नदी बेसिन को ही 'छप्पन का मैदान' के नाम से जाना जाता है।
👉 यह मैदान मुख्यतः बाँसवाड़ा और डूंगरपुर जिलों में फैला हुआ है, जहाँ माही नदी एवं उसकी सहायक नदियाँ बहती हैं।
👉 माही नदी का उद्गम मध्यप्रदेश के महू क्षेत्र से होता है और यह राजस्थान में प्रवेश कर खम्भात की खाड़ी में गिरती है।
👉 इसका कुल जलग्रहण क्षेत्र 16,030 वर्ग किमी है।
चूलिया जलप्रपात किस नदी द्वारा बनाया जाता है ?
[उद्योग प्रचार अधिकारी 22.07.2018]
👉 चूलिया जलप्रपात का निर्माण चम्बल नदी द्वारा किया गया है।
👉 यह जलप्रपात चौरासीगढ़ से लगभग 5 किमी दूर स्थित है।
👉 इसके बाद चम्बल नदी कोटा तक संकीर्ण घाटी (गार्ज) में प्रवाहित होती है।
राजस्थान की कौन-सी नदी वैदिक एवं पुराण काल से संबंधित है?
निम्नलिखित विकल्पों में से सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर चुनें:
[पशु परिचर (1st Phase) 01.12.2024]
👉 सरस्वती नदी को ही वर्तमान में घग्घर नदी माना जाता है, जो राजस्थान के हनुमानगढ़ और गंगानगर जिलों से होकर बहती है।
👉 यह नदी वैदिक एवं पुराण काल में अत्यधिक पवित्र और महत्वपूर्ण मानी जाती थी।
👉 वर्तमान में इसे 'मृत नदी' और स्थानीय रूप में 'नाली' कहा जाता है।
निम्न में से किस नदी का उद्गम गोगुन्दा की पहाड़ियों से होता है ?
[कनिष्ठ अनुदेशक (फिटर) 20.11.2024]
👉 बेड़च नदी का उद्गम गोगुन्दा की पहाड़ियों से होता है, जो उदयपुर के पास स्थित हैं।
👉 प्रारंभ में यह आयड़ नदी के नाम से जानी जाती है,
👉 और उदयसागर झील से निकलने के बाद इसे बेड़च नदी कहा जाता है।
वह नदी जिसका उद्गम मध्यप्रदेश से होता है, राजस्थान में बहती है
[JEN (यांत्रिक डिप्लोमा) 21.08.2016]
👉 माही नदी का उद्गम मध्यप्रदेश के महू की पहाड़ियों से होता है।
👉 यह नदी राजस्थान के बाँसवाड़ा और डूंगरपुर जिलों से होकर गुजरती है।
👉 अंत में यह गुजरात में जाकर खम्भात की खाड़ी (अरब सागर) में गिरती है।
लूनी नदी का उद्गम राजस्थान राज्य के किस स्थान से हुआ है?
निम्नलिखित विकल्पों में से सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर चुनें:
[पशु परिचर (4th Phase) 02.12.2024]
👉 लूनी नदी का उद्गम राजस्थान में अजमेर के नाग पहाड़ से होता है।
👉 यह नदी पश्चिमी राजस्थान की सबसे प्रमुख नदी है, जो जोधपुर, पाली, बाड़मेर, जालौर होते हुए कच्छ के रण में समा जाती है।
👉 इसका प्रवाह क्षेत्र लगभग 34,250 वर्ग किमी है और यह केवल वर्षा-काल में प्रवाहित होती है।
👉 बालोतरा तक इसका जल मीठा होता है, फिर खारा हो जाता है।
कॉलम I में नदी को कॉलम II में सहायक नदी से मिलान कीजिए।
|
कॉलम I (नदी) |
कॉलम II (सहायक नदी) |
|
1. चंबल |
a. सोम |
|
2. माही |
b. जवाई |
|
3. बनास |
c. कालीसिंध |
|
4. लूनी |
d. मेनाली |
निम्न में से सबसे उपयुक्त विकल्प चुनें:
[कनिष्ठ अनुदेशक (पलम्बर) 08.01.2025]
👉 1. चम्बल → c. कालीसिंध — कालीसिंध चम्बल की प्रमुख सहायक नदी है।
👉 2. माही → a. सोम — सोम माही की मुख्य सहायक नदी है।
👉 3. बनास → d. मेनाली — मेनाल (मेनाली) बनास की सहायक नदी है।
👉 4. लूनी → b. जवाई — जवाई लूनी की प्रमुख सहायक नदी है।
राजस्थान के 13 नदी बेसिनों में कुल सतही जल की सम्भवतया
[पुस्तकालयाध्यक्ष 13.11.2016]
👉 राजस्थान की कुल 13 प्रमुख नदी प्रणालियाँ हैं, जिनमें बनास, लूनी, चम्बल, माही आदि शामिल हैं।
👉 इन 13 बेसिनों में कुल सतही जल की संभाव्यता लगभग 15.86 मिलियन एकड़ फीट (MAF) आँकी गई है।
👉 यह जल मुख्यतः वर्षा पर निर्भर करता है और भौगोलिक विविधताओं पर आधारित है।
निम्नलिखित नदियों में से कौन-सी बाणगंगा नदी की सहायक नदी है ?
[कनिष्ठ अनुदेशक (रोजगार) 18.11.2024]
👉 बाणगंगा नदी जयपुर (विराटनगर/कोटपूतली-बहरोड़) जिले में स्थित बैराठ की पहाड़ियों से निकलती है। :उद्गम: बैराठ की पहाड़ियाँ (जयपुर)。अन्य नाम: इसे 'अर्जुन की गंगा' भी कहा जाता है。प्रवाह क्षेत्र: जयपुर, दौसा और भरतपुर。समाप्ति (रुंडित नदी): यह नदी पहले यमुना में मिलती थी, लेकिन वर्तमान में यह मुख्य नदी (यमुना) तक पहुँचने से पहले ही मैदानों में विलुप्त हो जाती है। इसलिए राजस्थान में इसे 'रुंडित नदी' (Rundit Sarita) का दर्जा प्राप्त है。 सहायक नदियाँ:बाणगंगा की अपनी कुछ छोटी सहायक नदियाँ हैं
निम्नांकित में से कौन - सा युग्म सही सुमेलित नहीं है ?
[प्रयोगशाला सहायक 03.02.2019]
👉 बाणगंगा और मोरेल नदियाँ का प्रवाह पूर्वी राजस्थान के जयपुर, सवाई माधोपुर, भरतपुर जैसे जिलों में होता है।
👉 जबकि डूंगरपुर जिले में इन नदियों का कोई प्रवाह नहीं है।
👉 डूंगरपुर में प्रवाहित होने वाली नदियाँ हैं — माही, जाखम, सोम आदि।
👉 अतः डूंगरपुर – बाणगंगा, मोरेल युग्म गलत सुमेलित है।
राजस्थान में भादर, ईराऊ, हारून और मोरन किस नदी की
[JEN Mechenical डिग्री 16.10.2016]
👉 भादर, ईराऊ, हारून और मोरन — ये सभी माही नदी की सहायक नदियाँ हैं।
👉 माही नदी का प्रवाह राजस्थान के बाँसवाड़ा, डूंगरपुर जिलों में होता है।
👉 अंततः यह नदी गुजरात के खम्भात की खाड़ी में गिरती है।
द्रव्यवती नदी योजना संबंधित है -
कनिष्ठ अनुदेशक (मैके. डीजल) 16.11.2024
👉 द्रव्यवती नदी योजना राजस्थान की एक प्रमुख शहरी नदी परियोजना है।
👉 यह योजना विशेष रूप से जयपुर शहर से जुड़ी हुई है।
👉 इसका उद्देश्य नदी के पुनर्जीवन व शहर में जल प्रबंधन व सौंदर्यीकरण करना है।
✍️ सही उत्तर है – जयपुर
राजस्थान से निकलने के बाद साबी नदी निम्नलिखित में से किस राज्य में प्रवेश करती है ?
[JEN (Diploma) 06.02.2025]
👉 साबी नदी राजस्थान से निकलकर आगे बहती है।
👉 यह राज्य की सीमा पार करने के बाद हरियाणा में प्रवेश करती है।
👉 वहाँ से आगे इसका प्रवाह दिल्ली क्षेत्र तक भी पहुँचता है।
✍️ सही उत्तर है – हरियाणा
कोटा में त्रिभुजाकार मैदान कौन-सी नदी नहीं बनाती है ? (निम्न में से सबसे उपयुक्त विकल्प चुनें)
[कनिष्ठ अनुदेशक (वायरमेन) 05.01.2025]
👉 मेज नदी कोटा में त्रिभुजाकार मैदान नहीं बनाती, जबकि चम्बल, कालीसिंध और पार्वती नदियाँ कोटा क्षेत्र में त्रिभुजाकार मैदान बनाती हैं।
👉 मेज नदी का प्रवाह भीलवाड़ा और बूँदी जिलों तक सीमित है और यह लाखेरी के निकट चम्बल में मिलती है।
👉 इस कारण यह नदी कोटा में त्रिभुजीय मैदान बनाने में योगदान नहीं देती।
👉 चम्बल नदी की अन्य सहायक नदियाँ जैसे कालीसिंध और पार्वती कोटा क्षेत्र में प्रवाहित होती हैं।
लूणी नदी का उद्गम स्थान है
[कनिष्ठ अनुदेशक (पलम्बर) 08.01.2025]
👉 लूनी नदी का उद्गम राजस्थान के अजमेर जिले के नाग पहाड़ से होता है।
👉 यह नदी जोधपुर, पाली, बाड़मेर, जालौर जिलों में लगभग 320 किमी तक बहती है।
👉 अंततः इसका जल कच्छ के रन में समा जाता है और यह केवल वर्षा काल में प्रवाहित होती है।
👉 इसका जल बालोतरा तक मीठा तथा उसके बाद खारा हो जाता है।
निम्न में से कौन-सी नदी, लूणी नदी की सहायक नहीं है ? [*]
[कनिष्ठ अनुदेशक (MNV) 07.01.2025]
📌 महत्वपूर्ण सूचना: इस प्रश्न को बोर्ड द्वारा 'डिलीट' या अमान्य घोषित किया गया है।
अपवाह तंत्र के लेआउट में "अनुप्रवण (ग्रेडिएंट)" का अर्थ क्या होता है ?
[कनिष्ठ अनुदेशक (पलम्बर) 08.01.2025]
👉 अपवाह तंत्र के लेआउट में अनुप्रवण (Gradient) का प्रयोग किया जाता है।
👉 इसका अर्थ है पाइप बिछाने के समय दी गई ढलान।
👉 ताकि जल का प्रवाह सुगमता से होता रहे।
✍️ सही उत्तर है – पाइपों की ढलान
राजस्थान में कौन-सी एकमात्र नदी जो वर्ष में बारहों महीने तक बहती है?
नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर चुनेंः
[पशु परिचर (1st Phase) 01.12.2024]
👉 चम्बल नदी राजस्थान की एकमात्र सदावाहिनी (बारहमासी) नदी है, जो सालभर जल से युक्त रहती है।
👉 यह नदी मध्यप्रदेश के जनापाव पहाड़ियों से निकलकर कोटा, सवाई माधोपुर और धौलपुर क्षेत्रों से होकर बहती है।
👉 अन्य सभी नदियाँ जैसे बनास, लूनी, बाणगंगा आदि मौसमी हैं।
निम्नलिखित में से कौन-सी नदी 'कामधेनु नदी' भी कहलाती है ?
[प्रयोगशाला सहायक 03.02.2019]
👉 चम्बल नदी को 'कामधेनु नदी' के रूप में भी जाना जाता है।
👉 इसका उल्लेख महाभारत काल में चर्मण्यवती नाम से होता है, और यह एक पवित्र और पूज्य मानी जाने वाली नदी है।
👉 यह राजस्थान की एकमात्र बारहमासी नदी भी है।
निम्नलिखित में से कौन सी नदी जयपुर क्षेत्र की बैराठ पहाड़ियों से निकलती है?
निम्नलिखित विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर चुनें:
[JEN विद्युत डिप्लोमा 08.02.2025]
👉 जयपुर क्षेत्र की बैराठ पहाड़ियों से एक महत्वपूर्ण नदी निकलती है।
👉 यह नदी बाणगंगा नदी है।
👉 आगे चलकर यह नदी यमुना नदी की सहायक बनती है।
✍️ सही उत्तर है – बाणगंगा नदी
निम्नलिखित नदियों में से कौन-सी नदी माही नदी की बायें किनारे वाली सहायक नदी है ?
[कनिष्ठ अनुदेशक (Drafts) 04.01.2025]
👉 माही नदी में कई सहायक नदियाँ मिलती हैं।
👉 बाएँ किनारे वाली सहायक नदियाँ: अनास (Anas), पनाम (Panam) और एरू (Eru)।
👉 दाएँ किनारे वाली सहायक नदियाँ: सोम (Som), जाखम (Jakham), चाप (Chap) और मोरेन (Moren)।
निम्नलिखित में से किन दो राज्यों में माही परियोजना एक संयुक्त योजना है ?
[CET (स्नातक) 27.09.2024 द्वितीय चरण]
👉 माही परियोजना एक संयुक्त योजना है जो राजस्थान और गुजरात राज्यों के बीच संचालित होती है।
👉 इसका प्रमुख उद्देश्य सिंचाई और जल विद्युत उत्पादन है।
👉 राजस्थान में यह परियोजना बाँसवाड़ा जिले में स्थित है, जहाँ माही-बजाज सागर बाँध बना है।
राजस्थान की कौन सी नदी वर्ष के 12 महीने बहती है ? (नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर चुनें)
[JEN यांत्रिक विद्युत 06.02.2025]
👉 चंबल राजस्थान की वार्षिक नदी है।
👉 इसका उद्गम मध्यप्रदेश, इंदौर के पास जानापाव (मऊ शहर के दक्षिण) से होता है।
👉 यह नदी विंध्य रेंज की दक्षिणी ढाल से निकलती है।
👉 चंबल व उसकी सहायक नदियाँ मुख्यतः मालवा क्षेत्र से होकर बहती हैं।
✍️ सही उत्तर है – चंबल
कौनसी नदी 'मृत नदी' के नाम से जानी जाती है ?
[संगणक परीक्षा 05.05.2018]
👉 घग्घर नदी को राजस्थान में 'मृत नदी' के नाम से जाना जाता है।
👉 यह केवल वर्षा ऋतु में प्रवाहित होती है, शेष समय इसका तल सूखा रहता है।
👉 वर्तमान में इसे स्थानीय भाषा में 'नाली' भी कहा जाता है।
बंगाल की खाड़ी के अपवाह तंत्र का हिस्सा कौन-सी नदी नहीं है ?
[कनिष्ठ अनुदेशक (MNV) 07.01.2025]
👉 मेज, आहू और बामनी — ये तीनों नदियाँ राजस्थान की प्रमुख नदियों की सहायक नदियाँ हैं।
👉 मेज नदी — भीलवाड़ा से निकलकर लाखेरी (बूँदी) के पास चम्बल में मिलती है।
👉 आहू नदी — कालीसिंध नदी की सहायक है, जो झालावाड़-बारां जिलों से होकर बहती है।
राजस्थान भू-क्षेत्र में पूर्ण रूपेण बहने वाली सबसे लम्बी नदी कौन-
[पशुधन सहायक (LSA) 16.10.2016]
👉 बनास नदी राजस्थान की पूर्ण रूपेण राज्य के भीतर बहने वाली सबसे लम्बी नदी है।
👉 इसकी कुल लम्बाई लगभग 480 किमी है और यह अरावली की खमनोर पहाड़ियों से निकलती है।
👉 यह नदी अंततः कोटा के पास चम्बल नदी में मिलती है।
राजस्थान में बहने वाली निम्नलिखित में से कौन-सी नदी खम्भात की खाड़ी में गिरती है?
निम्नलिखित विकल्पों में से सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर चुनें:
[पशु परिचर (6th Phase) 03.12.2024]
👉 माही नदी राजस्थान में बहने वाली ऐसी नदी है जो आगे चलकर खम्भात की खाड़ी (अरब सागर) में गिरती है।
👉 यह नदी मध्य प्रदेश के महू से निकलकर बाँसवाड़ा व डूंगरपुर जिलों में बहती है।
👉 इसका कुल प्रवाह 576 किमी है और इस पर माही-बजाज सागर बाँध बना है।
👉 इसकी प्रमुख सहायक नदियाँ हैं – सोम, जाखम, अनास, चाप, इराऊ और मोरेन।
कौन-सी नदी लूनी नदी की सहायक नदी नहीं है ?
कनिष्ठ अनुदेशक (इलेक्ट्रिशियन) 19.11.2024
👉 लूनी नदी की प्रमुख सहायक नदियाँ हैं — जवाई, सूखड़ी, सागी, मीठड़ी, लीलड़ी आदि।
👉 जबकि चाप नदी, माही नदी की सहायक है।
👉 अतः चाप नदी, लूनी की सहायक नहीं है।
कौनसा सुमेलित नहीं है ?
[अन्वेषक परीक्षा 21.08.2016]
नदी सहायक नदी
👉 बनास – मोरेल, चम्बल – मेज, और माही – चाप — ये सभी युग्म सही सुमेलित हैं।
👉 जबकि लूनी – खारी युग्म गलत सुमेलित है, क्योंकि खारी नदी लूनी की सहायक नहीं, बल्कि बनास नदी की सहायक है।
👉 अतः लूनी – खारी युग्म सही सुमेलित नहीं है।
निम्नलिखित नदियों में से कौन-सी चम्बल की सहायक नदियाँ हैं ?
1. शिप्रा
2. बनास
3. काकनेय (काकनी)
4. कालीसिंध
कनिष्ठ अनुदेशक (रेफ्रिजरेशन) 18.11.2024
👉 चम्बल नदी की प्रमुख सहायक नदियाँ हैं — बनास, कालीसिंध, पार्वती, मेज, वापनी आदि।
👉 काकनेय (काकनी) नदी एक अंतःप्रवाही नदी है, जो कुछ दूरी बहकर रेत में समा जाती है।
👉 अतः केवल 1, 2 व 4 चम्बल की सहायक हैं।
निम्न लिखित में से कौन सा सुमेलित नहीं है ?
[संकलनकर्ता परीक्षा 21.08.2016]
नदी सहायक नदी
👉 सागी नदी, लूनी नदी की सहायक है, जो सिरोही की अरावली पहाड़ियों से निकलकर बाड़मेर में लूनी से मिलती है।
👉 जबकि बनास नदी की सहायक नदियाँ हैं — बेड़च, कोठारी, खारी, मोरेल, मैनाल, बाण्डी आदि।
👉 अतः बनास – सागी युग्म गलत सुमेलित है।
अन्तः अपवाह तंत्र में कौन-सी नदी सम्मिलित नहीं है ?
[कनिष्ठ अनुदेशक (कार्यशाला) 19.11.2024]
👉 अंतः अपवाह तंत्र की नदियाँ वे होती हैं जो कुछ दूरी तक बहकर रेत या भूमि में समा जाती हैं।
👉 काकनी, कांतली, साबी, दोहन, रूपनगढ़, मेघा जैसी नदियाँ अंतः प्रवाही बताई गई हैं।
👉 सुकई नदी का नाम आपकी सामग्री में कहीं नहीं दिया गया है
👉 अतः इसे अंतः अपवाह तंत्र में सम्मिलित नहीं माना गया है।
निम्नलिखित में से लूनी नदी का उद्गम स्थल कौन सा है ?
निम्नलिखित विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर चुनें :
[JEN यांत्रिक डिग्री 10.02.2025]
👉 लूनी नदी का उद्गम अजमेर की नागा पहाड़ियों (पुष्कर घाटी, अरावली) से होता है।
👉 यह नदी पश्चिम दिशा में बहते हुए थार मरुस्थल के दक्षिण-पूर्वी भाग से गुजरती है।
👉 अंत में यह गुजरात के कच्छ के रण की दलदली भूमि में समाप्त होती है।
✍️ सही उत्तर है – अजमेर की नागा पहाड़ियाँ
राजस्थान की निम्नलिखित में से कौन-सी नदी यमुना से मिलती
[कनिष्ठ अनुदेशक (फिटर) 23.03.2019]
👉 बाणगंगा नदी का उद्गम जयपुर जिले की बैराठ पहाड़ियों से होता है।
👉 पहले यह नदी आगरा के फतेहाबाद के पास यमुना नदी में मिलती थी,
👉 परंतु वर्तमान में इसका जल भरतपुर जिले में ही फैल जाता है।
👉 इसलिए ऐतिहासिक रूप से यह यमुना से जुड़ती थी।
प्राचीन समय में चम्बल नदी किस नाम से जानी जाती थी ?
कनिष्ठ अनुदेशक (कंप्यूटर प्रयो.) 16.11.2024
👉 चंबल नदी को मुख्य रूप से चर्मण्वती (प्राचीन और पौराणिक नाम) और कामधेनु के नाम से जाना जाता है। राजस्थान और मध्य प्रदेश में इसके भौगोलिक और ऐतिहासिक महत्व के कारण इसे कई अन्य उपनामों से भी पुकारा जाता है।:चर्मण्वती: यह इसका सबसे प्रसिद्ध प्राचीन और पौराणिक नाम है। महाभारत और अन्य वैदिक ग्रंथों में इसका उल्लेख इसी नाम से मिलता है。कामधेनु: बारहमासी (सतत वाहिनी) होने के कारण इसे राजस्थान की 'कामधेनु' भी कहा जाता है。नित्यवाही: पूरे साल बहने के कारण इसे नित्यवाही नदी भी कहते हैं।
निम्नलिखित में से कौन-सी नदी घड़ियाल व मगरमच्छ का प्रसिद्ध निवास स्थल है ?
[कनिष्ठ अनुदेशक (सुईंग) 09.01.2025]
👉 चम्बल नदी घड़ियाल और मगरमच्छ का प्रसिद्ध प्राकृतिक निवास स्थल मानी जाती है।
👉 यह नदी कोटा, बूंदी, सवाई माधोपुर, धौलपुर जिलों में बहती है और इसके गहरे एवं स्वच्छ जल में घड़ियालों की सुरक्षा हेतु अभयारण्य भी स्थापित है।
👉 चम्बल नदी पर गाँधी सागर, राणा प्रताप सागर, जवाहर सागर और कोटा बैराज जैसे बाँध बने हैं।
👉 यह नदी यमुना की सहायक है और इसका उद्गम मध्यप्रदेश के जनापाव पहाड़ से होता है।
________नदी कच्छ की खाड़ी में गिरती है, और ________नदी अरब सागर में गिरने के रास्ते में, खंभात की खाड़ी में गिरती है।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर चुनें।
[JEN यांत्रिक विद्युत 06.02.2025]
👉 लूनी नदी राजस्थान की आंतरिक नदी है, जो अंत में कच्छ की खाड़ी में गिरती है।
👉 माही नदी अरब सागर की ओर बहते हुए खंभात की खाड़ी में गिरती है।
👉 दोनों नदियाँ राजस्थान की महत्वपूर्ण नदियाँ हैं।
✍️ सही उत्तर है – लूनी और माही
चम्बल नदी का उद्गम कहाँ से है ?
[JEN (Civil डिग्री) 16.10.2016]
👉 चम्बल नदी का उद्गम मध्यप्रदेश के महू के निकट जनापाव पहाड़ियों से होता है।
👉 यह पहाड़ियाँ विंध्य पर्वत श्रृंखला का हिस्सा हैं।
👉 राजस्थान में यह नदी चौरासीगढ़ के पास प्रवेश करती है और लगभग 135 किमी तक बहती है।
राजस्थान में, निम्नलिखित में से कौन-सी नदी अंतर्देशीय जल निकासी प्रणाली से संबंधित है?
[JEN CIVIL कृषि 07.02.2025]
👉 साबी नदी राजस्थान की एक महत्वपूर्ण नदी है।
👉 यह किसी समुद्र या सागर तक नहीं पहुँचती।
👉 इसका जल अंतर्देशीय गड्ढों या रेत में विलुप्त हो जाता है।
👉 इसलिए इसे अंतर्देशीय जल निकासी प्रणाली से संबंधित माना जाता है।
✍️ सही उत्तर है – साबी
राजस्थान की सबसे लंबी नदी कौन-सी है ?
[CET (10+2) 24.10.2024 पंचम चरण]
👉 चम्बल नदी की कुल लंबाई 965 किमी है, जो इसे राजस्थान की सबसे लंबी नदी बनाती है।
👉 इसका उद्गम मध्यप्रदेश के जनापाव पहाड़ियों से होता है और यह उत्तर प्रदेश में यमुना से मिलती है।
👉 राजस्थान में यह नदी लगभग 135 किमी तक प्रवाहित होती है।
राजस्थान के निम्नलिखित में से किस जिले में काली सिंध, चम्बल से मिलती है ?
[कनिष्ठ अनुदेशक (फिटर) 23.03.2019]
👉 काली सिंध नदी, मध्य प्रदेश के देवास से निकलकर झालावाड़ और बारां जिलों से होकर बहती है।
👉 यह अंत में राजस्थान के कोटा जिले के नानेरा के पास जाकर चम्बल नदी से मिलती है।
👉 इसकी प्रमुख सहायक नदियाँ हैं — परवन, उजाड़, निवाज और आहू।
माही नदी निम्नलिखित में से किस स्थान से निकलती है ?
नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर चुनें:
[JEN (Mech. Diploma) 10.02.2025]
👉 माही नदी का उद्गम मध्यप्रदेश के धार जिले के मिंडा ग्राम (विंध्याचल पर्वत श्रेणी) से होता है।
👉 यह नदी आगे राजस्थान और गुजरात से होकर गुजरती है।
👉 अंततः यह खंभात की खाड़ी (अरब सागर) में गिरती है।
✍️ सही उत्तर है – मिंडा
राजस्थान भूक्षेत्र में लम्बाई की दृष्टि से नदियों का सही आरोही
[JEN (Civil Degree) 21.08.2016]
👉 राजस्थान की प्रमुख नदियों की लम्बाई की दृष्टि से आरोही क्रम निम्न प्रकार है —
👉 कान्तली (छोटी, अंतःप्रवाही)
👉 फिर चम्बल (राजस्थान में लगभग 135 किमी)
👉 फिर लूनी (लगभग 320 किमी)
👉 और सबसे लंबी बनास (लगभग 480 किमी, पूर्णतः राजस्थान में बहने वाली)।
👉 अतः सही आरोही क्रम है — कान्तली < चम्बल < लूनी < बनास।
चूलिया जल प्रपात नदी पर स्थिति है ?
[पर्यवेक्षक परीक्षा 29.11.2015]
👉 चूलिया जलप्रपात, चम्बल नदी पर स्थित है।
👉 यह चौरासीगढ़ से लगभग 5 किमी दूर स्थित है।
👉 इसके बाद चम्बल नदी कोटा तक संकीर्ण घाटी (गार्ज) से होकर बहती है।
निम्नलिखित में से कौन-सी नदी राजस्थान में है ?
निम्नलिखित विकल्पों में से सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर चुनें:
[पशु परिचर (6th Phase) 03.12.2024]
👉 साबरमती नदी राजस्थान में बहने वाली नदी है, जो उदयपुर के दक्षिण-पश्चिम से निकलती है।
👉 यह नदी उदयपुर और सिरोही जिलों में प्रवाहित होकर गुजरात में प्रवेश करती है और खम्भात की खाड़ी में गिरती है।
👉 प्रारम्भ में यह दो धाराओं – वाकल और सेई में बहती है।
👉 इसकी प्रमुख सहायक नदियाँ हैं – हथमती, मेश्रवा और याजम।
बनास नदी का निकास है:
[JEN (कृषि) 12.07.2015]
👉 बनास नदी का निकास (उद्गम) अरावली की खमनोर पहाड़ियों से होता है,
👉 जो कुम्भलगढ़ के पास स्थित हैं — अर्थात यह क्षेत्र कुम्भलगढ़ पहाड़ियों का ही भाग है।
👉 इसलिए बनास नदी का निकास स्थल कुम्भलगढ़ पहाड़ियाँ माना जाता है।
राजस्थान में बेणेश्वर त्रिवेणी संगम किन नदियों के मिलन स्थल पर
[JEN (यांत्रिकी डिग्री) 21.08.2016]
👉 बेणेश्वर त्रिवेणी संगम राजस्थान के डूंगरपुर जिले में स्थित है।
👉 यह संगम तीन नदियों — सोम, माही एवं जाखम — के मिलन स्थल पर बना है।
👉 यह स्थान धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्त्वपूर्ण है और यहाँ प्रतिवर्ष मेले का आयोजन भी होता है।