राई बुढ़िया और राई माता किस लोक नाट्य के मुख्य पात्र हैं ?
[कृषि अधिकारी 24.11.2020]
👉 राजस्थान का प्राचीनतम लोकनाट्य गवरी भील जनजाति द्वारा खेला जाता है।
👉 इसमें मुख्य पात्र भगवान शिव (पुरिया/बुढ़िया) और पार्वती (राई/राई माता) होते हैं।
👉 गवरी का मंचन श्रावण पूर्णिमा से आश्विन नवमी तक किया जाता है।
👉 इसका कथानक मुख्यतः शिव–भस्मासुर कथा पर आधारित है।
✍️ सही उत्तर है – गवरी
निम्नांकित रंगमंच/नाट्य व उनके क्षेत्रों को सुमेलित कीजिये :
सूची I सूची II
(a) रम्मत (i) मेवाड़
(b) तमाशा (ii) जयपुर
(c) भवई (iii) गुजरात राज्य से सटे क्षेत्र
(d) गवरी (iv) बीकानेर व जैसलमेर
[स्टेनोग्राफर (RPSC) 2011]
(a) (b) (c) (d)
👉 रम्मत का उद्भव जैसलमेर से हुआ, पर यह सबसे अधिक बीकानेर क्षेत्र में प्रसिद्ध है।
👉 तमाशा लोकनाट्य का प्रमुख केंद्र जयपुर है।
👉 भवाई मूलतः गुजरात का लोकनाट्य है, जो राजस्थान के गुजरात से सटे क्षेत्रों में प्रचलित है।
👉 गवरी भील जनजाति द्वारा मेवाड़ क्षेत्र में खेला जाने वाला प्राचीन लोकनाट्य है।
✍️ सही उत्तर है – (a)-(iv), (b)-(ii), (c)-(iii), (d)-(i)
तुर्रा और कलंगी लोकनाट्य में तुर्रा और कलंगी प्रतीक हैं
सहायक आचार्य [30.05.2019]
👉 राजस्थान का प्रसिद्ध लोकनाट्य तुर्रा कलंगी ख्याल मेवाड़ क्षेत्र में खेला जाता है।
👉 इसमें शाह अली कलंगी के पक्षधर और तुकनगीर तुर्रा के पक्षधर माने जाते हैं।
👉 इस लोकनाट्य में कलंगी को पार्वती का और तुर्रा को शिव का प्रतीक माना गया है।
👉 इसमें मुख्य वाद्य चंग होता है और मंचन रातभर चलता है।
✍️ सही उत्तर है – शिव और पार्वती
निम्नलिखित में से कौन सा भीलों का प्रसिद्ध लोक नाट्य है ?
[LDC (RPSC) 23.10.2016]
👉 राजस्थान में भील जनजाति द्वारा प्रस्तुत प्रमुख लोकनाट्य गवरी है।
👉 यह नाट्य श्रावण पूर्णिमा से आश्विन नवमी तक लगातार खेला जाता है।
👉 इसका मुख्य कथानक शिव और भस्मासुर की कथा पर आधारित है।
👉 गवरी को लोकनाट्यों का "मेरू नाट्य" कहा जाता है।
✍️ सही उत्तर है – गवरी
'रम्मत' लोक नाट्य की प्रमुख विशेषताएं क्या हैं ?
(i) इसमें एक समुदाय विशेष के ही लोग सहभागी होते हैं।
(ii) इसमें 'टेरियों' और 'गायकों की प्रमुख भूमिका रहती है।
(iii) रंगमंच पर बैठे पात्र अपना प्रदर्शन देते हैं और पुनः अपने स्थान पर जा बैठते हैं।
(iv) इसकी भाषा और क्षेत्रीय रंगत इसे एक क्षेत्र विशेष से जोड़े रखती है।
सही उत्तर का चयन कीजिए -
[सहायक सांख्यिकी अधि. 25.08.2024]
👉 रम्मत राजस्थान का प्रमुख लोकनाट्य है, जो विशेषकर बीकानेर में प्रसिद्ध है।
👉 इसमें मुख्य कलाकार टेरिये और गायक होते हैं, जो कथा को प्रस्तुत करते हैं।
👉 मंच पर सभी पात्र एक साथ बैठे रहते हैं, फिर बारी-बारी से अपना प्रदर्शन कर पुनः स्थान ग्रहण करते हैं।
👉 इसकी भाषा और क्षेत्रीय रंगत इसे विशेष रूप से बीकानेर क्षेत्र से जोड़े रखती है।
✍️ सही उत्तर है – (ii), (iii) और (iv)
राजस्थान में निम्न में से कौनसा स्थान तुर्रा कलंगी ख्याल से सम्बंधित नहीं है ?
[अनुसंधान अधिकारी पुरा. 04.08.2024]
👉 राजस्थान का प्रसिद्ध लोकनाट्य तुर्रा कलंगी ख्याल मुख्यतः चित्तौड़गढ़, घोसुंडा और निम्बाहेड़ा क्षेत्रों में खेला जाता है।
👉 यह मेवाड़ क्षेत्र की परंपरा है, जहाँ इसका मंचन विशेष रात्रिकालीन आयोजनों में होता है।
👉 इस ख्याल का संबंध नागौर क्षेत्र से नहीं है। नागौर कुचामन ख्याल के लिए प्रसिद्ध है
✍️ सही उत्तर है – नागौर
कुचामनी ख्याल के प्रवर्तक कौन माने जाते हैं ?
[Supt. Garden 28.07.2021]
👉 राजस्थान की प्रमुख लोकनाट्य शैली कुचामनी ख्याल का प्रवर्तन हुआ।
👉 इसके प्रवर्तक प्रसिद्ध लोक नाट्यकार लच्छीराम माने जाते हैं।
👉 उनकी प्रमुख रचनाएँ चाँद नीलगिरी, राव रिड़मल और मीरा मंगल हैं।
👉 इस ख्याल का स्वरूप ऑपेरा जैसा होता है और इसमें लोकगीतों की प्रधानता रहती है।
✍️ सही उत्तर है – लच्छीराम
जैसलमेर के लोक संगीत में प्रमुख रूप से कौन सा 'ख्याल' गाया जाता है ?
[वरिष्ठ अध्यापक (ग्रुप- B) 08.09.2025]
👉 जैसलमेर के लोक संगीत की प्रमुख पहचान मेंहेन्द्रा री ख्याल है। हेला ख़्याल - दोसा लालसोट और सवाई माधोपुर की प्रसिद्ध ख्याल है
👉 यह ख्याल वहाँ के लोकगीत–परंपरा में विशेष महत्व रखता है।
👉 जैसलमेर क्षेत्र में इसे लोक संगीत की मुख्य शैली के रूप में गाया जाता है।
✍️ सही उत्तर है – मेंहेन्द्रा री ख्याल
चार बैंत ____________ का प्रसिद्ध लोक नाटक है।
[EO RO (Shift II) 14.05.2023]
👉 चारबैंत राजस्थान की एक विशिष्ट लोकनाट्य शैली है।
👉 इसका प्रमुख केंद्र टोंक क्षेत्र रहा है।
👉 इसे स्थानीय भाषा में प्रस्तुत करने का कार्य करीम खाँ निहंग ने किया।
👉 इसमें कलाकार ढप बजाकर कव्वाली शैली में गीत गाते हैं।
✍️ सही उत्तर है – टोंक
शेखावाटी ख्याल से संबद्ध कलाकार है
[Deputy Commandant 23.08.2020]
👉 राजस्थान की प्रमुख लोकनाट्य शैली शेखावाटी ख्याल चिड़ावा (झुंझुनूं) क्षेत्र से जुड़ी है।
👉 इसके मुख्य प्रवर्तक और प्रसिद्ध कलाकार नानूराम राणा थे।
👉 नानूराम द्वारा रचित ख्याल – हरिश्चन्द्र, हीर-रांझा, ढोला मारवन आदि प्रसिद्ध हैं।
👉 इस ख्याल को आगे बढ़ाने में उनके शिष्य दूलिया राणा का भी योगदान रहा।
✍️ सही उत्तर है – नानूराम
जयपुर में लोक नाट्य 'तमाशा' की गौरवशाली परम्परा के मुखिया कौन थे ?
[Asst. Prof. (History-II) 10.12.2025]
🔹 व्याख्या
👉
जयपुर
में लोक
नाट्य तमाशा
की समृद्ध परंपरा
रही।
👉
इस
परंपरा के प्रमुख
मुखिया
के रूप में एक
विद्वान प्रसिद्ध
थे।
👉
यह
भूमिका पण्डित
बंशीधर भट्ट
ने निभाई।
👉
इसलिए
वे तमाशा परंपरा
के प्रमुख
व्यक्तित्व
थे।
✍️ सही उत्तर है – पण्डित बंशीधर भट्ट
निम्नांकित को सुमेलित कीजिये :
सूची-I सूची-II
A.नौटंकी 1. मेवाड़
B. रम्मत 2. बीकानेर
C. तमाशा 3. जयपुर
D. तुर्रा कलंगी 4. धौलपुर - भरतपुर
[सहायक कृषि अधिकारी 29.04.2018]
👉 नौटंकी का प्रमुख केंद्र धौलपुर–भरतपुर क्षेत्र है।
👉 रम्मत का उद्भव जैसलमेर से हुआ, पर सबसे अधिक प्रसिद्ध बीकानेर में है।
👉 तमाशा जयपुर का प्रमुख लोकनाट्य है, जिसकी शुरुआत महाराजा सवाई प्रताप सिंह के काल में हुई।
👉 तुर्रा–कलंगी ख्याल मेवाड़ क्षेत्र (चित्तौड़गढ़) से संबंधित है।
✍️ सही उत्तर है – A-4, B-2, C-3, D-1
वागड़ प्रदेश में प्रचलित लोक कथा 'गलालेंग' के नायक कौन हैं ?
[Research Assistant 10.07.2025]
👉 वागड़ प्रदेश में अनेक लोककथाएँ प्रचलित रही हैं। ढोला राजस्थान का सबसे प्रसिद्ध लोक गाथा है जो ढोला मारू के महानायक थे ढोला नरवर ( मध्य प्रदेश) के राजकुमार थे जिनका विवाह बीकानेर की राजकुमारी मारू से हो गया था एक अनूठी प्रेम कथा का प्रतीक है। डूंगजी यह शेखावाटी के प्रसिद्ध लोक देवता और स्वतंत्रता सेनानी डूंगजिग जवाहर जी में से एक ,इन्हें राजस्थान का रॉबिन हुड कहा जाता है
👉 इन्हीं में एक प्रमुख लोककथा 'गलालेंग' है।
👉 इस कथा के नायक गुलाल सिंह माने जाते हैं।
👉 लोकमानस में यह कथा वीरता और लोकविश्वास का प्रतीक है।
✍️ सही उत्तर है – गुलाल सिंह
एक पारंपरिक लोक नाट्य 'जसमा - ओडन' को मंचीय प्रस्तुति के लिए पुनर्रचित किया -
[Supt. Garden 28.07.2021]
👉 राजस्थान और गुजरात में लोकप्रिय भवाई नाट्य शैली पर आधारित नाटकों में जसमा–ओडण प्रमुख है।
👉 इस पारंपरिक लोकनाट्य को मंचीय प्रस्तुति के लिए पुनः रूपांतरित किया गया।
👉 इसके पुनर्रचनाकार प्रसिद्ध रंगकर्मी और निर्देशक शांता गांधी थीं।
👉 उन्होंने इसे अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी ख्याति दिलाई।
✍️ सही उत्तर है – शांता गांधी
जोगी-जोगन, कान-गुजरी, मियां-बीबू पठान का संबंध निम्नलिखित में से किस ख्याल से है ?
[पुरालेखपाल परीक्षा 03.08.2024]
👉 राजस्थान की प्रमुख लोकनाट्य शैली जयपुरी ख्याल का संबंध जयपुर क्षेत्र से है।
👉 इसमें स्त्रियों की भूमिकाएँ स्त्रियाँ स्वयं निभाती थीं।
👉 इस ख्याल में अनेक लोकप्रिय रूप प्रस्तुत किए जाते थे, जैसे – जोगी-जोगन, कान-गुजरी, मियां-बीबी, पठान, और रसीली तंबोलन।
👉 इसमें कविता, संगीत, गीत और नृत्य का सुंदर समावेश होता है।
✍️ सही उत्तर है – जयपुरी ख्याल
अलवर में लोक नाट्य परम्परा का संगीत स्वरूप है - [*]
[अन्वेषण उत्खनन अधिकारी 19.06.2024]
📌 महत्वपूर्ण सूचना: इस प्रश्न को बोर्ड द्वारा 'डिलीट' घोषित किया गया है।
निम्नलिखित में से कौन सा 'ख्याल' का एक रूप नहीं है ?
[स्कूल व्याख्याता GK (C) 03.07.2025]
👉 राजस्थान में ख्याल लोकनाट्य की कई शैलियाँ प्रचलित हैं।
👉 इनमें जयपुरी ख्याल, कुचामनी ख्याल, शेखावाटी ख्याल, हेला ख्याल, कन्हैया ख्याल, तुर्रा-कलंगी ख्याल, अलीबक्शी ख्याल और किशनगढ़ी ख्याल प्रमुख हैं।
👉 इसलिए यह ख्याल का रूप नहीं है।
✍️ सही उत्तर है – गाहा
'माच का ख्याल' नाट्य शैली का संबंध किस क्षेत्र से है ? [*]
[ACF परीक्षा 2011]
📌 महत्वपूर्ण सूचना: इस प्रश्न को बोर्ड द्वारा 'डिलीट' घोषित किया गया है।
ख्याल शैली के गायक व रचनाकार मनरंग किस घराने के प्रवर्तक माने जाते हैं ?
[सहायक कृषि अधिकारी 27.08.2022]
👉 राजस्थान की लोकप्रिय लोकनाट्य विधा ख्याल शैली में अनेक कलाकारों ने योगदान दिया।
👉 इसी परंपरा में गायक और रचनाकार मनरंग का विशेष स्थान है।
👉 उन्हें ख्याल शैली के जयपुर घराने का प्रवर्तक माना जाता है।
👉 मेवाती घराना प्रवर्तक उस्ताद नजीर खान है, पंडित जसराज इसी घराने के प्रसिद्ध गायक रहे
✍️ सही उत्तर है – जयपुर घराना
निम्नलिखित में से राजस्थान के किस क्षेत्र से अलीबक्षी ख्याल सम्बद्ध है ?
RAS Pre. 28.08.2016
👉 राजस्थान की विशिष्ट लोकनाट्य शैली अलीबक्शी ख्याल अलवर क्षेत्र से जुड़ी है।
👉 इसके प्रवर्तक मुंडावर ठिकाने के राव राजा अलीबक्श थे।
👉 उन्हें अलवर का रसखान कहा जाता है।
👉 यह ख्याल विशेष रूप से अलवर जिले में प्रचलित रहा है।
✍️ सही उत्तर है – अलवर
निम्न में से किस ख्याल का मंचन हिन्दुओं और मुसलमानों द्वारा संयुक्त रूप से किया जाता है ?
[सहायक कृषि अधिकारी 27.08.2022]
👉 राजस्थान का प्रमुख लोकनाट्य तुर्रा–कलंगी ख्याल मेवाड़ क्षेत्र से संबंधित है।
👉 इसमें मंचन कार्य हिन्दू और मुस्लिम कलाकार मिलकर संयुक्त रूप से करते हैं।
👉 इस ख्याल में कलंगी पार्वती का और तुर्रा शिव का प्रतीक माना जाता है।
👉 इसका प्रमुख वाद्य चंग होता है और मंच सज्जा भी विशेष रूप से की जाती है।
✍️ सही उत्तर है – तुर्रा–कलंगी
निम्न में से किस लोक नाट्य के कलाकार 'खेलर' कहलाते हैं ?
[Research Assistant 10.07.2025]
👉 राजस्थान का प्रमुख लोकनाट्य रम्मत ऐतिहासिक और पौराणिक कथाओं पर आधारित होता है।
👉 इसका उद्भव जैसलमेर से हुआ और यह बीकानेर में अधिक प्रसिद्ध हुआ।
👉 रम्मत के कलाकारों को विशेष नाम "खेलर" दिया जाता है।
👉 ये कलाकार अपनी अभिनय और गायन कला से दर्शकों का मनोरंजन करते हैं।
✍️ सही उत्तर है – रम्मत
रम्मत नामक रंगमंच/नाट्य किस क्षेत्र से संबंधित है ?
[AEN 16 दिसम्बर 2018]
👉 राजस्थान की प्रमुख लोकनाट्य शैली रम्मत ऐतिहासिक और पौराणिक कथाओं पर आधारित होती है।
👉 इसका उद्भव जैसलमेर से हुआ था।
👉 समय के साथ यह विशेष रूप से बीकानेर क्षेत्र में प्रसिद्ध हुई।
👉 बीकानेर की रम्मतें खासकर होली के अवसर पर आयोजित होती हैं।
✍️ सही उत्तर है – बीकानेर
निम्न को सुमेलित कीजिए :
(A) कुचामन ख्याल (i) लच्छी राम
(B) शेखावाटी ख्याल(ii) तेज कवि जैसलमेरी
(C) रम्मत (iii) बंशीधर भट्ट
(D) तमाशा (iv) दूलिया राणा
[स. सांख्यिकी अधिकारी 27.05.2019]
कूट :
(A) (B) (C) (D)
👉 कुचामनी ख्याल का प्रवर्तन प्रसिद्ध लोक नाट्यकार लच्छीराम ने किया।
👉 शेखावाटी ख्याल को लोकप्रिय बनाने वाले प्रमुख कलाकार दूलिया राणा थे।
👉 रम्मत के प्रमुख रचनाकारों में तेज कवि (जैसलमेर) का नाम उल्लेखनीय है।
👉 तमाशा लोकनाट्य का प्रवर्तन बंशीधर भट्ट ने किया था।
✍️ सही उत्तर है – (A)-(i), (B)-(iv), (C)-(ii), (D)-(iii)
भानु भारती का नाट्य 'पशु गायत्री' निम्न में से किस लोकनाट्य से संबंधित है?
[Junior Chemist PHED 01.02.2026]
🔹 व्याख्या
👉
भानु
भारती
का नाट्य पशु
गायत्री
है।
👉
यह
राजस्थान के
लोकनाट्य
से संबंधित
है।
👉
इसका
संबंध गवरी
नाट्य
से है।
✍️ सही उत्तर है – गवरी
निम्न में से कौन रम्मत लोक नाट्य से सम्बन्धित नहीं है ?
[Development Officer 29.07.2025]
👉 रम्मत राजस्थान का प्रसिद्ध लोक नाट्य रूप है, जो मुख्यतः बीकानेर क्षेत्र में प्रचलित है।
👉 इसमें रम्मत के कलाकार, नायक–नायिका, गवइये और संवादकर्ता विशेष भूमिका निभाते हैं।
👉 दिए गए विकल्पों में सोहन लाल का संबंध रम्मत लोक नाट्य से नहीं है। सोहनलाल का संबंध शेखावाटी ख़्याल / चिड़ावा ख्याल से हैं
👉 अतः सोहन लाल रम्मत के पारंपरिक कलाकारों में शामिल नहीं माने जाते।
✍️ सही उत्तर है – सोहन लाल
कुचामनी ख्याल के प्रवर्तक कौन थे ?
[पशु चिकित्सा अधिकारी 02.08.2020]
👉 राजस्थान की लोकप्रिय लोकनाट्य शैली कुचामनी ख्याल का प्रवर्तन हुआ।
👉 इसके प्रवर्तक प्रसिद्ध लोक नाट्यकार लच्छीराम माने जाते हैं।
👉 उनकी प्रमुख रचनाएँ चाँद नीलगिरी, राव रिड़मल और मीरा मंगल हैं।
👉 इस ख्याल का स्वरूप ऑपेरा जैसा होता है और इसमें लोकगीतों की प्रधानता रहती है।
✍️ सही उत्तर है – लच्छीराम
ख्याल के निम्न प्रकारों को उसके क्षेत्र से सुमेलित कीजिए :
[AEN परीक्षा 30.06.2024]
|
ख्याल |
क्षेत्र |
|
i. कुचामनी |
a. शेखावटी |
|
ii. अलीबख्शी |
b. नागौर |
|
iii. हीर रांझा |
c. जयपुर |
|
iv. कान गूजरी |
d. मेवात |
i ii iii iv
👉 कुचामनी ख्याल का प्रमुख क्षेत्र नागौर (कुचामन सिटी) है।
👉 अलीबक्शी ख्याल का संबंध मेवात (अलवर-मुंडावर) क्षेत्र से है।
👉 हीर रांझा ख्याल विशेष रूप से शेखावटी क्षेत्र में खेला जाता है।
👉 कान-गूजरी ख्याल का प्रमुख केंद्र जयपुर रहा है।
✍️ सही उत्तर है – i-b, ii-d, iii-a, iv-c
'ईसर जी' एवं 'ईसरी जी' निम्न में से किस युग्म को. प्रदर्शित करते हैं ?
[वरिष्ठ अध्यापक (स्थगित) 22.12.2022]
👉 राजस्थान की लोकपरंपरा में गरासियों की गोर लीलाएँ विशेष रूप से प्रसिद्ध हैं।
👉 इसमें स्त्रियाँ लकड़ी की गोर (गणगौर) और हँसर (ईसर) को सिर पर रखकर नृत्य करती हैं।
👉 यहाँ ईसर जी और ईसरी जी का युग्म दर्शाया जाता है।
👉 यह युग्म भगवान शिव और पार्वती का प्रतीक है।
✍️ सही उत्तर है – शिव – पार्वती
'तुर्रा–कलंगी' लोक नाट्य के रचनाकार :
[सहायक कृषि अधिकारी 2011]
👉 राजस्थान का प्रसिद्ध लोकनाट्य तुर्रा–कलंगी मेवाड़ क्षेत्र से संबंधित है। नानूराम यह शेखावाटी ख्याल /चिड़ावा ख्याल के मुख्य प्रवर्तक माने जाते हैं उनके द्वारा रचित हीर रांझा और हरिश्चंद्र ख्याल प्रसिद्ध है। लच्छी राम यह कुचामनी ख्याल के प्रवर्तक माने जाते हैं उनके द्वारा रचित प्रमुख ख्याल चंद नी, राव रिडमल और मीरा मंगल है
👉 इसकी रचना संत पीर शाह अली और तुकनगीर ने लगभग 400 वर्ष पूर्व की थी।
👉 इस ख्याल में तुर्रा शिव का और कलंगी पार्वती का प्रतीक माना गया है।
👉 इसका मंचन हिन्दू और मुस्लिम कलाकार मिलकर संयुक्त रूप से करते हैं।
✍️ सही उत्तर है – शाह अली और तुकनगीर
दक्षिण राजस्थान की भील जनजाति का निम्नलिखित में से कौन सा नृत्य नाट्य रूप में किया जाता है ?
[वरिष्ठ अध्यापक 01.05.2017]
👉 दक्षिण राजस्थान की भील जनजाति का प्रमुख नृत्य-नाट्य रूप गवरी है।
👉 इसका मंचन श्रावण पूर्णिमा से आश्विन नवमी तक किया जाता है।
👉 यह लोकनाट्य शिव और भस्मासुर की कथा पर आधारित है।
👉 गवरी को लोकनाट्यों का "मेरू नाट्य" भी कहा जाता है।
✍️ सही उत्तर है – गवरी
चारबैत क्या है ?
[सहायक कृषि अधिकारी 31.05.2019]
👉 राजस्थान की प्रसिद्ध लोकनाट्य विधा चारबैंत मूलतः अफगानिस्तान से आई थी। यह विद्या राजस्थान में मुख्य रूप से टोंक जिले की प्रसिद्ध है टोंक राजस्थान की एकमात्र मुस्लिम रियासत थी, टोंक नवाब फैजुल्ला खान के शासनकाल में अब्दुल करीम खान और खलीफा करीम खान ने इस विद्या को स्थानीय स्तर पर आरंभ किया था
👉 इसे स्थानीय भाषा में प्रस्तुत करने का कार्य करीम खाँ निहंग ने किया।
👉 इसमें कलाकार ढप बजाकर कव्वाली शैली में गीत गाते हैं।
👉 यह काव्य और भावनाओं से भरपूर एक लोकनाट्य विधा है।
✍️ सही उत्तर है – काव्य से भरपूर एक लोकनाट्य विधा
हिन्दुस्तानी वादन की ख्याल शैली के 'जयपुर घराना' के प्रवर्तक कौन थे ?
[मूल्यांकन अधिकारी 23.08.2020]
👉 राजस्थान की ख्याल शैली में कई घराने विकसित हुए। बहराम खान यह राजस्थान के डागर घराने के मुख्य प्रवर्तक माने जाते हैं जो घराना अपनी ध्रुपद गायकी के लिए विश्व में प्रसिद्ध है बहराम खान जयपुर के महाराजा सवाई राम सिंह द्वितीय के दरबार में एक संगीतकार थे
👉 इनमें जयपुर घराना विशेष रूप से प्रसिद्ध है।
👉 इस घराने के प्रवर्तक गायक व रचनाकार मनरंग माने जाते हैं।
✍️ सही उत्तर है – मनरंग
'मारदड़ी' क्या था ?
[वरिष्ठ अध्यापक (स्थगित) 22.12.2022]
👉 राजस्थान की लोक संस्कृति में कई लोक खेल प्रचलित रहे हैं।
👉 इन्हीं में से एक प्रमुख खेल मारदड़ी कहलाता था।
👉 यह खेल ग्रामीण समाज में मनोरंजन और सामूहिक भागीदारी का साधन था।
👉 लोकजीवन की परम्पराओं में इसका विशेष स्थान रहा है।
✍️ सही उत्तर है – खेल
रम्मत है :-
सहायक आचार्य [24.04.2016]
👉 रम्मत राजस्थान की एक प्रमुख लोकनाट्य शैली है।
👉 इसका उद्भव जैसलमेर से हुआ और यह बीकानेर में अधिक प्रसिद्ध हुई।
👉 इसमें ऐतिहासिक और पौराणिक कथाओं का मंचन होता है।
👉 रम्मत का आयोजन विशेषकर होली के अवसर पर किया जाता है।
✍️ सही उत्तर है – एक लोक नाट्य
ख्याल के जयपुर घराने के प्रवर्तक कौन थे ?
[खाध्य सुरक्षा अधिकारी 25.11.2019]
👉 राजस्थान की ख्याल शैली में विभिन्न घराने विकसित हुए।
👉 इनमें सबसे प्रमुख जयपुर घराना माना जाता है।
👉 इस घराने के प्रवर्तक प्रसिद्ध गायक व रचनाकार मनरंग थे।
✍️ सही उत्तर है – मनरंग
अली बक्षी खयाल कौन से क्षेत्र में प्रचलित लोक नाट्य शैली है ?
[ACF 18.02.2021]
👉 राजस्थान की प्रमुख लोकनाट्य शैली अलीबक्शी ख्याल का उद्भव अलवर क्षेत्र से हुआ।
👉 इसके प्रवर्तक मुंडावर ठिकाने के राव राजा अलीबक्श माने जाते हैं।
👉 अलीबक्श को अलवर का रसखान कहा जाता है।
👉 यह ख्याल विशेष रूप से अलवर जिले में प्रचलित रहा है।
✍️ सही उत्तर है – अलवर