निम्नलिखित में से कौनसी पूर्वी राजस्थानी बोलियाँ हैं ? 

a. मारवाड़ी 

b. हाड़ौती 

c. मेवाड़ी 

d. ढूंढाड़ी 

नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर चुनें: 

[REET Mains L-2 Sans 20.01.2026]

  • a और d 

  • a और c 

  • c और d 

  • b और d 

🔹 व्याख्या

👉 पूर्वी राजस्थानी समूह में मुख्यतः हाड़ौती और ढूंढाड़ी बोलियाँ आती हैं।
👉
हाड़ौती बोली कोटा, बूंदी आदि पूर्वी क्षेत्र में बोली जाती है।
👉
ढूंढाड़ी बोली जयपुर व आसपास के ढूंढाड़ क्षेत्र में प्रचलित है।
👉
जबकि मारवाड़ी और मेवाड़ी पश्चिमी राजस्थानी समूह की बोलियाँ हैं।

✍️ सही उत्तर है – b और d

निम्नलिखित में से पश्चिमी राजस्थानी बोलियों का चयन करें :

(a) मारवाड़ी

(b) मेवाड़ी

(c) वागड़ी

(d) हाड़ौती

(e) मेवाती

नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर चुनें :

[REET Mains L-2 Hindi 19.01.2026]

  • c, d, e

  • b, d, e

  • a, b, e

  • a, b, c

🔹 व्याख्या

👉 मारवाड़ी और मेवाड़ी पश्चिमी राजस्थान की प्रमुख बोली मानी जाती हैं।

👉 वागड़ी बोली मुख्य रूप से डूंगरपुर-बांसवाड़ा (दक्षिण-पश्चिम) क्षेत्र में बोली जाती है।

👉 हाड़ौती कोटा संभाग (दक्षिण-पूर्व) और मेवाती (उत्तर-पूर्व) क्षेत्र की बोलियाँ हैं।

👉 ग्रियर्सन के वर्गीकरण में वागड़ी को पश्चिमी राजस्थान के अंतर्गत गिना गया है।

✍️ सही उत्तर है – a, b, c

उदयपुर, चित्तौड़गढ़, राजसमंद और डूंगरपुर राजस्थान के निम्नलिखित में से किस क्षेत्र का हिस्सा है? (निम्नलिखित विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर चुनें)

[4th Grade (4th Phase) 20.09.2025]

  • हाड़ौती

  • मेवाड़

  • मारवाड़

  • ब्रज

🔹 व्याख्या

👉 उदयपुर, चित्तौड़गढ़, राजसमंद और डूंगरपुर जिले राजस्थान के मेवाड़ क्षेत्र के अंतर्गत आते हैं।
👉 मेवाड़ ऐतिहासिक रूप से महाराणा प्रताप और सिसोदिया वंश की भूमि के रूप में प्रसिद्ध है।
👉 यह क्षेत्र अपनी वीरता, संस्कृति और कला-संरक्षण परंपरा के लिए जाना जाता है।

✍️ सही उत्तर है – मेवाड़ 

कोटा, बूंदी, झालावाड़ और बाराँ क्षेत्र में बोली जाने वाली बोली का नाम बताइए। 

निम्नलिखित विकल्पों में से सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर चुनें:  

[पशु परिचर (3rd Phase) 02.12.2024]

  • मेवाती 

  • भीली 

  • हाड़ौती 

  • ढूंढाड़ी 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान के प्रत्येक अंचल की अपनी विशिष्ट बोली है।
👉 कोटा, बूंदी, झालावाड़ और बाराँ क्षेत्र एक ही अंचल में आते हैं।
👉 इस अंचल में बोली जाने वाली प्रमुख बोली हाड़ौती है।
👉 यह बोली हाड़ौती क्षेत्र की पहचान मानी जाती है।

✍️ सही उत्तर है – हाड़ौती 

चुरू, झुंझुनू, हनुमानगढ़, सूरतगढ़ और गंगानगर के क्षेत्रों में कौन सी बोली बोली जाती है? 

[JEN (Mech. Diploma) 10.02.2025]

  • मेवाती 

  • हाड़ौती 

  • शेखावाटी 

  • मारवाड़ी 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान की प्रत्येक बोली विशेष क्षेत्र से जुड़ी होती है।
👉 चुरू, झुंझुनू, हनुमानगढ़, सूरतगढ़ और गंगानगर क्षेत्रों में एक ही बोली प्रमुख है।
👉 इस अंचल की बोली शेखावाटी कहलाती है।
👉 यह बोली स्थानीय संस्कृति और लोकजीवन से गहराई से जुड़ी है।

✍️ सही उत्तर है – शेखावाटी 

राजस्थानी भाषा के निश्चित साहित्य में चारणों द्वारा कौन-सी भाषा प्रयुक्त की जाती थी ? 

कनिष्ठ अनुदेशक (रेफ्रिजरेशन) 18.11.2024

  • डिंगल 

  • मारुवणी 

  • मारवाड़ी 

  • पिंगल 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थानी साहित्य में चारण कवियों का विशेष योगदान रहा है।
👉 उन्होंने अपनी रचनाओं में एक विशिष्ट भाषा का प्रयोग किया।
👉 यह भाषा साहित्य में डिंगल नाम से जानी जाती है।
👉 डिंगल भाषा मुख्यतः वीर रस और प्रशस्ति काव्य के लिए प्रसिद्ध है।

✍️ सही उत्तर है – डिंगल 

सूची-I को सूची-II से सुमेलित करें - 

सूची-I (बोलियाँ/उप-बोलियाँ)

सूची-II (ज़िला)

a. गोरवारी

I. दौसा

b. राजावाती

II. जोधपुर

c. मालावी

III. डूंगरपुर

d. वागड़ी

IV. प्रतापगढ़

नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर चुनें: 

[REET Mains L-2 Sans 20.01.2026]

  • a-I, b-II, c-III, d-IV

  • a-II, b-I, c-III, d-IV

  • a-I, b-II, c-IV, d-III

  • a-II, b-I, c-IV, d-III

🔹 व्याख्या

👉 गोरवारी बोली मुख्यतः जोधपुर क्षेत्र में बोली जाती है।
👉
राजावाती बोली का प्रमुख क्षेत्र दौसा जिला माना जाता है।
👉
मालावी बोली का प्रयोग प्रतापगढ़ क्षेत्र में मिलता है।
👉
वागड़ी बोली मुख्यतः डूंगरपुर जिले में बोली जाती है।

✍️ सही उत्तर है – a-II, b-I, c-IV, d-III

राजस्थान के कोटा, बूंदी और झालावाड़ क्षेत्र की बोली कौन सी है ?

(निम्न में से सबसे उपयुक्त विकल्प चुनें:)  

[CET (10+2) 22.10.2024 प्रथम चरण]

  • हाड़ौती 

  • मालवी 

  • वागडी 

  • भीली 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान के प्रत्येक क्षेत्र की अपनी विशिष्ट बोली है।
👉 कोटा, बूंदी और झालावाड़ क्षेत्र एक ही अंचल से जुड़े हैं।
👉 इस अंचल की प्रमुख बोली हाड़ौती है।
👉 यह बोली स्थानीय संस्कृति और जनजीवन की पहचान है।

✍️ सही उत्तर है – हाड़ौती 

"नागरचोल” किस राजस्थानी भाषा की उपबोली है ?

[4th Grade (3rd Phase) 20.09.2025]

  • हाड़ौती

  • ढूंढाड़ी

  • मेवाड़ी

  • शेखावाटी

🔹 व्याख्या

👉 नागरचोल और ढूंढाड़ी दोनों राजस्थानी भाषा की उपबोलियाँ हैं।
👉 ये उपबोलियाँ मुख्य रूप से टोंक और सवाई माधोपुर के आसपास के क्षेत्रों में बोली जाती हैं।
👉 ढूंढाड़ी बोली की अन्य प्रमुख उपबोलियों में हाड़ौती, किशनगढ़ी, तोरावाटी और राजावाटी शामिल हैं।
👉 इन बोलियों में स्थानीय शब्दावली और उच्चारण शैली की विशिष्टता पाई जाती है।

✍️ सही उत्तर है – ढूंढाड़ी  

राजस्थानी साहित्य के प्रथम गद्य लेखक कौन हैं ? 

[JEN CIVIL कृषि 07.02.2025]

  • नथमल जोशी 

  • विजयदान देथा 

  • लक्ष्मीकुमारी चुण्डावत 

  • शिवचन्द्र भारतीय 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थानी साहित्य में गद्य लेखन की परंपरा आधुनिक काल में विकसित हुई।
👉 गद्य के प्रथम लेखक के रूप में शिवचन्द्र भारतीय का नाम लिया जाता है।
👉 उन्होंने राजस्थानी साहित्य में नाटक और उपन्यास दोनों की रचना की।
👉 इस कारण उन्हें राजस्थानी गद्य साहित्य का प्रथम लेखक माना जाता है।

✍️ सही उत्तर है – शिवचन्द्र भारतीय 

'वागड़ी' राजस्थान के किस क्षेत्र में बोली जाती है ?  

[कनिष्ठ अनुदेशक (पलम्बर) 08.01.2025]

  • बांसवाड़ा एवं डूंगरपुर 

  • उदयपुर एवं राजसमंद 

  • जोधपुर एवं बीकानेर 

  • प्रतापगढ़ एवं भीलवाड़ा 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान की एक प्रमुख बोली वागड़ी है।
👉 यह बोली मुख्यतः आदिवासी अंचल में बोली जाती है।
👉 इसका प्रसार विशेष रूप से बांसवाड़ा और डूंगरपुर जिलों में है।
👉 यह बोली स्थानीय संस्कृति और लोकजीवन से गहराई से जुड़ी है।

✍️ सही उत्तर है – बांसवाड़ा एवं डूंगरपुर 

थाली और गोड़वाड़ी, राजस्थान की किस बोली की उपबोलियाँ हैं? (निम्न में से सबसे उपयुक्त विकल्प चुनें) 

[L.S.A. Exam 13.06.2025]

  • हाड़ौती 

  • शेखावाटी 

  • ढूंढाड़ी 

  • मारवाड़ी 

🔹 व्याख्या

👉 थाली और गोड़वाड़ी राजस्थान की प्रसिद्ध उपबोलियाँ हैं।
👉 ये दोनों मारवाड़ी बोली की उपबोलियाँ मानी जाती हैं।
👉 मारवाड़ी बोली का प्रयोग मुख्य रूप से जोधपुर, पाली, नागौर और बाड़मेर क्षेत्रों में किया जाता है।
👉 इन उपबोलियों में स्थानीय उच्चारण और शब्दावली में कुछ भिन्नता पाई जाती है।

✍️ सही उत्तर है – मारवाड़ी

‘मालवी' भाषा को लिखने के लिए किस लिपि का प्रयोग किया जाता है?

[4th Grade (3rd Phase) 20.09.2025]

  • गुरुमुखी

  • उर्दू

  • रोमन

  • देवनागरी

🔹 व्याख्या

👉 मालवी भाषा को लिखने के लिए वर्तमान में देवनागरी लिपि का प्रयोग किया जाता है।
👉 प्राचीन समय में इसके लिए महाजनी या मोडिया लिपि का उपयोग किया जाता था।
👉 देवनागरी लिपि का प्रयोग आज हिन्दी सहित कई भारतीय भाषाओं और मालवी जैसी बोलियों में किया जाता है।
👉 यह लिपि सरल, मानकीकृत और व्यापक रूप से स्वीकार्य मानी जाती है।

✍️ सही उत्तर है – देवनागरी   

सूची-I को सूची -II से सुमेलित कीजिए : 

सूची-I 

बोली / उपभाषा

सूची -II 

मुख्य रूप से इन मंडलों / क्षेत्रों में बोली जाती है।

(a) हदौती 

(i) जोधपुर, जैसलमेर 

(b) ब्रज भाषा 

(ii) सीकर, झुंझुनू 

(c) मारवाड़ी 

(iii) भरतपुर, करौली 

(d) शेखावती 

(iv) झालवाड़, बारन 

नीचे दिए गए विकल्पों में से सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर चुनिए :  

[CET (10+2) 24.10.2024 षष्टम चरण]

  • (a) - (iii), (b) - (ii), (c) - (iv), (d) - (i)

  • (a) - (iv), (b) - (iii), (c) - (i), (d) - (ii) 

  • (a) - (ii), (b) - (iii), (c) - (iv), (d) - (i) 

  • (a) - (i), (b) - (iv), (c) - (iii), (d) - (ii) 

🔹 व्याख्या

👉 हाड़ौती बोली मुख्यतः झालावाड़ और बारां में बोली जाती है।
👉 ब्रज भाषा का प्रयोग भरतपुर और करौली क्षेत्र में होता है।
👉 मारवाड़ी बोली का क्षेत्र जोधपुर और जैसलमेर है।
👉 शेखावटी बोली का संबंध सीकर और झुंझुनू से है।

✍️ सही उत्तर है – (a) – (iv), (b) – (iii), (c) – (i), (d) – (ii) 

राजस्थान की भाषा के लिए सर्वप्रथम 'राजस्थानी' शब्द का प्रयोग किसने किया था ?  

[कनिष्ठ अनुदेशक (रोजगार) 18.11.2024]

  • विजयदान देथा 

  • एल. सी. टेसीटोरी 

  • जॉर्ज अब्राहम ग्रियर्सन 

  • कर्नल जेम्स टॉड 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान की अनेक बोलियों को पहले अलग-अलग नामों से जाना जाता था।
👉 इन्हें एक सामूहिक भाषा रूप में पहचान देने का कार्य हुआ।
👉 सर्वप्रथम जॉर्ज अब्राहम ग्रियर्सन ने इनके लिए ‘राजस्थानी’ शब्द का प्रयोग किया।
👉 इस प्रकार राजस्थानी को स्वतंत्र भाषा का रूप प्रदान किया गया।

✍️ सही उत्तर है – जॉर्ज अब्राहम ग्रियर्सन 

प्रमुख राजस्थानी पत्रिका "मरुवाणी” के संस्थापक का नाम बताइए।

[Patwar Exam (Shift II) 17.08.2025]

  • सत्य प्रकाश जोशी 

  • किशोर कल्पना कांत 

  • डॉ मनोहर शर्मा

  • कवि चंद्र सिंह 

🔹 व्याख्या

👉 चंद्रसिंह बिरकाली ने रावत सारस्वत के सहयोग से राजस्थानी भाषा प्रचार सभा की स्थापना की।
👉 इसी संस्था के माध्यम से उन्होंने राजस्थानी भाषा में ‘मरुवाणी’ नामक मासिक पत्रिका का प्रकाशन प्रारंभ किया।
👉 ‘मरुवाणी’ का प्रकाशन आधुनिक राजस्थानी साहित्य के विकास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर सिद्ध हुआ।
👉 इस पत्रिका ने राजस्थानी भाषा, साहित्य और सांस्कृतिक चेतना के प्रसार में अहम भूमिका निभाई।

✍️ सही उत्तर है – कवि चंद्र सिंह 

राजस्थान की प्रमुख भाषाएं हैं: 

a. हिन्दी 

b. अंग्रेजी 

c. राजस्थानी 

d. ब्रज 

नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर चुनें: 

[REET Mains L-2 Sans 20.01.2026]

  • a और b 

  • b और c 

  • a और c

  • c और d

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान की प्रमुख भाषा हिन्दी मानी जाती है।
👉
यहाँ की स्थानीय भाषा राजस्थानी भी व्यापक रूप से बोली जाती है।
👉
जबकि अंग्रेजी व ब्रज को प्रमुख भाषा नहीं माना जाता।

✍️ सही उत्तर है – a और c

डॉ. ग्रियर्सन ने राजस्थानी बोलियों को कितने मुख्य समूहों में बाँटा है?

[REET Mains L-2 Eng) 19.01.2026]

  • पाँच

  • छह

  • सात

  • चार

🔹 व्याख्या

👉 डॉ. ग्रियर्सन ने राजस्थानी भाषाएँ का अध्ययन किया।
👉
उन्होंने इन्हें मुख्य बोलियों के पाँच समूहों में वर्गीकृत किया।
👉
यह वर्गीकरण भाषाई विशेषताओं पर आधारित है।

✍️ सही उत्तर है – पाँच

बांसवाड़ा और डूंगरपुर जिला में कौनसी बोली प्रचलित है ?

[REET Mains L-2 Sci Math 18.01.26]

  • मेवाती

  • वागड़ी

  • मालवी

  • हाड़ौती

🔹 व्याख्या

👉 वागड़ी बोली मुख्यतः बांसवाड़ा और डूंगरपुर जिलों में प्रचलित है।
👉
यह बोली दक्षिणी राजस्थान के वागड़ क्षेत्र में बोली जाती है।
👉
वागड़ी पर गुजराती तथा मेवाड़ी भाषा का स्पष्ट प्रभाव पाया जाता है।
👉
इसे भीली भाषा या भीलों की बोली के नाम से भी जाना जाता है।

✍️ सही उत्तर है – वागड़ी

1912 में भारतीय भाषाई सर्वेक्षण (Linguistic Survey of India) में राजस्थान की भाषाओं के लिए 'राजस्थानी' शब्द का प्रयोग सर्वप्रथम किसने किया था?

[VDO (ग्राम विकास अधिकारी) 02.11.2025]

  • जॉर्ज मैकाले

  • जेम्स टॉड

  • जॉर्ज अब्राहम ग्रियर्सन

  • जॉर्ज रिचर्ड

🔹 व्याख्या

👉 वर्ष 1912 में किए गए भारतीय भाषाई सर्वेक्षण (Linguistic Survey of India) में जॉर्ज अब्राहम ग्रियर्सन ने पहली बार ‘राजस्थानी’ शब्द का प्रयोग किया।
👉 उन्होंने यह नाम राजस्थान में बोली जाने वाली विभिन्न क्षेत्रीय भाषाओं को एक सामूहिक पहचान देने के लिए उपयोग किया।
👉 ग्रियर्सन एक प्रसिद्ध भाषाविद् थे, जिन्होंने भारत की भाषाओं का व्यापक सर्वेक्षण किया था।
👉 इससे पहले, 8वीं शताब्दी में उद्योतन सूरी ने अपने ग्रंथ ‘कुवलयमाला’ में इस क्षेत्र की भाषा को ‘मरुभाषा’ कहा था।

✍️ सही उत्तर है – जॉर्ज अब्राहम ग्रियर्सन  

सूची I को सूची II से सुमेलित करें -

सूची I (राजस्थानी बोलियां)

सूची II (क्षेत्र / अंचल)

a. शेखावाटी

I. जयपुर और दौसा

b. मेवाती

II. कोटा और बून्दी

c. ढूंढाड़ी

III. चुरू और झुंझनूं

d. हाड़ौती

IV. अलवर और भरतपुर

नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर चुनें:

[REET Mains (L-2) SST 18.01.2026]

  • a-II, b-III, c-I, d-IV

  • a-I, b-II, c-III, d-IV

  • a-IV, b-III, c-II, d-I

  • a-III, b-IV, c-I, d-II

🔹 व्याख्या

👉 शेखावाटी बोली मुख्यतः चूरू और झुंझुनूं क्षेत्र में बोली जाती है।
👉
मेवाती बोली का क्षेत्र अलवर और भरतपुर माना जाता है।
👉
ढूंढाड़ी बोली जयपुर और दौसा क्षेत्र में प्रचलित है।
👉
हाड़ौती बोली कोटा और बूंदी क्षेत्र में बोली जाती है।

✍️ सही उत्तर है – a-III, b-IV, c-I, d-II

निम्नलिखित में से किसने सर्वप्रथम 1912 में भारतीय भाषा सर्वेक्षण में राजस्थान की भाषा के लिए राजस्थानी शब्द का प्रयोग किया था ? 

निम्नलिखित विकल्पों में से सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर चुनें: 

[पशु परिचर (4th Phase) 02.12.2024]

  • जॉर्ज फर्नांडिस 

  • जॉर्ज थामस 

  • जॉर्ज अब्राहम ग्रियर्सन 

  • जार्ज हेलेंस्की 

🔹 व्याख्या

👉 भारत में भाषाओं के अध्ययन हेतु भारतीय भाषा सर्वेक्षण (1912) किया गया।
👉 इसमें राजस्थान की विभिन्न बोलियों को एक साथ जोड़ा गया।
👉 सर्वप्रथम जॉर्ज अब्राहम ग्रियर्सन ने इनके लिए 'राजस्थानी' शब्द का प्रयोग किया।
👉 इस प्रकार राजस्थानी को स्वतंत्र भाषा का रूप मिला।

✍️ सही उत्तर है – जॉर्ज अब्राहम ग्रियर्सन 

निम्नलिखित में से कौन राजस्थान की बोली नहीं है ?

[JEN सिविल डिग्री 22.02.2025] 

  • हाड़ौती 

  • गवरी 

  • वागड़ी 

  • मेवाती 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान में अनेक क्षेत्रीय बोलियाँ बोली जाती हैं।
👉 इनमें मारवाड़ी, मेवाड़ी, बागड़ी, हाड़ौती, वागड़ी, ढूंढाड़ी, शेखावाटी आदि प्रमुख हैं।
👉 गवरी राजस्थान की बोली नहीं है, यह एक लोकनाट्य शैली है।
👉 इसलिए इसे बोली की श्रेणी में नहीं रखा जाता।

✍️ सही उत्तर है – गवरी 

थली और गौड़वाड़ी_________की उप-बोलियाँ हैं।

[REET Mains L-2 Sci Math 18.01.26]

  • मारवाड़ी

  • वागड़ी

  • ढूंढ़ाड़ी

  • मेवाड़ी

🔹 व्याख्या

👉 थली और गोड़वाड़ी मारवाड़ी की उपबोलियाँ मानी जाती हैं।
👉
थली बोली मुख्यतः उत्तर-पश्चिमी मारवाड़ क्षेत्र में बोली जाती है।
👉
यह बीकानेर, चूरू तथा नागौर के कुछ हिस्सों में प्रचलित है।
👉
गोड़वाड़ी बोली मुख्यतः पाली और जालौर (गोडवार क्षेत्र) में बोली जाती है।

✍️ सही उत्तर है – मारवाड़ी

चुरू, झुंझुनू, हनुमानगढ़, सूरतगढ़ और गंगानगर के क्षेत्रों में कौन-सी बोली बोली जाती है ? 

निम्नलिखित विकल्पों में से सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर चुनें:  

[पशु परिचर (2nd Phase) 01.12.2024]

  • मेवाती 

  • वागड़ी 

  • मालवी 

  • शेखावाटी 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान में क्षेत्रीय आधार पर अलग-अलग बोलियाँ प्रचलित हैं।
👉 चुरू, झुंझुनू, हनुमानगढ़, सूरतगढ़ और गंगानगर क्षेत्रों में एक ही बोली प्रमुख है।
👉 इस अंचल में बोली जाने वाली बोली को शेखावाटी कहा जाता है।
👉 यह बोली स्थानीय संस्कृति और जनजीवन से जुड़ी हुई है।

✍️ सही उत्तर है – शेखावाटी 

राजस्थानी बोलियों के निम्नलिखित क्षेत्रों को उत्तर से दक्षिण के अनुसार व्यवस्थित करें : 

a. ढूँढाड़ी 

c. वागड़ी 

b. शेखावाटी 

d. हाड़ौती 

नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर चुनें: 

[REET Mains (L-1) 20.01.2026]

  • c, d, b, a 

  • d, c, a, b 

  • b, a, d, c 

  • a, b, c, d 

🔹 व्याख्या

👉 शेखावाटी बोली का क्षेत्र उत्तरी राजस्थान (सीकर-झुंझुनूं) में स्थित है।
👉
इसके दक्षिण में ढूँढाड़ी बोली का क्षेत्र जयपुर व आसपास मिलता है।
👉
इसके बाद हाड़ौती बोली कोटा-बूंदी क्षेत्र में बोली जाती है।
👉
सबसे दक्षिण में वागड़ी बोली डूंगरपुर-बांसवाड़ा क्षेत्र में प्रचलित है।

✍️ सही उत्तर है – b, a, d, c

नीचे दो कथन दिए गए हैं: एक अभिकथन (Assertion) A के रूप में लिखित है तो दूसरा उसके कारण (Reason) R के रूप में;

अभिकथन A: सभी राजस्थानी बोलियों में मारवाड़ी (मारवाड़ में प्रचलित बोली) सबसे महत्वपूर्ण है। कई बार, इसे राजस्थानी का पर्याय समझा जाता है।

कारण R: ऐतिहासिक और भौगोलिक रूप से, मारवाड़ का राजस्थान में महत्वपूर्ण स्थान है।

उपरोक्त कथन के आलोक में, नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर का चयन कीजिए -

[REET Mains (L-2) SST 18.01.2026]

  • A सही नहीं है लेकिन R सही है।

  • A और R दोनों सही हैं, लेकिन R, A की सही व्याख्या नहीं है।

  • A सही है लेकिन R सही नहीं है।

  • A और R दोनों सही हैं और R, A की सही व्याख्या है।

🔹 व्याख्या

👉 मारवाड़ी बोली राजस्थानी की प्रमुख उपबोलियों में मानी जाती है।
👉
कई बार इसे राजस्थानी भाषा का पर्याय भी माना जाता है।
👉
इसका कारण मारवाड़ क्षेत्र का ऐतिहासिक व भौगोलिक महत्व है।
👉
इसलिए मारवाड़ी को महत्वपूर्ण बोली का स्थान प्राप्त है।

✍️ सही उत्तर है – A और R दोनों सही हैं और R, A की सही व्याख्या है।

किसने सबसे पहले राजस्थान की भाषाओं के लिए 1912 में "लिंग्विस्टिक सर्वे ऑफ इंडिया" में राजस्थानी शब्द का प्रयोग किया था ? (निम्न में से सबसे उपयुक्त विकल्प चुनें)

[REET Mains L-2 Sans 20.01.2026]

  • आर. सी. मजूमदार 

  • जॉर्ज अब्राहम ग्रिर्यसन 

  • कर्नल जेम्स आउट्रम 

  • कर्नल टोड 

🔹 व्याख्या

👉 जॉर्ज अब्राहम ग्रियर्सन प्रसिद्ध भाषा वैज्ञानिक थे।
👉
इन्होंने 1912 ई. में अपने ग्रंथ लिंग्विस्टिक सर्वे ऑफ इंडिया में राजस्थानी शब्द का प्रयोग किया।
👉
यह शब्द राजस्थानी बोलियों के समूह के लिए प्रयोग किया गया था।
👉
इसलिए इन्हें राजस्थानी भाषा का प्रथम भाषा सर्वेक्षक माना जाता है।

✍️ सही उत्तर है – जॉर्ज अब्राहम ग्रियर्सन

थली और गोडवाड़ी किस बोली की उप-बोलियां हैं ?  

[कनिष्ठ अनुदेशक (कंप्यूटर) 10.01.2025]

  • मेवाड़ी 

  • मेवाती 

  • हाड़ौती 

  • मारवाड़ी 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान की सबसे बड़ी बोली मारवाड़ी है।
👉 इसकी कई क्षेत्रीय उप-बोलियाँ प्रचलित हैं।
👉 थली और गोड़वाड़ी इसी बोली की उप-बोलियाँ हैं।
👉 ये विशेषकर पश्चिमी राजस्थान में बोली जाती हैं।

✍️ सही उत्तर है – मारवाड़ी 

निम्नलिखित में से किसे राजस्थानी साहित्य का प्रथम गद्य लेखक कहा जा सकता है? 

[Patwar Exam (Shift II) 17.08.2025]

  • शिव चंद्र भरतिया 

  • यादवेंद्र शर्मा 

  • रामेश्वर दयाल 

  • लक्ष्मी कुमारी चूण्डावत 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थानी साहित्य के प्रथम गद्य लेखक के रूप में शिव चन्द्र भारतीय को माना जाता है।
👉 आगे चलकर विजयदान देथा, विजय सिंह पथिक और मेघराज मुकुल जैसे साहित्यकारों ने आधुनिक राजस्थानी गद्य साहित्य को समृद्ध किया।
👉 इन रचनाकारों ने लोकजीवन, समाज और संस्कृति को अपने साहित्य का आधार बनाया।

✍️ सही उत्तर है – शिव चन्द्र भरतीय  

कोटा, बूंदी, झालावाड़ और बारां क्षेत्र में प्रमुख रूप से बोली जाने वाली बोली कहलाती है (सबसे उपयुक्त उत्तर चुनें): 

[4th Grade (2nd Phase) 19.09.2025]

  • मालवी 

  • ढूंढाड़ी

  • हाड़ौती 

  • मेवाती 

🔹 व्याख्या

👉 कोटा, बूंदी, झालावाड़ और बारां क्षेत्रों में प्रमुख रूप से बोली जाने वाली बोली हाड़ौती कहलाती है।
👉 यह बोली राजस्थान की दक्षिण-पूर्वी क्षेत्रीय बोली है और मारवाड़ी भाषा समूह से संबंधित है।
👉 हाड़ौती बोली में कोटा रियासतकालीन हाड़ा वंशीय संस्कृति की झलक मिलती है।

✍️ सही उत्तर है – हाड़ौती 

निम्न कथनों पर विचार करें :

(a) मरूभाषा कुवलयमाला में उल्लिखित 18 देशी भाषाओं में से एक है।

(b) राजस्थानी भाषा कभी एक स्वतंत्र भाषा के रूप में विकसित नहीं हुई।

(c) जब प्राकृत लोगों से दूर होना शुरू हुई तो अपभ्रंश ने इसका स्थान ग्रहण किया।

(d) वैदिक संस्कृत को समस्त भारतीय भाषाओं की माता नहीं माना जा सकता है।

नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर चुनें :

[REET Mains L-2 Eng) 19.01.2026]

  • केवल (d) और (a)

  • केवल (a) और (c)

  • केवल (b) और (c)

  • केवल (c) और (d)

🔹 व्याख्या

👉 मरूभाषा का उल्लेख कुवलयमाला में मिलता है।
👉
इसलिए कथन (a) तथ्यात्मक रूप से सही है।
👉
जब प्राकृत दूर हुई तो अपभ्रंश ने स्थान लिया।
👉
जबकि कथन (b) व (d) सही नहीं हैं।

✍️ सही उत्तर है – केवल (a) और (c)

निम्नलिखित में से किसे राजस्थानी साहित्य का प्रथम गद्य लेखक कहा जा सकता है? 

[JEN (Agriculture) 22.02.2025]

  • शिव चंद्र भारतीय 

  • लक्ष्मी कुमारी चूंडावत 

  • माल चंद तिवारी 

  • तेज सिंह जोधा 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थानी साहित्य में गद्य लेखन की परंपरा आधुनिक काल में प्रारंभ हुई।
👉 इस दिशा में सबसे पहले योगदान शिव चंद्र भारतीय ने दिया।
👉 उन्होंने राजस्थानी में नाटक और उपन्यास की रचना की।
👉 इसलिए उन्हें राजस्थानी साहित्य का प्रथम गद्य लेखक माना जाता है।

✍️ सही उत्तर है – शिव चंद्र भारतीय 

मेवाड़ के पहाड़ी क्षेत्रों में बोली जाने वाली बोली को ___________कहा जाता है।

[सर्वेयर परीक्षा 23.02.2025]

  • मारवाड़ी 

  • मैदानी मेवाड़ी 

  • ढूंढाड़ी 

  • पार्वती मेवाड़ी 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान के मेवाड़ अंचल में विभिन्न क्षेत्रों में अलग-अलग उपबोलियाँ बोली जाती हैं।
👉 मेवाड़ के पहाड़ी क्षेत्रों में एक विशेष उपबोली प्रचलित है।
👉 इस उपबोली को पार्वती मेवाड़ी कहा जाता है।
👉 यह बोली स्थानीय संस्कृति और जनजीवन से जुड़ी हुई है।

✍️ सही उत्तर है – पार्वती मेवाड़ी 

कोटा, बूंदी, झालावाड़ एवं बारां क्षेत्र की बोली निम्न में से कौन सी है ? 

[खनिज कार्यदेशक 23.02.2025]

  • वागडी 

  • मलावी 

  • मेवाती 

  • हाड़ौती 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान में प्रत्येक अंचल की अपनी प्रमुख बोली है।
👉 कोटा, बूंदी, झालावाड़ और बारां क्षेत्र की बोली एक ही है।
👉 इस अंचल की बोली को हाड़ौती कहा जाता है।
👉 यह बोली हाड़ौती अंचल की पहचान है।

✍️ सही उत्तर है – हाड़ौती 

राजस्थानी भाषा में काव्य रूप में उपलब्ध संतों का जीवन चरित्र ____________ कहलाता है। 

[JEN (Agriculture) 22.02.2025]

  • परची 

  • प्रकास 

  • मरास्या 

  • रूपक 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थानी साहित्य में संतों के जीवन का वर्णन विशेष स्थान रखता है।
👉 इन संतों के जीवन चरित्र को काव्य रूप में प्रस्तुत किया गया।
👉 ऐसे काव्य रूप में लिखित जीवन चरित्र को परची कहा जाता है।
👉 यह संत साहित्य की एक महत्वपूर्ण विशेषता है।

✍️ सही उत्तर है – परची

बांसवाड़ा एवं डूंगरपुर क्षेत्र में कौन सी बोली बोली जाती है ? 

[JEN (Agriculture) 22.02.2025]

  • वागडी 

  • हाड़ौती 

  • मेवाती 

  • शेखावाटी 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान के दक्षिणी अंचल की अपनी विशिष्ट बोली है।
👉 यह बोली मुख्य रूप से बांसवाड़ा और डूंगरपुर जिलों में बोली जाती है।
👉 इसे राजस्थानी भाषा की एक प्रमुख उपबोली माना जाता है।
👉 इस बोली का नाम है वागड़ी।

✍️ सही उत्तर है – वागड़ी 

सूची I में दी गयी राजस्थानी बोलियों का मिलान सूची II में दिए गए राजस्थान के जिलों के साथ कीजिए।

सूची I (बोलियाँ)

सूची II (जिले)

a. हाड़ौती

I. जयपुर

b. मेवाती

II. कोटा

c. ढूंढारी

III. उदयपुर

d. मेवाड़ी

IV. अलवर/भरतपुर

नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर चुनें:

[VDO (ग्राम विकास अधिकारी) 02.11.2025]

  • a - IV, b - II, c - I, d - III

  • a - II, b - IV, c - I, d - III

  • a - III, b - II, c - IV, d - I

  • a - II, b - III, c - IV, d - I

🔹 व्याख्या

👉 हाड़ौती बोली मुख्य रूप से कोटा, बूंदी, झालावाड़ और बारां जिलों में बोली जाती है।
👉 मेवाती बोली का प्रयोग अलवर और भरतपुर जिलों में किया जाता है।
👉 ढूंढाड़ी बोली जयपुर, टोंक और सवाई माधोपुर क्षेत्रों में प्रचलित है।
👉 मेवाड़ी बोली उदयपुर, चित्तौड़गढ़ और राजसमंद जिलों में बोली जाती है। 

✍️ सही उत्तर है – a – II, b – IV, c – I, d – III 

नीचे दो कथन दिए गए हैं : एक अभिकथन A (Assertion A) के रूप में लिखित है तो दूसरा उसके कारण R (Reason R) के रूप में।

अभिकथन A : मारवाड़ी बोली जोधपुर, नागौर, जैसलमेर और पाली में प्रचलित है।

कारण R : ढूँढ़ाड़ी बोली जयपुर और दौसा में प्रचलित है।

उपरोक्त कथन के आलोक में, नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर का चयन कीजिए :

[REET Mains L-2 Sci Math 18.01.26]

  • A सही है लेकिन R सही नहीं है।

  • A और R दोनों सही हैं और R, A की सही व्याख्या है।

  • A सही नहीं है लेकिन R सही है।

  • A और R दोनों सही हैं लेकिन R, A की सही व्याख्या नहीं है।

🔹 व्याख्या

👉 मारवाड़ी बोली राजस्थान के जोधपुर, नागौर, जैसलमेर और पाली क्षेत्रों में प्रचलित है।
👉
इसलिए अभिकथन A तथ्यात्मक रूप से सही है।
👉
ढूँढ़ाड़ी बोली मुख्यतः जयपुर और दौसा क्षेत्रों में बोली जाती है।
👉
यह तथ्य सही है, लेकिन यह A की व्याख्या नहीं करता।

✍️ सही उत्तर है – A और R दोनों सही हैं, लेकिन R, A की सही व्याख्या नहीं है।

राजस्थानी भाषा में उपलब्ध कविता में संतों के जीवन वृत्तांत को क्या कहा जाता है ?  

[CET (स्नातक) 28.09.2024 चतुर्थ चरण]

  • झमाल 

  • वात 

  • झूटना 

  • परची 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थानी भाषा की कविता में संत परंपरा का विशेष योगदान है।
👉 यहाँ संतों के जीवन और उनके कार्यों का वर्णन भी मिलता है।
👉 संतों के इन जीवन वृत्तांतों को विशेष नाम से जाना जाता है।
👉 इन्हें ‘परची’ कहा जाता है।

✍️ सही उत्तर है – परची 

राजस्थान की भाषा के लिए 'राजस्थानी' शब्द का प्रयोग सर्वप्रथम किस व्यक्ति ने किया ?   

[CET (10+2) 22.10.2024 द्वितीय चरण]

  • जॉर्ज अब्राहम ग्रियर्सन 

  • जॉर्ज फ्रेंकलिन 

  • जॉर्ज विलियम 

  • जॉर्ज लिंकन गेरीसन 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान की विभिन्न बोलियों को पहले अलग-अलग नामों से पुकारा जाता था।
👉 इन सबको एक साथ जोड़कर ‘राजस्थानी’ नाम देने का श्रेय एक विद्वान को जाता है।
👉 यह कार्य भाषाविद जॉर्ज अब्राहम ग्रियर्सन ने किया।
👉 उन्होंने राजस्थानी को स्वतंत्र भाषा का रूप दिया।

✍️ सही उत्तर है – जॉर्ज अब्राहम ग्रियर्सन 

राजस्थान के प्रतापगढ़ क्षेत्र में कौन-सी बोली प्रचलित है ?  

[कनिष्ठ अनुदेशक (सुईंग) 09.01.2025]

  • मेवाती 

  • मालवी 

  • मेवाड़ी 

  • वागड़ी 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान के विभिन्न जिलों में क्षेत्रवार अलग-अलग बोलियाँ बोली जाती हैं।
👉 प्रतापगढ़ क्षेत्र की प्रमुख बोली मालवी है।
👉 यह बोली राजस्थान और मध्य प्रदेश, दोनों में प्रचलित है।
👉 प्रतापगढ़ की सांस्कृतिक पहचान मालवी बोली से जुड़ी है।

✍️ सही उत्तर है – मालवी 

राजस्थान की बोलियों के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार करें :

(a) रांगड़ी और नीमाड़ी, मालवी की उप-बोलियाँ हैं।

(b) हाड़ौती कोटा, बूंदी, झालावाड़ और बारां क्षेत्र की बोली है।

(c) शेखावाटी उदयपुर, चित्तौड़गढ़ और भीलवाड़ा में बोली जाती है।

(d) मेवाती अलवर और भरतपुर के भागों में बोली जाती है।

नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर चुनें :

[REET Mains L-2 Sci Math 18.01.26]

  • केवल (a), (b) और (d)

  • केवल (b), (c) और (d)

  • केवल (a), (b) और (c)

  • केवल (a), (c) और (d)

🔹 व्याख्या

👉 रांगड़ी और नीमाड़ी को मालवी की उप-बोलियाँ माना जाता है।
👉
हाड़ौती बोली कोटा, बूंदी, झालावाड़ और बारां क्षेत्र में बोली जाती है।
👉
शेखावाटी मुख्यतः सीकर, झुंझुनूं और चूरू क्षेत्र की बोली है, इसलिए कथन (c) गलत है।
👉
मेवाती बोली अलवर और भरतपुर के कुछ भागों में प्रचलित है।

✍️ सही उत्तर है – केवल (a), (b) और (d)

राजस्थानी भाषा की पुस्तक 'गिर ऊंचा ऊंचा गढ़ां' के लेखक कौन हैं?

[VDO (ग्राम विकास अधिकारी) 02.11.2025]

  • नथमल जोशी

  • रानी लक्ष्मी कुमारी चूंडावत

  • शिव चंद्र भारतीय

  • यद्वेंद्र शर्मा

🔹 व्याख्या

👉 “गिर ऊंचा ऊंचा गढ़ां” राजस्थानी भाषा की एक प्रसिद्ध साहित्यिक कृति है।
👉 इसकी लेखिका रानी लक्ष्मी कुमारी चूंडावत हैं, जो राजस्थानी भाषा और लोकसंस्कृति की प्रतिष्ठित साहित्यकार थीं।
👉 इस कृति में राजस्थान के लोकजीवन, इतिहास और सांस्कृतिक परंपराओं का सजीव चित्रण किया गया है।
👉 यह रचना आधुनिक राजस्थानी साहित्य में एक महत्वपूर्ण स्थान रखती है।

✍️ सही उत्तर है – रानी लक्ष्मी कुमारी चूंडावत 

पूर्वी राजस्थानी बोलियां हैं : 

a. हाड़ौती 

b. मारवाड़ी 

c. वागड़ी 

d. ढूँढ़ाड़ी 

e. मेवाती 

नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर चुनें: 

[REET Mains (L-1) 20.01.2026]

  • b, c, d 

  • a, b, c 

  • c, d, e 

  • a, d, e 

🔹 व्याख्या

👉 हाड़ौती बोली पूर्वी राजस्थान के कोटा-बूंदी क्षेत्र में बोली जाती है।
👉
ढूँढ़ाड़ी बोली जयपुर क्षेत्र की प्रमुख बोली है।
👉
मेवाती बोली अलवर-भरतपुर के मेवात क्षेत्र में प्रचलित है।
👉
जबकि मारवाड़ी और वागड़ी पश्चिमी/दक्षिणी राजस्थान की बोलियाँ हैं।

✍️ सही उत्तर है – a, d, e

'शृंगी ऋषि शिलालेख' किस भाषा में लिखा गया है ?  

[कनिष्ठ अनुदेशक (STE) 05.01.2025]

  • प्राकृत

  • संस्कृत 

  • पाली 

  • उर्दू 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान के प्राचीन अभिलेख ऐतिहासिक दृष्टि से बहुत महत्वपूर्ण हैं।
👉 इनमें एक है 'शृंगी ऋषि शिलालेख'।
👉 यह शिलालेख संस्कृत भाषा में लिखा गया है।
👉 इससे तत्कालीन संस्कृति और धार्मिक परंपराओं की जानकारी मिलती है।

✍️ सही उत्तर है – संस्कृत 

कौन सी बोली, चुरू, झुंझुनू, हनुमानगढ़, सूरतगढ़ और गंगानगर क्षेत्र में बोली जाती है ? (निम्न में से सबसे उपयुक्त विकल्प चुनेंः) 

[CET (10+2) 23.10.2024 चतुर्थ चरण]

  • मेवाड़ी 

  • मालवी 

  • मारवाड़ी 

  • शेखावाटी 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान में क्षेत्रवार अलग-अलग बोलियाँ प्रचलित हैं।
👉 चुरू, झुंझुनू, हनुमानगढ़, सूरतगढ़ और गंगानगर क्षेत्र में एक ही बोली प्रमुख है।
👉 इस अंचल में बोली जाने वाली बोली को शेखावाटी कहा जाता है।
👉 यह बोली स्थानीय जनजीवन और संस्कृति से जुड़ी है।

✍️ सही उत्तर है – शेखावाटी 

राजस्थानी भाषा का विकास किस “अपभ्रंश" भाषा से नहीं हुआ है ? 

निम्नलिखित विकल्पों में से सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर चुनें: 

[पशु परिचर (6th Phase) 03.12.2024]

  • मारू गुर्जर अपभ्रंश

  • मागधी अपभ्रंश

  • शौरसेनी अपभ्रंश

  • नागर अपभ्रंश 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थानी भाषा का विकास मुख्यतः शौरसेनी अपभ्रंश और गुर्जरी अपभ्रंश से हुआ।
👉 इसके अतिरिक्त कुछ अन्य अपभ्रंशों का भी प्रभाव देखा जाता है।
👉 लेकिन राजस्थानी का विकास मागधी अपभ्रंश से नहीं हुआ है।
👉 मागधी अपभ्रंश से मुख्यतः पूर्वी भाषाओं का विकास माना जाता है।

✍️ सही उत्तर है – मागधी अपभ्रंश 

'गोड़वाडी' राजस्थानी की किस बोली की उपबोली है ?  

[कनिष्ठ अनुदेशक (ड्राइंग) 20.11.2024]

  • मेवाड़ी 

  • वागड़ी 

  • मालवी 

  • मारवाड़ी 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान की प्रमुख बोली मारवाड़ी है।
👉 इसकी कई उपबोलियाँ विभिन्न क्षेत्रों में बोली जाती हैं।
👉 इन्हीं में से एक उपबोली है गोड़वाड़ी।
👉 यह उपबोली विशेषकर जालौर क्षेत्र में प्रचलित है।

✍️ सही उत्तर है – मारवाड़ी 

तोरावाटी राजस्थान की किस बोली की उपबोली है ?  

[कनिष्ठ अनुदेशक (वेल्डर) 07.01.2025]

  • वागड़ी 

  • मालवी 

  • मेवाती 

  • ढूंढाड़ी 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान की प्रमुख बोलियों में से एक है ढूंढाड़ी।
👉 इसकी कई उपबोलियाँ विभिन्न क्षेत्रों में बोली जाती हैं।
👉 तोरावाटी इन्हीं उपबोलियों में से एक है।
👉 यह बोली ढूंढाड़ अंचल में प्रचलित है।

✍️ सही उत्तर है – ढूंढाड़ी 

राजस्थान की सबसे अधिक प्रयुक्त की जाने वाली बोली कौनसी है ?

[REET Mains ( L-1) 17.01.2026]

  • बागड़ी

  • मारवाड़ी

  • ढूंढ़ाड़ी

  • मेवाती

🔹 व्याख्या

👉 मारवाड़ी बोली राजस्थान में सबसे अधिक प्रचलित बोली मानी जाती है।
👉
यह मुख्यतः मारवाड़ क्षेत्र में व्यापक रूप से बोली जाती है।
👉
इसी कारण यह राजस्थान की सबसे अधिक प्रयुक्त बोली मानी जाती है।

✍️ सही उत्तर है – मारवाड़ी

ढटकी बोली किस भाषा से संबंधित है ?

[REET Mains L-2 Sci Math 18.01.26]

  • ढूंढाड़ी

  • मारवाड़ी

  • हाड़ौती

  • मेवाड़ी

🔹 व्याख्या

👉 ढटकी बोली राजस्थान की मारवाड़ी भाषा से संबंधित मानी जाती है।
👉
यह मुख्यतः पश्चिमी राजस्थान क्षेत्र में प्रचलित है।
👉
भाषावैज्ञानिक दृष्टि से यह मारवाड़ी की उपबोली मानी जाती है।
👉
इसलिए इसका संबंध मारवाड़ी भाषा से है।

✍️ सही उत्तर है – मारवाड़ी

राजस्थान के कोटा, बूंदी, झालावाड़ और बाराँ क्षेत्र में कौन-सी बोली बोली जाती है ? 

निम्नलिखित विकल्पों में से सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर चुनें:  

[पशु परिचर (5th Phase) 03.12.2024]

  • मलावी 

  • ढूंढाड़ी 

  • मेवाती 

  • हाड़ौती 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान के हर क्षेत्र की अपनी विशिष्ट बोली है।
👉 कोटा, बूंदी, झालावाड़ और बाराँ क्षेत्र एक ही अंचल से संबंधित हैं।
👉 इस अंचल की प्रमुख बोली हाड़ौती है।
👉 यह बोली स्थानीय जनजीवन और संस्कृति की पहचान है।

✍️ सही उत्तर है – हाड़ौती 

साहित्यिक कृति “अमोलक वातां” के लेखक का नाम बताइए। 

[Patwar Exam (Shift II) 17.08.2025]

  • शिव चंद्र भारतीय 

  • लक्ष्मी कुमारी चूण्डावत 

  • विजयदान देथा 

  • यादवेंद्र शर्मा 

🔹 व्याख्या

👉 “अमोलक वातां” राजस्थानी भाषा की एक प्रसिद्ध लोककथा-संग्रह कृति है।
👉 इसकी लेखिका रानी लक्ष्मी कुमारी चूंडावत हैं, जो राजस्थानी साहित्य और लोकसंस्कृति की प्रतिष्ठित लेखिका थीं।
👉 इस कृति में राजस्थान की लोकप्रिय लोककथाएँ और कहानियाँ संकलित हैं।
👉 इसमें राजस्थान की लोकजीवन, परंपरा और संस्कृति का सुंदर चित्रण मिलता है।

✍️ सही उत्तर है – रानी लक्ष्मी कुमारी चूंडावत 

अमर राजस्थानी लोकप्रिय गीत 'धरती धोरां री ' के लेखक कौन हैं? 

[Patwar Exam (Shift II) 17.08.2025]

  • विजयदान देथा 

  • कविराज श्यामल दास 

  • बीरबल सिंह 

  • कन्हैया लाल सेठिया 

🔹 व्याख्या

👉 ‘धरती धोरां री’ राजस्थान की प्रसिद्ध राजस्थानी कविता है, जिसे राजस्थान का राष्ट्रगान भी कहा जाता है।
👉 इसके लेखक कन्हैयालाल सेठिया हैं, जो राजस्थानी और हिंदी दोनों भाषाओं के सुप्रसिद्ध कवि थे।
👉 उनका जन्म सुजानगढ़ (जिला चूरू, राजस्थान) में हुआ था।
👉 इस कविता में राजस्थान की मरुभूमि, संस्कृति और वीरता का अद्भुत चित्रण मिलता है।

✍️ सही उत्तर है – कन्हैयालाल सेठिया 

'रांगड़ी' और 'नीमाड़ी' किस राजस्थानी बोली की उपबोलियाँ हैं ? 

[JEN विद्युत डिप्लोमा 08.02.2025]

  • नागदी 

  • मालवी 

  • शेखावाटी 

  • मारवाड़ी 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान की प्रमुख बोली मालवी है।
👉 इसकी कई क्षेत्रीय उपबोलियाँ प्रचलित हैं।
👉 इनमें से प्रमुख रांगड़ी और नीमाड़ी हैं।
👉 इनका प्रयोग मालवा अंचल और उसके आसपास के क्षेत्रों में होता है।

✍️ सही उत्तर है – मालवी 

राजस्थान के चूरू क्षेत्र में कौन-सी बोली बोली जाती है ? 

निम्नलिखित विकल्पों में से सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर चुनें:  

[पशु परिचर (5th Phase) 03.12.2024]

  • हाड़ौती 

  • वागड़ी 

  • मलावी 

  • शेखावाटी 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान के विभिन्न जिलों में अलग-अलग बोलियाँ प्रचलित हैं।
👉 चूरू क्षेत्र में प्रमुख रूप से शेखावाटी बोली बोली जाती है।
👉 यह बोली चूरू के साथ-साथ सीकर और झुंझुनू में भी प्रचलित है।
👉 शेखावाटी बोली स्थानीय संस्कृति और जनजीवन से जुड़ी है।

✍️ सही उत्तर है – शेखावाटी 

बांसवाड़ा, डूंगरपुर और आसपास के पहाड़ी क्षेत्रों में बोली जाने वाली बोली को क्या कहा जाता है?

[4th Grade (1st Phase) 19.09.2025]

  • मेवाती

  • ढूंढाड़ी

  • वागड़ी

  • हाड़ौती

🔹 व्याख्या

👉 बांसवाड़ा, डूंगरपुर और आसपास के पहाड़ी क्षेत्रों में बोली जाने वाली भाषा को वागड़ी बोली कहा जाता है।
👉 यह बोली भील जनजाति के लोगों द्वारा प्रचलित है और दक्षिण राजस्थान की प्रमुख लोकबोली मानी जाती है।
👉 वागड़ी बोली में गुजराती और भीली भाषाओं का प्रभाव स्पष्ट रूप से दिखाई देता है।

✍️ सही उत्तर है – वागड़ी 

शब्द 'छे' कौन-सी बोली पर गुजराती प्रभाव दर्शाता है ? 

निम्नलिखित विकल्पों में से सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर चुनें:   

[पशु परिचर (1st Phase) 01.12.2024]

  • वागडी 

  • मेवाती 

  • ढुंढाड़ी 

  • भीली 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान की बोलियों पर पड़ोसी भाषाओं का प्रभाव दिखाई देता है।
👉 शब्द ‘छे’ गुजराती भाषा की विशेषता है।
👉 यह प्रभाव विशेष रूप से ढूंढाड़ी बोली में देखा जाता है।
👉 इससे पता चलता है कि गुजराती का असर ढूंढाड़ी बोली पर पड़ा है।

✍️ सही उत्तर है – ढूंढाड़ी 

राजस्थान के किस क्षेत्र में "मालवी” बोली प्रचलित है ? 

[Platoon Commander 22.11.2025]

  • प्रतापगढ़ 

  • बारां 

  • झालावाड़ 

  • चुरू 

🔹 व्याख्या

👉 मालवी बोली राजस्थान के दक्षिण-पूर्वी क्षेत्र में प्रचलित है।
👉
इसका प्रमुख क्षेत्र प्रतापगढ़ है, जो मालवा क्षेत्र से सटा हुआ है।

✍️ सही उत्तर है – प्रतापगढ़ 

डॉ. ग्रीयर्सन ने राजस्थानी बोलियों को कितने मुख्य समूहों में विभाजित किया है? 

नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर चुनें।  

[पशु परिचर (6th Phase) 03.12.2024]

  • 2 

  • 4 

  • 5 

  • 3 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थानी भाषा का गहन अध्ययन डॉ. जॉर्ज अब्राहम ग्रीयर्सन ने किया।
👉 उन्होंने राजस्थानी बोलियों को उनके क्षेत्रीय और भाषाई आधार पर वर्गीकृत किया।
👉 ग्रीयर्सन ने इन बोलियों को कुल 5 मुख्य समूहों में विभाजित किया।
👉 यह वर्गीकरण भारतीय भाषा सर्वेक्षण में प्रस्तुत किया गया।

✍️ सही उत्तर है – 5 

निम्नलिखित में से कौन पश्चिमी राजस्थानी बोली नहीं है ? 

[JEN (Diploma) 06.02.2025]

  • मेवाती 

  • बागड़ी 

  • शेखावाटी 

  • मारवाड़ी 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान की प्रमुख बोलियों में पश्चिमी राजस्थानी के अंतर्गत मारवाड़ी, बागड़ी, शेखावाटी, थली, गोड़वाड़ी आदि आती हैं।
👉 इन सभी का प्रयोग पश्चिमी राजस्थान में होता है।
👉 मेवाती बोली का प्रयोग मुख्यतः अलवर और भरतपुर (उत्तर-पूर्वी राजस्थान) में होता है।
👉 इसलिए यह पश्चिमी राजस्थानी बोली में शामिल नहीं है।

✍️ सही उत्तर है – मेवाती 

नीचे दो कथन दिए गए हैं : एक अभिकथन (Assertion) A के रूप में लिखित है तो दूसरा उसके कारण (Reason) R के रूप में।

अभिकथन A : भरतपुर के निकटतम क्षेत्रों में उनकी बोली पर ब्रज भाषा का प्रभाव देखा जा सकता है।

कारण R : अलवर का क्षेत्र और भरतपुर का कुछ भाग मेवात के नाम से जाना जाता है और यहाँ मेवाती बोली जाती है।

उपरोक्त कथनों के आलोक में, नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर का चयन कीजिए :

[REET Mains L-2 Hindi 19.01.2026]

  • A सही है लेकिन R सही नहीं है।

  • A और R दोनों सही हैं और R, A की सही व्याख्या है।

  • A और R दोनों सही हैं लेकिन R, A की सही व्याख्या नहीं है।

  • A सही नहीं है लेकिन R सही है।

🔹 व्याख्या

👉 भरतपुर उत्तर प्रदेश की सीमा के अत्यंत निकट स्थित है।

👉 ब्रज क्षेत्र से जुड़ाव होने के कारण यहाँ ब्रज भाषा का प्रभाव है।

👉 अलवर और भरतपुर का क्षेत्र मेवात कहलाता है जहाँ मेवाती बोली जाती है।

👉 मेवाती और ब्रज दोनों अलग प्रभाव रखती हैं, इसलिए R, A की सही व्याख्या नहीं है।

✍️ सही उत्तर है – A और R दोनों सही हैं लेकिन R, A की सही व्याख्या नहीं है।

नीचे दो कथन दिए गए हैं : एक अभिकथन A (Assertion A) के रूप में लिखित है तो दूसरा उसके कारण R (Reason R) के रूप में।
अभिकथन A : गुर्जरी से राजस्थान और गुजरात की सर्वसामान्य भाषा मारू गुर्जर विकसित हुई थी।
कारण R : बाद में राजस्थानी और गुजराती विभेदित होना शुरू हो गई तथा पश्चात्वर्ती शताब्दियों में विशिष्ट राजस्थानी भाषा (मारू-भाषा) (डिंगल) विकसित हुई।
उपरोक्त कथनों के आलोक में, नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर का चयन कीजिए :

[REET Mains ( L-1) 17.01.2026]

  • A सही है लेकिन R सही नहीं है।

  • A और R दोनों सही हैं लेकिन R, A की सही व्याख्या नहीं है।

  • A सही नहीं है लेकिन R सही है।

  • A और R दोनों सही हैं और R, A की सही व्याख्या है।

🔹 व्याख्या

👉 गुर्जरी भाषा से मारू गुर्जर नामक सर्वसामान्य भाषा विकसित हुई।
👉
यह भाषा आगे चलकर राजस्थान और गुजरात क्षेत्र में प्रचलित रही।
👉
बाद में राजस्थानी और गुजराती भाषाएँ अलग-अलग विकसित होने लगीं।
👉
इसी प्रक्रिया से मारू-भाषा (डिंगल) का विकास हुआ।

✍️ सही उत्तर है – A और R दोनों सही हैं और R, A की सही व्याख्या है।

उदयपुर क्षेत्र में कौनसी बोली प्रचलित है?

[REET Mains (L-2) SST 18.01.2026]

  • मेवाड़ी

  • ढूंढ़ाड़ी

  • शेखावाटी

  • हाड़ौती

🔹 व्याख्या

👉 उदयपुर क्षेत्र मेवाड़ अंचल का प्रमुख भाग माना जाता है।
👉
इस क्षेत्र में मुख्यतः मेवाड़ी बोली का प्रचलन है।
👉
यह बोली राजस्थानी भाषा की प्रमुख उपबोली है।
👉
मेवाड़ क्षेत्र में दैनिक संवाद और संस्कृति में इसका उपयोग होता है।

✍️ सही उत्तर है – मेवाड़ी

"बातां री फुलवारी" किसके द्वारा लिखी गई है ?

[Patwar Exam (Shift I) 17.08.2025]

  • श्रीलाल 

  • मालचंद तिवारी 

  • लक्ष्मी कुमारी 

  • विजयदान देथा 

🔹 व्याख्या

👉 “बातां री फुलवारी” राजस्थान के सुप्रसिद्ध साहित्यकार विजयदान देथा (बिज्जी) द्वारा लिखित है।
👉 यह कृति राजस्थानी लोककथाओं का संग्रह है, जिसमें कुल 14 खंड सम्मिलित हैं।
👉 इसके लिए उन्हें वर्ष 1974 में साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।
👉 यह रचना राजस्थानी भाषा में लिखी गई है और लोकजीवन, परंपरा तथा मानवीय संवेदनाओं को दर्शाती है।
👉 विजयदान देथा को इस कृति के लिए पद्मश्री पुरस्कार भी प्रदान किया गया था।

✍️ सही उत्तर है – विजयदान देथा  

निम्नलिखित में से कौन "एक बीनणी दो बीन" के लेखक हैं ?  

[लाइब्रेरियन परीक्षा 27 जुलाई 2025]

  • श्रीलाल नथमल जोशी 

  • हरीश भुदानी 

  • कवि चंद्र सिंह 

  • शिव चंद्र भारतीय 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थानी साहित्य में कई रचनाएँ सामाजिक और सांस्कृतिक जीवन पर आधारित हैं।
👉 "एक बीनणी दो बीन" ऐसी ही एक उल्लेखनीय कृति है।
👉 इस रचना के लेखक श्रीलाल नथमल जोशी हैं। 

✍️ सही उत्तर है – श्रीलाल नथमल जोशी