'माही सुगंधा' ____ फसल की किस्म है।
[वनपाल परीक्षा 06.11.2022]
👉 'माही सुगंधा' चावल की एक नई किस्म है, जिसका उत्पादन राजस्थान में किया जा रहा है।
👉 यह किस्म बासमती चावल के समान मानी जाती है और इसकी खुशबू व गुणवत्ता इसे विशेष बनाती है।
👉 चावल का प्रमुख उत्पादन झालावाड़, कोटा, बूँदी, बारां, बाँसवाड़ा, डूंगरपुर आदि जिलों में होता है।
👉 वर्ष 2019-20 में चावल का प्रति हैक्टेयर उत्पादन 2189 किग्रा रहा।
✍️ सही उत्तर है – चावल
राजस्थान राज्य को कितने कृषि-जलवायु प्रदेशों में वर्गीकृत किया गया है ?
[वनपाल परीक्षा 06.11.2022]
👉 भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) द्वारा वर्षा, तापमान, मिट्टी और फसलों के आधार पर राजस्थान को 10 प्रमुख कृषि-जलवायु प्रदेशों में विभाजित किया गया है ।राजस्थान के सभी 10 कृषि-जलवायु प्रदेशों का विस्तृत विवरण निम्नलिखित है :
1. शुष्क पश्चिमी मैदानी क्षेत्र (I-A)जिले: बाड़मेर और जोधपुर।विशेषता: यहाँ अत्यंत शुष्क जलवायु और रेतीली मिट्टी होती है, जहाँ बाजरा, मोठ और ग्वार मुख्य फसलें हैं ।
2. सिंचित उत्तर-पश्चिमी मैदानी क्षेत्र (I-B)जिले: श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़।विशेषता: इंदिरा गांधी नहर के कारण यह क्षेत्र सिंचित है । यहाँ कपास, गेहूँ और गन्ने की खेती होती है।
3. अति शुष्क आंशिक सिंचित क्षेत्र (I-C)जिले: जैसलमेर, बीकानेर और चूरू।विशेषता: यह क्षेत्रफल की दृष्टि से राज्य का सबसे बड़ा कृषि-जलवायु क्षेत्र है ।
4. अंतर्देशीय जल निकास का संक्रमणकालीन मैदान (II-A)जिले: नागौर, सीकर, झुंझुनू और चूरू (आंशिक)।विशेषता: यहाँ वर्षा कम होती है, मुख्य रूप से खरीफ की फसलें उगाई जाती हैं।
5. लूणी बेसिन का जलोढ़ मैदान (II-B)जिले: जालौर, पाली, सिरोही और जोधपुर (आंशिक)।विशेषता: इस क्षेत्र में लूणी नदी बहती है और बाजरा व तिलहन की पैदावार अच्छी होती है ।
6. अर्द्ध-शुष्क पूर्वी मैदानी क्षेत्र (III-A)जिले: जयपुर, अजमेर, टोंक और दौसा।विशेषता: बनास नदी बेसिन का यह क्षेत्र मध्यम वर्षा वाला और उपजाऊ है। यहाँ सरसों, गेहूँ और सब्जियां उगाई जाती हैं।
7. बाढ़ संभावित पूर्वी मैदानी क्षेत्र (III-B)जिले: अलवर, भरतपुर, धौलपुर, करौली और सवाई माधोपुर।विशेषता: यमुना और चंबल बेसिन का क्षेत्र । यह क्षेत्र खाद्यान्न (सरसों व गेहूँ) उत्पादन में अग्रणी है।
8. उप-आर्द्र दक्षिणी मैदानी क्षेत्र (IV-A)जिले: भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़, राजसमंद, उदयपुर (आंशिक)।विशेषता: यहाँ मक्का, धान (चावल) और दलहन की खेती प्रमुखता से की जाती है।
9. आर्द्र दक्षिणी मैदानी क्षेत्र (IV-B)जिले: डूंगरपुर, बांसवाड़ा और प्रतापगढ़।विशेषता: यह क्षेत्रफल की दृष्टि से राजस्थान का सबसे छोटा कृषि-जलवायु क्षेत्र है । यहाँ सबसे अधिक वर्षा होती है और मक्का व चावल मुख्य फसलें हैं।
10. आर्द्र दक्षिणी-पूर्वी पठारी क्षेत्र (V)जिले: कोटा, बूंदी, बारां और झालावाड़ (हाड़ौती क्षेत्र)।विशेषता: काली उपजाऊ मिट्टी वाला यह क्षेत्र सोयाबीन, धनिया, लहसुन और अफीम उत्पादन के लिए प्रसिद्ध है।
'माही कंचन' और 'माही धवल' किस फ़सल की किस्म हैं ?
[CET (10+2 द्वितीय चरण) 04.02.2023]
👉 'माही कंचन' और 'माही धवल' का विकास मक्का की संकुल किस्मों के रूप में किया गया है।
👉 इन किस्मों का विकास अखिल भारतीय समन्वित मक्का सुधार परियोजना, उदयपुर एवं कृषि अनुसंधान केन्द्र, बाँसवाड़ा में हुआ।
👉 यह किस्में दक्षिणी राजस्थान की जलवायु के अनुकूल हैं और उत्पादकता में सहायक हैं।
👉 मक्का की प्रति हैक्टेयर उपज वर्ष 2022-23 में 2277 किग्रा रही।
✍️ सही उत्तर है – मक्का
राजस्थान में मूंगफली की फसल के उत्पादन के लिए सर्वश्रेष्ठ मृदा कौनसी है ? [*]
[पुस्तकालयाध्यक्ष ग्रेड - III 19.09.2019]
📌 महत्वपूर्ण सूचना: इस प्रश्न को बोर्ड द्वारा 'डिलीट' या अमान्य घोषित किया गया है।
राजस्थान के किस भाग में वालरा कृषि की जाती है ? सर्वाधिक उपयुक्त विकल्प चुनिये।
[प्रयोगशाला सहायक (विज्ञान) 29.06.2022]
👉 वालरा एक प्रकार की झूम कृषि है, जिसमें जंगलों को काटकर और जलाकर खेती की जाती है।
👉 यह पद्धति राजस्थान के दक्षिणी भाग, विशेषकर आदिवासी क्षेत्रों में प्रचलित है।
👉 इन क्षेत्रों में डूंगरपुर, बांसवाड़ा, उदयपुर आदि जिले आते हैं।
👉 यह कृषि स्थानांतरण कृषि के रूप में पहचानी जाती है।
✍️ सही उत्तर है – दक्षिणी
'पूसा प्रगति' का एक प्रमुख प्रकार है ।
[कृषि पर्यवेक्षक परीक्षा 04.02.2024]
👉 'पूसा प्रगति' का एक प्रमुख प्रकार है - उद्यान मटर
राजस्थान में सोयाबीन उत्पादक प्रमुख क्षेत्र है -
[CET (स्नातक) (चरण -III) 08.01.2023]
👉 राजस्थान में सोयाबीन का उत्पादन सर्वाधिक झालावाड़, बारां, प्रतापगढ़ एवं कोटा जिलों में होता है।
👉 ये सभी जिले हाड़ौती क्षेत्र में स्थित हैं, जो राज्य का प्रमुख सोयाबीन उत्पादक क्षेत्र है।
👉 इसके अतिरिक्त भीलवाड़ा, अजमेर, ब्यावर, जयपुर, सवाई माधोपुर आदि जिलों में भी इसका उत्पादन होता है।
👉 वर्ष 2022-23 में राज्य में 12.10 लाख टन सोयाबीन का उत्पादन हुआ।
✍️ सही उत्तर है – हाड़ौती पठार
भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़ तथा राजसमन्द जिले राजस्थान के किस कृषि जलवायु प्रदेश के अन्तर्गत आते हैं?
[JEN (कृषि) 10.09.2022]
👉 भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़ और राजसमन्द जिले IV-A उप आर्द्र दक्षिणी मैदान कृषि जलवायु प्रदेश में आते हैं।
👉 यहाँ वार्षिक वर्षा 500 से 900 मिमी होती है और मिट्टी दोमट व अरावली की तलहटी में पाई जाती है।
👉 खरीफ में मक्का, ज्वार, मूंगफली, कपास, रबी में गेहूँ, चना, जौ, धनिया आदि की कृषि होती है।
👉 यह क्षेत्र फलों और सब्जियों की कृषि के लिए भी जाना जाता है।
✍️ सही उत्तर है – उप आर्द्र दक्षिणी मैदान
राजस्थान का कौन सा शहर 'मेंहदी नगरी' कहलाता है ?
[कृषि पर्यवेक्षक परीक्षा 04.02.2024]
👉 सोजत शहर, जिसे ‘मेहंदी नगरी’ कहा जाता है, पाली जिले में स्थित है।
👉 यह शहर अपनी मेहंदी की खेती और उत्पादन के लिए विशेष पहचान रखता है।
👉 यहाँ की मेहंदी की गुणवत्ता उच्च स्तर की मानी जाती है और इसे भारत सहित विश्वभर में निर्यात किया जाता है।
निम्नलिखित में से राजस्थान में उगाई जाने वाली धान की किस्म नहीं है
[REET मुख्य परीक्षा (L -2) 01.03.2023]
👉राजस्थान में उगाई जाने वाली धान की किस्म नहीं है - ज्योति
👉 ज्योति (जौ): कृषि में जौ की फसल की भी एक प्रमुख किस्म 'ज्योति' है。
निम्नलिखित में से कौन सी एक खरीफ की फसल नहीं है ?
[वनपाल परीक्षा 06.11.2022]
👉 गेहूँ राजस्थान की प्रमुख रबी फसल है जो शीत ऋतु में बोई जाती है और गर्मी से पहले काटी जाती है।
👉 जबकि चावल, ज्वार और मक्का सभी खरीफ फसलें हैं, जो वर्षा ऋतु में बोई जाती हैं।
👉 गेहूँ का उत्पादन मुख्यतः नहरी क्षेत्रों में किया जाता है और इसका बोवाई क्षेत्र राज्य के लगभग सभी जिलों में है।
👉 गेहूँ का उत्पादन वर्ष 2021-22 में 100 लाख टन रहा।
✍️ सही उत्तर है – गेहूँ
राजस्थान के दक्षिण-पूर्व क्षेत्रों में आदिवासियों द्वारा उपयोग में ली जाने वाली कृषि की विधि को कहते हैं :
[REET मुख्य परीक्षा (L -2) 26.02.2023]
👉 वालरा (Walara) कृषि राजस्थान के आदिवासी क्षेत्रों (विशेष रूप से उदयपुर, बांसवाड़ा और डूंगरपुर) में की जाने वाली एक आदिम और स्थानांतरित कृषि (Shifting Cultivation) है。 इसे आम बोलचाल में 'झूमिंग खेती' भी कहा जातास्थान और स्थलाकृति के आधार पर वालरा दो प्रकार की होती है: 1. दजिया (Dajiya)क्षेत्र: यह मुख्य रूप से मैदानी भागों में की जाने वाली स्थानांतरित कृषि है।विधि: मैदानी इलाकों में जंगलों और झाड़ियों को काटकर उन्हें जला दिया जाता है। इसके बाद साफ हुई जमीन में हल चलाकर या खोदकर मक्का, बाजरा, और दालें जैसी फसलें उगाई जाती हैं।2. चिमाता (Chimata)क्षेत्र: यह कृषि अरावली पर्वतमाला के पहाड़ी और ढलान वाले इलाकों में की जाती है।विधि: पहाड़ी ढलानों पर पेड़ों और वनस्पतियों को काटकर जला दिया जाता है। उनकी राख खाद (Fertilizer) का काम करती है। यहाँ हल नहीं चलाया जा सकता, इसलिए जमीन को खुरपी या कुदाल से खोदकर मुख्य रूप से मक्का बोया जाता है।
सूची I के साथ सूची सूची II का मिलान कीजिए
सूची I (फलों की फसल) सूची II (वाणिज्यिक संवर्धन विधि)
a. आम I. वायु परतन तथा मुकुलन
b. अंगूर II. पार्श्व कलम रोपण
c. पपीता III. बीज
d. अमरूद IV. दृढ़ काष्ठ कर्तन
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:
[कृषि पर्यवेक्षक परीक्षा 04.02.2024]
👉 आम का वाणिज्यिक संवर्धन मुख्यतः पार्श्व कलम रोपण (Side grafting) द्वारा किया जाता है।
👉 अंगूर की वृद्धि के लिए दृढ़ काष्ठ कर्तन (Hardwood cutting) का उपयोग होता है।
👉 पपीता सामान्यतः बीज से उगाया जाता है।
👉 अमरूद का संवर्धन प्रायः वायु परतन एवं मुकुलन द्वारा किया जाता है।
कौन सी तिलहनी फसल दालों के समान मृदा में नाइट्रोजन स्तर को बढ़ाती है ?
[REET मुख्य परीक्षा (L -2) 25.02.2023]
👉 मूंगफली को प्रमुख तिलहनी फसल बताया गया है, जिसे दाल के रूप में भी प्रयोग किया जाता है।
👉 मूंगफली प्रोटीन स्रोत है और यह दालों की तरह मृदा में नाइट्रोजन को बढ़ाने की क्षमता रखती है।
👉 इसे खरीफ में 50–125 से.मी. वर्षा वाले क्षेत्रों में उगाया जाता है।
✍️ सही उत्तर है – मूंगफली
राजस्थान में सरसों की अधिक पैदावार के कारण तेलघानी और लघु उद्योग निम्न में से कहाँ पाये जाते हैं ?
[स्टेनोग्राफर परीक्षा 05.10.2024]
👉 राजस्थान में सरसों की अधिक पैदावार वाले जिलों में भरतपुर प्रमुख है।
👉 यहाँ सरसों उत्पादन के आधार पर तेलघानी और लघु उद्योग विकसित हुए हैं।
👉 राज्य में सरसों उत्पादन वर्ष 2022-23 में 58.30 लाख टन रहा।
👉 अन्य प्रमुख उत्पादक जिले हैं – अलवर, कोटा, हनुमानगढ़, गंगानगर, टोंक आदि।
✍️ सही उत्तर है – भरतपुर
निम्न में से राजस्थान के किस जिले में सबसे ज्यादा गेहूँ उगाया जाता है ?
[स्टेनोग्राफर परीक्षा 21.03.2021]
👉 गेहूँ राजस्थान में कई जिलों में होता है, विशेषकर नहरी सिंचित और नलकूप-क्षेत्रों में।
👉 प्रमुख गेहूँ उत्पादक जिलों में गंगानगर, हनुमानगढ़, अलवर, जयपुर, कोटा आदि शामिल हैं।
👉 इनमें से गंगानगर जिले का नाम अक्सर पहले आता है और यह उच्च उत्पादकता के लिए जाना जाता है, इसलिए सबसे अधिक गेहूँ उगाने वाला जिला माना जाता है।
✍️ सही उत्तर है – श्रीगंगानगर
निम्न में से कौन सी मृदा, राजस्थान में कपास फसलों के उत्पादन हेतु सर्वाधिक उपयुक्त है ?
[प्रयोगशाला सहायक (गृह विज्ञान) 30.06.2022]
👉 राजस्थान में कपास उत्पादन के लिए उपयुक्त मृदा काली या चिकनी (medium black soil) मानी गई है।
👉 यह मृदा नमी बनाए रखने में सक्षम होती है और कपास के गहराई वाले मूल तंत्र के लिए अनुकूल है।
👉 कपास के लिए 50–100 से.मी. वर्षा तथा पर्याप्त सिंचाई भी आवश्यक होती है।
👉 कपास की खेती गंगानगर, हनुमानगढ़ आदि जिलों में की जाती है।
✍️ सही उत्तर है – मध्यम काली मृदा
राजस्थान में कितने कृषि विज्ञान केन्द्र हैं ?
[REET मुख्य परीक्षा (L -2) 27.02.2023]
👉 राजस्थान में वर्तमान(2026) में कुल 47 कृषि विज्ञान केंद्र (KVK) कार्यरत हैं। ये केंद्र भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के अंतर्गत आते हैं और किसानों को नई कृषि तकनीकों, उन्नत बीजों और वैज्ञानिक खेती की जानकारी देने में मदद करते हैं।राज्य का पहला और देश का दूसरा कृषि विज्ञान केंद्र फतेहपुर (सीकर) में स्थित है।
अर्थव्यवस्था के कृषि क्षेत्र में निम्न में से किसे सम्मिलित नहीं किया जाता है ?
[वनपाल परीक्षा 06.11.2022]
👉 कृषि एवं सम्बद्ध क्षेत्र में आमतौर पर फसल उत्पादन, पशुपालन, मत्स्य पालन तथा वानिकी (Forestry) को सम्मिलित किया जाता है।
👉 जबकि आवास (Housing) कृषि क्षेत्र से संबंधित नहीं होता है, यह गैर-कृषि क्षेत्र की श्रेणी में आता है।
👉 इसलिए आवास को अर्थव्यवस्था के कृषि क्षेत्र में शामिल नहीं किया जाता।
✍️ सही उत्तर है – आवास
राजस्थान का पहला स्पाईस (मसाला) पार्क स्थापित किया गया था ?
[कृषि पर्यवेक्षक परीक्षा 18.09.2021]
👉 राजस्थान का पहला स्पाइस पार्क जोधपुर के पास रामपुरा भटियान गाँव में स्थापित हुआ, जिसका उद्घाटन 27 करोड़ रुपये की लागत से किया गया।
������ यह देश का दूसरा स्पाइस पार्क है, जिसमें जीरा, धनिया और सौंफ की सफाई, ग्रेडिंग, पीसने व पैकिंग की रेखीय प्रसंस्करण सुविधा है।
👉 यह पार्क राजस्थान सरकार द्वारा 60.07 एकड़ भूमि में निःशुल्क स्थापित किया गया है।
👉 यहां बीज मसालों के लिए सामान्य ढांचागत सुविधाएं उपलब्ध हैं, विशेषकर जीरा और धनिया के लिए।
संतरा (साइट्रस) मसालों और औषधीय पौधों के लिए उत्कृष्टता केन्द्र अवस्थित है—
[शारीरिक शिक्षा अध्यापक 25.09.2022]
👉 झालावाड़ में सिट्रस मसाले एवं औषधीय पौधों हेतु उत्कृष्टता केंद्र स्थापित किया गया है।
👉 यह केंद्र राजस्थान सरकार के कृषि विभाग द्वारा स्थापित किया गया है।
👉 इसका उद्देश्य उन्नत किस्मों, तकनीकों व अनुसंधान के माध्यम से संबंधित फसलों को बढ़ावा देना है।
👉 यह केंद्र क्षेत्रीय किसानों को प्रशिक्षण व तकनीकी सहायता प्रदान करता है।
निम्न में से कौन सा राजस्थान राज्य कृषि विपणन बोर्ड का कार्य नहीं है ? [*]
[REET मुख्य परीक्षा (L -2) 26.02.2023]
📌 महत्वपूर्ण सूचना: इस प्रश्न को बोर्ड द्वारा 'डिलीट' या अमान्य घोषित किया गया है।
कृषि एवं संबंधित क्षेत्र का वर्ष 2020-21 में वर्तमान कीमतों पर राजस्थान के सकल राज्य मूल्य वर्धन में ……………प्रतिशत योगदान करने का अनुमान है।
[VDO मुख्य परीक्षा 09.07.2022]
👉 2020-21 में राजस्थान के GSVA (सकल राज्य मूल्य वर्धित) में कृषि और संबंधित क्षेत्रों का योगदान 29.77% आंका गया।
👉 प्रारंभिक अनुमान के अनुसार, 271.33 लाख टन खाद्यान्न उत्पादन हुआ, जो पिछले वर्ष से 2.08% अधिक है।
👉 2019-20 में यह उत्पादन 265.81 लाख टन था, जिससे राज्य की कृषि वृद्धि दर में सुधार परिलक्षित होता है।
निम्नलिखित में से मावठ द्वारा लाभार्थी फसल कौन सी नहीं है?
[VDO मुख्य परीक्षा 09.07.2022]
👉 मावठ (शीतकालीन वर्षा) रबी की फसलों जैसे गेहूँ, चना और सरसों के लिए लाभकारी होती है।
👉 मूंगफली खरीफ की फसल है, जो वर्षा ऋतु में बोई जाती है, अतः मावठ का इससे कोई सीधा लाभ नहीं होता।
👉 मूंगफली के लिए गर्म और आर्द्र जलवायु उपयुक्त होती है।
👉 इसलिए मावठ से लाभ नहीं उठाने वाली फसल मूंगफली है।
✍️ सही उत्तर है – मूंगफली
निम्नलिखित में से किस जिले में 'सेम' की समस्या है ?
[प्रयोगशाला सहायक (गृह विज्ञान) 30.06.2022]
👉 सेम एक प्रकार की समस्या है, जिसमें भूजल ऊपर आकर भूमि को दलदली बना देता है।
👉 इससे मिट्टी की उर्वरता घटती है और भूमि बंजर हो जाती है।
👉 राजस्थान में यह समस्या विशेष रूप से बीकानेर, श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ जिलों में पाई जाती है।
👉 इन क्षेत्रों में सेम एक गंभीर पारिस्थितिक समस्या बन चुकी है।
'माही सुगंधा' किस फसल की किस्म है ?
[प्रयोगशाला सहायक (विज्ञान) 28.06.2022]
👉 'माही सुगंधा' चावल की एक उन्नत किस्म है, जो बासमती चावल के समान सुगंधित मानी जाती है।
👉 इसका उत्पादन झालावाड़, कोटा, बारां, बाँसवाड़ा आदि जिलों में किया जाता है।
👉 यह किस्म गुणवत्ता व स्वाद के कारण लोकप्रिय होती जा रही है।
👉 वर्ष 2019-20 में चावल का प्रति हैक्टेयर उत्पादन 2189 किग्रा रहा।
✍️ सही उत्तर है – चावल
राजस्थान में वनों को काटकर व जलाकर की जाने वाली कृषि कहलाती है
[VDO मुख्य परीक्षा 09.07.2022]
👉 वनों को काटकर और जलाकर की जाने वाली कृषि को स्थानांतरण कृषि कहा जाता है।
👉 राजस्थान में इसे 'वालरा' के नाम से जाना जाता है।
👉 यह प्रणाली सीमित क्षेत्रों में प्रचलित है और पारंपरिक आदिवासी कृषि पद्धति से जुड़ी है।
✍️ सही उत्तर है – वालरा
2022 में भारत में मानव विकास सूचकांक में प्रथम कोटि प्राप्त करने वाला राज्य था : [*]
[REET मुख्य परीक्षा (L -2) 26.02.2023]
📌 महत्वपूर्ण सूचना: इस प्रश्न को बोर्ड द्वारा 'डिलीट' या अमान्य घोषित किया गया है।
निम्नलिखित में से कौन से कृषि जलवायु प्रदेश में बाजरा बोया जाता है ?
[प्रयोगशाला सहायक (भूगोल) 30.06.2022]
👉 अर्द्ध-शुष्क पूर्वी मैदान (III-A) कृषि-जलवायु प्रदेश में बाजरा खरीफ की मुख्य फसल के रूप में बोया जाता है।
👉 इस क्षेत्र में वर्षा 500–700 मिमी होती है और यहाँ सिंचित व असिंचित दोनों प्रकार की खेती की जाती है।
👉 बाजरे के साथ यहाँ मूंग, चौला, मूँगफली, ग्वार आदि फसलें भी होती हैं।
👉 इसमें जयपुर, अजमेर, दौसा, टोंक आदि जिले आते हैं।
✍️ सही उत्तर है – अर्द्ध-शुष्क पूर्वी मैदान
'बीकानेरी नरमा एवं मालवी' _____ की किस्में हैं ।
[JEN (यांत्रिक) (डिप्लोमाधारक) 13.12.2020]
👉 'बीकानेरी नरमा' कपास की एक प्रसिद्ध देशी किस्म है, जिसका विकास श्रीगंगानगर में किया गया था।
👉 'मालवी' भी कपास की एक किस्म है, जो रेशे की गुणवत्ता के लिए जानी जाती है।
👉 राज्य में कपास का उत्पादन विशेष रूप से गंगानगर, हनुमानगढ़, बीकानेर आदि जिलों में होता है।
👉 कपास की उन्नत किस्मों में आर.एस.टी.-9, वीरनार, जी.आर.जे.-8 आदि भी शामिल हैं।
✍️ सही उत्तर है – कपास
राजस्थान में सब्जी उत्कृष्टता केन्द्र स्थापित किया गया है
[CET (स्नातक) (चरण -IV) 08.01.2023]
👉 बूंदी जिले में स्थापित सब्जी उत्कृष्टता केंद्र का उद्देश्य उत्तम किस्मों के पौधे उपलब्ध कराना और उत्पादन व मूल्य बढ़ाना है।
👉 यह केंद्र राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अंतर्गत बना है, लेकिन इसका इंफ्रास्ट्रक्चर राजस्थान सरकार ने तैयार किया।
👉 यहाँ हाइड्रोपोनिक्स, एक्वा, पॉलीहाउस, शेडनेट हाउस जैसी तकनीकें विकसित की गई हैं।
👉 साथ ही सौर जलयोजन इकाई भी है, जो किसानों को उचित मूल्य और तकनीकी सहायता प्रदान करती है।
निम्नलिखित में से कौन सा कृषि जलवायु खण्ड (क्षेत्रफलानुसार) राजस्थान में सबसे बड़ा है ?
VDO Pre. (द्वितीय चरण) 27.12.2021
👉 I-A शुष्क पश्चिमी मैदान राजस्थान का सबसे बड़ा कृषि-जलवायु प्रदेश है, जिसका क्षेत्रफल 124.37 लाख हैक्टेयर है।
👉 लेकिन प्रश्न में विकल्प I-A नहीं है, अतः शेष विकल्पों में तुलना करें।
👉 I-C (अति शुष्क आंशिक सिंचित क्षेत्र) – बीकानेर, जैसलमेर, चुरू जैसे जिले सम्मिलित हैं और यह क्षेत्र विस्तार में बड़ा है।
👉 अन्य खंड जैसे II-A, II-B और I-B की तुलना में इसका विस्तार अधिक है।
✍️ सही उत्तर है – I - सी
निम्नलिखित में से कौन सी 'रबी' फसल है ?
[REET मुख्य परीक्षा (L -2) 27.02.2023]
👉 गेहूँ राजस्थान की एक प्रमुख रबी फसल है, जिसकी बुवाई शीतकाल में होती है।
👉 इसके लिए 50 से 100 से.मी. वर्षा एवं ठण्डा मौसम उपयुक्त होता है।
👉 गेहूँ का उत्पादन राज्य में नहर एवं नलकूप सिंचित क्षेत्रों में अधिक होता है।
👉 अन्य विकल्पों – जूट, बाजरा और मूँगफली – को खरीफ फसलों में गिना जाता है।
✍️ सही उत्तर है – गेहूँ
राजस्थान में निम्न में से कौन सी रबी की फसल नहीं है ?
[प्रयोगशाला सहायक (भूगोल) 30.06.2022]
👉 बाजरा राजस्थान की एक प्रमुख खरीफ फसल है, जो वर्षा ऋतु में बोई जाती है।
👉 जबकि गेहूँ, चना और जौ सभी रबी की फसलें हैं, जो शीत ऋतु में बोई जाती हैं।
👉 बाजरा विशेष रूप से शुष्क एवं मरुस्थलीय क्षेत्रों में उगाया जाता है।
👉 वर्ष 2022-23 में बाजरे का उत्पादन 51.10 लाख टन रहा।
✍️ सही उत्तर है – बाजरा
राजस्थान में सबसे बड़ा कृषि - जलवायु प्रदेश है
[प्रयोगशाला सहायक (भूगोल) 30.06.2022]
👉 राजस्थान की कृषि को जलवायु के आधार पर 10 कृषि-जलवायु क्षेत्रों में विभाजित किया गया है।
👉 क्षेत्रफल की दृष्टि से I-C (अत्यधिक आंशिक सिंचित क्षेत्र) सबसे बड़ा क्षेत्र है, जबकि IV-B सबसे छोटा है।
👉 III-B क्षेत्र में सबसे अधिक कृषि होती है, और IV-A में सबसे कम।
'चम्बल' और 'माही सुगंधा' किस फसल की उन्नत किस्में हैं ?
[VDO मुख्य परीक्षा 09.07.2022]
👉 माही सुगंधा मुख्य रूप से चावल की एक किस्म है जिसे बीज अधिनियम, 1966 के अंतर्गत बासमती किस्म घोषित किया गया।
👉 यह एक अर्ध-बौनी किस्म (87–98 सेमी) है, जिसकी बढ़वार अवधि 129–135 दिन होती है।
👉 इसकी उपज क्षमता 45–60 क्विंटल प्रति हेक्टेयर तक होती है, जो इसे उत्पादकता के लिहाज़ से उपयोगी बनाती है।
20 से 30
C तापमान व 90 दिन पाला रहित कौन सी फसल की अच्छी गुणवत्ता के उत्पादन के लिए आवश्यक है ?
[REET मुख्य परीक्षा (L -2) 28.02.2023]
👉 कपास एक ऐसी फसल है, जिसे बोते समय 20°–25°C और पकते समय 30°–35°C तापमान की आवश्यकता होती है।
👉 इसके साथ ही लगभग 90 दिन पाला रहित मौसम कपास की उत्कृष्ट गुणवत्ता के लिए अनिवार्य होता है।
👉 यह फसल राजस्थान में विशेष रूप से गंगानगर और हनुमानगढ़ जिलों में उगाई जाती है।
👉 कपास की उन्नत किस्मों में बीकानेरी नरमा, RST-9, संकर-4 आदि सम्मिलित हैं।
✍️ सही उत्तर है – कपास
कौनसा असत्य है ?
[बेसिक कम्प्यूटर अनुदेशक 18.06.2022]
👉 यांत्रिक कृषि गंगानगर जिले में प्रचलित है, यह सत्य है।
👉 आर्द्र दक्षिण-पूर्वी मैदान में सोयाबीन की खेती की जाती है, यह भी सत्य है।
👉 'माही-कंचन' चावल नहीं, बल्कि मक्का की किस्म है – अतः यह कथन असत्य है।
👉 सूरतगढ़ कृषि फार्म की स्थापना रूस की सहायता से की गई थी, यह सत्य है (यह जानकारी अध्याय में प्रत्यक्ष नहीं है पर सामान्य रूप से मान्य तथ्य है)।
✍️ सही उत्तर है – माही - कंचन राजस्थान में चावल की उच्च उत्पादकता देने वाली किस्म है।
निम्नलिखित में से कौनसा (अनुसंधान संस्थान - अवस्थिति) सुमेलित नहीं है ?
VDO Pre. (तृतीय चरण) 28.12.2021
👉 राष्ट्रीय सरसों अनुसंधान केन्द्र – सेवर (भरतपुर) में है।
👉 केन्द्रीय शुष्क क्षेत्र अनुसंधान संस्थान – जोधपुर में स्थित है (CAZRI)।
👉 राष्ट्रीय शुष्क क्षेत्र उद्यानिकी अनुसंधान केन्द्र – बीकानेर में है।
👉 राष्ट्रीय बीज मसाला अनुसंधान केन्द्र – तबीजी (अजमेर) में है, तिजारा में नहीं।
✍️ सही उत्तर है – राष्ट्रीय बीज मसाला अनुसंधान केन्द्र - तिजारा
राजस्थान में कृषि की कुछ प्रमुख विशेषताओं के संदर्भ में निम्न में से कौन से सही हैं
(1) खाद्यान्न फसलों की
(2) मानसून तटस्थ
(3) शुष्क कृषि पर उच्च
(4) स्थानांतरण कृषि की
नीचे दिए गए कूटों की सहायता से सही उत्तर का चयन कीजिए
[JEN (विधुत) (डिग्रीधारक) 29.11.2020]
कूट : -
👉 (1) खाद्यान्न फसलों की प्रधानता – सही है, राजस्थान में गेहूँ, बाजरा, मक्का, जौ, चावल आदि प्रमुख फसलें हैं।
👉 (2) मानसून तटस्थ – गलत है, राजस्थान की कृषि मानसून पर अत्यधिक निर्भर है।
👉 (3) शुष्क कृषि पर उच्च निर्भरता – सही है, विशेषकर पश्चिमी और मध्य राजस्थान में।
👉 (4) स्थानांतरण कृषि की प्रथा – सही है, इसे 'वालरा' कहा जाता है और यह कुछ क्षेत्रों में अपनाई जाती है।
✍️ सही उत्तर है – 1, 3 और 4
सरसों अनुसंधान निदेशालय स्थित है ?
[REET मुख्य परीक्षा (L -1) 25.02.2023]
👉 राष्ट्रीय सरसों अनुसंधान केन्द्र राजस्थान के भरतपुर जिले के सेवर नामक स्थान पर स्थित है।
👉 इसे 'नेशनल रिसर्च सेन्टर फार रेपसीड एण्ड मस्टर्ड' (NRCRM) के रूप में जाना जाता है।
👉 यह केन्द्र राज्य में सरसों उत्पादन एवं उससे जुड़ी उन्नत तकनीकों के विकास हेतु कार्यरत है।
👉 यह केन्द्र राष्ट्रीय तिलहन विकास परियोजना के अंतर्गत कार्य करता है।
✍️ सही उत्तर है – भरतपुर में
राजस्थान के शुष्क पश्चिमी मैदानी क्षेत्र में खरीफ की कौन सी मुख्य फसलों को बोया जाता है ?
[स्टेनोग्राफर परीक्षा 05.10.2024]
👉 I-A शुष्क पश्चिमी मैदानी क्षेत्र में वर्षा 200–370 मिमी होती है और यहाँ बालूका स्तूपों की प्रधानता है।
👉 इस क्षेत्र में खरीफ की मुख्य फसलें हैं – बाजरा, मोठ और तिल।
👉 इसके अतिरिक्त यहाँ ग्वार, मूँग, खजूर, बेर व मिर्च आदि का भी उत्पादन किया जाता है।
👉 यह क्षेत्र केन्द्रीय शुष्क अनुसंधान केन्द्र, जोधपुर के अंतर्गत आता है।
✍️ सही उत्तर है – बाजरा, मोठ व तिल
मावठ कौन सी फसल के लिए लाभदायक नहीं होती है ?
[शारीरिक शिक्षा अध्यापक 25.09.2022]
👉 राजस्थान में मावठ वर्षा भूमध्यसागरीय चक्रवातों के कारण होती है, जिसे पश्चिमी विक्षोभ भी कहा जाता है।
👉 यह वर्षा गैर-मानसून काल में आती है और इसे मावठ (शीतकालीन वर्षा) कहा जाता है।
👉 मावठ वर्षा का गेहूँ, चना, सरसों जैसी रबी फसलों की वृद्धि में विशेष योगदान होता है।
👉 जबकि कपास, खरीफ ऋतु की फसल मानी जाती है।
निम्नलिखित में से किस फसल को जल की अधिकतम आवश्यकता होती है ?
[कृषि पर्यवेक्षक परीक्षा 04.02.2024]
👉 चावल को उगाने के लिए 100 से 150 से.मी. वर्षा और उच्च तापमान की आवश्यकता होती है।
👉 यह फसल जल पर अत्यधिक निर्भर होती है और जहाँ सिंचाई की सुविधा हो, वहीं इसका उत्पादन संभव होता है।
👉 राजस्थान में चावल का उत्पादन सीमित क्षेत्रों में होता है जैसे – कोटा, बाँसवाड़ा, डूंगरपुर आदि।
👉 गेहूँ, मक्का और सोरघम की तुलना में चावल की जल आवश्यकता सर्वाधिक होती है।
✍️ सही उत्तर है – चावल
भरतपुर संभाग में कौन सा कृषि - जलवायु प्रदेश स्थित है ?
[वनपाल परीक्षा 06.11.2022]
👉 भरतपुर संभाग में स्थित जिलों – भरतपुर, डीग, धौलपुर, करौली, सवाई माधोपुर आदि को III-B बाढ़ प्रभावित पूर्वी मैदान कृषि-जलवायु प्रदेश में शामिल किया गया है।
👉 इस क्षेत्र में 500 से 700 मिमी वर्षा होती है और चूना युक्त दोमट मृदा पाई जाती है।
👉 यहाँ खरीफ में बाजरा, मक्का, मिर्च, रबी में गेहूँ, चना, सरसों आदि की कृषि होती है।
👉 यह क्षेत्र फल एवं सब्जी उत्पादन के लिए भी प्रसिद्ध है।
✍️ सही उत्तर है – III-B
ICAR द्वारा राजस्थान कितने कृषि - जलवायु क्षेत्रों में विभाजित किया गया है ?
पशुधन सहायक (LSA) 04.06.2022
👉 भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) द्वारा वर्षा, तापमान, मिट्टी और फसलों के आधार पर राजस्थान को 10 प्रमुख कृषि-जलवायु प्रदेशों में विभाजित किया गया है ।राजस्थान के सभी 10 कृषि-जलवायु प्रदेशों का विस्तृत विवरण निम्नलिखित है :
1. शुष्क पश्चिमी मैदानी क्षेत्र (I-A)जिले: बाड़मेर और जोधपुर।विशेषता: यहाँ अत्यंत शुष्क जलवायु और रेतीली मिट्टी होती है, जहाँ बाजरा, मोठ और ग्वार मुख्य फसलें हैं ।
2. सिंचित उत्तर-पश्चिमी मैदानी क्षेत्र (I-B)जिले: श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़।विशेषता: इंदिरा गांधी नहर के कारण यह क्षेत्र सिंचित है । यहाँ कपास, गेहूँ और गन्ने की खेती होती है।
3. अति शुष्क आंशिक सिंचित क्षेत्र (I-C)जिले: जैसलमेर, बीकानेर और चूरू।विशेषता: यह क्षेत्रफल की दृष्टि से राज्य का सबसे बड़ा कृषि-जलवायु क्षेत्र है ।
4. अंतर्देशीय जल निकास का संक्रमणकालीन मैदान (II-A)जिले: नागौर, सीकर, झुंझुनू और चूरू (आंशिक)।विशेषता: यहाँ वर्षा कम होती है, मुख्य रूप से खरीफ की फसलें उगाई जाती हैं।
5. लूणी बेसिन का जलोढ़ मैदान (II-B)जिले: जालौर, पाली, सिरोही और जोधपुर (आंशिक)।विशेषता: इस क्षेत्र में लूणी नदी बहती है और बाजरा व तिलहन की पैदावार अच्छी होती है ।
6. अर्द्ध-शुष्क पूर्वी मैदानी क्षेत्र (III-A)जिले: जयपुर, अजमेर, टोंक और दौसा।विशेषता: बनास नदी बेसिन का यह क्षेत्र मध्यम वर्षा वाला और उपजाऊ है। यहाँ सरसों, गेहूँ और सब्जियां उगाई जाती हैं।
7. बाढ़ संभावित पूर्वी मैदानी क्षेत्र (III-B)जिले: अलवर, भरतपुर, धौलपुर, करौली और सवाई माधोपुर।विशेषता: यमुना और चंबल बेसिन का क्षेत्र । यह क्षेत्र खाद्यान्न (सरसों व गेहूँ) उत्पादन में अग्रणी है।
8. उप-आर्द्र दक्षिणी मैदानी क्षेत्र (IV-A)जिले: भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़, राजसमंद, उदयपुर (आंशिक)।विशेषता: यहाँ मक्का, धान (चावल) और दलहन की खेती प्रमुखता से की जाती है।
9. आर्द्र दक्षिणी मैदानी क्षेत्र (IV-B)जिले: डूंगरपुर, बांसवाड़ा और प्रतापगढ़।विशेषता: यह क्षेत्रफल की दृष्टि से राजस्थान का सबसे छोटा कृषि-जलवायु क्षेत्र है । यहाँ सबसे अधिक वर्षा होती है और मक्का व चावल मुख्य फसलें हैं।
10. आर्द्र दक्षिणी-पूर्वी पठारी क्षेत्र (V)जिले: कोटा, बूंदी, बारां और झालावाड़ (हाड़ौती क्षेत्र)।विशेषता: काली उपजाऊ मिट्टी वाला यह क्षेत्र सोयाबीन, धनिया, लहसुन और अफीम उत्पादन के लिए प्रसिद्ध है।
'सीरावन' से क्या तात्पर्य है ?
[JEN (सिविल) (डिग्रीधारक) 12.09.2021]
👉 सीरावन का अर्थ है — ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों का नाश्ता, जो पारंपरिक कृषि जीवन से जुड़ा है।
👉 किसान खेती के किसी न किसी पहलू से जुड़ा होता है — जैसे सब्ज़ी, अनाज, फल उत्पादन या दूध, अंडा, मांस हेतु पशुपालन।
👉 छोटा किसान अपनी भूमि के छोटे टुकड़े पर फसलें उगाता है और अंडों के लिए मुर्गियाँ भी पालता है।
👉 14वीं शताब्दी में एक किसान ऐसा भी था जो लीज पर ली गई फ्रांसीसी ज़मीन से कर वसूल करता था।
राजस्थान में प्रमुख सरसों उत्पादक जिलों का सही युग्म है -
[CET (स्नातक) (चरण -II) 07.01.2023]
👉 राजस्थान में सरसों एक प्रमुख तिलहनी फसल है, जिसका उत्पादन शीत व शुष्क जलवायु में होता है।
👉 प्रमुख सरसों उत्पादक जिले हैं – अलवर, भरतपुर, डीग, करौली, सवाई माधोपुर, गंगानगर, हनुमानगढ़, जयपुर, टोंक, बूँदी, झुन्झुनूं आदि।
👉 इनमें से अलवर - जयपुर तथा करौली - सवाई माधोपुर दोनों सही युग्म हैं, पर प्रश्न में केवल एक सही युग्म पूछा गया है।
👉 विकल्पों में अलवर - जयपुर सबसे अधिक प्रमुख उत्पादक युग्म के रूप में वर्णित है।
✍️ सही उत्तर है – अलवर - जयपुर
राजस्थान सरकार द्वारा घोषित जेट्रोफा बीज का समर्थन मूल्य है -
[CET (स्नातक) (चरण -IV) 08.01.2023]
👉 राजस्थान सरकार बंजर भूमि पर जट्रोफा रोपण हेतु मुफ्त/सब्सिडी वाले पौधे किसानों को उपलब्ध कराती है।
👉 सरकार ₹12.00 प्रति किग्रा का समर्थन मूल्य देकर किसानों को प्रोत्साहित करती है।
👉 जट्रोफा का रोपण मनरेगा, BPL–SHGS और ग्राम पंचायत के माध्यम से भी करवाया जाता है।
👉 एक बार लगाया गया पौधा लगभग 40 वर्ष तक फल देता है और 3–4 किग्रा प्रति वर्ष उत्पादन करता है।
फसल एवं उनकी उन्नत किस्मों को मिलाइए और कूट से सही उत्तर का चयन कीजिए:
(a) चावल 1. RAJ 911, सोनालिका, D-134
(b) गेहूँ 2. C 235, H 208, G 130
(c) चना 3. बाला, पूसा 221
(d) कपास 4. PST9, देवीराज, देवीतेज
[JEN (सिविल) (डिग्रीधारक) 12.09.2021]
Codes / कूट :
(a) (b) (c) (d)
👉 (a) चावल – बाला, पूसा 221
👉 (b) गेहूँ – RAJ 911, सोनालिका, D-134
👉 (c) चना – C 235, H 208, G 130
👉 (d) कपास – PST9, देवीराज, देवीतेज
'दोहद येलो' किस फसल की उन्नत किस्म है ?
[CET (स्नातक) (चरण -II) 07.01.2023]
👉 दाहोद येलो एक 'चना' की उच्च गुणवत्ता वाली किस्म है, जिसका नाम गुजरात के दाहोद नगर से लिया गया है।
👉 काबुली चना (Chickpea) का उपयोग मानव व पशु आहार दोनों के लिए होता है और यह रबी मौसम की सूखी फसल है।
👉 इसकी खेती हल्की से भारी हर प्रकार की मिट्टी में होती है, विशेषकर उत्तर भारत में दोमट व दक्षिण में काली कपासी मिट्टी में।
👉 यह चना वाणिज्यिक स्तर पर लोकप्रिय है और अलग-अलग जलवायु व मिट्टी में उगाया जाता है।
गेहूँ एवं दलहन पर राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन (एन.एफ.एस.एम.) राजस्थान में किस वर्ष प्रारम्भ किया गया?
[CET (स्नातक) (चरण -II) 07.01.2023]
👉 राजस्थान में गेहूँ और दालों पर राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन (NFSM) वर्ष 2007–08 में शुरू किया गया।
👉 इसका उद्देश्य 10, 8 और 2 मिलियन टन चावल, गेहूँ और दालों के उत्पादन में वृद्धि करना था।
👉 मिशन का जोर उत्पादकता वृद्धि, मिट्टी की उर्वरता बढ़ाना और रोजगार सृजन पर था।
👉 वर्ष 2014–15 से मोटे अनाज को भी NFSM में शामिल किया गया और इसे 12वीं पंचवर्षीय योजना तक जारी रखा गया।
निम्न में से कौन सा फसली - प्रारूप, राजस्थान के दक्षिणी- पूर्वी आर्द्र मैदानी कृषि - जलवायु प्रदेश में पाया जाता है ?
[JEN (विधुत) (डिप्लोमाघारक) 29.11.2020]
👉 दक्षिणी-पूर्वी आर्द्र मैदानी कृषि-जलवायु प्रदेश (V) में कोटा, बारां, बूंदी, झालावाड़ जिले आते हैं।
👉 यहाँ खरीफ में चावल, मक्का, कपास, रबी में गेहूँ, चना, सरसों, अलसी और विशेष रूप से सोयाबीन की खेती होती है।
👉 यह क्षेत्र अधिक वर्षा (650–1100 मिमी) और काली व दोमट मिट्टी के कारण विविध फसलों के लिए उपयुक्त है।
👉 अतः चावल – गेहूँ – सोयाबीन फसली प्रारूप यहाँ पाया जाता है।
✍️ सही उत्तर है – चावल - गेहूँ - सोयाबीन
निम्नलिखित में से कौन सी एक बेर की किस्म नहीं है ?
[REET मुख्य परीक्षा (L -2) 28.02.2023]
👉 गोमा ऐश्वर्य एक बेर की किस्म नहीं है। गोमा ऐश्वर्या (Goma Aishwarya) आंवला (Aonla) की एक प्रमुख और उन्नत किस्म है। इसे केंद्रीय शुष्क बागवानी संस्थान (CIAH), बीकानेर द्वारा विकसित किया गया है।
निम्नलिखित को मिलाएं-
सूची-I सूची-II
(a) पहली प्याज मंडी (1) सेवार
(b)केंद्रीय सरसों अनुसंधान केंद्र (2) अलवर
(c) कुक्कुट अनुसंधान केंद्र (3) अजमेर
[JEN (कृषि) 10.09.2022]
कूट -
👉 (a) पहली प्याज मंडी – अलवर (2)
👉 (b) केंद्रीय सरसों अनुसंधान केंद्र – सेवार (भरतपुर) (1)
👉 (c) कुक्कुट अनुसंधान केंद्र – अजमेर (3)
माही कंचन और माही धवल किस फसल की किस्में हैं?
JEN (सिविल डिप्लोमाधारक) 18.05.2022
👉 'माही कंचन' और 'माही धवल' दोनों मक्का की संकुल किस्में हैं।
👉 इनका विकास अखिल भारतीय समन्वित मक्का सुधार परियोजना, उदयपुर एवं कृषि अनुसंधान केन्द्र, बाँसवाड़ा द्वारा किया गया है।
👉 ये किस्में दक्षिणी राजस्थान की जलवायु के लिए उपयुक्त मानी जाती हैं।
👉 मक्का की प्रति हैक्टेयर उपज 2022-23 में 2277 किग्रा रही।
✍️ सही उत्तर है – मक्का
राजस्थान को कितने कृषि जलवायु प्रदेशों में बांटा गया है?
[वनरक्षक (चतुर्थ चरण) 13.11.2022]
👉 भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) द्वारा वर्षा, तापमान, मिट्टी और फसलों के आधार पर राजस्थान को 10 प्रमुख कृषि-जलवायु प्रदेशों में विभाजित किया गया है ।राजस्थान के सभी 10 कृषि-जलवायु प्रदेशों का विस्तृत विवरण निम्नलिखित है :
1. शुष्क पश्चिमी मैदानी क्षेत्र (I-A)जिले: बाड़मेर और जोधपुर।विशेषता: यहाँ अत्यंत शुष्क जलवायु और रेतीली मिट्टी होती है, जहाँ बाजरा, मोठ और ग्वार मुख्य फसलें हैं ।
2. सिंचित उत्तर-पश्चिमी मैदानी क्षेत्र (I-B)जिले: श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़।विशेषता: इंदिरा गांधी नहर के कारण यह क्षेत्र सिंचित है । यहाँ कपास, गेहूँ और गन्ने की खेती होती है।
3. अति शुष्क आंशिक सिंचित क्षेत्र (I-C)जिले: जैसलमेर, बीकानेर और चूरू।विशेषता: यह क्षेत्रफल की दृष्टि से राज्य का सबसे बड़ा कृषि-जलवायु क्षेत्र है ।
4. अंतर्देशीय जल निकास का संक्रमणकालीन मैदान (II-A)जिले: नागौर, सीकर, झुंझुनू और चूरू (आंशिक)।विशेषता: यहाँ वर्षा कम होती है, मुख्य रूप से खरीफ की फसलें उगाई जाती हैं।
5. लूणी बेसिन का जलोढ़ मैदान (II-B)जिले: जालौर, पाली, सिरोही और जोधपुर (आंशिक)।विशेषता: इस क्षेत्र में लूणी नदी बहती है और बाजरा व तिलहन की पैदावार अच्छी होती है ।
6. अर्द्ध-शुष्क पूर्वी मैदानी क्षेत्र (III-A)जिले: जयपुर, अजमेर, टोंक और दौसा।विशेषता: बनास नदी बेसिन का यह क्षेत्र मध्यम वर्षा वाला और उपजाऊ है। यहाँ सरसों, गेहूँ और सब्जियां उगाई जाती हैं।
7. बाढ़ संभावित पूर्वी मैदानी क्षेत्र (III-B)जिले: अलवर, भरतपुर, धौलपुर, करौली और सवाई माधोपुर।विशेषता: यमुना और चंबल बेसिन का क्षेत्र । यह क्षेत्र खाद्यान्न (सरसों व गेहूँ) उत्पादन में अग्रणी है।
8. उप-आर्द्र दक्षिणी मैदानी क्षेत्र (IV-A)जिले: भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़, राजसमंद, उदयपुर (आंशिक)।विशेषता: यहाँ मक्का, धान (चावल) और दलहन की खेती प्रमुखता से की जाती है।
9. आर्द्र दक्षिणी मैदानी क्षेत्र (IV-B)जिले: डूंगरपुर, बांसवाड़ा और प्रतापगढ़।विशेषता: यह क्षेत्रफल की दृष्टि से राजस्थान का सबसे छोटा कृषि-जलवायु क्षेत्र है । यहाँ सबसे अधिक वर्षा होती है और मक्का व चावल मुख्य फसलें हैं।
10. आर्द्र दक्षिणी-पूर्वी पठारी क्षेत्र (V)जिले: कोटा, बूंदी, बारां और झालावाड़ (हाड़ौती क्षेत्र)।विशेषता: काली उपजाऊ मिट्टी वाला यह क्षेत्र सोयाबीन, धनिया, लहसुन और अफीम उत्पादन के लिए प्रसिद्ध है।
राजस्थान के किस भाग में शुष्क खेती प्रचलित है?
[फायरमैन परीक्षा 29.01.2022]
👉 शुष्क खेती का सर्वाधिक प्रचलन पश्चिमी राजस्थान में है, जहाँ वर्षा कम (200–370 मिमी) होती है।
👉 यह क्षेत्र I-A शुष्क पश्चिमी मैदान कहलाता है, जिसमें बाड़मेर, जोधपुर जैसे जिले आते हैं।
👉 यहाँ बाजरा, मोठ, मूँग, ग्वार जैसी अल्पवर्षा में उपजने वाली फसलें बोई जाती हैं।
👉 इस क्षेत्र में बालूका स्तूपों का विस्तार और सिंचाई की न्यूनतम सुविधा होती है।
✍️ सही उत्तर है – पश्चिमी भाग में
कृषि अनुसंधान केन्द्र बांसवाड़ा की ओर से विकसित संकुल किस्म 'माही कंचन' किस फसल से संबंधित है ?
[प्रयोगशाला सहायक (विज्ञान) 29.06.2022]
👉 ‘माही कंचन’ संकुल किस्म का विकास मक्का की फसल के लिए कृषि अनुसंधान केन्द्र, बाँसवाड़ा द्वारा किया गया है।
👉 यह किस्म दक्षिणी राजस्थान के किसानों के बीच लोकप्रिय है और उत्पादन बढ़ाने में सहायक है।
✍️ सही उत्तर है – मक्का
निम्नलिखित में से कौन सा क्षेत्र धनिये का व्यापक स्तर पर उत्पादन करता है ?
[कृषि पर्यवेक्षक परीक्षा 04.02.2024]
👉 धनिया का उत्पादन राजस्थान में विशेष रूप से कोटा, झालावाड़ और बारां जिलों में किया जाता है।
👉 इन क्षेत्रों में धनिया व्यापारिक स्तर पर उगाया जाता है और यह एक प्रमुख मसाला फसल है।
👉 आपकी सामग्री में कोटा क्षेत्र को धनिया उत्पादन के लिए विशेष रूप से उल्लेखित किया गया है।
👉 यह फसल राज्य की अन्य प्रमुख मसाला फसलों में सम्मिलित है।
✍️ सही उत्तर है – कोटा
राजस्थान कृषि प्रसंस्करण, कृषि व्यवसाय एवं कृषि निर्यात प्रोत्साहन नीति कब प्रारंभ की गयी ?
[VDO मुख्य परीक्षा 09.07.2022]
👉 17 दिसंबर 2019 को, मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राजस्थान कृषि-प्रसंस्करण, कृषि व्यवसाय और कृषि निर्यात नीति 2019 की शुरुआत की।
👉 इस नीति का उद्देश्य प्रसंस्करण और निर्यात को बढ़ावा देना तथा किसानों की आय में वृद्धि करना है।
👉 नीति राजस्थान को प्रसंस्कृत कृषि उत्पादों का आपूर्ति केंद्र और निवेश व निर्यात का पसंदीदा गंतव्य बनाने का प्रयास करती है।
राजस्थान के किन जिलों में अमेरिकन कपास का उत्पादन होता है ?
JEN (सिविल डिग्रीधारक) 18.05.2022
👉 अमेरिकन कपास की किस्मों का उत्पादन गंगानगर जिले में किया जाता है।
👉 साथ ही अखिल भारतीय कपास सुधार परियोजना का उपकेन्द्र बांसवाड़ा में स्थापित है।
👉 इस क्षेत्र में बीकानेरी नरमा, आर.एस. 875, राज.एच.एच.16 आदि किस्में प्रचलित हैं।
👉 गंगानगर और बांसवाड़ा दोनों जिले उन्नत कपास उत्पादन में शामिल हैं।
✍️ सही उत्तर है – गंगानगर, बांसवाड़ा
"वालरा" पद्धति, जो कि पर्यावरणीय अवनयन का कारण है, का एक प्रकार है
[JEN (यांत्रिक) (डिप्लोमाधारक) 13.12.2020]
👉 "वालरा" पद्धति वनों को काटकर और जलाकर की जाने वाली कृषि पद्धति है।
👉 यह पारंपरिक रूप से सीमित क्षेत्रों में अपनाई जाती है और इससे पर्यावरणीय अवनयन होता है।
👉 इसे स्थानांतरित कृषि (Shifting Cultivation) भी कहा जाता है।
👉 यह पद्धति कृषि गतिविधि से संबंधित है, न कि वनस्पति, चिकित्सा या वन्यजीवों से।
✍️ सही उत्तर है – कृषि
राजस्थान के अधिकतम सोयाबीन उत्पादक जिले हैं
[REET मुख्य परीक्षा (L -2) 26.02.2023]
👉 झालावाड़ जिले में राजस्थान का सर्वाधिक सोयाबीन उत्पादन होता है।
👉 इसके बाद बारां, प्रतापगढ़ और कोटा जिले प्रमुख स्थान पर हैं।
👉 साथ ही बूंदी, सवाई माधोपुर, भीलवाड़ा, अजमेर, ब्यावर, जयपुर, दौसा में भी उत्पादन होता है।
👉 परंतु मुख्य और अधिकतम उत्पादक जिले – कोटा, बूंदी, बारां हैं।
✍️ सही उत्तर है – कोटा, बूंदी, बारां
राजस्थान में सर्वाधिक गेहूँ का उत्पादन किस जिले में होता है ?
[SI मोटर वाहन 12.02.2022]
👉 राजस्थान में गेहूँ उत्पादन के प्रमुख जिलों में सबसे ऊपर है श्रीगंगानगर, इसके बाद हनुमानगढ़, अलवर, जयपुर, कोटा आदि आते हैं।
✍️ सही उत्तर है – श्रीगंगानगर
निम्नलिखित में से कौन सा (अनुसंधान संस्थान - राज्य / स्थान) सुमेलित नहीं है ?
[VDO मुख्य परीक्षा 09.07.2022]
👉 केंद्रीय कॉफी अनुसंधान संस्थान की स्थापना 1925 में की गई थी।
👉 यह संस्थान कर्नाटक के चिकमंगलूर जिले के बालाहनूर के पास, कॉफी के खेतों के बीच स्थित है।
👉 यह संस्थान कॉफी से संबंधित अनुसंधान और विकास कार्यों में प्रमुख भूमिका निभाता है।
गंगानगर- अगेती ____ की फसल है ।
[वनपाल परीक्षा 06.11.2022]
निम्नांकित में से राजस्थान मे जायद की फसल की सही अवधि कौन सी है ?
[REET मुख्य परीक्षा (L -2) 26.02.2023]
👉 जायद की फसल गर्मियों में रबी और खरीफ फसलों के बीच की अवधि में उगाई जाती हैं।
👉 इनकी बुवाई आमतौर पर मार्च से जून के बीच होती है और इन्हें पक्के सिंचाई क्षेत्रों में उगाया जाता है।
👉 उदाहरण स्वरूप – तरबूज, खरबूजा, खीरा और चारे की फसलें शामिल हैं।
राजस्थान में सबसे छोटा कृषि - जलवायु प्रदेश है :
[प्रयोगशाला सहायक (भूगोल) 30.06.2022]
👉 आर्द्र दक्षिणी मैदान राजस्थान का सबसे छोटा कृषि-जलवायु क्षेत्र है, जिसका क्षेत्रफल 1.72 मिलियन हेक्टेयर है।
👉 यहाँ की औसत वर्षा 500–1100 मिमी होती है और यह क्षेत्र दक्षिणी पहाड़ियों और घाटियों में फैला है।
👉 इसमें डूंगरपुर, उदयपुर, बांसवाड़ा, चित्तौड़गढ़ शामिल हैं, जहाँ मक्का, धान, ज्वार, काला चना, गेहूँ और चना प्रमुख फसलें हैं।
राजस्थान में 'वालर' कृषि का प्रकार है-
[REET मुख्य परीक्षा (L -1) 25.02.2023]
👉वालरा (Valara), दजिया (Dajiya) और चिमाता (Chimata) भारत के आदिवासी क्षेत्रों, विशेषकर राजस्थान में की जाने वाली पारंपरिक 'स्थानांतरण कृषि' (Shifting Cultivation) या झूम खेती के स्थानीय नाम हैं。इस कृषि पद्धति में वनों और वनस्पतियों को काटकर और जलाकर भूमि को खेती के लिए साफ किया जाता है。वालरा कृषि के प्रकारराजस्थान के दक्षिणी और दक्षिण-पूर्वी हिस्सों में स्थलाकृति (जमीन की बनावट) के आधार पर इसे दो भागों में बाँटा गया है:
1. दजिया कृषि (Dajiya)स्थान: यह खेती मैदानी इलाकों में की जाती है。समुदाय: मुख्य रूप से राजस्थान के आदिवासी क्षेत्रों में भील जनजाति द्वारा मैदानों में वनों को साफ करके यह कृषि की जाती है。
2. चिमाता कृषि (Chimata)स्थान: यह कृषि मुख्य रूप से पहाड़ी क्षेत्रों और ढलानों पर की जाती है。समुदाय: पहाड़ी क्षेत्रों में भील और गरासिया जनजातियों द्वारा वनों और झाड़ियों को जलाकर भूमि तैयार की जाती है और फिर वहाँ खेती की जाती है。कृषि की मुख्य विशेषताएँप्रक्रिया: भूमि के एक हिस्से की घास-फूस और पेड़ों को काटकर जला दिया जाता है। इस राख से मिट्टी को प्राकृतिक खाद मिलती है。फसलें: इस आदिम पद्धति में मुख्य रूप से मक्का, बाजरा, और दालें (जैसे मोठ, मूंग) उगाई जाती हैं。स्थानांतरण: जब कुछ वर्षों बाद भूमि की उर्वरता कम हो जाती है, तो आदिवासी किसान उस जमीन को खाली छोड़ देते हैं और किसी दूसरी जगह पर जाकर यही प्रक्रिया दोहराते हैं
कृषि अनुसंधान केंद्र, बाँसवाड़ा द्वारा विकसित संकर किस्म माही कंचन किस फसल से संबंधित है ?
[JEN (सिविल) (डिग्रीधारक) 12.09.2021]
👉 'माही कंचन' एक संकुल किस्म है जिसे कृषि अनुसंधान केंद्र, बाँसवाड़ा द्वारा विकसित किया गया है।
👉 यह किस्म मक्का फसल से संबंधित है और दक्षिणी राजस्थान की जलवायु के लिए उपयुक्त है।
👉 मक्का की अन्य उन्नत किस्म है – माही धवल।
👉 वर्ष 2022-23 में मक्का की प्रति हैक्टेयर उपज 2277 किग्रा रही।
✍️ सही उत्तर है – मक्का
राजस्थान में चना का सर्वाधिक उत्पादन किस जिले में होता है ?
[शारीरिक शिक्षा अध्यापक 25.09.2022]
👉 चना राजस्थान की प्रमुख रबी दलहनी फसल है और इसे बारानी कृषि के अंतर्गत भी उगाया जाता है।
👉 हनुमानगढ़ जिला चना उत्पादन में सबसे अग्रणी है, जिसका हिस्सा 19.91% है।
👉 इसके बाद चुरू (15%), गंगानगर (7.6%), बीकानेर (4.8%) आते हैं।
👉 अतः हनुमानगढ़ में चना का सर्वाधिक उत्पादन होता है।
✍️ सही उत्तर है – हनुमानगढ़
कौन सी राजस्थान की प्रमुख फसल नहीं है ?
[स्टेनोग्राफर परीक्षा 05.10.2024]
👉 बाजरा, मक्का और मूँगफली राजस्थान की प्रमुख फसलें हैं, जिनका उत्पादन व्यापक स्तर पर होता है।
👉 गन्ना राजस्थान में सीमित क्षेत्रों में उगाया जाता है और इसकी उपज भी अन्य फसलों की तुलना में कम होती है।
👉 गन्ने के प्रमुख उत्पादक जिले हैं – बूँदी, गंगानगर, चित्तौड़गढ़, भरतपुर, धौलपुर आदि।
👉 वर्ष 2019-20 में गन्ने का उत्पादन केवल 326 हजार टन रहा, जो अन्य फसलों से काफी कम है।
✍️ सही उत्तर है – गन्ना
राजस्थान में प्रमुख मक्का उत्पादक जिले हैं
[कृषि पर्यवेक्षक परीक्षा 18.09.2021]
👉 मक्का, बांसवाड़ा जिले का मुख्य अनाज है और सरकार बांसवाड़ा व डूंगरपुर में हाइब्रिड बीज उत्पादन परियोजना चला रही है।
👉 यह फसल लाल-काली मिट्टी में उगाई जाती है, जिसे उच्च तापमान और वर्षा की आवश्यकता होती है।
👉 चित्तौड़गढ़, भीलवाड़ा, राजसमंद, बांसवाड़ा और डूंगरपुर इसके प्रमुख उत्पादक जिले हैं।
👉 सर्वाधिक उपयुक्त क्षेत्र – भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़ और उदयपुर माने जाते हैं।
राजस्थान में सबसे छोटा कृषि जलवायु प्रदेश है
[JEN (विद्युत/यांत्रिक) (डिग्रीधारक) 26.12.2020]
👉 राजस्थान का सबसे छोटा कृषि-जलवायु प्रदेश है IV-B आर्द्र दक्षिणी मैदान, जिसमें डूंगरपुर, बाँसवाड़ा, सलूम्बर, प्रतापगढ़ जैसे सीमित जिले आते हैं।
👉 यह क्षेत्र 500–1100 मिमी वर्षा, कम गहरी मृदा और सीमित सिंचाई स्रोतों के कारण भौगोलिक रूप से छोटा है।
👉 इसमें धान, मक्का, कपास जैसी खरीफ फसलें और गेहूँ, जौ, चना जैसी रबी फसलें होती हैं।
👉 अन्य सभी विकल्प अपेक्षाकृत बड़े क्षेत्रफल में फैले हैं।
✍️ सही उत्तर है – आर्द्र दक्षिणी मैदान
एशिया का सबसे बड़ा कृषि फार्म राजस्थान के निम्नलिखित में से किस स्थान पर स्थित है ?
[REET मुख्य परीक्षा (L -1) 25.02.2023]
👉 गंगानगर जिले का सूरतगढ़ कृषि फॉर्म एशिया के सबसे बड़े कृषि फार्मों में से एक माना जाता है।
👉 यह फार्म लगभग 12,000 हेक्टेयर क्षेत्र में फैला है, जहाँ मुख्यतः गेहूँ, सरसों और कपास की खेती होती है।
👉 यह फार्म राज्य कृषि विभाग के अधीन संचालित होता है और कुशल प्रबंधन व उत्पादन का केंद्र है।
👉 यह फार्म उच्च उत्पादन और टिकाऊ खेती तकनीकों पर केंद्रित अनुसंधान का भी प्रमुख केंद्र है।
बीकानेर, जैसलमेर और चुरू राजस्थान के किस कृषि - जलवायु प्रदेश / खण्ड में सम्मिलित हैं?
VDO Pre. (चतुर्थ चरण) 28.12.2021
👉 बीकानेर, जैसलमेर और चुरू जिले I-C अति शुष्क आंशिक सिंचित क्षेत्र (Hyper Arid and Partial Irrigated Region) में आते हैं।
👉 यहाँ वर्षा केवल 100–350 मिमी होती है और सिंचाई की सुविधा सीमित है।
👉 प्रमुख फसलें हैं – बाजरा, ग्वार, गेहूँ, जौ, चना और सरसों।
👉 यह क्षेत्र अत्यधिक शुष्क जलवायु वाला है।
✍️ सही उत्तर है – अति शुष्क आंशिक सिंचित
राजस्थान में कौन सी तिलहन की फसल रबी के मौसम में बोई जाती है ?
[VDO मुख्य परीक्षा 09.07.2022]
👉 सरसों राजस्थान की प्रमुख रबी तिलहनी फसल है, जिसे शीत एवं शुष्क जलवायु में बोया जाता है।
👉 इसके लिए 20° से 25° C तापमान और 75–100 से.मी. वर्षा उपयुक्त मानी जाती है।
👉 जबकि मूंगफली, सोयाबीन और तिल सभी खरीफ फसलें हैं।
👉 सरसों का उत्पादन अलवर, भरतपुर, सवाई माधोपुर, टोंक आदि जिलों में होता है।
✍️ सही उत्तर है – सरसों
सूची I के साथ सूची II का मिलान कीजिए
सूची I (शस्य) सूची II (वानस्पतिक नाम)
a. चावल I. ट्रिटिकम एस्टीवम
b. मूंगफली II. गोसीपियम हिरसुटम
c. गेहूँ III. ओराइज़ा सैटाइवा
d. कपास IV. एरेकिस हाइपोजिया
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए :
[कृषि पर्यवेक्षक परीक्षा 04.02.2024]
👉 चावल का वानस्पतिक नाम है ओराइज़ा सैटाइवा।
👉 मूंगफली को वानस्पतिक रूप में एरेकिस हाइपोजिया कहा जाता है।
👉 गेहूँ का वैज्ञानिक नाम है ट्रिटिकम एस्टीवम।
👉 कपास का वानस्पतिक नाम है गोसीपियम हिरसुटम।
✍️ सही उत्तर है – a – III, b – IV, c – I, d – II
राजस्थान में 1980-81 से 2015 तक के 35 वर्षों के दौरान किस फसल ने उत्पादन में सर्वाधिक वृद्धि दिखाई?
[VDO मुख्य परीक्षा 09.07.2022]
👉 1980-81 से 2015 तक राजस्थान में राई और सरसों के उत्पादन में सबसे अधिक वृद्धि दर्ज की गई।
👉 अलवर, भरतपुर, कोटा, जयपुर, श्रीगंगानगर और बीकानेर इन फसलों के प्रमुख प्रवृत्ति केंद्र हैं।
👉 ये जिले सरसों और राई के प्रमुख उत्पादक क्षेत्र के रूप में जाने जाते हैं।
'नरमा' किस फ़सल की किस्म है ?
[REET मुख्य परीक्षा (L -2) 26.02.2023]
👉 'नरमा' कपास की एक प्रमुख किस्म है, जो विशेष रूप से गंगानगर और हनुमानगढ़ जिलों में उगाई जाती है।
👉 आपकी सामग्री में 'बीकानेरी नरमा' नामक उन्नत किस्म का उल्लेख है, जिसकी रेशे की लम्बाई 23.0 सेमी है।
👉 कपास राजस्थान की एक मुख्य व्यापारिक फसल है और इसका उपयोग वस्त्र उद्योग में किया जाता है।
👉 कपास की अन्य किस्मों में RST-9, संकर-4, वीरनार आदि भी शामिल हैं।
✍️ सही उत्तर है – कपास
निम्न में से राजस्थान के किस कृषि जलवायु क्षेत्र में 'किन्नू' की पैदावार की जाती है ?
[प्रयोगशाला सहायक (गृह विज्ञान) 30.06.2022]
👉 'किन्नू' एक प्रमुख बागवानी फसल है, जिसकी पैदावार I-B सिंचित उत्तरी-पश्चिमी मैदान में होती है।
👉 यह क्षेत्र गंगानगर व हनुमानगढ़ जिलों में फैला है, जहाँ नहरों द्वारा सिंचाई से बागवानी का विकास हुआ है।
👉 यहाँ की जलवायु और उपजाऊ मिट्टी फल उत्पादन के लिए अनुकूल है।
👉 इस क्षेत्र में गेहूँ, गन्ना, कपास के साथ-साथ किन्नू और सब्जियों की भी खेती होती है।
✍️ सही उत्तर है – I बी
राष्ट्रीय सरसों अनुसंधान केन्द्र अवस्थित है.
[प्रयोगशाला सहायक (भूगोल) 30.06.2022]
👉 राष्ट्रीय सरसों अनुसंधान केन्द्र (National Research Centre for Rapeseed and Mustard) का स्थान सेवर (भरतपुर) है।
👉 यह केन्द्र सरसों उत्पादन और उससे जुड़ी अनुसंधान गतिविधियों के लिए कार्य करता है।
👉 इसे राष्ट्रीय तिलहन विकास परियोजना के अंतर्गत विकसित किया गया है।
👉 यह केन्द्र NRCRM नाम से भी जाना जाता है।
✍️ सही उत्तर है – सेवर (भरतपुर) में
निम्नलिखित में से कौन सी फसल, राजस्थान में ज़ायद के मौसम में उत्पादित नहीं की जाती है?
[CET (स्नातक) (चरण -IV) 08.01.2023]
👉 सोयाबीन राजस्थान में खरीफ मौसम की एक प्रमुख तिलहनी व दलहनी फसल है।
👉 यह मुख्य रूप से झालावाड़, बारां, प्रतापगढ़, कोटा आदि जिलों में उत्पादित की जाती है।
👉 जबकि तरबूज, खरबूजा और ककड़ी जैसी फसलें ज़ायद ऋतु में उगाई जाती हैं।
👉 सोयाबीन ज़ायद में उत्पादित नहीं होती, यह गर्मी और वर्षा पर आधारित खरीफ फसल है।
✍️ सही उत्तर है – सोयाबीन
राजस्थान के सकल राज्य मूल्य वर्धन में आधार (2011-12) कीमतों पर वर्ष 2021-22 में (अग्रिम अनुमान) कृषि एवं सम्बद्ध क्षेत्र का ... योगदान है।
[CET (स्नातक) (चरण -II) 07.01.2023]
👉 वर्ष 2021-22 (अंतिम अनुमान) के अनुसार, राजस्थान के स्थिर (2011-12) मूल्यों पर सकल राज्य मूल्य वर्धन में कृषि का हिस्सा 28.85% रहा।
👉 कृषि क्षेत्र में फसल, पशुधन, वानिकी व मत्स्य पालन शामिल हैं, जिनका योगदान वर्ष 2011-12 में 28.56% था।
👉 यह योगदान 2021-22 में बढ़कर 28.85% हो गया, जो कृषि की स्थिर प्रगति को दर्शाता है।
निम्न सभी राजस्थान की रबी की तिलहन हैं, सिवाय :
[स्टेनोग्राफर परीक्षा 21.03.2021]
👉 तोरिया, सरसों, तारामीरा और अलसी सभी रबी मौसम की तिलहन फसलें हैं।
👉 जबकि मूँगफली राजस्थान में बोई जाने वाली खरीफ की तिलहनी फसल है।
👉 मूँगफली के लिए 25°–30°C तापमान और 50–125 से.मी. वर्षा उपयुक्त होती है।
👉 मूँगफली का उत्पादन मुख्यतः बीकानेर, नागौर, जोधपुर आदि जिलों में होता है।
✍️ सही उत्तर है – मूँगफली
राजस्थान का कौन सा जिला 'आर्द्र दक्षिण पूर्वी मैदान' के कृषि-जलवायु प्रदेश में शामिल नहीं है ?
[JEN (सिविल) (डिप्लोमा धारक) 06.12.2020]
👉 आर्द्र दक्षिण-पूर्वी मैदान (प्रदेश V) में कोटा, बूंदी, झालावाड़ और बाराँ जिले शामिल हैं।
👉 इस क्षेत्र की वर्षा 650–1100 मिमी होती है और यहाँ की मिट्टी काली व दोमट होती है।
👉 उदयपुर जिला इस क्षेत्र का भाग नहीं है, यह IV-B आर्द्र दक्षिणी मैदान में शामिल है।
👉 यहाँ प्रमुख फसलें – चावल, सोयाबीन, गेहूँ, ज्वार, कपास आदि होती हैं।
✍️ सही उत्तर है – उदयपुर
राष्ट्रीय सरसों अनुसंधान केन्द्र स्थित है
[JEN (विधुत) (डिग्रीधारक) 29.11.2020]
👉 राष्ट्रीय सरसों अनुसंधान केन्द्र (National Research Centre for Rapeseed and Mustard) का स्थान सेवर (भरतपुर) है।
👉 यह केन्द्र सरसों की उन्नत किस्मों, तकनीकी शोध और उत्पादन वृद्धि पर कार्य करता है।
👉 यह केन्द्र राष्ट्रीय तिलहन विकास परियोजना के अंतर्गत संचालित है।
👉 इसका नाम संक्षेप में NRCRM है।
✍️ सही उत्तर है – सेवर में
मूंगफली के उत्पादन में राजस्थान का भारत में कौनसा स्थान है?
[CET (स्नातक) (चरण -I) 07.01.2023]
👉 मूंगफली उत्पादन में राजस्थान का भारत में दूसरा स्थान है। देश के कुल मूंगफली उत्पादन में राजस्थान का योगदान लगभग 16% से 18% के बीच रहता है। इस उत्पादन के मामले में केवल गुजरात ही राजस्थान से आगे है और पहले पायदान पर है।राजस्थान में मूंगफली से जुड़े कुछ प्रमुख तथ्य:प्रमुख उत्पादक जिला: राजस्थान में मूंगफली का सबसे ज्यादा उत्पादन बीकानेर जिले में होता है।राजस्थान का राजकोट: बीकानेर के लूणकरणसर क्षेत्र में सबसे अच्छी किस्म की मूंगफली पैदा होती है, इसलिए इसे 'राजस्थान का राजकोट' भी कहा जाता है।
✍️ सही उत्तर है – द्वितीय
राजस्थान के किस भाग में मक्का का सर्वाधिक उत्पादन होता है?
[CET (स्नातक) (चरण -I) 07.01.2023]
👉 मक्का राजस्थान की खरीफ फसल है जिसका सर्वाधिक उत्पादन दक्षिणी एवं दक्षिण-पूर्वी भागों में होता है।
👉 इसके मुख्य उत्पादक जिले हैं – चित्तौड़गढ़, बाँसवाड़ा, डूंगरपुर, कोटा, झालावाड़, बारां, भीलवाड़ा, उदयपुर, सिरोही।
👉 इन जिलों में वर्षा और जलवायु मक्का की कृषि के लिए उपयुक्त मानी जाती है।
👉 इसलिए यह क्षेत्र मक्का उत्पादन के लिए प्रमुख माना गया है।
✍️ सही उत्तर है – दक्षिणी तथा दक्षिणी पूर्वी
राजस्थान में मक्का की खेती के प्रमुख जिले हैं -
[CET (स्नातक) (चरण -III) 08.01.2023]
👉 मक्का राजस्थान की खरीफ फसल है जो मुख्यतः दक्षिणी जिलों में बोई जाती है।
👉 इसके प्रमुख उत्पादक जिले हैं – चित्तौड़गढ़, बाँसवाड़ा, डूंगरपुर, बूँदी, झालावाड़, बारां, सिरोही, कोटा, राजसमंद, भीलवाड़ा।
👉 इसके अलावा पाली, अजमेर, ब्यावर, टोंक, अलवर में गौण रूप से उत्पादन होता है।
👉 अतः चित्तौड़गढ़, बांसवाड़ा और बूंदी सभी प्रमुख उत्पादक जिले हैं।
✍️ सही उत्तर है – चित्तौड़गढ़, बांसवाड़ा और बूंदी
'काँग्रेस घास' क्या है ?
[JEN (सिविल) (डिप्लोमा धारक) 06.12.2020]
👉 कांग्रेस घास को वैज्ञानिक रूप से पार्थेनियम हिस्टेरोफोरस कहा जाता है, जो वेस्ट इंडीज व अमेरिका से भारत में फैली।
👉 यह घास पहले महाराष्ट्र में देखी गई, और 1969 तक दिल्ली से कश्मीर तक के क्षेत्र को प्रभावित कर चुकी थी।
👉 यह बरसात के मौसम में खरीफ फसलों के साथ तेजी से उगती है और सभी गैर-फसली क्षेत्रों में खरपतवार के रूप में पाई जाती है।
👉 इसका बीज हवा, पानी और जानवरों से फैलता है और यह खेतों, नालियों व जलाशयों तक पहुँच जाता है।
कौन सा असत्य है ?
[CET (स्नातक) (चरण -IV) 08.01.2023]
निम्न में से राजस्थान के किस स्थान पर प्रथम मसाला पार्क की स्थापना की गई थी ?
[REET मुख्य परीक्षा (L -2) 26.02.2023]
👉 राजस्थान में कुल 2 मसाला पार्क (Spice Park) हैं जिन्हें स्पाइसेस बोर्ड ऑफ इंडिया द्वारा स्थापित किया गया है -
नीचे दो कथन दिए गए हैं
कथन (I) : राजस्थान में कृषि और संबंद्ध गतिविधियाँ अभी भी राज्य की अर्थव्यवस्था की रीढ़ बनी हुई है, जिसने वर्तमान मूल्य पर 2022-2023 में राज्य के कुल जीएसवीए (GSVA) में 28.95 प्रतिशत का योगदान दिया।
कथन (II) : राजस्थान विविध जलवायु परिस्थितियों वाला राज्य होने से विविध फसलों की खेती, जैविक खेती को बढ़ावा देने तथा पशुपालन क्षेत्र में सक्रिय रूप से लगे हुए हैं।
उपर्युक्त कथनों के आलोक में निम्नलिखित विकल्पों में से सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर चुनें :
[स्टेनोग्राफर परीक्षा 05.10.2024]
👉 राजस्थान में कृषि और संबंद्ध गतिविधियाँ अभी भी राज्य की अर्थव्यवस्था की रीढ़ बनी हुई है, जिसने वर्तमान मूल्य पर 2022-2023 में राज्य के कुल जीएसवीए (GSVA) में 28.95 प्रतिशत का योगदान दिया।
👉 राजस्थान विविध जलवायु परिस्थितियों वाला राज्य होने से विविध फसलों की खेती, जैविक खेती को बढ़ावा देने तथा पशुपालन क्षेत्र में सक्रिय रूप से लगे हुए हैं।
✍️ सही उत्तर है – कथन (I) और कथन (II) दोनों सत्य हैं।
'केंद्रीय शुष्क बागवानी संस्थान' कहाँ स्थित है ?
[प्रयोगशाला सहायक (विज्ञान) 29.06.2022]
👉 ICAR का केंद्रीय शुष्क बागवानी संस्थान (CIAH) बीकानेर के पास राष्ट्रीय राजमार्ग-15 पर स्थित है और इसकी स्थापना 1976 में 5वीं योजना के तहत की गई, जबकि कार्य 1993 में शुरू हुआ।
👉 बीकानेर, राजस्थान के उत्तर-पश्चिम में है और घाघरा नदी के दक्षिण में स्थित है।
👉 जोधपुर, राज्य का पश्चिमी हिस्सा है और यह दूसरा सबसे बड़ा शहर है।
👉 बाड़मेर, दक्षिण-पश्चिम में स्थित है और राजस्थान का तीसरा सबसे बड़ा व भारत का पाँचवाँ सबसे बड़ा जिला है।
👉 गंगानगर, राज्य का उत्तरतम जिला है, जिसे राजस्थान की खाद्य टोकरी भी कहा जाता है।
राजस्थान का बीकानेर जिला कौन से कृषि जलवायु प्रदेश में आता है ?
[JEN (विद्युत/यांत्रिक) (डिग्रीधारक) 26.12.2020]
👉 बीकानेर जिला राजस्थान के I-C उच्च शुष्क एवं सीमित सिंचित मैदान कृषि-जलवायु प्रदेश में आता है।
👉 इस क्षेत्र में वर्षा 100–350 मिमी होती है और सिंचाई सुविधाएँ सीमित होती हैं।
👉 यहाँ बाजरा, ग्वार, गेहूँ, जौ, चना, सरसों जैसी फसलें बोई जाती हैं।
👉 यह क्षेत्र अत्यधिक शुष्क जलवायु और मरुस्थलीय मृदा वाला है।
✍️ सही उत्तर है – I-C, उच्च शुष्क एवं सीमित सिंचित मैदान
राजस्थान के किस संभाग में सर्वाधिक मक्का उत्पादन होता है ?
[REET मुख्य परीक्षा (L -1) 25.02.2023]
👉 मक्का का सर्वाधिक उत्पादन दक्षिणी राजस्थान में होता है और इसमें उदयपुर संभाग के जिले जैसे उदयपुर, चित्तौड़गढ़, डूंगरपुर, बाँसवाड़ा शामिल हैं।
👉 मक्का मुख्य रूप से खरीफ की प्रमुख फसल है और राज्य का लगभग 1/8 भाग मक्का उत्पादन करता है।
👉 वर्ष 2022-23 में मक्का का उत्पादन 21.80 लाख टन रहा।
✍️ सही उत्तर है – उदयपुर
जलवायवीय दशाओं और कृषिगत उत्पादनों के आधार पर राजस्थान को कितने कृषि जलवायु क्षेत्रों में विभक्त किया गया है [*]
[JEN (सिविल) (डिग्रीधारक) 12.09.2021]
📌 महत्वपूर्ण सूचना: इस प्रश्न को बोर्ड द्वारा 'डिलीट' या अमान्य घोषित किया गया है।
____________जिले में तम्बाकू की खेती प्रमुख रूप से की जाती है ।
[REET मुख्य परीक्षा (L -2) 28.02.2023]
👉 तम्बाकू एक व्यापारिक फसल है, जिसकी खेती राजस्थान में सीमित क्षेत्रों में की जाती है।
👉 अलवर जिला तम्बाकू उत्पादन के प्रमुख जिलों में शामिल है।
👉 अन्य प्रमुख जिले हैं – जयपुर, दौसा, झुन्झुनूं, नागौर, सीकर, सवाई माधोपुर आदि।
👉 वर्ष 2018-19 में राज्य का तम्बाकू उत्पादन 746 टन रहा।
✍️ सही उत्तर है – अलवर