आमेर शैली, जयपुर शैली और शेखावाटी शैली की चित्रकला, राजस्थान के निम्नलिखित में से किस चित्रकला शैली से संबंधित हैं ?

[4th Grade (2nd Phase) 19.09.2025] 

  • मारवाड़ शैली 

  • मेवाड़ शैली 

  • ढूंढाड़ शैली 

  • हाड़ौती शैली 

🔹 व्याख्या

👉 आमेर शैली, जयपुर शैली और शेखावाटी शैली — ये सभी ढूंढाड़ चित्रकला शैली की शाखाएँ हैं।
👉 ढूंढाड़ शैली राजस्थान की जयपुर क्षेत्रीय चित्रकला शैली के अंतर्गत आती है।
👉 इस शैली में मुगल चित्रकला की सूक्ष्मता और राजस्थानी रंग-संयोजन का सुंदर मिश्रण दिखाई देता है।
👉 चित्रों में राजदरबार, प्रेम प्रसंग, धार्मिक कथाएँ और प्रकृति सौंदर्य को कलात्मक रूप से दर्शाया गया है।
👉 यह शैली राजस्थान की चित्रकला परंपरा का एक महत्वपूर्ण अंग मानी जाती है।

✍️ सही उत्तर है – ढूंढाड़ शैली 

नीचे दो कथन दिए गए हैं: एक अभिकथन (Assertion) A के रूप में लिखित है तो दूसरा उसके कारण (Reason) R के रूप में; 

अभिकथन A: उस्ता परिवार के सदस्य बीकानेर चित्रकला शैली से संबंधित हैं तथा मुगल चित्रकला शैली में निपुण माने जाते थे। 

कारण R: यहां तक कि मुगल शासक जहांगीर ने भी उस्ता कलाकारों को अपने दरबार में सम्मानजनक स्थान दिया था। उपरोक्त कथन के आलोक में, नीचे दिए गए विकल्पों में से 

सबसे उपयुक्त उत्तर का चयन कीजिए: 

[REET Mains L-2 Sans 20.01.2026]

  • A सही है लेकिन R सही नहीं है। 

  • A सही नहीं है लेकिन R सही है। 

  • A और R दोनों सही हैं, लेकिन R, A की सही व्याख्या नहीं है। 

  • A और R दोनों सही हैं और R, A की सही व्याख्या है। 

🔹 व्याख्या

👉 उस्ता परिवार बीकानेर की चित्रकला शैली से संबंधित माना जाता है।
👉
ये कलाकार मुगल चित्रकला में भी निपुण माने जाते थे।
👉
लेकिन जहांगीर द्वारा उस्ता कलाकारों को दरबार में स्थान देने का उल्लेख सही नहीं है।

✍️ सही उत्तर है – A सही है लेकिन R सही नहीं है।

निम्नलिखित में से कौन सी हाड़ौती कला शैली नहीं है ? 

[सर्वेयर परीक्षा 23.02.2025]

  • कोटा शैली 

  • बूंदी शैली 

  • आमेर शैली 

  • झालावाड़ शैली 

🔹 व्याख्या

👉 हाड़ौती स्कूल के अंतर्गत बूंदी, कोटा, झालावाड़ और दुगारी की चित्रशैली आती है।
👉 इन शैलियों पर मेवाड़ और मुगल शैली का गहरा प्रभाव दिखाई देता है।
👉 आमेर शैली वास्तव में ढूंढाड़ स्कूल की उपशैली है। 

✍️ सही उत्तर है – आमेर शैली 

राजस्थान के निम्नलिखित में से कौन पद्म पुरस्कार विजेता लघु चित्रकला से जुड़े हैं ? 

[JEN (Diploma) 06.02.2025]

  • महेश सोनी 

  • श्री लाल जोशी 

  • राम किशोर छीपा 

  • तिलक गीताई 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान की लघु चित्रकला अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी प्रसिद्ध रही है।
👉 इस क्षेत्र में कई कलाकारों ने अपनी प्रतिभा से नाम कमाया।
👉 इन्हीं में से एक ख्यातिप्राप्त कलाकार तिलक गीताई हैं।
👉 लघु चित्रकला में उनके योगदान के लिए उन्हें पद्म पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

✍️ सही उत्तर है – तिलक गीताई 

उस्ता अली रजा और उस्ताद हामिद रुकनुद्दीन को बीकानेर के कौन-से शासक मुगल दरबार से बीकानेर लाये थे ? 

[कनिष्ठ अनुदेशक (पलम्बर) 08.01.2025]

  • राव कल्याणमल 

  • महाराजा रायसिंह 

  • महाराजा दलपतसिंह 

  • महाराजा सूरसिंह 

🔹 व्याख्या

👉 बीकानेर शैली की शुरुआत महाराजा रायसिंह के शासनकाल में हुई।
👉 रायसिंह मुगल कलाकारों की दक्षता से अत्यधिक प्रभावित थे।
👉 उन्होंने मुगल दरबार से उस्ता कलाकार अली रज़ा और हामिद रुकनुद्दीन को बीकानेर बुलाया।
👉 इन्हीं कलाकारों की कृतियों से बीकानेर चित्रकला का आधार तैयार हुआ।

✍️ सही उत्तर है – महाराजा रायसिंह 

महल में एक चित्र गैलरी की स्थापना किसने की, जिसे 'तस्वीरां रो कारखानो' कहा जाता था ? 

[JEN (Agriculture) 22.02.2025]

  • महाराणा अमर सिंह 

  • महाराणा जय सिंह 

  • महाराणा जगत सिंह 

  • महाराणा उदय सिंह 

🔹 व्याख्या

👉 मेवाड़ शैली का स्वर्णकाल महाराणा जगतसिंह प्रथम (1628–1652 ई.) के समय रहा।
👉 उनके शासनकाल में चित्रकला को राजकीय संरक्षण और नई संस्थागत व्यवस्था मिली।
👉 उन्होंने उदयपुर राजमहल में एक भव्य चित्र गैलरी स्थापित की।
👉 इस गैलरी को उस समय ‘तस्वीरां रो कारखानो’ कहा जाता था।

✍️ सही उत्तर है – महाराणा जगत सिंह 

राजस्थानी चित्रकला की प्रारंभिक और स्वदेशी शैली ___________ में देखी जा सकती है? 

[JEN (Agriculture) 22.02.2025]

  • ढूंढाड़ स्कूल 

  • मेवाड़ स्कूल 

  • मारवाड़ स्कूल 

  • हाड़ौती स्कूल 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थानी चित्रकला का मौलिक स्वरूप सबसे पहले मेवाड़ स्कूल में दृष्टिगोचर हुआ।
👉 इस शैली में जैन, अपभ्रंश और मालव कला का समन्वय दिखाई देता है।
👉 ऐतिहासिक परम्परा की दृष्टि से इसे राजस्थानी चित्रकला की प्रारंभिक और स्वदेशी शैली कहा जाता है।
👉 इसलिए मेवाड़ शैली का स्थान राजस्थानी चित्रकला में सर्वोपरि है।

✍️ सही उत्तर है – मेवाड़ स्कूल 

किस शासक ने “मदरसा-ए-हुनरी” की स्थापना की थी, जिसे आज राजस्थान स्कूल ऑफ आर्ट के नाम से जाना जाता है ? 

[4th Grade 5th Phase) 21.09.2025]

  • सवाई जय सिंह

  • महाराजा सवाई राम सिंह II

  • सवाई माधो सिंह I

  • सवाई प्रताप सिंह

🔹 व्याख्या

👉 मदरसा-ए-हुनरी की स्थापना जयपुर के महाराजा सवाई राम सिंह द्वितीय के कार्यकाल में की गई थी।
👉 यह संस्थान वर्ष 1857 ई. में कला और शिल्प प्रशिक्षण देने के उद्देश्य से प्रारंभ किया गया था।
👉 बाद में वर्ष 1886 ई. में इसका नाम बदलकर “महाराजा स्कूल ऑफ आर्ट्स एंड क्राफ्ट्स” रखा गया।
👉 समय के साथ इसकी पहचान और विस्तृत हुई, और 1988 ई. में इसका नाम पुनः बदलकर “राजस्थान स्कूल ऑफ आर्ट्स” कर दिया गया।
👉 यह संस्थान आज भी राजस्थान की कला, चित्रकला और शिल्प परंपरा को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

✍️ सही उत्तर है – महाराजा सवाई राम सिंह II 

किशनगढ़ चित्रकला शैली की उस प्रसिद्ध चित्रकृति (पेंटिंग) का नाम बताइए, जिसे एरिक डिकिन्सन द्वारा 'भारत की मोनालिसा' कहा गया है ?

[4th Grade (1st Phase) 19.09.2025]

  • ढोला-मारू

  • रूपमती-बाज़ बहादुर

  • बणी-ठणी

  • बूंदी रागमाला

🔹 व्याख्या

👉 बनी-ठनी राजस्थान की प्रसिद्ध किशनगढ़ चित्रकला शैली की एक अनुपम कृति है।
👉 इस चित्र में बनी-ठनी को राधा के प्रतीक के रूप में दर्शाया गया है, जो भक्ति और सौंदर्य का प्रतीक मानी जाती हैं।
👉 प्रसिद्ध कला समीक्षक एरिक डिकिन्सन ने इसे “भारत की मोना लीज़ा” कहा है।
👉 भारत सरकार ने 5 मई 1973 ई. को बनी-ठनी चित्र पर आधारित डाक टिकट जारी किया था।
👉 इस चित्र के माध्यम से किशनगढ़ चित्रशैली को अंतरराष्ट्रीय पहचान प्राप्त हुई।

✍️ सही उत्तर है – बनी-ठनी  

बूंदी के किस शासक ने रंगमहल बनवाया जो कि सुन्दर भित्तिचित्रों के लिए विश्वविख्यात है ?  

[कनिष्ठ अनुदेशक (टर्नर) 09.01.2025]

  • किशोरसिंह 

  • राव शत्रुसाल 

  • भावसिंह 

  • अनिरुद्धसिंह 

🔹 व्याख्या

👉 बूँदी शैली हाड़ौती स्कूल की प्रमुख चित्रकला शैली है।
👉 इस शैली को कई शासकों ने संरक्षण दिया और भित्ति चित्रों का विकास हुआ।
👉 बूँदी के शासक राव शत्रुसाल ने अपने शासनकाल में रंगमहल का निर्माण कराया।
👉 यह महल अपने सुन्दर और आकर्षक भित्ति चित्रों के लिए विश्वविख्यात है।

✍️ सही उत्तर है – राव शत्रुसाल 

कोटा शैली चित्रकला को प्रोत्साहित करने का श्रेय किसे दिया जाता है ? 

[Driver Exam 23 Nov 2025]

  • राजा प्रताप सिंह 

  • सवाई जय सिंह 

  • राजा जय सिंह 

  • महाराव राम सिंह 

🔹 व्याख्या

👉 कोटा शैली चित्रकला राजस्थान की प्रमुख राजस्थानी चित्रकला शैलियों में से एक है।
👉
इसे विशेष संरक्षण और प्रोत्साहन महाराव राम सिंह के समय मिला।
👉
उनके संरक्षण में इस शैली का व्यापक विकास हुआ।

✍️ सही उत्तर है – महाराव राम सिंह

रुकनुद्दीन राजस्थानी चित्रकला की किस शैली से सम्बद्ध था ?  

कनिष्ठ अनुदेशक (इलेक्ट्रिशियन) 19.11.2024

  • मेवाड़ शैली 

  • बूंदी शैली 

  • जोधपुर शैली 

  • बीकानेर शैली 

🔹 व्याख्या

👉 बीकानेर शैली का विकास 16वीं शताब्दी के अंत में हुआ।
👉 इस शैली के उत्कर्ष में उस्ता परिवार के कलाकारों का विशेष योगदान रहा।
👉 इन्हीं में से एक प्रसिद्ध चित्रकार रूकनुद्दीन थे।
👉 रूकनुद्दीन ने रसिकप्रिया और बारहमासा जैसे विषयों पर चित्र बनाए।

✍️ सही उत्तर है – बीकानेर शैली 

चित्तौड़ की कावड़ कला से किस कलाकार का नाम जुड़ा है ? 

[कनिष्ठ अनुदेशक (कंप्यूटर) 10.01.2025]

  • श्रीलाल जोशी 

  • बक्साराम 

  • मांगीलाल मिस्त्री 

  • साहिबराम 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान की लोक परम्पराओं में कावड़ कला का विशेष स्थान है।
👉 यह कला धार्मिक कथाओं को चित्रित कावड़ के रूप में प्रस्तुत करती है।
👉 चित्तौड़ की इस कावड़ कला से कलाकार मांगीलाल मिस्त्री का नाम जुड़ा है।
👉 उन्होंने इस पारम्परिक कला को नई पहचान दिलाई।

✍️ सही उत्तर है – मांगीलाल मिस्त्री 

बनी-ठनी राजस्थान की किस चित्रकला शैली से संबंधित है ? 

[जेल प्रहरी (Shift-1st) 12.04.2025] 

  • कोटा 

  • मारवाड़ 

  • बीकानेर

  • किशनगढ़ 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान की प्रसिद्ध चित्रकला शैलियों में किशनगढ़ शैली का विशेष स्थान है।
👉 इसका स्वर्णकाल राजा सावंतसिंह (नागरीदास) के समय माना जाता है।
👉 चित्रकार मोरध्वज निहालचंद ने इसी काल में प्रसिद्ध चित्र बनी-ठनी बनाया।
👉 यह चित्र किशनगढ़ शैली की पहचान और प्रतीक बन गया।

✍️ सही उत्तर है – किशनगढ़ 

बीकानेर शैली का समृद्ध रूप___________के शासन काल में दिखाई देता है।  

कनिष्ठ अनुदेशक (कंप्यूटर प्रयो.) 16.11.2024

  • राव कल्याणमल 

  • महाराजा पृथ्वीराज 

  • महाराजा अनूप सिंह 

  • महाराजा रायसिंह 

🔹 व्याख्या

👉 बीकानेर शैली का आरम्भ महाराजा रायसिंह के समय से माना जाता है।
👉 इस शैली में मुगल कलाकारों का भी योगदान रहा।
👉 इसका विशुद्ध और समृद्ध रूप महाराजा अनूपसिंह के शासनकाल में दिखाई देता है।
👉 इस समय उस्ता परिवार के कलाकारों ने रसिकप्रिया, बारहमासा और भागवत पुराण पर चित्र बनाए।

✍️ सही उत्तर है – महाराजा अनूपसिंह 

सावंत सिंह और बनी-ठनी को अमर बनाने वाले निहालचंद किससे जुड़े थे ?

[JEN (Mech. Diploma) 10.02.2025] 

  • संगीत 

  • कढ़ाई 

  • चित्रकला 

  • वास्तुकला 

🔹 व्याख्या

👉 किशनगढ़ शैली का स्वर्णकाल राजा सावंतसिंह (नागरीदास) के समय रहा।
👉 इस काल में चित्रकार मोरध्वज निहालचंद ने अद्वितीय कृतियाँ बनाई।
👉 निहालचंद ने सावंतसिंह और उनकी प्रिय बनी-ठनी को चित्रों में अमर कर दिया।
👉 इसलिए निहालचंद का नाम राजस्थान की चित्रकला परम्परा से जुड़ा है।

✍️ सही उत्तर है – चित्रकला 

कॉलम I में राजस्थानी चित्रकला की स्कूल को कॉलम II में चित्रकला की शैली से मिलान कीजिए । 

कॉलम I

(राजस्थानी चित्रकला की स्कूल)

कॉलम II

(चित्रकला की शैली)

1. हाड़ौती स्कूल

a. शेखावाटी शैली

2. ढूंढाड़ स्कूल

b. चावंड शैली

3. मारवाड़ स्कूल

c. कोटा शैली

4. मेवाड़ स्कूल

d. जैसलमेर शैली

[कनिष्ठ अनुदेशक (STE) 05.01.2025]

निम्न में से सबसे उपयुक्त विकल्प चुनें: 

  • 1-a, 2-b, 3-d, 4-c 

  • 1-b, 2-c, 3-a, 4-d 

  • 1-c, 2-a, 3-d, 4-b

  • 1-d, 2-c, 3-b, 4-a 

🔹 व्याख्या

👉 हाड़ौती स्कूल में बूंदी, कोटा, झालावाड़ जैसी शैलियाँ आती हैं, अतः सही मेल है – कोटा शैली।
👉 ढूंढाड़ स्कूल में आमेर, जयपुर, शेखावाटी, अलवर आदि सम्मिलित हैं, अतः मेल है – शेखावाटी शैली।
👉 मारवाड़ स्कूल की प्रमुख उपशैलियों में जोधपुर, बीकानेर, जैसलमेर आदि हैं, अतः मेल है – जैसलमेर शैली।
👉 मेवाड़ स्कूल की उपशैलियों में उदयपुर, नाथद्वारा, चावंड आदि आती हैं, अतः मेल है – चावंड शैली।

✍️ सही उत्तर है – 1-c, 2-a, 3-d, 4-b 

पिछवाई चित्रकला का किस चित्रकला शाखा से संबद्ध है ?

[REET Mains L-2 Sci Math 18.01.26]

  • नाथद्वारा

  • कोटा

  • किशनगढ़

  • बूंदी

🔹 व्याख्या

👉 पिछवाई चित्रकला राजस्थान की नाथद्वारा शैली से संबंधित मानी जाती है।
👉
इसकी उत्पत्ति लगभग 400–500 वर्ष पहले नाथद्वारा (मेवाड़) में हुई।
👉
इसमें भगवान कृष्ण के श्रीनाथजी स्वरूप तथा उनकी लीलाओं का चित्रण किया जाता है।
👉
ये चित्र कपड़े पर प्राकृतिक रंगों और सोने-चाँदी के कार्य से बनाए जाते हैं।

✍️ सही उत्तर है – नाथद्वारा

निम्नलिखित में से कौन राजस्थानी चित्रकला के स्कूलों की श्रेणी नहीं है?

[JEN सिविल डिग्री 22.02.2025]

  • हाड़ौती स्कूल 

  • मेवाड़ स्कूल 

  • मारवाड़ स्कूल 

  • आभानेरी स्कूल 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थानी चित्रकला को मुख्यतः चार स्कूलों में वर्गीकृत किया गया है।
👉 ये हैं – मेवाड़ स्कूल, मारवाड़ स्कूल, ढूंढाड़ स्कूल और हाड़ौती स्कूल।
👉 इनके अंतर्गत अनेक उपशैलियाँ जैसे उदयपुर, नाथद्वारा, किशनगढ़, बूंदी, कोटा आदि आती हैं। 

✍️ सही उत्तर है – आभानेरी स्कूल 

नीचे दो कथन दिए गए हैं : एक अभिकथन A (Assertion A) के रूप में लिखित है तो दूसरा उसके कारण R (Reason R) के रूप में।

अभिकथन A : झालावाड़ शैली को स्वतंत्र विद्या के रूप में स्थापित करने का श्रेय महाराव राम सिंह को दिया जाता है।

कारण R : झालावाड़ के महलों की दीवारों पर श्रीनाथ जी, राधाकृष्ण लीला, रामलीला के चित्र झालावाड़ शैली के हैं।

उपरोक्त कथन के आलोक में, नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर का चयन कीजिए :

[REET Mains L-2 Sci Math 18.01.26]

  • A और R दोनों सही हैं लेकिन R, A की सही व्याख्या नहीं है।

  • A सही है लेकिन R सही नहीं है।

  • A सही नहीं है लेकिन R सही है।

  • A और R दोनों सही हैं और R, A की सही व्याख्या है।

🔹 व्याख्या

👉 झालावाड़ शैली को स्वतंत्र चित्रकला शैली के रूप में स्थापित करने का श्रेय महाराव राम सिंह को नहीं दिया जाता।
👉
इसलिए अभिकथन A तथ्यात्मक रूप से गलत है।
👉
जबकि झालावाड़ के महलों की दीवारों पर श्रीनाथ जी, राधाकृष्ण लीला और रामलीला के चित्र मिलते हैं।
👉
ये चित्र झालावाड़ शैली के माने जाते हैं।

✍️ सही उत्तर है – A सही नहीं है लेकिन R सही है।

नीचे दो कथन दिए गए हैं: एक अभिकथन ( Assertion) A के रूप में लिखित है तो दूसरा उसके कारण (Reason) R के रूप में; 

अभिकथन A: राजस्थान में दारा (कोटा), बैराठ (जयपुर) स्थानों से शैलाश्रयों (गुफाओं) में आदिमानव द्वारा बनाए रेखांकन पाए गए हैं। 

कारण R: मेवाड़ राजस्थानी चित्रकला की जन्मस्थली है, जो अजंता चित्रकला शैली से प्रभावित है। 

उपरोक्त कथन के आलोक में, नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर का चयन कीजिए -

[REET Mains (L-1) 20.01.2026]

  • A और R दोनों सही हैं लेकिन R, A की सही व्याख्या नहीं है। 

  • A सही है लेकिन R सही नहीं है। 

  • A और R दोनों सही हैं और R, A की सही व्याख्या है।

  • A सही नहीं है लेकिन R सही है। 

🔹 व्याख्या

👉 दरा (कोटा) और बैराठ (जयपुर) में शैलाश्रय चित्र प्राप्त हुए हैं।
👉
इसलिए अभिकथन A तथ्यात्मक रूप से सही है।
👉
मेवाड़ शैली को राजस्थानी चित्रकला की जन्मस्थली माना जाता है।
👉
पर यह तथ्य शैलाश्रय चित्रों की व्याख्या नहीं करता।

✍️ सही उत्तर है – A और R दोनों सही हैं लेकिन R, A की सही व्याख्या नहीं है

ऊँट की खाल पर स्वर्ण मीनाकारी और मुनव्वती कला का कार्य _______के नाम से जाना जाता है।  

[कनिष्ठ अनुदेशक (वायरमेन) 05.01.2025]

  • मीनाकारी 

  • थेवा कला 

  • लाख कला 

  • उस्ता कला 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान में ऊँट की खाल पर अद्भुत स्वर्ण मीनाकारी और मुनव्वती कला विकसित हुई।
👉 इस कला का प्रमुख केंद्र बीकानेर रहा।
👉 इसे विशेष रूप से उस्ता परिवार के कलाकारों ने आगे बढ़ाया।
👉 इसलिए इस कला को उस्ता कला के नाम से जाना जाता है।

✍️ सही उत्तर है – उस्ता कला 

कपड़े पर चित्रित ____________नाथद्वारा चित्रकला शैली का सजीव उदाहरण है। 

[NHM Medical Worker 04.06.2025]

  • फड़ 

  • सिंहासन 

  • घोड़ा 

  • पिछवाई 

🔹 व्याख्या

👉 पिछवाई चित्रकला राजस्थान की प्रसिद्ध नाथद्वारा शैली की एक पारंपरिक कला है।
👉 इसमें बड़े कपड़े पर जटिल चित्रकारी की जाती है, जिसे श्रीनाथजी मंदिर की पृष्ठभूमि में लगाया जाता है।
👉 इन चित्रों में मुख्यतः भगवान कृष्ण के बाल रूप, उनकी लीलाएँ और जीवन की घटनाएँ दर्शाई जाती हैं।
👉 इन चित्रों को बनाने में प्राकृतिक रंगों, सोने और चाँदी का प्रयोग किया जाता है।
👉 यह कला आस्था, भक्ति और सौंदर्य का संगम मानी जाती है तथा नाथद्वारा की सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक है।

✍️ सही उत्तर है – पिछवाई 

"गुलिस्तान” के सुलेखित और चित्रित खण्ड में सभी चित्र किन कलाकारों द्वारा बनाए गए थे ? 

a. बलदेव 

b. गुलाम अली 

c. साहिबराम 

d. लालचंद 

नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर चुनें: 

[REET Mains L-2 Sans 20.01.2026]

  • b और c 

  • c और d 

  • a और b 

  • a और d 

🔹 व्याख्या

👉 गुलिस्तान के सुलेखित व चित्रित खण्ड का विशेष महत्व है।
👉
इसमें सभी चित्र प्रसिद्ध चित्रकारों द्वारा बनाए गए थे।
👉
ये चित्र बलदेव व गुलाम अली द्वारा बनाए गए थे।

✍️ सही उत्तर है – a और b

राजस्थान की स्थापत्य कला में________प्रबल है। (निम्न में से सबसे उपयुक्त विकल्प चुनें)  

[कनिष्ठ अनुदेशक (फिटर) 20.11.2024]

  • सौन्दर्य भावना 

  • कामनीयता एवं वासना की भावना 

  • शौर्य एवं सुरक्षा की भावना 

  • धार्मिक भावना 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान की स्थापत्य कला पर यहाँ की भौगोलिक परिस्थितियों का गहरा प्रभाव रहा। 
👉 ऊँचे प्राचीर, कंगूरे, तोरण और विशाल द्वार रक्षात्मक दृष्टि को दर्शाते हैं।
👉 राजपूती परम्परा में स्थापत्य का प्रमुख आधार शौर्य एवं सुरक्षा की भावना रही।

✍️ सही उत्तर है – शौर्य एवं सुरक्षा की भावना 

राजस्थान चित्रकला का प्रथम वैज्ञानिक वर्गीकरण किसके द्वारा प्रस्तुत किया गया था ? 

निम्नलिखित विकल्पों में से सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर चुनें:   

[पशु परिचर (1st Phase) 01.12.2024]

  • आनन्द केंटिश कुमारस्वामी 

  • डब्ल्यू. एच. ब्राउन 

  • विजय कुमार 

  • राय कृष्ण दास 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान की चित्रकला का वैज्ञानिक वर्गीकरण सर्वप्रथम प्रस्तुत किया गया।
👉 यह कार्य प्रसिद्ध कला समीक्षक आनन्द केंटिश कुमारस्वामी ने किया।
👉 उन्होंने 1916 ई. में प्रकाशित अपनी पुस्तक 'राजपूत पेंटिंग' में इसे प्रस्तुत किया।
👉 उनके अनुसार राजपूताने, पंजाब और हिमाचल की चित्रकला को राजस्थानी शैली कहा गया।

✍️ सही उत्तर है – आनन्द केंटिश कुमारस्वामी 

पिछवाई चित्रांकन किस चित्र शैली से सम्बंधित है ?  

[कनिष्ठ अनुदेशक (फिटर) 20.11.2024]

  • अलवर 

  • मारवाड़ 

  • ढूंढार 

  • नाथद्वारा 

🔹 व्याख्या

👉 नाथद्वारा शैली मेवाड़ स्कूल की प्रमुख उपशैली है।
👉 इसका जन्म 1670 ई. में श्रीनाथजी की स्थापना के साथ हुआ।
👉 इस शैली का मुख्य विषय कृष्ण लीलाएँ और वल्लभ सम्प्रदाय की झलकियाँ हैं।
👉 नाथद्वारा शैली की मौलिक और अनोखी देन पिछवाई चित्रांकन है।

✍️ सही उत्तर है – नाथद्वारा 

किशनगढ़ चित्रकला शैली को उसके चरमोत्कर्ष पर ले जाने का श्रेय निम्न में से किसे दिया जाता है ? 

निम्नलिखित विकल्पों में से सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर चुनें:  

[पशु परिचर (2nd Phase) 01.12.2024]

  • उदय सिंह 

  • निहाल चन्द 

  • चन्दन सिंह 

  • मूल चन्द 

🔹 व्याख्या

👉 किशनगढ़ शैली का स्वर्णकाल राजा सावंतसिंह (नागरीदास) के समय माना जाता है।
👉 इस काल में चित्रकार मोरध्वज निहालचंद का विशेष योगदान रहा।
👉 निहालचंद ने सावंतसिंह और उनकी प्रेयसी बनी-ठनी को चित्रों में जीवंत रूप दिया।
👉 इन्हीं कृतियों ने किशनगढ़ शैली को उसके चरमोत्कर्ष पर पहुँचा दिया।

✍️ सही उत्तर है – निहाल चन्द 

भीलवाड़ा के शाहपुरा के जोशी परिवार के चित्रकार किस लोक कला के पारंपरिक कलाकार रहे हैं ? 

[JEN (Agriculture) 22.02.2025]

  • फड़ 

  • मांडणा 

  • कावड़ 

  • पाने 

🔹 व्याख्या

👉 शाहपुरा (भीलवाड़ा) मेवाड़ स्कूल की एक उपशैली का प्रमुख केंद्र रहा।
👉 यहाँ के जोशी परिवार ने चित्रकला की परम्परा को आगे बढ़ाया।
👉 इस परिवार के चित्रकार पारम्परिक फड़ कला के लिए प्रसिद्ध रहे।
👉 फड़ चित्रण में धार्मिक कथाओं और लोककथाओं का जीवंत चित्रण किया जाता है।

✍️ सही उत्तर है – फड़ 

बूंदी में 'चित्रशाला' का निर्माण किसके समय में हुआ ?  

[कनिष्ठ अनुदेशक (ड्राइंग) 20.11.2024]

  • महाराव भीमसिंह 

  • राव विनयसिंह 

  • राव उम्मेदसिंह 

  • महाराव रामसिंह 

🔹 व्याख्या

👉 बूँदी शैली हाड़ौती स्कूल की एक प्रमुख चित्रशैली है।
👉 इसका सर्वश्रेष्ठ विकास महाराव उम्मेदसिंह प्रथम के काल में हुआ।
👉 इन्हीं के शासनकाल में बूँदी के राजमहल में भव्य चित्रशाला का निर्माण हुआ।
👉 इस चित्रशाला को ‘भित्ति चित्रों का स्वर्ग’ भी कहा जाता है।

✍️ सही उत्तर है – राव उम्मेदसिंह 

1260 का प्रतिदीप्त साहित्य (श्रावकप्रतिक्रमण सूत्रचूर्णि), जिसे तेज सिंह के शासनकाल में तैयार किया गया था, राजस्थानी चित्रकला की किस शाखा से संबंधित है ?

[REET Mains L-2 Eng) 19.01.2026]

  • हाड़ौती शाखा

  • मेवाड़ शाखा

  • मारवाड़ शाखा

  • ढूँढ़ाड़ शाखा

🔹 व्याख्या

👉 श्रावकप्रतिक्रमण सूत्रचूर्णि एक प्रतिदीप्त साहित्य है।
👉
इसका निर्माण तेज सिंह के शासनकाल में हुआ।
👉
यह कृति राजस्थानी चित्रकला की मेवाड़ शाखा से संबंधित है।

✍️ सही उत्तर है – मेवाड़ शाखा

पिछवाई चित्रकला किस चित्रकला शैली से सम्बंधित है ? 

[JEN विद्युत डिप्लोमा 08.02.2025]

  • बूंदी 

  • किशनगढ़ 

  • नाथद्वारा 

  • कोटा 

🔹 व्याख्या

👉 नाथद्वारा शैली मेवाड़ स्कूल की एक प्रमुख उपशैली है।
👉 इसका उद्भव 1670 ई. में श्रीनाथजी की स्थापना के साथ हुआ।
👉 इस शैली का मुख्य विषय कृष्ण भक्ति और उनकी विविध लीलाएँ हैं।
👉 इसकी अनोखी और मौलिक देन पिछवाई चित्रकला है।

✍️ सही उत्तर है – नाथद्वारा 

'तसुइराम रो कारखानो' की स्थापना किसने की ? 

[खनिज कार्यदेशक 23.02.2025]

  • राजा सावंत सिंह 

  • महाराणा जगत सिंह 

  • महाराजा मान सिंह 

  • महाराणा कुम्भा 

🔹 व्याख्या

👉 मेवाड़ शैली का उत्कर्ष महाराणा जगतसिंह प्रथम (1628–1652 ई.) के शासनकाल में हुआ।
👉 उनके समय उदयपुर राजमहल में एक विशेष चित्रकला विद्यालय की स्थापना हुई।
👉 इसे स्थानीय भाषा में ‘तसुइराम रो कारखानो’ कहा जाता था।
👉 यहाँ अनेक चित्रकार सामूहिक रूप से चित्रण कार्य करते थे।

✍️ सही उत्तर है – महाराणा जगत सिंह 

तिब्बती इतिहासकार तारानाथ ने मरुप्रदेश में सातवीं शताब्दी में किस चित्रकार की चर्चा की है ?  

कनिष्ठ अनुदेशक (रेफ्रिजरेशन) 18.11.2024

  • श्रीरंगधर/श्रृंगधर 

  • उद्योतन सूरी

  • निहालचंद 

  • साहिबदीन 

🔹 व्याख्या

👉 तिब्बती इतिहासकार तारानाथ ने राजस्थान की चित्रकला का उल्लेख किया है।
👉 उन्होंने मरुप्रदेश में सातवीं शताब्दी में एक महान चित्रकार का वर्णन किया।
👉 यह चित्रकार श्रीरंगधर/श्रृंगधर कहलाया।
👉 इसे राजस्थानी चित्रकला का प्रथम चित्रकार माना जाता है।

✍️ सही उत्तर है – श्रीरंगधर/श्रृंगधर 

बनी-ठनी किस चित्रकला स्कूल से संबंधित है ? 

[JEN (Agriculture) 22.02.2025]

  • किशनगढ़ 

  • चावंड 

  • मारवाड़ 

  • कोटा 

🔹 व्याख्या

👉 किशनगढ़ शैली राजस्थानी चित्रकला की प्रमुख और विशिष्ट शैली है।
👉 इसका स्वर्णकाल राजा सावंतसिंह (नागरीदास) के शासनकाल में रहा।
👉 इस काल में चित्रकार मोरध्वज निहालचंद ने अमर चित्र “बनी-ठनी” बनाया।
👉 बनी-ठनी को किशनगढ़ शैली की पहचान और प्रतीक माना जाता है।

✍️ सही उत्तर है – किशनगढ़ 

कृपाल सिंह शेखावत को किस कला को देश-विदेश में पहचान दिलाने के लिए 'पद्मश्री' से सम्मानित किया गया ? 

[कनिष्ठ अनुदेशक (ICT) 04.01.2025]

  • ऊस्ता कला 

  • थेवा कला 

  • मीनाकारी 

  • ब्लू पॉटरी 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान की पारम्परिक ब्लू पॉटरी कला अपनी विशिष्टता के लिए प्रसिद्ध है।
👉 इस कला में नीले रंग की आकर्षक मिट्टी की वस्तुएँ बनाई जाती हैं।
👉 इसे देश-विदेश में पहचान दिलाने का श्रेय कृपाल सिंह शेखावत को है।
👉 उनके योगदान के लिए उन्हें पद्मश्री सम्मान से सम्मानित किया गया।

✍️ सही उत्तर है – ब्लू पॉटरी 

“ढोलामारू रा दूहा” राजस्थान की किस चित्रकला शाखा से संबंधित है ?

[REET Mains L-2 Hindi 19.01.2026]

  • अजमेर शाखा/शैली

  • कोटा शाखा/शैली

  • मारवाड़ शाखा/शैली

  • ढूंढ़ाड़ शाखा/शैली

🔹 व्याख्या

👉 ढोलामारू की प्रेम कथा मारवाड़ शैली के चित्रण का मुख्य विषय रही है।

👉 इस शैली के चित्रों में ऊँट, रेगिस्तानी दृश्य और चटकीले रंगों का प्रयोग मिलता है।

👉 मारवाड़ शाखा के अंतर्गत जोधपुर शैली में इसके सर्वाधिक चित्र बने हैं।

👉 ढोलामारू रा दूहा मूलतः कवि कल्लोल द्वारा रचित एक प्रसिद्ध राजस्थानी काव्य है।

✍️ सही उत्तर है – मारवाड़ शाखा/शैली

कॉलम I में चित्र की शैली को कॉलम II में प्रसिद्ध चित्रकार से मिलान कीजिए। 

कॉलम I 

(चित्र की शैली)

कॉलम II 

(प्रसिद्ध चित्रकार)

1. बीकानेर शैली

a. श्रीधर अंधारे

2. बूंदी शैली

b. बाबा रामचन्द्र

3. नाथद्वारा शैली

c. अली राजा

4. देवगढ़ शैली

d. सुरजन

निम्न में से सबसे उपयुक्त विकल्प चुनें: 

[कनिष्ठ अनुदेशक (वेल्डर) 07.01.2025]

  • 1-d, 2-a, 3-b, 4-c 

  • 1-d, 2-c, 3-b, 4-a 

  • 1-b, 2-c, 3-a, 4-d 

  • 1-c, 2-d, 3-b, 4-a 

🔹 व्याख्या

👉 बीकानेर शैली के उत्कर्ष में उस्ता परिवार का बड़ा योगदान रहा, जिनमें प्रमुख चित्रकार अली राजा थे।
👉 बूँदी शैली में महाराव उम्मेदसिंह के समय उत्कृष्ट चित्र बने, इसके प्रसिद्ध चित्रकार सुरजन थे।
👉 नाथद्वारा शैली का प्रमुख विषय कृष्ण भक्ति रहा और यहाँ के प्रमुख चित्रकार बाबा रामचन्द्र माने जाते हैं।
👉 देवगढ़ शैली को शोध व प्रकाश में लाने का श्रेय विद्वान श्रीधर अंधारे को दिया जाता है।

✍️ सही उत्तर है – 1-c, 2-d, 3-b, 4-a 

कॉलम I में चित्रकारी को कॉलम II में चित्रकारी की शैली से मिलान कीजिए। 

कॉलम I

(चित्रकारी)

कॉलम II

(चित्रकारी की शैली)

1. भागवत पुराण का 'पारिजात अवतरण'

a. जोधपुर

2. 'अजारा की ओवरी' वॉल पेंटिंग

b. बीकानेर

3. 'चोखेलाव महल'

c. जैसलमेर

4. "उस्ता कला'

d. मेवाड़

5. 'मूमल'

e. देवगढ़

निम्न में से सबसे उपयुक्त विकल्प चुनें:  

[कनिष्ठ अनुदेशक (पलम्बर) 08.01.2025]

  • 1-c, 2-d, 3-e, 4-a, 5-b 

  • 1-a, 2-b, 3-c, 4-d, 5-e 

  • 1-e, 2-b, 3-d, 4-c, 5-a 

  • 1-d, 2-e, 3-a, 4-b, 5-c 

🔹 व्याख्या

👉 भागवत पुराण का ‘पारिजात अवतरण’ चित्रण मेवाड़ शैली की देन है, अतः मेल है – मेवाड़ (d)।
👉 ‘अजारा की ओवरी’ वॉल पेंटिंग देवगढ़ शैली का उत्कृष्ट उदाहरण है, अतः मेल है – देवगढ़ (e)।
👉 ‘चोखेलाव महल’ में बने भित्ति चित्र जोधपुर शैली से सम्बद्ध हैं, अतः मेल है – जोधपुर (a)।
👉 ऊँट की खाल पर स्वर्ण मीनाकारी की कला ‘उस्ता कला’ बीकानेर शैली से जुड़ी है, अतः मेल है – बीकानेर (b)।
👉 जैसलमेर शैली में लोद्रवा की राजकुमारी ‘मूमल’ का चित्रण प्रमुख है, अतः मेल है – जैसलमेर (c)।

✍️ सही उत्तर है – 1-d, 2-e, 3-a, 4-b, 5-c 

निम्नलिखित में से किस चित्रकला शैली पर मुगल प्रभाव नहीं है ? 

[कनिष्ठ अनुदेशक  (Drafts) 04.01.2025]

  • जयपुर शैली 

  • आमेर शैली 

  • अलवर शैली 

  • जैसलमेर शैली 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान की कई चित्रकला शैलियों पर मुगल प्रभाव देखने को मिलता है।
👉 परन्तु जैसलमेर शैली एकदम स्थानीय शैली मानी जाती है।
👉 इस पर न तो मुगल और न ही जोधपुर शैली का विशेष प्रभाव पड़ा।
👉 इसलिए इसे बाहरी प्रभावों से सबसे कम प्रभावित शैली कहा गया है।

✍️ सही उत्तर है – जैसलमेर शैली 

निम्नलिखित में से किसने राजस्थानी चित्रकला का पहला वैज्ञानिक वर्गीकरण प्रस्तुत किया ? 

[JEN (Agriculture) 22.02.2025]

  • आनंद कुमार स्वामी 

  • डॉ. मोतीचंद 

  • डॉ. फैय्याज अली 

  • डॉ. आर. के. वशिष्ठ 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थानी चित्रकला का प्रथम वैज्ञानिक वर्गीकरण प्रस्तुत किया गया था।
👉 यह वर्गीकरण प्रसिद्ध कला समीक्षक आनन्द कुमार स्वामी ने किया।
👉 उन्होंने अपनी कृति ‘राजपूत पेंटिंग’ (1916 ई.) में यह वर्गीकरण प्रस्तुत किया।
👉 इसी के आधार पर चित्रकला को राजस्थानी शैली के रूप में मान्यता मिली।

✍️ सही उत्तर है – आनन्द कुमार स्वामी 

नीचे दो कथन दिए गए हैं : एक अभिकथन A (Assertion A) के रूप में लिखित है तो दूसरा उसके कारण R (Reason R) के रूप में।
अभिकथन A : राजा उम्मेद सिंह ने रंगमहल बनवाया, जो अपने भित्ति चित्रों के लिए विश्व-विख्यात है।
कारण R : उनके शासनकाल में बूंदी शैली ने नवीन मोड़ लिया। वनस्पति और प्राणि विविधता, बहुरंगी बादल और झीलें संपूर्ण समृद्धि में निरुपित होना शुरू हो गई।
उपरोक्त कथनों के आलोक में, नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर का चयन कीजिए :

[REET Mains ( L-1) 17.01.2026]

  • A सही है लेकिन R सही नहीं है।

  • A और R दोनों सही हैं और R, A की सही व्याख्या है।

  • A सही नहीं है लेकिन R सही है।

  • A और R दोनों सही हैं लेकिन R, A की सही व्याख्या नहीं है।

🔹 व्याख्या

👉 रंगमहल अपने भित्ति चित्रों के लिए प्रसिद्ध है, परन्तु इसे राजा उम्मेद सिंह ने नहीं बनवाया।
👉
इसलिए अभिकथन A सही नहीं माना जाता।
👉
वहीं उनके काल में बूंदी शैली चित्रकला में नवीन मोड़ आया।
👉
इसमें वनस्पति-प्राणी विविधता तथा बहुरंगी बादल चित्रित होने लगे।

✍️ सही उत्तर है – A सही नहीं है लेकिन R सही है।

थेवा कला का सम्बन्ध राजस्थान के किस स्थान से है ? 

[कनिष्ठ अनुदेशक (सुईंग) 09.01.2025]

  • झालावाड़ 

  • चूरू 

  • उदयपुर 

  • प्रतापगढ़ 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान की विशिष्ट हस्तकला थेवा कला अपनी अनोखी पहचान रखती है। 
👉 इस कला का उद्भव और विकास प्रतापगढ़ रियासत में हुआ।
👉 प्रतापगढ़ को ही थेवा कला का प्रमुख केंद्र माना जाता है।

✍️ सही उत्तर है – प्रतापगढ़ 

महेश सोनी, रामप्रसाद और बेनीराम सोनी राजस्थान के किस कला के प्रमुख कलाकार हैं ?  

[कनिष्ठ अनुदेशक (पलम्बर) 08.01.2025]

  • मांडणा कला 

  • मीनाकारी कला 

  • ऊस्ता कला 

  • थेवा कला 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान की विशिष्ट हस्तकला थेवा कला का उद्भव प्रतापगढ़ में हुआ।
👉 इसमें काँच पर स्वर्ण पत्रों से अद्भुत चित्रांकन व नक्काशी की जाती है। 
👉 महेश सोनी, रामप्रसाद और बेनीराम सोनी इसी थेवा कला के प्रमुख कलाकार हैं।

✍️ सही उत्तर है – थेवा कला 

नाथद्वारा चित्रकला शैली के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों में से कौन-से सही हैं?

a. इस प्रकार की चित्रकला के उदाहरण चोखेलार महल में देखे जा सकते हैं।
b.
यह उदयपुर और ब्रज शैलियों का मिश्रण है।
c.
नाथद्वारा शैली के प्रमुख चित्रकार बाबा रामचंद्र और नारायण हैं।
d.
लघुचित्र भी नाथद्वारा चित्रकला शैली के मुख्य रूप हैं।

नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर चुनें:

[REET Mains (L-2) SST 18.01.2026]

  • a, c केवल

  • a, b केवल

  • b, c केवल

  • c, d केवल

🔹 व्याख्या

👉 नाथद्वारा चित्रकला शैली में उदयपुर और ब्रज शैली का प्रभाव दिखाई देता है।
👉
इसलिए यह दोनों शैलियों का मिश्रण मानी जाती है।
👉
इस शैली के प्रमुख चित्रकार बाबा रामचंद्र और नारायण माने जाते हैं।
👉
जबकि चोखेलार महल का संबंध इस शैली से नहीं माना जाता।

✍️ सही उत्तर है – b, c केवल

निम्नलिखित में से कौन-सी राजस्थानी चित्रकला की मुख्य विशेषताओं में शामिल नहीं है ?  (निम्नलिखित विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर चुनें)

[4th Grade (4th Phase) 20.09.2025]

  • राजस्थानी चित्रकला का महलों, किलों, मंदिरों और हवेलियों में सार्वजनिक प्रदर्शन नहीं होता

  • ऋतुओं और उनके मानव जीवन पर प्रभाव का श्रृंगारिक चित्रण

  • चित्रों में 'भक्ति' और 'शृंगार' दर्शाने में जीवंत रंगों का प्रयोग

  • प्राकृतिक सौंदर्य और नारी सौंदर्य का सजीव चित्रण राजस्थानी चित्रकला को विशिष्ट पहचान देता है

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थानी चित्रकला की प्रमुख विशेषताओं में धार्मिक विषय-वस्तु, स्थानीय रंगों का प्रयोग और सूक्ष्म रेखांकन शामिल हैं।
👉 इन चित्रों में रामायण, महाभारत, राधा–कृष्ण लीलाएँ तथा राजदरबारी जीवन का चित्रण मिलता है।
👉 साथ ही, ये चित्रकृतियाँ महलों, किलों, मंदिरों और हवेलियों की दीवारों पर बनाई जाती थीं।
👉 अतः यह कथन कि “राजस्थानी चित्रकला का महलों, किलों, मंदिरों और हवेलियों में सार्वजनिक प्रदर्शन नहीं होता” —
इस कला की विशेषता नहीं है, बल्कि इसके विपरीत, यह इन स्थानों पर ही सबसे अधिक प्रदर्शित होती थी।

✍️ सही उत्तर है – राजस्थानी चित्रकला का महलों, किलों, मंदिरों और हवेलियों में सार्वजनिक प्रदर्शन नहीं होता 

जयपुर में मीनाकारी की कला महाराजा मानसिंह-प्रथम द्वारा कहाँ से लाई गई थी ?  

[कनिष्ठ अनुदेशक (कोस्मेटो) 08.01.2025]

  • बंगाल 

  • बलूचिस्तान 

  • लाहौर 

  • ईरान 

🔹 व्याख्या

👉 जयपुर में मीनाकारी कला का विकास आमेर-जयपुर के कछवाहा शासकों के संरक्षण में हुआ।
👉 इस कला को यहाँ लाने का श्रेय महाराजा मानसिंह प्रथम को दिया जाता है।
👉 उन्होंने इसे मुगल साम्राज्य के प्रमुख कला केंद्र लाहौर से लाया।
👉 बाद में जयपुर इस कला का प्रमुख केंद्र बन गया।

✍️ सही उत्तर है – लाहौर 

निम्नलिखित चित्रों को कालक्रमानुसार व्यवस्थित करें :

(a) ढोला-मारू

(b) रागमाला चित्रावली

(c) जंगली सुअर का शिकार

(d) राजा पाबूजी का चित्र

नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर चुनें :

[REET Mains ( L-1) 17.01.2026]

  • (c), (b), (a), (d)

  • (d), (a), (b), (c)

  • (a), (b), (d), (c)

  • (b), (a), (c), (d)

🔹 व्याख्या

👉 ढोला-मारू चित्रावली राजस्थान की प्राचीन चित्रकला मानी जाती है।
👉
इसके बाद रागमाला चित्रावली का विकास मध्यकाल में हुआ।
👉
राजा पाबूजी का चित्र बाद की लोकचित्र परंपरा से संबंधित है।
👉
जंगली सुअर का शिकार चित्र उत्तरकालीन शैली में बनाया गया।

✍️ सही उत्तर है – (a), (b), (d), (c)

'मूमल' किस चित्रकला शैली का प्रमुख चित्र है ?  

[कनिष्ठ अनुदेशक (कार्यशाला) 19.11.2024]

  • कोटा शैली 

  • जैसलमेर शैली 

  • किशनगढ़ शैली 

  • बून्दी शैली 

🔹 व्याख्या

👉 जैसलमेर शैली राजस्थानी चित्रकला की सबसे स्थानीय शैली मानी जाती है।
👉 इस पर न तो मुगल और न ही जोधपुर शैली का विशेष प्रभाव पड़ा।
👉 इसका विकास महारावल हरराज, अखैसिंह और मूलराज के संरक्षण में हुआ।
👉 इस शैली में लोद्रवा की राजकुमारी मूमल के चित्र प्रमुख रूप से बनाए गए।

✍️ सही उत्तर है – जैसलमेर शैली 

'सुनहरी कोठी', जो अपनी पच्चीकारी एवं मीनाकारी कला के लिये विख्यात है, कहाँ स्थित है ?  

[कनिष्ठ अनुदेशक (इलेक्ट्रिक) 10.01.2025]

  • नाथद्वारा में 

  • बून्दी में 

  • टोंक में 

  • झालावाड़ में 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान में अनेक हवेलियाँ और कोठियाँ अपनी सजावट व कलात्मकता के लिए प्रसिद्ध हैं।
👉 इनमें टोंक की ‘सुनहरी कोठी’ विशेष रूप से जानी जाती है।
👉 यह कोठी अपनी अद्वितीय पच्चीकारी और मीनाकारी कला के लिए विख्यात है।
👉 इसे राजस्थान का कलात्मक नगीना भी कहा जाता है।

✍️ सही उत्तर है – टोंक में