राजस्थान में अधिकतम वर्षा __________से प्राप्त होती है।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर चुनें:
[पशु परिचर (3rd Phase) 02.12.2024]
👉 राजस्थान में अधिकतम वर्षा दक्षिण-पश्चिमी मानसून से प्राप्त होती है।
👉 यह मानसून अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से नमी लेकर आता है और राज्य में जून से सितम्बर तक सक्रिय रहता है।
👉 राजस्थान की लगभग 90% वर्षा इसी मानसून से होती है, विशेषकर दक्षिणी व पूर्वी जिलों में।
👉 अतः वर्षा का प्रमुख स्रोत है — दक्षिण-पश्चिमी मानसून।
EA'd जलवायु पाई जाती है।
[पर्यवेक्षक परीक्षा 29.11.2015]
👉 EA'd थार्नवेट के वर्गीकरण में उष्ण मरुस्थलीय जलवायु को दर्शाता है।
👉 यह जलवायु राजस्थान के पश्चिमी जिलों जैसे बाड़मेर, जैसलमेर, बीकानेर, चूरू आदि में पाई जाती है।
👉 इस क्षेत्र में वर्षा अत्यल्प, तापमान अत्यधिक और वातावरण अत्यंत शुष्क होता है।
👉 EA'd प्रदेश राजस्थान का सबसे अतिशुष्क जलवायु क्षेत्र है।
2024 में मानसून सीजन (जून-सितंबर) के दौरान किस महीने में राजस्थान में दीर्घावधि औसत (एलपीए) वर्षा का उच्चतम प्रतिशत दर्ज किया गया? (निम्न में से सबसे उपयुक्त विकल्प चुनें)
[4th Grade 6th Phase) 21.09.2025]
👉 राजस्थान में 2024 के मानसून सीजन (जून-सितंबर) के दौरान दीर्घावधि औसत (LPA) वर्षा का उच्चतम प्रतिशत अगस्त महीने में दर्ज किया गया था।
👉 अगस्त माह में राज्य में लगभग 221% LPA प्राप्त हुई थी।
✍️ सही उत्तर है – अगस्त
सर्वाधिक दैनिक तापान्तर होता है :
[JEN (कृषि) 12.07.2015]
👉 राजस्थान में सर्वाधिक दैनिक तापान्तर पश्चिमी मरुस्थलीय क्षेत्र में होता है।
👉 इसका मुख्य कारण है वहाँ की रेतीली सतह, जो दिन में जल्दी गर्म और रात में जल्दी ठंडी हो जाती है।
👉 विशेषकर जैसलमेर, बाड़मेर, बीकानेर जैसे जिलों में दिन और रात के तापमान में अत्यधिक अंतर होता है।
👉 यह क्षेत्र BWhw जलवायु का भाग है, जो उष्ण और शुष्क होता है।
राजस्थान में जिन पवनों से शरद कालीन वर्षा होती है वे है
[JEN (कृषि) 12.07.2015]
👉 राजस्थान में शरद कालीन (अक्टूबर–नवम्बर) या शीत ऋतु पूर्व की वर्षा कभी-कभी भूमध्य सागर से उत्पन्न चक्रवातों से होती है।
👉 ये चक्रवात पश्चिमी विक्षोभों के रूप में पाकिस्तान के रास्ते राज्य में प्रवेश करते हैं।
👉 इनसे होने वाली वर्षा को 'मावठ' कहा जाता है, जो रबी फसलों के लिए लाभकारी होती है।
👉 अतः शरद ऋतु की वर्षा का कारण भी भूमध्य सागरीय चक्रवात होते हैं।
निम्नलिखित में कौन-सा कारक राजस्थान की जलवायु को निर्धारित नहीं करता?
निम्नलिखित विकल्पों में से सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर चुनें:
[पशु परिचर (2nd Phase) 01.12.2024]
👉 राजस्थान की जलवायु को निर्धारित करने वाले प्रमुख कारक हैं —
स्थिति (अक्षांशीय), समुद्र से दूरी, उच्चावच, मानसूनी एवं चक्रवातीय हवाएँ और प्राकृतिक वनस्पति।
👉 देशांतरीय स्थिति (Longitude/देशांतर) का प्रभाव जलवायु पर प्रत्यक्ष नहीं पड़ता, क्योंकि यह तापमान या वर्षा को विशेष रूप से प्रभावित नहीं करता।
👉 अतः देशांतरीय स्थिति, राजस्थान की जलवायु को निर्धारित करने वाला प्रमुख कारक नहीं है।
पश्चिमी राजस्थान में अल्प वर्षा के लिए निम्नांकित में से कौन-सा एक कारण नहीं है ?
[JEN (Civil Degree) 21.08.2016]
👉 पश्चिमी राजस्थान में अल्प वर्षा के कई कारण हैं, जैसे –
अरावली की समानान्तर दिशा, मानसूनी हवाओं की नमी समाप्त हो जाना, और स्थलांतरित हवाओं का प्रभाव।
👉 लेकिन ग्रीष्मकाल के दौरान उच्च वायुदाब वहाँ नहीं होता, बल्कि इस समय न्यून वायुदाब बनता है।
जलवायु की दृष्टि से, अधिकांशतः राजस्थान स्थित है -
[पशुधन सहायक (LSA) 21.08.2016]
👉 राजस्थान की अक्षांशीय स्थिति 23°3' से 30°11' उत्तरी अक्षांश तक है।
👉 यह संपूर्ण राज्य 23½° कर्क रेखा के उत्तर में स्थित है।
👉 इसलिए जलवायु की दृष्टि से राजस्थान का अधिकांश भाग उपोष्ण कटिबन्ध (Subtropical Zone) में आता है।
वायुमंडल में वर्षा के पानी का हवा में मिलने और जीवाश्म ईंधन के जलने से उत्सर्जित प्रदूषित गैसों के साथ मिलकर पतला अम्ल बनाने का परिणाम होता है :
[Conductor Exam 06.11.2025]
🔹 व्याख्या
👉
वायुमंडल
में वर्षा का
पानी जीवाश्म
ईंधन से उत्सर्जित
प्रदूषित गैसों
(सल्फर
डाइऑक्साइड
व नाइट्रोजन
ऑक्साइड)
से
मिलकर पतला
अम्ल
बनाता है।
👉
इस
प्रक्रिया
में सल्फ्यूरिक
अम्ल और
नाइट्रिक
अम्ल का
निर्माण होता
है।
👉
यही
प्रक्रिया
अम्लीय
वर्षा (Acid
Rain) कहलाती
है,
जो
जलीय जीवन,
वनों
और इमारतों
को नुकसान पहुँचाती
है।
✍️ सही उत्तर है – अम्लीय वर्षा
राजस्थान में शीतकालीन वर्षा स्थानीय तौर पर जानी जाती है
[कनिष्ठ अनुदेशक (वेल्डर) 07.01.2025]
👉 राजस्थान में शीतकालीन वर्षा को स्थानीय रूप से 'मावठ' कहा जाता है।
👉 यह वर्षा दिसम्बर से फरवरी के बीच पश्चिमी विक्षोभों के कारण होती है।
👉 मावठ वर्षा गेहूँ जैसी रबी फसलों के लिए अत्यंत लाभकारी होती है।
👉 यह वर्षा राजस्थान की विशिष्ट शीतकालीन जलवायु विशेषता है।
किस कृषि जलवायु प्रदेश में पाली जिले को शामिल किया गया है ?
[कनिष्ठ अनुदेशक (ड्राइंग) 20.11.2024]
👉 राजस्थान को कुल 10 कृषि-जलवायु क्षेत्रों (Agro-Climatic Zones) में विभाजित किया गया है。10 कृषि-जलवायु क्षेत्रों के नाम और प्रमुख जिले(:1)शुष्क पश्चिमी मैदानी क्षेत्र (I-A): जोधपुर, बाड़मेर。(2)उत्तरी-पश्चिमी सिंचित मैदानी क्षेत्र (I-B): श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़。(3)अति शुष्क आंशिक सिंचित पश्चिमी मैदानी क्षेत्र (I-C): जैसलमेर, बीकानेर, चूरू。(4)अन्तः स्थलीय जलोत्सरण के अन्तर्वर्ती मैदानी क्षेत्र (II-A): नागौर, सीकर, झुंझुनू, चूरू (आंशिक)。(5)लूनी नदी का अन्तर्वर्ती मैदानी क्षेत्र (II-B): जालौर, पाली, सिरोही。(6)अर्ध-शुष्क पूर्वी मैदानी क्षेत्र (III-A): जयपुर, दौसा, अजमेर, टोंक。(7)बाढ़ संभावित पूर्वी मैदानी क्षेत्र (III-B): अलवर, भरतपुर, धौलपुर, करौली, सवाई माधोपुर。(8)अर्ध-आर्द्र दक्षिणी मैदानी और अरावली क्षेत्र (IV-A): भीलवाड़ा, राजसमंद, चित्तौड़गढ़, उदयपुर。(9)आर्द्र दक्षिणी मैदानी क्षेत्र (IV-B): डूंगरपुर, बांसवाड़ा, प्रतापगढ़。(10)आर्द्र दक्षिणी-पूर्वी पठारी क्षेत्र (V): कोटा, बूंदी, बारां, झालावाड़।
निम्नलिखित में कौन-सी भौगोलिक शब्दावली राजस्थान की जलवायु से संबंधित है?
निम्नलिखित विकल्पों में से सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर चुनें:
[पशु परिचर (6th Phase) 03.12.2024]
👉 'मावठ' एक स्थानीय भौगोलिक शब्द है जो राजस्थान की शीतकालीन वर्षा को दर्शाता है।
👉 'मावठ' का प्रभाव विशेषकर रबी फसलों (जैसे गेहूँ) पर लाभकारी होता है।
👉 अतः 'मावठ' राजस्थान की जलवायु से संबंधित सटीक भौगोलिक शब्दावली है।
कृषि के उद्देश्य से, राजस्थान राज्य को कितने कृषि जलवायु क्षेत्रों में विभाजित किया गया है ?
[CET (स्नातक) 28.09.2024 चतुर्थ चरण]
👉 राजस्थान को कुल 10 कृषि-जलवायु क्षेत्रों (Agro-Climatic Zones) में विभाजित किया गया है。10 कृषि-जलवायु क्षेत्रों के नाम और प्रमुख जिले:1.शुष्क पश्चिमी मैदानी क्षेत्र (I-A): जोधपुर, बाड़मेर。2.उत्तरी-पश्चिमी सिंचित मैदानी क्षेत्र (I-B): श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़。3.अति शुष्क आंशिक सिंचित पश्चिमी मैदानी क्षेत्र (I-C): जैसलमेर, बीकानेर, चूरू。4.अन्तः स्थलीय जलोत्सरण के अन्तर्वर्ती मैदानी क्षेत्र (II-A): नागौर, सीकर, झुंझुनू, चूरू (आंशिक)。5.लूनी नदी का अन्तर्वर्ती मैदानी क्षेत्र (II-B): जालौर, पाली, सिरोही。6.अर्ध-शुष्क पूर्वी मैदानी क्षेत्र (III-A): जयपुर, दौसा, अजमेर, टोंक。7.बाढ़ संभावित पूर्वी मैदानी क्षेत्र (III-B): अलवर, भरतपुर, धौलपुर, करौली, सवाई माधोपुर。8.अर्ध-आर्द्र दक्षिणी मैदानी और अरावली क्षेत्र (IV-A): भीलवाड़ा, राजसमंद, चित्तौड़गढ़, उदयपुर。9.आर्द्र दक्षिणी मैदानी क्षेत्र (IV-B): डूंगरपुर, बांसवाड़ा, प्रतापगढ़。10.आर्द्र दक्षिणी-पूर्वी पठारी क्षेत्र (V): कोटा, बूंदी, बारां, झालावाड़।
पश्चिमी विक्षोभ सम्बन्धित नही हैं : [*]
[JEN (कृषि) 12.07.2015]
📌 महत्वपूर्ण सूचना: इस प्रश्न को बोर्ड द्वारा 'डिलीट' या अमान्य घोषित किया गया है।
राजस्थान में 2024 में, मानसून सीजन (जून-सितंबर) के दौरान किस महीने में दीर्घावधि औसत वर्षा का सबसे कम प्रतिशत दर्ज किया गया ?
[4th Grade (3rd Phase) 20.09.2025]
👉 राजस्थान में 2024 के मानसून (जून-सितंबर) से संबंधित महीनों में दीर्घ-ावधि औसत वर्षा (LPA) का सबसे कम प्रतिशत जून माह में हुआ — लगभग 91%।
✍️ सही उत्तर है – जून
निम्नांकित में से जलवायु का प्रमुख तत्व कौनसा है ?
1. वायुमण्डलीय दाब
2. पवन
3. तापमान
4. बाढ़
निम्न में से सबसे उपयुक्त विकल्प चुनें:
कनिष्ठ अनुदेशक (इलेक्ट्रिशियन) 19.11.2024
👉 तापमान जलवायु का सबसे प्रमुख तत्व है, क्योंकि यह वर्षा, वायुदाब, आर्द्रता और पवनों की दिशा को प्रभावित करता है।
👉 राजस्थान की जलवायु में भी तापमान की चरम सीमाएँ (50° से. से 0° से. तक) स्पष्ट रूप से देखी जाती हैं।
👉 अन्य तत्व जैसे वायुदाब और पवन सहायक होते हैं, लेकिन मुख्य भूमिका तापमान की होती है।
कौन सी मानसूनी हवाएँ राजस्थान में वर्षा लाती हैं ? (निम्न में से सबसे उपयुक्त विकल्प चुनें)
[Driver Exam 23 Nov 2025]
🔹 व्याख्या
👉
राजस्थान
में वर्षा मुख्यतः
दक्षिण-पश्चिम
मानसून
से होती है।
👉
ये
हवाएँ दो शाखाओं
में आती हैं
– बंगाल
की खाड़ी
और अरब
सागर
शाखा।
👉
दोनों
शाखाएँ राज्य
के विभिन्न
भागों में वर्षा
कराती हैं।
✍️ सही उत्तर है – बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से
राजस्थान में निम्न में से कौन-सा क्षेत्र सर्वाधिक वर्षा प्राप्त करता है?
निम्नलिखित विकल्पों में से सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर चुनें:
[पशु परिचर (2nd Phase) 01.12.2024]
👉 दिए गए विकल्पों में राजसमंद ऐसा क्षेत्र है जहाँ वर्षा अन्य तीन जिलों की तुलना में अधिक होती है।
👉 राजसमंद जिले में वार्षिक वर्षा 60 से 80 से.मी. तक होती है, जो इसे उप-आर्द्र या आर्द्र जलवायु क्षेत्र में रखती है।
👉 जबकि चुरू, नागौर और बीकानेर जैसे जिले शुष्क या अर्द्ध-शुष्क जलवायु वाले हैं, जहाँ वर्षा 20 से 40 से.मी. या उससे भी कम होती है।
👉 अतः सर्वाधिक वर्षा वाला क्षेत्र है — राजसमंद।
राजस्थान के दक्षिण पूर्वी भाग में किस प्रकार की जलवायु पाई जाती है? (निम्न में से सबसे उपयुक्त विकल्प चुनें)
[JEN विद्युत डिप्लोमा 08.02.2025]
👉 राजस्थान का दक्षिण-पूर्वी भाग "अति आर्द्र / उष्णकटिबंधीय आर्द्र (Aw)" जलवायु वाला क्षेत्र है।
👉 यहाँ राज्य की सर्वाधिक वर्षा होती है।
👉 विशेष रूप से झालावाड़ और बांसवाड़ा जिलों में अधिक वर्षा दर्ज की जाती है।
👉 इस कारण यहाँ घनी व सघन वनस्पति पाई जाती है।
✍️ सही उत्तर है – सर्वाधिक आर्द्र
राजस्थान की औसत वर्षा है :
नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर चुनें :
[REET Mains L-2 Sci Math 18.01.26]
🔹 व्याख्या
👉
राजस्थान
भारत के शुष्क
राज्यों
में से एक माना
जाता है।
👉
यहाँ
वर्षा मुख्यतः
दक्षिण-पश्चिम
मानसून
से प्राप्त
होती है।
👉
राज्य
में वर्षा का
वितरण असमान
है और पश्चिमी
भाग में कम
वर्षा
होती है।
👉
राजस्थान
की औसत
वार्षिक वर्षा
लगभग 52.37
सेमी
मानी जाती है।
✍️ सही उत्तर है – 52.37 सेमी
राजस्थान में कोन सी जलवायु नहीं पाई जाती है ?
[पर्यवेक्षक परीक्षा 29.11.2015]
👉 राजस्थान की जलवायु में मुख्य रूप से शुष्क, अर्द्ध-शुष्क, उप-आर्द्र और आर्द्र प्रकार पाई जाती हैं।
👉 यहाँ की जलवायु मानसूनी प्रभाव वाली उपोष्ण कटिबंधीय जलवायु है।
👉 ध्रुवीय जलवायु (Polar Climate) केवल अत्यधिक उत्तरी/दक्षिणी अक्षांशों में पाई जाती है।
👉 अतः राजस्थान में ध्रुवीय जलवायु नहीं पाई जाती।
वायु का तापमान बढने पर निरपेक्ष आर्द्रता :
[JEN (कृषि) 12.07.2015]
👉 वायु का तापमान बढने पर निरपेक्ष आर्द्रता घटती है
👉 राजस्थान में ग्रीष्म ऋतु में तापमान 40° से 50° से. तक पहुँच जाता है, विशेषकर पश्चिमी जिलों में।
👉 चूरू, गंगानगर, बाड़मेर, बीकानेर में मई–जून माह में सर्वाधिक तापमान दर्ज किया गया है।
👉 वहीं शीत ऋतु में तापमान 6° से नीचे चला जाता है, और कुछ स्थानों पर 0° से. से भी कम हो जाता है।
👉 दैनिक तापान्तर मरुस्थलीय भागों में अधिक होता है, जैसे जैसलमेर।
डूंगरपुर, बांसवाड़ा और झालवाड़ जिले किस जलवायु प्रदेश में
[अन्वेषक परीक्षा 21.08.2016]
📌 महत्वपूर्ण सूचना: इस प्रश्न को बोर्ड द्वारा 'डिलीट' या अमान्य घोषित किया गया है।
निम्नलिखित में से कौन-सी परिघटना का जलवायु परिवर्तन से गहरा संबंध नहीं है ?
[Conductor Exam 06.11.2025]
🔹 व्याख्या
👉
जलवायु
परिवर्तन
का संबंध तापमान,
वर्षा,
वायुमंडलीय
गैसों आदि से
होता है।
👉
वैश्विक
तापन,
अम्लीय
वर्षा
और ओज़ोन
परत का क्षरण
मानवजनित
गतिविधियों
से जुड़ी
जलवायु/पर्यावरणीय
परिघटनाएँ
हैं।
👉
भूकंप
पृथ्वी की आंतरिक
भूगर्भीय हलचलों
से उत्पन्न
होते हैं।
👉
इसलिए
भूकंप का जलवायु
परिवर्तन से
सीधा
संबंध नहीं
है।
✍️ सही उत्तर है – भूकंप
नीचे
दो कथन दिए गए
हैं :
एक
अभिकथन A
(Assertion A) के
रूप में लिखित
है तो दूसरा
उसके कारण R
(Reason R) के
रूप में।
अभिकथन
A :
राजस्थान
में शरद् ऋतु
मध्य सितंबर
से लेकर मध्य
दिसंबर तक व्याप्त
रहती है।
कारण
R :
वर्षा
के पश्चात्
स्पष्ट/खुले
आसमान के कारण
इस ऋतु में तापमान
38°C तक
बढ़ जाता है।
उपरोक्त
कथनों के आलोक
में,
नीचे
दिए गए विकल्पों
में से सबसे
उपयुक्त उत्तर
का चयन कीजिए
:
[REET Mains ( L-1) 17.01.2026]
🔹 व्याख्या
👉
राजस्थान
में शरद
ऋतु सामान्यतः
मध्य
सितंबर से मध्य
दिसंबर
तक रहती है।
👉
इसलिए
अभिकथन
A
सही
माना जाता है।
👉
वर्षा
के बाद आसमान
साफ होने
से तापमान
बढ़ सकता
है।
👉
लेकिन
यह कारण अभिकथन
A
की
व्याख्या नहीं
करता।
✍️ सही उत्तर है – A और R दोनों सही हैं लेकिन R, A की सही व्याख्या नहीं है।
राजस्थान राज्य का अधिकांश भाग निम्न में से किस जलवायु क्षेत्र के अंतर्गत आता है?
निम्नलिखित विकल्पों में से सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर चुनें:
[पशु परिचर (6th Phase) 03.12.2024]
👉 राजस्थान राज्य का अधिकांश भाग शीतोष्ण जलवायु क्षेत्र में आता।
👉 राजस्थान की जलवायु मुख्यतः उपोष्ण कटिबंधीय (Subtropical) है।
👉 यहाँ की जलवायु में शुष्क, अर्द्ध-शुष्क, उप-आर्द्र और आर्द्र प्रकार की विविधता पाई जाती है।
निम्नलिखित में कौन-सा कथन राजस्थान की जलवायु के बारे में सही नहीं है ?
निम्नलिखित विकल्पों में से सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर चुनें:
[पशु परिचर (5th Phase) 03.12.2024]
👉 राजस्थान में अरावली पर्वतमाला का विस्तार दक्षिण-पश्चिम से उत्तर-पूर्व दिशा में है।
👉 जबकि दक्षिण-पश्चिम मानसूनी हवाओं की दिशा भी लगभग इसी के समानान्तर होती है।
👉 इस कारण ये हवाएँ अरावली से टकराने के बजाय साथ-साथ बह जाती हैं, जिससे पश्चिमी राजस्थान में कम वर्षा होती है।
👉 अतः कथन कि "अरावली श्रृंखला का विस्तार मानसूनी पवनों के लंबवत है" — गलत है।
निम्नलिखित में से कौन-सा एक राजस्थान में कम वर्षा होने का प्रमुख कारण है ? (निम्न में से सबसे उपयुक्त विकल्प चुनें)
[कनिष्ठ अनुदेशक (Drafts) 04.01.2025]
👉 राजस्थान में कम वर्षा का मुख्य कारण अरावली पर्वतमाला का मानसून की दिशा के समानांतर होना है।
👉 इसके कारण आर्द्र हवाएँ पर्वत से टकराने के बजाय समानांतर गुजर जाती हैं।
👉 परिणामस्वरूप पर्याप्त वर्षा नहीं हो पाती और राज्य में शुष्कता बनी रहती है।
✍️ सही उत्तर है – अरावली का मानसूनी दिशा के समांतर होना
राजस्थान की जलवायु के बारे में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सत्य है ?
निम्नलिखित विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर चुनें :
[JEN यांत्रिक डिग्री 10.02.2025]
👉 राजस्थान में वर्षा का वितरण समान नहीं है।
👉 पश्चिमी भाग में बहुत कम वर्षा होती है, जबकि दक्षिणी व दक्षिण-पूर्वी जिलों में अधिक वर्षा होती है।
👉 इसका कारण राज्य की शुष्क से उप-आर्द्र मानसूनी जलवायु और अरावली पर्वत श्रृंखला की स्थिति है।
✍️ सही उत्तर है – वर्षा वितरण समान नहीं है
रबी मौसम की 'मावठ' वर्षा निम्नलिखित में से किससे संबंधित है ?
[4th Grade (4th Phase) 20.09.2025]
👉 रबी मौसम की मावठ वर्षा मुख्यतः पश्चिमी विक्षोभ से संबंधित होती है।
👉 ये विक्षोभ भूमध्यसागर क्षेत्र से उत्पन्न अतिरिक्त-उष्णकटिबंधीय तूफान होते हैं।
👉 हिमालय से टकराने पर इनकी नमी वर्षा या बर्फबारी के रूप में गिरती है।
👉 राजस्थान में शीतकालीन वर्षा को स्थानीय रूप से मावठ कहा जाता है, जो रबी फसलों हेतु उपयोगी होती है।
✍️ सही उत्तर है – पश्चिमी विक्षोभ
राजस्थान में गर्मियों के दौरान चलने वाली गर्म, शुष्क और धूल भरी हवाओं के लिए निम्नलिखित में से किस शब्द का उपयोग किया जाता है? (निम्न में से सबसे उपयुक्त विकल्प चुनें)
[4th Grade 6th Phase) 21.09.2025]
👉 राजस्थान में गर्मियों के दौरान चलने वाली गर्म, शुष्क और धूल भरी हवाओं को लू कहा जाता है।
👉 ये हवाएँ दिन में तेज गर्मी के कारण बनती हैं और तापमान को अत्यधिक बढ़ा देती हैं।
👉 लू चलने के कारण गर्मी की तीव्रता बढ़ती है और हीटवेव जैसी स्थितियाँ उत्पन्न होती हैं।
👉 इसलिए इस प्रकार की गर्म हवाओं के लिए उचित शब्द लू ही है।
✍️ सही उत्तर है – लू
निम्नलिखित में से किस कारण से राजस्थान में कम वर्षा होती है ?
निम्नलिखित विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर चुनें :
[JEN (Diploma) 06.02.2025]
👉 राजस्थान में कम वर्षा का मुख्य कारण अरावली पर्वतमाला का अभिविन्यास है।
👉 यह पर्वतमाला मानसून की अरब सागर शाखा के समानांतर है।
👉 वहीं बंगाल की खाड़ी शाखा यहाँ पहुँचने तक अपनी नमी खो देती है।
👉 परिणामस्वरूप राजस्थान में वर्षा बहुत कम होती है।
✍️ सही उत्तर है – अरावली श्रृंखलाएँ मानसून हवाओं के समानांतर स्थिति में हैं ।
निम्नलिखित में से कौन सा कथन, राजस्थान के शरदीय मानसून के संदर्भ में सही नहीं है ?
[CET स्नातक 28.09.2024 तृतीय चरण]
👉 हिमालय के उत्तर में अत्यधिक विकसित उच्च दाब केंद्र शीत ऋतु में वर्षा को प्रभावित करता है।
👉 इस समय बहने वाली हवाएँ स्थलीय उत्पत्ति की होती हैं, इसलिए वे शुष्क रहती हैं।
👉 कुछ हवाएँ जब भूमध्यसागरीय चक्रवातों के संपर्क में आती हैं, तो ‘मावठ’ रूप में वर्षा कराती हैं।
निम्नलिखित में से कौन-सा जलवायु परिवर्तन का मुख्य कारण नहीं है ? (निम्न में से सबसे उपयुक्त विकल्प चुनें)
[NHM Physiotherapist 05.06.2025]
👉 महासागरीय धाराएँ जलवायु परिवर्तन का मुख्य कारण नहीं होतीं, वे केवल जलवायु को प्रभावित करती हैं।
👉 जलवायु परिवर्तन का मुख्य कारण मानवीय गतिविधियाँ हैं, जैसे जीवाश्म ईंधन जलाना, वनों की कटाई और पशुपालन।
👉 महासागरीय धाराएँ सूर्य, पवन और पृथ्वी के घूर्णन से संचालित होती हैं, इसलिए वे कारण नहीं बल्कि प्रतिक्रिया होती हैं।
👉 जलवायु परिवर्तन से बढ़ी गर्मी, बर्फ पिघलना और महासागरों का अम्लीकरण धाराओं को प्रभावित करते हैं।
✍️ सही उत्तर है – महासागर धाराएँ
राजस्थान में कौनसा क्षेत्र / अंचल उच्चतम वर्षा प्राप्त करता है? (निम्न में से सबसे उपयुक्त विकल्प चुनें)
[REET Mains (L-2) SST 18.01.2026]
🔹 व्याख्या
👉
राजस्थान
में सर्वाधिक
वर्षा दक्षिण-पश्चिमी
अंचल में
होती है।
👉
यहाँ
अरावली
पर्वत
के कारण वर्षा
की मात्रा अधिक
रहती है।
👉
इस
क्षेत्र में
स्थित माउंट
आबू राज्य
का प्रमुख वर्षा
स्थल है।
👉
इसलिए
यह राजस्थान
का उच्चतम
वर्षा
प्राप्त करने
वाला क्षेत्र
माना जाता है।
✍️ सही उत्तर है – माउंट आबू
BWhw से अभिप्राप है
[पर्यवेक्षक परीक्षा 29.11.2015]
👉 BWhw कोपेन के जलवायु वर्गीकरण में शुष्क उष्णकटिबंधीय मरुस्थलीय जलवायु को दर्शाता है।
👉 यह जलवायु जैसलमेर, बीकानेर, गंगानगर, चूरू जैसे अतिशुष्क जिलों में पाई जाती है।
👉 इस क्षेत्र में वर्षा 10–30 से.मी., तापमान अत्यधिक और आर्द्रता न्यूनतम होती है।
👉 यह प्रदेश राजस्थान के मरुस्थलीय पश्चिमी भाग को निरूपित करता है।
निम्नलिखित में से कौन सा युग्म सही सुमेलित नहीं है?
[JEN सिविल डिग्री 22.02.2025]
👉 ग्रीष्म ऋतु मई–जून में होती है।
👉 इसमें ज्येष्ठ और आषाढ़ महीने आते हैं।
👉 जबकि श्रावण मास वर्षा ऋतु से संबंधित है।
👉 इसलिए ग्रीष्म ऋतु को श्रावण–बैसाख से जोड़ना गलत है।
✍️ सही उत्तर है – ग्रीष्म ऋतु: श्रावण - बैसाख
राजस्थान में पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन निदेशालय वर्ष _______ में स्थापित किया गया है।
[कनिष्ठ अनुदेशक (MNV) 07.01.2025]
👉 राजस्थान में पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन निदेशालय (Directorate of Environment and Climate Change) की स्थापना वर्ष 2019 में की गई थी。इससे पहले 1983 में केवल पर्यावरण निदेशालय अस्तित्व में था,जिसे जलवायु परिवर्तन के बढ़ते वैश्विक मुद्दों को ध्यान में रखते हुए 2019 में पुनर्गठित किया गया。स्थापना से जुड़े मुख्य तथ्य:गठन: 2019 (राज्य सरकार द्वारा अधिसूचना सितंबर 2019 में जारी की गई)।उद्देश्य: पर्यावरण संरक्षण, जैव विविधता का बचाव और राज्य में जलवायु परिवर्तन से जुड़ी चुनौतियों और नीतियों का प्रभावी क्रियान्वयन。प्रथम निदेशक: आईएफएस (IFS) मोनाली सेन。
अलवर व भरतपुर की जलवायु है -
कनिष्ठ अनुदेशक (रेफ्रिजरेशन) 18.11.2024
👉 अलवर व भरतपुर की जलवायु आर्द्र जलवायु प्रदेश के अंतर्गत आती है।
👉 इन जिलों में वार्षिक वर्षा 60 से 80 से.मी. होती है और ग्रीष्मकालीन तापमान लगभग 30° से 34° से. रहता है।
👉 यह क्षेत्र पूर्वी राजस्थान में स्थित है जहाँ मानसून अधिक सक्रिय रहता है।
कोपेन ने जलवायु प्रदेश के वर्गीकरण का आधार माना है ?
[पर्यवेक्षक परीक्षा 29.11.2015]
👉 कोपेन ने जलवायु प्रदेशों के वर्गीकरण का मुख्य आधार प्राकृतिक वनस्पति को माना।
👉 साथ ही उन्होंने तापमान और वर्षा को सहायक मानदंड के रूप में उपयोग किया।
👉 कोपेन ने विभिन्न जलवायु प्रकारों को संकेताक्षरों के माध्यम से दर्शाया।
शीत ऋतु में राजस्थान के कुछ भागों में भूमध्यसागरीय चक्रवातों से होने वाली वर्षा क्या कहलाती है?
निम्नलिखित विकल्पों में से सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर चुनें:
[पशु परिचर (1st Phase) 01.12.2024]
👉 राजस्थान में शीत ऋतु के दौरान भूमध्यसागरीय चक्रवातों से होने वाली वर्षा को 'मावठ' कहा जाता है।
👉 यह वर्षा विशेषकर दिसम्बर से फरवरी के बीच होती है और पश्चिमी विक्षोभों से संबंधित होती है।
👉 मावठ वर्षा गेहूँ जैसी रबी फसलों के लिए अत्यंत लाभकारी मानी जाती है।
👉 यह राजस्थान की स्थानीय शीतकालीन जलवायु विशेषता है।
शीत ऋतु में राजस्थान में होने वाली वर्षा को कहा जाता है:
निम्नलिखित विकल्पों में से सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर चुनें:
[पशु परिचर (4th Phase) 02.12.2024]
👉 राजस्थान में शीत ऋतु में होने वाली वर्षा को स्थानीय भाषा में 'मावठ' कहा जाता है।
👉 यह वर्षा दिसम्बर से फरवरी के बीच होती है और इसका कारण भूमध्य सागर से उत्पन्न पश्चिमी विक्षोभ होते हैं।
👉 मावठ वर्षा विशेष रूप से गेहूँ जैसी रबी फसलों के लिए लाभकारी होती है।
👉 यह राजस्थान की प्रमुख शीतकालीन जलवायु विशेषता है।
वर्षा को जलवायु प्रदेशों के वर्गीकरण का आधार माना है ? [*]
[पर्यवेक्षक परीक्षा 29.11.2015]
👉 थार्नवेट एवं ट्रिवार्थी ने जलवायु प्रदेशों के वर्गीकरण में मुख्य रूप से वर्षा को आधार माना।
👉 थार्नवेट के अनुसार जलवायु प्रकारों को CA’w, DA’w, EA’d जैसे कोड से दर्शाया गया।
👉 राजस्थान के विभिन्न भागों को उन्होंने वर्षा आधारित जलवायु प्रदेशों में बाँटा।
बाड़मेर जिला राजस्थान के किस कृषि-जलवायु प्रदेश (क्षेत्र) के अन्तर्गत आता है ?
कनिष्ठ अनुदेशक (इलेक्ट्रिशियन) 19.11.2024
👉 राजस्थान को कुल 10 कृषि-जलवायु क्षेत्रों (Agro-Climatic Zones) में विभाजित किया गया है。10 कृषि-जलवायु क्षेत्रों के नाम और प्रमुख जिले:(1)शुष्क पश्चिमी मैदानी क्षेत्र (I-A): जोधपुर, बाड़मेर。(2)उत्तरी-पश्चिमी सिंचित मैदानी क्षेत्र (I-B): श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़。(3)अति शुष्क आंशिक सिंचित पश्चिमी मैदानी क्षेत्र (I-C): जैसलमेर, बीकानेर, चूरू。(4)अन्तः स्थलीय जलोत्सरण के अन्तर्वर्ती मैदानी क्षेत्र (II-A): नागौर, सीकर, झुंझुनू, चूरू (आंशिक)。(5)लूनी नदी का अन्तर्वर्ती मैदानी क्षेत्र (II-B): जालौर, पाली, सिरोही。(6)अर्ध-शुष्क पूर्वी मैदानी क्षेत्र (III-A): जयपुर, दौसा, अजमेर, टोंक。(7)बाढ़ संभावित पूर्वी मैदानी क्षेत्र (III-B): अलवर, भरतपुर, धौलपुर, करौली, सवाई माधोपुर。(8)अर्ध-आर्द्र दक्षिणी मैदानी और अरावली क्षेत्र (IV-A): भीलवाड़ा, राजसमंद, चित्तौड़गढ़, उदयपुर。(9)आर्द्र दक्षिणी मैदानी क्षेत्र (IV-B): डूंगरपुर, बांसवाड़ा, प्रतापगढ़。(10)आर्द्र दक्षिणी-पूर्वी पठारी क्षेत्र (V): कोटा, बूंदी, बारां, झालावाड़।
कौन-से ज़िले में उच्च आर्द्र जलवायु नहीं है ? (निम्न में से सबसे उपयुक्त विकल्प चुनें)
[कनिष्ठ अनुदेशक (ड्राइंग) 20.11.2024]
👉 उच्च आर्द्र जलवायु वाले जिले हैं — कोटा, डूंगरपुर और चित्तौड़गढ़ का दक्षिणी भाग, जहाँ वर्षा 80 से.मी. से अधिक होती है।
👉 जबकि बूंदी में वर्षा की मात्रा अपेक्षाकृत कम (60–80 से.मी.) होती है, अतः यह आर्द्र जलवायु में आता है, लेकिन उच्च आर्द्र नहीं।
👉 इसलिए बूंदी उच्च आर्द्र जलवायु वाला जिला नहीं है।
राजस्थान राज्य को_______________जलवायु कृषि-प्रदेशों में विभक्त किया गया है।
कनिष्ठ अनुदेशक (मैके. डीजल) 16.11.2024
👉 राजस्थान को कुल 10 कृषि-जलवायु क्षेत्रों (Agro-Climatic Zones) में विभाजित किया गया है。10 कृषि-जलवायु क्षेत्रों के नाम और प्रमुख जिले:(1)शुष्क पश्चिमी मैदानी क्षेत्र (I-A): जोधपुर, बाड़मेर。(2)उत्तरी-पश्चिमी सिंचित मैदानी क्षेत्र (I-B): श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़。(3)अति शुष्क आंशिक सिंचित पश्चिमी मैदानी क्षेत्र (I-C): जैसलमेर, बीकानेर, चूरू。(4)अन्तः स्थलीय जलोत्सरण के अन्तर्वर्ती मैदानी क्षेत्र (II-A): नागौर, सीकर, झुंझुनू, चूरू (आंशिक)。(5)लूनी नदी का अन्तर्वर्ती मैदानी क्षेत्र (II-B): जालौर, पाली, सिरोही。(6)अर्ध-शुष्क पूर्वी मैदानी क्षेत्र (III-A): जयपुर, दौसा, अजमेर, टोंक。(7)बाढ़ संभावित पूर्वी मैदानी क्षेत्र (III-B): अलवर, भरतपुर, धौलपुर, करौली, सवाई माधोपुर。(8)अर्ध-आर्द्र दक्षिणी मैदानी और अरावली क्षेत्र (IV-A): भीलवाड़ा, राजसमंद, चित्तौड़गढ़, उदयपुर。(9)आर्द्र दक्षिणी मैदानी क्षेत्र (IV-B): डूंगरपुर, बांसवाड़ा, प्रतापगढ़。(10)आर्द्र दक्षिणी-पूर्वी पठारी क्षेत्र (V): कोटा, बूंदी, बारां, झालावाड़।
राजस्थान की जलवायु को निम्नलिखित में से कौन-सा कारक प्रभावित नहीं करता है ?
[4th Grade (3rd Phase) 20.09.2025]
👉 राजस्थान की जलवायु पर भौगोलिक स्थिति, वर्षा, तापमान जैसे प्राकृतिक कारक प्रभाव डालते हैं।
👉 जलवायु निर्धारण में पवन प्रवाह, ऊँचाई, तथा मरुस्थलीय विस्तार की भूमिका होती है।
👉 किसी भी क्षेत्र की जलवायु पर मानवीय बोली या भाषा का कोई प्रभाव नहीं होता।
👉 इसलिए राज्य में बोली जाने वाली बोलियाँ जलवायु को प्रभावित नहीं करतीं।
✍️ सही उत्तर है – राज्य में बोली जाने वाली बोलियाँ
मानचित्र में छायांकित क्षेत्र प्रदर्शित करता है :

[संकलनकर्ता परीक्षा 21.08.2016]
👉 मानचित्र में दर्शाया गया छायांकित क्षेत्र दक्षिणी राजस्थान का है।
👉 इसमें कोटा, झालावाड़, बारां, बांसवाड़ा, सिरोही, उदयपुर (दक्षिण-पश्चिमी भाग) और माउंट आबू शामिल हैं।
👉 यहाँ औसत वर्षा 80–150 सेमी होती है तथा माउंट आबू सबसे अधिक वर्षा वाला स्थान है।
👉 यहाँ पर वर्षा 80 सेमी से अधिक होती है।
✍️ सही उत्तर है – 80 सेमी से अधिक वर्षा वाला क्षेत्र
राजस्थान के कौन-से भाग में अधिकतम वर्षा प्राप्त होती है?
निम्नलिखित विकल्पों में से सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर चुनें:
[पशु परिचर (1st Phase) 01.12.2024]
👉 राजस्थान में अधिकतम वर्षा राज्य के दक्षिणी भाग में होती है।
👉 विशेषकर माउंट आबू, सिरोही, डूंगरपुर, बाँसवाड़ा और झालावाड़ जिलों में वर्षा 80 से.मी. से अधिक होती है।
👉 इस क्षेत्र में मानसून सबसे अधिक सक्रिय रहता है, और यहाँ की जलवायु अति-आर्द्र मानी जाती है।
👉 अतः दक्षिणी राजस्थान सर्वाधिक वर्षा प्राप्त करने वाला क्षेत्र है।
राजस्थान में अधिकांश वर्षा _______ से होती है।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर चुनें :
[JEN विद्युत डिग्री 07.02.2025]
👉 राजस्थान में वर्षा का प्रमुख स्रोत दक्षिण-पश्चिम मानसून है।
👉 यह मानसून अरब सागर शाखा से आता है।
👉 भारत के दक्षिण-पश्चिमी भाग से होकर गुजरते हुए यह राज्य में वर्षा कराता है।
✍️ सही उत्तर है – दक्षिण-पश्चिम मानसून
राजस्थान के निम्न में से किस जिले में जून माह में 50° सेल्सियस या अधिक तापमान दर्ज किया जा सकता है ? (निम्न में से सबसे उपयुक्त विकल्प चुनें)
[कनिष्ठ अनुदेशक (कार्यशाला) 19.11.2024]
👉 राजस्थान में मई–जून माह में तापमान कई बार 50° सेल्सियस या उससे अधिक दर्ज किया गया है।
👉 विशेषकर चूरू, गंगानगर, बाड़मेर, फलोदी जैसे जिले अत्यधिक गर्म होते हैं।
👉 इन जिलों में मरुस्थलीय प्रभाव के कारण गर्मियों में तापमान अत्यधिक ऊँचाई तक पहुँचता है।
असंगत युग्म को छाँटिए :
[कनिष्ठ अनुदेशक (फिटर) 20.11.2024]
कृषि जलवायु प्रदेश जिले
👉 शुष्क पश्चिमी मैदानी क्षेत्र में बाड़मेर और जोधपुर जैसे जिले आते हैं, जहाँ BWhw (उष्ण मरुस्थलीय जलवायु) पाई जाती है।
👉 अर्द्ध शुष्क पूर्वी मैदानी क्षेत्र में जयपुर और अजमेर, जहाँ Cwg या BShw जलवायु मिलती है।
👉 आर्द्र दक्षिणी मैदानी क्षेत्र में डूंगरपुर और बाँसवाड़ा, जहाँ Aw (उष्ण कटिबंधीय आर्द्र जलवायु) पाई जाती है।
कोपेन के राजस्थान के जलवायवीय क्षेत्रों के वर्गीकरण के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार करें :
(a) डूंगरपुर और बांसवाड़ा जिलों के भागों में Aw जलवायु पाई जाती है।
(b) जोधपुर और जैसलमेर में Bwhw जलवायु पाई जाती है।
(c) गंगानगर और हनुमानगढ़ में DBw जलवायु पाई जाती है।
(d) अलवर और भरतपुर में EA'd जलवायु पाई जाती है।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर चुनें :
[REET Mains L-2 Sci Math 18.01.26]
🔹 व्याख्या
👉
डूंगरपुर
और बांसवाड़ा
क्षेत्र में
कोपेन के अनुसार
Aw
जलवायु
पाई जाती है।
👉
जोधपुर
और जैसलमेर
में शुष्क
मरुस्थलीय
Bwhw
जलवायु
पाई जाती है।
👉
गंगानगर
और हनुमानगढ़
क्षेत्र में
DBw
प्रकार
की जलवायु मानी
जाती है।
👉
जबकि
अलवर
और भरतपुर
के लिए EA'd
जलवायु
का कथन सही नहीं
है।
✍️ सही उत्तर है – केवल (a), (b) और (c)
कोपेन के जलवायु वर्गीकरण के अनुसार राजस्थान के निम्नलिखित जिलों में से कौन-सा जिला, पूर्णत: Bwh जलवायु प्रकार की श्रेणी में आता है ?
[कनिष्ठ अनुदेशक (कोस्मेटो) 08.01.2025]
👉 कोपेन के जलवायु वर्गीकरण के अनुसार BWh जलवायु का तात्पर्य है — उष्ण शुष्क मरुस्थलीय जलवायु।
👉 यह जलवायु अत्यल्प वर्षा (10–20 से.मी.), अत्यधिक तापमान और अत्यधिक शुष्कता वाली होती है।
👉 जैसलमेर जिला पूर्णतः इसी जलवायु श्रेणी BWhw में आता है और यह राजस्थान का सबसे शुष्क जिला है।
👉 अतः जैसलमेर ही वह जिला है जो पूरी तरह BWh जलवायु में आता है।
कोप्पेन के जलवायु वर्गीकरण के अनुसार जलवायुवीय क्षेत्र का Bshw प्रकार राजस्थान के किन जिलों में पाया जाता है ? (निम्न में से सबसे उपयुक्त विकल्प चुनें)
[Platoon Commander 22.11.2025]
🔹 व्याख्या
👉
कोप्पेन
के जलवायु वर्गीकरण
में Bshw
अर्ध-शुष्क
(Steppe)
जलवायु
को दर्शाता
है।
👉
यह
जलवायु कम वर्षा
एवं उच्च तापमान
वाले क्षेत्रों
में पाई जाती
है।
👉
राजस्थान
में यह प्रकार
मुख्यतः बाड़मेर,
जालौर
और जोधपुर
जिलों में मिलता
है।
✍️ सही उत्तर है – बाड़मेर, जालौर और जोधपुर
राजस्थान में ग्रीष्म ऋतु में गर्म, शुष्क और धूल भरी पवन चलने लगती हैं जिन्हें _________ कहा जाता है।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर चुनें:
[पशु परिचर (3rd Phase) 02.12.2024]
👉 राजस्थान में ग्रीष्म ऋतु के दौरान चलने वाली गर्म, शुष्क और धूल भरी हवाओं को 'लू' कहा जाता है।
👉 यह हवाएँ विशेषकर मई–जून माह में पश्चिमी मरुस्थलीय और अर्द्ध-शुष्क क्षेत्रों में प्रचलित होती हैं।
👉 लू के कारण तापमान अत्यधिक (45°–50° से.) तक पहुँच जाता है और वातावरण बेहद शुष्क हो जाता है।
👉 अतः इन्हें ही ‘लू’ कहा जाता है।
दिसंबर-जनवरी में पश्चिम से आने वाले शीतोष्ण चक्रवातों से राजस्थान में दो या तीन बार हल्की वर्षा होती है, इसे कहा जाता है :
[Jamadar Grade II 27.12.2025]
🔹 व्याख्या
👉
शीतकाल
(दिसंबर–जनवरी)
में
पश्चिमी विक्षोभ
से राजस्थान
में हल्की वर्षा
होती है।
👉
यह
वर्षा मुख्यतः
रबी फसलों
के लिए लाभकारी
होती है।
👉
स्थानीय
भाषा में इस
शीतकालीन वर्षा
को “मावठ”
कहा जाता है।
✍️ सही उत्तर है – मावठ
राजस्थान में ग्रीष्म ऋतु रहती है (निम्न में से सबसे उपयुक्त विकल्प चुनें)
[कनिष्ठ अनुदेशक (STE) 05.01.2025]
👉 राजस्थान में ग्रीष्म ऋतु का समय मार्च से मध्य जून तक रहता है।
👉 इस अवधि में सूर्य के उत्तरायण होने से तापमान तेजी से बढ़ता है और अधिकतम तापमान 50° से. तक पहुँच सकता है।
👉 इस ऋतु में विशेषकर पश्चिमी राजस्थान में लू और धूल भरी आँधियाँ चलती हैं।
👉 यह राज्य की सबसे गर्म जलवायु अवधि मानी जाती है।
राजस्थान में दक्षिण-पश्चिमी मानसून ऋतु की अवधि रहती है (निम्न में से सबसे उपयुक्त विकल्प चुनें)
[कनिष्ठ अनुदेशक (कंप्यूटर) 10.01.2025]
👉 राजस्थान में दक्षिण-पश्चिमी मानसून ऋतु की अवधि सामान्यतः जून से सितम्बर तक रहती है।
👉 इसी समय राज्य में लगभग 90% वार्षिक वर्षा होती है।
👉 यह मानसून अरब सागर और बंगाल की खाड़ी की हवाओं के रूप में राज्य में प्रवेश करता है।
👉 मानसून का प्रभाव विशेषकर दक्षिणी, दक्षिण-पूर्वी और पूर्वी जिलों में अधिक होता है।
निम्नलिखित कारकों में से कौनसे राजस्थान की जलवायु परिस्थितियों के लिए जिम्मेदार हैं ? (निम्न में से सबसे उपयुक्त उत्तर चुनें)
1. भौगोलिक अवस्थिति
2. समुद्र से दूरी
3. उच्चावच लक्षण
4. वायुमण्डलीय संचरण
कनिष्ठ अनुदेशक (रेफ्रिजरेशन) 18.11.2024
👉 राजस्थान की जलवायु परिस्थितियों के लिए निम्न सभी कारक जिम्मेदार हैं:
1. भौगोलिक अवस्थिति – राज्य की स्थिति 23°3' से 30°11'N के बीच है, जिससे यह उपोष्ण कटिबंध में आता है।
2. समुद्र से दूरी – राजस्थान समुद्र से बहुत दूर है, जिससे यह महाद्वीपीय जलवायु वाला राज्य बनता है।
3. उच्चावच लक्षण – अरावली पर्वतमाला और भूमि की ऊँचाई जलवायु को प्रभावित करती है।
4. वायुमण्डलीय संचरण – मानसूनी हवाएँ और पश्चिमी विक्षोभ जलवायु में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
राजस्थान में सबसे अधिक वर्षा वाला क्षेत्र निम्न में से कौन सा है ?
निम्नलिखित विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर चुनें:
[JEN (Mech. Diploma) 10.02.2025]
👉 राजस्थान में सबसे अधिक वर्षा माउंट आबू (सिरोही जिला) में होती है।
👉 लेकिन अगर दिए गए विकल्पों में से चुनना हो और उसमें राजसमंद शामिल है,
👉 तो उसी को उपयुक्त उत्तर माना जाएगा।
✍️ सही उत्तर है – राजसमंद
'मावठ' एक प्रकार की _______है।
[कनिष्ठ अनुदेशक (कोस्मेटो) 08.01.2025]
👉 'मावठ' राजस्थान में होने वाली एक प्रकार की शीतकालीन वर्षा है।
👉 यह वर्षा भूमध्यसागरीय चक्रवातों से उत्पन्न पश्चिमी विक्षोभों के कारण होती है।
👉 मावठ विशेष रूप से दिसम्बर से फरवरी के बीच होती है और रबी फसलों के लिए लाभकारी मानी जाती है।
👉 यह राजस्थान की स्थानीय जलवायु शब्दावली का हिस्सा है।
राजस्थान में सर्वाधिक वर्षा _________ मानसून से प्राप्त होती है।
निम्नलिखित विकल्पों में से सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर चुनें:
[पशु परिचर (4th Phase) 02.12.2024]
👉 राजस्थान में सर्वाधिक वर्षा दक्षिण-पश्चिम मानसून से प्राप्त होती है।
👉 यह मानसून जून के अंत से सितम्बर तक सक्रिय रहता है और राज्य में कुल वर्षा का लगभग 90% कराता है।
👉 यह हवाएँ अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से आकर राज्य के दक्षिण, दक्षिण-पूर्वी और पूर्वी भागों में अधिक वर्षा कराती हैं।
👉 अतः प्रमुख स्रोत है — दक्षिण-पश्चिम मानसून।
राजस्थान में ग्रीष्म ऋतु में चलने वाली शुष्क गर्म एवं धूल भरी हवाएँ कहलाती हैं:
निम्नलिखित विकल्पों में से सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर चुनें:
[पशु परिचर (1st Phase) 01.12.2024]
👉 राजस्थान में ग्रीष्म ऋतु के दौरान चलने वाली शुष्क, गर्म एवं धूल भरी हवाओं को 'लू' कहा जाता है।
👉 ये हवाएँ विशेषकर मई और जून माह में पश्चिमी मरुस्थलीय क्षेत्रों में चलती हैं।
👉 लू के कारण तापमान 45° से 50° सेल्सियस तक पहुँच जाता है और वातावरण अत्यधिक शुष्क हो जाता है।
“जलवायु परिवर्तन" के लिए निम्नलिखित में से, किसको कारण माना जाता है ? (निम्नलिखित विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर चुनें)
[4th Grade (4th Phase) 20.09.2025]
👉 चरम मौसमी घटनाएँ जलवायु परिवर्तन का परिणाम मानी जाती हैं, न कि कारण।
👉 जलवायु परिवर्तन का कारण मुख्यतः मानवीय गतिविधियाँ होती हैं, जो ग्रीनहाउस गैसों को बढ़ाती हैं।
👉 चरम घटनाएँ जैसे हीटवेव, बाढ़, सूखा आदि जलवायु परिवर्तन के बढ़ते प्रभावों को दर्शाती हैं।
✍️ सही उत्तर है – चरम मौसमी घटनाएँ
निम्नलिखित में से कौन सी राजस्थान की जलवायु की मुख्य विशेषता नहीं है ?
नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर चुनें।
[JEN (Civil Diploma) 11.02.2025]
👉 राजस्थान की जलवायु को नियंत्रित करने में वर्षा का समान वितरण उत्तरदायी नहीं है।
👉 राज्य की जलवायु केवल वर्षा की एकरूपता या परिवर्तनशीलता से निर्धारित नहीं होती।
👉 यहाँ अन्य भौगोलिक व जलवायवी कारक भी प्रभाव डालते हैं।
✍️ सही उत्तर है – वर्षा का एकसमान वितरण
राजस्थान में “जलवायु परिवर्तन एवं स्वच्छ विकास तंत्र (सी डी एम) प्रकोष्ठ” की स्थापना किस विभाग के तहत की गई ?
[4th Grade 6th Phase) 21.09.2025]
👉 राजस्थान में जलवायु परिवर्तन एवं स्वच्छ विकास तंत्र (CDM) प्रकोष्ठ की स्थापना राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के तहत की गई है।
👉 यह प्रकोष्ठ राज्य में जलवायु परिवर्तन से जुड़े मुद्दों के समन्वय हेतु नोडल एजेंसी के रूप में कार्य करता है।
👉 इस प्रकोष्ठ का गठन अप्रैल 2010 में किया गया था।
👉 यह प्रकोष्ठ प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अंतर्गत एक महत्वपूर्ण इकाई के रूप में कार्यरत है।
👉 इसका उद्देश्य जलवायु परिवर्तन से संबंधित गतिविधियों का समन्वय एवं प्रबंधन करना है।
✍️ सही उत्तर है – राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड
राजस्थान का बीकानेर जिला कौन से कृषि जलवायु प्रदेश में आता है ?
[कनिष्ठ अनुदेशक (टर्नर) 09.01.2025]
👉 राजस्थान को मुख्य रूप से 10 कृषि-जलवायु क्षेत्रों (Agro-Climatic Zones) में विभाजित किया गया है。ये 10 क्षेत्र इस प्रकार हैं:(1)शुष्क पश्चिमी मैदानी क्षेत्र (I-A): जोधपुर, बाड़मेर, जैसलमेर।(2)उत्तरी-पश्चिमी सिंचित मैदानी क्षेत्र (I-B): श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़।(3)अति शुष्क आंशिक सिंचित पश्चिमी मैदानी क्षेत्र (I-C): बीकानेर, चूरू, जैसलमेर।(4)अन्तः स्थलीय जलोत्सरण के अन्तर्वर्ती मैदानी क्षेत्र (II-A): नागौर, सीकर, झुंझुनू, चूरू।(5)लूनी नदी का अन्तर्वर्ती मैदानी क्षेत्र (II-B): जालोर, पाली, सिरोही, जोधपुर।(6)अर्ध-शुष्क पूर्वी मैदानी क्षेत्र (III-A): जयपुर, दौसा, अजमेर, टोंक(7)बाढ़ संभावित पूर्वी मैदानी क्षेत्र (III-B): अलवर, भरतपुर, धौलपुर, करौली, सवाई माधोपुर।( 8)अर्ध-आर्द्र दक्षिणी मैदानी और अरावली क्षेत्र (IV-A): उदयपुर, भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़, राजसमंद।(9)आर्द्र दक्षिणी मैदानी क्षेत्र (IV-B): डूंगरपुर, बांसवाड़ा, प्रतापगढ़। (10)आर्द्र दक्षिणी-पूर्वी मैदानी क्षेत्र (V): कोटा, बूंदी, बारां, झालावाड़।(नोट: इन 10 क्षेत्रों में से क्षेत्रफल की दृष्टि से सबसे बड़ा क्षेत्र I-C (अति शुष्क आंशिक सिंचित पश्चिमी मैदानी) और सबसे छोटा क्षेत्र IV-B (आर्द्र दक्षिणी मैदानी) है)
राजस्थान में, जैसलमेर जिले का अधिकांश भाग किस प्रकार के जलवायु क्षेत्र में आता है ?
[4th Grade (2nd Phase) 19.09.2025]
👉 जैसलमेर जिला शुष्क मरुस्थलीय जलवायु क्षेत्र में आता है, जहाँ वर्षभर शुष्कता बनी रहती है।
👉 यहाँ औसत वार्षिक वर्षा 20 सेमी से कम होती है, इसलिए यह अत्यंत शुष्क क्षेत्र माना जाता है।
👉 गर्मियों में तापमान सामान्यतः 34°C से अधिक रहता है, जबकि सर्दियाँ 12°C–16°C के बीच रहती हैं।
👉 थार मरुस्थल का भाग होने के कारण क्षेत्र में रेत के टीले तथा बहुत कम वनस्पति पाई जाती है।
✍️ सही उत्तर है – शुष्क क्षेत्र
राजस्थान का कौनसा जिला आर्द्र जलवायु क्षेत्र में नहीं आता है ?
[REET Mains L-2 Eng) 19.01.2026]
🔹 व्याख्या
👉
आर्द्र
जलवायु
वाले जिले पूर्वी
और दक्षिण-पूर्वी
राजस्थान
में पाए जाते
हैं।
👉
जोधपुर
जिला
मुख्यतः शुष्क
व अर्ध-शुष्क
क्षेत्र
में आता है।
👉
इसलिए
यह आर्द्र
जलवायु क्षेत्र
में शामिल नहीं
है।
✍️ सही उत्तर है – जोधपुर
नीचे दो कथन दिए गए हैं :
कथन (I) : बंगाल की खाड़ी और अरब सागर के मानसून से राजस्थान में वर्षा होती है।
कथन (II) : बंगाल की खाड़ी का मानसून राजस्थान में बिना अधिक वर्षा किए गुजरता है, क्योंकि इसके गुजरने के मार्ग में किसी प्रकार का व्यवधान नहीं है।
उपरोक्त कथनों के आलोक में, नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर चुनें।
[CET (स्नातक) 28.09.2024 चतुर्थ चरण]
👉 राजस्थान में बंगाल की खाड़ी का मानसून पूर्व दिशा से प्रवेश करता है और यह राज्य में सबसे अधिक वर्षा का कारण बनता है।
👉 यह मानसून बिना अधिक वर्षा किए गुजरता है।
👉 अरब सागर मानसून अरावली के समानांतर बहने के कारण कम वर्षा लाता है।
राजस्थान में शीतकालीन वर्षा होती है
[JEN (Civil Diploma) 21.08.2016]
👉 राजस्थान में शीतकालीन वर्षा मुख्यतः भूमध्यसागरीय चक्रवातों से होती है।
👉 ये चक्रवात पश्चिमी विक्षोभों के रूप में पाकिस्तान के मार्ग से राज्य में प्रवेश करते हैं।
👉 यह वर्षा दिसम्बर से फरवरी के बीच होती है और इसे 'मावठ' कहा जाता है।
👉 मावठ वर्षा रबी फसलों के लिए अत्यंत लाभकारी होती है।
राजस्थान के निम्नलिखित में से किस जिले में ऊष्णकटिबंधीय स्टेपी, अर्धशुष्क, ऊष्ण जलवायु पाई जाती है ?
[कनिष्ठ अनुदेशक (इलेक्ट्रिक) 10.01.2025]
👉 कोपेन वर्गीकरण के अनुसार झुंझुनू जिले में BShw (ऊष्णकटिबंधीय स्टेपी, अर्द्ध-शुष्क, ऊष्ण जलवायु) पाई जाती है।
👉 इस जलवायु में 20 से 40 से.मी. वर्षा, उष्ण तापमान और शुष्कता प्रमुख विशेषताएँ होती हैं।
👉 झुंझुनू, सीकर, नागौर, पाली जैसे जिले इसी जलवायु क्षेत्र में आते हैं।
👉 यह क्षेत्र अरावली के पश्चिमी भाग में स्थित है।
तापमान और वर्षा के आधार पर आर्द्र जलवायु क्षेत्र निम्नलिखित जिलों में से कौन-से हैं ?
[कनिष्ठ अनुदेशक (सुईंग) 09.01.2025]
👉 आर्द्र जलवायु क्षेत्र में वे जिले आते हैं जहाँ वर्षा 60 से 80 से.मी. के बीच होती है और ग्रीष्मकालीन तापमान 30° से 34° से. तक होता है।
👉 अलवर, भरतपुर और धौलपुर — तीनों जिले पूर्वी राजस्थान में स्थित हैं और इस मानदंड को पूर्ण करते हैं।
👉 अतः ये सभी जिले आर्द्र जलवायु प्रदेश के अंतर्गत आते हैं।
राजस्थान में बहने वाली गर्म (उष्ण) पवन निम्नलिखित में से कौन-सी है ?
निम्नलिखित विकल्पों में से सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर चुनें:
[पशु परिचर (5th Phase) 03.12.2024]
👉 राजस्थान में ग्रीष्म ऋतु के दौरान चलने वाली गर्म (उष्ण) पवन को 'लू' कहा जाता है।
👉 यह पवन मई और जून माह में चलती है और विशेषकर पश्चिमी मरुस्थलीय क्षेत्रों में प्रचंड रूप से महसूस होती है।
👉 लू के कारण तापमान कई बार 50° सेल्सियस तक पहुँच जाता है और वातावरण अत्यधिक शुष्क हो जाता है।
👉 अतः 'लू' ही राजस्थान में गर्म पवन का सबसे उपयुक्त उत्तर है।
नीचे दो कथन दिए गए हैं : एक अभिकथन (Assertion) A के रूप में लिखित है तो दूसरा उसके कारण (Reason) R के रूप में।
अभिकथन A : तापमान, दाब, हवा, वर्षा आदि जलवायु के तत्व हैं।
कारण R : किसी प्रदत्त क्षेत्र की दीर्घावधि औसत मौसमी दशाओं को उस क्षेत्र की जलवायु के रूप में जाना जाता है।
उपरोक्त कथनों के आलोक में, नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर का चयन कीजिए :
[REET Mains L-2 Hindi 19.01.2026]
🔹 व्याख्या
👉 तापमान, दाब और वर्षा जैसे कारक ही मिलकर जलवायु का निर्माण करते हैं।
👉 जलवायु का अर्थ किसी स्थान की दीर्घावधि मौसमी दशाओं का औसत होता है।
👉 अभिकथन A पूर्णतः सत्य है और कारण R इसकी सही परिभाषा देता है।
👉 यह दोनों कथन परस्पर संबंधित हैं और एक-दूसरे की पुष्टि करते हैं।
✍️ सही उत्तर है – A और R दोनों सही हैं और R, A की सही व्याख्या है।
राजस्थान के निम्नलिखित में से किस क्षेत्र की जलवायु बहुत आर्द्र या नम नहीं है?
[JEN CIVIL कृषि 07.02.2025]
👉 बीकानेर की जलवायु शुष्क व गर्म रेगिस्तानी प्रकार की है।
👉 यहाँ मानसूनी वर्षा बहुत कम होती है।
👉 इसकी वार्षिक वर्षा लगभग 10 से 40 सेमी के बीच रहती है।
👉 यह राजस्थान के सबसे शुष्क क्षेत्रों में गिना जाता है।
✍️ सही उत्तर है – बीकानेर
राजस्थान मे वार्षिक वर्षा की समवर्षा रेखाओं की सामान्य प्रकृति
[JEN (कृषि) 12.07.2015]
👉 राजस्थान में वार्षिक वर्षा की समवर्षा रेखाएँ सामान्यतः उत्तर-पश्चिम से दक्षिण-पूर्व दिशा में फैली होती हैं।
👉 इसका कारण राज्य की अक्षांशीय स्थिति और मानसूनी हवाओं की दिशा है।
👉 इन रेखाओं से राज्य के अधिक वर्षा वाले पूर्वी भाग और कम वर्षा वाले पश्चिमी भाग में स्पष्ट अंतर दिखाई देता है।
👉 यह वितरण राजस्थान की जलवायु विविधता को दर्शाता है।
वह कारक जो किसी विशेष स्थान पर वायु अपरदन को सबसे कम प्रभावित करता है:-
[JEN (Agriculture) 22.02.2025]
👉 वायु अपरदन को प्रभावित करने वाले कारक हैं – जलवायु, वनस्पति, स्थलाकृति और मिट्टी की संरचना।
👉 इनकी तुलना में जीव-जंतु का प्रभाव बहुत कम होता है।
👉 इसलिए यह वायु अपरदन को सबसे कम प्रभावित करने वाला कारक है।
✍️ सही उत्तर है – जीव-जंतु
निम्नलिखित में से कौन-सा मानव-प्रेरित जलवायु परिवर्तन का प्रत्यक्ष परिणाम नहीं है? (नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर का चुनाव करें)
[4th Grade 5th Phase) 21.09.2025]
👉 प्रजातियों के विलुप्त होने का जोखिम कम होना जलवायु परिवर्तन का प्रत्यक्ष परिणाम नहीं है।
👉 जलवायु परिवर्तन के प्रत्यक्ष परिणामों में तापमान वृद्धि, समुद्र स्तर में बढ़ोतरी, महासागर तापमान में वृद्धि और ग्लेशियरों का सिकुड़ना शामिल हैं।
👉 जलवायु परिवर्तन के कारण प्रजातियों में विलुप्ति का जोखिम कम नहीं, बल्कि अधिक हो जाता है।
👉 सीमित जलवायु सीमा वाली प्रजातियाँ जैसे ध्रुवीय भालू अधिक खतरे में रहती हैं।
✍️ सही उत्तर है – प्रजातियों के विलुप्त होने का जोखिम कम होना
DA'w जलवायु पाई जाती है
[पर्यवेक्षक परीक्षा 29.11.2015]
👉 DA'w थार्नवेट वर्गीकरण में ग्रीष्म में उच्च तापमान व कम वर्षा वाली अर्द्ध मरुस्थलीय जलवायु को दर्शाता है।
👉 यह जलवायु राजस्थान के मध्य और सीमान्त क्षेत्रों में पाई जाती है।
👉 यहाँ गर्मी तीव्र होती है और वर्षा सीमित मात्रा में होती है।
पश्चिमी राजस्थान में ग्रीष्म ऋतु में गर्म-शुष्क और धूल भरी हवाएं चलनी शुरू होती हैं जो कहलाती हैं:
निम्नलिखित विकल्पों में से सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर चुनें:
[पशु परिचर (2nd Phase) 01.12.2024]
👉 पश्चिमी राजस्थान में ग्रीष्म ऋतु के दौरान चलने वाली गर्म, शुष्क और धूल भरी हवाओं को 'लू' कहा जाता है।
👉 ये हवाएँ विशेषकर मई और जून में चलती हैं और तापमान को 50° सेल्सियस तक पहुँचा देती हैं।
👉 लू का प्रभाव विशेष रूप से मरुस्थलीय और अर्द्ध-शुष्क क्षेत्रों में अधिक होता है।
नीचे दो कथन दिए गए हैं : एक अभिकथन A (Assertion A) के रूप में लिखित है तो दूसरा उसके कारण R (Reason R) के रूप में।
अभिकथन A : राजस्थान उत्तर-पूर्व मानसून अवधि में कुल वर्षा का लगभग 90% प्राप्त करता है।
कारण R : बीकानेर, गंगानगर, जैसलमेर जिलों के सीमावर्ती क्षेत्र राज्य के शुष्क क्षेत्र का निर्माण करते हैं।
उपरोक्त कथनों के आलोक में, नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर का चयन कीजिए :
[REET Mains L-2 Eng) 19.01.2026]
🔹 व्याख्या
👉
राजस्थान
वर्षा
का अधिकांश
दक्षिण-पश्चिम
मानसून
से मिलता है।
👉
इसलिए
अभिकथन
A
तथ्यात्मक
रूप से सही
नहीं
है।
👉
बीकानेर-गंगानगर-जैसलमेर
क्षेत्र शुष्क
क्षेत्र
बनाते हैं।
👉
अतः
कारण R
तथ्यात्मक
रूप से सही
है।
✍️ सही उत्तर है – A सही नहीं है लेकिन R सही है।
निम्नलिखित में से कौन सा कारक राजस्थान की जलवायु को निर्धारित नहीं करता? (निम्न में से सबसे उपयुक्त विकल्प चुनें)
[JEN यांत्रिक विद्युत 06.02.2025]
👉 राजस्थान की जलवायु पर कई कारकों का प्रभाव होता है।
👉 इनमें अक्षांशीय स्थिति, ऊँचाई, समुद्र से दूरी और तापमान प्रमुख हैं।
👉 देशांतर (Longitude) जलवायु निर्धारण में प्रभावी कारक नहीं है।
✍️ सही उत्तर है – देशांतरीय स्थिति
संघनन की दर :
[JEN (Civil Diploma) 11.02.2025]
👉 संघनन की दर तापमान पर निर्भर करती है।
👉 जैसे-जैसे तापमान बढ़ता है, वाष्पीकरण भी बढ़ता है।
👉 परिणामस्वरूप संघनन की दर भी बढ़ती है।
✍️ सही उत्तर है – तापमान बढ़ने पर संघनन की दर बढ़ती है
वर्षा ऋतु में मानसून हवाओं की दिशा होती है
[पर्यवेक्षक परीक्षा 29.11.2015]
👉 राजस्थान में वर्षा ऋतु के दौरान मानसून हवाओं की दिशा दक्षिण-पश्चिम से उत्तर-पूर्व होती है।
👉 ये हवाएँ अरब सागर से उठती हैं और अरावली के समानांतर दिशा में राजस्थान में प्रवेश करती हैं।
👉 इस दिशा के कारण राज्य का अधिकांश भाग कम वर्षा प्राप्त करता है।
👉 केवल दक्षिण, दक्षिण-पूर्वी और पूर्वी भागों में ही अधिक वर्षा होती है।
कोपेन द्वारा प्रस्तुत जलवायु प्रदेशों में से राजस्थान में कौन सा
[पटवार प्री. परीक्षा 2015]
👉 Aw – दक्षिणी राजस्थान : सही सुमेलित है, जैसे डूंगरपुर, बाँसवाड़ा, झालावाड़।
👉 BWhw – शुष्क मरुस्थल : सही सुमेलित है, जैसे जैसलमेर, बीकानेर।
👉 BShw – अर्द्ध शुष्क मरुस्थल : सही सुमेलित है, जैसे नागौर, पाली, सीकर।
राजस्थान में पश्चिमी विक्षोभ के कारण होने वाली वर्षा को किस नाम से जाना जाता है ?
निम्नलिखित में से सबसे उपयुक्त विकल्प चुनें :
[सर्वेयर परीक्षा 23.02.2025]
👉 राजस्थान में मावठ/मावठा वर्षा शीतकाल में होती है।
👉 यह भूमध्यसागरीय चक्रवातों (पश्चिमी विक्षोभ) के कारण होती है।
👉 "मावठ" स्थानीय शब्द है, जो रबी फसलों के लिए अत्यंत लाभकारी है।
✍️ सही उत्तर है – मावठ
राजस्थान में ‘मावठ' सम्बन्धित है
[कनिष्ठ अनुदेशक (वायरमेन) 05.01.2025]
👉 राजस्थान में 'मावठ' शब्द का संबंध पश्चिमी विक्षोभों से उत्पन्न होने वाली शीतकालीन वर्षा से है।
👉 ये विक्षोभ भूमध्य सागर से उत्पन्न होकर पाकिस्तान के रास्ते राज्य में प्रवेश करते हैं।
👉 'मावठ' वर्षा मुख्यतः दिसम्बर से फरवरी के बीच होती है और रबी फसलों के लिए लाभकारी होती है।
👉 यह राजस्थान की विशिष्ट जलवायु विशेषता मानी जाती है।