आचार्य महाप्रभू की कृति निम्न में से कौन-सी है?  

वरिष्ठ अध्यापक 2010 पेपर -I GK (SST)

  • आत्मा के आस-पास 

  • अतीत का विसर्जन 

  • मन का कायाकल्प 

  • अनागत का स्वागत 

🔹 व्याख्या

👉 आचार्य महाप्रज्ञ जैन दर्शन के महान विचारक और साहित्यकार थे।
👉 उन्होंने जीवन, धर्म और समाज पर अनेक दार्शनिक ग्रन्थ लिखे।
👉 उनकी प्रसिद्ध रचना ‘अतीत का विसर्जन : अनागत का स्वागत’ अत्यंत प्रेरणादायक कृति है।
👉 इस ग्रन्थ में उन्होंने मानव जीवन में परिवर्तन और आत्मशुद्धि का संदेश दिया है।

✍️ सही उत्तर है – अतीत का विसर्जन 

शिशुपाल वध का लेखक था -  

वरिष्ठ अध्यापक 2010 पेपर -I GK (संस्कृत)

  • अजमेर का चन्द्रबरदाई 

  • भीनमाल का माघ 

  • बूंदी का सूर्यमल्ल 

  • जोधपुर का मुहणोत नैणसी 

🔹 व्याख्या

👉 माघ संस्कृत के महान महाकवि थे।
👉 उनका जन्म भीनमाल (जालौर) में हुआ था।
👉 उनकी प्रसिद्ध रचना ‘शिशुपालवध’ संस्कृत साहित्य की अद्वितीय कृति है।
👉 इस काव्य में नीति, व्याकरण और काव्य सौंदर्य का अद्भुत समन्वय है।

✍️ सही उत्तर है – भीनमाल का माघ 

प्रसिद्ध राजस्थानी कविता 'पाथल और पीथल' के रचियता थे -  

वरिष्ठ अध्यापक 2010 पेपर -I GK (विज्ञान)

  • कन्हैयालाल सेठिया

  • कन्हैयालाल सहल

  • केसरीसिंह बारहठ

  • चन्द्रप्रकाश देवल 

🔹 व्याख्या

👉 कन्हैयालाल सेठिया आधुनिक काल के प्रसिद्ध राजस्थानी कवि थे।
👉 उनकी कविताएँ देशप्रेम और राष्ट्रीयता से ओतप्रोत हैं।
👉 उनकी प्रसिद्ध रचना ‘पाथल और पीथल’ मंचों पर अत्यधिक लोकप्रिय कविता है।
👉 इनकी अन्य प्रसिद्ध कृति ‘धरती धोरां री’ भी राजस्थानी साहित्य की अमूल्य धरोहर है।

✍️ सही उत्तर है – कन्हैयालाल सेठिया 

निम्न में कुम्भा द्वारा रचित ग्रन्थ है : 

[PTI GRADE -II & III (RPSC) 2013]

  • संगीतराज

  • संगीत माला 

  • संगीत सागर, 

  • संगीत सरिता 

🔹 व्याख्या

👉 महाराणा कुम्भा मेवाड़ के महान विद्वान शासक और ग्रंथकार थे।
👉 उन्होंने संगीत विषय पर प्रसिद्ध ग्रन्थ ‘संगीतराज’ की रचना की।
👉 इस ग्रन्थ में गीत, वाद्य और नृत्य तीनों कलाओं का विवेचन है।
👉 इसे कुम्भा की सर्वश्रेष्ठ रचनाओं में गिना जाता है।

✍️ सही उत्तर है – संगीतराज 

बीसलदेव रासो की रचना किसने की थी ? 

[वरिष्ठ अध्यापक 30.07.2023]

  • चन्दबरदाई

  • नरपति नाल्ह 

  • महेशदास 

  • सूर्यमल्ल मिश्रण

🔹 व्याख्या

👉 ‘बीसलदेव रासो’ राजस्थानी साहित्य की एक प्रसिद्ध लौकिक रचना है।
👉 इसके रचयिता नरपति नाल्ह थे।
👉 यह काव्य राजा बीसलदेव चौहान और धारा नगरी की राजकुमारी राजमती की प्रेम कथा पर आधारित है।
👉 इसमें वियोग शृंगार का अत्यंत भावपूर्ण चित्रण किया गया है।

✍️ सही उत्तर है – नरपति नाल्ह 

राजस्थानी की एक प्रारंभिक रचना, रणमल छद के रचनाकार थे ?

सहायक आचार्य [22.09.2021]

  • शिवदास 

  • बादर 

  • हरिभद्र सूरि 

  • श्रीधर व्यास 

🔹 व्याख्या

👉 ‘रणमल्ल छन्द’ राजस्थानी भाषा की एक प्रारंभिक वीर रसात्मक रचना है।
👉 इसके रचयिता श्रीधर व्यास थे।
👉 यह कृति ईडर के राजा रणमल्ल और पाटन के सूबेदार जफर खाँ के युद्ध पर आधारित है।
👉 इसमें लगभग 70 छन्द हैं, जिनमें वीरता, युद्ध कौशल और शौर्य का उत्कृष्ट चित्रण किया गया है।

✍️ सही उत्तर है – श्रीधर व्यास 

कान्हड़देव था ?

[वरिष्ठ अध्यापक 2011]

  • जालौर का शासक 

  • नागौर का शासक 

  • चौहानों का एक सामन्त 

  • एक कवि 

🔹 व्याख्या

👉 कान्हड़देव सोनगरा मध्यकालीन राजस्थान के जालौर राज्य के शासक थे।
👉 वे चौहान वंश से संबंधित थे और अपने शौर्य व स्वाभिमान के लिए प्रसिद्ध थे।
👉 अलाउद्दीन खिलजी ने जालौर पर आक्रमण किया, जिसमें कान्हड़देव ने वीरतापूर्वक युद्ध किया और वीरगति प्राप्त की।
👉 उनकी वीरता का वर्णन पद्मनाभ कृत ‘कान्हड़दे प्रबन्ध’ में मिलता है।

✍️ सही उत्तर है – जालौर का शासक 

निम्न में से सही युग्म कौन-सा है ? 
            लेखक  -  ग्रन्थ 
 

वरिष्ठ अध्यापक 2010 पेपर -I GK (SST)

  • सूरदास  -  महाभारत

  • वेदव्यास -  रामचरित्रमानस

  • तुलसीदास - सूरसागर

  • कालिदास -  शकुंतला

🔹 व्याख्या

👉 कालिदास संस्कृत के महान कवि और नाटककार थे।
👉 उन्होंने अनेक प्रसिद्ध नाटकों और काव्यों की रचना की।
👉 उनकी प्रमुख रचनाओं में ‘अभिज्ञान शकुंतलम्’ (शकुंतला) अत्यंत प्रसिद्ध है।
👉 यह रचना संस्कृत साहित्य का अमूल्य नाटक मानी जाती है।

✍️ सही उत्तर है – कालिदास – शकुंतला 

'बादली' के रचनाकार है-  

वरिष्ठ अध्यापक 2010 पेपर -I GK (गणित)

  • रांगेय राघव

  • चन्द्रसिंह 

  • नन्द चतुर्वेदी 

  • मेघराज मुकुल 

🔹 व्याख्या

👉 चन्द्रसिंह बिरकाली आधुनिक राजस्थानी कविता के प्रथम कवि माने जाते हैं।
👉 उनकी प्रसिद्ध रचना ‘बादली’ 1941 ई. में प्रकाशित हुई थी।
👉 यह राजस्थानी भाषा की प्रथम आधुनिक काव्य कृति है।
👉 इसमें प्रकृति और जीवन का सुंदर चित्रण किया गया है।

✍️ सही उत्तर है – चन्द्रसिंह बिरकाली 

सूर्यमल मीसण द्वारा लिखित वंश भास्कर को किसने पूर्ण किया ?

सहायक आचार्य [30.05.2019]

  • वीरभाण 

  • मुरारीदान 

  • करणीदान 

  • शिवदान 

🔹 व्याख्या

👉 ‘वंश भास्कर’ आधुनिक काल का प्रसिद्ध ऐतिहासिक महाकाव्य है।
👉 इसकी रचना सूर्यमल्ल मिश्रण (मीसण) ने प्रारंभ की थी।
👉 यह ग्रंथ बूँदी रियासत (हाड़ा चौहानों) का विस्तृत पद्यात्मक इतिहास प्रस्तुत करता है।
👉 सूर्यमल्ल मिश्रण की मृत्यु के बाद इसे उनके दत्तक पुत्र मुरारीदान ने पूरा किया।

✍️ सही उत्तर है – मुरारीदान 

'राधागोविन्द संगीत - सार' नामक ग्रन्थ की रचना किस शासक के काल में हुई थी ? 

[कृषि अधिकारी 24.11.2020]

  • मिर्जा राजा जयसिंह 

  • महाराजा प्रतापसिंह 

  •  महाराजा माधवसिंह

  • महाराजा मानसिंह 

🔹 व्याख्या

👉 ‘राधा गोविन्द संगीत-सार’ एक प्रसिद्ध संगीत संबंधी ग्रन्थ है।
👉 इस ग्रन्थ की रचना जयपुर के शासक महाराजा प्रतापसिंह के काल में हुई थी।
👉 प्रतापसिंह कला, संगीत और साहित्य के महान संरक्षक थे।
👉 उनके काल में जयपुर दरबार में संगीत और नृत्य विद्या का उत्कर्ष हुआ।

✍️ सही उत्तर है – महाराजा प्रतापसिंह 

राजस्थानी साहित्य की एक प्रारंभिक रचना 'हंसावली' रचित है - 

RAS Pre. 28.08.2016

  • असाईत द्वारा 

  • ईसर दास द्वारा 

  • श्रीधर व्यास द्वारा 

  • हेमचन्द्र द्वारा 

🔹 व्याख्या

👉 ‘हंसावली’ राजस्थानी साहित्य की एक प्रारंभिक लौकिक प्रेमकाव्य रचना है।
👉 इसके रचयिता कवि असाइत थे।
👉 यह कृति चार खंडों में रचित है और इसकी रचना 1427 विक्रम संवत् में हुई थी।
👉 इसे हिन्दी का प्रथम प्रेमाख्यान काव्य भी माना जाता है।
👉 इसमें प्रेम, विरह और भावनात्मक संवेदना का सुंदर चित्रण है।

✍️ सही उत्तर है – असाइत 

विजयदान देथा का सम्बन्ध है 

[वरिष्ठ अध्यापक 31.10.2018]

  • लोक साहित्य से 

  • लोक कला से 

  • लोक नृत्य से 

  • लोक नृत्य से 

🔹 व्याख्या

👉 विजयदान देथा (बिज्जी) का सम्बन्ध राजस्थान के लोक साहित्य से था।
👉 उन्होंने लोककथाओं को आधुनिक साहित्यिक रूप देकर ‘बातां री फूलवारी’ जैसी प्रसिद्ध रचना की।
👉 उनकी कहानियों में राजस्थान की लोकसंस्कृति, लोकमान्यताएँ और जनजीवन का सजीव चित्रण मिलता है।
👉 उन्हें राजस्थान का शेक्सपीयर भी कहा जाता है।

✍️ सही उत्तर है – लोक साहित्य से 

सूची-I से सूची -II से सुमेलित कीजिए और सूचियों के नीचे दिये हुए कुटों से सही उत्तर का चयन कीजिए : 

    सूची-I                    सूची - II 

    (लेखक)                   (ग्रन्थ) 

(I) करणीदान          (a) अजितोदय 

(II) दोलतविजय      (b) कान्हड़दे प्रबन्ध

(III) पद्मनाभ          (c) खुमाणरासो 

(IV) जगजीवन भट्ट  (d) सूरजप्रकाश 

[वरिष्ठ अध्यापक 21.02.2014]

कूट :

            (I) (II) (III) (IV) 

  • (d)  (a)  (b)  (c) 

  • (b)  (a)  (d)  (c) 

  • (d)  (c)  (b)  (a) 

  • (a)  (b)  (c)  (d) 

🔹 व्याख्या

👉 करणीदान कविया ने प्रसिद्ध चारण काव्य ‘सूरज प्रकाश’ की रचना की।
👉 दौलत (दलपत) विजय ने ‘खुमाण रासो’ की रचना की थी।
👉 पद्मनाभ कवि ने ‘कान्हड़दे प्रबन्ध’ ग्रंथ लिखा।
👉 जगजीवन भट्ट की प्रसिद्ध कृति ‘अजितोदय’ है।

✍️ सही उत्तर है – (I)–(d), (II)–(c), (III)–(b), (IV)–(a) 

'रणमल्ल छन्द' के रचयिता हैं 

[सहायक कृषि अधिकारी 27.08.2022]

  • श्रीधर व्यास 

  • नरपति नाल्ह 

  • पद्मनाभ 

  • सुन्दरदास 

🔹 व्याख्या

👉 ‘रणमल्ल छन्द’ एक प्रसिद्ध वीर रसात्मक खण्डकाव्य है।
👉 इसके रचयिता श्रीधर व्यास थे, जो ईडर के राजा रणमल्ल के समकालीन थे।
👉 इस काव्य में पाटन के सुबेदार जफर खाँ और रणमल्ल के युद्ध का वर्णन है।
👉 श्रीधर व्यास की अन्य रचनाएँ – ‘सप्तसती रा छन्द’ और ‘कवित भागवत्’ हैं।

✍️ सही उत्तर है – श्रीधर व्यास

पुस्तक 'रणखार' के लेखक हैं : 

[LDC (RPSC) 23.10.2016]

  • मधु आचार्य 'आशावादी' 

  • मालचंद तिवाडी 

  • जितेंद्र कुमार सोनी 

  • नंद भारद्वाज

🔹 व्याख्या

👉 जितेन्द्र कुमार सोनी समकालीन राजस्थानी कवि और साहित्यकार हैं।
👉 उनकी प्रसिद्ध कृति ‘रणखार’ एक प्रभावशाली राजस्थानी काव्य संग्रह है।
👉 इस कृति में राजस्थान की वीरता, संस्कृति और लोकजीवन का सजीव चित्रण है।
👉 इसे आधुनिक राजस्थानी साहित्य में एक महत्वपूर्ण योगदान माना जाता है।

✍️ सही उत्तर है – जितेन्द्र कुमार सोनी 

निम्नलिखित में से कौन 'राग कल्पद्रुम' का रचनाकार है ? 

[सहायक कृषि अधिकारी 28.05.2022]

  • पुण्डरीक विट्ठल 

  • भाव, भट्ट 

  • राधाकृष्ण 

  • कृष्णानन्द व्यास

🔹 व्याख्या

👉 कृष्णानन्द व्यास प्रसिद्ध संगीतज्ञ और ग्रंथकार थे।
👉 उन्होंने संगीत पर आधारित महत्वपूर्ण ग्रन्थ ‘राग कल्पद्रुम’ की रचना की।
👉 इस ग्रन्थ में विभिन्न रागों, रागिनियों और तालों का विस्तृत वर्णन है।
👉 यह कृति भारतीय शास्त्रीय संगीत के अध्ययन हेतु अत्यंत उपयोगी मानी जाती है।

✍️ सही उत्तर है – कृष्णानन्द व्यास 

निम्न में से कौन सा एक उपन्यास रांगेय राघव द्वारा लिखित नहीं है ?

सहायक आचार्य [30.05.2019]

  • मिट्टी का कलंक

  • मुरदों का टीला 

  • कब तक पुकारूं

  • सीधा सादा रास्ता

🔹 व्याख्या

👉 रांगेय राघव हिंदी एवं राजस्थानी के प्रसिद्ध उपन्यासकार और कहानीकार थे।
👉 उनकी प्रमुख रचनाएँ हैं – ‘कब तक पुकारूँ’, ‘धरोंदा’, ‘सीधा-सादा रास्ता’, और ‘मूर्दों का टीला’।
👉 जबकि ‘मिट्टी का कलंक’ उपन्यास यादवेन्द्र शर्मा ‘चन्द्र’ द्वारा लिखा गया है।
👉 अतः यह युग्म असुमेलित है।

✍️ सही उत्तर है – मिट्टी का कलंक 

'प्रेम विनोद' नामक ग्रंथ किसकी रचना है ? 

[कृषि अधिकारी 19.01.2021]

  • हंसाबाई 

  • छत्र कुंवारी 

  • किरण देवी

  • अजबदे पंवार 

🔹 व्याख्या

👉 छत्र कुंवरी बाई राजस्थान की प्रसिद्ध भक्त कवयित्री थीं।
👉 उन्होंने भक्ति और प्रेम भावना से ओतप्रोत कई धार्मिक रचनाएँ कीं।
👉 उनकी प्रमुख रचना ‘प्रेम विनोद’ में भक्ति और आध्यात्मिक प्रेम का सुंदर समन्वय है।
👉 यह कृति संत परम्परा में महत्वपूर्ण स्थान रखती है।

✍️ सही उत्तर है – छत्र कुंवारी 

निम्न में से कौन - सा युग्म सुमेलित नहीं है? 

           लेखक     -     ग्रंथ 

(A) सूर्यमल्ल मीसण  -  वंशोदय 

(B) पद्मनाभ  -  कान्हड़देव प्रबन्ध 

(C) करणीदान  -  सूरज प्रकाश 

(D) मण्डन  -  राजवल्लभ 

[Head Master 11.10.2021]

  • B

  • C

  • D

  • A

🔹 व्याख्या

👉 सूर्यमल्ल मिश्रण (मीसण) की प्रमुख रचनाएँ हैं – वंश भास्कर, वीर सतसई, और बलवद् विलास।
👉 उन्होंने ‘वंशोदय’ नामक कोई ग्रंथ नहीं लिखा है।
👉 पद्मनाभ ने ‘कान्हड़देव प्रबन्ध’, करणीदान कविया ने ‘सूरज प्रकाश’, और मण्डन ने ‘राजवल्लभ’ की रचना की थी।
👉 अतः युग्म (A) सूर्यमल्ल मीसण – वंशोदय असुमेलित है।

✍️ सही उत्तर है – A 

निम्नलिखित में से कौन सा विद्वान कुम्भा के दरबार में नहीं था ? 

RAS Pre. 28.08.2016

  • मुनि सुन्दर सूरी 

  • मुनि जिन विजय सूरी 

  • नाथा 

  • टिल्ला भट्ट 

🔹 व्याख्या

👉 महाराणा कुम्भा के दरबार में अनेक विद्वान, कलाकार और शिल्पकार रहे जैसे —
मण्डन, नाथा, गोविन्द, और भाव भट्ट।
👉 इन सभी ने संगीत, वास्तुकला और कला के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
👉 जबकि मुनि जिन विजय सूरी कुम्भा के दरबार से संबंधित नहीं थे।
👉 अतः यह युग्म असुमेलित है।

✍️ सही उत्तर है – मुनि जिन विजय सूरी 

निम्नलिखित में से कौन - सा युग्म सुमेलित नहीं है ? 

[Head Master 2011]

        लेखक           -            पुस्तकें 

  • उमरदान लालस - छप्पना - रो-छन्द 

  • कन्हैयालाल सेठी - धरती धोरा री 

  • चन्द्रसिंह बरकाली - अमल रा औगुण

  • मेघराज मुकुल - सैनानी 

🔹 व्याख्या

👉 चन्द्रसिंह बिरकाली आधुनिक काल के प्रसिद्ध राजस्थानी कवि थे।
👉 उनकी प्रमुख रचनाएँ हैं – बादळी, लू, सांझ, और मरूधर महिमा।
👉 जबकि ‘अमल रा औगुण’ रचना ऊमरदान लालस की है, न कि चन्द्रसिंह बिरकाली की।
👉 अतः युग्म ‘चन्द्रसिंह बिरकाली – अमल रा औगुण’ असुमेलित है।

✍️ सही उत्तर है – चन्द्रसिंह बिरकाली – अमल रा औगुण 

निम्नलिखित में से कौन-सा युग्म सही सुमेलित नहीं है ?  

[वरिष्ठ अध्यापक (Spl Edu) 07.02.2018]

  • बीसलदेव रासो (पुस्तक) - नरपति नाल्‍ह (लेखक)  

  • खुमाण रासो (पुस्तक) - दलपत विजय (लेखक)  

  • राव जैतसी रो छन्द (पुस्तक) - शिवदास गाडण (लेखक) 

  • वेलि-क्रिसण-रुक्मणी-री (पुस्तक) - पृथ्वीराज राठौड़ (लेखक)  

🔹 व्याख्या

👉 ‘राव जैतसी रो छन्द’ (या ‘राव जैतसी रो पाघड़ी छन्द’) की रचना बीठू सूजा ने की थी।
👉 इस कृति में राव जैतसी और बाबर के पुत्र कामरान के युद्ध का वर्णन है।
👉 जबकि शिवदास गाडण ने ‘अचलदास खींची री वचनिका’ की रचना की थी।
👉 अतः युग्म ‘राव जैतसी रो छन्द – शिवदास गाडण’ असुमेलित है।

✍️ सही उत्तर है – राव जैतसी रो छन्द – शिवदास गाडण 

'पृथ्वीराज विजय' का लेखक कौन था ? 

[स्कूल व्याख्याता 20.10.2022]

  • चंदबरदाई 

  • मलिक मुहम्मद जायसी 

  • जयानक 

  • नयनचन्द सूरी 

🔹 व्याख्या

👉 ‘पृथ्वीराज विजय’ एक प्रसिद्ध संस्कृत ऐतिहासिक ग्रंथ है।
👉 इसके रचयिता जयानक थे, जो पृथ्वीराज तृतीय (चौहान) के दरबारी कवि थे।
👉 इस ग्रंथ में सपादलक्ष के चौहानों और पृथ्वीराज की वीरता का विस्तृत वर्णन किया गया है।
👉 इसमें अजमेर नगर की तुलना इन्द्रपुरी से की गई है।

✍️ सही उत्तर है – जयानक 

राजस्थानी भाषा के छन्दों के आधार पर रचित 'पिंगल सिरोमणि' ग्रन्थ के रचयिता हैं 

[सहायक कृषि अधिकारी 31.05.2019]

  • ईसर दास 

  • करणीदान कविया 

  • किसना आढ़ा 

  • कुशल लाभ 

🔹 व्याख्या

👉 कुशललाभ 17वीं शताब्दी के प्रसिद्ध जैन संत कवि थे।
👉 उन्होंने राजस्थानी भाषा में अनेक काव्य और शास्त्रीय ग्रन्थ रचे।
👉 उनकी प्रमुख रचना ‘पिंगल शिरोमणि’ छन्दशास्त्र पर आधारित है।
👉 इस ग्रन्थ में राजस्थानी छन्दों के नियमों और प्रकारों का विस्तृत वर्णन है।

✍️ सही उत्तर है – कुशललाभ 

निम्न में से कौन सा युग्म सुमेलित नहीं है ? 

[वरिष्ठ अध्यापक 26.04.2017]

          (पुस्तकें)                      (लेखक) 

  • राव जैतसी रो छन्द          - बीठू सूजा 

  • हाला झाला री कुण्डलियाँ -इसरदास बारहठ 

  • महादेव पार्वती री वेलि -    शिवदास गाडण 

  • गुण भाषा                   - हेम कवि 

🔹 व्याख्या

👉 ‘महादेव पार्वती री वेलि’ की रचना पृथ्वीराज राठौड़ ने की थी।
👉 यह कृति उनके धार्मिक और भक्तिपरक साहित्य की श्रेणी में आती है।
👉 जबकि शिवदास गाडण ने प्रसिद्ध रचना ‘अचलदास खींची री वचनिका’ लिखी थी।
👉 अतः युग्म ‘महादेव पार्वती री वेलि – शिवदास गाडण’ असुमेलित है।

✍️ सही उत्तर है – महादेव पार्वती री वेलि – शिवदास गाडण 

'म्युटिनीज इन राजपूताना' के लेखक हैं-

[सहायक कृषि अधिकारी 29.04.2018]

  • नाथूराम खडगावत

  • आई टी प्रिचर्ड  

  • जी.एस. ट्रेवर  

  • सी.एल. सोबर्स  

🔹 व्याख्या

👉 आई. टी. प्रिचर्ड एक प्रसिद्ध ब्रिटिश इतिहासकार और लेखक थे।
👉 उन्होंने 1857 के स्वतंत्रता संग्राम से संबंधित घटनाओं का विस्तार से वर्णन किया।
👉 उनकी प्रसिद्ध कृति ‘Mutinies in Rajputana’ में उस समय के राजस्थान के विद्रोहों और परिस्थितियों का वर्णन है।
👉 यह ग्रन्थ राजस्थान के औपनिवेशिक इतिहास का महत्वपूर्ण स्रोत माना जाता है।

✍️ सही उत्तर है – आई. टी. प्रिचर्ड 

निम्न में से कौन सी रचना कान्हड़ देव और अलाउद्दीखिलजी के आपसी संबंधों की जानकारी देती है ? 

[वरिष्ठ अध्यापक 30.07.2023]

  • पद्मावत 

  • सुर्जन चरित्र 

  • वीरमदेव सोनगरा री बात 

  • एकलिंगमहात्मय

🔹 व्याख्या

👉 ‘वीरमदेव सोनगरा री बात’ एक प्रसिद्ध राजस्थानी ऐतिहासिक आख्यान रचना है।
👉 इस कृति में जालौर के शासक कान्हड़देव सोनगरा और दिल्ली के सुल्तान अलाउद्दीन खिलजी के संबंधों का वर्णन किया गया है। 

✍️ सही उत्तर है – वीरमदेव सोनगरा री बात 

निम्नांकित में से कौन सा युग्म सही सुमेलित नहीं है ? 

[कृषि अधिकारी 2011]

            I  लेखक   -    II  कृतियाँ 

  • राधा कृष्ण  - मुरली प्रकाश 

  • उस्ताद चाँद खाँ  - स्वरसागर 

  • द्वारका प्रसाद भट्ट - राग चन्द्रिका 

  • महाराणा कुम्भा  - संगीतराज 

🔹 व्याख्या

👉 ‘मुरली प्रकाश’ ग्रन्थ पंडित भावभट्ट द्वारा रचित है।
👉 भावभट्ट बीकानेर के शासक महाराजा अनूपसिंह के दरबारी कवि थे।
👉 उन्होंने संगीत से संबंधित अनेक ग्रंथ जैसे अनूप संगीत विलास, अनूप रागमाला आदि भी लिखे।
👉 अतः ‘राधा कृष्ण – मुरली प्रकाश’ का युग्म गलत सुमेलित है।

✍️ सही उत्तर है – राधा कृष्ण – मुरली प्रकाश 

'बुद्धि विलास' ग्रंथ के लेखक हैं

[वरिष्ठ अध्यापक 17.02.2019]

  • बखत राम शाह 

  • बांकीदास

  • किसना आढ़

  • नरोत्तम 

🔹 व्याख्या

👉 ‘बुद्धि विलास’ राजस्थान का एक प्रसिद्ध ऐतिहासिक और स्थापत्य ग्रंथ है।
👉 इसके रचयिता बख्तराम शाह थे।
👉 इस ग्रंथ में जयपुर नगर की स्थापना (1727 ई.) तथा उसकी नगर निर्माण योजना और स्थापत्य संरचना का विस्तृत विवरण है।
👉 यह ग्रंथ जयपुर राज्य के इतिहास और स्थापत्य कला का महत्वपूर्ण स्रोत माना जाता है।

✍️ सही उत्तर है – बख्तराम शाह 

महाराणा प्रताप के दरबारी विद्वान जिसने 'मुहुर्तमाला' ग्रन्थ की रचना की, वह था 

[Head Master 02.09.2018]

  • रामा सान्दु 

  • माला सान्दु 

  • चक्रपाणि मिश्र 

  • ताराचंद 

🔹 व्याख्या

👉 चक्रपाणि मिश्र महाराणा प्रताप के प्रसिद्ध दरबारी विद्वान और ज्योतिषाचार्य थे।
👉 उन्होंने ‘विश्ववल्लभ मुहुर्तमाला’ नामक ग्रंथ की रचना की।
👉 यह ग्रंथ ज्योतिष और मुहूर्त विज्ञान पर आधारित है।
👉 चक्रपाणि मिश्र ने इसमें विवाह, यज्ञ और राज्य कार्यों के लिए शुभ मुहूर्तों का विस्तृत वर्णन किया।

✍️ सही उत्तर है – चक्रपाणि मिश्र 

निम्न में से सूर्यमल्ल मिश्रण द्वारा रचित नहीं है ? 

[कृषि अधिकारी 24.11.2020]

  • ललित ललाम 

  • छंदोमयूख 

  • वीर सतसई 

  • रामरंजॉट 

🔹 व्याख्या

👉 सूर्यमल्ल मिश्रण आधुनिक काल के डिंगल के महान कवि थे।
👉 उनकी प्रमुख रचनाएँ ‘वंश भास्कर’, ‘वीर सतसई’, और ‘बलवद् विलास’ हैं।
👉 ‘ललित ललाम’ की रचना मतिराम ने की थी, न कि सूर्यमल्ल मिश्रण ने। 

✍️ सही उत्तर है – ललित ललाम 

वंश भास्कर के लेखक हैं 

[स्कूल व्याख्याता 15.10.2022]

  • करणीदान 

  • सूर्यमल्ल मिश्रण 

  • शिवदास गौतम 

  • पद्मनाभ 

🔹 व्याख्या

👉 ‘वंश भास्कर’ आधुनिक काल का एक प्रसिद्ध ऐतिहासिक महाकाव्य है।
👉 इसके रचयिता सूर्यमल्ल मिश्रण (मीसण) हैं, जिन्हें ‘राजस्थान भूषण’ की उपाधि मिली थी।
👉 इस ग्रंथ में बूँदी रियासत (हाड़ा चौहानों) का विस्तृत इतिहास पद्य रूप में वर्णित है।
👉 यह कृति डिंगल भाषा में लिखी गई है और इसमें वीरता, नीति व राष्ट्रीय चेतना का अद्भुत समन्वय है।

✍️ सही उत्तर है – सूर्यमल्ल मिश्रण 

सवाई जयसिंह के राजकवि जिसने 'राम रासा' की रचना की थी, थे-  

वरिष्ठ अध्यापक 2010 पेपर -I GK (हिन्दी)

  • श्रीकृष्ण भट्ट कवि कलानिधि 

  • रामानन्द 

  • अग्रदास 

  • जुगल सरकार 

🔹 व्याख्या

👉 श्रीकृष्ण भट्ट (कवि कलानिधि) जयपुर के शासक सवाई जयसिंह के राजकवि थे।
👉 वे संस्कृत के श्रेष्ठ कवियों और विद्वानों में गिने जाते हैं।
👉 उन्होंने प्रसिद्ध काव्य ‘राम रासा’ की रचना की थी।
👉 इस ग्रन्थ में भगवान राम के जीवन और आदर्शों का सुंदर वर्णन है।

✍️ सही उत्तर है – श्रीकृष्ण भट्ट कवि कलानिधि 

सूची I व सूची II का मिलान कीजिए तथा प्रयोग किये गये कूट के आधार पर नीचे दी गई सूची में से सही उत्तर का चयन कीजिए- 

      सूची I             सूची II 

     लेखक             पुस्तक 

A. करनी दान       I मारवाड़ रा परगना री विगत

B. श्यामल दास      II सूरज प्रकाश 

C. मुहनोत नैणसी   III वंश भास्कर 

D. सूर्यमल्ल मिश्रण IV वीर विनोद 

[उपनिरीक्षक (SI) 07.10.2018]

संकेतांक : 

             A     B     C     D 

  • IV     II     III     I 

  • IV     II     I     III 

  • II     IV     I     III 

  • II     IV     III     I 

🔹 व्याख्या

👉 करणीदान कविया ने प्रसिद्ध चारण काव्य ‘सूरज प्रकाश’ की रचना की।
👉 कविराज श्यामलदास की प्रसिद्ध ऐतिहासिक कृति ‘वीर विनोद’ है।
👉 मुहणोत नैणसी ने ‘मारवाड़ रा परगना री विगत’ और ‘नैणसी री ख्यात’ की रचना की।
👉 सूर्यमल्ल मिश्रण (मीसण) ने ‘वंश भास्कर’ नामक ऐतिहासिक महाकाव्य लिखा।

✍️ सही उत्तर है – A–II, B–IV, C–I, D–III 

निम्नलिखित में से किस रचना में अमीर खुसरो ने चित्तौड़ पर अलाउद्दीन खिलजी के आक्रमण का वर्णन किया है ? 

[वरिष्ठ अध्यापक 01.05.2017]

  • तुग़लकनामा 

  • मिफ्ता - उल - फुतूह 

  • खाजाइन - उल - फुतूह 

  • नूह - ए - सिपेहर 

🔹 व्याख्या

👉 अमीर खुसरो दिल्ली सल्तनत काल के प्रसिद्ध फारसी कवि और इतिहासकार थे।
👉 उन्होंने अपनी रचना ‘खजाइन-उल-फुतूह’ में
चित्तौड़ पर अलाउद्दीन खिलजी के आक्रमण (1303 ई.) का विस्तृत वर्णन किया है।
👉 इस ग्रंथ में अलाउद्दीन की विजयों, युद्ध अभियानों और नीति विस्तार का विवरण मिलता है।
👉 इसमें चित्तौड़ विजय को एक महान ऐतिहासिक उपलब्धि के रूप में दर्शाया गया है।

✍️ सही उत्तर है – खजाइन-उल-फुतूह 

'मानचरित्र रासो' के रचयिता कौन हैं ? 

[वरिष्ठ अध्यापक 29.01.2023]

  • कवि नरोत्तम 

  • कवि बांकीदास 

  • नैणसी 

  • दयालदास 

🔹 व्याख्या

👉 ‘मानचरित्र रासो’ एक प्रसिद्ध राजस्थानी ऐतिहासिक काव्य रचना है।
👉 इसके रचयिता कवि नरोत्तम थे।
👉 इस ग्रंथ में आमेर के राजा मानसिंह प्रथम के जीवन, युद्धों और वीरता का विस्तृत वर्णन है।
👉 यह रचना वीर रस से परिपूर्ण है और राजपूती शौर्य व गौरव को दर्शाती है।

✍️ सही उत्तर है – कवि नरोत्तम 

कौन पृथ्वीराज चौहान तृतीय का दरबारी विद्वान नहीं था? 

[Head Master 02.09.2018]

  • विद्यापति गौड़ 

  • विश्वरूप 

  • सारंगधर 

  • वागीश्वर जर्नादन 

🔹 व्याख्या

👉 पृथ्वीराज चौहान तृतीय के दरबार में कई प्रसिद्ध विद्वान और कवि उपस्थित थे,
जैसे – चन्दबरदाई, जयानक, और जगजीवन भट्ट।
👉 सारंगधर इनसे बाद के काल के विद्वान थे और वे हम्मीरदेव चौहान (रणथम्भौर) के दरबारी कवि थे।
👉 अतः वे पृथ्वीराज चौहान तृतीय के दरबारी विद्वान नहीं थे।

✍️ सही उत्तर है – सारंगधर 

कुम्भा के विषय में निम्न में से कौन-सा कथन असत्य है ? 

[वरिष्ठ अध्यापक 2011]

  • वह मेवाड़ के महान् शासकों में से एक था। 

  • वह कुम्भल दुर्ग का निर्माता था । 

  • वह स्वयं विद्वान नहीं था पर विद्वानों को आश्रय देता था । 

  • वह संगीत प्रेमी था । 

🔹 व्याख्या

👉 महाराणा कुम्भा मेवाड़ के महान शासक और विद्वान थे।
👉 उन्होंने स्वयं अनेक संगीत व ग्रंथों की रचना की थी।
👉 उनकी प्रसिद्ध रचनाएँ – संगीतराज, संगीत मिमांसा, रसिक प्रिया टीका, सूड प्रबन्ध आदि हैं।
👉 वे केवल विद्वानों के आश्रयदाता ही नहीं, बल्कि स्वयं विद्वान और ग्रंथकार थे।

✍️ सही उत्तर है – वह स्वयं विद्वान नहीं था पर विद्वानों को आश्रय देता था। 

कान्हड़दे - प्रबन्ध के रचयिता हैं - 

[वरिष्ठ अध्यापक (स्थगित) 21.12.2022]

  • पद्मनाभ 

  • नरपति नाल्ह 

  • चन्दरबरदाई 

  • जयानक 

🔹 व्याख्या

👉 ‘कान्हड़दे प्रबन्ध’ राजस्थानी साहित्य की प्रसिद्ध ऐतिहासिक आख्यान रचना है।
👉 इसके रचयिता पद्मनाभ कवि थे।
👉 यह ग्रंथ जालौर के चौहान शासक कान्हड़देव सोनगरा और अलाउद्दीन खिलजी के युद्ध पर आधारित है।
👉 इसमें देशभक्ति, वीरता और स्वाभिमान का अत्यंत प्रभावी चित्रण किया गया है।

✍️ सही उत्तर है – पद्मनाभ 

निम्न में से कौन 'शूद्र मुक्ति' पुस्तक के लेखक हैं ? 

[सहायक कृषि अधिकारी 27.08.2022]

  • सागरमल गोपा 

  • प्रताप सिंह 

  • अर्जुन लाल सेठी 

  • जमनालाल बजाज 

🔹 व्याख्या

👉 अर्जुनलाल सेठी राजस्थान के प्रसिद्ध क्रांतिकारी, समाज सुधारक और लेखक थे।
👉 उन्होंने समाज में समानता और जागृति के लिए कई प्रेरणादायक ग्रंथ लिखे।
👉 उनकी प्रसिद्ध कृति ‘शूद्र मुक्ति’ सामाजिक सुधार पर आधारित है।
👉 इसमें उन्होंने जाति प्रथा और सामाजिक भेदभाव का विरोध किया है।

✍️ सही उत्तर है – अर्जुनलाल सेठी 

निम्नलिखित में से कौन 'जयवंश महाकाव्यम्' का लेखक है ?  

[सहायक आचार्य परीक्षा 08.09.2024]

  • मधुसूदन ओझा 

  • श्री कृष्ण राम भट्ट 

  • सीताराम भट्ट पर्वणीकर 

  • अम्बिकादत्त व्यास 

🔹 व्याख्या

👉 ‘जयवंश महाकाव्यम्’ एक प्रसिद्ध संस्कृत महाकाव्य है।
👉 इसके रचयिता सीताराम भट्ट पर्वणीकर थे।
👉 इस ग्रंथ में जयपुर राजवंश के इतिहास, संस्कृति और शासकों के कार्यों का विस्तृत वर्णन है।
👉 यह कृति संस्कृत में रचित ऐतिहासिक ग्रंथों में विशेष स्थान रखती है।

✍️ सही उत्तर है – सीताराम भट्ट पर्वणीकर 

 निम्नलिखित में से कौन आमेर के शासक मानसिंह-I के संरक्षण में था ?

सहायक आचार्य [22.09.2021]

  • बिहारी 

  • नरोत्तम कवि

  • जगन्नाथ 

  • कुलपति मित्र 

🔹 व्याख्या

👉 आमेर के शासक मानसिंह प्रथम के दरबार में कई विद्वान और कवि उपस्थित थे।
👉 उन्हीं में से एक प्रमुख कवि नरोत्तम कवि थे।
👉 उन्होंने ‘मानचरित्र रासो’ नामक प्रसिद्ध ग्रंथ की रचना की।
👉 इस ग्रंथ में महाराजा मानसिंह प्रथम के जीवन, युद्धों और पराक्रम का विस्तार से वर्णन है।

✍️ सही उत्तर है – नरोत्तम कवि 

निम्नलिखित में से कौन सा युग्म सुमेलित है ? 

[वरिष्ठ अध्यापक 12.02.2023]

  • बोल भारमली  - सत्यप्रकाश जोशी 

  • विरुद्ध छिहत्तरी  - कृपाराम खिड़िया 

  • केसर विलास   - यादवेंद्र शर्मा 

  • राजिया रा सोरठा - उदयराज उज्जवल 

🔹 व्याख्या

👉 ‘बोल भारमली’ आधुनिक राजस्थानी साहित्य की प्रसिद्ध काव्य कृति है।
👉 इसके रचयिता सत्यप्रकाश जोशी हैं।
👉 इस कृति में मानव जीवन, प्रेम और प्रकृति सौंदर्य का सुंदर चित्रण किया गया है।
👉 इसके लिए उन्हें सन् 1977 में केन्द्रीय साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।

✍️ सही उत्तर है – बोल भारमली – सत्यप्रकाश जोशी 

स्वामी दयानन्द सरस्वती के सुप्रसिद्ध ग्रन्थ 'सत्यार्थ प्रकाश' का प्रकाशन कहाँ हुआ ? [*]

[स्कूल व्याख्याता 17.07.2016]

  • जयपुर

  • जोधपुर 

  • उदयपुर

  • अजमेर 

📌 नोट : यह प्रश्न परीक्षा बोर्ड द्वारा डिलीट माना गया है। 

'दि अर्ली चौहान डायनेस्टीज' राजस्थान के किस प्रमुख इतिहासकार की रचना है ?  

वरिष्ठ अध्यापक 2010 पेपर -I GK (विज्ञान)

  • डॉ. जी. एन. शर्मा 

  • बी. एन. रेऊ 

  • डॉ. दशरथ शर्मा 

  • जी. एच. ओझा 

🔹 व्याख्या

👉 डॉ. दशरथ शर्मा राजस्थान के प्रसिद्ध इतिहासकार और विद्वान थे।
👉 उन्होंने राजस्थान के प्रारम्भिक इतिहास पर अनेक महत्त्वपूर्ण ग्रन्थ लिखे।
👉 उनकी प्रसिद्ध कृति ‘The Early Chauhan Dynasties’ में चौहान वंश के उद्भव व शासन का वर्णन है।
👉 इस ग्रन्थ में प्रारम्भिक राजपूत राज्यों का भी विस्तृत अध्ययन मिलता है।

✍️ सही उत्तर है – डॉ. दशरथ शर्मा 

प्रबन्धचिन्तामणि का लेखक था ? 

[Head Master 2011]

  • दलपत विजय 

  • उद्योतन सूरी 

  • मेरुतुंग 

  • नयचन्द्र सूरी 

🔹 व्याख्या

👉 ‘प्रबन्ध चिन्तामणि’ जैन साहित्य की एक प्रसिद्ध संस्कृत रचना है।
👉 इसके रचयिता मेरुतुंगाचार्य (मेरुतुंग) थे।
👉 इस ग्रंथ की रचना 1305 ईस्वी में की गई थी।
👉 यह ग्रंथ पाँच खंडों में विभक्त है और इसमें राजाओं, कवियों व आचार्यों के जीवन प्रसंगों का वर्णन है।

✍️ सही उत्तर है – मेरुतुंग 

मण्डन द्वारा निम्नलिखित किन पुस्तकों की रचना की गयी थी ? 

(i) राजवल्लभ 

(ii) रूपावतार 

(iii) देवमूर्ति प्रकरण 

(iv) वास्तुसार 

[वरिष्ठ अध्यापक 30.07.2023]

  • (ii) एवं (iii) 

  • (iii) एवं (iv) 

  • (i), (iii) एवं (iv) 

  • (i), (ii), (iii) एवं (iv) 

🔹 व्याख्या

👉 मण्डन महाराणा कुम्भा के समय के प्रसिद्ध शिल्पकार और वास्तुशास्त्री थे।
👉 उन्होंने वास्तुकला, मूर्तिकला और स्थापत्य पर कई ग्रंथ लिखे।
👉 उनकी प्रमुख रचनाएँ हैं –

  1. राजवल्लभ

  2. रूपावतार

  3. देवमूर्ति प्रकरण

  4. वास्तुसार

    👉 इन सभी ग्रंथों में मंदिर निर्माण, मूर्ति निर्माण और वास्तु सिद्धांतों का विस्तृत वर्णन है।

✍️ सही उत्तर है – (i), (ii), (iii) एवं (iv) 

स्वामी दयानंद सरस्वती ने 'सत्यार्थ प्रकाश' को कहाँ लिखा था ? 

[Head Master 11.10.2021]

  • उदयपुर में 

  • अजमेर में 

  • अलवर में 

  • जोधपुर में 

🔹 व्याख्या

👉 स्वामी दयानंद सरस्वती आर्य समाज के संस्थापक और सामाजिक–धार्मिक सुधारक थे।
👉 उन्होंने अपनी प्रसिद्ध कृति ‘सत्यार्थ प्रकाश’ की रचना उदयपुर में की थी। 

✍️ सही उत्तर है – उदयपुर में 

निम्न में किस राजपूत शासक द्वारा 'नेह तरंग' रचित है ? 

[वरिष्ठ अध्यापक 01.05.2017]

  • राजा सावन्तसिंह (नागरीदास) 

  • महाराजा रायसिंह 

  • महाराजा जसवन्तसिंह 

  • राव बुद्धसिंह 

🔹 व्याख्या

👉 ‘नेह तरंग’ एक प्रसिद्ध राजस्थानी काव्य रचना है।
👉 इसके रचयिता राव राजा बुद्धसिंह (बूँदी) थे।
👉 यह कृति श्रृंगार और भक्ति रस से परिपूर्ण है।
👉 इसमें कवि ने प्रेम और नारी-सौंदर्य का अत्यंत सुंदर और भावनात्मक चित्रण किया है।

✍️ सही उत्तर है – राव बुद्धसिंह 

राजस्थानी कवियों में नवजागरण के प्रथम कवि  किसे माना जाता है ? 

[कृषि अधिकारी 19.01.2021]

  • पृथ्वीराज राठौड़ 

  • मेघराज मुकुल

  • सूर्यमल्ल मिश्रण 

  • मुहणोत नैणसी 

🔹 व्याख्या

👉 सूर्यमल्ल मिश्रण आधुनिक काल के प्रसिद्ध डिंगल कवि थे।
👉 उन्होंने 19वीं शताब्दी में राजस्थानी साहित्य में नवचेतना का संचार किया।
👉 उनकी प्रसिद्ध कृतियाँ ‘वंश भास्कर’ और ‘वीर सतसई’ हैं।
👉 इन्हीं के कारण उन्हें राजस्थानी काव्य के नवजागरण का प्रथम कवि माना जाता है।

✍️ सही उत्तर है – सूर्यमल्ल मिश्रण 

किस इतिहासकार ने हल्दीघाटी के युद्ध को गोगुन्दा के युद्ध के नाम से पुकारा है ? 

[वरिष्ठ अध्यापक 30.07.2023]

  • अब्दुल कादिर बदायूँनी 

  • निजामुद्दीन अहमद

  • कर्नल जेम्सटॉड

  • अबुल फजल 

🔹 व्याख्या

👉 अब्दुल कादिर बदायूँनी अकबर के समय के प्रसिद्ध इतिहासकार और साहित्यकार थे।
👉 उन्होंने अपनी कृति ‘मुन्तखब-उत-तवारीख’ में हल्दीघाटी के युद्ध (1576 ई.) का प्रत्यक्ष वर्णन किया।
👉 बदायूँनी ने इस युद्ध को ‘गोगुन्दा का युद्ध’ कहा है।
👉 इसमें उन्होंने महाराणा प्रताप और मुगल सेना के बीच हुए संघर्ष का सजीव चित्रण किया है।

✍️ सही उत्तर है – अब्दुल कादिर बदायूँनी 

निम्नलिखित में से कौन सा सुमेलित नहीं है ? 

[RAS Pre. 05.08.2018]

          रचना        -      लेखक 

  • कोडमदे  - मेघराज मुकुल

  • बोल भारमली  - यादवेन्द्र शर्मा

  • पगफेरो  - मणि मधुकर

  • पागी  - चंद्रप्रकाश देवल

🔹 व्याख्या

👉 ‘बोल भारमली’ प्रसिद्ध काव्य रचना सत्यप्रकाश जोशी द्वारा लिखी गई है।
👉 इसके लिए उन्हें सन् 1977 में केन्द्रीय साहित्य अकादमी पुरस्कार प्राप्त हुआ था।
👉 इस कृति में मानवीय संवेदना, प्रेम और प्रकृति सौन्दर्य का सुंदर समन्वय है।
👉 जबकि यादवेन्द्र शर्मा ‘चन्द्र’ ने ‘हूँ गोरी किण पिव री’ जैसे उपन्यास लिखे हैं।
👉 अतः युग्म ‘बोल भारमली – यादवेन्द्र शर्मा’ असुमेलित है।

✍️ सही उत्तर है – बोल भारमली – यादवेन्द्र शर्मा 

निम्नांकित साहित्यकारों को उनके शासकों से सुमेलित कीजिए एवं नीचे दिये गये कूट से सही उत्तर का चयन कीजिए : 

(साहित्यकार)         (शासक) 

A. मुहणोत नैणसी   I. मालदेव 

B. महात्मा नरसेन   II. रायसिंह 

C. अत्रि                III. जसवन्त सिंह 

D. मुनि जैता         IV. राणा कुंभा 

[कृषि अधिकारी 19.01.2021]

कूट : 

            A      B     C     D

  • II     IV     III     I 

  • III     I     IV     II

  • IV     III     I     II 

  • II     I     IV     III

🔹 व्याख्या

👉 मुहणोत नैणसी जोधपुर राज्य के महाराजा जसवन्त सिंह के दीवान थे।
👉 महात्मा नरसेन बीकानेर के शासक रायसिंह के समकालीन थे।
👉 अत्रि कवि ने राणा कुम्भा के काल में रचना की।
👉 मुनि जैता कवि मालदेव के समय से संबंधित थे।

✍️ सही उत्तर है – III, I, IV, II 

निम्नलिखित संगीत ग्रन्थों में से कौन से ग्रन्थ राणा कुम्भा कृत हैं

A. संगीतराज 

B: संगीत मीमांसा 

C. सुधप्रबन्ध 

D. कलानिधि 

[वरिष्ठ अध्यापक 26.04.2017]

कूट : 

  • A, B

  • A, B, C 

  • A, C, D 

  • A, B, C, D 

🔹 व्याख्या

👉 महाराणा कुम्भा मेवाड़ के ऐसे शासक थे जिन्होंने संगीत, कला और साहित्य में अद्भुत योगदान दिया।
👉 उनके द्वारा रचित प्रमुख संगीत ग्रंथ हैं –

  1. संगीत राज – जिसमें गीत, वाद्य और नृत्य तीनों विधाओं का विवेचन है।

  2. संगीत मिमांसा – जिसमें संगीत के सिद्धांतों और राग-रागिनियों का वर्णन है।
    👉 जबकि ‘सुधप्रबन्ध’ और ‘कलानिधि’ अन्य विद्वानों (जैसे गोविन्द) की रचनाएँ हैं।

✍️ सही उत्तर है – A और B

निम्न में से 'देश–दर्पण' की रचना किसने की थी ?  

[सहायक आचार्य परीक्षा 08.09.2024]

  • नरोत्तम स्वामी 

  • बांकीदास 

  • दयालदास 

  • मुहणोत नैणसी 

🔹 व्याख्या

👉 ‘देश-दर्पण’ राजस्थान का एक प्रसिद्ध ऐतिहासिक ग्रंथ है।
👉 इसके रचयिता दयालदास सिंढायच थे, जो बीकानेर राज्य के दरबारी कवि थे।
👉 इस ग्रंथ में बीकानेर राज्य के इतिहास, प्रशासन और राठौड़ वंश का विस्तृत विवरण है।
👉 दयालदास ने इसी काल में प्रसिद्ध कृति ‘दयालदास री ख्यात’ भी लिखी थी।

✍️ सही उत्तर है – दयालदास 

हल्दीघाटी के युद्ध को 'गोगुन्दा का युद्ध' किसने कहा है ? 

[PTI Grade -II (RPSC) 30.04.2023]

  • कर्नल जैम्स टॉड 

  • निजामुद्दीन अहमद 

  • अबुल फज़ल

  • अब्दुल कादिर बदायूंनी 

🔹 व्याख्या

👉 अब्दुल कादिर बदायूंनी मुगलकालीन प्रसिद्ध इतिहासकार था।
👉 उसने अपने ग्रन्थ ‘मुन्तखब-उत-तवारिख’ में हल्दीघाटी युद्ध का वर्णन किया।
👉 इस युद्ध को उसने ‘गोगुन्दा का युद्ध’ कहा है।
👉 बदायूंनी इस युद्ध का प्रत्यक्षदर्शी था और अकबर के साथ उपस्थित था।

✍️ सही उत्तर है – अब्दुल कादिर बदायूंनी 

निम्नलिखित को सुमेलित कीजिए- 

      पुस्तक          लेखक 

A हम्मीर हठ           I चन्द्रशेखर 

B हम्मीर महाकाव्य  II नयन चन्द्र सूरी 

C कान्हड़ दे प्रबन्ध  III जयानक 

D पृथ्वीराज विजय  IV पद्मनाभ 

[वरिष्ठ अध्यापक 28.10.2018]

            A     B      C     D 

  • II    I      IV    III 

  • II    I     III    IV 

  • I    II    III    IV

  • I    II    IV    III 

🔹 व्याख्या

👉 ‘हम्मीर हठ’ के रचयिता चन्द्रशेखर थे।
👉 ‘हम्मीर महाकाव्य’ की रचना नयनचन्द्र सूरी ने की थी।
👉 ‘कान्हड़दे प्रबन्ध’ ग्रंथ पद्मनाभ कवि द्वारा रचा गया था।
👉 ‘पृथ्वीराज विजय’ के रचयिता जयानक थे।
👉 ये सभी ग्रंथ राजस्थान के चौहान वंश और उनके वीर इतिहास से संबंधित हैं।

✍️ सही उत्तर है – A–I, B–II, C–IV, D–III 

19वीं शताब्दी के किस कवि को दरबारी चाटुकारिता से दूर रहकर ब्रिटिश शासन के खिलाफ लिखने के लिए 'लोक- कवि' कहकर पुकारा जाता है ? 

[सहायक कृषि अधिकारी 27.08.2022]

  • दयाल दास 

  • बांकीदास 

  • शंकरदान सामोर 

  • श्यामल दास 

🔹 व्याख्या

👉 शंकरदान सामौर 19वीं शताब्दी के प्रसिद्ध राजस्थानी कवि थे।
👉 उन्होंने अंग्रेजी शासन की कड़ी आलोचना अपने काव्य में की।
👉 उनकी रचनाएँ जैसे ‘सगती सुजस’, ‘भागीरथी महिमा’, और ‘देस दर्पण’ में राष्ट्रभावना झलकती है।
👉 दरबारी चाटुकारिता से दूर रहकर सत्य और स्वाभिमान की वाणी लिखने पर उन्हें ‘लोक कवि’ कहा गया।

✍️ सही उत्तर है – शंकरदान सामौर 

अमीर खुसरो की किस रचना में चित्तौड़ पर अलाउद्दीन खिलजी के आक्रमण का वर्णन आता है ? [*]

[वरिष्ठ अध्यापक 29.01.2023]

  • किरांन -उस- सादीन 

  • खजाइन - उल - फुतूह 

  • तारीख - ए -अलाई 

  • इजाज - ए - खुसरवी 

📌 नोट : यह प्रश्न परीक्षा बोर्ड द्वारा डिलीट माना गया है। 

'अचलदास खीची री वचनिका' नामक ग्रन्थ का रचयिता था -

सहायक आचार्य [ 07.01.2024] 

  • शिवदास गाडण 

  • कविया करणीदान 

  • दयालदास 

  • बांकीदास 

🔹 व्याख्या

👉 ‘अचलदास खींची री वचनिका’ राजस्थानी साहित्य की प्रसिद्ध डिंगल रचना है।
👉 इसके रचयिता चारण शिवदास गाडण थे।
👉 यह रचना गद्य-पद्य मिश्रित (चम्पू काव्य) शैली में लिखी गई है।
👉 इसमें गागरोन के शासक अचलदास खींची और माण्डू के सुल्तान होसंगशाह गौरी के बीच हुए युद्ध का सजीव वर्णन है।
👉 कवि ने इस युद्ध को स्वयं देखा था, इसलिए इसका चित्रण अत्यंत यथार्थ और प्रभावशाली है।

✍️ सही उत्तर है – शिवदास गाडण

कन्हैयालाल सेठिया की कृति है-  

वरिष्ठ अध्यापक 2010 पेपर -I GK (SST)

  • रामू चनाणा 

  • धरती धोरां री 

  • गंगाजी रा दूहा 

  • गंगालहरी 

🔹 व्याख्या

👉 कन्हैयालाल सेठिया राजस्थानी भाषा के प्रख्यात कवि थे।
👉 उनकी रचनाएँ देशप्रेम, मातृभूमि और राजस्थान की संस्कृति से जुड़ी हैं।
👉 उनकी अमर कृति ‘धरती धोरां री’ राजस्थान की पहचान और गौरवगीत बन गई।
👉 इस कविता में राजस्थान की मरुधरा की महिमा का सुंदर चित्रण है।

✍️ सही उत्तर है – धरती धोरां री 

"ललित ललाम' ग्रंथ के लेखक कौन हैं ? 

[कृषि अधिकारी 29.08.2022]

  • बिहारी लाल 

  • मतिराम 

  • नन्दराम 

  • लालराम 

🔹 व्याख्या

👉 मतिराम संस्कृत एवं ब्रजभाषा के प्रसिद्ध कवि थे।
👉 उन्होंने अनेक काव्यग्रन्थों और नाट्यकृतियों की रचना की।
👉 उनकी प्रमुख रचना ‘ललित ललाम’ एक साहित्यिक और काव्यात्मक ग्रंथ है।
👉 इसमें काव्य सौंदर्य, अलंकार और भावाभिव्यक्ति का सुंदर वर्णन है।

✍️ सही उत्तर है – मतिराम 

'नृत्यरत्नकोष' का रचयिता था :  

[सहायक कृषि अधिकारी 29.04.2018]

  • विद्रहराज- III

  • अमोघवर्ष  

  • कुम्भा   

  • महेन्द्रपाल - II

🔹 व्याख्या

👉 महाराणा कुम्भा मेवाड़ के महान शासक, संगीतज्ञ और ग्रंथकार थे।
👉 उन्होंने संगीत विषय पर ‘संगीतराज’ ग्रन्थ की रचना की, जो पाँच भागों में विभाजित है।
👉 इसका एक भाग ‘नृत्यरत्नकोष’ कहलाता है, जिसमें नृत्य की विभिन्न विधाओं का वर्णन है।
👉 यह ग्रन्थ कुम्भा की संगीत और नृत्य विद्या में गहरी निपुणता को दर्शाता है।

✍️ सही उत्तर है – कुम्भा 

सुमेलित कीजिए एवं नीचे दिये गये कूट से सही उत्तर का चयन कीजिए : 

    (संगीतज्ञ)         (रचना) 

A. चाँद खाँ            I. रसमञ्जरी 

B. पुण्डरीक विट्ठल II. रागचन्द्रिका 

C. देवर्षि भट्ट        III. संगीतसार 

D. द्वारकानाथ      IV. स्वर - सागर 

[कृषि अधिकारी 19.01.2021]

कूट : 

            A     B     C     D

  • II     III     I     IV 

  • I     IV     II     III 

  • III     II     IV     I 

  • IV     I     III     II 

🔹 व्याख्या

👉 चाँद खाँ की प्रसिद्ध संगीत संबंधी रचना ‘स्वर-सागर’ है।
👉 पुण्डरीक विट्ठल ने ‘रसमंजरी’ नामक ग्रंथ की रचना की।
👉 देवर्षि भट्ट की प्रसिद्ध कृति ‘संगीतसार’ है।
👉 द्वारकानाथ ने ‘रागचन्द्रिका’ की रचना की थी।

✍️ सही उत्तर है – IV, I, III, II 

संगीत ज्ञान के कारण कुम्भा को उपाधि प्राप्त हुई 

[कृषि अधिकारी 2011]

  • हालगुरू 

  • संगीतराज 

  • दानगुरू 

  • अभिनव भरताचार्य 

🔹 व्याख्या

👉 महाराणा कुम्भा मेवाड़ के महान विद्वान शासक और संगीतज्ञ थे।
👉 उन्होंने संगीत पर कई महत्वपूर्ण ग्रन्थों की रचना की जैसे – संगीतराज और संगीत मिमांसा।
👉 संगीत विद्या में पारंगत होने के कारण उन्हें ‘अभिनव भरताचार्य’ की उपाधि दी गई।
👉 यह उपाधि उनके संगीतज्ञान और विद्वता का प्रतीक है।

✍️ सही उत्तर है – अभिनव भरताचार्य 

"जिन भद्रसूरी ग्रंथ भण्डार" राजस्थान के किस शहर में स्थित है ? 

[स्कूल व्याख्याता 11.10.2022]

  • जैसलमेर 

  • जालौर 

  • जयपुर

  • जोधपुर

🔹 व्याख्या

👉 ‘जिन भद्रसूरी ग्रंथ भण्डार’ राजस्थान का एक प्रसिद्ध प्राचीन जैन ग्रंथ भंडार है।
👉 यह जैसलमेर शहर के सोनार किले (जैसलमेर दुर्ग) में स्थित है।
👉 इस भंडार में हजारों हस्तलिखित ग्रंथ, प्राचीन पांडुलिपियाँ और जैन आगमों का संग्रह सुरक्षित है।
👉 यह जैन धर्म और राजस्थान के इतिहास का एक अमूल्य स्रोत है।

✍️ सही उत्तर है – जैसलमेर 

निम्नलिखित में से किस राजस्थानी ग्रन्थ में अलाउद्दीन खिलजी की जालौर विजय का विवरण मिलता है ? 

[Head Master 2011]

  • विरूद छिहतरी 

  • कान्हड़दे प्रबन्ध

  • अचलदास खींची री वचनिका 

  • खुमान रासो 

🔹 व्याख्या

👉 ‘कान्हड़दे प्रबन्ध’ राजस्थानी साहित्य की प्रसिद्ध ऐतिहासिक आख्यान रचना है।
👉 इसके रचयिता पद्मनाभ कवि थे।
👉 इस ग्रंथ में जालौर के चौहान शासक कान्हड़देव सोनगरा और अलाउद्दीन खिलजी के बीच हुए युद्ध का विस्तृत वर्णन है।
👉 इसमें अलाउद्दीन की जालौर विजय का सजीव चित्रण मिलता है।

✍️ सही उत्तर है – कान्हड़दे प्रबन्ध 

गलत युग्म को चुनिए :-

सहायक आचार्य [24.04.2016]

      साहित्यिक रचना - साहित्यकार 

  • बादली - चन्द्र प्रकाश देवल

  • बाथा में भूगोल - हरीश भादानी 

  •  मेघमाल - सुमेर सिंह शेखावत 

  • राधा - सत्य प्रकाश जोशी 

🔹 व्याख्या

👉 ‘बादली’ आधुनिक राजस्थानी साहित्य की पहली प्रकृति-प्रधान काव्य कृति है।
👉 इसके रचयिता चन्द्रसिंह बिरकाली थे, न कि चन्द्रप्रकाश देवल।
👉 इस रचना में मरुभूमि की तपन, लू और जीवन संघर्ष का सजीव चित्रण मिलता है।
👉 अतः युग्म ‘बादली – चन्द्रप्रकाश देवल’ असुमेलित है।

✍️ सही उत्तर है – बादली – चन्द्रप्रकाश देवल 

"ख्यात बीकानेर रा राठौरां री" के अनुसार निम्न में से कौन सा सर्वसामान्य व्यंजन विवाह के अवसर पर बनाया जाता था ? 

[व्याख्याता (आयुर्वेद) 13.11.2021]

  • लापसी 

  • राब 

  • सोगरा 

  • घाट 

🔹 व्याख्या

👉 ‘बीकानेर रा राठौरां री ख्यात’ में बीकानेर की सामाजिक परम्पराओं का वर्णन मिलता है।
👉 इसमें विवाह सहित अनेक संस्कारों के रीति-रिवाजों का उल्लेख है।
👉 इस ख्यात के अनुसार विवाह के अवसर पर ‘लापसी’ को सर्वसामान्य व्यंजन के रूप में बनाया जाता था।
👉 यह व्यंजन मिठास और शुभता का प्रतीक माना गया है।

✍️ सही उत्तर है – लापसी 

'पोपाबाई-की-पोल' नामक पुस्तिका की रचना की गयी थी :

[वरिष्ठ अध्यापक (Spl Edu) 07.02.2018]

  • चाँदमल सुराना  

  • जयनारायण व्यास  

  • बाल मुकुन्द बिस्सा

  • केसरी सिंह बारठ  

🔹 व्याख्या

👉 ‘पोपाबाई की पोल’ एक प्रसिद्ध राजनीतिक और सामाजिक पुस्तिका है।
👉 इसकी रचना जयनारायण व्यास ने की थी।
👉 इस पुस्तिका में उन्होंने ब्रिटिश शासन की नीतियों और सामंती अत्याचारों की तीव्र आलोचना की।
👉 यह रचना राजस्थान के स्वतंत्रता आंदोलन में जनजागरण का माध्यम बनी।

✍️ सही उत्तर है – जयनारायण व्यास 

निम्नलिखित में से कौनसा युग्म सही सुमेलित नहीं है ? 

[कृषि अधिकारी 29.08.2022]

  • हम्मीर रासो - जोधराज 

  • बीसलदेव रासो - नरपति नाल्ह 

  • खुमाण रासो - जयानक 

  • सगत रासो - गिरधर आसियां 

🔹 व्याख्या

👉 ‘खुमाण रासो’ की रचना दलपत (दौलत) विजय ने की थी।
👉 इसमें बप्पा रावल से लेकर महाराणा राजसिंह तक के मेवाड़ राजाओं का वर्णन है।
👉 ‘जयानक’ ने संस्कृत ग्रन्थ ‘पृथ्वीराज विजय’ की रचना की थी।
👉 अतः ‘खुमाण रासो – जयानक’ का युग्म गलत सुमेलित है।

✍️ सही उत्तर है – खुमाण रासो – जयानक 

'ललित विग्रहराज' का लेखक कौन था ? 

[PTI Grade -II (RPSC) 2011]

  • सोमदेव 

  • जयानक 

  • बीसलदेव

  • राजशेखर 

🔹 व्याख्या

👉 सोमदेव संस्कृत भाषा के प्रसिद्ध नाटककार थे।
👉 उन्होंने जयपुर के शासक विग्रहराज चतुर्थ के काल में रचना की।
👉 उनकी प्रमुख कृति ‘ललित विग्रहराज’ एक प्रसिद्ध संस्कृत नाटक है।
👉 इस नाटक में विग्रहराज चतुर्थ के पराक्रम और व्यक्तित्व का वर्णन है।

✍️ सही उत्तर है – सोमदेव

'नेमिनाथ बारहमासा' के रचयिता हैं 

[वरिष्ठ अध्यापक 29.01.2023]

  • पल्हण 

  • सुमतिगणि 

  • जिनदत्त सूरि 

  • राजशेखर सूरि 

🔹 व्याख्या

👉 ‘नेमिनाथ बारहमासा’ राजस्थानी साहित्य के आरम्भकाल की एक प्रसिद्ध जैन रचना है।
👉 इसके रचयिता पाल्हण कवि थे।
👉 इस कृति में नेमिनाथ और राजमति की प्रेम कथा का सुंदर वर्णन है।
👉 यह रचना मारू-गुर्जर भाषा में लिखी गई और इसे पहला बारहमासा काव्य माना जाता है।

✍️ सही उत्तर है – पल्हण 

कुचामनी ख्याल के प्रवर्तक हैं 

[Head Master 11.10.2021]

  • नानू राम 

  • लच्छीराम 

  • तेज कवि 

  • शाह अली 

🔹 व्याख्या

👉 ‘कुचामनी ख्याल’ राजस्थान की एक प्रसिद्ध लोक नाट्य शैली है।
👉 इसके प्रवर्तक लच्छीराम माने जाते हैं। 

✍️ सही उत्तर है – लच्छीराम 

'मारवाड़ म्यूरल्स' के लेखक कौन हैं

[वरिष्ठ अध्यापक 19.02.2019]

  • सावंतसिंह

  • रामावतार अग्रवाल 

  • जयसिंह नीरज 

  • महाराजा बख्तसिंह 

🔹 व्याख्या

👉 ‘मारवाड़ म्यूरल्स’ राजस्थान की भित्तिचित्र कला पर आधारित एक प्रसिद्ध शोध ग्रंथ है।
👉 इसके रचयिता डॉ. रामावतार अग्रवाल हैं। 

✍️ सही उत्तर है – रामावतार अग्रवाल 

निम्न में से किस ग्रन्थ की रचना महाराणा कुम्भा ने नहीं की ? 

[सहायक कृषि अधिकारी 28.08.2022]

  • संगीत मीमांसा 

  • संगीत राज 

  • सूड प्रबन्ध 

  • संगीत रत्नाकर 

🔹 व्याख्या

👉 महाराणा कुम्भा मेवाड़ के प्रसिद्ध संगीतज्ञ एवं ग्रंथकार थे।
👉 उन्होंने संगीतराज, संगीत मिमांसा, रसिक प्रिया टीका और सूड प्रबन्ध जैसी रचनाएँ कीं।
👉 ‘संगीत रत्नाकर’ नामक ग्रन्थ शारंगदेव की रचना है, न कि महाराणा कुम्भा की।
👉 अतः यह युग्म असत्य है।

✍️ सही उत्तर है – संगीत रत्नाकर 

'हरि पिंगल प्रबन्ध' नामक जीवनचरित्र विषयक और छन्दःशास्त्र पर आधारित काव्य के लेखक कौन हैं ? 

[कृषि अधिकारी 30.08.2022] 

  • कल्याणदास भाट 

  • ईसर दान 

  • जोगीदास कुंवारिया 

  • भाव भट्ट 

🔹 व्याख्या

👉 जोगीदास कुंवारिया डिंगल भाषा के प्रसिद्ध कवि और ग्रंथकार थे।
👉 उन्होंने जीवनचरित्र और छन्दशास्त्र से संबंधित कृति ‘हरि पिंगल प्रबन्ध’ की रचना की।
👉 यह ग्रन्थ छन्दों की दृष्टि से महत्वपूर्ण काव्यात्मक रचना है।
👉 इसमें डिंगल काव्य की रचनाशैली और लक्षणों का विस्तृत वर्णन है।

✍️ सही उत्तर है – जोगीदास कुंवारिया 

निम्नलिखित में कौन सा एक युग्म सही सुमेलित नहीं है ? 

        पुस्तकें -         लेखक 

(A) नेह तरंग -         सवाई प्रतापसिंह

(B) नागदमण          सांयाजी झूला 

(C) रणमल छन्द      श्रीधर व्यास 

(D) भाषा भूषण      महाराजा जसवंत सिंह

[RAS Pre. 27.10.2021]

  • D

  • C

  • B

  • A

🔹 व्याख्या

👉 ‘नेह तरंग’ ग्रंथ के रचयिता राव राजा बुद्धसिंह (बूँदी) थे, न कि सवाई प्रतापसिंह।
👉 ‘नागदमण’ की रचना सांयाजी झूला ने की थी।
👉 ‘रणमल्ल छन्द’ के रचयिता श्रीधर व्यास थे।
👉 ‘भाषा भूषण’ ग्रंथ की रचना महाराजा जसवंत सिंह ने की थी।
👉 अतः युग्म (A) नेह तरंग – सवाई प्रतापसिंह असुमेलित है।

✍️ सही उत्तर है – A 

निम्नलिखित में से कौन राजस्थान के चारण साहित्यकार नहीं है ? 

[Head Master 02.09.2018]

  • जयमल 

  • बिठू मेहा 

  • पसाईत 

  • पृथ्वीराज राठोड़ 

🔹 व्याख्या

👉 चारण साहित्यकार राजस्थान के वे कवि थे जिन्होंने वीर, भक्ति और शृंगार रस पर आधारित रचनाएँ कीं।
👉 प्रमुख चारण कवियों में दूरसा आढ़ा, करणीदान कविया, ईसरदास बारहठ, आसिया बांकीदास, गिरधर आसिया आदि शामिल हैं।
👉 जबकि जयमल कोई चारण साहित्यकार नहीं थे, बल्कि वे राजपूत योद्धा के रूप में प्रसिद्ध थे।
👉 अतः जयमल को चारण साहित्यकारों में शामिल नहीं किया जाता।

✍️ सही उत्तर है – जयमल 

निम्न में से किसने 'ईश्वर विलास महाकाव्य' लिखा था ? 

[PTI Grade -II (RPSC) 30.04.2023]

  • कृष्ण भट्ट 

  • शिवानन्द गोस्वामी 

  • रत्नाकर भट्ट 

  • मधुसुदन ओझा 

🔹 व्याख्या

👉 कृष्ण भट्ट जयपुर राज्य के प्रसिद्ध कवि और इतिहासकार थे।
👉 उन्होंने जयपुर के राजाओं के इतिहास पर आधारित ‘ईश्वर विलास महाकाव्य’ की रचना की।
👉 इस ग्रन्थ में जयपुर राज्य के राजपुरुषों और उनके कार्यों का वर्णन है।
👉 इसकी मूल पाण्डुलिपि जयपुर सिटी पैलेस (चन्द्र महल) में सुरक्षित है।

✍️ सही उत्तर है – कृष्ण भट्ट 

निम्नलिखित में से किस शैली में मध्यकालीन साहित्यिक रचना 'रसराज' को चित्रण के विषय के रूप में प्रयुक्त किया गया है ?

सहायक आचार्य [22.09.2021]

  • मारवाड़ 

  • मेवाड़ 

  • ढूंढाड

  • बूंदी 

🔹 व्याख्या

👉 मध्यकालीन प्रसिद्ध साहित्यिक रचना ‘रसराज’ को चित्रण के विषय के रूप में मारवाड़ शैली में प्रयुक्त किया गया।
👉 मारवाड़ चित्र शैली राजस्थान की प्रमुख लघु चित्रकला शैलियों में से एक है। 

✍️ सही उत्तर है – मारवाड़  

निम्नांकित में से कौन सा साक्ष्य हल्दीघाटी के युद्ध में महाराणा प्रताप को विजयी मानता है ? 

[कृषि अधिकारी 19.01.2021]

  • राजप्रकाश 

  • राजप्रशस्ति 

  • यह सभी 

  • जगदीश मंदिर प्रशस्ति 

🔹 व्याख्या

👉 ‘राजप्रकाश’ ग्रन्थ में मेवाड़ के शासकों की वंशावली और युद्ध वर्णन मिलता है।
👉 इस ग्रन्थ में हल्दीघाटी के युद्ध में महाराणा प्रताप को विजयी बताया गया है।
👉 यह ग्रन्थ किशोरदास राव द्वारा रचित है।
👉 इसमें महाराणा प्रताप के पराक्रम और स्वाभिमान की प्रशंसा की गई है।

✍️ सही उत्तर है – यह सभी  

ख्यात के विषय में निम्नलिखित में से कौन सा कथन असत्य है ?

[LDC (RPSC) 2011]

  • ख्यात ग्रंथों से इतिहास के विषय में महत्वपूर्ण जानकारी मिलती है। 

  • ख्यातों को भाट लोग संभालते थे। 

  • ख्यात शब्द संस्कृत के ख्याति शब्द से निसृत हुआ है। 

  • अनेक ख्यातें राज्य संरक्षण में लिखी गई थीं। 

🔹 व्याख्या

👉 ख्यात राजस्थान के इतिहास लेखन की प्रमुख विधा है।
👉 ख्यातों का लेखन कार्य मुख्यतः विद्वान इतिहासकारों और ख्यातकारों द्वारा किया गया।
👉 इनका उद्देश्य था राजाओं के कार्यों और घटनाओं का क्रमबद्ध विवरण देना।
👉 भाट लोग ख्यात नहीं, बल्कि वंशावली और बहियाँ संभालते थे।

✍️ सही उत्तर है – ख्यातों को भाट लोग संभालते थे। 

निम्नलिखित किस ग्रन्थ में अलाउद्दीन खलजी की जालौर विजय का विवरण मिलता है ?  

[वरिष्ठ अध्यापक (Spl Edu) 07.02.2018]

  • कान्हड़देव प्रबन्ध  

  • हाला झाला री कुण्डलियाँ  

  • कुवलयमाला  

  • नागदमण  

🔹 व्याख्या

👉 ‘कान्हड़देव प्रबन्ध’ राजस्थानी साहित्य की एक प्रसिद्ध ऐतिहासिक आख्यान रचना है।
👉 इसके रचयिता पद्मनाभ कवि थे।
👉 इस ग्रंथ में जालौर के चौहान शासक कान्हड़देव सोनगरा और अलाउद्दीन खिलजी के युद्ध का विस्तृत वर्णन मिलता है।
👉 इसमें अलाउद्दीन की जालौर विजय का सजीव चित्रण किया गया है।

✍️ सही उत्तर है – कान्हड़देव प्रबन्ध 

'अचलदास खींची री वचनिका' के लेखक हैं - 

[RAS Pre. 01.10.2023]

  • गोपाल दान कविया 

  • चारण शिवदास 

  • रामनाथ कविया 

  • केसरी सिंह बारहठ 

🔹 व्याख्या

👉 ‘अचलदास खींची री वचनिका’ राजस्थानी साहित्य की प्रसिद्ध डिंगल रचना है।
👉 इसके रचयिता चारण शिवदास गाडण थे।
👉 यह कृति गद्य-पद्य मिश्रित (चम्पू काव्य) शैली में लिखी गई है।
👉 इसमें गागरोन के शासक अचलदास खींची और माण्डू के सुल्तान होसंगशाह गौरी के युद्ध का सजीव वर्णन है।
👉 कवि ने इस युद्ध को स्वयं देखा, इसलिए इसका चित्रण अत्यंत यथार्थ और प्रभावशाली है।

✍️ सही उत्तर है – चारण शिवदास 

राजस्थानी साहित्य विषयक लेखक एवं उसकी पुस्तक के संबंध में निम्नांकित जोड़ों में से कौनसा एक जोड़ा सही सुमेलित नहीं है ? 

[स्कूल व्याख्याता 21.10.2022]

  • सांदू माला झूलणा दीवानजी रा-  श्री प्रतापसिंह 

  • बीठू मेहा - पाबूजी रा छन्द 

  • दुरसा आढ़ा - विरुद छहतरी 

  • ईसर दास - सूरज प्रकाश

🔹 व्याख्या

👉 ईसरदास बारहठ की प्रमुख रचनाएँ हैं – हरिरस, देवियाण, और हालां झालां री कुण्डलियाँ।
👉 जबकि ‘सूरज प्रकाश’ ग्रंथ के रचयिता करणीदान कविया थे।
👉 इस कृति में राठौड़ों की 13 शाखाओं, सुमेल व धरमत युद्धों, तथा मुगल दरबार की घटनाओं का वर्णन है। 

✍️ सही उत्तर है – ईसरदास – सूरज प्रकाश 

17वीं शताब्दी की रचना राज प्रशस्ति महाकाव्य के रचयिता थे-  

वरिष्ठ अध्यापक 2010 पेपर -I GK (हिन्दी)

  • गरीबदास 

  • दुर्गा आढा 

  • रणछोड़ भट्ट 

  • केशव दास 

🔹 व्याख्या

👉 रणछोड़ भट्ट मेवाड़ के प्रसिद्ध कवि और इतिहासकार थे।
👉 उन्होंने 17वीं शताब्दी में ‘राजप्रशस्ति महाकाव्य’ की रचना की।
👉 यह ग्रन्थ राजसमंद झील की पाल पर 25 शिलालेखों में अंकित है।
👉 इसमें मेवाड़ के शासकों का इतिहास और पराक्रम वर्णित है।

✍️ सही उत्तर है – रणछोड़ भट्ट 

निम्नलिखित में से कौन सा ग्रन्थ कुम्भा की रचना नहीं है ? 

[RAS Pre. 31.10.2015]

  • सुधा प्रबंध 

  • नृत्यरत्नकोष

  • कलानिधि

  • रसिकप्रिया

🔹 व्याख्या

👉 महाराणा कुम्भा कला, संगीत और साहित्य के महान ज्ञाता थे।
👉 उनकी प्रमुख रचनाएँ हैं – संगीत राज, संगीत मिमांसा, रसिक प्रिया टीका, और कामराज रतिसार।
👉 जबकि ‘कलानिधि’ ग्रंथ गोविन्द (मण्डन के पुत्र) की रचना है।
👉 अतः यह कृति कुम्भा की नहीं मानी जाती।

✍️ सही उत्तर है – कलानिधि 

दयालदास री ख्यात में प्रमुखतः किस राज्य का इतिहास वर्णित है ? 

[सहायक कृषि अधिकारी 27.08.2022]

  • जैसलमेर 

  • जोधपुर 

  • बीकानेर 

  • डूंगरपुर 

🔹 व्याख्या

👉 दयालदास सिंढायच बीकानेर राज्य के दरबारी कवि और इतिहासकार थे।
👉 उनकी प्रसिद्ध रचना ‘दयालदास री ख्यात’ में बीकानेर राज्य का इतिहास वर्णित है।
👉 इसमें राव बीका से लेकर महाराजा सरदारसिंह (1851 ई.) तक का क्रमबद्ध विवरण है।
👉 यह ख्यात बीकानेर रा राठौड़ां री ख्यात नाम से भी जानी जाती है।

✍️ सही उत्तर है – बीकानेर 

नाटक 'ललित विग्रह राज' की रचना की गई 

[वरिष्ठ अध्यापक 17.02.2019]

  • हेमचन्द्र सूरि द्वारा

  • चन्द बरदाई द्वारा 

  • राजशेखर द्वारा 

  • सोमेन्द्र द्वारा

🔹 व्याख्या

👉 ‘ललित विग्रहराज’ एक प्रसिद्ध संस्कृत नाटक है।
👉 इसके रचयिता सोमेन्द्र (सोमदेव) थे।
👉 यह नाटक अजमेर के चौहान शासक विग्रहराज चतुर्थ के जीवन पर आधारित है।
👉 इसमें उनके वीरता, काव्यप्रेम और नीतिपरायणता का सुंदर चित्रण किया गया है।

✍️ सही उत्तर है – सोमेन्द्र द्वारा

बाबर के पुत्र कामरान और बीकानेर नरेश के मध्य युद्ध का वर्णन किस ग्रंथ में मिलता है ? 

[कृषि अधिकारी 29.08.2022]

  • हरि रस 

  • भक्तमाल 

  • राव जैतसी रो छन्द 

  • हाला-- झाला 

🔹 व्याख्या

👉 बीठू सूजा बीकानेर के प्रसिद्ध डिंगल कवि थे।
👉 उन्होंने अपनी रचना ‘राव जैतसी रो छन्द’ में ऐतिहासिक घटनाओं का वर्णन किया।
👉 इस ग्रन्थ में बाबर के पुत्र कामरान और बीकानेर नरेश राव जैतसी के मध्य हुए युद्ध का वर्णन है।
👉 यह कृति बीकानेर के राजकीय साहस और पराक्रम का उत्कृष्ट उदाहरण है।

✍️ सही उत्तर है – राव जैतसी रो छन्द 

सुमेलित कीजिये 

    पुस्तक               लेखक

A. हम्पिरायण          i. बादर

B. वीरमायण           ii. मंछाराम सेवग 

C. रघुनाथ रूपक     iii. दुरसा आढ़ा

D. किरतार बावणी   iv. भाण्डऊ व्यास 

[RAS Pre. 31.10.2015]

कूट : 

    A    B     C     D 

  • iii     i     iv    ii

  • iv     i     ii    iii

  • iii    i     ii     iv 

  • ii    i     iv     iii 

🔹 व्याख्या

👉 ‘हम्मीरायण’ ग्रंथ के रचयिता भाण्डऊ व्यास थे।
👉 ‘वीरमायण’ की रचना बादर ढाढी ने की थी।
👉 ‘रघुनाथ रूपक’ के रचयिता मंछाराम सेवग थे।
👉 ‘किरतार बावणी’ की रचना दूरसा आढ़ा ने की थी।
👉 ये सभी कृतियाँ राजस्थानी चारण साहित्य की प्रसिद्ध रचनाएँ हैं।

✍️ सही उत्तर है – A–iv, B–i, C–ii, D–iii 

निम्न में से कौन राजस्थानी काव्य 'भरतेश्वर 'बाहुबली घोर' के रचयिता हैं ? 

[सहायक कृषि अधिकारी 27.08.2022]

  • कृपाराम 

  • शिवदास 

  • वज्रसेन सूरी 

  • चन्दबरदाई 

🔹 व्याख्या

👉 ‘भरतेश्वर बाहुबली घोर’ राजस्थानी भाषा की सबसे प्राचीन रचना मानी जाती है।
👉 इसकी रचना वज्रसेन सूरी ने संवत् 1125 में की थी।
👉 यह रचना मारू-गुर्जर भाषा में लिखी गई है।
👉 इसमें भरतेश्वर और बाहुबली के युद्ध का वर्णन एवं वीर और शान्त रस का सुंदर चित्रण है।

✍️ सही उत्तर है – वज्रसेन सूरी 

किस तमिल महाकाव्य में कोवलन और माधवी की कथा दी गयी है ? 

[Head Master 11.10.2021]

  • मेघदूत 

  • जीवक चिन्तामणि 

  • शिलप्पादिकारम 

  • मणिमेखलै 

🔹 व्याख्या

👉 ‘शिलप्पादिकारम’ तमिल भाषा का एक प्रसिद्ध महाकाव्य है।
👉 इस कृति में कोवलन और माधवी की प्रेम कथा का विस्तृत वर्णन है। 

✍️ सही उत्तर है – शिलप्पादिकारम 

'वेलि-कृष्ण-रूकमणी री' के लेखक थे -  

वरिष्ठ अध्यापक 2010 पेपर -I GK (SST)

  • प्रतापसिंह महाराजा

  • श्री ईसरदास 

  • बांकीदास 

  • पृथ्वीराज 

🔹 व्याख्या

👉 पृथ्वीराज राठौड़ बीकानेर के शासक राव कल्याणमल के पुत्र थे।
👉 ये उच्च कोटि के कवि और विष्णु भक्त थे।
👉 इनकी प्रसिद्ध रचना ‘वेलि कृष्ण रूकमणी री’ डिंगल शैली में लिखी गई है।
👉 इसमें कृष्ण और रूकमणी की प्रेम कथा का भावपूर्ण वर्णन है।

✍️ सही उत्तर है – पृथ्वीराज 

निम्नलिखित में से गलत युग्म की पहचान कीजिए : 

[PTI Grade -II (RPSC) 2011]

  • वंश भास्कर : हेमरत्न 

  • कान्हडदे प्रबन्ध प्रद्मनाभ 

  • हम्मीर काव्य : नयनचन्द्र सूरी

  • वीर विनोद : श्यामलदास

🔹 व्याख्या

👉 ‘वंश भास्कर’ की रचना सूर्यमल्ल मिश्रण ने की थी।
👉 यह बूंदी रियासत का ऐतिहासिक महाकाव्य है जिसमें हाड़ा चौहानों का वर्णन है।
👉 हेमरत्न जैन कवि थे जिन्होंने ‘गोरा-बादल पद्मिणी चौपाई’ जैसी रचनाएँ कीं।
👉 अतः ‘वंश भास्कर : हेमरत्न’ का युग्म असत्य है।

✍️ सही उत्तर है – वंश भास्कर : हेमरत्न 

विजयदान देथा के बारे में अधोलिखित कथनों पर विचार कीजिए : 

(A) विजयदान देथा राजस्थान के प्रसिद्ध लेखक थे, जिनकी कहानी चरणदास चोर नामक नाटक के रूप में रूपान्तरित की गयी।

(B) विजयदान देथा रूपायण संस्थान के सह-संस्थापक थे। 

[RAS Pre. 05.08.2018]

निम्नलिखित कूट में से सही उत्तर चुनिए :

  • न तो (A) ना ही (B) सत्य है

  • केवल (A) सत्य है ।

  • केवल (B) सत्य है । 

  • दोनों (A) और (B) सत्य हैं ।

🔹 व्याख्या

👉 विजयदान देथा (बिज्जी) राजस्थान के प्रसिद्ध कथाकार और लोककथाकार थे।
👉 उनकी प्रसिद्ध कहानी ‘दुविधा’ को हबीब तनवीर ने ‘चरणदास चोर’ नाटक के रूप में रूपांतरित किया।
👉 वे कुमारकोमल कोठारी के साथ ‘रूपायन संस्थान, बोरूंदा (जोधपुर) के सह-संस्थापक भी थे।
👉 दोनों ही कथन सही हैं और विजयदान देथा के साहित्यिक एवं सांस्कृतिक योगदान को दर्शाते हैं।

✍️ सही उत्तर है – दोनों (A) और (B) सत्य हैं। 

'कान्हड़ दे प्रबन्ध' नामक काव्य का लेखक कौन है ? 

[उपनिरीक्षक (SI) 13.09.2021]

  • पद्मनाभ 

  • भट्ट जगजीवन 

  • पं. जीवाधर 

  • वीरभाण 

🔹 व्याख्या

👉 ‘कान्हड़दे प्रबन्ध’ राजस्थानी साहित्य की प्रसिद्ध ऐतिहासिक आख्यान रचना है।
👉 इसके रचयिता पद्मनाभ कवि थे।
👉 इस ग्रंथ में जालौर के चौहान शासक कान्हड़देव और अलाउद्दीन खिलजी के युद्ध का विस्तृत वर्णन है।
👉 यह कृति वीर रस और देशभक्ति भावना से परिपूर्ण है।

✍️ सही उत्तर है – पद्मनाभ 

निम्नलिखित में से कौन सा युग्म सुमेलित है ? 

RAS Pre. 28.08.2016

    नाम              ग्रंथ (संगीत) 

  • पंडित भावभट्ट  ― संगीतराज 

  • उस्ताद चाँद खान  ― राग चंद्रिका 

  • कुम्भा  ―राग कल्पद्रुम

  • पुंडरीक विठ्ठल  ― रागमाला

🔹 व्याख्या

👉 ‘रागमाला’ भारतीय संगीत पर आधारित एक प्रसिद्ध संगीत ग्रंथ है।
👉 इसके रचयिता पुंडरीक विठ्ठल थे। 

✍️ सही उत्तर है – पुंडरीक विठ्ठल – रागमाला