लोक देवी के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार करो - 

(A) औरंगज़ेब ने कुष्ठ रोग से मुक्ति की कामना से मंदिर में स्वर्ण "छत्र" भेंट किया। 

(B) यह मंदिर तांत्रिक शक्ति पीठ है। 

(C) यहाँ अखण्ड ज्योति जलती है, जिससे "काजल शिखर" पर 'काजल' बनाया जाता है। 

उपरोक्त कथनों में किस लोक देवी का उल्लेख है ?  

[Assistant Director 09.07.2025]

  • जीण माता 

  • सकराय माता 

  • ईडाणा माता 

  • करणी माता 

🔹 व्याख्या

👉 जीण माता का मंदिर रैवासा (सीकर) की पहाड़ी तलहटी में स्थित है।
👉 यहाँ अखंड ज्योति प्रज्ज्वलित रहती है, जिससे पास के काजल शिखर पर काजल बनाया जाता है।
👉 यह स्थान एक प्रसिद्ध तांत्रिक शक्ति पीठ के रूप में जाना जाता है।
👉 औरंगज़ेब ने यहाँ कुष्ठ रोग मुक्ति की कामना से स्वर्ण छत्र भेंट किया था।

✍️ सही उत्तर है – जीण माता

'केलादेवी' का मेला कब लगता है ?  

वरिष्ठ अध्यापक 2010 पेपर -I GK (SST)

  • वैशाख - कृष्ण पक्ष

  • चैत्र शुक्ल पक्ष 

  • चैत्र-कृष्ण पक्ष 

  • वैशाख शुक्ल पक्ष 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान की प्रसिद्ध लोकदेवी कैला देवी का मंदिर करौली जिले में स्थित है।
👉 यहाँ प्रतिवर्ष विशाल लक्खी मेला भरता है।
👉 यह मेला चैत्र शुक्ल पक्ष में आयोजित होता है।
👉 श्रद्धालु दूर-दूर से आकर देवी के दर्शन व पूजन करते हैं।

✍️ सही उत्तर है – चैत्र शुक्ल पक्ष 

निम्नलिखित में सुमेलित है - 

[Supt. Garden 28.07.2021]

   लोक देवी    मुख्य मंदिर 

  • नारायणी माता -सीकर 

  • कैवाय माता - जोधपुर 

  • चौथ माता  -  टोंक 

  • आई माता -बिलाड़ा 

🔹 व्याख्या

👉 आई माता को विशेष रूप से सिरवी जाति की कुलदेवी माना जाता है।
👉 इनका प्रमुख मंदिर बिलाड़ा (जोधपुर) में स्थित है।
👉 इनका मूल नाम जीजी बाई था, जिन्हें बाद में आईजी माता कहा गया।
👉 सिरवी समाज इन्हें अपनी आराध्य देवी मानकर पूजता है।

✍️ सही उत्तर है – आई माता – बिलाड़ा 

निम्न में से किस देवी को शिशु-रक्षक लोकदेवी माना जाता है

[वरिष्ठ अध्यापक 17.02.2019]

  • चौथमाता 

  • छिंछ माता 

  • घेवर माता 

  • महामाया माता 

🔹 व्याख्या

👉 उदयपुर क्षेत्र की प्रसिद्ध लोकदेवी महामाया माता हैं।
👉 इन्हें विशेष रूप से मावली माता भी कहा जाता है।
👉 लोकमान्यता में यह देवी शिशु-रक्षक लोकदेवी मानी जाती हैं।
👉 इनका मंदिर उदयपुर में स्थित है और यहाँ पूजा-अर्चना होती है।

✍️ सही उत्तर है – महामाया माता 

निम्नलिखित में से गलत युग्म को चिन्हित कीजिए - 

[AEN 16 दिसम्बर 2018]

  • सकराय माता  सीकर 

  • शिला देवी  आमेर 

  • संचियाय माता  ओसियाँ 

  • करणी माता  देशनोक 

🔹 व्याख्या

👉 शिला देवी का मंदिर आमेर (जयपुर) किले में स्थित है।
👉 सच्चियाय माता का प्रमुख मंदिर ओसियां (जोधपुर) में है। 
👉 करणी माता का प्रसिद्ध मंदिर देशनोक (बीकानेर) में स्थित है। 

✍️ सही उत्तर है – सकराय माता  सीकर 

सांझी के रूप में किस देवी की पूजा की जाती है ? 

[वरिष्ठ अध्यापक 29.01.2023]

  • लक्ष्मी 

  • दुर्गा 

  • सरस्वती 

  • पार्वती 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान में सांझी की पूजा विशेष रूप से नवरात्रों में की जाती है।
👉 इसमें घर की दीवारों पर सांझी माता के चित्र बनाकर सजावट की जाती है।
👉 सांझी के रूप में पूजित देवी वास्तव में पार्वती मानी जाती हैं। 

✍️ सही उत्तर है – पार्वती 

जालौर के चौहानों की कुलदेवी निम्न में से है 

[सहायक कृषि अधिकारी 28.08.2022]

  • आशापुरा माता 

  • जोगमाया माता

  • सकराय माता

  • शाकम्भरी माता 

🔹 व्याख्या

👉 जालौर के सोनगरा चौहानों की कुलदेवी आशापुरा माता हैं।
👉 इन्हें महोदरी माता या बड़े उदर वाली देवी भी कहा जाता है।
👉 इनकी मूर्ति गुजरात के खेरालू ग्राम से लाकर स्थापित की गई थी।
👉 इनके मंदिर में नवरात्रों पर मेला और गरबा का आयोजन होता है।

✍️ सही उत्तर है – आशापुरा माता 

मोरन देवी किस जाति की इष्ट देवी मानी जाती है?

[Lecturer (Ayurved) 12.01.2026]

  • मेघवाल

  • खारवाल

  • लखारा

  • लोहार

🔹 व्याख्या

👉 मोरन देवी खारवाल/खारोल की कुलदेवी मानी जाती हैं।
👉
यह समाज राजस्थान क्षेत्र में पाया जाता है।
👉
इनका संबंध नमक उत्पादन से रहा है।
👉
शाकम्भरी माता भी प्रमुख इष्ट देवी हैं।

✍️ सही उत्तर है – खारवाल

'कंठेसरी माता' किसकी देवी मानी जाती है ? 

[AEN Pre. 2013]

  • राजपूतों की 

  • चारणों की 

  • जाटों की 

  • आदिवासियों की

🔹 व्याख्या

👉 कंठेसरी माता को विशेष रूप से आदिवासियों की देवी माना गया है।
👉 इनकी पूजा जनजातीय समाज में गहरी आस्था के साथ की जाती है।
👉 यह देवी रक्षा और कल्याण का प्रतीक मानी जाती हैं।
👉 इनका थान गाँवों में धार्मिक केंद्र के रूप में पूजित है।

✍️ सही उत्तर है – आदिवासियों की 

साम्भर झील में निम्न में से किस देवी का मन्दिर स्थित है ? 

[RAS Pre. 31.10.2015]

  • कुंजल माता 

  • शाकम्भरी देवी 

  • बवन देवी 

  • शीला देवी

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान की सांभर झील के पास एक प्राचीन मंदिर स्थित है।
👉 यह मंदिर शाकम्भरी माता को समर्पित है।
👉 शाकम्भरी माता को विशेष रूप से चौहान वंश की कुलदेवी माना जाता है।
👉 यहाँ नवरात्रों में विशाल धार्मिक आयोजन होते हैं।

✍️ सही उत्तर है – शाकम्भरी देवी 

"बाण - माता” किस राजपरिवार की कुलदेवी थी ?

[Deputy Commandant 23.08.2020]

  • बीकानेर 

  • मेवाड़

  • जयपुर 

  • जोधपुर 

🔹 व्याख्या

👉 बाण माता को विशेष रूप से सिसोदिया वंश (मेवाड़ राजपरिवार) की कुलदेवी माना गया है।
👉 इनका प्रमुख मंदिर चित्तौड़गढ़ दुर्ग में स्थित है।
👉 जैसे-जैसे गुहिल/सिसोदिया वंश की राजधानी बदली, वैसे-वैसे बाण माता के मंदिर भी स्थानांतरित होते रहे।
👉 महाराणा कुम्भा के समय इनके मंदिर को सुल्तान महमूद खिलजी प्रथम ने नष्ट किया था, बाद में पुनर्निर्माण हुआ।

✍️ सही उत्तर है – मेवाड़ 

सुमेलित कीजिए और नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर का चयन कीजिए : 

(लोकदेवी)         (स्थान) 

A. ज्वाला माता    i. बाँसवाड़ा 

B. अधर देवी       ii. जोबनेर 

C. छींछ माता       iii. सरिस्का (अलवर)

D. नारायणी माता iv. आबू 

[कृषि अधिकारी 24.11.2020]

कूट : 

            A     B     C     D 

  • i     iii     ii     iv 

  • iii     i     iv     ii 

  • ii     iv     i     iii 

  • iv     ii     i     iii 

🔹 व्याख्या

👉 ज्वाला माता का प्रमुख मंदिर जोबनेर (जयपुर) में स्थित है।
👉 अधर देवी का मंदिर आबू (सिरोही) पर्वत पर प्रसिद्ध है।
👉 छींछ माता का मंदिर छींछ (बाँसवाड़ा) क्षेत्र में है।
👉 नारायणी माता का मंदिर सरिस्का (अलवर) क्षेत्र में स्थित है।

✍️ सही उत्तर है – A-ii, B-iv, C-i, D-iii 

निम्नलिखित में से गलत युग्म की पहचान कीजिए - 

[ACF परीक्षा 2011]

  • सकराय माता : झुंझुनू 

  • शिलादेवी : आम्बेर 

  • सचियाय माता : ओसियां 

  • शीतला माता : डूंगरपुर

🔹 व्याख्या

👉 शीतला माता की पूजा पूरे राजस्थान में की जाती है।
👉 इनका प्रमुख मंदिर शील की डूंगरी (चाकसू, जयपुर) में स्थित है।
👉 यहाँ चैत्र कृष्ण अष्टमी पर लक्खी मेला भरता है।
👉 इसलिए दिया गया युग्म शीतला माता : डूंगरपुर गलत है।

✍️ सही उत्तर है – शीतला माता : डूंगरपुर 

जोधपुर के राठौड़ों की देवी, जिसकी 18 भुजायें है -  

वरिष्ठ अध्यापक 2010 पेपर -I GK (गणित)

  • सिकराय माता

  • आवरी माता

  • शीतला माता 

  • नागणेची माता

🔹 व्याख्या

👉 जोधपुर के राठौड़ वंश की प्रमुख कुलदेवी नागणेची माता हैं।
👉 इनकी प्रतिमा 18 भुजाओं से सुसज्जित है।
👉 नागणेची माता का मुख्य धाम नगाणा (बालोतरा) माना जाता है।
👉 इनका दूसरा रूप श्येन पक्षी (चील/बाज) भी प्रसिद्ध है।

✍️ सही उत्तर है – नागणेची माता 

सेन (नाई) समाज की कुलदेवी के रूप में प्रसिद्ध लोक-देवी कौन हैं ? 

[सहायक कृषि अधिकारी 31.05.2019]

  • घेवर माता 

  • नारायणी माता 

  • आई माता 

  • शीतला माता 

🔹 व्याख्या

👉 नारायणी माता को विशेष रूप से नाई (सेन) समाज की कुलदेवी माना गया है।
👉 इनका मंदिर बरवा डूंगरी (अलवर) क्षेत्र में स्थित है।
👉 लोककथा के अनुसार, सर्पदंश से पति की मृत्यु पर नारायणी माता ने सती होकर यह स्थान पावन किया।
👉 आज भी यहाँ मीणा और नाई जाति दोनों इस देवी को अपनी आराध्य मानते हैं।

✍️ सही उत्तर है – नारायणी माता 

निम्नलिखित राजवंशों को उनकी कुलदेवियों के साथ सुमेलित कीजिए : 

राजवंश 

कुलदेवियाँ 

A. चौहान 

I. चिलाय 

B. तँवर 

II. खीमज 

C. सोलंकी  

III. आशापुरा

D. दहिया 

IV.कैवाय 

सही कूट का चयन कीजिए : 

कूट :

         A B C  D 

[स्कूल व्याख्याता GK (C) 03.07.2025]

  • III I  II  IV

  • IV II  III  I

  • I III IV  II

  • II IV  I  III

🔹 व्याख्या

👉 चौहान वंश की कुलदेवी आशापुरा माता मानी जाती हैं।
👉 तँवर वंश की कुलदेवी चिलाय माता कही जाती हैं।
👉 सोलंकी वंश की कुलदेवी खीमज माता मानी जाती हैं।
👉 दहिया वंश की कुलदेवी कैवाय माता हैं।

✍️ सही उत्तर है – A-III, B-I, C-II, D-IV 

आउवा की कुलदेवी सुगाली माता की प्रतिमा के कुल कितने सिर और हाथ हैं ?

[स्कूल व्याख्याता GK (D) 04.07.2025]

  • दस सिर और चौवन हाथ

  • एक सिर और दो हाथ

  • बीस सिर और एक सौ आठ हाथ

  • एक सिर और आठ हाथ

🔹 व्याख्या

👉 आउवा (पाली) की कुलदेवी सुगाली माता हैं।
👉 इनकी प्रतिमा अत्यंत विशाल और अद्भुत स्वरूप वाली है।
👉 प्रतिमा में कुल दस सिर अंकित हैं।
👉 साथ ही देवी के चौवन हाथ दर्शाए गए हैं।

✍️ सही उत्तर है – दस सिर और चौवन हाथ 

चारण चरजाएं से क्या अभिप्राय है ? 

[वरिष्ठ अध्यापक 29.01.2023]

  • चारण उत्सव 

  • चारण लोकगीत 

  • करणी माता की स्तुतियाँ 

  • चारण आख्यिकाएँ 

🔹 व्याख्या

👉 चारण चरजाएं शब्द का संबंध चारण समुदाय से है।
👉 इसमें विशेष रूप से करणी माता की स्तुतियाँ गाई जाती हैं।
👉 यह परम्परा राजस्थान की लोकभक्ति संस्कृति से जुड़ी है। 

✍️ सही उत्तर है – करणी माता की स्तुतियाँ 

राजस्थान में निम्नांकित देवियों के मेलों को उनके स्थानों से सुमेलित कीजिए 

(देवी माता)

(स्थान)

(A) लटियाल माता

(i) बसन्तगढ़

(B) सीमल माता

(ii) नवलगढ़

(C) छींच माता

(iii) फलोदी 

(D) सकराय माता

(iv) बांसवाड़ा

सही उत्तर का चयन कीजिए -  

[Asst. Testing Officer 08.07.2025]

  • (A)-(i), (B)-(ii), (C)-(iii), (D)-(iv)

  • (A)-(iii), (B)-(i), (C)-(iv), (D)-(ii)

  • (A)-(ii), (B)-(iv), (C)-(i), (D)-(iii)

  • (A)-(iv), (B)-(iii), (C)-(ii), (D)-(i)

🔹 व्याख्या

👉 लटियाल माता (लाटियाल माता) का प्रसिद्ध मंदिर राजस्थान के फलोदी जिले (पूर्व में जोधपुर जिले का भाग) में स्थित है
👉 सीमल माता का प्रमुख मंदिर बसन्तगढ़ (सिरोही) में है।
👉 छींच माता का मंदिर बाँसवाड़ा क्षेत्र में स्थित है।
👉 सकराय माता का प्रसिद्ध मंदिर नवलगढ़ (सीकर) के पास है।

✍️ सही उत्तर है – (A)-(iii), (B)-(i), (C)-(iv), (D)-(ii) 

निम्न में से कौन राजस्थान में लोकदेवी के रूप में पूज्य नहीं है ?

सहायक आचार्य [30.05.2019]

  • शीतला माता 

  •  भदाणा माता 

  • बाण माता 

  •  मीरां माता

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान में अनेक देवियाँ लोकदेवी के रूप में पूजित हैं।
👉 इनमें करणी माता, जीण माता, कैला देवी, शाकम्भरी माता जैसी देवियाँ प्रमुख हैं।
👉 लेकिन मीरां माता का उल्लेख लोकदेवी के रूप में नहीं है।
👉 मीरां बाई को मुख्यतः भक्त कवयित्री के रूप में जाना जाता है।

✍️ सही उत्तर है – मीरां माता