राजस्थान में प्रधानमन्त्री कृषि सिंचाई योजना कब से क्रियान्वित की गई थी ? 

[लिपिक ग्रेड -II 16.09.2018]

  • 2010-11 

  • 2001-02

  • 2005-06

  • 2015-16

🔹 व्याख्या:

👉 प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (PMKSY) की शुरुआत 1 जुलाई 2015 को की गई और इसे राजस्थान में वर्ष 2015–16 से लागू किया गया।
👉 इसका उद्देश्य है — हर खेत को पानी, सिंचाई में निवेश और जल उपयोग दक्षता को बढ़ाना।
👉 यह योजना जल स्रोतों का विकास, वितरण और कुशल उपयोग, तथा सूक्ष्म सिंचाई तकनीकों को बढ़ावा देती है।
👉 इसका नारा है: “अधिक फसल प्रति बूँद”, जिससे कृषि में जल दक्षता को बढ़ाया जाता है। 

राजस्थान में कृषि जलवायु प्रदेश III-B/बाढ़ प्रभावित पूर्वी मैदान में कौन सा जिला सम्मिलित नहीं किया जाता है ? 

[पशुधन सहायक (LSA) 21.10.2018]

  • करौली

  • धौलपुर 

  • भरतपुर 

  • टोंक 

🔹 व्याख्या:

👉 III‑B (बाढ़ प्रभावित पूर्वी मैदान) कृषि‑जलवायु प्रदेश में शामिल जिले हैं: अलवर, कोटपूतली‑बहरोड़, धौलपुर, भरतपुर, डीग, सवाई माधोपुर, करौली।
👉 टोंक इस क्षेत्र के अंतर्गत नहीं आता, यह III‑A या अन्य प्रदेशों में स्थित है।

✍️ सही उत्तर है – टोंक 

किस शहर को 'राजस्थान का खाद्य टोकरा' के रूप में जाना जाता है ? 

[CET (स्नातक) 27.09.2024 प्रथम चरण]

  • श्री गंगानगर 

  • अजमेर 

  • बीकानेर 

  • अलवर 

🔹 व्याख्या:

👉 श्रीगंगानगर को राजस्थान की खाद्य टोकरी कहा जाता है; यह राज्य का सबसे उत्तरी जिला है जिसकी स्थापना महाराजा गंगासिंह ने की।
👉 इस जिले की भूमि पंजाब जितनी उपजाऊ है, जहाँ अधिकांश लोग कृषि से जुड़े हैं और आय व उत्पादन दो नों में अग्रणी है।
👉 यहाँ की प्रमुख फसलें हैं — गेहूँ, सरसों, कपास, साथ ही ग्वार, बाजरा, मूँग व चना भी।
👉 कपास उद्योग, गन्ना आधारित चीनी मिलें और गंगानगर शुगर मिल्स भी यहाँ की पहचान हैं। 

राजस्थान का कोन सा जिला सोयाबिन का सबसे बडा उत्पादक है : 

[JEN (कृषि) 12.07.2015]

  • अजमेर

  • चित्तोडगढ

  • जयपुर 

  • भरतपुर 

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान में सोयाबीन का सर्वाधिक उत्पादन चित्तोडगढ जिले में होता है।
👉 जबकि अजमेर और जयपुर में केवल गौण रूप से सोयाबीन की खेती होती है।

'नरमा' ________ की एक किस्म है।  

[कनिष्ठ अनुदेशक (MNV) 07.01.2025]

  • मक्का 

  • चावल 

  • गन्ना 

  • कपास 

🔹 व्याख्या:

👉 ‘नरमा’ राजस्थान में उत्पादित कपास की एक विशेष किस्म है।
👉 इसका उत्पादन मुख्यतः गंगानगर और हनुमानगढ़ जिलों में होता है, जहाँ नहरों से सिंचाई की सुविधा है।
👉 'बीकानेरी नरमा' नाम की उन्नत किस्म भी राज्य में प्रसिद्ध है, जिसका रेशा 23 से.मी. तक लंबा होता है।
👉 यह कपास वस्त्र उद्योग व बिनौले से तेल उत्पादन हेतु उपयोगी है।

✍️ सही उत्तर है – कपास 

राष्ट्रीय बीजीय मसाला अनुसंधान केंद्र स्थित है ?

[कनिष्ठ वैज्ञानिक सहायक (सीरम) 15.09.2019]

  • सेवर, भरतपुर में

  • मंडोर, जोधपुर में 

  • तबीजी, अजमेर में 

  • दुर्गापुरा, जयपुर में 

🔹 व्याख्या:

👉 राष्ट्रीय बीजीय मसाला अनुसंधान केंद्र की स्थापना तबीजी, अजमेर में की गई है।
👉 यह केंद्र मसालों की उन्नत किस्मों, शोध और बीज विकास हेतु कार्य करता है।
👉 यह केंद्र राजस्थान कृषि प्रतिस्पर्धी योजना से भी जुड़ा हुआ है।
👉 यह केंद्र राज्य के मसाला उत्पादन को बढ़ावा देने में सहायक है।

✍️ सही उत्तर है – तबीजी, अजमेर में 

निम्नलिखित में से कौन सा फल राजस्थान में मुख्यतः सिरोही जिले द्वारा उत्पादित किया जाता है ? 

[कनिष्ठ अनुदेशक (इलेक्ट्रिशियन) 24.03.2019]

  • आम

  • अनार 

  • चीकू 

  • माल्टा 

🔹 व्याख्या:

👉 चीकू फल राजस्थान में मुख्यतः सिरोही जिले द्वारा उत्पादित किया जाता है।

क्षेत्रफल की दृष्टि से राजस्थान का सबसे बड़ा कृषि जलवायु खण्ड हैं :- 

[पटवारी मुख्य परीक्षा 24.12.2016]

  • शुष्क पश्चिमी मैदान 

  • सिंचित उत्तर-पश्चिमी मैदान 

  • बाढ़ संभाव्य पूर्वी मैदान 

  • आर्द्र दक्षिणी मैदान 

🔹 व्याख्या:

👉 I-A शुष्क पश्चिमी मैदान कृषि-जलवायु खंड का क्षेत्रफल 124.37 लाख हैक्टेयर है।
👉 यह खंड पश्चिमी राजस्थान के बाड़मेर व जोधपुर जिलों तक फैला हुआ है।
👉 यहाँ वर्षा कम (200–370 मिमी) होती है और बालूका स्तूपों की प्रधानता रहती है।
👉 यह खंड क्षेत्रफल की दृष्टि से सबसे बड़ा कृषि-जलवायु प्रदेश है।

✍️ सही उत्तर है – शुष्क पश्चिमी मैदान 

राष्ट्रीय स्तर का सरसों अनुसंधान केन्द्र स्थित है-

[कृषि पर्यवेक्षक परीक्षा 03.03.2019]

  • सेवर 

  • टोंक 

  • बस्सी

  • जयपुर 

🔹 व्याख्या:

👉 राष्ट्रीय स्तर का सरसों अनुसंधान केन्द्र राजस्थान के भरतपुर जिले के सेवर नामक स्थान पर स्थित है।
👉 इसका नाम National Research Centre for Rapeseed and Mustard (NRCRM) है।
👉 यह केन्द्र सरसों उत्पादन की उन्नत तकनीकों एवं किस्मों के विकास हेतु कार्य करता है।
👉 यह केन्द्र राष्ट्रीय तिलहन विकास परियोजना के अंतर्गत आता है।

✍️ सही उत्तर है – सेवर 

अफीम की खेती राजस्थान के किन जिलों में की जाती है ?

[पशुधन सहायक (LSA) 21.08.2016]

  • सिरोही एवं जालौर

  • अलवर एवं भरतपुर

  • भीलवाड़ा एवं उदयपुर 

  • चित्तौड़गढ़ एवं झालावाड़ 

🔹 व्याख्या:

👉 अफीम राजस्थान की एक विशिष्ट नकदी फसल है जिसकी खेती विशेष अनुमति के अंतर्गत की जाती है।
👉 राज्य में अफीम का उत्पादन मुख्यतः चित्तौड़गढ़, झालावाड़, बारां, कोटा, प्रतापगढ़ और भीलवाड़ा जिलों में होता है।

✍️ सही उत्तर है – चित्तौड़गढ़ एवं झालावाड़ 

2015-16 में राजस्थान का सर्वाधिक बाजरा उत्पादक जिला कौनसा था ? [*]

[लिपिक ग्रेड -II 16.09.2018]

  • जयपुर 

  • जोधपुर 

  • अलवर 

  • नागौर

📌 महत्वपूर्ण सूचना: इस प्रश्न को बोर्ड द्वारा 'डिलीट' या अमान्य घोषित किया गया है।  

राजस्थान के किस कृषि जलवायु प्रदेश में सबसे अधिक वर्षा होती है ? 

[हाथकरघा निरीक्षक (उद्योग) 22.12.2019]

  • आर्द्र दक्षिण - पूर्वी मैदान

  • बाढ़ प्रभावित पूर्वी मैदान

  • सिंचित उत्तर पश्चिमी मैदान 

  • शुष्क पश्चिमी मैदान 

🔹 व्याख्या:

👉 आर्द्र दक्षिण-पूर्वी मैदान (प्रदेश V) राजस्थान का वह कृषि-जलवायु प्रदेश है जहाँ सबसे अधिक वर्षा होती है।
👉 यहाँ 650 से 1100 मिमी तक वार्षिक वर्षा होती है, जो अन्य सभी प्रदेशों से अधिक है।
👉 इस क्षेत्र में कोटा, बारां, बूंदी, झालावाड़ जिले आते हैं।
👉 यहाँ धान, मक्का, सोयाबीन, कपास जैसी फसलें प्रमुख हैं।

✍️ सही उत्तर है – आर्द्र दक्षिण - पूर्वी मैदान 

राजस्थान में खेती के क्षेत्र का लगभग__________________प्रतिशत है। (निम्न में से सबसे उपयुक्त विकल्प चुनें)  

[CET स्नातक 28.09.2024 तृतीय चरण]

  • 55% 

  • 60% 

  • 45% 

  • 51% 

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान में खेती के क्षेत्र का लगभग 55% का है।

👉 यह राज्य की कृषि योग्य भूमि को दर्शाता है, जिसमें सर्वाधिक भूमि खेती में प्रयुक्त होती है।

✍️ सही उत्तर है – 55% 

कुल बोये गये क्षेत्र का बाजरा के अन्तर्गत अधिकतम प्रतिशत क्षेत्र राजस्थान के जिन जिलों में वहा है : 

[JEN (कृषि) 12.07.2015]

  • श्री गंगानगर - हनुमानगढ

  • जैसलमेर - बाडमेर 

  • अलवर - भरतपुर 

  • डूंगरपुर- बांसवाड़ा

🔹 व्याख्या:

👉 बाजरा राजस्थान की खरीफ ऋतु की प्रमुख फसल है, जो विशेष रूप से शुष्क व अर्द्ध-शुष्क क्षेत्रों में बोई जाती है।
👉 कुल बोए गए क्षेत्र में सर्वाधिक प्रतिशत बाड़मेर, जालौर, जोधपुर, नागौर, बीकानेर, चूरू, सीकर, झुंझुनूं जैसे जिलों में बाजरे का क्षेत्रफल पाया जाता है।
👉 ये जिले कम वर्षा वाले मरुस्थलीय क्षेत्रों में स्थित हैं, जहाँ बाजरा अल्प वर्षा में भी अच्छा उत्पादन देता है।
👉 राज्य वर्ष 2022-23 में 51.10 लाख टन बाजरे का उत्पादन करता है।

✍️ सही उत्तर है – जैसलमेर-बाडमेर 

अर्धशुष्क पूर्वी मैदानी कृषि जलवायु उपखण्ड में सम्मिलित हैं- 

[पुस्तकालयाध्यक्ष ग्रेड - III 19.09.2019]

  • अलवर, भरतपुर व धौलपुर  

  • जयपुर, अजमेर, टोंक व दौसा 

  • उदयपुर व भीलवाड़ा 

  • डूंगरपुर व बांसवाड़ा 

🔹 व्याख्या:

👉 अर्द्ध-शुष्क पूर्वी मैदानी कृषि जलवायु उपखण्ड (III-A) में जयपुर, अजमेर, टोंक और दौसा जिले शामिल हैं।
👉 इस क्षेत्र में 500–700 मिमी वर्षा, सिंचित और असिंचित खेती, तथा बाजरा, मूंग, मूँगफली, गेहूँ, चना, सरसों जैसी फसलें होती हैं।
👉 यहाँ पर फल एवं सब्जियों की खेती भी प्रचलित है।

✍️ सही उत्तर है – जयपुर, अजमेर, टोंक व दौसा 

राजस्थान का मुख्य गन्ना एवं कपास उत्पादक कृषि जलवायु खण्ड हैं - 

[JEN Mechenical डिग्री 16.10.2016]

  • लूनी बेसिन का अतवर्ती मैदान

  • उच्च शुष्क एवं सीमित सिंचित प्रदेश 

  • अर्द्ध-शुष्क पूर्वी मैदान 

  • सिंचित उत्तर पश्चिमी मैदान 

🔹 व्याख्या:

👉 गन्ना और कपास की प्रमुख खेती I-B सिंचित उत्तर-पश्चिमी मैदान में होती है।
👉 इसमें मुख्यतः गंगानगर और हनुमानगढ़ जिले आते हैं, जहाँ इंदिरा गांधी नहर एवं अन्य नहरों द्वारा सिंचाई की जाती है।
👉 यहाँ की मिट्टी जलोढ़ और उपजाऊ होती है, जिससे दोहरी फसलें लेना संभव होता है।
👉 इस क्षेत्र में गेहूँ, गन्ना, कपास, चना, दालें आदि फसलें व्यापक स्तर पर बोई जाती हैं।

✍️ सही उत्तर है – सिंचित उत्तर पश्चिमी मैदान 

सोयाबीन का क्षेत्रफल तथा उत्पादन दोनों में राजस्थान के अग्रणी जिले हैं -

[JEN Mechenical डिग्री 16.10.2016]

  • भीलवाडा, जयपुर, दौसा 

  • बाँसवाड़ा, उदयपुर, चित्तौड़गढ़

  • कोटा, बारां झालावाड़

  • सवाई माधोपुर, बूँदी, डूंगरपुर 

🔹 व्याख्या:

👉 सोयाबीन का सर्वाधिक क्षेत्रफल एवं उत्पादन झालावाड़, बारां और कोटा जिलों में होता है।
👉 इसके बाद प्रतापगढ़, भीलवाड़ा, अजमेर, सवाई माधोपुर आदि जिलों का स्थान आता है।
👉 यह फसल राजस्थान में तिलहनी व दलहनी दोनों श्रेणी में आती है।
👉 वर्ष 2022-23 में सोयाबीन का उत्पादन 12.10 लाख टन रहा।

✍️ सही उत्तर है – कोटा, बारां, झालावाड़ 

राजस्थान का मुख्य सोयाबीन उत्पादक कृषि - जलवायु खण्ड है

[पशुधन सहायक (LSA) 16.10.2016]

  • अर्द्ध - शुष्क पूर्वी मैदान

  • आर्द्र दक्षिण पूर्वी मैदान

  • आर्द्र दक्षिणी मैदान

  • बाढ़ सम्भाव्य पूर्वी मैदान 

🔹 व्याख्या:

👉 सोयाबीन का सर्वाधिक उत्पादन झालावाड़, कोटा, बारां जिलों में होता है।
👉 ये जिले V – आर्द्र दक्षिण-पूर्वी मैदान कृषि-जलवायु खण्ड के अंतर्गत आते हैं।
👉 यहाँ की मिट्टी काली जलोढ़ एवं चिकनी होती है और वर्षा 650–1100 मिमी तक होती है।
👉 यह क्षेत्र सोयाबीन और अफीम के लिए विशेष रूप से प्रसिद्ध है।

✍️ सही उत्तर है – आर्द्र दक्षिण पूर्वी मैदान 

राजस्थान में सोयाबीन का लगभग सम्पूर्ण उत्पादन क्षेत्र केन्द्रित है

[पशुधन सहायक (LSA) 21.08.2016]

  • दक्षिण पश्चिमी क्षेत्र में

  • दक्षिण पूर्वी क्षेत्र में 

  • मध्यवर्ती क्षेत्र में

  • उत्तर पूर्वी क्षेत्र में 

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान में सोयाबीन का लगभग सम्पूर्ण उत्पादन राज्य के दक्षिण-पूर्वी क्षेत्र में केन्द्रित है।
👉 इस क्षेत्र में मुख्यतः झालावाड़, बारां, कोटा और प्रतापगढ़ जैसे जिले शामिल हैं।
👉 वर्ष 2022-23 में सोयाबीन का उत्पादन 12.10 लाख टन रहा।

✍️ सही उत्तर है – दक्षिण पूर्वी क्षेत्र में 

राजस्थान में कब प्रथम कृषि बजट अलग से पेश किया गया ? (निम्न में से सबसे उपयुक्त विकल्प चुनें) 

[CET स्नातक 28.09.2024 तृतीय चरण]

  • 2021-22 

  • 2020-21 

  • 2023-24 

  • 2022-23 

🔹 व्याख्या:

👉 वर्ष 2022-23 में राजस्थान में पहली बार कृषि बजट को अलग से पेश किया गया।
👉 इस कृषि बजट का मुख्य उद्देश्य था — "समृद्ध किसान, खुशहाल राजस्थान"।
👉 इसका लक्ष्य था कृषि क्षेत्र में निवेश, किसानों की आय में वृद्धि और सस्टेनेबल कृषि विकास को बढ़ावा देना। 

राजस्थान में बाजरा अनुसंधान केन्द्र कहाँ स्थित है ? 

[हाथकरघा निरीक्षक (उद्योग) 22.12.2019]

  • जालौर 

  • जोधपुर 

  • जैसलमेर 

  • बाड़मेर 

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान में बाजरा अनुसंधान केन्द्र बाड़मेर में स्थित है।

राजस्थान के कृषि जलवायु प्रदेश II B, लूनी बेसिन का संक्राति मैदान में कौन से जिलों का समूह सम्मिलित है ? 

[संकलनकर्ता परीक्षा 21.08.2016]

  • नागौर, सीकर और झुन्झुनू 

  •  जालोर, पाली और सिरोही 

  • पाली, जोधपुर और बाड़मेर 

  • जालौर, बाड़मेर और जोधपुर 

🔹 व्याख्या:

👉 II-B लूनी बेसिन का संक्रांति मैदान कृषि जलवायु प्रदेश में जालौर, पाली और सिरोही जिले सम्मिलित किए जाते हैं।
👉 इस क्षेत्र में वर्षा 300 से 500 मिमी होती है और कुओं से सिंचाई प्रमुख है।
👉 यहाँ खरीफ में बाजरा, मक्का, तिल, मोठ, रबी में गेहूँ, जौ, चना, सरसों की खेती होती है।
👉 यह क्षेत्र ईसबगोल और जीरे के उत्पादन के लिए भी प्रसिद्ध है।

✍️ सही उत्तर है – जालोर, पाली और सिरोही 

राजस्थान में सरसों के सबसे बड़े उत्पादक हैं। 

[लिपिक ग्रेड-II 19.08.2018]

  • कोटा, जयपुर, धौलपुर 

  • श्रीगंगानगर, अलवर, भरतपुर 

  • अजमेर, पाली, दौसा

  • टोंक, बूँदी, जालौर 

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान में सरसों की प्रमुख उत्पादन करने वाले जिलों में अलवर, भरतपुर और जयपुर प्रमुख हैं।
👉 श्रीगंगानगर, अलवर, भरतपुर कोटि में अलवर और भरतपुर सही हैं, हालांकि गंगानगर भी सरसों उत्पादक है।

✍️ सही उत्तर है – श्रीगंगानगर, अलवर, भरतपुर 

राजस्थान का कौनसा जिला 'आर्द्र दक्षिण-पूर्वी मैदान' के कृषि जलवायु प्रदेश में सम्मिलित नहीं है ? 

[कनिप्ठ अनुदेशक (मैकेनिक) 23.12.2019]

  • उदयपुर

  • बारां 

  • कोटा 

  • बूँदी 

🔹 व्याख्या:

👉 आर्द्र दक्षिण-पूर्वी मैदान (V) कृषि जलवायु प्रदेश में कोटा, बारां, बूंदी और झालावाड़ जिले आते हैं।
👉 यह क्षेत्र 650–1100 मिमी वर्षा और काली व दोमट मिट्टी के कारण विशेष कृषि क्षेत्र माना जाता है।
👉 उदयपुर इस प्रदेश का भाग नहीं है, यह IV-B आर्द्र दक्षिणी मैदान में आता है।
👉 उदयपुर में भौगोलिक व जलवायु परिस्थितियाँ भिन्न हैं।

✍️ सही उत्तर है – उदयपुर 

निम्न में से कौन-सी संरक्षण विधि, पवन अपरदन नियंत्रण हेतु सर्वाधिक उपयुक्त है ?  

[कनिष्ठ अनुदेशक (STE) 05.01.2025]

  • अन्तरा - सस्यन 

  • चट्टानी बाँध 

  • सीढ़ीदार कृषि 

  • शेल्टर बैल्ट 

🔹 व्याख्या:

👉 पवन अपरदन मुख्यतः मरुस्थलीय क्षेत्रों में होता है, जहाँ तेज हवाएँ मृदा को उड़ाकर क्षरण करती हैं।
👉 ऐसे क्षेत्रों में शेल्टर बैल्ट (Shelter Belt) यानी पंक्तिबद्ध वृक्षारोपण सबसे प्रभावी विधि मानी जाती है।
👉 यह विधि हवा की गति को कम करती है और मिट्टी को उड़ने से रोकती है।

✍️ सही उत्तर है – शेल्टर बैल्ट 

निम्नलिखित में से कौन एक खरीफ फसल नहीं है ? 

[CET (स्नातक) 27.09.2024 द्वितीय चरण]

  • बाजरा 

  • धान 

  • चना 

  • मक्का 

🔹 व्याख्या:

👉 मक्का, बाजरा और धान सभी राजस्थान की खरीफ फसलें हैं, जो वर्षा ऋतु में बोई जाती हैं।
👉 जबकि चना एक प्रमुख रबी फसल है, जो शीतकाल में बोई जाती है और गर्मी से पहले काटी जाती है।
👉 चना राज्य की सबसे अधिक उत्पादित दलहनी फसल है और अधिकतर बारानी क्षेत्रों में बोया जाता है।

✍️ सही उत्तर है – चना 

निम्नलिखित में से राजस्थान का कौन सा क्षेत्र एक महत्वपूर्ण 'ईसबगोल' उत्पादक क्षेत्र है ?  

[CET (10+2) 22.10.2024 द्वितीय चरण]

  • बाड़मेर 

  • जोधपुर 

  • जयपुर 

  • कोटा 

🔹 व्याख्या:

👉 ईसबगोल राजस्थान की एक विशिष्ट औषधीय फसल है, जो मुख्यतः शुष्क व अर्द्ध-शुष्क क्षेत्रों में उगाई जाती है।
👉 इसके प्रमुख उत्पादक जिले हैं – जालौर, सिरोही, बाड़मेर और बालोतरा।

✍️ सही उत्तर है – बाड़मेर 

चैपा एक बिमारी है ?

[हाथकरघा निरीक्षक (उद्योग) 22.12.2019]

  • जायद फसलों की

  • खरीफ फसलों की 

  • बागानी फसलों की 

  • रबी फसलों की 

🔹 व्याख्या:

👉 चैपा एक रबी फसलों की बिमारी है। 

वह फसल जो मृदा में नाइट्रोजन की वृद्धि करती है, वह है - 

[लवण निरीक्षक (उद्योग) 22.12.2019]

  • चावल 

  • गन्ना

  • गेहूँ

  • दाल 

🔹 व्याख्या:

👉 दालें जैसे चना, मूंग, उड़द, अरहर आदि दलहनी फसलें मानी जाती हैं।
👉 ये फसलें नाइट्रोजन स्थिरीकरण जीवाणुओं (Rhizobium) की सहायता से मृदा में नाइट्रोजन की मात्रा बढ़ाती हैं।
👉 इससे मृदा की उर्वरता में सुधार होता है और अन्य फसलों के लिए उपजाऊ भूमि तैयार होती है।
👉 अन्य विकल्प जैसे चावल, गेहूँ, गन्ना यह गुण नहीं रखते।

✍️ सही उत्तर है – दाल 

राजस्थान में वर्ष 2014-15 के दौरान सर्वाधिक बाजरे का उत्पादन निम्नांकित में से किस एक जिले में किया गया ?

[पशुधन सहायक (LSA) 21.10.2018]

  • जयपुर 

  • जोधपुर 

  • सीकर

  • अलवर 

🔹 व्याख्या:

👉 बाजरा के मुख्य उत्पादक जिलों में बीकानेर, जालौर, जयपुर, दौसा, जोधपुर, फलोदी, डीडवाना, कुचामन, नागौर, चूरू, झुन्झुनूं, सीकर, बांसवाड़ा, करौली, सवाई माधोपुर आदि शामिल हैं।
👉 राजस्थान में वर्ष 2014-15 के दौरान सर्वाधिक बाजरे का उत्पादन अलवर जिले में किया गया।

राजस्थान में मिश्रित लाल और काली मिट्टी में सामान्यतया कौन-सी फसलें उगाई जाती हैं ? 

[JEN (यांत्रिक डिप्लोमा) 21.08.2016]

  • मूँगफली, सरसों 

  • कपास, मक्का  

  • गेहूँ, चना 

  • चावल, गन्ना 

🔹 व्याख्या:

👉 मिश्रित लाल और काली मिट्टी मुख्यतः दक्षिणी राजस्थान में पाई जाती है।
👉 इस मिट्टी में सामान्यतः कपास और मक्का जैसी फसलें उगाई जाती हैं।
👉 यह मिट्टी नमी को बनाए रखने में सक्षम होती है और मध्यम उपजाऊ मानी जाती है।
👉 राजसमन्द, चित्तौड़गढ़, भीलवाड़ा, कोटा, बारां आदि जिले इसके उदाहरण हैं।

✍️ सही उत्तर है – कपास, मक्का 

निम्नलिखित में से कौन सी राजस्थान की दो नकदी फसलें हैं ?  

[CET (स्नातक) 27.09.2024 प्रथम चरण]

  • जौ और तिलहन 

  • कपास और तंबाकू 

  • बाजरा और धनिया 

  • गेहूँ और चावल

🔹 व्याख्या:

👉 नकदी फसलें वे होती हैं जो बाजार में बिक्री हेतु उगाई जाती हैं और जिनसे किसानों को आर्थिक लाभ होता है।
👉 कपास और तंबाकू दोनों ही राजस्थान की प्रमुख नकदी फसलें हैं, जिनका उपयोग वस्त्र व धूम्रपान उद्योगों में होता है।
👉 अध्याय में इन दोनों का वर्णन व्यापारिक फसलों के अंतर्गत किया गया है।
👉 गेहूँ, चावल, बाजरा, धनिया आदि खाद्यान्न या मसाला फसलें हैं, न कि विशुद्ध नकदी फसलें।

✍️ सही उत्तर है – कपास और तंबाकू 

राजस्थान के दक्षिण-पूर्वी पहाड़ी क्षेत्रों में आदिवासियों द्वारा उपयोग में ली जाने वाली कृषि की विधि को कहते हैं : 

[कनिष्ठ वैज्ञानिक सहायक (प्रलेख) 22 .09.2019]

  • खील 

  • दिप्पा

  • कुमारी

  • बालरा 

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान में आदिवासियों द्वारा की जाने वाली झूम (स्थानांतरित) कृषि को वालरा कहा जाता है। इसके तहत जंगलों को काटकर व जलाकर भूमि साफ की जाती है।इसे दो भागों में बाँटा गया है: दजिया और चिमाता।

1. दजिया (Dajiya):मैदानी क्षेत्रों में भील जनजाति द्वारा वनों को जलाकर की जाने वाली खेती को दजिया कहते हैं। इसमें मुख्य रूप से मक्का, बाजरा और दालें उगाई जाती हैं।

2. चिमाता (Chimata):अरावली के पहाड़ी ढलानों पर जंगलों को साफ करके की जाने वाली खेती को चिमाता कहा जाता है। चूँकि ढलान होने के कारण यहाँ हल नहीं चलाया जा सकता, इसलिए जमीन को हाथों से खोदकर बीज बोए जाते हैं।मुख्य तथ्य:क्षेत्र: यह प्रथा राजस्थान के दक्षिणी और दक्षिण-पूर्वी जिलों जैसे उदयपुर, डूंगरपुर, और बांसवाड़ा में मुख्य रूप से की जाती है।प्रक्रिया: भूमि की उर्वरता कम होने पर (लगभग 2-3 वर्षों के बाद) किसान इस जगह को छोड़ देते हैं और दूसरी जगह साफ करके खेती करने लगते हैं

राजस्थान के किस प्रशासनिक संभाग में सर्वाधिक मक्का का उत्पादन होता है ? 

[कनिष्ठ वैज्ञानिक सहायक (अस्त्रक्षेप) 21.09.2019]

  • भरतपुर 

  • कोटा 

  • बीकानेर

  • उदयपुर 

🔹 व्याख्या:

👉 उदयपुर संभाग राजस्थान में मक्का का सर्वाधिक उत्पादक क्षेत्र है, जो राज्य के कुल उत्पादन में महत्त्वपूर्ण योगदान देता है।
👉 यहाँ की जलवायु और मिट्टी की उर्वरता मक्का उत्पादन के लिए अनुकूल मानी जाती है।
👉 उदयपुर, चित्तौड़गढ़, राजसमंद, बांसवाड़ा, डूंगरपुर जैसे जिले इसकी खेती में प्रमुख भूमिका निभाते हैं।
👉 इस क्षेत्र में मक्का की खेती खुद के उपभोग और स्थानीय बिक्री दोनों के लिए की जाती है। 

राजस्थान का कौन-सा कृषि जलवायु खण्ड लवणीयता, क्षारीयता तथा जलप्लावन की त्रिपक्षीय गम्भीर समस्या का सामना कर रहा है ? 

[JEN Mechenical डिग्री 16.10.2016]

  • सिंचित उत्तर-पश्चिमी मैदान

  • अन्तःस्थलीय जलोस्तरण क्षेत्र 

  • आर्द्र दक्षिण पूर्वी मैदान 

  • लूनी बेसिन का अन्तर्वर्ती मैदान 

🔹 व्याख्या:

👉 I-B सिंचित उत्तर-पश्चिमी मैदान (गंगानगर एवं हनुमानगढ़) कृषि जलवायु खण्ड में लवणीयता, क्षारीयता एवं जलप्लावन (सेम) की त्रिपक्षीय गंभीर समस्या पाई जाती है।
👉 इस क्षेत्र में नहर सिंचाई की अधिकता के कारण जलभराव की स्थिति बनती है।
👉 विशेषकर रावतसर, पीलीबंगा, लूनकरणसर जैसे क्षेत्रों में यह समस्या अधिक देखी जाती है।
👉 इससे भूमि की उपजाऊ शक्ति क्षीण होती है और कृषि प्रभावित होती है।

✍️ सही उत्तर है – सिंचित उत्तर-पश्चिमी मैदान 

नीचे दो कथन दिए गए हैं: 

कथन (I) : चना राजस्थान में "रबी” फसल के रूप में उगाया जाता है। 

कथन (II) : तिलहन राजस्थान में “रबी” और “खरीफ" दोनों मौसम में उगाए जाते हैं। 

उपरोक्त कथनों के आलोक में, नीचे दिए गए विकल्पों में से सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर चुनें।  

[CET (स्नातक) 27.09.2024 प्रथम चरण]

  • कथन (I) और कथन (II) दोनों सही हैं। 

  • कथन (I) और कथन (II) दोनों गलत हैं। 

  • कथन (I) सही है लेकिन कथन (II) गलत है। 

  • कथन (I) गलत है लेकिन कथन (II) सही है। 

🔹 व्याख्या:

👉 कथन (I) – "चना राजस्थान में 'रबी' फसल के रूप में उगाया जाता है" – सही है, क्योंकि चना राज्य की प्रमुख रबी दलहनी फसल है।
👉 कथन (II) – "तिलहन राजस्थान में 'रबी' और 'खरीफ' दोनों मौसम में उगाए जाते हैं" – यह भी सही है, क्योंकि सरसों, अलसी रबी में तथा मूँगफली, तिल, सोयाबीन खरीफ में बोए जाते हैं।

✍️ सही उत्तर है – दोनों कथन सही हैं 

निम्न में से कौन-सी फसल शुष्क कृषि के अंतर्गत उपजाई नहीं जाती है ? (निम्न में से सबसे उपयुक्त विकल्प चुनें)  

[कनिष्ठ अनुदेशक (रोजगार) 18.11.2024]

  • मूंग 

  • रागी 

  • गन्ना 

  • ग्वार 

🔹 व्याख्या:

👉 शुष्क कृषि उन क्षेत्रों में की जाती है जहाँ सिंचाई सुविधा सीमित होती है और वर्षा पर निर्भरता अधिक होती है।
👉 ग्वार, मूंग और रागी जैसी फसलें शुष्क एवं अर्द्ध-शुष्क क्षेत्रों में उगाई जाती हैं।
👉 जबकि गन्ना एक उष्णकटिबंधीय फसल है जिसे अधिक जल की आवश्यकता होती है और यह केवल सिंचित क्षेत्रों में ही उगाई जाती है।

✍️ सही उत्तर है – गन्ना 

राजस्थान में प्रथम योजना काल से 2012-13 तक सस्य प्रतिरूप में घटित निम्न में से कौन - सा / कौन- से परिवर्तन सही है ? 

  1. अनाज के अन्तर्गत क्षेत्रफल 42.5 से बढ़कर 56.0 प्रतिशत हो गया है । 
  2. दालों के अन्तर्गत क्षेत्रफल 21.0 से घटकर 13.5 प्रतिशत रह गया है। 
  3. तिलहन के अन्तर्गत क्षेत्रफल 6.2 से बढ़कर 20.5 प्रतिशत हो गया है । 
  4. कपास, गन्ना, ग्वार, फल, सब्जी, मसाले व चारा फसलों के अन्तर्गत क्षेत्रफल 16.8 से बढ़कर 23.5 प्रतिशत हो गया है।

निम्न लिखित कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए - 

ग्रामसेवक & छात्रा. अधीक्षक 18.12.2016

  • i और iii 

  • i, ii और iii 

  • केवल i 

  • ii, iii और iv

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान की अर्थव्यवस्था मुख्यतः कृषि आधारित है और लगभग 80% आबादी ग्रामीण क्षेत्रों में रहकर खेती पर निर्भर है।
👉 राज्य सरसों, चना और मोठ (Dewgram) फसलों का शीर्ष उत्पादक है।
👉 कृषि क्षेत्र का राज्य की अर्थव्यवस्था में 22.5% योगदान है, जिससे इसकी मुख्य भूमिका सिद्ध होती है।
👉 इस प्रकार राजस्थान भारत में इन फसलों का प्रमुख उत्पादक राज्य माना जाता है। 

निम्नांकित में से कौन सा जिला उप आर्द्र दक्षिणी - मैदानी कृषि जलवायु प्रदेश में स्थित नहीं है ? 

[कनिष्ठ अनुदेशक (इलेक्ट्रिशियन) 24.03.2019]

  • भीलवाड़ा

  • राजसमन्द

  • डूंगरपुर 

  • उदयपुर

🔹 व्याख्या:

👉 उप आर्द्र दक्षिणी मैदानी कृषि जलवायु प्रदेश (IV-A) में राजसमन्द, भीलवाड़ा और चित्तौड़गढ़ जिले शामिल हैं।
👉 जबकि डूंगरपुर इस प्रदेश में नहीं आता, यह आर्द्र दक्षिणी मैदान (IV-B) में शामिल है।
👉 डूंगरपुर में वर्षा अधिक होती है और यहाँ की मिट्टी कम उपजाऊ व उथली होती है।
👉 इसलिए यह भिन्न कृषि जलवायु क्षेत्र में आता है।

✍️ सही उत्तर है – डूंगरपुर 

राजस्थान के कृषि जलवायु प्रदेश IV-A, आर्द्र दक्षिणी मैदान में कौन से जिले सम्मिलित किये जाते हैं ? 

[अन्वेषक परीक्षा 21.08.2016]

  • भीलवाड़ा, राजसमंद और चित्तोड़गढ़ 

  • डूंगरपुर, बांसवाड़ा और उदयपुर 

  • जालोर, पाली और सिरोही 

  • जयपुर, अजमेर और टोंक 

🔹 व्याख्या:

👉 IV-A आर्द्र दक्षिणी मैदान कृषि जलवायु प्रदेश में भीलवाड़ा, राजसमंद और चित्तौड़गढ़ जिले सम्मिलित किए जाते हैं।
👉 यहाँ की वार्षिक वर्षा 500 से 900 मिमी तक होती है तथा मृदा दोमट और लिथोसोल्स पाई जाती है।
👉 इस क्षेत्र में मक्का, ज्वार, मूँगफली, गेहूँ, धनिया, जीरा आदि फसलें प्रमुख हैं।
👉 यह क्षेत्र बागवानी फसलों जैसे आंवला, अमरूद, नींबू आदि के लिए भी जाना जाता है।

✍️ सही उत्तर है – भीलवाड़ा, राजसमंद और चित्तोड़गढ़ 

निम्नलिखित में से कृषि का कौन-सा संस्थागत कारक, कृषि की उत्पादकता और प्रारूप को प्रभावित करता है ? 

[CET (स्नातक) 27.09.2024 प्रथम चरण]

  • स्थलाकृति

  • रसायनिक उर्वरक 

  • अधीनस्थ कृषि क्षेत्र का आकार 

  • फसल बीमा 

🔹 व्याख्या:

👉 कृषि का संस्थागत कारक वह होता है जो अधीनस्थ कृषि क्षेत्र का आकार होता है। 

राजस्थान में 'वालरा' क्या है ? 

[कनिष्ठ अनुदेशक (वेल्डर) 26.03.2019]

  • चलायमान खेती 

  • मछली पालन

  • वैज्ञानिक खेती

  • बागवानी 

🔹 व्याख्या:

👉 'वालरा' राजस्थान में की जाने वाली चलायमान (स्थानांतरित) कृषि का स्थानीय नाम है।
👉 इसमें वनों को काटकर और जलाकर अस्थायी रूप से खेती की जाती है।
👉 यह पद्धति मुख्यतः दक्षिणी-पूर्वी पहाड़ी क्षेत्रों में आदिवासी समुदायों द्वारा अपनाई जाती है।
👉 यह पद्धति पर्यावरणीय अवनयन का कारण भी बनती है।

✍️ सही उत्तर है – चलायमान खेती 

निम्नलिखित में से कौनसी फसल 'सफेद सोना' के नाम से जानी जाती है ?

[कनिष्ठ वैज्ञानिक सहायक (रसायन) 14.09.2019]

  • सोयाबीन 

  • कपास

  • गेहूँ

  • तम्बाकू

🔹 व्याख्या:

👉 कपास को इसके रेशेदार उत्पादन और आर्थिक महत्त्व के कारण 'सफेद सोना' कहा जाता है।
👉 इसका उपयोग मुख्यतः सूती वस्त्र, तेल व पशु आहार बनाने में होता है।
👉 राजस्थान में कपास का प्रमुख उत्पादन गंगानगर, हनुमानगढ़, बीकानेर आदि जिलों में होता है।
👉 वर्ष 2022-23 में राज्य में 277 लाख गांठों का कपास उत्पादन हुआ।

✍️ सही उत्तर है – कपास 

निम्नलिखित में से कौन-सी एक 'रबी' की फसल नहीं है ?  

[कनिष्ठ अनुदेशक (ICT) 04.01.2025]

  • दालें 

  • जौ 

  • गेहूँ 

  • बाजरा 

🔹 व्याख्या:

👉 गेहूँ, जौ और दालें (जैसे चना, मटर आदि) राजस्थान की प्रमुख रबी फसलें हैं।
👉 जबकि बाजरा एक खरीफ फसल है, जो वर्षा ऋतु में उगाई जाती है और शुष्क क्षेत्रों में अधिक बोया जाता है।
👉 बाजरा राज्य का एक प्रमुख निर्वाहक अनाज भी है।

✍️ सही उत्तर है – बाजरा 

फसलों के सबसे उपयुक्त रूप से मेल किए गए जोड़े को चुनिए।  

[CET (10+2) 22.10.2024 प्रथम चरण]

  • चावल - खरीफ - शक्ति 

  • गेंहूँ - रबी - सोनारा 

  • चावल - रबी - बासमती 

  • मक्का - रबी - विजय 

🔹 व्याख्या:

👉 गेहूँ राजस्थान की प्रमुख रबी फसल है, जिसे शीत ऋतु में बोया जाता है।
👉 अन्य किस्में कल्याण सोना, सोनालिका, मंगला, डब्ल्यू.एच. 1147, राज. 3070 आदि है।
👉 गेहूँ का उत्पादन सिंचित क्षेत्रों में अधिक होता है और यह लगभग सभी जिलों में उत्पादित किया जाता है।

✍️ सही उत्तर है – गेहूँ – रबी – सोनारा 

मुर्गी-दानों में यह शामिल होते हैं :

(निम्न में से सबसे उपयुक्त विकल्प चुनें) 

[CET (स्नातक) 28.09.2024 चतुर्थ चरण]

  • केवल मक्का और जौ मिश्रित 

  • केवल गाढ़ा चारा और मक्का 

  • केवल मोटा और गाढ़ा चारा 

  • मक्का, जौ, बाजरा इत्यादि

🔹 व्याख्या:

👉 मक्का, जौ और बाजरा राजस्थान की मुख्य खाद्यान्न फसलें हैं, जो राज्य की विविध कृषि जलवायु में उगाई जाती हैं।
👉 मक्का मुख्यतः दक्षिणी जिलों में, बाजरा शुष्क और अर्द्ध-शुष्क क्षेत्रों में, जबकि जौ शीत व शुष्क क्षेत्रों में उत्पादित होती है।
👉 वर्ष 2022-23 में इनका उत्पादन – मक्का (21.80 लाख टन), बाजरा (51.10 लाख टन), जौ (10.78 लाख टन) रहा।
👉 ये फसलें राजस्थान की निर्वाहक एवं व्यापारिक कृषि प्रणाली का हिस्सा हैं।

✍️ सही उत्तर है – खाद्यान्न फसलें 

राजस्थान में सबसे छोटा कृषि जलवायु प्रदेश है ?

[हाथकरघा निरीक्षक (उद्योग) 22.12.2019]

  • आर्द्र दक्षिणी मैदान 

  • आर्द्र दक्षिणी - पूर्वी मैदान

  • अर्ध शुष्क पूर्वी मैदान

  • शुष्क पश्चिमी मैदान 

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान का सबसे छोटा कृषि जलवायु प्रदेश है IV-B आर्द्र दक्षिणी मैदान।
👉 यह क्षेत्र डूंगरपुर, बाँसवाड़ा, प्रतापगढ़, सलूम्बर, उदयपुर जिलों के हिस्सों में फैला है।
👉 यहाँ वर्षा 500–1100 मिमी, मृदा उथली और कम उपजाऊ होती है।
👉 यह क्षेत्र सीमित क्षेत्रफल और भौगोलिक सीमाओं के कारण सबसे छोटा माना जाता है।

✍️ सही उत्तर है – आर्द्र दक्षिणी मैदान 

जयपुर, अजमेर, दौसा और टोंक जिले किस कृषि जलवायु क्षेत्र के अन्तर्गत आते हैं ? 

[कनिष्ठ अनुदेशक (वेल्डर) 26.03.2019]

  • IV-A

  • III-A

  • III-B

  • IV-B

🔹 व्याख्या:

👉 जयपुर, अजमेर, दौसा और टोंक जिले III-A अर्द्ध-शुष्क पूर्वी मैदान कृषि-जलवायु प्रदेश में आते हैं।
👉 इस क्षेत्र में वर्षा 500–700 मिमी, तथा तापमान शीत ऋतु में सामान्य और ग्रीष्म में अधिक होता है।
👉 यहाँ बाजरा, मूंगफली, मूँग, गेहूँ, चना, सरसों आदि फसलें प्रमुख हैं।
👉 फल व सब्जी उत्पादन भी इस क्षेत्र की विशेषता है।

✍️ सही उत्तर है – III-A 

राजस्थान में अमेरिकन कपास का उत्पादन किन जिलों में होता है ? 

[प्रयोगशाला सहायक 13.11.2016]

  • कोटा, बूँदी, बारां

  • राजसमन्द, उदयपुर, चित्तौड़गढ़ 

  • बांसवाड़ा, हनुमानगढ़, श्रीगंगानगर

  • झालावाड़, अजमेर, सिरोही

🔹 व्याख्या:

👉 अमेरिकन कपास की किस्में जैसे आर.एस. 875, राज.एच.एच.-16, संकर-4 आदि का उत्पादन श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ जिलों में किया जाता है।
👉 यहाँ पर कपास की ‘नरमा’ किस्म भी प्रसिद्ध है।
👉 बाँसवाड़ा में अखिल भारतीय कपास सुधार परियोजना का उपकेन्द्र भी स्थापित किया गया है।
👉 इसलिए इन तीनों जिलों में अमेरिकन कपास का उत्पादन होता है।

✍️ सही उत्तर है – बांसवाड़ा, हनुमानगढ़, श्रीगंगानगर 

राजस्थान में अफीम का उत्पादन निम्नलिखित में से किन जिलों में होता है ?

[पुस्तकालयाध्यक्ष 13.11.2016]

  • सिरोही, जालौर, बाड़मेर 

  • झालावाड़, कोटा, चित्तौड़गढ़ 

  • अलवर, भरतपुर, कोटा

  • सिरोही, भीलवाड़ा, उदयपुर 

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान में अफीम का उत्पादन मुख्यतः चित्तौड़गढ़, बारां, प्रतापगढ़, कोटा, बूँदी, झालावाड़ एवं भीलवाड़ा जिलों में किया जाता है।
👉 यह फसल राज्य के दक्षिण-पूर्वी एवं हाड़ौती क्षेत्र में उगाई जाती है।
👉 अफीम एक औषधीय फसल है, जिसे सरकार की अनुमति से सीमित क्षेत्रों में उगाया जाता है।
👉 यह फसल राजस्थान की विशिष्ट कृषि उपजों में गिनी जाती है।

✍️ सही उत्तर है – चित्तौड़गढ़, कोटा, झालावाड़ 

सोयाबीन की खेती राजस्थान के किस कृषि जलवायु खण्ड में प्रमुखता से की जाती है ? 

[JEN (Civil Diploma) 21.08.2016]

  • आर्द्र दक्षिण - पूर्वी मैदान

  • उप - आर्द्र दक्षिणी मैदान

  • सिंचित उत्तर - पश्चिमी मैदान

  • बाढ़ - सम्भाव्य पूर्वी मैदान 

🔹 व्याख्या:

👉 सोयाबीन की खेती प्रमुख रूप से आर्द्र दक्षिण-पूर्वी मैदान (V) में की जाती है।
👉 इसमें झालावाड़, कोटा, बारां, बूंदी आदि जिले आते हैं, जो सोयाबीन उत्पादन में अग्रणी हैं।
👉 यहाँ की मिट्टी काली जलोढ़ व चिकनी, और वर्षा 650–1100 मिमी होती है।
👉 यह क्षेत्र अफीम और चावल उत्पादन में भी महत्त्वपूर्ण है।

✍️ सही उत्तर है – आर्द्र दक्षिण - पूर्वी मैदान 

राजस्थान में मिश्रित लाल और काली मिट्टी में सामान्यतः कौन-सी फसलें उगाई जाती हैं ? 

[JEN (Civil डिप्लोमा) 16.10.2016]

  • मूँगफली, सरसों

  • कपास, मक्का

  • चावल, गन्ना 

  • गेहूँ, चना

🔹 व्याख्या:

👉 मिश्रित लाल और काली मिट्टी मुख्यतः राजस्थान के दक्षिणी व दक्षिण-पूर्वी भागों में पाई जाती है।
👉 इस क्षेत्र में कपास और मक्का जैसी फसलें सामान्यतः उगाई जाती हैं।
👉 यह मिट्टी नमी बनाए रखने में सक्षम होती है और मध्यम उपजाऊ मानी जाती है।
👉 विशेषकर कोटा, बारां, झालावाड़, चित्तौड़गढ़, बांसवाड़ा आदि जिलों में ये फसलें प्रमुख हैं।

✍️ सही उत्तर है – कपास, मक्का 

'माही धवल' राजस्थान की किस मुख्य फसल की एक किस्म है ? 

[कनिप्ठ अनुदेशक (मैकेनिक) 23.12.2019]

  • ज्वार 

  • मक्का 

  • गेहूँ 

  • चना 

🔹 व्याख्या:

👉 'माही धवल' राजस्थान में उगाई जाने वाली मक्का की एक उन्नत संकुल किस्म है।
👉 इसका विकास अखिल भारतीय समन्वित मक्का सुधार परियोजना, उदयपुर और कृषि अनुसंधान केन्द्र, बाँसवाड़ा में किया गया।
👉 यह किस्म दक्षिणी राजस्थान की जलवायु के अनुकूल है और उच्च उत्पादन देती है।
👉 मक्का का उत्पादन वर्ष 2022-23 में 21.80 लाख टन रहा।

✍️ सही उत्तर है – मक्का 

दक्षिणी-पूर्वी राजस्थान क्षेत्र में स्थानान्तरित कृषि निम्नलिखित में से किस नाम से जानी जाती है ? 

[कनिष्ठ वैज्ञानिक सहायक (भौतिक) 21.09.2019]

  • वालरा 

  • टापरा 

  • खालरा 

  • झुमरा 

🔹 व्याख्या:

👉 दक्षिणी-पूर्वी राजस्थान में स्थानांतरण कृषि को 'वालरा' के नाम से जाना जाता है।
👉 यह परंपरागत पद्धति है, जिसमें वनों को काटकर और जलाकर अस्थायी खेती की जाती है।
👉 यह पद्धति पर्यावरणीय अवनयन का भी कारण बनती है।
👉 'वालरा' शब्द विशेष रूप से इसी प्रकार की कृषि के लिए प्रयोग होता है।

✍️ सही उत्तर है – वालरा 

इसबगोल का मुख्य उत्पादक जिला कौन सा है :

[JEN (कृषि) 12.07.2015]

  • भरतपुर 

  • जालौर 

  • गंगा नगर 

  • उदयपुर 

🔹 व्याख्या:

👉 ईसबगोल राजस्थान की एक विशिष्ट औषधीय व नकदी फसल है।
👉 इसका प्रमुख उत्पादन जालौर, सिरोही, बाड़मेर और बालोतरा जिलों में होता है।
👉 इन क्षेत्रों की शुष्क जलवायु और रेतीली मृदा ईसबगोल के लिए उपयुक्त मानी जाती है।
👉 यह फसल राज्य की विशिष्ट कृषि उपजों में शामिल है।

✍️ सही उत्तर है – जालौर 

राजस्थान कृषि अनुसंधान संस्थान निम्न में से किस शहर में स्थित है ? 

[CET (स्नातक) 27.09.2024 प्रथम चरण]

  • उदयपुर 

  • माउंट आबू 

  • जोधपुर 

  • जयपुर 

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान कृषि अनुसंधान संस्थान (RARI), जयपुर के दुर्गापुरा क्षेत्र में स्थित एक प्रमुख कृषि अनुसंधान संस्थान है।
👉 यह संस्थान राजस्थान में कृषि क्षेत्र के विकास, फसल अनुसंधान, और कृषि तकनीकी प्रसार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। 

दक्षिणी राजस्थान में 'स्लैश तथा बर्न' कृषि को जिस नाम से जाना जाता है, वह है : [*]

[PTI ग्रेड -III 30.09.2018]

  • देप्पा

  • झूमिंग 

  • यातरा 

  • ब्रिंगा 

📌 महत्वपूर्ण सूचना: इस प्रश्न को बोर्ड द्वारा 'डिलीट' या अमान्य घोषित किया गया है।  

निम्नलिखित में से कौन-सी फसल राजस्थान में खरीफ की ऋतु में उत्पादित नहीं की जाती है ?  

कनिष्ठ अनुदेशक (कंप्यूटर प्रयो.) 16.11.2024

  • सोयाबीन 

  • उड़द 

  • ज्वार 

  • मटर 

🔹 व्याख्या:

👉 ज्वार, सोयाबीन और उड़द राजस्थान में खरीफ ऋतु की प्रमुख फसलें हैं, जो वर्षा के समय बोई जाती हैं।
👉 जबकि मटर एक रबी फसल है, जो शीत ऋतु में बोई जाती है और ठंडे मौसम में विकसित होती है।
👉 अध्याय में मटर को रबी दलहनी फसलों में शामिल किया गया है।

✍️ सही उत्तर है – मटर 

‘नरमा' राजस्थान की किस फसल से सम्बन्धित है ? 

[CET (स्नातक) 27.09.2024 प्रथम चरण]

  • कपास 

  • चाय 

  • जूट 

  • कॉफी 

🔹 व्याख्या:

👉 ‘नरमा’ राजस्थान में उत्पादित कपास की एक विशेष किस्म है।
👉 यह मुख्यतः गंगानगर और हनुमानगढ़ जिलों में उगाई जाती है, जहाँ सिंचाई सुविधा और उपजाऊ जलोढ़ मृदा उपलब्ध है।
👉 बीकानेरी नरमा एक प्रसिद्ध किस्म है, जिसका रेशा 23 से.मी. तक लंबा होता है।
👉 नरमा से सूती वस्त्र, तेल व पशु आहार भी तैयार किया जाता है।

✍️ सही उत्तर है – कपास 

राजस्थान में उगने वाली रबी फसल का चयन कीजिए: 

निम्नलिखित विकल्पों में से सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर चुनें:  

[पशु परिचर (2nd Phase) 01.12.2024]

  • बाजरा 

  • चावल 

  • मक्का 

  • जौ 

🔹 व्याख्या:

👉 जौ राजस्थान की एक प्रमुख रबी फसल है, जिसे शीत ऋतु में बोया जाता है।
👉 जबकि बाजरा, मक्का और चावल सभी खरीफ फसलें हैं, जो वर्षा ऋतु में बोई जाती हैं।
👉 जौ का उत्पादन मुख्यतः शुष्क व अर्द्ध-शुष्क क्षेत्रों में किया जाता है।

✍️ सही उत्तर है – जौ 

राई व सरसों के उत्पादन में राजस्थान के अग्रणी जिले हैं (2009-10)

[JEN (Civil डिग्री) 16.10.2016]

  • टोंक, कोटा, झुंझुनूँ 

  • सवाई माधोपुर, बारां, हनुमानगढ़

  • जयपुर, दौसा, करौली

  • अलवर, भरतपुर, गंगानगर 

🔹 व्याख्या:

👉 अलवर, भरतपुर, कोटा, जयपुर, श्रीगंगानगर और बीकानेर राजस्थान के प्रमुख रुझान केंद्र हैं, जो सरसों और राई के उत्पादन में अग्रणी हैं।
👉 राई-सरसों पर राष्ट्रीय अनुसंधान केंद्र (NRCRM), भरतपुर जिले में स्थित है। 

राजस्थान का लगभग 30 प्रतिशत सरसों उत्पादन क्षेत्र केन्द्रित है

[JEN (यांत्रिक डिप्लोमा) 21.08.2016]

  • कोटा क्षेत्र में 

  • जयपुर क्षेत्र में 

  • भरतपुर क्षेत्र में 

  • गंगानगर क्षेत्र में

🔹 व्याख्या:

👉 भरतपुर क्षेत्र (जिसमें भरतपुर, अलवर, डीग, करौली, धौलपुर आदि जिले आते हैं) को सरसों उत्पादन का प्रमुख क्षेत्र माना गया है।
👉 राजस्थान के लगभग 30 प्रतिशत सरसों उत्पादन क्षेत्र की सांद्रता इसी क्षेत्र में है।
👉 यहाँ की जलवायु और मिट्टी सरसों के लिए अत्यंत उपयुक्त मानी जाती है।
👉 यह क्षेत्र राष्ट्रीय सरसों अनुसंधान केन्द्र का भी स्थल है।

✍️ सही उत्तर है – भरतपुर क्षेत्र में 

क्षेत्रफल की दृष्टि से राजस्थान का सबसे बड़ा कृषि जलवायु खण्ड कौन-सा है ?

[पटवार प्री. परीक्षा 2015]

  • शुष्क पश्चिमी मैदानी खण्ड 

  • आर्द्र दक्षिणी मैदानी खण्ड 

  • बाढ़ संभाव्य पूर्वी मैदानी खण्ड 

  • सिंचित उत्तर-पश्चिमी मैदानी खण्ड

🔹 व्याख्या:

👉 I-A शुष्क पश्चिमी मैदानी खण्ड क्षेत्रफल की दृष्टि से राजस्थान का सबसे बड़ा कृषि जलवायु प्रदेश है।
👉 इसका विस्तार 124.37 लाख हैक्टेयर में है और यह बाड़मेर, जोधपुर, बालोतरा जैसे जिलों को सम्मिलित करता है।
👉 यह क्षेत्र मरुस्थलीय जलवायु, कम वर्षा और बालूका स्तूपों से युक्त है।
👉 यहाँ मुख्यतः बाजरा, मोठ, तिल, ग्वार, मूँग आदि की खेती होती है।

✍️ सही उत्तर है – शुष्क पश्चिमी मैदानी खण्ड 

निम्न में से कौनसी रबी की फसल नहीं है ? 

[लिपिक ग्रेड-II 09.09.2018]

  • गेहूँ 

  • जौ 

  • मसूर

  • चावल 

🔹 व्याख्या:

👉 चावल खरीफ मौसम की फसल है, जिसे वर्षा ऋतु में बोया जाता है और यह जलभरपूर क्षेत्रों में उगाई जाती है।
👉 गेहूँ, जौ और मसूर सभी रबी फसलें हैं, जिन्हें शीतकाल में बोया जाता है।
👉 चावल की खेती राजस्थान में बाँसवाड़ा, डूंगरपुर, कोटा आदि जिलों में होती है।

✍️ सही उत्तर है – चावल 

राजस्थान में निम्नलिखित में से कौन-सी रबी फसल नहीं है ? 

[CET (10+2) 23.10.2024 तृतीय चरण]

  • जौ 

  • सरसों 

  • चावल 

  • गेहूँ 

🔹 व्याख्या:

👉 गेहूँ, जौ और सरसों सभी राजस्थान की प्रमुख रबी फसलें हैं, जो शीत ऋतु में बोई जाती हैं।
👉 जबकि चावल एक खरीफ फसल है, जिसे वर्षा ऋतु में बोया जाता है और इसके लिए अधिक जल की आवश्यकता होती है।
👉 चावल का उत्पादन मुख्यतः झालावाड़, डूंगरपुर, बूँदी, बारां, कोटा जैसे जिलों में होता है।

✍️ सही उत्तर है – चावल 

राजस्थान में निम्नलिखित में से किस जिले में अफीम का सर्वाधिक उत्पादन होता है ?

[कनिष्ठ अनुदेशक (कोपा) 24.03.2019]

  • चूरु  

  • हनुमानगढ़

  • चितौड़गढ़ 

  • गंगानगर 

🔹 व्याख्या:

👉 अफीम का उत्पादन राजस्थान में विशेष रूप से चित्तौड़गढ़, कोटा, बारां, प्रतापगढ़, बूँदी और भीलवाड़ा जिलों में होता है।
👉 इन जिलों की जलवायु और मिट्टी अफीम की खेती के लिए उपयुक्त मानी जाती है।
👉 इनमें से चित्तौड़गढ़ जिला अफीम उत्पादन में प्रमुख है।
👉 अन्य विकल्प जैसे गंगानगर, हनुमानगढ़ और चूरू अफीम उत्पादन क्षेत्र नहीं हैं।

✍️ सही उत्तर है – चितौड़गढ़ 

क्षेत्रफल की दृष्टि से राजस्थान में सबसे छोटा कृषि जलवायु खण्ड कौन-सा है ? 

[JEN (Civil Diploma) 21.08.2016]

  • सिंचित मैदानी उत्तर पश्चिमी क्षेत्र

  • बाढ़ सम्भाव्य पूर्वी मैदान

  • आर्द्र दक्षिण पूर्वी मैदान 

  • आर्द्र दक्षिणी मैदान 

🔹 व्याख्या:

👉 आर्द्र दक्षिणी मैदान (IV-B) क्षेत्रफल की दृष्टि से राजस्थान का सबसे छोटा कृषि-जलवायु खण्ड है।
👉 इसमें मुख्यतः डूंगरपुर, बाँसवाड़ा, प्रतापगढ़, उदयपुर, सलुम्बर आदि जिले आते हैं।
👉 यहाँ वर्षा 500–1100 मिमी होती है और मिट्टी कम गहरी व कम उपजाऊ होती है।
👉 यह क्षेत्र मक्का, धान, उड़द व सब्जियों के लिए उपयुक्त है।

✍️ सही उत्तर है – आर्द्र दक्षिणी मैदान 

राजस्थान में मसालों के समग्र उत्पादन में कौन-से जिले अग्रणी हैं  

[JEN (यांत्रिक डिप्लोमा) 21.08.2016]

  • बाराँ, बूँदी

  • बाड़मेर, नागौर 

  • कोटा, झालावाड़

  • उदयपुर, सवाई माधोपुर

🔹 व्याख्या:

👉 मसालों के समग्र उत्पादन में कोटा और झालावाड़ जिले अग्रणी माने जाते हैं।
👉 यहाँ धनिया, मैथी, मिर्च, सौंफ जैसे प्रमुख मसाले उगाए जाते हैं।
👉 कोटा की रामगंज मण्डी को ‘धनिया मण्डी’ के रूप में जाना जाता है।
👉 मसालों के प्रसंस्करण हेतु स्पाइस पार्क की स्थापना भी रामगंज मंडी (कोटा) में की गई है।

✍️ सही उत्तर है – कोटा, झालावाड़ 

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (प्र . फ. बी. यो. - PMFBY) किस वर्ष में लागू की गई ?  

[कनिष्ठ अनुदेशक (STE) 05.01.2025]

  • 2015 

  • 2016 

  • 2018 

  • 2017 

🔹 व्याख्या:

👉 प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) को 18 फरवरी 2016 को लागू किया गया था।
👉 इसका उद्देश्य प्राकृतिक आपदाओं, कीटों और बीमारियों से फसल क्षति पर किसानों को वित्तीय सहायता प्रदान करना है।
👉 यह योजना कृषक जोखिमों को कम करने और कृषि को स्थिर आय स्रोत बनाने में सहायक है। 

निम्नलिखित में से किस शोध में 'CAZRI' संस्थान मुख्य रूप से शामिल है ?  

[CET (स्नातक) 28.09.2024 चतुर्थ चरण]

  • भूमि सुधार

  • शुष्क पारिस्थितिकी तंत्र में टिकाऊ कृषि प्रणाली 

  • खनिजों का खनन 

  • रेगिस्तान में पशुपालन 

🔹 व्याख्या:

👉 CAZRI (Central Arid Zone Research Institute), जो जोधपुर में स्थापित है, का मुख्य कार्य शुष्क एवं अर्ध-शुष्क प्रदेशों में भूमि, जल, वनस्पति और पर्यावरण अध्ययन करना है।
👉 इसका उद्देश्य रेगिस्तानी/शुष्क पारिस्थितिकी तंत्र के लिए टिकाऊ कृषि प्रणाली, जल प्रबंधन और भू-संरक्षण विकसित करना है।
👉 यह संस्थान खेती, चरागाह, वृक्षरोपण और जल संरक्षण जैसे क्षेत्रों में अनुसंधान कर शुष्क प्रदेशों में कृषि को व्यवहार्य बनाता है।
👉 अतः CAZRI शुष्क पारिस्थितिकी तंत्र में टिकाऊ कृषि प्रणाली पर केंद्रित है।

✍️ सही उत्तर है – शुष्क पारिस्थितिकी तंत्र में टिकाऊ कृषि प्रणाली 

राजस्थान के दो अग्रणी कपास उत्पादक जिले हैं :

[संकलनकर्ता परीक्षा 21.08.2016]

  • गंगा नगर और हनुमानगढ़ 

  • कोटा और बारा  

  • अलवर और भरतपुर

  • जयपुर और दौसा 

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान में कपास की खेती मुख्यतः विशेष सिंचित क्षेत्रों में की जाती है।
👉 राज्य के दो अग्रणी कपास उत्पादक जिले हैं – गंगानगर और हनुमानगढ़, जहाँ नरमा किस्म का उत्पादन अधिक होता है।
👉 यहां इंदिरा गांधी नहर, गंग नहर आदि से सिंचाई की सुविधा है, जो कपास के लिए आवश्यक है।
👉 वर्ष 2022-23 में राज्य में 277 लाख गांठों का कपास उत्पादन हुआ।

✍️ सही उत्तर है – गंगा नगर और हनुमानगढ़ 

कृषि अनुसंधान केन्द्र, मण्डोर कौनसे कृषि - जलवायु प्रदेश में स्थित है ?

[कनिप्ठ अनुदेशक (इलेक्ट्रोनिक्स) 23.12.2019]

  • अन्तः स्थलीय जलोत्सरण का क्षेत्र

  • शुष्क पश्चिमी मैदान

  • सिंचित उत्तर-पश्चिमी मैदान 

  • लूनी बेसिन का अन्तर्वर्ती मैदान

🔹 व्याख्या:

👉 मंडोर (जोधपुर) में कृषि अनुसंधान केन्द्र स्थित है, जो शामिल है I‑A शुष्क पश्चिमी मैदान कृषि जलवायु प्रदेश में।
👉 इस क्षेत्र में वार्षिक वर्षा 200–370 मिमी होती है, और मिट्टी मरुस्थलीय व बालुई होती है।
👉 यहाँ बाजरा, मोठ, तिल जैसी खरीफ की फसलें बोई जाती हैं।

✍️ सही उत्तर है – शुष्क पश्चिमी मैदान 

दुर्गापुर केसर एक प्रसिद्ध किस्म है ____

[उद्योग प्रचार अधिकारी 22.07.2018]

  • धनिये की 

  • जीरे की 

  • तरबूज़ की  

  • खजूर की

🔹 व्याख्या:

👉 दुगारपुर केसरी तरबूज की एक महत्वपूर्ण किस्म है, जिसे राजस्थान कृषि अनुसंधान संस्थान, दुगारपुरा ने विकसित किया।
👉 यह तरबूज किस्म पीले और मांसल गूदे वाली होती है, जो स्वाद में भी विशेष होती है।
👉 इसकी पहचान विशेष स्थानीय किस्म के रूप में होती है जो राज्य में लोकप्रिय है। 

राजस्थान का दो तिहाई से अधिक चावल उत्पादक क्षेत्र किस कृषि जलवायु खण्ड के अन्तर्गत आता है ? 

[JEN (Civil डिप्लोमा) 16.10.2016]

  • आर्द्र दक्षिणी मैदान 

  • उपार्द्र दक्षिणी मैदान

  • बाढ़ सम्भाव्य पूर्वी मैदान 

  • आर्द्र दक्षिणी पूर्वी मैदान

🔹 व्याख्या:

👉 चावल राजस्थान की एक महत्वपूर्ण फसल है, जिसे मुख्यतः उच्च वर्षा वाले क्षेत्रों में उगाया जाता है।
👉 इसका 53.4% क्षेत्र सिंचित रोपाई, 30.5% वर्षा आधारित ऊँचे खेतों और 16.1% वर्षा आधारित प्रति रोपित भूमि में आता है।
👉 राजस्थान का दो-तिहाई से अधिक चावल उत्पादक क्षेत्र आर्द्र दक्षिणी मैदान में स्थित है। 

राजस्थान पूरे देश में निम्नलिखित में से किसका सर्वाधिक उत्पादक राज्य है ? 

[CET (स्नातक) 27.09.2024 प्रथम चरण]

  • गेहूँ 

  • चाय 

  • चावल 

  • ऊन 

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान, भारत का सबसे बड़ा ऊन उत्पादक राज्य है और यह देश के कुल ऊन उत्पादन का 30% से अधिक हिस्सा देता है।
👉 यहाँ भेड़ों की आठ नस्लें पाई जाती हैं, जो उच्च गुणवत्ता वाली कालीन ऊन उत्पादन के लिए प्रसिद्ध हैं।
👉 अन्य ऊन उत्पादक राज्य हैं — कर्नाटक, जम्मू-कश्मीर, तेलंगाना, गुजरात, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, महाराष्ट्र और आंध्र प्रदेश। 

अमेरिकी कपास (नरमा) राजस्थान के किन जिलों में उगाया जाता हैं ?

[JEN (यांत्रिकी डिग्री) 21.08.2016]

  • राजसमन्द, चित्तौड़गढ़

  • हनुमानगढ़, श्रीगंगानगर

  • कोटा, बूँदी 

  • झालावाड़ा, अजमेर 

🔹 व्याख्या:

👉 अमेरिकी कपास (नरमा) का उत्पादन मुख्यतः हनुमानगढ़ और श्रीगंगानगर जिलों में किया जाता है।
👉 इन जिलों में इंदिरा गांधी नहर की सिंचाई सुविधा के कारण कपास की उन्नत किस्में उगाई जाती हैं।
👉 यहाँ बीकानेरी नरमा और अमेरिकन किस्में जैसे RST‑9, RS‑875 आदि प्रचलित हैं।
👉 यह क्षेत्र राजस्थान का प्रमुख कपास उत्पादक क्षेत्र है।

✍️ सही उत्तर है – हनुमानगढ़, श्रीगंगानगर 

'राष्ट्रीय सरसों अनुसंधान केंद्र' स्थित है -  

[कनिष्ठ अनुदेशक (कार्यशाला) 19.11.2024]

  • डीग में 

  • बयाना में 

  • सेवर में 

  • कुम्हेर में 

🔹 व्याख्या:

👉 राष्ट्रीय सरसों अनुसंधान केंद्र राजस्थान के भरतपुर जिले के सेवर नामक स्थान पर स्थित है।
👉 इसे 'नेशनल रिसर्च सेंटर फॉर रेपसीड एंड मस्टर्ड (NRCRM)' के नाम से भी जाना जाता है।
👉 यह केंद्र सरसों की उन्नत किस्मों, तकनीकों और शोध के लिए कार्य करता है।
👉 यह केंद्र राष्ट्रीय तिलहन विकास परियोजना के अंतर्गत स्थापित किया गया है।

✍️ सही उत्तर है – सेवर में 

राजस्थान में प्रथम योजना काल से अब तक कृषि फसलों के क्षेत्रफल में घटित निम्नलिखित में से कौन-सा परिवर्तन असत्य है 

[पुस्तकालयाध्यक्ष 13.11.2016]

  • खाद्यान्नों के अन्तर्गत क्षेत्रफल लगभग 14 प्रतिशत बढ़ गया है 

  • दालों के अन्तर्गत क्षेत्रफल लगभग 3 प्रतिशत घट गया है। 

  • गन्ना, ग्वार, चारा, फल, सब्जी, मसालों आदि के अन्तर्गत क्षेत्रफल में लगभग कोई परिवर्तन नहीं हुआ हैं  

  • तिलहन के अन्तर्गत क्षेत्रफल लगभग 15 प्रतिशत बढ़ गया है। 

🔹 व्याख्या:

👉 प्रथम योजना काल से अब तक तिलहन के क्षेत्रफल में वृद्धि, दालों के क्षेत्रफल में गिरावट, और खाद्यान्नों में वृद्धि से संबंधित आँकड़े अध्याय में उपलब्ध नहीं हैं।
👉 खाद्यान्नों के अन्तर्गत क्षेत्रफल लगभग 14 प्रतिशत बढ़ गया है।  

निम्नलिखित में से कौन सी राजस्थान राज्य की नगदी (कैश) फसले हैं ? (निम्न में से सबसे उपयुक्त विकल्प चुनें)  

[CET (स्नातक) 27.09.2024 द्वितीय चरण]

  • कॉफी और अनाज 

  • कपास और तम्बाकू 

  • सोयाबीन और कोको 

  • चाय और गन्ना 

🔹 व्याख्या:

👉 नगदी फसलें वे होती हैं जिन्हें बाजार में बिक्री हेतु उगाया जाता है और जो किसानों को आर्थिक लाभ देती हैं।
👉 कपास और तम्बाकू दोनों ही राजस्थान की प्रमुख नकदी फसलें हैं, जिनका उपयोग वस्त्र उद्योग व धूम्रपान उत्पादों में होता है।
👉 जबकि चाय, कॉफी और कोको जैसी फसलें राजस्थान में नहीं उगाई जातीं।
👉 सोयाबीन का उपयोग खाद्य और तिलहन रूप में होता है, पर वह प्राथमिक नकदी फसल नहीं मानी जाती।

✍️ सही उत्तर है – कपास और तम्बाकू 

निम्नलिखित में से उस प्रमुख मुद्दे का चयन कीजिए जिसने 

राजस्थान में कृषि विकास को सदैव प्रभावित किया है- निम्नलिखित विकल्पों में से सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर चुनें: 

[पशु परिचर (2nd Phase) 01.12.2024]

  • अप्रत्याशित और अनियमित वर्षा 

  • धातु और खनिजों की कमी 

  • राजस्थान के उद्यमियों में रुझान की कमी 

  • कृषि के लिए अपर्याप्त भूमि 

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान में कृषि विकास को सबसे अधिक प्रभावित करने वाला मुद्दा है – वर्षा की अनियमितता और अप्रत्याशितता।
👉 राज्य का लगभग 60% क्षेत्र 25 से.मी. से भी कम वर्षा वाला है और वर्षा अत्यंत परिवर्तनशील होती है।
👉 लगातार पड़ने वाले अकाल और जल की कमी कृषि के लिए सबसे बड़ी बाधाएँ हैं।
👉 यह समस्या राज्य की प्राकृतिक परिस्थितियों से जुड़ी हुई है।

✍️ सही उत्तर है – अप्रत्याशित और अनियमित वर्षा 

रामगंज मंडी, जिसे धनिया शहर के नाम से जाना जाता है, निम्नलिखित में से राजस्थान के किस शहर के नजदीक स्थित है ? 

[CET (स्नातक) 27.09.2024 प्रथम चरण]

  • कोटा 

  • उदयपुर 

  • श्रीगंगानगर 

  • जोधपुर 

🔹 व्याख्या:

👉 रामगंज मंडी, कोटा जिले का एक प्रमुख नगर है, जो कोटा शहर के निकट स्थित है।
👉 इसे 'धनिया शहर' कहा जाता है क्योंकि यह एशिया की सबसे बड़ी धनिया मंडी के रूप में प्रसिद्ध है।
👉 यहाँ धनिया का व्यापक व्यापार और प्रसंस्करण होता है, जिससे यह कृषि व्यापार का महत्वपूर्ण केंद्र बन चुका है। 

निम्न लिखित कृषि उपजों में से राजस्थान किसमें भारत का अग्रणी उत्पादक है ? 

[अन्वेषक परीक्षा 21.08.2016]

  • मूंगफली 

  • कपास 

  • तम्बाकू

  • बाजरा 

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान वर्ष 2019-20 में बाजरा उत्पादन में भारत में अग्रणी (प्रथम स्थान) पर रहा।
👉 राज्य में 51.10 लाख टन बाजरा 2022-23 में उत्पादित हुआ, जो देश के कुल उत्पादन का लगभग 1/5 भाग है।
👉 इसके प्रमुख उत्पादक जिले हैं – बाड़मेर, जालौर, नागौर, बीकानेर, सीकर, चूरू आदि।
👉 बाजरा मुख्यतः राज्य के शुष्क और अर्द्ध-शुष्क भागों में उगाया जाता है।

✍️ सही उत्तर है – बाजरा 

राजस्थान के चार अग्रणी जौ उत्पादक जिले हैं : 

[अन्वेषक परीक्षा 21.08.2016]

  • जयपुर, दौसा, टोंक और भीलवाड़ा 

  • अजमेर, उदयपुर, कोटा और झालावाड़

  • सीकर, जयपुर, टोंक और कोटा

  • जयपुर, अजमेर, भीलवाड़ा और उदयपुर

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान के प्रमुख जौ उत्पादक जिले हैं – भीलवाड़ा, अजमेर, ब्यावर, नागौर, जयपुर, दौसा, अलवर, भरतपुर, सीकर, झुन्झुनूं, गंगानगर, हनुमानगढ़।
👉 इसके अतिरिक्त बीकानेर, पाली, उदयपुर, सलुम्बर, चित्तौड़गढ़, बूँदी और कोटा में भी जौ उत्पादित होता है।
👉 जयपुर, अजमेर, भीलवाड़ा और उदयपुर सभी उल्लेखित प्रमुख उत्पादक जिलों में आते हैं।

✍️ सही उत्तर है – जयपुर, अजमेर, भीलवाड़ा और उदयपुर 

निम्नलिखित में से किसका प्रयोग कब्ज ठीक करने में किया जाता है ? 

[कनिष्ठ अनुदेशक (इलेक्ट्रिशियन) 24.03.2019]

  • मेंहदी 

  • ढ़ाक

  • कत्था 

  • अरण्डी तेल

🔹 व्याख्या:

👉 अरण्डी तेल प्रयोग कब्ज ठीक करने में किया जाता है। 

भारतीय कृषि अनुसन्धान परिषद तथा कृषि एवं मौसम विज्ञान विभाग द्वारा राजस्थान को कितने प्रमुख कृषि जलवायु खण्डो में बाँटा गया है ? 

[JEN (यांत्रिकी डिग्री) 21.08.2016]

  • 10

  • 5

  • 13

  • 7

🔹 व्याख्या:

  • भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) और कृषि एवं मौसम विज्ञान विभाग द्वारा राजस्थान को 10 प्रमुख कृषि-जलवायु खंडों (Agro-Climatic Zones) में बांटा गया है, जिनका निर्धारण वर्षा, तापमान, मिट्टी, स्थलाकृति और सिंचाई की उपलब्धता जैसे कारकों के आधार पर किया गया है. 

मुख्य बिंदु:

  •  राजस्थान को 10 कृषि-जलवायु क्षेत्रों में विभाजित किया गया है.
  • वर्गीकरण का आधार: यह विभाजन वर्षा, तापमान, मिट्टी के प्रकार, भू-आकृति (स्थलाकृति) और सिंचाई के स्रोतों जैसे कृषि-जलवायु मापदंडों पर आधारित है.

राजस्थान के दक्षिण-पूर्वी पहाड़ी क्षेत्रों में आदिवासी लोगों द्वारा जो खेती की जाती है उसे कहते हैं 

[कनिप्ठ अनुदेशक (वायरमैन) 24.12.2019]

  • शुष्क कृषि

  • दजिया

  • वालरा 

  • चिमाता 

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान में आदिवासियों द्वारा की जाने वाली झूम (स्थानांतरित) कृषि को वालरा कहा जाता है।

इसके तहत जंगलों को काटकर व जलाकर भूमि साफ की जाती है।इसे दो भागों में बाँटा गया है: दजिया और चिमाता।

1. दजिया (Dajiya):मैदानी क्षेत्रों में भील जनजाति द्वारा वनों को जलाकर की जाने वाली खेती को दजिया कहते हैं। इसमें मुख्य रूप से मक्का, बाजरा और दालें उगाई जाती हैं।

2. चिमाता (Chimata):अरावली के पहाड़ी ढलानों पर जंगलों को साफ करके की जाने वाली खेती को चिमाता कहा जाता है। चूँकि ढलान होने के कारण यहाँ हल नहीं चलाया जा सकता, इसलिए जमीन को हाथों से खोदकर बीज बोए जाते हैं।मुख्य तथ्य:क्षेत्र: यह प्रथा राजस्थान के दक्षिणी और दक्षिण-पूर्वी जिलों जैसे उदयपुर, डूंगरपुर, और बांसवाड़ा में मुख्य रूप से की जाती है।प्रक्रिया: भूमि की उर्वरता कम होने पर (लगभग 2-3 वर्षों के बाद) किसान इस जगह को छोड़ देते हैं और दूसरी जगह साफ करके खेती करने लगते हैं।

राजस्थान के दक्षिण-पूर्वी पहाड़ी क्षेत्रों में आदिवासियों द्वारा की जाने वाली खेती को 'चिमाता' कहा जाता है।

  • कथन (A) राजस्थान में शीतकालीन वर्षा गेहूँ की फसल के लिये लाभकारी होती है 
  • कारण (R) राजस्थान में शीतकालीन वर्षा पश्चिमी विक्षोभों से होती है । 

[अन्वेषक परीक्षा 21.08.2016]

  • A गलत है R सत्य है । 

  • A और R दोनों सत्य हैं किन्तु R, A का सही स्पष्टीकरण नहीं है ।

  • A और R दोनों सत्य हैं तथा R, A का सही स्पष्टीकरण है । 

  • A सत्य है R गलत है। 

🔹 व्याख्या:

👉 कथन (A) – "राजस्थान में शीतकालीन वर्षा गेहूँ के लिए लाभकारी होती है" – सही है, क्योंकि गेहूँ एक रबी फसल है जिसे ठंड व नमी की आवश्यकता होती है।
👉 कारण (R) – "राजस्थान में शीतकालीन वर्षा पश्चिमी विक्षोभों से होती है" – यह भी सही है, और यही कारण शीतकालीन वर्षा का स्रोत है।

✍️ सही उत्तर है – दोनों कथन सही हैं, और कारण (R), कथन (A) की सही व्याख्या करता है 

क्षेत्रफल की दृष्टि से राजस्थान का सबसे बड़ा कृषि जलवायु खण्ड कौनसा है ?  

[पुस्तकालयाध्यक्ष 13.11.2016]

  • बाढ़ संभाव्य पूर्वी मैदानी खण्ड

  • शुष्क पश्चिमी मैदानी खण्ड

  • आर्द्र दक्षिणी मैदानी खण्ड

  • सिंचित उत्तर-पश्चिमी मैदानी खण्ड 

🔹 व्याख्या:

👉 शुष्क पश्चिमी मैदानी खण्ड (I-A) का क्षेत्रफल 124.37 लाख हैक्टेयर है, जो राजस्थान का सबसे बड़ा कृषि जलवायु खण्ड है।
👉 यह खण्ड बाड़मेर, बालोतरा, जोधपुर, फलोदी क्षेत्रों में फैला है और यहाँ 200–370 मिमी वर्षा होती है।
👉 इस क्षेत्र में बाजरा, मोठ, तिल जैसी फसलें प्रमुख रूप से उगाई जाती हैं।
👉 यहाँ की जलवायु अत्यंत शुष्क और मृदा मरुस्थलीय है।

✍️ सही उत्तर है – शुष्क पश्चिमी मैदानी खण्ड 

निम्न में राजस्थान राज्य में कपास का सबसे अधिक उत्पादन करने वाला जिला है :  

[CET (स्नातक) 28.09.2024 चतुर्थ चरण]

  • बीकानेर 

  • श्री गंगानगर 

  • झुंझुनू

  • जैसलमेर 

🔹 व्याख्या:

👉 कपास राजस्थान में मुख्यतः सिंचित उत्तरी-पश्चिमी मैदान (जैसे गंगानगर, हनुमानगढ़) में उगाई जाती है।
👉 आपके दिए गए विकल्पों में श्री गंगानगर वह जिला है जो राज्य में सबसे अधिक कपास उत्पादन के लिए जाना जाता है।
👉 अन्य जिले जैसे जैसलमेर, झुंझुनूं और बीकानेर में कपास उत्पादन गौण या नगण्य है।

✍️ सही उत्तर है – श्री गंगानगर 

निम्नलिखित में से कौनसा जिला शुष्क पश्चिमी कृषि जलवायु प्रदेश में सम्मिलित किया जाता है ? 

[कनिष्ठ वैज्ञानिक सहायक (विष) 14.09.2019]

  • सीकर 

  • नागौर

  • पाली 

  • बीकानेर

🔹 व्याख्या:

👉 बीकानेर जिला शुष्क पश्चिमी कृषि जलवायु प्रदेश में सम्मिलित किया जाता है।

निम्नलिखित में से कौनसी फसल राजस्थान के आर्द्र दक्षिणी मैदानी कृषि जलवायु खण्ड के लिए उपयुक्त नहीं है ? 

[कनिष्ठ वैज्ञानिक सहायक (जैविक) 15.09.2019]

  • जीरा

  • चावल 

  • गेहूँ 

  • दालें

🔹 व्याख्या:

👉 आर्द्र दक्षिणी मैदानी कृषि जलवायु खण्ड (IV-B) में मुख्यतः मक्का, धान, कपास, बाजरा, मूंग, उड़द जैसी खरीफ व गेहूँ, चना, जौ, धनिया जैसी रबी फसलें बोई जाती हैं।
👉 यह क्षेत्र डूंगरपुर, बाँसवाड़ा, उदयपुर, प्रतापगढ़ आदि जिलों में फैला है।
👉 जीरा शुष्क जलवायु और हल्की रेतीली मृदा में उपजने वाली फसल है, यह इस आर्द्र क्षेत्र के लिए उपयुक्त नहीं है।

✍️ सही उत्तर है – जीरा 

राजस्थान के सर्वाधिक कृषि क्षेत्र (2013-2014) में बोई जाने वाली फसलें हैं -

[JEN (Civil Degree) 21.08.2016]

  • गन्ना एवं कपास

  • तिलहन 

  • अनाज 

  • दालें 

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान में वर्ष 2013-14 में सर्वाधिक कृषि क्षेत्र में अनाज (खाद्यान्न) बोए गए थे।
👉 राज्य में कुल 152.93 लाख हैक्टेयर में खाद्यान्न की खेती की गई, जो अन्य सभी फसलों की तुलना में अधिक है।
👉 इसमें गेहूँ, बाजरा, मक्का, ज्वार, जौ, चावल जैसी फसलें शामिल हैं।

✍️ सही उत्तर है – अनाज 

राजस्थान के कृषि विकास में सबसे मुख्य बाधा क्या है ? 

[CET (10+2) 24.10.2024 पंचम चरण]

  • भूमि सुधार का अभाव 

  • उर्वरकों की सीमित उपलब्धता 

  • वर्षा की अनियमितता और अनिश्चितता 

  • सिंचाई सुविधाओं का अभाव 

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान के कृषि विकास में सबसे मुख्य बाधा वर्षा की अनियमितता और अनिश्चितता है।
👉 राज्य का लगभग 60% भाग 25 से.मी. से कम वर्षा वाला है, और वर्षा की मात्रा भी अत्यंत परिवर्तनशील होती है।
👉 लगातार पड़ने वाले अकाल कृषि को अत्यधिक प्रभावित करते हैं।
👉 यही कारण है कि वर्षा की अनिश्चितता को कृषि की प्रमुख समस्या माना गया है।

✍️ सही उत्तर है – वर्षा की अनियमितता और अनिश्चितता 

'पीली क्रान्ति' का सम्बन्ध है  

[कनिष्ठ अनुदेशक (वायरमेन) 05.01.2025]

  • गेहूँ से 

  • चावल से 

  • कपास से 

  • सरसों से (तिलहन) 

🔹 व्याख्या:

👉 'पीली क्रांति' का संबंध तिलहन उत्पादन, विशेषकर सरसों से है।
👉 इसका उद्देश्य देश में खाद्य तेलों की आत्मनिर्भरता बढ़ाना था।
👉 राजस्थान में सरसों एक प्रमुख तिलहनी फसल है, और इसका उत्पादन लगातार बढ़ रहा है।
👉 वर्ष 2022-23 में राजस्थान में 58.30 लाख टन सरसों का उत्पादन हुआ।

✍️ सही उत्तर है – सरसों से (तिलहन) 

निम्न में से कौन-सी उत्तर भारत में रबी की फसल नहीं है? 

निम्नलिखित विकल्पों में से सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर चुनें:   

[पशु परिचर (1st Phase) 01.12.2024]

  • चना 

  • सरसों 

  • मक्का 

  • गेहूँ 

🔹 व्याख्या:

👉 गेहूँ, सरसों और चना उत्तर भारत की प्रमुख रबी फसलें हैं, जो शीत ऋतु में बोई जाती हैं।
👉 जबकि मक्का एक खरीफ फसल है, जिसे वर्षा ऋतु में उगाया जाता है।
👉 मक्का राजस्थान में दक्षिणी जिलों में विशेष रूप से खरीफ के मौसम में बोई जाती है।

✍️ सही उत्तर है – मक्का 

राजस्थान के चार प्रमुख चावल उत्पादक जिले हैं 

[संकलनकर्ता परीक्षा 21.08.2016]

  • कोटा, बूंदी, डूंगरपुर और टोंक 

  • अजमेर, भीलवाड़ा, टोंक और बूंदी

  • गंगानगर, हनुमानगढ़, अजमेर और बांसवाड़ा 

  • हनुमानगढ़, बांसवाड़ा, बूंदी और डूंगरपुर 

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान में चावल का उत्पादन मुख्यतः प्रचुर जल उपलब्धता वाले जिलों में होता है।
👉 इसके प्रमुख उत्पादक जिले हैं – बाँसवाड़ा, डूंगरपुर, बूंदी, बारां, कोटा, उदयपुर, हनुमानगढ़, गंगानगर।
👉 दिए गए विकल्पों में हनुमानगढ़, बांसवाड़ा, बूंदी और डूंगरपुर सभी प्रमुख उत्पादक जिले हैं।
👉 चावल के लिए 100–150 से.मी. वर्षा और ऊँचा तापमान उपयुक्त होता है।

✍️ सही उत्तर है – हनुमानगढ़, बांसवाड़ा, बूंदी और डूंगरपुर 

'नरमा' किस फसल की किस्म है ?  

कनिष्ठ अनुदेशक (रेफ्रिजरेशन) 18.11.2024

  • कपास 

  • चावल 

  • गेहूँ 

  • चाय 

🔹 व्याख्या:

👉 ‘नरमा’ राजस्थान में उत्पादित कपास की एक प्रमुख किस्म है।
👉 यह विशेष रूप से गंगानगर और हनुमानगढ़ जिलों में उगाई जाती है, जहाँ नहरों द्वारा सिंचाई की सुविधा है।
👉 नरमा किस्म से उच्च गुणवत्ता वाले सूती वस्त्र तैयार किए जाते हैं और इसके बिनौले से तेल व पशु आहार भी बनाया जाता है।
👉 वर्ष 2022-23 में राज्य में 277 लाख गांठों का कपास उत्पादन हुआ।

✍️ सही उत्तर है – कपास 

राजस्थान के कृषि विकास में मुख्य कठिनाई है: 

निम्नलिखित विकल्पों में से सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर चुनें:  

[पशु परिचर (4th Phase) 02.12.2024]

  • किसानों की बहुत कम संख्या 

  • कृषि के लिए सीमित ट्रैक्टरों की संख्या 

  • उर्वरकों की सीमित उपलब्धता 

  • अनियमित वर्षा 

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान के कृषि विकास में सबसे प्रमुख कठिनाई है – अनियमित वर्षा।
👉 राज्य का बड़ा हिस्सा अल्पवर्षा और अकाल प्रवण क्षेत्र है, जिससे कृषि पर अत्यधिक प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।
👉 वर्षा की अनिश्चितता के कारण फसलें प्रभावित होती हैं और उत्पादन अस्थिर रहता है।
👉 अध्याय में इसे प्राकृतिक समस्याओं में सबसे प्रमुख कारण बताया गया है।

✍️ सही उत्तर है – अनियमित वर्षा 

निम्नलिखित जिलों में से कौन - सा एक राजस्थान में गन्ने का सबसे बड़ा उत्पादक है ? 

[प्रयोगशाला सहायक 03.02.2019]

  • सिरोही

  • जोधपुर 

  • गंगानगर 

  • बूंदी 

🔹 व्याख्या:

👉 गन्ना उत्पादन के संदर्भ में राजस्थान के प्रमुख जिले बूँदी और गंगानगर प्रमुख हैं।
👉 लेकिन इनमें से गंगानगर सबसे बड़े उत्पादक जिलों में से एक है और जोधपुर, सिरोही की तुलना में अधिक उत्पादन करता है।
👉 अतः सही उत्तर है: गंगानगर 

राजस्थान के कौन-से जिले में 2015-16 में मक्का की सर्वाधिक उत्पादकता (कि.ग्रा / हैक्ट .) रही ?

[कनिष्ठ अनुदेशक (फिटर) 23.03.2019]

  • अलवर

  • बाराँ 

  • बून्दी 

  • चित्तौड़गढ़ 

🔹 व्याख्या:

👉 कृषि और आर्थिक समीक्षा 2025-26 के आंकड़ों के अनुसार, राजस्थान में सर्वाधिक मक्का उत्पादन भीलवाड़ा जिले में हुआ है。 यह जिला राज्य के कुल मक्का उत्पादन का लगभग 20% योगदान देता है。इसके अलावा राज्य के अन्य प्रमुख मक्का उत्पादक जिलों में चित्तौड़गढ़, उदयपुर, राजसमंद और बांसवाड़ा शामिल हैं。राजस्थान के बून्दी जिले में 2015-16 में मक्का की सर्वाधिक उत्पादकता (कि.ग्रा/हैक्ट) रही।