निम्न में से कौन से स्थान जिंक खदानों से सम्बन्धित हैं ? 

1. मोचिआ                 2. डींगोर 

3. बलारिया                4. डांडिया 

5. जावर माला 

दिए गए कूट से सही उत्तर का चयन कीजिए 

[JEN (सिविल) (डिग्रीधारक) 12.09.2021]

  • 1, 2 और 3 

  • 1,3 और 5 

  • 2, 3 और 4

  • 3, 4 और 5 

🔹 व्याख्या:

👉 मोचिया, जावर माला — ये दोनों स्थान उदयपुर जिले के जावर क्षेत्र की जस्ता खदानों से जुड़े हैं।
👉 बलारिया भी जस्ता से संबंधित क्षेत्रों में आता है।
👉 जबकि डींगोर और डांडिया जैसे स्थानों का जिंक खदानों में नहीं है।

✍️ सही उत्तर है – 1, 3 और 5 

पलाना क्षेत्र निम्नलिखित में से किस स्रोत के लिए प्रसिद्ध है ? 

[कनिष्ठ अनुदेशक (वेल्डर) 26.03.2019]

  • कॉपर 

  • फेरस 

  • लिग्नाइट 

  • सीसा

🔹 व्याख्या:

👉 पलाना क्षेत्र राजस्थान के बीकानेर जिले में स्थित है।
👉 यह क्षेत्र लिग्नाइट (नरम कोयला) के प्रमुख भण्डार के लिए प्रसिद्ध है।
👉 यहाँ से प्राप्त लिग्नाइट का उपयोग ऊर्जा उत्पादन में किया जाता है।
👉 यह राजस्थान के प्रमुख कोयला क्षेत्रों में शामिल है।

✍️ सही उत्तर है – लिग्नाइट 

राजस्थान में गारनेट के भण्डार पाये जाते हैं : 

[कनिष्ठ वैज्ञानिक सहायक (विष) 14.09.2019]

  • बूँदी में 

  • टोंक में

  • सवाईमाधोपुर में 

  • जयपुर में

🔹 व्याख्या:

👉 गार्नेट (तामड़ा) का प्रमुख भण्डार टोंक जिले के राजमहल, गांवरी, कुशलपुरा, जनकपुरा इलाकों में पाए जाते हैं।
👉 गार्नेट का राजस्थान में उत्पादन टोंक जिले में ही विशेष रूप से होता है। 

✍️ सही उत्तर है – टोंक 

रोहिली खाने किस खनिज से संबंधित हैं ?

[प्रयोगशाला सहायक (विज्ञान) 29.06.2022]

  • बेरिलियम 

  • अभ्रक 

  • यूरेनियम 

  • थोरियम 

🔹 व्याख्या:

👉 रोहिली खदान, राजस्थान के सीकर जिले में स्थित है और यह यूरेनियम खनिज से संबंधित है।
👉 इस क्षेत्र में यूरेनियम के विशाल भंडार पाए गए हैं, जिससे यह परमाणु ऊर्जा संसाधनों की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण बन गया है।
👉 रोहिली की खोज भारत को यूरेनियम उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल मानी जाती है। 

निम्नलिखित में से कौनसा एक युग्म सुमेलित नहीं है ? 

[कनिष्ठ वैज्ञानिक सहायक (जैविक) 15.09.2019]

 खनिज                      -       खनन क्षेत्र 

  • ताँबा                   -       खेतड़ी 

  • लौह अयस्क         -       मोरीजा- बानोल 

  • सीसा और जस्ता  -       जावर

  • टंगस्टन                -       पलाना 

🔹 व्याख्या:

👉 ताँबा का प्रमुख उत्पादक क्षेत्र खेतड़ी (झुंझुनूं) है — यह युग्म सही है।
👉 लौह अयस्क के लिए मोरीजा-बानोल (जयपुर) क्षेत्र प्रसिद्ध है — यह भी सही है।
👉 सीसा और जस्ता का प्रमुख क्षेत्र जावर (उदयपुर) है — यह भी सही है।
👉 जबकि पलाना क्षेत्र लिग्नाइट (कोयला) के लिए जाना जाता है।

✍️ सही उत्तर है – टंगस्टन – पलाना 

निम्न में से कौन सा युग्म सुमेलित नहीं है ? 

[वनरक्षक (द्वितीय चरण -B) 11.12.2022]

  • अभ्रक                 - जामसर 

  • ताँबा                   - सिंघाना 

  • सीसा एवं जस्ता    - राजपुरा-दरीबा 

  • टंगस्टन               - डेगाना

🔹 व्याख्या:

👉 सिंघाना (झुंझुनूं) ताँबा उत्पादन के लिए प्रसिद्ध क्षेत्र है।
👉 राजपुरा-दरीबा (उदयपुर) सीसा-जस्ता के बड़े भण्डारण क्षेत्र हैं।
👉 टंगस्टन – डेगाना (नागौर) एकमात्र सक्रिय उत्पादन क्षेत्र है।
👉 जबकि जामसर क्षेत्र जिप्सम उत्पादन (बीकानेर) के लिए जाना जाता है, अभ्रक के लिए नहीं।

✍️ सही उत्तर है – अभ्रक–जामसर 

राजस्थान के किस जिले में जिप्सम का उत्पादन सर्वाधिक होता है

[CET (10+2 चतुर्थ चरण) 05.02.2023]

  • अजमेर 

  • बीकानेर 

  • बाड़मेर 

  • कोटा 

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान में जिप्सम का सर्वाधिक उत्पादन बीकानेर जिले में होता है।
👉 यहाँ के जामसर, लूणकरणसर, सियासर, हरकासर, पुगाल आदि क्षेत्र प्रमुख जिप्सम उत्पादक हैं।
👉 यह क्षेत्र बीकानेर-गंगानगर-चूरू जिप्सम बेल्ट का भाग है।
👉 राज्य में देश के कुल जिप्सम का लगभग 90% उत्पादन होता है।

✍️ सही उत्तर है – बीकानेर 

राजस्थान का खोह दरीबा क्षेत्र निम्नलिखित में से किसके खनन से जुड़ा है ? 

[SI मोटर वाहन 12.02.2022]

  • मैंगनीज 

  • सीसा और जस्ता 

  • चाँदी 

  • ताँबा 

🔹 व्याख्या:

👉 खोह-दरीबा क्षेत्र राजस्थान के अलवर जिले में स्थित है।
👉 यह क्षेत्र ताँबा (Copper) खनन के लिए प्रसिद्ध है।
👉 यहाँ लगभग 50 लाख टन ताँबा भण्डार का अनुमान लगाया गया है।
👉 यह राज्य के प्रमुख ताँबा उत्पादक क्षेत्रों में शामिल है।

✍️ सही उत्तर है – ताँबा 

निम्नलिखित में से कौनसा (खनिज - खनन क्षेत्र ) सही सुमेलित नहीं है?

JEN (विद्युत/यांत्रिक, डिप्लोमा) 20.05.2022

  •  पन्ना - राजगढ़ 

  • रॉक फॉस्फेट - सलादीपुरा

  • गारनेट - राजमहल 

  • घीया पत्थर - ऋषभदेव

सलादीपुरा (Saladipura), जो कि सीकर जिले में स्थित है, मुख्य रूप से पाइराइट्स (Pyrites) के विशाल भंडारों के लिए प्रसिद्ध है। पाइराइट्स को 'झूठा सोना' (Fool's Gold) भी कहा जाता है। इसके अलावा यहाँ पाइरोटाइट (Pyrrhotite), कॉपर (तांबा) और जिंक (जस्ता) के अयस्क भी पाए जाते हैं।

चंदेरिया सीसा-जस्ता स्मेल्टर प्लांट स्थित है ? 

JEN (सिविल डिग्रीधारक) 18.05.2022

  •  भीलवाड़ा में

  • राजसमंद में

  • चित्तौड़गढ़ में

  • उदयपुर में

🔹 व्याख्या:

👉 चंदेरिया सीसा-जस्ता स्मेल्टर प्लांट राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले में स्थित है।
👉 यह प्लांट हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड (HZL) द्वारा संचालित किया जाता है।
👉 इसमें पायरोमेटलर्जिकल सीसा स्मेल्टर, ऑस्मेल्ट स्मेल्टर और दो हाइड्रोमेटलर्जिकल जिंक स्मेल्टर शामिल हैं।
👉 यह प्लांट रामपुरा-आगुचा खदान से प्राप्त सीसा-जस्ता अयस्क को परिष्कृत करता है और दुनिया के सबसे बड़े स्मेल्टर परिसरों में गिना जाता है। 

कोयला भण्डार जो बीकानेर में स्थित नहीं है, वह है ?

[कनिप्ठ अनुदेशक (रेफ्रीजरेशन) 24.12.2019]

  • कपूरड़ी

  • गुरहा

  • बरसिंहसर 

  • पलाना 

🔹 व्याख्या:

👉 कपूरडी-जालिपा कोयला भंडार बीकानेर में स्थित नहीं है, बल्कि यह बाड़मेर जिले में स्थित है।
👉 बीकानेर में बरसिंगसर और पलाना, बाड़मेर में गिरल, कपूरडी और जालिपा, और नागौर में मातासुख-कसनाऊ-इगियार में लिग्नाइट भंडार पाए जाते हैं। 

निम्नलिखित में से कौन सा जिला राजस्थान का अधिकतम फैल्सपार उत्पादक है ? 

[CET (स्नातक) (चरण -II) 07.01.2023]

  • राजसमंद

  • पाली 

  • अजमेर 

  • नागौर 

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान का लगभग 96% फैल्सपार उत्पादन अजमेर जिले से प्राप्त होता है।
👉 यह खनिज मुख्यतः अजमेर-ब्यावर क्षेत्र में पाया जाता है।
👉 फैल्सपार का उपयोग सिरेमिक, काँच और टाइल उद्योग में किया जाता है।

✍️ सही उत्तर है – अजमेर 

निम्नलिखित में से कौनसा एक युग्म सुमेलित नहीं है ? 

[कनिप्ठ अनुदेशक (रेफ्रीजरेशन) 24.12.2019]

    खनिज      -       खनन क्षेत्र 

  • ताँबा           -       खेतड़ी

  • मैंगनीज      -       रामपुरा आगूचा

  • सीसा जस्ता  -       जावर

  • लौह अयस्क -       नीमला 

🔹 व्याख्या:

👉 सीसा-जस्ता का प्रमुख क्षेत्र जावर (उदयपुर) है — यह युग्म सही है।
👉 ताँबा का प्रमुख क्षेत्र खेतड़ी (झुंझुनूं) है — यह भी सही है।
👉 लौह अयस्क का भण्डार नीमला (दौसा) क्षेत्र में है — यह भी सही है।
👉 जबकि रामपुरा-अगूचा क्षेत्र सीसा-जस्ता (भीलवाड़ा) के लिए प्रसिद्ध है, न कि मैंगनीज के लिए।

✍️ सही उत्तर है – मैंगनीज–रामपुरा आगूचा 

रोहिल एक महत्वपूर्ण क्षेत्र है 

[REET मुख्य परीक्षा (L -2) 27.02.2023]

  • थोरियम के लिए

  • लिथियम के लिए

  • जर्कोनियम के लिए 

  • यूरेनियम के लिए 

🔹 व्याख्या:

👉 रोही (सीकर जिला) एक प्रमुख क्षेत्र है जहाँ यूरेनियम के भण्डार की पहचान की गई है।
👉 यह क्षेत्र खण्डेला और घाटेश्वर के साथ नवीन खनिज संभावनाओं में है।
👉 यूरेनियम का उपयोग आणविक शक्ति के लिए किया जाता है और इसका उत्पादन राज्य में सीमित मात्रा में होता है।

✍️ सही उत्तर है – यूरेनियम के लिए 

बिलारा चूनापत्थर क्षेत्र ____ में स्थित नहीं हैं 

[REET मुख्य परीक्षा (L -2) 26.02.2023]

  • नागौर 

  • श्रीगंगानगर 

  • जोधपुर 

  • बीकानेर 

🔹 व्याख्या:

👉 बिलारा चूना पत्थर क्षेत्र श्रीगंगानगर में स्थित नहीं है, यह मुख्यतः राजस्थान के जोधपुर जिले में पाया जाता है।
👉 यह चूना पत्थर मारवाड़ सुपरग्रुप का हिस्सा है और इसके भंडार नागौर और बीकानेर जिलों में भी पाए जाते हैं। 

झामर कोटड़ा खानें ___ के लिए जानी जाती हैं । 

[वनपाल परीक्षा 06.11.2022]

  • अभ्रक

  • जिप्सम 

  • बॉक्साइट 

  • रॉक फास्फेट 

🔹 व्याख्या:

👉 झामर कोटड़ा खानें राजस्थान के उदयपुर जिले में स्थित हैं।
👉 यह क्षेत्र रॉक फॉस्फेट के प्रमुख खनन क्षेत्रों में से एक है।
👉 इसके साथ-साथ बड़ागाँव, नीमच माता, कानपुर, मटून भी रॉक फॉस्फेट के क्षेत्र हैं।
👉 रॉक फॉस्फेट का उपयोग रासायनिक उर्वरकों के निर्माण में होता है।

✍️ सही उत्तर है – रॉक फॉस्फेट 

हाल ही में राजस्थान के किन जिलों में पोटाश के बड़े भण्डार मिले हैं? 

JEN (सिविल डिप्लोमाधारक) 18.05.2022

  • गंगानगर, बीकानेर, नागौर

  • जयपुर, सीकर

  • उदयपुर, राजसमन्द

  • कोटा, बारां

🔹 व्याख्या:

👉 उत्तर-पश्चिम राजस्थान के नागौर-गंगानगर बेसिन में लगभग 2400 मिलियन टन पोटाश के भंडार हैं।
👉 यह बेसिन श्रीगंगानगर, चूरू, हनुमानगढ़ और बीकानेर जिलों के कुछ हिस्सों में फैला हुआ है।
👉 यह भंडार विश्व के घोषित पोटाश भंडार से लगभग 5 गुना अधिक है, जिससे इसकी खानिज महत्ता सिद्ध होती है। 

निम्नलिखित में से कौन सा एक युग्म सुमेलित नहीं है

[JEN (सिविल) (डिप्लोमा धारक) 06.12.2020]

खनिज              -       खनन क्षेत्र

  • लोह अयस्क         -       मोरीजा-बनोल 

  • सीसा और जस्ता   -       जावर-मगरा 

  • ताँबा                   -       खेतड़ी-सिंघाना

  • टंगस्टन             -       पलाना-मंगला   

🔹 व्याख्या:

👉 ताँबा का प्रमुख क्षेत्र खेतड़ी-सिंघाना (झुंझुनूं) है — यह सुमेलित सही है।
👉 लौह अयस्क के क्षेत्र में मोरीजा-बनोल (जयपुर) आता है — यह भी सही है।
👉 सीसा और जस्ता का खनन जावर-मगरा (उदयपुर) क्षेत्र में होता है — यह भी सही है।
👉 जबकि टंगस्टन का उत्पादन पलाना-मंगला क्षेत्र में नहीं होता, ये क्षेत्र लिग्नाइट/तेल से संबंधित हैं।

✍️ सही उत्तर है – टंगस्टन – पलाना-मंगला 

निम्नलिखित में से कौनसा राजस्थान में ताँबा उत्पादक क्षेत्र नहीं है ? 

[सहायक अग्निशमन (AFO) 29.01.2022]

  • गुजरवाड़ा 

  • खेतड़ी 

  • सिंघाना 

  •  खो- दरीबा

🔹 व्याख्या:

👉 खेतड़ी‑सिंघाना क्षेत्र (झुंझुनूं) के पास स्थित कोल्हन, पपरना‑अखवाली, बरखेड़ा आदि में ताँबे के भण्डार हैं।
👉 खो‑दरीबा क्षेत्र (अलवर) में भी ताँबे के बड़े भण्डार पाए जाते हैं।
👉 गुजरवाड़ा क्षेत्र जयपुर जिले में बेरिलियम के लिए जाना जाता है, न कि ताँबे के लिए। अतः यह ताँबा उत्पादक क्षेत्र नहीं है।

✍️ सही उत्तर है: गुजरवाड़ा 

उदयपुर की जावर खानें किसके लिए प्रसिद्ध है ?  

[स्टेनोग्राफर परीक्षा 05.10.2024]

  • मार्बल 

  • जिंक 

  • बॉक्साइट 

  • ग्रेनाइट 

🔹 व्याख्या:

👉 उदयपुर जिले का जावर क्षेत्र राजस्थान का प्रमुख सीसा-जस्ता उत्पादक क्षेत्र है।
👉 यहाँ की जावरमाला, बरोड़ मगरा और मोचिया मगरा पहाड़ियों से मिश्रित रूप में धातु प्राप्त होती है।
👉 इन खनिजों में 5% सीसा और 7% जस्ता की मात्रा पाई जाती है।
👉 यहीं के लिए देबारी में जस्ता शोधक संयंत्र (Zinc Smelter Plant) स्थापित किया गया है।

✍️ सही उत्तर है – जिंक 

टोंक जिले की जनकपुरा और कुशालपुरा खानें जिस खनिज के उत्पादन हेतु जानी जाती है, वह हैं 

[CET (स्नातक) (चरण -IV) 08.01.2023]

  • गार्नेट 

  • फेल्सपार

  • यूरेनियम 

  • वोलास्टोनाइट 

🔹 व्याख्या:

👉 जनकपुरा और कुशालपुरा टोंक जिले में स्थित हैं और ये गार्नेट (तामड़ा) खनिज के लिए प्रसिद्ध हैं।
👉 टोंक जिले के अन्य क्षेत्रों में राजमहल और गांवरी भी तामड़ा उत्पादन के लिए जाने जाते हैं।
👉 तामड़ा एक लाल या गुलाबी रंग का पारदर्शी रत्न होता है जो आभूषणों में प्रयुक्त होता है।
👉 इसका उपयोग लैन्स, रंग और प्लास्टिक उद्योग में भी किया जाता है।

✍️ सही उत्तर है – गार्नेट 

राजस्थान में निम्न में से कौनसा उर्वरक खनिज है?

JEN (विद्युत डिग्रीधारक) 19.05.2022

  • पाईराइट 

  • उपरोक्त सभी

  • जिप्सम 

  • रॉक-फॉस्फेट

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान में उर्वरक खनिजों में मुख्यतः जिप्सम, रॉक फॉस्फेट और पाईराइट सम्मिलित हैं।
👉 ये सभी खनिज रासायनिक उर्वरकों के निर्माण में उपयोग किए जाते हैं।
👉 अतः सभी विकल्प उर्वरक खनिज हैं।

✍️ सही उत्तर है – उपरोक्त सभी 

राजस्थान में स्वर्ण अयस्क के भण्डार मुख्यतः _____जिले में अनुमानित किये गये हैं ।

[REET मुख्य परीक्षा (L -2) 26.02.2023]

  • बांसवाड़ा 

  • राजसमंद 

  • डूंगरपुर

  • प्रतापगढ़ 

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान में स्वर्ण अयस्क के भण्डार मुख्यतः बाँसवाड़ा जिले में पाए गए हैं।
👉 यहाँ के आनंदपुर, चूकिया, भूखिया-जगपुरा-देलवाड़ा पेटी क्षेत्र स्वर्ण भण्डारण के लिए जाने जाते हैं।
👉 राज्य में स्वर्ण उत्पादन 2006-07 में 51.005 किग्रा दर्ज किया गया है।

✍️ सही उत्तर है – बाँसवाड़ा 

निम्नलिखित को सुमेलित कीजिए एवं नीचे दिये कूटों की सहायता से सही उत्तर का चयन कीजिए 

      खनिज              क्षेत्र 

(1) ताँबा            (i) झामर कोटड़ा 

(2) जिप्सम        (ii) राजपुर देबारी

(3) सीसा- जस्ता (iii) खो- दरीबा 

(4) रॉक फॉस्फेट (iv) जामसर 

[लवण निरीक्षक (उद्योग) 22.12.2019]

Codes / कूट : 

            (1)   (2)   (3)   (4) 

  • (ii)    (iii)    (i)    (iv) 

  • (i)     (ii)    (iv)   (iii) 

  • (iii)   (iv)   (ii)    (i) 

  • (iv)   (i)    (iii)    (ii)

🔹 व्याख्या:

👉 ताँबा का प्रमुख क्षेत्र है – खो-दरीबा (iii)
👉 जिप्सम का प्रमुख क्षेत्र है – जामसर (iv)
👉 सीसा-जस्ता का प्रमुख क्षेत्र है – राजपुरा-दरीबा (ii)
👉 रॉक फॉस्फेट का प्रमुख क्षेत्र है – झामर कोटड़ा (i) 

मानहेरा टीब्बा ______ का प्रमुख खनन क्षेत्र है । 

[REET मुख्य परीक्षा (L -1) 25.02.2023]

  • चूना पत्थर

  • प्राकृतिक गैस 

  • पेट्रोलियम 

  • लिग्नाइट 

🔹 व्याख्या:

👉 मनेहरा टिब्बा, राजस्थान के जैसलमेर बेसिन में प्राकृतिक गैस का एक प्रमुख खनन क्षेत्र है।
👉 इस क्षेत्र में ओएनजीसी (ONGC), ऑयल इंडिया लिमिटेड (OIL) और फोकस एनर्जी (Focus Energy) द्वारा अन्वेषण और उत्पादन कार्य किए जाते हैं।
👉 यह स्थल राज्य के गैस संसाधनों की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। 

नीचे दो कथन दिए गए हैं: 

कथन (I) : राजस्थान खनिजों से समृद्ध है और देश के औद्योगिक परिदृश्य में तेजी से उभर रहा है। 

कथन (II) : राजस्थान में महत्वपूर्ण केंद्रीय उपक्रम हिंदुस्तान जिंक स्मेल्टर प्लांट, देबारी (उदयपुर) में तथा हिंदुस्तान कॉपर प्लांट खेतड़ी नगर (झुंझनू) में हैं। 

उपरोक्त कथनों के आलोक में, नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर चुनें।  

[Supervisor (महिला) 07.09.2024]

  • कथन (I) गलत है लेकिन कथन (II) सही है। 

  • कथन (I) और कथन (II) दोनों ही गलत हैं। 

  • कथन (I) और कथन (II) दोनों सही हैं। 

  • कथन (I) सही है लेकिन कथन (II) गलत है। 

🔹 व्याख्या:

👉 कथन (I) सत्य है — राजस्थान खनिजों से समृद्ध है, लेकिन देश के औद्योगिक परिदृश्य में तेजी से उभर रहा है।

👉 कथन (II) सत्य है — देबारी (उदयपुर) में हिंदुस्तान जिंक स्मेल्टर प्लांट और खेतड़ी नगर (झुंझुनूं) में हिंदुस्तान कॉपर प्लांट है।
👉 देबारी संयंत्र का संबंध सीसा-जस्ता से और खेतड़ी संयंत्र का संबंध ताँबा शोधन से है।

✍️ सही उत्तर है – कथन (I) और कथन (II) दोनों सही हैं। 

राजस्थान में रामपुरा अगूचा की खान जिसके उत्पादन के लिए प्रसिद्ध है, वह है 

[हाथकरघा निरीक्षक (उद्योग) 22.12.2019]

  • रॉक फॉस्फेट

  • लोह अयस्क 

  • सीसा एवं जस्ता 

  • अभ्रक 

🔹 व्याख्या:

👉 रामपुरा-अगूचा क्षेत्र भीलवाड़ा जिले में स्थित है।
👉 यह क्षेत्र सीसा एवं जस्ता (Lead & Zinc) के वृहद भण्डारों के लिए प्रसिद्ध है।
👉 यहीं पर चन्देरिया में जस्ता शोधक संयंत्र भी स्थापित किया गया है।
👉 यह राजस्थान के प्रमुख धात्विक खनिज क्षेत्रों में गिना जाता है।

✍️ सही उत्तर है – सीसा एवं जस्ता 

निम्नलिखित में से कौनसा (खनिज - उत्पादक जिला) सही सुमेलित नहीं है? 

[हाउस कीपर परीक्षा 09.07.2022]

  • टंगस्टन नागौर 

  • फेल्डस्पार - उदयपुर 

  • गार्नेट - टोंक 

  • वोलेस्टोनाइट - सिरोही 

🔹 व्याख्या:

👉 टंगस्टन का प्रमुख भण्डार नागौर के डेगाना में स्थित है, यह सुमेलित सही है।
👉 गार्नेट (तामड़ा) का प्रमुख उत्पादन टोंक जिले के राजमहल आदि क्षेत्रों में होता है।
👉 फेल्डस्पार का सर्वाधिक उत्पादन अजमेर जिले से होता है, न कि उदयपुर से।
👉 वोलेस्टोनाइट का उत्पादन सिरोही सहित अन्य जिलों में होता है।

✍️ सही उत्तर है – फेल्डस्पार - उदयपुर 

'मंगला तेल क्षेत्र' किस जिले में स्थित है ? 

[वनरक्षक (द्वितीय चरण -B) 11.12.2022]

  • जैसलमेर 

  • बाड़मेर 

  • पाली

  • जोधपुर 

🔹 व्याख्या:

👉 मंगला तेल क्षेत्र राजस्थान के बाड़मेर जिले में स्थित है।
👉 यह क्षेत्र बाड़मेर-सांचोर बेसिन का हिस्सा है और
👉 भारत का सबसे बड़ा तटवर्ती (onshore) तेल क्षेत्र माना जाता है।

निम्नलिखित में से कौन-सा एक सही सुमेलित नहीं है ? 

[CET (10+2 पंचम चरण) 11.02.2023]

          लौह अयस्क खनन क्षेत्र  -  जिला 

  • सराय – पचलंगी             - झुन्झुनू 

  • चौमू - सामोद                 - जयपुर 

  • लोहारपुरा                  - अजमेर 

  • नीमला                        - दौसा 

🔹 व्याख्या:

👉 चौमू-सामोद (मोरीजा) लौह अयस्क खनन क्षेत्र जयपुर जिले में है।
👉 सराय-पचलंगी क्षेत्र झुंझुनूं जिले में स्थित है और खेतड़ी क्षेत्र के अंतर्गत आता है।
👉 नीमला लौह अयस्क क्षेत्र दौसा जिले में स्थित है।
👉 जबकि लोहारपुरा लौह अयस्क क्षेत्र बूंदी जिले में स्थित है, अजमेर में नहीं।

✍️ सही उत्तर है – लोहारपुरा - अजमेर 

बाल्दा (सिरोही) ____ के लिए प्रमुख भण्डारण क्षेत्र है । 

[REET मुख्य परीक्षा (L -2) 26.02.2023]

  • चाँदी 

  • लोहा 

  • टंगस्टन

  • ताँबा  

🔹 व्याख्या:

👉 बाल्दा (सिरोही) क्षेत्र टंगस्टन धातु के प्रमुख भण्डारण क्षेत्रों में शामिल है।
👉 सिरोही जिले में खेरा-उपरेला, देवा-का-बेरा जैसे अन्य क्षेत्र भी टंगस्टन के लिए प्रसिद्ध हैं।
👉 टंगस्टन का उपयोग मुख्यतः बिजली के बल्बों और अस्त्र-शस्त्रों में होता है।
👉 राजस्थान का डेगाना क्षेत्र भी टंगस्टन उत्पादन के लिए जाना जाता है।

✍️ सही उत्तर है – टंगस्टन 

राजस्थान का डाबला - सिंघाना क्षेत्र किस खनिज के उत्पादन के लिए प्रसिद्ध है ? 

[कनिप्ठ अनुदेशक (मैकेनिक) 23.12.2019]

  • ताँबा 

  • चाँदी 

  • सोना 

  • लोहा 

🔹 व्याख्या:

👉 डाबला-सिंघाना क्षेत्र राजस्थान के सीकर जिले में स्थित है।
👉 यह क्षेत्र लौह अयस्क (Iron Ore) के उत्पादन के लिए प्रसिद्ध है।
👉 यहाँ लगभग 7 लाख टन लौह अयस्क के भण्डार का अनुमान है।
👉 यह क्षेत्र राज्य के उत्तरी-पूर्वी लौह अयस्क पट्टी में आता है।

✍️ सही उत्तर है – लोहा 

मंगला, भाग्यम और ऐश्वर्या है - 

[कनिप्ठ अनुदेशक (वायरमैन) 24.12.2019]

  • जैसलमेर के तेल क्षेत्र 

  • जैसलमेर के गाँव

  • बाड़मेर के तेल क्षेत्र 

  • राजस्थान की फिल्म अभिनेत्रियाँ 

🔹 व्याख्या:

👉 मंगला, भाग्यम और ऐश्वर्य – ये सभी राजस्थान के बाड़मेर जिले में स्थित क्रूड ऑयल (कच्चा तेल) क्षेत्रों के नाम हैं।
👉 ये क्षेत्र राजस्थान बेसिन का हिस्सा हैं और यहाँ से तेल का व्यावसायिक उत्पादन होता है।
👉 इन क्षेत्रों ने राजस्थान को पेट्रोलियम उत्पादन में अग्रणी राज्य बना दिया है।

✍️ सही उत्तर है – बाड़मेर के तेल क्षेत्र 

राजस्थान का कौन-सा जिला बेन्टोनाइट का मुख्य उत्पादक है ? 

[कनिष्ठ वैज्ञानिक सहायक (भौतिक) 21.09.2019]

  • जैसलमेर 

  • नागौर

  • बाड़मेर 

  • गंगानगर 

🔹 व्याख्या:

👉 बेन्टोनाइट एक दानेदार मिट्टी है जिसका उपयोग तेलों को साफ करने और औद्योगिक कार्यों में होता है।
👉 राजस्थान में इसका प्रमुख उत्पादक जिला बाड़मेर है।
👉 इसके अतिरिक्त बीकानेर और सवाई माधोपुर में भी सीमित मात्रा में पाया जाता है।
👉 वर्ष 2020-21 में बाड़मेर में 4.460 लाख टन बेन्टोनाइट का उत्पादन हुआ।

✍️ सही उत्तर है – बाड़मेर 

कालागुमान और तीखी क्षेत्र ………. उत्पादन हेतु जाने जाते हैं। 

[CET (स्नातक) (चरण -II) 07.01.2023]

  • गार्नेट के 

  • घीया पत्थर के 

  • पन्ना के 

  • कैल्साइट के 

🔹 व्याख्या:

👉 कालागुमान और टिक्की क्षेत्र राजसमंद जिले में स्थित हैं।
👉 ये क्षेत्र पन्ना (एमराल्ड) के उत्पादन हेतु प्रसिद्ध हैं।
👉 पन्ना एक हरा चमकीला रत्न होता है, जिसका उपयोग आभूषणों में किया जाता है।
👉 यह क्षेत्र गोगुन्दा तक विस्तारित है जहाँ पन्ने की प्रमुख खानें हैं। 

✍️ सही उत्तर है – पन्ना के 

निम्नलिखित में से कौनसा (खनिज–उत्पादक क्षेत्र) सुमेलित नहीं है ? 

[VDO मुख्य परीक्षा 09.07.2022]

  • पन्ना - कालागुमान 

  • गार्नेट/तामड़ा - राजमहल 

  • पाइराइट - सरवाड़

  • घीया पत्थर - ऋषभदेव 

🔹 व्याख्या:

👉 गार्नेट (तामड़ा) का उत्पादन राजमहल (टोंक) में होता है, यह सुमेलित सही है।
👉 पन्ना की प्रमुख खानें कालगुमान (राजसमंद) क्षेत्र में हैं, यह भी सही है।
👉 पाइराइट का उत्पादन केवल सीकर जिले में होता है, सरवाड़ (अजमेर) इसका उत्पादक क्षेत्र नहीं है।
👉 घीया पत्थर का उत्पादन ऋषभदेव (उदयपुर) क्षेत्र में होता है, यह भी सही है।

✍️ सही उत्तर है – पाइराइट - सरवाड़ 

निम्न में से कौन सा जिप्सम उत्पादक क्षेत्र नहीं है ? 

[JEN (विधुत) (डिग्रीधारक) 29.11.2020]

  • देबारी 

  • हमीरवाली

  • जामसर 

  • धाकौरिया 

🔹 व्याख्या:

👉 हिंदुस्तान जिंक भारत का एकमात्र एकीकृत जिंक-लेड-सिल्वर उत्पादक और दुनिया के सबसे बड़े उत्पादकों में से एक है।
👉 इसके स्मेल्टर राजस्थान के चंदेरिया, दरीबा और देबारी में स्थित हैं।
👉 देबारी (उदयपुर) में भारत का सबसे पुराना स्मेल्टर है, जिसकी क्षमता 88,000 टन जिंक प्रति वर्ष है।
👉 दरीबा स्मेल्टिंग कॉम्प्लेक्स (राजसमंद) में 210,000 टन जिंक और 100,000 टन लेड वार्षिक उत्पादन होता है।
👉 इसमें 160 मेगावाट क्षमता का पावर प्लांट भी है, जो सिंधेसर खुर्द और राजपुरा-दरीबा खदानों को ऊर्जा प्रदान करता है। 

राजस्थान का डेगाना - भाकरी क्षेत्र किस खनिज के लिए प्रसिद्ध है ? 

[VDO मुख्य परीक्षा 09.07.2022]

  • टंगस्टन 

  • बेरिलियम 

  • चांदी 

  • तांबा 

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान का डेगाना क्षेत्र (जिला नागौर) टंगस्टन के लिए प्रमुख रूप से जाना जाता है।
👉 यह भारत का एकमात्र क्षेत्र है जहाँ से टंगस्टन का व्यावसायिक उत्पादन होता है।
👉 यहाँ के प्रमुख गाँव हैं – सेवरिया, पीपलिया, बीजाथल, जहाँ टंगस्टन के भण्डार हैं।
👉 टंगस्टन का उपयोग बिजली के बल्ब और सुरक्षा उपकरणों में होता है।

✍️ सही उत्तर है – टंगस्टन 

जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इण्डिया व माइंस एवं जियोलोजी विभाग के खनिज खोज कार्य की आरंभिक रिपोर्ट के अनुसार राज्य के बांसवाड़ा व राजसमंद में के विशाल भण्डार मिले हैं।

[वनपाल परीक्षा 06.11.2022]

  • जिप्सम 

  • ताँबा 

  • मैंगनीज़ 

  • पोटाश

🔹 व्याख्या:

👉 भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (GSI) और राजस्थान सरकार के खान एवं भूविज्ञान विभाग की प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार
👉 बांसवाड़ा और राजसमंद जिलों में मैंगनीज के विशाल भंडार पाए गए हैं।
👉 मैंगनीज एक महत्वपूर्ण धातु है जिसका उपयोग इस्पात निर्माण, बैटरी, रसायन और सिरेमिक उद्योगों में होता है।
👉 राजस्थान में अन्य प्रमुख खनिज हैं — रॉक फास्फेट, सीसा-जस्ता, चांदी, केल्साइट और जिप्सम, जिनमें से कुछ में यह राज्य देश में अग्रणी उत्पादक है। 

'मांडव की पाल' किसके उत्पादन के लिए विख्यात है ? 

[कनिष्ठ वैज्ञानिक सहायक (प्रलेख) 22 .09.2019]

  • ग्रेफाइट

  • डोलोमाइट 

  • फ्लोराइट 

  • बेराइट 

🔹 व्याख्या:

👉 मांडव की पाल क्षेत्र डूंगरपुर जिले में स्थित है।
👉 यह क्षेत्र फ्लोराइट (Fluorite) खनिज के लिए विख्यात है।
👉 इसके अतिरिक्त डूंगरपुर में काहिला नामक स्थान पर भी फ्लोराइट पाया जाता है।
👉 फ्लोराइट का उपयोग रासायनिक और औद्योगिक उद्देश्यों में होता है।

✍️ सही उत्तर है – फ्लोराइट 

मंगला, भाग्यम और ऐश्वर्य हैं -

[पुस्तकालयाध्यक्ष ग्रेड -II 11.09.2022]

  • जैसलमेर के क्रूड तेल भण्डार क्षेत्र

  •  बीकानेर के क्रूड तेल भण्डार क्षेत्र

  • बाड़मेर के क्रूड तेल भण्डार क्षेत्र

  • बाजरे की किस्में

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान में कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) के भण्डार मुख्यतः बाड़मेर जिले में पाए जाते हैं।
👉 यहाँ के प्रमुख तेल क्षेत्र हैं – मंगला, भाग्यम और ऐश्वर्य, जो राजस्थान बेसिन के अंतर्गत आते हैं।
👉 ये क्षेत्र राज्य की खनिज संपदा में नवीनतम और अत्यधिक मूल्यवान खोज माने जाते हैं।
👉 क्रूड तेल उत्पादन के संदर्भ में ये क्षेत्र विशेष महत्व रखते हैं।

✍️ सही उत्तर है – बाड़मेर के क्रूड तेल भण्डार क्षेत्र 

गुलाबी मार्बल मिलता है : [*]

[लवण निरीक्षक (उद्योग) 22.12.2019]

  • जयपुर में 

  • जालौर में

  • जैसलमेर में 

  • उदयपुर में 

📌 महत्वपूर्ण सूचना: इस प्रश्न को बोर्ड द्वारा 'डिलीट' या अमान्य घोषित किया गया है।  

राजस्थान में सीसा-जस्ता के सबसे बड़े निक्षेप कहाँ स्थित हैं ? 

[REET मुख्य परीक्षा (L -2) 01.03.2023]

  • मोखमपुरा पूर्व 

  • दरीबा पूर्व

  • राजपुरा - दरीबा

  • सिंदेसर - कलां 

🔹 व्याख्या:

👉 सिंदेसर-कलां, राजस्थान के राजसमंद जिले में स्थित है।
👉 यह क्षेत्र सीसा, जस्ता और चांदी के समृद्ध भंडार के लिए प्रसिद्ध है।
👉 सीसा-जस्ता के सबसे बड़े निक्षेप यहीं पाए जाते हैं, जिससे यह खनिज क्षेत्र की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। 

निम्नलिखित को सुमेलित कीजिए 

[वरिष्ठ कम्प्यूटर अनुदेशक 19.06.2022]

          खनिज                      खान 

(A) पाईराइट              (I) कालागुमान

(B) रॉक फास्फेट        (II) बिरमानिया

(C) गारनेट (तामड़ा)   (III) सलादीपुर

(D) एमराल्ड (पन्ना)   (IV) राजमहल

कोड है - 

  • A-I, B-II, C- IV, D-III

  • A-II, B-III, C- IV, D-I 

  • A-III, B- II, C-I, D- IV

  • A-III, B- II, C- IV, D-I

🔹 व्याख्या:

👉 पाईराइट का उत्पादन केवल सीकर जिले में होता है।
👉 रॉक फास्फेट का प्रमुख क्षेत्र बिरमानिया (जैसलमेर) है।
👉 गार्नेट (तामड़ा) का उत्पादन राजमहल (टोंक) क्षेत्र में होता है।
👉 एमराल्ड (पन्ना) की प्रमुख खानें कालागुमान (राजसमंद) में हैं।

✍️ सही उत्तर है – (A)–(III), (B)–(II), (C)–(IV), (D)–(I) 

परेवार बालुका पत्थर ______में स्थित है। 

[REET मुख्य परीक्षा (L -2) 28.02.2023]

  • चूरू 

  • हनुमानगढ़ 

  • जैसलमेर 

  • बारां  

🔹 व्याख्या:

👉 परेवार बालुका पत्थर राजस्थान के जैसलमेर जिले में स्थित है।
👉 यह पत्थर विशेष रूप से जैसलमेर के परेवार गांव में पाया जाता है।
👉 यह क्षेत्र उत्तम गुणवत्ता वाले बालुका पत्थर के लिए जाना जाता है। 

निम्नलिखित में से कहाँ देश का सबसे अधिक और बड़ा सीसा - जस्ता का एकल जमा है ? 

[कनिष्ठ वैज्ञानिक सहायक (अस्त्रक्षेप) 21.09.2019]

  • रेवारा 

  • जावर

  • रामपुरा आगूचा 

  • देवपुरा 

🔹 व्याख्या:

👉 रामपुरा अगुचा राजस्थान के भीलवाड़ा जिले में स्थित एक प्रमुख जस्ता और सीसा खदान है।
👉 यह खदान विशाल सल्फाइड जमा पर आधारित है और जयपुर से लगभग 220 किमी दूर स्थित है।
👉 इसका स्थान भीलवाड़ा के उत्तर और शाहपुरा के उत्तर-पश्चिम में है, जो इसे खनिज दृष्टि से अत्यंत महत्त्वपूर्ण बनाता है। 

राजस्थान के किस भाग में ताँबे के पुराने प्रचुर भंडार हैं ? 

[स्टेनोग्राफर परीक्षा 21.03.2021]

  • बीकानेर क्षेत्र

  • उदयपुर क्षेत्र 

  • खेतड़ी 

  • डीडवाना क्षेत्र

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान में ताँबे के पुराने एवं प्रचुर भण्डार मुख्यतः खेतड़ी क्षेत्र (झुंझुनूं जिला) में पाए जाते हैं।
👉 यहाँ कोल्हन, मन्धान, अखवाली, बरखेड़ा आदि प्रमुख खनन क्षेत्र हैं।
👉 खेतड़ी क्षेत्र में लगभग 8 करोड़ टन ताँबा भण्डार का अनुमान है।
👉 इसी क्षेत्र में ताँबा शोधक संयंत्र भी स्थापित है।

✍️ सही उत्तर है – खेतड़ी 

जामसर प्रसिद्ध है ?

[हाथकरघा निरीक्षक (उद्योग) 22.12.2019]

  • एस्बेस्टास के लिए

  • मुलतानी मिट्टी के लिए 

  • रॉक फास्फेट के लिए 

  • जिप्सम के लिए 

🔹 व्याख्या:

👉 जामसर (बाड़मेर जिले में) राजस्थान का एक प्रमुख जिप्सम उत्पादक क्षेत्र है।
👉 यहाँ बहुत बड़े भण्डार पाए जाते हैं, जो राज्य में जिप्सम उत्पादन के लिए महत्वपूर्ण हैं।
👉 विशेष रूप से यह क्षेत्र बीकानेर‑गंगानगर‑चूरू क्षेत्र के अंतर्गत आता है, जहाँ जिप्सम के भण्डार व्यापक हैं।

✍️ सही उत्तर है – जिप्सम 

निम्नलिखित को सुमेलित कीजिए और नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए

खनिज पदार्थ                    क्षेत्र 

(a) कॉपर                  (i) झामर कोटरा 

(b) जिप्सम               (ii) राजपुरा-देबारी

(c) सीसा और जस्ता   (iii) खोह-दरीबा

(d) रॉक फॉस्फेट        (iv) जमसार 

[वनरक्षक (चतुर्थ चरण) 13.11.2022]

कूट -

  • a-i, b-ii, c-iv, d-iii 

  • a-iii, b-iv, c-i, d-ii 

  • a-iii, b-iv, c-ii, d-i 

  • a-iv, b-i, c-iii, d-ii 

🔹 व्याख्या:

👉 (a) कॉपर – खोह-दरीबा, अलवर जिले में स्थित ताँबा उत्पादक क्षेत्र है।
👉 (b) जिप्सम – जमसार, बीकानेर जिले का प्रमुख जिप्सम खनन क्षेत्र है।
👉 (c) सीसा और जस्ता – राजपुरा-देबारी, उदयपुर का प्रमुख भण्डारण क्षेत्र है।
👉 (d) रॉक फॉस्फेट – झामर कोटड़ा, उदयपुर जिले का प्रमुख क्षेत्र है।

✍️ सही उत्तर है – (a – iii), (b – iv), (c – ii), (d – i) 

किस शहर को 'ग्रेनाइट का शहर' कहते हैं ? 

[REET मुख्य परीक्षा (L -2) 27.02.2023]

  • अजमेर 

  • नागौर 

  • जालौर

  • झालावाड़ 

🔹 व्याख्या:

👉 जालौर जिले की पहाड़ियाँ उच्च गुणवत्ता वाले ग्रेनाइट पत्थर के लिए प्रसिद्ध हैं।
👉 यहाँ से प्राप्त ग्रेनाइट का उपयोग निर्माण और सजावटी उद्देश्यों के लिए किया जाता है।
👉 इसी कारण जालौर को 'ग्रेनाइट का शहर' कहा जाता है।

✍️ सही उत्तर है – जालौर 

कौन सा (खनिज - खनन क्षेत्र) सुमेलित नहीं है? 

[CET (स्नातक) (चरण -III) 08.01.2023]

  • सीसा और जस्ता           - रामपुरा-अगुचा 

  • डोलोमाइट बाजला        - काबरा 

  • फ्लोराइट                     - मांडो-की- पाल 

  • रॉक फॉस्फेट                - बरोडिया

🔹 व्याख्या:

👉 रामपुरा-अगूचा क्षेत्र भीलवाड़ा जिले में स्थित है और यह सीसा-जस्ता के लिए प्रमुख खनन क्षेत्र है।
👉 राजस्थान के बड़ोदिया (बूंदी) क्षेत्र में सिलिका सैंड (Silica Sand) का प्रमुख खनिज पाया जाता है। राज्य का भूविज्ञान विभाग इस क्षेत्र में 1 मिलियन टन से अधिक के सिलिका सैंड के भंडार का अनुमान लगाता है, जो मुख्य रूप से औद्योगिक और कांच निर्माण में उपयोग किया जाता है।

✍️ सही उत्तर है – रॉक फॉस्फेट – बरोडिया 

राजस्थान में टंगस्टन कहाँ पाया जाता है ?

पशुधन सहायक (LSA) 04.06.2022

  • टोंक 

  • नागौर 

  • चितोड़गढ़ 

  • अलवर 

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान में टंगस्टन का प्रमुख भण्डार नागौर जिले के डेगाना क्षेत्र में पाया जाता है।
👉 यह देश की एकमात्र खान है जहाँ से टंगस्टन का उत्पादन होता है।
👉 यहाँ के प्रमुख क्षेत्र हैं – सेवरिया, पीपलिया और बीजाथल गाँव।
👉 इसका उपयोग बिजली के बल्ब और सुरक्षा हथियारों में किया जाता है।

✍️ सही उत्तर है – नागौर 

राजस्थान राज्य खनिज उत्पादन में 2014-15 में भारत में ____ स्थान पर था।

[कनिष्ठ वैज्ञानिक सहायक (सीरम) 15.09.2019]

  • दूसरे

  • चौथे 

  • तीसरे 

  • पहले 

🔹 व्याख्या:

👉 खनिज उत्पादन के मामले में, 2025-26 में मूल्य के आधार पर राजस्थान का भारत में तीसरा स्थान है (ओडिशा पहले और छत्तीसगढ़ दूसरे स्थान पर है)। वहीं, खनिज भंडारों की दृष्टि से राज्य का देश में दूसरा स्थान (झारखंड के बाद) है।राजस्थान देश में सीसा-जस्ता अयस्क, सेलेनाइट और वोलास्टोनाइट का एकमात्र उत्पादक है। इसके अलावा, यह चांदी, केल्साइट और जिप्सम के उत्पादन में भी देश में अग्रणी है।

निम्नलिखित में से कौन सा एक सही सुमेलित नहीं है

[JEN (विद्युत/यांत्रिक) (डिग्रीधारक) 26.12.2020]

लोह अयस्क खनन क्षेत्र     -       जिला 

  • नीमला - राइसेला          -       नागौर 

  • बागोली, सराय-पचलंगी -       झुन्झुनू 

  • लोहारपुरा                    -       बूंदी 

  • चौमू सामोद                 -       जयपुर

🔹 व्याख्या:

👉 बागोली, सराय-पचलंगी — ये झुन्झुनूं जिले में स्थित हैं — यह सही सुमेलित है।
👉 नीमला-राइसेला — यह दौसा जिले में स्थित लौह अयस्क क्षेत्र है, न कि नागौर में — यह भी गलत है।
👉 चौमू-सामोद — यह क्षेत्र जयपुर जिले में है — यह सुमेलित सही है।
👉 लोहारपुरा — यह बूंदी जिले का लौह अयस्क क्षेत्र है — यह भी सही है।

✍️ सही उत्तर है – नीमला - राइसेला - नागौर 

डेगाना खानें राजस्थान के किस जिले में स्थित हैं ? 

[वनरक्षक (द्वितीय चरण -A) 11.12.2022]

  • उदयपुर 

  • डूंगरपुर 

  • नागौर 

  • राजसमंद

🔹 व्याख्या:

👉 डेगाना टंगस्टन खान नागौर जिले में स्थित है।
👉 यह राजस्थान की एकमात्र सक्रिय टंगस्टन उत्पादन क्षेत्र है।
👉 डेगाना के अलावा अजमेर‑नागौर सीमा पर सेवरिया, पीपलिया, बीजाथल जैसे क्षेत्र भी टंगस्टन के लिए प्रसिद्ध हैं। 

✍️ सही उत्तर है – नागौर 

राजस्थान में पेट्रोलियम उत्पादन क्षेत्र कितने जिलों में फैला हुआ है? 

VDO Pre. (चतुर्थ चरण) 28.12.2021

  • 12 

  • 9 

  • 14

  • 16

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान में पेट्रोलियम उत्पादन क्षेत्र कुल 14 जिलों में फैला हुआ है।
👉 ये क्षेत्र 4 पेट्रोलिफेरस बेसिनों के अंतर्गत आते हैं, जिनमें महत्वपूर्ण हाइड्रोकार्बन संसाधन क्षमता है।
👉 प्रमुख जिले हैं – बाड़मेर, जैसलमेर, बीकानेर, गंगानगर, हनुमानगढ़, जालौर, जोधपुर, कोटा, झालावाड़, बारां, बूंदी, भीलवाड़ा, चूरू और चित्तौड़गढ़।
👉 इन बेसिनों का क्षेत्रफल 1,50,000 वर्ग किमी है और 21 ब्लॉकों में लगभग 60,000 वर्ग किमी क्षेत्र में अन्वेषण किया गया है। 

निम्न में से कौन सी कोयला किस्म राजस्थान में अधिकांश उत्पादित की जाती है ? 

[CET (10+2 षष्टम चरण) 11.02.2023]

  • बिटुमिनस 

  • एन्थ्रेसाइट

  • पीट 

  • लिग्नाइट 

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान में कोयले की प्रमुख किस्म लिग्नाइट है, जिसका उत्पादन विशेषकर बीकानेर के पलाना क्षेत्र में होता है।
👉 राज्य में नागौर जिले में भी लिग्नाइट भण्डार मिलने की संभावना बताई गई है।
👉 लिग्नाइट एक निम्न श्रेणी का कोयला होता है जिसका उपयोग ऊर्जा उत्पादन में होता है।

✍️ सही उत्तर है – लिग्नाइट 

बीकानेर जिले में कौन सा लिग्नाइट खनन क्षेत्र स्थित नहीं है ? 

[REET मुख्य परीक्षा (L-2) 28.02.2023]

  • बोधिया

  • बीथनोक 

  • बरसिंगसर 

  • पलाना

🔹 व्याख्या:

👉 बोधिया लिग्नाइट खनन क्षेत्र राजस्थान के बाड़मेर जिले में स्थित है।
👉 यह क्षेत्र लिग्नाइट (कोयले का एक प्रकार) के समृद्ध भंडार के लिए प्रसिद्ध है।
👉 यहाँ से लिग्नाइट का खनन बड़े स्तर पर किया जाता है। 

फेल्सपार खनिज कौनसी चट्टानों में मिलता है ?  [*]

[पुस्तकालयाध्यक्ष ग्रेड - III 19.09.2019]

  • पैग्मेटाइट 

  • नीस 

  • फॉस्फेट 

  • ग्रेनाइट 

📌 महत्वपूर्ण सूचना: इस प्रश्न को बोर्ड द्वारा 'डिलीट' या अमान्य घोषित किया गया है।  

राजस्थान में वरमीक्यूलाइट कहाँ पाया जाता है ? 

[वनपाल परीक्षा 06.11.2022]

  • जैसलमेर 

  • भीलवाड़ा 

  • अजमेर 

  • कोटा 

🔹 व्याख्या:

👉 वरमीक्यूलाइट एक प्राकृतिक खनिज है, जो मैग्नीशियम-एल्युमिनियम-आयरन सिलिकेट के रूप में पाया जाता है।
👉 यह बायोटाइट या फ्लॉगोपाइट के अपक्षय या हाइड्रोथर्मल परिवर्तन से बनता है।
👉 अजमेर जिले के लाडपुरा, राजगढ़, बोराज, खाजपुरा और आसपास के क्षेत्रों में इसका प्रमुख उत्पादन होता है। 

नाथरा की - पाल किस खनिज के लिए प्रसिद्ध है? 

JEN (विद्युत/यांत्रिक, डिप्लोमा) 20.05.2022

  • टंगस्टन 

  •  रॉक-फॉस्फेट

  •  लौह-अयस्क

  • एस्बेस्टॉस 

🔹 व्याख्या:

👉 नाथरा की पाल क्षेत्र उदयपुर जिले में स्थित है और यह लौह अयस्क (Iron Ore) के लिए प्रसिद्ध है।
👉 यह क्षेत्र दक्षिण-पूर्वी लौह अयस्क पट्टी में आता है, जिसमें थूर-हूण्डेर भी शामिल है।
👉 यहाँ पाया जाने वाला लोहा मुख्यतः हेमेटाइट किस्म का होता है।

✍️ सही उत्तर है – लौह-अयस्क 

निम्न में से कौन-सी लौह अयस्क की किस्म है ? 

[CET (10+2 चतुर्थ चरण) 05.02.2023]

  • हेमेटाइट 

  • एन्थ्रासाइट 

  • बिटुमिनस 

  • गैलेना 

🔹 व्याख्या:

👉 हेमेटाइट लौह अयस्क की एक प्रमुख किस्म है, जिसमें लौह अंश 65–70% तक पाया जाता है।
👉 यह किस्म राजस्थान में मोरीजा-वानोल (जयपुर) क्षेत्र में पाई जाती है।
👉 राजस्थान में प्राप्त लौह अयस्क की यही प्रमुख किस्म है।
👉 यह अयस्क मुख्यतः घटिया किस्म का माना जाता है और व्यापारिक रूप से कम लाभकारी है।

✍️ सही उत्तर है – हेमेटाइट 

B. P. R. L. का पेट्रोलियम खनन क्षेत्र है ?

[REET मुख्य परीक्षा (L -2) 27.02.2023] 

  • सादेवाला 

  • भाग्यम 

  • चीनेवाला 

  • डांडेवाला

🔹 व्याख्या:

👉 जैसलमेर जिले के सादेवाला, तनोट, बाघेवाला से टावरीवाला, चित्रेवाला, टिब्बा आदि क्षेत्र
👉 राजस्थान के महत्वपूर्ण पेट्रोलियम क्षेत्र हैं।
👉 इन क्षेत्रों में तेल एवं गैस संसाधनों की उपस्थिति के कारण खोज और उत्खनन कार्य होते हैं। 

कौनसा (खनिज - खनन क्षेत्र) सही सुमेलित नहीं है ? 

[CET (स्नातक) (चरण -I) 07.01.2023]

  • तामड़ा                - कालागुमान

  • मैंगनीज़               - काला - खूंटा 

  • रॉक फॉस्फेट        - झामर-कोटड़ा 

  • लौह अयस्क        - मोरीजा - डाबला   

🔹 व्याख्या:

👉 रॉक फॉस्फेट – झामर कोटड़ा (उदयपुर) एक सही सुमेलन है।
👉 मैंगनीज़ – काला खूंटा (बाँसवाड़ा) क्षेत्र में पाया जाता है।
👉 तामड़ा – कालागुमान नहीं, बल्कि यह क्षेत्र पन्ना (एमराल्ड) के लिए प्रसिद्ध है।
👉 लौह अयस्क – मोरीजा (जयपुर) और डाबला (सीकर) दोनों लौह अयस्क क्षेत्र हैं।

✍️ सही उत्तर है – तामड़ा – कालागुमान 

राजस्थान में बेरिलियम के प्रमुख उत्पादक जिले हैं - 

[वनरक्षक (प्रथम चरण) 12.11.2022]

  • बारां और करौली

  • दौसा और सवाई माधोपुर 

  • जयपुर और उदयपुर 

  • जोधपुर और नागौर

🔹 व्याख्या:

👉 बेरिलियम उत्पादन के प्रमुख जिले जयपुर और उदयपुर हैं।
👉 जयपुर में गुजरवाड़ा और बांदर सींदरी, तथा उदयपुर में शिकारवाड़ी, चम्पागुड़ा, रान आमेट जैसे क्षेत्र प्रमुख हैं।
👉 इसके अतिरिक्त भीलवाड़ा, सीकर, टोंक और डूंगरपुर में भी यह सीमित मात्रा में पाया जाता है।
👉 राजस्थान बेरिलियम उत्पादन में देश में अग्रणी है।

✍️ सही उत्तर है – जयपुर और उदयपुर 

निम्नलिखित में से कौनसा (खनिज – खान) सुमेलित नहीं है?

JEN (विद्युत डिग्रीधारक) 19.05.2022

  •  लौह अयस्क - डाबला 

  • सीसा और जस्ता - राजपुर दरीबा 

  • तांबा - लीलवानी

  • मैंगनीज़ - कालाखूंटा 

🔹 व्याख्या:

👉 सीसा और जस्ता का प्रमुख क्षेत्र राजपुरा-दरीबा (राजसमंद) है — यह सुमेलित सही है।
👉 मैंगनीज़ का उत्पादन कालाखूंटा (बाँसवाड़ा) में होता है — यह भी सही है।
👉 लौह अयस्क का एक प्रमुख क्षेत्र डाबला (सीकर) है — यह भी सही है। 

✍️ सही उत्तर है – तांबा - लीलवानी 

'मंगला तेल क्षेत्र' जिस जिले में स्थित है वह है ?

[अन्वेषक परीक्षा 27.12.2020]

  • जोधपुर

  • बाड़मेर

  • पाली 

  • जालोर

🔹 व्याख्या:

👉 मंगला तेल क्षेत्र राजस्थान के बाड़मेर जिले में स्थित है।
👉 यह क्षेत्र भारत का सबसे बड़ा ऑनशोर (तटवर्ती) तेल क्षेत्र है।
👉 इसकी खोज 2004 में हुई थी और 2009 से यह उत्पादन में है।
👉 मंगला क्षेत्र ने राजस्थान के ऊर्जा क्षेत्र में ऐतिहासिक योगदान दिया है। 

राजस्थान में 'टंगस्टन' का उत्पादन कहाँ होता है ? 

[CET (स्नातक) (चरण -IV) 08.01.2023]

  • डेगाना 

  • ब्यावर 

  • देबारी 

  • खेतडी

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान में टंगस्टन का उत्पादन केवल डेगाना (नागौर जिला) में होता है।
👉 यह देश की एकमात्र सक्रिय टंगस्टन खान है जहाँ से इसका व्यावसायिक खनन किया जाता है।
👉 टंगस्टन का उपयोग बिजली के बल्बों और अस्त्र-शस्त्रों में किया जाता है।
👉 अजमेर-नागौर की सीमा पर सेवरिया, पीपलिया, बीजाथल में भी इसके भण्डार मिले हैं।

✍️ सही उत्तर है – डेगाना 

पचपद्रा जिस खनिज का महत्वपूर्ण उत्पादक है, वह है ?

[कनिप्ठ अनुदेशक (वायरमैन) 24.12.2019]

  • चूना पत्थर

  • फ्लुओराइट

  • नमक 

  • वोराइट्स

🔹 व्याख्या:

👉 पचपद्रा राजस्थान का एक प्रमुख नमक उत्पादक क्षेत्र है।
👉 यहाँ की लवणीय झील से सोडियम क्लोराइड (नमक) का उत्पादन किया जाता है।
👉 यह क्षेत्र सांभर, डीडवाना और लूणकरणसर जैसे अन्य नमक क्षेत्रों में शामिल है।

✍️ सही उत्तर है – नमक 

निम्न में से कौन सा केन्द्र जिप्सम का बाड़मेर स्थित उत्पादक केन्द्र नहीं है ? 

[JEN (यांत्रिक) (डिग्रीधारक) 13.12.2020]

  • पार की धानी 

  • कुरला 

  • श्योकर 

  • खूटानी 

🔹 व्याख्या:

👉 बाड़मेर जिले में जिप्सम के प्रमुख उत्पादक केन्द्र हैं – कावाम, कुरला, श्योकर, उत्तरलाई और पार-की-धानी।
👉 जबकि खूटानी नामक स्थान का संबंध पाली जिले से है, न कि बाड़मेर से।
👉 अतः खूटानी, बाड़मेर का जिप्सम उत्पादक केन्द्र नहीं है।

✍️ सही उत्तर है – खूटानी 

गुलाबी संगमरमर का खनन क्षेत्र_____ है। 

[REET मुख्य परीक्षा (L -2) 01.03.2023]

  • केसरीयाजी

  • डूंगरपुर

  • कुमारी 

  • बाबरमल 

🔹 व्याख्या:

👉 जिप्सम का खनन कोनी और रणधीर खदानों से होता है।
👉 गुलाबी संगमरमर की प्रमुख खदान बाबरमल में स्थित है।
👉 गार्नेट खनिज का खनन स्थल राजमहल है।
👉 यूरोनियम की खदान कुरडिया है।
👉 लिग्नाइट खनिज का खनन पलाना से किया जाता है। 

राजस्थान में निम्न में से कौनसा पन्ना खनन क्षेत्र नहीं है?

JEN (विद्युत/यांत्रिक, डिग्री) 20.05.2022

  • कालागुमान 

  • गोगुन्दा 

  • टिक्की 

  • सरवर 

🔹 व्याख्या:

👉 पन्ना (एमराल्ड) के प्रमुख खनन क्षेत्र राजसमंद और उदयपुर जिलों में स्थित हैं।
👉 इनमें कालागुमान, टिक्की और गोगुन्दा क्षेत्र प्रमुख हैं — ये सभी पन्ना के लिए प्रसिद्ध हैं।
👉 सरवर (अजमेर) क्षेत्र तामड़ा (गार्नेट) के अंतर्गत है, पन्ना से संबंधित नहीं है। 

✍️ सही उत्तर है – सरवर 

चन्देरिया ____ संयंत्र चित्तौड़गढ़ में स्थित है। 

[REET मुख्य परीक्षा (L -2) 26.02.2023]

  • जस्ता 

  • ताँबा 

  • एस्बेस्टस 

  • इस्पात 

🔹 व्याख्या:

👉 चन्देरिया संयंत्र राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले में स्थित है।
👉 यह संयंत्र जस्ता धातु के शोधन के लिए स्थापित किया गया है।
👉 यह संयंत्र आगूचा-गुलाबपुरा क्षेत्र से प्राप्त अयस्क के प्रसंस्करण में सहायक है।
👉 राजस्थान देश का 99% जस्ता उत्पादन करता है।

✍️ सही उत्तर है – जस्ता 

राजस्थान निम्न में से किस खनिज का एकमात्र उत्पादक है ? [*]

[वनरक्षक (द्वितीय चरण -B) 11.12.2022]

  • सेलेनाइट

  • वोलैस्टोनाइट 

  • सीसा एवं अभ्रक अयस्क 

  • ताँबा अयस्क

📌 महत्वपूर्ण सूचना: इस प्रश्न को बोर्ड द्वारा 'डिलीट' या अमान्य घोषित किया गया है।  

निम्नलिखित में से कौन सा ( खनिज - उत्पादक क्षेत्र) सुमेलित नहीं है ?

[संगणक परीक्षा 19.12. 2021]

  •  मैंगनीज - कालाखूंटा 

  • जिप्सम - जामसर 

  • गार्नेट  - सलादीपुरा 

  • लौह - नाथरा की पाल

🔹 व्याख्या:

👉 लौह अयस्क का भण्डार नाथरा की पाल (उदयपुर) क्षेत्र में है — यह सुमेलित सही है।
👉 मैंगनीज का उत्पादन कालाखूंटा (बाँसवाड़ा) में होता है — यह भी सही है।
👉 जिप्सम का प्रमुख क्षेत्र जामसर (बीकानेर) है — यह भी सही है। 

✍️ सही उत्तर है – गार्नेट-सलादीपुरा 

राजस्थान का निम्नलिखित में से कौन सा जिला अभ्रक के उत्पादन के लिए प्रसिद्ध है ?

[प्रयोगशाला सहायक (भूगोल) 30.06.2022]

  • भीलवाड़ा

  • चित्तौड़गढ 

  • बूंदी 

  • दौसा 

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान में अभ्रक उत्पादन की प्रमुख पेटी भीलवाड़ा-उदयपुर क्षेत्र में स्थित है।
👉 भीलवाड़ा जिले के नात-की-नेरी, तूनका, चापरी, रतनगाजा आदि क्षेत्र अभ्रक के लिए प्रसिद्ध हैं।
👉 यहाँ से उत्पादित अभ्रक का उपयोग विद्युत उपकरणों, सजावटी सामग्री आदि में होता है।
👉 राज्य में अभ्रक से इन्सुलेटिंग ईंटों का भी निर्माण होता है।

✍️ सही उत्तर है – भीलवाड़ा 

निम्नलिखित में से कौन सा एक युग्म सुमेलित नहीं है ? 

[वनरक्षक (द्वितीय चरण -B) 11.12.2022]

खनिज              खनन क्षेत्र 

  • टंगस्टन               - पलाना 

  • ताँबा                   - खेतड़ी 

  • लौह अयस्क         - मोरीजा बानोल

  • सीसा और जस्ता   - जावर

🔹 व्याख्या:

👉 खेतड़ी (झुंझुनूं) ताँबा उत्पादन के लिए प्रसिद्ध क्षेत्र है।
👉 मोरीजा-बनोल (जयपुर) लौह अयस्क के खनन क्षेत्र हैं।
👉 जावर (उदयपुर) सीसा और जस्ता उत्पादन का प्रमुख केंद्र है।
👉 पलाना (बीकानेर) लिग्नाइट क्षेत्र है, न कि टंगस्टन का — टंगस्टन डेगाना (नागौर) में पाया जाता है।

✍️ सही उत्तर है – टंगस्टन – पलाना 

निम्न में से कौन सा खनिज मृदाओं में लवणीयता एवं क्षारीयता के समाधान हेतु उपयुक्त है ? 

[कनिष्ठ वैज्ञानिक सहायक (प्रलेख) 22 .09.2019]

  • जिप्सम 

  • टंगस्टन 

  • मैग्नीशियम 

  • सोडियम 

🔹 व्याख्या:

👉 जिप्सम का उपयोग मृदाओं की लवणीयता एवं क्षारीयता को दूर करने के लिए किया जाता है।
👉 यह रासायनिक उर्वरक के रूप में मृदा की गुणवत्ता सुधारने में सहायक होता है।
👉 राजस्थान में जिप्सम का उत्पादन सर्वाधिक बीकानेर, नागौर, जैसलमेर आदि जिलों में होता है।
👉 यह उर्वरक खनिजों की श्रेणी में आता है।

✍️ सही उत्तर है – जिप्सम 

राजस्थान में सर्वाधिक 'फेल्सपार' उत्पादक जिला है 

[पुस्तकालयाध्यक्ष ग्रेड - III 19.09.2019]

  • भरतपुर 

  • चित्तौड़गढ़ 

  • डूंगरपुर 

  • अजमेर 

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान देश में फेल्सपार का प्रमुख उत्पादक राज्य है, जिसके पास 87.94 मिलियन टन संसाधन हैं।
👉 अजमेर जिला इसका अग्रणी उत्पादक है, जबकि भीलवाड़ा, राजसमंद, पाली, टोंक और सीकर अन्य प्रमुख उत्पादक जिले हैं।
👉 फेल्सपार पोटाश स्पर और सोडा स्पर में विभाजित होता है, जिसका उपयोग कांच, मिट्टी के बर्तन और सिरेमिक उद्योगों में किया जाता है।
👉 राजस्थान देश का 66% फेल्सपार उत्पादक है और यह खनिज प्रायः क्वार्ट्ज पेगमाटाइट्स के साथ पाया जाता है।
👉 इसके प्रमुख खनन क्षेत्र जयपुर, अजमेर, प्रतापगढ़, डूंगरपुर, उदयपुर व बारा जिलों में स्थित हैं। 

झामर कोटडा खानें किसके लिए जानी जाती हैं ? 

[JEN (विद्युत/यांत्रिक) (डिग्रीधारक) 26.12.2020]

  • अभ्रक 

  • जिप्सम 

  • रॉक फास्फेट 

  • बॉक्साइट 

🔹 व्याख्या:

👉 झामर कोटड़ा खानें राजस्थान के उदयपुर जिले में स्थित हैं।
👉 यह क्षेत्र रॉक फॉस्फेट के लिए प्रमुख रूप से जाना जाता है।
👉 यहाँ के अन्य क्षेत्र हैं — बड़ागाँव, नीमच माता, कारबेरिया, मटून आदि।
👉 रॉक फॉस्फेट का उपयोग रासायनिक उर्वरकों के निर्माण में होता है।

✍️ सही उत्तर है – रॉक फास्फेट 

राजस्थान में गोलिय व हनोतिया में भण्डार है ?

[कनिष्ठ वैज्ञानिक सहायक (रसायन) 14.09.2019]

  • टंगस्टन के

  • चाँदी के

  • ताँबे के

  • मैग्नीज़ के 

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान के गोलिया और हनोतिया क्षेत्र ताँबे के प्रमुख स्रोत हैं।
👉 गोलिया 1 मिलियन टन और हनोतिया 1.463 मिलियन टन ताँबे का उत्पादन करते हैं।
👉 राज्य में ताँबे के प्रमुख भंडार झुंझुनूं, सीकर, सिरोही, उदयपुर, भीलवाड़ा, अजमेर, अलवर, भरतपुर, चित्तौड़गढ़, राजसमंद और डूंगरपुर में हैं।
👉 राजस्थान के पास देश के ताँबा संसाधनों का 54% हिस्सा है और यह देश का दूसरा प्रमुख उत्पादक है, जो 41% योगदान करता है। 

अकवाली निक्षेप ____ के लिए प्रसिद्ध हैं । 

[REET मुख्य परीक्षा (L -2) 26.02.2023]

  • ताँबा 

  • फेल्डस्पार 

  • लोहा 

  • संगमरमर

🔹 व्याख्या:

👉 अकवाली झुंझुनूं जिले के पपरना क्षेत्र में स्थित है।
👉 यह क्षेत्र खेतड़ी-सिंघाना ताँबा पट्टी के अंतर्गत आता है।
👉 अकवाली के साथ-साथ बबाई, बरखेरा, कोल्हन, मन्धान भी ताँबा भण्डारण क्षेत्र हैं।
👉 खेतड़ी में लगभग 8 करोड़ टन ताँबा भण्डार का अनुमान है।

✍️ सही उत्तर है – ताँबा 

'ऐश्वर्या तेल क्षेत्र' जिस जिले में स्थित है, वह है 

[कनिप्ठ अनुदेशक (इलेक्ट्रोनिक्स) 23.12.2019]

  • जोधपुर 

  • बाड़मेर 

  • जैसलमेर 

  • जालोर

🔹 व्याख्या:

👉 ऐश्वर्या तेल क्षेत्र राजस्थान के बाड़मेर जिले में स्थित है।
👉 यह मंगला क्षेत्र का उपग्रह क्षेत्र है और केयर्न एनर्जी द्वारा विकसित किया गया है।
👉 इसे भारत की दूसरी सबसे बड़ी तेल खोज माना जाता है।
👉 केयर्न अधिकारियों ने इसे 'जीवित देवी' की संज्ञा दी है।

✍️ सही उत्तर है – बाड़मेर 

बाड़मेर - सांचौर बेसिन में कौन सा पेट्रोलियम उत्पादन केन्द्र : स्थित नहीं है ?

[REET मुख्य परीक्षा (L -2) 27.02.2023]

  • तुकराम 

  • कामेश्वरी 

  • सादेवाला 

  • शक्ति 

🔹 व्याख्या:

👉 सादेवाला पेट्रोलियम उत्पादन केंद्र बाड़मेर-सांचौर बेसिन में स्थित नहीं है।
👉 बाड़मेर-सांचौर बेसिन में स्थित प्रमुख पेट्रोलियम केंद्र हैं — मंगला, भाग्यम, ऐश्वर्या, सरस्वती, रागेश्वरी, कामेश्वरी, विजया और वंदना।
👉 यह तथ्य दर्शाता है कि सादेवाला का भौगोलिक संबंध बाड़मेर बेसिन से नहीं है।

राजमहल (टोंक) खान संबंधित है

[प्रयोगशाला सहायक (गृह विज्ञान) 30.06.2022]

  • पन्ना से

  • चाँदी से

  • सोना से

  • तामडा से 

🔹 व्याख्या:

👉 राजमहल (टोंक) क्षेत्र में तामड़ा (Garnet) खनिज का उत्पादन होता है।
👉 यह खनिज लाल या गुलाबी रंग का पारदर्शी रत्न होता है, जो आभूषण व औद्योगिक कार्यों में प्रयोग होता है।
👉 टोंक के गांवरी, कुशलपुरा, जनकपुरा भी इसके अन्य क्षेत्र हैं।
👉 राजस्थान का तामड़ा उत्पादन में एकाधिकार है।

✍️ सही उत्तर है – तामडा से 

गोला-अलीपुरा ____ का प्रसिद्ध भण्डारण क्षेत्र है। 

[REET मुख्य परीक्षा (L -2) 28.02.2023]

  • डोलोमाइट 

  • क्वार्ट्ज 

  • सिलिका - रेत 

  • वोलस्टोनाइट

🔹 व्याख्या:

👉 वोलस्टोनाइट गोला-अलीपुरा का प्रसिद्ध भण्डारण क्षेत्र है। 
👉 यह खनिज डूंगरपुर, उदयपुर और सवाई माधोपुर सहित कुछ क्षेत्रों में सीमित मात्रा में उपलब्ध है।
👉 वोलस्टोनाइट का उपयोग सिरेमिक, रबर और प्लास्टिक उद्योग में किया जाता है।

✍️ सही उत्तर है – वोलस्टोनाइट 

झामर कोटड़ा खानें किसके लिए जानी जाती हैं ? 

[REET मुख्य परीक्षा (L -2) 01.03.2023]

  • जिप्सम 

  • रॉक फ़ॉस्फ़ेट 

  • अभ्रक

  • फेल्सपार

🔹 व्याख्या:

👉 झामर कोटड़ा राजस्थान के उदयपुर जिले में स्थित एक प्रमुख रॉक फॉस्फेट उत्पादक क्षेत्र है।
👉 इस क्षेत्र के साथ-साथ बड़ागाँव, नीमच माता, कानपुर, मटून आदि भी रॉक फॉस्फेट खनन के लिए प्रसिद्ध हैं।
👉 राज्य देश का लगभग 56% रॉक फॉस्फेट उत्पादन करता है।
👉 रॉक फॉस्फेट का उपयोग मुख्य रूप से रासायनिक उर्वरकों के निर्माण में किया जाता है।

✍️ सही उत्तर है – रॉक फॉस्फ़ेट 

कौन सा पेट्रोलियम उत्पादन स्थल बाड़मेर जिले में स्थित नहीं है

[REET मुख्य परीक्षा (L -2) 01.03.2023]

  • ऐश्वर्या 

  • मंगला

  • घोटारू 

  • भाग्यम 

🔹 व्याख्या:

👉 बाड़मेर जिले में स्थित मुख्य पेट्रोलियम उत्पादन क्षेत्रों में मंगला, भाग्यम और ऐश्वर्या शामिल हैं।
👉 इन क्षेत्रों में केयर्न इंडिया द्वारा पेट्रोलियम उत्पादन किया जाता है।

जैसलमेर जिले का घोटारू (Ghotaru) क्षेत्र प्राकृतिक गैस (Natural Gas) और हीलियम गैस (Helium Gas) के विशाल भंडारों के लिए प्रसिद्ध है। यहाँ की अवसादी चट्टानों में प्राकृतिक गैस का खनन किया जाता है और इसके अलावा यह स्थान भूगर्भ से हीलियम गैस निकलने के लिए भी जाना जाता है।

✍️ सही उत्तर है – घोटारू 

आनन्दपुर भुकिया और तिमारन माता प्रसिद्ध है 

[वनरक्षक (प्रथम चरण) 12.11.2022]

  • सीसा एवं जस्ता के निक्षेपों हेतु 

  • स्वर्ण निक्षेपों हेतु 

  • यूरेनियम निक्षेपों हेतु 

  • एस्बेस्टस के निक्षेपों हेतु  

🔹 व्याख्या:

👉 आनन्दपुर भुकिया और तिमारन माता क्षेत्र बाँसवाड़ा जिले में स्थित हैं।
👉 ये क्षेत्र स्वर्ण (सोने) के संभावित भण्डारों के लिए प्रसिद्ध हैं।
👉 इस क्षेत्र को भूखिया-जगपुरा-देलवाड़ा पेटी का भाग माना जाता है।
👉 यहाँ वर्ष 2006-07 में 51.005 किग्रा स्वर्ण उत्पादन दर्ज किया गया था।

✍️ सही उत्तर है – स्वर्ण निक्षेपों हेतु 

बांसवाड़ा जिले के सिवानिया, कालाखूंटा, घाटिया क्षेत्र ____ खनिज के भण्डारों के लिये जाने जाते हैं। 

[REET मुख्य परीक्षा (L -2) 26.02.2023]

  • टंगस्टन 

  • मैंगनीज़

  • सीसा - जस्ता

  • चाँदी 

🔹 व्याख्या:

👉 सिवोनिया, कालाखूंटा, घाटिया जैसे क्षेत्र बाँसवाड़ा जिले में स्थित हैं।
👉 ये क्षेत्र मैंगनीज़ खनिज के भण्डारों के लिए प्रसिद्ध हैं।
👉 बांसवाड़ा में लीलवानी, नरडिया, सागवा, खेडिया, तलवाड़ा आदि क्षेत्र भी मैंगनीज़ उत्पादक हैं।
👉 वर्तमान में केवल बांसवाड़ा जिले में व्यापारिक खनन होता है।

✍️ सही उत्तर है – मैंगनीज़ 

राजस्थान के निम्नलिखित तांबा खदान केन्द्रों को उत्तर से दक्षिण दिशा की ओर व्यवस्थित करें : 

a. भीलवाड़ा 

c. अलवर 

b. उदयपुर 

d. खेतड़ी 

नीचे दिए गए विकल्पों में से सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर चुनें : 

[लिपिक ग्रेड -II (LDC) 11.08.2024]

  • c, d, a, b 

  • d, a, c, b 

  • c, a, b, d 

  • d, c, a, b 

🔹 व्याख्या:

👉 खेतड़ी (झुंझुनूं) राजस्थान का सबसे उत्तरी ताँबा उत्पादक क्षेत्र है, जो कोल्हन, मन्धान आदि के लिए प्रसिद्ध है।
👉 इसके बाद अलवर, फिर भीलवाड़ा (पुर-दरीबा क्षेत्र) और सबसे दक्षिण में उदयपुर (दरीबा-केरावली) ताँबा उत्पादक क्षेत्र है।
👉 खेतड़ी में लगभग 8 करोड़ टन, अलवर के खो-दरीबा में 50 लाख टन ताँबा भण्डार का अनुमान है। 

✍️ सही उत्तर है – d, c, a, b 

राजस्थान की झामरकोटड़ा की खदानें निम्नलिखित में से किस खनिज के लिए प्रसिद्ध हैं ? 

[SI मोटर वाहन 12.02.2022]

  • जिंक 

  • रॉक फॉस्फेट 

  • माइका 

  • चूना पत्थर 

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान की झामरकोटड़ा खदानें खनिज संपदा के लिए प्रसिद्ध हैं।
👉 ये खदानें मुख्यतः रॉक फॉस्फेट के लिए जानी जाती हैं।

✍️ सही उत्तर है – रॉक फॉस्फेट 

बाड़मेर जिले में अच्छी किस्म के लिग्नाइट के निक्षेप कहाँ मिले है

[CET (10+2 चतुर्थ चरण) 05.02.2023]

  • मेड़ता 

  • पलाना 

  • कपूरड़ी 

  • बरसिंहसर 

🔹 व्याख्या:

👉 बाड़मेर जिले के कपूरडी, गिरल, थुम्बली और सोनारी गाँवों में उत्तम गुणवत्ता वाले लिग्नाइट के निक्षेप पाए जाते हैं।
👉 इनमें विशेष रूप से गिरल और कपूरडी खदानों में सक्रिय लिग्नाइट खनन किया जा रहा है।
👉 यह क्षेत्र राजस्थान के प्रमुख लिग्नाइट उत्पादन क्षेत्रों में शामिल है। 

राजस्थान के कालकाजी और कावला में किस खनिज के भण्डार हैं ? 

[अन्वेषक परीक्षा 27.12.2020]

  • मार्बल 

  • चूना पत्थर

  • क्ले (चिकनी मिट्टी) 

  • ग्रेनाइट 

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान के कालकाजी और कावला क्षेत्र में ग्रेनाइट के भंडार पाए जाते हैं।
👉 यह क्षेत्र राज्य में ग्रेनाइट उत्पादन के लिए प्रसिद्ध है। 

आगूचा-गुलाबपुरा खनन क्षेत्र निम्नलिखित में से किस जिले में स्थित है ? 

[प्रयोगशाला सहायक (भूगोल) 30.06.2022]

  • जयपुर 

  • अलवर 

  • अजमेर 

  • भीलवाड़ा 

🔹 व्याख्या:

👉 आगूचा-गुलाबपुरा क्षेत्र राजस्थान के भीलवाड़ा जिले में स्थित है।
👉 यह क्षेत्र सीसा-जस्ता के वृहद भण्डारों के लिए प्रसिद्ध है।
👉 यहाँ के खनिजों के शोधन हेतु चन्देरिया में जस्ता शोधक संयंत्र स्थापित किया गया है।
👉 यह क्षेत्र राज्य के प्रमुख धात्विक खनिज क्षेत्रों में से एक है।

✍️ सही उत्तर है – भीलवाड़ा 

'कपूरड़ी' खनन क्षेत्र राजस्थान के निम्नलिखित में से किस जिले में स्थित है ?

[प्रयोगशाला सहायक (विज्ञान) 28.06.2022]

  • नागौर 

  • बाड़मेर 

  • जोधपुर 

  • बीकानेर 

🔹 व्याख्या:

👉 जलीपा-कपूरड़ी थर्मल पावर प्रोजेक्ट को JSW बाड़मेर पावर स्टेशन के नाम से भी जाना जाता है।
👉 यह कोयला आधारित थर्मल पावर प्लांट है, जो राजस्थान के बाड़मेर जिले के भद्रेश गांव में स्थित है।
👉 इसका संचालन JSW एनर्जी लिमिटेड द्वारा किया जाता है और कोयला कपूरड़ी एवं जलीपा खदानों से प्राप्त होता है।
👉 यह प्लांट लिग्नाइट कोयले पर आधारित है और इसके लिए पानी 185 किमी लंबी पाइपलाइन द्वारा इंदिरा गांधी नहर से लाया जाता है। 

डेगाना खानें राजस्थान के किस जिले में स्थित हैं ? 

[कनिप्ठ अनुदेशक (इलेक्ट्रोनिक्स) 23.12.2019]

  • कोटा 

  • अलवर 

  • नागौर 

  • बाँसवाड़ा 

🔹 व्याख्या:

👉 डेगाना खानें राजस्थान के नागौर जिले में स्थित हैं।
👉 यह क्षेत्र टंगस्टन के एकमात्र व्यावसायिक भण्डार के रूप में जाना जाता है।
👉 यहाँ के प्रमुख क्षेत्र हैं – सेवरिया, पीपलिया, बीजाथल आदि।
👉 डेगाना खानें भारत में टंगस्टन उत्पादन का एकमात्र स्रोत मानी जाती हैं।

✍️ सही उत्तर है – नागौर 

सुमेलित कीजिये 

[बेसिक कम्प्यूटर अनुदेशक 18.06.2022]

      खान                खनिज 

(A) डेगाना            (i) टंगस्टन 

(B) मांडो की पाल  (ii) फ्लोर्सपार 

(C) झामर कोटड़ा  (iii) रॉक फॉस्फेट 

(D) गोठ - मंगलोद (iv) जिप्सम 

सही कूट है 

  • A-IV. B-II, C-III. D-I 

  • A-II B -I, C-III D-IV 

  • A-I, B-II, C-IV. D-III 

  • A-I. B-II, C-III D-IV 

🔹 व्याख्या:

👉 डेगाना (नागौर) क्षेत्र में टंगस्टन का एकमात्र व्यावसायिक उत्पादन होता है।
👉 मांडो की पाल (डूंगरपुर) क्षेत्र फ्लोराइड/फ्लोर्सपार के लिए जाना जाता है।
👉 झामर कोटड़ा (उदयपुर) क्षेत्र रॉक फॉस्फेट के प्रमुख क्षेत्रों में है।
👉 गोठ-मंगलोद (नागौर) क्षेत्र जिप्सम के भण्डार के लिए प्रसिद्ध है।

✍️ सही उत्तर है – (A)–(i), (B)–(ii), (C)–(iii), (D)–(iv) 

'नाथरा की पाल' और 'थूर हुण्डेर' स्थान किस खनिज से संबंधित हैं? 

[पुस्तकालयाध्यक्ष ग्रेड -II 11.09.2022]

  • मैंगनीज 

  • कॉपर 

  • लौह अयस्क

  • टंगस्टन 

🔹 व्याख्या:

👉 नाथरा की पाल और थूर-हुण्डेर क्षेत्र उदयपुर जिले में स्थित हैं।
👉 ये दोनों स्थान राजस्थान के दक्षिण-पूर्वी क्षेत्र में लौह अयस्क (Iron Ore) के लिए प्रसिद्ध हैं।
👉 इस क्षेत्र में लोहे के भण्डार पाए जाते हैं, जो हेमेटाइट किस्म के होते हैं।
👉 इस पेटी में भीलवाड़ा, डूंगरपुर, बूँदी, बाँसवाड़ा भी सम्मिलित हैं।

✍️ सही उत्तर है – लौह अयस्क 

झामर कोटड़ा प्रसिद्ध है : 

[कनिप्ठ अनुदेशक (वायरमैन) 24.12.2019]

  • रौक फास्फेट के लिए 

  • डोलोमाइट के लिए

  • जिप्सम के लिए 

  • फेल्सपार के लिए 

🔹 व्याख्या:

👉 झामर कोटड़ा क्षेत्र उदयपुर जिले में स्थित है।
👉 यह क्षेत्र रॉक फॉस्फेट (Rock Phosphate) के लिए प्रसिद्ध है।
👉 यहाँ के अन्य क्षेत्र जैसे नीमच माता, मटून, बड़ागाँव भी रॉक फॉस्फेट के उत्पादक हैं।
👉 इसका उपयोग रासायनिक उर्वरकों के निर्माण में होता है।

✍️ सही उत्तर है – रौक फास्फेट के लिए