'मारवाड़ रा परगना री विगत' के लेखक हैं
[वनरक्षक (चतुर्थ चरण) 13.11.2022]
👉 ‘मारवाड़ रा परगना री विगत’ एक प्रसिद्ध ऐतिहासिक गद्य रचना है।
👉 इसके रचयिता मुहणोत नैणसी थे, जो जोधपुर राज्य के दीवान थे।
👉 इसमें मारवाड़ राज्य के सात परगनों की भौगोलिक, सामाजिक और आर्थिक स्थिति का विस्तृत वर्णन है।
👉 इस ग्रंथ को जोधपुर राज्य का गजेटियर कहा जाता है।
✍️ सही उत्तर है – मुहणोत नैणसी
साहित्यिक रचना और उसके साहित्यकार के गलतयुग्म का चयन कीजिए :
[JEN (सिविल) (डिग्रीधारक) 12.09.2021]
👉 ‘एकलिंग महात्म्य’ एक प्रसिद्ध संस्कृत ग्रंथ है,
👉 जिसकी रचना कान्हा व्यास ने की थी।
👉 इसमें मेवाड़ के शासकों की वंशावली और एकलिंगजी मंदिर की महिमा का वर्णन है।
👉 जबकि चन्द्रप्रकाश देवल आधुनिक काल के राजस्थानी कवि हैं, जिन्होंने ‘पागी’, ‘मारग’, ‘तोपनामा’ जैसी कृतियाँ लिखीं।
👉 अतः युग्म ‘एकलिंग महात्म्य – चन्द्रप्रकाश देवल’ असुमेलित है।
✍️ सही उत्तर है – एकलिंग महात्म्य – चन्द्रप्रकाश देवल
सुमेलित कीजिए :
पुस्तक लेखक
a. हम्मिरायण 1. बादर
b. वीरमायण 2. मंछाराम सेवग
c. रघुनाथ रूपक 3. भांडउ व्यास
[पटवार (तृतीय चरण) 24.10.2021]
कूट :
a b c
👉 ‘हम्मीरायण’ के रचयिता भांडऊ व्यास थे।
👉 ‘वीरमायण’ की रचना बादर ढाढी ने की थी।
👉 ‘रघुनाथ रूपक’ के रचयिता मंछाराम सेवग थे।
👉 ये तीनों कृतियाँ वीर रस और भक्ति भाव से ओतप्रोत हैं।
✍️ सही उत्तर है – a-3, b-1, c-2
निम्नलिखित को सुमेलित कीजिए
लेखक कृति
(a) जयानक (i) हम्मीर महाकाव्य
(b) नयनचन्द्र सूरी (ii) समराइच्चकहा
(c) चन्द्रशेखर (iii) पृथ्वीराज विजय
(d) हरिभद्र सूरी (iv) सुर्जन चरित्र
[VDO मुख्य परीक्षा 09.07.2022]
कूट -
👉 जयानक ने ‘पृथ्वीराज विजय’ नामक संस्कृत ग्रंथ की रचना की।
👉 नयनचन्द्र सूरी की प्रसिद्ध रचना ‘हम्मीर महाकाव्य’ है।
👉 चन्द्रशेखर ने ‘सुर्जन चरित्र’ की रचना की।
👉 हरिभद्र सूरी की प्रसिद्ध रचना ‘समराइच्चकहा’ है।
✍️ सही उत्तर है – a-(iii), b-(i), c-(iv), d-(ii)
फतुहात-ए-आलमगीरी के लेखक कौन हैं?
[CET (स्नातक) (चरण -II) 07.01.2023]
👉 ‘फतुहात-ए-आलमगीरी’ एक प्रसिद्ध फारसी ग्रंथ है।
👉 इसके रचयिता ईश्वरदास नागर थे।
👉 इस ग्रंथ में मुगल बादशाह औरंगज़ेब के शासनकाल की घटनाओं का विस्तृत वर्णन है।
👉 इसमें राजस्थान सहित कई राजपूत रियासतों के संबंधों की भी जानकारी मिलती है।
✍️ सही उत्तर है – ईश्वरदास नागर
बीसलदेव रासो की मुख्य महिला पात्र निम्न में से कौन सी हैं
[JEN (कृषि) 10.09.2022]
👉 ‘बीसलदेव रासो’ आरम्भकाल की प्रसिद्ध लौकिक रचना है।
👉 इसके रचयिता नरपति नाल्ह थे।
👉 इस काव्य के नायक हैं — अजमेर के चौहान शासक राजा बीसलदेव।
👉 इसकी मुख्य महिला पात्र (नायिका) हैं — राजा भोज परमार की पुत्री रानी राजमती।
👉 यह रचना प्रेम और वियोग शृंगार पर आधारित है।
✍️ सही उत्तर है – राजमती
राजस्थान री भक्त कवयित्री गवरीबाई रो जलम कठै व्हीयौ ?
[REET मुख्य परीक्षा (L -2) 26.02.2023]
👉 गवरीबाई राजस्थान की प्रसिद्ध भक्त कवयित्री थीं।
👉 इनका जन्म डूंगरपुर जिले में हुआ था।
👉 इन्होंने अपनी रचनाओं में भक्ति और अध्यात्म का सुंदर समन्वय किया।
👉 इनके पदों में श्रद्धा, प्रेम और समर्पण की गहराई दिखाई देती है।
✍️ सही उत्तर है – डूंगरपुर
'कान्हड़दे प्रबन्ध' किसके द्वारा रचित है ?
[स्टेनोग्राफर परीक्षा 21.03.2021]
👉 ‘कान्हड़दे प्रबन्ध’ राजस्थान का एक प्रसिद्ध ऐतिहासिक आख्यान काव्य है।
👉 इसके रचयिता पद्मनाभ कवि थे।
👉 यह ग्रंथ जालौर के चौहान शासक कान्हड़देव और अलाउद्दीन खिलजी के युद्ध पर आधारित है।
👉 इस काव्य में वीरता, देशभक्ति और स्वाभिमान का अद्भुत चित्रण मिलता है।
✍️ सही उत्तर है – पद्मनाभ
राजस्थान की भाषा के लिए पहली बार “राजस्थानी" शब्द का प्रयोग किसने किया ?
पशुधन सहायक (LSA) 04.06.2022
👉 राजस्थान की भाषा के लिए सर्वप्रथम “राजस्थानी” शब्द का प्रयोग जॉर्ज अब्राहम ग्रियर्सन (George Abraham Grierson) ने किया।
👉 उन्होंने अपने प्रसिद्ध ग्रंथ ‘लिंग्विस्टिक सर्वे ऑफ इंडिया’ में इस शब्द का उपयोग किया।
✍️ सही उत्तर है – जॉर्ज अब्राहम ग्रियर्सन
'रागमाला' किसके द्वारा रची गई है?
[JEN (कृषि) 10.09.2022]
👉 ‘रागमाला’ भारतीय संगीत पर आधारित एक प्रसिद्ध संगीत ग्रंथ है।
👉 इसकी रचना पुंडरीक विठ्ठल ने की थी।
👉 इस ग्रंथ में विभिन्न रागों, रागिनियों और उनके स्वरूपों का विस्तृत वर्णन है।
✍️ सही उत्तर है – पुंडरीक विठ्ठल
'राव जैतसी रो छंद' के लेखक कौन थे ?
[JEN (विद्युत/यांत्रिक) (डिप्लोमा) 26.12.2020]
👉 ‘राव जैतसी रो छन्द’ या ‘राव जैतसी रो पाघड़ी छन्द’ एक प्रसिद्ध डिंगल काव्य रचना है।
👉 इसके रचयिता बीठू सूजा थे।
👉 इसमें राव जैतसी और बाबर के पुत्र कामरान के मध्य हुए युद्ध का वर्णन है।
👉 इस कृति में राठौड़ वीरों की वीरता और शौर्य गाथा का प्रभावी चित्रण किया गया है।
✍️ सही उत्तर है – बीठू सूजा
निम्नलिखित में से कौन सी कृति / रचना मणि मधुकर की नहीं है ?
JEN (विद्युत/यांत्रिक, डिग्री) 20.05.2022
👉 मणि मधुकर आधुनिक काल के प्रसिद्ध राजस्थानी उपन्यासकार और कवि हैं।
👉 उनकी प्रमुख रचनाएँ हैं – ‘सफेद मेमने’, ‘पत्तों की बिरादरी’, ‘पगफेरो’, ‘रस गंधर्व’ आदि।
👉 जबकि ‘जमारो’ कृति यादवेन्द्र शर्मा ‘चन्द्र’ द्वारा लिखी गई है।
👉 अतः यह रचना मणि मधुकर की नहीं है।
✍️ सही उत्तर है – जमारो
'अचलदास खींची री वचनिका' में किणां रै जुद्ध रो बरणाव हुयो है
[REET मुख्य परीक्षा (L -2) 27.02.2023]
👉 ‘अचलदास खींची री वचनिका’ के रचयिता शिवदास गाडण थे।
👉 यह एक गद्य-पद्य मिश्रित (चम्पू) काव्य है जिसमें 120 छन्द हैं।
👉 इसमें गागरोन के शासक अचलदास खींची और माण्डू के सुल्तान होसंगशाह गौरी के बीच हुए युद्ध का वर्णन है।
👉 कवि ने इस युद्ध को अपनी आँखों से देखा, इसलिए इसका चित्रण अत्यंत जीवंत और प्रभावशाली है।
✍️ सही उत्तर है – अचलदास खींची और होसंगशाह गौरी
निम्न को सुमेलित कीजिए
| कॉलम - I | कॉलम II |
| (I) होता | (a) यज्ञ सम्पन्न करने वाला प्रमुख पुरोहित |
| (II) उद्गाता | (b) ऋग्वेद की ऋचाओं का पाठ करने वाला |
| (III) अध्वर्यु | (c) सामवेद के छंदों का गायन करने वाला |
| (IV) पुरोहित | (d) यजुर्वेद के मंत्रों का पठन करने वाला |
[VDO मुख्य परीक्षा 09.07.2022]
👉 होता वह होता था जो ऋग्वेद की ऋचाओं का पाठ करता था।
👉 उद्गाता सामवेद के छंदों का गायन करता था।
👉 अध्वर्यु यजुर्वेद के मंत्रों का पठन करने वाला पुरोहित था।
👉 पुरोहित वह होता था जो यज्ञ सम्पन्न करवाने वाला प्रमुख पुरोहित माना जाता था।
✍️ सही उत्तर है – I-(b), II-(c), III-(d), IV-(a)
"राव जैतसी रो छन्द" के रचयिता हैं
VDO Pre. (द्वितीय चरण) 27.12.2021
👉 ‘राव जैतसी रो छन्द’ जिसे ‘राव जैतसी रो पाघड़ी छन्द’ भी कहा जाता है,
👉 इसके रचयिता बीठू सूजा थे।
👉 यह रचना डिंगल भाषा में रचित एक वीर रसप्रधान काव्य है।
👉 इसमें राव जैतसी और बाबर के पुत्र कामरान के बीच हुए युद्ध का वर्णन है।
👉 इसमें राठौड़ वीरों की वीरता और पराक्रम का भावपूर्ण चित्रण किया गया है।
✍️ सही उत्तर है – बीठू सूजा
असाइत कवि री रचना कुणसी है ?
[REET मुख्य परीक्षा (L -2) 28.02.2023]
👉 असाइत कवि राजस्थान के प्रसिद्ध लौकिक काव्यकार थे।
👉 उनकी प्रमुख कृति ‘हंसावली’ चार खण्डों में रचित एक प्रेम काव्य है।
👉 इसकी रचना 1427 विक्रम संवत् में की गई थी।
👉 इसे हिन्दी का प्रथम प्रेमाख्यान काव्य माना जाता है।
👉 इस काव्य में प्रेम, विरह और भावनात्मक सौन्दर्य का सुंदर चित्रण है।
✍️ सही उत्तर है – हंसावली
निम्न में से कौन-सा युग्म सुमेलित नहीं है ?
[CET (स्नातक) (चरण -I) 07.01.2023]
👉 ‘पृथ्वीराज विजय’ एक प्रसिद्ध संस्कृत ग्रंथ है।
👉 इसके रचयिता जयानक हैं, जिन्होंने पृथ्वीराज तृतीय की वीरता का वर्णन किया।
👉 जबकि चन्दबरदाई ने ‘पृथ्वीराज रासो’ की रचना की थी।
👉 अतः ‘पृथ्वीराज विजय – चन्दबरदाई’ का युग्म असुमेलित है।
✍️ सही उत्तर है – पृथ्वीराज विजय – चन्दबरदाई
'सगत रासो' के लेखक हैं
VDO Pre. (तृतीय चरण) 28.12.2021
👉 ‘सगत रासो’ एक प्रसिद्ध डिंगल भाषा का वीर रसात्मक प्रबंध काव्य है।
👉 इसके रचयिता गिरधर आसिया थे।
👉 इस रचना में महाराणा प्रताप के छोटे भाई शक्तिसिंह के वीरतापूर्ण कार्यों का वर्णन है।
👉 काव्य में राजपूती शौर्य, पराक्रम और त्याग भावना का प्रभावी चित्रण मिलता है।
✍️ सही उत्तर है – गिरधर आसिया
'चंदनबाला रास' काव्यरूप री दीठ सूं किण भांत रो काव्य है ?
[REET मुख्य परीक्षा (L -2) 26.02.2023]
👉 ‘चन्दनबाला रास’ आरम्भकाल की प्रसिद्ध जैन रचना है।
👉 इसके रचयिता कवि आसगु हैं।
👉 इस काव्य में चम्पानगरी की सती चन्दनबाला की कथा वर्णित है।
👉 इसमें कुल 35 छन्द हैं और यह रचना खंडकाव्य रूप में लिखी गई है।
👉 इसमें श्रद्धा, त्याग और आदर्श नारीत्व का सुंदर चित्रण है।
✍️ सही उत्तर है – खंडकाव्य
महान कवि सूर्यमल के बारे में निम्न में से कौन सा कथन गलत है ?
[पटवार (प्रथम चरण) 23.10.2021]
👉 सूर्यमल्ल मिश्रण (मीसण) आधुनिक काल के प्रसिद्ध राजस्थानी कवि थे।
👉 उनका जन्म बूँदी राज्य के हरणा गाँव में हुआ था, न कि मेवाड़ में।
👉 वे महाराव रामसिंह के दरबारी कवि थे।
👉 उनकी प्रमुख रचनाएँ हैं – वंश भास्कर, वीर सतसई, और बलवद् विलास।
👉 अतः यह कथन कि “वे मेवाड़ के निवासी थे” गलत है।
✍️ सही उत्तर है – वे मेवाड़ के निवासी थे।
'विरुद छिहत्तरी' रा रचनाकार से नांव है
[REET मुख्य परीक्षा (L -2) 26.02.2023]
👉 ‘विरुद छिहत्तरी’ प्रसिद्ध कवि दूरसा आढ़ा की श्रेष्ठ रचना है।
👉 इसमें महाराणा प्रताप की शौर्य गाथा और वीरता का प्रभावी वर्णन है।
👉 दूरसा आढ़ा जोधपुर के राव चन्द्रसेन व महाराणा प्रताप के समकालीन थे।
👉 अकबर ने उनकी प्रतिभा से प्रसन्न होकर उन्हें एक करोड़ का पसाव प्रदान किया था।
👉 वे राजस्थानी साहित्य के प्रख्यात चारण कवि माने जाते हैं।
✍️ सही उत्तर है – दूरसा आढ़ा
'सोशल लाइफ इन मेडिवल राजस्थान' किसने लिखी?
[JEN (कृषि) 10.09.2022]
👉 ‘सोशल लाइफ इन मेडिवल राजस्थान’ एक प्रसिद्ध ऐतिहासिक शोध ग्रंथ है।
👉 इसके लेखक डॉ. जी. एन. शर्मा (गोपीनाथ शर्मा) हैं।
👉 इस कृति में मध्यकालीन राजस्थान के सामाजिक जीवन, परम्पराओं और रीति-रिवाजों का विस्तृत अध्ययन किया गया है।
👉 यह ग्रंथ राजस्थान के इतिहास और संस्कृति के अध्ययन का एक विश्वसनीय स्रोत माना जाता है।
✍️ सही उत्तर है – जी. एन. शर्मा
'मारवाड़ रा परगना री विगत' किसकी रचना है ?
[CET (10+2 पंचम चरण) 11.02.2023]
👉 ‘मारवाड़ रा परगना री विगत’ राजस्थान की एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक गद्य रचना है।
👉 इसके रचयिता मुहणोत नैणसी थे, जो जोधपुर राज्य के दीवान रहे।
👉 इस ग्रंथ में मारवाड़ राज्य के सात परगनों, उनकी जनसंख्या, फसलों, भूमि और राजस्व व्यवस्था का विस्तृत वर्णन है।
👉 इसे जोधपुर राज्य का गजेटियर कहा जाता है।
✍️ सही उत्तर है – मुहणोत नैणसी
सूची I के साथ सूची II का मिलान कीजिए :
सूची I (पुस्तकें) सूची II (लेखक)
a. जख्म के चारों ओर I. वीर भान
b. गुणभाषा II. शिवचन्द्र भारतीय
c. राज रूपक III. हेम कवि
d. कनक सुन्दर, केसर विलाल IV. मणि मधुकर
[Junior Accountant 11.02.2024]
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:
👉 जख्म के चारों ओर प्रसिद्ध आधुनिक कवि मणि मधुकर की कृति है।
👉 गुणभाषा नामक ग्रन्थ के रचयिता हेम कवि थे।
👉 राज रूपक की रचना वीर भाण रतनू ने की थी।
👉 कनक सुन्दर और केसर विलास दोनों ग्रन्थ शिवचन्द्र भारतीय द्वारा लिखे गए।
✍️ सही उत्तर है – a-IV, b-III, c-I, d-II
'रूख सतसई' रा रचनाकार है ?
[REET मुख्य परीक्षा (L -2) 25.02.2023]
👉 ‘रूख सतसई’ आधुनिक काल की एक प्रकृति प्रधान काव्य कृति है।
👉 इसके रचयिता लक्ष्मणदान कविया हैं।
👉 इस कृति में प्रकृति, पर्यावरण और जीवन दर्शन का सुंदर चित्रण है।
👉 कवि ने वृक्षों के माध्यम से मानवता और संवेदना का संदेश दिया है।
✍️ सही उत्तर है – लक्ष्मणदान कविया
लोक साहित्य में किणरी गिणती नीं हुवै ?
[REET मुख्य परीक्षा (L -2) 28.02.2023]
👉 लोक साहित्य में लोक जीवन की भावनाएँ और परम्पराएँ झलकती हैं।
👉 इसके प्रमुख अंग हैं – लोकगीत, पवाड़ा, लोककथा, ख्याल, लोकोक्ति और पहेलियाँ।
👉 इन विधाओं में गान, कथा और अभिनय का समन्वय पाया जाता है।
👉 एकांकी साहित्यिक रूप होते हुए भी लोक साहित्य की श्रेणी में नहीं आता।
✍️ सही उत्तर है – एकांकी
लोक कथाएं (1960-1975) के संग्रह से उद्धृत 'बातां री से फुलवारी ' के लेखक कौन थे ?
[लिपिक ग्रेड -II (LDC) 11.08.2024]
👉 आधुनिक काल में राजस्थानी लोक साहित्य के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान विजयदान देथा ने दिया।
👉 इन्होंने लोककथाओं का प्रसिद्ध संग्रह ‘बातां री फूलवारी’ 14 खण्डों में प्रकाशित किया।
👉 इस ग्रन्थ के 10वें खण्ड के लिए इन्हें केन्द्रीय साहित्य अकादमी पुरस्कार (1974) प्राप्त हुआ।
👉 देथा को उनकी रचनात्मकता के कारण ‘राजस्थान का शेक्सपीयर’ भी कहा गया।
👉 यह संग्रह 1960 से 1975 ई. के बीच लिखा गया था।
✍️ सही उत्तर है – विजयदान देथा
'बृहत कथा कोष' का लेखक कौन था ?
[वनरक्षक (द्वितीय चरण -A) 11.12.2022]
👉 ‘बृहत कथा कोष’ एक महत्वपूर्ण संस्कृत ग्रंथ है।
👉 इसके रचयिता आचार्य हरिसेन थे।
👉 इस ग्रंथ में कथाओं, आख्यानों और उपदेशों का सुंदर संग्रह मिलता है।
👉 यह रचना राजस्थान की प्राचीन साहित्यिक परंपरा का प्रमुख उदाहरण है।
✍️ सही उत्तर है – हरिसेन
राजस्थानी साहित्य में 'पवरा' क्या है ?
[SI मोटर वाहन 12.02.2022]
👉 ‘पवाड़ा’ राजस्थानी साहित्य की एक लोककाव्य विधा है।
👉 इसमें वीरों के पराक्रम और साहसिक कार्यों का वर्णन किया जाता है।
👉 इन रचनाओं में युद्ध, त्याग और बलिदान की घटनाएँ प्रमुख होती हैं।
👉 पवाड़ों को कई बार लोकगाथा या झीड़ा भी कहा जाता है।
✍️ सही उत्तर है – बहादुरों के विशेष कार्य का वर्णन करने वाली रचना
'राव जैतसी रो छन्द' ग्रन्थ की रचना किसने की ?
[फायरमैन परीक्षा 29.01.2022]
👉 ‘राव जैतसी रो छन्द’ जिसे ‘राव जैतसी रो पाघड़ी छन्द’ भी कहा जाता है,
👉 इसके रचयिता बीठू सूजा थे।
👉 यह कृति डिंगल भाषा में रचित एक वीर रसात्मक काव्य है।
👉 इसमें राव जैतसी और बाबर के पुत्र कामरान के मध्य हुए युद्ध का वर्णन है।
👉 इस रचना में राठौड़ वीरों की शौर्य गाथा का प्रभावी चित्रण है।
✍️ सही उत्तर है – बीठू सूजा
'राजपूत पेंटिंग' शीर्षक से 1916 ई. में किसने पुस्तक लिखी ?
JEN (विद्युत/यांत्रिक, डिप्लोमा) 20.05.2022
👉 ‘Rajput Painting’ शीर्षक से पुस्तक का प्रकाशन 1916 ई. में हुआ था।
👉 इस ग्रंथ के लेखक प्रसिद्ध कला इतिहासकार आनंद कुमारस्वामी थे।
✍️ सही उत्तर है – आनंद कुमारस्वामी
पाल्हण कवि री ख्याति किण रचना रै पांण है ?
[REET मुख्य परीक्षा (L -2) 27.02.2023]
👉 पाल्हण कवि आरम्भकाल के प्रसिद्ध जैन कवि थे।
👉 इनकी प्रमुख कृति ‘नेमिनाथ बारहमासा’ है।
👉 इसमें नेमिनाथ और राजमति की प्रेम कथा का भावपूर्ण वर्णन है।
👉 यह रचना मारू-गुर्जर भाषा का प्रथम बारहमासा काव्य मानी जाती है।
👉 इसमें श्रृंगार और करुण रस का सुंदर समन्वय है।
✍️ सही उत्तर है – नेमिनाथ बारहमासा
जैन कवि समयसुन्दर री रचना नीं है
[REET मुख्य परीक्षा (L -2) 01.03.2023]
👉 जैन कवि समयसुन्दर 17वीं शताब्दी के प्रसिद्ध गीतकार और संत कवि थे।
👉 उनकी प्रमुख रचनाएँ हैं – मृगावती रास, नलदमयंती चौपाई, और सीताराम चौपाई।
👉 जबकि ‘पद्मिनी चरित चौपाई’ रचना लब्धोदय की है, न कि समयसुन्दर की।
👉 अतः यह युग्म असुमेलित है।
✍️ सही उत्तर है – पद्मिनी चरित चौपाई
"बिज्जी किस साहित्यकार का उपनाम है ?
[REET मुख्य परीक्षा (L -2) 26.02.2023]
👉 ‘बिज्जी’ नाम से प्रसिद्ध साहित्यकार विजयदान देथा थे।
👉 इनका जन्म 1 सितम्बर 1926 ई. को बोरून्दा (जोधपुर) में हुआ था।
👉 इन्होंने लोककथाओं का अमर संग्रह ‘बातां री फूलवारी’ रचा।
👉 लोककथाओं के पुनर्लेखन में इनका योगदान अद्वितीय और ऐतिहासिक माना गया।
👉 इन्हें राजस्थान का शेक्सपीयर भी कहा जाता है।
✍️ सही उत्तर है – विजयदान देथा
'समराइच्चकहा' का रचयिता कौन था ?
[JEN (विद्युत/यांत्रिक) (डिग्रीधारक) 26.12.2020]
👉 ‘समराइच्चकहा’ जैन साहित्य की एक प्रसिद्ध प्राकृत रचना है।
👉 इसके रचयिता आचार्य हरिभद्र सूरी थे।
👉 यह ग्रंथ धर्म, नीति और जीवन मूल्यों पर आधारित उपदेशात्मक कथा है।
👉 इसमें जैन दर्शन और आचार विचार का सुंदर समन्वय प्रस्तुत किया गया है।
✍️ सही उत्तर है – हरिभद्र सूरी
निम्न में से कौन - सा युग्म सुमेलित नहीं है ?
[सहायक अग्निशमन (AFO) 29.01.2022]
👉 ‘कुवलयमाला’ प्राकृत भाषा में रचित एक प्रसिद्ध ग्रंथ है।
👉 इसके रचयिता उदयन सूरी हैं।
👉 जबकि सोम सूरी ने ‘सौभाग्य महाकाव्य’ की रचना की थी।
👉 अतः युग्म ‘कुवलयमाला – सोम सूरी’ असुमेलित है।
✍️ सही उत्तर है – कुवलयमाला – सोम सूरी
राजस्थानी में रामायण रा रचनाकार है ?
[REET मुख्य परीक्षा (L -2) 26.02.2023]
👉 ‘रामायण’ राजस्थानी भाषा का एक प्रसिद्ध आख्यान काव्य है।
👉 इसके रचयिता मेहोजी गोदारा माने जाते हैं।
👉 यह कृति रामकथा पर आधारित है और मध्ययुग की उत्तम आख्यान रचना है।
👉 इसमें मर्यादा पुरुषोत्तम राम के चरित्र और आदर्श जीवन का सुंदर वर्णन है।
✍️ सही उत्तर है – मेहोजी
निम्न में से कौन कवि नहीं है ? [*]
[वनरक्षक (द्वितीय चरण -B) 11.12.2022]
📌 नोट : यह प्रश्न परीक्षा बोर्ड द्वारा डिलीट माना गया है।
सूची - I का सूची - II से मिलान कीजिए तथा नीचे दिए गए कूट की सहायता से सही विकल्प चुनिए
[CET (स्नातक) (चरण -II) 07.01.2023]
👉 गोविन्द ने ‘द्वार दीपिका’ नामक ग्रंथ की रचना की थी।
👉 नाथा की प्रमुख रचना ‘वास्तुमंजरी’ है।
👉 मण्डन की प्रसिद्ध रचना ‘देवमूर्ति प्रकरण’ रही, जो मूर्तिकला पर आधारित है।
👉 महाराणा कुम्भा ने ‘संगीतराज’ जैसे महान ग्रंथ की रचना की।
✍️ सही उत्तर है – (a)-ii, (b)-iii, (c)-i, (d)-iv
राजरत्नाकर का लेखक कौन था ?
[वनपाल परीक्षा 06.11.2022]
👉 ‘राजरत्नाकर’ एक प्रसिद्ध संस्कृत महाकाव्य है।
👉 इसके रचयिता सदाशिव नागर थे।
👉 यह कृति महाराणा राजसिंह के शासनकाल से संबंधित है।
👉 इसमें उस समय की राजनीतिक, सांस्कृतिक और धार्मिक परिस्थितियों का वर्णन किया गया है।
✍️ सही उत्तर है – सदाशिव नागर
अमरकाव्य वंशावली का लेखक कौन है ?
[CET (10+2 द्वितीय चरण) 04.02.2023]
👉 ‘अमरकाव्य वंशावली’ एक महत्वपूर्ण संस्कृत रचना है।
👉 इसके रचयिता रणछोड़ भट्ट थे।
👉 इस ग्रंथ में मेवाड़ के शासक बाण रावल से राजसिंह तक का ऐतिहासिक वर्णन है।
👉 यह ग्रंथ मेवाड़ राज्य की वंश परंपरा और उनके युद्ध व विजय प्रसंगों पर प्रकाश डालता है।
✍️ सही उत्तर है – रणछोड़ भट्ट
'हालां झालां रा कुंडलिया' काव्य रचना रा सिरजक है
[REET मुख्य परीक्षा (L -2) 28.02.2023]
👉 ईसरदास बारहठ भक्ति और वीर रस दोनों के प्रमुख कवि थे।
👉 इन्होंने कुल 13 रचनाएँ की, जिनमें ‘हालां झालां री कुण्डलियाँ’ प्रसिद्ध है।
👉 यह रचना डिंगल भाषा में रचित वीर रस की श्रेष्ठ कृति मानी जाती है।
👉 इसमें हाला और झाला वीरों के शौर्य का अत्यंत प्रभावी वर्णन है।
👉 ईसरदास को जनमानस में ‘ईसरा सो परमेसरा’ कहा गया है।
✍️ सही उत्तर है – ईसरदास
निम्न में से कौन सा युग्म सही सुमेलित नहीं है ?
[प्रयोगशाला सहायक (भूगोल) 30.06.2022]
पुस्तक लेखक
👉 ‘राव जैतसी रो छन्द’ (या ‘राव जैतसी रो पाघड़ी छन्द’) की रचना बीठू सूजो ने की थी।
👉 इसमें राव जैतसी और बाबर के पुत्र कामरान के मध्य युद्ध का वर्णन है।
👉 जबकि शिवदास गाडण ने ‘अचलदास खींची री वचनिका’ की रचना की थी।
👉 अतः युग्म ‘राव जैतसी रो छन्द – शिवदास गाडण’ असुमेलित है।
✍️ सही उत्तर है – राव जैतसी रो छन्द – शिवदास गाडण
'दुविधा' कहानी जिस पर फिल्म भी बनाई गई, किसने लिखी?
JEN (सिविल डिग्रीधारक) 18.05.2022
👉 प्रसिद्ध कहानी ‘दुविधा’ के रचयिता विजयदान देथा (बिज्जी) हैं।
👉 यह कहानी राजस्थानी लोककथा पर आधारित है।
👉 यह कथा लोकविश्वास, प्रेम और नैतिक दुविधा का अद्भुत मिश्रण है।
✍️ सही उत्तर है – विजयदान देथा
विग्रहराज रचित रचना 'हरकेली' है -
[वनरक्षक (प्रथम चरण) 12.11.2022]
👉 विग्रहराज चतुर्थ एक प्रतिभाशाली राजा और कवि दोनों थे।
👉 उनकी प्रसिद्ध रचना ‘हरिकेली’ है।
👉 यह रचना एक संस्कृत नाटक के रूप में लिखी गई है।
👉 इसमें श्रृंगार और भक्ति रस का सुंदर समन्वय दिखाई देता है।
✍️ सही उत्तर है – नाटक
आदिकालीन चारण शैली रा रचनाकार नीं है-
[REET मुख्य परीक्षा (L -1) 25.02.2023]
👉 चारण शैली में रचित काव्य के प्रमुख रचनाकार श्रीधर व्यास, बादर ढाढी और शिवदास गाडण रहे हैं।
👉 इन कवियों ने वीरता और शौर्य पर आधारित वीर रसात्मक काव्य की रचना की।
👉 जबकि वज्रसेन सूरि जैन साहित्य से संबंधित कवि थे,
👉 जिन्होंने ‘भरतेश्वर बाहुबली घोर’ जैसी रचना की थी।
👉 अतः वे चारण शैली के रचनाकार नहीं माने जाते।
✍️ सही उत्तर है – वज्रसेन सूरि
'राव - जैतसी - रो छन्द' का लेखक कौन था ?
[CET (10+2 षष्टम चरण) 11.02.2023]
👉 ‘राव जैतसी रो छन्द’ (या ‘राव जैतसी रो पाघड़ी छन्द’) एक प्रसिद्ध वीर रसात्मक डिंगल काव्य है।
👉 इसके रचयिता बीठू सूजो थे, जो राव बीका और राव लूणकरण के समकालीन कवि थे।
👉 इस कृति में राव जैतसी और बाबर के पुत्र कामरान के मध्य हुए युद्ध का वर्णन है।
👉 कवि ने इसमें राठौड़ वीरों के शौर्य और गौरव का प्रभावी चित्रण किया है।
✍️ सही उत्तर है – बीठू सूजो
सूची। को सूची ॥ से सुमेलित कीजिए और सही कूट का चयन कीजिए [*]
[कनिष्ठ अनुदेशक (कार्यशाला) 10.09.2022]
सूची-I (लेखक) सूची -II (मूलपाठ)
(a) गिरधर आसिया (i) विजयपाल रासो
(b) जल्ह (ii) सगत रासो
(c) नाल्ह सिंह (iii) बुद्धि रासो
(d) सूर्यमल्ल मिश्रण (iv) सती रासो
कूट -
📌 नोट : यह प्रश्न परीक्षा बोर्ड द्वारा डिलीट माना गया है।
निम्नलिखित में से कौन विजयदान देथा द्वारा नहीं लिखा गया है ?
[JEN (कृषि) 10.09.2022]
👉 विजयदान देथा आधुनिक काल के प्रसिद्ध राजस्थानी कहानीकार और लोककथाकार थे।
👉 उनकी प्रमुख रचनाएँ हैं – ‘बातां री फूलवारी’, ‘तीड़ो राव’, ‘दुविधा’, और ‘अनोखा पेड़’।
👉 जबकि ‘बलवंत विलास’ रचना सूर्यमल्ल मिश्रण द्वारा लिखी गई थी।
👉 अतः यह कृति विजयदान देथा की नहीं है।
✍️ सही उत्तर है – बलवंत विलास
महाराणा कुम्भा रचित ग्रंथ 'संगीत राज' कितने रत्नकोषों में विभक्त है ?
JEN (विद्युत/यांत्रिक, डिग्री) 20.05.2022
👉 महाराणा कुम्भा द्वारा रचित ‘संगीत राज’ राजस्थान का एक प्रसिद्ध संगीत ग्रंथ है।
👉 यह ग्रंथ गीत, वाद्य और नृत्य — तीनों विधाओं पर आधारित है।
👉 इसकी रचना चित्तौड़ में की गई थी।
👉 यह ग्रंथ कुल 5 रत्नकोषों में विभाजित है — पाठ रत्नकोष, गीत रत्नकोष, वाद्य रत्नकोष, नृत्य रत्नकोष और रत्नाकर।
✍️ सही उत्तर है – 5
किण संत री वाणियां रो संग्रै 'हरडे वाणी' नांव सूं संकलित करीज्यो ?
[REET मुख्य परीक्षा (L -2) 28.02.2023]
👉 संत दादू दयाल निर्गुण भक्ति परंपरा के महान संत कवि थे।
👉 इनके उपदेशों का संग्रह ‘हरड़े वाणी’ नाम से प्रसिद्ध है।
👉 इस वाणी का संकलन इनके शिष्यों संतदास और जगन्नाथदास ने किया।
👉 इसमें दादू जी के 189 पदों का संकलन किया गया है।
👉 यह ग्रन्थ दादू पंथ की प्रमुख रचना मानी जाती है।
✍️ सही उत्तर है – दादू दयाल
राजस्थानी में रामकथा रै आधार पर 'रामायण' सिरैनांव सूं आख्यान काव्य कुण लिख्यौ ?
[REET मुख्य परीक्षा (L -1) 25.02.2023]
👉 ‘रामायण’ राजस्थानी भाषा का एक प्रसिद्ध आख्यान काव्य है।
👉 इस कृति की रचना मेहोजी गोदारा ने की थी।
👉 इसमें भगवान राम के जीवन चरित्र और उनके आदर्शों का प्रभावी वर्णन है।
👉 यह रचना मध्यकाल की उत्तम धार्मिक आख्यान कृति मानी जाती है।
✍️ सही उत्तर है – मेहोजी गोदारा
निम्नलिखित में से कौन सा (ग्रन्थ - लेखक) सुमेलित नहीं है? [*]
[संगणक परीक्षा 19.12. 2021]
📌 नोट : यह प्रश्न परीक्षा बोर्ड द्वारा डिलीट माना गया है।
साहित्य एवं साहित्यकार के युग्म में से असंगत छांटिए -
[CET (स्नातक) (चरण -IV) 08.01.2023]
👉 महाराणा कुंभा की प्रमुख रचनाएँ हैं – संगीत राज, संगीत मिमांसा, रसिक प्रिया टीका, और कामराज रतिसार।
👉 जबकि ‘राजवल्लभ’ ग्रंथ के रचयिता मण्डन थे, जो कुंभा के प्रधान शिल्पी और दरबारी साहित्यकार थे।
👉 अतः ‘राजवल्लभ – महाराणा कुंभा’ का युग्म असंगत है।
✍️ सही उत्तर है – राजवल्लभ – महाराणा कुंभा
निम्नलिखित में से कौनसा युग्म (पुस्तक-लेखक) असंगत है ?
[बेसिक कम्प्यूटर अनुदेशक 18.06.2022]
👉 ‘किरतार बावनी’ के रचयिता दूरसा आढ़ा थे।
👉 इस ग्रंथ में महाराणा प्रताप के शौर्य और पराक्रम का प्रभावी वर्णन है।
👉 जबकि कवि ईसरदास की प्रसिद्ध रचनाएँ हैं – हरिरस, देवियाण, और हालां झालां री कुण्डलियाँ।
👉 अतः युग्म ‘किरतार बावनी – कवि ईसरदास’ असुमेलित है।
✍️ सही उत्तर है – किरतार बावनी – कवि ईसरदास
'बोल भारमली' रा रचनाकार है
[REET मुख्य परीक्षा (L -2) 26.02.2023]
👉 ‘बोल भारमली’ आधुनिक काल की प्रसिद्ध राजस्थानी काव्य कृति है।
👉 इसके रचयिता सत्यप्रकाश जोशी हैं।
👉 इस रचना में मानव जीवन, प्रेम और प्रकृति का सुंदर चित्रण किया गया है।
👉 इसके लिए इन्हें सन् 1977 में केन्द्रीय साहित्य अकादमी पुरस्कार प्राप्त हुआ।
👉 यह कृति राजस्थानी कविता के विकास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।
✍️ सही उत्तर है – सत्यप्रकाश जोशी
'बिज्जी' किस साहित्यकार का उपनाम है ?
[वनरक्षक (द्वितीय चरण -B) 11.12.2022]
👉 ‘बिज्जी’ नाम से प्रसिद्ध साहित्यकार विजयदान देथा थे।
👉 वे आधुनिक काल के प्रमुख राजस्थानी कहानीकार और लोककथा संग्राहक थे।
👉 उनकी प्रसिद्ध रचना ‘बातां री फूलवारी’ 14 खंडों में प्रकाशित हुई।
👉 लोक जीवन और संस्कृति को उन्होंने सजीव भाषा में प्रस्तुत किया।
✍️ सही उत्तर है – विजयदान देथा
'अमर चूनड़ी' कहाणी - संग्रह रा रचनाकार है -
[REET मुख्य परीक्षा (L -2) 01.03.2023]
👉 ‘अमर चुनड़ी’ राजस्थानी भाषा का प्रसिद्ध कहानी-संग्रह है।
👉 इसके रचयिता नृसिंह राजपुरोहित हैं।
👉 इस संग्रह की कहानियाँ राजस्थान की लोकसंस्कृति, मानवीय संवेदना और नारी जीवन पर आधारित हैं।
👉 इसके लिए नृसिंह राजपुरोहित को केन्द्रीय साहित्य अकादमी पुरस्कार (1993) भी प्राप्त हुआ था।
✍️ सही उत्तर है – नृसिंह राजपुरोहित
'मारवाड़ रा परगना री विगत' का लेखक है ?
[प्रयोगशाला सहायक (गृह विज्ञान) 30.06.2022]
👉 ‘मारवाड़ रा परगना री विगत’ राजस्थान का एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक गद्य ग्रंथ है।
👉 इसके रचयिता मुहणोत नैणसी थे, जो जोधपुर राज्य के दीवान रहे।
👉 इसमें मारवाड़ राज्य के सात परगनों की भौगोलिक, आर्थिक और सामाजिक स्थिति का विस्तृत वर्णन है।
👉 इसे जोधपुर राज्य का गजेटियर कहा जाता है और यह अत्यंत विश्वसनीय ऐतिहासिक स्रोत है।
✍️ सही उत्तर है – मुहणोत नैणसी
'वेलि क्रिसन रुकमणी री' रा रचनाकार है-
[REET मुख्य परीक्षा (L -1) 25.02.2023]
👉 ‘वेलि क्रिसन रूकमणी री’ राजस्थानी भाषा की डिंगल शैली में रचित प्रसिद्ध कृति है।
👉 इसके रचयिता पृथ्वीराज राठौड़ हैं, जो बीकानेर नरेश राव कल्याणमल के पुत्र थे।
👉 इस काव्य में कृष्ण और रूकमणी की प्रेम कथा का सुन्दर वर्णन है।
👉 इसमें भक्ति, शृंगार और वीर रस का उत्कृष्ट समन्वय मिलता है।
👉 दूरसा आढ़ा ने इसे डिंगल की सर्वश्रेष्ठ रचना बताया है।
✍️ सही उत्तर है – पृथ्वीराज राठौड़
कुणसा रचनाकार कवि रै साथै - साथै आछा गद्यकार भी हा ?
[REET मुख्य परीक्षा (L -2) 25.02.2023]
👉 शिवदास गाडण राजस्थानी साहित्य के कवि और गद्यकार दोनों थे।
👉 इन्होंने प्रसिद्ध कृति ‘अचलदास खींची री वचनिका’ की रचना की।
👉 यह रचना गद्य-पद्य मिश्रित (चम्पू काव्य) शैली में लिखी गई है।
👉 इसमें गागरोन के युद्ध का सजीव और वास्तविक वर्णन है।
👉 इसलिए इन्हें श्रेष्ठ कवि और गद्यकार दोनों रूपों में जाना जाता है।
✍️ सही उत्तर है – सिवदास गाडण
'ढोला-मारु-रा-दोहा' का रचयिता कौन है ?
[वनरक्षक (द्वितीय चरण -B) 11.12.2022]
👉 ‘ढोला मारू रा दोहा’ राजस्थान का प्रसिद्ध लोकप्रसिद्ध प्रेमाख्यान है।
👉 इसके रचयिता कवि कल्लोल माने जाते हैं।
👉 इस कृति में ढोला और मारवणी की प्रेम कथा का मार्मिक चित्रण किया गया है।
👉 यह रचना डिंगल भाषा में लिखी गई है और श्रृंगार रस प्रधान है।
✍️ सही उत्तर है – कल्लोल
कन्हैयालाल सेठिया री काव्य-कृति नीं है
[REET मुख्य परीक्षा (L -2) 26.02.2023]
👉 कन्हैयालाल सेठिया आधुनिक काल के राष्ट्रीय एवं प्रकृति कवि थे।
👉 उनकी प्रमुख कृतियाँ हैं – धरती धोरां री, कूं-कूं, लीलटांस, अघोरी काल, सतवाणी आदि।
👉 इनकी कविताओं में देशभक्ति, लोकजीवन और प्रकृति सौंदर्य का अद्भुत समन्वय है।
👉 जबकि ‘सोन मिरगला’ काव्य कृति कन्हैयालाल सेठिया की नहीं है।
✍️ सही उत्तर है – सोन मिरगला
जालौर के शासक और अलाउद्दीन खिलजी के मध्य संघर्ष की जानकारी निम्न में से किस ग्रंथ से मिलती है ?
[REET मुख्य परीक्षा (L -2) 28.02.2023]
👉 कान्हड़दे प्रबन्ध के रचयिता पद्मनाभ कवि थे।
👉 यह ग्रंथ जालौर के चौहान शासक कान्हड़देव पर आधारित है।
👉 इसमें अलाउद्दीन खिलजी और कान्हड़देव के मध्य हुए युद्ध का वर्णन है।
👉 इस युद्ध (1311 ई.) में कान्हड़देव ने वीरगति प्राप्त की थी।
👉 यह कृति वीर रसात्मक ऐतिहासिक आख्यान का उत्कृष्ट उदाहरण है।
✍️ सही उत्तर है – कान्हड़दे प्रबन्ध
राणी लक्ष्मीकुमारी चूंडावत री रचना नीं है ?
[REET मुख्य परीक्षा (L -2) 27.02.2023]
👉 रानी लक्ष्मी कुमारी चूंडावत आधुनिक काल की प्रसिद्ध राजस्थानी लेखिका थीं।
👉 उनकी प्रमुख रचनाएँ हैं – टाबरां री बातां, हूंकारो दो सा, मांझळ रात, मूमळ, बाघो भारमली आदि।
👉 इनके अतिरिक्त उन्होंने मेवाड़ी फागण और मेवाड़ी दीवाली जैसे निबंध ग्रन्थ भी लिखे।
👉 जबकि ‘धरती रो धीणो’ इनकी रचना नहीं है।
✍️ सही उत्तर है – धरती रो धीणो
'रणमल छंद' की रचना किसने की?
[वनरक्षक (प्रथम चरण) 12.11.2022]
👉 ‘रणमल्ल छंद’ आरम्भकाल की प्रसिद्ध चारण शैली की वीर रसात्मक रचना है।
👉 इसके रचयिता श्रीधर व्यास थे।
👉 यह कृति ईडर के राजा रणमल्ल और पाटन के सूबेदार जफर खाँ के युद्ध पर आधारित है।
👉 इसमें लगभग 70 छन्द हैं, जिनमें वीरता और शौर्य का प्रभावी वर्णन है।
✍️ सही उत्तर है – श्रीधर व्यास
'बीकानेर के राठौड़ री ख्यात' के लेखक कौन थे ?
[CET (10+2 चतुर्थ चरण) 05.02.2023]
👉 ‘बीकानेर के राठौड़ री ख्यात’ का रचनाकार दयालदास सिंढायच था।
👉 यह ग्रंथ बीकानेर राज्य के इतिहास का विश्वसनीय स्रोत माना जाता है।
👉 इसमें राव बीका से लेकर महाराजा सरदारसिंह के शासन (1851 ई.) तक की घटनाओं का वर्णन है।
👉 इस कृति से बीकानेर के प्रशासन, राजवंश और मुगल-मराठा संबंधों की जानकारी मिलती है।
✍️ सही उत्तर है – दयालदास
'लू' काव्य रा रचनाकार है ?
[REET मुख्य परीक्षा (L -2) 27.02.2023]
👉 ‘लू’ काव्य के रचयिता चन्द्रसिंह बिरकाली हैं।
👉 यह आधुनिक काल की प्रकृति प्रधान रचना मानी जाती है।
👉 इसमें मरुभूमि की तपन, लू और जीवन संघर्ष का सजीव चित्रण है।
👉 यह कृति राजस्थानी की स्वतंत्र प्रकृति चित्रण की प्रथम कृति भी है।
✍️ सही उत्तर है – चन्द्रसिंह बिरकाली
'हूँ गोरी किण पीव री उपन्यास के रचयिता हैं?
JEN (सिविल डिग्रीधारक) 18.05.2022
👉 ‘हूँ गोरी किण पीव री’ राजस्थानी भाषा का प्रसिद्ध उपन्यास है।
👉 इसके रचयिता यादवेन्द्र शर्मा ‘चन्द्र’ हैं।
👉 इस उपन्यास में राजस्थानी समाज, नारी जीवन और पारिवारिक संवेदनाओं का सुंदर चित्रण है।
👉 यादवेन्द्र शर्मा ‘चन्द्र’ को राजस्थानी कथा साहित्य के प्रमुख उपन्यासकारों में गिना जाता है।
✍️ सही उत्तर है – यादवेन्द्र शर्मा ‘चन्द्र’
गलत युग्म चुनिए-
[वनरक्षक (चतुर्थ चरण) 13.11.2022]
👉 विजयदान देथा आधुनिक काल के प्रसिद्ध राजस्थानी कहानीकार थे।
👉 उनकी प्रमुख कृतियाँ हैं – ‘बातां री फूलवारी’, ‘तीड़ो राव’, ‘अनोखा पेड़’, ‘दुविधा’ आदि।
👉 जबकि ‘आशाघर’ कृति विजयदान देथा की नहीं है।
👉 अतः यह युग्म गलत (असुमेलित) है।
✍️ सही उत्तर है – विजयदान देथा – आशाघर
मणि कौल की फिल्म 'दुविधा' किसकी कृति पर आधारित है ?
VDO Pre. (तृतीय चरण) 28.12.2021
👉 प्रसिद्ध फ़िल्म ‘दुविधा’ का निर्देशन मणि कौल ने किया था।
👉 यह फ़िल्म विजयदान देथा (बिज्जी) की इसी नाम की कहानी ‘दुविधा’ पर आधारित है।
✍️ सही उत्तर है – विजयदान देथा
सूर्यमल्ल मिश्रण (मीसण) कृत 'वीर सत्सई' किस राजपूत राज्य के इतिहास से सरोकार रखता है ?
[प्रयोगशाला सहायक (भूगोल) 30.06.2022]
👉 ‘वीर सतसई’ के रचयिता सूर्यमल्ल मिश्रण (मीसण) हैं।
👉 यह कृति डिंगल भाषा में रचित वीर रसात्मक दोहों का संग्रह है।
👉 इसमें मुख्यतः बूँदी राज्य (हाड़ा चौहानों) के वीरों और शासकों के पराक्रम का वर्णन है।
👉 इस रचना ने राजस्थानी जनमानस में राष्ट्रीय चेतना का संचार किया।
✍️ सही उत्तर है – बूँदी
'सफेद मेमने' और 'पत्तों की बिरादरी' किस उपन्यासकार की रचनायें है ?
[वनपाल परीक्षा 06.11.2022]
👉 ‘सफेद मेमने’ और ‘पत्तों की बिरादरी’ आधुनिक काल के प्रसिद्ध साहित्यकार मणि मधुकर की रचनाएँ हैं।
👉 मणि मधुकर ने राजस्थानी साहित्य में यथार्थवाद और सामाजिक चेतना को विशेष स्थान दिया।
👉 उनकी रचनाओं में ग्रामीण जीवन, संघर्ष और मानवीय संवेदनाएँ प्रमुख विषय हैं।
👉 वे राजस्थानी उपन्यास और कविता दोनों विधाओं में समान रूप से सक्रिय रहे।
✍️ सही उत्तर है – मणि मधुकर
निम्नलिखित में से कौन 'वंश भास्कर' का लेखक है ?
[प्रयोगशाला सहायक (गृह विज्ञान) 30.06.2022]
👉 ‘वंश भास्कर’ आधुनिक काल की एक प्रसिद्ध ऐतिहासिक महाकाव्य रचना है।
👉 इसके रचयिता सूर्यमल्ल मिश्रण हैं, जिन्हें ‘राजस्थान भूषण’ की उपाधि दी गई थी।
👉 इस ग्रंथ में हाड़ा चौहानों की वंशावली, युद्धों और राजस्थान की अन्य रियासतों का वर्णन है।
👉 यह कृति डिंगल भाषा में आठ खंडों में लिखी गई है।
✍️ सही उत्तर है – सूर्यमल्ल मिश्रण
'राजप्रशस्ति' का रचनाकार कौन था ?
[प्रयोगशाला सहायक (गृह विज्ञान) 30.06.2022]
👉 ‘राजप्रशस्ति महाकाव्य’ संस्कृत भाषा में रचित एक अत्यंत महत्वपूर्ण ऐतिहासिक ग्रंथ है।
👉 इसके रचयिता रणछोड़ भट्ट थे।
👉 यह ग्रंथ राजसमंद झील की पाल पर 25 शिलालेखों के रूप में अंकित है।
👉 इसमें मेवाड़ के शासकों की वंशावली और उनके शौर्य, नीति व शासन कार्यों का विस्तृत वर्णन है।
✍️ सही उत्तर है – रणछोड़ भट्ट
'बीसलदेव रासो' में कुणसो रस प्रधान है ?
[REET मुख्य परीक्षा (L -2) 25.02.2023]
👉 ‘बीसलदेव रासो’ आरम्भकाल की प्रसिद्ध लौकिक रचना है।
👉 इसके रचयिता नरपति नाल्ह हैं।
👉 इस काव्य में राजा बीसलदेव और रानी राजमती की प्रेम कथा वर्णित है।
👉 इसमें वियोग और श्रृंगार रस का अत्यंत प्रभावी चित्रण किया गया है।
👉 इसलिए इस काव्य में श्रृंगार रस प्रधान माना गया है।
✍️ सही उत्तर है – श्रृंगार रस
निम्नलिखित में से कौन-सा (साहित्यिक कृति - लेखक) सुमेलित नहीं है ?
JEN (विद्युत/यांत्रिक, डिप्लोमा) 20.05.2022
👉 ‘प्रबंध कोष’ एक प्रसिद्ध जैन ग्रंथ है।
👉 इसके रचयिता राजशेखर सूरी थे।
👉 जबकि चन्द्रशेखर ने ‘सुर्जन चरित्र’ की रचना की थी।
👉 अतः युग्म ‘प्रबंध कोष – चन्द्रशेखर’ असुमेलित है।
✍️ सही उत्तर है – प्रबंध कोष – चन्द्रशेखर
राजस्थान का प्रथम ध्रुपद गायक कौन था ?
[संगणक परीक्षा 03.03.2024]
👉 राजस्थान में शास्त्रीय संगीत की समृद्ध परंपरा रही है।
👉 इस परंपरा में सर्वप्रथम ध्रुपद गायन शैली का विकास हुआ।
👉 इस शैली के प्रथम गायक के रूप में मधु भट्ट तैलंग का नाम उल्लेखनीय है।
👉 इन्होंने राजस्थान में ध्रुपद गायन को पहचान और नई दिशा प्रदान की।
✍️ सही उत्तर है – मधु भट्ट तैलंग
सुमेलित कीजिए :
पुस्तक लेखक
a. राधा - 1. सुमेरसिंह शेखावत
b. मरु- मंगल - 2. हरीश भादानी
c. बाथां में भूगोल 3. सत्यप्रकाश जोशी
[पटवार (द्वितीय चरण) 23.10.2021]
कूट :
a b c
👉 ‘राधा’ काव्य के रचयिता सत्यप्रकाश जोशी हैं।
👉 ‘मरु-मंगल’ की रचना सुमेरसिंह शेखावत ने की थी।
👉 ‘बाधां में भूगोल’ (या ‘बांधां में भूगोल’) प्रसिद्ध कवि हरीश भादानी की रचना है।
👉 तीनों ही रचनाएँ आधुनिक राजस्थानी साहित्य की उत्कृष्ट कृतियाँ हैं।
✍️ सही उत्तर है – a-3, b-1, c-2
'बीसलदेव रासो' किण भांत रो काव्य है ?
[REET मुख्य परीक्षा (L -1) 25.02.2023]
👉 ‘बीसलदेव रासो’ आरम्भकाल की प्रसिद्ध लौकिक रचना है।
👉 इसके रचयिता नरपति नाल्ह हैं।
👉 इसमें राजा बीसलदेव और रानी राजमती की प्रेम कथा का वर्णन है।
👉 यह काव्य वियोग शृंगार से युक्त एक उत्कृष्ट प्रेम काव्य है।
✍️ सही उत्तर है – प्रेम काव्य
किस विद्वान ने अपनी पुस्तक "राजपूत पेंटिंग्स" में राजस्थानी चित्र शैलियों का वैज्ञानिक विभाजन किया ?
[बेसिक कम्प्यूटर अनुदेशक 18.06.2022]
👉 राजस्थानी चित्रकला के अध्ययन और वर्गीकरण का श्रेय अनंद कुमार स्वामी को जाता है।
👉 इन्होंने अपनी प्रसिद्ध पुस्तक “Rajput Paintings” में इन चित्रशैलियों का वैज्ञानिक विभाजन किया।
✍️ सही उत्तर है – आनंद कुमार स्वामी
निम्नलिखित में से कौनसी पुस्तक चौहानों के इतिहास के बारे में जानकारी का स्रोत नहीं है ?
[प्रयोगशाला सहायक (विज्ञान) 28.06.2022]
👉 चौहानों के इतिहास की जानकारी पृथ्वीराज विजय, हम्मीर महाकाव्य, और पृथ्वीराज रासो जैसी कृतियों से मिलती है।
👉 जबकि ‘हर्ष चरित’ की रचना बाणभट्ट ने की थी, जो हर्षवर्धन के जीवन से संबंधित है।
👉 यह ग्रंथ चौहानों के इतिहास से संबंधित नहीं है।
👉 अतः यह कृति इस संदर्भ में असंगत स्रोत मानी जाती है।
✍️ सही उत्तर है – हर्ष चरित
निम्नलिखित में से किसने 'भारतीय प्राचीन लिपिमाला' नामक ग्रंथ की रचना की ?
[वनपाल परीक्षा 06.11.2022]
👉 ‘भारतीय प्राचीन लिपिमाला’ भारत की लिपियों पर लिखा गया एक महत्वपूर्ण शोध ग्रंथ है।
👉 इसके रचयिता डॉ. गौरीशंकर हीराचन्द ओझा हैं।
👉 इस ग्रंथ में भारत की प्राचीन लिपियों की उत्पत्ति, विकास और प्रकारों का विस्तृत अध्ययन किया गया है।
👉 डॉ. ओझा को राजस्थान का ग्रिबन और आधुनिक इतिहास लेखन का जनक कहा जाता है।
✍️ सही उत्तर है – गौरीशंकर हीराचन्द ओझा
'भारतीय प्राचीन लिपिमाला' के प्रसिद्ध लेखक हैं ?
[वनरक्षक (प्रथम चरण) 12.11.2022]
👉 ‘भारतीय प्राचीन लिपिमाला’ एक अत्यंत प्रसिद्ध ऐतिहासिक और भाषाशास्त्रीय ग्रंथ है।
👉 इसके रचयिता डॉ. गौरीशंकर हीराचन्द ओझा हैं।
👉 इस ग्रंथ में भारत की प्राचीन लिपियों की उत्पत्ति, विकास और स्वरूप का विस्तृत वर्णन है।
👉 डॉ. ओझा को ‘राजस्थान के आधुनिक इतिहास लेखन का जनक’ कहा जाता है।
✍️ सही उत्तर है – गौरीशंकर हीराचन्द ओझा
'बुद्धिविलास' किसने लिखा?
[वरिष्ठ कम्प्यूटर अनुदेशक 19.06.2022]
👉 ‘बुद्धि विलास’ एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक ग्रंथ है।
👉 इसके रचयिता बख्तराम शाह थे।
👉 इस कृति में जयपुर नगर की स्थापना (1727 ई.) और उसके निर्माण कार्यों का विस्तृत वर्णन है।
👉 यह ग्रंथ जयपुर राज्य के सामाजिक व स्थापत्य इतिहास का विश्वसनीय स्रोत माना जाता है।
✍️ सही उत्तर है – बख्तराम शाह
'मुगती' नामक कविता संग्रह के रचयिता हैं
[CET (स्नातक) (चरण -I) 07.01.2023]
👉 ‘मुगती’ आधुनिक काल का एक प्रसिद्ध राजस्थानी कविता संग्रह है।
👉 इसके रचयिता मीठेश निर्मोही हैं।
👉 इस कृति में मानव जीवन, संवेदना और आत्मचेतना का प्रभावी चित्रण है।
👉 इसके लिए मीठेश निर्मोही को केन्द्रीय साहित्य अकादमी पुरस्कार (2021) प्रदान किया गया।
✍️ सही उत्तर है – मीठेश निर्मोही
सुमेलित कीजिए :
ग्रंथ लेखक
a. पृथ्वीराज रासो 1. विजयदान देथा
b. वीर विनोद 2. चन्दबरदाई
c. बातां री फुलवारी 3. श्यामलदास
[पटवार (चतुर्थ चरण) 24.10.2021]
कूट :
a b c
👉 ‘पृथ्वीराज रासो’ के रचयिता चन्दबरदाई थे।
👉 ‘वीर विनोद’ का लेखन कविराज श्यामलदास ने किया।
👉 ‘बातां री फूलवारी’ की रचना विजयदान देथा (बिज्जी) ने की।
👉 तीनों कृतियाँ अपने-अपने युग की महत्वपूर्ण ऐतिहासिक और साहित्यिक धरोहरें हैं।
✍️ सही उत्तर है – a-2, b-3, c-1
राजस्थानी रा पैला कहाणीकार किणनैं मान्या जावै ?
[REET मुख्य परीक्षा (L -2) 28.02.2023]
👉 आधुनिक राजस्थानी गद्य साहित्य की नींव शिवचन्द्र भरतिया ने रखी।
👉 इन्होंने राजस्थानी में प्रथम कहानी ‘विश्रांत प्रवास’ की रचना की।
👉 साथ ही वे राजस्थानी के प्रथम नाटककार और प्रथम उपन्यासकार भी थे।
👉 उनके नाटक ‘केसर विलास’ और उपन्यास ‘कनक सुन्दर’ प्रसिद्ध हैं।
✍️ सही उत्तर है – शिवचन्द्र भरतिया
'बातां री फुलवाड़ी' पुस्तक के रचयिता थे ?
[कृषि पर्यवेक्षक परीक्षा 18.09.2021]
👉 ‘बातां री फूलवारी’ राजस्थानी भाषा की अत्यंत प्रसिद्ध लोककथा-संग्रह कृति है।
👉 इसके रचयिता विजयदान देथा (बिज्जी) थे।
👉 यह ग्रंथ 14 खण्डों में प्रकाशित हुआ है और इसके 10वें खण्ड के लिए उन्हें केन्द्रीय साहित्य अकादमी पुरस्कार (1974) मिला।
👉 इसमें राजस्थान की लोककथाओं, लोकसंस्कृति और जनजीवन का यथार्थ चित्रण है।
✍️ सही उत्तर है – विजयदान देथा
'बीसलदेव रास' री कथा मे नायक-नायिका हैं ?
[REET मुख्य परीक्षा (L -2) 26.02.2023]
👉 ‘बीसलदेव रास’ आरम्भकाल की प्रसिद्ध लौकिक काव्य रचना है।
👉 इसके रचयिता नरपति नाल्ह हैं।
👉 इस काव्य के नायक हैं – अजमेर के चौहान शासक राजा बीसलदेव।
👉 इसकी नायिका हैं – धारा नगरी के राजा भोज परमार की पुत्री रांणी राजमती।
👉 यह रचना वियोग शृंगार की श्रेष्ठ कृति मानी जाती है।
✍️ सही उत्तर है – राजा बीसलदेव और रांणी राजमती
अमीर खुसरो की किस कृति से जलालुद्दीन खिलजी के रणथम्भौर अभियान का उल्लेख प्राप्त होता है?
[JEN (कृषि) 10.09.2022]
👉 अमीर खुसरो दिल्ली सल्तनत काल के प्रसिद्ध फारसी कवि और इतिहासकार थे।
👉 उनकी रचना ‘मिफ्ता-उल-फुतूह’ में जलालुद्दीन खिलजी के रणथम्भौर अभियान का उल्लेख मिलता है।
👉 इस ग्रंथ में जलालुद्दीन के सैन्य अभियानों और विजय प्रसंगों का विस्तृत वर्णन है।
👉 यह कृति उस काल की ऐतिहासिक घटनाओं का प्रामाणिक स्रोत मानी जाती है।
✍️ सही उत्तर है – मिफ्ता-उल-फुतूह
मुंशी देवीप्रसाद ने किसको "राजस्थान का अबुल फज़ल " की संज्ञा दी है ?
[फायरमैन परीक्षा 29.01.2022]
👉 मुंशी देवीप्रसाद जोधपुर राज्य के प्रसिद्ध इतिहासकार और प्रशासक थे।
👉 उन्होंने मुहणोत नैणसी को “राजस्थान का अबुल फज़ल” कहा।
👉 नैणसी ने प्रसिद्ध ग्रंथ ‘नैणसी री ख्यात’ और ‘मारवाड़ रा परगना री विगत’ की रचना की थी।
👉 इन कृतियों में राजस्थान के इतिहास, भूगोल और प्रशासनिक व्यवस्था का विस्तृत विवरण मिलता है।
✍️ सही उत्तर है – मुहणोत नैणसी
'हम्मीर हठ' नामक ग्रन्थ किसने लिखा ?
[CET (स्नातक) (चरण -III) 08.01.2023]
👉 ‘हम्मीर हठ’ एक प्रसिद्ध संस्कृत काव्य रचना है।
👉 इस ग्रंथ के रचयिता कवि चन्द्रशेखर थे।
👉 इसमें रणथम्भौर के शासक हम्मीरदेव चौहान की वीरता और अलाउद्दीन खिलजी से हुए युद्ध का वर्णन है।
👉 यह कृति वीर रस और देशभक्ति भावना से ओतप्रोत है।
✍️ सही उत्तर है – चन्द्रशेखर
सूची I के साथ सूची II को सुमेलित कीजिए:
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सूची I ( पुस्तक/कृति) |
सूची II (लेखक) |
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a. भारतेश्वर बाहुबली रास |
I. भट्ट सदाशिव |
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b. पृथ्वीराज रासो |
II. गोपीनाथ |
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c. राज विनोद |
III. चन्द्र बरदाई |
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d. ग्रंथराज |
IV. शालीभद्र सूरी |
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:
[संगणक परीक्षा 03.03.2024]
👉 भरतेश्वर बाहुबली रास जैन कवि शालिभद्र सूरी द्वारा रचित है।
👉 पृथ्वीराज रासो का सृजन प्रसिद्ध कवि चन्द्रबरदाई ने किया।
👉 राज विनोद ग्रन्थ के रचयिता भट्ट सदाशिव थे।
👉 ग्रंथराज की रचना गोपीनाथ गाडण ने की थी।
✍️ सही उत्तर है – a-IV, b-III, c-I, d-II
पृथ्वीराज राठौड़ री घणी चावी कृति है
[REET मुख्य परीक्षा (L -2) 28.02.2023]
👉 पृथ्वीराज राठौड़ बीकानेर नरेश राव कल्याणमल के पुत्र थे।
👉 उनकी सर्वाधिक प्रसिद्ध कृति ‘वेलि क्रिसन रूकमणि री’ है।
👉 इस रचना में भक्ति, शृंगार और वीर रस का सुंदर समन्वय मिलता है।
👉 इसमें कृष्ण और रूकमणि की प्रेम कथा को डिंगल शैली में प्रस्तुत किया गया है।
👉 दूरसा आढ़ा ने इसे डिंगल की सर्वश्रेष्ठ रचना बताया है।
✍️ सही उत्तर है – वेलि क्रिसन रूकमणि री
'वीर सतसई' रा रचनाकार है ?
[REET मुख्य परीक्षा (L -2) 28.02.2023]
👉 नाथूसिंह महियारिया आधुनिक काल के प्रसिद्ध राजस्थानी कवि थे।
👉 इन्होंने सूर्यमल्ल मिश्रण की परंपरा में वीरता प्रधान रचनाएँ कीं।
👉 उनकी प्रमुख कृति ‘वीर सतसई’ है, जिसमें वीरता और देशभक्ति का उत्कृष्ट चित्रण है।
👉 इस रचना में शौर्य, पराक्रम और त्याग के भाव प्रबल रूप से दिखाई देते हैं।
✍️ सही उत्तर है – नाथूसिंह महियारिया


राजस्थानी कहाणीकार रै तौर पर किणरी पिछांण नीं है ?
[REET मुख्य परीक्षा (L -2) 25.02.2023]
👉 राजस्थानी कहानीकारों में प्रमुख नाम विजयदान देथा, अन्नाराम सुदामा, यादवेन्द्र शर्मा ‘चन्द्र’ आदि के हैं।
👉 इन लेखकों ने राजस्थानी कथा साहित्य को नई पहचान दी।
👉 जबकि ब्रजमोहन जावलिया का नाम राजस्थानी कहानीकार के रूप में प्रसिद्ध नहीं है।
👉 वे इस विधा से संबंधित साहित्यकारों की सूची में शामिल नहीं किए जाते।
✍️ सही उत्तर है – ब्रजमोहन जावलिया
'राजपूत पेंटिंग' शीर्षक से 1916 ई. में किसने पुस्तक लिखी ?
VDO Pre. (द्वितीय चरण) 27.12.2021
👉 ‘Rajput Painting’ शीर्षक से प्रसिद्ध पुस्तक 1916 ई. में प्रकाशित हुई।
👉 इस ग्रंथ के लेखक आनंद कुमारस्वामी थे, जो एक विख्यात भारतीय कला इतिहासकार थे।
✍️ सही उत्तर है – आनंद कुमारस्वामी
राजस्थानी साहित्य रै आदिकाल रा जैन सैली रा रचनाकार है -
[REET मुख्य परीक्षा (L -2) 27.02.2023]
👉 राजस्थानी साहित्य के आदिकाल में जैन साधुओं का विशेष योगदान रहा।
👉 इस काल की प्रमुख रचनाओं में ‘जीवदया रास’ और ‘चन्दनबाला रास’ शामिल हैं।
👉 इन दोनों कृतियों के रचयिता जालौर निवासी जैन कवि आसगु थे।
👉 उनकी रचनाओं में धार्मिक भावनाएँ और जैन परंपरा की नायिकाएँ प्रमुख रूप से वर्णित हैं।
✍️ सही उत्तर है – आसगु
'भारतीय प्राचीन लिपिमाला के प्रसिद्ध लेखक हैं
[CET (स्नातक) (चरण -IV) 08.01.2023]
👉 ‘भारतीय प्राचीन लिपिमाला’ एक अत्यंत महत्वपूर्ण ऐतिहासिक और भाषाशास्त्रीय ग्रंथ है।
👉 इसके प्रसिद्ध लेखक डॉ. गौरीशंकर हीराचन्द ओझा हैं।
👉 यह ग्रंथ भारतीय लिपियों की उत्पत्ति, विकास और प्रकारों का विस्तृत विवरण प्रस्तुत करता है।
👉 डॉ. ओझा को ‘राजस्थान के आधुनिक इतिहास लेखन का जनक’ कहा जाता है।
✍️ सही उत्तर है – गौरीशंकर हीराचन्द ओझा