तेरहताली नृत्य में किस लोकदेवता का यशोगान किया जाता है ?
VDO Pre. (चतुर्थ चरण) 28.12.2021
👉 रामदेवजी ने रूणेचा में कामड़िया पंथ की स्थापना की थी।
👉 इस पंथ की महिलाएँ तेरह मजीरों के साथ तेरहताली नृत्य करती हैं।
👉 इस नृत्य में रामदेवजी की महिमा और उपदेशों का गान किया जाता है।
👉 यह नृत्य विशेषकर रामदेवजी के मेले पर किया जाता है।
✍️ सही उत्तर है – रामदेवजी
खेजड़ी वृक्ष' राजस्थान के किस लोक देवता का प्रतीक है ?
[कनिष्ठ अनुदेशक (फिटर) 23.03.2019]
👉 गोगाजी नागवंशीय चौहान परिवार के प्रसिद्ध लोकदेवता थे।
👉 इनके थान सामान्यतः खेजड़ी के वृक्ष के नीचे स्थापित किए जाते हैं।
👉 प्रतीक रूप में इनके चरण चिह्न व पत्थर पर सर्प की आकृति अंकित होती है।
👉 लोक कहावत है – “गाँव-गाँव खेजड़ी, गाँव-गाँव गोगो”।
✍️ सही उत्तर है – गोगाजी
राजस्थान के निम्नलिखित लोक देवताओं को कालक्रम से व्यवस्थित करें।
(a) तेजाजी
(b) गोगाजी
(c) पाबूजी
(d) देवनारायण जी
नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर चुनें :
[REET Mains L-2 Sci Math 18.01.26]
🔹 व्याख्या
👉
गोगाजी
राजस्थान के
प्राचीन
लोकदेवता
माने जाते हैं
और इनका काल
सबसे पहले माना
जाता है।
👉
इसके
बाद तेजाजी
का काल आता है,
जो
नागों
के देवता
के रूप में
प्रसिद्ध हैं।
👉
पाबूजी
का समय बाद का
है,
जिन्हें
ऊँटों
के देवता
के रूप में पूजा
जाता है।
👉
अंत
में देवनारायण
जी का
काल आता है,
जो
गुर्जर
समाज के
प्रमुख लोकदेवता
माने जाते हैं।
✍️ सही उत्तर है – (b), (a), (c), (d)
लोकदेवता गोगाजी, डॉ. दशरथ शर्मा के अनुसार किस शासक के समयकालीन थे ?
[कनिष्ठ वैज्ञानिक सहायक (भौतिक) 21.09.2019]
👉 गोगाजी नागवंशीय चौहान परिवार के लोकदेवता थे।
👉 इन्हें नागों का देवता और जाहरपीर कहा जाता है।
👉 इतिहासकार डॉ. दशरथ शर्मा के अनुसार गोगाजी मुस्लिम शासक महमूद गजनवी के समकालीन थे।
👉 गजनवी ने गोगाजी की वीरता देखकर उन्हें जाहरपीर (जिंदा पीर) कहा था।
✍️ सही उत्तर है – महमूद गजनवी
सूची I को सूची II से सुमेलित करें।
सूची I |
सूची II |
(a) गोगाजी |
(i) भीलवाड़ा |
(b) तेजाजी |
(ii) शीर्षमेड़ी |
(c) पाबूजी |
(iii) कोलू |
(d) देवनारायणजी |
(iv) खरनाल |
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनें :
[Jamadar Grade II 27.12.2025]
🔹 व्याख्या
👉 गोगाजी
का प्रमुख तीर्थ
शीर्षमेड़ी
(गोगामेड़ी)
है।
👉
तेजाजी
का जन्मस्थान
खरनाल
(नागौर)
माना
जाता है।
👉
पाबूजी
का संबंध कोलू
से है।
👉
देवनारायणजी
की पूजा विशेष
रूप से भीलवाड़ा
क्षेत्र में
होती है।
✍️ सही उत्तर है – (a) – (ii), (b) – (iv), (c) – (iii), (d) – (i)
गोगाजी का जन्म स्थान ____ है।
[CET (10+2 द्वितीय चरण) 04.02.2023]
👉 गोगाजी का जन्म विक्रम संवत् 1003 (946 ई.) में हुआ।
👉 उनका जन्मस्थान ददरेवा गाँव बताया गया है।
👉 गोगाजी नागवंशीय चौहान परिवार से संबंधित थे।
👉 इन्हें नागों का देवता और जाहरपीर कहा जाता है।
✍️ सही उत्तर है – ददरेवा
उस हिन्दू संत का नाम जिसे मुस्लिम भी ' रमसा पीर' के रूप में पूजते हैं:
निम्नलिखित विकल्पों में से सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर चुनें:
[पशु परिचर (5th Phase) 03.12.2024]
👉 रामदेवजी का जन्म ऊंडूकासमेर (बाड़मेर) में हुआ था।
👉 उन्होंने समाज में ऊँच-नीच और जातीय भेदभाव मिटाने का कार्य किया।
👉 मुस्लिम समाज भी इन्हें रमसा पीर के नाम से पूजता है।
👉 लोकमानस में इन्हें पीरों का पीर और रूणेचा रा धणी कहा जाता है।
✍️ सही उत्तर है – रामदेवजी
राजस्थान के लोक देवता पाबूजी के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही नहीं है ? [*]
[JEN सिविल डिग्री 22.02.2025]
बेंगती गाँव (फलौदी) में किस लोक देवता का मुख्य मन्दिर स्थित है ?
[CET (स्नातक) (चरण -II) 07.01.2023]
👉 हड़बूजी साँखला राजपूत वंश से थे और सिद्ध योगी कहलाए।
👉 उन्होंने समाज सुधार के कार्य किए और पंचपीरों में गिने जाते हैं।
👉 इनका प्रमुख मंदिर बेंगती गाँव (फलौदी) में स्थित है।
👉 यह मंदिर 1721 ई. में महाराजा अजीतसिंह द्वारा बनवाया गया था।
✍️ सही उत्तर है – हड़बूजी
निम्न में से किसे मारवाड़ में सर्वप्रथम ऊँट लाने का श्रेय दिया जाता है ?
VDO Pre. (तृतीय चरण) 28.12.2021
👉 पाबूजी राठौड़ वंशीय वीर लोकदेवता थे।
👉 उन्हें विशेष रूप से ऊँटों का देवता और गौरक्षक माना गया।
👉 मारवाड़ में सर्वप्रथम ऊँट लाने का श्रेय भी पाबूजी को दिया जाता है।
👉 उन्होंने अपनी भतीजी केलमदे को दहेज में देने हेतु ऊँट लाए थे।
✍️ सही उत्तर है – पाबूजी
लोक देवता गोगाजी की समाधि, गोगामेड़ी ________ जिले में स्थित है।
पशुधन सहायक (LSA) 04.06.2022
👉 गोगाजी नागवंशीय चौहान परिवार के प्रसिद्ध लोकदेवता थे।
👉 उनकी समाधि गोगामेड़ी (धुरमेड़ी) में स्थित है।
👉 यह स्थल वर्तमान हनुमानगढ़ जिले में आता है।
👉 यहाँ प्रतिवर्ष भाद्रपद कृष्ण नवमी को बड़ा पशु मेला भरता है।
✍️ सही उत्तर है – हनुमानगढ़
राजा अजमल किस लोक देवता के पिता थे ?
[प्रयोगशाला सहायक (भूगोल) 30.06.2022]
👉 रामदेवजी का जन्म ऊंडूकासमेर (बाड़मेर) में हुआ था।
👉 इनके पिता का नाम ठाकुर अजमल तंवर था।
👉 माता का नाम मैणादे तथा गुरु का नाम योगी बालीनाथ था।
👉 रामदेवजी को रूणेचा रा धणी और पीरों का पीर कहा जाता है।
✍️ सही उत्तर है – रामदेवजी
सुमेलित कीजिए -
कूट -
[CET (स्नातक) (चरण -III) 08.01.2023]
👉 गोगाजी का जन्मस्थान ददरेवा (चूरू) है।
👉 पाबूजी का जन्मस्थान कोलू / कोलूमंड (फलौदी) है।
👉 हड़बूजी का जन्म भूंडेल (नागौर) गाँव में हुआ।
👉 फत्ताजी का जन्म सांथू (जालौर) में हुआ।
✍️ सही उत्तर है – 1-ii, 2-iii, 3-iv, 4-i
लोकदेवता गोगाजी के 'थान' सामान्यतः किस पेड़ के नीचे पाये जाते हैं ?
[प्रयोगशाला सहायक 03.02.2019]
👉 गोगाजी नागवंशीय चौहान परिवार के प्रसिद्ध लोकदेवता थे।
👉 इनके चरण चिह्न (थान) सामान्यतः खेजड़ी वृक्ष के नीचे स्थापित किए जाते हैं।
👉 इन थानों पर सर्प की आकृति अंकित होती है जो गोगाजी का प्रतीक चिह्न है।
👉 लोक कहावत है – “गाँव-गाँव खेजड़ी, गाँव-गाँव गोगो”।
✍️ सही उत्तर है – खेजड़ी
जैतमलोत राठौड़ को किस लोक देवता के नाम से जाना जाता है
[पर्यवेक्षक परीक्षा 29.11.2015]
👉 जैतमलोत राठौड़ को लोक देवता आलम जी के नाम से जानते हैं यह मारवाड़ के राठौड़ वंश के योद्धा और चमत्कारी पुरुष थे इनका मुख्य पूजा स्थल धोरीमना क्षेत्र में स्थित आलम जी का धोरा है यह रेतीला धोरा धार्मिक रूप से पवित्र माना जाता है आलम जी के धोरे को घोड़ो का तीर्थ स्थल माना जाता है
✍️ सही उत्तर है – आलम जी
आसींद (भीलवाड़ा) निम्नलिखित में से किस लोक देवता से संबद्ध है ?
[VDO मुख्य परीक्षा 09.07.2022]
👉 देवनारायणजी बगड़ावत वंश के गुर्जर लोकदेवता थे।
👉 इनका मुख्य मंदिर आसींद (भीलवाड़ा) में स्थित है।
👉 यहाँ प्रतिवर्ष भाद्रपद शुक्ल सप्तमी को बड़ा मेला लगता है।
👉 देवनारायणजी को विष्णु का अवतार और आयुर्वेद का ज्ञाता माना गया।
✍️ सही उत्तर है – देवनारायण जी
राजस्थान के लोक देवता का नाम जिसे ऊँटों का देवता कहा जाता है -
निम्नलिखित विकल्पों में से सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर चुनें:
[पशु परिचर (5th Phase) 03.12.2024]
👉 पाबूजी राठौड़ वंश के प्रसिद्ध लोकदेवता थे।
👉 इन्हें विशेष रूप से ऊँटों का देवता कहा जाता है।
👉 रेबारी/राईका जाति पाबूजी को अपना आराध्य देव मानती है।
👉 पाबूजी की फड़ सबसे लोकप्रिय है और ऊँट बीमार होने पर इसे बाँचते हैं।
✍️ सही उत्तर है – पाबूजी
टौंक जिले के मालपुरा तहसील में डिग्गीपुरी के राजा कल्याणजी किसके अवतार माने जाते हैं ?
[NHM Pharma Assistant 13.06.2025]
👉 डिग्गीपुरी के राजा कल्याणजी टौंक जिले की मालपुरा तहसील से संबंधित प्रसिद्ध लोकदेवता हैं।
👉 लोकमान्यता के अनुसार, राजा कल्याणजी को भगवान विष्णु का अवतार माना जाता है।
✍️ सही उत्तर है – विष्णु
कौन सा युग्म गलत सुम्मेलित है ?
[सुपरवाईजर परीक्षा 06.01.2019]
👉 मल्लीनाथजी का जन्म महेवा (बाड़मेर) में हुआ था।
👉 इनका प्रमुख मंदिर तिलवाड़ा (बालोतरा) में लूणी नदी के किनारे स्थित है।
👉 यहाँ प्रतिवर्ष चैत्र मास में राजस्थान का सबसे प्राचीन पशु मेला भरता है।
👉 अतः मल्लीनाथजी को गागरोण से जोड़ना गलत सुमेलित है।
✍️ सही उत्तर है – मल्लीनाथजी – गागरोण
'भाथी खत्री' किस लोक देवता को संदर्भित करता है ?
[REET मुख्य परीक्षा (L -2) 27.02.2023]
👉 वीर कल्लाजी राठौड़ मेवाड़ शासक उदयसिंह के समकालीन थे।
👉 वे चार हाथों वाले देवता के रूप में प्रसिद्ध हुए और लोकमानस में महान योद्धा माने जाते हैं।
👉 कल्लाजी को विशेष रूप से गुजरात में भाथी खत्री तथा मालवा क्षेत्र में जुझारू वीर नायक कहा गया है।
👉 इनके थान पर आज भी साँप-बिच्छू व भूत-प्रेत का इलाज किया जाता है।
✍️ सही उत्तर है – कल्लाजी
"रुणीचा" धार्मिक स्थल किस लोक देवता से संबंधित है ?
[कनिष्ठ अनुदेशक (ICT) 04.01.2025]
👉 रामदेवजी ने समाज में ऊँच-नीच और जातीय भेदभाव मिटाने का कार्य किया।
👉 उन्होंने रूणेचा (जैसलमेर) में आकर अपना मुख्य धाम स्थापित किया।
👉 यहीं पर 1458 ई. में उन्होंने रामसरोवर की पाल पर समाधि ली।
👉 इस स्थान को आज रामदेवरा/रूणेचा के नाम से जाना जाता है।
✍️ सही उत्तर है – रामदेवजी
गोगाजी (राजस्थान में एक लोक देवता) के पिताजी का नाम थाः
निम्नलिखित विकल्पों में से सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर चुनें:
[पशु परिचर (2nd Phase) 01.12.2024]
👉 गोगाजी का जन्म ददरेवा (चूरू) में हुआ था।
👉 वे नागवंशीय चौहान परिवार से संबंधित थे।
👉 गोगाजी के पिता का नाम जेवर सिंह बताया गया है।
👉 माता का नाम बाछलदे था और गुरु गोरखनाथजी थे।
✍️ सही उत्तर है – जेवर सिंह
राजस्थान में कौन हाथ में भाला लेकर एक योद्धा के रूप में या साँप देवता के रूप में पूजे जाते हैं ?
[CET (10+2) 22.10.2024 प्रथम चरण]
👉 गोगाजी नागवंशीय चौहान परिवार के लोकदेवता थे।
👉 इन्हें नागों का देवता और जाहरपीर कहा जाता है।
👉 गोगाजी का प्रतीक चिह्न भाला लिए घुड़सवार योद्धा और सर्प है।
👉 लोकमान्यता है कि इनके स्मरण से सर्पदंश का विष उतर जाता है।
✍️ सही उत्तर है – गोगा जी
निम्नलिखित में से कौनसा युग्म गलत सुमेलित है ?
[कनिष्ठ वैज्ञानिक सहायक (रसायन) 14.09.2019]
👉 मल्लीनाथजी का जन्म 1358 ई. में महेवा (बाड़मेर) में हुआ था।
👉 इनका प्रमुख मंदिर तिलवाड़ा (बालोतरा) में लूणी नदी के किनारे स्थित है।
👉 खड़नाल गाँव का संबंध तेजाजी से है, न कि मल्लीनाथजी से।
👉 अतः मल्लीनाथजी – खरनाल का युग्म असत्य / गलत है।
✍️ सही उत्तर है – मल्लीनाथजी – खरनाल
नेजा, जम्मा, रिखिया किस स्थानीय लोकदेवता से सम्बन्धित हैं ?
[हाउस कीपर परीक्षा 09.07.2022]
👉 रामदेवजी 14वीं सदी के महान लोकदेवता थे।
👉 इनके धार्मिक स्थल पर पाँच रंग की पताका/ध्वज नेजा के रूप में फहराई जाती है।
👉 रामदेवजी द्वारा चलाया गया रात्रि जागरण जम्मा कहलाता है।
👉 मेघवाल जाति के भक्त, जिन्हें रामदेवजी ने धर्म बहन बनाया था, वे रिखिया कहलाते हैं।
✍️ सही उत्तर है – रामदेव जी
नीचे दिए गए राजस्थान के संतों और लोक देवताओं को उनके जन्म वर्ष के आधार पर कालक्रमानुसार व्यवस्थित करें :
(a) पाबुजी
(b) पीपा
(c) दादू दयाल
(d) देवनारायणजी
नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर चुनें :
[REET Mains ( L-1) 17.01.2026]
🔹 व्याख्या
👉
पाबुजी
का जन्म सबसे
पहले माना जाता
है।
👉
इसके
बाद देवनारायणजी
का जन्म हुआ।
👉
आगे
चलकर पीपा
का जन्म हुआ।
👉
अंत
में दादू
दयाल का
जन्म हुआ।
✍️ सही उत्तर है – (a), (d), (b), (c)
निम्नलिखित को सुमेलित कीजिए और नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर का चयन कीजिए
सूची-I सूची -II
(i) जहर पीर (1) रामदेवजी
(ii) शिव का अवतार (2) पाबूजी
(iii) लक्ष्मण का अवतार (3) गोगाजी
फड़ चित्रकला में
(iv) रामसा पीर (4) तेजाजी
[कनिष्ठ अनुदेशक (कार्यशाला) 10.09.2022]
कूट :-
👉 जहर पीर के रूप में गोगाजी पूजे जाते हैं, जिन्हें सर्पों का देवता कहा गया।
👉 शिव का अवतार माने जाते हैं वीर तेजाजी, जो नागौर के लोकदेवता हैं।
👉 लक्ष्मण का अवतार पाबूजी को कहा गया है, जिन्हें ऊँटों का देवता भी माना गया।
👉 रामसा पीर के रूप में रामदेवजी प्रसिद्ध हैं, जिन्हें रूणेचा रा धणी भी कहा जाता है।
✍️ सही उत्तर है – (i)-3, (ii)-4, (iii)-2, (iv)-1
नीचे दो कथन दिए गए हैं:
कथन (I): राजस्थान में पाबूजी की ऊँटों के देवता के रूप में पूजा की जाती है।
कथन (II): मारवाड़ में सर्वप्रथम ऊँट लाने का श्रेय पाबूजी को है।
उपरोक्त कथनों के आलोक में, नीचे दिए गए विकल्पों में से सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर चुनें।
[पशु परिचर (2nd Phase) 01.12.2024]
👉 पाबूजी राठौड़ वंशीय लोकदेवता थे।
👉 इन्हें विशेष रूप से ऊँटों के देवता के रूप में पूजा जाता है।
👉 मारवाड़ में सर्वप्रथम ऊँट लाने का श्रेय भी पाबूजी को ही दिया गया है।
👉 अतः कथन (I) और कथन (II) दोनों सही सिद्ध होते हैं।
✍️ सही उत्तर है – कथन (I) और कथन (II) दोनों सही हैं।
तेजाजी का जन्म किस जिले में हुआ था ?
[लिपिक ग्रेड -II (LDC) 11.08.2024]
👉 वीर तेजाजी का जन्म 29 जनवरी 1073 ई. को हुआ।
👉 इनका जन्मस्थान खड़नाल गाँव बताया गया है।
👉 खड़नाल गाँव वर्तमान नागौर जिले में स्थित है।
👉 तेजाजी नागवंशीय जाट परिवार में जन्मे और लोकदेवता बने।
✍️ सही उत्तर है – नागौर
'खेजड़ी का पेड़' संबंधित है -
[पुस्तकालयाध्यक्ष ग्रेड - III 19.09.2019]
👉 गोगाजी नागवंशीय चौहान परिवार के प्रसिद्ध लोकदेवता थे।
👉 इनके चरण चिह्न (थान) सामान्यतः खेजड़ी के पेड़ के नीचे स्थापित होते हैं।
👉 लोक मान्यता है – “गाँव-गाँव खेजड़ी, गाँव-गाँव गोगो”।
👉 गोगाजी को नागों का देवता और जाहरपीर कहा जाता है।
✍️ सही उत्तर है – गोगाजी
कामडिया पंथ की स्थापना किसने की ?
[CET (10+2) 23.10.2024 चतुर्थ चरण]
👉 रामदेवजी ने समाज से ऊँच-नीच और जातीय भेदभाव मिटाने का कार्य किया।
👉 उन्होंने विशेषकर अछूतों के उद्धार हेतु कामड़िया पंथ की स्थापना की।
👉 कामड़िया पंथ के लोग रामदेवजी के प्रिय भक्त कहलाते हैं।
👉 इनके मेले पर कामड़िया पंथ की महिलाएँ तेरहताली नृत्य करती हैं।
✍️ सही उत्तर है – रामदेव जी
तेजाजी का जन्म कहाँ हुआ था ?
[REET मुख्य परीक्षा (L -2) 26.02.2023]
👉 वीर तेजाजी का जन्म विक्रम संवत् 1130 (1073 ई.) में हुआ।
👉 उनका जन्मस्थान खड़नाल गाँव बताया गया है।
👉 यह गाँव वर्तमान नागौर जिले में स्थित है।
👉 तेजाजी को साँपों का देवता और गायों का रक्षक माना गया।
✍️ सही उत्तर है – खड़नाल (नागौर)
मुस्लिम समाज में 'रामसा पीर' के रूप में कौन से लोक देवता प्रसिद्ध हैं ?
[कनिष्ठ अनुदेशक (वायरमेन) 05.01.2025]
👉 रामदेवजी का जन्म ऊंडूकासमेर (बाड़मेर) में हुआ था।
👉 उन्होंने समाज से छुआछूत और जातीय भेदभाव मिटाने का कार्य किया।
👉 लोकमानस में इन्हें रूणेचा रा धणी और पीरों का पीर कहा जाता है।
👉 मुस्लिम समाज इन्हें श्रद्धा से रामसा पीर के नाम से पूजता है।
✍️ सही उत्तर है – रामदेवजी
देवनारायण जी का मुख्य पूजास्थल कहाँ स्थित है ?
[कनिष्ठ अनुदेशक (कार्यशाला) 19.11.2024]
👉 देवनारायणजी बगड़ावत वंश के गुर्जर लोकदेवता थे।
👉 इन्हें विष्णु का अवतार और आयुर्वेद का ज्ञाता माना जाता है।
👉 देवनारायणजी का मुख्य मंदिर आसींद (भीलवाड़ा) में स्थित है।
👉 यहाँ प्रतिवर्ष भाद्रपद शुक्ल सप्तमी को विशाल मेला लगता है।
✍️ सही उत्तर है – आसींद (भीलवाड़ा)
'कामड़िया पंथ' के संस्थापक कौन थे ?
[Supervisor (महिला) 07.09.2024]
👉 रामदेवजी ने रूणेचा में कामड़िया पंथ की स्थापना की।
👉 इस पंथ का उद्देश्य अछूतों का उद्धार और समाज में समानता लाना था।
👉 कामड़िया पंथ की महिलाएँ तेरह मजीरों के साथ तेरहताली नृत्य करती हैं।
👉 यह पंथ आज भी रामदेवजी के भक्तों की पहचान बना हुआ है।
✍️ सही उत्तर है – रामदेव जी
निम्नलिखित में से कौन राजस्थान में पंचपीर में शामिल नहीं है ?
निम्नलिखित विकल्पों में से सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर चुनें:
[पशु परिचर (4th Phase) 02.12.2024]
👉 राजस्थान में पंचपीर के रूप में पाबूजी, हड़भूजी, रामदेवजी, मेहाजी मांगलिया और गोगाजी माने जाते हैं।
👉 इन पाँचों को लोकमानस में विशेष सम्मान प्राप्त है।
👉 तेजाजी को साँपों का देवता कहा जाता है, परंतु वे पंचपीर में शामिल नहीं हैं।
👉 पंचपीर की कहावत भी प्रचलित है – “पाबू, हड़भू, रामदे, मांगलिया मेहा, पाँचों पीर पधारज्यो, गोगाजी जेहा।”
✍️ सही उत्तर है – तेजा जी
देवनारायणजी का मुख्य पूजा स्थल ____ में स्थित है।
[वनपाल परीक्षा 06.11.2022]
👉 देवनारायणजी बगड़ावत वंश के गुर्जर लोकदेवता थे।
👉 इन्हें विष्णु का अवतार और आयुर्वेद का ज्ञाता माना जाता है।
👉 देवनारायणजी का मुख्य मंदिर भीलवाड़ा जिले के आसींद में स्थित है।
👉 यहाँ प्रतिवर्ष भाद्रपद शुक्ल सप्तमी को बड़ा मेला लगता है।
✍️ सही उत्तर है – आसींद
चार हाथों वाला लोकदेवता किसे कहा जाता है ?
[CET (स्नातक) (चरण -I) 07.01.2023]
👉 वीर कल्लाजी राठौड़ मेवाड़ शासक उदयसिंह के समकालीन थे।
👉 उन्होंने चित्तौड़गढ़ के तीसरे साके में वीरता से युद्ध किया।
👉 युद्ध में कल्लाजी ने अपने ताऊ राव जयमल को कंधों पर बैठाकर लड़ाई लड़ी।
👉 इसी कारण लोकमानस में इन्हें चार हाथों वाले देवता कहा गया।
✍️ सही उत्तर है – कल्ला जी
निम्नलिखित में से किस लोकदेवता को 'जाहिर पीर' के रूप में भी पूजा जाता है ?
[REET मुख्य परीक्षा (L -1) 25.02.2023]
👉 गोगाजी का जन्म ददरेवा (चूरू) में नागवंशीय चौहान परिवार में हुआ।
👉 इन्हें नागों का देवता और सर्पों का रक्षक माना गया।
👉 मुस्लिम समाज में गोगाजी को गोगापीर तथा जाहिर पीर कहा जाता है।
👉 जनश्रुतियों के अनुसार गोगाजी के नाम से सर्पदंश का विष भी उतर जाता है।
✍️ सही उत्तर है – गोगाजी
तेजाजी के जन्म स्थल का नाम है ?
[पटवार (प्रथम चरण) 23.10.2021]
👉 वीर तेजाजी का जन्म विक्रम संवत् 1130 (1073 ई.) में हुआ।
👉 उनका जन्मस्थान खड़नाल गाँव बताया गया है।
👉 यह गाँव वर्तमान नागौर जिले में स्थित है।
👉 तेजाजी को साँपों का देवता और गायों का मुक्तिदाता माना जाता है।
✍️ सही उत्तर है – खड़नाल
किसको घोड़े पर सवार और तलवार पकड़े योद्धा के रूप में दर्शाया गया है, जिसकी जीभ पर साँप डस रहा है ?
[JEN (Mech. Diploma) 10.02.2025]
👉 तेजाजी नागवंशीय जाट परिवार में जन्मे लोकदेवता थे।
👉 उनका प्रतीक चिह्न तलवारधारी अश्वारोही योद्धा है।
👉 इस चित्रण में उनकी जीभ पर साँप डसते हुए दर्शाया गया है।
👉 लोकमान्यता है कि तेजाजी के स्मरण से सर्पदंश का विष उतर जाता है।
✍️ सही उत्तर है – तेजाजी
सूची I को सूची II से सुमेलित कीजिए :
सूची I (महान व्यक्तित्व) |
सूची II (संबंधित स्थान) |
(a) गोगाजी |
(I) उंडू-कासामेर |
(b) तेजाजी |
(II) कोलू |
(c) रामदेवजी |
(III) खरनाल |
(d) पाबूजी |
(IV) ददरेवा |
नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर चुनें :
[REET Mains L-2 Hindi 19.01.2026]
🔹 व्याख्या
👉 गोगाजी का जन्म चूरू के ददरेवा में हुआ था।
👉 तेजाजी का जन्म नागौर के खरनाल में हुआ।
👉 रामदेवजी का जन्म बाड़मेर के उंडू-कासामेर में हुआ।
👉 पाबूजी का जन्म जोधपुर के कोलू में हुआ।
✍️ सही उत्तर है – a-IV, b-III, c-I, d-II
राजस्थान के कौन से लोक देवता को "धोलियावीर" के नाम से भी जाना जाता है ?
[वरिष्ठ कम्प्यूटर अनुदेशक 19.06.2022]
👉 वीर तेजाजी का जन्म नागौर जिले के खड़नाल गाँव में हुआ था।
👉 इन्हें साँपों का देवता और गायों का रक्षक माना जाता है।
👉 तेजाजी को लोकमानस में काला-बाला का देवता और धोलियावीर भी कहा जाता है।
👉 इनके प्रतीक चिह्न में तलवारधारी अश्वारोही योद्धा दर्शाया गया है।
✍️ सही उत्तर है – तेजाजी
निम्न में से सत्य कथनों की पहचान करें:
a. कल्लाजी, जिन्होंने अकबर के चित्तौड़ किले पर आक्रमण के दौरान असाधारण वीरता और साहस दिखाया था, मेवाड़ क्षेत्र में चार हाथों वाले लोकदेवता के रूप में लोकप्रिय हैं।
b. ऐसा माना जाता है कि कल्लाजी का सिर काटने के बाद भी मुगलों से लड़ते हुए उनका धड़ रुंडेला तक पहुंच गया था।
c. कल्लाजी द्वारा कामड़िया पंथ की स्थापना की गई थी।
d. राजस्थान में पाबूजी ऊँटों के देवता के रूप में पूजे जाते हैं।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर चुनें:
[पशु परिचर (4th Phase) 02.12.2024]
👉 कल्लाजी को चित्तौड़गढ़ के तीसरे साके में वीरता दिखाने पर चार हाथों वाले देवता कहा गया।
👉 जनश्रुति अनुसार उनका कपन्ध (धड़) रणभूमि से उठकर रुंडेला/रनेला तक पहुँचा।
👉 कामड़िया पंथ की स्थापना रामदेवजी ने की थी, कल्लाजी ने नहीं।
👉 पाबूजी को विशेष रूप से ऊँटों का देवता माना जाता है।
✍️ सही उत्तर है – केवल a, b, d
निम्नलिखित में से कौन सा युग्म (लोक देवता – माता) सुमेलित नहीं है ?
[फायरमैन परीक्षा 29.01.2022]
👉 तेजाजी की माता का नाम राम कुँवरी था।
👉 उन्हें गलत रूप से रामप्यारी से जोड़ा गया है।
👉 अन्य लोकदेवताओं जैसे रामदेवजी – मैणादे और गोगाजी – बाछलदे का संबंध सही है।
👉 अतः असुमेलित युग्म है – तेजाजी – रामप्यारी।
✍️ सही उत्तर है – तेजाजी – रामप्यारी
निम्नलिखित में से किस लोकदेवता को ऊंटों का देवता माना जाता है ?
[वनरक्षक (द्वितीय चरण -A) 11.12.2022]
👉 पाबूजी राठौड़ वंश के वीर लोकदेवता थे।
👉 इन्हें विशेष रूप से ऊँटों का देवता माना जाता है।
👉 रेबारी/राईका जाति पाबूजी को अपना आराध्य देव मानती है।
👉 पाबूजी की फड़ सबसे लोकप्रिय है और ऊँट बीमार होने पर इसे बाँचते हैं।
✍️ सही उत्तर है – पाबूजी
गोगाजी का जन्मस्थल ददरेवा क्या कहलाता है ?
[कनिष्ठ अनुदेशक (इलेक्ट्रिक) 10.01.2025]
👉 गोगाजी का जन्मस्थान ददरेवा (चूरू) है।
👉 जनश्रुति अनुसार युद्ध के दौरान उनका शीश ददरेवा में गिरा था।
👉 इस कारण ददरेवा को शीर्षमेड़ी कहा जाता है।
👉 यहाँ की मिट्टी से सर्पदंश का विष उतारने की लोकमान्यता है।
✍️ सही उत्तर है – शीर्षमेड़ी
लोक देवता गोगाजी किस शासक के समकालीन थे ?
[हाउस कीपर परीक्षा 09.07.2022]
👉 गोगाजी का जन्म ददरेवा (चूरू) में हुआ था।
👉 इन्हें नागों का देवता और जाहरपीर कहा जाता है।
👉 गोगाजी अपने समय के प्रसिद्ध मुस्लिम शासक महमूद गजनवी के समकालीन थे।
👉 गजनवी ने उनके शौर्य को देखकर उन्हें जाहरपीर (जिंदा पीर) कहा था।
✍️ सही उत्तर है – महमूद गज़नवी
"फड़” नामक पुस्तक के माध्यम से किस लोक देवता की महिमा बताई गई है?
[JEN यांत्रिक विद्युत 06.02.2025]
👉 पाबूजी राठौड़ वंशीय वीर लोकदेवता थे।
👉 इन्हें विशेष रूप से ऊँटों का देवता और गौ रक्षक माना जाता है।
👉 रेबारी जाति के भोपे पाबूजी की फड़ का वाचन करते हैं।
✍️ सही उत्तर है – पाबूजी
तेजाजी से सम्बंधित निम्नलिखित में से कौन-सा स्थल सुमेलित नहीं है ?
JEN (विद्युत डिप्लोमाधारक) 19.05.2022
👉 तेजाजी का जन्म खड़नाल (नागौर) में हुआ था और उन्हें साँपों का देवता माना जाता है।
👉 पनेर उनके ननिहाल से सम्बंधित नहीं है, बल्कि उनकी बहन राजल और उनकी पत्नी पैमल दे के साथ यह स्थान जुड़ा हुआ था।
👉 तेजाजी का प्रमुख पूजा स्थल और थान सांथू (जालौर) और भादवा (नागौर) में स्थित है।
✍️ सही उत्तर है – पनेर - ननिहाल
पूरे राजस्थान में किसकी याद में " गोगा नवमी” मनायी जाती है ?
निम्नलिखित विकल्पों में से सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर चुनें:
[पशु परिचर (6th Phase) 03.12.2024]
👉 गोगाजी नागवंशीय चौहान परिवार के प्रसिद्ध लोकदेवता थे।
👉 इन्हें नागों का देवता और जाहरपीर कहा जाता है।
👉 पूरे राजस्थान में उनकी स्मृति में गोगा नवमी का पर्व मनाया जाता है।
👉 इस अवसर पर गोगामेड़ी (हनुमानगढ़) में विशाल मेला भरता है।
✍️ सही उत्तर है – गोगाजी
निम्नलिखित में से कौन से लोकदेवता भगवान विष्णु के अवतार माने जाते हैं ?
[Conductor Exam 06.11.2025]
🔹 व्याख्या
👉
राजस्थान
के लोकदेवताओं
में देव
नारायणजी
को भगवान
विष्णु का अवतार
माना जाता है।
👉
देव
नारायणजी की
पूजा विशेष
रूप से गुर्जर
समुदाय
में की जाती
है।
👉
उनका
प्रमुख धार्मिक
ग्रंथ देव
नारायण की फड़
है।
👉
अन्य
लोकदेवताओं
को विष्णु का
अवतार नहीं
माना जाता।
✍️ सही उत्तर है – देव नारायणजी
कौन से लोक देवता को "ऊँटों के देवता" के रूप में पूजा जाता है ?
VDO Pre. (द्वितीय चरण) 27.12.2021
👉 पाबूजी का जन्म कोलू (फलौदी) में राठौड़ वंश में हुआ।
👉 इन्हें विशेष रूप से ऊँटों के देवता कहा जाता है।
👉 रेबारी/राईका जाति के लोग पाबूजी को अपने आराध्य देव मानते हैं।
👉 पाबूजी की फड़ सबसे लोकप्रिय है और ऊँट बीमार होने पर इसे बाँचते हैं।
✍️ सही उत्तर है – पाबूजी
मेवाड़ क्षेत्र में चार हाथों वाले लोक देवता के रूप में कौन प्रसिद्ध हैं ?
[REET Mains L-2 Sans 20.01.2026]
🔹 व्याख्या
👉
वीर
कल्लाजी राठौड़
मेवाड़ क्षेत्र
के प्रसिद्ध
लोक देवता
माने जाते हैं।
👉
इन्हें
चार हाथों
वाले
देवता के रूप
में पूजा
जाता है।
👉
1567–68 ई.
में
चित्तौड़ के
तीसरे
शाके के
समय इन्होंने
युद्ध किया।
👉
उन्होंने
घायल जयमल
मेड़तिया
को कंधों
पर बैठाकर युद्ध
किया।
✍️ सही उत्तर है – कल्लाजी
ददरेवा ______ का जन्म स्थल है।
[REET मुख्य परीक्षा (L -2) 26.02.2023]
👉 गोगाजी का जन्म विक्रम संवत् 1003 (946 ई.) में हुआ।
👉 उनका जन्मस्थान ददरेवा गाँव बताया गया है।
👉 गोगाजी नागवंशीय चौहान परिवार में जन्मे थे।
👉 इन्हें नागों का देवता और जाहरपीर कहा जाता है।
✍️ सही उत्तर है – गोगाजी
लोक देवता गोगाजी का धार्मिक स्थल किस वृक्ष के नीचे होता है ?
[कनिष्ठ अनुदेशक (Drafts) 04.01.2025]
👉 गोगाजी नागवंशीय चौहान परिवार के लोकदेवता थे।
👉 इनके चरण चिह्न (थान) सामान्यतः खेजड़ी वृक्ष के नीचे स्थापित किए जाते हैं।
👉 इन थानों पर पत्थर पर सर्प की आकृति अंकित होती है।
👉 कहावत भी प्रचलित है – “गाँव-गाँव खेजड़ी, गाँव-गाँव गोगो।”
✍️ सही उत्तर है – खेजड़ी
'जाहरपीर' के नाम से कौन से लोक देवता को जाना जाता है ?
ग्रामसेवक & छात्रा. अधीक्षक 18.12.2016
👉 गोगाजी नागवंशीय चौहान परिवार के प्रसिद्ध लोकदेवता थे।
👉 इन्हें नागों का देवता और सर्पों का रक्षक माना जाता है।
👉 गोगाजी को मुस्लिम समाज में गोगापीर तथा जाहरपीर कहा जाता है।
👉 लोकमान्यता है कि इनके स्मरण से सर्पदंश का विष भी उतर जाता है।
✍️ सही उत्तर है – गोगा जी
निम्न में से कौन सा युग्म गलत सुम्मेलित है ?
[कनिष्ठ अनुदेशक (इलेक्ट्रिशियन) 24.03.2019]
👉 मल्लीनाथजी का जन्म महेवा (बाड़मेर) में हुआ था।
👉 इनका प्रमुख मंदिर तिलवाड़ा (बालोतरा) में लूणी नदी के किनारे स्थित है।
👉 यहाँ प्रतिवर्ष चैत्र मास में राजस्थान का सबसे पुराना पशु मेला भरता है।
👉 इसलिए मल्लीनाथजी को गागरोण से जोड़ना गलत सुमेलित है।
✍️ सही उत्तर है – मल्लीनाथ – गागरोण
गोगाजी के अलावा कौन-से लोक देवता को साँपों के देवता के रूप में पूजा जाता है?
निम्नलिखित विकल्पों में से सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर चुनें:
[पशु परिचर (3rd Phase) 02.12.2024]
👉 गोगाजी के साथ-साथ वीर तेजाजी को भी सर्पों का देवता माना जाता है।
👉 तेजाजी ने अपने वचन को निभाने हेतु नागदेवता को अपनी जीभ पर डसने दिया था।
👉 लोकमान्यता है कि तेजाजी के स्मरण से सर्पदंश का विष उतर जाता है।
👉 अजमेर क्षेत्र में तेजाजी के अनेक थान और मंदिर मिलते हैं।
✍️ सही उत्तर है – तेजाजी
निम्नलिखित में से कौनसा लोकदेवता साँपों से भी सम्बंधित है ?
[CET (10+2 प्रथम चरण) 04.02.2023]
👉 गोगाजी नागवंशीय चौहान परिवार में जन्मे थे।
👉 इन्हें विशेष रूप से नागों का देवता माना जाता है।
👉 गोगाजी को जाहरपीर कहा जाता है और वे सर्पों के रक्षक माने जाते हैं।
👉 लोकमान्यता है कि इनके स्मरण से सर्पदंश का विष उतर जाता है।
✍️ सही उत्तर है – गोगाजी
हिन्दुओं के द्वारा किनको श्रीकृष्ण के अवतार और मुस्लिमों के द्वारा रामसा पीर के रूप में पूजा जाता हैं ?
[REET Mains ( L-1) 17.01.2026]
🔹 व्याख्या
👉
रामदेवजी
राजस्थान के
प्रमुख लोक
देवता
माने जाते हैं।
👉
हिन्दू
उन्हें श्रीकृष्ण
का अवतार
मानकर पूजा
करते हैं।
👉
जबकि
मुस्लिम समुदाय
उन्हें रामसा
पीर के
रूप में मानता
है।
✍️ सही उत्तर है – रामदेवजी
'सन्त पाबूजी के शिष्य मुख्यतः हैं
[प्रयोगशाला सहायक 13.11.2016]
👉 पाबूजी राठौड़ वंश के वीर लोकदेवता थे।
👉 इन्हें विशेष रूप से ऊँटों का देवता माना जाता है।
👉 पाबूजी के प्रमुख भक्त और शिष्य रेबारी/राईका जाति के लोग हैं।
👉 ऊँट बीमार होने पर रेबारी जाति के भोपे पाबूजी की फड़ बाँचते हैं।
✍️ सही उत्तर है – रेबारी
कोलू गांव किस लोक देवता से संबंधित है ?
[वनरक्षक (प्रथम चरण) 12.11.2022]
👉 पाबूजी का जन्म विक्रम संवत् 1296 में हुआ था।
👉 उनका जन्मस्थान कोलू / कोलूमंड (फलौदी) बताया गया है।
👉 पाबूजी को ऊँटों का देवता और गौ रक्षक माना जाता है।
👉 कोलू गाँव में ही इनका प्रसिद्ध मंदिर स्थित है।
✍️ सही उत्तर है – पाबूजी
कौन से लोक देवता भूंडेल से थे ?
[REET मुख्य परीक्षा (L -2) 27.02.2023]
👉 हड़बूजी का जन्म नागौर जिले के भूंडेल गाँव में हुआ था।
👉 वे साँखला राजपूत वंश से सम्बन्ध रखते थे।
👉 हड़बूजी को सिद्धपुरुष व चमत्कारी योगी कहा गया है।
👉 इनकी गिनती राजस्थान के पंचपीरों में होती है और वाहन सियार माना जाता है।
✍️ सही उत्तर है – हड़बूजी
निम्नलिखित में से कौन से लोकदेवता की माता मैणादे थी ?
[CET (10+2 षष्टम चरण) 11.02.2023]
👉 रामदेवजी का जन्म ऊंडूकासमेर (बाड़मेर) में 14वीं सदी में हुआ।
👉 इनके पिता का नाम अजमल तंवर तथा माता का नाम मैणादे था।
👉 रामदेवजी ने समाज में जातीय भेदभाव मिटाने और अछूतों का उद्धार करने का कार्य किया।
👉 इन्हें रूणेचा रा धणी और पीरों का पीर कहा जाता है।
✍️ सही उत्तर है – रामदेवजी
'बीठू मेहा के रीवाले' में किसके वीरतापूर्ण कार्यों का वर्णन हैं ?
[JEN (कृषि) 10.09.2022]
👉 बिट्टू मेंहा जी रीवाले या गोगा जी का रसावला नामक प्रसिद्ध राजस्थानी लोक काव्य की रचना मेंहा जी बिट्टू ने की थी इस ग्रंथ में राजस्थान के प्रसिद्ध पांच पीरों में से एक गोगाजी चौहान के जीवन,महमूद गजनवी के साथ उनके युद्ध और उनके वीरता पूर्ण कार्यों का संजीव वर्णन मिलता है
'तेरह ताली' नृत्य किस लोक देवता की भक्ति में किया जाता है ?
[कनिष्ठ अनुदेशक (फिटर) 23.03.2019]
👉 रामदेवजी ने रूणेचा में कामड़िया पंथ की स्थापना की थी।
👉 इस पंथ की महिलाएँ तेरह मजीरों के साथ तेरहताली नृत्य करती हैं।
👉 यह नृत्य रामदेवजी के मेला अवसर पर विशेष रूप से किया जाता है।
👉 इसमें रामदेवजी की महिमा और उपदेशों का गान होता है।
✍️ सही उत्तर है – रामदेवजी
कौन से लोक देवता को 'ऊँटों के देवता' के रूप में पूजा जाता है
[स्टेनोग्राफर परीक्षा 21.03.2021]
👉 पाबूजी राठौड़ वंश के वीर लोकदेवता थे।
👉 इन्हें विशेष रूप से ऊँटों के देवता कहा जाता है।
👉 रेबारी/राईका जाति पाबूजी को अपना आराध्य मानती है।
👉 पाबूजी की फड़ सबसे लोकप्रिय है और ऊँट बीमार होने पर इसे बाँचते हैं।
✍️ सही उत्तर है – पाबूजी
निम्नलिखित में से कौन सा लोक देवता रामदेवजी के मौसेरे भाई थे ?
[CET (10+2 पंचम चरण) 11.02.2023]
👉 हड़भूजी का जन्म नागौर जिले के भूंडेल गाँव में हुआ।
👉 वे साँखला राजपूत वंश से थे और सिद्धपुरुष माने जाते हैं।
👉 हड़भूजी गुरु बालीनाथ के शिष्य तथा बाबा रामदेवजी के मौसेरे भाई थे।
👉 इनकी गिनती पंचपीरों में होती है और वाहन सियार माना जाता है।
✍️ सही उत्तर है – हड़भूजी
तेजा जी के चबूतरे को 'थान' तथा पुजारी को ____ कहा जाता है ?
[कनिष्ठ वैज्ञानिक सहायक (अस्त्रक्षेप) 21.09.2019]
👉 तेजाजी नागवंशीय जाट परिवार में जन्मे लोकदेवता थे।
👉 उनके पूजा स्थल खुले चबूतरे पर बने होते हैं, जिन्हें थान कहा जाता है।
👉 तेजाजी के प्रिय भक्त, जो साँपों का ज़हर चूसते हैं, उन्हें घोड़ला कहा जाता है।
👉 लोकमान्यता है कि तेजाजी के स्मरण से सर्पदंश का विष उतर जाता है।
✍️ सही उत्तर है – घोड़ला
राजस्थान में हिंदुओं द्वारा तेजाजी के अलावा किस अन्य लोक देवता को ‘नागराजा’ के रूप में पूजा जाता है?
[VDO (ग्राम विकास अधिकारी) 02.11.2025]
👉 गोगाजी राजस्थान के प्रसिद्ध लोकदेवता हैं, जिन्हें ‘नागराज’ और ‘जाहर पीर’ के रूप में पूजा जाता है।
👉 उन्हें साँपों के रक्षक देवता माना जाता है, जो विष और सर्प-दंश से रक्षा करते हैं।
👉 इसी प्रकार तेजाजी को भी नागों के देवता के रूप में पूजा जाता है।
👉 लोकमान्यता है कि यदि सर्पदंशित व्यक्ति के दाहिने पैर में तेजाजी की तांत (डोरी) बाँध दी जाए, तो उसे विष का प्रभाव नहीं होता।
👉 दोनों लोकदेवता सर्पों के प्रति करुणा और रक्षा के प्रतीक माने जाते हैं।
✍️ सही उत्तर है – गोगाजी
निम्नलिखित में से किस लोक देवता को मुसलमान “रामसा-पीर” के रूप में पूजते हैं?
[जेल प्रहरी (Shift-2nd) 12.04.2025]
👉 रामदेवजी का जन्म ऊंडूकासमेर (बाड़मेर) में हुआ था।
👉 उन्होंने समाज में समानता और छुआछूत विरोध का संदेश दिया।
👉 लोकमानस में इन्हें रूणेचा रा धणी और पीरों का पीर कहा गया।
👉 मुस्लिम समाज इन्हें श्रद्धा से रामसा-पीर के रूप में पूजता है।
✍️ सही उत्तर है – रामदेवजी
अधोलिखित (लोक देवता - मुख्य तीर्थस्थल) में से कौनसा युग्म असंगत है ?
[CET (स्नातक) (चरण -IV) 08.01.2023]
👉 तल्लीनाथजी का जन्म शेरगढ़ (जोधपुर) ठिकाने में हुआ था।
👉 इनका प्रमुख पूजा स्थल जालौर जिले की पंचमुखी पहाड़ी पर स्थित है।
👉 तल्लीनाथजी को प्रकृति प्रेमी लोकदेवता माना जाता है।
👉 अतः इन्हें कतरियासर (बीकानेर) से जोड़ना असंगत है।
✍️ सही उत्तर है – तल्लीनाथ जी – कतरियासर (बीकानेर)
पाबूजी को किस देवता के रूप में पूजा/माना जाता है ? (निम्न में से सबसे उपयुक्त विकल्प चुनें)
[Supervisor (महिला) 07.09.2024]
👉 पाबूजी का जन्म राठौड़ वंश में हुआ और वे लोकदेवता बने।
👉 इन्हें विशेष रूप से ऊँटों का देवता माना जाता है।
👉 रेबारी/राईका जाति, जो ऊँट पालती है, पाबूजी को अपने आराध्य देव मानती है।
👉 पाबूजी की फड़ सबसे लोकप्रिय है और ऊँट बीमार होने पर इसे बाँचते हैं।
✍️ सही उत्तर है – ऊँट
कोलू गांव किस लोक देवता से सम्बद्ध है ?
JEN (विद्युत/यांत्रिक, डिप्लोमा) 20.05.2022
👉 पाबूजी राठौड़ वंश के वीर लोकदेवता थे।
👉 उनका जन्मस्थान कोलू/कोलूमंड (फलौदी) बताया गया है।
👉 पाबूजी को विशेष रूप से ऊँटों का देवता और गौरक्षक माना जाता है।
👉 कोलू गाँव में इनका प्रसिद्ध मंदिर स्थित है, जहाँ प्रतिवर्ष मेला लगता है।
✍️ सही उत्तर है – पाबूजी
गोगाजी को हिन्दू “नागराज" के रूप में तथा मुस्लिम__________के रूप में पूजते हैं।
[REET Mains (L-1) 20.01.2026]
🔹 व्याख्या
👉
गोगाजी
राजस्थान के
प्रसिद्ध लोकदेवता
माने जाते हैं।
👉
हिन्दू
उन्हें नागराज
के रूप में पूजते
हैं।
👉
मुस्लिम
समाज में उन्हें
गोगा पीर
के रूप में मान्यता
प्राप्त है।
👉
इसी
कारण गोगाजी
को हिन्दू-मुस्लिम
दोनों समुदाय
मानते हैं।
✍️ सही उत्तर है – गोगा पीर
'सुगन चिड़ी' को किस लोकमाता का स्वरूप माना जाता है ? [*]
ग्रामसेवक & छात्रा. अधीक्षक 18.12.2016
📌 महत्वपूर्ण सूचना: इस प्रश्न को बोर्ड द्वारा 'डिलीट' घोषित किया गया है।
लोकदेवता जम्भो जी का जन्म कब हुआ था ?
[अन्वेषक परीक्षा 21.08.2016]
👉 विश्नोई संप्रदाय के संस्थापक जांभोजी का जन्म पीपासर गांव नागौर में हुआ था उनके पिता लोहट जी पवार और माता का नाम हंसा देवी था इन्हें विष्णु का अवतार माना जाता है इन्होंने 1485 में समराथल धोरा बीकानेर में विश्नोई संप्रदाय की स्थापना की इस संप्रदाय के अनुयाई 29 नियमों का पालन करते हैं तथा वन्य जीव और हरे वृक्षों की रक्षा करते हैं