राजस्थान में उन्नीसवीं पशुगणना किस वर्ष में की गई ? 

[कनिष्ठ वैज्ञानिक सहायक (प्रलेख) 22 .09.2019]

  • 2013

  • 2014

  • 2011 

  • 2012 

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान में पशुगणनाएँ क्रमशः 2003, 2007, 2012 और 2019 में की गई थीं।
👉 अतः उन्नीसवीं पशुगणना का क्रम 2012 के बाद आता है, जो कि वर्ष 2019 में की गई बीसवीं पशुगणना थी।
👉 इसलिए उन्नीसवीं पशुगणना का वर्ष 2012 था।

✍️ सही उत्तर है – 2012 

वर्ष 2012 की पशु गणना (अनन्तिम) के अनुसार राजस्थान में सबसे अधिक पशु संख्या हैं ? 

[JEN (यांत्रिक डिप्लोमा) 21.08.2016]

  • भैंस की

  • बकरियों की

  • गौवंश की 

  • भेड़ों की

🔹 व्याख्या:

👉 वर्ष 2012 की पशुगणना (अनन्तिम) के अनुसार राजस्थान में बकरियों की संख्या सर्वाधिक थी।
👉 कुल 216.7 लाख बकरियाँ दर्ज की गईं, जो अन्य सभी पशु वर्गों से अधिक थीं।
👉 इसी गणना में गौवंश – 133.24 लाख, भैंस – 129.76 लाख, भेड़ – 90.08 लाख रही।

✍️ सही उत्तर है – बकरियों की 

पश्चिमी राजस्थान में दूधारू पशुओं के लिए निम्नलिखित में से कौन-सा एक चारा सर्वश्रेष्ठ है ? 

[लिपिक ग्रेड-II 19.08.2018]

  • सेवण 

  • खस-खस

  • दूब

  • धामण 

🔹 व्याख्या:

👉 सेवण घास (Lasiurus sindicus Henrard) एक बारहमासी रेगिस्तानी घास है, जो 20 वर्षों तक जीवित रह सकती है।
👉 यह घास सीधी, सख्त तनों वाली झाड़ीदार और बहु-शाखीय संरचना वाली होती है।
👉 जैसलमेर, बाड़मेर और बीकानेर जिलों के अत्यंत शुष्क भागों की यह प्राथमिक घास है।
👉 यह शुष्क व अर्ध-शुष्क क्षेत्रों में सबसे उपयुक्त और उत्पादक चारा घास मानी जाती है। 

राजस्थान का 'तेजाजी पशु मेला" निम्नांकित नस्लों में से किस एक के लिए प्रसिद्ध है ? 

[लिपिक ग्रेड -II 16.09.2018]

  • चोखला भेड़

  • नागौरी गाय 

  • नाचना ऊँट

  • मुर्रा भैंस

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान का तेजाजी पशु मेला विशेष रूप से नागौरी नस्ल की गाय के लिए प्रसिद्ध है।
👉 यह मेला परबतसर में आयोजित होता है और नागौरी बैलों के क्रय-विक्रय का प्रमुख केंद्र है।
👉 नागौरी नस्ल के बैल हल चलाने में तेज, फुर्तीले और परिश्रमी होते हैं।

✍️ सही उत्तर है – नागौरी गाय 

राष्ट्रीय बकरी अनुसंधान संस्थान स्थित है - 

[वनरक्षक (द्वितीय चरण -B) 11.12.2022]

  • तारानगर में

  • अविकानगर में 

  • सूरतगढ़ में

  • अजमेर में 

🔹 व्याख्या:

👉 राष्ट्रीय बकरी अनुसंधान संस्थान अविकानगर में स्थित है।

बारबरी एक नस्ल है ?

[लवण निरीक्षक (उद्योग) 22.12.2019]

  • बकरी की

  • गाय की 

  • ऊँट की

  • भेड़ की

🔹 व्याख्या:

👉 बारबरी (Barbari) एक प्रमुख बकरी की नस्ल है, जो राजस्थान सहित उत्तर भारत में पाई जाती है।
👉 यह नस्ल कम चारे में जीवित रहने और दूध उत्पादन के लिए प्रसिद्ध है।
👉 राज्य में यह नस्ल सिरोही, जमनापुरी, लोही जैसी अन्य नस्लों के साथ पाई जाती है।

✍️ सही उत्तर है – बकरी की 

निम्नलिखित पशु उत्पादों में से कौनसा एक राजस्थान का मुख्य पशु उत्पाद है ?

[लिपिक ग्रेड -II 12.08.2018]

  • दूध 

  • मीट (मांस)

  • अण्डा

  • चमड़ा 

🔹 व्याख्या:

👉 दूध राजस्थान का मुख्य पशु उत्पाद है, जिसका राज्य की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान है।
👉 राज्य भारत का सर्वाधिक दूध उत्पादक राज्य बन चुका है (15.05% योगदान)।
👉 डेयरी उद्योग का संचालन राजस्थान डेयरी फेडरेशन द्वारा किया जाता है।

✍️ सही उत्तर है – दूध 

'नाचना' _______ की एक नस्ल है । 

[वनपाल परीक्षा 06.11.2022]

  • गाय 

  • बकरी 

  • भेड़ 

  • ऊँट 

🔹 व्याख्या:

👉 नाचना राजस्थान में पाई जाने वाली ऊँट की एक प्रमुख नस्ल है।
👉 राज्य में ऊँट की अन्य नस्लें हैं – बीकानेरी, जैसलमेरी, गोमठ, जोधपुरी, अलवरी आदि।
👉 ये नस्लें मुख्यतः बीकानेर, जैसलमेर, जोधपुर जैसे जिलों में पाई जाती हैं।

✍️ सही उत्तर है – ऊँट 

मल्लीनाथ पशु मेला किस स्थान पर आयोजित होता है ? 

[लवण निरीक्षक (उद्योग) 22.12.2019]

  • नागौर

  • परबतसर

  • मेड़ता 

  • तिलवाड़ा 

🔹 व्याख्या:

👉 मल्लीनाथ पशु मेला राजस्थान के बाड़मेर जिले के तिलवाड़ा स्थान पर आयोजित होता है।
👉 यह मेला राज्य सरकार द्वारा आयोजित प्रमुख पशु मेलों में शामिल है।

✍️ सही उत्तर है – तिलवाड़ा 

राजस्थान की 20वीं पशुगणना के अनुसार निम्न में से कौन से जिले में मवेशियों की संख्या सर्वोच्च तृतीय स्थान पर है ? [*]

[वनरक्षक (द्वितीय चरण -B) 11.12.2022]

  • बाड़मेर 

  • जोधपुर 

  • बीकानेर 

  • उदयपुर

🔹 व्याख्या:

👉 2019 की पशुगणना के अनुसार, राजस्थान में उदयपुर जिला में गौवंश की सबसे अधिक संख्या पाई गई (9.72 लाख), इसके पश्चात बीकानेर (9.06 लाख) और तीसरे स्थान पर जोधपुर (8.48 लाख) व बाड़मेर में (7.88 लाख) है।

इनमें से कौन सी राजस्थान की भेड़ की किस्म नहीं है ?

[स्टेनोग्राफर परीक्षा 21.03.2021]

  • पुगल 

  • बरबरी 

  • चोकला 

  • मगरा 

🔹 व्याख्या:

👉 बरबरी नस्ल बकरी की होती है, न कि भेड़ की — अतः यह युग्म गलत है।
👉 चोकला, पुगल और मगरा — ये सभी राजस्थान की प्रमुख भेड़ नस्लें हैं।
👉 ये नस्लें ऊन उत्पादन के लिए प्रसिद्ध हैं और विशेष रूप से शुष्क एवं अर्द्ध-शुष्क क्षेत्रों में पाई जाती हैं।

✍️ सही उत्तर है – बरबरी 

अधोलिखित राजस्थान के प्रमुख पशु-मेलों व उनसे संबंधित स्थलों में से कौन सा युग्म सुमेलित नहीं है ?

VDO Pre. (द्वितीय चरण) 27.12.2021

  • श्री गोगामेड़ी पशु मेला - नोहर, हनुमानगढ़ 

  • श्री चन्द्रभागा पशु मेला - झालरापाटन, झालावाड़ 

  • श्री बलदेव पशु मेला - करौली 

  • श्री मल्लीनाथ पशु मेला - तिलवाड़ा, बाड़मेर 

🔹 व्याख्या:

👉 श्री बलदेव पशु मेला का आयोजन मेड़ता सिटी (नागौर) में होता है, न कि करौली में।
👉 अन्य तीनों युग्म –
गोगामेड़ी – नोहर (हनुमानगढ़),
मल्लीनाथ – तिलवाड़ा (बाड़मेर),
चन्द्रभागा – झालरापाटन (झालावाड़) – सभी सही सुमेलित हैं।

✍️ सही उत्तर है – श्री बलदेव पशु मेला – करौली 

निम्न में से कौन सा कथन राजस्थान में गिर गौ वंश के बारे में असत्य है ? 

[JEN (यांत्रिक) (डिप्लोमाधारक) 13.12.2020]

  • बैल को दौड़-खेल में उपयोग लिया जाता है । 

  • इसका उद्भव सौराष्ट्र से है । 

  • इसे अजमेर में पाला जाता है 

  • इसे रेन्डिया के नाम से भी जाना जाता है । 

🔹 व्याख्या:

👉 गिर नस्ल का उद्भव सौराष्ट्र (गुजरात) से माना जाता है — यह कथन सही है।
👉 राजस्थान में यह नस्ल अजमेर, ब्यावर, भीलवाड़ा, पाली जिलों में पाई जाती है — यह भी सही है।
👉 इसे राजस्थान में 'रेण्डा' या 'अजमेरा' नाम से भी जाना जाता है — यह भी सही है।
👉 लेकिन बैल को दौड़-खेल में उपयोग लिया जाता है — यह कथन असत्य है।

✍️ सही उत्तर है – बैल को दौड़-खेल में उपयोग लिया जाता है। 

निम्न में से किस केस में 'अविका कवच बीमा योजना' प्रभावी है

[लिपिक ग्रेड -II 12.08.2018]

  • आग से घरेलू नुकसान

  • वाहन को एक्सीडेंट क्षति

  • भेड़ की अप्राकृतिक मृत्यु 

  • गेहूँ की फसल को नुकसान

🔹 व्याख्या:

👉 अविका कवच बीमा योजना राजस्थान में भेड़ पालकों के कल्याण हेतु चलाई जा रही है।
👉 इसका उद्देश्य अनुदानित प्रीमियम पर भेड़ों का बीमा करना है, जिससे भामाशाह कार्डधारी सभी भेड़ पालक पात्र हैं।
👉 प्रत्येक परिवार की अधिकतम 5 भेड़ इकाइयों (1 इकाई = 10 भेड़) का बीमा किया जाएगा।
👉 कुल 50 भेड़ों तक का बीमा अनुदानित दरों पर किया जा सकेगा। 

ऊँट के अतिरिक्त, निम्न में से किस पशु को राजस्थान के "राज्य पशु" का दर्जा दिया गया है ? 

[Junior Accountant 11.02.2024]

  • काला हिरण 

  • अजगर 

  • लोमड़ी 

  • चिंकारा 

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान में दो राज्य पशु घोषित हैं — चिंकारा और ऊँट।
👉 चिंकारा को वर्ष 1981 में, जबकि ऊँट को 19 सितंबर 2014 को राज्य पशु घोषित किया गया।
👉 चिंकारा को "भारतीय गज़ेल" और ऊँट को "रेगिस्तान का जहाज" कहा जाता है।
👉 चिंकारा सामान्यतः पहाड़ी, मैदानी और रेगिस्तानी क्षेत्रों में पाया जाता है। 

राजस्थान में केन्द्रीय भेड़ प्रजनन केन्द्र कौनसे स्थान पर स्थित है

[पुस्तकालयाध्यक्ष ग्रेड-III 19.09.2019]

  • कोडमदेसर

  • मण्डोर  

  • पोकरण 

  • अंबिकानगर 

🔹 व्याख्या:

👉  राजस्थान में केन्द्रीय भेड़ प्रजनन केन्द्र अंबिकानगर स्थान पर स्थित है।

भेड़ की 'खेरी' नस्ल पाई जाती है ?

JEN (सिविल डिग्रीधारक) 18.05.2022

  • उदयपुर, डूंगरपुर, चित्तौड़गढ़ में 

  • जोधपुर, नागौर, पाली में 

  • चुरू, सीकर, झुन्झुनू में

  • जैसलमेर, बाड़मेर में

🔹 व्याख्या:

👉 खेरी नस्ल की भेड़ें मुख्यतः जोधपुर, नागौर और पाली जिलों के घुमक्कड़ रेवड़ों में पाई जाती हैं।
👉 इनकी ऊन सफेद और मध्यम गुणवत्ता की होती है, जो गलीचा निर्माण के लिए उपयुक्त होती है।
👉 प्रति वर्ष 1 से 1.4 किलोग्राम तक ऊन प्राप्त होती है।

✍️ सही उत्तर है – जोधपुर, नागौर, पाली में 

भेड़ की सोनाड़ी प्रजाति अधिकांशतः राजस्थान के निम्न में से किन जिलों में पाई जाती है ? 

[JEN (सिविल) (डिग्रीधारक) 12.09.2021]

  • उदयपुर, डूंगरपुर, भीलवाड़ा 

  • जैसलमेर, भरतपुर, बाड़मेर 

  • गंगानगर, बीकानेर, जैसलमेर

  • जयपुर, जोधपुर, टोंक 

🔹 व्याख्या:

👉 सोनाड़ी (या चनोथर) नस्ल की भेड़ें मुख्यतः उदयपुर, सलूम्बर, डूंगरपुर और चित्तौड़गढ़ जिलों में पाई जाती हैं।
👉 ये भेड़ें प्रतिदिन एक किलोग्राम तक दूध देती हैं और इनकी ऊन का रेशा मोटा होता है।
👉 यह नस्ल दुग्ध व ऊन उत्पादन दोनों के लिए उपयुक्त मानी जाती है।

✍️ सही उत्तर है – उदयपुर, डूंगरपुर, भीलवाड़ा 

राज्य के किस जिले में बकरियों की संख्या सर्वाधिक है ? 

[शारीरिक शिक्षा अध्यापक 25.09.2022]

  • जोधपुर 

  • नागौर 

  • जैसलमेर 

  • बाड़मेर 

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान में बकरी पालन में प्रमुख जिलों में बाड़मेर, जोधपुर और नागौर आते हैं।
👉 सर्वाधिक बकरियों की संख्या बाड़मेर जिले में है (28.96 लाख) – यह सबसे अधिक है।

✍️ सही उत्तर है – बाड़मेर 

2012 के पशु गणना के अनुसार राजस्थान में किस पशु का कुल पशुधन प्रतिशत राज्य में सबसे अधिक है ? 

[कनिष्ठ वैज्ञानिक सहायक (अस्त्रक्षेप) 21.09.2019]

  • गाय

  • भेड़ 

  • बकरी 

  • ऊँट 

🔹 व्याख्या:

👉 2012 की पशुधन गणना के अनुसार, राजस्थान में बकरी की संख्या सबसे अधिक थी।
👉 राज्य में कुल 20.84 मिलियन बकरियाँ दर्ज की गईं, जो राज्य के कुल पशुधन का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। 

निम्नलिखित में से कौन सा एक सही सुमेलित नहीं है

[JEN (विद्युत/यांत्रिक) (डिग्रीधारक) 26.12.2020]

पशुनस्ल           -       पशु 

  • नाली           -       भेड़

  • शेखावाटी    -       बकरी

  • मालपुरी      -       भैंस  

  • नागौरी        -       गाय 

🔹 व्याख्या:

👉 नाली – भेड़, नागौरी – गाय : ये दोनों युग्म सही सुमेलित हैं।
👉 शेखावाटी वास्तव में बकरी की एक नस्ल है, जो राजस्थान के शेखावाटी क्षेत्र में पाई जाती है।
👉 लेकिन मालपुरी भैंस की नस्ल नहीं है — यह युग्म गलत है।

✍️ सही उत्तर है – मालपुरी – भैंस 

राजस्थान के 'राज्य पशु' हैं  

[स्टेनोग्राफर परीक्षा 05.10.2024]

  • भेड़ और ऊँट 

  • चिंकारा और भेड़ 

  • चिंकारा और ऊँट 

  • ऊँट और हाथी 

🔹 व्याख्या:

👉 ऊँट को राजस्थान सरकार द्वारा 'राज्य पशु' का दर्जा प्रदान किया गया है।
👉 इसे 'मरुस्थल का जहाज' भी कहा जाता है, क्योंकि यह शुष्क रेतीले प्रदेशों में अत्यधिक उपयोगी है।
👉 राज्य सरकार द्वारा ऊँट संरक्षण हेतु अनेक प्रयास किए जा रहे हैं, जैसे – बीकानेर में ऊँट अनुसंधान केन्द्र की स्थापना

✍️ सही उत्तर है – चिंकारा और ऊँट 

जैसलमेर जिले की मुख्य मवैशी की नस्ल का नाम बताइए 

[कनिप्ठ अनुदेशक (इलेक्ट्रोनिक्स) 23.12.2019]

  • कांकरेज 

  • थारपारकर 

  • गिर 

  • राठी

🔹 व्याख्या:

👉 थारपारकर नस्ल की गायें मुख्यतः जैसलमेर, बाड़मेर और जोधपुर के क्षेत्रों में पाई जाती हैं।
👉 यह नस्ल उत्तम दूध उत्पादन के लिए जानी जाती है और प्रतिदिन 10–12 लीटर दूध देती है।
👉 इसका मूल स्थान बाड़मेर का मालाणी क्षेत्र माना जाता है।

✍️ सही उत्तर है – थारपारकर 

राजस्थान में 20वीं पशुगणना (2017) के अनुसार निम्न में से कौनसा संख्या में सर्वाधिक है ? 

[कनिष्ठ वैज्ञानिक सहायक (जैविक) 15.09.2019]

  • भेड़

  • ऊँट 

  • बकरियाँ 

  • गाय 

🔹 व्याख्या:

👉 20वीं पशुधन गणना (2017) के अनुसार, राजस्थान में सबसे अधिक संख्या बकरियों की है।
👉 इसके बाद भेड़, गाय और फिर ऊँट का स्थान आता है।

निम्न में से राजस्थान के कौन से भाग में थारपारकर गाय पाई जाती है ? 

[वनरक्षक (द्वितीय चरण -A) 11.12.2022]

  • पश्चिमी

  • उत्तर-पश्चिमी

  • मध्य अरावली 

  • दक्षिणी-पश्चिमी 

🔹 व्याख्या:

👉 थारपारकर नस्ल की गायें मुख्यतः पश्चिमी राजस्थान के बाड़मेर, जैसलमेर और जोधपुर जिलों के फलौदी व शेरगढ़ क्षेत्रों में पाई जाती हैं।
👉 यह क्षेत्र मरुस्थलीय, रेतीला और वनस्पति रहित होता है तथा यहाँ की जलवायु उच्च तापमान व कम वर्षा वाली होती है।
👉 थारपारकर नस्ल की गाएँ 10–12 लीटर तक दूध देती हैं।

✍️ सही उत्तर है – पश्चिमी 

पशुधन गणना 2019 के अनुसार राजस्थान में सर्वाधिक भैंसों की संख्या वाला जिला है 

[वनरक्षक (द्वितीय चरण -A) 11.12.2022]

  • भरतपुर

  • उदयपुर

  • अलवर 

  • जयपुर 

🔹 व्याख्या:

👉 2019 की पशुगणना के अनुसार राजस्थान में भैंसों की संख्या में सबसे अधिक वाला जिला जयपुर है (10.73 लाख), जो अलवर (10.60 लाख) से आगे है।
👉 भरतपुर, उदयपुर आदि जिलों की भैंस संख्या जयपुर से कम है।

✍️ सही उत्तर है – जयपुर 

2019 के अनुसार भारत में ऊन उत्पादन में राजस्थान का कौन सा स्थान है ? 

पशुधन सहायक (LSA) 04.06.2022

  • 4th 

  • 3rd 

  • 1st 

  • 2nd 

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान भारत का सबसे बड़ा ऊन उत्पादक राज्य है, जो कुल उत्पादन का 30% से अधिक हिस्सा देता है।
👉 यहाँ भेड़ की आठ प्रमुख नस्लें पाई जाती हैं, जो उच्च गुणवत्ता वाली कालीन ऊन के लिए प्रसिद्ध हैं।
👉 ऊन उत्पादन में अन्य प्रमुख राज्य हैं — कर्नाटक, जम्मू-कश्मीर, तेलंगाना, गुजरात, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, महाराष्ट्र और आंध्र प्रदेश। 

निम्नलिखित में से कौनसा एक सही सुमेलित नहीं है ? 

[कनिष्ठ वैज्ञानिक सहायक (सीरम) 15.09.2019]

     पशु           -       नस्ल 

  • मालपुरी      -       भैंस

  • खावाटी    -       बकरी

  • नाली           -       भेड़ 

  • नागौरी        -       गाय 

🔹 व्याख्या:

👉 मालपुरी (या मालपुरा) राजस्थान में पाई जाने वाली भेड़ (Sheep) की एक प्रमुख स्वदेशी नस्ल है।

👉 इस नस्ल से जुड़ी कुछ खास बातें:उत्पत्ति: इस नस्ल का नाम राजस्थान के टोंक जिले के 'मालपुरा' कस्बे से पड़ा है।

👉 प्रमुख क्षेत्र: यह मुख्य रूप से जयपुर, टोंक, दौसा, सवाई माधोपुर, करौली, और भीलवाड़ा जिलों में पाई जाती है नागौरी – गाय, नाली – भेड़, — ये सभी सुमेलित सही हैं।
👉 बकरी की प्रमुख नस्लें हैं – सिरोही, जमनापुरी, बरबरी, लोही, बड़वारी, शेखावाटी आदि।

✍️ सही उत्तर है – मालपुरी-भैंस 

पशुधन गणना 2019 के अनुसार राजस्थान में सर्वाधिक भैंसों की संख्या वाला जिला है

[प्रयोगशाला सहायक (भूगोल) 30.06.2022]

  • अलवर 

  • जयपुर 

  • भरतपुर 

  • धौलपुर 

🔹 व्याख्या:

👉 भैंसों की सर्वाधिक संख्या वाला जिला जयपुर है, जहाँ इनकी संख्या 10.73 लाख दर्ज की गई।
👉 दूसरे स्थान पर अलवर है, जहाँ 10.60 लाख भैंसें पाई गईं।
👉 भरतपुर और धौलपुर में इनकी संख्या तुलनात्मक रूप से कम है।
👉 भैंसें मुख्यतः दूध उत्पादन के लिए पाली जाती हैं।

✍️ सही उत्तर है – जयपुर 

निम्न में से कौन सी प्रजाति के दूध में उच्च वसा मात्रा होती है ? 

[कृषि पर्यवेक्षक परीक्षा 04.02.2024]

  • ऊँट 

  • गाय 

  • भैंस 

  • बकरी 

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान में भैंसें मुख्यतः दूध हेतु पाली जाती हैं और इनका दूध उच्च वसा मात्रा के लिए प्रसिद्ध है।
👉 राज्य में मुर्राह नस्ल की भैंसें पाली जाती हैं, जिनका दूध व्यवसायिक रूप से उपयोगी होता है।
👉 गाय, बकरी व ऊँट का दूध भी उपयोगी है, परंतु वसा की दृष्टि से भैंस का दूध सर्वोत्तम होता है।
👉 जयपुर व अलवर जिले भैंस पालन में अग्रणी हैं।

✍️ सही उत्तर है – भैंस 

केंद्रीय भेड़ एवं ऊन अनुसंधान संस्थान कहाँ स्थित है ? 

[JEN (सिविल) (डिग्रीधारक) 12.09.2021]

  • अलवर

  • नागौर 

  • जैसलमेर 

  • अंबिकानगर (अविकानगर) 

🔹 व्याख्या:

👉 केंद्रीय भेड़ एवं ऊन अनुसंधान संस्थान (CSWRI) राजस्थान के अविकानगर में स्थित है।
👉 यह संस्थान मालपुरा तहसील (जिला टोंक) में आता है और भेड़ पालन व ऊन अनुसंधान का प्रमुख केंद्र है।

निम्नांकित में से कौन सी भेड़ की प्रजाति भारतीय मेरिनो के नाम से जानी जाती है ? 

[पशुधन सहायक (LSA) 21.10.2018]

  • पुंगल

  • चोकला 

  • सोनाड़ी 

  • मगरा 

🔹 व्याख्या:

👉 चोकला नस्ल को राजस्थान में 'भारतीय मेरीनो' के नाम से जाना जाता है।
👉 यह नस्ल विशेष रूप से चूरू, झुंझुनूं, सीकर, बीकानेर और नागौर जिलों में पाई जाती है।
👉 इससे प्रति वर्ष औसतन 1.4 से 2.3 किलोग्राम ऊन प्राप्त होती है।

✍️ सही उत्तर है – चोकला 

वर्ष 2007 की पशुगणना के अनुसार राजस्थान में पशुओं की संख्या कितनी है ? 

[पुस्तकालयाध्यक्ष 13.11.2016]

  • 462 लाख 

  • 520 लाख

  • 566 लाख

  • 432 लाख 

🔹 व्याख्या:

👉 वर्ष 2007 की पशुगणना के अनुसार राजस्थान में कुल पशुओं की संख्या 566.63 लाख दर्ज की गई थी।
👉 यह संख्या 2003 की तुलना में वृद्धि को दर्शाती है।
👉 2012 में यह बढ़कर 577.32 लाख हो गई थी।

✍️ सही उत्तर है – 566 लाख 

निम्नलिखित में से कौन सी भेड़ अधिक ऊन उत्पादन के लिए विख्यात है ? 

[अन्वेषक परीक्षा 27.12.2020]

  • जैसलमेरी

  • पूगल

  • मालपुरी 

  • चोखला 

🔹 व्याख्या:

👉  जैसलमेरी भेड़ अधिक ऊन उत्पादन के लिए विख्यात है।

राष्ट्रीय ऊंट अनुसंधान केंद्र कहाँ स्थित है ? 

[हाउस कीपर परीक्षा 09.07.2022]

  • बाड़मेर 

  • बीकानेर 

  • नागौर 

  • जैसलमेर 

🔹 व्याख्या:

👉 राष्ट्रीय ऊँट अनुसंधान केंद्र का नाम है National Research Centre on Camel।
👉 यह केंद्र बीकानेर में स्थित है और यहाँ ऊँटों पर अनुसंधान, नस्ल सुधार व संरक्षण का कार्य होता है।
👉 यह केंद्र ऊँट पालन में राज्य व देश का प्रमुख संस्थान है।

✍️ सही उत्तर है – बीकानेर 

दुग्ध उत्पादन हेतु राजस्थान में गाय की कौन-सी नस्ले सुप्रसिध्द हैं ? 

[JEN Mechenical डिग्री 16.10.2016]

  • मालवी और थारपारकर

  • थारपारकर और राठी 

  • मेवाती और मालवी

  • राठी और नागौरी

🔹 व्याख्या:

👉 थारपारकर नस्ल की गायें प्रतिदिन 10–12 लीटर तक दूध देती हैं और यह दूध उत्पादन के लिए प्रसिद्ध हैं।
👉 राठी नस्ल भी अधिक दूध देने वाली गाय मानी जाती है, जो साहीवाल व सिंधी नस्लों से मिश्रित होती है।
👉 ये दोनों नस्लें राजस्थान में दुग्ध व्यवसाय में प्रमुख भूमिका निभाती हैं।

✍️ सही उत्तर है – थारपारकर और राठी 

राजस्थान में पशुधन संख्या के सम्बन्ध में गलत कथन को छाँटिए

ग्रामसेवक & छात्रा. अधीक्षक 18.12.2016

  • वर्ष 2007 से 2012 में गधों व खच्चरों की संख्या में सर्वाधिक वृद्धि हुई है । 

  • राजस्थान में भारत की कुल पशुधन संख्या का 11.27 प्रतिशत पाया जाता है (2012)

  • वर्ष 2007 से 2012 में ऊँटों की संख्या में सर्वाधिक ह्रास हुआ है

  • वर्ष 2007 से 2012 में राजस्थान की पशुधन संख्या में 10.69 लाख की वृद्धि हुई है 

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान में भारत की कुल पशुधन का 11.27% हिस्सा है – यह सही है।
👉 2007 से 2012 के बीच राजस्थान में पशुधन की संख्या में 10.69 लाख की वृद्धि हुई – यह भी सही है।
👉 इसी अवधि में ऊँटों की संख्या में सर्वाधिक ह्रास हुआ – यह भी सही है, क्योंकि 2007 में 4.21 लाख से घटकर 2012 में 3.25 लाख रह गई।
👉 लेकिन गधों व खच्चरों की संख्या में वृद्धि नहीं हुई, बल्कि इनकी संख्या में गिरावट दर्ज की गई थी।

✍️ सही उत्तर है – वर्ष 2007 से 2012 में गधों व खच्चरों की संख्या में सर्वाधिक वृद्धि हुई है। 

गोमती सागर पशु मेले का आयोजन निम्नलिखित में से किस स्थान पर होता है? 

[वनरक्षक (चतुर्थ चरण) 13.11.2022]

  • झालरापाटन

  • उदयपुर 

  • बूंदी 

  • कोटा 

🔹 व्याख्या:

👉 गोमती सागर पशु मेला प्रतिवर्ष झालावाड़ जिले के झालरापाटन कस्बे में आयोजित किया जाता है।
👉 यह मेला हाड़ौती क्षेत्र का सबसे बड़ा और प्रसिद्ध पशु मेला माना जाता है।
👉 इसमें विभिन्न प्रकार के पशुओं की खरीद-फरोख्त व प्रदर्शन होता है। 

निम्नांकित में से राजस्थान राज्य का कौन-सा एक जिला डेयरी दुग्ध संकलन में प्रथम क्रम पर है ? 

[लिपिक ग्रेड-II 19.08.2018]

  • जयपुर 

  • भरतपुर

  • बीकानेर 

  • अलवर 

🔹 व्याख्या:

👉 जयपुर जिला राजस्थान में दूध संग्रह के मामले में प्रथम स्थान पर है।
👉 भारत में दूध उत्पादन में राजस्थान का द्वितीय स्थान है।
👉 राज्य में देश के कुल पशुधन का 11.27% भाग मौजूद है।
👉 इसमें शामिल हैं — 6.98% मवेशी, 11.94% भैंसें, 16.03% बकरियाँ, 13.95% भेड़ें और 81.50% ऊँट। 

निम्नांकित में से भैंस की कौन-सी प्रजाति दुग्ध उत्पादन के लिए सर्वश्रेष्ठ है ? 

[कनिष्ठ अनुदेशक (कोपा) 24.03.2019]

  • हरियाणवी

  • मुर्रा 

  • मेहसाना 

  • सूरती 

🔹 व्याख्या:

👉 मुर्रा नस्ल की भैंसें दूध उत्पादन में सर्वश्रेष्ठ मानी जाती हैं।
👉 राजस्थान में विशेष रूप से मुर्रा नस्ल ही प्रमुखता से पाली जाती है।
👉 यह नस्ल दूध की अधिक वसा मात्रा और उत्पादन क्षमता के लिए जानी जाती है।

✍️ सही उत्तर है – मुर्रा 

नीचे दिए गए नस्ल के लक्षणों के आधार पर, मवेशी की नस्ल पहचानिए | 

- बाहर निकला हुआ चौड़ा और लम्बा मस्तक 

- आगे की तरफ मुड़े हुए निलंबी कान 

- सफेद रंग जिस पर समूचे शरीर पर गाढ़े लाल या चॉकलेटी भूरे रंग के धब्बे वितरित हैं ।

[कृषि पर्यवेक्षक परीक्षा 04.02.2024]

  • थारपारकर 

  • राठी 

  • मालवी 

  • गिर 

🔹 व्याख्या:

👉 गिर नस्ल की गायें विशेष रूप से दूध उत्पादन के लिए जानी जाती हैं।
👉 इनका मस्तक चौड़ा, बाहर निकला हुआ होता है और कान आगे की ओर मुड़े हुए निलंबी होते हैं।
👉 इनका रंग सफेद होता है जिस पर गाढ़े लाल या चॉकलेटी भूरे धब्बे पाए जाते हैं।
👉 गिर नस्ल अजमेर, ब्यावर, भीलवाड़ा और पाली जिलों में पाई जाती है।

✍️ सही उत्तर है – गिर 

भेड़ की कौन सी नस्ल राजस्थान में 'भारतीय मेरीनो' के नाम से प्रसिद्ध है ?

[कनिष्ठ अनुदेशक (वेल्डर) 26.03.2019]

  • खेरी 

  • चोकला 

  • सोनाड़ी

  • पूगल 

🔹 व्याख्या:

👉 चोकला नस्ल को राजस्थान में 'भारतीय मेरीनो' के नाम से जाना जाता है।
👉 यह नस्ल मुख्यतः चूरू, सीकर, झुंझुनूं, बीकानेर व नागौर जिलों में पाई जाती है।
👉 इससे प्रति वर्ष औसतन 1.4 से 2.3 किग्रा तक ऊन प्राप्त होती है।

✍️ सही उत्तर है – चोकला 

राजस्थान में 'कांकरेज' नस्ल का प्रमुख केन्द्र है 

[संगणक परीक्षा 19.12. 2021]

  • जालौर 

  • गंगानगर 

  • अजमेर 

  • झालावाड़ 

🔹 व्याख्या:

👉 कांकरेज नस्ल का प्रमुख केंद्र जालौर, पाली और सिरोही जिलों का क्षेत्र है।
👉 इस क्षेत्र को सांचौर अथवा कांकरेज क्षेत्र भी कहा जाता है, जहाँ गौवंश, ऊँट और भेड़ प्रमुखता से पाले जाते हैं।
👉 कांकरेज नस्ल के मवेशी तेज चलने और भार वहन की क्षमता के लिए प्रसिद्ध हैं।

✍️ सही उत्तर है – जालौर 

सूची I के साथ सूची II का मिलान कीजिए 

सूची I (जानवर)  सूची II (नस्ल) 

a. बकरी             I. पुगल 

b. भेड़               II. गोमथ 

c. गाय               III. सिरोही 

d. ऊँट               IV. माल्वी 

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए : 

[कृषि पर्यवेक्षक परीक्षा 04.02.2024]

  • a-IV, b-I, c-III, d-II 

  • a-III, b-I, c-IV, d-II 

  • a-III, b-I, c-II, d-IV 

  • a-III, b-II, c-I, d-IV 

🔹 व्याख्या:

👉 बकरी – सिरोही : सिरोही राजस्थान की प्रमुख बकरी नस्लों में से एक है।
👉 भेड़ – पुगल : पुगल भेड़ की नस्ल है, जो बीकानेर और जैसलमेर में पाई जाती है।
👉 गाय – मालवी : मालवी गाय झालावाड़, कोटा, बारां आदि में पाई जाती है।
👉 ऊँट – गोमथ : गोमथ ऊँट की एक स्थानीय नस्ल है, जो राजस्थान में पाई जाती है। 

'सांचौरी' नस्ल के मवेशी पाए जाते हैं 

[पुस्तकालयाध्यक्ष ग्रेड -II 11.09.2022]

  • जालौर, सिरोही में 

  • झालावाड़, बांसवाड़ा में 

  • बारां, प्रतापगढ़ में 

  • पाली, कोटा में 

🔹 व्याख्या:

👉 सांचौरी नस्ल के मवेशी मुख्यतः पाली, सिरोही, जालौर जिलों के क्षेत्रों में पाए जाते हैं।
👉 इस क्षेत्र को सांचौर अथवा काँकरेज क्षेत्र भी कहा जाता है, जहाँ गौवंश, ऊँट और भेड़ पालन प्रमुख है।
👉 यह क्षेत्र पशुपालन आधारित ऊन, घी, चमड़ा व खाल के व्यापार के लिए प्रसिद्ध है।

✍️ सही उत्तर है – जालौर, सिरोही में 

निम्नलिखित गाय की नस्लों में से किसका मूल स्थान राजस्थान में माना जाता है ? 

[REET मुख्य परीक्षा (L -2) 01.03.2023]

  • राठी

  • थारपारकर

  • मालवी 

  • गिर

🔹 व्याख्या:

👉 राठी नस्ल का मूल स्थान राजस्थान है, यह मुख्यतः गंगानगर, बीकानेर और जैसलमेर के क्षेत्रों में पाई जाती है।
👉 इस नस्ल की गाएँ दूध उत्पादन में अच्छी मानी जाती हैं और इनमें साहीवाल, लाल सिंधी व हरियाणा नस्ल का मिश्रण होता है।
👉 मालवी का मूल स्थान मालवा (झालावाड़) और गिर का गुजरात है।

✍️ सही उत्तर है – राठी 

राजस्थान में भेड़ की किस नस्ल को 'भारतीय मेरिनो' कहा जाता है ?

JEN (विद्युत डिग्रीधारक) 19.05.2022

  • मालपुरी

  • मगरा

  • पूगल

  • चोकला

🔹 व्याख्या:

👉 चोकला नस्ल को ही 'भारतीय मेरिनो' (Indian Merino) कहा जाता है।
👉 यह नस्ल मुख्यतः चूरू, सीकर, झुंझुनूं, नागौर और बीकानेर जिलों में पाई जाती है।
👉 इस नस्ल से प्रति वर्ष 1.4 से 2.3 किग्रा ऊन प्राप्त होती है, जो उत्तम गुणवत्ता की होती है।

✍️ सही उत्तर है – चोकला 

राजस्थान राज्य की भारत के कुल पशुधन में कितने प्रतिशत भागीदारी है ?

[उद्योग प्रचार अधिकारी 22.07.2018]

  • 15.80%

  • 11.27%

  • 18.30%

  • 9.9% 

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान में पशुधन का भारत में योगदान लगभग 11.27% है। 

✍️ सही उत्तर है – 11.27%

पशु अनुसंधान केन्द्र, कोडमदेसर स्थित है ?

[कनिष्ठ अनुदेशक (इलेक्ट्रिशियन) 24.03.2019]

  • जयपुर में

  • टोंक में

  • जैसलमेर में 

  • बीकानेर में

🔹 व्याख्या:

👉 कोडमदेसर में स्थित पशु अनुसंधान केन्द्र का संबंध चौकला भेड़ नस्ल से है।
👉 यह केन्द्र बीकानेर जिले में स्थापित किया गया है।
👉 इसका उद्देश्य भेड़ प्रजनन और ऊन अनुसंधान करना है।

✍️ सही उत्तर है – बीकानेर में 

राठी प्रजाति कौन सी दो गायों की शंकर प्रजाति है ? 

[कनिष्ठ अनुदेशक (इलेक्ट्रिशियन) 24.03.2019]

  • सिन्धि व साहीवाल

  • साहिवाल व मालवी

  • सिन्धि व मालवी 

  • मालवी व नागौरी

🔹 व्याख्या:

👉 राठी नस्ल एक शंकर प्रजाति है जिसमें मुख्य रूप से साहीवाल, लाल सिंधी और हरियाणा नस्ल का मिश्रण होता है।
👉 इस नस्ल में साहीवाल नस्ल का अंश सर्वाधिक होता है।
👉 यह नस्ल विशेष रूप से गंगानगर, बीकानेर और जैसलमेर क्षेत्रों में पाई जाती है।

✍️ सही उत्तर है – सिन्धि व साहीवाल 

ऊँट प्रबंधन से संबंधित नीचे दिए गए कथनों को पढ़िये । 

कथन I : ऊँट के दूध में उच्च मात्रा में विटामिन सी होता है और तुलनात्मक रूप से इसकी निधानी आयु अधिक होती है । 

कथन II : ऊँट के दूध से दही बनाना कठिन है 

नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर का चयन कीजिए : 

[कृषि पर्यवेक्षक परीक्षा 04.02.2024]

  • कथन I और कथन II दोनों सही हैं। 

  • कथन I और कथन II दोनों गलत हैं । 

  • केवल कथन II सही है।

  • केवल कथन I सही है ।  

🔹 व्याख्या:

👉 कथन I : ऊँट के दूध में उच्च मात्रा में विटामिन सी होता है और तुलनात्मक रूप से इसकी निधानी आयु अधिक होती है - सही हैं। 
👉 कथन II : ऊँट के दूध से दही बनाना कठिन है - सही हैं। 

👉 कथन I और कथन II दोनों सही हैं। 

'ऑपरेशन फ्लड' किससे संबंधित है ? 

[प्रयोगशाला सहायक (गृह विज्ञान) 30.06.2022]

  • आपदा प्रबंधन

  •  दुग्ध उत्पादन

  • नदी जल संवर्धन

  • वनीकरण 

🔹 व्याख्या:

👉 ऑपरेशन फ्लड का संबंध दुग्ध उत्पादन में वृद्धि से है, इसे श्वेत क्रांति का आधार माना गया।
👉 राजस्थान में यह कार्यक्रम 5वीं, 6वीं और 7वीं पंचवर्षीय योजनाओं में चलाया गया।
👉 इसका संचालन राजस्थान सहकारी डेयरी फेडरेशन द्वारा किया गया।
👉 उद्देश्य था – दुग्ध उत्पादन बढ़ाना, विपणन व्यवस्था सुधारना व डेयरी विकास को गति देना।

✍️ सही उत्तर है – दुग्ध उत्पादन 

राजस्थान की 20वीं पशुगणना के अनुसार, सर्वाधिक पशुधन किस जिले में है? 

[वनरक्षक (चतुर्थ चरण) 13.11.2022]

  • नागौर

  • बीकानेर 

  • बाड़मेर 

  • जोधपुर 

🔹 व्याख्या:

👉 20वीं जनगणना के अनुसार, राजस्थान में सर्वाधिक पशुधन आबादी वाला जिला बाड़मेर है।

निम्न में से कौन सा सुमेलित नहीं है

[JEN (विधुत) (डिग्रीधारक) 29.11.2020]

पशु           नस्ल

  • भेड़    -       मगरा

  • गाय    -       राठी

  • ऊँट    -       जखराना   

  • भैंस    -       मुर्रा 

🔹 व्याख्या:

👉 राठी – गाय, मुर्रा – भैंस, और मगरा – भेड़ — ये सभी सुमेलित सही हैं।
👉 लेकिन जखराना ऊँट की नस्ल नहीं, बल्कि यह बकरी की नस्ल है।
👉 अतः ऊँट – जखराना का युग्म गलत है।

✍️ सही उत्तर है – ऊँट – जखराना 

निम्न में से किस जिले में, राजस्थान की XX - वीं पशुगणना (2017) के अनुसार सर्वाधिक पशुधन संख्या है ?

[JEN (यांत्रिक) (डिग्रीधारक) 13.12.2020]

  • जयपुर

  • नागौर 

  • बाड़मेर 

  • धौलपुर 

🔹 व्याख्या:

👉 xxवीं जनगणना (2017) के अनुसार, राजस्थान में सबसे अधिक पशुधन जनसंख्या वाला जिला बाड़मेर है।

राजस्थान में ऊँट की कौन-सी नस्ल तेज दौड़ने में सर्वक्षेष्ठ मानी जाती है ? 

[JEN Mechenical डिग्री 16.10.2016]

  • कच्छी 

  • जैसलमेरी 

  • बीकानेरी 

  • अलवरी

🔹 व्याख्या:

👉 ऊँटों की आबादी के मामले में राजस्थान देश में प्रथम स्थान पर है, जहाँ देश के 70% ऊँट पाए जाते हैं।
👉 सबसे अधिक ऊँट जैसलमेर में और सबसे कम प्रतापगढ़ में हैं।
👉 राजस्थान में ऊँट की प्रमुख नस्लें हैं: 

  • बीकानेरी – बोझा उठाने में श्रेष्ठ, 50% ऊँट इसी नस्ल के हैं।

  • नचना – तेज़ गति से चलने वाली श्रेष्ठ नस्ल।

  • जालोरी – सवारी हेतु प्रसिद्ध।

  • जैसलमेरी – रेतीले क्षेत्रों में सवारी व दौड़ने के लिए प्रसिद्ध। 

मेवात नस्ल के गौवंश, भैंस व बकरी राजस्थान के किन जिलों में पाए जाते हैं ? 

[JEN (Civil डिप्लोमा) 16.10.2016]

  • अजमेर, टोंक, भीलवाड़ा

  • अलवर, भरतपुर, धौलपुर 

  • डूंगरपुर, बाँसवाड़ा, प्रतापगढ़ 

  • बूँदी, कोटा, बारां 

🔹 व्याख्या:

👉 मेवात नस्ल के गौवंश, भैंस व बकरी मुख्यतः अलवर, भरतपुर, धौलपुर जिलों में पाए जाते हैं।
👉 मेवाती गाय प्रतिदिन 5 से 7 लीटर तक दूध देती है और यहाँ मुर्रा भैंसें भी पाली जाती हैं।
👉 यह क्षेत्र मेवात क्षेत्र कहलाता है जहाँ पशुपालन स्वतंत्र रूप से और कृषि के सहायक रूप में होता है।

✍️ सही उत्तर है – अलवर, भरतपुर, धौलपुर 

केन्द्रीय मत्स्य की शिक्षण संस्थान, मुम्बई के द्वारा किए गए अध्ययन (2010) के अनुसार राजस्थान में मत्स्य उत्पादन की वार्षिक क्षमता है : 

[लिपिक ग्रेड-II 19.08.2018]

  • 70,000 मैट्रिक टन

  • 80,000 मैट्रिक टन से अधिक

  • 20,000 मैट्रिक टन 

  • 50,000 मैट्रिक टन 

🔹 व्याख्या:

👉 केंद्रीय मत्स्य शिक्षा संस्थान, मुंबई द्वारा 2010 में किए गए अध्ययन के अनुसार,
👉 राजस्थान की वार्षिक मत्स्य उत्पादन क्षमता 80,000 मीट्रिक टन से अधिक है।
👉 यह आंकड़ा राज्य में मत्स्य पालन की संभावनाओं और क्षमताओं को दर्शाता है। 

केन्द्रीय पशुधन प्रजनन फार्म ___ में स्थित है। 

[REET मुख्य परीक्षा (L -2) 25.02.2023]

  • भरतपुर 

  • जोबनेर 

  • बस्सी  

  • सूरतगढ़

🔹 व्याख्या:

👉 केंद्रीय पशु प्रजनन फार्म (CCBF) राजस्थान के सूरतगढ़ में स्थित है।
👉 यह फार्म पशु प्रजनन और उत्पादन मानकों को बढ़ाने के लिए स्थापित किया गया था।
👉 यहाँ उच्च गुणवत्ता वाली नस्लें जैसे थारपारकर व साहिवाल का उत्पादन और वितरण किया जाता है।
👉 इसका उद्देश्य दूध उत्पादन सुधार, कृत्रिम गर्भाधान और बेहतर बैल उपलब्ध कराना है। 

निम्नलिखित में से किस मवेशी की प्रजातियाँ चोकला, मगरा व नाली हैं ? 

[सुपरवाईजर परीक्षा 06.01.2019]

  • गाय 

  • भेड़ 

  • भैंस 

  • बकरी 

🔹 व्याख्या:

👉 चोकला, मगरा और नाली — ये सभी भेड़ की प्रमुख नस्लें हैं जो राजस्थान में पाई जाती हैं।
👉 ये नस्लें विशेष रूप से ऊन उत्पादन के लिए जानी जाती हैं।
👉 इनका वितरण चूरू, बीकानेर, नागौर, गंगानगर, झुंझुनूं आदि जिलों में होता है।

✍️ सही उत्तर है – भेड़ 

सूची I सूची II से सुमेलित कीजिए तथा सूचियों के नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए 

       सूची I                             सूची II

(राजस्थान के क्षेत्र)                   (पशु नस्लें) 

(i) उत्तर-पश्चिमी राजस्थान            (a) राठी 

(ii) दक्षिण-पश्चिमी राजस्थान         (b) कांकरेज 

(iii) पश्चिमी राजस्थान                  (c) थारपारकर

(iv) दक्षिण-पूर्व मध्यवर्ती राजस्थान (d)  गिर 

[प्रयोगशाला सहायक 13.11.2016]

कूट – 

  • (i) a (ii) b (iii) d (iv) c

  • (i) b (ii) c (iii) d (iv) a 

  • (i) c (ii) b (iii) a (iv) d

  • (i) a (ii) b (iii) c (iv) d

🔹 व्याख्या:

👉 (i) उत्तर-पश्चिमी राजस्थान – राठी : यह नस्ल गंगानगर, बीकानेर, जैसलमेर क्षेत्र में पाई जाती है।
👉 (ii) दक्षिण-पश्चिमी राजस्थान – कांकरेज : यह नस्ल सिरोही, पाली, जालौर, बाड़मेर क्षेत्र में पाई जाती है।
👉 (iii) पश्चिमी राजस्थान – थारपारकर : यह नस्ल बाड़मेर, जैसलमेर, जोधपुर क्षेत्र में पाई जाती है।
👉 (iv) दक्षिण-पूर्व मध्यवर्ती राजस्थान – गिर : यह नस्ल अजमेर, भीलवाड़ा, राजसमंद, उदयपुर आदि में पाई जाती है।

✍️ सही उत्तर है – (i)–a, (ii)–b, (iii)–c, (iv)–d 

निम्नलिखित में से कौन सा (गौवंश की नस्ल राजस्थान में क्षेत्र) सही सुमेलित नहीं है? 

[वनरक्षक (चतुर्थ चरण) 13.11.2022]

  • गिर            - मध्यवर्ती और दक्षिणी पूर्वी

  • थारपारकर   - पश्चिमी 

  • कांकरेज      - दक्षिणी पूर्वी

  • राठीं            - उत्तर पश्चिमी 

🔹 व्याख्या:

👉 कांकरेज – दक्षिणी पूर्वी : यह सुमेलित गलत है, क्योंकि कांकरेज नस्ल पाली, जालौर, सिरोही व बाड़मेर के क्षेत्रों में पाई जाती है जो पश्चिमी राजस्थान में आते हैं।
👉 राठी – उत्तर पश्चिमी, थारपारकर – पश्चिमी और गिर – मध्यवर्ती व दक्षिणी पूर्वी — ये सभी सुमेलित सही हैं।
👉 कांकरेज क्षेत्र को सांचौर अथवा काँकरेज क्षेत्र भी कहा जाता है।

✍️ सही उत्तर है – कांकरेज – दक्षिणी पूर्वी 

निम्नलिखित में से कौन सी भेड़ की नस्ल नहीं है ? 

[वनरक्षक (द्वितीय चरण -A) 11.12.2022]

  • राठी 

  • पुगल

  • नाली 

  • चोखला 

🔹 व्याख्या:

👉 राठी नस्ल गाय की नस्ल है, जो विशेष रूप से गंगानगर, बीकानेर व जैसलमेर में पाई जाती है।
👉 चोखला, नाली और पुगल — ये सभी राजस्थान की प्रमुख भेड़ नस्लें हैं और ऊन उत्पादन के लिए जानी जाती हैं।
👉 राठी का उपयोग मुख्यतः दूध उत्पादन हेतु किया जाता है।

✍️ सही उत्तर है – राठी 

राजस्थान राज्य डेयरी विकास निगम की स्थापना किस वर्ष में की गयी थी ?

[कृषि पर्यवेक्षक परीक्षा 03.03.2019]

  • 1980 

  • 1975

  • 1985 

  • 1970

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान राज्य डेयरी विकास निगम (RSDDC) की स्थापना 1975 में की गई थी।
👉 वर्ष 1977 में इसके कार्यों को राजस्थान सहकारी डेयरी फेडरेशन (RCDF) ने संभाला और यह ऑपरेशन फ्लड के लिए नोडल एजेंसी बन गया।
👉 यह संस्था राजस्थान सहकारी समितियाँ अधिनियम 1965 के तहत पंजीकृत समाज के रूप में कार्य करती है।
👉 इसका उद्देश्य डेयरी विकास कार्यक्रमों का संचालन एवं सतत दुग्ध उत्पादन सुनिश्चित करना है। 

निम्नलिखित में से कौन सी भेड़ की नस्ल 'चकरी' के नाम से जानी जाती है ? 

[JEN (सिविल) (डिप्लोमा धारक) 06.12.2020]

  • मगरा 

  • चोकला

  • सोनाडी 

  • नाली

🔹 व्याख्या:

👉 मगरा नस्ल को ही 'चकरी' या 'बीकानेरी चौकला' के नाम से भी जाना जाता है।
👉 यह नस्ल मुख्यतः बीकानेर, जैसलमेर, नागौर और चूरू जिलों में पाई जाती है।
👉 इससे प्राप्त ऊन लंबे रेशों वाली और कालीन निर्माण के लिए उपयुक्त होती है।

✍️ सही उत्तर है – मगरा 

राजस्थान के निम्न में से किस स्थान पर केन्द्रीय भेड़ एवं ऊन शोध संस्थान अवस्थित है ? 

[JEN (यांत्रिक) (डिप्लोमाधारक) 13.12.2020]

  • अविकानगर - टोंक

  • पुष्कर - अजमेर

  • सांगानेर - जयपुर

  • पोकरण - जैसलमेर

🔹 व्याख्या:

👉 ICAR–केंद्रीय भेड़ और ऊन अनुसंधान संस्थान (CSWRI) की स्थापना 1962 में की गई थी।
👉 यह संस्थान अविकानगर, मालपुरा, टोंक (राजस्थान) में स्थित है और कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा विभाग (DARE) द्वारा प्रायोजित है।
👉 यह भेड़ और खरगोशों से संबंधित अनुसंधान, प्रशिक्षण और विस्तार कार्यों में सक्रिय है।
👉 संस्थान का संपर्क ICAR, ऊन विकास बोर्ड, लघु उद्योगों और राज्य पशुपालन विभाग से रहता है। 

'थारपारकर' की एक नस्ल है। 

[प्रयोगशाला सहायक (गृह विज्ञान) 30.06.2022]

  • बकरी 

  • भेड़ 

  • गाय 

  • ऊँट 

🔹 व्याख्या:

👉 थारपारकर एक प्रसिद्ध गाय की नस्ल है जो विशेष रूप से पश्चिमी राजस्थान में पाई जाती है।
👉 इसका उत्पत्ति स्थान बाड़मेर का मालाणी प्रदेश माना जाता है।
👉 यह नस्ल 10–12 लीटर तक दूध देने की क्षमता रखती है।

✍️ सही उत्तर है – गाय 

'राष्ट्रीय बकरी अनुसंधान संस्थान' कहाँ स्थित है ? 

[कनिप्ठ अनुदेशक (रेफ्रीजरेशन) 24.12.2019]

  • अविकानगर 

  • गंगानगर 

  • राजनगर (राजसमंद) 

  • तारानगर 

🔹 व्याख्या:

👉 अविकानगर (जिला टोंक) में केंद्रीय भेड़ एवं ऊन अनुसंधान केंद्र संचालित है।
👉 इसी स्थान पर राष्ट्रीय बकरी अनुसंधान संस्थान केंद्र भी कार्यरत है।
👉 यह दोनों संस्थान पशुधन विकास और अनुसंधान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। 

राजस्थानी ऊँट का वैज्ञानिक नाम है ?

[प्रयोगशाला सहायक 03.02.2019]

  • केमेलस डेजर्टियस

  • केमेलस बेक्टिरियस

  • केमेलस ड्रोमेडेरियस

  • केमेलस यूरोपा

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान में पाए जाने वाले ऊँट एक कूबड़ वाले होते हैं, जिन्हें वैज्ञानिक रूप से Camelus dromedarius कहा जाता है।
👉 यह ऊँट मुख्यतः शुष्क मरुस्थलीय क्षेत्रों में पाया जाता है और इसे 'मरुस्थल का जहाज' भी कहा जाता है।

✍️ सही उत्तर है – केमेलस ड्रोमेडेरियस 

राजस्थान के उक्त मानचित्र में पशुओं की प्रसिद्ध नस्लों के क्षेत्रीय वितरण को (i), (ii), (iii) और (iv) से अंकित किया गया है। नीचे दी गई क्रमावली से इनका सही अनुक्रम पहचानिए - 

[पटवारी मुख्य परीक्षा 24.12.2016]

  • कांकरेज, गीर, थारपरकार, राठी 

  • थारपरकार, कांकरेज, गीर, राठी 

  • धारपरकार, राठी, गीर, कांकरेज 

  • राठी, थारपरकार, कांकरेज, गीर 

🔹 व्याख्या:

राजस्थान के मानचित्र में दिए गए चिन्हों के आधार पर:

  • (i) – राठी क्षेत्र (गंगानगर, बीकानेर, उत्तरी जैसलमेर)

  • (ii) – थारपारकर क्षेत्र (बाड़मेर, जैसलमेर, जोधपुर)

  • (iii) – कांकरेज क्षेत्र (पाली, जालौर, सिरोही)

  • (iv) – गिर क्षेत्र (उदयपुर, चित्तौड़गढ़, राजसमंद, भीलवाड़ा)

✍️ सही उत्तर है – राठी, थारपरकार, कांकरेज, गीर 

निम्न में से गाय की कौन-सी प्रजाति जालौर, सीरोही, पाली व बाड़मेर जिलों में पाई जाती है ? 

[कनिष्ठ अनुदेशक (कोपा) 24.03.2019]

  • कांकरेज   

  • राठी 

  • मेवाती

  • थारपारकर 

🔹 व्याख्या:

👉 कांकरेज नस्ल की गायें मुख्यतः पाली, जालौर, सिरोही और बाड़मेर जिलों में पाई जाती हैं।
👉 यह नस्ल तेज चलने और बोझा ढोने की क्षमता के लिए जानी जाती है।
👉 इस क्षेत्र को सांचौर अथवा काँकरेज क्षेत्र भी कहा जाता है।

✍️ सही उत्तर है – कांकरेज 

भेड़ की किस नस्ल को 'भारतीय मरीनो' के नाम से भी जाना जाता है ? 

[JEN (यांत्रिक) (डिग्रीधारक) 13.12.2020]

  • पूगल 

  • मालपुरा 

  • नाली 

  • चोकला 

🔹 व्याख्या:

👉 चोकला भेड़ की नस्ल को उसकी उत्कृष्ट और महीन ऊन (fine quality carpet wool) के कारण 'भारतीय मेरिनो' (Merino of India या Merino of Rajasthan) के नाम से भी जाना जाता है

निम्नलिखित में से कौन सा एक कथन सत्य है ? 

[कनिप्ठ अनुदेशक (मैकेनिक) 23.12.2019]

  • केंद्रीय अश्व अनुसंधान केन्द्र बारां में स्थित है । 

  • केंद्रीय गोधन प्रजनन केन्द्र चित्तौडगढ़ में स्थित है ।

  • केंद्रीय ऊँट प्रजनन एवं अनुसंधान संस्थान बीकानेर में स्थित है । 

  • केंद्रीय भेड़ प्रजनन केन्द्र चुरू में स्थित है । 

🔹 व्याख्या:

👉 ऊँट अनुसंधान केंद्र राजस्थान के बीकानेर में स्थित है और यह ICAR के अंतर्गत कार्य करता है।
👉 5 जुलाई 1984 को भारत सरकार ने यहाँ ऊँट पर परियोजना निदेशालय की स्थापना की थी।
👉 यह केंद्र विशेष रूप से शुष्क व अर्ध-शुष्क क्षेत्रों में ऊँट की आर्थिक व सामाजिक भूमिका को ध्यान में रखकर बनाया गया।
👉 यहाँ बीकानेरी, जसनपुरी, कच्छी व मेवाड़ी नस्लों के ऊँटों का कुलीन झुंड संरक्षित है। 

केन्द्रीय भेड़ एवं ऊन अनुसंधान केन्द्र अवस्थित है ?

[कनिष्ठ वैज्ञानिक सहायक (विष) 14.09.2019]

  • अविकानगर 

  • फलॉदी 

  • रानीवाड़ा 

  • जोड़बीड़

🔹 व्याख्या:

👉 केन्द्रीय भेड़ एवं ऊन अनुसंधान केन्द्र राजस्थान के अविकानगर में स्थित है।
👉 यह संस्थान भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के अंतर्गत कार्य करता है।
👉 1962 में स्थापित यह केंद्र भेड़ प्रजनन, ऊन तकनीक और उत्पादकता सुधार से संबंधित अनुसंधान करता है।

ऊँट अनुसंधान केन्द्र स्थित है 

[CET (10+2 तृतीय चरण) 05.02.2023]

  • बाड़मेर में 

  • श्रीगंगानगर में 

  • बीकानेर में 

  • जालोर में 

🔹 व्याख्या:

👉 ऊँट अनुसंधान केन्द्र का नाम है नेशनल रिसर्च सेंटर ऑन कैमल (National Research Centre on Camel)।
👉 यह केन्द्र बीकानेर में स्थित है और ऊँट पालन, संरक्षण व अनुसंधान हेतु कार्य करता है।
👉 राज्य में ऊँटों की प्रमुख नस्लों में बीकानेरी, जैसलमेरी, गोमठ, नाचना आदि शामिल हैं।

✍️ सही उत्तर है – बीकानेर 

राजस्थान में भारतीय कृषि अनुसन्धान परिषद् द्वारा केन्द्रीय ऊँट अनुसन्धान संस्थान कहाँ स्थापित किया गया है ?

[पशुधन सहायक (LSA) 16.10.2016]

  • रामगढ़

  • कोलायत 

  • जोड़-बीड

  • सूरतगढ़ 

🔹 व्याख्या:

👉 भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद् (ICAR) द्वारा स्थापित केन्द्रीय ऊँट अनुसंधान संस्थान का नाम है National Research Centre on Camel।
👉 यह संस्थान बीकानेर जिले के जोड़-बीड क्षेत्र में स्थित है।
👉 यहाँ ऊँटों पर प्रजनन, स्वास्थ्य, आहार और नस्ल सुधार पर अनुसंधान किया जाता है।

✍️ सही उत्तर है – जोड़-बीड 

मगरा, पूगल और सोनाड़ी, निम्न में से किसकी कुछ नस्लें हैं ? 

[JEN (विधुत) (डिप्लोमाघारक) 29.11.2020]

  • बकरी 

  • भैंस 

  • भेड़

  • ऊँट

🔹 व्याख्या:

👉 मगरा, पूगल और सोनाड़ी — ये सभी राजस्थान की भेड़ की प्रमुख नस्लें हैं।
👉 ये नस्लें मुख्यतः ऊन उत्पादन के लिए पाली जाती हैं और बीकानेर, जैसलमेर, चित्तौड़गढ़, उदयपुर आदि जिलों में पाई जाती हैं।
👉 इनकी ऊन का उपयोग गलीचा व कम्बल निर्माण में होता है।

✍️ सही उत्तर है – भेड़ 

गुजरात के 'गिर' प्रकार की गाय नस्ल को राजस्थान में कहा जाता है 

[प्रयोगशाला सहायक (गृह विज्ञान) 30.06.2022]

  • नागौरी 

  • थारपारकर 

  • रैंण्डा 

  • राठी 

🔹 व्याख्या:

👉 गिर नस्ल की गायें राजस्थान में 'रेण्डा' या 'अजमेरा' नाम से जानी जाती हैं।
👉 यह नस्ल मुख्यतः अजमेर, ब्यावर, भीलवाड़ा और पाली जिलों में पाई जाती है।
👉 यह दूध उत्पादन के लिए प्रसिद्ध नस्ल मानी जाती है।

✍️ सही उत्तर है – रैंण्डा 

निम्नलिखित में से राजस्थान के किस स्थान पर तेजाजी की याद में मवेशी मेला लगाया जाता है ? 

[संगणक परीक्षा 03.03.2024]

  • तिलवाड़ा

  • असन्ध 

  • जालौर 

  • पर्बतसर 

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान में तेजाजी की याद में मवेशी मेला परबतसर में आयोजित किया जाता है।
👉 यह मेला राज्य सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त प्रमुख पशु मेलों में शामिल है।
👉 अन्य प्रमुख मेलों में तिलवाड़ा (मल्लीनाथ), नागौर, पुष्कर, झालरापाटन आदि शामिल हैं।

✍️ सही उत्तर है – पर्बतसर 

राजस्थान में मारवाड़ी नस्ल की बकरी का प्रजनन एवं अनुसंधान केन्द्र कहाँ स्थित है ? 

[कनिप्ठ अनुदेशक (मैकेनिक) 23.12.2019]

  • जोधपुर 

  • पोखरण 

  • टोंक 

  • बीकानेर 

🔹 व्याख्या:

👉  राजस्थान में मारवाड़ी नस्ल की बकरी का प्रजनन एवं अनुसंधान केन्द्र टोंक में स्थित है।

राठी नस्ल की गायें राजस्थान के किस भौगोलिक क्षेत्र में मिलती हैं ? 

[JEN (यांत्रिकी डिग्री) 21.08.2016]

  • पश्चिमी राजस्थान 

  • दक्षिण - पूर्व मध्यवर्ती राजस्थान

  • दक्षिण पश्चिमी राजस्थान

  • उत्तर पश्चिमी राजस्थान 

🔹 व्याख्या:

👉 राठी नस्ल की गायें मुख्यतः उत्तर-पश्चिमी राजस्थान में पाई जाती हैं।
👉 यह नस्ल गंगानगर, बीकानेर और जैसलमेर के उत्तरी-पूर्वी क्षेत्रों में पाई जाती है।
👉 राठी गायें अधिक दूध उत्पादन वाली होती हैं और इनका संबंध साहीवाल व सिंधी नस्लों से है।

✍️ सही उत्तर है – उत्तर पश्चिमी राजस्थान 

गौवंश की कौनसी नस्ल 'मालाणी' भी कहलाती है? 

[वनरक्षक (प्रथम चरण) 12.11.2022]

  • कांकरेज

  • राठी 

  • थारपारकर 

  • गिर

🔹 व्याख्या:

👉 थारपारकर नस्ल का उत्पत्ति क्षेत्र बाड़मेर का मालाणी प्रदेश है, इसलिए इसे 'मालाणी' भी कहा जाता है।
👉 यह नस्ल दूध उत्पादन में प्रसिद्ध है और बाड़मेर, बालोतरा, जोधपुर, जैसलमेर में पाई जाती है।
👉 थारपारकर नस्ल की गाएँ 10–12 लीटर तक दूध देती हैं।

✍️ सही उत्तर है – थारपारकर 

बरबरी एक प्रजाति है 

[पुस्तकालयाध्यक्ष ग्रेड - III 19.09.2019]

  • बकरी 

  • भेड़ 

  • गधा 

  • ऊँट

🔹 व्याख्या:

👉 बरबरी एक प्रमुख बकरी की नस्ल है, जो राजस्थान सहित उत्तर भारत के कई हिस्सों में पाई जाती है।
👉 यह नस्ल कम चारे में जीवित रहने और अच्छे दूध उत्पादन के लिए जानी जाती है।
👉 इसे अक्सर जमनापुरी, सिरोही, लोही जैसी नस्लों के साथ पाला जाता है।

✍️ सही उत्तर है – बकरी 

राजस्थान में केन्द्रीय भेड़ एवं ऊन अनुसंधान संस्थान कहाँ पर अवस्थित है ? 

[अन्वेषक परीक्षा 27.12.2020]

  • पोखरण, जैसलमेर  

  • सांगानेर, जयपुर 

  • पुष्कर, अजमेर

  • अविकानगर, टोंक

🔹 व्याख्या:

👉 केन्द्रीय भेड़ एवं ऊन अनुसंधान संस्थान राजस्थान के टोंक जिले के मालपुरा के पास अविकानगर में स्थित है।
👉 यह संस्थान भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के अधीन 1962 में स्थापित किया गया था।
👉 इसका कार्यक्षेत्र भेड़ की नस्लों, ऊन प्रौद्योगिकी, उत्पादकता सुधार, तथा पशु पोषण, आनुवंशिकी और स्वास्थ्य प्रबंधन पर अनुसंधान करना है। 

उदयपुर की गिरवा और झाडौल पंचायत समितियों में 1983 में कौन सा कार्यक्रम प्रारम्भ किया गया था? 

[REET मुख्य परीक्षा (L -2) 27.02.2023]

  • मत्स्यपालन (पीसिकल्चर) 

  • अंगूर की खेती (विटीकल्चर) 

  • रेशमकीट - पालन (सेरिकल्चर) 

  • बागवानी (हॉर्टीकल्चर)

🔹 व्याख्या:

👉 वर्ष 1983 में उदयपुर की गिरवा और झाड़ोल पंचायत समितियों में रेशमकीट पालन (सेरिकल्चर) कार्यक्रम की शुरुआत की गई थी। 

निम्न में से कौन-सी एक प्रजाति भेड़ की नहीं है ? 

[उद्योग निरीक्षक परीक्षा 24.06.2018]

  • मालपुरी 

  • बागड़ी 

  • मेगरा 

  • नाचना  

🔹 व्याख्या:

👉 नाचना भेड़ की नस्ल नहीं, बल्कि ऊँट की एक नस्ल है जो राजस्थान में पाई जाती है।
👉 मेगरा (मगरा), मालपुरी और बागड़ी – ये सभी भेड़ की प्रजातियाँ हैं, जो राजस्थान के विभिन्न जिलों में पाई जाती हैं।
👉 विशेष रूप से मगरा और मालपुरी ऊन उत्पादन के लिए प्रसिद्ध हैं।

✍️ सही उत्तर है – नाचना 

निम्नलिखित में से कौन-सी गाय की नस्ल नहीं है ? 

[कनिष्ठ वैज्ञानिक सहायक (भौतिक) 21.09.2019]

  • थारपारकर 

  • राठी 

  • गिर 

  • मुर्राह

🔹 व्याख्या:

👉 थारपारकर, गिर और राठी — ये सभी गाय की प्रमुख नस्लें हैं, जो राजस्थान व गुजरात में पाई जाती हैं।
👉 जबकि मुर्राह एक भैंस की नस्ल है, जो विशेष रूप से दूध उत्पादन के लिए जानी जाती है।
👉 मुर्राह नस्ल मुख्यतः जयपुर, अलवर, भरतपुर आदि जिलों में पाई जाती है।

✍️ सही उत्तर है – मुर्राह 

निम्नलिखित में से कौन-सी बकरी की नस्ल है ? 

[कनिष्ठ अनुदेशक (फिटर) 23.03.2019]

  • मालवी 

  • पूंगल 

  • गिर 

  • मारवाडी 

🔹 व्याख्या:

👉 मारवाड़ी नस्ल राजस्थान की एक प्रमुख बकरी नस्ल है।
👉 यह नस्ल विशेष रूप से जोधपुर, पाली, नागौर और बाड़मेर जिलों में पाई जाती है।
👉 अन्य विकल्पों में – मालवी और गिर गाय की नस्लें हैं, जबकि पूंगल भेड़ की नस्ल है।

✍️ सही उत्तर है – मारवाडी 

'राष्ट्रीय ऊँट अनुसंधान केंद्र' ___ में स्थित है।

[वनपाल परीक्षा 06.11.2022]

  • जोधपुर 

  • बाड़मेर 

  • अजमेर 

  • बीकानेर

🔹 व्याख्या:

👉 राष्ट्रीय ऊँट अनुसंधान केंद्र का नाम है National Research Centre on Camel।
👉 यह केंद्र बीकानेर में स्थित है और ऊँटों से संबंधित अनुसंधान, नस्ल सुधार एवं संरक्षण कार्य करता है।
👉 यह राजस्थान में ऊँट पालन के प्रमुख संस्थानों में से एक है।

✍️ सही उत्तर है – बीकानेर 

राजस्थान में निम्नांकित पशुओं में से सबसे अधिक संख्या किसकी है (2012) ? 

[JEN (Civil डिग्री) 16.10.2016]

  • गौवंश

  • भेड़ 

  • बकरी

  • भैंस 

🔹 व्याख्या:

👉 वर्ष 2012 की पशुगणना के अनुसार राजस्थान में बकरियों की संख्या सबसे अधिक थी।
👉 उस वर्ष बकरियों की संख्या 216.7 लाख, गौवंश 133.24 लाख, भैंस 129.76 लाख तथा भेड़ 90.08 लाख रही।
👉 बकरियाँ राजस्थान के प्रत्येक जिले में पाई जाती हैं और शुष्क जलवायु में आसानी से पालन योग्य हैं।

✍️ सही उत्तर है – बकरी 

निम्नलिखित में से कौनसी भेड़ की नस्ल 'चकरी' के नाम से जानी जाती है ? 

[कनिष्ठ वैज्ञानिक सहायक (रसायन) 14.09.2019]

  • सोनाड़ी

  • पूगल 

  • मगरा 

  • नाली 

🔹 व्याख्या:

👉 मगरा नस्ल को ही 'चकरी' अथवा 'बीकानेरी चौकला' के नाम से जाना जाता है।
👉 यह नस्ल मुख्यतः बीकानेर, नागौर, जैसलमेर और चूरू जिलों में पाई जाती है।
👉 इससे प्रति वर्ष 1.36 से 2.27 किग्रा तक ऊन प्राप्त होती है, जो कालीन निर्माण के लिए उपयुक्त होती है।

✍️ सही उत्तर है – मगरा 

भेड़ की कौन-सी प्रजाति भारतीय मेरिनो के नाम से जानी जाती है ? 

[कनिष्ठ अनुदेशक (कोपा) 24.03.2019]

  • जैसलमेरी

  • नाली

  • चोकला 

  • पूगल

🔹 व्याख्या:

👉 चोकला नस्ल को राजस्थान में 'भारतीय मेरीनो' के नाम से जाना जाता है।
👉 यह नस्ल विशेष रूप से चूरू, सीकर, झुंझुनूं, नागौर व बीकानेर में पाई जाती है।
👉 इससे प्रति वर्ष औसतन 1.4 से 2.3 किलोग्राम ऊन प्राप्त होती है।

✍️ सही उत्तर है – चोकला 

निम्नलिखित में से कौन सी भैंस की स्वदेशी दुधारू नस्ल है ?  

[स्टेनोग्राफर परीक्षा 05.10.2024]

  • जखराना 

  • बीटल 

  • जमुनापरी

  • मुर्राह 

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान में मुर्राह नस्ल की भैंसें प्रमुख रूप से दूध उत्पादन के लिए पाली जाती हैं।
👉 मुर्राह नस्ल को राज्य में स्वदेशी दुधारू भैंस के रूप में स्वीकार किया गया है।
👉 अन्य भैंसों की नस्लों में महसाना, सुरती, भदावरी और जाफराबादी भी राज्य में पाई जाती हैं।
👉 जमुनापरी बकरी की नस्ल है और जखराना व बीटल भी बकरी की नस्लें हैं।

✍️ सही उत्तर है – मुर्राह 

निम्नलिखित में से कौनसा (नस्ल - पशुधन) सही सुमेलित नहीं है ? 

VDO Pre. (द्वितीय चरण) 27.12.2021

  • चनोथर - भेड़ 

  • लोही - भैंस 

  • कांकरेज गौवंश 

  • बरबरी - बकरी 

🔹 व्याख्या:

👉 बरबरी – बकरी, चनोथर (सोनाड़ी) – भेड़ और कांकरेज – गौवंश सभी सुमेलित सही हैं।
👉 लोही वास्तव में बकरी की नस्ल है, न कि भैंस की। अतः यह युग्म गलत है।
👉 लोही, झखराना, सिरोही आदि राजस्थान की प्रमुख बकरी नस्लों में शामिल हैं।

✍️ सही उत्तर है – लोही – भैंस 

सूची-I के साथ सूची-II का मिलान कीजिए 

सूची I  

सूची II 
a. बीटल    I. भैंस
b. नागौरी   II. भेड़
c. नीली रावी  III. गाय
d. मेरीनो  IV. बकरी

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:

[कृषि पर्यवेक्षक परीक्षा 04.02.2024]

  • a-I, b-IV, c-II, d -III 

  • a-III, b-I, c-II, d-IV 

  • a-II, b-IV, c-III, d-I 

  • a-IV, b-III, c-I, d-II 

🔹 व्याख्या:

👉 बीटल – बकरी : बीटल नस्ल राजस्थान में पाई जाने वाली एक बकरी की नस्ल है।
👉 नागौरी – गाय : नागौरी नस्ल राजस्थान की प्रमुख गाय नस्लों में से एक है, विशेषकर नागौर जिले में पाई जाती है।
👉 नीली रावी – भैंस : यह भैंस की एक नस्ल है।
👉 मेरीनो – भेड़ : यह विदेशी नस्ल की भेड़ है, जो ऊन उत्पादन के लिए प्रसिद्ध है।

✍️ सही उत्तर है – a–IV, b–III, c–I, d–II 

निम्नलिखित में से कौन सा सही सुमेलित नहीं है ?

[वनरक्षक (द्वितीय चरण -B) 11.12.2022]

  • मुर्रा             - भैंस

  • नाचना        - ऊँट

  • सोनारी        - भेड़ 

  • गोमठ          - गाय 

🔹 व्याख्या:

👉 मुर्रा – भैंस : यह एक प्रसिद्ध दुधारू भैंस की नस्ल है।
👉 सोनारी – भेड़ : यह नस्ल चित्तौड़गढ़, डूंगरपुर, उदयपुर में पाई जाती है।
👉 नाचना – ऊँट : यह ऊँट की एक प्रमुख नस्ल है जो राजस्थान में पाई जाती है।
👉 गोमठ – गाय नहीं, बल्कि यह ऊँट की नस्ल है।

✍️ सही उत्तर है – गोमठ – गाय 

'काँकरेज' _______ की एक नस्ल है । 

[आर्थिक अन्वेषक परीक्षा 25.03.2019]

  • ऊँट 

  • बकरी 

  • भैंस 

  • गाय

🔹 व्याख्या:

👉 काँकरेज राजस्थान की गाय की एक प्रमुख नस्ल है, जो विशेषकर सांचौर, पाली, जालौर और बाड़मेर क्षेत्रों में पाई जाती है।
👉 यह नस्ल तेज चलने और बोझा ढोने के लिए जानी जाती है।
👉 यह क्षेत्र 'सांचौर अथवा काँकरेज क्षेत्र' के रूप में पहचाना जाता है।

✍️ सही उत्तर है – गाय 

किस जिले में 'ऊँट अनुसंधान संस्थान' स्थित है ? 

[REET मुख्य परीक्षा (L -2) 26.02.2023]

  • बाड़मेर 

  • बीकानेर 

  • जोधपुर 

  • जैसलमेर 

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान में 'National Research Centre on Camel', अर्थात् ऊँट अनुसंधान संस्थान बीकानेर जिले में स्थापित है।

✍️ सही उत्तर है – बीकानेर

निम्नलिखित में से कौन सा (नस्ल - पशु) सुमेलित नहीं है? 

[VDO Pre. (प्रथम चरण) 27.12.2021]

  • मेहसाना - भैंस 

  • खेरी - बकरी 

  • सोनाड़ी - भेड़ 

  • सांचौरी -गाय 

🔹 व्याख्या:

👉 खेरी – भेड़ : यह सुमेलित गलत है, क्योंकि खेरी भेड़ की नस्ल है, न कि बकरी की।
👉 सोनाड़ी – भेड़, सांचौरी – गाय, और मेहसाना – भैंस — ये सभी सुमेलित सही हैं।
👉 खेरी नस्ल की भेड़ें जोधपुर, नागौर, पाली जिलों में पाई जाती हैं।

✍️ सही उत्तर है – खेरी–बकरी 

राजस्थान में 19 वीं पशुगणना किस वर्ष में की गई ? 

[कनिप्ठ अनुदेशक (वायरमैन) 24.12.2019]

  • 2012

  • 2010 

  • 2015

  • 2007 

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान में पशुगणनाएँ क्रमशः 2003, 2007, 2012 और 2019 में की गई थीं।
👉 अतः उन्नीसवीं पशुगणना का क्रम 2012 के बाद आता है, जो कि वर्ष 2019 में की गई बीसवीं पशुगणना थी।
👉 इसलिए उन्नीसवीं पशुगणना का वर्ष 2012 था।

✍️ सही उत्तर है – 2012