निम्नलिखित में से किसके शासनकाल में 'तमाशा' नामक लोक नाट्य शुरु किया गया ? (निम्न में से सबसे उपयुक्त विकल्प चुनें)
[CET स्नातक 28.09.2024 तृतीय चरण]
👉 राजस्थान का प्रसिद्ध लोकनाट्य तमाशा जयपुर से जुड़ा है।
👉 इसकी शुरुआत महाराजा सवाई प्रताप सिंह के शासनकाल में हुई थी।
👉 इस नाट्य के प्रवर्तक बंशीधर भट्ट थे।
👉 इसमें संगीत, नृत्य और गायन तीनों की प्रधानता रहती है।
✍️ सही उत्तर है – महाराजा प्रताप सिंह
कूचामणी ख्याल के बारे में निम्न में से कौन-से कथन सही हैं ?
a. कूचामणी ख्याल प्रसिद्ध लोक नाट्यकार लच्छी राम द्वारा शुरू किया गया था।
b. चाँद नीलगिरी, राव रिदमल और मीरा मंगल, लच्छी राम द्वारा रचित प्रमुख ख्याल हैं।
c. कुचामनी ख्याल एक मुक्त नाट्यशाला (थिएटर) में निष्पादित नहीं किया जाता है।
d. इस ख्याल में ढोल, सारंगी, शहनाई और ढोलक वादक मुख्य सहयोगी होते हैं।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर चुनें:
[CET (स्नातक) 27.09.2024 प्रथम चरण]
👉 कुचामनी ख्याल का प्रवर्तन प्रसिद्ध लोक नाट्यकार लच्छीराम ने किया था।
👉 उनके द्वारा रचित प्रमुख ख्याल हैं – चाँद नीलगिरी, राव रिड़मल और मीरा मंगल।
👉 इसका मंचन विशेष रूप से खुले मंच पर किया जाता है, इसलिए "मुक्त नाट्यशाला में नहीं" वाला कथन गलत है।
👉 इसमें ढोल, शहनाई, ढोलक और सारंगी जैसे वाद्ययंत्रों का प्रयोग होता है।
✍️ सही उत्तर है – केवल a, b और d
निम्नलिखित में से कौनसा राजस्थान की लोक नाट्य (नृत्य) शैली नहीं हैं ?
[कनिष्ठ वैज्ञानिक सहायक (विष) 14.09.2019]
👉 राजस्थान में अनेक प्रमुख लोकनाट्य व नृत्य शैलियाँ प्रचलित हैं।
👉 इनमें ख्याल, रम्मत, तमाशा, स्वांग, गवरी, भवाई आदि शामिल हैं।
👉 ढ़ाडी का उल्लेख राजस्थान की लोकनाट्य या नृत्य शैलियों में नहीं मिलता।
👉 इसलिए इसे राजस्थान की लोकनाट्य शैली नहीं माना जाता है।
✍️ सही उत्तर है – ढ़ाडी
लोक नाट्यकार दूलिया राणा एवं नानूराम किस ख्याल से सम्बद्ध हैं ?
[वरिष्ठ कम्प्यूटर अनुदेशक 19.06.2022]
👉 शेखावटी ख्याल के प्रवर्तक नानूराम राणा (चिड़ावा, झुंझुनूं) थे।
👉 इस ख्याल को लोकप्रिय बनाने में उनके शिष्य दूलिया राणा का बड़ा योगदान रहा।
👉 नानूराम द्वारा रचित प्रमुख ख्याल – हरिश्चन्द्र, हीर-रांझा, ढोला मारवन आदि हैं।
👉 इसकी विशेषता है प्रभावी पद संचालन और गीतमय संवाद।
✍️ सही उत्तर है – शेखावटी ख्याल
सूची-I को सूची-II से सुमेलित करते हुए सही कूट का चयन कीजिए -
सूची I सूची - II
(a) नौटंकी (i) मेवाड़
(b) रम्मत (ii) बीकानेर
(c) तमाशा (iii) जयपुर
(d) तुर्रा कलंगी (iv) धोलपुर -भरतपुर
[संगणक परीक्षा 19.12. 2021]
कूट -
👉 नौटंकी का प्रमुख केंद्र धौलपुर-भरतपुर क्षेत्र रहा है।
👉 रम्मत का उद्भव जैसलमेर से हुआ, पर सबसे अधिक प्रसिद्ध बीकानेर में है।
👉 तमाशा की शुरुआत जयपुर में हुई और इसमें संगीत-नृत्य-गायन की प्रधानता है।
👉 तुर्रा कलंगी ख्याल का प्रमुख क्षेत्र मेवाड़ (चित्तौड़गढ़) है।
✍️ सही उत्तर है – (a)-(iv), (b)-(ii), (c)-(iii), (d)-(i)
निम्नलिखित में से कौन राजस्थान की गद्य या पद्य शैली से संबंधित नहीं है ?
[JEN यांत्रिक डिग्री 10.02.2025]
👉 राजस्थान की साहित्यिक परंपरा में कई गद्य और पद्य शैलियाँ प्रचलित रही हैं। हाथीमना एक लोक नृत्य है जो भीलो का पुरुष प्रधान नृत्य जो विवाह के अवसर पर किया जाता है
👉 इनमें ख्यात, पिंगल, रासो, वात, वचनिका आदि प्रमुख हैं।
👉 हाथीमाना का संबंध राजस्थान की किसी भी गद्य या पद्य शैली से नहीं है।
✍️ सही उत्तर है – हाथीमाना
निम्नलिखित में से कौन फड़ वाचन से सम्बंधित हैं ?
[REET मुख्य परीक्षा (L -1) 25.02.2023]
👉 राजस्थान की लोककला फड़ चित्रकला धार्मिक व वीर गाथाओं पर आधारित होती है।
👉 इन फड़ों का वाचन और गायन विशेष वर्ग द्वारा किया जाता है।
👉 फड़ वाचन का कार्य भोपे और उनकी पत्नियाँ भोपी मिलकर करते हैं।
👉 वे फड़ को खोलकर कथा, गीत और संगीत के साथ इसका प्रदर्शन करते हैं।
✍️ सही उत्तर है – भोपे
लच्छीराम किस लोक नाटक से संबंधित है ?
[जेल प्रहरी (Shift-1st) 12.04.2025]
👉 राजस्थान के प्रसिद्ध लोक नाट्यकार लच्छीराम का संबंध कुचामनी ख्याल से है।
👉 उन्होंने इस ख्याल का प्रवर्तन कर इसे विशेष पहचान दिलाई।
👉 उनकी रचनाएँ चाँद नीलगिरी, राव रिड़मल और मीरा मंगल प्रसिद्ध हैं।
👉 इस ख्याल का रूप ऑपेरा जैसा होता है और इसमें लोकगीतों की प्रधानता रहती है।
✍️ सही उत्तर है – कुचामनी ख्याल
निम्नलिखित में से कौन-सा दौसा, लालसोट और सवाई माधोपुर क्षेत्रों का लोक नाट्य है?
[4th Grade 6th Phase) 21.09.2025]
👉 हेला ख्याल राजस्थान के दौसा, लालसोट और सवाई माधोपुर क्षेत्रों का प्रसिद्ध लोकनाट्य रूप है।
👉 इस नाट्य की मुख्य विशेषता ‘हेला देना’ है, जिसका अर्थ है लंबी टेर में आवाज लगाना।
👉 इसकी प्रस्तुति की शुरुआत में बड़ा नगाड़ा (बम) बजाया जाता है, जो ताल और लय प्रदान करता है।
👉 यह लोकनाट्य गीत, संवाद और अभिनय के संयोजन से प्रस्तुत किया जाता है।
👉 हेला ख्याल स्थानीय समाज की लोकभावना और सांस्कृतिक एकता को अभिव्यक्त करता है।
✍️ सही उत्तर है – हेला ख्याल
"कुचामनी ख्याल" से सम्बंधित कौनसा कथन सही नहीं है ?
[JEN (Civil Degree) 21.08.2016]
👉 कुचामनी ख्याल का प्रवर्तन प्रसिद्ध लोकनाट्यकार लच्छीराम ने किया था।
👉 इसके प्रमुख कलाकारों में उगमराज का नाम उल्लेखनीय है।
👉 इसमें ढोल, शहनाई, सारंगी जैसे वाद्ययंत्रों का प्रयोग होता है।
✍️ सही उत्तर है – इसके कलाकार चेतराम, हमीद बेग, ताराचन्द प्रमुख हैं।
फड़ कलाकार "श्री लाल जोशी" किस जिले से सम्बंधित हैं ?
छात्रावास अधी. Minority 30.08.2024
👉 राजस्थान में फड़ चित्रकला एक प्रमुख लोक कला है।
👉 भीलवाड़ा जिले के शाहपुरा नगर के कलाकार इस परम्परा से जुड़े रहे हैं।
👉 उन्होंने अनेक धार्मिक व ऐतिहासिक कथाओं पर आधारित फड़ रचनाएँ बनाईं।
✍️ सही उत्तर है – भीलवाड़ा
जानकीलाल किस लोक-कला से सम्बन्धित हैं ?
[CET (10+2 द्वितीय चरण) 04.02.2023]
👉 राजस्थान की हास्य-प्रधान लोककला स्वांग में विभिन्न चरित्रों की नकल की जाती है।
👉 इसमें कलाकार को बहरूपिया कहा जाता है, जो अलग-अलग रूप व वेशभूषा धारण करता है।
👉 इसी कला से जुड़े कलाकार जानकीलाल भांड प्रसिद्ध रहे हैं।
👉 वे अपने अद्भुत अभिनय के कारण "मंकी मैन" के नाम से भी पहचाने जाते थे।
✍️ सही उत्तर है – बहरूपिया
प्रसिद्ध लोक नाटक 'तमाशा' राजस्थान के किस स्थान का है ?
निम्नलिखित विकल्पों में से सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर चुनें:
[पशु परिचर (2nd Phase) 01.12.2024]
👉 राजस्थान का प्रसिद्ध लोकनाट्य तमाशा मूलतः महाराष्ट्र से आया।
👉 इसकी शुरुआत राजस्थान में महाराजा सवाई प्रताप सिंह के शासनकाल में हुई।
👉 यह विशेष रूप से जयपुर क्षेत्र से संबंधित लोकनाट्य है।
👉 इसमें संगीत, नृत्य और गायन की प्रधानता रहती है।
✍️ सही उत्तर है – जयपुर
लच्छीराम की पहचान किस क्षेत्र में रही ?
[वनरक्षक (चतुर्थ चरण) 13.11.2022]
👉 प्रसिद्ध लोकनाट्यकार लच्छीराम का योगदान कुचामनी ख्याल में रहा।
👉 उन्होंने इस ख्याल की रचना कर इसे विशिष्ट पहचान दिलाई।
👉 उनकी प्रमुख रचनाएँ चाँद नीलगिरी, राव रिड़मल और मीरा मंगल हैं।
👉 लच्छीराम की पहचान इसी कुचामनी ख्याल परम्परा से जुड़ी रही।
✍️ सही उत्तर है – कुचामनी ख्याल
गोपीजी भट्ट राजस्थान की किस लोक नृत्य शैली के कलाकार हैं?
[पुस्तकालयाध्यक्ष ग्रेड -II 11.09.2022]
👉 राजस्थान का प्रसिद्ध लोकनाट्य तमाशा जयपुर क्षेत्र से जुड़ा है।
👉 इसका प्रवर्तन बंशीधर भट्ट ने किया था और इसमें संगीत, नृत्य व गायन की प्रधानता है।
👉 इस कला को आगे बढ़ाने वाले प्रमुख कलाकारों में गोपीजी भट्ट का नाम विशेष है।
✍️ सही उत्तर है – तमाशा
लच्छीराम किस लोक नाटक/कला से सम्बंधित है ?
[लिपिक ग्रेड -II (LDC) 11.08.2024]
👉 प्रसिद्ध लोक नाट्यकार लच्छीराम का संबंध कुचामनी ख्याल से है।
👉 उन्होंने इस ख्याल की रचना कर इसे लोकप्रिय बनाया।
👉 लच्छीराम द्वारा रचित चाँद नीलगिरी, राव रिड़मल और मीरा मंगल प्रसिद्ध ख्याल हैं।
👉 इस ख्याल का रूप ऑपेरा जैसा होता है और इसमें लोकगीतों की प्रधानता रहती है।
✍️ सही उत्तर है – कुचामनी ख्याल
निम्नलिखित में से कौन-सा लोकनाट्य महाराजा प्रताप सिंह के शासनकाल के दौरान जयपुर में उत्पन्न हुआ था?
[4th Grade 6th Phase) 21.09.2025]
👉 तमाशा मूल रूप से महाराष्ट्र का प्रसिद्ध लोकनाट्य रूप है।
👉 यह लोकनाट्य सवाई प्रताप सिंह के शासनकाल में जयपुर में लोकप्रिय हुआ।
👉 महाराजा प्रताप सिंह के काल में इसे राजस्थान की लोक रंग परंपरा में स्थान मिला।
👉 जयपुर में इसका प्रदर्शन दरबारों और उत्सवों में किया जाने लगा, जिससे यह राजस्थानी लोक रंगमंच का हिस्सा बन गया।
✍️ सही उत्तर है – तमाशा
उस ख्याल का नाम बताइए जो समसामयिक समाचार, कविता, संगीत, गीत , और नृत्य का सुंदर मिश्रण है।
[जेल प्रहरी (Shift-2nd) 12.04.2025]
👉 राजस्थान की प्रमुख लोकनाट्य विधाओं में जयपुरी ख्याल का विशेष स्थान है।
👉 इसमें समसामयिक समाचार, कविता, संगीत, गीत और नृत्य का सुंदर मिश्रण मिलता है।
👉 इस ख्याल में स्त्रियों की भूमिकाएँ स्त्रियाँ स्वयं निभाती थीं।
👉 जयपुर के गुणीजन खाने के कलाकार इस ख्याल में भाग लेते थे।
✍️ सही उत्तर है – जयपुरी ख्याल
लोकनाट्य चारबैत किस शहर से संबंधित है ?
[VDO Pre. (प्रथम चरण) 27.12.2021]
👉 राजस्थान का प्रसिद्ध लोकनाट्य चारबैंत मूलतः अफगानिस्तान से आया।
👉 इसे स्थानीय भाषा में प्रस्तुत करने का कार्य करीम खाँ निहंग ने किया।
👉 इसका आरम्भ टोंक के नवाब फैजुल्ला के समय हुआ था।
👉 इसलिए यह लोकनाट्य विशेष रूप से टोंक शहर से संबंधित है।
✍️ सही उत्तर है – टोंक
'चार बेंत' राजस्थान के किस क्षेत्र का प्रसिद्ध लोक नाटक/प्रस्तुति है ?
निम्नलिखित विकल्पों में से सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर चुनें:
[पशु परिचर (1st Phase) 01.12.2024]
👉 राजस्थान का प्रसिद्ध लोकनाट्य चारबैंत मूलतः अफगानिस्तान से आया।
👉 इसे स्थानीय भाषा में प्रस्तुत करने का कार्य करीम खाँ निहंग ने किया।
👉 चारबैंत का प्रमुख केंद्र टोंक क्षेत्र है।
👉 इसमें कलाकार ढप बजाकर कव्वालों की भाँति गीत प्रस्तुत करते हैं।
✍️ सही उत्तर है – टोंक
राजस्थान में लच्छीराम द्वारा किस ख्याल का प्रवर्तन किया गया ?
[प्रयोगशाला सहायक (विज्ञान) 28.06.2022]
👉 राजस्थान के प्रसिद्ध लोकनाट्यकार लच्छीराम का योगदान विशेष रहा।
👉 उन्होंने कुचामनी ख्याल का प्रवर्तन किया और इसे लोकप्रिय बनाया।
👉 उनकी प्रमुख रचनाएँ चाँद नीलगिरी, राव रिड़मल और मीरा मंगल हैं।
👉 इस ख्याल का स्वरूप ऑपेरा जैसा होता है और इसमें लोकगीतों की प्रधानता रहती है।
✍️ सही उत्तर है – कुचामनी ख्याल
राजस्थान के किस लोक देवता ने महमूद गजनवी से युद्ध किया ?
[JEN (सिविल) (डिग्रीधारक) 12.09.2021]
👉 राजस्थान के प्रसिद्ध लोकदेवता गोगाजी नागवंशी चौहान परिवार से थे।
👉 उनका जन्म ददरेवा (चुरू जिला) में हुआ था।
👉 गोगाजी को नागों का देवता और जाहरपीर भी कहा जाता है।
👉 उन्होंने आक्रमणकारी महमूद गजनवी से युद्ध किया था।
✍️ सही उत्तर है – गोगा जी
निम्नलिखित में से कौन-सा राजस्थानी लोक नाट्य रूप भील जनजाति द्वारा प्रस्तुत किया जाता है, जिसमें भगवान शिव और देवी पार्वती की कथाओं का चित्रण होता है?
[4th Grade 5th Phase) 21.09.2025]
👉 गवरी राजस्थान का प्रसिद्ध लोकनाट्य है, जिसे भील जनजाति द्वारा प्रस्तुत किया जाता है।
👉 इस नाट्य में भगवान शिव और देवी पार्वती से संबंधित पौराणिक कथाएँ प्रस्तुत की जाती हैं।
👉 यह लोकनाट्य भस्मासुर की कथा पर भी आधारित है।
👉 गवरी उत्सव लगभग 40 दिनों तक चलता है और इसे मानसून के मौसम (सितंबर–अक्टूबर) में मनाया जाता है।
👉 यह केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं बल्कि भील समुदाय की संस्कृति, परंपरा और अच्छाई की विजय का प्रतीक है।
✍️ सही उत्तर है – गवरी
'फाटका जंजाल' शीर्षक नाटक के लेखक कौन हैं ?
[PTI ग्रेड -III 30.09.2018]
👉 राजस्थान में आधुनिक नाट्य साहित्य के क्षेत्र में शिवचन्द्र भरतिया का विशेष योगदान रहा। केसर विलास (1990) राजस्थानी भाषा का प्रथम नाटक माना जाता है कनक सुंदर (1903)राजस्थानी भाषा का प्रथम उपन्यास माना जाता है विश्रांत प्रवास (1904)राजस्थानी भाषा की प्रथम कहानी मानी जाती है। इन सभी ग्रंथों का लेखन शिवचंद्र भरतिया द्वारा किया गया
👉 उन्हें आधुनिक राजस्थानी उपन्यास और नाटक लेखन का आदि प्रवर्तक माना जाता है।
👉 उनका प्रसिद्ध नाटक "फाटका जंजाल" है।
👉 इस कृति ने राजस्थानी नाट्य साहित्य को नई दिशा और पहचान दी।
✍️ सही उत्तर है – शिवचन्द्र भरतिया
निम्नलिखित में से कौन सा नाटक भवाई शैली में लिखा गया है जो राजस्थान में प्रसिद्ध है ?
पशुधन सहायक (LSA) 04.06.2022
👉 राजस्थान में भवाई नाट्य सीमावर्ती जिलों में विशेष रूप से लोकप्रिय है।
👉 इसमें भोपा-भोपी पात्र और व्यंग्यात्मक संवाद प्रमुख होते हैं।
👉 प्रसिद्ध नाटककार शांता गांधी ने ‘जस्मा ओडण’ नामक नाटक की रचना की।
👉 यह नाटक भवाई शैली में लिखा गया है और राजस्थान में अत्यंत प्रसिद्ध है।
✍️ सही उत्तर है – जस्मा ओडण
निम्नलिखित में से कौन जयपुर का प्रसिद्ध लोक रंगमंच है ?
[JEN (Agriculture) 22.02.2025]
👉 राजस्थान में अनेक लोक रंगमंच परम्पराएँ प्रचलित हैं।
👉 इनमें जयपुर क्षेत्र का सबसे प्रसिद्ध लोक रंगमंच तमाशा है।
👉 इसकी शुरुआत महाराजा सवाई प्रताप सिंह के समय हुई थी।
👉 इस शैली में संगीत, नृत्य और गायन तीनों का समन्वय होता है।
✍️ सही उत्तर है – तमाशा
निम्नलिखित में से कौन शेखावाटी ख्याल के विख्यात कलाकार थे ?
[4th Grade (1st Phase) 19.09.2025]
👉 नानूराम राजस्थान के शेखावाटी ख्याल के प्रसिद्ध और संस्थापक कलाकार थे।
👉 वे चिड़ावा (झुंझुनू) के निवासी थे और शेखावाटी ख्याल परंपरा के प्रमुख प्रवर्तक माने जाते हैं।
👉 नानूराम और पुजारी तेजजी के समय को शेखावाटी ख्याल का स्वर्ण काल कहा जाता है।
👉 शेखावाटी ख्याल राजस्थान की एक लोकनाट्य शैली है, जिसमें संगीत, संवाद और अभिनय का अद्भुत संगम मिलता है।
👉 इनके अतिरिक्त राजस्थान में जयपुरी ख्याल, तुर्रा ख्याल और कुचामणी ख्याल भी प्रसिद्ध हैं।
✍️ सही उत्तर है – नानूराम
उस प्रसिद्ध ‘स्वांग’ कलाकार का नाम बताइए जिसने भारत उत्सव में राजस्थान का प्रतिनिधित्व किया था ?
[जेल प्रहरी (Shift-2nd) 12.04.2025]
👉 राजस्थान की हास्य प्रधान लोकनाट्य शैली स्वांग में विभिन्न पात्रों की नकल और अभिनय किया जाता है।
👉 इस शैली के प्रसिद्ध कलाकार जानकीलाल भांड रहे हैं।
👉 जानकीलाल को उनके अनोखे स्वांग अभिनय के कारण "मंकी मैन" भी कहा जाता था।
✍️ सही उत्तर है – जानकीलाल भांड
टोंक की प्रसिद्ध चारबैंत लोक नाट्य कला का प्रारम्भ किसने किया था ?
[REET मुख्य परीक्षा (L -2) 28.02.2023]
👉 टोंक की प्रसिद्ध चारबैंत लोक नाट्य कला मूल रूप से अफगानिस्तान से आई थी।
👉 इसे स्थानीय भाषा में प्रस्तुत करने का कार्य करीम खाँ निहंग ने किया।
👉 चारबैंत गायक ढप बजाकर कव्वालों की भाँति भावावेश में गीत गाते हैं।
👉 इसकी चार श्रेणियाँ होती हैं – भक्ति, शृंगार, रकीबखानी और गम्माज।
✍️ सही उत्तर है – करीम खाँ निहंग
किस लोक नाट्य शैली में कलाकार को बहरूपिया कहा जाता है ?
निम्नलिखित विकल्पों में से सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर चुनें:
[पशु परिचर (5th Phase) 03.12.2024]
👉 राजस्थान की हास्य-प्रधान लोकनाट्य शैली स्वांग में विभिन्न पात्रों की नकल की जाती है।
👉 इसमें कलाकार अलग-अलग वेशभूषा और मेकअप कर चरित्र निभाते हैं।
👉 इस कला में अभिनय करने वाले कलाकार को बहरूपिया कहा जाता है।
👉 स्वांग में चाचा-चाची, सेठ-सेठानी जैसे व्यंग्यात्मक प्रसंग प्रमुख होते हैं।
✍️ सही उत्तर है – स्वांग
गंजीफा, चारभर, नार-छरी किसके प्रकार हैं ?
[वनपाल परीक्षा 06.11.2022]
👉 राजस्थान में लोक जीवन से जुड़े अनेक लोक खेल प्रचलित हैं। चौपड़, सतोलिया, आँख मिचौनी / लूका छिपी और कंचे राजस्थान के पारंपरिक खेल है
👉 इनमें गंजीफा, चारभर और नार-छरी जैसे खेल प्रमुख हैं।
👉 ये खेल ग्रामीण समाज के मनोरंजन और सामाजिक मेलजोल का साधन रहे हैं।
👉 लोक संस्कृति में इन खेलों का विशेष स्थान और महत्व रहा है।
✍️ सही उत्तर है – खेल
प्रसिद्ध थियेटर निर्देशक शांता गांधी निम्नलिखित में से किस नाट्य शैली से संबंधित थी?
JEN (विद्युत डिग्रीधारक) 19.05.2022
👉 प्रसिद्ध थियेटर निर्देशक शांता गांधी का संबंध भवाई नाट्य शैली से था।
👉 उन्होंने इस शैली पर आधारित नाटक ‘जस्मा ओडण’ की रचना की।
👉 भवाई एक व्यावसायिक लोकनाट्य है, जिसमें व्यंग्यात्मक पात्र और भोपा-भोपी की प्रस्तुति होती है।
👉 शांता गांधी के नाटक को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी ख्याति मिली।
✍️ सही उत्तर है – भवाई
रम्मत लोक नाट्य राजस्थान के किस क्षेत्र से सम्बंधित है ?
[CET (10+2 चतुर्थ चरण) 05.02.2023]
👉 रम्मत राजस्थान का एक प्राचीन लोकनाट्य है।
👉 इसका उद्भव जैसलमेर से हुआ था, बाद में यह कई क्षेत्रों में पहुँचा।
👉 इनमें सबसे अधिक लोकप्रिय और प्रसिद्ध क्षेत्र बीकानेर माना जाता है।
👉 बीकानेर की रम्मतें विशेषकर होली के अवसर पर आयोजित होती हैं।
✍️ सही उत्तर है – बीकानेर
भीलवाड़ा जिला में, शाहपुरा का जोशी परिवार किस लोक कला का परंपरागत कलाकार रहा है ?
[REET Mains ( L-1) 17.01.2026]
🔹 व्याख्या
👉
शाहपुरा
(भीलवाड़ा)
का
जोशी
परिवार
पारंपरिक लोक
कलाकार माना
जाता है।
👉
यह
परिवार मुख्यतः
फड़ चित्रकला
के लिए प्रसिद्ध
है।
👉
इस
कला में पाबूजी
और देवनारायण
जी की
कथाएँ चित्रित
की जाती हैं।
✍️ सही उत्तर है – फड़
“जसमा ओडण” का सम्बंध किस नाट्य विद्या से है ?
[पशुधन सहायक (LSA) 16.10.2016]
👉 भवाई नाट्य मूलतः गुजरात का लोकनाट्य है, पर यह राजस्थान के सीमावर्ती जिलों में भी लोकप्रिय है।
👉 इसमें व्यंग्यात्मक पात्रों और भोपा-भोपी की प्रस्तुति होती है।
👉 नाटककार शांता गांधी ने प्रसिद्ध नाटक “जसमा ओडण” की रचना की।
👉 यह नाटक भवाई नाट्य विद्या से संबंधित है और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मंचित हुआ।
✍️ सही उत्तर है – भवाई
राजस्थान के किस क्षेत्र की रम्मत अधिक प्रसिद्ध है ?
[REET मुख्य परीक्षा (L -2) 26.02.2023]
👉 रम्मत का उद्भव राजस्थान के जैसलमेर से हुआ था।
👉 बाद में यह कला बीकानेर, फलौदी, पोकरण व जोधपुर तक पहुँची।
👉 इनमें सबसे अधिक लोकप्रिय और प्रसिद्ध रम्मत बीकानेर की मानी जाती है।
👉 बीकानेर में रम्मतें होली के अवसर पर विशेष रूप से आयोजित की जाती हैं।
✍️ सही उत्तर है – बीकानेर
नीचे दो कथन दिए गए हैं : एक अभिकथन (Assertion) A के रूप में लिखित है तो दूसरा उसके कारण (Reason) R के रूप में।
अभिकथन A : होली के अवसर पर, राजस्थान के प्रचलित लोक-मनोरंजन के विविध रूपों में रम्मत का विशेष स्थान है।
कारण R : फूलजी भट्ट, गोपीकृष्ण भट्ट और वासुदेव भट्ट ने रम्मत परम्परा को जीवित रखा है।
उपरोक्त कथनों के आलोक में, नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर का चयन कीजिए :
[REET Mains L-2 Hindi 19.01.2026]
🔹 व्याख्या
👉 रम्मत लोकनाट्य मुख्य रूप से बीकानेर और जैसलमेर में प्रसिद्ध है।
👉 इसका आयोजन होली के अवसर पर फाल्गुन मास में किया जाता है।
👉 फूलजी भट्ट और वासुदेव भट्ट तमाशा लोकनाट्य से संबंधित कलाकार हैं।
👉 रम्मत के मुख्य कलाकार तेज कवि और फागु महाराज माने जाते हैं।
✍️ सही उत्तर है – A सही है लेकिन R सही नहीं है।
रम्मत" लोक नाटक को निभाने वाले पात्र को _______के रूप में जाना जाता है।
[SI मोटर वाहन 12.02.2022]
👉 राजस्थान का प्रमुख लोकनाट्य रम्मत विशेष रूप से जैसलमेर और बीकानेर में प्रचलित है।
👉 इसमें ऐतिहासिक व पौराणिक कथाओं का मंचन किया जाता है।
👉 रम्मत का प्रदर्शन करने वाले कलाकारों को खेलर कहा जाता है।
👉 ये कलाकार अपनी अभिनय और गायन कला से दर्शकों का मनोरंजन करते हैं।
✍️ सही उत्तर है – खेलर
निम्नलिखित में से कौनसी राजसथान में लोक नाट्य शैली नहीं है ?
JEN (सिविल डिप्लोमाधारक) 18.05.2022
👉 राजस्थान में अनेक प्रमुख लोकनाट्य शैलियाँ प्रचलित हैं।
👉 इनमें ख्याल, रम्मत, तमाशा, स्वांग, गवरी, भवाई आदि उल्लेखनीय हैं।
👉 ढाडी का उल्लेख राजस्थान की लोकनाट्य शैलियों में नहीं मिलता।
👉 अतः इसे राजस्थान की लोकनाट्य शैली नहीं माना जाता है।
✍️ सही उत्तर है – ढाडी
निम्न में से कौन-सी राजस्थान की लोकनाट्य शैली नहीं है ?
[REET मुख्य परीक्षा (L -1) 25.02.2023]
👉 राजस्थान में कई लोकनाट्य शैलियाँ प्रचलित हैं। ढ़ाढ़ी लोकनाट्य न होकर एक समुदाय है जो मारवाड़ क्षेत्र में रहते है
👉 स्वांग हास्य-व्यंग्य पर आधारित नाट्य शैली है।
👉 रम्मत जैसलमेर से उत्पन्न हुई और बीकानेर में अधिक प्रसिद्ध है।
👉 ख्याल 18वीं सदी से प्रारम्भ हुई सबसे लोकप्रिय लोकनाट्य विधा है।
✍️ सही उत्तर है – ढ़ाढ़ी
“एक महिला दूल्हे की भूमिका निभाती है और दूसरी दुल्हन की और एक दिखावटी विवाह समारोह किया जाता है”।
इस क्रिया के लिए निम्नलिखित में से सबसे उपयुक्त विकल्प पहचानें:
[JEN (Mech. Diploma) 10.02.2025]
👉 राजस्थान की लोक परंपरा में विवाह अवसर पर एक विशेष स्वांग रचा जाता है।
👉 इसमें एक महिला दूल्हे का और दूसरी दुल्हन का रूप धारण करती है।
👉 यह एक दिखावटी विवाह समारोह होता है, जो केवल मनोरंजन हेतु किया जाता है।
👉 इस स्वांग का उद्देश्य असली वर-वधू को आधि-व्याधि से मुक्त रखना होता है।
✍️ सही उत्तर है – स्वांग
निम्नलिखित ख्यालों में से किस ख्याल का मुख्य चरित्र, "मेडिया" कहलाता है ?
[स्टेनोग्राफर परीक्षा 05.10.2024]
👉 कन्हैया ख्याल सवाईमाधोपुर, भरतपुर, धौलपुर व करौली क्षेत्रों में खेला जाता है।
👉 तुर्रा कलंगी ख़्याल चित्तौड़गढ़ की है, हेला ख़्याल - दोसा लालसोट और सवाई माधोपुर की प्रसिद्ध ख्याल है
👉 इसमें मुख्य कथा को "कहन" कहा जाता है, इसी कारण इसे कन्हैया दंगल भी कहते हैं।
👉 इस ख्याल का मुख्य पात्र "मेडिया" कहलाता है, जो कथा का संचालन करता है।
👉 इसमें रामायण-महाभारत आधारित कथाओं का मंचन होता है और इसमें नौबत, घेरा, मंजीरा, ढोलक वाद्य प्रयुक्त होते हैं।
✍️ सही उत्तर है – कन्हैया ख्याल
विख्यात लोकनाट्कार नानूराम किस ख्याल से संबंधित रहे -
[फायरमैन परीक्षा 29.01.2022]
👉 विख्यात लोकनाट्यकार नानूराम राणा का संबंध शेखावटी ख्याल से था।
👉 उन्हें इस ख्याल का मुख्य प्रवर्तक माना जाता है।
👉 उनके द्वारा रचित प्रमुख ख्याल हैं – हरिश्चन्द्र, हीर-रांझा, ढोला मारवन आदि।
👉 उनके शिष्य दूलिया राणा ने भी इस ख्याल को अत्यधिक लोकप्रिय बनाया।
✍️ सही उत्तर है – शेखावटी ख्याल
लच्छी राम का संबंध किस लोक नाटक से है ?
[JEN (Agriculture) 22.02.2025]
👉 राजस्थान के प्रसिद्ध लोक नाट्यकार लच्छीराम का संबंध कुचामनी ख्याल से है।
👉 उन्होंने इस ख्याल की शुरुआत कर इसे विशिष्ट पहचान दिलाई।
👉 उनकी प्रमुख रचनाएँ हैं – चाँद नीलगिरी, राव रिड़मल और मीरा मंगल।
👉 इस ख्याल का स्वरूप ऑपेरा जैसा होता है और इसमें लोकगीतों की प्रधानता रहती है।
✍️ सही उत्तर है – कुचामनी ख्याल
अलीबक्षी ख्याल राजस्थान के कौन से क्षेत्र में प्रचलित लोक नाट्य शैली है ?
[REET मुख्य परीक्षा (L -2) 25.02.2023]
👉 अलीबक्शी ख्याल राजस्थान की एक विशिष्ट लोक नाट्य शैली है।
👉 इसका प्रवर्तन अलवर रियासत के मुंडावर ठिकाने के राव राजा अलीबक्श ने किया था।
👉 अलीबक्श को अलवर का रसखान कहा जाता है।
👉 यह ख्याल विशेष रूप से अलवर क्षेत्र में प्रचलित है।
✍️ सही उत्तर है – अलवर
राजस्थान के निम्नलिखित में से किस शहर में होली के दौरान 'रम्मत' का आयोजन किया जाता है ?
[कृषि पर्यवेक्षक परीक्षा 03.03.2019]
👉 राजस्थान की प्रमुख लोकनाट्य शैली रम्मत का उद्भव जैसलमेर से हुआ।
👉 समय के साथ यह कला कई क्षेत्रों तक पहुँची, पर सबसे अधिक प्रसिद्ध बीकानेर में है।
👉 बीकानेर में विशेषकर होली के अवसर पर रम्मतों का आयोजन होता है।
👉 इसमें ऐतिहासिक और पौराणिक कथाओं का मंचन किया जाता है।
✍️ सही उत्तर है – बीकानेर
गवरी एक लोकनाट्य है, जो आधारित है
VDO Pre. (तृतीय चरण) 28.12.2021
👉 गवरी राजस्थान का सबसे प्राचीन लोकनाट्य माना जाता है।
👉 इसका मंचन मुख्यतः भील जनजाति द्वारा किया जाता है।
👉 यह लोकनाट्य शिव और भस्मासुर की कथा पर आधारित है।
👉 गवरी का मुख्य पात्र भगवान शिव (पुरिया/बुढ़िया) होता है।
✍️ सही उत्तर है – शिव–भस्मासुर की कथा पर
राजस्थान का कौन-सा लोक नाट्य "मेरू नाट्य" के नाम से जाना जाता है ?
[सूचना सहायक 12.05.2018]
👉 राजस्थान का सबसे प्राचीन लोकनाट्य गवरी भील जनजाति द्वारा खेला जाता है।
👉 इसका मंचन श्रावण पूर्णिमा से आश्विन नवमी तक किया जाता है।
👉 गवरी को लोकनाट्यों का "मेरू नाट्य" कहा जाता है।
👉 यह नाट्य मुख्यतः शिव–भस्मासुर की कथा पर आधारित है।
✍️ सही उत्तर है – गवरी
राजस्थान में किस लोकनाट्य का मंचन खुली कॉलोनी या बाज़ार के एक प्रांगण में किया जाता है ?
निम्नलिखित विकल्पों में से सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर चुनें:
[पशु परिचर (4th Phase) 02.12.2024]
👉 राजस्थान का प्रमुख लोकनाट्य रम्मत ऐतिहासिक और पौराणिक आख्यानों पर आधारित होता है। बीकानेर की रम्मते मुख्य रूप से पुष्करणा ब्राह्मण परिवार द्वारा की गई इसके के मंचन के दौरान नगाड़ा और ढोलक मुख्य वाद्य यंत्र होते हैं। तेज कवि जैसलमेरी इन्होंने रम्मत कला पर "स्वतंत्र बावनी" नामक साहित्य की रचना की
👉 इसका उद्भव जैसलमेर से हुआ और यह बीकानेर में अधिक प्रसिद्ध हुआ।
👉 इसका मंचन खुले मोहल्ले, चौक या मंडी (बाज़ार प्रांगण) में किया जाता है।
👉 बीकानेर में होली के अवसर पर लकड़ी के पाटों पर रम्मतों का आयोजन होता है।
✍️ सही उत्तर है – रम्मत
'चारबैत' कहाँ का लोकनाट्य है?
[VDO मुख्य परीक्षा 09.07.2022]
👉 चारबैंत राजस्थान का एक विशिष्ट लोकनाट्य है।
👉 इसका उद्भव टोंक में हुआ और इसे करीम खाँ निहंग ने स्थानीय भाषा में प्रस्तुत किया।
👉 इसमें कलाकार ढप बजाकर कव्वालों की तरह भावावेश में गीत गाते हैं।
👉 चारबैंत की चार श्रेणियाँ होती हैं – भक्ति, श्रृंगार, रकीबखानी और गम्माज।
✍️ सही उत्तर है – टोंक
शांता गांधी द्वारा रचित नाटक 'जस्म ओडन' किस गायन शैली में विश्व के कई देशों में मंचित किया जा चुका है ?
[JEN (कृषि) 10.09.2022]
👉 भवाई नाट्य मूलतः गुजरात का है, पर राजस्थान के सीमावर्ती जिलों में भी लोकप्रिय है।
👉 इसमें व्यंग्यात्मक पात्रों और भोपा-भोपी की प्रस्तुति प्रमुख होती है।
👉 प्रसिद्ध नाटककार शांता गांधी ने ‘जस्मा ओडण’ नामक नाटक की रचना की।
👉 यह नाटक भवाई शैली में विश्व के कई देशों में मंचित किया जा चुका है।
✍️ सही उत्तर है – भवाई शैली
कौनसे कथन 'फड़ साहित्य' से संबंधित है ?
(a) टोंक और जयपुर इसके लिए प्रसिद्ध हैं।
(b) पाबूजी, देवनारायण जी आदि लोक देवताओं के जीवन से कहानियों का निरूपण किया जाता है।
(c) पद्म श्री लाल जोशी ने इसे अंतर्राष्ट्रीय पहचान दी है।
(d) नुरूद्दीन द्वारा चित्रित 'कालिया दमन' फड़ चित्रण का सबसे प्रसिद्ध उदाहरण है।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर का चयन कीजिए :
[REET Mains ( L-1) 17.01.2026]
🔹 व्याख्या
👉
फड़
साहित्य
में पाबूजी
व देवनारायण
जी जैसे
लोक देवताओं
की कथाएँ
चित्रित होती
हैं।
👉
इसे
पद्म श्री
लाल जोशी
ने अंतर्राष्ट्रीय
पहचान
दिलाई।
👉
जबकि
फड़ चित्रकला
मुख्यतः भीलवाड़ा–शाहपुरा
क्षेत्र से
संबंधित है।
👉
इसलिए
टोंक और
जयपुर
वाला कथन सही
नहीं माना जाता।
✍️ सही उत्तर है – केवल (b) और (c)
निम्नलिखित में से कौन-सा समुदाय पारंपरिक रूप से, फड़ चित्रों से कथाएँ सुनाने से जुड़ा हुआ है ?
[4th Grade (2nd Phase) 19.09.2025]
👉 भोपा समुदाय राजस्थान की एक पारंपरिक लोककला परंपरा से जुड़ा हुआ है।
👉 यह समुदाय फड़ चित्रों (Scroll Paintings) के माध्यम से स्थानीय देवताओं की कथाएँ संगीतमय रूप में प्रस्तुत करता है।
👉 भोपा और भोपी मिलकर इन फड़ चित्रों का उपयोग करते हुए कथाएँ व भजन गाते हैं, जो प्रदर्शन का प्रमुख भाग होता है।
👉 ये प्रदर्शन प्रायः रात्रि भर चलते हैं और भोर में समाप्त होते हैं।
👉 ‘पाबूजी की फड़’ तथा ‘देवनारायण जी की फड़’ इनके प्रमुख उदाहरण हैं, जिनके माध्यम से भोपा समुदाय धार्मिक सेवा और लोकविश्वास को जीवित रखता है।
✍️ सही उत्तर है – भोपा
जयदयाल सोनी और चेतराम संबंधित हैं -
[CET (स्नातक) (चरण -II) 07.01.2023]
👉 तुर्रा कलंगी ख्याल मेवाड़ क्षेत्र का प्रसिद्ध लोकनाट्य है।
👉 इसमें हिन्दू व मुस्लिम दोनों कलाकार मिलकर संयुक्त मंचन करते हैं।
👉 इसके प्रमुख कलाकारों में जयदयाल सोनी और चेतराम के नाम विशेष रूप से उल्लेखनीय हैं।
👉 इन कलाकारों ने इस ख्याल को नई पहचान और लोकप्रियता दिलाई।
✍️ सही उत्तर है – तुर्रा कलंगी ख्याल
"कुचामणि ख्याल" किसने प्रारंभ किया ?
[स्टेनोग्राफर परीक्षा 05.10.2024]
👉 कुचामनी ख्याल का प्रवर्तन प्रसिद्ध लोक नाट्यकार लच्छीराम ने किया।
👉 लच्छीराम द्वारा रचित चाँद नीलगिरी, राव रिड़मल तथा मीरा मंगल प्रमुख ख्याल हैं।
👉 इसका स्वरूप ऑपेरा जैसा होता है और इसमें लोकगीतों की प्रधानता रहती है।
👉 इस ख्याल का प्रदर्शन खुले मंच पर होता है तथा स्त्री चरित्रों का अभिनय पुरुष कलाकार करते हैं।
✍️ सही उत्तर है – लच्छी राम
अलीबक्षी ख्याल राजस्थान के कौन से क्षेत्र में प्रचलित लोक नाट्य शैली है ?
[पुस्तकालयाध्यक्ष ग्रेड - III 19.09.2019]
👉 अलीबक्शी ख्याल राजस्थान की विशिष्ट लोकनाट्य शैली है।
👉 इसके प्रवर्तक अलवर रियासत के मुंडावर ठिकाने के राव राजा अलीबक्श माने जाते हैं।
👉 अलीबक्श को अलवर का रसखान भी कहा जाता है।
👉 यह लोकनाट्य शैली विशेष रूप से अलवर क्षेत्र में प्रचलित है।
✍️ सही उत्तर है – अलवर
'तुर्रा कलंगी ख्याल' में विख्यात 'तुर्रा' और 'कलंगी' किसके प्रतीक हैं?
[4th Grade (4th Phase) 20.09.2025]
👉 तुर्रा-कलंगी राजस्थान का प्रसिद्ध लोकनाट्य रूप है, जिसमें संवाद और वाद-विवाद के माध्यम से कथा प्रस्तुत की जाती है।
👉 इसमें ‘तुर्रा’ शिव का प्रतीक है, जिसका अभिनय एक हिन्दू कलाकार करता है।
👉 ‘कलंगी’ पार्वती का प्रतीक है, जिसका प्रतिनिधित्व एक मुस्लिम कलाकार करता है।
👉 यह लोकनाट्य दो विरोधी शक्तियों के द्वंद्व और संवाद पर आधारित होता है।
👉 तुर्रा-कलंगी राजस्थान की सांप्रदायिक एकता और सांस्कृतिक समरसता का उत्कृष्ट उदाहरण है।
✍️ सही उत्तर है – शिव और पार्वती
राजस्थान के संगीतमय नाटक “रम्मत लोकनाट्य” में नाटक के कलाकारों को कहा जाता है:
[4th Grade (3rd Phase) 20.09.2025]
👉 रम्मत लोकनाटक राजस्थान के बीकानेर क्षेत्र की प्रसिद्ध लोकनाट्य परंपरा है।
👉 इसकी उत्पत्ति लगभग 140 वर्ष पूर्व बीकानेर में लोक-कविता प्रतियोगिताओं के माध्यम से हुई थी।
👉 यह संगीतमय नाटक होता है, जिसमें पात्रों को उनके खेलर्स (नाम) से पहचाना जाता है।
👉 रम्मत की शुरुआत में एक भक्ति गीत ‘आरती’ या ‘रम्मत सूक्त’ गाया जाता है।
👉 संवाद गायकों द्वारा गाए हुए छंदों के रूप में होते हैं, और मुख्य पात्र नृत्य व अभिनय के माध्यम से संवाद प्रस्तुत करता है।
👉 इस नाटक के गीत चौपाई, कवित्त, लावणी एवं गणपति वंदना से जुड़े होते हैं।
👉 रम्मत प्रायः होली और सावन के अवसरों पर आयोजित की जाती है तथा बीकानेर की सांस्कृतिक पहचान मानी जाती है।
✍️ सही उत्तर है – खेलर्स
निम्नलिखित में से कौन सा (लोक नाट्य - स्थान) सुमेलित नहीं है?
[CET (स्नातक) (चरण -III) 08.01.2023]
👉 तुर्रा कलंगी ख्याल की रचना संत शाह अली और तुकनगीर ने की थी।
👉 इसका प्रमुख केंद्र चित्तौड़गढ़, घोसुंडा और निम्बाहेड़ा क्षेत्र है।
👉 इस ख्याल में चंग वाद्य का प्रयोग होता है और मंच सज्जा भी विशेष होती है।
👉 अतः इसे मारवाड़ से जोड़ना गलत है।
✍️ सही उत्तर है – तुर्रा कलंगी – मारवाड़
गुलाल बाई और कृष्णा कुमारी किसके लिए प्रसिद्ध हैं ?
[कनिष्ठ अनुदेशक (कार्यशाला) 10.09.2022]
👉 राजस्थान की प्रमुख लोकनाट्य शैली नौटंकी ब्रज क्षेत्र और भरतपुर-डीग में प्रचलित है।
👉 इसमें रामायण-महाभारत तथा ऐतिहासिक कथानकों का मंचन होता है।
👉 इस लोकनाट्य से जुड़ी प्रसिद्ध कलाकारों में गुलाब बाई और कृष्णा कुमारी के नाम उल्लेखनीय हैं।
👉 इन्होंने अपनी अद्भुत गायन-अभिनय कला से नौटंकी को विशेष पहचान दी।
✍️ सही उत्तर है – नौटंकी लोकनाट्य
लोक नाट्य ' चहार बैत' (चार बैंत) राजस्थान के निम्न में से किस स्थान से संबंधित है ?
[4th Grade (2nd Phase) 19.09.2025]
👉 चार बैत राजस्थान के टोंक क्षेत्र में प्रचलित प्रसिद्ध लोक गायन शैली है।
👉 इसमें कव्वाली की तर्ज पर धाप बजाते हुए गायक भावपूर्ण गीत गाते हैं।
👉 कुछ गायक कूदते और चाँदर उठाते हुए भी गायन करते हैं।
👉 यह शैली मूलतः पठानी मूल के काव्य रूप से विकसित हुई, जिसे पहले पश्तो भाषा में गाया जाता था।
👉 टोंक में चार बैत की परंपरा की शुरुआत नवाब फैजुल्ला के शासनकाल में हुई थी, और इसे खलीफा करीम खान निहंग ने लोकप्रिय बनाया।
✍️ सही उत्तर है – टोंक
कुचामनी ख्याल की शुरुआत किस प्रसिद्ध लोक नाटककार ने की थी ?
निम्नलिखित विकल्पों में से सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर चुनें:
[पशु परिचर (4th Phase) 02.12.2024]
👉 राजस्थान की प्रमुख लोकनाट्य शैली कुचामनी ख्याल का प्रवर्तन हुआ।
👉 इसके प्रवर्तक प्रसिद्ध लोक नाट्यकार लच्छीराम थे।
👉 उनकी रचनाओं में चाँद नीलगिरी, राव रिड़मल और मीरा मंगल विशेष उल्लेखनीय हैं।
👉 इस ख्याल का स्वरूप ऑपेरा जैसा होता है और इसमें लोकगीतों की प्रधानता रहती है।
✍️ सही उत्तर है – लच्छी राम
राजस्थान के लोक नाटक 'ख्याल' के संदर्भ में निम्नलिखित में से सही जोड़ी का चयन करें :
[JEN यांत्रिक डिग्री 10.02.2025]
👉 राजस्थान की लोकप्रिय लोकनाट्य शैली ख्याल की कई शाखाएँ हैं।
👉 इनमें से कुचामनी ख्याल का प्रवर्तन प्रसिद्ध लोक नाट्यकार लच्छीराम ने किया।
👉 लच्छीराम द्वारा रचित प्रमुख ख्याल – चाँद नीलगिरी, राव रिड़मल और मीरा मंगल हैं।
👉 इस ख्याल का स्वरूप ऑपेरा जैसा होता है और इसमें लोकगीतों की प्रधानता रहती है।
✍️ सही उत्तर है – कुचामनी ख्याल – लच्छी राम
कुचामनी ख्याल के बारे में कौन-से कथन सत्य हैं?
a.
इस
ख्याल को प्रख्यात
लोक नाट्यकार
लच्छी राम द्वारा
शुरू किया गया
था।
b.
यह
ओपेरा शैली
के समान है।
c.
महिला
पात्रों की
भूमिका महिलाओं
द्वारा निभाई
जाती है।
d.
इसमें
नर्तक और गायक
दोनों होते
हैं।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर चुनें:
[REET Mains (L-2) SST 18.01.2026]
🔹 व्याख्या
👉
कुचामनी
ख्याल
की शुरुआत लोक
नाट्यकार लच्छी
राम ने
की थी।
👉
यह
प्रस्तुति
शैली ओपेरा
शैली के
समान मानी जाती
है।
👉
परंपरागत
रूप से महिला
पात्र
भी पुरुष
कलाकार
निभाते हैं।
👉
इसलिए
कथन (c)
सही
नहीं
माना जाता।
✍️ सही उत्तर है – a, b केवल
अलीबख्शी ख्याल राजस्थान के किस क्षेत्र में प्रचलित एक लोक नाट्य शैली है ?
[4th Grade (4th Phase) 20.09.2025]
👉 अलीबख्शी ख्याल राजस्थान के अलवर क्षेत्र में प्रचलित एक पारंपरिक लोकनाट्य रूप है।
👉 यह लोक नाट्य संगीत, नाटक और कविता को मिलाकर अपनी अद्वितीय कहानी कहने की शैली के लिए प्रसिद्ध है।
👉 इसमें ऐतिहासिक और पौराणिक विषयों को प्रस्तुत किया जाता है, जो अलवर की सांस्कृतिक विरासत को दर्शाते हैं।
👉 यह नाट्य रूप धार्मिक आयोजनों और सामाजिक समारोहों में प्रस्तुत किया जाता है, जहाँ समुदाय की कलात्मक परंपराएँ प्रदर्शित होती हैं।
👉 अलीबख्शी ख्याल को राजस्थान की लोक कला विरासत में महत्वपूर्ण योगदान देने वाला माना जाता है।
✍️ सही उत्तर है – अलवर
कन्हैया ख़याल में कहानी 'कहान' में मुख्य पात्र क्या कहलाता है?
[4th Grade 6th Phase) 21.09.2025]
👉 कन्हैया ख्याल राजस्थान की एक पारंपरिक लोकनाट्य शैली है, जिसमें कथा और पात्रों के माध्यम से मनोरंजन किया जाता है।
👉 इस नाट्य रूप में कहानी को ‘कहान’ कहा जाता है।
👉 ‘कहान’ का मुख्य पात्र ‘मेड़िया’ कहलाता है, जो कथा का प्रधान पात्र होता है।
👉 मेड़िया पात्र नाटक की मुख्य घटनाओं और संवादों को प्रस्तुत करता है।
👉 इस शैली में कहानी (कहन) और मुख्य पात्र (मेड़िया) दोनों ही प्रस्तुति के मुख्य अंग हैं।
✍️ सही उत्तर है – मेड़िया
'हेला ख्याल' लोक संगीत राजस्थान के किस क्षेत्र से संबंधित है ?
[VDO मुख्य परीक्षा 09.07.2022]
👉 हेला ख्याल राजस्थान की एक प्रमुख लोकनाट्य शैली है।
👉 इसका प्रारम्भ हेला शायर ने किया था और इसमें हेला जाति के कलाकार भाग लेते थे।
👉 यह लोकनाट्य विशेष रूप से सवाई माधोपुर और लालसोट (दौसा) क्षेत्र से संबंधित है।
👉 इसकी विशेषता है संगीत दंगल रूप में प्रस्तुति और प्रमुख वाद्य नौबत का प्रयोग।
✍️ सही उत्तर है – दौसा – सवाई माधोपुर
राजस्थान में गोपीकृष्ण भट्ट किसके लिए प्रसिद्ध है ?
[हाथकरघा निरीक्षक (उद्योग) 22.12.2019]
👉 राजस्थान का प्रमुख लोकनाट्य तमाशा जयपुर क्षेत्र से जुड़ा है।
👉 इसमें संगीत, नृत्य और गायन की प्रधानता रहती है।
👉 इस कला को आगे बढ़ाने वाले प्रमुख कलाकारों में गोपीकृष्ण भट्ट का नाम उल्लेखनीय है।
👉 उन्होंने तमाशा की परम्परा को लोकप्रिय और जीवंत बनाए रखा।
✍️ सही उत्तर है – तमाशा
जानकीलाल भांड किस कला के प्रसिद्ध कलाकार हैं ?
[REET मुख्य परीक्षा (L -2) 27.02.2023]
👉 स्वांग कला में कलाकार किसी चरित्र की नकल और अभिनय करते हैं।
👉 इसमें हास्य-व्यंग्य से भरपूर लोकप्रिय पात्रों का प्रदर्शन होता है।
👉 इसी कला में जानकीलाल भांड प्रसिद्ध कलाकार रहे हैं।
👉 वे अपने अनोखे अभिनय से "मंकी मैन" के नाम से भी जाने जाते हैं।
✍️ सही उत्तर है – स्वांग
अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर ख्याति प्राप्त जानकीलाल भांड का सम्बन्ध किस लोक नाट्य से है ?
[CET (स्नातक) (चरण -IV) 08.01.2023]
👉 जानकीलाल भांड राजस्थान के प्रसिद्ध लोक कलाकार थे।
👉 उनका संबंध हास्य-प्रधान लोकनाट्य स्वांग से था।
👉 उनके अनोखे अभिनय से उन्हें "मंकी मैन" के नाम से भी जाना जाता था।
✍️ सही उत्तर है – स्वांग
लोक संगीत, नृत्य एवं नाट्य की कौन-सी विधा पूर्वी राजस्थान से सम्बंधित है ?
[कनिप्ठ अनुदेशक (इलेक्ट्रोनिक्स) 23.12.2019]
👉 राजस्थान की प्रमुख लोकनाट्य विधा नौटंकी का संबंध पूर्वी राजस्थान से है।
👉 इसका प्रचलन विशेष रूप से भरतपुर, धौलपुर, करौली, अलवर और सवाई माधोपुर क्षेत्रों में हुआ।
👉 इसमें रामायण-महाभारत और ऐतिहासिक कथानकों का मंचन किया जाता है।
👉 नौटंकी में नगाड़ा, ढोलक, सारंगी, ढपली जैसे वाद्ययंत्रों का प्रयोग होता है।
✍️ सही उत्तर है – नौटंकी
लोक नाट्य रूप 'रम्मत किस क्षेत्र से संबंधित है ?
[फायरमैन परीक्षा 29.01.2022]
👉 राजस्थान का प्राचीन लोकनाट्य रूप रम्मत ऐतिहासिक और पौराणिक कथाओं पर आधारित होता है।
👉 इसका उद्भव जैसलमेर से हुआ था और यह कला आगे कई क्षेत्रों तक पहुँची।
👉 इनमें सबसे अधिक लोकप्रिय और प्रसिद्ध क्षेत्र बीकानेर माना जाता है।
👉 बीकानेर की रम्मत विशेषकर होली के अवसर पर खेली जाती है।
✍️ सही उत्तर है – बीकानेर
लोक नाट्य 'चारबैंत' निम्न में से किस क्षेत्र से सम्बन्धित है ?
[REET मुख्य परीक्षा (L -2) 01.03.2023]
👉 राजस्थान का प्रसिद्ध लोकनाट्य चारबैंत मूलतः अफगानिस्तान की कला से जुड़ा है।
👉 इसे स्थानीय रूप में प्रस्तुत करने का कार्य करीम खाँ निहंग ने किया।
👉 इस लोकनाट्य का प्रमुख केंद्र टोंक क्षेत्र है।
👉 चारबैंत की चार प्रमुख श्रेणियाँ होती हैं – भक्ति, श्रृंगार, रकीबखानी और गम्माज।
✍️ सही उत्तर है – टोंक
चिड़ावा के नानूराम एवं दुलियाराणा किस ख्याल के प्रसिद्ध कलाकार हैं ?
[शारीरिक शिक्षा अध्यापक 25.09.2022]
👉 शेखावाटी ख्याल के प्रवर्तक चिड़ावा निवासी नानूराम राणा थे।
👉 इस ख्याल को लोकप्रिय बनाने में उनके शिष्य दुलिया राणा का विशेष योगदान रहा।
👉 नानूराम द्वारा रचित प्रमुख ख्याल – हरिश्चन्द्र, हीर-रांझा, ढोला मारवन आदि हैं।
👉 इस ख्याल की विशेषता है गीतमय संवाद और प्रभावी पद संचालन।
✍️ सही उत्तर है – शेखावाटी ख्याल
चिड़ावा के नानू राम किस के सबसे प्रमुख कलाकार हैं?
[VDO (ग्राम विकास अधिकारी) 02.11.2025]
👉 नानूराम राजस्थान के शेखावाटी ख्याल के प्रसिद्ध संस्थापक कलाकार थे।
👉 वे चिड़ावा (झुंझुनू) के निवासी थे और शेखावाटी ख्याल परंपरा के प्रवर्तक माने जाते हैं।
👉 नानूराम और पुजारी तेजजी के काल को शेखावाटी ख्याल का स्वर्ण काल कहा जाता है।
👉 यह शैली राजस्थान की लोकनाट्य परंपरा में संगीत, अभिनय और हास्य का अद्भुत संगम है।
👉 राजस्थान में अन्य प्रसिद्ध ख्यालों में जयपुरी ख्याल, तुर्रा ख्याल (घोषूड़ा) और कुचामणी ख्याल (नागौर) शामिल हैं।
✍️ सही उत्तर है – शेखावाटी ख्याल
जयपुर के प्रसिद्ध लोक नाटक का नाम बताइए।
निम्नलिखित विकल्पों में से सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर चुनें:
[पशु परिचर (3rd Phase) 02.12.2024]
👉 राजस्थान में कई लोकनाट्य शैलियाँ प्रचलित हैं।
👉 जयपुर क्षेत्र का सबसे प्रसिद्ध लोकनाट्य तमाशा है।
👉 इसकी शुरुआत महाराजा सवाई प्रताप सिंह के शासनकाल में हुई थी।
👉 इसमें संगीत, नृत्य और गायन तीनों का सुंदर समावेश मिलता है।
✍️ सही उत्तर है – तमाशा
राजस्थान के किस क्षेत्र में रम्मत नाट्य का उद्भव हुआ ?
[JEN (यांत्रिकी डिग्री) 21.08.2016]
👉 राजस्थान की प्रमुख लोकनाट्य शैली रम्मत ऐतिहासिक और पौराणिक आख्यानों पर आधारित है।
👉 इसका उद्भव जैसलमेर से हुआ था और वहीं से यह कला अन्य क्षेत्रों में फैली।
👉 बाद में यह नाट्य विशेष रूप से बीकानेर में अधिक प्रसिद्ध हुआ।
👉 बीकानेर की रम्मतें आज भी होली के अवसर पर प्रमुखता से आयोजित होती हैं।
✍️ सही उत्तर है – जैसलमेर, बीकानेर
लोक नाट्यकार नानूराम किस ख्याल के मुख्य प्रवर्तक माने जाते हैं ?
JEN (विद्युत/यांत्रिक, डिप्लोमा) 20.05.2022
👉 राजस्थान की प्रमुख लोकनाट्य शैली शेखावटी ख्याल का प्रवर्तन नानूराम राणा (चिड़ावा, झुंझुनूं) ने किया।
👉 नानूराम द्वारा रचित प्रसिद्ध ख्याल हैं – हरिश्चन्द्र, हीर-रांझा, ढोला मारवन आदि।
👉 उनके शिष्य दूलिया राणा ने इस ख्याल को और अधिक लोकप्रिय बनाया।
👉 इस ख्याल की विशेषता है गीतमय संवाद और प्रभावी पद संचालन।
✍️ सही उत्तर है – शेखावटी ख्याल
लोक नाट्य की कला को बढ़ावा देने के लिए, किस थिएटर की स्थापना की गई ?
[पुस्तकालयाध्यक्ष ग्रेड -II 11.09.2022]
👉 राजस्थान में लोकनाट्य कला को संरक्षण और प्रोत्साहन देने के प्रयास हुए।
👉 महाराजा रामसिंह द्वितीय ने 1878 ई. में जयपुर में एक थियेटर की स्थापना की।
👉 इस थियेटर का नाम रामप्रकाश रंगमंच रखा गया।
👉 यह राजस्थान का पहला पारसी थियेटर था, जहाँ कई लोकनाट्य प्रस्तुतियाँ हुईं।
✍️ सही उत्तर है – रामप्रकाश रंगमंच, महाराजा रामसिंह द्वितीय द्वारा