राजस्थान में 'पावाड़ा' का मतलब है : 

[पुस्तकालयाध्यक्ष ग्रेड - III 19.09.2019]

  • लोक साहित्य

  • लोक गाथा

  • लोक कथा 

  • लोक गीत 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान की समृद्ध लोक संस्कृति में कई साहित्यिक रूप प्रचलित हैं।
👉 इनमें एक प्रमुख रूप पावाड़ा कहलाता है। 
👉 यह एक प्रकार की लोक गाथा है।

✍️ सही उत्तर है – लोक गाथा 

गरासिया जनजाति में 'मोर बन्धिया रीति रिवाज, किस अवसर से जुड़ा हुआ है ? 

[CET (स्नातक) (चरण -IV) 08.01.2023]

  • तलाक 

  • सगाई 

  • जन्म 

  • विवाह

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान की गरासिया जनजाति में अनेक विशिष्ट रीति-रिवाज प्रचलित हैं।
👉 इनमें प्रमुख 'मोर बंधिया' रस्म विशेष रूप से विवाह से जुड़ी होती है।
👉 इस रस्म में पारम्परिक ढंग से वर-वधू के बीच धार्मिक क्रियाएँ सम्पन्न की जाती हैं।
👉 यह परंपरा उनकी सांस्कृतिक पहचान मानी जाती है।

✍️ सही उत्तर है – विवाह 

'चिकनी कोथली' है? 

JEN (सिविल डिग्रीधारक) 18.05.2022

  • शादी की एक रस्म

  • पुत्र जन्मोत्सव की एक रस्म

  • नए ग्रह प्रवेश की एक रस्म

  • मृत्यु पर एक रस्म

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान के विवाह में अनेक रस्में निभाई जाती हैं।
👉 इन्हीं में एक रस्म चिकनी कोथली कहलाती है।
👉 इसमें वर पक्ष की ओर से वधू को गहने, कपड़े, मिठाई आदि दिए जाते हैं।
👉 यह रस्म विशेष रूप से शादी से जुड़ी परम्परा है।

✍️ सही उत्तर है – शादी की एक रस्म 

राजस्थान को बाल विवाह मुक्त बनाने की कार्य योजना किस तिथि को प्रारम्भ की गई ? 

[Supervisor (महिला) 07.09.2024]

  • 5 मार्च 2017 

  • 15 अप्रैल 2017 

  • 5 सितंबर 2017 

  • 11 अक्टूबर 2017 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान में बाल विवाह एक गंभीर सामाजिक समस्या रही है।
👉 इसे समाप्त करने हेतु राज्य सरकार ने विशेष कार्य योजना बनाई।
👉 इस योजना का उद्देश्य राज्य को बाल विवाह मुक्त बनाना था।
👉 यह योजना 5 मार्च 2017 को प्रारम्भ की गई।

✍️ सही उत्तर है – 5 मार्च 2017 

राजस्थान की वह परम्परा, जिसमें दूल्हे की बारात के घर से चले जाने के बाद घर की स्त्रियों द्वारा लोक नाट्य किया जाता है, कहलाता है 

[CET (स्नातक) (चरण -II) 07.01.2023]

  • ख्याल 

  • रम्मत

  • टूटिया 

  • स्वांग 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान के विवाह में कई लोक नाट्य और रस्में प्रचलित हैं।
👉 बारात के घर से निकलने के बाद स्त्रियाँ विशेष नाट्य प्रस्तुति करती हैं।
👉 इस मनोरंजक परंपरा को टूटिया (दूँटिया/खोड़िया नाच) कहा जाता है।
👉 यह रस्म विशेषकर पूर्वी राजस्थान में प्रचलित है।

✍️ सही उत्तर है – टूटिया 

विवाह के दूसरे दिन वर पक्ष द्वारा नवदंपति के लिए आशीर्वाद समारोह व प्रीतिभोज को क्या कहते हैं? 

[बेसिक कम्प्यूटर अनुदेशक 18.06.2022]

  • कू 

  • आणों 

  • बढार

  • औलंदी 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान की विवाह परम्पराओं में कई भोज समारोह होते हैं।
👉 विवाह के अगले दिन वर पक्ष द्वारा विशेष प्रीतिभोज कराया जाता है।
👉 इस अवसर को नवदम्पति के लिए आशीर्वाद समारोह माना जाता है।
👉 इसे राजस्थान की परम्परा में बढ़ार कहा जाता है।

✍️ सही उत्तर है – बढ़ार 

लोक संस्कृति के प्रचार-प्रसार के लिए जोधपुर जिले के बोरुंदा में 'रुपायन संस्थान' की स्थापना किसने की ? 

[4th Grade (2nd Phase) 19.09.2025]

  • कोमल कोठारी 

  • कर्पूरचंद कुलिश 

  • कृपाल सिंह शेखावत 

  • आचार्य तुलसी 

🔹 व्याख्या

👉 रुपायन संस्थान राजस्थान के जोधपुर जिले के बोरुंदा गाँव में स्थापित किया गया था।
👉 इसकी स्थापना 1961 ई. में कोमल कोठारी ने अपने मित्र विजयदान देथा के साथ मिलकर की।
👉 इस संस्थान का उद्देश्य राजस्थान की लोक संस्कृति, संगीत, वाद्ययंत्रों और परंपराओं का संरक्षण करना था।
👉 कोमल कोठारी ने लोककलाओं और कलाकारों के संवर्धन एवं दस्तावेज़ीकरण में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

✍️ सही उत्तर है – कोमल कोठारी 

राजस्थान के रीति-रिवाजों में 'मौसर किसे कहा जाता है ? 

VDO Pre. (तृतीय चरण) 28.12.2021

  • मृत्यु-भोज 

  • विवाह के अवसर पर प्रीति भोज 

  • दहेज 

  • गृह-प्रवेश 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान के रीति-रिवाजों में मृत्यु के बाद कई शोक रस्में होती हैं।
👉 इनमें एक प्रमुख रस्म मौसर कहलाती है।
👉 मृत्यु के 12वें या 13वें दिन परिजनों द्वारा समाजजनों को भोज कराया जाता है।
👉 इसे मृत्यु भोज, औसर या नुक्ता भी कहा जाता है।

✍️ सही उत्तर है – मृत्यु-भोज 

'बढ़ार' क्या है? 

[CET (स्नातक) (चरण -I) 07.01.2023]

  • राजस्थान की एक झील

  • अंत्येष्टि की एक क्रिया 

  • विवाह पर आयोज्य भोज 

  • राजस्थान की एक जनजाति 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान में विवाह से जुड़ी अनेक भोज परम्पराएँ होती हैं।
👉 इनमें एक प्रमुख भोज बढ़ार कहलाता है।
👉 यह भोज विवाह के दूसरे दिन वर पक्ष द्वारा नवदम्पति के लिए किया जाता है।
👉 इसमें रिश्तेदारों और समाजजनों को आशीर्वाद व भोजन कराया जाता है।

✍️ सही उत्तर है – विवाह पर आयोज्य भोज 

'ओल्यूं' राजस्थानी लोक जीवन के किस अवसर से सम्बन्धित है?

JEN (विद्युत डिग्रीधारक) 19.05.2022

  •  पुत्री विवाह का विदाई गीत

  • बारात की आगवानी का गीत

  • पुत्र जन्मोत्सव गीत

  •  होली पर किया जाने वाला लोक नृत्य

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान के लोक जीवन में गीत-संगीत हर अवसर से जुड़े हैं।
👉 पुत्री के विवाह पर विदाई समय विशेष गीत गाए जाते हैं।
👉 इन विदाई गीतों को स्थानीय बोली में 'ओल्यूं' कहा जाता है।
👉 यह बेटी की विदाई की पीड़ा और संवेदना को व्यक्त करता है।

✍️ सही उत्तर है – पुत्री विवाह का विदाई गीत 

बढार का भोज निम्न में से किस मौके पर रखा जाता है ? 

[कनिष्ठ वैज्ञानिक सहायक (सीरम) 15.09.2019]

  • तीर्थ-यात्रा

  • जन्म 

  • मृत्यु 

  • विवाह 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान की परम्पराओं में विवाह से जुड़े कई विशेष भोज होते हैं।
👉 इनमें एक प्रमुख भोज बढ़ार कहलाता है।
👉 यह भोज विवाह के दूसरे दिन वर पक्ष द्वारा नवदम्पति के लिए आयोजित किया जाता है।
👉 इसमें रिश्तेदारों और समाजजनों को आशीर्वाद व भोजन कराया जाता है।

✍️ सही उत्तर है – विवाह 

राजस्थानी संस्कृति में 'औलंदी' क्या है? 

[JEN (कृषि) 10.09.2022]

  • विवाह का एक प्रकार

  • नववधु के साथ जाने वाला पुरुष या स्त्री

  • क्षेत्रीय खेल का एक प्रकार

  • लोक संगीत का एक प्रकार 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान की विवाह परम्पराओं में कई विशेष रस्में होती हैं।
👉 इनमें एक प्रथा औलंदी कहलाती है।
👉 इसमें नववधु के साथ उसके पीहर से कोई पुरुष या स्त्री जाता है।
👉 यह संबंधी उसके साथ रहकर सहयोग और देखभाल करता है।

✍️ सही उत्तर है – नववधु के साथ जाने वाला पुरुष या स्त्री 

महिला पोशाक पोमचा किस अवसर पर पहना जाता है ? 

[CET (10+2 चतुर्थ चरण) 05.02.2023]

  • शिशु के जन्म 

  • सगाई 

  • हरियाली तीज 

  • गणगौर 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान में स्त्रियों द्वारा विभिन्न ओढ़नियाँ विशेष अवसरों पर पहनी जाती हैं।
👉 पोमचा कमल पुष्प की छाप से सजी हुई विशिष्ट ओढ़नी है।
👉 यह प्रथा शिशु जन्म जैसे मंगल अवसरों पर निभाई जाती है।
👉 नवजात पुत्री की माँ को गुलाबी पोमचा तथा पुत्र जन्म पर पीला पोमचा दिया जाता है।

✍️ सही उत्तर है – शिशु के जन्म 

राजस्थान में 'सामेला' शब्द किस अवसर पर प्रयुक्त होता है ? 

[JEN (विधुत) (डिप्लोमाघारक) 29.11.2020]

  • विवाह के समय 

  • गौना के समय 

  • जन्म के समय 

  • मृत्यु के समय

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान के विवाह में बारात के स्वागत हेतु कई रस्में होती हैं।
👉 इन्हीं में एक प्रमुख रस्म सामेला कहलाती है।
👉 इसमें वधू पक्ष द्वारा वर और बारात का आगवानी व आतिथ्य किया जाता है।
👉 यह परम्परा विशेष रूप से विवाह अवसर पर निभाई जाती है।

✍️ सही उत्तर है – विवाह के समय 

निम्न में से कौन-सा संस्कार जन्म से संबंधित है ? 

[हाथकरघा निरीक्षक (उद्योग) 22.12.2019]

  • सामेला 

  • बान 

  • जडूला

  • मौसर 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान की परम्पराओं में कई संस्कार जन्म से जुड़े होते हैं।
👉 जडूला/मुंडन/चूड़ाकर्म इन्हीं में एक प्रमुख संस्कार है।
👉 इसमें बच्चे के पहले या तीसरे वर्ष में सिर के बाल उतारे जाते हैं।
👉 यह संस्कार परिवार के कुल देवता के सामने सम्पन्न किया जाता है।

✍️ सही उत्तर है – जडूला 

निम्न में से विवाह के लिए राजस्थान का सबसे महत्वपूर्ण अबूझ सावा कौन सा है ? 

[REET मुख्य परीक्षा (L -2) 26.02.2023]

  • शरद पूर्णिमा 

  • निर्जला एकादशी

  • आखा तीज

  • करवा चौथ 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान में विवाह हेतु कई अबूझ सावे माने जाते हैं।
👉 इनमें सबसे महत्वपूर्ण और बड़ा सावा आखा तीज कहलाता है।
👉 इस दिन बिना किसी मुहूर्त देखे विवाह किए जाते हैं।
👉 ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी बाल विवाह इसी दिन अधिक होते हैं।

✍️ सही उत्तर है – आखा तीज 

निम्नलिखित में से कौन सा संस्कार जन्म से संबंधित है ? 

[JEN (सिविल) (डिप्लोमा धारक) 06.12.2020]

  • जडूला

  • बान 

  • मौसर 

  • सामेला 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान के रीति-रिवाजों में कई जन्म संस्कार प्रचलित हैं।
👉 जडूला/मुंडन/चूड़ाकर्म इन्हीं में से एक प्रमुख संस्कार है।
👉 इसमें बच्चे के पहले या तीसरे वर्ष में सिर के बाल उतारे जाते हैं।
👉 यह संस्कार कुल देवता के समक्ष सम्पन्न किया जाता है।

✍️ सही उत्तर है – जडूला 

राजस्थान की संस्कृति में “मुगधणा" क्या है ?

[पटवारी मुख्य परीक्षा 24.12.2016]

  • वधू को मूंग और घी खिलाना ।

  • भोजन पकाने के लिए लकड़ियाँ जो विनायक स्थापना के पश्चात लाई जाती है ।

  • माताजी को मेहंदी चढ़ाकर मेहमानों में बाँटना । 

  • लाख की चूडियाँ जिसमें चाँदी की कड़ी पिरोई जाती है।

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान की संस्कृति में विवाह से जुड़ी कई विशेष रस्में होती हैं।
👉 इन्हीं में एक प्रथा मुगधणा कहलाती है।
👉 इसमें भोजन पकाने हेतु लकड़ियाँ लाई जाती हैं।
👉 यह कार्य विशेष रूप से विनायक स्थापना के बाद किया जाता है।

✍️ सही उत्तर है – भोजन पकाने के लिए लकड़ियाँ जो विनायक स्थापना के पश्चात लाई जाती है। 

राजस्थानी संस्कृति में 'औलंदी' क्या है ? 

ग्रामसेवक & छात्रा. अधीक्षक 18.12.2016

  • एक देशी खेल 

  • राजस्थानी लोक-गीत

  • नववधु के साथ जाने वाली लड़की या स्त्री

  • विवाह का एक प्रकार

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान की विवाह परम्पराओं में कई विशिष्ट रस्में प्रचलित हैं।
👉 उन्हीं में से एक प्रथा औलंदी कहलाती है।
👉 इसमें नववधु के साथ उसके पीहर से कोई लड़की या स्त्री जाती है।
👉 यह रस्म वधू के साथ सहयोग और देखभाल से जुड़ी होती है।

✍️ सही उत्तर है – नववधु के साथ जाने वाली लड़की या स्त्री 

बढ़ार भोज किस अवसर पर रखा जाता है ? 

[JEN (यांत्रिक) (डिप्लोमाधारक) 13.12.2020]

  • जन्म के समय 

  • मृत्यु के समय 

  • उत्सवों के समय 

  • विवाह के समय 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान की परम्पराओं में विवाह से जुड़े कई भोज प्रचलित हैं।
👉 इनमें एक प्रमुख भोज बढ़ार कहलाता है।
👉 यह भोज विवाह के दूसरे दिन वर पक्ष द्वारा नवदम्पति के लिए रखा जाता है।
👉 इसमें रिश्तेदारों व समाजजन आशीर्वाद देते हुए प्रीतिभोज करते हैं।

✍️ सही उत्तर है – विवाह के समय 

“घरेलू हिंसा से महिला का संरक्षण अधिनियम (PWDVA)” को भारत में कब लागू किया गया था ?  

[Supervisor (महिला) 07.09.2024]

  • 25 दिसंबर 2007 

  • 26 नवंबर 2014

  • 26 अक्टूबर 2006 

  • 26 दिसम्बर 2005 

🔹 व्याख्या

👉 महिलाओं के सम्मान और अधिकारों की रक्षा हेतु विशेष कानून बनाए गए।
👉 इन्हीं में से एक है घरेलू हिंसा से महिला का संरक्षण अधिनियम (PWDVA)।
👉 इसका मुख्य उद्देश्य महिलाओं को हिंसा मुक्त जीवन प्रदान करना है।
👉 यह अधिनियम पूरे भारत में 26 अक्टूबर 2006 से लागू किया गया।

✍️ सही उत्तर है – 26 अक्टूबर 2006 

भीलों द्वारा लड़की के विवाह के समय घर की दीवार पर बनाये जाने वाले लोक देवी के चित्र को क्या कहा जाता है? 

[CET (स्नातक) (चरण -II) 07.01.2023]

  • तहनिशा 

  • फड़

  • मांडना 

  • भराड़ी

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान की जनजातियों में विवाह से जुड़े अनेक लोकाचार प्रचलित हैं।
👉 भील जनजाति विवाह अवसर पर घर की दीवारों पर चित्रांकन करती है।
👉 यह चित्र विशेष रूप से लोक देवी की पूजा से संबंधित होता है।
👉 इस चित्र को भराड़ी कहा जाता है।

✍️ सही उत्तर है – भराड़ी 

निम्न में से किस समारोह का संबंध विवाह से है ? 

[REET मुख्य परीक्षा (L -2) 25.02.2023]

  • गोद लेना

  • टीका

  • जडूला

  • पनघट पूजन 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान में विवाह के कई समारोह एवं रस्में प्रचलित हैं।
👉 टीका (तिलक) संबंध तय होने के बाद वर पक्ष द्वारा वधू पक्ष को भेंट देने की रस्म है।
👉 इसमें कपड़े, आभूषण, फल-फूल आदि उपहार दिए जाते हैं।
👉 यह प्रथा विशेष रूप से विवाह संस्कार से जुड़ी है।

✍️ सही उत्तर है – टीका 

राजस्थानी संस्कृति में 'जांनोटण' क्या है ? 

ग्रामसेवक & छात्रा. अधीक्षक 18.12.2016

  • एक प्रकार का लोक गीत

  • भूमि का माप

  • एक कृषि कर 

  • वर पक्ष की ओर से दिया जाने वाला भोज

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान की संस्कृति में विवाह से जुड़ी कई भोज परम्पराएँ होती हैं।
👉 इन्हीं में एक रस्म जांनोटण कहलाती है।
👉 इसमें वर पक्ष की ओर से भोज का आयोजन किया जाता है।
👉 यह रस्म सामाजिक सहभागिता और आदर सत्कार का प्रतीक है।

✍️ सही उत्तर है – वर पक्ष की ओर से दिया जाने वाला भोज 

निम्न में से राजस्थान में किस रीति-रिवाज का संबंध विवाह से है ? 

[कनिप्ठ अनुदेशक (मैकेनिक) 23.12.2019]

  • पगड़ी का दस्तूर 

  • पनघट पूजा

  • जङ्कला 

  • सामेला

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान की कई परम्पराएँ विशेष रूप से विवाह से जुड़ी होती हैं।
👉 इनमें एक प्रमुख रस्म सामेला कहलाती है।
👉 इसमें वधू पक्ष द्वारा वर और उसकी बारात का स्वागत किया जाता है।
👉 यह प्रथा विवाह अवसर पर निभाई जाने वाली मुख्य रस्म है।

✍️ सही उत्तर है – सामेला 

ताणना एवं मोर बंधिया विवाह, निम्न में से किस जनजाति में प्रचलित हैं ?

[CET (स्नातक) (चरण -III) 08.01.2023]

  • सांसी 

  • भील 

  • मीणा 

  • गरासिया

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान की कई जनजातियों में विशेष विवाह प्रथाएँ प्रचलित हैं।
👉 गरासिया जनजाति में ताणना एवं मोर बंधिया जैसी रस्में प्रमुख हैं।
👉 ये रस्में उनके पारम्परिक विवाह संस्कार का हिस्सा होती हैं।
👉 इनसे उनकी सांस्कृतिक विशिष्टता झलकती है।

✍️ सही उत्तर है – गरासिया 

"ढ़ीगोली" क्या है ? 

[पशुधन सहायक (LSA) 16.10.2016]

  • स्त्रियों का व्रत

  • नृत्य का नाम

  • आभूषण का नाम

  • मारवाडी खेल का नाम

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान की संस्कृति में स्त्रियों द्वारा अनेक व्रत और परम्पराएँ निभाई जाती हैं।
👉 इन्हीं में एक विशेष व्रत "ढ़ीगोली" कहलाता है।
👉 यह व्रत स्त्रियाँ अपने परिवार की सुख-समृद्धि के लिए करती हैं।
👉 यह प्रथा लोक आस्था और परंपरागत संस्कृति का प्रतीक है।

✍️ सही उत्तर है – स्त्रियों का व्रत 

राजस्थान की प्रसिद्ध लोक कला "बेवाण' है 

[बेसिक कम्प्यूटर अनुदेशक 18.06.2022]

  • कपाटों युक्त लकड़ी से निर्मित मंदिरनुमा आकृति । 

  • लकड़ी से निर्मित तलवारनुमा आकृति जिसका उपयोग रामलीला नाटक में किया जाता है।

  • लकड़ी से निर्मित सिंहासन जिस पर ठाकुरजी की मूर्ति को श्रृंगारित करके बैठाया जाता है।

  • खादी के कपड़े पर लोक देवता के जीवन को चित्रों के माध्यम से प्रस्तुत करना । 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान की विभिन्न लोक कलाएँ धार्मिक परम्पराओं से जुड़ी होती हैं।
👉 इन्हीं में एक प्रमुख लोक कला बेवाण कहलाती है।
👉 इसमें लकड़ी से बना हुआ सिंहासन तैयार किया जाता है।
👉 इस पर ठाकुरजी की मूर्ति को श्रृंगारित कर बैठाया जाता है।

✍️ सही उत्तर है – लकड़ी से निर्मित सिंहासन जिस पर ठाकुरजी की मूर्ति को श्रृंगारित करके बैठाया जाता है। 

निम्न में से कौन-सा संस्कार जन्म से संबंधित है ? 

[CET (10+2 द्वितीय चरण) 04.02.2023]

  • मौसर 

  • बिंदोली 

  • जडूला 

  • सामेला 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान में बच्चों के साथ अनेक जन्म संस्कार किए जाते हैं।
👉 जडूला/मुंडन/चूड़ाकर्म इनमें प्रमुख संस्कार है।
👉 इसमें बच्चे के पहले या तीसरे वर्ष में सिर के बाल उतारे जाते हैं।
👉 यह संस्कार परिवार के कुल देवता के सामने सम्पन्न होता है।

✍️ सही उत्तर है – जडूला

राजस्थान में साफा बांधने की प्रथा कई कारणों से थी। निम्नलिखित में से कौन-सा कथन लागू नहीं होता - 

[JEN (Agriculture) 22.02.2025]

  • इसका उपयोग कुओं से पानी खींचने के लिए रस्सी के रूप में किया जा सकता है। 

  • यह पहनने वाले के सिर को अत्यधिक तापमान से बचाता है। 

  • इसका उपयोग झुला बनाने के लिए रस्सी के रूप में किया जा सकता है। 

  • यह गर्व और पहचान का प्रतीक है। 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान में साफा बाँधना सम्मान और परम्परा का प्रतीक था।
👉 यह शौर्य, गरिमा और सामाजिक प्रतिष्ठा दर्शाता था।
👉 साफा अतिथि-सत्कार एवं विशेष अवसरों पर आदर स्वरूप दिया जाता था।
👉 लेकिन इसका उपयोग झूला बनाने की रस्सी के रूप में नहीं किया जाता था।

✍️ सही उत्तर है – इसका उपयोग झुला बनाने के लिए रस्सी के रूप में किया जा सकता है। 

भीलों में छेड़ा फाड़ना क्या है ?

ग्रामसेवक & छात्रा. अधीक्षक 18.12.2016

  • विवाह 

  • तलाक 

  • पुत्र जन्म

  • त्योहार 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान की भील जनजाति में कई सामाजिक रीति-रिवाज प्रचलित हैं।
👉 यदि पति-पत्नी का संबंध टूट जाता है तो विशेष रस्म निभाई जाती है।
👉 इस रस्म को छेड़ा फाड़ना कहा जाता है।
👉 इसका अर्थ है वैवाहिक संबंध का समाप्त होना (तलाक)।

✍️ सही उत्तर है – तलाक 

कांकण - डोरड़ा, बिंदोली एवं सामेला राजस्थान में किस अवसर से संबंधित हैं ? 

[REET मुख्य परीक्षा (L -2) 28.02.2023]

  • मृत्यु

  • चूड़ाकर्म   

  • विवाह 

  • जन्म 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान में अनेक रस्में और परम्पराएँ विवाह से जुड़ी होती हैं।
👉 कांकण-डोरड़ा विवाह में वर-वधू के हाथ-पाँव में बाँधा जाता है।
👉 बिंदौली/निकासी विवाह के दिन वर के घोड़ी पर चढ़कर निकलने की रस्म है।
👉 सामेला/आगवानी वधू पक्ष द्वारा बारात के स्वागत की परम्परा है।

✍️ सही उत्तर है – विवाह 

निम्नलिखित में से कौन सी प्रथा विवाह से संबंधित है ?

JEN (सिविल डिप्लोमाधारक) 18.05.2022

  • मौसर 

  • मूठ भराई

  • जलवा पूजन

  • जडूला 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान की कई परम्पराएँ विशेष रूप से विवाह से जुड़ी हैं।
👉 मूठ भराई विवाह के समय की एक प्रमुख रस्म है।
👉 इसमें वर के सामने रुपयों की थाली रखकर उसे शगुन स्वरूप रुपये लेने को कहा जाता है।
👉 यह रस्म शुभकामना और सौभाग्य का प्रतीक मानी जाती है।

✍️ सही उत्तर है – मूठ भराई 

बच्चे के जन्म पर कौनसा गीत गाया जाता है ? 

[REET Mains L-2 Sans 20.01.2026]

  • बादली 

  • जच्चा 

  • जोधपुर की मांड 

  • लालर 

🔹 व्याख्या

👉 बच्चे के जन्म अवसर पर विशेष लोकगीत गाए जाते हैं।
👉
राजस्थान में इस अवसर पर जच्चा गीत गाने की परंपरा है।
👉
ये गीत माता-शिशु के सुख और खुशी को दर्शाते हैं।

✍️ सही उत्तर है – जच्चा

भीलों में 'छेड़ा फाड़ना क्या है? 

[पुस्तकालयाध्यक्ष ग्रेड -II 11.09.2022]

  • नाता 

  • जिमान 

  • तलाक 

  • विवाह 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान की भील जनजाति में विवाह से जुड़ी कई प्रथाएँ प्रचलित हैं।
👉 यदि पति-पत्नी साथ नहीं रहना चाहते तो विशेष रस्म निभाई जाती है।
👉 इस रस्म को छेड़ा फाड़ना कहा जाता है।
👉 इसका अर्थ है वैवाहिक संबंध का समाप्त होना।

✍️ सही उत्तर है – तलाक 

पीठी रा गीत कद गाइजै ? 

[REET मुख्य परीक्षा (L -2) 01.03.2023]

  • झड़ूलै पर

  • जलम पर

  • ब्याव में

  • मिरतू पर

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान के विवाह संस्कारों में कई लोकगीत गाए जाते हैं।
👉 इनमें एक प्रमुख गीत पीठी रा गीत है।
👉 यह गीत वर-वधू को उबटन (पीठी) चढ़ाने की रस्म पर गाया जाता है।
👉 इस रस्म का आयोजन विशेष रूप से ब्याव (विवाह) में होता है।

✍️ सही उत्तर है – ब्याव में