निम्नलिखित बहियों में से किन बहियों में राजकीय भवनों के निर्माण का विस्तृत विवरण मिलता है ? 

[Asst. Prof. (History) 24.09.2021]

  • शहर लेखा बही 

  • कमठाना बहियाँ 

  • हक़ीकत बहियाँ 

  • हवाला बहियाँ 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान के ऐतिहासिक बहियों में अनेक विषयों का विस्तृत विवरण मिलता है।
👉 ‘कमठाना बहियाँ’ में विशेष रूप से राजकीय भवनों के निर्माण कार्यों का उल्लेख है।
👉 इन बहियों में निर्माण की लागत, सामग्री, कारीगरों और योजनाओं का विवरण दिया गया है।
👉 ये बहियाँ राजस्थान की स्थापत्य कला और प्रशासनिक इतिहास के महत्त्वपूर्ण स्रोत हैं।

✍️ सही उत्तर है – कमठाना बहियाँ 

"पोपा बाई री पोल एवं मारवाड़ की अवस्था” नामक पुस्तकें किसने लिखी थी ?  

[अनुसंधान अधिकारी पुरा. 04.08.2024]

  • तेज कवि 

  • अर्जुन लाल सेठी 

  • जय नारायण व्यास 

  • हीरालाल शास्त्री 

🔹 व्याख्या

👉 जय नारायण व्यास राजस्थान के प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी और लेखक थे।
👉 उन्होंने ब्रिटिश शासन के विरुद्ध कई राजनीतिक और सामाजिक रचनाएँ कीं।
👉 उनकी प्रसिद्ध कृतियाँ ‘पोपा बाई री पोल’ और ‘मारवाड़ की अवस्था’ हैं।
👉 इन पुस्तकों में उन्होंने औपनिवेशिक अत्याचारों और जनजागरण का चित्रण किया है।

✍️ सही उत्तर है – जय नारायण व्यास 

निम्न में से कौन सा युग्म सही सुमेलित नहीं है ?

           लेखक     —    रचना

A. शिवदास गाडन - अचलदास री वचनिका

B. दुरसा आढ़ा - किरतार बावनी

C. पृथ्वीराज राठौड़ - गंगा लहरी

[A.En (Pre) EXAM 28.09.2025]

  • केवल B

  • A व C

  • B व C

  • केवल C

🔹 व्याख्या:

👉 शिवदास गाडन – अचलदास री वचनिका — यह युग्म सही सुमेलित है।
👉 दुरसा आढ़ा – किरतार बावनी — यह भी सही सुमेलित है।
👉 पृथ्वीराज राठौड़ – गंगा लहरी युग्म गलत है, क्योंकि ‘गंगा लहरी’ की रचना बलराम दास और पद्माकर ने की थी।
👉 पृथ्वीराज राठौड़ की प्रसिद्ध रचनाएँ ‘वेली कृष्ण रुक्मिणी री’ और ‘दुकनिका’ हैं, न कि ‘गंगा लहरी’।

✍️ सही उत्तर है – केवल C 

निम्न में से कौन सी संगीत की साहित्यिक रचना महाराणा कुम्भा द्वारा रचित नहीं है ? 

[Protection Officer 29.05.2019]

  • कला निधि 

  • सुधा प्रबन्ध 

  • संगीत राज 

  • संगीत मीमांसा 

🔹 व्याख्या

👉 महाराणा कुम्भा ने संगीत पर अनेक प्रसिद्ध ग्रन्थ लिखे — जैसे ‘संगीतराज’, ‘संगीत मिमांसा’, ‘सूड प्रबन्ध’ और ‘रसिकप्रिया टीका’।
👉 जबकि ‘कलानिधि’ ग्रन्थ गोविन्द (मण्डन का पुत्र) द्वारा रचित है।
👉 यह वास्तुकला एवं स्थापत्य कला से संबंधित कृति है, न कि कुम्भा की।
👉 अतः ‘कलानिधि’ महाराणा कुम्भा द्वारा रचित नहीं है।

✍️ सही उत्तर है – कला निधि 

'मारवाड़ रा परगना री विगत' का लेखक कौन था ? 

[SI (मोटर वाहन) 2013] 

  • बाँकीदास 

  • मुहणोत नैणसी 

  • करणीदान 

  • अचलदास 

🔹 व्याख्या

👉 ‘मारवाड़ रा परगना री विगत’ के रचयिता मुहणोत नैणसी थे।
👉 यह ग्रन्थ जोधपुर राज्य का भौगोलिक और प्रशासनिक विवरण प्रस्तुत करता है।
👉 इसमें मारवाड़ के सात परगनों की जनसंख्या, फसलें, भूमि और सिंचाई का विस्तृत वर्णन है।
👉 इसे जोधपुर राज्य का ‘गजेटियर’ भी कहा जाता है।

✍️ सही उत्तर है – मुहणोत नैणसी 

निम्न में से 'राजविलास' के रचनाकार कौन हैं ?  

[Deputy Jailor Exam 13.07.2025]

  • मान 

  • कुशललाभ 

  • जोधराज 

  • वीरभाण 

🔹 व्याख्या

👉 ‘राजविलास’ एक प्रसिद्ध वीर रसप्रधान ऐतिहासिक काव्य है।
👉 इसके रचयिता कवि मान (मानसिंह) थे।
👉 इस ग्रन्थ में महाराणा राजसिंह और औरंगज़ेब के युद्धों का विस्तृत वर्णन है।
👉 यह रचना मेवाड़ की वीरता और स्वाभिमान का उत्कृष्ट उदाहरण है।

✍️ सही उत्तर है – मान 

निम्न में से कौनसी रचना दयालदास की नहीं है ?  

[Asst. Testing Officer 08.07.2025]

  • दातार बावनी 

  • जस रत्नाकर 

  • सुजस बावनी 

  • अजस इक्कीसी 

🔹 व्याख्या

👉 दयालदास सिंढायच बीकानेर राज्य के प्रसिद्ध इतिहासकार और कवि थे।
👉 उनकी प्रमुख रचनाएँ हैं — ‘बीकानेर रै राठौड़ां री ख्यात’, ‘देश दर्पण’, और ‘आर्याख्यान कल्पद्रुम’।
👉 जबकि ‘दातार बावनी’ रचना आसिया बाँकीदास की है, न कि दयालदास की।
👉 अतः यह युग्म सुमेलित नहीं है।

✍️ सही उत्तर है – दातार बावनी 

निम्नलिखित को सुमेलित कीजिए और नीचे दिये गये कूट में से सही उत्तर का चयन कीजिए -  

[सहायक सांख्यिकी अधि. 25.08.2024]

(लेखक) 

(लेखन) 

(A) कान्हा व्यास 

(i) द्वारदीपिका 

(B) नाथा 

(ii) एकलिंग महात्म्य 

(C) गोविन्द 

(iii) कीर्तिस्तंभ प्रशस्ति 

(D) अत्रि एवं महेश 

(iv) वास्तुमञ्जरी

 कूट -

  • A-(ii), B-(iii), C-(iv), D-(i)

  • A-(ii), B-(iv), C-(i), D-(iii)

  • A-(i), B-(ii), C-(iii), D-(iv) 

  • A-(iii), B-(iv), C-(ii), D-(i)

🔹 व्याख्या

👉 कान्हा व्यास की प्रसिद्ध रचना ‘एकलिंग महात्म्य’ है।
👉 नाथा ने ‘वास्तुमञ्जरी’ नामक स्थापत्य कला पर आधारित ग्रन्थ लिखा।
👉 गोविन्द की रचना ‘द्वारदीपिका’ है, जो वास्तुशास्त्र से संबंधित है।
👉 अत्रि एवं महेश द्वारा रचित ग्रन्थ ‘कीर्तिस्तंभ प्रशस्ति’ है।

✍️ सही उत्तर है – A-(ii), B-(iv), C-(i), D-(iii) 

‘सिद्धान्त सार कौस्तुभ' नामक ग्रंथ की रचना किसने की थी ?

[Asst. Prof. (Paper -III) 07.12.2025]

  • केवलराम

  • श्री कृष्ण भट्ट

  • जगन्नाथ

  • पुण्डरीक भट्ट

🔹 व्याख्या

👉 ‘सिद्धान्त सार कौस्तुभ’ एक प्रमुख ग्रंथ है।
👉
इसकी रचना जगन्नाथ द्वारा की गई।
👉
वे प्रसिद्ध विद्वान/लेखक थे।

✍️ सही उत्तर है – जगन्नाथ

'जगतसिंह काव्य' के रचयिता कौन थे ? 

[खाध्य सुरक्षा अधिकारी 25.11.2019]

  • रणछोड़ भट्ट 

  • रघुनाथ  

  • पं. जीवाधर 

  • जगत सिंह 

🔹 व्याख्या

👉 ‘जगतसिंह काव्य’ एक प्रसिद्ध ऐतिहासिक कृति है।
👉 इसके रचयिता कवि रघुनाथ थे।
👉 इस काव्य में महाराणा जगतसिंह के शासनकाल की घटनाओं का वर्णन है।
👉 यह रचना मेवाड़ की राजनीतिक और सांस्कृतिक स्थिति पर प्रकाश डालती है।

✍️ सही उत्तर है – रघुनाथ 

निम्नलिखित में से कौन सा एक युग्म सुमेलित नहीं है ? 

[वरिष्ठ अध्यापक (ग्रुप- B) 08.09.2025]

        ग्रंथ  :  लेखक 

  • बुद्धिविलास : बख्तराम साह 

  • राजविलास : कवि मान 

  • विजयविलास : विशन सिंह बारहठ 

  • भीमविलास : कवि जदुनाथ 

🔹 व्याख्या:

👉 भीमविलास – कवि जदुनाथ का युग्म सुमेलित नहीं है।
👉 भीमविलास की रचना कवि जदुनाथ द्वारा नहीं की गई थी।
👉 इसलिए यह युग्म गलत (असत्य) मिलान के रूप में माना जाता है।

✍️ सही उत्तर है – भीमविलास : कवि जदुनाथ 

निम्नलिखित में से "गौरा बादल पद्मिनी चौपाई ” के लेखक कौन थे ? 

[Asst. Prof. (History) 24.09.2021]

  • करनीदान 

  • हेमरतन 

  • काका सूर 

  • कवि मान 

🔹 व्याख्या

👉 ‘गोरा-बादल पद्मिनी चौपाई’ एक प्रसिद्ध जैन काव्य रचना है।
👉 इसके रचयिता हेमरतन सूरी थे।
👉 इस काव्य में चित्तौड़ की रानी पद्मिनी की कथा और गोरा-बादल की वीरता का वर्णन है।
👉 इसमें राजपूतों की युद्ध प्रणाली और शौर्य परंपरा का सजीव चित्रण किया गया है।

✍️ सही उत्तर है – हेमरतन सूरी 

वंश भास्कर का रचनाकार कोन है ?

[स्टेनोग्राफर (RPSC) 2011]

  • रामकरण

  • सूर्यमल्ल मिश्रण

  • बाँकीदास 

  • गौरीशकर ओझा 

🔹 व्याख्या

👉 ‘वंश भास्कर’ एक प्रसिद्ध ऐतिहासिक महाकाव्य है।
👉 इसके रचयिता सूर्यमल्ल मिश्रण बूंदी रियासत के राजकवि थे।
👉 इस ग्रन्थ में हाड़ा चौहानों के इतिहास और वीरता का विस्तृत वर्णन है।
👉 इसे राजस्थानी साहित्य का महाभारत भी कहा जाता है।

✍️ सही उत्तर है – सूर्यमल्ल मिश्रण 

अधोलिखित को सुमेलित कीजिए :

लेखक

ग्रंथ 

I. श्रीधर 

A. रणमल्ल छंद 

II. नरपति नाल्ह 

B. विजयपाल रासो 

III. नल्ल सिंह 

C. बीसलदेव रासो 

IV. बादर 

D. वीरमायण 

[पशु चिकित्सा अधिकारी 02.08.2020]

 सही कूट का चुनाव कीजिए : 

            I II  III IV 

  • D  B  C  A 

  • D  C  B  A 

  • A B  C  D 

  • A  C  B  D 

🔹 व्याख्या

👉 श्रीधर ने ‘रणमल्ल छन्द’ की रचना की।
👉 नरपति नाल्ह की प्रसिद्ध रचना ‘बीसलदेव रासो’ है।
👉 नल्हसिंह ने ‘विजयपाल रासो’ लिखा।
👉 बादर ढाढ़ी की प्रसिद्ध रचना ‘वीरमायण’ है।

✍️ सही उत्तर है – I–A, II–C, III–B, IV–D 

निम्नलिखित में से जॉर्ज थॉमस द्वारा "राजस्थान" के लिए सर्वप्रथम किन शब्दों का प्रयोग किया गया था ? 

[Asst. Town Planner 16.06.2023]

  • मत्स्य प्रदेश 

  • राजपूताना 

  • मरुभूमि 

  • राजस्थान

🔹 व्याख्या

👉 ब्रिटिश अधिकारी जॉर्ज थॉमस ने अपने ऐतिहासिक विवरणों में सबसे पहले ‘राजपूताना’ शब्द का प्रयोग किया।
👉 यह शब्द राजस्थान क्षेत्र के राजपूत राज्यों के समूह के लिए प्रयुक्त हुआ।
👉 बाद में इसी शब्द का उपयोग कर्नल जेम्स टॉड ने भी अपनी पुस्तक ‘Annals and Antiquities of Rajasthan’ में किया।
👉 ‘राजपूताना’ शब्द से ही आगे चलकर प्रदेश का नाम ‘राजस्थान’ पड़ा।

✍️ सही उत्तर है – राजपूताना 

निम्न में से कौन से कथन 'नैणसी - री ख्यात' के सम्बन्ध में सही हैं ? 

(I) नैणसी ने राजकीय संरक्षण से दूर रहकर अपने ग्रन्थ की रचना की। 

(II) नैणसी ने प्रस्तुत तथ्यों के स्त्रोतों का उल्लेख किया है। 

(III) 'नैणसी - री - ख्यात' की भाषा मारवाड़ी है।  

[पुरालेखपाल परीक्षा 03.08.2024]

  • II, III 

  • I, III 

  • I, II 

  • I, II, III 

🔹 व्याख्या

👉 मुहणोत नैणसी जोधपुर राज्य के दीवान और इतिहासकार थे।
👉 उन्होंने ‘नैणसी री ख्यात’ का लेखन स्वतंत्र रूप से, राजकीय संरक्षण से दूर रहकर किया।
👉 इस ग्रन्थ में उन्होंने प्रस्तुत तथ्यों के स्रोतों का स्पष्ट उल्लेख किया है।
👉 इसकी भाषा मारवाड़ी (डिंगल रूप) मानी जाती है।

✍️ सही उत्तर है – I, II, III 

निम्नलिखित में से दयाल दास की रचना/रचनाएँ कौनसी है/हैं ? 

(A) बीकानेर रे राठौड़ो री ख्यात 

(B) देश दर्पण 

(C) आर्याख्यान कल्पद्रुम  

[वरिष्ठ अध्यापक (पेपर -I) 29.12.2024]

कूट –

  • केवल B 

  • A और C 

  • केवल A 

  • A, B और C 

🔹 व्याख्या

👉 दयालदास सिंढायच बीकानेर राज्य के दरबारी कवि और इतिहासकार थे।
👉 उनकी प्रमुख रचना ‘बीकानेर रै राठौड़ां री ख्यात’ है, जिसमें बीकानेर के इतिहास का वर्णन है।
👉 इसके अतिरिक्त उन्होंने ‘देश दर्पण’ और ‘आर्याख्यान कल्पद्रुम’ जैसी कृतियाँ भी लिखीं।
👉 इन सभी रचनाओं में बीकानेर की राजनीतिक, सामाजिक और सांस्कृतिक झलक मिलती है।

✍️ सही उत्तर है – A, B और C 

सूची-I व सूची-II का मिलान कीजिए और नीचे दिए गए कूट के आधार पर सही उत्तर चुनिए 

       सूची-I                  सूची-II 

(पुस्तकों के नाम)   (लेखकों के नाम) 

(A) श्रृंगार हार         (i) कुम्भा 

(B) राग मंजरी        (ii) हम्मीर 

(C) संगीत मीमांसा  (iii) पं. भावभट्ट

(D) भाव मंजरी      (iv) पुण्डरीक विट्ठल

[स. सांख्यिकी अधिकारी 08.07.2022]

कूट ― 

            A     B     C     D 

  • (i)     (ii)     (iii)     (iv) 

  • (i)     (iv)     (ii)     (iii) 

  • (iii)     (ii)     (i)     (iv) 

  • (ii)     (iv)     (i)     (iii) 

🔹 व्याख्या

👉 ‘शृंगार हार’ ग्रन्थ के रचयिता हम्मीर थे।
👉 ‘राग मंजरी’ की रचना पुण्डरीक विट्ठल ने की।
👉 ‘संगीत मिमांसा’ ग्रन्थ महाराणा कुम्भा द्वारा रचित है।
👉 ‘भाव मंजरी’ के लेखक पंडित भावभट्ट हैं।

✍️ सही उत्तर है – (ii), (iv), (i), (iii) 

निम्न में से कौन सा विकल्प सही सुमेलित नहीं है ?  

[RAS Pre परीक्षा 02.02.2025]

  • खुमाण रासो - करणीदान 

  • बीसलदेव रासो - नरपति

  • शत्रुसाल रासो - डूंगरसिंह

  • पृथ्वीराज रासो - चंदरबरदाई 

🔹 व्याख्या

👉 ‘खुमाण रासो’ की रचना दलपत (दौलत) विजय ने की थी।
👉 यह ग्रन्थ मेवाड़ के राजाओं के वीरता और युद्धों पर आधारित है।
👉 करणीदान कविया की प्रसिद्ध कृति ‘सूरज प्रकाश’ है, न कि खुमाण रासो।
👉 अतः ‘खुमाण रासो – करणीदान’ का युग्म सही सुमेलित नहीं है।

✍️ सही उत्तर है – खुमाण रासो – करणीदान 

निम्नांकित में से हमीररासो पुस्तक के लेखक कौन थे ? 

[Asst. Prof. (History) 24.09.2021]

  • जोधराज 

  • नरपति नाल्ह 

  • नायचन्द्र सूरी 

  • चन्द्रशेखर 

🔹 व्याख्या

👉 ‘हम्मीर रासो’ एक प्रसिद्ध वीररस प्रधान काव्य रचना है।
👉 इसके रचयिता जोधराज थे।
👉 इस ग्रन्थ में रणथम्भौर के शासक हम्मीरदेव चौहान के पराक्रम और अलाउद्दीन खिलजी से हुए युद्ध का वर्णन है।
👉 यह रचना राजस्थान की वीर परंपरा और स्वाभिमान का प्रतीक मानी जाती है।

✍️ सही उत्तर है – जोधराज 

सही सुमेलित कीजिए और नीचे दिये गये कूट से उत्तर दीजिए : 

(रचनाकार) 

(साहित्य) 

A. दलपतविजय  

i. हम्मीर रासो 

B. नरपति नाल्ह 

ii. खुमाण रासो 

C. जोधराज 

iii. विजयपाल रासो 

D. नल्लसिंह 

iv. बीसलदेव रासो 

[खाध्य सुरक्षा अधिकारी 25.11.2019]

कूट : 

            A   B   C  D 

  • i  ii  iii  iv  

  • iii  i  ii  iv 

  • ii iv  i  iii 

  • iv iii  ii  i 

🔹 व्याख्या

👉 दलपत (दौलत) विजय ने ‘खुमाण रासो’ की रचना की।
👉 नरपति नाल्ह की प्रसिद्ध रचना ‘बीसलदेव रासो’ है।
👉 जोधराज ने ‘हम्मीर रासो’ लिखा।
👉 नल्हसिंह की कृति ‘विजयपाल रासो’ है।

✍️ सही उत्तर है – A-(ii), B-(iv), C-(i), D-(iii) 

निम्नलिखित में से कौनसा युग्म (लेखक-रचना) सुमेलित नहीं है ?  

[Technical Assistant 07.07.2025]

  • महेश दासोत - रतन जस प्रकाश 

  • ढाढ़ी बादर - वीरमायण 

  • जोगीदास-वरसलपुरगढ़ विजय 

  • माधोदास चरण - रामरासो 

🔹 व्याख्या

👉 ‘रतनजस प्रकाश’ ग्रन्थ के रचयिता सागरदान हैं।
👉 इसमें राजस्थानी इतिहास और नीति से जुड़ी रचनाएँ मिलती हैं।
👉 महेसदासोत की प्रसिद्ध रचना ‘बिन्हैरासो’ है, न कि रतनजस प्रकाश।
👉 अतः ‘महेसदासोत – रतनजस प्रकाश’ का युग्म सुमेलित नहीं है।

✍️ सही उत्तर है – महेसदासोत – रतनजस प्रकाश 

हम्मीर हठ' के लेखक कौन हैं ?

[व्याख्याता (तकनीकी) 12.03.2021]

  • मालदेव 

  • चन्द्रशेखर 

  • जोधराज 

  • महेश 

🔹 व्याख्या

👉 ‘हम्मीर हठ’ एक प्रसिद्ध ऐतिहासिक काव्य रचना है।
👉 इसके रचयिता कवि चन्द्रशेखर हैं।
👉 इस ग्रन्थ में रणथम्भौर के राजा हम्मीरदेव चौहान के पराक्रम और संघर्ष का वर्णन है।
👉 रचना में हम्मीर की वीरता, स्वाभिमान और त्याग का प्रभावशाली चित्रण किया गया है।

✍️ सही उत्तर है – चन्द्रशेखर 

निम्न में से कौन सा युग्म सुमेलित नहीं है ? 

[स. सांख्यिकी अधिकारी 08.07.2022]

            (पुस्तकें)     -    (लेखक) 

  • राजविनोद  - जगजीवन भट्ट 

  • सूरसिंह रऊ छंद - माधोदास चारण 

  • नागदमण  -  सायां झूला

  • जसरत्नाकर  - विट्ठलदास 

🔹 व्याख्या

👉 ‘राजविनोद’ ग्रन्थ के रचयिता सदाशिव भट्ट थे।
👉 इसमें बीकानेर राज्य की सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक परिस्थितियों का वर्णन है।
👉 जगजीवन भट्ट ने संस्कृत में ‘अजीतोदय’ ग्रन्थ की रचना की थी।
👉 अतः ‘राजविनोद – जगजीवन भट्ट’ का युग्म सुमेलित नहीं है।

✍️ सही उत्तर है – राजविनोद – जगजीवन भट्ट 

पं. देबी प्रसाद द्वारा 'राज प्रशस्ति' का किस भाषा में अनुवाद किया गया था ? 

[स्कूल व्याख्याता GK (C) 03.07.2025]

  • राजस्थानी

  • फ़ारसी

  • संस्कृत

  • उर्दू

🔹 व्याख्या

👉 ‘राज-प्रशस्ति महाकाव्य’ मेवाड़ के इतिहास पर आधारित एक संस्कृत काव्य है।
👉 इसका अनुवाद पंडित देबी प्रसाद द्वारा किया गया था।
👉 उन्होंने इस ग्रन्थ का अनुवाद उर्दू भाषा में किया।
👉 इस अनुवाद के माध्यम से यह ग्रन्थ विस्तृत जनसमूह तक पहुँचा।

✍️ सही उत्तर है – उर्दू 

'सूड़ प्रबन्ध' के लेखक हैं : 

[सहायक कृषि अधिकारी 2011]

  • प्रताप 

  • सांगा 

  • राजसिंह 

  • कुम्भा 

🔹 व्याख्या

👉 महाराणा कुम्भा मेवाड़ के विद्वान शासक और संगीतज्ञ थे।
👉 उन्होंने संगीत, नृत्य और काव्य पर अनेक महत्त्वपूर्ण ग्रन्थों की रचना की।
👉 उनकी प्रसिद्ध रचनाओं में ‘संगीतराज’, ‘संगीत मिमांसा’, और ‘सूड़ प्रबन्ध’ प्रमुख हैं।
👉 ‘सूड़ प्रबन्ध’ में गीत गोविन्द के पदों का राग और ताल सहित वर्णन किया गया है।

✍️ सही उत्तर है – कुम्भा 

'राज- प्रशस्ति' कितने प्रस्तर खण्डों पर लिखी गई है ?  

[सहायक आचार्य (इतिहास) 12.09.2024]

  • 30  

  • 25 

  • 35 

  • 20 

🔹 व्याख्या

👉 ‘राज-प्रशस्ति महाकाव्य’ एक प्रसिद्ध संस्कृत शिलालेखीय ग्रन्थ है।
👉 इसकी रचना रणछोड़ भट्ट ने 17वीं शताब्दी में की थी।
👉 यह ग्रन्थ राजसमंद झील की पाल पर उत्कीर्ण है।
👉 इसे कुल 25 प्रस्तर खण्डों (शिलालेखों) पर अंकित किया गया है।

✍️ सही उत्तर है – 25 

बीकानेर के शासकों का विवरण किस ख्यात में मिलता है ?  

[Research Scholar 04.08.2024]

  • दयालदास री ख्यात

  • बांकीदास री ख्यात 

  • महाराजा मानसिंह री ख्यात 

  • नैणसी री ख्यात 

🔹 व्याख्या

👉 ‘दयालदास री ख्यात’ बीकानेर के दरबारी कवि दयालदास सिंढायच द्वारा रचित है।
👉 इसमें बीकानेर राज्य के राठौड़ शासकों का विस्तृत इतिहास मिलता है।
👉 इस ख्यात में राव बीका से लेकर महाराजा सरदारसिंह (1851 ई.) तक का वर्णन है।
👉 इसे ‘बीकानेर रा राठौड़ां री ख्यात’ भी कहा जाता है।

✍️ सही उत्तर है – दयालदास री ख्यात 

______के आध्यात्मिक विचारों को पुस्तकों में संकलित किया गया है, एक का शीर्षक "मंत्र राजप्रकाश" है । 

[Asst. Town Planner 16.06.2023]

  • हरिदास 

  • पीपा 

  • दादूदयाल 

  • लालदास 

🔹 व्याख्या

👉 संत हरिदास जी महाराज निरंजनी सम्प्रदाय के प्रवर्तक संत थे।
👉 उनके उपदेशों और आध्यात्मिक विचारों को ग्रन्थों में संकलित किया गया।
👉 इनमें से एक प्रसिद्ध ग्रन्थ का नाम ‘मंत्र राजप्रकाश’ है।
👉 इसमें हरिदास जी की भक्ति भावना और निर्गुण उपासना का सुंदर विवेचन है।

✍️ सही उत्तर है – हरिदास 

'रिन्द्रोही' के लेखक कौन हैं ? 

[EO RO (Shift II) 14.05.2023]

  • मलचंद तिवारी 

  • अर्जुनदेव चारण 

  • मणि मधुकर 

  • तेज सिंह जोधा 

🔹 व्याख्या

👉 अर्जुनदेव चारण आधुनिक राजस्थानी साहित्य के प्रसिद्ध नाटककार और कवि हैं।
👉 उन्होंने नाटकों के साथ-साथ प्रभावशाली कविता संग्रह भी लिखे हैं।
👉 उनकी प्रसिद्ध काव्य रचना ‘रिन्द्रोही’ में मानवता, समाज और संघर्ष की भावनाएँ व्यक्त हुई हैं।
👉 अर्जुनदेव चारण को राजस्थानी रंगमंच और साहित्य दोनों क्षेत्रों में ख्याति प्राप्त है।

✍️ सही उत्तर है – अर्जुनदेव चारण 

सूर्यमल्ल मीसण द्वारा अपूर्ण छोड़ी कृति 'वंश भास्कर को किसने पूर्ण किया ? 

[Supt. Garden 28.07.2021]

  • शिवदान 

  • करणीदान 

  • मुरारीदान 

  • वीरभान 

🔹 व्याख्या

👉 ‘वंश भास्कर’ की रचना सूर्यमल्ल मिश्रण ने प्रारंभ की थी।
👉 यह ग्रन्थ बूंदी रियासत के हाड़ा चौहानों के इतिहास पर आधारित है।
👉 सूर्यमल्ल मिश्रण की मृत्यु से पहले यह कृति अपूर्ण रह गई थी।
👉 बाद में इसे उनके दत्तक पुत्र मुरारीदान ने पूर्ण किया।

✍️ सही उत्तर है – मुरारीदान 

महाराणा कुम्भा द्वारा लिखित कौन सी कृतियाँ हैं ? नीचे दिए गए कूट का उपयोग करते हुए सही उत्तर 

(A) सुधा प्रबंध    (B) चण्डी शतक 

(C) राजवल्लभ   (D) वास्तु मंजरी 

[सांख्यिकी अधिकारी 18.12.2021]

कूट 

  • (A), (B), (C) एवं (D) 

  • केवल (A) एवं (B) 

  • केवल (C) एवं (D) 

  • केवल (A), (B) एवं (C) 

🔹 व्याख्या

👉 महाराणा कुम्भा मेवाड़ के महान विद्वान शासक और ग्रंथकार थे।
👉 उन्होंने संगीत और साहित्य से संबंधित अनेक ग्रन्थों की रचना की।
👉 उनकी प्रमुख कृतियाँ ‘सूड प्रबन्ध’ और ‘चण्डी शतक’ हैं।
👉 ‘राजवल्लभ’ और ‘वास्तु मंजरी’ की रचना क्रमशः मण्डन और नाथा ने की थी।

✍️ सही उत्तर है – केवल (A) एवं (B) 

'वंश भास्कर' के लेखक थे 

[SI (मोटर वाहन) 2013] 

  • सूर्यमल 

  • हेमचन्द्र सुरी 

  • चन्द्र बरदाई 

  • नयाचन्द्र सुरी 

🔹 व्याख्या

👉 ‘वंश भास्कर’ की रचना प्रसिद्ध कवि सूर्यमल्ल मिश्रण ने की थी।
👉 यह ग्रन्थ बूँदी रियासत (हाड़ा चौहानों) का पद्यात्मक इतिहास है।
👉 इसमें लगभग 2500 पृष्ठों में 8 खंडों का विस्तृत वर्णन है।
👉 इसे आधुनिक काल का विश्वकोषीय ऐतिहासिक महाकाव्य माना गया है।

✍️ सही उत्तर है – सूर्यमल्ल  

निम्न में से किस ख्यात में मुगल - मारवाड़ वैवाहिक सम्बन्धों का विवरण प्राप्त होता है ?  

[पुरालेखपाल परीक्षा 03.08.2024]

  • मुण्डियार ठिकाना री ख्यात 

  • कविराजा की ख्यात 

  • जसवन्त सिंह री ख्यात 

  • उदयपुर की ख्यात 

🔹 व्याख्या

👉 ‘मुंदियाड़ ठिकाना री ख्यात’ के रचयिता चैनदान बारहठ थे।
👉 यह ख्यात मारवाड़ के राठौड़ राजवंश पर आधारित है।
👉 इसमें राव सीहा से लेकर महाराजा विजयसिंह तक का इतिहास वर्णित है।
👉 इसी ख्यात में मुगल–मारवाड़ वैवाहिक संबंधों का विस्तृत विवरण मिलता है।

✍️ सही उत्तर है – मुंदियार ठिकाना री ख्यात 

'मारवाड़ रा परगना री विगत के रचनाकार कौन थे ?  

[सहायक पुरालेखपाल 03.08.2024]

  • दयाल दास 

  • मुहणोत नैणसी 

  • सुन्दरसी 

  • बांकीदास 

🔹 व्याख्या

👉 ‘मारवाड़ रा परगना री विगत’ एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक ग्रन्थ है।
👉 इसके रचयिता मुहणोत नैणसी थे, जो जोधपुर राज्य के दीवान थे।
👉 इस ग्रन्थ में मारवाड़ के सात परगनों की जनसंख्या, भूमि, फसल और राजस्व व्यवस्था का विस्तृत वर्णन है।
👉 इसे जोधपुर राज्य का ‘गजेटियर’ भी कहा जाता है।

✍️ सही उत्तर है – मुहणोत नैणसी 

वीरवांण का रचनाकार कौन है ?  

[Asst. Jailor 15.03.2016]

  • बादर ढाठी

  • किसना आढ़ा

  • हेमरत्न सूरी  

  • दुरसा आढ़ा 

🔹 व्याख्या

👉 ‘वीरमायण’ या ‘वीरवांण’ चारण शैली की प्रारंभिक वीररसात्मक रचना है।
👉 इसके रचयिता बादर ढाढ़ी थे।
👉 इस काव्य में मण्डोर के राव मल्लीनाथ राठौड़ के पुत्र वीरम और जोइयों के युद्ध का वर्णन है।
👉 बाद में इस रचना को बुधजी आशिया ने संकलित कर ‘वीरमायण’ नाम दिया।

✍️ सही उत्तर है – बादर ढाढ़ी  

काव्य संग्रह "ढ़ाणी का आदमी" रचना है

[मूल्यांकन अधिकारी 23.08.2020]

  • तारा प्रकाश जोशी 

  • जयसिंह नीरज 

  • नंद चतुर्वेदी 

  • नंद भारद्वाज 

🔹 व्याख्या

👉 जयसिंह नीरज समकालीन राजस्थानी कवि और साहित्यकार हैं।
👉 उनका प्रसिद्ध काव्य संग्रह ‘ढ़ाणी का आदमी’ है।
👉 इस रचना में राजस्थान के ग्रामीण जीवन, समाज और मानवीय संवेदनाओं का सजीव चित्रण है।
👉 यह संग्रह आधुनिक राजस्थानी कविता का एक महत्त्वपूर्ण उदाहरण है।

✍️ सही उत्तर है – जयसिंह नीरज 

राजस्थानी साहित्य के “भरतेश्वर बाहुबली रास” के लेखक कौन थे ?  

[पुरालेखपाल परीक्षा 03.08.2024]

  • हेमचन्द्र सूरी 

  • जिनंभद्र सूरी 

  • शिवदास 

  • शालिभद्र सूरी 

🔹 व्याख्या

👉 ‘भरतेश्वर बाहुबली रास’ राजस्थानी भाषा की प्राचीन जैन रचना है।
👉 इसकी रचना शालिभद्र सूरी ने संवत् 1241 में की थी।
👉 यह ग्रन्थ जैन साहित्य की रास परंपरा का प्रथम ग्रन्थ माना जाता है।
👉 इसमें भरतेश्वर और बाहुबली की कथा का सुंदर वीर एवं धार्मिक चित्रण है।

✍️ सही उत्तर है – शालिभद्र सूरी 

निम्नलिखित पिंगल साहित्य की रचनाओं को उनके लेखकों से सुमेलित कीजिए 

सूची-I (पुस्तक) 

सूची -II (लेखक) 

(A) अवतार चरित्र 

(i) प्रताप कुँवरि 

(B) रामगुण सागर 

(ii) रामचरणजी 

(C) विनय मालिका 

(iii) नरहरिदास

(D) अणभैवाणी 

(iv) दयाबाई 

 [लाइब्रेरियन ग्रेड -II 16.02.2025]

कूट -

  • (A)-(iii), (B)-(i), (C)-(iv), (D)-(ii) 

  • (A)-(ii), (B)-(iii), (C)-(i), (D)-(iv)

  • (A)-(i), (B)-(iv), (C)-(iii), (D)-(ii)

  • (A)-(i), (B)-(ii), (C)-(iii), (D)-(iv)

🔹 व्याख्या

👉 ‘अवतार चरित्र’ के रचयिता नरहरिदास थे।
👉 ‘रामगुण सागर’ की रचना प्रताप कुँवरी बाई ने की।
👉 ‘विनय मालिका’ ग्रन्थ दयाबाई द्वारा रचित है।
👉 ‘अणभैवाणी’ की रचना रामचरण जी महाराज ने की थी।

✍️ सही उत्तर है – (A)-(iii), (B)-(i), (C)-(iv), (D)-(ii) 

निम्न में से कौन सी विधा राजस्थानी गद्य साहित्य में शामिल नहीं है ?

[Asst. Prof. (Paper -III) 07.12.2025]

  • पीढ़ी

  • वात

  • पिरियावली

  • छप्पय

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थानी गद्य साहित्य में ख्यात, बात, वचिनिका और दवावैत प्रमुख विधाएँ हैं।

������ छप्पय एक प्रकार का मात्रिक छंद है, जिसका प्रयोग मुख्य रूप से पद्य में होता है।

👉 यह रोला और उल्लाला के योग से बनता है, जिसमें छह पंक्तियाँ होती हैं।

👉 वीर रस के काव्यों और डिंगल-पिंगल साहित्य में इसका बहुतायत से प्रयोग मिलता है।

✍️ सही उत्तर है – छप्पय

निम्नलिखित में से किसने “प्राकृत प्रकाश” ग्रंथ की रचना की थी ? 

[Deputy Jailor Exam 13.07.2025]

  • वररुचि 

  • राजशेखर 

  • विशाखदत्त 

  • उद्योतन सूरि 

🔹 व्याख्या

👉 ‘प्राकृत प्रकाश’ प्राकृत भाषा का एक प्रसिद्ध व्याकरण ग्रन्थ है।
👉 इसकी रचना आचार्य वररुचि ने की थी।
👉 इस ग्रन्थ में प्राकृत भाषाओं के रूप, लक्षण और प्रयोग का विस्तृत वर्णन है।
👉 यह कृति प्राकृत व्याकरण का आधारभूत ग्रन्थ मानी जाती है।

✍️ सही उत्तर है – वररुचि 

निम्न में से किसने वर्ष 1896 ई. में “मारवाड़ी व्याकरण” का प्रकाशन किया था ?  

[AEN परीक्षा 30.06.2024]

  • कन्हैयालाल सेठिया

  • सीताराम लालस 

  • शंकरदान सामोर 

  • रामकरण आसोपा 

🔹 व्याख्या

👉 रामकरण आसोपा प्रसिद्ध भाषाविद् और साहित्यकार थे।
👉 उन्होंने वर्ष 1896 ई. में ‘मारवाड़ी व्याकरण’ का प्रकाशन किया।
👉 यह राजस्थानी भाषा के व्याकरण संबंधी प्रथम ग्रंथों में से एक है।
👉 आसोपा ने ‘वृहत्त डिंगल शब्दकोष’ तैयार करने में भी सहयोग किया था।

✍️ सही उत्तर है – रामकरण आसोपा 

'राजविलास' ग्रन्थ के लेखक कौन थे ? 

[वरिष्ठ अध्यापक (ग्रुप- A) 07.09.2025]

  • केशवदास 

  • मानकवि 

  • तेजकवि 

  • वीरभाण 

🔹 व्याख्या:

👉 ‘राजविलास’ ग्रन्थ के लेखक मानकवि थे, जो मेवाड़ दरबार से जुड़े प्रमुख कवि थे।
👉 मानकवि महाराजा राज सिंह के दरबारी कवि थे और अपनी वीर रस की काव्य–रचनाओं के लिए प्रसिद्ध थे।
👉 उनकी कृतियों में मेवाड़ के शौर्य, युद्ध–परंपरा और राजवंश की वीरता का स्पष्ट वर्णन मिलता है।

✍️ सही उत्तर है – मानकवि 

निम्नलिखित को सुमेलित कीजिए एवं नीचे दिये गये कूट में से सही उत्तर का चयन कीजिए - 

[सहायक सांख्यिकी अधि. 25.08.2024]

(लेखक)

(ग्रंथ)

(A) जयानकभट्ट

(i) प्रबंधकोश

(B) नयचन्द्र

(ii) हम्मीरमहाकाव्य

(C) राजशेखर

(iii) पृथ्वीराजविजय

(D) चन्द्रशेखर

(iv) सुरजनचरित

कूट -

  • A-(ii), B-(iv), C-(iii), D-(i) 

  • A-(i), B-(iii), C-(ii), D-(iv) 

  • A-(iv), B-(i), C-(iii), D-(ii)

  • A-(iii), B-(ii), C-(i), D-(iv) 

🔹 व्याख्या

👉 जयानक भट्ट ने संस्कृत में ‘पृथ्वीराज विजय’ की रचना की।
👉 नयचन्द्र सूरी की प्रसिद्ध रचना ‘हम्मीर महाकाव्य’ है।
👉 राजशेखर सूरी ने ‘प्रबन्ध कोष’ ग्रन्थ लिखा।
👉 चन्द्रशेखर की रचना ‘सुरजन चरित’ है।

✍️ सही उत्तर है – A-(iii), B-(ii), C-(i), D-(iv) 

प्रसिद्ध राजस्थानी ग्रंथ 'बातां री फुलवारी' का लेखक कौन है ? 

[ACF परीक्षा 2011]

  • मंगत बादल 

  • विजयदान देथा 

  • अर्जुन देव चारण

  • चन्द्रप्रकाश देवल 

🔹 व्याख्या

👉 विजयदान देथा आधुनिक राजस्थानी साहित्य के प्रसिद्ध कथाकार थे।
👉 उनकी प्रसिद्ध कृति ‘बातां री फुलवारी’ राजस्थानी लोककथाओं का संग्रह है।
👉 यह ग्रन्थ 14 खंडों में प्रकाशित हुआ है।
👉 इसके 10वें खंड के लिए उन्हें साहित्य अकादमी पुरस्कार (1974) मिला।

✍️ सही उत्तर है – विजयदान देथा 

सुमेलित कीजिए और नीचे दिये गये कूट से सह उत्तर का चयन कीजिए : 

राजस्थानी पद्य साहित्य का प्रकार 

काव्य रचना 

(A) नृत्य संगीत  मूलक काव्य 

(I) हरिपिंगल मूलक काव्य 

(B) चरित्र मूलक काव्य 

(II) बीसलदेव रासो 

(C) मंगल मूलक काव्य 

(III) चर्चरी 

(D) प्रेम मूलक काव्य 

(IV) धवल 

[लाइब्रेरियन ग्रेड -II [02.08.2020]

कूट : 

            (A) (B) (C) (D) 

  • (I) (III) (II) (IV) 

  • (III) (I) (IV) (II) 

  • (IV) (II) (I) (III) 

  • (II) (IV) (III) (I)

🔹 व्याख्या

👉 नृत्य-संगीत मूलक काव्य के अंतर्गत ‘चर्चरी’ आती है।
👉 चरित्र मूलक काव्य का उदाहरण ‘हरिपिंगल मूलक काव्य’ है।
👉 मंगल मूलक काव्य का प्रतिनिधित्व ‘धवल’ करता है।
👉 प्रेम मूलक काव्य के अंतर्गत ‘बीसलदेव रासो’ प्रसिद्ध है।

✍️ सही उत्तर है – (A)-(III), (B)-(I), (C)-(IV), (D)-(II) 

प्रसिद्ध ग्रंथ कान्हड़दे प्रबंध के लेखक कौन हैं ?  

[अनुसंधान अधिकारी पुरा. 04.08.2024]

  • रणछोड़ भट्ट 

  • पद्मनाभ 

  • सूर्यमल्ल मिश्रण 

  • मलिक मुहम्मद जायसी

🔹 व्याख्या

👉 ‘कान्हड़दे प्रबन्ध’ राजस्थानी साहित्य की एक प्रसिद्ध ऐतिहासिक कृति है।
👉 इसके रचयिता पद्मनाभ कवि थे, जो जालौर के चौहान शासक अखेराज के दरबारी कवि थे।
👉 इस ग्रन्थ में सोनगरा चौहान कान्हड़देव और अलाउद्दीन खिलजी के युद्ध का वर्णन है।
👉 यह रचना राजस्थान की वीरता और स्वाभिमान का प्रतीक मानी जाती है।

✍️ सही उत्तर है – पद्मनाभ 

डिंगल साहित्य में "वयण सगाई" क्या है ?  

[संग्रहाध्यक्ष पुरातत्व विभाग 19.06.2024]

  • चौपाई 

  • दोहे 

  • छंद 

  • शब्दालंकार 

🔹 व्याख्या

👉 डिंगल साहित्य में ‘वयण सगाई’ एक विशेष प्रकार का शब्दालंकार है।
👉 इसमें कवि एक ही शब्द का प्रयोग भिन्न-भिन्न अर्थों में करता है।
👉 यह अलंकार डिंगल काव्य की भाषा की गहराई और कौशल को दर्शाता है।
👉 इसे शब्दालंकारों में श्रेष्ठ स्थान प्राप्त है।

✍️ सही उत्तर है – शब्दालंकार 

राजविलास की रचना की 

[Protection Officer 29.05.2019]

  • मान ने 

  • मण्डन ने 

  • करणीदान ने 

  • भट्ट सदाशिव ने 

🔹 व्याख्या

👉 ‘राजविलास’ एक प्रसिद्ध वीर रसप्रधान काव्य है।
👉 इसकी रचना मानसिंह कवि ने की थी।
👉 इस ग्रन्थ में राजसिंह और औरंगज़ेब के युद्ध का विस्तृत वर्णन है।
👉 यह काव्य मेवाड़ की वीरता और स्वाभिमान का प्रतीक माना जाता है।

✍️ सही उत्तर है – मानसिंह 

निम्नलिखित में से कौनसा युग्म सुमेलित नहीं है ?  [*]

[स्कूल व्याख्याता (इतिहास) 18.10.2022]

  • दौलत विजय― खुमाण रासो 

  • कविया गोपालदास ― क्यामखाँ रासो 

  • नरपति नाल्ह ―बीसलदेव रासो 

  • गिरधर आसिया ― सगत रासो 

📌 नोट : यह प्रश्न परीक्षा बोर्ड द्वारा डिलीट माना गया है। 

निम्नलिखित में से किस प्रकार के काव्य ग्रंथों में हमें एक राजा की महानता, उसकी विजयों, युद्धों, शौर्य का वर्णन मिलता है ? 

[EO RO (Shift I) 14.05.2023]

  • रासो

  • मरस्य 

  • विगत 

  • वेली 

🔹 व्याख्या

👉 ‘रासो’ प्रकार के काव्य ग्रन्थों में राजाओं के पराक्रम, युद्धों और विजयों का वर्णन किया जाता है।
👉 इनमें शासकों की वीरता, दानशीलता और कीर्ति का भावपूर्ण चित्रण होता है।
👉 ऐसे ग्रन्थों को वीर रसप्रधान महाकाव्य भी कहा जाता है।
👉 उदाहरण — ‘पृथ्वीराज रासो’, ‘बीसलदेव रासो’, ‘खुमाण रासो’ आदि।

✍️ सही उत्तर है – रासो 

साहित्य अकादमी पुरस्कृत कृति 'पगफेरो' रचना है : 

[सहायक कृषि अधिकारी 2011]

  • गुलाबचंद 

  • चन्द्रसिंह 

  • विजयदान देथा 

  • मणि मधुकर 

🔹 व्याख्या

👉 मणि मधुकर समकालीन राजस्थानी कवि और साहित्यकार हैं।
👉 उनकी प्रसिद्ध कृति ‘पगफेरो’ एक प्रभावशाली कविता संग्रह है।
👉 इस रचना में मानवीय संवेदनाओं और ग्रामीण जीवन का सजीव चित्रण है।
👉 इस कृति के लिए उन्हें साहित्य अकादमी पुरस्कार (1975) प्रदान किया गया था।

✍️ सही उत्तर है – मणि मधुकर 

संगीत पर लिखे गए निम्नलिखित ग्रंथों में से कौन से राणा कुम्भा द्वारा रचित हैं ?

(A) संगीतराज 

(B) संगीत मीमांसा 

(C) सूड़ प्रबंध 

(D) रसिकप्रिया  

[AEN 16 दिसम्बर 2018]

  • A, B 

  • A, C, D 

  • A, B, C, D 

  • B, C, D 

🔹 व्याख्या

👉 महाराणा कुम्भा मेवाड़ के महान शासक, संगीतज्ञ और ग्रंथकार थे।
👉 उन्होंने संगीत और नृत्य पर कई प्रसिद्ध ग्रन्थों की रचना की।
👉 उनकी प्रमुख रचनाएँ हैं — ‘संगीतराज’, ‘संगीत मीमांसा’, ‘सूड प्रबन्ध’ और ‘रसिकप्रिया टीका’।
👉 इन सभी कृतियों में संगीत, राग, नृत्य और कला का उत्कृष्ट विवेचन मिलता है।

✍️ सही उत्तर है – A, B, C, D 

सूची 1 को सूची 2 से मिलान करिए तथा नीचे दिए गए कूट की सहायता से सही विकल्प चुनिए : 

     सूची-I     सूची -II 

(A) गोविन्द  (i) राजवल्लभ 

(B) नाथा    (ii) द्वारदीपिका 

(C) मण्डन  (iii) वास्तु मंजरी 

(D) कुम्भा  (iv) संगीतराज 

[Asst. Prof. (History) 24.09.2021]

कूट :

         (A) (B) (C) (D) 

  • (iii) (ii) (i)  (iv)

  • (iii) (ii) (iv) (i) 

  • (ii) (iii) (i) (iv) 

  • (iv) (ii) (iii) (i) 

🔹 व्याख्या

👉 गोविन्द की प्रसिद्ध रचना ‘द्वारदीपिका’ है।
👉 नाथा ने ‘वास्तु मंजरी’ ग्रन्थ की रचना की।
👉 मण्डन की रचना ‘राजवल्लभ’ है, जो स्थापत्य कला पर आधारित है।
👉 महाराणा कुम्भा की प्रसिद्ध कृति ‘संगीतराज’ है।

✍️ सही उत्तर है – (A)-(ii), (B)-(iii), (C)-(i), (D)-(iv) 

'राग कल्पद्रुम' का लेखक कौन था ?   

[Asst. Prof. (History) 30.06.2016]

  • जनार्दन भट्ट  

  • राय मुरारी दास  

  • भाव भट्ट  

  • कृष्णानंद व्यास  

🔹 व्याख्या

👉 ‘राग कल्पद्रुम’ एक प्रसिद्ध संगीत संबंधी ग्रन्थ है।
👉 इसके रचयिता कृष्णानन्द व्यास थे।
👉 इस ग्रन्थ में विविध राग, रागिनियों और तालों का विस्तृत वर्णन किया गया है।
👉 यह कृति भारतीय शास्त्रीय संगीत के अध्ययन में अत्यंत उपयोगी मानी जाती है।

✍️ सही उत्तर है – कृष्णानन्द व्यास 

निम्न में से कौन सा ग्रन्थ जयपुर नगर के निर्माण के साक्ष्य के रूप में उपयोगी है ?

[स्कूल व्याख्याता (इतिहास) 27.06.2025]

  • बुद्धिविलास

  • भारतसार चन्द्रिका

  • जुगल विलास

  • इन्द्रप्रस्थ प्रबन्ध

🔹 व्याख्या

👉 ‘बुद्धिविलास’ एक अत्यंत महत्वपूर्ण ऐतिहासिक ग्रन्थ है।
👉 इसके रचयिता बख्तराम शाह थे।
👉 इस ग्रन्थ में जयपुर नगर की स्थापना (1727 ई.) और निर्माण योजनाओं का प्रत्यक्ष विवरण मिलता है।
👉 इसलिए यह ग्रन्थ जयपुर नगर के निर्माण का प्रमुख साक्ष्य माना जाता है।

✍️ सही उत्तर है – बुद्धिविलास 

"कुवलयमाला” नामक ग्रन्थ में कितनी देशी भाषाओं के नामों का उल्लेख है ?  

[Research Scholar 04.08.2024]

  • 12 

  • 6 

  • 18 

  • 14 

🔹 व्याख्या

👉 ‘कुवलयमाला’ ग्रन्थ जैन आचार्य उद्योतन सूरी द्वारा रचित है।
👉 यह ग्रन्थ भारतीय भाषाओं के इतिहास में बहुत महत्वपूर्ण स्रोत माना जाता है।
👉 इसमें कुल 18 देशी भाषाओं के नामों का उल्लेख किया गया है।
👉 यह विवरण भारत की भाषाई विविधता और समृद्ध परम्परा को दर्शाता है।

✍️ सही उत्तर है – 18 

कविराज श्यामलदास द्वारा लिखित प्रसिद्ध इतिहास ग्रंथ का क्या नाम है ? 

[ACF परीक्षा 2011]

  • मेवाड़ राज्य का इतिहास 

  • वीर - विनोद 

  • वंश भास्कर 

  • सूरज - प्रकाश 

🔹 व्याख्या

👉 कविराज श्यामलदास दधवाड़िया मेवाड़ के प्रसिद्ध इतिहासकार थे।
👉 उन्होंने महाराणा शम्भूसिंह के आदेश पर ‘वीर विनोद’ ग्रन्थ की रचना की।
👉 यह ग्रन्थ मेवाड़ राज्य के इतिहास पर आधारित है।
👉 इसमें मेवाड़ के शासकों की वंशावली, युद्ध और उपलब्धियों का वर्णन है।

✍️ सही उत्तर है – वीर विनोद 

निम्नलिखित में से गलत युग्म की पहचान कीजिए 

[ACF परीक्षा 2011]

  • वंश भास्कर : सूर्यमल मीसण 

  • पाबूजी रा छंद : बीठू मेहा 

  • बीसलदेव रासो : नरपति नाल्ह 

  • सूरज प्रकाश : मानसिंह

🔹 व्याख्या

👉 ‘सूरज प्रकाश’ ग्रन्थ के रचयिता करणीदान कविया हैं।
👉 इसमें राठौड़ों की 13 शाखाओं तथा सुमेल और धरमत के युद्धों का वर्णन है।
👉 महाराजा मानसिंह कवि नहीं, बल्कि जोधपुर के शासक थे।
👉 अतः ‘सूरज प्रकाश – मानसिंह’ का युग्म गलत सुमेलित है।

✍️ सही उत्तर है – सूरज प्रकाश : मानसिंह 

मुहणोत नैणसी को राजपुताने का अबुल फज़ल किसने कहा है ?  

[अनुसंधान अधिकारी पुरा. 04.08.2024]

  • जसवन्त सिंह 

  • गज सिंह 

  • रतन सिंह 

  • मुंशी देवी प्रसाद 

🔹 व्याख्या

👉 मुहणोत नैणसी जोधपुर राज्य के दीवान और इतिहासकार थे।
👉 उन्होंने प्रसिद्ध ग्रन्थ ‘नैणसी री ख्यात’ और ‘मारवाड़ रा परगना री विगत’ की रचना की।
👉 मुंशी देवी प्रसाद ने उन्हें ‘राजपूताने का अबुल फज़ल’ कहा था।
👉 यह उपाधि उनके इतिहास लेखन की गहराई और सटीकता को दर्शाती है।

✍️ सही उत्तर है – मुंशी देवी प्रसाद 

राजस्थानी साहित्य में रियासतों के शासकों ने अपने पराक्रम, विजयों तथा अन्य महत्त्वपूर्ण कार्यों के इतिहास का लेखा-जोखा अपने इतिहासकारों से लिखवाकर संजोया है । इस लेखा-जोखा/वर्णन को _______ कहा जाता है। 

[Asst. Town Planner 16.06.2023]

  • ख्यात 

  • झमाल 

  • वचनिका 

  • दवावैत 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान की रियासतों के शासकों ने अपने पराक्रम, विजयों और ऐतिहासिक कार्यों का विवरण लिखवाया।
👉 इस प्रकार के क्रमबद्ध इतिहास लेखन को ‘ख्यात’ कहा जाता है।
👉 ख्यातों में राजाओं की वंशावली, युद्ध, प्रशासन और सामाजिक जीवन का उल्लेख होता है।
👉 ये ग्रन्थ राजस्थान के इतिहास के प्रमुख स्रोतों में गिने जाते हैं।

✍️ सही उत्तर है – ख्यात 

म्यूटिनीज़ इन राजपूताना के लेखक हैं :  

[Research Assistant 24.08.2017]

  • नाथूराम खड़गावत    

  • सी एल सोबर्स  

  • आई टी प्रिचर्ड  

  • जी एस ट्रेवर  

🔹 व्याख्या

👉 ‘Mutinies in Rajputana’ 1857 के स्वतंत्रता संग्राम की घटनाओं पर आधारित ऐतिहासिक ग्रन्थ है।
👉 इसके लेखक आई. टी. प्रिचर्ड (I. T. Prichard) थे।
👉 इस ग्रन्थ में उस समय राजस्थान में हुए विद्रोहों और राजनीतिक परिस्थितियों का विस्तृत वर्णन है।
👉 यह पुस्तक ब्रिटिश कालीन राजस्थान के इतिहास का महत्त्वपूर्ण स्रोत मानी जाती है।

✍️ सही उत्तर है – आई. टी. प्रिचर्ड 

"बीसलदेवरासो" की मुख्य महिला पात्र निम्नलिखित में से कौन सी है ? 

[कनिष्ठ लेखाकार (RPSC) 04.10.2016]

  • राजमति 

  • पद्मिनी 

  • देवल देवी 

  • इन्दुमति 

🔹 व्याख्या

👉 ‘बीसलदेव रासो’ राजस्थानी साहित्य का प्रसिद्ध प्रेम काव्य है।
👉 इसकी रचना नरपति नाल्ह ने की थी।
👉 इस काव्य की मुख्य नायिका ‘राजमति’ है, जो राजा भोज परमार की पुत्री थी।
👉 इसमें बीसलदेव और राजमति के प्रेम और वियोग का मार्मिक वर्णन है।

✍️ सही उत्तर है – राजमति 

'रागकल्पद्रुम' के लेखक कौन हैं ? 

[सांख्यिकी अधिकारी 25.02.2024]

  • हम्मीर 

  • पुण्डरीक विट्ठल

  • भावभट्ट 

  • कृष्णानन्द व्यास 

🔹 व्याख्या

👉 कृष्णानन्द व्यास प्रसिद्ध संगीतज्ञ और ग्रंथकार थे।
👉 उन्होंने संगीत पर आधारित महत्वपूर्ण ग्रन्थ ‘रागकल्पद्रुम’ की रचना की।
👉 इस ग्रन्थ में विभिन्न रागों, रागिनियों और तालों का विस्तृत विवेचन किया गया है।
👉 यह ग्रन्थ भारतीय शास्त्रीय संगीत के अध्ययन में अत्यंत उपयोगी माना जाता है।

✍️ सही उत्तर है – कृष्णानन्द व्यास 

निम्न में से कौनसा युग्म सही सुमेलित नहीं है ?  

[अन्वेषण उत्खनन अधिकारी 19.06.2024]

  • पृथ्वीराज रासो - चंद बरदाई

  • खुमाण रासो - दलपति विजय 

  • कान्हड़दे प्रबंध - पद्मनाभ 

  • विजयपाल रासो - नरपति नाल्ह

🔹 व्याख्या

👉 ‘विजयपाल रासो’ पिंगल भाषा में रचित एक वीररसात्मक काव्य है।
👉 इसके रचयिता नल्हसिंह थे, न कि नरपति नाल्ह।
👉 नरपति नाल्ह ने प्रसिद्ध प्रेमकाव्य ‘बीसलदेव रासो’ की रचना की थी।
👉 अतः ‘विजयपाल रासो – नरपति नाल्ह’ का युग्म सुमेलित नहीं है।

✍️ सही उत्तर है – विजयपाल रासो – नरपति नाल्ह 

सूची-I को सूची-II से सुमेलित कीजिए और सूचियों के नीचे दिए गए कोड का उपयोग करके सही उत्तर चुनिए  

[प्रोग्रामर परीक्षा 27.10.2024]

सूची-I (पुस्तक)

सूची-II (लेखक)

(A) संगीत राज

(i) कृष्णानन्द व्यास

(B) राग मंजरी

(ii) भावभट्ट

(C) अनूप विलास

(iii) पुण्डरीक विट्ठल

(D) राग कल्पद्रुम

(iv) महाराणा कुम्भा

कोड -

  • A-(iii), B-(ii), C-(iv), D-(i) 

  • A-(iv), B-(i), C-(ii), D-(iii)

  • A-(i), B-(ii), C-(iii), D-(iv) 

  • A-(iv), B-(iii), C-(ii), D-(i) 

🔹 व्याख्या

👉 ‘संगीत राज’ ग्रन्थ के रचयिता महाराणा कुम्भा थे।
👉 ‘राग मंजरी’ की रचना पुण्डरीक विट्ठल ने की।
👉 ‘अनूप विलास’ ग्रन्थ पंडित भावभट्ट द्वारा रचित है।
👉 ‘राग कल्पद्रुम’ के लेखक कृष्णानन्द व्यास हैं।

✍️ सही उत्तर है – A-(iv), B-(iii), C-(ii), D-(i) 

निम्नलिखित में से कौन सी रचना प्रसिद्ध लेखक एवं कवि कन्हैयालाल सेठिया द्वारा रचित नहीं है ?

[Asst. Prof. (Paper -III) 07.12.2025]

  • अग्निवीणा

  • अलेखू हिटलर

  • निर्ग्रन्थ

  • वनफूल

🔹 व्याख्या

👉 कन्हैयालाल सेठिया राजस्थानी एवं हिंदी के प्रसिद्ध कवि और साहित्यकार थे।

👉 उनकी प्रमुख रचनाओं में वनफूल, निर्ग्रन्थ, लीलतांस और धरती धोराँ री शामिल हैं।

👉 अलेखूँ हिटलर नामक प्रसिद्ध कृति विजयदान देथा 'बिज्जी' द्वारा रचित है।

👉 सेठिया जी को 'पीथल' के नाम से भी साहित्य जगत में सम्मानित किया गया है।

✍️ सही उत्तर है – अलेखूँ हिटलर

निम्नांकित में से कौन सी पुस्तक / पुस्तकें सूर्यमल मिश्रण द्वारा लिखी गई थीं ? नीचे दिए गए कोड की सहायता से सही विकल्प चुनिए :

  1. वंश भास्कर

  2. रामरंजाट

  3. धातुरूपावली

  4. राजरूपक 

कोड :

[कृषि अधिकारी 20.04.2025]

  • i, ii, iii

  • i, iv 

  • i, ii, iv

  • i 

🔹 व्याख्या

👉 सूर्यमल्ल मिश्रण आधुनिक काल के प्रसिद्ध डिंगल कवि थे।
👉 उनकी प्रमुख रचनाएँ हैं — ‘वंश भास्कर’, ‘रामरंजाट’, और ‘धातुरूपावली’।
👉 इन कृतियों में इतिहास, भक्ति और भाषा का सुंदर समन्वय है।
👉 ‘राजरूपक’ की रचना वीरभाण रतनू ने की थी, न कि सूर्यमल्ल मिश्रण ने।

✍️ सही उत्तर है – i, ii, iii 

निम्नलिखित युग्मों में से कौन सा/से सुमेलित हैं ?

ग्रन्थ  रचयिता 
वेली कृष्ण रुकमनी री पृथ्वीराज 
वीरमायण दुरसा आढा
अचलदास खिंची री वचनिका  शिवदास गाडण

कूट :-

[स्कूल व्याख्याता GK (B) 26.06.2025]

  • A और C

  • A और B

  • केवल A

  • A, B और C

🔹 व्याख्या

👉 ‘वेलि कृष्ण रूकमणी री’ के रचयिता पृथ्वीराज राठौड़ हैं।
👉 ‘वीरमायण’ के रचयिता बादर ढाढ़ी हैं, न कि दुरसा आढ़ा।
👉 ‘अचलदास खींची री वचनिका’ की रचना शिवदास गाडण ने की थी।
👉 अतः केवल (A) और (C) युग्म सही सुमेलित हैं।

✍️ सही उत्तर है – A और C 

रणमल्ल छंद के रचयिता थे 

[सांख्यिकी अधिकारी 25.02.2024]

  • माधोदास 

  • केशवदास 

  • बीठू सूजा 

  • श्रीधर व्यास 

🔹 व्याख्या

👉 ‘रणमल्ल छन्द’ एक प्रसिद्ध वीर रसात्मक खण्डकाव्य है।
👉 इसके रचयिता श्रीधर व्यास थे, जो ईडर के राजा रणमल्ल के समकालीन थे।
👉 इस काव्य में पाटन के सुबेदार जफरखाँ और रणमल्ल के युद्ध का वर्णन है।
👉 यह रचना चारण साहित्य की वीर परंपरा का उत्कृष्ट उदाहरण है।

✍️ सही उत्तर है – श्रीधर व्यास 

'श्रृंगार हार' ग्रन्थ की रचना किसने की है : 

[AEN Pre. 2013]

  • महाराणा कुम्भा 

  • महाराजा मानसिंह 

  • महाराजा विग्रहराज IV 

  • महाराजा हम्मीर 

🔹 व्याख्या

👉 महाराजा हम्मीर रणथम्भौर के प्रसिद्ध चौहान शासक थे।
👉 वे वीर होने के साथ-साथ कला और साहित्य के प्रेमी भी थे।
👉 उन्होंने संगीत और काव्य पर आधारित ग्रन्थ ‘शृंगार हार’ की रचना की।
👉 यह ग्रन्थ संगीत और रस सिद्धांतों के अध्ययन के लिए महत्त्वपूर्ण माना जाता है।

✍️ सही उत्तर है – महाराजा हम्मीर 

आधुनिक राजस्थानी साहित्य की निम्नलिखित में से कौनसी कृति महाकाव्य शैली में रचित है ? 

[Deputy Commandant 23.08.2020]

  • जागती जोतां 

  • राधा 

  • मरु मयंक 

  • सेनाणी 

🔹 व्याख्या

👉 ‘मरु मयंक’ आधुनिक राजस्थानी साहित्य की एक महाकाव्य शैली में रचित कृति है।
👉 इसके रचयिता कान्ह महर्षि हैं।
👉 इस महाकाव्य में राजस्थान की मरुधरा, उसकी संस्कृति, संघर्ष और जीवन मूल्यों का चित्रण किया गया है।
👉 यह कृति आधुनिक काल में लिखे गए महत्वपूर्ण महाकाव्यों में से एक है।

✍️ सही उत्तर है – मरु मयंक 

'छंद मयूख' के लेखक कौन हैं ? 

[रसायनज्ञ पुरालेख विभाग 05.08.2024]

  • सूजा जी 

  • गणपति 

  • ईसरदास 

  • सूर्यमल्ल मिश्रण 

🔹 व्याख्या

👉 ‘छंदोमयूख’ या ‘छंद मयूख’ के रचयिता सूर्यमल्ल मिश्रण हैं।
👉 यह ग्रन्थ छंदशास्त्र पर आधारित उनकी एक महत्त्वपूर्ण रचना है।
👉 इसमें विभिन्न छंदों के प्रकार, लक्षण और प्रयोग का वर्णन किया गया है।
👉 यह कृति सूर्यमल्ल मिश्रण की काव्य प्रतिभा और विद्वता का उत्कृष्ट उदाहरण है।

✍️ सही उत्तर है – सूर्यमल्ल मिश्रण 

'कूर्मवंश यश प्रकाश' अथवा 'लावारासा' नामक ग्रंथ के रचयिता कौन हैं ?

[Asst. Prof. (Paper -III) 07.12.2025]

  • संगतमल शर्मा

  • कविया करणीदान

  • कविया गोपालदान

  • नत्था राम

🔹 व्याख्या

👉 'कूर्मवंश यश प्रकाश' ग्रंथ जयपुर के कछवाहा वंश के इतिहास पर आधारित है।

👉 इसके रचयिता प्रसिद्ध विद्वान और कवि कविया गोपालदान माने जाते हैं।

👉 इस ग्रंथ में राजवंश की वंशावली और उनकी वीरगाथाओं का विस्तृत वर्णन है।

👉 यह राजस्थानी डिंगल साहित्य की एक अत्यंत महत्वपूर्ण ऐतिहासिक कृति है।

✍️ सही उत्तर है – कविया गोपालदान

निम्न में से कौनसा एक युग्म (ग्रन्थ-लेखक) सुमेलित नहीं है ? 

[सहायक आचार्य (इतिहास) 12.09.2024]

  • सूरज प्रकाश - कविया करणीदान 

  • राजरत्नाकर - जगजीवन भट्ट 

  • राजरूपक - वीरभाण 

  • वचनिका - खिड़िया जगा  

🔹 व्याख्या

👉 ‘राजरत्नाकर’ ग्रन्थ के रचयिता सदाशिव नागर थे।
👉 इसमें महाराणा राजसिंह के शासनकाल और उपलब्धियों** का वर्णन है।
👉 जगजीवन भट्ट ने संस्कृत में ‘अजीतोदय’ ग्रन्थ की रचना की थी।
👉 अतः ‘राजरत्नाकर – जगजीवन भट्ट’ का युग्म सुमेलित नहीं है।

✍️ सही उत्तर है – राजरत्नाकर – जगजीवन भट्ट 

सूची-I को सूची - II से सुमेलित करें और सूचियों के नीचे दिए गए कूट का उपयोग करके सही उत्तर चुनें -

सूची - I (लेखक)

सूची -II (पुस्तक)

A. हेमकवि

(i) राव जैतसी रो छन्द

B. बीठू सूजा

(ii) गुण भाषा

C. वीरभाण

(iii) सूरज प्रकाश

D. करणीदान

(iv) राजरूपक

कूट - 

[सहायक पुरालेखपाल 03.08.2024]

  • A-(iv), B-(i), C-(iii), D-(ii) 

  • A-(iii), B-(iv), C-(ii), D-(i)

  • A-(i), B-(ii), C-(iii), D-(iv) 

  • A-(ii), B-(i), C-(iv), D-(iii) 

🔹 व्याख्या

👉 हेमकवि की प्रसिद्ध रचना ‘गुण भाषा’ है।
👉 बीठू सूजा ने ‘राव जैतसी रो छन्द’ नामक वीररसात्मक काव्य लिखा।
👉 वीरभाण की प्रमुख कृति ‘राजरूपक’ है।
👉 करणीदान कविया ने प्रसिद्ध ग्रन्थ ‘सूरज प्रकाश’ की रचना की।

✍️ सही उत्तर है – A-(ii), B-(i), C-(iv), D-(iii) 

निम्नलिखित को सुमेलित कीजिए 

साहित्यिक रचना      लेखक 

(A) मेघमाल            (i)सत्यप्रकाश जोशी  

(B) राधा                (ii) सुमेर सिंह शेखावत

(C) माला के माणके (iii) मेघराज मुकुल 

(D) सैनाणी            (iv) तारा प्रकाश जोशी

[सांख्यिकी अधिकारी 18.12.2021]

सही कूट चुनिए 

  • A- (iii), B- (iv), C- (ii), D- (i) 

  • A- (iii), B- (iv), C- (i), D- (ii) 

  • A- (ii), B- (iii), C- (iv), D- (i) 

  • A-(ii), B- (i), C- (iv), D- (iii) 

🔹 व्याख्या

👉 ‘मेघमाल’ के रचयिता सुमेर सिंह शेखावत हैं।
👉 ‘राधा’ काव्य की रचना सत्यप्रकाश जोशी ने की।
👉 ‘माला के माणके’ ग्रन्थ तारा प्रकाश जोशी द्वारा लिखा गया।
👉 ‘सैनाणी’ प्रसिद्ध कवि मेघराज मुकुल की रचना है।

✍️ सही उत्तर है – A-(ii), B-(i), C-(iv), D-(iii) 

राजस्थान के इतिहास का निम्नलिखित में से कौनसा साहित्यिक स्त्रोत संस्कृत में रचित है ?

[Asst. Prof. (History) 30.06.2016]

  • पृथ्वीराज विजय  

  • राजरूपक  

  • कुवलयमाला  

  • समराइच्चकहा  

🔹 व्याख्या

👉 ‘पृथ्वीराज विजय’ राजस्थान के इतिहास का एक संस्कृत भाषा में रचित महत्वपूर्ण ग्रन्थ है।
👉 इसके रचयिता जयानक भट्ट थे, जो पृथ्वीराज तृतीय के समकालीन थे।
👉 इस ग्रन्थ में सपादलक्ष (अजमेर) के चौहान वंश और पृथ्वीराज चौहान की वीरता का वर्णन है।
👉 इसमें अजमेर की तुलना ‘इन्द्रपुरी’ से की गई है।

✍️ सही उत्तर है – पृथ्वीराज विजय 

सूची-I व सूची-II को सुमेल करते हुए सही उत्तर लिखिए : 

    सूची-I                  सूची - II 

A. गुण भाषा      1. केशवदास 

B. गुण रूपक    2. वीरभान 

C. राज रूपक    3. अभयसिंह 

D. सूरज प्रकाश 4. हेम कवि 

[व्याख्याता (तकनीकी) 12.03.2021]

कोड़ : 

      A      B     C     D

  •  3   1    2    4 

  • 2    4   1    3 

  • 1    3    4    2 

  •  4   1    2    3 

🔹 व्याख्या

👉 ‘गुण भाषा’ ग्रन्थ के रचयिता हेमकवि थे।
👉 ‘गुण रूपक’ की रचना केशवदास गाडण ने की।
👉 ‘राज रूपक’ के लेखक वीरभाण रतनू थे।
👉 ‘सूरज प्रकाश’ प्रसिद्ध कवि करणीदान कविया द्वारा लिखा गया, जो महाराजा अभयसिंह के आश्रित थे।

✍️ सही उत्तर है – A-(4), B-(1), C-(2), D-(3) 

जसवंत सिंह ने,जो स्वयं एक कवि तथा विद्वान था, कई ग्रन्थ रचे| निम्नलिखित में से जसवंत द्वारा रचित ग्रन्थों को पहचानिए.

(i). भाषा - भूषण

(II). प्रबोध चंद्रोदय नाटक

(III). सिद्धांत सार

(IV). अनुभव प्रकाश

सही कूट चुनिये -  

[सहायक कृषि अधिकारी 25.04.2018]

  • (i) ,(iii) & (iv)

  • (i), (ii) & (iv)  

  • (i), (iii) & (iv)  

  • (i), (ii) (iii) & (iv)  

🔹 व्याख्या

👉 महाराजा जसवंत सिंह प्रथम जोधपुर के कवि एवं विद्वान शासक थे।
👉 उन्होंने अनेक दार्शनिक और काव्य ग्रन्थों की रचना की।
👉 उनके प्रमुख ग्रन्थ हैं – भाषा भूषण, सिद्धांत सार, प्रबोध चंद्रोदय नाटक, और अनुभव प्रकाश।
👉 ये सभी ग्रन्थ उनके ज्ञान, साहित्य प्रेम और विद्वता के प्रतीक हैं।

✍️ सही उत्तर है – (i), (ii), (iii) एवं (iv) 

"वंशभास्कर” के लेखक हैं -

[जनसंपर्क अधिकारी 22.10.2019]

  • सुर्जन हाड़ा

  • सूर्यमल सिसोदिया 

  • सूर्यमल मिश्रण 

  • सूताण मेड़तिया 

🔹 व्याख्या

👉 सूर्यमल्ल मिश्रण आधुनिक काल के प्रसिद्ध डिंगल कवि थे।
👉 उन्होंने बूंदी रियासत के इतिहास पर आधारित महाकाव्य ‘वंश भास्कर’ की रचना की।
👉 यह ग्रन्थ हाड़ा चौहानों का पद्यात्मक इतिहास है।
👉 इसमें बूँदी राज्य और राजस्थान के अन्य रियासतों का भी विस्तृत वर्णन है।

✍️ सही उत्तर है – सूर्यमल्ल मिश्रण 

कवि चन्दबरदाई का अन्य नाम क्या था ? 

[लाइब्रेरियन ग्रेड -II [02.08.2020]

  • आशाधर 

  • भण्ड 

  • पृथ्वी भट्ट 

  • विश्वरूप 

🔹 व्याख्या

👉 कवि चन्दबरदाई वीरगाथा काल के प्रसिद्ध कवि थे।
👉 वे अजमेर के सम्राट पृथ्वीराज चौहान के दरबारी कवि और मित्र थे।
👉 उनका अन्य नाम ‘पृथ्वी भट्ट’ के रूप में प्रसिद्ध है।
👉 उन्होंने वीररस प्रधान काव्य ‘पृथ्वीराज रासो’ की रचना की।

✍️ सही उत्तर है – पृथ्वी भट्ट 

'गुण रूपक' का लेखक कौन था? 

[Asst. Prof. (History) 17.05.2024]

  • हेम कवि 

  • केशव दास 

  • वीरभान 

  • सदाशिव 

🔹 व्याख्या

👉 ‘गुण रूपक’ एक प्रसिद्ध डिंगल काव्य ग्रन्थ है।
👉 इसके रचयिता केशवदास गाडण थे।
👉 इस ग्रन्थ में राजाओं के गुण, पराक्रम और नीति का प्रभावशाली वर्णन है।
👉 केशवदास गाडण जोधपुर के महाराजा गजसिंह के आश्रित कवि थे।

✍️ सही उत्तर है – केशव दास  

निम्नलिखित में से कौनसा/कौनसे युग्म सही सुमेलित है/हैं ? 

ग्रंथ

लेखक

(अ) राजरूपक

कवि वीरभाण

(ब) सूरज प्रकाश

करणीदान

(स) रामरंजाट

सूर्यमल्ल मिश्रण

[EO RO (Re Exam) 23 मार्च 2025]

कूट -

  • केवल (ब) 

  • (अ), (ब) और (स) 

  • केवल (अ) 

  • (अ) और (ब) 

🔹 व्याख्या

👉 ‘राजरूपक’ ग्रन्थ के रचयिता कवि वीरभाण रतनू थे।
👉 ‘सूरज प्रकाश’ की रचना करणीदान कविया ने की थी।
👉 ‘रामरंजाट’ प्रसिद्ध कवि सूर्यमल्ल मिश्रण की प्रारम्भिक रचना है।
👉 तीनों युग्म अपने-अपने लेखक के साथ सही सुमेलित हैं।

✍️ सही उत्तर है – (अ), (ब) और (स) 

निम्नलिखित में से कौनसा डिंगल शैली में इतिहास विषयक सामग्री का गद्य ग्रंथ नहीं है ? 

[वरिष्ठ अध्यापक (ग्रुप- C) 09.09.2025]

  • ख्यात 

  • झूलणा 

  • विगत 

  • वात 

🔹 व्याख्या:

👉 डिंगल शैली में लिखे गए इतिहास विषयक गद्य ग्रंथ विशिष्ट रूप से इतिहास, वंशावली और युद्ध–वर्णन पर आधारित होते हैं।
👉 ‘झूलणा’ डिंगल शैली का इतिहास–आधारित गद्य ग्रंथ नहीं है।
👉 यह इतिहास पर आधारित गद्य होने की कसौटी पर खरा नहीं उतरता, इसलिए इसे डिंगल गद्य इतिहास ग्रंथों में नहीं रखा जाता।

✍️ सही उत्तर है – झूलणा 

राजस्थानी ग्रंथ 'बेलि क्रिसन रूक्मणी री का लेखक कौन है ? 

[ACF परीक्षा 2011]

  • दुरसा आढा

  • गाडण शिवदास 

  • पृथ्वीराज राठौड़ 

  • पद्मनाभ 

🔹 व्याख्या

👉 पृथ्वीराज राठौड़ बीकानेर के शासक राव कल्याणमल के पुत्र थे।
👉 वे उच्चकोटि के डिंगल कवि और विष्णु भक्त थे।
👉 उनकी प्रसिद्ध रचना ‘वेलि क्रिसन रूकमणी री’ में कृष्ण और रूकमणी की प्रेम कथा का वर्णन है।
👉 यह कृति डिंगल शैली में रचित है और इसमें भक्ति, शृंगार व वीर रस का सुंदर समन्वय है।

✍️ सही उत्तर है – पृथ्वीराज राठौड़ 

अधोलिखित में से कौनसा युग्म सुमेलित नहीं है ?  

[सहायक कृषि अधिकारी 25.04.2018]

  • विद्वान (कान्हा व्यास) ग्रन्थ / कृति (विजयस्तम्भ का अभिलेख)

  • विद्वान (नाथा) ग्रन्थ / कृति (वास्तुमंजरी)  

  • विद्वान (गोविन्द) ग्रन्थ / कृति (द्वारदीपिका)  

  • विद्वान (मंडन) ग्रन्थ / कृति (राजवल्लभ)  

🔹 व्याख्या

👉 कान्हा व्यास संस्कृत भाषा के प्रसिद्ध कवि और विद्वान थे।
👉 उनकी प्रसिद्ध रचना ‘एकलिंग महात्म्य’ है, जिसमें मेवाड़ की वंशावली और व्यवस्था का वर्णन है।
👉 ‘विजयस्तम्भ का अभिलेख’ कान्हा व्यास की रचना नहीं है, यह महाराणा कुम्भा के काल का ऐतिहासिक अभिलेख है।
👉 अतः यह युग्म सुमेलित नहीं है।

✍️ सही उत्तर है – विद्वान (कान्हा व्यास) ग्रन्थ / कृति (विजयस्तम्भ का अभिलेख)

रचनाकारों और राजस्थानी ग्रंथों में उनके कार्यों के संबंध में स्तंभ-अ को स्तंभ-ब से सुमेलित कीजिए और नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनिए -

स्तंभ-अ (रचनाकार)

स्तंभ-ब (ग्रंथ)

(A) पृथ्वीराज राठौड़

(i) राजरत्नाकर

(B) बीठू सूजा

(ii) बेलि क्रिसन रुक्मणी री

(C) सदाशिव

(iii) राव जैतसी रो छंद

(D) जगजीवन भट्ट

(iv) अजितोदय

[वरिष्ठ अध्यापक (ग्रुप- D) 11.09.2025]

कूट -

  • (A)-(ii), (B)-(iii), (C)-(i), (D)-(iv) 

  • (A)-(iii), (B)-(ii), (C)-(iv), (D)-(i)

  • (A)-(iii), (B)-(ii), (C)-(i), (D)-(iv)

  • (A)-(ii), (B)-(iv), (C)-(i), (D)-(iii) 

🔹 व्याख्या:

👉 पृथ्वीराज राठौड़ की रचना ‘बेली कृष्ण रुक्मणी री’ है — इसलिए (A)-(ii) उचित मिलान है।
👉 बीठू सूजा ने ‘राव जैतसी रो छंद’ की रचना की — अतः (B)-(iii) सही है।
👉 सदाशिव द्वारा रचित ग्रंथ ‘राजरत्नाकर’ है — इसलिए (C)-(i) सटीक है।
👉 जगजीवन भट्ट की रचना ‘अजितोदय’ है — अतः (D)-(iv) मेल खाता है।

✍️ सही उत्तर है – (A)-(ii), (B)-(iii), (C)-(i), (D)-(iv) 

निम्नलिखित में से असत्य युग्म का चयन कीजिए :

[Development Officer 29.07.2025]

पुस्तक / ग्रंथ — रचयिता

  • गलालैंग — केशवदास

  • गजगुण रूपक — शिवदास

  • डिंगल कोश — मुरारीदान

  • केहर प्रकाश — बख़्तावर सिंह

🔹 व्याख्या:

👉 “गलालैंग — केशवदास” का युग्म असत्य है।
👉 गलालैंग की रचना केशवदास द्वारा नहीं की गई थी। 

✍️ सही उत्तर है – गलालैंग — केशवदास  

निम्न में से कौनसी कृतियाँ बाँकीदास द्वारा रचित हैं ? 

(A) सूर छत्तीसी 

(B) दातार बावनी 

(C) सुपह छत्तीसी 

(D) चुगल मुख चपेटिका 

सही कूट का चुनाव करिये - 

[अनुसंधान अधिकारी पुरा. 04.08.2024]

  • केवल A, B, C 

  • केवल A 

  • A, B, C, D 

  • केवल A, B 

🔹 व्याख्या

👉 आसिया बाँकीदास मध्यकाल के अंतिम महान डिंगल कवि थे।
👉 उन्होंने अनेक राजनीतिक, सामाजिक और व्यंग्यात्मक रचनाएँ कीं।
👉 उनकी प्रमुख कृतियाँ हैं — ‘सूर छत्तीसी’, ‘दातार बावनी’, ‘सुपह छत्तीसी’, तथा ‘चुगलमुख चपेटिका’।
👉 इन रचनाओं में उस समय के राजनीतिक हालात और जनजीवन का सजीव चित्रण है।

✍️ सही उत्तर है – A, B, C, D 

निम्नांकित में से किस विद्वान ने " मारवाड़ी व्याकरण" का प्रकाशन किया ? 

[Asst. Prof. (History) 24.09.2021]

  • नाथूदान महरिया 

  • शिवचंद्र भरतिया 

  • उदयराज उज्ज्वल 

  • रामकरण आसोपा 

🔹 व्याख्या

👉 रामकरण आसोपा राजस्थानी भाषा के प्रसिद्ध भाषाविद् और साहित्यकार थे।
👉 उन्होंने वर्ष 1896 ई. में ‘मारवाड़ी व्याकरण’ का प्रकाशन किया।
👉 यह ग्रन्थ मारवाड़ी भाषा के व्याकरण पर लिखा गया प्रथम प्रयास था।
👉 आसोपा ने ‘वृहत्त डिंगल शब्दकोष’ के निर्माण में भी योगदान दिया।

✍️ सही उत्तर है – रामकरण आसोपा 

निम्न में से किस ग्रन्थ में चौहानों को "सूर्यवंशीय" नहीं माना गया है ?  

[संग्रहाध्यक्ष पुरातत्व विभाग 19.06.2024]

  • हम्मीर रासो 

  • पृथ्वीराज विजय 

  • हम्मीर महाकाव्य 

  • गोत्रोच्चार 

🔹 व्याख्या

👉 अधिकांश ऐतिहासिक ग्रन्थों में चौहान वंश को सूर्यवंशीय बताया गया है।
👉 परंतु ‘गोत्रोच्चार’ नामक ग्रन्थ में चौहानों को सूर्यवंशीय नहीं माना गया है।
👉 इसमें उनके वंश और उत्पत्ति को भिन्न रूप में प्रस्तुत किया गया है।
👉 अतः यह ग्रन्थ अन्य स्रोतों से भिन्न मत रखता है।

✍️ सही उत्तर है – गोत्रोच्चार