लांगुरिया नृत्य होते हैं 

[वरिष्ठ अध्यापक 01.05.2017]

  • जीणमाता के मन्दिर में 

  • श्रीनाथजी के मन्दिर में 

  • कैला देवी के मन्दिर में 

  • खाटू श्यामजी के मन्दिर में 

🔹 व्याख्या

👉 लांगुरिया नृत्य राजस्थान की मीणा जनजाति द्वारा किया जाता है।

👉श्रीनाथजी का मंदिर = हवेली संगीत, खाटू श्याम जी का मंदिर = निशान यात्रा, जीण माता का मंदिर = चिरंजा
👉 यह नृत्य विशेष रूप से कैला देवी के मंदिर में किया जाता है।
👉 इसमें भक्तजन लांगुरिया गीत गाते हैं और नगाड़े, ताशे व बीनतारा की थाप पर नृत्य करते हैं।
👉 यह नृत्य भक्ति और श्रद्धा का प्रतीक है।

✍️ सही उत्तर है – कैला देवी के मंदिर में 

नृत्य, जिसमें किसी भी वाद्ययंत्र का उपयोग संगत के लिए नही किया जाता है -  

[सहायक कृषि अधिकारी 29.04.2018]

  • चंग नृत्य  

  • वालर नृत्य  

  • तेरहतानी नृत्य  

  • घूमर नृत्य  

🔹 व्याख्या

👉 वालर नृत्य राजस्थान की गरासिया जनजाति का प्रमुख लोक नृत्य है।
👉 इसे गरासियों का घूमर भी कहा जाता है।
👉 इसमें स्त्री-पुरुष दो अर्द्धवृत्तों में खड़े होकर धीमी गति से नृत्य करते हैं।
👉 इसकी विशेषता यह है कि इसमें किसी भी वाद्ययंत्र का उपयोग नहीं किया जाता।

✍️ सही उत्तर है – वालर नृत्य 

भीलों के 'गवरी' नृत्य का अन्य नाम है 

[योगा चिकित्सा अधिकारी 10.03.2021]

  • पुरिया 

  • घेर 

  • गवगौरी 

  • राई 

🔹 व्याख्या

👉 गवरी नृत्य राजस्थान की सबसे प्राचीन लोक नाटिका है।
👉 यह विशेष रूप से भील जनजाति द्वारा किया जाता है।
👉 गवरी नृत्य को ही राई नृत्य भी कहा जाता है।
👉 इसमें भगवान शिव-पार्वती से जुड़ी कथाएँ प्रस्तुत होती हैं।

✍️ सही उत्तर है – राई 

"झमट्या" और "खटकद्य" पात्रों का संबंध किस लोकनृत्य से है ?  

[अन्वेषण उत्खनन अधिकारी 19.06.2024]

  • गेर 

  • गवरी 

  • स्वांग 

  • ख्याल 

🔹 व्याख्या

👉 गवरी नृत्य राजस्थान की सबसे प्राचीन लोक नाटिका है।
👉 यह विशेष रूप से भील जनजाति द्वारा प्रस्तुत किया जाता है।
👉 इसमें झामट्या नामक पात्र लोकभाषा में कविता बोलता है।
👉 उसकी पंक्तियों को खट्कड़्या नामक पात्र दोहराता है।

✍️ सही उत्तर है – गवरी 

राजस्थान में किस संप्रदाय के पुरुषों द्वारा अग्नि नृत्य किया जाता है ?

[RAS Pre. 01.10.2023]

  • दादू पंथ 

  • जसनाथी सिद्ध 

  • बिश्नोई संप्रदाय 

  • रामस्नेही संप्रदाय 

🔹 व्याख्या

👉 अग्नि नृत्य राजस्थान के बीकानेर जिले के कतरियासर गाँव से संबंधित है।
👉 यह नृत्य जसनाथी संप्रदाय के पुरुषों द्वारा किया जाता है।
👉 नर्तक धधकते अंगारों (धूणा) पर चलकर विभिन्न कलाएँ प्रदर्शित करते हैं।
👉 इस नृत्य की विशेषता है कि अग्नि पर चलने पर भी नर्तक झुलसते नहीं हैं।

✍️ सही उत्तर है – जसनाथी सिद्ध 

नृत्य, जो सरगड़ा और भील समुदाय के पुरुषों द्वारा विवाह के अवसर पर किया जाता है -  

[सहायक कृषि अधिकारी 25.04.2018]

  • अग्निनृत्य  

  • बम नृत्य  

  • ढोल नृत्य  

  • गींदड़नृत्य  

🔹 व्याख्या

👉 ढोल नृत्य राजस्थान का प्रमुख पुरुष प्रधान लोक नृत्य है।
👉 यह विशेष रूप से जालौर क्षेत्र में प्रचलित है।
👉 इसे सरगड़ा, ढोली, माली और भील जाति के पुरुष प्रस्तुत करते हैं।
👉 यह नृत्य मुख्यतः विवाह के अवसर पर किया जाता है।

✍️ सही उत्तर है – ढोल नृत्य 

निम्नलिखित में से कौनसा लोक-नृत्यं जालौर जिले का प्रतिनिधित्व करता है ? 

[स. सांख्यिकी अधिकारी 08.07.2022]

  • बम 

  • ढोल 

  • चंग 

  • गींदड़ 

🔹 व्याख्या

👉 ढोल नृत्य राजस्थान का प्रसिद्ध पुरुष प्रधान नृत्य है।
👉 यह विशेष रूप से जालौर जिले का प्रतिनिधित्व करता है।
👉 इसमें एक साथ चार–पाँच ढोल बजाकर उत्साहपूर्वक नृत्य किया जाता है।
👉 इस नृत्य में प्रमुख ढोल वादन शैली को थाकना कहा जाता है।

✍️ सही उत्तर है – ढोल 

गींदड नृत्य किस क्षेत्र से संबंधित है ? 

[EO RO (Shift II) 14.05.2023]

  • बाड़मेर 

  • मेवाड़

  • शेखावटी 

  • मारवाड़

🔹 व्याख्या

👉 गींदड़ नृत्य राजस्थान का प्रमुख स्वांग नृत्य है।
👉 यह विशेष रूप से शेखावटी क्षेत्र (सीकर, झुंझुनू, चूरू आदि) से संबंधित है।
👉 इसमें पुरुष हाथों में डंडे लेकर गोल घेरे में नृत्य करते हैं।
👉 नर्तक कई प्रकार के स्वांग रूप जैसे साधु, दूल्हा-दुल्हन, शिकारी आदि भी प्रस्तुत करते हैं।

✍️ सही उत्तर है – शेखावटी 

नृत्य रूप जो केवल पुरुषों द्वारा किया जाता है 

[ATO परीक्षा 27.07.2021] 

  • शंकरिया 

  • गींदड 

  • लुंबर 

  • चरकुला 

🔹 व्याख्या

👉 गींदड़ नृत्य राजस्थान का प्रमुख स्वांग नृत्य है।
👉 यह विशेष रूप से शेखावटी क्षेत्र (सीकर, झुंझुनू, चूरू आदि) में किया जाता है।
👉 इसमें केवल पुरुष ही भाग लेते हैं, महिलाएँ इसमें शामिल नहीं होतीं।
👉 पुरुष विभिन्न स्वांग रूपों जैसे साधु, दूल्हा-दुल्हन, शिकारी आदि का अभिनय करते हैं।

✍️ सही उत्तर है – गींदड़ 

फल्कूबाई सम्बन्धित है 

[PTI GRADE -II & III (RPSC) 2013]

  • तेरहताली नृत्य 

  • चरी नृत्य 

  • कालबेलिया नृत्य 

  • भवाई नृत्य

🔹 व्याख्या

👉 चरी नृत्य राजस्थान का प्रमुख महिला प्रधान नृत्य है। कालबेलिया नृत्य -मारवाड़ गुलाबो सपेरा, कंचन सपेरा प्रमुख कलाकार। भवाई नृत्य (मेवाड़) दयाराम, तारा शर्मा ,अस्मिता काला,रूप सिंह शेखावत प्रमुख कलाकार। मांगी बाई और लक्ष्मण दास कामड़ तेरहताली लोक नृत्य के प्रसिद्ध कलाकार हैं।
👉 इसमें महिलाएँ सिर पर चरी (घड़े) रखकर दीपक जलाकर नृत्य करती हैं।
👉 यह नृत्य विशेष रूप से मांगलिक अवसरों पर किया जाता है।
👉 इसकी प्रसिद्ध नृत्यांगना किशनगढ़ की फलकूबाई रही हैं।

✍️ सही उत्तर है – चरी नृत्य 

नृत्य जो केवल पुरुषों द्वारा किया जाता है-  

वरिष्ठ अध्यापक 2010 पेपर -I GK (संस्कृत)

  • तेरहताली 

  • कच्छी घोड़ी 

  • घूमर 

  • कत्थक 

🔹 व्याख्या

👉 कच्छी घोड़ी नृत्य राजस्थान का प्रसिद्ध वीर लोक नृत्य है।
👉 यह विशेष रूप से शेखावाटी क्षेत्र में प्रचलित है।
👉 इसमें पुरुष बाँस की बनी लकड़ी की घोड़ी बाँधकर तलवार लेकर नृत्य करते हैं।
👉 यह नृत्य केवल पुरुषों द्वारा ही किया जाता है, महिलाएँ इसमें भाग नहीं लेतीं।

✍️ सही उत्तर है – कच्छी घोड़ी 

निम्न में से राजस्थान के किस लोक नृत्य में डंडों से नृत्य करते हुए विभिन्न प्रकार के चरित्रों के स्वांग करते हैं ?

[वरिष्ठ अध्यापक 12.02.2023]

  • चंग 

  • गैर 

  • गींदड 

  • डांडिया 

🔹 व्याख्या

👉 गींदड़ नृत्य राजस्थान का प्रमुख स्वांग नृत्य है।
👉 यह विशेष रूप से शेखावाटी क्षेत्र में किया जाता है।
👉 इसमें पुरुष हाथों में डंडे लेकर वृत्ताकार नृत्य करते हैं।
👉 नर्तक विभिन्न चरित्रों के स्वांग जैसे साधु, दूल्हा-दुल्हन, शिकारी, राम, शिव-पार्वती आदि का अभिनय करते हैं।

✍️ सही उत्तर है – गींदड़ 

घुमर नृत्य के समय कौन-से वाद्य यंत्रो की आवश्यकता होती है ? 

[कृषि अधिकारी 2011]

  • ढोलक और मंजीरा 

  • केवल ढोलक 

  • ढोलक एवं वीणा 

  • मंजीरा और वीणा 

🔹 व्याख्या

👉 घूमर नृत्य राजस्थान का सबसे लोकप्रिय महिला प्रधान नृत्य है।
👉 यह नृत्य विशेष रूप से गणगौर और मांगलिक अवसरों पर किया जाता है।
👉 इसमें स्त्रियाँ वृत्ताकार घूमते हुए लहँगे के घेर (घुम्म) की सुंदरता दिखाती हैं।
👉 इस नृत्य के साथ प्रमुख वाद्ययंत्र ढोलक और मंजीरा बजाए जाते हैं।

✍️ सही उत्तर है – ढोलक और मंजीरा 

राजस्थान के निम्न लोक नृत्यों को उनके प्रदर्शन स्थानों के साथ सुमेलित कीजिए एवं नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए :

I

II

(A) बम नृत्य

(i) सिरोही

(B) वालर नृत्य

(ii) बीकानेर

(C) ढोल नृत्य

(iii) अलवर - भरतपुर

(D) अग्नि नृत्य

(iv) जालौर

A B C D

[Sub Inspector Exam 05.04.2026]

  • (iii) (iv) (ii) (i)

  • (iii) (i) (iv) (ii)

  • (iii) (ii) (i) (iv)

  • (i) (ii) (iv) (iii)

🔹 व्याख्या

👉 बम नृत्य मुख्य रूप से अलवर - भरतपुर क्षेत्र में नई फसल आने की खुशी में किया जाता है।

👉 वालर नृत्य गरासिया जनजाति द्वारा बिना किसी वाद्य यंत्र के सिरोही क्षेत्र में किया जाता है।

👉 ढोल नृत्य जालौर का प्रसिद्ध लोक नृत्य है, जिसे थाकना शैली में बजाया जाता है।

👉 अग्नि नृत्य का उद्गम बीकानेर के कतरियासर में जसनाथी संप्रदाय के सिद्ध पुरुषों द्वारा हुआ।

✍️ सही उत्तर है – (iii) (i) (iv) (ii)

'कच्छी घोड़ी' है : 

[सहायक कृषि अधिकारी 2011]

  • व्यावसायिक नृत्य 

  • सामुदायिक, नृत्य

  • उत्सव नृत्य 

  • पूजा नृत्य 

🔹 व्याख्या

👉 कच्छी घोड़ी नृत्य राजस्थान का प्रसिद्ध व्यावसायिक लोक नृत्य है।
👉 यह विशेष रूप से शेखावाटी क्षेत्र में प्रचलित है।
👉 इसमें पुरुष बाँस की बनी लकड़ी की घोड़ी बाँधकर तलवार लेकर नृत्य करते हैं।
👉 यह नृत्य मुख्यतः विवाह अवसरों पर किया जाता है।

✍️ सही उत्तर है – व्यावसायिक नृत्य 

निम्नलिखित में से कौन प्रसिद्ध भवई नर्तक था ? 

[Protection Officer 28.01.2023]

  • मनोहरलाल 

  • दयाराम 

  • रामलाल 

  • मिश्रीलाल 

 

🔹 व्याख्या

👉 भवाई नृत्य राजस्थान का प्रसिद्ध व्यावसायिक लोक नृत्य है।
👉 इसमें नृत्यांगनाएँ सिर पर कई मटके रखकर संतुलन के साथ नृत्य करती हैं।
👉 इस नृत्य को लोकप्रिय बनाने में कई कलाकारों का योगदान रहा है।
👉 इनमें से एक प्रमुख भवाई नर्तक दयाराम भील (उदयपुर) थे।

✍️ सही उत्तर है – दयाराम 

निम्न में से कौनसा लोक नृत्य कामड़ जाति की महिलाओं द्वारा किया जाता है ?  

[सहायक कृषि अधिकारी 25.04.2018]

  • गैर नृत्य  

  • वालर नृत्य  

  • तेहराताली नृत्य  

  • चकरी नृत्य  

🔹 व्याख्या

👉 तेरहताली नृत्य राजस्थान का प्रमुख लोक नृत्य है।
👉 यह विशेष रूप से कामड़ जाति की महिलाओं द्वारा किया जाता है।
👉 इसमें महिलाएँ शरीर पर तेरह मंजीरे बाँधकर बैठकर नृत्य करती हैं।
👉 यह नृत्य बाबा रामदेवजी की स्तुति में किया जाता है।

✍️ सही उत्तर है – तेरहताली नृत्य 

राजस्थान के निम्नलिखित में से किस नृत्य में महिलाएं भाग नहीं लेती

[Research Assistant 24.08.2017]

  • तेरहताली 

  • गेर  

  • घूमर  

  • कत्थक 

🔹 व्याख्या

👉 गैर नृत्य राजस्थान का प्रमुख क्षेत्रीय लोक नृत्य है।
👉 यह मुख्यतः होली पर्व पर किया जाता है।
👉 इसमें पुरुष लकड़ी की छड़ियाँ (खाँडा) लेकर गोल घेरे में नृत्य करते हैं।
👉 इस नृत्य में महिलाएँ भाग नहीं लेतीं, केवल पुरुष ही इसमें शामिल होते हैं।

✍️ सही उत्तर है – गेर 

गोमा - मीणा, कालू- कीर, कानगूजरी, मियांवड व नाहर आदि -  

वरिष्ठ अध्यापक 2010 पेपर -I GK (उर्दू)

  • गवरी नाट्य के प्रमुख वाद्ययंत्र हैं। 

  • छोटी नाटिकाएँ हैं, जिनका मंथन गवरी उत्सव में किया जाता है। 

  • गवरी उत्सव के पात्र हैं, जो वाद्ययंत्र बजाते हैं। 

  • गवरी के पात्र हैं, जो नृत्य में निपुण है। 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान का प्रसिद्ध गवरी नृत्य भील जनजाति द्वारा किया जाता है।
👉 यह एक नृत्य-नाटिका है, जो सावन-भादो में 40 दिन तक चलती है।
👉 गवरी उत्सव में कई छोटी नाटिकाएँ प्रस्तुत की जाती हैं।
👉 इनमें गोमा-मीणा, कालू-कीर, कानगूजरी, मियांवड़ और नाहर प्रमुख हैं।

✍️ सही उत्तर है – छोटी नाटिकाएँ हैं, जिनका मंथन गवरी उत्सव में किया जाता है। 

सूची-I का सूची-II से मिलान करिए तथा नीचे दिए गए कोड की सहायता से सही विकल्प चुनिए 

सूची-I समुदाय  सूची-II लोक नृत्य 

(A) गरासिया       (i) गवरी नृत्य 

(B) गूजर            (ii) सांग नृत्य 

(C) भील            (iii) चरी नृत्य 

(D) सहरिया       (iv) मांदल नृत्य 

[सांख्यिकी अधिकारी 18.12.2021]

कूट - 

            A     B     C     D 

  • ii     i      iv     iii 

  • iii     ii     iv    i

  • iv     iii     i     ii 

  • i     iii     ii     iv 

🔹 व्याख्या

👉 गरासिया समुदाय का प्रमुख नृत्य मांडल नृत्य है।
👉 गूजर समुदाय का प्रमुख नृत्य चरी नृत्य है।
👉 भील समुदाय का प्रसिद्ध नृत्य गवरी नृत्य है।
👉 सहरिया समुदाय का प्रमुख नृत्य सांग नृत्य है।

✍️ सही उत्तर है – A-(iv), B-(iii), C-(i), D-(ii) 

राजस्थान का शंकरिया नृत्य किससे संबंधित है ? 

RAS Pre. 28.08.2016

  • भील 

  • सहरिया

  • कालबेलिया 

  • तेरहताली

🔹 व्याख्या

👉 शंकरिया नृत्य राजस्थान का प्रसिद्ध युगल नृत्य है। भीलों के प्रमुख नृत्य हाथीमना, ग़ैर,गवरी नेजा आदि है। सहरिया जनजाति के प्रमुख नृत्य शिकारी नृत्य , स्वांग, लहंगी नृत्य प्रमुख है
👉 इसमें स्त्री और पुरुष मिलकर प्रेम कथा आधारित प्रस्तुति देते हैं।
👉 इस नृत्य की प्रमुख नृत्यांगनाएँ कंचन सपेरा, गुलाबो, कमली और राजकी रही हैं।

✍️ सही उत्तर है – कालबेलिया 

बाबा रामदेव की आराधना में किया जाने वाला नृत्य है ? 

[सहायक कृषि अधिकारी 28.08.2022]

  • रिखीया नृत्य 

  • कामड़ नृत्य 

  • तेरहताली नृत्य 

  • ढोल नृत्य 

🔹 व्याख्या

👉 तेरहताली नृत्य राजस्थान का प्रमुख पारंपरिक लोक नृत्य है।
👉 यह विशेष रूप से कामड़ जाति की महिलाएँ करती हैं।
👉 इसमें महिलाएँ शरीर पर तेरह मंजीरे बाँधकर बैठकर नृत्य करती हैं।
👉 यह नृत्य बाबा रामदेवजी की आराधना में प्रस्तुत किया जाता है।

✍️ सही उत्तर है – तेरहताली नृत्य 

भीलों के किस नृत्य में नकली स्पर्धा जन्य युद्ध प्रदर्शित किया जाता है ? [*]

[सहायक कृषि अधिकारी 27.08.2022]

  • गैर 

  • नेजा 

  • हाथीमना 

  • बागड़िया 

📌 महत्वपूर्ण सूचना: इस प्रश्न को बोर्ड द्वारा 'डिलीट' घोषित किया गया है।  

भील नृत्य गवरी में लोकभाषा में कविता बोलने वाला पात्र है  

[रसायनज्ञ पुरालेख विभाग 05.08.2024]

  • भौजाई 

  • झामट्या 

  • नट 

  • राया 

🔹 व्याख्या

👉 गवरी नृत्य भील जनजाति का प्रमुख नृत्य-नाट्य है।
👉 इसमें कई पात्र विभिन्न कथाएँ और प्रसंग प्रस्तुत करते हैं।
👉 इस नृत्य में लोकभाषा में कविता बोलने वाला पात्र 'झामट्या' कहलाता है।
👉 उसकी पंक्तियों को खट्कड़्या नामक पात्र दोहराता है।

✍️ सही उत्तर है – झामट्या 

ढोल नृत्य राजस्थान के किस क्षेत्र का प्रसिद्ध नृत्य है ?

[Asst. Prof. (Paper -III) 07.12.2025]

  • अलवर

  • जालौर

  • मेवाड़

  • शेखावाटी

🔹 व्याख्या

👉 ढोल नृत्य राजस्थान के जालौर क्षेत्र का सबसे प्रसिद्ध क्षेत्रीय लोक नृत्य है।

👉 यह मुख्य रूप से शादी-विवाह के अवसर पर माली, ढोली और सरगड़ा जाति द्वारा किया जाता है।

👉 इसमें ढोल को 'थाकना' शैली में बजाया जाता है, जो इसकी मुख्य विशेषता है।

👉 जयनारायण व्यास ने इस पारंपरिक नृत्य को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने में मदद की।

✍️ सही उत्तर है – जालौर

महिलाओं के वस्त्रों में गींदड़ नृत्य करने वाले पुरुषों को किस नाम से जाना जाता है ?

[स्कूल व्याख्याता GK (E) 06.07.2025]

  • गैरिए

  • गणगौर

  • बाजिया

  • बाजीगर

🔹 व्याख्या

👉 गींदड़ नृत्य शेखावाटी क्षेत्र का प्रमुख स्वांग नृत्य है।
👉 इसमें केवल पुरुष भाग लेते हैं, महिलाएँ इसमें शामिल नहीं होतीं।
👉 कुछ पुरुष महिला वेशभूषा पहनकर नृत्य करते हैं।
👉 ऐसे पुरुष नर्तकों को गणगौर कहा जाता है।

✍️ सही उत्तर है – गणगौर 

निम्नलिखित में से कौन सी नृत्य शैली जनजाति  समुदाय से संबद्ध नहीं है ? 

[Deputy Commandant 23.08.2020]

  • वालर 

  • गवरी 

  • गींदड 

  • मांदल 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान में अनेक नृत्य जनजातीय समुदायों से संबंधित हैं, जैसे – गवरी (भील), वालर (गरासिया), चकरी (कंजर), कालबेलिया (कालबेलिया)।
👉 गींदड़ नृत्य शेखावाटी क्षेत्र का प्रसिद्ध लोक स्वांग नृत्य है।
👉 यह नृत्य मुख्यतः होली पर्व पर किया जाता है और इसमें केवल पुरुष भाग लेते हैं।
👉 इसका संबंध किसी जनजातीय समुदाय से नहीं है।

✍️ सही उत्तर है – गींदड़ 

इन चार लोक नृत्यों में से कौनसा प्रकार महिलाओं और पुरुषों के द्वारा किया जाता है ? 

[Asst. Prof. (History) 17.05.2024]

  • कच्छी घोड़ी 

  • गेर 

  • डांडिया 

  • गींदड 

🔹 व्याख्या

👉 डांडिया नृत्य मारवाड़ क्षेत्र का प्रमुख लोक नृत्य है।
👉 यह मूलतः गुजरात से आया हुआ नृत्य है।
👉 इसमें पुरुष और महिलाएँ दोनों मिलकर लंबी छड़ियाँ लेकर वृत्ताकार घूमते हुए नृत्य करते हैं।
👉 यह नृत्य मुख्यतः होली पर्व पर प्रस्तुत किया जाता है।

✍️ सही उत्तर है – डांडिया 

पारंपरिक आदिवासी नृत्य "दांगड़ी" राजस्थान के किस अंचल का प्रसिद्ध नृत्य है ?  

[Assistant Director 09.07.2025]

  • बूंदी 

  • सिरोही 

  • कोटा 

  • बांसवाड़ा 

🔹 व्याख्या

👉 दांगड़ी नृत्य राजस्थान का प्रमुख आदिवासी नृत्य है।
👉 यह विशेष रूप से बांसवाड़ा अंचल में किया जाता है।
👉 इसमें युवक-युवतियाँ सामूहिक रूप से गोल घेरा बनाकर नृत्य करते हैं।
👉 यह नृत्य आनंद और उत्सव का प्रतीक है।

✍️ सही उत्तर है – बांसवाड़ा 

“गींदड़ नृत्य" राजस्थान के किस क्षेत्र में किया जाता है ? 

[उपनिरीक्षक (SI) 13.09.2021]

  • बागड़ 

  • हाड़ौती 

  • शेखावटी 

  • मेवाड़ 

🔹 व्याख्या

👉 गींदड़ नृत्य राजस्थान का प्रमुख स्वांग नृत्य है। मेवाड़ के प्रमुख नृत्य गैर, गवरी रण प्रमुख है /हाडोती के प्रमुख नृत्य चकरी नृत्य, झूला नृत्य प्रमुख है
👉 यह विशेष रूप से शेखावटी क्षेत्र (सीकर, चूरू, झुंझुनू आदि) में किया जाता है। 
👉 यह नृत्य होली पर्व पर गाँव के चौक में आरम्भ होता है।

✍️ सही उत्तर है – शेखावटी 

मेवाड़ क्षेत्र का कौनसा नृत्य है जो सावन-भादो मास में 40 दिन तक किया जाता है ? 

[स्कूल व्याख्याता 17.10.2022]

  • तेरहताली 

  • गींदड 

  • गवरी 

  • बम 

🔹 व्याख्या

👉 गवरी नृत्य मेवाड़ क्षेत्र का सबसे प्राचीन लोक नृत्य है। गीदड़ नृत्य यह शेखावाटी क्षेत्र का प्रसिद्ध लोक नृत्य है जो होली के अवसर पर पुरुषों द्वारा डंडों के साथ किया जाता है
👉 यह विशेष रूप से भील जनजाति द्वारा किया जाता है।
👉 यह नृत्य सावन-भादो मास में प्रारंभ होकर लगातार 40 दिन तक चलता है।
👉 गवरी एक धार्मिक नृत्य-नाटिका है जिसमें शिव-पार्वती की कथाएँ प्रस्तुत होती हैं।

✍️ सही उत्तर है – गवरी 

निम्नलिखित में से किस नृत्य के साथ ' झांझ ' नामक वाद्ययंत्र का प्रयोग किया जाता है ?  

[वरिष्ठ अध्यापक (Spl Edu) 07.02.2018]

  • गवरी नृत्य

  • तेराताली नृत्य  

  • बम्ब नृत्य  

  • कच्छी घोड़ी नृत्य  

🔹 व्याख्या

👉 कच्छी घोड़ी नृत्य राजस्थान के शेखावाटी क्षेत्र का प्रसिद्ध लोक नृत्य है।
👉 इसमें पुरुष बाँस की बनी लकड़ी की घोड़ी बाँधकर तलवार लेकर नृत्य करते हैं।
👉 यह नृत्य विशेष रूप से विवाह अवसरों पर किया जाता है।
👉 इसमें ढोलक, डेरू, बांकिया के साथ-साथ झांझ वाद्ययंत्र का प्रयोग किया जाता है।

✍️ सही उत्तर है – कच्छी घोड़ी नृत्य 

किस लोक नृत्य में पुरिया' को नत्य का मुख्य पात्र माना जाता है ? 

सहायक आचार्य [22.09.2021]

  • राई 

  • मांदल

  • बालर 

  • मवाई 

🔹 व्याख्या

👉 गवरी / राई नृत्य राजस्थान की सबसे प्राचीन लोक कला है।

👉 वालर गरासिया जनजाति, मांदल गरासिया जनजाति, भवाई -मुख्य रूप से उदयपुर संभाग में किया जाने वाला शारीरिक कलाबाजियों वाला नृत्य जिसमें 8 मटके सिर पर रखकर नृत्य करना।
👉 यह विशेष रूप से भील जनजाति द्वारा किया जाता है।
👉 इस नृत्य नाटिका का मुख्य पात्र भगवान शिव का रूप धारण करने वाला ‘पुरिया’ होता है।
👉 अन्य पात्रों को इसमें खेल्ये कहा जाता है।

✍️ सही उत्तर है – राई 

निम्नलिखित में से कौनसा नृत्य "थाकना शैली" में किया जाता है ?  

[वरिष्ठ अध्यापक (पेपर -I) 29.12.2024]

  • वालर नृत्य 

  • राई नृत्य 

  • ढोल नृत्य 

  • धाड़ नृत्य 

🔹 व्याख्या

👉 ढोल नृत्य राजस्थान के जालौर क्षेत्र का प्रसिद्ध लोक नृत्य है।
👉 यह नृत्य विशेष रूप से सरगड़ा, माली और भील जाति के पुरुषों द्वारा किया जाता है।
👉 इसमें एक साथ चार–पाँच ढोल बजाए जाते हैं।
👉 दल का प्रमुख ढोल बजाने की शैली को थाकना शैली कहा जाता है।

✍️ सही उत्तर है – ढोल नृत्य 

निम्नलिखित में से कौन से लोक नृत्य में किसी वाद्य यंत्र का प्रयोग नहीं होता है ? 

[ACF 18.02.2021]

  • अग्नि नृत्य 

  • गवरी नृत्य 

  • बम नृत्य 

  • वालर नृत्य 

🔹 व्याख्या

👉 वालर नृत्य राजस्थान की गरासिया जनजाति का प्रमुख लोक नृत्य है।
👉 इसे गरासियों का घूमर भी कहा जाता है।
👉 इसमें स्त्री-पुरुष दो अर्द्धवृत्तों में खड़े होकर नृत्य करते हैं।
👉 इस नृत्य की मुख्य विशेषता है कि इसमें किसी भी वाद्ययंत्र का प्रयोग नहीं होता।

✍️ सही उत्तर है – वालर नृत्य 

'गैर' नृत्य के समय पैरों में बांधी जाने वाली घुंघरूओं की पट्टी को कहा जाता है 

[कृषि अधिकारी 29.08.2022]

  • चंगु 

  • रबाब 

  • मादल 

  • रामझोल 

🔹 व्याख्या

👉 गैर नृत्य राजस्थान का प्रमुख क्षेत्रीय लोक नृत्य है।
👉 इसमें पुरुष लकड़ी की छड़ियाँ (खाँडा) लेकर गोल घेरे में नृत्य करते हैं।
👉 इस नृत्य में पैरों में बाँधी जाने वाली घुँघरुओं की पट्टी को रामझोल कहा जाता है।
👉 साथ ही इसमें करताल, माँदल, ढोल और थाली जैसे वाद्ययंत्र भी प्रयोग होते हैं।

✍️ सही उत्तर है – रामझोल 

गरासिया जनजाति से संबंधित नृत्य शैली है -

[RAS Pre. 05.08.2018]

  • लूर 

  • गवरी 

  • बम 

  • तेरहताली

🔹 व्याख्या

👉 गवरी- नृत्य भील जनजाति से संबंधित है,बम नृत्य- मेवाड़ क्षेत्र के भरतपुर अलवर में किया जाने वाला नृत्य है, तेरहताली लोकनृत्य का कामड़ जाती की महिलाओं द्वारा लोक देवता बाबा रामदेव की आराधना में किया जाता है
👉 इसका एक प्रमुख लोक नृत्य लूर नृत्य है।
👉 यह नृत्य विशेष रूप से शादी और मेलों में किया जाता है।
👉 इसमें वर पक्ष और वधु पक्ष आपस में नृत्य करते हुए रिश्ते की माँग करते हैं।

✍️ सही उत्तर है – लूर 

'गीन्दड़' नृत्य का संबंध किस स्थान से है

[वरिष्ठ अध्यापक 19.02.2019]

  • शेखावटी 

  • मारवाड़ 

  • वागड़ 

  • ढूंढाड़ 

🔹 व्याख्या

👉 गींदड़ नृत्य राजस्थान का प्रमुख स्वांग नृत्य है।
👉 यह विशेष रूप से शेखावटी क्षेत्र (सीकर, झुंझुनू, चूरू आदि) से संबंधित है।
👉 इसमें केवल पुरुष भाग लेते हैं और कुछ पुरुष महिला वेशभूषा में भी नृत्य करते हैं।
👉 यह नृत्य होली पर्व पर गाँव के चौक में आयोजित होता है।

✍️ सही उत्तर है – शेखावटी 

राजस्थान के किस क्षेत्र में 'गींदड़ नृत्य' लोकप्रिय है ? 

[SI (मोटर वाहन) 2013] 

  • मत्स्य 

  • वागड़ 

  • मेवाड़ 

  • शेखावाटी 

🔹 व्याख्या

👉 गींदड़ नृत्य राजस्थान का प्रमुख स्वांग नृत्य है।
👉 यह विशेष रूप से शेखावाटी क्षेत्र (सीकर, चूरू, झुंझुनू आदि) में लोकप्रिय है। 
👉 यह नृत्य मुख्यतः होली पर्व पर गाँव के चौक में किया जाता है।

✍️ सही उत्तर है – शेखावाटी 

निम्नलिखित नृत्यों में से किस नृत्य में केवल स्त्रियाँ भाग लेती हैं ? [*]

[PTI Grade -II (RPSC) 2011]

  • ताली नृत्य 

  • डांडिया 

  • गेर नृत्य 

  • गरबा 

📌 महत्वपूर्ण सूचना: इस प्रश्न को बोर्ड द्वारा 'डिलीट' घोषित किया गया है।  

किशनगढ़ की "फलकू बाई" किस नृत्य से सम्बन्ध रखती हैं ?  

[लाइब्रेरियन ग्रेड -II 16.02.2025]

  • भवई नृत्य 

  • चरी नृत्य 

  • तेरहताली नृत्य 

  • कच्छी घोड़ी नृत्य 

🔹 व्याख्या

👉 चरी नृत्य राजस्थान का प्रमुख महिला प्रधान लोक नृत्य है।
👉 इसमें महिलाएँ सिर पर चरी (पीतल के घड़े) रखकर दीपक जलाकर नृत्य करती हैं।
👉 यह नृत्य मांगलिक अवसरों पर विशेष रूप से किया जाता है।
👉 इसकी प्रसिद्ध नृत्यांगना किशनगढ़ की फलकू बाई रही हैं।

✍️ सही उत्तर है – चरी नृत्य 

पुरुषों और महिलाओं द्वारा किया जाने वाला निम्नलिखित में से कौन सा नृत्य सिरोही क्षेत्र के गरासिया जनजाति का प्रसिद्ध नृत्य है ? 

[AEN CIVIL 21 मई 2023]

  • बम नृत्य 

  • अग्नि नृत्य 

  • तेरह ताली नृत्य

  • वालर नृत्य

🔹 व्याख्या

👉 वालर नृत्य राजस्थान के सिरोही क्षेत्र का प्रमुख नृत्य है।
👉 यह विशेष रूप से गरासिया जनजाति द्वारा किया जाता है।
👉 इसमें स्त्री-पुरुष दोनों मिलकर अर्द्धवृत्तों में नृत्य करते हैं।
👉 इस नृत्य की विशेषता यह है कि इसमें कोई वाद्ययंत्र प्रयोग नहीं होता।

✍️ सही उत्तर है – वालर नृत्य 

निम्नांकित जातियों/जनजातियों/पंथों व उनके नृत्यों को सुमेलित कीजिए : 

A. गैर नृत्य               i. भील जाति 

B. कच्छी घोड़ी नृत्य  ii. शेखावाटी के बावरिया 

C. शंकरिया नृत्य      iii. कालबेलिया जाति 

D. अग्नि नृत्य          iv. जसनाथी 

[PTI GRADE -II & III (RPSC) 2013]

कूट : 

      A      B      C      D 

  • iv     iii     ii     i 

  • i     ii     iii     iv 

  • I     ii     iv     iii 

  • ii     iv     i     iii 

🔹 व्याख्या

👉 गैर नृत्य मुख्यतः भील जाति और मेवाड़-बाड़मेर क्षेत्र में किया जाता है।
👉 कच्छी घोड़ी नृत्य शेखावाटी क्षेत्र की बावरिया जाति से जुड़ा है।
👉 शंकरिया नृत्य विशेष रूप से कालबेलिया जाति द्वारा किया जाने वाला युगल नृत्य है।
👉 अग्नि नृत्य का संबंध जसनाथी संप्रदाय से है।

✍️ सही उत्तर है – A-(i), B-(ii), C-(iii), D-(iv) 

निम्नलिखित में से कौन सा नृत्य जनजाति नृत्य नहीं है ? 

[पशु चिकित्सा अधिकारी 02.08.2020]

  • वालर 

  • घूमर 

  • मांदल 

  • गवरी 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान में कई नृत्य जनजातीय समुदायों से जुड़े हैं, जैसे – गवरी (भील), वालर (गरासिया), चकरी (कंजर), कालबेलिया (कालबेलिया)।
👉 घूमर नृत्य राजस्थान का सबसे लोकप्रिय महिला लोक नृत्य है।
👉 यह मुख्यतः गणगौर और मांगलिक अवसरों पर किया जाता है।
👉 घूमर का संबंध किसी जनजातीय समुदाय से नहीं है।

✍️ सही उत्तर है – घूमर 

राजस्थान के किस जिले में जसनाथी सिद्धों के अग्नि नृत्य का उद्भव हुआ ? 

[स्कूल व्याख्याता 21.10.2022]

  • बीकानेर 

  • जोधपुर 

  • जैसलमेर 

  • गंगानगर 

🔹 व्याख्या

👉 अग्नि नृत्य राजस्थान का प्रसिद्ध धार्मिक लोक नृत्य है।
👉 इसका उद्भव बीकानेर जिले के कतरियासर गाँव में हुआ।
👉 यह नृत्य जसनाथी सिद्ध संप्रदाय के पुरुषों द्वारा किया जाता है।
👉 नर्तक धधकते अंगारों (धूणा) पर नृत्य करते हैं और विशेष कलाएँ दिखाते हैं।

✍️ सही उत्तर है – बीकानेर 

आदिवासी क्षेत्रों में 'इन्द्र' को रिझाने के लिए महिलाएं हाथ में हथियार लेकर कौनसा नृत्य करती हैं ?  

[पुरालेखपाल परीक्षा 03.08.2024]

  • लेंगी 

  • गोडी 

  • धाड़ 

  • विछवा 

🔹 व्याख्या

👉 धाड़ नृत्य राजस्थान का प्रमुख सामाजिक-धार्मिक लोक नृत्य है।
👉 यह नृत्य केवल महिलाओं द्वारा किया जाता है।
👉 इसे विशेष रूप से वर्षा के देवता इन्द्र को रिझाने के लिए किया जाता है। 

✍️ सही उत्तर है – धाड़ 

कॉलम-अ व कॉलम-ब को सुमेलित कीजिए जो कि राजस्थान के लोकनृत्यों एवं उनसे संबंधित स्थानों से संबद्ध हैं व नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनिए -

कॉलम-अ (लोकनृत्य)

कॉलम-ब (स्थान)

(A) भवई

(i) जोधपुर

(B) घुड़ला

(ii) उदयपुर

(C) बम

(iii) बीकानेर

(D) अग्नि

(iv) अलवर

[वरिष्ठ अध्यापक (ग्रुप- D) 11.09.2025]

कूट - 

  • (A) - (ii), (B)-(i), (C)-(iv), (D)-(iii)

  • (A)-(ii), (B)-(iv), (C)-(iii), (D)-(i)

  • (A)-(iv), (B)-(i), (C)-(iii), (D)-(ii) 

  • (A)-(iii), (B)-(i), (C)-(iv), (D)-(ii)

🔹 व्याख्या:

👉 भवई (A) का संबंध उदयपुर (ii) से है, जहाँ यह नृत्य विशेष रूप से प्रचलित है।
👉 घुड़ला (B) मुख्यतः जोधपुर (i) क्षेत्र में किया जाने वाला पारंपरिक लोकनृत्य है।
👉 बम नृत्य (C) का संबंध अलवर (iv) से है, जहाँ यह लोकप्रिय है।
👉 अग्नि नृत्य (D) विशेष रूप से बीकानेर (iii) क्षेत्र से जुड़ा हुआ है।

✍️ सही उत्तर है – (A)-(ii), (B)-(i), (C)-(iv), (D)-(iii) 

'अग्नि नृत्य' का उद्गम किस स्थान से हुआ ? 

[वरिष्ठ अध्यापक 29.01.2023]

  • बोरूंदा 

  • रुणेचा 

  • कतरियासर 

  • आहोर 

🔹 व्याख्या

👉 अग्नि नृत्य राजस्थान का प्रमुख धार्मिक लोक नृत्य है।
👉 इसका उद्गम बीकानेर जिले के कतरियासर गाँव से हुआ।
👉 यह नृत्य जसनाथी संप्रदाय के पुरुषों द्वारा किया जाता है।
👉 इसमें नर्तक जलते हुए अंगारों (धूणा) पर नृत्य करके अद्भुत कला प्रस्तुत करते हैं।

✍️ सही उत्तर है – कतरियासर 

लोकप्रिय 'अग्नि नृत्य' का प्रारम्भ व आयोजन मुख्यतः किया जाता है -  

वरिष्ठ अध्यापक 2010 पेपर -I GK (हिन्दी)

  • बीकानेर 

  • बांसवाडा

  • धौलपुर 

  • दौसा 

🔹 व्याख्या

👉 अग्नि नृत्य राजस्थान का प्रसिद्ध धार्मिक लोक नृत्य है।
👉 इसका उद्गम बीकानेर जिले के कतरियासर गाँव से हुआ।
👉 यह नृत्य जसनाथी सिद्ध संप्रदाय के पुरुषों द्वारा किया जाता है।
👉 इसमें नर्तक धधकते अंगारों (धूणा) पर चलकर विविध कलाएँ प्रस्तुत करते हैं।

✍️ सही उत्तर है – बीकानेर 

गवरी नृत्य का संबंध किस जनजाति से है ?

  • भील 

  • कालबेलिया 

  • बनजारा

  • गरासिया 

🔹 व्याख्या

👉 गवरी नृत्य राजस्थान की सबसे प्राचीन लोक कला है।
👉 यह विशेष रूप से भील जनजाति द्वारा किया जाता है।
👉 गवरी एक नृत्य-नाटिका है, जिसमें भगवान शिव और पार्वती से जुड़ी कथाएँ प्रस्तुत होती हैं।
👉 यह नृत्य भाद्रपद से आश्विन माह तक लगातार 40 दिनों तक चलता है।

✍️ सही उत्तर है – भील 

'शंकरिया नृत्य' सम्बन्धित है : 

[वरिष्ठ अध्यापक 29.01.2023]

  • गरासियों से 

  • गुर्जरों से 

  • भीलों सें 

  • कालबेलियों से 

🔹 व्याख्या

👉 शंकरिया नृत्य राजस्थान का प्रसिद्ध युगल नृत्य है।
👉 यह विशेष रूप से कालबेलिया समुदाय से संबंधित है।
👉 इसमें स्त्री और पुरुष मिलकर प्रेम कथा आधारित प्रस्तुति देते हैं।
👉 यह नृत्य आकर्षक अंग संचालन और लयबद्ध गतियों के लिए प्रसिद्ध है।

✍️ सही उत्तर है – कालबेलियों से 

निम्नलिखित में से किस जनजाति में बालर लोकनृत्य (Balar folk dance) लोकप्रिय है ? 

[वरिष्ठ अध्यापक 2011]

  • भील 

  • गरासिया 

  • मीणा 

  • सहरिया 

🔹 व्याख्या

👉 वालर (बालर) नृत्य राजस्थान की गरासिया जनजाति का प्रमुख लोक नृत्य है।
👉 इसे गरासियों का घूमर भी कहा जाता है।
👉 इसमें स्त्री-पुरुष दो अर्द्धवृत्तों में खड़े होकर धीमी गति से नृत्य करते हैं।
👉 इस नृत्य की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें कोई वाद्ययंत्र प्रयोग नहीं होता।

✍️ सही उत्तर है – गरासिया 

राजस्थान के एकमात्र शास्त्रीय नृत्य कत्थक के जयपुर घराने के प्रवर्तक माने जाते हैं 

[सहायक कृषि अधिकारी 31.05.2019]

  • बिरजू महाराज 

  • भानुजी महाराज 

  • उदयशंकर जी

  • लच्छन महाराज 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान का एकमात्र शास्त्रीय नृत्य कथक नृत्य है।
👉 इसका उद्गम 13वीं सदी में जयपुर से हुआ था।
👉 कथक के जयपुर घराने को इसका सबसे प्राचीन घराना माना जाता है।
👉 इस घराने के प्रवर्तक भानुजी महाराज थे।

✍️ सही उत्तर है – भानुजी महाराज 

राई नृत्य सम्बन्धित है 

[लाइब्रेरियन ग्रेड -II [02.08.2020]

  • माली 

  • जसनाथी 

  • गुर्जर 

  • भील 

🔹 व्याख्या

👉 राई नृत्य राजस्थान का प्राचीन लोक नृत्य है।
👉 यह विशेष रूप से भील जनजाति द्वारा किया जाता है।
👉 गवरी नृत्य को ही राई नृत्य भी कहा जाता है।
👉 इसमें भगवान शिव-पार्वती से जुड़ी कथाएँ प्रस्तुत होती हैं।

✍️ सही उत्तर है – भील 

नृत्य शैली, जो गरासिया जनजाति से सम्बन्धित नहीं है -

[उपनिरीक्षक (SI) 07.10.2018]

  • वालर

  • गवरी 

  • मांदल

  • लूर 

🔹 व्याख्या

👉 गरासिया जनजाति की प्रमुख नृत्य शैलियाँ हैं – वालर, लूर, मांदल, मोरिया, गौर, रायण, कूद, गरवा और जवारा।
👉 इन नृत्यों में स्त्री-पुरुष दोनों भाग लेते हैं और ये मुख्यतः विवाह, होली व गणगौर पर किए जाते हैं।
👉 गवरी नृत्य का संबंध भील जनजाति से है, न कि गरासिया से।
👉 इसलिए गवरी नृत्य को गरासिया जनजाति से जोड़ना गलत है।

✍️ सही उत्तर है – गवरी 

निम्नलिखित में से कौनसा नृत्य होली से सम्बन्धित नहीं है ? 

वरिष्ठ अध्यापक 2010 पेपर -I GK (विज्ञान)

  • गैर 

  • चंग 

  • पणिहारी 

  • गीदड़

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान में होली पर कई लोक नृत्य किए जाते हैं जैसे गैर, गींदड़, चंग, ढप और नाहर।
👉 पणिहारी नृत्य राजस्थानी पणिहारी गीतों पर आधारित है।
👉 इसमें महिलाएँ अपने सिर पर मटके रखकर नृत्य करती हैं।
👉 यह नृत्य होली से संबंधित नहीं है।

✍️ सही उत्तर है – पणिहारी 

निम्नांकित को सुमेलित कीजिये :

सूची- I           सूची- II

A.गैर नृत्य          1. भील

B. वालर नृत्य     2. गरासिया

C. शंकरिया नृत्य 3.  कालबेलिया

D. अग्नि नृत्य     4. जसनाथी  

[सहायक कृषि अधिकारी 29.04.2018]

  • A B C D    2 4 1 3  

  • A B C D    1 2 3 4  

  • A B C D    1 2 4 1  

  • A B C D    4 3 2 1  

🔹 व्याख्या

👉 गैर नृत्य मुख्यतः भील जाति द्वारा किया जाता है।
👉 वालर नृत्य राजस्थान की गरासिया जनजाति का प्रमुख नृत्य है।
👉 शंकरिया नृत्य विशेष रूप से कालबेलिया समुदाय से संबंधित है।
👉 अग्नि नृत्य का संबंध जसनाथी संप्रदाय से है।

✍️ सही उत्तर है – A-1, B-2, C-3, D-4 

निम्नलिखित में से कौन-सा नृत्य आदिवासी गरासियों से संबंधित नहीं है ? 

[ACF परीक्षा 2011]

  • गेर 

  • वालर 

  • मांडल 

  • कच्छी घोडी 

🔹 व्याख्या

👉 गरासिया जनजाति के प्रमुख नृत्य हैं – वालर, लूर, मांदल, मोरिया, गौर, रायण, कूद, गरवा और जवारा।
👉 ये नृत्य विवाह, होली और गणगौर जैसे अवसरों पर किए जाते हैं।
👉 कच्छी घोड़ी नृत्य शेखावाटी क्षेत्र का प्रसिद्ध व्यावसायिक नृत्य है।
👉 इसका संबंध गरासिया जनजाति से नहीं है।

✍️ सही उत्तर है – कच्छी घोड़ी 

होली के अवसर पर आदिवासी भील पुरुष निम्नलिखित में से कौन सा नृत्य करते हैं ?

[Development Officer 29.07.2025]

  • बांसिया

  • कोट्या

  • गोसाई

  • बुंदा

🔹 व्याख्या:

👉 आदिवासी भील पुरुष होली के अवसर पर गोसाई नृत्य का प्रदर्शन करते हैं।
👉 यह नृत्य भीलों की सांस्कृतिक परंपरा और उत्सवधर्मिता का प्रमुख अंग है।
👉 गोसाई नृत्य सामूहिक रूप से किया जाता है, जिसमें ढोल–मादल जैसे वाद्यों की संगति रहती है।

✍️ सही उत्तर है – गोसाई 

'वालर नृत्य' निम्न में से किस जनजाति से सम्बन्धित हैं ? 

[मूल्यांकन अधिकारी 23.08.2020]

  • भील 

  • रेबारी 

  • सहरिया  

  • गरासिया 

🔹 व्याख्या

👉 वालर नृत्य राजस्थान की प्रमुख गरासिया जनजाति से संबंधित है।
👉 इसे गरासियों का घूमर भी कहा जाता है।
👉 इस नृत्य में स्त्री-पुरुष दोनों अर्द्धवृत्तों में खड़े होकर नृत्य करते हैं।
👉 इसकी मुख्य विशेषता यह है कि इसमें कोई वाद्ययंत्र प्रयोग नहीं किया जाता।

✍️ सही उत्तर है – गरासिया 

कच्ची घोड़ी नृत्य करते हैं : 

[कृषि अधिकारी 2011]

  • केवल घोड़े 

  • केवल महिलाएँ 

  • पुरुष व महिलाएँ साथ 

  • केवल पुरुष 

🔹 व्याख्या

👉 कच्छी घोड़ी नृत्य राजस्थान का प्रसिद्ध वीर लोक नृत्य है।
👉 यह विशेष रूप से शेखावाटी क्षेत्र में प्रचलित है।
👉 इसमें पुरुष बाँस की बनी लकड़ी की घोड़ी बाँधकर तलवार लेकर नृत्य करते हैं।
👉 यह नृत्य केवल पुरुषों द्वारा ही किया जाता है।

✍️ सही उत्तर है – केवल पुरुष 

तेरहताली नृत्य में किस लोकदेवता का यशोगान किया जाता है ? 

[योगा चिकित्सा अधिकारी 10.03.2021]

  • रामदेवजी 

  • पाबूजी 

  • देवनारायणजी 

  • तेजाजी 

🔹 व्याख्या

👉 तेरहताली नृत्य राजस्थान का प्रमुख लोक नृत्य है।
👉 इसे विशेष रूप से कामड़ जाति की महिलाएँ प्रस्तुत करती हैं।
👉 इस नृत्य में महिलाएँ शरीर पर तेरह मंजीरे बाँधकर बैठकर नृत्य करती हैं।
👉 इसमें बाबा रामदेवजी का यशोगान किया जाता है।

✍️ सही उत्तर है – रामदेवजी 

निम्न में से कौन सा नृत्य कालबेलियों द्वारा नहीं किया जाता है ? 

[हॉस्पिटल केयर टेकर 10.02.2023]

  • शंकरिया

  • पणिहारी

  • इण्डोणी

  • चरी नृत्य 

🔹 व्याख्या

👉 कालबेलिया समुदाय के प्रमुख नृत्यों में कालबेलिया, शंकरिया, पणिहारी, बागड़िया और इंडोणी नृत्य शामिल हैं।
👉 ये नृत्य सांप की चाल जैसी लचकदार गतियों और आकर्षक अंग संचालन के लिए प्रसिद्ध हैं।
👉 चरी नृत्य का संबंध गुर्जर जाति से है, न कि कालबेलियों से।
👉 अतः चरी नृत्य को कालबेलिया नृत्य मानना गलत है।

✍️ सही उत्तर है – चरी नृत्य 

मंजीरा, तानपुरा, चौतारा वाद्य यंत्रों का प्रयोग निम्न में से किस नृत्य में किया जाता है ? 

[Research Assistant 24.08.2017]

  • भवाई नृत्य  

  • तेरह ताली नृत्य  

  • डांडिया नृत्य    

  • घूमर नृत्य  

🔹 व्याख्या

👉 तेरहताली नृत्य राजस्थान का प्रमुख पारंपरिक लोक नृत्य है।
👉 यह विशेष रूप से कामड़ जाति की महिलाएँ करती हैं।
👉 इस नृत्य में स्त्रियाँ शरीर पर तेरह मंजीरे बाँधकर बैठकर नृत्य करती हैं।
👉 इसमें पुरुष गीत गाते हैं और मंजीरा, तानपुरा व चौतारा जैसे वाद्ययंत्रों की संगत करते हैं।

✍️ सही उत्तर है – तेरहताली नृत्य 

गवरी नृत्य से जुड़ा निम्न में कौनसा एक तथ्य सत्य नहीं है ?  

[Technical Assistant 07.07.2025]

  • नृत्य में भाग लेने वाले, दिन में एक बार भोजन करते हैं। 

  • इस नृत्य में भाग लेने वाले, सवा महीने तक अपने घर व परिवार को त्याग देते हैं। 

  • नृत्य में भाग लेने वाले, लोग नंगे पांव रहते हैं।

  • गवरी मंचन में लगभग 21 अलग-अलग कहानियां नृत्य और गीतों द्वारा बताई जाती हैं। 

🔹 व्याख्या

👉 गवरी नृत्य राजस्थान का सबसे प्राचीन भील जनजाति का लोक नाट्य है।
👉 यह नृत्य-नाटिका सावन-भादो में लगभग 40 दिन तक चलती है।
👉 इसमें शिव-पार्वती और भस्मासुर सहित कई पौराणिक कथाएँ प्रस्तुत की जाती हैं।
👉 लेकिन इसमें 21 अलग-अलग कहानियाँ होने का उल्लेख सही नहीं है।

✍️ सही उत्तर है – गवरी मंचन में लगभग 21 अलग-अलग कहानियां नृत्य और गीतों द्वारा बताई जाती हैं। 

नृत्य, जिसमें किसी वाद्य यंत्र का प्रयोग नहीं किया जाता - 

[PTI Grade -II (RPSC) 30.04.2023]

  • गवरी 

  • घूमर 

  • वालर

  • गैर 

🔹 व्याख्या

👉 वालर नृत्य राजस्थान की गरासिया जनजाति का प्रमुख नृत्य है।
👉 इसे गरासियों का घूमर भी कहा जाता है।
👉 इसमें स्त्री-पुरुष दो अर्द्धवृत्तों में खड़े होकर धीमी गति से नृत्य करते हैं।
👉 इसकी सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें किसी भी वाद्ययंत्र का प्रयोग नहीं होता।

✍️ सही उत्तर है – वालर 

"छिद्रित मटका जिसमें दीपक जलता है", किस नृत्य की विशेषता है ? 

[वरिष्ठ अध्यापक 28.10.2018]

  • घुड़ला 

  • चरी नृत्य

  • वालर

  • गरबा 

🔹 व्याख्या

👉 घुड़ला नृत्य राजस्थान का प्रमुख महिला प्रधान नृत्य है।
👉 इसमें महिलाएँ सिर पर छिद्रित मटका रखती हैं।
👉 घड़े के अंदर जलता हुआ दीपक इसकी मुख्य विशेषता है।
👉 यह नृत्य विशेष रूप से गणगौर उत्सव के समय किया जाता है।

✍️ सही उत्तर है – घुड़ला 

किस नृत्य में किसी भी वाद्य यंत्र का प्रयोग नहीं किया जाता

[Research Assistant 24.08.2017]

  • वालर नृत्य  

  • तेरहताली नृत्य    

  • चंग नृत्य  

  • घूमर नृत्य  

🔹 व्याख्या

👉 वालर नृत्य राजस्थान की गरासिया जनजाति का प्रमुख लोक नृत्य है।
👉 इसे गरासियों का घूमर भी कहा जाता है।
👉 इसमें स्त्री-पुरुष दो अर्द्धवृत्तों में खड़े होकर धीमी गति से नृत्य करते हैं।
👉 इसकी मुख्य विशेषता यह है कि इसमें किसी भी वाद्ययंत्र का प्रयोग नहीं होता।

✍️ सही उत्तर है – वालर नृत्य 

जसनाथी पंथ के किस प्रकार के नृत्य की उत्पत्ति बीकानेर के कतरियासर गाँव में हुई थी ? 

[Asst. Town Planner 16.06.2023]

  • बम 

  • घुड़ला 

  • अग्नि 

  • चांग 

🔹 व्याख्या

👉 जसनाथी पंथ का प्रसिद्ध नृत्य अग्नि नृत्य है।
👉 इसका उद्गम बीकानेर जिले के कतरियासर गाँव में हुआ था।
👉 इसमें जसनाथी संप्रदाय के पुरुष जलते हुए अंगारों (धूणा) पर नृत्य करते हैं।
👉 इस नृत्य की विशेषता है कि नर्तक अग्नि पर चलकर भी नहीं जलते।

✍️ सही उत्तर है – अग्नि 

निम्न में से कौन सा युग्म सही सुमेलित नहीं है ? 

S.I. Telecom (Paper-II) 09.11.2025

लोक नृत्य — संबंधित वर्ग/जाति  

  • चकरी नृत्य — कंजर

  • अग्नि नृत्य — जसनाथी संप्रदाय

  • फड़ नृत्य — कालबेलिया

  • तेरहताली — कामड़ जाति

🔹 व्याख्या

👉 तेरहताली नृत्य कामड़ जाति द्वारा किया जाता है और यह सुमेल सही है।

👉 अग्नि नृत्य का संबंध जसनाथी संप्रदाय से है, यह युग्म भी सही है।

👉 चकरी नृत्य मुख्यतः कंजर जाति का नृत्य है और यह भी सही सुमेल है।

👉 फड़ नृत्य का संबंध कालबेलिया से नहीं है; कालबेलिया का प्रसिद्ध नृत्य साँप नृत्य/कालबेलिया नृत्य है।

✍️ सही उत्तर है – फड़ नृत्य — कालबेलिया

गरासिया जनजाति का मुख्य नृत्य है 

[Protection Officer 29.05.2019]

  • राई 

  • कच्छीघोड़ी

  • गवरी 

  • वालर 

🔹 व्याख्या

👉 गरासिया जनजाति राजस्थान की एक प्रमुख जनजाति है।
👉 इसका मुख्य लोक नृत्य वालर नृत्य कहलाता है।
👉 इसे गरासियों का घूमर भी कहा जाता है।
👉 इस नृत्य की विशेषता है कि यह बिना वाद्ययंत्र के किया जाता है।

✍️ सही उत्तर है – वालर 

निम्नलिखित में से किस जनजाति में 'बालर' लोकनृत्य प्रचलित है ?

[PTI Grade -II (RPSC) 2011]

  • मीणा

  • भील 

  • गरासिया 

  • सहरिया 

🔹 व्याख्या

👉 बालर (वालर) नृत्य राजस्थान की गरासिया जनजाति का प्रमुख लोक नृत्य है।
👉 इसे गरासियों का घूमर भी कहा जाता है।
👉 इसमें स्त्री-पुरुष दो अर्द्धवृत्तों में खड़े होकर नृत्य करते हैं।
👉 इसकी विशेषता यह है कि इसमें कोई वाद्ययंत्र प्रयोग नहीं किया जाता।

✍️ सही उत्तर है – गरासिया 

गींदड़ नृत्य होता है - 

[वरिष्ठ अध्यापक (स्थगित) 21.12.2022]

  • मेवाड़ में 

  • ढूंढाड़ में 

  • वागड़ में 

  • शेखावाटी में 

🔹 व्याख्या

👉 गींदड़ नृत्य राजस्थान का लोकप्रिय स्वांग नृत्य है।
👉 यह विशेष रूप से शेखावाटी क्षेत्र (सीकर, झुंझुनू, चूरू आदि) में किया जाता है।
👉 इसमें पुरुष हाथों में डंडे लेकर वृत्ताकार नृत्य करते हैं।
👉 नर्तक विभिन्न चरित्रों के स्वांग भी प्रस्तुत करते हैं।

✍️ सही उत्तर है – शेखावाटी में 

सूची-I को सूची-II से सुमेलित करें तथा नीचे दिए गए कूट का उपयोग करके सही उत्तर चुनें -

सूची-I राजस्थान के क्षेत्र

सूची-II लोक नृत्य

(A) मारवाड़

(i) ढोल नृत्य

(B) शेखावाटी

(ii) बम नृत्य

(C) जालौर

(iii) डांडिया नृत्य

(D) अलवर-भरतपुर

(iv) गींदड़ नृत्य

कूट - 

[Research Scholar 04.08.2024]

  • A-(iv), B-(iii), C-(ii), D-(i) 

  • A-(iii), B-(ii), C-(iv), D-(i) 

  • A-(iii); B-(iv), C-(i), D-(ii) 

  • A-(i), B-(ii), C-(iii), D-(iv) 

🔹 व्याख्या

👉 मारवाड़ क्षेत्र का प्रमुख लोक नृत्य डांडिया नृत्य है।
👉 शेखावाटी क्षेत्र में किया जाने वाला नृत्य गींदड़ नृत्य है।
👉 जालौर क्षेत्र का प्रमुख नृत्य ढोल नृत्य है।
👉 अलवर–भरतपुर क्षेत्र का प्रसिद्ध नृत्य बम नृत्य है।

✍️ सही उत्तर है – A-(iii), B-(iv), C-(i), D-(ii) 

निम्नांकित नृत्यों को उनकी जाति से सुमेलित कीजिए एवं नीचे दिये गये कूट से सही उत्तर का चयन कीजिए : 

  (नृत्य)        (जाति) 

A. राई           I. गूजर 

B. मांदल       II. कामड़ 

C. चरी          III. भील 

D. तेरहताली  IV. गरासिया 

[कृषि अधिकारी 19.01.2021]

कूट : 

            A     B     C     D 

  • II    I     III     IV 

  • IV     II     III     I 

  • III     IV     I     II 

  • I     III     IV     II 

🔹 व्याख्या

👉 राई नृत्य भील जनजाति द्वारा किया जाता है, जिसे गवरी नृत्य भी कहा जाता है।
👉 मांडल नृत्य गरासिया जनजाति की महिलाओं का प्रमुख नृत्य है।
👉 चरी नृत्य गुर्जर जाति का प्रसिद्ध नृत्य है, जिसमें महिलाएँ सिर पर चरियाँ रखकर नृत्य करती हैं।
👉 तेरहताली नृत्य कामड़ जाति की महिलाएँ करती हैं, यह विशेष रूप से बाबा रामदेवजी की स्तुति में होता है।

✍️ सही उत्तर है – A-(III), B-(IV), C-(I), D-(II) 

गींदड़ लोक नृत्य का मुख्य वाद्य क्या होता है ? 

[भूवैज्ञानिक परीक्षा 07.05.2025]

  • ढोलक 

  • नगाड़ा 

  • मृदंग 

  • तबला 

🔹 व्याख्या

👉 गींदड़ नृत्य शेखावाटी क्षेत्र का प्रमुख स्वांग नृत्य है।
👉 यह नृत्य विशेष रूप से होली पर्व पर किया जाता है।
👉 इसकी शुरुआत नगाड़ची के मंडप में प्रार्थना से होती है।
👉 इस नृत्य का मुख्य वाद्य नगाड़ा होता है।

✍️ सही उत्तर है – नगाड़ा 

निम्नलिखित में से कौन सा नृत्य शेखावाटी क्षेत्र का नृत्य नहीं है ?

[LDC (RPSC) 2011]

  • बम नृत्य 

  • गींदड़ नृत्य 

  • चंग नृत्य 

  • कच्छी घोड़ी नृत्य 

🔹 व्याख्या

👉 शेखावाटी क्षेत्र में गींदड़, जिंदाद, लहूर, चंग और ढप जैसे लोक नृत्य प्रचलित हैं।
👉 इन नृत्यों में पुरुष-प्रधान नृत्य शैली और होली पर्व का विशेष महत्व है।
👉 बम नृत्य अलवर और भरतपुर क्षेत्र का प्रमुख नृत्य है।
👉 इसलिए बम नृत्य को शेखावाटी क्षेत्र से जोड़ना गलत है।

✍️ सही उत्तर है – बम नृत्य 

वालर नृत्य किस जनजाति का नृत्य माना जाता है ?  

[वरिष्ठ अध्यापक (Spl Edu) 07.02.2018]

  • सहरिया  

  • भील  

  • गरासिया  

  • कालबेलिया  

🔹 व्याख्या

👉 वालर नृत्य राजस्थान की गरासिया जनजाति का प्रमुख लोक नृत्य है।
👉 इसे गरासियों का घूमर भी कहा जाता है।
👉 इस नृत्य में स्त्री-पुरुष दो अर्द्धवृत्तों में खड़े होकर नृत्य करते हैं।
👉 इसकी विशेषता है कि यह नृत्य बिना वाद्ययंत्र के किया जाता है।

✍️ सही उत्तर है – गरासिया 

थाकना शैलीका संबंध जिससे है :  

[Asst. Jailor 15.03.2016]

  • भवाई नृत्य  

  • इड़ाणी नृत्य  

  • शंकरिया नृत्य

  • ढोल नृत्य 

🔹 व्याख्या

👉 ढोल नृत्य राजस्थान के जालौर क्षेत्र का प्रमुख लोक नृत्य है।
👉 इसमें सरगड़ा, माली और भील जाति के पुरुष भाग लेते हैं।
👉 इस नृत्य में एक साथ चार–पाँच ढोल बजाए जाते हैं।
👉 दल का प्रमुख ढोल बजाने की शैली थाकना कहलाती है।

✍️ सही उत्तर है – ढोल नृत्य 

निम्न में से कौन सा मात्र पुरुषों द्वारा किया जाने वाला नृत्य नहीं है ? 

[सहायक कृषि अधिकारी 31.05.2019]

  • गैर 

  • अग्नि 

  • लूर 

  • ढोल 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान में कई नृत्य केवल पुरुषों द्वारा किए जाते हैं, जैसे कच्छी घोड़ी, गैर, ढोल और अग्नि नृत्य।
👉 लूर नृत्य गरासिया जनजाति की महिलाओं द्वारा किया जाने वाला प्रमुख नृत्य है।
👉 इसमें महिलाएँ मेले व विवाह अवसरों पर नृत्य करते हुए रिश्ते की माँग करती हैं।
👉 इसलिए लूर नृत्य को केवल पुरुषों द्वारा किया जाने वाला नृत्य नहीं माना जाता।

✍️ सही उत्तर है – लूर 

गवरी लोक नृत्य मूलतः सम्बधित है 

[वरिष्ठ अध्यापक 31.10.2018]

  • कंजरों से

  • गरासियों से

  • कालबेलियों से 

  • भीलों से

🔹 व्याख्या

👉 गवरी नृत्य राजस्थान की सबसे प्राचीन लोक कला है।
👉 यह नृत्य मूलतः भील जनजाति से संबंधित है।
👉 गवरी एक नृत्य-नाटिका है, जिसमें भगवान शिव-पार्वती से जुड़ी कथाएँ प्रस्तुत होती हैं। 

✍️ सही उत्तर है – भीलों से 

राजस्थान के किस सम्प्रदाय में पुरुषों द्वारा अग्नि नृत्य किया जाता है ? 

[वरिष्ठ अध्यापक 12.02.2023]

  • बिश्नोई सम्प्रदाय 

  • जसनाथी सिद्ध 

  • रामस्नेही सम्प्रदाय 

  • दादूपंथ 

🔹 व्याख्या

👉 अग्नि नृत्य राजस्थान का प्रमुख धार्मिक लोक नृत्य है।
👉 यह नृत्य केवल पुरुषों द्वारा किया जाता है।
👉 इसका संबंध जसनाथी सिद्ध संप्रदाय से है।
👉 इसमें नर्तक जलते हुए अंगारों (धूणा) पर विभिन्न कलाएँ प्रस्तुत करते हैं।

✍️ सही उत्तर है – जसनाथी सिद्ध 

निम्नलिखित में से कौन सा युग्म सुमेलित नहीं है ?  

[AEN परीक्षा 30.06.2024]

  • वालर - गरासिया 

  • चरी - सांसी 

  • तेरहताली - कामड़ 

  • गवरी - भील 

🔹 व्याख्या

👉 चरी नृत्य राजस्थान का प्रसिद्ध गुर्जर जाति का लोक नृत्य है। चरी नृत्य किशनगढ़ अजमेर क्षेत्र में गुर्जर समुदाय की महिलाओं द्वारा किया जाता है
👉 इसमें महिलाएँ सिर पर चरी (घड़े) रखकर दीपक जलाकर नृत्य करती हैं।
👉 इस नृत्य की प्रसिद्ध नृत्यांगना किशनगढ़ की फलकूबाई रही हैं।
👉 अतः इसे सांसी जाति से जोड़ना गलत है।

✍️ सही उत्तर है – चरी – सांसी 

निम्नलिखित में से किसे वर्ष 2010 में विश्व की सांस्कृतिक धरोहरों की सूची में शामिल किया गया है ? 

[ACF परीक्षा 2011]

  • जयपुर का जंतर मंतर व घूमर नृत्य 

  • कालबेलिया नृत्य व जंतर मंतर 

  • चितौड़गढ़ दुर्ग व जंतर मंतर 

  • कालबेलिया नृत्य व अल्बर्ट हॉल 

🔹 व्याख्या

👉 वर्ष 2010 राजस्थान की धरोहरों के लिए विशेष महत्व रखता है।
👉 इसी वर्ष यूनेस्को ने कालबेलिया नृत्य को अमूर्त सांस्कृतिक धरोहर सूची में शामिल किया।
👉 साथ ही जयपुर का जंतर मंतर विश्व की सांस्कृतिक धरोहर सूची में सम्मिलित किया गया।
👉 ये दोनों ही राजस्थान की अंतरराष्ट्रीय पहचान बने।

✍️ सही उत्तर है – कालबेलिया नृत्य व जंतर मंतर 

निम्न में से कौनसा गरासियों का लोक नृत्य नहीं है ?

[कृषि अधिकारी 20.04.2025]

  • कूद

  • वालर

  • मावलिया

  • लूर

🔹 व्याख्या

👉 गरासिया जनजाति के प्रमुख नृत्य हैं – वालर, लूर, मांदल, मोरिया, गौर, रायण, कूद, गरवा और जवारा।
👉 ये नृत्य विवाह, होली और गणगौर जैसे अवसरों पर किए जाते हैं।
👉 मावलिया नृत्य गरासियों का नहीं, बल्कि कथौड़ी जनजाति का नृत्य है।
👉 यह नवरात्रों में देवी-देवताओं के गीत गाते हुए किया जाता है।

✍️ सही उत्तर है – मावलिया 

निम्न में से कौन सा नृत्य कालबेलिया जाति से सम्बन्धित है ? 

[व्याख्याता (आयुर्वेद) 13.11.2021]

  • वालर नृत्य

  • गवरी नृत्य

  • इंडोनी नृत्य 

  • अग्नि नृत्य

🔹 व्याख्या

👉 कालबेलिया समुदाय राजस्थान का प्रसिद्ध साँप पकड़ने वाला समुदाय है। चरी नृत्य, किशनगढ़ अजमेर क्षेत्र में गुर्जर समुदाय की महिलाओं द्वारा किया जाता है
👉 इनके प्रमुख नृत्यों में कालबेलिया, शंकरिया, पणिहारी, बागड़िया और इंडोणी नृत्य शामिल हैं।
👉 इंडोणी नृत्य में स्त्री-पुरुष वृत्ताकार घेरा बनाकर नृत्य करते हैं।
👉 इसमें खंजरी और पूंगी वाद्ययंत्रों का प्रयोग किया जाता है।

✍️ सही उत्तर है – इंडोनी नृत्य