राजस्थान में बनिवाला की ढाणी (नीम का थाना), निम्नलिखित में से, किस खनिज भंडार के लिए प्रसिद्ध है ? 

[L.S.A. Exam 13.06.2025]

  • संगमरमर (मार्बल) 

  • ताँबा 

  • मैंगनीज 

  • लोहा 

🔹 व्याख्या

👉 बनिवाला की ढाणी राजस्थान के नीम का थाना क्षेत्र में स्थित है और ताँबे के भंडार के लिए प्रसिद्ध है।
👉 यह क्षेत्र नीम का थाना कॉपर बेल्ट का हिस्सा माना जाता है।
👉 यहाँ प्रमुख रूप से ताँबा खनिज के भंडार पाए जाते हैं।
👉 इस क्षेत्र का संबंध बालेश्वर ताँबा भंडार से भी जोड़ा जाता है।
👉 पुरातात्विक प्रमाण बताते हैं कि यहाँ ताँबे का खनन बहुत प्राचीन समय से होता आ रहा है।

✍️ सही उत्तर है – ताँबा 

कौन-सा पेट्रोलियम उत्पादन स्थल बाड़मेर में स्थित नहीं है ? 

[कनिष्ठ अनुदेशक (कोपा) 24.03.2019]

  • मंगला 

  • तनोट 

  • भाग्यम 

  • ऐश्वर्या

🔹 व्याख्या:

👉 मंगला, भाग्यम और ऐश्वर्या तीनों बाड़मेर जिले के पेट्रोलियम क्षेत्र में स्थित हैं।
👉 ये सभी क्षेत्र राजस्थान के थार मरुस्थल में स्थित प्रमुख तेल क्षेत्रों में गिने जाते हैं।
👉 तनोट का संबंध पेट्रोलियम से नहीं है, यह एक सीमावर्ती धार्मिक स्थल है और तेल क्षेत्र नहीं है। 

✍️ सही उत्तर है – तनोट

खो-दरीबा क्षेत्र______के लिए प्रसिद्ध है। 

[उद्योग निरीक्षक परीक्षा 24.06.2018]

  • तांबे की खानों 

  • कोयले की खानों

  • लोहा अयस्क खानों 

  • चूने के पत्थर की प्रचुरता 

🔹 व्याख्या:

👉 खो-दरीबा क्षेत्र अलवर जिले में स्थित है।
👉 यह क्षेत्र ताँबे के भंडार के लिए प्रसिद्ध है, जहाँ लगभग 50 लाख टन ताँबा उपलब्ध है।
👉 यहाँ की अन्य खदानें जैसे सेनपुरी, थानागाजी, कुशलगढ़ भी ताँबे से संबंधित हैं। 

✍️ सही उत्तर है – तांबे की खानों

राजस्थान में लिग्नाइट कोयला उत्पादन के प्रमुख क्षेत्र स्थित हैं 

[पुस्तकालयाध्यक्ष 13.11.2016]

  • पलाना, मेड़ता और सोनू में 

  • बरसिंगसर, कपूरड़ी और मेड़ता में 

  • पलाना, कपूरड़ी और सोनू में  

  • बरसिंगसर, आगूचा और मेड़ता में 

🔹 व्याख्या:

👉 मेड़ता और बरसिंगसर लिग्नाइट कोयले के लिए प्रसिद्ध है।
👉 कपूरड़ी भी लिग्नाइट खनन का प्रमुख क्षेत्र है और यह बाड़मेर जिले में है।

✍️ सही उत्तर है – बरसिंगसर, कपूरड़ी और मेड़ता में 

टंगस्टन का उत्पादन निम्न में कहाँ की खदान में होता है ? 

[कर सहायक 14.10.2018]

  • गुजरवाड़ा 

  • डेगाना

  • बांदरसिंदरी 

  • देवड़ा

🔹 व्याख्या:

👉 टंगस्टन का उत्पादन नागौर जिले के डेगाना क्षेत्र की खदान में होता है।
👉 यह देश की एकमात्र सक्रिय खदान है जहाँ से टंगस्टन धातु प्राप्त होती है।
👉 इस खनिज का उपयोग बल्बों और रक्षा उपकरणों में किया जाता है। 

✍️ सही उत्तर है – डेगाना 

कौन सा सुमेलित नहीं है ? 

[संकलनकर्ता परीक्षा 21.08.2016]

      खनिज                     खनन क्षेत्र 

  • ताँबा         -               पुर बनेड़ा दरीबा

  • जिप्सम      -               जामसर

  • लौह अयस्क -             नाथरा की पाल 

  • एस्बेस्टॉस   -               झामर कोटड़ा

🔹 व्याख्या:

👉 लौह अयस्क – नाथरा की पाल : यह उदयपुर जिले का प्रमुख लौह क्षेत्र है।
👉 ताँबा – पुर बनेड़ा दरीबा : यह भीलवाड़ा जिले में ताँबा खनन के लिए प्रसिद्ध क्षेत्र है।
👉 एस्बेस्टॉस – झामर कोटड़ा : यह असुमेलित है, झामर कोटड़ा रॉक फॉस्फेट के लिए प्रसिद्ध है।
👉 जिप्सम – जामसर : यह बीकानेर जिले का प्रमुख जिप्सम क्षेत्र है।

✍️ सही उत्तर है – एस्बेस्टॉस – झामर कोटड़ा 

असंगत युग्म को छाँटिए 

[JEN (Civil डिग्री) 16.10.2016]

       खनिज         -       खनन क्षेत्र 

  • जिप्सम         -       केसरदेसर 

  • टंगस्टन         -       डेगाना 

  • ताँबा             -       सलूम्बर

  • चाँदी             -       रामपुरा आगूचा 

🔹 व्याख्या:

👉 चाँदी – रामपुरा आगूचा : यह युग्म सही है, यहाँ सीसा-जस्ता के साथ मिश्रित रूप में चाँदी भी प्राप्त होती है।
👉 टंगस्टन – डेगाना : यह एकमात्र टंगस्टन उत्पादन क्षेत्र है, युग्म सही है।

✍️ सही उत्तर है – जिप्सम - केसरदेसर 

'नाथरा की पाल' खनन क्षेत्र स्थित है  

[कनिष्ठ अनुदेशक (कार्यशाला) 19.11.2024]

  • उदयपुर में

  • डूंगरपुर में 

  • गंगानगर में

  • हनुमानगढ़ में 

🔹 व्याख्या:

👉 'नाथरा‑की‑पाल' खनन क्षेत्र उदयपुर जिले में स्थित है।
👉 यह क्षेत्र लौह अयस्क उत्पादन के लिए जाना जाता है और दक्षिण‑पूर्वी लौह पट्टी का हिस्सा है।

✍️ सही उत्तर है – उदयपुर में

सीसे जस्ते का अयस्क कौन सा नहीं है ?

[लिपिक ग्रेड -II 12.08.2018]

  • केलामाइन 

  • हेमाटाईट

  • जिंकाईट 

  • गैलेना 

🔹 व्याख्या:

👉 गैलेना मुख्य रूप से सीसे (Lead) का अयस्क है।
👉 केलामाइन और जिंकाईट दोनों जस्ता (Zinc) के प्रमुख अयस्क हैं।
👉 हेमाटाइट एक लौह अयस्क (Iron Ore) है, इसका संबंध सीसा-जस्ता से नहीं है।

✍️ सही उत्तर है – हेमाटाईट

राजस्थान के अलवर क्षेत्र में स्थित खो - दरीबा निम्नलिखित में से किस खनिज के लिए प्रसिद्ध है ? निम्नलिखित विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर चुनें। 

[JEN (Civil Diploma) 11.02.2025]

  • तांबा 

  • मैंगनीज 

  • टंगस्टन 

  • चांदी 

🔹 व्याख्या:

👉 खो-दरीबा क्षेत्र अलवर जिले में स्थित है।
👉 यह क्षेत्र ताँबा खनिज के लिए जाना जाता है।
👉 यहाँ लगभग 50 लाख टन ताँबा भण्डार होने का अनुमान है।
👉 अलवर के अन्य ताँबा क्षेत्र हैं – थानागाजी, कुशलगढ़, सेनपुरी, भगत का बास।

✍️ सही उत्तर है – तांबा

टंगस्टन एक खनिज है जिसका उपयोग बल्बों के फिलामेंट बनाने के लिए किया जाता है। राजस्थान में टंगस्टन अयस्क का एक प्रसिद्ध स्थान है : 

नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर चुनें। 

[जेल प्रहरी (Shift-1st) 12.04.2025] 

  • नागौर – डेगाना 

  • अजमेर – कायर 

  • राजसमन्द – बामनिया 

  • भीलवाड़ा – रेवाना 

🔹 व्याख्या:

👉 टंगस्टन का उपयोग बल्बों के फिलामेंट और सुरक्षा उपकरणों के निर्माण में किया जाता है।
👉 राजस्थान में टंगस्टन अयस्क का प्रमुख और एकमात्र उत्पादन क्षेत्र नागौर जिले का डेगाना है। 

✍️ सही उत्तर है – नागौर – डेगाना

खनन में किस प्रकार के परिवहन का उपयोग नहीं किया जाता है ? 

[खनिज कार्यदेशक 23.02.2025]

  • ढुलाई ट्रैक 

  • ट्रैक 

  • आयन ट्रैक 

  • ट्रैकलेस 

🔹 व्याख्या:

👉 खनन में ढुलाई ट्रैक के परिवहन का उपयोग नहीं किया जाता है।

मंगला तेल क्षेत्र जिस राज्य में स्थित है, वह है : 

[सुपरवाईजर परीक्षा 06.01.2019]

  • गुजरात 

  • असम 

  • त्रिपुरा 

  • राजस्थान 

🔹 व्याख्या:

👉 मंगला तेल क्षेत्र राजस्थान के बाड़मेर जिले में स्थित है।
👉 यह भारत का सबसे बड़ा तटवर्ती (onshore) तेल क्षेत्र है।
👉 मंगला क्षेत्र को MBA त्रिमूर्ति (मंगला, भाग्यम, ऐश्वर्या) का हिस्सा माना जाता है।

✍️ सही उत्तर है – राजस्थान 

राजस्थान में झुंझुनू ज़िले में खेतड़ी तहसील के किस गांव से अयस्क से लोहा बनाने की भट्टियों के अवशेष मिले हैं ?  

[कनिष्ठ अनुदेशक (इलेक्ट्रिक) 10.01.2025]

  • बरोर 

  • नागरी 

  • सुनारी 

  • बागोर 

🔹 व्याख्या:

👉 खेतड़ी तहसील (झुंझुनूं) में ताँबे के खनन और गलन से संबंधित अवशेष प्राचीन काल से मिलते हैं।
👉 यहाँ के सुनारी गांव से लोहा बनाने की भट्टियों के अवशेष प्राप्त हुए हैं।
👉 यह क्षेत्र राजस्थान के ताँबा उत्पादक प्रमुख क्षेत्रों में शामिल है।
👉 खेतड़ी क्षेत्र में ताँबा शुद्धिकरण संयंत्र भी संचालित है।

✍️ सही उत्तर है – सुनारी

निम्नलिखित खनिजों में से कौन-सा राजस्थान के मरुस्थल में नहीं पाया जाता है ?  

[कनिष्ठ अनुदेशक (इलेक्ट्रिक) 10.01.2025]

  • चूने का पत्थर 

  • पेट्रोलियम

  • प्राकृतिक गैस

  • एन्थ्रासाइट - कोयला 

🔹 व्याख्या:

👉 एन्थ्रासाइट कोयला उच्च गुणवत्ता का कोयला होता है, जो राजस्थान के मरुस्थलीय भागों में नहीं पाया जाता।
👉 पेट्रोलियम बाड़मेर के क्षेत्रों में, और प्राकृतिक गैस जैसलमेर आदि में पाई जाती है।
👉 चूना पत्थर जैसलमेर सहित कई मरुस्थलीय जिलों में भरपूर मात्रा में पाया जाता है। 

✍️ सही उत्तर है – एन्थ्रासाइट - कोयला

झामर कोटड़ा जिस खनन के लिए प्रसिद्ध है, वह है

[JEN (Civil Degree) 21.08.2016]

  • रॉक फॉस्फेट

  • मैंगनीज

  • चाँदी

  • सीसा एवं जस्ता

🔹 व्याख्या:

👉 झामर कोटड़ा क्षेत्र उदयपुर जिले में स्थित है।
👉 यह क्षेत्र रॉक फॉस्फेट खनन के लिए प्रसिद्ध है और राज्य के प्रमुख उत्पादक क्षेत्रों में शामिल है।
👉 यहाँ के अन्य क्षेत्र जैसे मटून, कारबेरिया और सीसारमा भी रॉक फॉस्फेट के भंडार हैं। 

✍️ सही उत्तर है – रॉक फॉस्फेट

राजस्थान के निम्नलिखित जिलों में से किसमें, 'लोहारपुरा लौह खनन क्षेत्र' स्थित है ?  

कनिष्ठ अनुदेशक (इलेक्ट्रिशियन) 19.11.2024

  • नागौर

  • डूंगरपुर 

  • बूंदी 

  • बांसवाड़ा 

🔹 व्याख्या:

👉 लोहारपुरा लौह अयस्क खनन क्षेत्र बूंदी जिले में स्थित है।
👉 यह क्षेत्र राज्य की दक्षिण-पूर्वी लौह अयस्क पेटी का हिस्सा है।
👉 यहाँ लोहे की हेमेटाइट किस्म पाई जाती है।

✍️ सही उत्तर है – बूंदी

नाथरा-की-पाल एवं थूर-हूंडेर क्षेत्र, निम्न में से किस खनिज संसाधन हेतु जाने जाते हैं ?  

[कनिष्ठ अनुदेशक (फिटर) 20.11.2024]

  • लौह-अयस्क 

  • जिप्सम 

  • यूरेनियम

  • तांबा 

🔹 व्याख्या:

👉 नाथरा-की-पाल और थूर-हूंडेर दोनों क्षेत्र उदयपुर जिले में स्थित हैं।
👉 ये क्षेत्र लौह अयस्क के प्रमुख भंडार हैं और राज्य की दक्षिणी लौह पट्टी में आते हैं।
👉 यहाँ पाई जाने वाली किस्म मुख्यतः हेमेटाइट होती है।

✍️ सही उत्तर है – लौह-अयस्क

राजस्थान में कौन-सा जिला वर्तमान में जिप्सम का अधिकतम उत्पादन करता है ?

[JEN (Civil Degree) 21.08.2016]

  • हनुमानगढ़ 

  • बीकानेर 

  • जैसलमेर 

  • नागौर

🔹 व्याख्या:

👉 बीकानेर जिले में जिप्सम का सबसे अधिक उत्पादन होता है – विशेष रूप से जामसर, लूणकरणसर, सियासर, हरकासर व पुगाल समेत के क्षेत्र शामिल हैं।
👉 जैसलमेर, नागौर, हनुमानगढ़ में जिप्सम जरूर मिलता है, लेकिन बीकानेर के मुकाबले उत्पादन बहुत कम है।
👉 राजस्थान में कुल जिप्सम उत्पादन का मूल स्रोत वास्तव में बीकानेर–गंगानगर–चूरू क्षेत्र है, जिसमें सबसे प्रमुख बीकानेर है।

✍️ सही उत्तर है – बीकानेर

निम्नलिखित में से किस राज्य को "खनिजों का संग्रहालय" माना जाता है ?

[JEN यांत्रिक डिग्री 10.02.2025]

  • राजस्थान 

  • हरियाणा 

  • गुजरात 

  • पंजाब 

🔹 व्याख्या:

👉 राज्य की भूगर्भिक संरचना विविध होने के कारण यहाँ धात्विक, अधात्विक और ऊर्जा उत्पादक खनिजों की भरमार है।
👉 इसी विशेषता के कारण राजस्थान को "खनिजों का संग्रहालय" (Museum of Minerals) कहा गया है। 

✍️ सही उत्तर है – राजस्थान

'नाथरा -का-पाल' में किस धात्विक खनिज के भण्डार हैं ? 

[उद्योग निरीक्षक परीक्षा 24.06.2018]

  • सीसा 

  • लोहा 

  • टंगस्टन 

  • ताँबा

🔹 व्याख्या:

👉 नाथरा-का-पाल क्षेत्र उदयपुर जिले में स्थित है।
👉 यह क्षेत्र लौह अयस्क के लिए जाना जाता है और राज्य की दक्षिण-पूर्वी लौह पट्टी का भाग है।
👉 यहाँ पाई जाने वाली लौह अयस्क की किस्म मुख्यतः हेमेटाइट है। 

✍️ सही उत्तर है – लोहा 

राजस्थान में एस्बेस्टॉस उत्पादक के दो अग्रणी जिले हैं । 

[संकलनकर्ता परीक्षा 21.08.2016]

  • उदयपुर और डूंगरपुर 

  • चित्तोड़गढ़ और राजसमन्द 

  • भीलवाड़ा और टोंक

  • प्रतापगढ़ और कोटा 

🔹 व्याख्या:

👉 एस्बेस्टॉस उत्पादन में उदयपुर और डूंगरपुर जिले अग्रणी हैं।
👉 उदयपुर में खेरवाड़ा, ऋषभदेव, सलूम्बर जैसे क्षेत्र प्रमुख हैं।
👉 डूंगरपुर में देवल, पीपरदा, मलवा आदि स्थानों पर एस्बेस्टॉस का उत्पादन होता है।
👉 राजस्थान में देश का लगभग 90% एस्बेस्टॉस उत्पादन होता है।

✍️ सही उत्तर है – उदयपुर और डूंगरपुर

राजस्थान में सर्वाधिक पाइराइट उत्पादक जिला है ? 

[कनिष्ठ अनुदेशक (पलम्बर) 08.01.2025]

  • चुरू 

  • सीकर 

  • जयपुर 

  • अजमेर 

🔹 व्याख्या:

👉 पाइराइट उत्पादन का प्रमुख केंद्र सीकर जिला है।
👉 यहाँ एपेटाइट और पाइराइट दोनों के भंडार पाए गए हैं।
👉 पाइराइट का उपयोग मुख्यतः रासायनिक उर्वरकों में होता है।

✍️ सही उत्तर है – सीकर

खदान 'नाथरा की पाल' संबंधित है - 

कनिष्ठ अनुदेशक (मैके. डीजल) 16.11.2024

  • ऐलुमिनियम 

  • लौह अयस्क 

  • ताँबा

  • जस्ता 

🔹 व्याख्या:

👉 नाथरा की पाल खदान उदयपुर जिले में स्थित है।
👉 यह क्षेत्र लौह अयस्क के लिए जाना जाता है और राज्य की दक्षिणी लौह पट्टी में आता है।
👉 यहाँ पाई जाने वाली किस्म मुख्यतः हेमेटाइट है।

✍️ सही उत्तर है – लौह अयस्क

राजस्थान में उत्खनित क्षेत्रों में तांबा पाया गया था। इनमें से हड़प्पावासियों को तांबे की आपूर्ति _______ द्वारा की गई थी।

नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर चुनें। 

[JEN (Diploma) 06.02.2025]

  • राजसमंद में बनास 

  • सीकर में गणेश्वर 

  • भीलवाड़ा में बागोर 

  • उदयपुर में आहड़ 

🔹 व्याख्या:

👉 गणेश्वर (सीकर) क्षेत्र से प्राचीन ताँबे की खानें प्राप्त हुई हैं।
👉 यही क्षेत्र हड़प्पा सभ्यता को ताँबे की आपूर्ति के लिए जाना जाता है।
👉 यहाँ ताँबे के साथ औजार, भट्ठियाँ व गलन क्रियाओं के अवशेष मिले हैं। 

✍️ सही उत्तर है – सीकर में गणेश्वर

निम्नलिखित में से कौन सा अधात्विक खनिज राजस्थान में पाया जाता है? 

[JEN सिविल डिग्री 22.02.2025]

  • कैल्साइट 

  • लोहा 

  • ताँबा 

  • चाँदी 

🔹 व्याख्या:

👉 कैल्साइट एक अधात्विक खनिज है, जो राजस्थान में पाया जाता है।
👉 इसका उपयोग कैल्सियम कार्बाइड, ब्लीचिंग पाउडर और विस्फोटक पदार्थों में किया जाता है।
👉 यह खनिज सीकर, पाली, सिरोही, जयपुर, झुंझुनूं और उदयपुर जिलों में पाया जाता है।
👉 ताँबा, चाँदी और लोहा — ये सभी धात्विक खनिज हैं।

✍️ सही उत्तर है – कैल्साइट

राजस्थान के संदर्भ में निम्नलिखित का मिलान करें: 

सूची I

सूची II

a. गुलाबी शहर

I. खेतड़ी

b. संगमरमर शहर

II. रावतभाटा

c. कॉपर सिटी

III. मकराना

d. राजस्थान परमाणु ऊर्जा परियोजना

IV. जयपुर

नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर चुनें: 

[JEN (Mech. Diploma) 10.02.2025]

  • a- IV, b-III, c-II, d-I 

  • a-IV, b-III, c-I, d-II 

  • a- IV, b-I, c-II, d-III  

  • a- I, b-II, C- IV, d-III 

🔹 व्याख्या:

👉 गुलाबी शहर के रूप में जयपुर प्रसिद्ध है, जिसकी इमारतें गुलाबी पत्थर से बनी हैं।
👉 संगमरमर शहर के रूप में मकराना जाना जाता है, जहाँ उच्च गुणवत्ता का संगमरमर पाया जाता है।
👉 कॉपर सिटी का संबोधन खेतड़ी को मिला है, जो ताँबा उत्पादन के लिए प्रमुख क्षेत्र है।
👉 राजस्थान परमाणु ऊर्जा परियोजना रावतभाटा (चित्तौड़गढ़) में स्थित है।

✍️ सही उत्तर है – a–IV, b–III, c–I, d–II

निम्न में से कौन सा खनिज तेल का क्षेत्र राजस्थान की बाड़मेर जिले में नहीं है ?

[कनिष्ठ अनुदेशक (वेल्डर) 26.03.2019]

  • मंगला - I 

  • सरस्वती

  • विजया 

  • सौभाग्यम् 

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान के बाड़मेर जिले में खनिज तेल के प्रमुख क्षेत्र हैं —
मंगला, भाग्यम, ऐश्वर्या, सरस्वती, रागेश्वरी और कामेश्वरी।
👉 ये क्षेत्र बाड़मेर-सांचोर बेसिन के अंतर्गत आते हैं। 

निम्नलिखित जिलों में से कौन-सा/से मुख्यतः मैंगनीज के उत्पादक जिला/ज़िले हैं हैं ? 

1. बांसवाड़ा 

2. उदयपुर 

3. अलवर 

(निम्न में से सबसे उपयुक्त विकल्प चुनें)  

[कनिष्ठ अनुदेशक (रोजगार) 18.11.2024]

  • केवल 1 

  • सभी 1, 2 व 3 

  • केवल 2 व 3 

  • केवल 1 व 2

🔹 व्याख्या:

👉 बांसवाड़ा जिला राजस्थान में मैंगनीज का मुख्य उत्पादक है, जहाँ लीलवानी, कालाखूंटा जैसे क्षेत्र हैं।

✍️ सही उत्तर है – केवल 1 

राजस्थान के कौन-से जिलों का समूह अभ्रक उत्पादन में अग्रणी हैं ? (निम्न में से सबसे उपयुक्त विकल्प चुनें)  

[कनिष्ठ अनुदेशक (MNV) 07.01.2025]

  • जयपुर, जोधपुर, बाड़मेर, पाली 

  • जयपुर, सीकर, चुरू, बीकानेर 

  • जयपुर, टोंक, भीलवाड़ा, राजसमंद 

  • जयपुर, दौसा, अलवर, भरतपुर 

🔹 व्याख्या:

👉 अभ्रक उत्पादन में जयपुर, टोंक, भीलवाड़ा और राजसमंद जिले प्रमुख हैं।
👉 जयपुर‑टोंक पेटी और भीलवाड़ा‑उदयपुर पेटी अभ्रक के प्रमुख क्षेत्र हैं।
👉 यहाँ नात की नेरी, बरला, बंजारी, लक्ष्मी, चम्पागुड़ा आदि खनन क्षेत्र शामिल हैं।

✍️ सही उत्तर है – जयपुर, टोंक, भीलवाड़ा, राजसमंद

जावर खनन क्षेत्र प्रसिद्ध है 

[कनिष्ठ अनुदेशक  (Drafts) 04.01.2025]

  • सीसा और जस्ता (जिंक) 

  • चूना पत्थर और बलुआ पत्थर 

  • जिप्सम और ग्रेफाइट 

  • लोहा और एलुमिनियम 

🔹 व्याख्या:

👉 जावर खनन क्षेत्र उदयपुर जिले में स्थित है और यह सीसा व जस्ता के लिए प्रमुख क्षेत्र है।
👉 यहाँ की प्रमुख खदानें हैं – जावरमाला, बरोड़ मगरा और मोचिया मगरा।
👉 इस क्षेत्र में सीसा-जस्ता के साथ चाँदी भी मिश्रित रूप में प्राप्त होती है।

✍️ सही उत्तर है – सीसा और जस्ता (जिंक)

निम्नांकित में से कौन-से काल की चट्टानों में सीसा तथा जस्ता मिलता है ? 

[कनिष्ठ अनुदेशक (कोपा) 24.03.2019]

  • प्रोटेरोजोइक व मेसोजोइक 

  • आर्कियन व प्रोटेरोजोइक 

  • सिनोजोइक व प्रोटेरोजोइक 

  • केम्ब्रियन व कार्बोनिफेरस

🔹 व्याख्या:

👉 सीसा एवं जस्ता मुख्यतः दक्षिण-पूर्वी राजस्थान में पाए जाते हैं।
👉 यह खनिज प्राचीन चट्टानों से संबंधित हैं जिनमें आर्कियन व प्रोटेरोजोइक युग की चट्टानें शामिल हैं।
👉 जावर, राजपुरा-दरीबा जैसे क्षेत्र इन्हीं काल की चट्टानों में स्थित हैं।
👉 इन क्षेत्रों में सीसा-जस्ता के साथ चाँदी और केडमियम भी प्राप्त होता है।

✍️ सही उत्तर है – आर्कियन व प्रोटेरोजोइक

राजस्थान के किस जिले में लीलवानी खान स्थित है ? 

[सुपरवाईजर परीक्षा 06.01.2019]

  • डूंगरपुर 

  • बाँसवाड़ा 

  • उदयपुर 

  • जयपुर 

🔹 व्याख्या:

👉 लीलवानी क्षेत्र में मैंगनीज के भंडार पाए जाते हैं।
👉 यह खनन क्षेत्र बाँसवाड़ा जिले में स्थित है।
👉 बाँसवाड़ा जिले में तलवाड़ा, लीलवानी, नरडिया, सिवोनिया आदि मैंगनीज के प्रमुख क्षेत्र हैं।
👉 राजस्थान में केवल बाँसवाड़ा जिले में व्यावसायिक स्तर पर मैंगनीज का खनन होता है।

✍️ सही उत्तर है – बाँसवाड़ा

राजस्थान का निम्नलिखित में से कौन सा क्षेत्र भारत में पेट्रोलियम भंडार के प्रमुख क्षेत्रों में से नहीं है ? 

नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर चुनें : 

[JEN (Diploma) 06.02.2025]

  • बाड़मेर 

  • झुंझुनू 

  • बीकानेर 

  • जैसलमेर 

🔹 व्याख्या:

👉 बाड़मेर भारत के प्रमुख पेट्रोलियम उत्पादक क्षेत्रों में शामिल है, जहाँ मंगला, भाग्यम, ऐश्वर्या जैसे क्षेत्र हैं।
👉 जैसलमेर में भी तेल और गैस के भंडार स्थित हैं।
👉 बीकानेर में भी पेट्रोलियम की संभावनाएँ हैं। 

✍️ सही उत्तर है – झुंझुनू

राजस्थान में हीरे की खान कहाँ स्थित है ?

[JEN Mechenical डिग्री 16.10.2016]

  • केसरपुरा

  • राजमहल

  • कालागुमान 

  • जगपुरा 

🔹 व्याख्या:

👉 केवल केसरपुरा गांव में प्रारंभिक सर्वेक्षणों में हीरे के कण मिले थे।
👉 भू-वैज्ञानिकों ने केसरपुरा और आसपास के क्षेत्रों को संभावित हीरा क्षेत्र के रूप में चिह्नित किया है। 

राजस्थान में फेल्सपार उत्पादन में अग्रणी जिला है : 

[अन्वेषक परीक्षा 21.08.2016]

  • भीलवाड़ा 

  • झुंझुनू

  • अलवर 

  • अजमेर 

🔹 व्याख्या:

👉 फेल्सपार का सर्वाधिक उत्पादन अजमेर जिले से होता है।
👉 राज्य का लगभग 96% फेल्सपार केवल अजमेर से प्राप्त होता है।
👉 यह खनिज अभ्रक के सह-उत्पाद के रूप में निकलता है और काँच व सिरेमिक उद्योग में उपयोगी होता है।

✍️ सही उत्तर है – अजमेर

जगपुरा तथा आनन्दपुर-भूकिया क्षेत्र किस खनन के लिए प्रसिद्ध हैं ? 

[पशुधन सहायक (LSA) 21.08.2016]

  • रॉक फॉस्फेट

  • लौह अयस्क 

  • सोना

  • सीसा एवं जस्ता

🔹 व्याख्या:

👉 जगपुरा और आनन्दपुर-भूकिया क्षेत्र बाँसवाड़ा जिले में स्थित हैं।
👉 इन क्षेत्रों में स्वर्ण (सोना) भंडार की उपस्थिति नवीन भू-गर्भीय सर्वेक्षणों द्वारा प्रमाणित हुई है।
👉 यह क्षेत्र राजस्थान में सोने की संभावना वाले प्रमुख क्षेत्र माने जाते हैं। 

✍️ सही उत्तर है – सोना

निम्नलिखित कथनों में से कौन सा कथन खेतड़ी ताम्र शोधन संयंत्र के संदर्भ में सही नहीं है ? 

[CET स्नातक 28.09.2024 तृतीय चरण]

  • यह मलंजखण्ड तांबा खदान से, तांबा अयस्क प्राप्त करता है। 

  • इसका एक गंधकीय तेजाब संयंत्र और उर्वरक संयंत्र भी है। 

  • यह राजस्थान के बीकानेर ज़िले में स्थित है। 

  • यह एक एकीकृत तांबा खनन -सह-अयस्क शोधन संयंत्र है। 

🔹 व्याख्या:

👉 खेतड़ी ताम्र शोधन संयंत्र एक एकीकृत ताँबा खनन-सह-अयस्क शोधन संयंत्र है।
👉 यह संयंत्र मलंजखण्ड (मध्य प्रदेश) से ताँबा अयस्क प्राप्त करता है।
👉 इसमें गंधकीय तेजाब संयंत्र और उर्वरक संयंत्र भी कार्यरत हैं।
👉 यह संयंत्र बीकानेर में नहीं बल्कि झुंझुनूं जिले के खेतड़ी में स्थित है।

✍️ सही उत्तर है – यह राजस्थान के बीकानेर ज़िले में स्थित है।

राजस्थान में पीला संगमरमर निम्नलिखित में से किस क्षेत्र में पाया जाता है ? 

[JEN विद्युत डिग्री 07.02.2025]

  • जैसलमेर 

  • पाली 

  • जालौर 

  • बैसलाना

🔹 व्याख्या:

👉 पीला संगमरमर राजस्थान के जैसलमेर जिले में पाया जाता है।
👉 जैसलमेर के संगमरमर की विशेषता इसका पीला सुनहरा रंग है, जो इसे विशिष्ट बनाता है।
👉 यह क्षेत्र संगमरमर के खान-पान और निर्माण कार्यों के लिए प्रसिद्ध है।
👉 जैसलमेर के मूलसागर, अमरसागर आदि क्षेत्र पीले संगमरमर के लिए जाने जाते हैं।

✍️ सही उत्तर है – जैसलमेर

राजस्थान में लिग्नाइट कोयला उत्पादन के प्रमुख क्षेत्र स्थित हैं। 

[पटवारी मुख्य परीक्षा 24.12.2016]

  • मेड़ता, पलाना और सोनू में 

  • बरसिंगसर, आगूचा और मेड़ता में 

  • कपूरड़ी, मेड़ता और बरसिंगसर में 

  • पलाना, सोनू और कपूरड़ी में 

🔹 व्याख्या:

👉 मेड़ता और बरसिंगसर लिग्नाइट कोयले के लिए प्रसिद्ध है।
👉 कपूरड़ी भी लिग्नाइट खनन का प्रमुख क्षेत्र है और यह बाड़मेर जिले में है।

✍️ सही उत्तर है – कपूरड़ी, मेड़ता और बरसिंगसर में 

निम्नलिखित खनिजों में से कौन-से राजस्थान में पाए जाते हैं ? 

1. जिप्सम 

2. चूना पत्थर 

3. ताँबा 

4. लोहा 

निम्न में से सबसे उपयुक्त विकल्प चुनें:  

[कनिष्ठ अनुदेशक (टर्नर) 09.01.2025]

  • केवल 1 और 2 

  • केवल 1, 2 और 3 

  • केवल 1, 2 और 4 

  • सभी 1, 2, 3 और 4 

🔹 व्याख्या:

👉 जिप्सम राजस्थान का प्रमुख अधात्विक खनिज है, जो बीकानेर, नागौर आदि जिलों में पाया जाता है।
👉 चूना पत्थर बड़े स्तर पर चित्तौड़गढ़, कोटा, बूंदी, जैसलमेर आदि जिलों में मिलता है।
👉 ताँबा राज्य के झुंझुनूं, अलवर, उदयपुर आदि क्षेत्रों में उत्पादित होता है।
👉 लोहा सीमित मात्रा में जयपुर, सीकर, डूंगरपुर जैसे जिलों में मिलता है।

✍️ सही उत्तर है – सभी 1, 2, 3 और 4

राजस्थान देश में ______का एकमात्र उत्पादक है।

[लिपिक ग्रेड -II 12.08.2018]

  • टंगस्टन 

  • सोना, चांदी और ग्रेनाइट 

  • जैस्पर, सीसा और जस्ता तथा बोलैस्टोनाइट

  • इनमें से कोई नहीं

🔹 व्याख्या:

👉 जैस्पर, सीसा-जस्ता और वोल्सटोनाइट – इन तीनों का राजस्थान देश में एकमात्र उत्पादक है।
👉 राजस्थान ही जैस्पर, गार्नेट, वोल्सटोनाइट और पन्ना का एकमात्र उत्पादक राज्य है।

✍️ सही उत्तर है – जैस्पर, सीसा और जस्ता तथा बोलैस्टोनाइट

राजस्थान का खनिज उत्पादन में योगदान के सम्बन्ध निम्नलिखित में से कौन-सा कथन असत्य है ? 

[प्रयोगशाला सहायक 13.11.2016]

  • राजस्थान भारत 96 प्रतिशत फ्लोराइट उत्पन्न करता है।

  • राजस्थान भारत का 90 प्रतिशत जेस्पार उत्पन्न करता है 

  • राजस्थान भारत का शत-प्रतिशत वुलस्टोनाइट उत्पन्न करता है। 

  • राजस्थान भारत का 75 प्रतिशत रॉक फॉस्फेट उत्पन्न करता है

🔹 व्याख्या:

👉 जेस्पार उन खनिजों में शामिल है जिनका भारत में एकमात्र उत्पादक राज्य राजस्थान है।
👉 राजस्थान जेस्पार, वोल्सटोनाइट, गार्नेट और पन्ना का एकमात्र उत्पादक है।

✍️ सही उत्तर है – राजस्थान भारत का 90 प्रतिशत जेस्पार उत्पन्न करता है – असत्य है।

फलोदी के निकट बाप क्षेत्र जाना जाता है : 

[संकलनकर्ता परीक्षा 21.08.2016]

  • ग्रेफाइट उत्पादन के लिये 

  • चांदी उत्पादन के लिये

  • चूना पत्थर उत्पादन के लिये 

  • नमक उत्पादन के लिये

🔹 व्याख्या:

👉 फलोदी के निकट बाप क्षेत्र में कुओं के खारे जल से नमक का उत्पादन किया जाता है।
👉 यह क्षेत्र राजस्थान के सीमित स्थानों में से एक है जहाँ भूमिगत जल से नमक निकाला जाता है।
👉 नमक उत्पादन की यह विधि सांभर, डीडवाना जैसी झीलों से भिन्न है।

✍️ सही उत्तर है – नमक उत्पादन के लिये

'मंगला तेल क्षेत्र' राजस्थान के किस जिले में स्थित है ?  

[कनिष्ठ अनुदेशक (कोस्मेटो) 08.01.2025]

  • बीकानेर 

  • जोधपुर 

  • बाड़मेर 

  • जैसलमेर 

🔹 व्याख्या:

👉 मंगला तेल क्षेत्र राजस्थान के बाड़मेर जिले में स्थित है।
👉 यह क्षेत्र राज्य के प्रमुख पेट्रोलियम उत्पादक क्षेत्रों में शामिल है।
👉 मंगला के साथ-साथ भाग्यम और ऐश्वर्या भी बाड़मेर में स्थित हैं। 

✍️ सही उत्तर है – बाड़मेर

राजस्थान राज्य खनिज विकास निगम लि. का विलय राजस्थान राज्य खान एवं खनिज लि. में कब हुआ ? 

[लिपिक ग्रेड-II 09.09.2018]

  • 20 जनवरी 1990 

  • 19 फरवरी 2003

  • 26 दिसम्बर 1995

  • 1 मार्च 2000

🔹 व्याख्या:

👉 19 फरवरी 2003 को राजस्थान राज्य खनिज विकास निगम लिमिटेड को राजस्थान राज्य खान और खनिज लिमिटेड के साथ समामेलित किया गया।
👉 यह समामेलन राज्य स्तर पर वर्ष 2003 में सम्पन्न हुआ।
👉 इसके प्रकाशन की तिथि 20 फरवरी 2003 है, जिससे यह भारत के राजपत्र में प्रभावी हो गया। 

राजस्थान में लिग्नाइट कोयला उत्पादन के प्रमुख क्षेत्र हैं - 

[पशुधन सहायक (LSA) 21.08.2016]

  • बरसिंगसर एवं कपूरड़ी

  • कोलायत एवं किशनगढ़

  • बांदर सिंदरी एवं मेड़ता 

  • आगूचा एवं सोनू

🔹 व्याख्या:

👉 बरसिंगसर और कपूरड़ी क्षेत्र बाड़मेर जिले में स्थित हैं और ये लिग्नाइट कोयला उत्पादन के प्रमुख केंद्र हैं।
👉 पलाना, सोनू, कपूरड़ी, बरसिंगसर जैसे स्थान लिग्नाइट के लिए प्रमुख माने जाते हैं।
👉 लिग्नाइट का उपयोग मुख्यतः ऊर्जा उत्पादन में किया जाता है।

✍️ सही उत्तर है – बरसिंगसर एवं कपूरड़ी

डेगाना खानें राजस्थान के किस जिले में स्थित हैं ? 

[कनिष्ठ अनुदेशक (ICT) 04.01.2025]

  • डूंगरपुर 

  • नागौर 

  • बांसवाड़ा 

  • टोंक 

🔹 व्याख्या:

👉 डेगाना खनन क्षेत्र राजस्थान के नागौर जिले में स्थित है।
👉 यह क्षेत्र टंगस्टन धातु के लिए प्रसिद्ध है और देश का प्रमुख स्रोत रहा है।
👉 यहाँ लिथियम भंडार मिलने की भी संभावना व्यक्त की गई है।

✍️ सही उत्तर है – नागौर

खान अधिनियम कब लागू किया गया ? 

[सर्वेयर परीक्षा 23.02.2025]

  • 1955 

  • 1920 

  • 1855 

  • 1952 

🔹 व्याख्या:

👉 खान अधिनियम, 1952 में लागू किया गया था।
👉 यह अधिनियम खानों में काम करने वाले श्रमिकों की सुरक्षा और कल्याण के लिए बनाया गया था।
👉 इसमें काम की स्थिति, सुरक्षा उपाय और निरीक्षकों की नियुक्ति जैसे प्रावधान शामिल हैं।

निम्नलिखित में से किस खनिज के उत्पादन में राजस्थान का भारत में पहला स्थान है ? 

[प्रयोगशाला सहायक 03.02.2019]

  • लोहा

  • लिग्नाइट 

  • ताँबा 

  • फेलस्पार 

🔹 व्याख्या:

👉 फेल्सपार का सर्वाधिक उत्पादन अजमेर जिले से होता है, जो राज्य का प्रमुख उत्पादक क्षेत्र है।
👉 राजस्थान भारत का लगभग 60% से अधिक फेल्सपार उत्पादित करता है।
👉 यह खनिज मुख्यतः अभ्रक के सह-उत्पाद के रूप में प्राप्त होता है। 

✍️ सही उत्तर है – फेलस्पार 

'नाथरा की पाल’ किस जिले में अवस्थित है ?

[लिपिक ग्रेड-II 09.09.2018]

  • उदयपुर

  • सिरोही 

  • अजमेर 

  • बाड़मेर

🔹 व्याख्या:

👉 नाथरा की पाल खनिज क्षेत्र उदयपुर जिले में स्थित है।
👉 यह क्षेत्र लौह अयस्क के लिए जाना जाता है और दक्षिण-पूर्वी लौह अयस्क पट्टी का भाग है।
👉 इसी पट्टी में थूर-हूण्डेर जैसे अन्य लौह अयस्क क्षेत्र भी शामिल हैं।
👉 इस क्षेत्र में पाया जाने वाला लोहा मुख्यतः हेमेटाइट किस्म का होता है।

✍️ सही उत्तर है – उदयपुर

उदयपुर मुख्य रूप से निम्नलिखित के उत्पादन स्थापना के लिए जाना जाता है: 

[JEN यांत्रिक विद्युत 06.02.2025]

  • चांदी 

  • ग्रेनाइट 

  • तांबा संयंत्र 

  • जिंक स्मेल्टर 

🔹 व्याख्या:

👉 उदयपुर जिले में जावर क्षेत्र में सीसा-जस्ता के बड़े भंडार पाए जाते हैं।
👉 यहाँ उत्पादित अयस्क को शोधित करने के लिए देबारी में जिंक स्मेल्टर संयंत्र स्थापित किया गया है।
👉 इस संयंत्र में जस्ता के साथ-साथ सीसा और चाँदी का भी निष्कर्षण होता है।
👉 यह संयंत्र राज्य के प्रमुख खनिज प्रसंस्करण केंद्रों में शामिल है।

✍️ सही उत्तर है – जिंक स्मेल्टर

राजस्थान में पाइराइट के विशाल भण्डार खोजे गए हैं 

[JEN (Civil डिप्लोमा) 16.10.2016]

  • सीकर जिले में 

  • बीकानेर जिले में

  • चूरू जिले में

  • झुंझुंनू जिले में 

🔹 व्याख्या:

👉 पाइराइट के विशाल भण्डार सीकर जिले में खोजे गए हैं।
👉 पाइराइट खनिज एपेटाइट के साथ भी पाया गया है और यह दोनों एक साथ उसी जिले में उपलब्ध हैं।
👉 पाइराइट का उपयोग मुख्यतः रासायनिक उद्देश्यों के लिए किया जाता है।

✍️ सही उत्तर है – सीकर जिले में

डेगाना जिस खनन के लिए प्रसिद्ध है, वह है-

[JEN (यांत्रिकी डिग्री) 21.08.2016]

  • लौह-अयस्क

  • कोयला 

  • टंगस्टन

  • ताँबा 

🔹 व्याख्या:

👉 डेगाना क्षेत्र नागौर जिले में स्थित है और यह टंगस्टन खनिज के लिए प्रसिद्ध है।
👉 यह देश का एकमात्र प्रमुख क्षेत्र है जहाँ से टंगस्टन का उत्पादन होता था।
👉 टंगस्टन का उपयोग बल्बों, इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और हथियारों में किया जाता है। 

✍️ सही उत्तर है – टंगस्टन 

भारत में, निम्नलिखित में से किस खनिज का उत्पादन केवल राजस्थान में होता है ? 

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनें : 

[Conductor Exam 06.11.2025]

  • कोयला और लौह अयस्क 

  • जस्ता और सीसा 

  • तांबा और चूना पत्थर 

  • सोना और चांदी 

🔹 व्याख्या

👉 भारत में जस्ता (Zinc) और सीसा (Lead) का उत्पादन परंपरागत रूप से केवल राजस्थान में होता है।
👉
जावर (उदयपुर), रामपुरा-आगुचा (भीलवाड़ा) जैसे क्षेत्र इसके प्रमुख केंद्र हैं।
👉
अन्य विकल्पों में दिए खनिज कई राज्यों में पाए जाते हैं।
👉
इसलिए सही विकल्प जस्ता और सीसा है।

✍️ सही उत्तर है – जस्ता और सीसा

निम्नलिखित में से कौन-सा एक युग्म सही सुमेलित नहीं है ? (निम्न में से सबसे उपयुक्त विकल्प चुनें)  

[कनिष्ठ अनुदेशक (वेल्डर) 07.01.2025]

खनिज  - खनन क्षेत्र

  • लौह-अयस्क चोमू - सामोद 

  • ताँबा - खेतड़ी 

  • सीसा और जस्ता - जावर 

  • टंगस्टन - किशनगढ़ 

🔹 व्याख्या:

👉 ताँबा – खेतड़ी : सही सुमेलित है, खेतड़ी झुंझुनूं का प्रमुख ताँबा उत्पादक क्षेत्र है।
👉 लौह-अयस्क – चोमू-सामोद : सही सुमेलित है, जयपुर जिले का लौह अयस्क क्षेत्र है।
👉 टंगस्टन – किशनगढ़ : असुमेलित है, किशनगढ़ टंगस्टन के लिए नहीं, संगमरमर के लिए प्रसिद्ध है।
👉 सीसा और जस्ता – जावर : सही सुमेलित है, यह उदयपुर का प्रमुख क्षेत्र है।

✍️ सही उत्तर है – टंगस्टन – किशनगढ़

राजस्थान में पीला संगमरमर निम्नलिखित में से किस क्षेत्र में पाया जाता है ? 

[सर्वेयर परीक्षा 23.02.2025]

  • उदयपुर 

  • जालौर 

  • भैसलाना 

  • जैसलमेर 

🔹 व्याख्या:

👉 पीला संगमरमर राजस्थान के जैसलमेर जिले में पाया जाता है।
👉 जैसलमेर क्षेत्र का संगमरमर पीले सुनहरे रंग के कारण विशेष पहचान रखता है।
👉 यहाँ के मूलसागर और अमरसागर क्षेत्र संगमरमर खनन के प्रमुख केंद्र हैं। 

✍️ सही उत्तर है – जैसलमेर

खो-दरीबा खानें _______ के लिए जानी जाती हैं।  

[कनिष्ठ अनुदेशक (वायरमेन) 05.01.2025]

  • लौह-अयस्क 

  • जस्ता 

  • सीसा और जस्ता 

  • ताँबा 

🔹 व्याख्या:

👉 खो-दरीबा खनन क्षेत्र अलवर जिले में स्थित है।
👉 यह क्षेत्र सीसा और जस्ता के उत्पादन के लिए प्रसिद्ध है।
👉 यहाँ मिश्रित रूप में चाँदी और केडमियम भी प्राप्त होते हैं।

✍️ सही उत्तर है – सीसा और जस्ता

सूची-I को सूची-II से सुमेलित कीजिए तथा नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए 

सूची-I (खनिज)       सूची-II (खनन क्षेत्र)

A) पन्ना                    i) टिक्की, गढ़बोर

B) तामड़ा                  ii) राजमहल, बागेश्वर 

C) मैंगनीज                iii) लीलावानी, कालाखूटा 

D) ताँबा                    iv) कोल्हन, भगोनी 

ग्रामसेवक & छात्रा. अधीक्षक 18.12.2016

कूट : 

     A     B     C     D 

  • i       iii     ii      iv 

  • i       ii      iii     iv

  • iii     iv     ii      i  

  • iii     ii      i       iv 

🔹 व्याख्या:

👉 A) पन्ना – (i) टिक्की, गढ़बोर : पन्ना मुख्यतः राजसमन्द जिले के टिक्की व गढ़बोर क्षेत्र में पाया जाता है।
👉 B) तामड़ा – (ii) राजमहल, बागेश्वर : तामड़ा का प्रमुख उत्पादन टोंक व सीकर जिलों के इन क्षेत्रों में होता है।
👉 C) मैंगनीज – (iii) लीलावानी, कालाखूटा : यह क्षेत्र बाँसवाड़ा जिले में है और मैंगनीज के लिए प्रसिद्ध है।
👉 D) ताँबा – (iv) कोल्हन, भगोनी : ये स्थान खेतड़ी-सिंघाना क्षेत्र (झुंझुनूं) में आते हैं जहाँ ताँबा निकाला जाता है।

✍️ सही उत्तर है – A-i, B-ii, C-iii, D-iv

निम्नांकित में से चाँदी कौन-सी खान से निकाली जाती है ? 

[NHM Senior Counsellor 04.06.2025]

  • जावर 

  • केसरपुरा 

  • झुंझुनू 

  • डेगाना 

🔹 व्याख्या

👉 जावर की खानें उदयपुर के पास स्थित हैं और यहाँ से बड़ी मात्रा में चाँदी का उत्खनन किया जाता है।
👉 इन खानों का संचालन हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड द्वारा किया जाता है।
👉 जावर क्षेत्र भारत के सबसे बड़े चाँदी उत्पादक क्षेत्रों में सम्मिलित है।
👉 चाँदी के साथ यहाँ जस्ता, सीसा, तांबा और सोना भी उप-उत्पाद के रूप में प्राप्त होते हैं।
👉 यह क्षेत्र अपने व्यापक खनिज भंडार और धातु निष्कर्षण के लिए प्रसिद्ध है।

✍️ सही उत्तर है – जावर 

पलाना एवं कपूरडी खानें ____________ के लिए जानी जाती हैं । (निम्न में से सबसे उपयुक्त विकल्प चुनें)  

[कनिष्ठ अनुदेशक (इलेक्ट्रिक) 10.01.2025]

  • जस्ता 

  • कोयला 

  • लोहा 

  • पेट्रोलियम 

🔹 व्याख्या:

👉 पलाना और कपूरड़ी दोनों क्षेत्र बीकानेर जिले में स्थित हैं।
👉 ये क्षेत्र लिग्नाइट (कोयला) के भंडारों के लिए प्रसिद्ध हैं।
👉 यह खनिज राजस्थान के ऊर्जा उत्पादक स्रोतों में शामिल है।
👉 लिग्नाइट का उपयोग बिजली उत्पादन में किया जाता है।

✍️ सही उत्तर है – कोयला

लाखेरी इन्द्रगढ़ क्षेत्र जिसके के लिए प्रसिद्ध है वह है। 

[JEN (कृषि) 12.07.2015]

  • चूना पत्थर खनन 

  • अभ्रक खनन

  • जिप्सम खनन 

  • सीसा-जस्ता खनन 

🔹 व्याख्या:

👉 लाखेरी-इन्द्रगढ़ क्षेत्र बूंदी जिले में स्थित है।
👉 यह क्षेत्र चूना पत्थर खनन के लिए प्रसिद्ध है और यहाँ से सीमेन्ट उद्योग के लिए खनिज उपलब्ध होता है।
👉 यह राजस्थान के प्रमुख सीमेण्ट ग्रेड चूना पत्थर क्षेत्रों में गिना जाता है।

✍️ सही उत्तर है – चूना पत्थर खनन

सूची-I को सूची-II से सुमेलित कीजिए तथा नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए- 

    सूची-I            सूची-II 

   (खनिज)             (खनन क्षेत्र) 

A. सीसा एवं जस्ता (i) लीलवानी 

B. टंगस्टन            (ii) कोल्हन 

C. मैंगनीज           (iii) गुढ़ा किसोरीदास

D. तांबा               (iv) वाल्टा 

[पटवार प्री. परीक्षा 2015]

कूट - 

            A    B    C   D 

  • (iv) (ii) (iii) (i)

  • (iv) (i) (iii) (ii) 

  • (iii) (iv) (i) (ii) 

  • (iii) (ii) (iv) (i)

🔹 व्याख्या:

👉 A. सीसा एवं जस्ता – (iii) गुढ़ा किशोरीदास : यह क्षेत्र अलवर जिले में है और सीसा-जस्ता के लिए प्रसिद्ध है।
👉 B. टंगस्टन – (iv) वाल्टा : यह टंगस्टन से संबंधित क्षेत्र है, जो डेगाना व आसपास के इलाकों में आता है।
👉 C. मैंगनीज – (i) लीलवानी : यह बाँसवाड़ा जिले का प्रमुख मैंगनीज क्षेत्र है।
👉 D. तांबा – (ii) कोल्हन : यह झुंझुनूं जिले के खेतड़ी ताँबा क्षेत्र का भाग है।

✍️ सही उत्तर है – A-iii, B-iv, C-i, D-ii

अभिनव भू-भौतिक गवेषणओं ने राजस्थान के किस खनन क्षेत्र में स्वर्ण भण्डारों की उपस्थिति को प्रमाणित किया है ? 

[JEN Mechenical डिग्री 16.10.2016]

  • आनन्दपुर भूकिया

  • गुलाबपुरा - आगूचा 

  • जावर 

  • चौथ का - बरवाड़ा

🔹 व्याख्या:

👉 आनन्दपुर भूकिया क्षेत्र बाँसवाड़ा जिले में स्थित है।
👉 इस क्षेत्र में स्वर्ण भंडारों की उपस्थिति अभिनव भू-भौतिक गवेषणों द्वारा प्रमाणित की गई है। 

✍️ सही उत्तर है – आनन्दपुर भूकिया

निम्नांकित में से कौन सा जोड़ा सही सुमेलित नहीं है ? [*]

[पशुधन सहायक (LSA) 21.10.2018]

जिला           सीसा व जस्ता खनन क्षेत्र 

  • उदयपुर               -       राजपुरा दरीबा 

  •  सवाई माधोपुर      -       चौथ का बरवाड़ा

  • बीकानेर              -       जामसर

  • भीलवाड़ा            -       रामपुरा आगुचा

📌 महत्वपूर्ण सूचना: इस प्रश्न को बोर्ड द्वारा 'डिलीट' या अमान्य घोषित किया गया है। 

झामर कोटड़ा भण्डार संबंधित है 

कनिष्ठ अनुदेशक (रेफ्रिजरेशन) 18.11.2024

  • पोटाश 

  • चूने का पत्थर 

  • रॉक फास्फेट 

  • सिलिका मृदा 

🔹 व्याख्या:

👉 झामर कोटड़ा क्षेत्र उदयपुर जिले में स्थित है।
👉 यह क्षेत्र रॉक फॉस्फेट के प्रमुख भंडारों में शामिल है।
👉 यहाँ के अन्य क्षेत्र हैं – मटून, कारबेरिया, नीमच माता आदि।

✍️ सही उत्तर है – रॉक फास्फेट

राजस्थान में प्रचुर मात्रा में पाया जाने वाला खनिज कौन सा है ? 

[खनिज कार्यदेशक 23.02.2025]

  • कोयला 

  • बॉक्साइट 

  • फॉस्फेट 

  • सोना 

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान में रॉक फॉस्फेट का उत्पादन देश में लगभग 56 प्रतिशत होता है।
👉 इसके प्रमुख क्षेत्र उदयपुर, बाँसवाड़ा, जैसलमेर आदि हैं।
👉 यह खनिज रासायनिक उर्वरकों के निर्माण में उपयोगी होता है। 

✍️ सही उत्तर है – फॉस्फेट

राजस्थान का कौन सा जिला लोह अयस्क सहित अभ्रक पाया जाता है 

[JEN (कृषि) 12.07.2015]

  • भीलवाडा 

  • जोधपुर 

  • कोटा

  • जयपुर

🔹 व्याख्या:

👉 भीलवाड़ा जिले में लौह अयस्क के साथ-साथ अभ्रक के भी भंडार पाए जाते हैं।
👉 यहाँ इन्द्रगढ़, पादरपाल, डाग लौह अयस्क क्षेत्र हैं, और नात की नेरी, तूनका, सिंदिरियास जैसे क्षेत्र अभ्रक के लिए प्रसिद्ध हैं।
👉 यह जिला दोनों खनिजों के उत्पादन में महत्वपूर्ण स्थान रखता है।

✍️ सही उत्तर है – भीलवाडा

'झामर कोटड़ा' खानें किसके लिए जानी जाती हैं ?  

[कनिष्ठ अनुदेशक (STE) 05.01.2025]

  • रॉक फास्फेट 

  • जिप्सम 

  • लोहा 

  • ताँबा 

🔹 व्याख्या:

👉 झामर कोटड़ा खनन क्षेत्र उदयपुर जिले में स्थित है।
👉 यह क्षेत्र रॉक फास्फेट के प्रमुख भंडारों में से एक है।
👉 यहाँ के अन्य जुड़े क्षेत्र हैं – मटून, कारबेरिया, सीसारमा आदि।

✍️ सही उत्तर है – रॉक फास्फेट

राजस्थान का कौन-सा भू-क्षेत्र अवैध खनन के कारण गम्भीर पारिस्थितिक संकट झेल रहा है ? 

[JEN (Civil डिग्री) 16.10.2016]

  • दक्षिणी अरावली 

  • हाड़ौती 

  • उत्तरी अरावली

  • आबू खण्ड

🔹 व्याख्या:

👉 अवैध खनन के कारण उत्तरी अरावली पारिस्थितिक संकट झेल रही है।
👉 2002 में सुप्रीम कोर्ट ने खनन पर प्रतिबंध लगाया था, लेकिन अनुमति न मिलने तक अवैध खनन जारी रहा।
👉 CEC की 2018 की रिपोर्ट के अनुसार, राजस्थान में अवैध खनन से अरावली श्रृंखला का 25% हिस्सा समाप्त हो गया है।
👉 15 जिलों की अरावली में से 80% भाग और 10,300 हेक्टेयर पट्टे की सीमा के बाहर क्षेत्र प्रभावित हुए हैं।
👉 तेंदुआ, गोल्डन कछुआ, नीलगाय, ताड़ के छिलके जैसे वन्यजीव व वनस्पतियाँ भी प्रभावित हुई हैं।

असंगत युग्म को छाँटिए -

[JEN (Civil डिप्लोमा) 16.10.2016]

       खनिज       -       खनन क्षेत्र

  • टंगस्टन         -       डेगाना 

  • जिप्सम         -       ऋषभदेव

  • लौह अयस्क  -       मोरीजा बानोल

  • मँगनीज         -       लीलवानी

🔹 व्याख्या:

👉 लौह अयस्क – मोरीजा-बानोल : यह जयपुर जिले में स्थित है।
👉 टंगस्टन – डेगाना : यह नागौर जिले का प्रमुख टंगस्टन क्षेत्र है।
👉 मैंगनीज – लीलवानी : यह बाँसवाड़ा जिले में स्थित प्रमुख मैंगनीज क्षेत्र है।
👉 जिप्सम – ऋषभदेव : यह युग्म असंगत है, ऋषभदेव क्षेत्र ऐस्बेस्टॉस के लिए जाना जाता है।

✍️ सही उत्तर है – जिप्सम – ऋषभदेव

राजस्थान राज्य पेट्रोलियम निगम लिमिटेड का गठन किस वर्ष किया गया ?

[JEN विद्युत डिप्लोमा 08.02.2025]

  • 2004 

  • 2008 

  • 2006 

  • 2000 

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान राज्य पेट्रोलियम निगम लिमिटेड (RSPCL) का गठन वर्ष 2008 में किया गया था।

राजस्थान के निम्नलिखित में से किस क्षेत्र में इंद्रधनुषी रंग का संगमरमर पाया जाता है ? 

[खनिज कार्यदेशक 23.02.2025]

  • बांसवाड़ा 

  • उदयपुर 

  • पाली 

  • झालावाड़

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान के पाली में इंद्रधनुषी रंग का संगमरमर पाया जाता है।

✍️ सही उत्तर है – पाली 

राजमहल क्षेत्र (टोंक जिला) और सरवाड क्षेत्र (अजमेर जिला) उत्पादन के लिये प्रसिद्ध हैं : 

[अन्वेषक परीक्षा 21.08.2016]

  • पाइराइट के लिए

  • तामड़ा के लिए

  • केल्साइट के लिए

  • पन्ना के लिए 

🔹 व्याख्या:

👉 राजमहल (टोंक) और सरवाड (अजमेर) क्षेत्र तामड़ा खनिज के उत्पादन के लिए प्रसिद्ध हैं।
👉 तामड़ा एक लाल या गुलाबी रंग का पारदर्शी रत्न होता है, जो आभूषण, रंग व लेंस उद्योग में काम आता है।
👉 यह राजस्थान का ऐसा खनिज है, जिसमें राज्य को एकाधिकार प्राप्त है।

✍️ सही उत्तर है – तामड़ा के लिए

सही समूह को चिह्नित कीजिए -

[लिपिक ग्रेड-II 19.08.2018]

  • झामरा - कोटरा - लोहा अयस्क

  • खेतड़ी - सिंघाना - ताँबा 

  • डाबला - सिंघाना - बेराइट 

  • राजपुरा - दरीबा - सोना 

🔹 व्याख्या:

👉 खेतड़ी - सिंघाना क्षेत्र झुंझुनूं जिले में स्थित है और यह ताँबे के उत्पादन के लिए प्रसिद्ध है।
👉 राजपुरा-दरीबा क्षेत्र सीसा-जस्ता का प्रमुख क्षेत्र है, सोना यहाँ नहीं पाया जाता।
👉 झामर-कोटड़ा क्षेत्र में रॉक फॉस्फेट पाया जाता है, न कि लोहा अयस्क।
👉 डाबला-सिंघाना क्षेत्र लौह अयस्क के लिए प्रसिद्ध है, न कि बेराइट के लिए।

✍️ सही उत्तर है – खेतड़ी - सिंघाना - ताँबा

'मोरीजा-बानोल' खनन क्षेत्र किसके लिए प्रसिद्ध है ? 

[पशुधन सहायक (LSA) 21.10.2018]

  • तांबा खनन

  • फैल्सपार खनन

  • लौह-अयस्क खनन

  • टंगस्टन खनन

🔹 व्याख्या:

👉 मोरीजा-बानोल क्षेत्र जयपुर जिले में स्थित है।
👉 यह क्षेत्र लौह अयस्क के खनन के लिए प्रसिद्ध है।
👉 यहाँ प्राप्त लौह अयस्क की किस्म हेमेटाइट है, जिसमें लौह की मात्रा 65–70% होती है।
👉 यह क्षेत्र राज्य के उत्तरी-पूर्वी लौह अयस्क पेटी में आता है।

✍️ सही उत्तर है – लौह-अयस्क खनन 

'पलाना' जिस खनन के लिए जाना जाता है :

[सुपरवाईजर परीक्षा 06.01.2019]

  • सोना 

  • चाँदी 

  • कोयला 

  • ताँबा 

🔹 व्याख्या:

👉 पलाना क्षेत्र बीकानेर जिले में स्थित है।
👉 यह क्षेत्र मुख्यतः लिग्नाइट (कोयला) के उत्पादन के लिए जाना जाता है।
👉 लिग्नाइट कोयले का उपयोग ऊर्जा उत्पादन में किया जाता है। 

✍️ सही उत्तर है – कोयला 

सूची-I को सूची-II से सुमेलित कीजिए और सूचियों के नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए 

सूची-I (खनिज)        सूची-II (खनन क्षेत्र) 

(i) सीसा-जस्ता           (a) रामपुरा आगूचा 

(ii) ताँबा                   (b) बान्देरसीन्दरी 

(iii) बेरेलियम             (c) चाँदमारी 

(iv) लौह-अयस्क        (d) मारिजा 

[पुस्तकालयाध्यक्ष 13.11.2016]

कूट - 

  • (i) a (ii) c (iii) d (iv) b

  • (i) a (ii) c (iii) b (iv) d 

  • (i) a (ii) b (iii) d (iv) c

  • (i) a (ii) b (iii) c (iv) c 

🔹 व्याख्या:

👉 (i) सीसा-जस्ता – (a) रामपुरा आगूचा : यह क्षेत्र भीलवाड़ा जिले में स्थित है और सीसा-जस्ता के भंडार के लिए प्रसिद्ध है।
👉 (ii) ताँबा – (c) चाँदमारी : यह क्षेत्र झुंझुनूं जिले में खेतड़ी क्षेत्र से जुड़ा हुआ है, जहाँ ताँबा मिलता है।
👉 (iii) बेरेलियम – (b) बान्देरसीन्दरी : यह क्षेत्र जयपुर जिले में स्थित है और बेरेलियम के लिए जाना जाता है।
👉 (iv) लौह-अयस्क – (d) मारिजा : यह क्षेत्र जयपुर जिले में है और लौह अयस्क के लिए प्रसिद्ध है।

✍️ सही उत्तर है – (i)-a, (ii)-c, (iii)-b, (iv)-d 

राजस्थान की खनन एजेंसी है

[खनिज कार्यदेशक 23.02.2025]

  • राजस्थान राज्य खान एवं खनिज लिमिटेड 

  • राजस्थान राज्य खान निगम लिमिटेड  

  • राजस्थान खनन विकास निगम 

  • राजस्थान खनन बोर्ड 

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान में खनन से संबंधित प्रमुख एजेंसी का नाम राजस्थान राज्य खान एवं खनिज निगम लिमिटेड (RSMM) है।
👉 यह निगम राज्य की खनिज सम्पदा के विकास, उत्खनन और विपणन के लिए कार्य करता है।
👉 इनमें से RSMM प्रमुख क्रियाशील खनन एजेंसी के रूप में स्थापित है।

✍️ सही उत्तर है – राजस्थान राज्य खान एवं खनिज लिमिटेड

राजस्थान के डूंगरपुर क्षेत्र काहिला में "मांडो की पाल" निम्नलिखित में से किस निक्षेप से सम्बंधित है ? 

[तकनीकी सहायक 18.05.2025]

  • फ़्लुओराइट

  • पन्ना 

  • डोलोमाइट 

  • जिप्सम 

🔹 व्याख्या:

👉 मांडो की पाल डूंगरपुर जिले के काहिला क्षेत्र में स्थित है।
👉 यह क्षेत्र फ्लुओराइट (Fluorite) खनिज के निक्षेप के लिए जाना जाता है।
👉 फ्लुओराइट का उपयोग रासायनिक व औद्योगिक उद्देश्यों में किया जाता है। 

✍️ सही उत्तर है – फ़्लुओराइट

राजस्थान में लिग्नाइट कोयला के प्रमुख जमाव कहाँ स्थित है ? 

[पशुधन सहायक (LSA) 16.10.2016]

  • पलाना, आगूचा, मेड़ता

  • कपूरड़ी, मेड़ता, सोनू

  • पलाना, कपूरड़ी, सोनू 

  • कपूरड़ी, मेड़ता, पलाना

🔹 व्याख्या:

👉 पलाना क्षेत्र बीकानेर में है और लिग्नाइट उत्पादन के लिए प्रसिद्ध है।
👉 कपूरड़ी क्षेत्र बाड़मेर जिले में स्थित है, जहाँ लिग्नाइट कोयले के प्रमुख भंडार हैं।

✍️ सही उत्तर है – कपूरड़ी, मेड़ता, पलाना

राजस्थान का कौन सा क्षेत्र अपनी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रशंसित संगमरमर (ग्रीन मार्बल) की किस्म के लिए जाना जाता है?

[VDO (ग्राम विकास अधिकारी) 02.11.2025]

  • मकराना

  • ऋषभदेव - केसरीयाजी

  • रामपुरा - अगूचा

  • बसंतगढ़ - डेरी

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान के उदयपुर जिले में स्थित ऋषभदेव क्षेत्र अपने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्ध हरे संगमरमर के लिए जाना जाता है।
👉 इस संगमरमर का रंग गहरा हरा होता है, जिसमें सफेद और भूरी नसें स्पष्ट दिखाई देती हैं।
👉 यह पत्थर वैश्विक बाजार में वर्दे ग्वाटेमाला या Verde Guatemala नाम से प्रसिद्ध है।
👉 इसकी अनोखी बनावट और रंग इसे उच्च गुणवत्ता वाला सजावटी पत्थर बनाते हैं।
👉 ऋषभदेव का हरा संगमरमर राजस्थान के प्रमुख खनिज–उद्योग उत्पादों में शामिल है।

✍️ सही उत्तर है – ऋषभदेव - केसरीयाजी

राजस्थान में देश का ___ प्रतिशत फेल्सपार भण्डार है। [*]

[लिपिक ग्रेड-II 09.09.2018]

  • 66 

  • 50

  • 33

  • 100

📌 महत्वपूर्ण सूचना: इस प्रश्न को बोर्ड द्वारा 'डिलीट' या अमान्य घोषित किया गया है। 

राजस्थान में लगभग कितने खनिज पाए जाते हैं ? (नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर चुनें) 

[JEN CIVIL कृषि 07.02.2025]

  • 44 

  • 33 

  • 23 

  • 67 

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान में कुल 67 प्रकार के खनिज पाए जाते हैं। 
👉 राज्य को 'खनिजों का संग्रहालय' भी कहा जाता है। 

खनिज जिसके उत्पादन में राजस्थान को देश में एकाधिकार प्राप्त है ?

[JEN (Civil डिग्री) 16.10.2016]

  • वोलेस्टोनाइट

  • मैंगनीज 

  • अभ्रक 

  • ताँबा

🔹 व्याख्या:

👉 वोलेस्टोनाइट एक ऐसा खनिज है जिसके उत्पादन में राजस्थान को देश में एकाधिकार प्राप्त है।
👉 अभ्रक का उत्पादन राजस्थान में होता है, लेकिन यह झारखंड व आंध्रप्रदेश में भी पाया जाता है।
👉 मैंगनीज का प्रमुख उत्पादन मध्य प्रदेश में होता है, राजस्थान में केवल बाँसवाड़ा में सीमित खनन होता है।
👉 ताँबा राजस्थान में अधिक मात्रा में होता है, पर झारखंड और मध्य प्रदेश में भी पाया जाता है।

✍️ सही उत्तर है – वोलेस्टोनाइट

लिग्नाइट ________ का प्रकार है। 

[कनिष्ठ अनुदेशक (कंप्यूटर) 10.01.2025]

  • ऐस्बेस्टस 

  • इस्पात 

  • कोयला 

  • संगमरमर 

🔹 व्याख्या:

👉 लिग्नाइट एक प्रकार का कोयला है, जिसे निम्न गुणवत्ता का कोयला माना जाता है।
👉 इसका उपयोग मुख्यतः ऊर्जा उत्पादन में किया जाता है।
👉 राजस्थान में लिग्नाइट के भंडार बीकानेर, नागौर और बरमेर जिलों में पाए जाते हैं।
👉 यह ऊर्जा उत्पादक खनिजों की श्रेणी में आता है।

✍️ सही उत्तर है – कोयला

वे खनिज जिन में राजस्थान का देश में एकाधिपत्य है 

[प्रयोगशाला सहायक 13.11.2016]

  • जेस्पार, तामड़ा, संगमरमर, सीसा - जस्ता

  • जेस्पार, तामड़ा, फेल्सपार, जिप्सम 

  • जेस्पार, तामड़ा, पन्ना, बुलेस्टोनाइट 

  • तामड़ा, बुलेस्टोनाइट, ग्रेनाइट, संगमरमर

🔹 व्याख्या:

👉 जेस्पार, तामड़ा, पन्ना और वोल्सटोनाइट (बुलेस्टोनाइट) ऐसे खनिज हैं जिनके उत्पादन में राजस्थान का देश में एकाधिकार है।
👉 ग्रेनाइट, संगमरमर, फेल्सपार, जिप्सम – इनका उत्पादन राजस्थान में अधिक होता है, लेकिन अन्य राज्यों में भी पाया जाता है।
👉 एकमात्र उत्पादक वाले खनिजों का समूह जेस्पार, तामड़ा, पन्ना और वोल्सटोनाइट है।

✍️ सही उत्तर है – जेस्पार, तामड़ा, पन्ना, बुलेस्टोनाइट

निम्नलिखित में से कौन-सा खनिज सिंघाना के मदान कुदान क्षेत्र में निकलता है ? 

[कनिष्ठ अनुदेशक (फिटर) 23.03.2019]

  • तांबा 

  • मैग्नीशियम 

  • लौह 

  • एल्यूमीनियम

🔹 व्याख्या:

👉 सिंघाना क्षेत्र झुंझुनूं जिले में स्थित है, जहाँ मदान, खेतड़ी, कोल्हन जैसे क्षेत्र शामिल हैं।
👉 यह क्षेत्र ताँबे के खनन के लिए प्रसिद्ध है और यहाँ से औसत गुणवत्ता वाला ताँबा प्राप्त होता है। 

✍️ सही उत्तर है – तांबा 

गुढ़ा-किशोरीदास और चौथ का बरवाड़ा जिस खनन के लिए प्रसिद्ध हैं वह है 

[JEN (Civil Diploma) 21.08.2016]

  • ताँबा 

  • लौह अयस्क

  • मैंगनीज

  • सीसा एवं जस्ता 

🔹 व्याख्या:

👉 गुढ़ा-किशोरीदास (अलवर) और चौथ का बरवाड़ा (सवाई माधोपुर) क्षेत्र सीसा एवं जस्ता के लिए प्रसिद्ध हैं।
👉 ये क्षेत्र उत्तर-पूर्वी राजस्थान के प्रमुख सीसा-जस्ता खनिज भंडारों में शामिल हैं। 

✍️ सही उत्तर है – सीसा एवं जस्ता

सूची-I को सूची-II से सुमेलित कीजिए तथा नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए - 

सूची-I (खनिज)  सूची-II (खनन क्षेत्र)

A) ताँबा                (i) राजपुरा दरीबा

B) सीसा एवं जस्ता(ii) नाथरा - की - पाल

C) बेरिलियम        (iii) खो - दरीबा 

D) लौह अयस्क    (iv) बांदेर- सींदरी 

[पटवारी मुख्य परीक्षा 24.12.2016]

कूट :- 

            A    B    C     D 

  • (iii)    (i)     (iv)     (ii) 

  • (iii)    (iv)     (ii)     (i) 

  • (i)     (ii)     (iv)     (iii) 

  • (ii)    (iii)     (iv)     (i) 

🔹 व्याख्या:

👉 (A) ताँबा – (iii) खो-दरीबा : अलवर जिले में स्थित यह क्षेत्र ताँबे के भंडार के लिए जाना जाता है।
👉 (B) सीसा एवं जस्ता – (i) राजपुरा-दरीबा : यह क्षेत्र राजसमन्द में है और सीसा-जस्ता का प्रमुख स्रोत है।
👉 (C) बेरिलियम – (iv) बांदेर-सींदरी : जयपुर जिले में स्थित यह क्षेत्र बेरिलियम के लिए प्रसिद्ध है।
👉 (D) लौह अयस्क – (ii) नाथरा-की-पाल : उदयपुर जिले में स्थित यह क्षेत्र लौह अयस्क के लिए जाना जाता है।

✍️ सही उत्तर है – A-iii, B-i, C-iv, D-ii

सबला - लोहारिया खनन क्षेत्र निम्नलिखित में से किस जिले में स्थित है ? 

[कनिष्ठ अनुदेशक (इलेक्ट्रिशियन) 24.03.2019]

  • डूंगरपुर

  • भीलवाड़ा 

  • दौसा 

  • बाड़मेर 

🔹 व्याख्या:

👉 लोहारिया खनिज क्षेत्र डूंगरपुर जिले में स्थित है।
👉 यह क्षेत्र राज्य के दक्षिणी-पूर्वी भाग में आता है जहाँ लौह अयस्क के भंडार पाए जाते हैं।
👉 लोहारिया के साथ-साथ खामरिया व तलवाड़ा भी डूंगरपुर जिले के लौह अयस्क क्षेत्र हैं।
👉 यह क्षेत्र नाथरा की पाल से बांसवाड़ा तक फैली लौह अयस्क पेटी में शामिल है।

✍️ सही उत्तर है – डूंगरपुर

राजस्थान खनिज उत्पादन 2023-24 के अनुसार देशभर में राजस्थान, _____ खनिज का एक मुख्य उत्पादक है। 

नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर चुनें:  

[पशु परिचर (2nd Phase) 01.12.2024]

  • सिलिमैनाइट 

  • सीसा और जस्ता 

  • डायमंड /हीरा 

  • वर्मीक्यूलाइट 

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान देशभर में सीसा और जस्ता का मुख्य उत्पादक राज्य है।
👉 देश का लगभग 80% सीसा और 99% जस्ता उत्पादन राजस्थान में होता है।
👉 यह उत्पादन मुख्यतः जावर, राजपुरा-दरीबा, आगूचा जैसे क्षेत्रों से होता है।

✍️ सही उत्तर है – सीसा और जस्ता

कौनसा सुमेलित नहीं है ? 

[अन्वेषक परीक्षा 21.08.2016]

खनिज                     खनन क्षेत्र 

  • लौह अयस्क -       राजपुरा दरीबा

  • मेंगनीज         -       काला खूटा

  • ताँबा             -       खो दरीबा

  • टंगस्टन         -       डेगाना 

🔹 व्याख्या:

👉 ताँबा – खो दरीबा : यह अलवर जिले में ताँबे के भंडार के लिए प्रसिद्ध है।
👉 टंगस्टन – डेगाना : यह नागौर जिले का प्रमुख टंगस्टन क्षेत्र है।
👉 मैंगनीज – काला खूंटा : यह बाँसवाड़ा जिले में स्थित मैंगनीज क्षेत्र है।
👉 लौह अयस्क – राजपुरा दरीबा : यह असुमेलित है, यह क्षेत्र सीसा-जस्ता के लिए प्रसिद्ध है।

✍️ सही उत्तर है – लौह अयस्क – राजपुरा दरीबा 

राजस्थान में बैन्टोनाइट के प्रमुखतम उत्पादक जिले हैं। 

[JEN (यांत्रिक डिप्लोमा) 21.08.2016]

  • बाड़मेर, बीकानेर, सवाई माधोपुर 

  • अलवर, दौसा, करौली

  • सीकर, पाली, सिरोही 

  • जयपुर, झुंझुंनू, उदयपुर

🔹 व्याख्या:

👉 बैन्टोनाइट एक दानेदार मिट्टी है जिसका उपयोग तेल शोधन, रंग-रोगन और औषधियों में होता है।
👉 इसका उत्पादन बाड़मेर, बीकानेर और सवाई माधोपुर जिलों में प्रमुख रूप से होता है।
👉 वर्ष 2020-21 में राजस्थान में बैन्टोनाइट का उत्पादन 4.460 लाख टन हुआ था।

✍️ सही उत्तर है – बाड़मेर, बीकानेर, सवाई माधोपुर 

अगुंचा-गुलाबपुरा खनन क्षेत्र निम्न में से खनिजों के किस जोड़े के लिए प्रसिद्ध है ? 

[उद्योग निरीक्षक परीक्षा 24.06.2018]

  • Mg-Mn

  • Fe-Ni

  • Ag-Au

  • Zn-Pb

🔹 व्याख्या:

👉 आगूचा-गुलाबपुरा खनन क्षेत्र भीलवाड़ा जिले में स्थित है।
👉 यह क्षेत्र सीसा (Pb) एवं जस्ता (Zn) के वृहद भंडारों के लिए जाना जाता है।
👉 इस क्षेत्र से जुड़ा चन्देरिया में जस्ता शोधक संयंत्र भी स्थापित किया गया है। 

✍️ सही उत्तर है – Zn-Pb

राजस्थान में खेतड़ी खदान निम्न में से किसकी प्रमुख उत्पादक हैं ?  

[कनिष्ठ अनुदेशक (वायरमेन) 05.01.2025]

  • लौह अयस्क 

  • बॉक्साइट 

  • अभ्रक 

  • ताँबा 

🔹 व्याख्या:

👉 खेतड़ी खदान राजस्थान के झुंझुनूं जिले में स्थित है।
👉 यह क्षेत्र मुख्यतः ताँबा (Copper) के उत्पादन के लिए जाना जाता है, जहाँ खेतड़ी‑सिंघाना समूह में ताँबा खनन होता है। 

✍️ सही उत्तर है – ताँबा

कौन-सा जोड़ा सही सुमेलित नहीं है ? 

[कनिष्ठ अनुदेशक (कोपा) 24.03.2019]

      तांबा निक्षेपण           -               जिला 

  • बिदासर               -               चूरु 

  • राजपुरा दरीबा      -               राजसमन्द   

  • सिंघाना               -               झुंझुनू 

  • रेलमगरां              -               उदयपुर

🔹 व्याख्या:

👉 सिंघाना में ताँबे के निक्षेप पाए जाते हैं, यह क्षेत्र झुंझुनूं जिले में स्थित है।
👉 रेलमगरा का संबंध ताँबे से नहीं है, यह ताँबे का क्षेत्र नहीं है।
👉 राजपुरा-दरीबा क्षेत्र राजसमन्द जिले में स्थित है।

रेलमगरा (राजसमंद, राजस्थान) मुख्य रूप से सीसा (Lead), जस्ता (Zinc) और चांदी (Silver) के विशाल भंडारों के लिए प्रसिद्ध है। यहाँ स्थित सिंदेश्वर खुर्द और राजपुरा-दरीबा जैसी प्रमुख खदानें इन खनिजों के उत्पादन का मुख्य केंद्र हैं।

✍️ सही उत्तर है – रेलमगरां - उदयपुर

निम्न में से राजस्थान की सबसे बड़ी जस्ता उत्पादक खदान है ?  

[CET (स्नातक) 28.09.2024 चतुर्थ चरण]

  • कायाद खदान 

  • जावर खदान 

  • सिन्देसर खुर्द खदान 

  • रामपुर अगुचा खदान 

🔹 व्याख्या:

👉 रामपुर-अगुचा खदान राजस्थान की सबसे बड़ी जस्ता उत्पादक खदान है।
👉 यह भीलवाड़ा जिले में स्थित है और यहाँ से सीसा-जस्ता मिश्रित रूप में निकाला जाता है।
👉 इस क्षेत्र में चंदेरिया में जस्ता शोधन संयंत्र भी स्थापित है।

✍️ सही उत्तर है – रामपुर अगुचा खदान

डेगाना खनन क्षेत्र स्थित है - 

कनिष्ठ अनुदेशक (कंप्यूटर प्रयो.) 16.11.2024

  • जोधपुर 

  • झुंझुनू 

  • बीकानेर 

  • नागौर 

🔹 व्याख्या:

👉 डेगाना खनन क्षेत्र राजस्थान के नागौर जिले में स्थित है।
👉 यह क्षेत्र टंगस्टन खनिज के लिए प्रसिद्ध है, जो यहाँ का मुख्य धात्विक खनिज है।
👉 यह भारत का प्रमुख टंगस्टन उत्पादक क्षेत्र रहा है।

✍️ सही उत्तर है – नागौर जिले में

राजस्थान में कैल्साइट का भंडार किस स्थान पर पाया जाता है ? (निम्न में से सबसे उपयुक्त विकल्प चुनें) 

[जेल प्रहरी (Shift-2nd) 12.04.2025]

  • सिरोही 

  • धौलपुर 

  • भरतपुर 

  • अलवर 

🔹 व्याख्या:

👉 कैल्साइट एक अधात्विक खनिज है, जिसका उपयोग कैल्सियम कार्बाइड, ब्लीचिंग पाउडर और विस्फोटक पदार्थों में किया जाता है।
👉 राजस्थान में कैल्साइट के भंडार सिरोही, सीकर, पाली, जयपुर, झुंझुनूं और उदयपुर जिलों में स्थित हैं। 

✍️ सही उत्तर है – सिरोही