राजस्थान के किस प्रदेश का 'अजरक प्रिंट' प्रसिद्ध है ? 

[उद्योग प्रचार अधिकारी 22.07.2018]

  • सांगानेर

  • बाड़मेर

  • भीलवाड़ा 

  • उदयपुर 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान की पारंपरिक छपाई शैलियों में अजरक प्रिंट का विशेष महत्व है।
👉 इसमें मुख्यतः नीले और लाल रंगों का प्रयोग किया जाता है।
👉 यह प्रिंट ज्यामितिक आकृतियों पर आधारित होता है।
👉 इसका प्रमुख केंद्र बाड़मेर (बालोतरा क्षेत्र) है।

✍️ सही उत्तर है – बाड़मेर 

राजस्थान का कौन-सा जिला अजरख प्रिंट के लिए प्रसिद्ध हैं ? 

[कनिष्ठ अनुदेशक (कोपा) 24.03.2019]

  • भरतपुर 

  • बीकानेर 

  • जैसलमेर  

  • बाड़मेर 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान की पारंपरिक छपाई कलाओं में अजरख प्रिंट विशेष प्रसिद्ध है।
👉 इसमें मुख्यतः लाल और नीले रंगों का प्रयोग किया जाता है।
👉 इस प्रिंट में ज्यामितिक आकृतियों को अधिक महत्व दिया जाता है।
👉 अजरख प्रिंट का प्रमुख केंद्र बाड़मेर (बालोतरा क्षेत्र) है।

✍️ सही उत्तर है – बाड़मेर 

झालावाड़ शैली की राजपूत पेंटिंग, किस राजपूत पेंटिंग स्कूल का हिस्सा है ?

पशुधन सहायक (LSA) 04.06.2022

  • ढूंढाड़ 

  • मारवाड़ 

  • मेवाड़ 

  • हाड़ौती 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान में झालावाड़ शैली राजपूत चित्रकला की एक उपशैली है।
👉 यह शैली मुख्यतः हाड़ौती स्कूल के अंतर्गत आती है।
👉 हाड़ौती स्कूल का विकास कोटा और बूंदी क्षेत्र में हुआ।
👉 झालावाड़ शैली इसी का महत्वपूर्ण अंश मानी जाती है।

✍️ सही उत्तर है – हाड़ौती 

 ___जयपुर का परंपरागत शिल्प हैं ।

[लिपिक ग्रेड -II 12.08.2018]

  •  ब्लू पॉटरी

  • ऊनी खादी 

  • पेन्टिंग्स 

  • थेवा कार्य

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान का प्रमुख परंपरागत शिल्प ब्लू पॉटरी है।
👉 इसकी शुरुआत यहाँ 19वीं सदी में हुई थी।
👉 इसका प्रमुख केंद्र जयपुर जिला है।
👉 ब्लू पॉटरी को देश-विदेश में विशेष पहचान मिली है।

✍️ सही उत्तर है – ब्लू पॉटरी 

लुगदी और काग़ज की छपाई और रंगाई में कौनसा वन उत्पाद प्रयुक्त होता है? (निम्न में से सबसे उपयुक्त विकल्प चुनें)

[REET Mains (L-2) SST 18.01.2026]

  • सण

  • धूड़ी

  • तेन्द

  • कत्था

🔹 व्याख्या

👉 तेंदू के पत्तों का उपयोग मुख्य रूप से बीड़ी बनाने में किया जाता है राजस्थान में इसे हरा सोना कहा जाता है सन एक रेशेदार फसल है जिससे मजबूत रस्सियां, टाट पटी बनाई जाती है

✍️ सही उत्तर है – कत्था

जिरोही, भाकला, गंदा किस उद्योग के नाम है ? 

[पशुधन सहायक (LSA) 21.08.2016]

  • ब्लू पॉटरी

  • मीनाकरी 

  • पेचवर्क

  • जटपट्टी 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान में बकरी के बालों से बनने वाले वस्त्र को जटपट्टी कहा जाता है।
👉 इसका निर्माण विशेष रूप से जसोल (बालोतरा) में होता है।
👉 जिरोही, भाकला और गंदा जटपट्टी उद्योग के प्रमुख नाम हैं।
👉 इसका उपयोग जहाज़ों की कालीन निर्माण में भी होता है।

✍️ सही उत्तर है – जटपट्टी 

राजस्थान का कौन सा जिला 'अजरक' प्रिन्ट के लिए प्रसिद्ध है ? 

[शारीरिक शिक्षा अध्यापक 25.09.2022]

  • जैसलमेर 

  • ब्यावर 

  • बाड़मेर

  • बीकानेर 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान की छपाई कलाओं में अजरक प्रिंट का विशेष स्थान है।
👉 इसमें मुख्यतः लाल और नीले रंग का प्रयोग किया जाता है।
👉 यह प्रिंट ज्यामितिक आकृतियों के लिए प्रसिद्ध है।
👉 बाड़मेर (बालोतरा क्षेत्र) अजरक प्रिंट का प्रमुख केंद्र है।

✍️ सही उत्तर है – बाड़मेर 

इस लोक कला में सफेद और लाल गेरू रंग से ज्यामितीय आकृतियाँ बनाई जाती हैं । कला की पहचान करें : 

[JEN यांत्रिक डिग्री 10.02.2025]

  • फड़ 

  • कावड़ 

  • वील 

  • मांडणा 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान की प्रमुख लोक कलाओं में मांडणा विशेष स्थान रखती है।
👉 इसमें जमीन, दीवार या फर्श पर आकृतियाँ बनाई जाती हैं।
👉 सफेद और लाल गेरू रंग से ज्यामितीय आकृतियाँ अंकित की जाती हैं।
👉 मांडणे विशेषकर धार्मिक व मांगलिक अवसरों पर बनाए जाते हैं।

✍️ सही उत्तर है – मांडणा 

कौन सा (हस्तशिल्प - स्थान ) सही सुमेलित नहीं है ? 

[VDO मुख्य परीक्षा 09.07.2022]

  • बंधेज (टाई एंड डाई) – जयपुर 

  • तारकशी का काम - उदयपुर 

  • मसूरिया साड़ी - कैथून 

  • लकड़ी के खिलौने - बस्सी 

🔹 व्याख्या

👉 तारकशी कला में चाँदी के बारीक तारों से आभूषण व वस्तुएँ बनाई जाती हैं।
👉 यह कला मुख्यतः नाथद्वारा और जयपुर क्षेत्र में प्रसिद्ध है।
👉 प्रश्न में दिया युग्म तारकशी का काम – उदयपुर सही नहीं है। 

✍️ सही उत्तर है – तारकशी का काम – उदयपुर 

बाड़मेर प्रिंट अपने बोल्ड ज्यामितीय पैटर्न के लिए जाने जाते हैं जिन्हें कहा जाता है: 

[Patwar Exam (Shift II) 17.08.2025]

  • डब्बू रेसिस्ट प्रिंट 

  • सांगानेरी प्रिंट 

  • बगरू प्रिंट 

  • अजरख प्रिंट 

🔹 व्याख्या

👉 बाड़मेर प्रिंट राजस्थान के बाड़मेर जिले का प्रसिद्ध हस्तशिल्प वस्त्र कला रूप है।
👉 यह अपने गहरे रंगों और बोल्ड ज्यामितीय पैटर्नों के लिए प्रसिद्ध है।
👉 इन विशिष्ट डिज़ाइनों को “अजरख प्रिंट” कहा जाता है।
👉 अजरख छपाई में प्राकृतिक रंगों का उपयोग किया जाता है, जैसे — इंडिगो (नीला), काला, लाल और पीला। 

✍️ सही उत्तर है – अजरख प्रिंट 

पद्मश्री कृपालसिंह शेखावत का सम्बन्ध है ?

[कृषि पर्यवेक्षक परीक्षा 03.03.2019]

  • कालबेलिया नृत्य से

  • उस्ता कला से

  • माण्डणा से 

  • ब्लू पॉटरी से 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान के सुप्रसिद्ध कलाकार कृपालसिंह शेखावत मूलतः चित्रकार थे।
👉 उन्होंने मृतप्राय कला ब्लू पॉटरी को पुनर्जीवित किया।
👉 इस कला को देश-विदेश में लोकप्रियता दिलाने का श्रेय इन्हें जाता है।
👉 उनके योगदान पर वर्ष 1974 में पद्मश्री सम्मान प्रदान किया गया।

✍️ सही उत्तर है – ब्लू पॉटरी 

राजस्थान में मीनाकारी की 'थेवाकला' के लिए कौन सा स्थान प्रसिद्ध है ? 

[JEN (विधुत) (डिग्रीधारक) 29.11.2020]

  • प्रतापगढ़

  • बाड़मेर 

  • नाथद्वारा 

  • जोबनेर 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान में मीनाकारी की विशेष विधा थेवा कला कहलाती है।
👉 इस कला का उद्गम लगभग 500 वर्ष पूर्व हुआ था।
👉 थेवा कला का प्रमुख और एकमात्र केंद्र प्रतापगढ़ जिला है।
👉 इसमें रंगीन काँच पर सोने की नक्काशी की जाती है।

✍️ सही उत्तर है – प्रतापगढ़ 

लप्पा, लप्पी, किरण और गोखरू क्या हैं ? 

[कनिष्ठ अनुदेशक (कार्यशाला) 10.09.2022]

  • राजस्थानी फिल्म 'सासु माँ' में किरदार

  • गोटा की विभिन्न किस्में

  • अधिक उपज देने वाले कीट (किडनी बीन, फेज़ियोलस एकोनाइट फोलियस) की किस्में 

  • शेरवानी के नाम

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थानी महिलाओं के पारंपरिक परिधान ओढ़नी, लहंगे ,कुर्ती और कांचली के किनारो को सजाने के लिए सुनहरी या चांदी के चमकीले रिबन का उपयोग किया जाता है जिसे गोटा कहते हैं, लप्पा -लप्पी ,किरण, गोखरू आदि गोटो के प्रकार है। खंडेला सीकर राजस्थान में गोटा उद्योग का सबसे प्रमुख केंद्र है तथा जयपुर में पुरोहित जी का कटला नामक बाजार में भी गोटा पट्टी के काम किए जाते हैं
👉 लप्पा और लप्पी वस्त्र की बुनाई में बने विशेष अलंकरण हैं।
👉 किरण बादले की झालर होती है जिसे साड़ी या घूँघट पर लगाया जाता है।
👉 गोखरू गोटे को तिकोना मोड़कर बनाया जाने वाला अलंकरण है।

✍️ सही उत्तर है – गोटा की विभिन्न किस्में 

राजसमंद का मोलेला गाँव किस शिल्पकला के लिए विख्यात है ? 

[REET मुख्य परीक्षा (L -2) 28.02.2023]

  • मृण शिल्प 

  • काष्ठ कला 

  • पटचित्र कला

  • माण्डणा शिल्प 

🔹 व्याख्या

👉 राजसमंद जिले का मोलेला गाँव अपनी विशेष शिल्पकला के लिए प्रसिद्ध है।
👉 यहाँ की पहचान मृण शिल्प या टेराकोटा कला से है।
👉 इस कला में मिट्टी की मूर्तियाँ एवं कलात्मक वस्तुएँ बनाई जाती हैं।
👉 मोलेला की मूर्तियाँ देश ही नहीं, विदेशों में भी लोकप्रिय हैं।

✍️ सही उत्तर है – मृण शिल्प 

राजस्थान के कृपालसिंह शेखावत ने उनके किस क्षेत्र में योगदान के लिए 1974 में पद्मश्री पुरस्कार प्राप्त किया ? 

[JEN (सिविल) (डिग्रीधारक) 12.09.2021]

  • हाथीदाँत कार्य 

  • साहित्य

  • ब्लू पॉटरी

  • लाख कार्य

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान के सुप्रसिद्ध कलाकार कृपालसिंह शेखावत मूलतः चित्रकार थे।
👉 इन्होंने मृतप्राय कला ब्लू पॉटरी को पुनर्जीवित किया।
👉 इस कला को देश-विदेश में लोकप्रियता दिलाई।
👉 इनके योगदान के लिए वर्ष 1974 में पद्मश्री प्रदान किया गया।

✍️ सही उत्तर है – ब्लू पॉटरी 

कुदरतसिंह को राजस्थान की किस हस्तकला में योगदान के लिए पद्मश्री पुरस्कार से अलंकृत किया गया है ?

[उद्योग निरीक्षक परीक्षा 24.06.2018]

  • ब्लू पॉटरी

  • कपड़े की छपाई

  • मीनाकारी 

  • पीतल पर मुरादाबादी काम

🔹 व्याख्या

👉 कुदरत सिंह को 1988 में पद्म श्री पुरस्कार से सम्मानित किया गया था, राजस्थान की विशिष्ट कला मीनाकारी में धातु पर रंग भरकर अलंकरण किया जाता है।
👉 इसमें मुख्यतः लाल और हरे रंग का उपयोग किया जाता है।
👉 इस कला के जादूगर कहे जाने वाले कलाकार कुदरतसिंह थे।

✍️ सही उत्तर है – मीनाकारी 

हथकरघा उद्योग के लिए निम्न में से कौन सा स्थान प्रसिद्ध है ? 

[REET मुख्य परीक्षा (L -2) 28.02.2023]

  • मांगरोल 

  • सांगानेर 

  • ब्यावर 

  • टोंक

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान में हथकरघा उद्योग का विशेष महत्व है।
👉 मसूरिया मलमल / कोटा डोरिया साड़ी इसके लिए प्रसिद्ध है।
👉 इस साड़ी के निर्माण का प्रमुख केंद्र कैथून (कोटा) और मांगरोल (बारां) है।
👉 इसलिए मांगरोल हथकरघा उद्योग का प्रमुख स्थल माना जाता है।

✍️ सही उत्तर है – मांगरोल

ब्ल्यू पोटरी - जयपुर से सम्बन्धित शिल्पकार का नाम है : [*]

[CET (10+2 प्रथम चरण) 04.02.2023]

  • अबरार अहमद 

  • अनुराधा जांगीड़ 

  • राजेश गोधा 

  • नरोत्तम जांगीड़ 

📌 महत्वपूर्ण सूचना: इस प्रश्न को बोर्ड द्वारा 'डिलीट' घोषित किया गया है।   

नागौर का "बू" गाँव किसलिए प्रसिद्ध हुआ करता था ?

[JEN (Civil Degree) 21.08.2016]

  • मिट्टी के खिलौने के लिए

  • लोहे के औजारों के लिए

  • जूट पट्टी के लिए 

  • पेचवर्क के लिए 

🔹 व्याख्या

👉 नागौर का "बू" गाँव अपने पारंपरिक हस्तशिल्प के लिए प्रसिद्ध था।
👉 यह गाँव विशेष रूप से मिट्टी के खिलौनों के निर्माण के लिए जाना जाता था।
👉 यहाँ बनाए गए खिलौनों में स्थानीय लोकजीवन और संस्कृति की झलक मिलती थी।
👉 इन खिलौनों की पहचान उनकी सरलता और कलात्मकता थी।

✍️ सही उत्तर है – मिट्टी के खिलौने 

श्रीलाल जोशी किस लोककला से सम्बन्धित हैं ? 

कनिष्ठ अनुदेशक (कंप्यूटर प्रयो.) 16.11.2024

  • सांझी 

  • फड़ 

  • कठपुतली 

  • मांडणा 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान की प्रसिद्ध लोककला फड़ चित्रकला है।
👉 इसमें कपड़े पर देवी-देवताओं और लोककथाओं का चित्रण किया जाता है।
👉 इस लोककला के प्रमुख कलाकार श्रीलाल जोशी रहे हैं। 

✍️ सही उत्तर है – फड़ 

मीनाकारी की थेवा कला के लिए राजस्थान का कौन सा स्थान प्रसिद्ध है ? 

[वनपाल परीक्षा 06.11.2022]

  • प्रतापगढ़ 

  • नाथद्वारा

  • बाड़मेर 

  • जोबनेर 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान में मीनाकारी की एक विशेष विधा थेवा कला कहलाती है।
👉 इस कला का उद्गम लगभग 500 वर्ष पूर्व हुआ था।
👉 थेवा कला केवल राजस्थान के प्रतापगढ़ जिले में प्रचलित है।
👉 इसमें रंगीन काँच पर सोने की चित्रकारी की जाती है।

✍️ सही उत्तर है – प्रतापगढ़ 

राजस्थान में उस्ता कला निम्नलिखित में से किस शहर की सांस्कृतिक विरासत का एक प्रमुख हिस्सा है?

[4th Grade 6th Phase) 21.09.2025]

  • बीकानेर

  • जैसलमेर

  • उदयपुर

  • जयपुर

🔹 व्याख्या

👉 उस्ता कला राजस्थान के बीकानेर शहर की एक प्रसिद्ध पारंपरिक कला है।
👉 यह कला ऊँट की खाल पर सुनहरी मीनाकारी (गोल्ड एम्बॉसिंग) के लिए प्रसिद्ध है।
👉 इसका विकास मुगल काल में हुआ, जब उस्ता कलाकारों को बीकानेर लाकर बसाया गया।
👉 प्रारंभ में यह कला केवल ऊँट की खाल पर की जाती थी, परंतु अब इसे लकड़ी, आईनों, संगमरमर और दीवारों पर भी बनाया जाता है।
👉 बीकानेर का “केमल हाइड ट्रेनिंग सेंटर” आज भी इस कला के संवर्धन और प्रशिक्षण का प्रमुख केंद्र है।

✍️ सही उत्तर है – बीकानेर 

निम्नलिखित में से कौन सी राजस्थान की लोक कला नहीं है ? 

[JEN विद्युत डिग्री 07.02.2025]

  • मांडणा 

  • हाड़ौती 

  • सांझी 

  • फड़ 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान में अनेक प्रसिद्ध लोक कलाएँ प्रचलित हैं जैसे फड़, पाबुजी की पड़, कावड़, मांडना आदि।
👉 प्रश्न में दिया गया विकल्प हाड़ौती वास्तव में एक भाषाई/आंचलिक क्षेत्र है। 

✍️ सही उत्तर है – हाड़ौती 

वह स्थान, जो अपने मृदा शिल्प (टेराकोटा) के लिए प्रसिद्ध है 

[पशुधन सहायक (LSA) 21.10.2018]

  • मोलेला 

  • बगरु 

  • कैथून 

  • सांगानेर

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान में मृदा शिल्प को ही टेराकोटा कला कहा जाता है।
👉 इसमें मिट्टी से देवी-देवताओं की मूर्तियाँ एवं बर्तन बनाए जाते हैं।
👉 इस कला का प्रमुख केंद्र राजसमंद जिले का मोलेला गाँव है।
👉 मोलेला की टेराकोटा कला को अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त है।

✍️ सही उत्तर है – मोलेला 

प्रसिद्ध 'चित्रशाला' ____ के गढ़ राजप्रासाद में स्थित है। 

[कनिष्ठ अनुदेशक (वेल्डर) 26.03.2019]

  • बूंदी 

  • जोधपुर 

  • बीकानेर 

  • आमेर 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान की प्रसिद्ध चित्रशालाएँ राजपूत चित्रकला की धरोहर हैं।
👉 इनमें सबसे प्रसिद्ध चित्रशाला बूंदी में स्थित है।
👉 यह चित्रशाला गढ़ राजप्रासाद के भीतर बनी हुई है। 

✍️ सही उत्तर है – बूंदी 

नागौर का 'बू' गाँव किस कलात्मक कार्य के लिए प्रसिद्ध है ?

[पटवार (तृतीय चरण) 24.10.2021]

  • हस्त निर्मित कागज

  • जूट पट्टी

  • मोटी सूती शॉल

  • कच्ची मिट्टी के खिलौने 

🔹 व्याख्या

👉 नागौर का ‘बू’ गाँव अपने पारंपरिक हस्तशिल्प के लिए जाना जाता है।
👉 यह गाँव विशेष रूप से कच्ची मिट्टी के खिलौनों के निर्माण के लिए प्रसिद्ध है।
👉 यहाँ बनाए गए खिलौनों में स्थानीय लोकजीवन की झलक मिलती है।
👉 इन खिलौनों को उनकी सरलता और कलात्मकता के कारण पहचान मिली है।

✍️ सही उत्तर है – कच्ची मिट्टी के खिलौने 

जोधपुर का प्रसिद्ध "बादला " निम्न में से क्या है ? 

[CET (10+2 प्रथम चरण) 04.02.2023]

  • जस्ते से बना पानी का पात्र 

  • लकड़ी का मंदिर 

  • जरी साड़ी 

  • पोमचा 

🔹 व्याख्या

👉 जोधपुर का प्रसिद्ध बादला हस्तकला से जुड़ा है।
👉 यह वस्तु जस्ते से बना पानी का पात्र होता है।
👉 बादले में पानी लंबे समय तक ठंडा रहता है।
👉 इसके चारों ओर कलात्मक कपड़े का आवरण चढ़ाया जाता है।

✍️ सही उत्तर है – जस्ते से बना पानी का पात्र 

राजस्थान के किस जिले की ब्लैक पॉटरी फूलदानों, प्लेटों और मटकों के लिए प्रसिद्ध है ? 

[वनरक्षक (प्रथम चरण) 12.11.2022]

  • अलवर 

  • कोटा 

  • बीकानेर

  • जैसलमेर 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान में ब्लैक पॉटरी का विशेष महत्व है।
👉 इसका मूल आधार रंग काला होता है।
👉 यह कला मुख्यतः कोटा जिले में प्रचलित है।
👉 कोटा की ब्लैक पॉटरी फूलदानों, प्लेटों और मटकों के लिए प्रसिद्ध है।

✍️ सही उत्तर है – कोटा 

राजस्थान में मीनाकारी की 'थेवाकला' के लिए कौन-सा स्थान प्रसिद्ध है ? 

[हाथकरघा निरीक्षक (उद्योग) 22.12.2019]

  • राजसमंद 

  • नाथद्वारा 

  • प्रतापगढ़

  • बाड़मेर 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान में मीनाकारी की विशिष्ट शैली थेवा कला कहलाती है।
👉 इस कला की शुरुआत लगभग 500 वर्ष पूर्व हुई थी।
👉 इसमें रंगीन काँच पर सोने की नक्काशी की जाती है।
👉 इसका प्रमुख और प्रसिद्ध केंद्र प्रतापगढ़ है।

✍️ सही उत्तर है – प्रतापगढ़ 

निम्नलिखित में से कौन राजस्थान में थेवा कला की परंपरा से जुड़ा है ?

[JEN (Diploma) 06.02.2025]

  • महेश सोनी 

  • प्रदीप मुखर्जी 

  • श्री लाल जोशी 

  • घनश्याम निम्बार्क 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान की विशिष्ट मीनाकारी शैली थेवा कला है।
👉 यह कला केवल प्रतापगढ़ जिले में प्रचलित है।
👉 इसके प्रमुख कलाकारों में महेशराज (महेश) सोनी का नाम उल्लेखनीय है।
👉 इन्हें थेवा कला में योगदान हेतु 2015 में पद्मश्री से सम्मानित किया गया।

✍️ सही उत्तर है – महेश सोनी 

निम्नलिखित में से, किसने राजस्थान से 'ब्लू पॉटरी' (नील-मृद्भांड) पर, अपनी चित्रकला के लिए, अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त की ?

[4th Grade (1st Phase) 19.09.2025]

  • कोमल कोठारी

  • बीरबल सिंह

  • दयालदास

  • कृपाल सिंह शेखावत

🔹 व्याख्या

👉 कृपाल सिंह शेखावत का जन्म 1922 ईस्वी में राजस्थान में हुआ था।
👉 वे भारत के एक प्रसिद्ध शिल्पकार और चित्रकार थे।
👉 उन्हें भारत के संविधान की मूल प्रति में बनाए गए चित्रों (चित्रांकन) के लिए भी जाना जाता है।
👉 भारत सरकार ने उन्हें क्रमशः 1974 में पद्म श्री और 2002 में शिल्प गुरु पुरस्कारों से सम्मानित किया।
👉 उन्होंने ब्लू पॉटरी कला को पुनर्जीवित और लोकप्रिय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
👉 उन्होंने राजस्थान ललित कला अकादमी सहित कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया और राज्य की कला परंपरा को समृद्ध किया।

✍️ सही उत्तर है – कृपाल सिंह शेखावत 

राजस्थान में देवी सांझी किस का अवतार है ? 

निम्नलिखित विकल्पों में से सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर चुनें:  

[पशु परिचर (4th Phase) 02.12.2024]

  • पार्वती 

  • लक्ष्मी 

  • ऊषा 

  • सीता 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान में लोककला और आस्था से जुड़ी देवी सांझी की पूजा होती है।
👉 लोक परंपरा में देवी सांझी को देवी पार्वती का अवतार माना गया है।
👉 यह परंपरा विशेषकर स्त्रियों द्वारा धार्मिक अनुष्ठानों में निभाई जाती है। 

✍️ सही उत्तर है – पार्वती 

सूची-I को सूची-II से सुमेलित करे: 

सूची-I

सूची-II

a. अजरक प्रिंट

I. बस्सी

b. पिछवाइयां

II. बाड़मेर

c. काले काष्ठ खिलौने

III. गलियाकोट

d. प्रस्तर खिलौने

IV. नाथद्वारा

नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर चुनें: 

[REET Mains (L-1) 20.01.2026]

  • a-I, b-III, c-IV, d-II 

  • a-IV, b-I, c-II, d-III

  • a-III, b-II, c-IV, d-I 

  • a-II, b-IV, c-I, d-III 

🔹 व्याख्या

👉 अजरक प्रिंट की प्रसिद्ध कला बाड़मेर क्षेत्र से जुड़ी है।
👉
पिछवाइयां चित्रकला का प्रमुख केंद्र नाथद्वारा है।
👉
काले काष्ठ खिलौने बनाने की कला बस्सी में प्रसिद्ध है।
👉
प्रस्तर खिलौने का निर्माण गलियाकोट क्षेत्र में होता है।

✍️ सही उत्तर है – a-II, b-IV, c-I, d-III

'ब्लू पॉटरी' राजस्थान के निम्नलिखित में से किस स्थान का पारंपरिक शिल्प है?

[Patwar Exam (Shift II) 17.08.2025]

  • कोटा 

  • जयपुर 

  • जैसलमेर 

  • उदयपुर 

🔹 व्याख्या

👉 ब्लू पॉटरी राजस्थान के जयपुर शहर का प्रसिद्ध और पारंपरिक हस्तशिल्प है।
👉 इसकी उत्पत्ति तुर्क-फ़ारसी शैली से हुई, जो अकबर के शासनकाल में लाहौर पहुँची और बाद में सवाई राम सिंह द्वितीय के संरक्षण में जयपुर में लोकप्रिय हुई। 
👉 ब्लू पॉटरी आज जयपुर की सांस्कृतिक पहचान का हिस्सा है और इसे भौगोलिक संकेतक (GI Tag) भी प्राप्त है।

✍️ सही उत्तर है – जयपुर 

कॉलम I में लोक कला को कॉलम II में संबंधित सामग्री से मिलान कीजिए। 

कॉलम I

(संबंधित सामग्री)

कॉलम II

(लोक कला)

1. पाने

a. रंग

2. फड़

b. लकड़ी

3. मांडणा

c. पेपर

4. कावड़

d. कपड़ा

निम्न में से सबसे उपयुक्त विकल्प चुनें:  

[कनिष्ठ अनुदेशक (टर्नर) 09.01.2025]

  • 1-c, 2-d, 3-a, 4-b 

  • 1-b, 2-a, 3-d, 4-c 

  • 1-d, 2-c, 3-b, 4-a 

  • 1-a, 2-c, 3-d, 4-b 

🔹 व्याख्या

👉 पाने मुख्यतः कागज पर बनाए जाते हैं, अतः इनका संबंध पेपर से है।
👉 फड़ चित्रकला कपड़े पर की जाती है, अतः इसका संबंध कपड़ा से है।
👉 मांडणा दीवार और फर्श पर रंगों से बनाए जाते हैं, अतः इसका संबंध रंग से है।
👉 कावड़ लकड़ी से निर्मित मंदिरनुमा आकृति होती है, अतः इसका संबंध लकड़ी से है।

✍️ सही उत्तर है – 1-c, 2-d, 3-a, 4-b 

राजस्थान का कौन सा क्षेत्र थेवा कला के लिए विख्यात है ? 

[अन्वेषक परीक्षा 27.12.2020]

  • फतेहपुर 

  • लक्ष्मणगढ़

  • रामगढ 

  • प्रतापगढ 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान की अनोखी मीनाकारी विधा थेवा कला है।
👉 यह कला लगभग 500 वर्ष पुरानी परंपरा है।
👉 इसमें रंगीन काँच पर सोने की बारीक नक्काशी की जाती है।
👉 इसका प्रमुख केंद्र केवल प्रतापगढ़ क्षेत्र है।

✍️ सही उत्तर है – प्रतापगढ़ 

राजस्थान में थेवा कला निम्न में से किस क्षेत्र से संबंधित है ? 

[CET (10+2) 22.10.2024 प्रथम चरण]

  • प्रतापगढ़ 

  • झालावाड़ 

  • जयपुर 

  • चुरू 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान की अनोखी मीनाकारी शैली थेवा कला है।
👉 इसमें रंगीन काँच पर सोने की बारीक नक्काशी की जाती है।
👉 यह कला लगभग 500 वर्ष पुरानी है।
👉 इसका प्रमुख केंद्र केवल प्रतापगढ़ है।

✍️ सही उत्तर है – प्रतापगढ़ 

निम्नलिखित में से कौन - सा राजस्थान का प्रसिद्ध हस्तशिल्प कार्य नहीं है? 

निम्न में से सबसे उपयुक्त विकल्प चुनें: 

[JEN यांत्रिक विद्युत 06.02.2025]

  • थेवा गोल्ड लीफ वर्क 

  • कृष्णनगर की गुड़ियाएँ 

  • नीली चमकीली मिट्टी के बर्तन 

  • बांधनी 

🔹 व्याख्या

👉 कृष्ण नगर की गुड़िया पश्चिम बंगाल के नदिया जिले की विश्व प्रसिद्ध शिल्प कला है राजस्थान में अनेक प्रसिद्ध हस्तशिल्प कार्य प्रचलित हैं जैसे ब्लू पॉटरी, फड़, बंधेज, कावड़, टेराकोटा आदि।
👉 यहाँ की लोककलाएँ विशेष रूप से जोधपुर, जयपुर, बाड़मेर, प्रतापगढ़, चित्तौड़गढ़ आदि क्षेत्रों में विकसित हुईं। 

✍️ सही उत्तर है – कृष्णनगर की गुड़ियाएँ 

'पिछवाई पेंटिंग' किस कला विद्यालय से संबंधित है ?  

[CET (10+2) 24.10.2024 षष्टम चरण]

  • नाथद्वारा 

  • कोटा 

  • किशनगढ़ 

  • बूँदी 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान की प्रसिद्ध चित्रकला में पिछवाई पेंटिंग का विशेष स्थान है।
👉 इसमें भगवान श्रीनाथजी की विविध लीलाओं का चित्रण होता है।
👉 यह कला विद्यालय मुख्यतः नाथद्वारा (राजसमंद) से जुड़ा हुआ है।
👉 पिछवाई चित्र मंदिरों में पृष्ठ पर टांगकर सजावट हेतु उपयोग किए जाते हैं।

✍️ सही उत्तर है – नाथद्वारा 

निम्नलिखित में से कौनसा स्थान, अजरख वस्त्र छपाई के लिए प्रसिद्ध है ? 

[लाइब्रेरियन परीक्षा 27 जुलाई 2025]

  • भरतपुर 

  • सांगानेर 

  • अलवर 

  • बाड़मेर 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान की पारंपरिक छपाई शैलियों में अजरख प्रिंट विशेष प्रसिद्ध है।
👉 इसमें मुख्यतः नीले और लाल रंगों का प्रयोग किया जाता है।
👉 इस प्रिंट में ज्यामितिक आकृतियों को विशेष महत्व दिया जाता है।
👉 इसका प्रमुख केंद्र बाड़मेर (बालोतरा क्षेत्र) है।

✍️ सही उत्तर है – बाड़मेर 

प्रसिद्ध मीनाकारी थेवा कला' का संबंध किस स्थान से है ? 

[सुपरवाईजर परीक्षा 06.01.2019]

  • बीकानेर 

  • प्रतापगढ़ 

  • बाड़मेर 

  • जयपुर

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान की विशिष्ट मीनाकारी शैली को थेवा कला कहा जाता है।
👉 इसमें रंगीन काँच पर सोने की बारीक नक्काशी की जाती है।
👉 इस कला का उद्गम लगभग 500 वर्ष पूर्व हुआ था।
👉 इसका प्रमुख और प्रसिद्ध केंद्र केवल प्रतापगढ़ है।

✍️ सही उत्तर है – प्रतापगढ़ 

नीचे दो कथन दिए गए हैं : एक अभिकथन A (Assertion A) के रूप में लिखित है तो दूसरा उसके कारण R (Reason R) के रूप में।

अभिकथन A : सांगानेरी हैंड ब्लॉक प्रिंट, बगरू हैंड ब्लॉक प्रिंट और कोटा डोरिया, इन सभी को हस्तकला संबंधित श्रेणी में भौगोलिक संकेतक मिला है।

कारण R : भौगोलिक संकेतक, औद्योगिक संपदा का एक पक्ष है जो किसी उत्पाद के देश या मूल स्थान को संदर्भित करता है जो विनिर्दिष्ट भौगोलिक स्थान से अनिवार्यतः सहसंबंध रखने वाली गुणवत्ता और विशिष्टता का आश्वासन है।

उपरोक्त कथनों के आलोक में, नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर का चयन कीजिए :

[REET Mains L-2 Eng) 19.01.2026]

  • A और R दोनों सही हैं लेकिन R, A की सही व्याख्या नहीं है।

  • A सही नहीं है लेकिन R सही है।

  • A और R दोनों सही हैं और R, A की सही व्याख्या है।

  • A सही है लेकिन R सही नहीं है।

🔹 व्याख्या

👉 सांगानेरी प्रिंट, बगरू प्रिंट व कोटा डोरिया को GI मिला है।
👉
ये सभी हस्तकला उत्पाद की श्रेणी में आते हैं।
👉
भौगोलिक संकेतक उत्पाद के मूल स्थान को दर्शाता है।
👉
इसलिए कारण R, अभिकथन A की सही व्याख्या करता है।

✍️ सही उत्तर है – A और R दोनों सही हैं और R, A की सही व्याख्या है।

आज़म और जाजम प्रिंट राजस्थान के किस जिले का प्रसिद्ध हस्तशिल्प है ? 

[वनरक्षक (प्रथम चरण) 12.11.2022]

  • चित्तौड़गढ़ 

  • उदयपुर 

  • जयपुर

  • अलवर 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान की छपाई कलाओं में जाजम प्रिंट का विशेष महत्व है।
👉 जाजम सूती मोटे धागे से बनी दरी होती है जिस पर हाथ की छपाई की जाती है।
👉 यह प्रिंट मुख्यतः आकोला (चित्तौड़गढ़) जिले में प्रसिद्ध है।
👉 जाजम प्रिंट का उपयोग मांगलिक और धार्मिक अवसरों पर किया जाता है।

✍️ सही उत्तर है – चित्तौड़गढ़ 

राजस्थान में कौनसा स्थान 'ब्ल्यू पॉटरी' के लिये जाना जाता है ?

[कनिष्ठ वैज्ञानिक सहायक (रसायन) 14.09.2019]

  • जयपुर 

  • भरतपुर

  • अलवर 

  • टोंक 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान की परंपरागत हस्तकला ब्ल्यू पॉटरी अत्यंत प्रसिद्ध है।
👉 इस कला की शुरुआत यहाँ 19वीं सदी में हुई थी।
👉 जयपुर इसका प्रमुख और ऐतिहासिक केंद्र है।
👉 ब्ल्यू पॉटरी को देश-विदेश में विशेष लोकप्रियता मिली है।

✍️ सही उत्तर है – जयपुर 

कौनसा कूट सुमेलित नहीं है? 

हस्तकला                -        स्थान 

A) मामाजी के घोड़े    -        बसन्तगढ़

B) दाबू प्रिन्ट             -       आकोला 

C) लाख का काम      -        लक्ष्मणगढ़, इन्द्रगढ़

D) अजरक प्रिन्ट       -        बाड़मेर 

[JEN (Civil Diploma) 21.08.2016]

  • D

  • B

  • A

  • C

🔹 व्याख्या

👉 मामाजी के घोड़े बनाने का प्रमुख केंद्र जालौर का हरजी गाँव है।
👉 प्रश्न में दिया गया युग्म मामाजी के घोड़े – बसन्तगढ़ गलत है।
👉 दाबू प्रिन्ट का प्रमुख स्थान आकोला (चित्तौड़गढ़) है।
👉 लाख का काम लक्ष्मणगढ़ और इन्द्रगढ़ में प्रसिद्ध है तथा अजरक प्रिन्ट बाड़मेर में होता है।

✍️ सही उत्तर है – A 

राजस्थान में गोरबंद किस पशु का विशिष्ट शृंगार है ?

[प्रयोगशाला सहायक (विज्ञान) 28.06.2022]

  • हाथी 

  • बैल 

  • घोड़ा 

  • ऊँट 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान में गोरबंद एक प्रमुख लोक अलंकरण है।
👉 इसे मोतियों, काँच, कोड़ियों और मणियों को गूँथकर बनाया जाता है।
👉 गोरबंद विशेष रूप से ऊँट के गले का आभूषण है।
👉 इसके सम्बन्ध में प्रसिद्ध लोकगीत “गोरबंद नखरालो” भी गाया जाता है।

✍️ सही उत्तर है – ऊँट 

राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त मोहनलाल किस शिल्प कला से संबंधित हैं ? 

JEN (सिविल डिप्लोमाधारक) 18.05.2022

  • उस्ता कला

  • बंधेज कला 

  • थेवा कला

  • मोलेला मृण्मूर्ति कला

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान के मोलेला गाँव की विशेष पहचान मृण्मूर्ति कला (टेराकोटा) है।
👉 यहाँ की मिट्टी से देवी-देवताओं की परंपरागत मूर्तियाँ बनाई जाती हैं।
👉 इस कला के प्रसिद्ध शिल्पकार मोहनलाल कुम्हार हैं। 

✍️ सही उत्तर है – मोलेला मृण्मूर्ति कला 

सूची-I को सूची-II से सुमेलित करें - 

सूची-I (दस्तकारी/कला कार्य)

सूची-II (केन्द्र/मुख्य स्थान)

a. ब्लू पोटरी

I. जयपुर

b. श्याम काष्ठ खिलौने

II. बस्सी

c. कागजी पोटरी

III. अलवर

d. कसीदे वाली सुराही

IV. बीकानेर

नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर चुनें: 

[REET Mains L-2 Sans 20.01.2026]

  • a-III, b-IV, c-II, d-I 

  • a-I, b-II, c-IV, d-III 

  • a-I, b-II, c-III, d-IV 

  • a-II, b-I, c-IV, d-III 

🔹 व्याख्या

👉 ब्लू पोटरी की प्रसिद्ध दस्तकारी का मुख्य केंद्र जयपुर है।
👉
श्याम काष्ठ खिलौने बनाने का प्रमुख केंद्र बस्सी माना जाता है।
👉
कागजी पोटरी की कला अलवर क्षेत्र में प्रसिद्ध है।
👉
कसीदे वाली सुराही का प्रमुख केंद्र बीकानेर है।

✍️ सही उत्तर है – a-I, b-II, c-III, d-IV

सीकर का कौन सा स्थान गोटा उद्योग के लिए प्रसिद्ध है ? 

[CET (10+2) 23.10.2024 चतुर्थ चरण]

  • नेछवा 

  • खूड़ 

  • पिपराली 

  • खंडेला 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान में वस्त्रों की सजावट के लिए गोटा कार्य प्रसिद्ध है।
👉 गोटे से बने फूलबीजिया, बेलचंपाकली आदि अलंकरण तैयार किए जाते हैं।
👉 सीकर जिले का खंडेला गोटा उद्योग का प्रमुख केंद्र है।
👉 यहाँ बना गोटा अपनी सूक्ष्मता और आकर्षण के लिए विख्यात है।

✍️ सही उत्तर है – खंडेला 

राजस्थान के निम्नलिखित में से किस स्थान पर बड़े और बोल्ड डिजाइन और पैटर्न मुद्रित किये जाते हैं ? 

[स्टेनोग्राफर परीक्षा 05.10.2024]

  • जयपुर 

  • चुरू 

  • जोधपुर 

  • बाड़मेर 

🔹 व्याख्या

👉 जोधपुर की बंधेज कला विश्वभर में प्रसिद्ध है।
👉 यहाँ की साड़ियों पर बड़े डिज़ाइन और बोल्ड पैटर्न बनाए जाते हैं।
👉 इस कला में कपड़े को गांठकर पुनः रंगाई की जाती है।
👉 जोधपुरी बंधेज का मुख्य आकर्षण इसके बोल्ड अलंकरण हैं।

✍️ सही उत्तर है – जोधपुर 

किस लोक कला के निर्माण का पुश्तैनी व्यवसाय केवल चित्तौड़गढ़ जिले के ग्राम बस्सी में ही देखा जाता है ? 

[कनिष्ठ अनुदेशक (कार्यशाला) 10.09.2022]

  • सांझी 

  • कावड 

  • वील 

  • फड़ 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान की प्रमुख लोक कलाओं में से एक कावड़ कला है।
👉 कावड़ लकड़ी की मंदिरनुमा आकृति होती है जिसमें देवी-देवताओं के चित्र बने होते हैं।
👉 इस कला का पुश्तैनी व्यवसाय केवल चित्तौड़गढ़ जिले के ग्राम बस्सी में देखा जाता है।
👉 कावड़ को चलता-फिरता देवघर / देवालय भी कहा जाता है।

✍️ सही उत्तर है – कावड़ 

तारकशी का संबंध है ? 

[वनरक्षक (द्वितीय चरण -A) 11.12.2022]

  • जयपुर 

  • नाथद्वारा 

  • बीकानेर 

  • जोधपुर 

🔹 व्याख्या

👉 तारकशी कला में चाँदी के बारीक तारों से आभूषण और वस्तुएँ बनाई जाती हैं।
👉 यह कार्य मुख्यतः नाथद्वारा क्षेत्र में किया जाता है।
👉 इस कला से बने आभूषणों को तारकशी के जेवर कहा जाता है।
👉 राजस्थान में यह कला अपनी सूक्ष्मता और आकर्षण के लिए प्रसिद्ध है।

✍️ सही उत्तर है – नाथद्वारा 

निम्न में से कौन-सा स्थान स्याह बैगर (काला व लाल) छपाई के लिए विख्यात है ? (निम्न में से सबसे उपयुक्त विकल्प चुनें) 

कनिष्ठ अनुदेशक (मैके. डीजल) 16.11.2024

  • खंडेला (सीकर) 

  • बगरू (जयपुर) 

  • मथानिया (जोधपुर) 

  • मांगरोल (बारां) 

🔹 व्याख्या

👉 मथानिया जोधपुर तीखी लाल मिर्च मथानिया मिर्च के लिए प्रसिद्ध है, मांगरोल (बांरा)कोटा डोरिया और हस्तकरघा साड़ियों के निर्माण के लिए कैथून के बाद दूसरा बड़ा केंद्र है, खंडेला (सीकर) गोटा किनारी उद्योग के लिए प्रसिद्ध है राजस्थान में बगरू प्रिंट अपनी पारंपरिक छपाई शैली के लिए प्रसिद्ध है।
👉 इसमें लकड़ी के ठप्पों से फूल-पत्तियाँ और पशु-पक्षी छापे जाते हैं।
👉 यह प्रिंट विशेष रूप से स्याह बैगर (काला और लाल) छपाई के लिए विख्यात है।
👉 इसका प्रमुख केंद्र बगरू (जयपुर) है।

✍️ सही उत्तर है – बगरू (जयपुर) 

ऐतिहासिक पोथीखाना कहाँ स्थित है ? 

[JEN (विद्युत/यांत्रिक) (डिग्रीधारक) 26.12.2020]

  • उदयपुर में 

  • जयपुर में

  • अलवर में 

  • जोधपुर में 

🔹 व्याख्या

👉 पोथी खाना जयपुर में स्थित निजी शाही पुस्तकालय और चित्र शाला है यह जयपुर के सिटी पैलेस परिसर में स्थित है पोथीखाना में दुर्लभ पांडुलिपियों,जयपुर शैली के लघु चित्र और ऐतिहासिक दस्तावेज व फरमान सुरक्षित है 
👉 इसमें अनेक हस्तलिखित पांडुलिपियाँ संरक्षित हैं।
👉 यह महत्वपूर्ण पोथीखाना जयपुर में स्थित है।
👉 यह कला और संस्कृति का महत्वपूर्ण धरोहर केंद्र माना जाता है।

✍️ सही उत्तर है – जयपुर में 

कुदरत सिंह को किस हस्तकला में महारथ के लिए पद्मश्री से अलंकृत किया गया है ? 

[प्रयोगशाला सहायक 03.02.2019]

  • कपड़े की छपाई 

  • ब्लू पॉटरी 

  • मीनाकारी कला 

  • पीतल पर मुरादाबादी काम

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान की पारंपरिक कला मीनाकारी सोने-चाँदी पर की जाती है।
👉 इसमें धातु की कढ़ाई कर उस पर लाल और हरे रंग से सजावट की जाती है।
👉 इस कला के जादूगर कहे जाने वाले कलाकार कुदरत सिंह थे।
👉 इन्हें मीनाकारी कला में योगदान हेतु 1968 में पद्मश्री से अलंकृत किया गया।

✍️ सही उत्तर है – मीनाकारी कला 

स्व. हिसामुद्दीन किस हस्तशिल्प के सिद्धहस्त कलाकार थे ? 

[बेसिक कम्प्यूटर अनुदेशक 18.06.2022]

  • थैवा कला 

  • जट पट्टी कला 

  • उस्ता कला 

  • मीनाकारी 

🔹 व्याख्या

👉 स्व. हिसामुद्दीन उस्ता राजस्थान के प्रसिद्ध लोक कलाकार थे।
👉 वे ऊँट की खाल पर स्वर्णिम नक्काशी करने की कला में निपुण थे।
👉 इस विशिष्ट कला को उस्ता कला/मुनव्वती कला कहा जाता है।
👉 इनके योगदान के लिए इन्हें पद्मश्री से भी सम्मानित किया गया।

✍️ सही उत्तर है – उस्ता कला 

चित्तौड़गढ़ जिले का बस्सी गांव किस हस्तशिल्प के लिए प्रसिद्ध है ? (निम्न में से सबसे उपयुक्त विकल्प चुनें)  

[कनिष्ठ अनुदेशक (इलेक्ट्रिक) 10.01.2025]

  • कावड़ 

  • थेवा 

  • फड 

  • मांडणा 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान की प्रमुख लोक कलाओं में कावड़ कला प्रसिद्ध है।
👉 कावड़ लकड़ी से बनी मंदिरनुमा आकृति होती है जिसमें देवी-देवताओं के चित्र बने होते हैं।
👉 इसका निर्माण विशेष रूप से चित्तौड़गढ़ जिले के बस्सी गाँव में किया जाता है।
👉 कावड़ को चलता-फिरता देवघर/देवालय भी कहा जाता है।

✍️ सही उत्तर है – कावड़ 

राजस्थान में सीकर का कौन सा शहर गोटा उद्योग का प्रसिद्ध केन्द्र है ? 

[Patwar Exam (Shift I) 17.08.2025]

  • शाहपुरा 

  • विराट नगर

  • आमेर 

  • खंडेला 

🔹 व्याख्या

👉 खंडेला राजस्थान के सीकर जिले का एक प्रसिद्ध गोटा उद्योग केंद्र है।
👉 यहाँ पर पारंपरिक गोटा-पत्ती कार्य बड़ी मात्रा में किया जाता है।
👉 इस उद्योग में सुनहरे और रजत धागों से वस्त्रों पर आकर्षक कढ़ाई और सजावट की जाती है। 

✍️ सही उत्तर है – खंडेला 

राजसमन्द जिले में स्थित मौलेला गाँव किस लोक कला के लिए विख्यात है ? 

[प्रयोगशाला सहायक (भूगोल) 30.06.2022]

  • काष्ठ कला

  • वस्त्र छपाई 

  • हस्तनिर्मित कागज़

  • मृणमय मूर्तिकला 

🔹 व्याख्या

👉 राजसमंद जिले का मौलेला गाँव अपनी विशिष्ट लोककला के लिए प्रसिद्ध है।
👉 यह गाँव मुख्यतः मृणमय मूर्तिकला (टेराकोटा कला) के लिए जाना जाता है।
👉 यहाँ मिट्टी से देवी-देवताओं की मूर्तियाँ एवं कलात्मक बर्तन बनाए जाते हैं।
👉 मौलेला की मृणकला को अंतरराष्ट्रीय पहचान प्राप्त है।

✍️ सही उत्तर है – मृणमय मूर्तिकला 

'थेवा कला' के लिए प्रसिद्ध परिवार कौन-सा है ? 

[CET (10+2 चतुर्थ चरण) 05.02.2023]

  • सोनी परिवार 

  • गहलोत परिवार 

  • शेखावत परिवार 

  • खण्डेलवाल परिवार 

🔹 व्याख्या

👉 थेवा कला केवल राजस्थान के प्रतापगढ़ जिले में प्रचलित है।
👉 इस कला को पीढ़ी दर पीढ़ी सोनी परिवार ने संरक्षित किया है।
👉 यही परिवार अपने उत्तराधिकारियों को ही यह कला सिखाता है।
👉 आज भी थेवा कला की धरोहर केवल सोनी परिवार के पास है।

✍️ सही उत्तर है – सोनी परिवार 

फड़ के वाचक कौन थे ? 

निम्नलिखित विकल्पों में से सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर चुनें:  

[पशु परिचर (3rd Phase) 02.12.2024]

  • भोपा 

  • कालबेलिया 

  • सग्रादा 

  • बनजारा 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान की फड़ कला शाहपुर जिले की अत्यंत प्रसिद्ध है कपड़े पर लोक देवताओं के जीवन और उनकी वीर गाथाओं को चित्रों के माध्यम से उकेरना फड़ कहलाता है, श्री लाल जोशी और पार्वती जोशी फड़ कला के महत्वपूर्ण कलाकार हुए। पाबूजी की फड़ ,देवनारायण जी की फड़ और भैसासुर की फड़ प्रसिद्ध फड़ है राजस्थान की लोककला फड़ चित्रकला विशेष रूप से प्रसिद्ध है।
👉 फड़ चित्रों का वाचन व प्रस्तुति गायक समुदाय द्वारा की जाती थी।
👉 इन वाचकों को स्थानीय भाषा में भोपा कहा जाता है।
👉 भोपा फड़ के साथ वाद्ययंत्र बजाकर कथा सुनाते थे।

✍️ सही उत्तर है – भोपा

'बांधी और रंगो' कला के लिये राजस्थान में कौन सा स्थान प्रसिद्ध है 

[JEN (यांत्रिक) (डिप्लोमाधारक) 13.12.2020]

  • जोधपुर 

  • नाथद्वारा 

  • जयपुर

  • बाड़मेर 

🔹 व्याख्या

👉 बंधेज कला को ही 'बांधो और रंगो' कला कहा जाता है।
👉 इसमें कपड़े को गांठकर अलग-अलग रंगों से रंगाई की जाती है।
👉 राजस्थान में इसके लिए कई स्थान प्रसिद्ध हैं, जिनमें जयपुर विशेष है।
👉 यहाँ की बंधेज साड़ियाँ देश-विदेश में लोकप्रिय हैं।

✍️ सही उत्तर है – जयपुर 

'कावड़' बनाने के लिए कौन प्रसिद्ध है ? 

[वनरक्षक (द्वितीय चरण -A) 11.12.2022]

  • चम्पालाल

  • साहिबराम 

  • उस्ताद लालचन्द

  • मांगीलाल मिस्त्री

🔹 व्याख्या

👉 कावड़ लकड़ी की मंदिरनुमा आकृति होती है जिसमें देवी-देवताओं के चित्र बने होते हैं। कावड़ कला के प्रसिद्ध कलाकार मांगीलाल मिस्त्री, सायर नीर, द्वारका प्रसाद जांगिड़ और सत्यनारायण सुथार है
👉 यह कला मुख्यतः बस्सी (चित्तौड़गढ़) क्षेत्र में प्रचलित है।
👉 कावड़ निर्माण के प्रसिद्ध कलाकार मांगीलाल मिस्त्री माने जाते हैं।
👉 इनके साथ द्वारिका प्रसाद जांगिड़ का नाम भी उल्लेखनीय है।

✍️ सही उत्तर है – मांगीलाल मिस्त्री 

मांगीलाल मिस्त्री कला की किस शैली से संबद्ध हैं ? 

[REET Mains L-2 Sans 20.01.2026]

  • कावड़ 

  • गोदना (टैटू) 

  • सांझी 

  • फड़ 

🔹 व्याख्या

👉 मांगीलाल मिस्त्री राजस्थानी कावड़ कला के प्रसिद्ध शिल्पकार थे।
👉
कावड़ लकड़ी का चलता-फिरता मंदिर होता है।
👉
इस पर पौराणिक कथाएँ चित्रों के रूप में अंकित की जाती हैं।
👉
इनका संबंध बस्सी (चित्तौड़गढ़) से था, जो कावड़ निर्माण का प्रमुख केंद्र है।

✍️ सही उत्तर है – कावड़

मोलेला ग्राम किस हस्तशिल्प कला के लिए प्रसिद्ध है ? 

[REET मुख्य परीक्षा (L -2) 28.02.2023]

  • ब्लू पॉटरी

  • टेराकोटा 

  • आभूषण 

  • कपड़े पर छपाई 

🔹 व्याख्या

👉 मोलेला ग्राम राजस्थान के राजसमंद जिले में स्थित है।
👉 यह गाँव अपनी टेराकोटा कला के लिए अत्यंत प्रसिद्ध है।
👉 यहाँ की मिट्टी से देवी-देवताओं की मूर्तियाँ व बर्तन बनाए जाते हैं।
👉 मोलेला की टेराकोटा कला को अंतरराष्ट्रीय पहचान प्राप्त है।

✍️ सही उत्तर है – टेराकोटा 

राजस्थान की सांझी लोक कला में, प्रतीकात्मक चित्र दस दिनों (दशहरे से पहले श्राद्ध पक्ष) के लिए बनाए जाते हैं। इसके संदर्भ में, निम्नलिखित में से कौन सा विकल्प गलत है ? 

[JEN विद्युत डिग्री 07.02.2025]

  • पहला दिन - सूर्य, चंद्रमा और तारे 

  • सातवाँ दिन - एक स्वस्तिक 

  • पाँचवाँ दिन - एक चौपड़

  • दूसरा दिन - एक पंख 

🔹 व्याख्या

👉 सातवें दिन सती का संदूक या पिंजरा जैसी आकृति बनाई जाती है स्वास्तिक आमतौर पर शुरुआती दिनों में बनाया जाता है

✍️ सही उत्तर है – सातवाँ दिन – एक स्वस्तिक 

निम्नलिखित में से कौन सा (हस्तशिल्प - स्थान) सुमेलित नहीं है?

JEN (विद्युत/यांत्रिक, डिग्री) 20.05.2022

  •  अजरख प्रिन्ट - बाड़मेर

  •  उस्ता कला - बीकानेर 

  •  जट पट्टी - नागौर 

  •  दाबू प्रिन्ट - आकोला गाँव (चित्तौड़गढ़)

🔹 व्याख्या

👉 जटपट्टी निर्माण का कार्य बकरी के बालों से किया जाता है।
👉 इसका प्रमुख केंद्र जसोल (बालोतरा) है, जहाँ कुम्हार जाति यह काम करती है।
👉 प्रश्न में दिया युग्म जटपट्टी – नागौर सही नहीं है।
👉 अतः यह सुमेलित नहीं माना जाएगा।

✍️ सही उत्तर है – जटपट्टी – नागौर 

"समुन्द्र लहर" नाम का लहरिया कहाँ रंगा जाता है ? 

[JEN (यांत्रिकी डिग्री) 21.08.2016]

  • चित्तौड़ 

  • जयपुर 

  • जोधपुर

  • कोटा

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान की प्रसिद्ध बंधेज कला का एक रूप लहरिया है।
👉 इसमें कपड़े पर लहरदार धारियाँ बनाई जाती हैं।
👉 समुद्र लहर लहरिया इसका प्रमुख प्रकार है।
👉 यह विशेष रूप से जयपुर में रंगा जाता है।

✍️ सही उत्तर है – जयपुर 

_______अपने बहुआयामी रूपों जैसे ऊंट की खाल पर मीनाकारी, स्वर्ण मीनाकारी और महलों और हवेलियों में चित्रों (उस्ता कला) के लिए विश्व प्रसिद्ध है।

पशुधन सहायक (LSA) 04.06.2022

  • उदयपुर 

  • गंगानगर 

  • जोधपुर 

  • बीकानेर 

🔹 व्याख्या

👉 बीकानेर अपनी विशिष्ट लोक और शिल्पकलाओं के लिए प्रसिद्ध है।
👉 यहाँ की उस्ता कला विश्वभर में जानी जाती है।
👉 इस कला में ऊँट की खाल पर मीनाकारी और स्वर्ण मीनाकारी की जाती है।
👉 साथ ही महलों और हवेलियों में बने भित्ति चित्र इसकी विशेष पहचान हैं।

✍️ सही उत्तर है – बीकानेर 

अजरख प्रिन्ट का सम्बन्ध है ? [*]

[पशुधन सहायक (LSA) 21.10.2018]

  • बालोतरा से

  • पाली से

  • बाड़मेर से 

  • बगरु से 

📌 महत्वपूर्ण सूचना: इस प्रश्न को बोर्ड द्वारा 'डिलीट' घोषित किया गया है।  

'उस्ता कला' के विकास के लिए 'उस्ता कैमल हाइड केन्द्र' की स्थापना 1975 ई. में कहाँ की गई थी ?

[JEN (कृषि) 10.09.2022]

  • बीकानेर 

  • नागौर 

  • बाड़मेर 

  • जैसलमेर 

🔹 व्याख्या

👉 उस्ता कला में ऊँट की खाल पर स्वर्णिम नक्काशी की जाती है।
👉 इस कला को राजस्थान में विशेष संरक्षण बीकानेर में मिला।
👉 इसके विकास हेतु 1975 ई. में उस्ता कैमल हाइड केन्द्र की स्थापना की गई।
👉 इस कला के प्रमुख कलाकारों में हिसामुद्दीन उस्ता का नाम उल्लेखनीय है।

✍️ सही उत्तर है – बीकानेर 

राजस्थान में पशुओं को विशाल आकार के कलात्मक रूपों से दागने/अभिलेखित करने की प्रथा क्या कहलाती है ?

[REET Mains L-2 Eng) 19.01.2026]

  • गोंडलिया

  • मेहन्दी

  • कठपुतली

  • कवाद

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान में पशुओं को दागने की परम्परा प्रचलित है।
👉
इसमें कलात्मक चिन्हों से अभिलेखन किया जाता है।
👉
इस प्रथा को गोंडलिया कहा जाता है।

✍️ सही उत्तर है – गोंडलिया

'मोकड़ी' क्या है ? 

[CET (10+2 तृतीय चरण) 05.02.2023]

  • लकड़ी के खिलौने 

  • ऊन की दरियाँ 

  • लाख की चूड़ियाँ 

  • मिट्टी के बर्तन 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान में लाख का काम अत्यधिक प्रसिद्ध है।
👉 लाख से बनी चूड़ियों को स्थानीय भाषा में भोफड़ी कहा जाता है।
👉 इन्हीं लाख की चूड़ियों का एक अन्य नाम मोकड़ी है।
👉 यह चूड़ियाँ अपनी कलात्मकता और आकर्षण के लिए जानी जाती हैं।

✍️ सही उत्तर है – लाख की चूड़ियाँ 

कलाकृतियों को उनके उद्भव / प्रसिद्ध जिला से मिलान करें :

सूची-I (कलाकृति)

सूची-II (जिला)

(a) नील मृद्भांड (ब्लू पोट्टरी)

(i) चित्तौड़गढ़

(b) थेवा कला

(ii) जयपुर

(c) उस्ता कला

(iii) प्रतापगढ़

(d) अकोला छपाई

(iv) बीकानेर

नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर चुनें :

[REET Mains L-2 Sci Math 18.01.26]

  • (a)-(iv), (b)-(i), (c)-(ii), (d)-(iii)

  • (a)-(iv), (b)-(iii), (c)-(ii), (d)-(i)

  • (a)-(i), (b)-(ii), (c)-(iii), (d)-(iv)

  • (a)-(ii), (b)-(iii), (c)-(iv), (d)-(i)

🔹 व्याख्या

👉 ब्लू पोट्टरी (नील मृद्भांड) कला जयपुर में प्रसिद्ध है।
👉
थेवा कला का उद्भव प्रतापगढ़ जिले से माना जाता है।
👉
उस्ता कला विशेष रूप से बीकानेर में विकसित हुई है।
👉
अकोला छपाई का संबंध चित्तौड़गढ़ जिले से है।

✍️ सही उत्तर है – (a)-(ii), (b)-(iii), (c)-(iv), (d)-(i)

थेवा कला राजस्थान के किस स्थान से संबंधित है (आरंभ हुई) ? 

[लिपिक ग्रेड -II (LDC) 11.08.2024]

  • प्रतापगढ़ 

  • चुरू 

  • उदयपुर 

  • झालावाड़ 

🔹 व्याख्या

👉 थेवा कला का उद्गम लगभग 500 वर्ष पूर्व हुआ।
👉 यह कला केवल राजस्थान के प्रतापगढ़ जिले में पाई जाती है।
👉 इसमें सोने की चित्रकारी बेल्जियम काँच पर की जाती है।
👉 इसके जनक नाथूजी सोनी माने जाते हैं।

✍️ सही उत्तर है – प्रतापगढ़ 

सूची-I के साथ सूची -II का मिलान कीजिए 

सूची-I लोक कला  सूची -II सामग्री 

a. पाने               I. लकड़ी 

b. फड़              II. दीवार और फर्श 

c. मांडना           III. कपड़ा 

d. कावड़           IV. कागज 

नीचे दिए गए विकल्पों में से सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर का चयन कीजिए 

[लिपिक ग्रेड -II (LDC) 11.08.2024]

  • a-IV, b-III, c-II, d-I

  • a-II, b-III, c-I, d-IV 

  • a-I, b-II, c-III, d-IV 

  • a-III, b-IV, c-II, d-I 

🔹 व्याख्या

👉 पाने का संबंध कागज से है, जिन पर अलंकरण व चित्र बनाए जाते हैं।
👉 फड़ लोक कला का निर्माण कपड़े पर किया जाता है।
👉 मांडना मुख्यतः दीवार और फर्श पर बनाए जाते हैं।
👉 कावड़ एक चलता-फिरता देवघर है, जिसे लकड़ी से बनाया जाता है।

✍️ सही उत्तर है – a-IV, b-III, c-II, d-I 

राजस्थान का मोलेना गाँव किस हस्तकला के लिए प्रसिद्ध है ? [*]

ग्रामसेवक & छात्रा. अधीक्षक 18.12.2016

  • थेवाकला

  • टेरीकोटा 

  • ब्ल्यू पॉटरी 

  • मीनाकारी

📌 महत्वपूर्ण सूचना: इस प्रश्न को बोर्ड द्वारा 'डिलीट' घोषित किया गया है।  

राजस्थान में 'ब्लू पॉटरी' कला का सम्बंध किस जिले से है ? 

[कनिप्ठ अनुदेशक (वायरमैन) 24.12.2019]

  • जयपुर 

  • जोधपुर 

  • उदयपुर 

  • बीकानेर 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान की पारंपरिक कला ब्लू पॉटरी विशेष पहचान रखती है।
👉 इसकी शुरुआत 19वीं सदी में हुई और इसे पहले कामचीनी कहा जाता था।
👉 इस कला का सर्वाधिक विकास सवाई रामसिंह के काल में हुआ।
👉 ब्लू पॉटरी का प्रमुख केंद्र जयपुर जिला है।

✍️ सही उत्तर है – जयपुर 

राजस्थान में कोफ्तगिरी के काम के लिए कौन-से शहर प्रसिद्ध हैं

[संगणक परीक्षा 05.05.2018]  

  • कोटा एवं बून्दी

  • अलवर एवं जयपुर 

  • बीकानेर एवं जोधपुर 

  • झालरापाटन एवं बाराँ  

🔹 व्याख्या

👉 कोफ्तगिरी कल के अंतर्गत लोहे की भारी वस्तुएं जैसे तलवार , कटार,ढाल,खंजर आदि पर सोने या चांदी के पतले तारों से नक्काशी या जड़ाई की जाती है, जयपुर, उदयपुर और अलवर इस कला के लिए प्रसिद्ध है ,उदयपुर कोफ्तगिरी मेटल क्रॉफ्ट को 2023 में GI tag मिला है

निम्नलिखित में से कौन सा युग्म सुमेलित नहीं है ?

[पटवार (प्रथम चरण) 23.10.2021]

  • थेवा कला            - प्रतापगढ़

  • अजरख प्रिंट        - सांगानेर

  • टेराकोटा शिल्प     - मोलेला

  • मीनाकारी            - जयपुर

🔹 व्याख्या

👉 अजरख प्रिंट का प्रमुख केंद्र बाड़मेर (बालोतरा क्षेत्र) है।
👉 सांगानेर की पहचान सांगानेरी प्रिंट के लिए है।
👉 प्रश्न में दिया युग्म अजरख प्रिंट – सांगानेर गलत है।
👉 अतः यह सुमेलित नहीं माना जाएगा।

✍️ सही उत्तर है – अजरख प्रिंट – सांगानेर 

राजस्थान की कौनसी जगह दाबू प्रिंट के लिए प्रसिद्ध है ? 

[कनिष्ठ अनुदेशक (वेल्डर) 26.03.2019]

  • सांगानेर 

  • खण्डेला 

  • नाडोल

  • आकोला 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान की पारंपरिक छपाई शैलियों में दाबू प्रिंट प्रमुख है।
👉 इसमें कपड़े पर लुगदी या मिट्टी से दबाव देकर रंगाई की जाती है।
👉 यह प्रिंट विशेष रूप से आकोला (चित्तौड़गढ़) में प्रसिद्ध है।
👉 आकोला का दाबू प्रिंट बेडशीट, चूंदड़ी व फेंटिया के लिए जाना जाता है।

✍️ सही उत्तर है – आकोला 

अजरखा प्रिन्ट के लिए राजस्थान का कौन-सा स्थान प्रसिद्ध है ? 

[CET (10+2 तृतीय चरण) 05.02.2023]

  • कोटा 

  • जैसलमेर 

  • बाड़मेर 

  • सांगानेर 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान में अजरक प्रिंट की विशेष पहचान है।
👉 यह प्रिंट मुख्यतः बाड़मेर (बालोतरा क्षेत्र) में किया जाता है।
👉 इसमें प्रायः लाल और नीले रंग का प्रयोग होता है।
👉 अजरक प्रिंट की छपाई देशभर में विख्यात है।

✍️ सही उत्तर है – बाड़मेर 

कृपाल सिंह शेखावत का संबंध है ?

[वनपाल परीक्षा 06.11.2022]

  • राजस्थानी चित्रकला से   

  • राजस्थानी नृत्य से 

  • राजस्थानी ब्लू पोटरी से 

  • राजस्थानी कविता से 

🔹 व्याख्या

👉 प्रसिद्ध कलाकार कृपाल सिंह शेखावत मूलतः चित्रकार थे।
👉 इन्होंने मृतप्राय कला राजस्थानी ब्लू पॉटरी को पुनर्जीवित किया।
👉 इस कला को देश-विदेश में लोकप्रियता दिलाने का श्रेय इन्हें जाता है।
👉 इनके योगदान के लिए वर्ष 1974 में पद्मश्री से सम्मानित किया गया।

✍️ सही उत्तर है – राजस्थानी ब्लू पॉटरी 

'फेटिया' शैली की हैंड-ब्लॉक प्रिंटिंग राजस्थान के निम्नलिखित में से किस क्षेत्र से संबंधित है ? (नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर का चुनाव करें)

[4th Grade 5th Phase) 21.09.2025]

  • सांगानेर

  • कोटा

  • बाड़मेर

  • अकोला

🔹 व्याख्या

👉 ‘फेटिया’ शैली की हैंड-ब्लॉक प्रिंटिंग राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले के अकोला गाँव से संबंधित है।
👉 यह दाबू प्रिंटिंग (मिट्टी प्रतिरोधी छपाई) का एक विशिष्ट रूप है, जो इस क्षेत्र की पहचान बन चुका है।
👉 इस तकनीक में मिट्टी, गोंद और प्राकृतिक रंगों का प्रयोग कर कपड़ों पर जटिल डिज़ाइन बनाए जाते हैं।
👉 फेटिया प्रिंट मुख्य रूप से जाट और चौधरी समुदाय की महिलाओं के पारंपरिक वस्त्रों पर किया जाता है।
👉 यह कला फेटिया और नंगना नामक दो प्रकारों में प्रसिद्ध है, जो अकोला क्षेत्र की विशिष्ट पारंपरिक छपाई शैलियाँ हैं।

✍️ सही उत्तर है – अकोला 

निम्नलिखित में से कौनसा से कौनसा (कला-प्रमुख केंद्र) युग्म सुमेलित नहीं है ? 

[कनिष्ठ अनुदेशक (कार्यशाला) 10.09.2022]

  • अजरख प्रिंट   - बाड़मेर 

  •  थेवा  - सीकर 

  • गलीचा निर्माण - जयपुर

  • कठपुतली      - उदयपुर

🔹 व्याख्या

👉 थेवा कला राजस्थान की अनोखी मीनाकारी विधा है।
👉 यह कला केवल प्रतापगढ़ जिले से संबंधित है।
👉 प्रश्न में दिया गया युग्म थेवा – सीकर सही नहीं है।
👉 सीकर का प्रमुख संबंध बंधेज और बातिक कला से है।

✍️ सही उत्तर है – थेवा – सीकर 

"पिछवाई पेन्टिंग" का सम्बन्ध निम्न में से किस से है ? 

[उद्योग निरीक्षक परीक्षा 24.06.2018]

  • पुष्कर 

  • नाथद्वारा

  • मेड़ता 

  • वृन्दावन 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान की प्रसिद्ध चित्रकला में पिछवाई पेंटिंग का विशेष स्थान है।
👉 यह पेंटिंग मुख्यतः नाथद्वारा (राजसमंद) क्षेत्र से जुड़ी है।
👉 पिछवाई चित्रों में भगवान श्रीनाथजी की विविध लीलाओं का चित्रण होता है।
👉 इसे मंदिरों में पृष्ठ पर टांगकर सजावट हेतु उपयोग किया जाता है।

✍️ सही उत्तर है – नाथद्वारा 

मांगीलाल मिस्त्री का संबंध किस कला से है ?  

[CET (10+2) 22.10.2024 द्वितीय चरण]

  • पुंगी 

  • रावन हत्था 

  • कावड़ 

  • शहनाई 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान की प्रमुख लोक कलाओं में कावड़ कला विशेष स्थान रखती है।
👉 कावड़ लकड़ी की मंदिरनुमा आकृति होती है जिसमें देवी-देवताओं के चित्र बने होते हैं।
👉 इस कला के पारंपरिक कलाकार मांगीलाल मिस्त्री प्रसिद्ध हैं।
👉 कावड़ को चलता-फिरता देवघर/देवालय भी कहा जाता है।

✍️ सही उत्तर है – कावड़ 

जाजम/आजम छपाई प्रसिद्ध है ?

[कृषि पर्यवेक्षक परीक्षा 18.09.2021]

  • चित्तौड़गढ़ की

  • बाड़मेर की 

  • दौसा की

  • जोधपुर की

🔹 व्याख्या

👉 जाजम प्रिंट सूती मोटे धागों से बनी दरी पर की जाने वाली छपाई है।
👉 यह छपाई मुख्यतः मांगलिक और धार्मिक अवसरों पर उपयोग होती है।
👉 आकोला (चित्तौड़गढ़) की जाजम प्रिंट विशेष रूप से प्रसिद्ध है।
👉 इसमें प्रायः लाल और हरे रंग का प्रयोग होता है।

✍️ सही उत्तर है – चित्तौड़गढ़ 

फड़ कलाकार श्रीलाल जोशी का संबंध है:- 

[जेल प्रहरी (Shift-2nd) 12.04.2025]

  • चूरू से 

  • सीकर से 

  • भीलवाड़ा से 

  • जयपुर से 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान की लोककला फड़ चित्रकला देश-विदेश में प्रसिद्ध है।
👉 इस कला को नई पहचान देने वाले कलाकार श्रीलाल जोशी थे।
👉 श्रीलाल जोशी का संबंध राजस्थान के भीलवाड़ा जिले से था। 

✍️ सही उत्तर है – भीलवाड़ा 

राजस्थान के प्रतापगढ़ की कौन सी कला प्रसिद्ध है, जिसमें काँच के बीच में सोने का बारीक काम किया जाता है ? 

[JEN (Diploma) 06.02.2025]

  • थेवा कला

  • पटवा 

  • आरी तारी 

  • मोलेला 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान के प्रतापगढ़ जिले की विशिष्ट कला थेवा कला है।
👉 इसमें रंगीन काँच के बीच सोने का बारीक कार्य किया जाता है।
👉 यह कला लगभग 500 वर्ष पुरानी परंपरा है।
👉 थेवा कला को अंतरराष्ट्रीय पहचान प्राप्त है।

✍️ सही उत्तर है – थेवा कला 

'दाबू प्रिंट' के लिए कौन सा स्थान प्रसिद्ध है ? 

[CET (10+2 पंचम चरण) 11.02.2023]

  • सांगानेर 

  • आकोला 

  • बालोतरा 

  • बगरू 

🔹 व्याख्या

👉 दाबू प्रिंट की विशेष पहचान राजस्थान में है।
👉 यह प्रिंटिंग शैली मुख्यतः आकोला (चित्तौड़गढ़) से जुड़ी है।
👉 इसमें कपड़े पर लुगदी या मिट्टी से दबाव देकर रंगाई की जाती है।
👉 आकोला का दाबू प्रिंट बेडशीट, चूंदड़ी व फेंटिया के लिए प्रसिद्ध है।

✍️ सही उत्तर है – आकोला 

रूपाहली और सुनहरी (स्वर्णिम) छपाई राजस्थान के किन जिलों में प्रसिद्ध है ? 

[वनरक्षक (चतुर्थ चरण) 13.11.2022]

  • अजमेर, टोंक और बांसवाड़ा 

  • बूंदी, पाली और सिरोही 

  • किशनगढ़, चित्तौड़गढ़ और कोटा

  • जयपुर, जोधपुर और जैसलमेर 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान में रूपाहली और सुनहरी (स्वर्णिम) छपाई विशेष महत्व रखती है।
👉 यह छपाई मुख्यतः किशनगढ़, चित्तौड़गढ़ और कोटा जिलों में प्रसिद्ध है।
👉 इसमें कपड़े पर रजत और स्वर्णिम आभा से अलंकरण किया जाता है।
👉 यह कला अपनी आकर्षक चमक और कलात्मकता के लिए जानी जाती है।

✍️ सही उत्तर है – किशनगढ़, चित्तौड़गढ़ और कोटा 

कृपाल सिंह शेखावत का सम्बन्ध किस कला से है ? 

[CET (स्नातक) (चरण -II) 07.01.2023]

  • टेराकोटा

  • ब्लू पॉटरी 

  • कुन्दन कला

  • थेवा कला

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान में ब्लू पॉटरी कला का विशेष महत्व है।
👉 इस कला को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने वाले कलाकार कृपाल सिंह शेखावत थे।
👉 उन्होंने मृतप्राय इस कला को फिर से जीवित किया।
👉 इसके लिए उन्हें 1974 में पद्मश्री से सम्मानित किया गया।

✍️ सही उत्तर है – ब्लू पॉटरी 

सूची-I को सूची-II से सुमेलित कीजिए : 

सूची-I

(लोक कला)

सूची -II

(सामग्री)

a. कावड़ 

I. पेपर 

b. फड़ 

II. रंग 

c. पाने 

III. कपड़ा 

d. मांडना 

IV. लकड़ी 

नीचे दिए गए विकल्पों में से सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर चुनिए :  

[CET (10+2) 23.10.2024 तृतीय चरण]

  • a - IV, b - III, c - I, d - II 

  • a - I, b - II, c - III, d - IV 

  • a - III, b - IV, c - II, d - I 

  • a - II, b - I, c - IV, d - III 

🔹 व्याख्या

👉 कावड़ लकड़ी की मंदिरनुमा आकृति होती है, अतः इसका संबंध लकड़ी से है।
👉 फड़ चित्रण कपड़े पर किया जाता है, अतः इसका संबंध कपड़े से है।
👉 पाने कागज़ पर बनाए जाते हैं, अतः इनका संबंध पेपर से है।
👉 मांडना मुख्यतः दीवार और फर्श पर रंगों से बनाए जाते हैं, अतः इनका संबंध रंग से है।

✍️ सही उत्तर है – a-IV, b-III, c-I, d-II

सुमेलित कीजिए 

हस्तशिल्प उत्पाद -   स्थान 

(1) बादला         (i) जयपुर

(2) नमदा          (ii) लेटा 

(3) पाव रजाई    (iii) जोधपुर

(4) खेसला        (iv) टोंक 

कूट - 

[CET (स्नातक) (चरण -II) 07.01.2023]

  • 1-iii, 2-iv, 3-ii, 4-i

  • 1-iii, 2-iv, 3-i, 4-ii

  • 1-iv, 2-iii, 3-ii, 4-i

  • 1-iv, 2-iii, 3-i, 4-ii 

🔹 व्याख्या

👉 बादला जस्ते से बना पानी का पात्र है, जिसका प्रमुख केंद्र जोधपुर है।
👉 ऊन को कूटकर बनाए गए नमदे के लिए टोंक प्रसिद्ध है।
👉 केवल 250 ग्राम रूई से बनी पाव रजाई का निर्माण जयपुर में होता है।
👉 ऊनी वस्त्र खेसला बनाने का प्रमुख स्थान लेटा है।

✍️ सही उत्तर है – 1-iii, 2-iv, 3-i, 4-ii 

पारम्परिक कलाकार मांगीलाल मिस्त्री किस क्षेत्र में प्रसिद्ध है ? 

[प्रयोगशाला सहायक (विज्ञान) 29.06.2022]

  • फड़ 

  • कठपुतली 

  • मांडणा 

  • कावड़ 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान की प्रमुख लोक कलाओं में कावड़ कला विशेष स्थान रखती है।
👉 कावड़ लकड़ी की मंदिरनुमा आकृति होती है जिसमें देवी-देवताओं के चित्र बने होते हैं।
👉 इसके निर्माण में बस्सी (चित्तौड़गढ़) के कलाकार मांगीलाल मिस्त्री प्रसिद्ध हैं।
👉 कावड़ को चलता-फिरता देवघर / देवालय भी कहा जाता है।

✍️ सही उत्तर है – कावड़ 

गोपाल सैनी का सम्बन्ध राजस्थान की किस हस्तकला से है?

[CET (स्नातक) (चरण -III) 08.01.2023]

  • काष्ठ कला 

  • थेवा कला

  • ब्ल्यू पॉटरी

  • टैराकोटा

🔹 व्याख्या 

👉 जयपुर की प्रसिद्ध ब्लू पॉटरी को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने वाले कलाकार- पदम श्री कृपाल सिंह शेखावत, गोपाल सैनी, प्रभु दयाल यादव प्रमुख है राजस्थान की प्रसिद्ध हस्तकला ब्ल्यू पॉटरी का प्रमुख केंद्र जयपुर है।
👉 इस कला को पुनर्जीवित करने में कृपाल सिंह शेखावत का योगदान रहा।
👉 वर्तमान में इस कला के प्रसिद्ध कलाकार गोपाल सैनी हैं।
👉 इन्होंने ब्ल्यू पॉटरी को देश-विदेश में लोकप्रिय बनाया।

✍️ सही उत्तर है – ब्ल्यू पॉटरी

सुमेलित कीजिए 

      हस्तशिल्प       स्थान 

(1) अजरक प्रिन्ट  (i) नाथद्वारा 

(2) जाजम प्रिन्ट  (ii) चित्तौड़गढ़ 

(3) पिछवाई       (iii) अकोला 

(4) दाबू प्रिन्ट     (iv) बाड़मेर 

[VDO मुख्य परीक्षा 09.07.2022]

कूट - 

  • 1-(ii), 2-(iv), 3-(i), 4-(iii) 

  • 1-(iii), 2-(i), 3-(iv), 4-(ii) 

  • 1-(i), 2-(ii), 3-(iii), 4-(iv) 

  • 1-(iv), 2-(ii), 3-(i), 4-(iii) 

🔹 व्याख्या

👉 अजरक प्रिन्ट का प्रमुख केंद्र बाड़मेर (बालोतरा क्षेत्र) है।
👉 जाजम प्रिन्ट विशेष रूप से चित्तौड़गढ़ (आकोला क्षेत्र) में प्रसिद्ध है।
👉 पिछवाई चित्रकला का प्रमुख स्थान नाथद्वारा (राजसमंद) है।
👉 दाबू प्रिन्ट मुख्यतः आकोला (चित्तौड़गढ़) से जुड़ा है।

✍️ सही उत्तर है – 1-(iv), 2-(ii), 3-(i), 4-(iii) 

कृपालसिंह शेखावत को किस कला को देश-विदेश में पहचान दिलाने के लिए 'पद्मश्री' से सम्मानित किया गया ? 

[कनिष्ठ वैज्ञानिक सहायक (विष) 14.09.2019]

  • ब्लू पॉटरी 

  • मीनाकारी

  • थेवा कला 

  • उस्तां कला 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान के प्रसिद्ध कलाकार कृपालसिंह शेखावत मूलतः चित्रकार थे।
👉 उन्होंने मृतप्राय कला ब्लू पॉटरी को पुनर्जीवित किया।
👉 इस कला को देश-विदेश में नई पहचान दिलाई।
👉 इसके लिए उन्हें वर्ष 1974 में पद्मश्री से सम्मानित किया गया।

✍️ सही उत्तर है – ब्लू पॉटरी 

कॉलम A में दिए गए कला स्वरूप का मिलान कॉलम B में दिए गए क्षेत्र से कीजिए।

कॉलम A (कला स्वरूप)

कॉलम B (क्षेत्र)

a. ब्लू पोटरी

I. प्रतापगढ़

b. थेवा कला (काँच पर स्वर्णकारी)

II. किशनगढ़

c. फड़ चित्रकारी

III. जयपुर

d. लघु (miniature) चित्रकारी (बनी-ठनी शैली)

IV. भीलवाड़ा

नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर चुनें:

[VDO (ग्राम विकास अधिकारी) 02.11.2025]

  • a - III, b - I, c - IV, d - II

  • a - II, b - III, c - I, d – IV

  • a - III, b - IV, c - I, d – II

  • a - I, b - II, c - III, d – IV

🔹 व्याख्या

👉 ब्लू पॉटरी (नील मृद्भांड) कला का केंद्र जयपुर है।
👉 थेवा कला, जो काँच पर स्वर्णकारी (गोल्ड एम्बॉसिंग) के लिए प्रसिद्ध है, का संबंध प्रतापगढ़ क्षेत्र से है।
👉 फड़ चित्रकारी, जो देवताओं और लोक नायकों की कथाओं को दर्शाती है, भीलवाड़ा क्षेत्र की प्रसिद्ध कला है।
👉 लघु चित्रकला (बनी-ठनी शैली) का विकास किशनगढ़ में हुआ, जिसे उसकी अद्भुत नाजुकता और सौंदर्य के लिए जाना जाता है।

✍️ सही उत्तर है – a - III, b - I, c - IV, d - II 

कृपाल सिंह शेखावत एवं दुर्गासिंह किस क्षेत्र से सम्बद्ध रहे ?

[सहायक अग्निशमन (AFO) 29.01.2022]

  • ब्लू पॉटरी, थेवा कला

  • मीनाकारी, मूर्तिकला

  • ब्लू पॉटरी, मीनाकारी 

  • उस्ता कला, मीनाकारी 

🔹 व्याख्या

👉 कृपाल सिंह शेखावत ने मृतप्राय कला ब्लू पॉटरी को पुनर्जीवित किया।
👉 उन्होंने इस कला को देश-विदेश में नई पहचान दिलाई।
👉 दुर्गासिंह राजस्थान में मीनाकारी कला से सम्बद्ध रहे।
👉 दोनों कलाकार अपने-अपने क्षेत्र में सिद्धहस्त माने जाते हैं।

✍️ सही उत्तर है – ब्लू पॉटरी, मीनाकारी 

निम्न में से जयपुर का परम्परागत हस्तउद्योग कौनसा है ? 

[CET (10+2 षष्टम चरण) 11.02.2023]

  • थेवा कला 

  • ऊनी खादी 

  • चित्रकला 

  • ब्लू पॉटरी 

🔹 व्याख्या

👉 जयपुर का प्रमुख परम्परागत हस्तउद्योग ब्लू पॉटरी है।
👉 इस कला की शुरुआत 19वीं सदी में हुई और इसे पहले कामचीनी कहा जाता था।
👉 ब्लू पॉटरी के विकास का श्रेय सवाई रामसिंह को जाता है।
👉 इसके प्रसार में प्रसिद्ध कलाकार कृपाल सिंह शेखावत का योगदान रहा।

✍️ सही उत्तर है – ब्लू पॉटरी 

'भरत', 'सूफ', 'हुरम जी', 'आरी' किससे सम्बंधित हैं -

[JEN (यांत्रिक डिप्लोमा) 21.08.2016]

  • ब्लू पॉटरी

  • पीतल नक्कासी 

  • गलीचा व दरी उद्योग 

  • कढ़ाई व पैचवर्क

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान की प्रमुख कला कढ़ाई व पैचवर्क है।
👉 इसमें कपड़ों पर अलग-अलग डिजाइन और अलंकरण बनाए जाते हैं।
👉 भरत, सूफ, हुरम जी और आरी कढ़ाई कार्य की विभिन्न शैलियाँ हैं।
👉 ये शैलियाँ राजस्थान की लोक कशीदाकारी की पहचान हैं।

✍️ सही उत्तर है – कढ़ाई व पैचवर्क