निम्नलिखित में से कौन सी इमारत टोंक में स्थित नहीं है ?
[Development Officer 29.07.2025]
👉 टोंक में कई ऐतिहासिक इमारतें जैसे दीवान-ए-आम, सुनेहरी कोठी, और रज़ा पुस्तकालय स्थित हैं।
👉 नूर हक मस्जिद टोंक की प्रमुख इमारतों में शामिल नहीं है। नूर हक मस्जिद जयपुर में स्थित है
✍️ सही उत्तर है – नूर हक मस्जिद
अढाई दिन का झोंपड़ा अवस्थित है -
[स्कूल व्याख्याता 21.10.2022]
👉 अढ़ाई दिन का झोंपड़ा राजस्थान की सबसे प्राचीन मस्जिद मानी जाती है।
👉 इसका मूल निर्माण चौहान शासक बीसलदेव चौहान (विग्रहराज चतुर्थ) ने करवाया था।
👉 इसे प्रारंभ में एक संस्कृत पाठशाला के रूप में बनाया गया था।
👉 वर्तमान में यह स्थल अजमेर में स्थित है।
✍️ सही उत्तर है – अजमेर
निम्न में से कौन सा युग्म सुमेलित नहीं है ?
A.
रणथम्भौर
दुर्ग – पीर
सदरुद्दीन की
दरगाह
B.
गागरोण
दुर्ग – सन्त
मिट्ठे साहब
की दरगाह
C.
जालौर
दुर्ग – सन्त
मीरां साहेब
की दरगाह
[Asst. Prof. (Paper -III) 07.12.2025]
🔹 व्याख्या
👉 रणथम्भौर सवाई माधोपुर में पीर सदरुद्दीन की दरगाह स्थित है।
👉 झालावाड़ के गागरोण दुर्ग में प्रसिद्ध सूफी संत मिट्ठे साहब की दरगाह है।
👉 संत मीरां साहेब की दरगाह जालौर में नहीं बल्कि तारागढ़ (अजमेर) में स्थित है।
👉 जालौर दुर्ग में संत मलिक शाह की दरगाह प्रमुख रूप से सुमेलित मानी जाती है।
✍️ सही उत्तर है – केवल C
'ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह' के लिए मुगल बादशाह अकबर द्वारा व्यवस्थार्थ दिए गए गाँवों की संख्या है
[उपनिरीक्षक (SI) 13.09.2021]
👉 दरगाह का निर्माण भिन्न भिन्न चरण में हुआ यथा -निजाम गेट का निर्माण 1915 में हैदराबाद के आखिरी निज़ाम मीर उस्मान अली खान द्वारा करवाया गया था। ,शाहजहानी गेट , मुगल सम्राट शाहजहाँ ने बनवाया था। इस पर लगा तांबे का कलश दर्शनीय है। ,,बुलंद दरवाजा का निर्माण मांडू (मालवा) के सुलतान ग्यासुद्दीन खिलजी ने 15वीं शताब्दी के उत्तरार्ध में करवाया था। उर्स के दौरान इस पर झंडा फहराया जाता है। मुख्य मजार (गर्भगृह): ख्वाजा साहब की मजार का पक्का निर्माण सबसे पहले मालवा के सुलतान ग्यासुद्दीन खिलजी ने करवाया था। मजार के ऊपर का सफेद संगमरमर का गुंबद 1532 में मांडू के सुल्तानों द्वारा बनवाया गया था, जिसे बाद में अकबर और शाहजहाँ ने विस्तार दिया। मजार के चारों ओर चांदी का कटघरा (Railling) जयपुर के महाराजा सवाई जयसिंह ने भेंट किया था।
✍️ सही उत्तर है – 18
ख्वाजा मुइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह में जामा मस्जिद का निर्माण किस मुगल शासक द्वारा किया गया - [*]
वरिष्ठ अध्यापक 2010 पेपर -I GK (हिन्दी)
📌 महत्वपूर्ण सूचना: इस प्रश्न को बोर्ड द्वारा 'डिलीट' घोषित किया गया है।
सैयद मीरान साहब की दरगाह किस किले में स्थित है ?
[सहायक कृषि अधिकारी 31.05.2019]
👉 सूफी संत मीरान साहब का वास्तविक नाम मीर सैय्यद हुसैन खिंगसवार था।
👉 वे तारागढ़ दुर्ग के प्रथम गवर्नर थे।
👉 इसी दुर्ग के सबसे ऊँचे भाग पर इनकी दरगाह बनी हुई है।
👉 यह दरगाह अजमेर के तारागढ़ किले में प्रसिद्ध है।
✍️ सही उत्तर है – तारागढ़ दुर्ग, अजमेर
'शक्कर पीर बाबा' के नाम से प्रसिद्ध हज़रत हाज़िब शक्कर बादशाह की दरगाह स्थित है
[सहायक कृषि अधिकारी 31.05.2019]
👉 हज़रत हाजिब शक्कर बार को लोग शक्कर बाबा पीर या नरहड़ के पीर कहते हैं।
👉 इनकी प्रसिद्ध दरगाह नरहड़ शरीफ़ (झुंझुनूं) में स्थित है।
👉 यहाँ का उर्स विशेष रूप से कृष्ण जन्माष्टमी के दिन आयोजित होता है।
👉 यह दरगाह साम्प्रदायिक सौहार्द और आस्था का अनूठा केंद्र है।
✍️ सही उत्तर है – नरहड़
ख्वाजा मोईनुद्दीन चिश्ती की दरगाह में 'बुलन्द दरवाजे' का निर्माण किसने करवाया ?
सहायक आचार्य [ 07.01.2024]
👉 ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह की सबसे पुरानी इमारत बुलन्द दरवाजा है।
👉 इसका निर्माण कार्य मांडू के सुल्तान द्वारा करवाया गया था।
👉 अध्याय में उल्लेख है कि इसे सुल्तान महमूद खिलजी ने बनवाया।
👉 यह दरवाजा लगभग 75 फीट ऊँचा है और मुगलकाल से पहले की वास्तुकला का उदाहरण है।
✍️ सही उत्तर है – सुल्तान महमूद खिलजी
अजमेर के ख्वाजा मोइनुद्दीन किस सूफी सिलसिला से सम्बन्धित है ?
[वरिष्ठ अध्यापक 21.02.2014]
👉 ख्वाजा मोइनुद्दीन हसन चिश्ती राजस्थान के महान सूफी संत थे।
👉 उन्होंने ही राजस्थान में चिश्ती सूफी सिलसिले का प्रवर्तन किया।
👉 इनकी प्रमुख कार्यस्थली अजमेर रही जहाँ इनकी प्रसिद्ध दरगाह है।
👉 इन्हें श्रद्धा से गरीब नवाज भी कहा जाता है।
✍️ सही उत्तर है – चिश्ती
ख्वाजा मोईनुद्दीन चिश्ती के गुरु का नाम बताइए।
[व्याख्याता (तकनीकी) 12.03.2021]
👉 सूफी संत ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती का आध्यात्मिक मार्गदर्शन उनके गुरु ने किया।
👉 इनके गुरु का नाम ख्वाजा शेख उस्मान हारूनी था।
👉 इन्होंने मोइनुद्दीन चिश्ती को चिश्ती सिलसिले की शिक्षा दी।
👉 यही कारण है कि वे चिश्ती परंपरा के प्रमुख प्रवर्तक बने।
✍️ सही उत्तर है – ख्वाजा उस्मान हारूनी
अजमेर के ख्वाजा मोईनुद्दीन चिश्ती की दरगाह पर उर्स का मेला कितने दिन चलता है ?
[सहायक कृषि अधिकारी 25.04.2018]
👉 ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह पर प्रतिवर्ष उर्स का मेला आयोजित होता है।
👉 यह मेला इस्लामी माह रजब की पहली तारीख से प्रारंभ होता है।
👉 मेले का आयोजन लगातार 6 दिन तक चलता है।
👉 यह उर्स भारत में मुस्लिम समुदाय का सबसे बड़ा मेला माना जाता है।
✍️ सही उत्तर है – 6 दिन
अजमेर स्थित अलाउद्दीन खान का मकबरा जाना जाता है -
[सहायक कृषि अधिकारी 29.04.2018]
👉 अजमेर में स्थित अलाउद्दीन खान का मकबरा एक प्राचीन स्मारक है।
👉 यह भवन अपने सोलह स्तम्भों पर आधारित संरचना के कारण प्रसिद्ध है।
👉 इसी वजह से इसे स्थानीय लोग सोला खम्भा कहते हैं।
✍️ सही उत्तर है – सोला थम्बा
दरगाह जिसे अब्दुल्ला पीर के नाम से जाना जाता है, बोहरा मुस्लिम संत अब्दुल रसूल का लोकप्रिय मकबरा किस शहर में स्थित है ?
[EO RO (Shift I) 14.05.2023]
👉 बोहरा मुसलमानों की आस्था से जुड़ा एक प्रमुख स्थल अब्दुल रसूल से संबंधित है।
👉 इन्हें समर्पित यह प्रसिद्ध दरगाह अब्दुल्ला पीर के नाम से जानी जाती है।
👉 यह दरगाह राजस्थान के बाँसवाड़ा जिले में स्थित है।
👉 बोहरा समाज के लिए यह स्थल धार्मिक महत्त्व रखता है।
✍️ सही उत्तर है – बाँसवाड़ा
सन्यासियों के सुल्तान के उपनाम से किसे जाना जाता है -
वरिष्ठ अध्यापक 2010 पेपर -I GK (हिन्दी)
👉 हज़रत शेख हमीदुद्दीन नागोरी (हामिद नागौरी)यह सुहरावर्दी सिलसिले के प्रसिद्ध सूफी संत थे जो सुहरावर्दी सिलसिले के संस्थापक हज़रत शहाबुद्दीन सुहरावर्दी के प्रमुख और बेहद करीबी मुरीद (शिष्य) थे। (इतिहास में 'हमीदुद्दीन नागोरी' नाम के दो प्रसिद्ध संत हुए हैं। दूसरे संत शेख हमीदुद्दीन सुआली नागोरी थे, जो ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती के खलीफा थे और चिश्ती सिलसिले से थे। लेकिन 'हामिद नागोरी' या 'काज़ी हमीदुद्दीन' का संबंध सुहरावर्दी सिलसिले से ही है।)
✍️ सही उत्तर है – हमीदुद्दीन नागौरी
निम्नलिखित में से किस दुर्ग में मिट्ठे साहब की दरगाह स्थित है ?
[Asst. Jailor 15.03.2016]
👉 सूफी संत मिट्ठे शाह को लोग पीर मीठे महाबली के नाम से जानते हैं।
👉 अध्याय में स्पष्ट उल्लेख है कि इनकी दरगाह गागरोन दुर्ग (झालावाड़) में स्थित है।
👉 यह दरगाह राजस्थान की प्रमुख दरगाहों में गिनी जाती है।
👉 यहाँ श्रद्धालु बड़ी संख्या में उर्स के अवसर पर पहुँचते हैं।
✍️ सही उत्तर है – गागरोन दुर्ग