सूची-I को सूची-II से सुमेलित करें :

सूची-I (व्यक्ति)

सूची-II (लेखन)

(a) कन्हय्या लाल सेठीया

(i) द्रौपदी विनय

(b) सत्यप्रकाश जोशी

(ii) सेनानी

(c) मेघराज मुकुल

(iii) धरती धोरण री

(d) रामनाथ कविया

(iv) राधा

नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर चुनें :

[REET Mains L-2 Eng) 19.01.2026]

  • (a)-(i), (b)-(ii), (c)-(iv), (d)-(iii)

  • (a)-(ii), (b)-(i), (c)-(iii), (d)-(iv)

  • (a)-(iv), (b)-(iii), (c)-(i), (d)-(ii)

  • (a)-(iii), (b)-(iv), (c)-(ii), (d)-(i)

🔹 व्याख्या

👉 कन्हय्या लाल सेठीया की रचना धरती धोरण री है।
👉
सत्यप्रकाश जोशी ने राधा लिखा।
👉
मेघराज मुकुल की रचना सेनानी है।
👉
रामनाथ कविया ने द्रौपदी विनय की रचना की।

✍️ सही उत्तर है – (a)-(iii), (b)-(iv), (c)-(ii), (d)-(i)

निम्नलिखित में से कौन सी सूर्यमल मिश्रण की प्रसिद्ध साहित्यिक कृति है?

[4th Grade 6th Phase) 21.09.2025]

  • वंश भास्कर

  • बातां री फुलवारी

  • पृथ्वीराज राव

  • अमोलक बातां

🔹 व्याख्या

👉 सूर्यमल मिश्रण राजस्थान के प्रसिद्ध वीर रस के कवि और इतिहासकार थे।
👉 उनकी प्रमुख कृति “वंश भास्कर” है, जिसमें बूंदी राज्य का इतिहास और हाड़ा चौहान वंश का विस्तृत वर्णन मिलता है।
👉 यह ग्रंथ ऐतिहासिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है और इसे राजस्थान का गौरव ग्रंथ कहा जाता है।
👉 सूर्यमल मिश्रण की एक अन्य प्रसिद्ध रचना “वीरसत्सही” भी है, जो राजपूती शौर्य और स्वाधीनता की भावना से ओतप्रोत है।

✍️ सही उत्तर है – वंश भास्कर 

"सेनाणी” कविता किसने लिखी थी?

[REET Mains (L-2) SST 18.01.2026]

  • हीरालाल शास्त्री

  • जय नारायण व्यास

  • कन्हैया लाल सेठिया

  • मेघराज मुकुल

🔹 व्याख्या

👉 “सेनाणी” राजस्थान की प्रसिद्ध देशभक्ति कविता है।
👉
यह कविता प्रसिद्ध कवि मेघराज मुकुल द्वारा लिखी गई है।
👉
मेघराज मुकुल को राजस्थानी साहित्य में विशेष स्थान प्राप्त है।
👉
उनकी रचनाओं में वीरता और देशप्रेम की भावना दिखाई देती है।

✍️ सही उत्तर है – मेघराज मुकुल

कीर्तिस्तम्भ प्रशस्ती किसके द्वारा लिखी गई थी ?

[Jamadar Grade II 27.12.2025]

  • अत्री और महेश

  • व्यास

  • चंदबरदाई

  • जयानक

🔹 व्याख्या

👉 कीर्तिस्तम्भ चित्तौड़गढ़ में स्थित प्रसिद्ध विजय स्मारक है।
👉
इसकी प्रशस्ती संस्कृत में लिखी गई थी।
👉
यह प्रशस्ती विद्वान अत्रि और उनके पुत्र महेश द्वारा रचित मानी जाती है।
👉
इसलिए यही सही लेखक हैं।

✍️ सही उत्तर है – अत्री और महेश

“बातां री फुलवारी” (लोक कथाओं का संग्रह) किसने लिखा था?

[4th Grade (4th Phase) 20.09.2025]

  • नथमल जोशी

  • कन्हैयालाल सेठिया

  • श्यामल दास

  • विजयदान देथा

🔹 व्याख्या

👉 “बातां री फुलवारी” प्रसिद्ध राजस्थानी साहित्यकार विजयदान देथा (बिज्जी) द्वारा लिखित है।
👉 यह कृति राजस्थानी लोककथाओं का 14 खंडों वाला संग्रह है, जिसमें लोकजीवन और संस्कृति की गहराई दिखाई देती है।
👉 इस रचना के लिए विजयदान देथा को वर्ष 1974 में साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।
👉 यह कृति राजस्थानी लोकसाहित्य की सबसे प्रतिष्ठित रचनाओं में से एक मानी जाती है।

✍️ सही उत्तर है – विजयदान देथा  

राजस्थानी साहित्य की ऐतिहासिक परम्पराओं को कालानुक्रमिक रूप से व्यवस्थित करें।

(a) श्रृंगार काल

(b) वीरगाथा काल

(c) विविध प्रवृत्तियों वाला काल

(d) भक्ति काल

नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर चुनें :

[REET Mains L-2 Eng) 19.01.2026]

  • (b), (d), (c), (a)

  • (b), (d), (a), (c)

  • (a), (c), (b), (d)

  • (c), (a), (d), (b)

🔹 व्याख्या

👉 वीरगाथा काल राजस्थानी साहित्य का प्रारम्भिक काल है।
👉
इसके बाद भक्ति काल का विकास हुआ।
👉
फिर श्रृंगार काल प्रमुख साहित्य प्रवृत्ति बना।
👉
अंत में विविध प्रवृत्तियों वाला आधुनिक काल आया।

✍️ सही उत्तर है – (b), (d), (a), (c)

सूची-I को सूची-II से सुमेलित करें - 

सूची-I (लेखक)

सूची-II (पुस्तक)

a. विजयदान देथा

I. जमारो

b. यादवेन्द्र शर्मा 'चन्द्र'

II. उलझन

c. मणि मधुकर

III. गांव

d. गोरधन सिंह शेखावत

IV. पगफेरो

नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर चुनें: 

[REET Mains L-2 Sans 20.01.2026]

  • a-III, b-IV, c-I, d-II 

  • a-II, b-I, c-IV, d-III 

  • a-II, b-III, c-I, d-IV 

  • a-I, b-II, c-III, d-IV 

🔹 व्याख्या

👉 विजयदान देथा प्रसिद्ध राजस्थानी साहित्यकार हैं, जिनकी रचना उलझन है।
👉
यादवेन्द्र शर्मा 'चन्द्र' की प्रमुख कृति जमारो मानी जाती है।
👉
मणि मधुकर ने राजस्थानी साहित्य में पगफेरो जैसी रचना दी है।
👉
गोरधन सिंह शेखावत की प्रसिद्ध रचना गांव है।

✍️ सही उत्तर है – a-II, b-I, c-IV, d-III

राजस्थान के वह प्रसिद्ध व्यक्ति जिन्होंने “लीलटांस (कविता)” लिखी थी:

[4th Grade 6th Phase) 21.09.2025]

  • गौरीशंकर हीराचंद ओझा

  • विजयदान देथा

  • कन्हैयालाल सेठिया

  • बावजी चतुर सिंहजी

🔹 व्याख्या

👉 “लीलटांस” प्रसिद्ध कवि कन्हैयालाल सेठिया द्वारा रचित राजस्थानी कविता-संग्रह है।
👉 इस रचना के लिए उन्हें वर्ष 1976 में साहित्य अकादमी पुरस्कार प्रदान किया गया था।
👉 कन्हैयालाल सेठिया एक महान राजस्थानी और हिंदी कवि, स्वतंत्रता सेनानी तथा सामाजिक कार्यकर्ता थे।
👉 उनका जन्म सुजानगढ़ (जिला चुरू, राजस्थान) में हुआ था।
👉 “लीलटांस” में राजस्थान की संस्कृति, लोकजीवन और संवेदनशीलता का सजीव चित्रण मिलता है।

✍️ सही उत्तर है – कन्हैयालाल सेठिया 

सूची-I को सूची-II से सुमेलित करे : 

सूची-I

सूची-II

a. अमोलक वातां

I. विजयदान देथा

b. दुविधा

II. नथमल जोशी

c. बीकानेर वातायन

III. लक्ष्मी कुमारी चुंडावत

d. परन्योड़ी-कंवारी

IV. हरीश भादानी

नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर चुनें:

[REET Mains (L-1) 20.01.2026]

  • a-II, b-III, c-I, d-IV 

  • a-III, b-I, c-IV, d-II 

  • a-IV, b-I, c-II, d-III

  • a-I, b-II, c-IV, d-III 

🔹 व्याख्या

👉 अमोलक वातां की रचनाकार लक्ष्मी कुमारी चुंडावत हैं।
👉
दुविधा प्रसिद्ध लेखक विजयदान देथा की रचना है।
👉
बीकानेर वातायन का संबंध हरीश भादानी से है।
👉
परन्योड़ी-कंवारी के लेखक नथमल जोशी माने जाते हैं।

✍️ सही उत्तर है – a-III, b-I, c-IV, d-II

अमोल पालेकर द्वारा निर्देशित हिंदी फिल्म "पहेली" किसके द्वारा लिखी गई लघु कहानी "दुविधा" पर आधारित है?

[4th Grade 5th Phase) 21.09.2025]

  • विजयदान देथा

  • मलचंद तिवारी

  • गिरिजा व्यास

  • सूर्यमल्ल मिश्रण

🔹 व्याख्या

👉 हिंदी फिल्म “पहेली” का निर्देशन अमोल पालेकर ने किया था।
👉 यह फिल्म प्रसिद्ध राजस्थानी लेखक विजयदान देथा (बिज्जी) की लघु कहानी “दुविधा” पर आधारित है।
👉 इसी कहानी पर पहले मणि कौल ने वर्ष 1973 में “दुविधा” नामक फिल्म बनाई थी।
👉 “पहेली” इस मूल कहानी का एक रीमेक है, जिसमें राजस्थानी लोककथा की आत्मा और रहस्यपूर्ण प्रेम कथा को चित्रित किया गया है।

✍️ सही उत्तर है – विजयदान देथा 

‘बातां री फुलवारी' के लेखक हैं - 

[Driver Exam 23 Nov 2025]

  • मालचंद तिवारी 

  • श्रीलाल 

  • विजयदान देथा 

  • लक्ष्मी कुमारी 

🔹 व्याख्या

👉 ‘बातां री फुलवारी’ राजस्थानी लोककथाओं का प्रसिद्ध संग्रह है।
👉
इसके लेखक प्रसिद्ध साहित्यकार विजयदान देथा हैं।
👉
यह कृति राजस्थानी साहित्य में विशेष स्थान रखती है।

✍️ सही उत्तर है – विजयदान देथा

निम्नलिखित में से कौन-सी राजस्थान, बूंदी के प्रसिद्ध कवि सूर्यमल मिश्रान की अतिमहत्वपूर्ण कृति है ? 

[4th Grade (2nd Phase) 19.09.2025]

  • संस्मरण 

  • वीर सतसई 

  • उर्वशी 

  • कामायनी 

🔹 व्याख्या

👉 सूर्यमल मिश्रण राजस्थान के प्रसिद्ध वीर रस के कवि थे।
👉 उनकी सर्वाधिक प्रसिद्ध कृति “वीरसत्सही” है, जिसे राजस्थान में स्वाधीनता और वीरता की घोषणा करने वाला ग्रंथ माना जाता है।
👉 यह रचना राजपूती शौर्य, ओज और जोश से परिपूर्ण है तथा ब्रिटिश शासन के विरोध की भावना को व्यक्त करती है।
👉 उनकी दूसरी महत्वपूर्ण कृति “वंशभास्कर” है, जिसमें बूंदी राज्य का इतिहास और हाड़ा चौहान वंश का विस्तृत वर्णन मिलता है।
👉 सूर्यमल मिश्रण को राजस्थान का इतिहासकार कवि भी कहा जाता है।

✍️ सही उत्तर है – वीर सतसई 

राजस्थानी साहित्य की ऐतिहासिक परंपरा चार कालखंडों में विभाजित है। इन्हें कालक्रमानुसार प्रवृत्ति के अनुसार व्यवस्थित करें। 

a. विविध प्रवृत्तियों और नई विधाओं के उदय को दर्शाने वाला कालखंड। 

b. वीरगाथा काल 

c. श्रृंगार, रीति और नीति काल 

d. भक्ति काल 

निम्न में से सबसे उपयुक्त विकल्प चुनें: 

[JEN यांत्रिक विद्युत 06.02.2025]

  • a, b, c, d 

  • c, d, a, b

  • d, a, b, c 

  • b, d, c, a 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थानी साहित्य का विकास चार प्रमुख कालखंडों में विभाजित किया गया है।
👉 पहला काल वीरगाथा काल है, जिसमें वीर रस प्रधान काव्यों की रचना हुई।
👉 दूसरा काल भक्ति काल है, जिसमें संतों और भक्त कवियों ने रचनाएँ कीं।
👉 तीसरा काल शृंगार, रीति और नीति काल कहलाता है।
👉 चौथा काल विविध प्रवृत्तियों और नई विधाओं के उदय का प्रतीक है।

✍️ सही उत्तर है – b, d, c, a 

राजस्थानी कविता संग्रह “मुगटी”, जिसने 2021 में साहित्य अकादमी पुरस्कार जीता, किसके द्वारा लिखा गया था?

[4th Grade 5th Phase) 21.09.2025]

  • सोनाली सुथार

  • मंगत बादल

  • मीथेश निर्मोही

  • कन्हैयालाल सेठिया

🔹 व्याख्या

👉 “मुगटी” राजस्थानी भाषा का एक प्रसिद्ध काव्य संग्रह है।
👉 इस कृति के रचयिता मीथेश निर्मोही हैं।
👉 वर्ष 2021 में “मुगटी” को साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।
👉 इस संग्रह में राजस्थान की संस्कृति, लोकजीवन और मानवीय संवेदनाओं का गहरा चित्रण किया गया है।

✍️ सही उत्तर है – मीथेश निर्मोही 

'मंझल रात", "अमोलक वतन", "गिर ऊँचा ऊँचा गढ़न" और "काई रे चकवा बात", ये कहानियाँ लिखी हैं : 

[सर्वेयर परीक्षा 23.02.2025]

  • शिव चंद्र भारतीय 

  • विजयदान देथा 

  • यादवेंद्र शर्मा 

  • लक्ष्मी कुमारी चूंडावत 

🔹 व्याख्या

👉 ‘मांझल रात’, ‘अमोलक वतन’, ‘गिर ऊँचा ऊँचा गढ़न’ और ‘काई रे चकवा बात’ प्रसिद्ध राजस्थानी कहानियाँ हैं।
👉 इन रचनाओं की लेखिका जानी-मानी साहित्यकार रानी लक्ष्मी कुमारी चूंडावत हैं।
👉 उनकी रचनाओं में राजस्थान की संस्कृति, नारी संवेदना और लोकजीवन का यथार्थ झलकता है।
👉 वे राजस्थान की पहली महिला कथाकार और राज्यसभा सदस्या भी रही हैं।

✍️ सही उत्तर है – रानी लक्ष्मी कुमारी चूंडावत 

निम्नलिखित में से किस रचना का सम्बंध चन्द्रप्रकाश देवल से नहीं है ?  

[कनिष्ठ अनुदेशक (इलेक्ट्रिक) 10.01.2025]

  • मारग 

  • कावड़ 

  • पागी 

  • दुविधा 

🔹 व्याख्या

👉 चन्द्रप्रकाश देवल आधुनिक राजस्थानी कविता के प्रमुख कवि हैं।
👉 उनकी प्रसिद्ध रचनाएँ ‘पागी’, ‘कावड़’, ‘तोपनामा’, और ‘उडीक पुराण’ हैं।
👉 इन कृतियों में लोकजीवन, संवेदना और सामाजिक यथार्थ का सुंदर चित्रण है।
👉 जबकि ‘दुविधा’ रचना का संबंध विजयदान देथा से है, न कि चन्द्रप्रकाश देवल से।

✍️ सही उत्तर है – दुविधा 

सूची I को सूची II से सुमेलित करें :

सूची I

सूची II

(a) कान्हड़-दे-प्रबंध

(i) चंद बरदाई

(b) गंगा लहरी

(ii) पद्मनाभ

(c) पृथ्वीराज रासो

(iii) पृथ्वीराज राठौड़

(d) बीसलदेव रासो

(iv) नरपति नाल्ह

नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर चुनें :

[REET Mains ( L-1) 17.01.2026]

  • (a)-(ii), (b)-(i), (c)-(iv), (d)-(iii)

  • (a)-(iii), (b)-(iv), (c)-(i), (d)-(ii)

  • (a)-(iv), (b)-(i), (c)-(iii), (d)-(ii)

  • (a)-(ii), (b)-(iii), (c)-(i), (d)-(iv)

🔹 व्याख्या

👉 कान्हड़-दे-प्रबंध की रचना पद्मनाभ ने की थी।
👉
गंगा लहरी के रचयिता पृथ्वीराज राठौड़ माने जाते हैं।
👉
पृथ्वीराज रासो के लेखक चंद बरदाई हैं।
👉
बीसलदेव रासो की रचना नरपति नाल्ह ने की थी।

✍️ सही उत्तर है – (a)-(ii), (b)-(iii), (c)-(i), (d)-(iv)

मोतीलाल मेनारिया के अनुसार, वह काव्य ग्रन्थ जिसमें हमें राजा की महानता, उसकी विजयों, युद्धों और वीरता का वर्णन मिलता है, उसे कहते हैं:

[4th Grade (3rd Phase) 20.09.2025]

  • झामाल

  • वेलि

  • वचनिका

  • रासो

🔹 व्याख्या

👉 मोतीलाल मेनारिया के अनुसार, वह काव्य ग्रंथ जिसमें राजाओं की महानता, युद्धों और वीरता का वर्णन किया गया हो, उसे ‘रासो’ कहा जाता है।
👉 रासो काव्य मध्यकालीन भारत की एक प्रमुख वीर रसप्रधान साहित्यिक शैली है।
👉 इन ग्रंथों में शासकों और योद्धाओं के वीर कर्म, विजय और शौर्य का विस्तृत चित्रण होता है।
👉 इसका प्रमुख उदाहरण ‘पृथ्वीराज रासो’ है, जिसमें पृथ्वीराज चौहान की वीरता और युद्धों का वर्णन मिलता है।

✍️ सही उत्तर है – रासो  

आधुनिक अलवर राज्य के निम्नलिखित कच्छवाहा शासकों को आरोही क्रम में व्यवस्थित करें :

(a) मंगल सिंह प्रभाकर बहादुर

(b) बने सिंह प्रभाकर बहादुर

(c) जय सिंह प्रभाकर बहादुर

(d) श्योदान सिंह प्रभाकर बहादुर

नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर चुनें :

[REET Mains ( L-1) 17.01.2026]

  • (d), (b), (c), (a)

  • (a), (d), (b), (c)

  • (c), (a), (d), (b)

  • (b), (d), (a), (c)

🔹 व्याख्या

👉 बने सिंह प्रभाकर बहादुर का शासन सबसे पहले माना जाता है।
👉
इनके बाद श्योदान सिंह प्रभाकर बहादुर शासक बने।
👉
आगे चलकर मंगल सिंह प्रभाकर बहादुर का शासन हुआ।
👉
अंत में जय सिंह प्रभाकर बहादुर शासक बने।

✍️ सही उत्तर है – (b), (d), (a), (c)

निम्नलिखित में से कौन-सी रचना बीकानेर के पृथ्वीराज राठौड़ द्वारा लिखी गई थी ? 

[Platoon Commander 22.11.2025]

  • वीर सतसई 

  • वेली किसन रुक्मणी री 

  • हरी विजय 

  • नल दमयंती रस 

🔹 व्याख्या

👉 बीकानेर के पृथ्वीराज राठौड़ प्रसिद्ध डिंगल कवि थे।
👉
उनकी प्रमुख कृति “वेली किसन रुक्मणी री” मानी जाती है।
👉
अन्य रचनाएँ अन्य कवियों से संबंधित हैं।

✍️ सही उत्तर है – वेली किसन रुक्मणी री

कन्हैयालाल सेठिया के बारे में कौन से कथन सत्य हैं?

a. कन्हैया लाल सेठिया राजस्थान के महान कवि थे।

b. सेठिया जी की मुख्य कृत्तियां मींझर, लीलटांस और राधा थी।

c. सेठिया जी की "राधा" का काव्यात्मक रूप 1960 में प्रकाशित हुआ था।

d. बातां री फुलवारी भी सेठियाजी द्वारा रचित है।

नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर चुनें:

[REET Mains (L-2) SST 18.01.2026]

  • a, d केवल

  • d केवल

  • a केवल

  • b, c केवल

🔹 व्याख्या

👉 कन्हैयालाल सेठिया राजस्थान के प्रसिद्ध कवि और साहित्यकार थे।
👉
उन्होंने राजस्थानी और हिंदी साहित्य में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
👉
उनकी प्रसिद्ध रचनाओं में धरती धोरा री जैसी कृतियाँ शामिल हैं।
👉
इसलिए केवल कथन (a) सही माना जाता है।

✍️ सही उत्तर है – a केवल

राजस्थान साहित्य कालावधि की, आरंभ से अद्यतन तक, विशेषताओं को व्यवस्थित करें:

a. इस काल में साहित्य में नवीन चेतना विकसित हुई, जो आधुनिक काल की शुरूआत की द्योतक है।

b. इस काल की कृतियां शृंगार अथवा रीति और नीति की रचनाओं पर केन्द्रित थी।

c. इस काल में नायकों के वीरोचित कृत्यों की कथाएं काव्यात्मक रूप में रची गई थी।

d. इस काल में संतों द्वारा भक्ति आंदोलन का सूत्रपात किया गया।

नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर चुनें:

[REET Mains (L-2) SST 18.01.2026]

  • b, c, d, a

  • c, d, b, a

  • a, b, c, d

  • d, c, a, b

🔹 व्याख्या

👉 प्रारम्भिक काल में नायकों के वीर कृत्य काव्य रूप में रचे गए।
👉
इसके बाद संतों द्वारा भक्ति आंदोलन का प्रसार हुआ।
👉
फिर साहित्य में रीति और शृंगार प्रधान रचनाएँ लिखी गईं।
👉
अंत में साहित्य में नवीन चेतना से आधुनिक काल का आरंभ हुआ।

✍️ सही उत्तर है – c, d, b, a

नीचे दो कथन दिए गए हैं : एक अभिकथन A (Assertion A) के रूप में लिखित है तो दूसरा उसके कारण R (Reason R) के रूप में।

अभिकथन A : विगत, जिस विषय का वर्णन करती है, उसके बारे में विस्तृत विवरण प्रदान करती है।

कारण R : राव रतन री वेली, विगत का एक उदाहरण है।

उपरोक्त कथन के आलोक में, नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर का चयन कीजिए :

[REET Mains L-2 Sci Math 18.01.26]

  • A और R दोनों सही हैं और R, A की सही व्याख्या है।

  • A और R दोनों सही हैं लेकिन R, A की सही व्याख्या नहीं है।

  • A सही नहीं है लेकिन R सही है।

  • A सही है लेकिन R सही नहीं है।

🔹 व्याख्या

👉 विगत एक ऐतिहासिक वर्णनात्मक रचना होती है जिसमें विषय का विस्तृत विवरण मिलता है।
👉
इसलिए अभिकथन A तथ्यात्मक रूप से सही है।
👉
राव रतन री वेली वास्तव में वेली काव्य का उदाहरण है, विगत का नहीं।
👉
इसलिए दिया गया कारण R तथ्यात्मक रूप से सही नहीं है।

✍️ सही उत्तर है – A सही है लेकिन R सही नहीं है।

राजस्थान के किस इतिहासकार एवं पुरातत्ववेत्ता ने प्रसिद्ध ग्रन्थ 'लिपिमाला' लिखा है ? 

[जेल प्रहरी (Shift-1st) 12.04.2025] 

  • बावजी चतुर सिंह 

  • कविराज श्यामल दास 

  • गौरीशंकर हीराचंद ओझा 

  • दयालदास 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान के प्रसिद्ध इतिहासकार और पुरातत्ववेत्ता डॉ. गौरीशंकर हीराचंद ओझा ने कई महत्त्वपूर्ण ग्रंथ लिखे।
👉 उनकी प्रसिद्ध कृति ‘भारतीय प्राचीन लिपिमाला’ लिपिशास्त्र पर आधारित है।
👉 इस ग्रन्थ का प्रथम संस्करण 1894 ई. में तथा द्वितीय संस्करण 1918 ई. में प्रकाशित हुआ।
👉 ओझा को ‘राजस्थान के आधुनिक इतिहास लेखन का जनक’ कहा जाता है।

✍️ सही उत्तर है – डॉ. गौरीशंकर हीराचंद ओझा 

'एनल्स एंड एंटीक्विटीज़ ऑफ राजस्थान' के लेखक का नाम बताइए। 

[जेल प्रहरी (Shift-2nd) 12.04.2025]

  • अलेक्जेंडर कनिंघम 

  • जम्स स्किनर 

  • जेम्स प्रिंसेप 

  • कर्नल जेम्स टॉड 

🔹 व्याख्या

👉 ‘एनल्स एंड एंटीक्विटीज़ ऑफ राजस्थान’ राजस्थान के इतिहास पर लिखा गया एक प्रसिद्ध अंग्रेज़ी ग्रंथ है।
👉 इसके लेखक विख्यात ब्रिटिश इतिहासकार कर्नल जेम्स टॉड हैं।
👉 यह ग्रंथ दो खंडों में प्रकाशित हुआ — पहला 1829 ई. और दूसरा 1832 ई. में।
👉 इसमें राजस्थान की रियासतों, राजवंशों और संस्कृति का विस्तृत वर्णन है।

✍️ सही उत्तर है – कर्नल जेम्स टॉड 

कौन सा साहित्य तुकांत गद्य-काव्य रूप में लिखा गया है ? 

[खनिज कार्यदेशक 23.02.2025]

  • झामाल 

  • दवावैत 

  • वात 

  • वचनिका 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थानी साहित्य में कुछ रचनाएँ गद्य और पद्य के मिश्रण से लिखी गई हैं।
👉 इन रचनाओं में अंत्यानुप्रास का प्रयोग होता है, जिससे यह तुकांत शैली बनती है।
👉 ऐसी रचनाएँ गद्य-काव्य रूप में होती हैं, जिन्हें चम्पू काव्य भी कहा जाता है।
👉 इस प्रकार के साहित्य को ‘वचनिका’ कहा जाता है।

✍️ सही उत्तर है – वचनिका 

सूची I को सूची II से सुमेलित करें।

सूची I

सूची II

(a) मुझे पहचानो (उपन्यास)

(i) नीलम शरण गौर

(b) रेकुड़म इन राग जानकी (उपन्यास)

(ii) कृष्णात खोत

(c) रींगन (उपन्यास)

(iii) राजशेकरन

(d) नीरवाझी पाडुवुम (उपन्यास)

(iv) संजीव

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनें:

[Jamadar Grade II 27.12.2025]

  • (a) – (iv), (b) – (i), (c) – (ii), (d) – (iii)

  • (a) – (i), (b) – (iii), (c) – (ii), (d) – (iv)

  • (a) – (iv), (b) – (ii), (c) – (i), (d) – (iii)

  • (a) – (i), (b) – (ii), (c) – (iii), (d) – (iv)

🔹 व्याख्या

👉 “मुझे पहचानो” उपन्यास के लेखक संजीव हैं।
👉 “
रेकुड़म इन राग जानकी” उपन्यास नीलम शरण गौर द्वारा लिखा गया है।
👉 “
रींगन” उपन्यास के लेखक कृष्णात खोत हैं।
👉 “
नीरवाझी पाडुवुम” उपन्यास राजशेकरन द्वारा रचित है।

✍️ सही उत्तर है – (a) – (iv), (b) – (i), (c) – (ii), (d) – (iii)

'बातां री फुलवारी' किसके द्वारा लिखी गई है:- 

[JEN (Agriculture) 22.02.2025]

  • मालचंद तिवारी 

  • विजयदान देथा 

  • श्री लाल 

  • लक्ष्मी कुमारी 

🔹 व्याख्या

👉 ‘बातां री फुलवारी’ राजस्थानी भाषा की लोककथाओं का प्रसिद्ध संग्रह है।
👉 इसके रचयिता सुप्रसिद्ध साहित्यकार विजयदान देथा (बिज्जी) हैं।
👉 इस ग्रंथ में राजस्थान की लोककथाएँ, संस्कृति और लोकजीवन का जीवंत चित्रण किया गया है।
👉 यह कृति 14 खंडों में प्रकाशित हुई और साहित्य अकादमी पुरस्कार (1974) से सम्मानित है।

✍️ सही उत्तर है – विजयदान देथा 

वह काव्यात्मक ग्रंथ, जिसमें किसी सम्राट के गौरव, युद्धों और वीरता का वर्णन होता है, क्या कहलाता है?

[REET Mains L-2 Eng) 19.01.2026]

  • रूपक

  • वेलि

  • रासो

  • विगत

🔹 व्याख्या

👉 यह काव्यात्मक ग्रंथ किसी सम्राट के गौरव और युद्धों का वर्णन करता है।
👉
इसमें वीरता और ऐतिहासिक घटनाएँ प्रमुख विषय होते हैं।
👉
इस प्रकार के ग्रंथ को रासो कहा जाता है।

✍️ सही उत्तर है – रासो

शिलालेखों के अध्ययन को क्या कहते हैं ? 

[Patwar Exam (Shift I) 17.08.2025]

  • जीवाश्म विज्ञान 

  • माइकोलॉजी 

  • मुद्राशास्त्र (न्यूमिज़्मैटिक्स)

  • पुरालेख (एपिग्राफी) 

🔹 व्याख्या

👉 पुरालेखशास्त्र (Epigraphy) वह विद्या है जिसमें शिलालेखों और अभिलेखों का अध्ययन किया जाता है।
👉 इसमें पत्थर, धातु या लकड़ी जैसी कठोर सतहों पर लिखे गए लेखों का वैज्ञानिक विश्लेषण और अर्थ व्याख्या की जाती है।
👉 इस अध्ययन में शिलालेखों की पहचान, अनुवाद, काल निर्धारण तथा सांस्कृतिक व ऐतिहासिक संदर्भों का वर्गीकरण शामिल होता है।
👉 पुरालेखशास्त्र से इतिहास, भाषा और समाज की प्राचीन जानकारियाँ प्राप्त होती हैं।

✍️ सही उत्तर है – पुरालेख 

श्रीधर व्यास द्वारा लिखित काव्यकृति का क्या नाम है ? 

[Driver Exam 23 Nov 2025]

  • रणमल छन्द 

  • वेलि किसन 

  • रामरासो 

  • शिरोमणि मीरा 

🔹 व्याख्या

👉 श्रीधर व्यास मध्यकालीन प्रसिद्ध कवि थे।
👉
उनकी प्रमुख काव्यकृति ‘रणमल छन्द’ मानी जाती है।
👉
यह कृति ऐतिहासिक वर्णन से संबंधित है।

✍️ सही उत्तर है – रणमल छन्द

राजस्थान के प्रख्यात गीत "धरती धोरां री” की रचना किसने की है ? 

[REET Mains (L-1) 20.01.2026]

  • विजय सिंह पथिक 

  • कन्हैया लाल सेठिया 

  • रामनाथ कविया 

  • जनकवि गणेशीलाल 

🔹 व्याख्या

👉 धरती धोरां री राजस्थान का प्रसिद्ध अमर गीत है।
👉
इसकी रचना कन्हैयालाल सेठिया ने की थी।
👉
उनका जन्म सुजानगढ़ (चूरू) में हुआ था।
👉
यह गीत राजस्थान की संस्कृति और वीर धरा का गुणगान करता है।

✍️ सही उत्तर है – कन्हैयालाल सेठिया

सूची I को सूची II से सुमेलित कीजिए :

सूची I (रचना)

सूची II (रचनाकार)

(a) जुदाव

(I) तेज सिंह जोधा

(b) गांव

(II) पारस अरोड़ा

(c) कथै किन व्हैगौ है

(III) गोरधन सिंह शेखावत

(d) सोजती गेट

(IV) मणि मधुकर

नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर चुनें :

[REET Mains L-2 Hindi 19.01.2026]

  • a-IV, b-I, c-II, d-III

  • a-II, b-I, c-III, d-IV

  • a-IV, b-II, c-I, d-III

  • a-II, b-III, c-I, d-IV

🔹 व्याख्या

👉 जुदाव सुप्रसिद्ध साहित्यकार मणि मधुकर की महत्वपूर्ण राजस्थानी रचना है।

👉 गांव कृति के रचनाकार गोरधन सिंह शेखावत हैं, जिन्होंने ग्रामीण परिवेश को दर्शाया है।

👉 कथै किन व्हैगौ है आधुनिक साहित्यकार तेज सिंह जोधा द्वारा रचित पुस्तक है।

👉 सोजती गेट राजस्थानी लेखक पारस अरोड़ा की चर्चित साहित्यिक कृति है।

✍️ सही उत्तर है – a-IV, b-III, c-I, d-II

'किरतार बावनी' के लेखक कौन थे ?  

[कनिष्ठ अनुदेशक (वेल्डर) 07.01.2025]

  • कवि ईसरदास 

  • दुरसा आढ़ा 

  • करणीदान 

  • दयालदास 

🔹 व्याख्या

👉 ‘किरतार बावनी’ राजस्थानी भाषा की एक प्रसिद्ध वीर रसात्मक रचना है।
👉 इसके रचयिता सुप्रसिद्ध कवि दूरसा आढ़ा थे।
👉 दूरसा आढ़ा राव चन्द्रसेन और महाराणा प्रताप के समकालीन थे।
👉 इस रचना में उन्होंने वीरों के शौर्य, निष्ठा और पराक्रम का गौरवपूर्ण वर्णन किया है।

✍️ सही उत्तर है – दूरसा आढ़ा 

राजस्थानी साहित्य की निम्नलिखित रचनाओं को कालक्रमानुसार व्यवस्थित करें:

(a) वंश भास्कर

(b) बुद्धि रासो

(c) ढोला मारू रा दोहा

(d) बिनहाई रासो

नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर चुनें :

[REET Mains ( L-1) 17.01.2026]

  • (d), (c), (a), (b)

  • (c), (b), (d), (a)

  • (d), (b), (c), (a)

  • (b), (a), (d), (c)

🔹 व्याख्या

👉 ढोला मारू रा दोहा राजस्थानी साहित्य की प्राचीन रचना मानी जाती है।
👉
इसके बाद बुद्धि रासो का रचनाकाल माना जाता है।
👉
आगे चलकर बिनहाई रासो की रचना हुई।
👉
अंत में वंश भास्कर का लेखन किया गया।

✍️ सही उत्तर है – (c), (b), (d), (a)

सूची-I को सूची-II से सुमेलित करें :

सूची-I ग्रंथ

सूची-II लेखक

(a) बीसलदेव रासो

(i) दलपत विजय

(b) सागत रासो

(ii) जोधराज

(c) खुमाण रासो

(iii) गिरधर आसिया

(d) हम्मीर रासो

(iv) नरपति नाल्ह

नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर चुनें :

[REET Mains L-2 Sci Math 18.01.26]

  • (a)-(iv), (b)-(i), (c)-(ii), (d)-(iii)

  • (a)-(iv), (b)-(iii), (c)-(i), (d)-(ii)

  • (a)-(iii), (b)-(ii), (c)-(i), (d)-(iv)

  • (a)-(i), (b)-(ii), (c)-(iii), (d)-(iv)

🔹 व्याख्या

👉 बीसलदेव रासो के रचयिता नरपति नाल्ह माने जाते हैं।
👉
सागत रासो की रचना गिरधर आसिया ने की थी।
👉
खुमाण रासो के लेखक दलपत विजय माने जाते हैं।
👉
हम्मीर रासो के रचयिता जोधराज थे।

✍️ सही उत्तर है – (a)-(iv), (b)-(iii), (c)-(i), (d)-(ii)

विजयदान देथा राजस्थान के प्रसिद्ध साहित्यकार थे। 

निम्नलिखित में से कौन सा उनका प्रसिद्ध कार्य है? 

[JEN सिविल डिग्री 22.02.2025]

  • वनफूल 

  • अग्निवीणा 

  • बातां री फुलवारी 

  • धरती धोरां री 

🔹 व्याख्या

👉 विजयदान देथा आधुनिक राजस्थानी साहित्य के प्रसिद्ध कथाकार और लोक लेखक थे।
👉 उनका सर्वाधिक प्रसिद्ध कार्य ‘बातां री फुलवारी’ है।
👉 यह ग्रंथ राजस्थान की लोककथाओं का विशाल संग्रह है जिसमें लोकजीवन की सजीव झलक मिलती है।
👉 इस रचना के लिए उन्हें साहित्य अकादमी पुरस्कार (1974) प्राप्त हुआ था।

✍️ सही उत्तर है – बातां री फुलवारी 

'दयालदास - री ख्यात' में किस रियासत के शासकों का इतिहास संचित है ?  

[कनिष्ठ अनुदेशक (टर्नर) 09.01.2025]

  • मेवाड़ 

  • बीकानेर 

  • हाड़ौती 

  • जोधपुर 

🔹 व्याख्या

👉 ‘दयालदास री ख्यात’ राजस्थानी भाषा की एक महत्त्वपूर्ण ऐतिहासिक रचना है।
👉 इसके रचयिता कवि दयालदास सिंढायच थे।
👉 इस ख्यात में बीकानेर राज्य के शासकों का क्रमबद्ध इतिहास संचित है।
👉 इसमें राव बीका से लेकर महाराजा सरदारसिंह (1851 ई.) तक का विस्तृत विवरण मिलता है।

✍️ सही उत्तर है – बीकानेर 

'वेलि किसन रूकमणि री' के लेखक कौन थे ?

[कनिष्ठ अनुदेशक  (Drafts) 04.01.2025]

  • पृथ्वीराज राठौड़ 

  • कन्हैयालाल सेठिया 

  • माधोदास दधवाडिया 

  • नरोत्तम दास 

🔹 व्याख्या

👉 ‘वेलि किसन रूकमणि री’ राजस्थानी भाषा की एक प्रसिद्ध डिंगल रचना है।
👉 इसके रचयिता उच्च कोटि के कवि पृथ्वीराज राठौड़ थे।
👉 इस काव्य में कृष्ण और रूकमणि की प्रेमकथा का सुंदर वर्णन है।
👉 इसमें भक्ति, शृंगार और वीर रस का अद्भुत समन्वय मिलता है।

✍️ सही उत्तर है – पृथ्वीराज राठौड़ 

नीचे दो कथन दिए गए हैं: एक अभिकथन (Assertion) A के रूप में लिखित है तो दूसरा उसके कारण (Reason) R के रूप में- 

अभिकथन A: वात, किसी कहानी को कहने और सुनने के समान विधा है तथा तीन रूपों में उपलब्ध है - गद्य, पद्य और गद्य-पद्य। 

कारण R: “अचलदास खींची री वचनिका" और "खिड़या जग्गा री कही” वात की कुछ महत्वपूर्ण कृत्तियां हैं। 

उपरोक्त कथन के आलोक में, नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर का चयन कीजिए:

[REET Mains (L-1) 20.01.2026]

  • A सही है लेकिन R सही नहीं है। 

  • A सही नहीं है लेकिन R सही है। 

  • A और R दोनों सही हैं और R, A की सही व्याख्या है। 

  • A और R दोनों सही हैं लेकिन R, A की सही व्याख्या नहीं है। 

🔹 व्याख्या

👉 वात राजस्थानी लोक-कथात्मक विधा है, जिसमें कहानी कहना और सुनना मुख्य विशेषता है।
👉
यह विधा तीन रूपों – गद्य, पद्य तथा गद्य-पद्य में मिलती है।
👉 “
अचलदास खींची री वचनिका” और “खिड़या जग्गा री कही” को वात कृतियाँ नहीं माना जाता।

✍️ सही उत्तर है – A सही है लेकिन R सही नहीं है।

राजस्थान का प्रतिष्ठित गीत - "धरती धोरां री" - किसके द्वारा लिखा गया था?

[4th Grade (4th Phase) 20.09.2025]

  • मेघराज मुकुल

  • सत्यप्रकाश जोशी

  • कन्हैयालाल सेठिया

  • पारस अरोड़ा

🔹 व्याख्या

👉 “धरती धोरां री” गीत के रचयिता कन्हैयालाल सेठिया हैं, जो प्रसिद्ध राजस्थानी और हिंदी कवि थे।
👉 उनका जन्म सुजानगढ़ (जिला चूरू, राजस्थान) में हुआ था।
👉 यह गीत राजस्थान की धरती, संस्कृति और स्वाभिमान का गौरवशाली वर्णन करता है।
👉 इसे “राजस्थान का राष्ट्रगान” भी कहा जाता है क्योंकि इसमें राजस्थान की वीरता, सौंदर्य और गौरव की भावना झलकती है।

✍️ सही उत्तर है – कन्हैयालाल सेठिया  

राजस्थानी साहित्य की ऐतिहासिक परंपरा/प्रवृत्तियों को कालक्रमानुसार व्यवस्थित करें: 

a. शृंगार / रीति काल 

b. वीरगाथा काल 

c. विविध प्रवृत्तियों को निरूपित करने वाला काल 

d. भक्ति काल 

नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर चुनें: 

[REET Mains (L-1) 20.01.2026]

  • d, b, a, c 

  • b, d, a, c 

  • c, a, b, d 

  • a, c, b, d 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थानी साहित्य का प्रारंभ वीरगाथा काल से माना जाता है।
👉
इसके बाद साहित्य में भक्ति काल की प्रमुख प्रवृत्ति विकसित हुई।
👉
फिर शृंगार / रीति काल का प्रभाव साहित्य में दिखाई देता है।
👉
अंत में विविध प्रवृत्तियों को निरूपित करने वाला आधुनिक काल आता है।

✍️ सही उत्तर है – b, d, a, c

नीचे दो कथन दिए गए हैं : एक अभिकथन A (Assertion A) के रूप में लिखित है तो दूसरा उसके कारण R (Reason R) के रूप में।

अभिकथन A : बहुत सारी इंडो-आर्यन भाषाओं के विपरीत राजस्थानी इतिहास दसवीं शताब्दी से शुरू होता है।

कारण R : राजस्थान की भाषा और साहित्य के महत्व पर पूर्ण प्रकाश एल. पी. टेसीटोरी ने डाला था।

उपरोक्त कथनों के आलोक में, नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर का चयन कीजिए :

[REET Mains L-2 Eng) 19.01.2026]

  • A सही नहीं है लेकिन R सही है।

  • A और R दोनों सही हैं लेकिन R, A की सही व्याख्या नहीं है।

  • A सही है लेकिन R सही नहीं है।

  • A और R दोनों सही हैं और R, A की सही व्याख्या है।

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थानी साहित्य और भाषा का इतिहास दसवीं शताब्दी से पहले भी मौजूद था।
👉
इसलिए अभिकथन A तथ्यात्मक रूप से सही नहीं है।
👉
हालांकि एल. पी. टेसीटोरी ने राजस्थान की भाषा-साहित्य पर प्रकाश डाला।
👉
अतः कारण R तथ्यात्मक रूप से सही है।

✍️ सही उत्तर है – A सही नहीं है लेकिन R सही है।

हुण गोरी किन पीव री, जोग संजोग और चंदा सेठानी उपन्यासों के लेखक कौन हैं ? 

[खनिज कार्यदेशक 23.02.2025]

  • यादवेंद्र शर्मा 

  • रामेश्वर दयाल 

  • अन्नाराम सुदामा 

  • नथमल जोशी 

🔹 व्याख्या

👉 ‘हुण गोरी किन पीव री’, ‘जोग संजोग’ और ‘चंदा सेठानी’ प्रसिद्ध राजस्थानी उपन्यास हैं।
👉 इन तीनों उपन्यासों के लेखक सुप्रसिद्ध साहित्यकार यादवेन्द्र शर्मा ‘चन्द्र’ हैं।
👉 यादवेंद्र शर्मा राजस्थानी कहानी, नाटक और उपन्यास विधा के प्रमुख रचनाकारों में से एक हैं।
👉 उनकी रचनाएँ सामाजिक यथार्थ और मानवीय संवेदनाओं पर आधारित हैं।

✍️ सही उत्तर है – यादवेन्द्र शर्मा 

'राजस्थान के एनाल्स और एंटीक्वीटीज' के लेखक का नाम बताइए । 

[JEN (Diploma) 06.02.2025]

  • वी ए स्मिथ 

  • कर्नल जेम्स टॉड 

  • जॉर्ज थॉमस 

  • डॉ कानूनगो 

🔹 व्याख्या

👉 ‘एनाल्स एंड एंटीक्वीटीज ऑफ राजस्थान’ राजस्थान के इतिहास पर लिखी गई एक महत्त्वपूर्ण पुस्तक है।
👉 इसके लेखक प्रसिद्ध अंग्रेज इतिहासकार कर्नल जेम्स टॉड हैं।
👉 यह ग्रंथ दो खंडों में प्रकाशित हुआ — पहला 1829 ई. और दूसरा 1832 ई. में।
👉 इसमें राजस्थान की भौगोलिक, सामाजिक और राजनीतिक स्थिति का विस्तृत वर्णन है।

✍️ सही उत्तर है – कर्नल जेम्स टॉड 

निम्नलिखित कृतियों को कालक्रमानुसार व्यवस्थित करें।

(a) राधा

(b) कब तक पुकारूं

(c) धूर्त रसिक लाल

(d) सप्तकिरण

नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर चुनें :

[REET Mains L-2 Hindi 19.01.2026]

  • a, b, c, d

  • b, c, d, a

  • b, d, c, a

  • a, b, d, c

🔹 व्याख्या

👉 कब तक पुकारूँ रांगेय राघव का प्रसिद्ध उपन्यास 1957 में प्रकाशित हुआ।

👉 सप्तकिरण मुनि जिनविजय और अन्य विद्वानों की महत्वपूर्ण कृति है।

👉 धूर्त रसिक लाल बालकृष्ण भट्ट की प्रमुख रचनाओं के बाद का क्रम दर्शाती है।

👉 राधा कन्हैयालाल सेठिया की प्रसिद्ध काव्य रचना 1960 के दशक की है।

✍️ सही उत्तर है – b, d, c, a

राजस्थान की 'साहित्य अकादमी' पुरस्कार प्राप्त साहित्यिक रचनाओं को कालक्रमानुसार व्यवस्थित करें :

(a) सुंदर नैन सुधा

(b) गवाड़ (उपन्यास)

(c) पग फेरो (कविता)

(d) बातां री फुलवारी खण्ड-X

नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर चुनें :

[REET Mains ( L-1) 17.01.2026]

  • (c), (d), (a), (b)

  • (a), (b), (c), (d)

  • (d), (c), (a), (b)

  • (b), (a), (c), (d)

🔹 व्याख्या

👉 बातां री फुलवारी खण्ड-X को साहित्य अकादमी पुरस्कार सबसे पहले प्राप्त हुआ।
👉
इसके बाद पग फेरो कविता को यह सम्मान मिला।
👉
आगे चलकर सुंदर नैन सुधा को साहित्य अकादमी पुरस्कार मिला।
👉
अंत में गवाड़ उपन्यास को यह पुरस्कार प्रदान किया गया।

✍️ सही उत्तर है – (d), (c), (a), (b)

काव्यसंग्रह 'लीलटाँस' के लेखक कौन हैं ?  

[कनिष्ठ अनुदेशक (कोस्मेटो) 08.01.2025]

  • सत्यप्रकाश जोशी 

  • मेघराज मुकुल 

  • कन्हैयालाल सेठिया 

  • मणि मधुकर 

🔹 व्याख्या

👉 ‘लीलटाँस’ राजस्थानी भाषा का एक प्रसिद्ध काव्य संग्रह है।
👉 इसके रचयिता कवि कन्हैयालाल सेठिया हैं, जो आधुनिक राजस्थानी कविता के महत्वपूर्ण सृजनकार माने जाते हैं।
👉 इस काव्य संग्रह में प्रकृति, देशप्रेम और मानवीय संवेदना का सुंदर समन्वय है।
👉 इस कृति के लिए उन्हें केन्द्रीय साहित्य अकादमी पुरस्कार (1976) से सम्मानित किया गया।

✍️ सही उत्तर है – कन्हैयालाल सेठिया 

राजस्थानी भाषा में काव्य रूप में उपलब्ध संतों का जीवन चरित्र इस प्रकार जाना जाता है:

[4th Grade 6th Phase) 21.09.2025]

  • रासो

  • रूपक

  • परची

  • प्रकास

🔹 व्याख्या

👉 परची राजस्थानी साहित्य की वह विधा है जिसमें संतों या भक्तों के जीवन चरित्र को काव्य रूप में प्रस्तुत किया जाता है।
👉 इन रचनाओं में संतों के आध्यात्मिक अनुभव, उपदेश और लोकसेवा का वर्णन होता है।
👉 परची काव्य राजस्थानी भक्ति साहित्य का एक महत्वपूर्ण अंग है, जो संतों की जीवनी और शिक्षाओं को जनमानस तक पहुँचाने का कार्य करता है।

✍️ सही उत्तर है – परची 

राजस्थानी उपन्यास “धोरां रो धोरी” के लेखक का नाम बताइए:

[4th Grade 6th Phase) 21.09.2025]

  • रामेश्वर दयाल श्रीमाली

  • लक्ष्मी कुमारी चुण्डावत

  • यादवेंद्र शर्मा

  • श्रीलाल नथमल जोशी

🔹 व्याख्या

👉 “धोरां रो धोरी” राजस्थानी भाषा का एक प्रसिद्ध उपन्यास है।
👉 इसके लेखक श्रीलाल नथमल जोशी हैं, जो आधुनिक राजस्थानी साहित्य के महत्वपूर्ण रचनाकारों में से एक हैं।
👉 इस उपन्यास में राजस्थान की मरुभूमि, लोकजीवन और सामाजिक यथार्थ का सजीव चित्रण किया गया है।
👉 यह कृति राजस्थानी उपन्यास साहित्य की श्रेष्ठ रचनाओं में गिनी जाती है।

✍️ सही उत्तर है – श्रीलाल नथमल जोशी 

उस राजस्थानी गद्य / काव्य की विधा का नाम बताइए, जिसमें 'वेलियो' रचनाएँ छंदों में लिखी जाती हैं:

[4th Grade 5th Phase) 21.09.2025]

  • वेली

  • वाचनिक

  • विगत

  • झूलना

🔹 व्याख्या

👉 ‘वेली’ राजस्थानी गद्य-काव्य की एक साहित्यिक विधा है।
👉 इस विधा में रचनाएँ ‘वेलियो’ नाम से छंदों में लिखी जाती हैं।
👉 वेली काव्य में सामान्यतः प्रेम, वीरता और भक्ति के भावों का समावेश होता है।
👉 यह शैली मध्यकालीन राजस्थानी काव्य परंपरा में अत्यंत लोकप्रिय रही है।

✍️ सही उत्तर है – वेली 

“अचलदास खींची री वाचनिका” के लेखक कौन हैं ?

[VDO (ग्राम विकास अधिकारी) 02.11.2025] 

  • माधोदास

  • पृथ्वीराज राठौड़

  • शिवदास गाडण

  • कविराज बांकीदास

🔹 व्याख्या

👉 “अचलदास खींची री वाचनिका” राजस्थानी भाषा की एक प्रसिद्ध वीरगाथात्मक कृति है।
👉 इस काव्य ग्रंथ के लेखक ‘शिवदास गाडण’ हैं।
👉 इसमें अचलदास खींची की वीरता, त्याग और आत्मसम्मान का वर्णन किया गया है।
👉 यह रचना राजस्थानी वीर साहित्य की प्रमुख कृतियों में से एक मानी जाती है।

✍️ सही उत्तर है – शिवदास गाडण 

निम्नलिखित में से किसने चार खंडों वाला इतिहास 'वंश भास्कर' लिखा था? 

[जेल प्रहरी (Shift-2nd) 12.04.2025]

  • दशोरा दुर्लभ राम 

  • गोबिंद गंगाधर पांडे 

  • सूर्यमल्ल मिश्रण 

  • कविराज श्यामलदास 

🔹 व्याख्या

👉 ‘वंश भास्कर’ राजस्थानी भाषा का एक महाकाव्यात्मक ऐतिहासिक ग्रंथ है।
👉 इसके रचयिता प्रसिद्ध कवि सूर्यमल्ल मिश्रण हैं, जिन्हें राजस्थान भूषण की उपाधि मिली थी।
👉 यह ग्रंथ हाड़ा चौहानों के इतिहास और बूँदी रियासत के वर्णन पर आधारित है।
👉 इसमें कुल आठ खंड हैं, जिनमें राजस्थान की राजनीतिक और सामाजिक घटनाओं का विस्तृत चित्रण है।

✍️ सही उत्तर है – सूर्यमल्ल मिश्रण 

'नैणसी री ख्यात' के लेखक मुँहणोत नैणसी किस शासक के दीवान थे ?  

[कनिष्ठ अनुदेशक (सुईंग) 09.01.2025]

  • महाराणा कुंभा 

  • महाराजा जसवन्तसिंह प्रथम 

  • सवाई जयसिंह 

  • राव जोधा 

🔹 व्याख्या

👉 मुहणोत नैणसी जोधपुर राज्य के प्रसिद्ध इतिहासकार और दीवान थे।
👉 वे जोधपुर के शासक महाराजा जसवंतसिंह प्रथम के दरबारी दीवान थे।
👉 नैणसी ने अपने शासनकाल में ‘नैणसी री ख्यात’ जैसी अमूल्य ऐतिहासिक रचना की।
👉 इस ग्रंथ में मारवाड़ व राजस्थान के राज्यों का इतिहास विस्तार से वर्णित है।

✍️ सही उत्तर है – महाराजा जसवंतसिंह प्रथम 

किस लहरिया शैली का उल्लेख राजस्थानी साहित्य में मिलता है ? 

[REET Mains L-2 Sans 20.01.2026]

  • राजशाही 

  • पंचरंग 

  • प्रतापशाही 

  • रंगरेज 

🔹 व्याख्या

👉 प्रतापशाही लहरिया राजस्थानी लहरिया शैली का प्रसिद्ध रूप है।
👉
इसका उल्लेख राजस्थानी साहित्य और संस्कृति में मिलता है।
👉
लहरिया कला टाई-एंड-डाई (बंधेज) की पारंपरिक तकनीक है।
👉
यह शैली रेगिस्तानी टीलों की लहरों से प्रेरित मानी जाती है।

✍️ सही उत्तर है – प्रतापशाही