..............नस्ल राजस्थान में कुल भेड़ आबादी का लगभग 45% हिस्सा बनाती है।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर चुनें
[JEN (Diploma) 06.02.2025]
👉 राजस्थान में कुल भेड़ों में सबसे अधिक संख्या मारवाड़ी नस्ल की है (लगभग 45%)।
👉 इसमें रोग प्रतिरोधक क्षमता सर्वाधिक होती है।
👉 यह मुख्यतः जोधपुर, बाड़मेर, पाली, दौसा और जयपुर जिलों में पाई जाती है।
✍️ सही उत्तर है – मारवाड़ी भेड़
निम्नलिखित में से कौन-सी भेड़ की नस्लें हैं ?
1. मगरा
2. चोकला
3. जैसलमेरी
4. मालपुरा
निम्न में से सबसे उपयुक्त विकल्प चुनें:
[कनिष्ठ अनुदेशक (कंप्यूटर) 10.01.2025]
👉 मगरा, चोकला, जैसलमेरी और मालपुरा — ये सभी राजस्थान की प्रमुख भेड़ नस्लें हैं।
👉 ये नस्लें विशेष रूप से ऊन उत्पादन के लिए जानी जाती हैं और राजस्थान के विभिन्न जिलों में पाई जाती हैं।
👉 सभी नस्लों से सालाना औसतन 1–2.5 किग्रा तक ऊन प्राप्त होती है।
✍️ सही उत्तर है – 1, 2, 3 और 4 सभी
चोकला नस्ल है -
[कनिष्ठ अनुदेशक (कार्यशाला) 19.11.2024]
👉 चोकला राजस्थान की एक प्रसिद्ध भेड़ की नस्ल है।
👉 यह मुख्यतः चूरू, झुंझुनूं, सीकर, नागौर और बीकानेर जिलों में पाई जाती है।
👉 इससे प्रति वर्ष औसतन 1.4 से 2.3 किलोग्राम ऊन प्राप्त होती है।
✍️ सही उत्तर है – भेड़
कच्छी नस्ल है -
[कनिष्ठ अनुदेशक (रोजगार) 18.11.2024]
👉 कच्छी राजस्थान में पाई जाने वाली ऊँट की नस्ल है।
👉 यह नस्ल विशेष रूप से भार ढोने और यात्रा के लिए उपयोगी मानी जाती है।
👉 राज्य में ऊँट की अन्य नस्लों में बीकानेरी, जैसलमेरी, नाचना, गोमठ आदि शामिल हैं।
✍️ सही उत्तर है – ऊँट की
राजस्थान का कौन सा क्षेत्र थारपारकर नस्ल की गाय का उद्गम स्थल है?
[JEN यांत्रिक विद्युत 06.02.2025]
👉 थारपारकर नस्ल का मूल स्थान सिंध क्षेत्र और बाड़मेर का मालाणी गाँव है।
👉 इसका प्रमुख प्रजनन केंद्र जैसलमेर का चंदन गाँव है।
👉 यह नस्ल मुख्य रूप से पाकिस्तान और जैसलमेर की सीमा पर पाई जाती है।
👉 थारपारकर नस्ल राजस्थान के पश्चिमी शुष्क क्षेत्र में पाई जाती है।
✍️ सही उत्तर है – जैसलमेर
केन्द्रीय भेड़ एवं ऊन अनुसंधान संस्थान राजस्थान में कहाँ अवस्थित है ?
[कनिष्ठ अनुदेशक (टर्नर) 09.01.2025]
👉 केन्द्रीय भेड़ एवं ऊन अनुसंधान संस्थान का नाम है
Central Sheep & Wool Research Institute (CSWRI)।
👉 यह संस्थान अविकानगर (मालपुरा) में स्थित है, जो राजस्थान के टोंक जिले में आता है।
👉 यह केंद्र भेड़ नस्ल सुधार, ऊन अनुसंधान व प्रशिक्षण का प्रमुख संस्थान है।
✍️ सही उत्तर है – टोंक
निम्नलिखित में से कौनसी गाय की दुधारू नस्ल नहीं है ?
[L.S.A. Exam 13.06.2025]
👉 डांगी गाय दुधारू नस्ल नहीं मानी जाती, बल्कि यह एक द्विकाजी नस्ल है।
👉 इस नस्ल का उपयोग दूध उत्पादन के साथ-साथ भारी काम करने में भी किया जाता है।
👉 इसकी क्षमता इसे कामकाजी और उपयोगी दोहरी उद्देश्य वाली नस्ल बनाती है।
✍️ सही उत्तर है – डांगी
देश के कुल दूध उत्पादन में राजस्थान का अनुमानित दूध उत्पादन कितना है ?
नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर चुनें।
[सर्वेयर परीक्षा 23.02.2025]
👉 राजस्थान देश के दूध उत्पादन में महत्वपूर्ण योगदान देता है।
👉 देश के कुल दूध उत्पादन में राजस्थान का अनुमानित योगदान लगभग 10% है।
✍️ सही उत्तर है – 10%
राजस्थान में 'डेयरी उद्योग' ________ प्रारंभ हुआ ।
[कनिष्ठ अनुदेशक (सुईंग) 09.01.2025]
👉 राजस्थान में 'डेयरी उद्योग' का प्रारंभ वर्ष 1971 में हुआ।
👉 इसी वर्ष राजस्थान सहकारी डेयरी फेडरेशन (RCDF) की स्थापना की गई थी।
👉 इसका उद्देश्य दुग्ध व्यवसाय को संगठित व व्यापारिक स्वरूप देना था।
✍️ सही उत्तर है – 1971 में
राजस्थान की भेड़ की निम्नलिखित में से किस नस्ल को 'भारत की मेरिनो' के रूप में जाना जाता है ?
निम्नलिखित विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर चुनें :
[JEN यांत्रिक डिग्री 10.02.2025]
👉 राजस्थान की चोकला भेड़ नस्ल को 'भारत का मेरिनो' कहा जाता है।
👉 इसकी ऊन की गुणवत्ता उत्कृष्ट होती है और यह कालीन ऊन के लिए प्रसिद्ध है।
👉 इसे 'शेखावाटी' और 'छापर' भेड़ भी कहा जाता है।
✍️ सही उत्तर है – चोकला
पूगल एक प्रसिद्ध नस्ल है -
कनिष्ठ अनुदेशक (मैके. डीजल) 16.11.2024
👉 पूगल राजस्थान की एक प्रसिद्ध भेड़ की नस्ल है।
👉 यह मुख्यतः बीकानेर और जैसलमेर जिलों में पाई जाती है।
👉 इस नस्ल से प्राप्त ऊन सफेद और मध्यम किस्म की होती है, जिससे गलीचे आदि बनाए जाते हैं।
✍️ सही उत्तर है – भेड़ की
निम्नलिखित में से कौन सी गाय की नस्ल नहीं है ?
[कनिष्ठ अनुदेशक (कोस्मेटो) 08.01.2025]
👉 मुर्राह एक प्रसिद्ध भैंस की नस्ल है, जो दूध उत्पादन में श्रेष्ठ मानी जाती है।
👉 जबकि राठी, थारपारकर और गिर — ये सभी गाय की नस्लें हैं जो राजस्थान व आसपास के क्षेत्रों में पाई जाती हैं।
✍️ सही उत्तर है – मुर्राह
वर्ष 2012 की पशुगणना (अनन्तिम) के अनुसार राजस्थान की
[JEN (Civil Degree) 21.08.2016]
👉 वर्ष 2012 की पशुगणना (अनन्तिम) के अनुसार राजस्थान में कुल पशुओं की संख्या 577.32 लाख दर्ज की गई थी।
👉 यह संख्या 2007 की पशुगणना (566.63 लाख) से अधिक रही, जिसमें लगभग 10.69 लाख की वृद्धि हुई थी।
✍️ सही उत्तर है – 577 लाख
'ऑपरेशन फ्लड' किस से सम्बंधित है ?
[L.S.A. Exam 13.06.2025]
👉 ऑपरेशन फ्लड भारत में दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के लिए शुरू किया गया प्रमुख दुग्ध विकास कार्यक्रम है।
👉 इसे भारत की श्वेत क्रांति कहा जाता है, जिसने देश को दूध के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाया।
👉 कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य दूध उत्पादन बढ़ाना, ग्रामीण आय में सुधार करना और उपभोक्ताओं को उचित मूल्य पर दूध उपलब्ध कराना था।
👉 इसके तहत राष्ट्रीय दुग्ध ग्रिड बनाया गया, जिसने उत्पादकों को सीधे उपभोक्ताओं से जोड़ा।
👉 यह कार्यक्रम 1970 में राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड और डॉ. वर्गीज़ कुरियन के नेतृत्व में प्रारंभ हुआ।
✍️ सही उत्तर है – दुग्ध उत्पादन
मालवी गाय की नस्ल राजस्थान के निम्नलिखित में से किस क्षेत्र में पाई जाती है?
[JEN (Agriculture) 22.02.2025]
👉 जमनापारी – सर्वाधिक दूध देने वाली बकरी (कोटा, बूंदी, झालावाड़)।
👉 लोही – सर्वाधिक मांस देने वाली बकरी।
👉 जखराना – सर्वाधिक दूध व मांस देने वाली नस्ल (अलवर व आसपास)।
👉 बरबरी – सुंदर बकरी (भरतपुर, सवाई माधोपुर)।
👉 मालवी गाय की नस्ल - झालावाड़
✍️ सही उत्तर है – झालावाड़
निम्नलिखित में से कौन सी पशु नस्ल राजस्थान की देशी नस्ल है ?
[VDO (ग्राम विकास अधिकारी) 02.11.2025]
👉 राठी राजस्थान की प्रमुख देशी पशु नस्ल है, जो थार रेगिस्तान में व्यापक रूप से पाई जाती है।
👉 यह मुख्य रूप से बीकानेर, गंगानगर और जैसलमेर जिलों में पाई जाती है।
👉 राठी एक महत्वपूर्ण दुधारू नस्ल है, इसलिए इसे “राजस्थान की कामधेनु” कहा जाता है।
👉 इसकी उत्पत्ति साहीवाल, थारपारकर, धन्नी और लाल सिंधी जैसी नस्लों के मिश्रण से मानी जाती है।
👉 यह नस्ल रेगिस्तानी परिस्थितियों में भी अच्छी उत्पादकता बनाए रखती है।
✍️ सही उत्तर है – राठी
निम्नलिखित में से किस नस्ल की गाय को 'राजस्थान की कामधेनु' कहा जाता है?
[JEN विद्युत डिप्लोमा 08.02.2025]
👉 राठी नस्ल की गाय को राजस्थान की कामधेनु कहा जाता है।
👉 इसकी विशेषता है – उच्च दूध उत्पादन क्षमता, सहनशीलता और मजबूत शरीर।
👉 यह मुख्य रूप से राजस्थान के उत्तरी क्षेत्रों में पाई जाती है।
✍️ सही उत्तर है – राठी
निम्नलिखित में से कौन-सा एक सही सुमेलित है ?
[कनिष्ठ अनुदेशक (STE) 05.01.2025]
नस्ल पशु
👉 खेरी राजस्थान की एक भेड़ की नस्ल है, जो मुख्यतः जोधपुर, नागौर और पाली जिलों में पाई जाती है।
👉 अन्य विकल्पों में –
लोही – भेड़,
नाचना – ऊँट,
सोनाड़ी – भेड़ होती है।
✍️ सही उत्तर है – खेरी – भेड़
देश के कुल ऊन उत्पादन में राजस्थान का ऊन उत्पादन लगभग कितना है ? (निम्न में से सबसे उपयुक्त विकल्प चुनें)
[JEN सिविल डिग्री 22.02.2025]
👉 भारत के कुल ऊन उत्पादन में राजस्थान का बड़ा योगदान है।
👉 राजस्थान का ऊन उत्पादन लगभग 40% है।
✍️ सही उत्तर है – 40%
थारपारकर नस्ल की गायें राजस्थान के निम्नांकित में से किन
[JEN (Civil Diploma) 21.08.2016]
👉 थारपारकर नस्ल की गायें मुख्यतः बाड़मेर और जैसलमेर जिलों में पाई जाती हैं।
👉 यह नस्ल दूध उत्पादन के लिए प्रसिद्ध है और प्रतिदिन 10–12 लीटर दूध देती है।
👉 यह क्षेत्र थारपारकर क्षेत्र कहलाता है, जो मरुस्थलीय एवं वनस्पति रहित होता है।
✍️ सही उत्तर है – बाड़मेर एवं जैसलमेर
सूची I को सूची -II से सुमेलित कीजिए तथा नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए-
सूची -I सूची-II
(राजस्थान के क्षेत्र) (गाय की नस्लें )
A. उत्तर - पश्चिम (i) गिर
B. दक्षिण पश्चिम (ii) कांकरेज
C. पश्चिम (iii) थारपारकर
D. दक्षिण पूर्व मध्यवर्ती (iv) राठी
[पटवार प्री. परीक्षा 2015]
कूट -
A B C D
👉 A. उत्तर-पश्चिम – राठी (iv) : राठी नस्ल गंगानगर, बीकानेर, जैसलमेर क्षेत्रों में पाई जाती है।
👉 B. दक्षिण-पश्चिम – कांकरेज (ii) : यह नस्ल पाली, जालौर, सिरोही जिलों में पाई जाती है।
👉 C. पश्चिम – थारपारकर (iii) : थारपारकर नस्ल बाड़मेर, जैसलमेर, जोधपुर में मिलती है।
👉 D. दक्षिण-पूर्व मध्यवर्ती – गिर (i) : गिर नस्ल उदयपुर, भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़ आदि क्षेत्रों में पाई जाती है।
✍️ सही उत्तर है – A–iv, B–ii, C–iii, D–i
निम्नलिखित में से कौन-सा मेला भारत का दूसरा सबसे बड़ा पशु मेला है ?
[VDO (ग्राम विकास अधिकारी) 02.11.2025]
👉 नागौर मेला राजस्थान के नागौर में लगने वाला भारत का दूसरा सबसे बड़ा पशु मेला माना जाता है।
👉 यह मेला हर वर्ष जनवरी–फरवरी में आयोजित होता है।
👉 मेले में बैल, ऊँट और घोड़े सहित कई पशुओं का बड़ा व्यापार होता है।
👉 भारत का सबसे बड़ा पशु मेला बिहार का सोनपुर मेला है।
👉 नागौर मेले की प्रसिद्धि इसके विशाल पशु व्यापार और सांस्कृतिक गतिविधियों के कारण है।
✍️ सही उत्तर है – नागौर मेला
'जमनापुरी' व 'लोही' नस्लें निम्नलिखित में से क्रमशः किस पशु से सम्बन्धित हैं ?
कनिष्ठ अनुदेशक (इलेक्ट्रिशियन) 19.11.2024
👉 जमनापुरी नस्ल एक प्रसिद्ध बकरी की नस्ल है, जो दुग्ध उत्पादन के लिए जानी जाती है।
👉 लोही नस्ल भेड़ की नस्ल है, जो ऊन उत्पादन के लिए उपयोगी मानी जाती है।
✍️ सही उत्तर है – बकरी, भेड़
राजस्थान में कौन सी गौ-वंश की नस्ल नहीं है ?
[संकलनकर्ता परीक्षा 21.08.2016]
👉 नाली भेड़ की नस्ल है, जो मुख्यतः गंगानगर, चूरू और झुंझुनूं जिलों में पाई जाती है।
👉 मालवी, मेवाती और नागौरी — ये सभी गौवंश की नस्लें हैं जो राजस्थान के विभिन्न क्षेत्रों में पाई जाती हैं।
👉 नाली नस्ल से सफेद, मोटी व लम्बे रेशे वाली ऊन प्राप्त होती है।
✍️ सही उत्तर है – नाली
फसल उत्पादन और पशुधन पालन, दोनों की संयुक्त खेती को कहते हैं:
निम्नलिखित विकल्पों में से सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर चुनें:
[पशु परिचर (6th Phase) 03.12.2024]
👉 मिश्रित खेती वह प्रणाली है जिसमें एक ही खेत में फसल उत्पादन और पशुधन पालन दोनों एक साथ किए जाते हैं।
👉 यह एकीकृत कृषि दृष्टिकोण है, जो संसाधनों के बेहतर उपयोग और आय के विविध स्रोत प्रदान करता है।
👉 इसके विपरीत अंतर-फसल और फसल चक्र केवल फसल उत्पादन की तकनीकी विधियाँ हैं, पशुपालन इनमें शामिल नहीं होता।
राजस्थान में निम्नलिखित में से किस भेड़ को 'देसी नस्ल' के नाम से भी जाना जाता है ?
[JEN (Civil Diploma) 11.02.2025]
👉 मालपुरी भेड़ राजस्थान में 'देसी नस्ल' के रूप में जानी जाती है।
👉 इसका नाम टोंक जिले के मालपुरा शहर पर पड़ा है।
👉 यह मुख्यतः मांस उत्पादन के लिए पाली जाती है।
✍️ सही उत्तर है – मालपुरी
अविका नगर भेड़ एवं ऊन अनुसंधान संस्थान ज़िले में स्थित है।
[कनिष्ठ अनुदेशक (MNV) 07.01.2025]
👉 अविकानगर भेड़ एवं ऊन अनुसंधान संस्थान का पूरा नाम है
"Central Sheep & Wool Research Institute (CSWRI)"।
👉 यह संस्थान अविकानगर (मालपुरा) में स्थित है, जो टोंक जिले में आता है।
👉 यह केंद्र भेड़ प्रजनन, ऊन अनुसंधान और नस्ल सुधार पर कार्य करता है।
✍️ सही उत्तर है – टोंक
पशुगणना 2019 के अनुसार, राजस्थान में सर्वाधिक भैंसों की संख्या वाला ज़िला है
[कनिष्ठ अनुदेशक (ICT) 04.01.2025]
👉 2019 की पशुगणना के अनुसार राजस्थान में सर्वाधिक भैंसों की संख्या जयपुर जिले में पाई गई।
👉 जयपुर में 10.73 लाख भैंसें, जबकि अलवर में 10.60 लाख दर्ज की गई थीं।
👉 ये दोनों जिले राज्य के प्रमुख दुग्ध उत्पादक जिले भी हैं।
✍️ सही उत्तर है – जयपुर
सूची I को सूची II से सुमेलित कीजिये तथा सही उत्तर का चयन
सूची-I (पशु) सूची-I (नस्लें)
A. भेड़ (i) सिरोही
B. भैंस (ii) मगरा
C. गौ-वंश (iii) कांकरेज
D. बकरी (iv) मुर्राह
[अन्वेषक परीक्षा 21.08.2016]
कोड (कूट) -
A B C D
👉 A. भेड़ – मगरा (ii) : मगरा राजस्थान की प्रमुख ऊन वाली भेड़ की नस्ल है।
👉 B. भैंस – मुर्राह (iv) : मुर्राह एक दूध देने वाली श्रेष्ठ भैंस की नस्ल है।
👉 C. गौवंश – कांकरेज (iii) : कांकरेज गायों की भारवाही व तेज चलने वाली नस्ल है।
👉 D. बकरी – सिरोही (i) : सिरोही बकरी की प्रसिद्ध नस्ल है जो दुग्ध उत्पादन में उपयोगी है।
✍️ सही उत्तर है – A–ii, B–iv, C–iii, D–i
राजस्थान में कौन सा जंगली जानवर सबसे अधिक संख्या में हैं ?
[अन्वेषक परीक्षा 21.08.2016]
👉 रोजड़ा, जिसे नीलगाय भी कहा जाता है, भारतीय उपमहाद्वीप में पाया जाने वाला एक मृग वर्ग का जीव है।
👉 यह विशेष रूप से राजस्थान के मारवाड़ क्षेत्र में अधिक संख्या में पाया जाता है।
👉 नीलगाय अक्सर किसानों की फसलों को नुकसान पहुँचाने के कारण चर्चित रहती है।
निम्नलिखित में से भारत में बकरी की सबसे बड़ी नस्ल कौन सी है ?
[L.S.A. Exam 13.06.2025]
👉 जमनापारी भारत की सबसे बड़ी बकरी नस्ल मानी जाती है, जिसकी कद–काठी लंबी और भारी होती है।
👉 इसका मूल क्षेत्र उत्तर प्रदेश के इटावा जिले में जमुना और चंबल नदियों के बीच का भाग है।
👉 इसके लंबे लटकते कान और उभरी हुई रोमन नाक इसकी प्रमुख पहचान हैं।
👉 यह नस्ल दूध और मांस दोनों के लिए उपयोग की जाती है तथा क्रॉस–ब्रीडिंग में भी महत्त्वपूर्ण है।
👉 इसकी दूध उपज लगभग 2.25 से 2.75 किग्रा/दिन तक बताई जाती है।
✍️ सही उत्तर है – जमनापारी
भरतपुर का कुम्हेर फार्म _______ की गुणवत्ता सुधारने के लिए स्थापित किया गया।
[कनिष्ठ अनुदेशक (वेल्डर) 07.01.2025]
👉 भरतपुर का कुम्हेर फार्म गाय की गुणवत्ता सुधारने के लिए स्थापित किया गया।
नागौरी नस्ल की गाय राजस्थान के निम्नलिखित में से किस स्थान पर प्रमुखता से पाई जाती है?
[JEN CIVIL कृषि 07.02.2025]
👉 नागौरी नस्ल की गायें मुख्य रूप से नागौर जिले में पाई जाती हैं।
👉 ये बीकानेर और जोधपुर जिलों में भी प्रमुखता से पाई जाती हैं।
👉 विशेषकर बीकानेर की नोखा तहसील में इनकी प्रधानता है।
✍️ सही उत्तर है – बीकानेर
राजस्थान में कौन सी भेड़ की नस्ल नहीं है ?
[अन्वेषक परीक्षा 21.08.2016]
👉 मालवी भेड़ की नस्ल नहीं है, बल्कि यह गाय की नस्ल है जो मुख्यतः झालावाड़, कोटा व बूँदी क्षेत्रों में पाई जाती है।
👉 चोकला, मालपुरी और मारवाड़ी – ये सभी भेड़ की नस्लें हैं जो राजस्थान में पाई जाती हैं।
✍️ सही उत्तर है – मालवी
स्थानीय राजस्थानी भाषा में किस गाय की नस्ल को "मालानी नस्ल” के नाम से जाना जाता है ?
निम्नलिखित विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर चुनें:
[JEN (Mech. Diploma) 10.02.2025]
👉 थारपारकर गाय की नस्ल को स्थानीय राजस्थानी भाषा में मालानी नस्ल कहा जाता है।
👉 इसका मूल स्थान बाड़मेर का मालाणी क्षेत्र है।
👉 यह नस्ल अधिक दूध देने के लिए प्रसिद्ध है।
👉 यह मुख्यतः पश्चिमी शुष्क क्षेत्रों (जोधपुर व जैसलमेर) में पाई जाती है।
✍️ सही उत्तर है – थारपारकर
'पूगल' नस्ल है
[कनिष्ठ अनुदेशक (इलेक्ट्रिक) 10.01.2025]
👉 पूगल राजस्थान की एक प्रसिद्ध भेड़ की नस्ल है।
👉 यह मुख्यतः बीकानेर और जैसलमेर जिलों में पाई जाती है।
👉 इससे प्राप्त ऊन सफेद व मध्यम किस्म की होती है और गलीचे बनाने में उपयोगी होती है।
✍️ सही उत्तर है – भेड़ की नस्ल
निम्नलिखित में से कौन-सा सही सुमेलित नहीं है ?
नस्लें - पशु
[कनिष्ठ अनुदेशक (Drafts) 04.01.2025]
👉 जखराना एक प्रसिद्ध नस्ल है जो बकरी की है।
👉 थारपारकर नस्ल मवेशी (गाय) की है।
👉 राजस्थान भारत की गाय की एक नस्ल को नागौरी कहा जाता है।
👉 यह एक प्रारूप नस्ल है जो मुख्यतः कृषि कार्यों में प्रयुक्त होती है।
✍️ सही उत्तर है – नागौरी - ऊँट
राजस्थान में कृषि क्षेत्र में पशु पालन का लगभग____________हिस्से का योगदान है।
[CET स्नातक 28.09.2024 तृतीय चरण]
👉 राजस्थान में कृषि क्षेत्र में पशुपालन का योगदान लगभग 1/3 वां हिस्सा है।
👉 यह शुष्क एवं अर्ध-शुष्क क्षेत्रों में आजीविका का प्रमुख साधन है।
👉 दुग्ध, ऊन, माँस, चमड़ा आदि के माध्यम से यह राज्य की अर्थव्यवस्था में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
✍️ सही उत्तर है – 1/3 वां
राजस्थान में श्वेत क्रांति _________ वर्ष शुरू हुई थी।
[JEN विद्युत डिग्री 07.02.2025]
👉 ऑपरेशन फ्लड की शुरुआत 13 जनवरी 1970 को हुई।
👉 इसे भारत में श्वेत क्रांति के नाम से जाना जाता है।
👉 यह विश्व के सबसे बड़े ग्रामीण विकास कार्यक्रमों में से एक है।
✍️ सही उत्तर है – 1970
ऊँट प्रजनन एवम् अनुसंधान केन्द्र स्थित है -
[कनिष्ठ अनुदेशक (ड्राइंग) 20.11.2024]
👉 ऊँट प्रजनन एवं अनुसंधान केन्द्र का नाम है National Research Centre on Camel।
👉 यह केन्द्र बीकानेर जिले में स्थित है और ऊँटों के प्रजनन, अनुसंधान एवं संरक्षण से संबंधित कार्य करता है।
👉 यह संस्थान भारत में ऊँट अनुसंधान का प्रमुख केन्द्र है।
✍️ सही उत्तर है – बीकानेर जिले में
भारत में आई सी ए आर का राष्ट्रीय ऊँट अनुसंधान केन्द्र कहाँ पर स्थित है?
निम्नलिखित विकल्पों में से सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर चुनें:
[पशु परिचर (6th Phase) 03.12.2024]
👉 ICAR (भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद्) का राष्ट्रीय ऊँट अनुसंधान केन्द्र जिसका नाम है
"National Research Centre on Camel", यह राजस्थान के बीकानेर जिले में स्थित है।
👉 यह केन्द्र ऊँटों के प्रजनन, नस्ल सुधार, आहार व अनुसंधान से संबंधित कार्य करता है।
✍️ सही उत्तर है – बीकानेर, राजस्थान
राजस्थान का थारपारकर गाय नस्ल का उद्गम क्षेत्र कहाँ है ?
[सर्वेयर परीक्षा 23.02.2025]
👉 थारपारकर नस्ल की उत्पत्ति बाड़मेर के मालाणी क्षेत्र से होती है।
👉 यह नस्ल उच्च दूध देने की क्षमता के लिए जानी जाती है।
👉 इसे व्हाइट सिंधी, ग्रे सिंधी और थरी नामों से भी जाना जाता है।
👉 इसका रंग सामान्यतः सफेद या हल्का धूसर होता है।
👉 यह नस्ल शुष्क परिस्थितियों और झाड़ीदार वनस्पतियों पर भी जीवित रह सकती है।
✍️ सही उत्तर है – जैसलमेर
राजस्थान में 'राइका' जाति किस पशु से संबंध है ?
[संकलनकर्ता परीक्षा 21.08.2016]
👉 राजस्थान में 'राइका' जाति का मुख्य संबंध ऊँट पालन से है, जो उनकी सांस्कृतिक पहचान का हिस्सा है।
👉 यह समुदाय विशेष रूप से राजस्थान के शुष्क व अर्ध-शुष्क क्षेत्रों में ऊँट पालन के लिए प्रसिद्ध है।
👉 हालांकि वे बकरी, भेड़ और मवेशी भी पालते हैं, परंतु ऊँट प्रमुख पशुधन है।
सर्वाधिक उपयुक्त जोड़ मिलाइये :
|
प्राणी |
नस्ल |
|
a. गाय (ज़ेबुइन मवेशी) |
i. मालपुरा |
|
b. भैंस |
ii. जमनापारी |
|
c. बकरी |
iii. मुर्रा |
|
d. भेड़ |
iv. काँकरेज |
[कनिष्ठ अनुदेशक (फिटर) 20.11.2024]
👉 a. गाय (ज़ेबुइन मवेशी) – काँकरेज (iv) : काँकरेज गाय की एक प्रसिद्ध नस्ल है।
👉 b. भैंस – मुर्रा (iii) : मुर्रा भैंस की श्रेष्ठ दुधारू नस्ल है।
👉 c. बकरी – जमनापारी (ii) : जमनापारी प्रसिद्ध बकरी नस्ल है।
👉 d. भेड़ – मालपुरा (i) : मालपुरा राजस्थान की भेड़ की नस्ल है।
✍️ सही उत्तर है – a–iv, b–iii, c–ii, d–i
पशुधन गणना रिपोर्ट 2019 के अनुसार राजस्थान का कौन-सा स्थान है ?
[Platoon Commander 22.11.2025]
🔹 व्याख्या
👉 पशुधन गणना रिपोर्ट 2019 के अनुसार, कुल पशुधन की संख्या के मामले में राजस्थान का भारत में दूसरा स्थान है (उत्तर प्रदेश पहले स्थान पर है)
चोकला नस्ल की भेड़ें राजस्थान के किन जिलों में मिलती हैं?
[पशुधन सहायक (LSA) 21.08.2016]
👉 चोकला नस्ल की भेड़ें मुख्यतः चूरू, सीकर, झुंझुनूं, नागौर, बीकानेर और जयपुर जिलों में पाई जाती हैं।
👉 यह नस्ल 'भारतीय मेरीनो' के नाम से भी जानी जाती है।
👉 सीकर और झुंझुनूं ही सही स्थान हैं जहाँ यह नस्ल मिलती है।
✍️ सही उत्तर है – सीकर एवं झुन्झुनू
निम्नलिखित में से गाय की किस नस्ल को "राजस्थान की कामधेनु" के रूप में जाना जाता है?
[जेल प्रहरी (Shift-2nd) 12.04.2025]
👉 राठी नस्ल की गाय को "राजस्थान की कामधेनु" कहा जाता है।
👉 यह गाय उत्तरी राजस्थान (गंगानगर, बीकानेर, जैसलमेर) में पाई जाती है।
👉 प्रमुख प्रजनन केंद्र – नोहर (हनुमानगढ़), अनूपगढ़ (गंगानगर)।
👉 इसका मूल सिंधी और साहिवाल नस्ल के मिश्रण से है।
👉 यह प्रतिदिन औसतन 6–8 लीटर दूध देती है।
✍️ सही उत्तर है – राठी
'राठी'___________की प्रसिद्ध नस्ल है।
कनिष्ठ अनुदेशक (रेफ्रिजरेशन) 18.11.2024
👉 राठी राजस्थान की गाय की प्रसिद्ध नस्ल है, जो विशेषकर गंगानगर, बीकानेर और जैसलमेर क्षेत्रों में पाई जाती है।
👉 यह नस्ल अधिक दूध उत्पादन के लिए जानी जाती है और इसमें साहीवाल, लाल सिंधी व हरियाणा नस्ल का मिश्रण होता है।
👉 इसमें साहीवाल नस्ल का अंश सर्वाधिक होता है।
✍️ सही उत्तर है – गाय
राजस्थान में सहकारी उपभोग संरचना में कार्य करने वाली शीर्ष संस्था है:
[NHM Pharma Assistant 13.06.2025]
👉 राजस्थान में सहकारी उपभोग संरचना की शीर्ष संस्था राजस्थान राज्य सहकारी उपभोक्ता संघ लिमिटेड (कॉन्फेड) है।
👉 इसका मुख्यालय जयपुर में स्थित है और यह राज्यभर के उपभोक्ता सहकारी प्रयासों को समन्वित करती है।
👉 कॉन्फेड का उद्देश्य उपभोक्ताओं को कालाबाजारी और नकली घटतौली से सुरक्षा प्रदान करना है।
👉 संस्था सहकारी थोक भंडारों को सहायता देती है तथा उनके गठन और विकास में सहयोग करती है।
👉 इसकी स्थापना 27 मार्च 1967 को की गई थी, जिससे सहकारी उपभोग प्रणाली को मजबूती मिली।
✍️ सही उत्तर है – कॉनफैड
राजस्थान राज्य भारत में कुल ऊन उत्पादन का लगभग___________प्रतिशत उत्पादन करता है।
[CET स्नातक 28.09.2024 तृतीय चरण]
👉 राजस्थान भारत का सबसे बड़ा ऊन उत्पादक राज्य है, जो 30% से अधिक ऊन उत्पादन में योगदान देता है।
👉 यहाँ भेड़ों की आठ प्रमुख नस्लें पाई जाती हैं, जो उच्च गुणवत्ता वाली कालीन ऊन के लिए प्रसिद्ध हैं।
👉 अन्य ऊन उत्पादक राज्य हैं — कर्नाटक, जम्मू-कश्मीर, तेलंगाना, गुजरात, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, महाराष्ट्र और आंध्र प्रदेश।