जयपुर, दौसा तथा अजमेर जिलों में किस प्रकार की जलवायु पाई जाती है ?
[सहायक अग्निशमन (AFO) 29.01.2022]
👉 जयपुर, दौसा और अजमेर जिलों में उप-आर्द्र जलवायु पाई जाती है।
👉 इस क्षेत्र में वार्षिक वर्षा 40 से 60 से.मी., ग्रीष्म तापमान 28° से 36° से. और शीत तापमान 12° से 18° से. होता है।
👉 यह क्षेत्र शुष्क और आर्द्र जलवायु के मध्य स्थित है।
👉 इसे कोपेन वर्गीकरण में Cwg प्रकार की जलवायु भी कहा गया है।
कोपेन के जलवायु वर्गीकरण के अनुसार, राजस्थान के किन जिलों में 'स्टेपी जलवायु' पायी जाती है ?
[CET (स्नातक) (चरण -IV) 08.01.2023]
👉 कोपेन के वर्गीकरण में राजस्थान के अरावली के पश्चिमी भाग को स्टेपी जलवायु (BSHw) वाला क्षेत्र माना गया है।
👉 इसमें जालौर, पाली, जोधपुर का पूर्वी भाग, नागौर, सीकर, झुंझुनूं जैसे जिले आते हैं।
👉 इस क्षेत्र में 20 से 40 से.मी. वर्षा, शुष्कता, और गर्म तापमान की विशेषताएँ पाई जाती हैं।
👉 यह प्रदेश अर्द्ध शुष्क जलवायु का प्रमुख उदाहरण है।
शीतकालीन वर्षा 'मावठ' होती है ?
[कृषि पर्यवेक्षक परीक्षा 18.09.2021]
👉 राजस्थान में शीतकालीन वर्षा को स्थानीय भाषा में 'मावठ' कहा जाता है।
👉 यह वर्षा पश्चिमी विक्षोभों के कारण दिसम्बर और जनवरी में होती है।
👉 मावठ गेहूँ एवं शीतकालीन फसलों के लिए अत्यंत लाभकारी होती है।
👉 यह वर्षा पछुआ हवाओं के साथ आने वाले चक्रवातों से होती है।
जयपुर, दौसा और अजमेर राजस्थान के किस कृषि जलवायु प्रदेश में सम्मिलित हैं ?
JEN (सिविल डिग्रीधारक) 18.05.2022
👉 जयपुर, दौसा और अजमेर जिले अर्द्ध शुष्क पूर्वी मैदान कृषि जलवायु प्रदेश में आते हैं।
कोपेन के जलवायु वर्गीकरण के अनुसार राजस्थान का कौन सा क्षेत्र 'Aw' प्रकार की जलवायु का अनुभव करता है ?
पशुधन सहायक (LSA) 04.06.2022
👉 कोपेन के वर्गीकरण में 'Aw' जलवायु का अर्थ है उष्ण कटिबंधीय आर्द्र जलवायु।
👉 यह जलवायु डूंगरपुर, बाँसवाड़ा, दक्षिणी चित्तौड़गढ़ और झालावाड़ जिलों में पाई जाती है।
👉 इस क्षेत्र में वर्षा अधिक, मानसून सक्रिय और तापमान उष्ण रहता है।
👉 यह प्रदेश राजस्थान के दक्षिणी-पूर्वी अति आर्द्र क्षेत्रों में आता है।
कथन (A) - राजस्थान में पाई जाने वाली सीरोजम मिट्टी की उर्वरा शक्ति अपेक्षाकृत कम होती हैं ।
कारण (R)- सीरोजम मिट्टी में नाइट्रोजन तथा कार्बनिक पदार्थों की कमी होती है ।
[पटवारी मुख्य परीक्षा 24.12.2016]
कूट :-
👉 राजस्थान में पाई जाने वाली सीरोजम मिट्टी की उर्वरा शक्ति अपेक्षाकृत कम होती हैं।
👉 सीरोजम मिट्टी में नाइट्रोजन तथा कार्बनिक पदार्थों की कमी होती है।
राजस्थान के जिले जो न्यूनतम भूकम्प सम्भावित क्षेत्र में है, वे हैं ?
[कनिप्ठ अनुदेशक (वायरमैन) 24.12.2019]
👉 भारत में चार भूकंपीय क्षेत्र हैं – जोन II, III, IV और V।
👉 राजस्थान जोन II, III और IV में आता है।
👉 भूकंप की तीव्रता का क्रम जोन V से जोन II तक होता है।
👉 जोन V सबसे अधिक खतरनाक तथा जोन II सबसे कम खतरनाक क्षेत्र है।
✍️ सही उत्तर है – श्रीगंगानगर व हनुमानगढ़
कोपेन वर्गीकरण के आधार पर निम्नलिखित में से कौन - सा डूंगरपुर जिले के लिए है ?
[प्रयोगशाला सहायक 03.02.2019]
👉 कोपेन के जलवायु वर्गीकरण के अनुसार डूंगरपुर जिले की जलवायु Aw कोटि में आती है।
👉 Aw का अर्थ है उष्ण कटिबंधीय आर्द्र जलवायु, जिसमें मानसून के दौरान अधिक वर्षा होती है।
👉 यह जलवायु डूंगरपुर, बाँसवाड़ा, झालावाड़ और दक्षिणी चित्तौड़गढ़ में पाई जाती है।
👉 इन क्षेत्रों में मानसून सक्रिय, तापमान उष्ण और आर्द्रता अधिक रहती है।
अति आर्द्र जलवायु प्रदेश में कौन - सा जिला स्थित नहीं है ?
[CET (10+2 तृतीय चरण) 05.02.2023]
👉 अति आर्द्र जलवायु प्रदेश में वे जिले आते हैं जहाँ वर्षा 80 से.मी. से अधिक होती है।
👉 इस क्षेत्र में कोटा, बारां, झालावाड़, बाँसवाड़ा, डूंगरपुर, सिरोही, उदयपुर और चित्तौड़गढ़ का दक्षिणी भाग सम्मिलित हैं।
👉 उदाहरण - बीकानेर या जैसलमेर जैसे जिले इस क्षेत्र में नहीं आते।
निम्न में से कौन-सा क्षेत्र राजस्थान में Bshw प्रकार की जलवायु को कोपेन वर्गीकरण के अनुसार दर्शाता है ?
[उद्योग निरीक्षक परीक्षा 24.06.2018]
👉 कोपेन वर्गीकरण के अनुसार BShw जलवायु का तात्पर्य है अर्द्ध-शुष्क स्टेपी जलवायु।
👉 यह जलवायु अरावली के पश्चिमी भाग जैसे पाली, नागौर, जोधपुर का पूर्वी भाग, सीकर, झुंझुनूं आदि में पाई जाती है।
👉 इस क्षेत्र में 20 से 40 से.मी. वर्षा, अधिक तापमान और शुष्कता प्रमुख लक्षण हैं।
👉 अतः अरावली के पश्चिम का भाग सही रूप से BShw जलवायु को दर्शाता है।
कोपेन वर्गीकरण के अनुसार जैसलमेर व बीकानेर के पश्चिमी भागों में निम्नलिखित में से किस प्रकार की जलवायु है ?
[कनिष्ठ अनुदेशक (इलेक्ट्रिशियन) 24.03.2019]
👉 कोपेन वर्गीकरण के अनुसार जैसलमेर और बीकानेर के पश्चिमी भागों में BWhw प्रकार की जलवायु पाई जाती है।
👉 यह जलवायु उष्ण मरुस्थलीय होती है, जिसमें वर्षा बहुत कम (10–20 से.मी.) होती है।
👉 तापमान अत्यधिक और आर्द्रता न्यूनतम होती है, जिससे यह क्षेत्र अतिशुष्क बन जाता है।
👉 यह प्रदेश राजस्थान के सबसे अधिक गर्म और शुष्क क्षेत्रों में शामिल है।
किस जिले में जून माह में सूर्य की किरणें सीधी / लम्बवत् पड़ती है ?
[REET मुख्य परीक्षा (L -2) 25.02.2023]
👉 बांसवाड़ा जिला राजस्थान के दक्षिणी भाग में स्थित है, जहाँ से कर्क रेखा गुजरती है।
👉 इसी कारण जून माह में यहाँ सूर्य की किरणें सीधी / लम्बवत् पड़ती हैं।
👉 बांसवाड़ा के साथ-साथ डूंगरपुर भी इस क्षेत्र में आता है जो उष्ण कटिबंधीय जलवायु से प्रभावित होता है।
राजस्थान राज्य का सबसे छोटा कृषि जलवायु क्षेत्र है:
[प्रयोगशाला सहायक (विज्ञान) 28.06.2022]
👉 राजस्थान राज्य का सबसे छोटा कृषि जलवायु आर्द्र दक्षिणी मैदान क्षेत्र है।
थॉर्नवेट के वर्गीकरण के अनुसार, निम्नलिखित में से कौन उष्णकटिबंधीय मरुस्थलीय जलवायु का प्रतिनिधित्व करता है?
[पुस्तकालयाध्यक्ष ग्रेड -II 11.09.2022]
👉 थॉर्नवेट के वर्गीकरण में EA'd को उष्णकटिबंधीय मरुस्थलीय जलवायु (Tropical Desert Climate) का प्रतिनिधि माना गया है।
👉 यह जलवायु प्रदेश पश्चिमी राजस्थान में पाया जाता है, जहाँ वर्षा अत्यल्प और तापमान अत्यधिक होता है।
👉 इसमें जैसलमेर, बीकानेर, चूरू जैसे जिले शामिल होते हैं।
👉 यह क्षेत्र शुष्कता और तापीय विषमता की दृष्टि से प्रमुख है।
काल श्रेणी में मौसमी परिवर्तनों का विस्तार हो सकता है :
[संगणक परीक्षा 03.03.2024]
👉 काल श्रेणी में मौसमी परिवर्तन का तात्पर्य ऋतुओं के बदलने से है, जैसे — ग्रीष्म, वर्षा और शीत ऋतु।
👉 इन परिवर्तनों का विस्तार एक वर्ष से कम समय के भीतर होता है।
👉 राजस्थान की जलवायु भी तीन मुख्य ऋतुओं में बंटी होती है: ग्रीष्म (मार्च–जून), वर्षा (जून–सितम्बर), शीत (अक्टूबर–फरवरी)।
👉 ये सभी परिवर्तन वार्षिक चक्र के भीतर घटित होते हैं।
राजस्थान का कौन-सा ज़िला अति आर्द्र जलवायु प्रदेश का भाग है ?
[CET (10+2 तृतीय चरण) 05.02.2023]
👉 कोटा जिला राजस्थान के उन क्षेत्रों में आता है जहाँ अति-आर्द्र जलवायु पाई जाती है।
👉 इस प्रदेश में 80 से.मी. से अधिक वर्षा, सामान्यतः 100 से.मी. तक होती है।
👉 मानसून यहाँ सर्वाधिक सक्रिय रहता है और ग्रीष्म ऋतु में तापमान 40° से. तक पहुँचता है।
👉 इस जलवायु क्षेत्र में कोटा के साथ बारां, झालावाड़, बाँसवाड़ा, डूंगरपुर, सिरोही, उदयपुर भी सम्मिलित हैं।
कौन-सी समवर्षा रेखा राजस्थान को दो स्पष्ट जलवायु भागों में
[JEN (यांत्रिकी डिग्री) 21.08.2016]
👉 राजस्थान को दो स्पष्ट जलवायु भागों में बाँटने वाली समवर्षा रेखा है — 50 से.मी.
👉 इसके पश्चिम में मरुस्थलीय क्षेत्र है जहाँ वर्षा 50 से.मी. से कम होती है।
👉 और पूर्व में अर्द्ध-शुष्क व आर्द्र क्षेत्र हैं जहाँ वर्षा 50 से.मी. से अधिक होती है।
👉 यह रेखा राज्य की जलवायु विविधता की प्रमुख सीमा मानी जाती है।
निम्नलिखित में से राजस्थान के किन जिलों में उप आर्द्र जलवायु पायी जाती है?
[वनरक्षक (प्रथम चरण) 12.11.2022]
👉 उप-आर्द्र जलवायु वाले जिलों में सीकर का पूर्वी भाग, जयपुर, दौसा और अजमेर सम्मिलित हैं।
👉 इन क्षेत्रों में वार्षिक वर्षा 40 से 60 से.मी. के बीच होती है।
👉 यहाँ ग्रीष्म तापमान 28° से 36° से. और शीत तापमान 12° से 18° से. रहता है।
👉 यह जलवायु क्षेत्र शुष्क और आर्द्र प्रदेशों के मध्य स्थित होता है।
'लू' शब्द किस प्रकार की हवाओं को स्पष्ट करता है ?
[JEN (विधुत) (डिग्रीधारक) 29.11.2020]
👉 'लू' शब्द राजस्थान में गर्मी के मौसम में चलने वाली धूलभरी व शुष्क हवाओं को दर्शाता है।
👉 यह हवाएँ विशेष रूप से मई–जून में चलती हैं और तापमान को अत्यधिक बढ़ा देती हैं।
👉 इनका प्रभाव पश्चिमी मरुस्थल और अर्द्ध-शुष्क क्षेत्रों में अधिक होता है।
👉 यह गर्मियों की एक प्रमुख स्थानीय जलवायु विशेषता है।
राजस्थान के निम्नलिखित जिलों में से कौन सा अतिआर्द्र जलवायु प्रदेश का भाग है ?
[REET मुख्य परीक्षा (L -2) 28.02.2023]
👉 अतिआर्द्र जलवायु प्रदेश में वे जिले आते हैं जहाँ 100 से.मी. तक वर्षा होती है और मानसून सबसे अधिक सक्रिय रहता है।
👉 इसमें कोटा, बारां, झालावाड़, बाँसवाड़ा, डूंगरपुर, सिरोही, उदयपुर और चित्तौड़गढ़ का दक्षिणी भाग शामिल है।
👉 इन क्षेत्रों में गर्मी अधिक होती है और ऊँचाई वाले भागों को छोड़कर तापमान 40° से. तक पहुँचता है।
👉 यह प्रदेश शीत ऋतु में सामान्य रहता है और वर्षा की दृष्टि से सर्वाधिक समृद्ध है।
निम्नांकित में से कौन सा राजस्थान की जलवायु को प्रभावित करने वाला आधारभूत तत्त्व है ?
[पशुधन सहायक (LSA) 21.10.2018]
👉 राजस्थान की जलवायु को प्रभावित करने वाले आधारभूत तत्त्वों में तापमान एक प्रमुख तत्त्व है।
👉 इसके अतिरिक्त स्थिति, समुद्र से दूरी, उच्चावच, मानसूनी हवाएँ व प्राकृतिक वनस्पति भी मुख्य कारक हैं।
👉 तापमान का प्रभाव वर्षा, वायुदाब, आर्द्रता और हवाओं की दिशा पर पड़ता है।
👉 विशेषकर अत्यधिक ग्रीष्म व न्यून शीत तापमान राजस्थान की जलवायु को विशेष बनाते हैं।
राजस्थान की अधिकांश वर्षा किन मानसूनी पवनों से होती हैं ?
[कृषि पर्यवेक्षक परीक्षा 03.03.2019]
👉 राजस्थान की अधिकांश वर्षा दक्षिणी-पश्चिमी मानसूनी हवाओं से होती है।
👉 ये हवाएँ अरब सागर से उत्पन्न होकर राज्य में जून के अंत या जुलाई के प्रथम सप्ताह में प्रवेश करती हैं।
👉 इन हवाओं का प्रभाव दक्षिणी, दक्षिण-पूर्वी व पूर्वी राजस्थान में अधिक होता है।
👉 वर्षा का लगभग 90% भाग जून से सितम्बर के बीच इन्हीं हवाओं से होता है।
राजस्थान का वह ज़िला, जहाँ ऊष्णकटिबंधीय स्टेपी, अर्द्धशुष्क, ऊष्ण जलवायु पायी जाती है, वह है [*]
[REET मुख्य परीक्षा (L -2) 26.02.2023]
📌 महत्वपूर्ण सूचना: इस प्रश्न को बोर्ड द्वारा 'डिलीट' या अमान्य घोषित किया गया है।
राजस्थान में शीतकालीन वर्षा उन चक्रवातों के परिणामस्वरूप होती है, जो उत्पन्न होते हैं
[JEN (विद्युत/यांत्रिक) (डिग्रीधारक) 26.12.2020]
👉 राजस्थान में शीतकालीन वर्षा उन चक्रवातों के कारण होती है जो भूमध्य सागर में उत्पन्न होते हैं।
👉 ये चक्रवात पाकिस्तान के मार्ग से होकर राज्य में प्रवेश करते हैं।
👉 इनके प्रभाव से दिसम्बर–जनवरी में सीमित मात्रा में वर्षा होती है, जिसे 'मावठ' कहा जाता है।
👉 यह वर्षा शीतकालीन फसलों के लिए अत्यंत लाभकारी मानी जाती है।
राजस्थान में जून माह में न्यूनतम वायुदाब जिस जिले में सम्भावित है, वह है
[JEN (विधुत) (डिप्लोमाघारक) 29.11.2020]
👉 जून माह में राजस्थान का वातावरण अत्यधिक गर्म हो जाता है, जिससे वायुदाब न्यूनतम हो जाता है।
👉 यह स्थिति विशेष रूप से जैसलमेर जिले में देखी जाती है, जो राज्य का अतिशुष्क मरुस्थलीय क्षेत्र है।
👉 यहाँ तापमान 50° से. तक पहुँच जाता है, जिससे न्यूनतम वायुदाब बनता है।
👉 यही कारण है कि जैसलमेर में जून में न्यूनतम वायुदाब संभावित होता है।
सिरोही, पाली तथा जालौर जिले, राजस्थान के किस कृषि जलवायु खण्ड के अंतर्गत आते हैं?
[VDO मुख्य परीक्षा 09.07.2022]
👉 सिरोही, पाली तथा जालौर जिले, राजस्थान के II-B कृषि जलवायु खण्ड के अंतर्गत आते हैं।
राजस्थान में 'मावठ' वर्षा होती है -
[JEN (Civil डिप्लोमा) 16.10.2016]
👉 राजस्थान में 'मावठ' वर्षा भूमध्य सागर से उत्पन्न चक्रवातों के कारण होती है।
👉 ये चक्रवात पश्चिमी विक्षोभों के रूप में दिसम्बर–जनवरी में राज्य में प्रवेश करते हैं।
👉 यह वर्षा मुख्यतः पछुआ हवाओं के साथ आती है और शीतकालीन फसलों के लिए लाभकारी होती है।
👉 'मावठ' राजस्थान की शीत ऋतु की विशेष प्राकृतिक वर्षा है।
उस वर्षा का नाम जो राजस्थान में शीतकाल में होती है।
[कनिप्ठ अनुदेशक (मैकेनिक) 23.12.2019]
👉 राजस्थान में शीतकाल में होने वाली वर्षा को स्थानीय रूप से 'मावठ' कहा जाता है।
👉 यह वर्षा पश्चिमी विक्षोभों के कारण दिसम्बर से फरवरी में होती है।
👉 मावठ वर्षा गेहूँ जैसी रबी फसलों के लिए अत्यंत लाभकारी होती है।
👉 यह वर्षा पछुआ हवाओं के साथ आने वाले चक्रवातों से होती है।
'थार्नथ्वेट' के जलवायु वर्गीकरण के अनुसार निम्नलिखित में से कौन सा जैसलमेर की जलवायु को प्रस्तुत करता है
[JEN (विद्युत/यांत्रिक) (डिग्रीधारक) 26.12.2020]
👉 थार्नथ्वेट के जलवायु वर्गीकरण में EA'd को उष्ण मरुस्थलीय जलवायु का प्रतिनिधि माना गया है।
👉 यह जलवायु जैसलमेर जैसे पश्चिमी राजस्थान के जिलों में पाई जाती है।
👉 इसमें अत्यल्प वर्षा, अत्यधिक तापमान और शुष्कता प्रमुख विशेषताएँ हैं।
👉 अतः EA'd कोड जैसलमेर की जलवायु को निरूपित करता है।
राजस्थान में शीतकालीन वर्षा उन चक्रवातों के परिणाम स्वरूप होती है, जो ____ में उत्पन्न होते हैं।
[वनरक्षक (द्वितीय चरण -A) 11.12.2022]
👉 राजस्थान में शीतकालीन वर्षा उन चक्रवातों के कारण होती है, जो पश्चिमी दिशा से आते हैं।
👉 ये चक्रवात दिसम्बर से फरवरी के मध्य पाकिस्तान के रास्ते राजस्थान में प्रवेश करते हैं।
👉 इन्हें 'मावठ' की वर्षा कहा जाता है, जो शीतकालीन फसलों के लिए लाभकारी होती है।
👉 इन चक्रवातों का मूल क्षेत्र भूमध्य सागर माना जाता है।
निम्नलिखित राजस्थान के जिलों में से कौनसा एक अति-आर्द्र जलवायु प्रदेश का भाग है ?
[कनिष्ठ वैज्ञानिक सहायक (रसायन) 14.09.2019]
👉 बारां जिला राजस्थान के उन क्षेत्रों में शामिल है जहाँ अति-आर्द्र जलवायु पाई जाती है।
👉 इस क्षेत्र में 80 से.मी. से अधिक, सामान्यतः 100 से.मी. तक वर्षा होती है।
👉 मानसून इस जिले में सर्वाधिक सक्रिय रहता है और ग्रीष्म में तापमान 40° से. तक पहुँचता है।
👉 बारां के साथ कोटा, झालावाड़, बाँसवाड़ा, डूंगरपुर, सिरोही आदि भी इस क्षेत्र में आते हैं।
30 वर्ष से अधिक समयावधी की औसत वायुमण्डलीय दशाओं को कहते हैं ?
[कनिष्ठ अनुदेशक (फिटर) 23.03.2019]
👉 वायुमण्डलीय दशाओं को 'जलवायु' कहा जाता है।
👉 इसमें तापमान, वर्षा, आर्द्रता, वायु दाब आदि का दीर्घकालीन औसत अध्ययन किया जाता है।
👉 जलवायु किसी क्षेत्र की स्थायी मौसमी प्रकृति को दर्शाती है।
21 जून को सूर्य राजस्थान के किस जिले में लम्बवत् चमकता है?
JEN (विद्युत डिप्लोमाधारक) 19.05.2022
👉 21 जून को सूर्य कर्क रेखा पर लंबवत् चमकता है, जो राजस्थान के बांसवाड़ा जिले से होकर गुजरती है।
👉 अतः इस दिन सूर्य की किरणें बांसवाड़ा में सीधी / लंबवत् पड़ती हैं।
👉 यह जिला उष्ण कटिबंधीय क्षेत्र में आता है और अत्यधिक गर्मी अनुभव करता है।
👉 यह क्षेत्र अति आर्द्र जलवायु से भी प्रभावित है।
थार्नथ्वेट के वर्गीकरण के अनुसार निम्नलिखित में से कौन सा जैसलमेर की जलवायु को प्रस्तुत करता है ?
[CET (10+2 तृतीय चरण) 05.02.2023]
👉 थार्नथ्वेट के वर्गीकरण में जैसलमेर की जलवायु को EA'd के रूप में निरूपित किया गया है।
👉 इसका अर्थ है उष्ण मरुस्थलीय जलवायु, जो अत्यधिक शुष्क और गर्म होती है।
👉 यह वर्गीकरण राजस्थान के पश्चिमी क्षेत्रों के लिए उपयुक्त है जहाँ वर्षा अत्यल्प होती है।
👉 जैसलमेर राज्य का अतिशुष्क और न्यूनतम वर्षा वाला जिला है।
थोर्नट्वेट वर्गीकरण के अनुसार निम्नलिखित में से कौन-सा बाँसवाड़ा व डूंगरपुर की जलवायु को दर्शाता है ?
[आर्थिक अन्वेषक परीक्षा 25.03.2019]
👉 थोर्नट्वेट वर्गीकरण में CA'w जलवायु का तात्पर्य है — ग्रीष्म में वर्षा एवं शीत में शुष्कता।
👉 यह जलवायु प्रकार दक्षिणी-पूर्वी राजस्थान जैसे बाँसवाड़ा व डूंगरपुर जिलों में पाया जाता है।
👉 इन क्षेत्रों में वर्षा अधिक, गर्मी तीव्र और शीतकाल तुलनात्मक रूप से शुष्क होता है।
👉 अतः CA'w बाँसवाड़ा व डूंगरपुर की जलवायु को सही रूप से दर्शाता है।
थार्नथ्वेट के वर्गीकरण के अनुसार निम्नलिखित में से किस जलवायु वर्ग में जैसलमेर अवस्थित है ?
[प्रयोगशाला सहायक (विज्ञान) 28.06.2022]
👉 थार्नथ्वेट के वर्गीकरण के अनुसार जैसलमेर जिला EA'd जलवायु वर्ग में आता है।
👉 यह वर्ग उष्ण मरुस्थलीय जलवायु (Hot Desert Climate) को दर्शाता है।
👉 इसमें अत्यल्प वर्षा, अत्यधिक तापमान और शुष्कता प्रमुख विशेषताएँ हैं।
👉 यह वर्गीकरण राजस्थान के पश्चिमी भागों के लिए उपयुक्त है।
राजस्थान में औसत वार्षिक वर्षा की सर्वाधिक परिवर्तनशीलता
[पशुधन सहायक (LSA) 16.10.2016]
👉 राजस्थान में औसत वार्षिक वर्षा की सर्वाधिक परिवर्तनशीलता जैसलमेर और बाड़मेर जिलों में पाई जाती है।
👉 इन जिलों में सामान्यतः वर्षा 10 से 30 से.मी. के बीच होती है, परंतु कभी-कभी बहुत अधिक वर्षा भी दर्ज की जाती है।
👉 यह क्षेत्र BWhw जलवायु का भाग है, जहाँ वर्षा अनिश्चित और विषम रूप से वितरित होती है।
👉 इसीलिए इन जिलों में वर्षा की अत्यधिक अस्थिरता (variation) देखी जाती है।
निम्नलिखित को सुमेलित कीजिए -
[वरिष्ठ कम्प्यूटर अनुदेशक 19.06.2022]
कोपेन के जलवायु प्रदेश जिले
(A) AW (I) बांसवाड़ा
(B) BShw (II) गंगानगर
(C) BWhw (III) धौलपुर
(D) Cwg (IV) सीकर
कूट है -
👉 (A) Aw – बांसवाड़ा: यह उष्ण कटिबंधीय आर्द्र जलवायु है जो बांसवाड़ा, डूंगरपुर, झालावाड़ में पाई जाती है।
👉 (B) BShw – सीकर: यह अर्द्ध-शुष्क स्टेपी जलवायु है, जो अरावली के पश्चिमी जिलों जैसे सीकर में पाई जाती है।
👉 (C) BWhw – गंगानगर: यह उष्ण मरुस्थलीय जलवायु है जो जैसलमेर, बीकानेर, गंगानगर आदि में मिलती है।
👉 (D) Cwg – धौलपुर: यह मानसूनी जलवायु है जो पूर्वी राजस्थान जैसे धौलपुर, भरतपुर में पाई जाती है।
निम्नलिखित में से किस स्थान पर राजस्थान में साधारणतः सर्वाधिक वर्षा दर्ज की गई ?
[REET मुख्य परीक्षा (L -2) 28.02.2023]
👉 आबू पर्वत के समीपवर्ती क्षेत्रों में राजस्थान की सर्वाधिक वर्षा दर्ज की जाती है।
👉 यहाँ लगभग 150 से.मी. वार्षिक वर्षा होती है और वर्ष 1992–93 में 250 से.मी. तक वर्षा रिकॉर्ड की गई थी।
👉 यह क्षेत्र दक्षिणी अरावली का ऊँचा भाग है, जहाँ मानसून सर्वाधिक सक्रिय रहता है।
👉 यह स्थान अति-आर्द्र जलवायु प्रदेश का भाग है, जहाँ 100 से.मी. से अधिक वर्षा होती है।
निम्न में से किस जिले को राजस्थान में सर्वाधिक वार्षिक वर्षा प्राप्त होती है ? [*]
[उद्योग प्रचार अधिकारी 22.07.2018]
👉 राजस्थान में सर्वाधिक वार्षिक वर्षा माउंट आबू के निकटवर्ती क्षेत्र में दर्ज की जाती है।
👉 यह क्षेत्र सिरोही जिले में स्थित है और यहाँ वर्षा लगभग 150 से.मी. तक होती है।
👉 वर्ष 1992–93 में यहाँ 250 से.मी. तक अधिकतम वर्षा रिकॉर्ड की गई थी।
👉 अतः सिरोही जिला राजस्थान में सर्वाधिक वार्षिक वर्षा प्राप्त करने वाला जिला है।
निम्नांकित में से कौनसा समय मानसून प्रत्यावर्तन की ऋतु का है
[CET (10+2 प्रथम चरण) 04.02.2023]
👉 मानसून प्रत्यावर्तन की ऋतु राजस्थान में अक्टूबर से मध्य दिसम्बर तक होती है।
👉 इस समय स्थलीय तापमान घटने और सागरीय तापमान बढ़ने से हवाओं की दिशा बदलने लगती है।
👉 इसे ही लौटता हुआ मानसून कहा जाता है, जो कभी-कभी हल्की वर्षा भी करता है।
👉 इसके बाद वास्तविक शीत ऋतु का आरंभ होता है।
कोपेन के जलवायु वर्गीकरण में BWhw जलवायु प्रदेश की कौन सी एक विशेषता है ?
[शारीरिक शिक्षा अध्यापक 25.09.2022]
👉 BWhw जलवायु प्रदेश को कोपेन के वर्गीकरण में उष्ण शुष्क मरुस्थलीय जलवायु कहा गया है।
👉 इसकी मुख्य विशेषता है — शुष्कता और अत्यधिक उष्णता।
👉 यह जलवायु कम वर्षा (20 से.मी. से भी कम) और अत्यधिक तापमान से युक्त होती है।
👉 यह प्रदेश जैसलमेर, बीकानेर, गंगानगर, हनुमानगढ़ और चूरू जिलों में पाया जाता है।
राजस्थान में निम्नलिखित जलवायु प्रदेशों में से कौनसा सबसे कम वार्षिक वर्षा प्राप्त करता है ?
[CET (10+2 प्रथम चरण) 04.02.2023]
👉 राजस्थान में शुष्क जलवायु प्रदेश (मरुस्थलीय प्रदेश) सबसे कम वार्षिक वर्षा प्राप्त करता है।
👉 इस क्षेत्र में जैसलमेर, बाड़मेर, बीकानेर, गंगानगर और चूरू जिले शामिल हैं।
👉 यहाँ वर्षा की मात्रा 20 से.मी. से भी कम होती है और जलवायु अतिशुष्क होती है।
👉 यह प्रदेश धूल भरी आँधियों और अत्यधिक तापान्तर के लिए भी जाना जाता है।
निम्नलिखित युग्मों में से कौन सा युग्म सुमेल नहीं हैं ?
[JEN (विद्युत/यांत्रिक) (डिप्लोमा) 26.12.2020]
कोपेन के अनुसार - ज़िला
जलवायु प्रदेश
👉 Aw – बाँसवाड़ा : यह युग्म सही सुमेलित है, क्योंकि बाँसवाड़ा में उष्ण कटिबंधीय आर्द्र जलवायु पाई जाती है।
👉 BShw – पाली : यह भी सही सुमेलित है, क्योंकि पाली जिले में अर्द्ध-शुष्क स्टेपी जलवायु पाई जाती है।
👉 Cwg – टोंक : यह युग्म भी सही सुमेलित है, टोंक जिले में मानसूनी जलवायु पाई जाती है।
कोपेन के जलवायु वर्गीकरण के अनुसार, डूंगरपुर और बांसवाड़ा जिलों में किस प्रकार की जलवायु पाई जाती है ?
[CET (स्नातक) (चरण -III) 08.01.2023]
👉 कोपेन के जलवायु वर्गीकरण के अनुसार डूंगरपुर और बांसवाड़ा जिलों में अ (A) प्रकार की जलवायु पाई जाती है।
👉 यह जलवायु उष्ण कटिबंधीय आर्द्र जलवायु (Tropical Humid Climate) मानी जाती है।
👉 इन क्षेत्रों में वर्षा अधिक होती है और मानसून सर्वाधिक सक्रिय रहता है।
👉 यह क्षेत्र राजस्थान के दक्षिणी-पूर्वी अति-आर्द्र प्रदेश में आता है।
थार्नवेट जलवायु वर्गीकरण के अनुसार राजस्थान का अधिकांश भाग जिस जलवायु प्रदेश में पाया जाता है वह है –
[PTI ग्रेड -III 30.09.2018]
👉 थार्नवेट के वर्गीकरण के अनुसार राजस्थान का अधिकांश भाग DA’w जलवायु प्रदेश में आता है।
👉 इसका तात्पर्य है — ग्रीष्म में उच्च तापमान और कम वर्षा, अर्थात् अर्द्ध मरुस्थलीय एवं सीमान्त क्षेत्र।
👉 यह जलवायु राजस्थान के मध्य और पश्चिमी भागों में पाई जाती है।
👉 इसमें शुष्कता प्रमुख होती है और वर्षा सीमित मात्रा में होती है।
कोपेन के जलवायु वर्गीकरण के अनुसार, जालौर, सीकर, नागौर और झुन्झुनू निम्नलिखित में से किस जलवायु प्रदेश में शामिल हैं?
[CET (स्नातक) (चरण -II) 07.01.2023]
👉 कोपेन के वर्गीकरण के अनुसार जालौर, सीकर, नागौर और झुन्झुनू जिले BSHw जलवायु प्रदेश में आते हैं।
👉 इसका अर्थ है अर्द्ध शुष्क (Semi-arid) उष्ण जलवायु, जो गर्म और कम वर्षा युक्त होती है।
👉 यह प्रदेश अरावली के पश्चिमी भाग में फैला हुआ है।
👉 यहाँ की वार्षिक वर्षा 20 से 40 से.मी. तक होती है।
कोपेन द्वारा प्रस्तुत जलवायु प्रदेशों में से राजस्थान में कौन-सा
[प्रयोगशाला सहायक 13.11.2016]
👉 Aw – राजस्थान का दक्षिणी भाग: डूंगरपुर, बाँसवाड़ा, झालावाड़ जैसे जिले Aw (उष्ण कटिबंधीय आर्द्र जलवायु) में आते हैं।
👉 BWhw – शुष्क मरुस्थल: जैसलमेर, बीकानेर, गंगानगर आदि में BWhw (उष्ण मरुस्थलीय जलवायु) पाई जाती है।
👉 BShw – अर्द्ध-शुष्क मरुस्थल:— BShw जलवायु अर्द्ध-शुष्क स्टेपी क्षेत्र को दर्शाती है।
निम्नलिखित में से कौनसा (जलवायु प्रकार - जिला) सुमेलित नहीं है?
JEN (सिविल डिग्रीधारक) 18.05.2022
👉 BShw कोपेन वर्गीकरण में अर्द्ध-शुष्क स्टेपी जलवायु को दर्शाता है।
👉 यह जलवायु अरावली के पश्चिमी भाग जैसे सीकर, नागौर, पाली, जोधपुर का पूर्वी भाग आदि में पाई जाती है।
👉 जबकि जयपुर में उप-आर्द्र जलवायु (Cwg) अधिक उपयुक्त मानी गई है।
👉 अतः BShw – जयपुर युग्म सही सुमेलित नहीं है।
कौनसा युग्म सही सुमेलित नहीं है?
[बेसिक कम्प्यूटर अनुदेशक 18.06.2022]
👉 EA'd जलवायु प्रदेश थॉर्नथ्वेट के अनुसार उष्ण मरुस्थलीय जलवायु को दर्शाता है।
👉 यह जलवायु पश्चिमी राजस्थान जैसे जैसलमेर, बीकानेर, चूरू आदि जिलों में पाई जाती है।
👉 जबकि पूर्वी राजस्थान में मुख्यतः Caw या Aw जैसे आर्द्र या उप-आर्द्र जलवायु क्षेत्र मिलते हैं।
👉 अतः EA'd – पूर्वी राजस्थान का युग्म सही सुमेलित नहीं है।
राजस्थान का वर्तमान में निम्नलिखित में से कौन सी प्राकृतिक आपदा से सम्बन्ध नहीं है ?
[कनिष्ठ अनुदेशक (इलेक्ट्रिशियन) 24.03.2019]
👉 राजस्थान एक स्थलवासी राज्य है, जिसकी कोई समुद्री सीमा नहीं है।
👉 इसलिए यहाँ सूनामी जैसी समुद्री आपदा का कोई प्रभाव नहीं होता।
👉 राज्य में मुख्यतः अकाल, लू, शीतलहर और सूखा जैसी आपदाएँ होती हैं।
निम्न में कौन सी प्राकृतिक आपदा राजस्थान में घटित होने की न्यूनतम आशंका रखती है ?
[JEN (विधुत) (डिप्लोमाघारक) 29.11.2020]
👉 राजस्थान एक स्थलवासी (landlocked) राज्य है, जिसकी कोई समुद्री सीमा नहीं है।
👉 इसलिए यहाँ सुनामी जैसी समुद्री प्राकृतिक आपदा के घटित होने की न्यूनतम आशंका होती है।
राजस्थान की जलवायु के सम्बन्ध में निम्नलिखित में से कौन सा / कौन से कथन सत्य हैं ? नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए- [*]
ग्रामसेवक & छात्रा. अधीक्षक 18.12.2016
कूट :
📌 महत्वपूर्ण सूचना: इस प्रश्न को बोर्ड द्वारा 'डिलीट' या अमान्य घोषित किया गया है।
राजस्थान में थार्नवेट के जलवायु प्रदेश EA'd में कौनसा क्षेत्र नहीं आता है ?
[लवण निरीक्षक (उद्योग) 22.12.2019]
👉 EA'd जलवायु प्रदेश थार्नथ्वेट वर्गीकरण में उष्ण मरुस्थलीय जलवायु को दर्शाता है।
👉 इसमें जैसलमेर, बीकानेर, चूरू जैसे पश्चिमी राजस्थान के जिले शामिल हैं।
👉 जबकि हनुमानगढ़ जिला उत्तर-पश्चिमी सीमा पर स्थित है और इसे DB'w वर्ग में रखा गया है।
कोपेन के जलवायु वर्गीकरण के अनुसार, राजस्थान में 'Cwg' जलवायु पाई जाती है
[वनरक्षक (चतुर्थ चरण) 13.11.2022]
👉 कोपेन के वर्गीकरण के अनुसार राजस्थान में CWG प्रकार की जलवायु पाई जाती है।
👉 यह जलवायु मानसूनी वर्षा क्षेत्र को दर्शाती है, जिसमें अरावली से पूर्व का भाग सम्मिलित होता है।
👉 इसमें पूर्वी और मध्य राजस्थान शामिल हैं जहाँ वर्षा अधिक और गर्मी सामान्य रहती है।
👉 यह क्षेत्र उप-आर्द्र से आर्द्र जलवायु के अंतर्गत आता है।
सामान्यतः राजस्थान में दक्षिणी-पश्चिमी मानसून की अवधि होती है
[JEN (यांत्रिक) (डिप्लोमाधारक) 13.12.2020]
👉 सामान्यतः राजस्थान में दक्षिण-पश्चिमी मानसून की अवधि मध्य जून से सितम्बर तक होती है।
👉 इस अवधि में अरब सागर और बंगाल की खाड़ी की मानसूनी हवाएँ राज्य में प्रवेश करती हैं।
👉 राज्य में वर्षा का लगभग 90% भाग इसी समय होता है।
👉 वर्षा का प्रभाव दक्षिण, दक्षिण-पूर्वी एवं पूर्वी जिलों में अधिक देखा जाता है।
राजस्थान के रेतीले शुष्क मैदान तथा अर्द्ध-शुष्क संक्रमणकालीन मैदानों को कौनसी समवर्षा रेखा अलग करती है?
[VDO मुख्य परीक्षा 09.07.2022]
👉 25 सेमी समवर्षा रेखा (25 cm Isohyet) एक काल्पनिक भौगोलिक रेखा है जो समान वर्षा वाले क्षेत्रों को आपस में जोड़ती है।यह विशेष रूप से राजस्थान के संदर्भ में अत्यंत महत्वपूर्ण है।1. मुख्य विशेषताएं (Key Features):थार का विभाजन: यह रेखा राजस्थान के पश्चिमी रेतीले मैदान (थार मरुस्थल) को दो भागों—शुष्क मरुस्थल (25 सेमी से कम वर्षा वाले क्षेत्र) और अर्ध-शुष्क मैदान में विभाजित करती है।
राजस्थान में कोपेन वर्णित BWhw जलवायु मिलती है -
[JEN (यांत्रिक डिप्लोमा) 21.08.2016]
👉 कोपेन वर्गीकरण के अनुसार BWhw जलवायु का तात्पर्य है उष्ण शुष्क मरुस्थलीय जलवायु।
👉 यह जलवायु राजस्थान के जैसलमेर, बीकानेर और गंगानगर जिलों में पाई जाती है।
👉 इस क्षेत्र में अत्यल्प वर्षा (10–30 से.मी.), अत्यधिक तापमान और शुष्कता प्रमुख लक्षण हैं।
राजस्थान में दक्षिण-पश्चिमी मानसून ऋतु की अवधि रहती है ?
[REET मुख्य परीक्षा (L -2) 27.02.2023]
👉 राजस्थान में दक्षिण-पश्चिमी मानसून की अवधि मध्य जून से सितम्बर तक होती है।
👉 इस अवधि में अरब सागर और बंगाल की खाड़ी की मानसूनी हवाएँ राज्य में प्रवेश करती हैं।
👉 इस समय राजस्थान में कुल वर्षा का लगभग 90% भाग होता है।
👉 वर्षा का प्रभाव दक्षिणी, दक्षिण-पूर्वी और पूर्वी राजस्थान में अधिक देखा जाता है।
राजस्थान में किस दिशा में वर्षा कम होती जाती है ? [*]
[कनिप्ठ अनुदेशक (इलेक्ट्रोनिक्स) 23.12.2019]
पूर्व दिशा से राजस्थान में चलने वाली हवा को क्या कहा जाता है ?
[कनिप्ठ अनुदेशक (इलेक्ट्रोनिक्स) 23.12.2019]
👉 राजस्थान में पूर्व दिशा से चलने वाली हवा को 'पुरवाई' कहा जाता है।
👉 ये हवाएँ विशेषकर मानसून के दौरान पूर्वी क्षेत्रों में प्रवाहित होती हैं।
कोपेन के जलवायु वर्गीकरण के अनुसार राजस्थान का ज़िला, जो पूर्णतः Bwh जलवायु प्रकार की श्रेणी में आता है, वह है - [*]
[REET मुख्य परीक्षा (L -2) 27.02.2023]
📌 महत्वपूर्ण सूचना: इस प्रश्न को बोर्ड द्वारा 'डिलीट' या अमान्य घोषित किया गया है।
राजस्थान में लौटते मानसून ऋतु की अवधि है ?
[हाथकरघा निरीक्षक (उद्योग) 22.12.2019]
👉 राजस्थान में लौटते मानसून (प्रत्यावर्तन काल) की अवधि अक्टूबर से मध्य दिसम्बर तक होती है।
👉 इस समय स्थलीय तापमान घटता है और सागरीय तापमान बढ़ता है, जिससे हवाओं की दिशा बदलती है।
👉 लौटते मानसून के दौरान कुछ भागों में हल्की वर्षा भी होती है।
निम्नलिखित में से किस स्थान पर राजस्थान में साधारणत: सर्वाधिक वर्षा दर्ज की जाती है ?
[कनिष्ठ वैज्ञानिक सहायक (सीरम) 15.09.2019]
👉 राजस्थान में साधारणतः सर्वाधिक वर्षा माउंट आबू क्षेत्र में दर्ज की जाती है।
👉 यहाँ औसतन 150 से.मी. वर्षा होती है, और वर्ष 1992–93 में 250 से.मी. तक रिकॉर्ड की गई।
👉 यह क्षेत्र दक्षिणी अरावली का ऊँचा भाग है, जहाँ मानसून सबसे अधिक सक्रिय रहता है।
👉 यह प्रदेश अति-आर्द्र जलवायु के अंतर्गत आता है।
कोपेन वर्गीकरण का निम्नलिखित में से कौनसा कोड झालावाड़ जिले की जलवायु को निरूपित करता है ?
[प्रयोगशाला सहायक (विज्ञान) 28.06.2022]
👉 कोपेन के जलवायु वर्गीकरण में Aw को उष्ण कटिबंधीय आर्द्र जलवायु के रूप में दर्शाया गया है।
👉 यह जलवायु प्रकार झालावाड़, डूंगरपुर, बांसवाड़ा और दक्षिणी चित्तौड़गढ़ जिलों में पाया जाता है।
👉 इस क्षेत्र में वर्षा अधिक, मानसून सक्रिय और तापमान उष्ण रहता है।
👉 अतः झालावाड़ जिले की जलवायु को Aw कोड द्वारा निरूपित किया जाता है।
निम्नांकित में से 20वीं शताब्दी में सर्वाधिक तापमान में अंकित किया गया।
[REET मुख्य परीक्षा (L -2) 27.02.2023]
👉 राजस्थान में 20वीं शताब्दी में सर्वाधिक तापमान अलवर स्थान पर दर्ज किया गया।
👉 यहाँ मई–जून माह में तापमान 50° से. तक पहुँच गया था, जो राज्य में अधिकतम रहा।
👉 यह तापमान ग्रीष्म ऋतु के चरम में दर्ज हुआ, विशेषकर मरुस्थलीय पश्चिमी भागों में।
👉 इस समय की गर्म हवाएँ और कम आर्द्रता इसे और अधिक उष्ण और कठोर बनाती हैं।
राजस्थान में 'मावठ' किसका स्थानीय नाम है ?
[कनिष्ठ वैज्ञानिक सहायक (जैविक) 15.09.2019]
👉 राजस्थान में 'मावठ' शब्द का स्थानीय अर्थ है शीतकालीन वर्षा।
👉 यह वर्षा पश्चिमी विक्षोभों के कारण दिसम्बर–जनवरी में होती है।
👉 मावठ का प्रभाव रबी फसलों विशेषकर गेहूँ पर लाभकारी होता है।
👉 यह वर्षा पछुआ हवाओं के साथ आने वाले चक्रवातों से होती है।
राजस्थान के_____ जिले में सबसे अधिक दैनिक तापान्तर पाया जाता है ।
[उद्योग प्रचार अधिकारी 22.07.2018]
👉 राजस्थान में सबसे अधिक दैनिक तापान्तर जैसलमेर जिले में पाया जाता है।
👉 इसका कारण है वहाँ का मरुस्थलीय क्षेत्र, जहाँ रेत दिन में जल्दी गर्म और रात में जल्दी ठंडी हो जाती है।
👉 इसलिए यहाँ दिन और रात के तापमान में भारी अन्तर देखा जाता है।
👉 यह क्षेत्र अतिशुष्क जलवायु वाला है जहाँ तापान्तर एक प्रमुख विशेषता है।
राजस्थान में कोपेन द्वारा वर्णित 'AW' प्रदेश निम्न में से कहाँ पाया जाता है ?
[कनिष्ठ वैज्ञानिक सहायक (प्रलेख) 22 .09.2019]
👉 कोपेन के वर्गीकरण में 'Aw' जलवायु को उष्ण कटिबंधीय आर्द्र जलवायु कहा गया है।
👉 यह जलवायु डूंगरपुर, बाँसवाड़ा, झालावाड़ और दक्षिणी चित्तौड़गढ़ में पाई जाती है।
👉 इन क्षेत्रों में वर्षा अधिक, मानसून सक्रिय और तापमान उष्ण रहता है।
👉 अतः डूंगरपुर ‘Aw’ जलवायु प्रदेश में शामिल है।
थोर्नट्वेंट के वर्गीकरण के अनुसार निम्न में से कौन-सी ऊष्णकटिबन्धीय मरुस्थलीय जलवायु को दर्शाता है ?
[कनिष्ठ अनुदेशक (फिटर) 23.03.2019]
👉 थोर्नट्वेट के वर्गीकरण में EA'd जलवायु को ऊष्णकटिबंधीय मरुस्थलीय जलवायु के रूप में दर्शाया गया है।
👉 यह जलवायु पश्चिमी राजस्थान जैसे जैसलमेर, बीकानेर, चूरू आदि जिलों में पाई जाती है।
👉 इसमें अत्यल्प वर्षा, अत्यधिक तापमान और अत्यधिक शुष्कता प्रमुख लक्षण हैं।
👉 यह क्षेत्र EA'd श्रेणी का सटीक प्रतिनिधित्व करता है।
निम्न में से कौन सा राजस्थान में प्रचलित तौर पर 'मावठ' के रूप में जाना जाता है ?
[JEN (यांत्रिक) (डिग्रीधारक) 13.12.2020]
👉 राजस्थान में शीतकालीन वर्षा को स्थानीय रूप में 'मावठ' कहा जाता है।
👉 यह वर्षा दिसम्बर से जनवरी में पश्चिमी विक्षोभों के कारण होती है।
👉 मावठ वर्षा गेहूँ जैसी रबी फसलों के लिए अत्यंत उपयोगी होती है।
👉 यह वर्षा पछुआ हवाओं के साथ आने वाले चक्रवातों से होती है।
'लू' है
[CET (10+2 षष्टम चरण) 11.02.2023]
👉 'लू' एक स्थानीय गर्म हवा है जो ग्रीष्म ऋतु में राजस्थान के मरुस्थलीय क्षेत्रों में चलती है।
👉 यह हवा अत्यधिक शुष्क और तेज गति से चलती है, जिससे तापमान और अधिक बढ़ जाता है।
👉 पश्चिमी और अर्द्ध शुष्क भागों में इसका प्रकोप विशेष रूप से होता है।
👉 यह गर्मी के मौसम की एक मुख्य जलवायु विशेषता मानी जाती है।
राजस्थान में सर्वाधिक औसत वार्षिक वर्षा किस जिले में होती है।
[JEN (यांत्रिक डिप्लोमा) 21.08.2016]
👉 राजस्थान में सर्वाधिक औसत वार्षिक वर्षा झालावाड़ जिले में पाई जाती है।
👉 इस जिले में सामान्यतः 90 से.मी. से अधिक वर्षा होती है और यह अति-आर्द्र जलवायु प्रदेश का भाग है।
👉 मानसून के दौरान यह क्षेत्र सर्वाधिक सक्रिय रहता है।
राजस्थान में मई और जून में सर्वाधिक धूल भरी आंधियाँ किस जिले में आती हैं?
[VDO Pre. (प्रथम चरण) 27.12.2021]
👉 राजस्थान में मई और जून माह में धूल भरी आँधियाँ विशेष रूप से गंगानगर जिले में आती हैं?
👉 धूल भरी आँधियाँ में जैसलमेर, बाड़मेर, बीकानेर, जोधपुर, चूरू जैसे जिले प्रमुख हैं।
👉 ये आँधियाँ रेतीली सतह और तेज हवाओं के कारण अधिक तीव्र होती हैं।
👉 पूर्वी भागों की तुलना में इन जिलों में इनका प्रकोप अधिक होता है।
राजस्थान में शुष्कतम जिला कौनसा है ?
[कनिष्ठ वैज्ञानिक सहायक (विष) 14.09.2019]
👉 राजस्थान का शुष्कतम जिला जैसलमेर है, जहाँ वार्षिक वर्षा मात्र 10 से 20 से.मी. होती है।
👉 यहाँ का जलवायु क्षेत्र BWhw / EA'd है, जो उष्ण मरुस्थलीय जलवायु को दर्शाता है।
👉 यह क्षेत्र अतिशुष्क मरुस्थलीय प्रदेश का भाग है जहाँ तापमान अधिक और वर्षा न्यूनतम होती है।
👉 जैसलमेर में वर्ष 2002 में राज्य का न्यूनतम औसत वर्षा भी रिकॉर्ड किया गया था।
राजस्थान में पश्चिमी विक्षोभ चक्रवातों को____ कहते हैं ।
[उद्योग निरीक्षक परीक्षा 24.06.2018]
👉 राजस्थान में पश्चिमी विक्षोभों से होने वाली शीतकालीन वर्षा को स्थानीय भाषा में 'मावठ' कहा जाता है।
👉 मावठ वर्षा विशेष रूप से दिसम्बर से फरवरी में होती है।
👉 यह वर्षा रबी फसलों के लिए अत्यंत लाभकारी होती है।
कोपेन के जलवायु वर्गीकरण के अनुसार झुंझुनू जिले की जलवायु किस कोटि में रखी जा सकती है ?
[कनिप्ठ अनुदेशक (रेफ्रीजरेशन) 24.12.2019]
👉 कोपेन के जलवायु वर्गीकरण के अनुसार झुंझुनू जिले की जलवायु को BShw कोटि में रखा गया है।
👉 यह जलवायु अर्द्ध-शुष्क स्टेपी (Semi-arid Steppe) प्रकार की है।
👉 इसमें वर्षा 20 से 40 से.मी., ग्रीष्म में उच्च तापमान और शुष्कता प्रमुख लक्षण हैं।
👉 यह क्षेत्र अरावली के पश्चिमी भाग में स्थित है।
उत्तर-पूर्वी राजस्थान की जलवायु है -
[कनिष्ठ वैज्ञानिक सहायक (अस्त्रक्षेप) 21.09.2019]
👉 उत्तर-पूर्वी राजस्थान की जलवायु को अर्द्ध-शुष्क (Semi-arid) के रूप में वर्गीकृत किया गया है।
👉 इस क्षेत्र में वार्षिक वर्षा 40 से 60 से.मी., ग्रीष्म तापमान 28° से 36° से. और शीत तापमान 12° से 18° से. होता है।
कोपेन के अनुसार श्रीगंगानगर ______ जलवायु प्रदेश में स्थित है।
[वनपाल परीक्षा 06.11.2022]
👉 कोपेन के वर्गीकरण के अनुसार श्रीगंगानगर जिला BWhw जलवायु प्रदेश में स्थित है।
👉 यह जलवायु उष्ण शुष्क मरुस्थलीय (Hot Desert Climate) के अंतर्गत आती है।
👉 इसमें वर्षा अत्यल्प (20 से.मी. से कम) होती है और तापमान अत्यधिक रहता है।
👉 यह क्षेत्र राजस्थान के पश्चिमोत्तर अति शुष्क प्रदेश का भाग है।
निम्नांकित में से कौन सा कारक राजस्थान की जलवायु को निर्धारित करने के लिए उत्तरदायी नहीं है ?
[CET (10+2 द्वितीय चरण) 04.02.2023]
👉 राजस्थान की जलवायु को निर्धारित करने वाले प्रमुख कारक हैं — स्थिति (अक्षांशीय), समुद्र से दूरी, उच्चावच, मानसूनी एवं चक्रवातीय हवाएँ और प्राकृतिक वनस्पति।
👉 इन कारकों का प्रभाव तापमान, वर्षा, आर्द्रता एवं हवाओं की दिशा पर स्पष्ट रूप से पड़ता है।
जुलाई माह की 999 मिलीबार की समदाब रेखा किन जिलों से गुजरती है ?
[सहायक अग्निशमन (AFO) 29.01.2022]
👉 जुलाई माह में 999 मिलीबार की समदाब रेखा बनती है।
👉 यह समदाब रेखा जालौर, पाली और अजमेर जिलों से होकर गुजरती है।
राजस्थान में 'लौटते मानसून' की अवधि है ?
[REET मुख्य परीक्षा (L -2) 28.02.2023]
👉 राजस्थान में 'लौटते मानसून' की अवधि अक्टूबर से मध्य दिसम्बर तक मानी जाती है।
👉 इस काल में स्थलीय तापमान घटता है और सागरीय भागों में न्यून वायुदाब बनता है।
👉 इस समय कुछ क्षेत्रों में हल्की वर्षा होती है, जिसे प्रत्यावर्ती मानसून वर्षा कहा जाता है।
👉 नवम्बर के अंत तक तापमान में गिरावट आने से शीत ऋतु की शुरुआत हो जाती है।
राजस्थान में प्रवेश करने वाले पश्चिमी विक्षोभ की उत्पत्ति कौन से क्षेत्र से होती है ?
[कनिप्ठ अनुदेशक (मैकेनिक) 23.12.2019]
👉 राजस्थान में प्रवेश करने वाले पश्चिमी विक्षोभों की उत्पत्ति भूमध्य सागर क्षेत्र से होती है।
👉 ये विक्षोभ पाकिस्तान के रास्ते राजस्थान में पहुँचते हैं।
👉 इनसे दिसम्बर–जनवरी में शीतकालीन वर्षा 'मावठ' होती है।
👉 यह वर्षा शीतकालीन फसलों के लिए लाभकारी मानी जाती है।
राजस्थान के चूरू जिले में कोपेन वर्गीकरण के अनुसार किस प्रकार की जलवायु स्थित है ? [*]
[कनिष्ठ अनुदेशक (फिटर) 23.03.2019]
राजस्थान में अल्प वर्षा का मूल कारण क्या है ? [*]
[JEN (Civil डिग्री) 16.10.2016]
📌 महत्वपूर्ण सूचना: इस प्रश्न को बोर्ड द्वारा 'डिलीट' या अमान्य घोषित किया गया है।
जून से सितम्बर माह में वर्षा में अधिकतम भिन्नता _____ज़िले में अभिलिखित की जाती है ।
[REET मुख्य परीक्षा (L -2) 26.02.2023]
������ जून से सितम्बर की वर्षा अवधि में जैसलमेर जिले में वर्षा की अधिकतम भिन्नता दर्ज की जाती है।
👉 यहाँ वार्षिक वर्षा मात्र 10 से 20 से.मी. होती है, जो राज्य में न्यूनतम है।
👉 1992–93 में सर्वाधिक 250 से.मी. वर्षा भी इसी क्षेत्र (आबू पर्वत) में दर्ज की गई थी, जिससे भिन्नता अत्यधिक हो जाती है।
👉 यह क्षेत्र अतिशुष्क जलवायु से युक्त है जहाँ वर्षा की अनिश्चितता और असमानता सामान्य है।
पश्चिमी राजस्थान में न्यून वर्षा के लिए उत्तरदायी मूल अंशदायी
[प्रयोगशाला सहायक 13.11.2016]
📌 महत्वपूर्ण सूचना: इस प्रश्न को बोर्ड द्वारा 'डिलीट' या अमान्य घोषित किया गया है।
जून-जुलाई माह में कौनसे जिले में सर्वाधिक धूल भरी आँधियाँ चलती हैं ?
[पुस्तकालयाध्यक्ष ग्रेड - III 19.09.2019]
👉 राजस्थान में ग्रीष्म ऋतु के दौरान धूल भरी आँधियाँ विशेष रूप से पश्चिमी मरुस्थल एवं अर्द्ध-शुष्क भागों में चलती हैं।
👉 यह स्थिति मई-जून माह में अधिक तीव्र होती है, जब तापमान अत्यधिक होता है।
👉 इन आँधियों का प्रभाव पूर्वी भागों की तुलना में पश्चिमी जिलों में अधिक होता है।
👉 यह हवाएँ शुष्क होती हैं और सापेक्षित आर्द्रता 25–35% के बीच होती है।
निम्नलिखित में से कौन-सा Bshw प्रकार की जलवायु दर्शाता है ?
[आर्थिक अन्वेषक परीक्षा 25.03.2019]
👉 BShw कोपेन वर्गीकरण में अर्द्ध-शुष्क स्टेपी जलवायु को दर्शाता है।
👉 यह जलवायु जालौर, पाली, नागौर, झुंझुनूं, सीकर आदि जिलों में पाई जाती है।
👉 इस क्षेत्र में वर्षा 20 से 40 से.मी., तापमान अधिक और वातावरण शुष्क होता है।
👉 अतः जालौर सही रूप से BShw जलवायु प्रकार को दर्शाता है।

राजस्थान के उक्त मानचित्र में कोपेन के जलवायु प्रदेशों को (i), (ii), (iii) और (iv) से अंकित किया गया है। नीचे दी गई क्रमावली से इनका सही अनुक्रम पहचानिए -
[पटवारी मुख्य परीक्षा 24.12.2016]
👉 BWhw – उष्ण शुष्क मरुस्थलीय जलवायु, जैसे – जैसलमेर, बीकानेर, गंगानगर, चूरू
👉 BShw – अर्द्ध-शुष्क स्टेपी जलवायु, जैसे – पाली, नागौर, सीकर, झुंझुनूं, जालौर
👉 Cwg – मानसूनी उप-आर्द्र जलवायु, जैसे – जयपुर, टोंक, धौलपुर, अजमेर, भरतपुर
👉 Aw – उष्ण कटिबंधीय आर्द्र जलवायु, जैसे – डूंगरपुर, बाँसवाड़ा, झालावाड़, दक्षिणी चित्तौड़गढ़
राजस्थान में सर्दी की ऋतु में होने वाली वर्षा कहलाती है ?
[अन्वेषक परीक्षा 27.12.2020]
👉 राजस्थान में सर्दी की ऋतु में होने वाली वर्षा को स्थानीय भाषा में 'मावठ' कहा जाता है।
👉 यह वर्षा दिसम्बर से फरवरी में पश्चिमी विक्षोभों के कारण होती है।
👉 मावठ विशेष रूप से रबी फसलों जैसे गेहूँ के लिए उपयोगी मानी जाती है।
👉 यह वर्षा शीत ऋतु की प्रमुख विशेषता मानी जाती है।
राजस्थान में कौन-सा कृषि जलवायु प्रदेश सबसे बड़ा है ? [*]
[आर्थिक अन्वेषक परीक्षा 25.03.2019]
राजस्थान में पश्चिमी विक्षोभों से वर्षा किन महीनों में होती है?
[VDO मुख्य परीक्षा 09.07.2022]
👉 राजस्थान में पश्चिमी विक्षोभों के कारण वर्षा मुख्यतः दिसम्बर और जनवरी महीनों में होती है।
👉 यह वर्षा पछुआ हवाओं के साथ आने वाले चक्रवातों से होती है।
👉 इसे स्थानीय भाषा में 'मावठ' कहा जाता है जो शीतकालीन फसलों के लिए लाभकारी होती है।
👉 यह प्रभाव विशेषकर शीत ऋतु (मध्य दिसम्बर से फरवरी) में देखा जाता है।
निम्न में से कौन सा जोड़ा सही सुमेलित है ?
[JEN (यांत्रिक) (डिप्लोमाधारक) 13.12.2020]
निम्नलिखित जिलों में से किस जिले में अधिकतम वर्षा होती है ?
[कनिष्ठ अनुदेशक (इलेक्ट्रिशियन) 24.03.2019]
👉 अजमेर जिले में वर्षा की मात्रा 40 से 60 से.मी. के मध्य रहती है।
👉 यह जिला उप-आर्द्र जलवायु प्रदेश में आता है, न कि सर्वाधिक वर्षा वाले क्षेत्र में।
👉 अधिकतम वर्षा वाले जिले झालावाड़, डूंगरपुर, बाँसवाड़ा, सिरोही और माउंट आबू क्षेत्र हैं, जहाँ 80 से.मी. से अधिक वर्षा होती है।
👉 अतः अजमेर अधिकतम वर्षा वाला जिला नहीं है।
राजस्थान की जलवायु दशाओं के सम्बन्ध में निम्नलिखित में से
[पुस्तकालयाध्यक्ष 13.11.2016]
👉 राजस्थान की जलवायु में तापमान और वर्षा की चरम सीमाएँ स्पष्ट रूप से देखी जाती हैं।
👉 यहाँ ग्रीष्मकाल में तापमान 50° से. तक और शीतकाल में 0° से. से भी कम पहुँच सकता है।
👉 साथ ही वर्षा भी 10 से.मी. से लेकर 150 से.मी. तक होती है, जो अतिशयता को दर्शाती है।
👉 अतः यह कथन पूर्णतः सत्य है कि राजस्थान की जलवायु तापमान और वर्षा की चरम सीमाओं से युक्त है।
मानसून 2021 के दौरान, निम्न में से किस जिले में असामान्य (सामान्य से 60% ज्यादा) वर्षा हुई?
[CET (स्नातक) (चरण -II) 07.01.2023]
👉 मानसून 2025 में राजस्थान के लगभग सभी जिलों में असामान्य (सामान्य से काफी अधिक) वर्षा दर्ज की गई थी। इनमें बारां (Baran) जिले में सबसे अधिक लगभग 1582 मिमी और पश्चिमी राजस्थान के पाली (Pali) जिले में असामान्य रूप से 830 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई थी। कुल मिलाकर, राज्य के 41 में से 25 जिलों में अत्यधिक भारी वर्षा हुई।
राजस्थान का सबसे बड़ा कृषि - जलवायु प्रदेश कौनसा है ?
[CET (स्नातक) (चरण -I) 07.01.2023]
👉 क्षेत्रफल की दृष्टि से राजस्थान का सबसे बड़ा कृषि-जलवायु प्रदेश I-C (अति शुष्क आंशिक सिंचित क्षेत्र) है :क्षेत्रफल: यह लगभग 7.70 मिलियन हेक्टेयर में फैला हुआ है, जो राज्य के कुल भौगोलिक क्षेत्र का लगभग 22.5% है。प्रमुख जिले: इस क्षेत्र में बीकानेर और जैसलमेर जिले आते हैं, साथ ही चूरू जिले के कुछ हिस्से (सरदारशहर, रतनगढ़ और सुजानगढ़ तहसीलें) भी शामिल हैं。
राजस्थान में निम्नलिखित में से किस जिले में वार्षिक वर्षा में अधिकतम विषमता पायी जाती है ?
[प्रयोगशाला सहायक 03.02.2019]
👉 यहाँ वर्षा की मात्रा केवल 10 से 20 से.मी. होती है, परंतु कभी-कभी यह अत्यधिक बढ़ भी जाती है।
👉 वर्ष 1992–93 में 250 से.मी. वर्षा रिकॉर्ड की गई थी, जिससे इसकी विषमता स्पष्ट होती है।
👉 जैसलमेर राज्य का अतिशुष्क और न्यूनतम औसत वर्षा वाला जिला है।
राजस्थान का सबसे बड़ा कृषि जलवायु प्रदेश है ?
JEN (विद्युत/यांत्रिक, डिप्लोमा) 20.05.2022
👉 क्षेत्रफल की दृष्टि से राजस्थान का सबसे बड़ा कृषि-जलवायु प्रदेश 'I-C' (अति शुष्क आंशिक सिंचित क्षेत्र) है。यह प्रदेश राज्य के कुल भौगोलिक क्षेत्र का लगभग 22.5% हिस्सा (लगभग 7.70 मिलियन हेक्टेयर) कवर करता है: इसमें बीकानेर, जैसलमेर जिले और चूरू जिले के कुछ हिस्से (सरदारशहर, रतनगढ़ और सुजानगढ़) शामिल हैं