अरावली प्रदेश का भाग नहीं? 

[पर्यवेक्षक परीक्षा 29.11.2015]

  • अलवर खण्ड

  • अभू खंण्ड 

  • विन्ध्यन खण्ड

  • जयपुर खण्ड

🔹 व्याख्या:

👉 अरावली प्रदेश राजस्थान के चार प्रमुख भौतिक प्रदेशों में से एक है।
👉 इसका विस्तार राज्य के सिरोही, उदयपुर, राजसमंद, अजमेर, जयपुर, अलवर और दौसा जिलों में है।
👉 यह प्रदेश तीन उप-भागों में बाँटा गया है — दक्षिणी अरावली, मध्य अरावली, और उत्तरी अरावली।
👉 यह क्षेत्र राज्य का प्रमुख जल-विभाजक, नदी उद्गम स्थल और वन आच्छादित क्षेत्र है।

निम्नलिखित में से राजस्थान का कौन-सा / कौन से भौतिक विभाग अपने धरातलीय लक्षणों से सही सुमेलित है / है ? नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए- 

भौतिक विभाग  शैल समूह धरातलीय लक्षण
(i) दक्षिण पूर्वी पहार  आर्कियन - विन्ध्यन क्रम गौंडवाना लैण्ड का विस्तारित भाग 
(ii) पश्चिमी बालुका मैदान  रायलो - क्रिटेशस क्रम टैथिस सागर का अवशेष  रूप
(iii) अरावली अरावली - दिल्ली क्रम प्राचीनतम वलित पर्वत श्रेणी
(iv) उत्तर-पूर्वी मैदान दक्कन लावा - विन्ध्यन क्रम सिन्धु नदी निर्मित मैदान का भाग 

[पटवार प्री. परीक्षा 2015]

कूट - 

  • (ii), (iii) और (iv)

  • (ii) और (iii) 

  • (i) और (iv)

  • (i), (ii) और (iii)

🔹 व्याख्या:

👉 (i) दक्षिण-पूर्वी पहाड़ — इसमें आर्कियन से विन्ध्यन शैल क्रम मिलता है और यह गौंडवाना लैण्ड का उत्तरी विस्तार है। 
👉 (ii) पश्चिमी बालुका मैदान — यह क्षेत्र क्रिटेशियस कालीन समुद्री अवसादों से जुड़ा है, जिसे टैथिस सागर का अवशेष माना जाता है। 
👉 (iii) अरावली — यह पर्वत श्रृंखला अरावली-देहली शैल क्रम की बनी हुई है और विश्व की प्राचीनतम वलित पर्वत श्रृंखला है। 
👉 (iv) उत्तर-पूर्वी मैदान — यह क्षेत्र गंगा-सिन्धु के मैदान से नहीं बल्कि पूर्वी मैदानी प्रदेश (बनास, माही, चम्बल बेसिन) का भाग है, अतः यह कथन असत्य है।

निम्नलिखित में से कौन-सा एक, राजस्थान में जलविभाजक की तरह कार्य करता है ? (निम्न में से सबसे उपयुक्त विकल्प चुनें) 

[जेल प्रहरी (Shift-2nd) 12.04.2025]

  • पश्चिमी घाट 

  • अरावली 

  • पूर्वी घाट 

  • हिमालय 

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान में अरावली पर्वतमाला एक प्रमुख जल विभाजक का कार्य करती है।
👉 यह राज्य को दो भागों में बाँटती है।
👉 अरावली जल निकासी प्रणालियों के बीच एक प्राकृतिक सीमा बनाती है।

✍️ सही उत्तर है – अरावली  

अरावली पर्वत का प्रकार हैं ? 

[पर्यवेक्षक परीक्षा 29.11.2015]

  • अवरोधी

  • ज्वालामुखी 

  • अवशिष्ट 

  • फोल्डार 

🔹 व्याख्या:

👉 अरावली पर्वत विश्व की प्राचीनतम पर्वत श्रेणियों में से एक है, जो अब अति प्राचीन अपरदित पर्वत के रूप में विद्यमान है।
👉 इसकी संरचना मुख्यतः कयान्तरित शैलों जैसे क्वार्टजाइट, ग्रेनाइट, फायलाइट, शिष्ट, नीस आदि से बनी है।
👉 यह पर्वत भू-गर्भीय दृष्टि से अब अवशिष्ट पर्वत (Residual Mountain) का स्वरूप धारण कर चुका है।
👉 इसकी चट्टानों में भिन्न-भिन्न भूगर्भिक युगों की परतें मिलती हैं, जो इसकी विविधता दर्शाती हैं।

राजस्थान का निम्नलिखित में से कौन - सा भौतिक क्षेत्र मध्य प्रदेश के साथ अपनी सीमा साझा करता है? 

निम्नलिखित विकल्पों में से सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर चुनें:  

[पशु परिचर (5th Phase) 03.12.2024]

  • दक्षिण-पूर्वी पठारी क्षेत्र 

  • अरावली क्षेत्र 

  • अर्ध-अर्ध-शुष्क क्षेत्र 

  • पश्चिमी मरुस्थली मैदानी क्षेत्र 

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान का दक्षिण-पूर्वी पठारी क्षेत्र, जिसे हाड़ौती का पठार भी कहा जाता है, मध्य प्रदेश की सीमा से सटा हुआ है।
👉 इस क्षेत्र में स्थित झालावाड़, बारां और कोटा जिले सीधे मध्य प्रदेश की सीमा के साथ जुड़ते हैं।
👉 यहाँ की भू-आकृति में ऊँचे पठारी क्षेत्र, अर्द्ध चन्द्राकार पर्वतमालाएँ, और नदी मैदान प्रमुख हैं।
👉 इसी क्षेत्र में स्थित रामगढ़ क्रेटर को भारत की पहली जियो हेरिटेज साइट घोषित किया गया है।

पश्चिमी राजस्थान का लगभग कितना क्षेत्र मरुस्थलीकरण से प्रभावित है ?

नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर चुनें: 

[JEN (Diploma) 06.02.2025]

  • 55% 

  • 50% से कम 

  • 60% से अधिक 

  • 58% 

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान का पश्चिमी भाग मरुस्थलीकरण से सर्वाधिक प्रभावित है।
👉 यहाँ का 60% से अधिक क्षेत्र मरुस्थलीकरण की चपेट में है।
👉 यह क्षेत्र मुख्यतः थार मरुस्थल के अंतर्गत आता है।

✍️ सही उत्तर है – 60% से अधिक 

निम्नलिखित में से राजस्थान के कौन-से क्षेत्र पश्चिमी मरुस्थल क्षेत्र में शामिल किए गए हैं ? 

1. लूणी बेसिन 

2. डेक्कन लावा पठार 

3. घग्गर का मैदान

4. छप्पन बेसिन 

निम्न में से सबसे उपयुक्त विकल्प चुनें:  

[कनिष्ठ अनुदेशक (कोस्मेटो) 08.01.2025]

  • केवल 1, 3 व 4 

  • केवल 1 व 3 

  • सभी 1, 2, 3 व 4 

  • केवल 1 व 2 

🔹 व्याख्या:

👉 पश्चिमी मरुस्थलीय प्रदेश के अंतर्गत जिन उप-प्रदेशों को शामिल किया गया है, वे हैं —
 ✔ लूणी बेसिन (गोडवार प्रदेश)
 ✔ घग्घर का मैदान
👉 जबकि डेक्कन लावा पठार और छप्पन बेसिन इस क्षेत्र में शामिल नहीं हैं।
👉 छप्पन बेसिन पूर्वी मैदान प्रदेश का भाग है और
डेक्कन लावा पठार आपके पृष्ठों में कहीं वर्णित नहीं है।
👉 अतः सही विकल्प होंगे — 1 और 3।

जब बांसवाड़ा में कर्क रेखा पर सूर्य सीधा चमकता है तो कौन-सी घटना होती है ?  

[कनिष्ठ अनुदेशक (पलम्बर) 08.01.2025]

  • उच्च दाब 

  • कोई परिवर्तन नहीं 

  • न्यून ताप 

  • न्यून दाब 

🔹 व्याख्या:

👉 बांसवाड़ा राजस्थान का एकमात्र जिला है जिससे होकर कर्क रेखा गुजरती है।
👉 जब सूर्य कर्क रेखा पर सीधा चमकता है, तब वहाँ अत्यधिक तापमान उत्पन्न होता है।
👉 उच्च तापमान के कारण वहाँ का वायुमंडल विस्तारित होकर ऊपर उठता है, जिससे न्यून दाब की स्थिति बनती है।
👉 यह घटना स्थानीय वायुदाब प्रणाली और मानसूनी प्रवाह को प्रभावित कर सकती है।

राजस्थान में अरावली क्षेत्र की विशेषताओं की पहचान कीजिए। 

a. अरावली पर्वत को आड़ावाल पहाड़ भी कहा जाता है। 

b. अरावली पर्वत श्रंखला विश्व की प्राचीनतम पर्वत श्रंखला मानी जाती है। 

c. इसकी ऊँचाई दक्षिण-पश्चिम से उत्तर-पूर्व की ओर बढ़ती है।

d. गुरुशिखर अरावली श्रंखला की सबसे ऊँची चोटी है।

नीचे दिए गए विकल्पों में से सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर चुनें:   

[पशु परिचर (1st Phase) 01.12.2024]

  • केवल (a), (c) और (d) 

  • (a), (b), (c) और (d) 

  • केवल (a), (b) और (c) 

  • केवल (a), (b) और (d)

🔹 व्याख्या:

👉 अरावली पर्वत श्रेणी को विश्व की प्राचीनतम पर्वतमालाओं में गिना जाता है और इसे स्थानीय भाषा में "आड़ावाल" भी कहा जाता है।
👉 इस पर्वतमाला की सबसे ऊँची चोटी है गुरु शिखर (1722 मीटर), जो सिरोही जिले में स्थित है।
👉 लेकिन इसकी ऊँचाई उत्तर-पूर्व से दक्षिण-पश्चिम की ओर घटती है, न कि बढ़ती है — इसलिए विकल्प (c) सही नहीं है।
👉 अतः केवल (a), (b) और (d) ही सही विकल्प हैं।

मरुस्थलीकरण का प्रसार राजस्थान से किन राज्यों की ओर हो रहा है ?

[JEN (यांत्रिकी डिग्री) 21.08.2016] 

  • उत्तरप्रदेश, मध्यप्रदेश, गुजरात व महाराष्ट्र

  • पंजाब, उत्तरप्रदेश, उत्तराखण्ड व मध्यप्रदेश

  • दिल्ली, हरियाणा, उत्तरप्रदेश व मध्यप्रदेश 

  • दिल्ली, उत्तरप्रदेश, उत्तराखण्ड व मध्यप्रदेश

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान से मरुस्थलीकरण का विस्तार पड़ोसी राज्यों की ओर हो रहा है।
👉 यह प्रसार दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश की ओर देखा जाता है।
👉 थार मरुस्थल का प्रभाव धीरे-धीरे इन राज्यों तक फैल रहा है।

✍️ सही उत्तर है – दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश 

संरचानात्मक दृष्टि से राजस्थान के भौतिक स्वरूप भारत के निम्नलिखित में से किन उच्चावच प्रदेशों का हिस्सा हैं । 

[प्रयोगशाला सहायक 13.11.2016]

  • प्रायद्वीपीय पठार, उत्तरी पर्वतीय प्रदेश

  • उत्तरी वृहत मैदान, प्रायद्वीपीय पठार 

  • तटीय मैदान, प्रायद्वीपीय पठार 

  • उत्तरी पर्वतीय प्रदेश, उत्तरी वृहत मैदान 

🔹 व्याख्या:

👉 संरचनात्मक दृष्टि से राजस्थान के भौतिक स्वरूप भारत के दो प्रमुख उच्चावच प्रदेशों का हिस्सा हैं —
👉 पहला है उत्तरी बृहत् मैदान, जिसमें पूर्वी मैदानी प्रदेश का सम्मिलन होता है।
👉 दूसरा है प्रायद्वीपीय पठार, जिसका विस्तार दक्षिण-पूर्वी पठारी भाग (हाड़ौती) और दक्षिणी अरावली क्षेत्र में होता है।
👉 इन दोनों प्रदेशों की संरचना ने राजस्थान को विविध भू-आकृतिक स्वरूप प्रदान किए हैं।

राजस्थान को प्रमुख भौतिक विभागों में कितनी बार सकते है ? 

[पर्यवेक्षक परीक्षा 29.11.2015]

  • छः

  • दो 

  • एक 

  • चार 

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान को उसके धरातलीय स्वरूप के आधार पर चार प्रमुख भौतिक विभागों में बाँटा गया है —
👉 (1) पश्चिमी मरुस्थलीय प्रदेश,
👉 (2) अरावली पर्वतीय प्रदेश,
👉 (3) पूर्वी मैदानी प्रदेश,
👉 (4) दक्षिण-पूर्वी पठारी प्रदेश (हाड़ौती)।
👉 ये विभाग राज्य की भू-आकृतिक, प्राकृतिक और जलवायु विविधता को दर्शाते हैं।

  •    कथन (A)- अरावली पर्वत श्रेणी निकटवर्ती क्षेत्रों में मरुस्थलीकरण के प्रसार को सीमित करती हैं । 
  •    कारण (R) - अरावली पर्वत क्षेणी सम्पूर्ण राज्य में दक्षिण पश्चिम से उत्तर पूर्व की और अविच्छिन्न फैली हुई हैं 

[पटवार प्री. परीक्षा 2015]

कूट -

  • (A) सही हैं, किन्तु (R) गलत है 

  • (A) और (R) दोनों सही हैं, किन्तु (R) (A) की आंशिक व्याख्या करता है

  • (A) गलत है, किन्तु (R) सही है 

  • (A) और (R) दोनों सही हैं, तथा (R) (A) की पूर्ण व्याख्या करता है

🔹 व्याख्या:

👉 कथन (A) सत्य है — अरावली पर्वत श्रेणी राजस्थान में मरुस्थलीकरण के प्रसार को सीमित करती है, विशेषकर इसके पूर्वी ढालों में वनस्पति अधिक होने के कारण।
👉 कारण (R) असत्य है — क्योंकि अरावली पर्वत श्रेणी सम्पूर्ण राज्य में अविच्छिन्न नहीं है; यह कई स्थानों पर खंडित और अंतरालों से युक्त है, विशेषकर उत्तर-पूर्वी भाग में।
👉 अतः कथन (A) सही है, लेकिन कारण (R) उसका सही नहीं है।

राजस्थान के धरातलीय स्वरूपों के सम्बन्ध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन गलत है ? 

[पुस्तकालयाध्यक्ष 13.11.2016]

  • पश्चिमी बालुका मैदान टैथिस सागर का अवशेष है

  • दक्षिण-पूर्वी पठार गौंडवाना लैण्ड का विस्तारित भाग है 

  • अरावली एक वलित पर्वत श्रेणी है 

  • उत्तर-पूर्वी मैदान सिन्धु नदी व्दारा निर्मित मैदाना का भाग है। 

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान के धरातलीय स्वरूपों को चार प्रमुख भागों में विभाजित किया गया है —
👉 (1) पश्चिमी मरुस्थलीय प्रदेश, (2) अरावली पर्वतीय प्रदेश, (3) पूर्वी मैदानी प्रदेश, तथा (4) दक्षिण-पूर्वी पठारी प्रदेश (हाड़ौती)।
👉 इन प्रदेशों का निर्माण भूगर्भिक संरचना, अपक्षय, अपरदन और निक्षेपण प्रक्रियाओं के परिणामस्वरूप हुआ है।
👉 इनमें सबसे विस्तृत क्षेत्र पश्चिमी मरुस्थलीय प्रदेश का है, जबकि सबसे कम क्षेत्र हाड़ौती पठार का है।
👉 ये भौगोलिक प्रदेश राज्य के आर्थिक विकास और योजनाओं का आधार प्रस्तुत करते हैं।

पश्चिमी मरूस्थली क्षेत्र का क्षेत्रफल लगभग है 

[पर्यवेक्षक परीक्षा 29.11.2015]

  • 75000 वर्ग कि.मी. 

  • 175000 वर्ग कि.मी. 

  • 213688 वर्ग कि.मी.

  • 242239 वर्ग कि.मी. 

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान का पश्चिमी मरुस्थली क्षेत्र लगभग 1,75,000 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में विस्तृत है।
👉 यह प्रदेश राज्य के कुल क्षेत्रफल का लगभग 61% भाग घेरता है।
👉 इसमें जैसलमेर, बाड़मेर, बीकानेर, जोधपुर, नागौर, चूरू, गंगानगर आदि जिले आते हैं।
👉 यह क्षेत्र थार मरुस्थल का भाग है और अत्यधिक शुष्क एवं रेतीला है।

निम्नलिखित में से कौन सा क्षेत्र राजस्थान में अंतर्देशीय जल निकासी क्षेत्र के मैदान के रूप में भी जाना जाता है ?

[खनिज कार्यदेशक 23.02.2025]

  • शेखावाटी क्षेत्र 

  • अरावली पहाड़ी क्षेत्र 

  • पूर्वी प्रादेशिक क्षेत्र 

  • गग्घर क्षेत्र 

🔹 व्याख्या:

👉 शेखावाटी क्षेत्र राजस्थान में स्थित है।
👉 इसे अंतर्देशीय जल निकासी क्षेत्र का मैदान कहा जाता है।
👉 यहाँ नदियाँ समुद्र तक नहीं पहुँचतीं, बल्कि रेतीले क्षेत्रों में लुप्त हो जाती हैं।

✍️ सही उत्तर है – शेखावाटी क्षेत्र  

भूजलवायविक प्रमाणों के आधार पर आज से लगभग कितने वर्ष पूर्व राजस्थान में मरूस्थल का आस्तित्व नहीं था? [*]

[JEN (Civil Diploma) 21.08.2016]

  • 7,000 

  • 25,000

  • 10,000

  • 1,000

📌 महत्वपूर्ण सूचना: यह प्रश्न परीक्षा बोर्ड द्वारा हटाया गया (डिलीट) माना गया है 

राजस्थान की प्री-केम्ब्रियन चट्टानों का आधारभूत वर्णन किया 

[पर्यवेक्षक परीक्षा 29.11.2015]

  • ए. एम. हेरोन 

  • टी. एच.डी. ला. रोशे 

  • एम. एस. कृष्णन 

  • ए. एल. कोलसन

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान की प्री-केम्ब्रियन चट्टानों का आधारभूत एवं वैज्ञानिक वर्णन ए. एम. हैरोन द्वारा किया गया था।
👉 उन्होंने राजस्थान की भू-गर्भिक संरचना का विस्तृत अध्ययन कर विभिन्न शैल समूहों को चिन्हित किया।
👉 उनके अध्ययन में मालानी, देहली, रायली, अरावली महासमूह और बुंदेलखण्ड नीस जैसे शैल प्रमुख हैं।
👉 उन्होंने शैल अनुक्रम को स्पष्ट रूप से विन्ध्य-पूर्व अनुक्रम के रूप में व्यवस्थित किया।

राजस्थान में सर्वाधिक क्षेत्रीय विस्तार वाला भौतिक प्रदेश है - 

[JEN (Civil डिग्री) 16.10.2016]

  • पूर्वी मैदान 

  • अरावली 

  • हाड़ौती पठार

  • मरुस्थली 

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान में सर्वाधिक क्षेत्रीय विस्तार वाला भौतिक प्रदेश है — पश्चिमी मरुस्थलीय प्रदेश।
👉 इसका विस्तार लगभग 1,75,000 वर्ग किमी में है, जो राज्य के कुल भू-भाग का लगभग 61% है।
👉 इसमें जैसलमेर, बाड़मेर, बीकानेर, जोधपुर, नागौर, चूरू, सीकर, गंगानगर आदि जिले आते हैं।
👉 यह क्षेत्र मुख्यतः थार मरुस्थल के अंतर्गत आता है।

राजस्थान में मरुस्थलीकरण का मूल कारण क्या है? [*]

[JEN (Civil Degree) 21.08.2016]

  • सूखे की बारम्बारता 

  • गहराता भूजल स्तर

  • मिट्टी आवरण क्षप 

  • वनस्पति आवरण क्षप 

📌 महत्वपूर्ण सूचना: यह प्रश्न परीक्षा बोर्ड द्वारा हटाया गया (डिलीट) माना गया है

अरावली पर्वतमाला भारत के निम्नलिखित में से किन राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों से होकर गुजरती है? (नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर का चुनाव करें)

[4th Grade (1st Phase) 19.09.2025]

  • राजस्थान, दिल्ली और गुजरात

  • राजस्थान, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश

  • राजस्थान, मध्य प्रदेश और गुजरात

  • राजस्थान, दिल्ली और मध्य प्रदेश

🔹 व्याख्या:

👉 अरावली पर्वतमाला का विस्तार दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान और गुजरात तक फैला है।
👉 इसका सबसे बड़ा भाग राजस्थान में स्थित है, जहाँ माउंट आबू की गुरु शिखर चोटी स्थित है।
👉 अरावली का उत्तरी सिरा दिल्ली में “दिल्ली रिज” के रूप में दिखाई देता है।
👉 यह पर्वतमाला हरियाणा के गुरुग्राम व फरीदाबाद क्षेत्रों से भी होकर गुजरती है।
👉 अरावली का दक्षिणी विस्तार गुजरात के उत्तर-पूर्वी भाग तक पहुँचकर समाप्त होता है।

✍️ सही उत्तर है – राजस्थान, दिल्ली और गुजरात 

'ऊपरमाल' है -

[JEN (Civil Degree) 21.08.2016]

  • नागौर का पठारी भाग

  • भोराट का पठारी भाग 

  • हाड़ोती पठार का भाग 

  • आबू का पठारी भाग 

🔹 व्याख्या:

👉 'ऊपरमाल' राजस्थान के दक्षिण-पूर्वी पठारी प्रदेश का हिस्सा है, जिसे हाड़ौती का पठार कहा जाता है।
👉 यह क्षेत्र मुख्यतः झालावाड़, कोटा, बारां और बूंदी जिलों में फैला है।
👉 यह भू-भाग मालवा पठार का उत्तरी विस्तार है, जिसकी औसत ऊँचाई लगभग 500 मीटर है।
👉 इस क्षेत्र की स्थलाकृति में पठार, पहाड़ियाँ और नदी निर्मित मैदान शामिल हैं।

राजस्थान के किस भौतिक विभाग में मुकन्दरा की पहाड़ियाँ स्थित हैं? 

[JEN (Civil Degree) 21.08.2016]

  • शेखावटी क्षेत्र

  • दक्षिणी अरावली 

  • हाड़ौती पठार 

  • भोराट पठार

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान के हाड़ौती पठारी प्रदेश में ही मुकन्दरा की पहाड़ियाँ स्थित हैं।
👉 यह प्रदेश राज्य के दक्षिण-पूर्वी भाग में फैला है और इसमें कोटा, बारां, बूंदी तथा झालावाड़ जिले आते हैं।
👉 मुकन्दरा की पहाड़ियों की लम्बाई लगभग 120 किमी है और ये उत्तर-पश्चिम से दक्षिण-पूर्व दिशा में फैली हैं।
👉 इनकी अधिकतम ऊँचाई 517 मीटर तक पाई जाती है।

राजस्थान के कुल क्षेत्रफल का लगभग कितना भाग थार मरुस्थल के अन्तर्गत आता है ?

[JEN (यांत्रिकी डिग्री) 21.08.2016]

  • 56 प्रतिशत

  • 41 प्रतिशत 

  • 63 प्रतिशत 

  • 61 प्रतिशत 

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान के कुल क्षेत्रफल का लगभग 61% भाग थार मरुस्थल के अन्तर्गत आता है।
👉 यह क्षेत्र पश्चिमी मरुस्थलीय प्रदेश कहलाता है और इसका विस्तार लगभग 1,75,000 वर्ग किमी में है।
👉 इसमें जैसलमेर, बाड़मेर, बीकानेर, जोधपुर, नागौर, चूरू, गंगानगर आदि जिले सम्मिलित हैं।
👉 यहाँ की भूमि रेतीली, शुष्क तथा वायु अपरदन से प्रभावित होती है।

राजस्थान के जिले, जहां छप्पन का मैदान विस्तृत है, वे हैं [*]

[कनिष्ठ अनुदेशक (कार्यशाला) 19.11.2024]

  • उदयपुर, डूंगरपुर, राजसमन्द 

  • बांसवाड़ा, डूंगरपुर, चित्तौड़गढ़ 

  • उदयपुर, बांसवाड़ा, डूंगरपुर 

  • उदयपुर, बांसवाड़ा, चित्तौड़गढ़ 

चूलिया जलप्रपात राजस्थान के निम्नलिखित में से किस क्षेत्र में अवस्थित है ?

निम्न में से सबसे उपयुक्त विकल्प चुनें।   

[CET (10+2) 22.10.2024 द्वितीय चरण]

  • पूर्वी मैदानी क्षेत्र 

  • अरावली क्षेत्र 

  • पश्चिमी मरुस्थलीय मैदानी क्षेत्र 

  • दक्षिण पूर्वी पठारी क्षेत्र 

🔹 व्याख्या:

👉 दक्षिण-पूर्वी पठारी प्रदेश (हाड़ौती) में चम्बल नदी और उसकी सहायक नदियाँ जैसे कालीसिंध, पार्वती, मेज आदि बहती हैं।
👉 इन नदियों ने इस क्षेत्र में गहरी घाटियाँ, कटावदार क्षेत्र और नदी निर्मित मैदान बनाए हैं।
👉 विशेष रूप से बारां जिले के पूर्वी भाग में स्थित शाहबाद उच्च क्षेत्र में गहराई तक विच्छेदित भू-आकृति पाई जाती है।

रघुनाथगढ़ शिखर राजस्थान के निम्नलिखित में से किस क्षेत्र में स्थित है ? 

[JEN विद्युत डिग्री 07.02.2025]

  • दक्षिणी अरावली 

  • मध्य अरावली 

  • हाड़ौती पठार 

  • उत्तरी अरावली 

🔹 व्याख्या:

👉 रघुनाथगढ़, सीकर जिले में स्थित एक प्रमुख ऐतिहासिक और भौगोलिक स्थल है।

यह अरावली पर्वतमाला की उत्तरी श्रृंखला की सबसे ऊँची चोटी के लिए प्रसिद्ध है, और यहाँ एक ऐतिहासिक किला भी स्थित है。

1. भौगोलिक महत्व (सबसे ऊँची चोटी) यह स्थान उत्तरी अरावली की सबसे ऊँची चोटी माना जाता है, जिसकी समुद्र तल से ऊँचाई लगभग 1,055 मीटर है。यह चोटी सीकर जिले के शेखावाटी क्षेत्र में स्थित है。

छप्पन का मैदान स्थित है

[पशुधन सहायक (LSA) 21.08.2016]

  • बाँसवाड़ा कुशलगढ़ के बीच 

  • बाँसवाड़ा डूंगरपुर के बीच

  • चित्तौड़गढ़ प्रतापगढ़ के बीच

  • प्रतापगढ़ - बाँसवाड़ा के बीच

🔹 व्याख्या:

👉 छप्पन का मैदान राजस्थान के दक्षिण-पूर्वी भाग में स्थित है, जो मध्य माही बेसिन का हिस्सा है।
👉 इसका विस्तार उदयपुर के दक्षिण-पूर्व से लेकर बाँसवाड़ा, डूंगरपुर तथा चित्तौड़गढ़ के दक्षिणी भाग तक है।
👉 यह मैदान प्रतापगढ़ और बाँसवाड़ा के मध्य स्थित छप्पन ग्राम समूह के आधार पर जाना जाता है।
👉 यह क्षेत्र माही नदी और उसकी सहायक नदियों द्वारा सिंचित है। 

कथन (A) : अरावली के पूर्वी ढालों पर पश्चिमी ढालों की अपेक्षा वनस्पति अधिक सघन तथा ऊँचाई तक विद्यमान है।

कारण (R) : अरावली के पूर्वी ढाल अधिक मानसूनी वर्षा प्राप्त करते हैं तथा पश्चिमी ढालों की अपेक्षा तीक्षण ढालयुक्त व उच्चतर हैं 

[पुस्तकालयाध्यक्ष 13.11.2016]

कूट - 

  • (A) सही है किन्तु (R) गलत है 

  • (A) तथा (R) दोनों सही हैं तथा (R) (A) की पूर्ण व्याख्या करता है 

  • (A)तथा(R)दोनों सही हैं किन्तु(R)(A) की आंशिक व्याख्या करता है

  • (A) गलत है किन्तु (R) सही है 

🔹 व्याख्या:

👉 कथन (A) सही है — अरावली के पूर्वी ढालों पर वनस्पति अधिक सघन है और वह ऊँचाई तक पाई जाती है।
👉 कारण (R) भी सही है — क्योंकि पूर्वी ढालों को अधिक मानसूनी वर्षा प्राप्त होती है, जिससे वहाँ हरित आवरण अधिक होता है।
👉 अरावली की पश्चिमी ढालें शुष्क होती हैं, जबकि पूर्वी ढालें अधिक तीव्र और आर्द्र होती हैं।
👉 अतः दोनों कथन सत्य हैं और कारण, कथन का सही स्पष्टीकरण है।

चुलिया जल प्रपात राजस्थान के निम्नलिखित में से किस भौतिक क्षेत्र में स्थित है? 

निम्नलिखित विकल्पों में से सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर चुनें:  

[पशु परिचर (5th Phase) 03.12.2024]

  • अरावली क्षेत्र 

  • पूर्वी मैदानी क्षेत्र 

  • पश्चिमी मरुस्थलीय मैदानी क्षेत्र 

  • दक्षिण-पूर्वी पठारी क्षेत्र 

🔹 व्याख्या:

👉 दक्षिण-पूर्वी पठारी क्षेत्र (हाड़ौती) में चम्बल, कालीसिंध, पार्वती जैसी नदियाँ बहती हैं।
👉 इस क्षेत्र में गहरी घाटियाँ, कटावदार स्थलाकृति और नदी निर्मित मैदान पाए जाते हैं।
👉 अतः चूलिया जलप्रपात को इस क्षेत्र से संबद्ध माना जा सकता है।

निम्नलिखित में से कौन-से ज़िले राजस्थान के " वागड़ क्षेत्र" में स्थित हैं ? (निम्न में से सबसे उपयुक्त विकल्प चुनें)  

[कनिष्ठ अनुदेशक (वायरमेन) 05.01.2025]

  • डूंगरपुर एवं बांसवाड़ा 

  • पाली एवं जोधपुर 

  • गंगानगर एवं हनुमानगढ़ 

  • सिरोही एवं उदयपुर 

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान का वागड़ क्षेत्र राज्य के दक्षिणी भाग में स्थित है, जिसे छप्पन का मैदान भी कहा जाता है।
👉 यह क्षेत्र मुख्यतः डूंगरपुर और बाँसवाड़ा जिलों में फैला हुआ है।
👉 यहाँ की स्थलाकृति असमतल, कटावदार, तथा छोटी-छोटी पहाड़ियों से युक्त है।
👉 इस क्षेत्र में माही नदी एवं उसकी सहायक नदियाँ प्रवाहित होती हैं।

निम्नलिखित में से राजस्थान का कौन सा भौगोलिक क्षेत्र हरियाणा राज्य के साथ अपनी सीमा साझा नहीं करता है ?  

[CET (10+2) 24.10.2024 षष्टम चरण]

  • अर्धशुष्क क्षेत्र 

  • दक्षिण पूर्वी पठारी क्षेत्र 

  • पूर्वी मैदानी क्षेत्र 

  • अरावली क्षेत्र 

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान का पश्चिमी मरुस्थलीय प्रदेश राज्य के उत्तर-पश्चिमी भाग में फैला है और इसका कुछ भाग हरियाणा से सटा हुआ है।
👉 विशेष रूप से हनुमानगढ़, गंगानगर, चूरू व झुंझुनूं जैसे जिले हरियाणा से सीमाएँ साझा करते हैं।
👉 वहीं, दक्षिणी-पूर्वी पठारी प्रदेश (हाड़ौती) का विस्तार झालावाड़, कोटा, बारां, बूंदी जिलों में है, जो हरियाणा से दूर हैं।
👉 अतः यह भौगोलिक क्षेत्र हरियाणा से अपनी सीमा साझा नहीं करता।

नीचे दो कथन दिए गए हैं :

कथन (I) : फॉस्फेट की चट्टानें अधिकांशतः सुपरफॉस्फेट के निर्माण में प्रयोग की जाती हैं, जो कि फसलों, फलों और फूलों के पोषण में प्रयोग होती हैं। 

कथन (II) : फॉस्फेट चट्टानें मैटॉन, करबारिया-का-गुरहा, कानपुर, डाकन कोटरा और नीमच पहाड़ियों में स्थित है। ये सभी उदयपुर और जैसलमेर इलाकों के पास प्री- कैम्ब्रियन युग की अरावली संरचना है। 

उपरोक्त कथनों के आलोक में, नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर चुनें।  

[CET (स्नातक) 28.09.2024 चतुर्थ चरण]

  • कथन (I) गलत है लेकिन कथन (II) सही है। 

  • कथन (I) और कथन (II) दोनों सही हैं। 

  • कथन (I) सही है लेकिन कथन (II) गलत है। 

  • कथन (I) और कथन (II) दोनों गलत हैं। 

🔹 व्याख्या:

👉 अरावली पर्वत क्षेत्र में विभिन्न प्रकार की शैल संरचनाएँ, जैसे – डोलोमाइट, क्वार्टजाइट, संगुटिकाश्म आदि का उल्लेख है।
👉 इन शैलों में स्ट्रोमेटोलाइट युक्त डोलोमाइट का वर्णन है, जो फॉस्फेट खनिजों से संबंधित हो सकता है।
👉 यह जानकारी अरावली महासमूह के अंतर्गत वर्णित है, विशेष रूप से उदयपुर क्षेत्र से संबंधित रूप में।

'छप्पन का मैदान' राजस्थान के निम्नलिखित में से किस भौगोलिक क्षेत्र में स्थित है? [*]

निम्नलिखित विकल्पों में से सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर चुनें:  

[पशु परिचर (2nd Phase) 01.12.2024]

  • दक्षिण - पूर्वी पठारी क्षेत्र 

  • पूर्वी मैदानी क्षेत्र 

  • पश्चिमी मरुस्थलीय क्षेत्र 

  • अरावली क्षेत्र 

राजस्थान के अरावली प्रदेश में राज्य के कुल कितने जिले सम्मिलित किए गए हैं ?

[उद्योग प्रचार अधिकारी 22.07.2018]

  • 10 जिले 

  • 12 जिले

  • 08 जिले

  • 09 जिले

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान के अरावली पर्वतीय प्रदेश में कुल 12 जिले सम्मिलित किए गए हैं।
👉 अरावली श्रेणी राज्य में उत्तर-पूर्व से दक्षिण-पश्चिम दिशा में विस्तारित है।
👉 यह क्षेत्र राज्य का प्रमुख पर्वतीय एवं जल-विभाजक प्रदेश है।

राजस्थान के निम्नलिखित भौतिक (प्राकृतिक) क्षेत्रों में से कौन-सा क्षेत्र पाकिस्तान के साथ अपनी सीमा साझा करता है?

निम्नलिखित विकल्पों में से सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर चुनें: 

[पशु परिचर (6th Phase) 03.12.2024]

  • पूर्वी मैदानी क्षेत्र 

  • दक्षिण पूर्वी पठार क्षेत्र 

  • पश्चिमी रेगिस्तानी मैदान क्षेत्र 

  • अरावली क्षेत्र 

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान का पश्चिमी रेगिस्तानी मैदान क्षेत्र (पश्चिमी मरुस्थलीय प्रदेश) राज्य का वह भाग है जो पाकिस्तान के साथ अंतर्राष्ट्रीय सीमा साझा करता है।
👉 इस क्षेत्र में जैसलमेर, बाड़मेर, बीकानेर और गंगानगर जैसे जिले आते हैं।
👉 यहाँ की भौगोलिक विशेषताएँ हैं — बालुका स्तूप, रेतीले मैदान, और अत्यल्प वर्षा।
👉 यह क्षेत्र राजस्थान की अंतर्राष्ट्रीय सीमा का प्रमुख भाग है, जिसकी लम्बाई 1070 किमी है।

अरावली पर्वतमाला, राजस्थान की एक प्रसिद्ध विशेषता है, जो ___________ दिशा में चलती है। नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर चुनें। 

[JEN यांत्रिक विद्युत 06.02.2025]

  • दक्षिण-पश्चिम से दक्षिण - पूर्व 

  • दक्षिण - पूर्व से दक्षिण-पश्चिम 

  • उत्तर-पूर्व से दक्षिण-पश्चिम 

  • उत्तर-पश्चिम से उत्तर-पूर्व 

🔹 व्याख्या:

👉 अरावली पर्वत श्रृंखला भारत की सबसे पुरानी भूवैज्ञानिक संरचनाओं में से एक है।
👉 यह राजस्थान में फैली हुई है।
👉 इसका विस्तार उत्तर-पूर्व से दक्षिण-पश्चिम दिशा में है।

✍️ सही उत्तर है – उत्तर-पूर्व से दक्षिण-पश्चिम 

राजस्थान में कर्क रेखा, राज्य के दक्षिण सिरे से निम्नलिखित में से किस जगह के निकट से गुज़रती है ?

[4th Grade 5th Phase) 21.09.2025]

  • जयपुर

  • राजसमंद

  • बूंदी

  • बांसवाड़ा

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान में कर्क रेखा बांसवाड़ा जिले के दक्षिण सिरे के निकट से होकर गुजरती है।
👉 यह कर्क रेखा डूंगरपुर जिले को भी स्पर्श करती है।
👉 कर्क रेखा बांसवाड़ा शहर के सबसे निकट गुजरती है, जो राज्य का सबसे दक्षिणी शहर है।
👉 राजस्थान में कर्क रेखा की कुल लंबाई लगभग 26 किलोमीटर है।

✍️ सही उत्तर है – बांसवाड़ा 

राजस्थान के भौतिक स्वरूपों के सम्बन्ध में निम्नलिखित में सेकौन सा / कौन से कथन सत्य हैं ?

नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए 

  1. हाड़ौती पठार पश्चिमोत्तर में मुख्य सीमा भ्रंश द्वारा सीमांकित है । 
  2. पश्चिमी रेतीले मैदान का 41.50 प्रतिशत क्षेत्र बालुकास्तूप मुक्त प्रदेश है । 
  3. संरचनात्मक दृष्टि से राजस्थान के भौतिक स्वरूप भारत के उत्तरी बृहत् मैदान और प्रायद्वीपीय पठार का हिस्सा हैं 
  4. अरावली वर्तमान में अवशिष्ट पर्वतों के रूप में उपलब्ध है । 

ग्रामसेवक & छात्रा. अधीक्षक 18.12.2016

कूट : 

  • i, ii और iii

  • ii, iii और iv

  • i और iii

  • केवल iii

🔹 व्याख्या:

👉 हाड़ौती का पठार राज्य के दक्षिण-पूर्वी भाग में स्थित है, और इसका पश्चिमोत्तर भाग 'महान सीमा भ्रंश' (Great Boundary Fault) से सीमांकित है।
👉 पश्चिमी रेतीले मैदान का लगभग 41.5% भाग बालुकास्तूप-मुक्त (ड्यून-फ्री) क्षेत्र है।
👉 राजस्थान की भौमीय संरचना अत्यंत जटिल है, जिसमें प्रायद्वीपीय पठार और उत्तर भारत के मैदानी भाग दोनों के भौगोलिक स्वरूप समाहित हैं।

जैसलमेर जिले में बालू के टीलों को स्थानीय भाषा में कहा जाता है -  

[कनिष्ठ अनुदेशक (पलम्बर) 08.01.2025]

  • बागर  

  • भादर 

  • भाकर 

  • मगरा 

🔹 व्याख्या:

👉 जैसलमेर जिले में विस्तृत क्षेत्र बालुका स्तूपों से आच्छादित है, जिनमें विविध प्रकार के टीलों का विस्तार है।
👉 इस क्षेत्र में बरखान, रेखीय, तारा, पेराबोलिक, अवरोधी, तथा शब्र-काफीज प्रकार के टीलों की उपस्थिति दर्शाई गई है।
👉 बालू स्तूपों की ऊँचाई सामान्यतः 10 से 25 मीटर तक होती है और इनकी दिशा दक्षिण-पश्चिमी हवाओं के अनुरूप होती है।
👉 जैसलमेर का कुछ भाग रेतविहीन अवसादी शैलों से ढका है, जैसे आंकल वुड फॉसिल पार्क।

निम्नलिखित जिलों में से कौन-सा अर्ध-शुष्क क्षेत्र में शामिल नहीं है ?

[कनिष्ठ अनुदेशक  (Drafts) 04.01.2025]

  • झुंझुनू 

  • सीकर 

  • जोधपुर 

  • जयपुर 

🔹 व्याख्या:

👉 उप-आर्द्र जलवायु क्षेत्र के हैं (वर्षा 40–60 सेमी, स्तेपी वनस्पति)।
👉 सूचीबद्ध जिलों में जयपुर स्पष्ट रूप से शामिल है — यानी वह उप-आर्द्र क्षेत्र में आता है।
👉 इसलिए जयपुर को अर्ध-शुष्क क्षेत्र में शामिल नहीं माना जाएगा।

✍️ सही उत्तर है – जयपुर 

छत्रक शैल, स्थानांतरी रेतीले टीले और प्लाया भारत के निम्नलिखित में से किस क्षेत्र की विशेषताएँ हैं ? 

[CET (10+2) 23.10.2024 चतुर्थ चरण]

  • भारतीय मरुस्थल 

  • द्वीप 

  • तटीय मैदान 

  • प्रायद्वीपीय पठार 

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान का पश्चिमी मरुस्थलीय प्रदेश, जिसे भारतीय मरुस्थल (थार) कहा जाता है, अपनी विशिष्ट भू-आकृतिक संरचनाओं के लिए प्रसिद्ध है।
👉 इस क्षेत्र में स्थानांतरित रेतीले टीले (विशेषकर बरखान), खारे जल वाले प्लाया (जैसे लूनकरनसर, डीडवाना) तथा वायु अपरदन से बने शैल-स्वरूप (जैसे – ग्रेनाइट, नीस की चट्टानें) प्रमुख हैं।
👉 जैसलमेर, बाड़मेर, बीकानेर आदि क्षेत्रों में इन भू-स्वरूपों का प्रमुखता से विकास हुआ है।
👉 यह क्षेत्र अत्यधिक शुष्क, रेतीला और वायु क्रिया से प्रभावित है।

मुकन्दरा की पहाड़ियाँ अधिकतर विस्तारित हैं। 

[JEN (Civil डिप्लोमा) 16.10.2016]

  • बाँसवाड़ा जिले में 

  • कोटा जिले में

  • टोंक जिले में 

  • बूँदी जिले

🔹 व्याख्या:

👉 मुकन्दरा की पहाड़ियाँ राजस्थान के हाड़ौती पठार का भाग हैं और ये मुख्यतः कोटा जिले में विस्तारित हैं।
👉 इनकी लम्बाई लगभग 120 किलोमीटर है और ऊँचाई 335 से 503 मीटर तक पाई जाती है।
👉 चंदवाड़ी क्षेत्र में इनका सर्वोच्च शिखर 517 मीटर ऊँचा है।
👉 यह पर्वतमाला उत्तर-पश्चिम से दक्षिण-पूर्व दिशा में फैली हुई है।

अरावली तथा विन्ध्यन के मिलन स्थल का भ्रंश कहलाता है

[JEN (यांत्रिकी डिग्री) 21.08.2016]

  • मुख्य मध्यवर्ती भ्रंश 

  • मुख्य सीमा भ्रंश 

  • महान सीमा भ्रंश 

  • दिल्ली भ्रंश 

🔹 व्याख्या:

👉 अरावली एवं विन्ध्यन पर्वतमालाओं के मिलन स्थल पर स्थित भू-गर्भीय विचलन को महान सीमा भ्रंश (Great Boundary Fault) कहा जाता है।
👉 यह भ्रंश चित्तौड़गढ़ के बेगूँ से लेकर कोटा, सवाई माधोपुर और धौलपुर तक फैला है।
👉 यह राजस्थान की भू-गर्भिक संरचना की एक अत्यंत महत्त्वपूर्ण संरचनात्मक विशेषता है।
👉 इस क्षेत्र में भू-आकृतिक विविधता स्पष्ट रूप से देखी जाती है।

राजस्थान के भौतिक प्रदेशों के सम्बन्ध में निम्नलिखित कथनों का परीक्षण कीजिए तथा नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए- 

(i) राज्य के 61.11 प्रतिशत भू - क्षेत्र में पश्चिमी रेतीले मैदान का विस्तार है । 

(ii) राज्य के 9:60 प्रतिशत भू-क्षेत्र में अरावली पर्वतीय प्रदेश का विस्तार हैं । 

(iii) राज्य के 23.03 प्रतिशत भू-क्षेत्र में पूर्वी मैदान का विस्तार है । 

(iv) राज्य के 6.37 प्रतिशत भू-क्षेत्र में दक्षिण-पूर्वी पठारी प्रदेश का विस्तार है ।

[पटवारी मुख्य परीक्षा 24.12.2016]

कूट :- 

  • (i) और (iii) 

  • (iii) और (iv) 

  • केवल (i) 

  • (i), (ii) और (iii) 

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान का बड़ा हिस्सा पश्चिमी रेतीले मैदान में आता है।
👉 इसका विस्तार राज्य के कुल भू-क्षेत्र का 61.11% है।
👉 यह क्षेत्र थार मरुस्थल के अंतर्गत आता है।

✍️ सही उत्तर है – केवल (i) 

निम्न में से कौन - सा एक मरुस्थलीकरण का कारण नहीं है ? 

[उद्योग निरीक्षक परीक्षा 24.06.2018]

  • वनोन्मूलन 

  • कठोर मौसमी परिस्थितियाँ 

  • बढ़ती आबादी

  • अम्लीय भूमि का प्रयोग करना

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान में मरुस्थलीकरण के प्रमुख कारण हैं — वनों की कटाई, अनियंत्रित पशुचारण, वायु अपरदन, तथा मानवजनित क्रियाएँ।
👉 अम्लीय भूमि का प्रयोग मरुस्थलीकरण का कारण नहीं माना जाता, क्योंकि यह स्थिति विशेष रूप से अधिक वर्षा वाले क्षेत्रों से संबंधित होती है।
👉 मरुस्थलीकरण की प्रक्रिया मुख्यतः शुष्क एवं अर्द्ध-शुष्क क्षेत्रों में सक्रिय रहती है।
👉 अतः यह विकल्प मरुस्थलीकरण का कारण नहीं है।

निम्नलिखित में से राजस्थान में अरावली श्रृंखलाओं के संबंध में असत्य कथन को छाँटिये : (निम्न में से सबसे उपयुक्त विकल्प चुनें)  

[कनिष्ठ अनुदेशक (MNV) 07.01.2025]

  • बनास बेसिन इन श्रृंखलाओं के पश्चिम में स्थित है। 

  • अरावली श्रृंखलाओं का विस्तार उत्तरपूर्व से दक्षिणपश्चिम है । 

  • ये विश्व के प्राचीनतम पर्वतों में से एक है। 

  • इन शृंखलाओं की अनुमानित लम्बाई 692 किमी है। 

🔹 व्याख्या:

👉 अरावली पर्वत श्रृंखला का विस्तार उत्तर-पूर्व से दक्षिण-पश्चिम दिशा में है।
👉 यह श्रृंखला विश्व की प्राचीनतम पर्वतमालाओं में से एक मानी जाती है।
👉 इसका कुल अनुमानित विस्तार 692 किमी है, जो दिल्ली से लेकर गुजरात के पालनपुर तक फैला है।
👉 राजस्थान में यह पर्वतमाला लगभग 550 किमी लंबाई में फैली हुई है।

अरावली पर्वतमाला के किस भाग में सर्वाधिक संख्या में अन्तराल विद्यमान हैं ? 

[JEN Mechenical डिग्री 16.10.2016]

  • दक्षिणी एवं पश्चिमी

  • मध्यवर्ती एवं पूर्वी

  • उत्तरी एवं मध्यवर्ती

  • उत्तरी एवं दक्षिणी 

🔹 व्याख्या:

👉 अरावली पर्वतमाला के उत्तरी एवं मध्यवर्ती भाग में सर्वाधिक संख्या में अन्तराल (gaps) पाए जाते हैं।
👉 उत्तरी अरावली क्षेत्र में पर्वतमालाएँ अनवरत न होकर दूर-दूर फैली हैं, जैसे — शेखावाटी, तोरावाटी और जयपुर की पहाड़ियाँ।
👉 मध्य अरावली क्षेत्र में अजमेर, ब्यावर आदि स्थानों पर संकीर्ण घाटियाँ एवं दर्रे मिलते हैं।
👉 इन क्षेत्रों में पर्वत श्रेणियाँ टूटकर अलग-अलग खंडों में बँटी हुई दिखाई देती हैं।

राजस्थान के निम्नलिखित भूआकृतिक क्षेत्रों को पश्चिम से पूर्व के क्रम में व्यवस्थित करें। 

a. अरावली श्रंखला 

b. पश्चिमी थार मरुस्थल 

c. पूर्वी जलोढ़ मैदान 

d. केन्द्रीय पठारी पहाड़ियां 

नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर चुनें: 

[Driver Exam 23 Nov 2025]

  • a, c, b, d 

  • b, d, c, a 

  • b, d, a, c 

  • a, b, c, d 

🔹 व्याख्या

👉 पश्चिम से पूर्व क्रम में सबसे पहले पश्चिमी थार मरुस्थल आता है।
👉
इसके बाद केन्द्रीय पठारी पहाड़ियां स्थित हैं।
👉
फिर अरावली श्रंखला आती है।
👉
सबसे पूर्व में पूर्वी जलोढ़ मैदान स्थित है।

✍️ सही उत्तर है – b, d, a, c

थार मरूस्थल का सर्वाधिक विस्तार मिलता है : 

[JEN (कृषि) 12.07.2015]

  • इरान 

  • पाकिस्तान 

  • अफ्गानिस्तान

  • भारत 

🔹 व्याख्या:

👉 थार मरुस्थल भारत का सबसे विशाल मरुस्थलीय क्षेत्र है, जिसे भारत का विशाल मरुस्थल भी कहा जाता है।
👉 इसका विस्तार लगभग 1,75,000 वर्ग किमी क्षेत्र में है, जो मुख्यतः राजस्थान राज्य में फैला हुआ है।
👉 इसमें बालू के स्तूप, चट्टानी प्रदेश, शुष्क व अर्द्ध शुष्क भाग तथा अनेक भू-आकृतिक विविधताएँ सम्मिलित हैं।
👉 यह क्षेत्र राज्य के बारह से अधिक जिलों को आच्छादित करता है।

राजस्थान का निम्न में से कौन सा स्थान भारत के अनुसूचित मरुस्थल क्षेत्रों में नहीं है ?  

[CET (10+2) 24.10.2024 षष्टम चरण]

  • जोधपुर 

  • उदयपुर 

  • झुंझुनू 

  • जैसलमेर 

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान का पश्चिमी मरुस्थलीय प्रदेश राज्य का सबसे बड़ा भौगोलिक क्षेत्र है, जो थार मरुस्थल के अंतर्गत आता है।
👉 इसमें मुख्यतः बाड़मेर, जैसलमेर, बीकानेर, जोधपुर, चूरू, नागौर, गंगानगर, हनुमानगढ़ आदि जिले शामिल हैं।
👉 यह क्षेत्र रेतीले स्तूपों, अल्प वर्षा, और वायु क्रिया से बने भू-स्वरूपों के लिए जाना जाता है।
👉 इसके विपरीत, लूनी बेसिन और घग्घर मैदान जैसे कुछ भाग अर्ध-शुष्क हैं और इनकी विशेषताएँ मरुस्थल से कुछ भिन्न हैं।

मालवा पठार किसका विस्तार है ? [*]

[उद्योग प्रचार अधिकारी 22.07.2018]

  • हाड़ौती पठार

  • हिमालय का विस्तार 

  • चम्बल बेसिन पहाड़ियाँ 

  • दक्षिण अरावली 

🔹 व्याख्या:

👉 मालवा पठार का विस्तार राजस्थान में दक्षिणी-पूर्वी पठारी प्रदेश के रूप में होता है।
👉 यह भाग हाड़ौती का पठार कहलाता है, जो झालावाड़, कोटा, बारां और बूंदी जिलों में फैला है।
👉 इस क्षेत्र की औसत ऊँचाई लगभग 500 मीटर है और यह लावा मिश्रित शैलों से बना है।
👉 इसे मालवा के पठार का उत्तरी विस्तार माना जाता है।

चम्बल बेसिन की स्थलाकृति प्रधानतः है

[JEN Mechenical डिग्री 16.10.2016]

  • उत्खाती 

  • पर्वतीय

  • चूना प्रदेशीय 

  • गिरिपद पठार

🔹 व्याख्या:

👉 चम्बल बेसिन की स्थलाकृति मुख्यतः उत्खाती (Badland Topography) है।
👉 यह क्षेत्र कोटा, सवाई माधोपुर, करौली और धौलपुर जिलों में विस्तृत है।
👉 यहाँ की भूमि गहराई तक कटी-फटी, बीहड़युक्त और असमतल है।
👉 यह क्षेत्र राजस्थान के पूर्वी मैदानी प्रदेश का हिस्सा है।

पश्चिमी राजस्थान के रेतीले मैदान का कितना प्रतिशत क्षेत्र बालुकास्तूप – मुक्त है ?

[पटवारी मुख्य परीक्षा 24.12.2016]

  • 41.5 

  • 14.7

  • 18.6

  • 61.11

🔹 व्याख्या:

👉 पश्चिमी राजस्थान के रेतीले मैदान का लगभग 41.5% क्षेत्र बालुकास्तूप-मुक्त (ड्यून-फ्री) है।
👉 यह क्षेत्र मुख्यतः अवसादी शैलों से ढका हुआ है, जहाँ बालुका स्तूपों का अभाव है।
👉 जैसलमेर जिले का एक भाग ड्यून-मुक्त ट्रैक्ट के रूप में जाना जाता है।
👉 यहाँ स्थित आंकल वुड फॉसिल पार्क भूगर्भिक दृष्टि से विशिष्ट स्थल है।

राजस्थान का कौन - सा भौगोलिक क्षेत्र 'हाड़ौती के पठार' के रूप में जाना जाता है? 

निम्नलिखित विकल्पों में से सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर चुनें:  

[पशु परिचर (2nd Phase) 01.12.2024]

  • दक्षिण-पूर्वी पठारी क्षेत्र 

  • अरावली क्षेत्र 

  • पूर्वी मैदानी क्षेत्र 

  • अर्ध-शुष्क क्षेत्र 

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान का दक्षिण-पूर्वी पठारी क्षेत्र ही हाड़ौती के पठार के नाम से जाना जाता है।
👉 यह क्षेत्र मुख्यतः झालावाड़, कोटा, बारां और बूंदी जिलों में फैला हुआ है।
👉 यहाँ की चट्टानें लावा मिश्रित एवं विन्ध्य शैलों की होती हैं और औसत ऊँचाई 500 मीटर के आसपास है।
👉 इस क्षेत्र में मुकन्दरा और बूँदी की पहाड़ियाँ, चम्बल की सहायक नदियाँ, और रामगढ़ क्रेटर प्रमुख भू-आकृतिक विशेषताएँ हैं।

राजस्थान के इन क्षेत्रों में से कौन सा 'शुष्क उत्तर पश्चिमी मैदान' का एक भाग है ?  

[CET (10+2) 24.10.2024 षष्टम चरण]

  • गंगानगर 

  • बाड़मेर 

  • उत्तर पश्चिमी बीकानेर 

  • हनुमानगढ़ 

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान का बाड़मेर जिला राज्य के पश्चिमी मरुस्थलीय प्रदेश का एक प्रमुख भाग है।
👉 यह क्षेत्र अत्यधिक शुष्क, रेतीला और अल्प वर्षा वाला है, जहाँ पर मरुस्थलीय भू-स्वरूप प्रमुखता से विकसित हैं।
👉 बाड़मेर में बालुका स्तूप, चट्टानी धरातल, और वायु अपरदन से बने स्वरूप पाए जाते हैं।

निम्न लिखित कथनों पर विचार कीजिये : 

(A) अरावली पर्वत श्रेणियाँ विश्व की प्राचीनतम हैं । 

(B) अरावली प्रदेश अधात्विक खनिजों में सम्पन्न है । 

(C) अरावली राजस्थान में एक जल विभाजक का कार्य करते हैं । 

[अन्वेषक परीक्षा 21.08.2016]

सही उत्तर का चयन नीचे दिये कोड से कीजिये - 

कोड : 

  • A और C सही हैं । 

  • A और B सही हैं । 

  • A, B और C सही हैं ।

  • B और C सही हैं । 

🔹 व्याख्या:

👉 (A) कथन सत्य है — अरावली पर्वत श्रेणियाँ विश्व की प्राचीनतम पर्वतमालाओं में से एक हैं।
👉 (C) कथन सत्य है — अरावली पर्वतमाला राजस्थान में एक प्रमुख जल-विभाजक के रूप में कार्य करती है, जिसके पूर्व-पश्चिम में नदियाँ बहती हैं।

राजस्थान भू-क्षेत्र में अरावली पर्वतमाला की लम्बाई लगभग कितनी है ? 

[पशुधन सहायक (LSA) 16.10.2016]

  • 692 किलोमीटर 

  • 652 किलोमीटर

  • 710 किलोमीटर 

  • 550 किलोमीटर

🔹 व्याख्या:

👉 अरावली पर्वतमाला की राजस्थान राज्य में लम्बाई लगभग 550 किलोमीटर है।
👉 यह पर्वतमाला राज्य में उत्तर-पूर्व (खेतड़ी) से लेकर दक्षिण-पश्चिम (खेड़ ब्रह्मा) तक फैली हुई है।
👉 इसका कुल विस्तार दिल्ली से गुजरात के पालनपुर तक लगभग 692 किलोमीटर है।
👉 यह राज्य की प्राकृतिक, सांस्कृतिक और आर्थिक रेखा मानी जाती है। 

निम्नलिखित में से कौन-सा कथन राजस्थान में मरुस्थल के संदर्भ में सही नहीं है ? 

[कनिष्ठ अनुदेशक (ड्राइंग) 20.11.2024]

  • यह राजस्थान के एक चौथाई से भी कम क्षेत्र पर फैला हुआ है। 

  • मृदा में लवणीयता एवं क्षारीयता की समस्या। 

  • उच्च तापमान एवं निम्न वर्षा। 

  • चरागाहों में कमी, अनियंत्रित पशुचारण एवं वनों में कमी आदि नुकसानकारक गतिविधियाँ हैं।

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान के पश्चिमी मरुस्थलीय प्रदेश की प्रमुख विशेषताएँ हैं — उच्च तापमान एवं अत्यल्प वर्षा।
👉 इस क्षेत्र में चरागाहों की कमी, अनियंत्रित पशुचारण और वनों की कटाई जैसे मानवीय कारणों से मरुस्थलीकरण बढ़ा है।
👉 इसके अलावा, कई भागों में खारे जल के गर्त एवं मृदा की लवणीयता की समस्या भी पाई जाती है।
👉 अतः दिए गए सभी कथन मरुस्थलीय क्षेत्र के लिए सही हैं।

राजस्थान में छप्पन का मैदान विस्तीर्ण है - [*]

[JEN (यांत्रिक डिप्लोमा) 21.08.2016]

  • बांसवाड़ा, डूंगरपुर व चित्तौड़गढ़ जिलों में 

  • प्रतापगढ़ व बांसवाड़ा जिलों में 

  • उदयपुर व राजसमन्द जिलों में 

  • चित्तोड़गढ़ व प्रतापगढ़ जिलों में

📌 महत्वपूर्ण सूचना: यह प्रश्न परीक्षा बोर्ड द्वारा हटाया गया (डिलीट) माना गया है

निम्नलिखित में से राजस्थान का सबसे बड़ा भौगोलिक क्षेत्र (क्षेत्रफल के अनुसार) कौन सा है ?  

[CET (10+2) 22.10.2024 प्रथम चरण]

  • अर्ध शुष्क क्षेत्र 

  • पूर्वी मैदानी क्षेत्र 

  • अरावली क्षेत्र 

  • पश्चिमी मरुस्थलीय मैदानी क्षेत्र 

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान का सबसे बड़ा भौगोलिक क्षेत्र पश्चिमी मरुस्थलीय प्रदेश है, जिसे थार मरुस्थल भी कहा जाता है।
👉 यह क्षेत्र लगभग 1,75,000 वर्ग किमी में फैला है, जो राज्य के 12 से अधिक जिलों को सम्मिलित करता है।
👉 इसमें प्रमुख रूप से बालू रेत, बालुका स्तूप, चट्टानी क्षेत्र एवं अत्यल्प वर्षा पाई जाती है।
👉 यह प्रदेश राजस्थान का सबसे विशिष्ट भौगोलिक एवं पारिस्थितिकीय क्षेत्र है।

थार रेगिस्तान में तीन शहरों का रेगिस्तानी त्रिकोण शामिल है, वह है - (निम्न में से सबसे उपयुक्त विकल्प चुनें) [*]

[CET (स्नातक) 27.09.2024 द्वितीय चरण]

  • जैसलमेर - जोधपुर - बीकानेर 

  • जैसलमेर - जोधपुर - बाड़मेर 

  • बीकानेर - जैसलमेर - पाली 

  • बीकानेर - जैसलमेर - बाड़मेर 

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान का थार मरुस्थल राज्य के बाड़मेर, जैसलमेर और बीकानेर जैसे प्रमुख जिलों में फैला है।
👉 इस क्षेत्र में विशाल विस्तार वाले बालुका स्तूप, चट्टानी धरातल और शुष्क जलवायु पाई जाती है।
👉 इन जिलों में मरुस्थलीय विशेषताएँ जैसे – अल्प वर्षा, रेतीली सतह और वायु क्रिया के भू-स्वरूप प्रमुख हैं।
👉 यहाँ पर 70 किमी/घंटा तक की वायु गति और विविध प्रकार के बालुका स्तूप मिलते हैं।

राजस्थान के दक्षिण पूर्वी पठारी क्षेत्र को इस नाम से भी जाना जाता है: 

निम्नलिखित विकल्पों में से सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर चुनें:  

[पशु परिचर (3rd Phase) 02.12.2024]

  • मेवाड़ पहाड़ी 

  • बूंदी पठार 

  • हाड़ौती पठार 

  • बुन्देलखण्ड पठार 

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान का दक्षिण-पूर्वी पठारी क्षेत्र को ही हाड़ौती का पठार कहा जाता है।
👉 यह क्षेत्र मुख्यतः झालावाड़, कोटा, बारां और बूंदी जिलों में फैला हुआ है।
👉 इसमें लावा मिश्रित शैल, विन्ध्य शैल, तथा अर्द्ध चन्द्राकार पर्वतमालाएँ पाई जाती हैं।
👉 यहाँ की प्रमुख विशेषताएँ हैं — मुकन्दरा पहाड़ियाँ, रामगढ़ क्रेटर, और उपजाऊ नदी मैदान।

'गोडवार प्रदेश'__________से सम्बन्धित है।  

[कनिष्ठ अनुदेशक (फिटर) 20.11.2024]

  • चम्बल बेसिन 

  • घग्घर बेसिन 

  • बनास बेसिन 

  • लूनी-जवाई बेसिन 

🔹 व्याख्या:

👉 गोडवार प्रदेश राजस्थान के पश्चिमी मरुस्थलीय क्षेत्र का एक उप-प्रदेश है।
👉 यह मुख्यतः लूनी-जवाई बेसिन के रूप में जाना जाता है, जो पाली, जालौर, सिरोही, जोधपुर और नागौर के दक्षिणी भागों में फैला है।
👉 इस क्षेत्र में लूनी नदी और उसकी सहायक नदियाँ जैसे जवाई, गुहिया, बांडी आदि प्रवाहित होती हैं।
👉 यह सम्पूर्ण क्षेत्र जलोढ़ मैदान का निर्माण करता है और इसे ही गोडवार प्रदेश कहा जाता है।

थार मरुस्थाल की स्थलाकृति किस प्रकार के बालुकास्तूपों से पटी पड़ी है ? 

[JEN (Civil Degree) 21.08.2016]

  • पवनानुवर्ती 

  • बरखान 

  • पेराबोलिक

  • अनुप्रस्थ

🔹 व्याख्या:

👉 थार मरुस्थल की स्थलाकृति में प्रमुख रूप से पेराबोलिक बालुकास्तूपों का विस्तार है।
👉 इन स्तूपों का निर्माण मरुस्थलीय वनस्पति की उपस्थिति से होता है, जो रेत को बांधकर स्थायित्व प्रदान करती है।
👉 ये स्तूप थार के विभिन्न क्षेत्रों में व्यापक रूप से फैले होते हैं।
👉 इनका आकार पीछे से चौड़ा और सामने से संकरा होता है।

निम्न लिखित कथनों पर विचार कीजिये - 

A. मरुस्थलीकरण शुष्क एवं अर्द्ध-शुष्क प्रदेशों में भूमि का अवकर्षण है

B.  राजस्थान में मरुस्थलीकरण बालुकास्तूपों के स्थरीकरण में सहायक हैं

C.  वनोन्मूलन और अत्यधिक पशुचारण राजस्थान में मरुस्थलीकरण के मुख्य कारण हैं । 

नीचे दिये गये कोड ( कूट) से सही उत्तर का चयन कीजिये 

कोड ( कूट) -

[संकलनकर्ता परीक्षा 21.08.2016]

  • B और C सही 

  • A और B सही 

  • A, B और C सही 

  • A और C सही

🔹 व्याख्या:

👉 (A) कथन सत्य है — मरुस्थलीकरण एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें शुष्क और अर्द्ध-शुष्क क्षेत्रों में भूमि की गुणवत्ता का क्षय होता है।
👉 (B) कथन असत्य है — राजस्थान में मरुस्थलीकरण का प्रभाव बालुकास्तूपों के विस्तार में होता है, न कि उनके स्थिरीकरण में।
👉 (C) कथन सत्य है — वनोन्मूलन और अत्यधिक पशुचारण मरुस्थलीकरण के प्रमुख मानवीय कारण हैं, जो विशेष रूप से पश्चिमी राजस्थान में सक्रिय हैं।

रघुनाथगढ़ शिखर राजस्थान के निम्नलिखित में से किस क्षेत्र में स्थित है?

[JEN (Agriculture) 22.02.2025]

  • दक्षिण पूर्वी अरावली 

  • मध्य अरावली 

  • उत्तरी अरावली 

  • दक्षिणी अरावली 

🔹 व्याख्या:

👉 रघुनाथगढ़, = सीकर जिले में स्थित एक प्रमुख ऐतिहासिक और भौगोलिक स्थल है। यह अरावली पर्वतमाला की उत्तरी श्रृंखला की सबसे ऊँची चोटी के लिए प्रसिद्ध है, और यहाँ एक ऐतिहासिक किला भी स्थित है。1. भौगोलिक महत्व (सबसे ऊँची चोटी)यह स्थान उत्तरी अरावली की सबसे ऊँची चोटी माना जाता है, जिसकी समुद्र तल से ऊँचाई लगभग 1,055 मीटर है。यह चोटी सीकर जिले के शेखावाटी क्षेत्र में स्थित है。

✍️ सही उत्तर है – उत्तरी अरावली 

 राजस्थान भू-क्षेत्र में अरावली पर्वत श्रेणी की कुल लम्बाई है 

[पशुधन सहायक (LSA) 21.08.2016]

  • 550 किलोमीटर 

  • 490 किलोमीटर 

  • 1070 किलोमीटर 

  • 692 किलोमीटर

🔹 व्याख्या:

👉 अरावली पर्वत श्रेणी की कुल लम्बाई राजस्थान भू-क्षेत्र में लगभग 550 किलोमीटर है।
👉 यह पर्वत श्रृंखला राज्य के उत्तर-पूर्व में खेतड़ी से लेकर दक्षिण-पश्चिम में खेड़ ब्रह्मा तक फैली है।
👉 इसका कुल विस्तार दिल्ली से गुजरात के पालनपुर तक लगभग 692 किलोमीटर है।
👉 अरावली पर्वत राज्य का एक प्रमुख जल-विभाजक, नदियों का उद्गम स्थल, और प्राकृतिक रेखा है। 

राजस्थान के कुल क्षेत्रफल का कितना भाग थार मरुस्थल के अन्तर्गत आता है ? 

[पुस्तकालयाध्यक्ष 13.11.2016]

  • 56 प्रतिशत

  • 41 प्रतिशत 

  • 61 प्रतिशत

  • 52 प्रतिशत 

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान के कुल क्षेत्रफल का लगभग 61% भाग थार मरुस्थल के अंतर्गत आता है।
👉 इसका विस्तार लगभग 1,75,000 वर्ग किमी में है, जो राज्य के पश्चिमी भाग को घेरता है।
👉 इसमें जैसलमेर, बाड़मेर, बीकानेर, जोधपुर, चूरू, नागौर आदि जिले सम्मिलित हैं।
👉 यह प्रदेश अत्यधिक शुष्क, रेतीला और वायु अपरदन प्रधान है।

राजस्थान का मरुस्थल विश्व के इन्हीं अक्षांशों में स्थित अन्य मरुस्थलों से सर्वथा भिन्न है। यहाँ मरुस्थलीकरण प्रक्रिया के सम्बन्ध में क्या अवधारणा सटीक है ? 

ग्रामसेवक & छात्रा. अधीक्षक 18.12.2016

  • यह अतिचारण, अतिहलन, निर्वनीकरण, तथा मृदा व जल के अनुचित प्रबन्धन के कारण प्रारम्भ व प्रसारित होती है ।

  • यह हृदयस्थल से प्रारम्भ व प्रसारित होती है । 

  • यह शुष्क क्षेत्रों से प्रारम्भ व प्रसारित होती हैं । 

  • यह सूखे के कारण प्रारम्भ होती है । 

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान का मरुस्थल विश्व के समान अक्षांशीय अन्य मरुस्थलों से भिन्न है क्योंकि यहाँ मानवीय क्रियाओं से मरुस्थलीकरण की प्रक्रिया अधिक प्रभावी है।
👉 यह प्रक्रिया विशेषतः अनियंत्रित पशुचारण (अतिचारण), अत्यधिक हल चलाना (अतिहलन), वनों की कटाई (निर्वनीकरण) तथा मृदा और जल के अनुचित प्रबंधन के कारण उत्पन्न हुई है।
👉 इस कारण शुष्क दशाओं का प्रसार हुआ और क्षेत्र धीरे-धीरे मरुस्थलीय रूप में परिवर्तित हो गया।
👉 यह स्थिति विशेषकर पश्चिमी राजस्थान में देखी जाती है।

“छप्पन मैदान” राजस्थान के निम्नलिखित में से किस बेसिन से संबंधित है? (निम्न में से सबसे उपयुक्त विकल्प चुनें)

[4th Grade (3rd Phase) 20.09.2025]

  • माही बेसिन

  • बनास बेसिन

  • लूनी बेसिन

  • साबरमती बेसिन

🔹 व्याख्या:

👉 "छप्पन का मैदान" राजस्थान के माही बेसिन से संबंधित क्षेत्र है।
👉 यह मैदान बांसवाड़ा और प्रतापगढ़ जिलों के बीच स्थित है।
👉 माही नदी एवं उसकी सहायक नदियों द्वारा इस क्षेत्र की उपजाऊ मिट्टी का निर्माण हुआ है।
👉 इस क्षेत्र में 56 गांवों के समूह के कारण इसका नाम "छप्पन" पड़ा है ।

✍️ सही उत्तर है – माही बेसिन  

राजस्थान के किस भौगोलिक क्षेत्र में मुकुन्द्रा और बूंदी की पहाड़ियाँ स्थित हैं? 

निम्नलिखित विकल्पों में से सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर चुनें:  

[पशु परिचर (4th Phase) 02.12.2024]

  • पश्चिमी मरुस्थलीय मैदानी क्षेत्र 

  • अरावली क्षेत्र 

  • पूर्वी मैदानी क्षेत्र 

  • दक्षिण पूर्वी पठारीय क्षेत्र 

🔹 व्याख्या:

👉 मुकुन्दरा और बूंदी की पहाड़ियाँ राजस्थान के दक्षिण-पूर्वी पठारी क्षेत्र में स्थित हैं।
👉 यह क्षेत्र हाड़ौती पठार के नाम से भी जाना जाता है और इसमें झालावाड़, कोटा, बारां और बूंदी जिले शामिल हैं।
👉 ये पहाड़ियाँ अर्द्ध चन्द्राकार रूप में फैली हैं और भू-आकृतिक दृष्टि से यह क्षेत्र अत्यंत विविधतापूर्ण है।
👉 इस क्षेत्र की औसत ऊँचाई 500 मीटर के आसपास है।

छप्पन का मैदान किन के बीच स्थित है 

[पर्यवेक्षक परीक्षा 29.11.2015]

  • बांसवाड़ & डूंगरपुर 

  • बांसवाड़ा & कुशलगढ़

  • प्रतापगढ़ & बांसवाड़ा 

  • चित्तोडगढ & प्रतापगढ 

🔹 व्याख्या:

👉 छप्पन का मैदान राजस्थान के दक्षिण-पूर्वी भाग में स्थित एक असमतल मैदानी क्षेत्र है।
👉 यह क्षेत्र मुख्यतः प्रतापगढ़ और बाँसवाड़ा जिलों के बीच फैला हुआ है।
👉 इस मैदान का नाम यहाँ के छप्पन ग्राम समूह के आधार पर पड़ा है।
👉 इसे मध्य माही बेसिन भी कहा जाता है, जो माही नदी की सहायक नदियों द्वारा सिंचित है।

वर्तमान राजस्थान के कौन से क्षेत्र महाभारत काल में जांगल देश के नाम से जाने जाते थे ?

[संगणक परीक्षा 05.05.2018]

  • अलवर - भरतपुर

  • बांसवाड़ा - प्रतापगढ़

  • उदयपुर - डुंगरपुर 

  • बीकानेर - जोधपुर

🔹 व्याख्या:

👉 बीकानेर और जोधपुर जिले पश्चिमी मरुस्थलीय प्रदेश में आते हैं, जो लगभग 1,75,000 वर्ग किमी क्षेत्र में फैला है।
👉 यह क्षेत्र थार मरुस्थल का भाग है, जहाँ रेतीले स्तूप, चूना पत्थर के प्रकटीकरण और वायु अपरदन की तीव्र क्रियाएँ पाई जाती हैं।
👉 यहाँ की जलवायु अत्यधिक शुष्क, भूमि रेतीली, और वनस्पति विरल होती है।

निम्नलिखित में कौन-सी भू-आकृति राजस्थान में नहीं पायी जाती है? 

निम्नलिखित विकल्पों में से सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर चुनें:  

[पशु परिचर (6th Phase) 03.12.2024]

  • थार मरुस्थल 

  • अरावली पर्वत 

  • हाड़ौती पठार 

  • कोरोमण्डल तट 

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान में प्रमुख भू-आकृतियाँ हैं — अरावली पर्वत, थार मरुस्थल (पश्चिमी मरुस्थलीय प्रदेश) और हाड़ौती पठार (दक्षिण-पूर्वी पठारी क्षेत्र)। कोरोमंडल तट (Coromandel Coast) भारतीय प्रायद्वीप के दक्षिण-पूर्वी छोर पर स्थित एक विस्तृत और ऐतिहासिक तटीय मैदान है। यह मुख्य रूप से तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश के तटीय क्षेत्रों में फैला हुआ है, जो उत्तर में कृष्णा नदी के मुहाने से लेकर दक्षिण में कन्याकुमारी (या प्वाइंट कैलिमेरे) तक स्थित है।
👉 अरावली पर्वतमाला राज्य की प्रमुख जलविभाजक रेखा है, जो उत्तर-पूर्व से दक्षिण-पश्चिम तक फैली है।
👉 थार मरुस्थल राजस्थान के पश्चिमी जिलों में फैला है और यह भारत का सबसे बड़ा मरुस्थलीय क्षेत्र है।
👉 हाड़ौती पठार दक्षिण-पूर्व में स्थित है, जहाँ लावा मिश्रित शैलों और नदी मैदानों का विस्तार है।

ऊपरमाल राजस्थान के किस भौतिक प्रदेश का हिस्सा है ? 

[पशुधन सहायक (LSA) 16.10.2016]

  • नागौर पठार

  • दक्षिण-पूर्वी पठार

  • करौली पठार 

  • दक्षिणी पर्वतीय 

🔹 व्याख्या:

👉 ऊपरमाल राजस्थान के दक्षिण-पूर्वी पठारी प्रदेश का हिस्सा है।
👉 यह क्षेत्र हाड़ौती के पठार के नाम से भी जाना जाता है, जो मालवा पठार का उत्तरी विस्तार है।
👉 यहाँ की औसत ऊँचाई लगभग 500 मीटर है और यह भाग मुख्यतः झालावाड़, कोटा, बारां और बूंदी जिलों में फैला है।
👉 इस क्षेत्र में अर्द्ध चन्द्राकार पर्वत श्रेणियाँ और नदी निर्मित मैदान भी मिलते हैं।

अरावली पर्वत श्रृंखला निम्नलिखित में से किस भूभाग का हिस्सा है? 

(निम्न में से सबसे उपयुक्त विकल्प चुनें) 

[जेल प्रहरी (Shift-2nd) 12.04.2025]

  • गोंडवाना भूमि 

  • हिमालय क्षेत्र 

  • अंगारालैंड 

  • पूर्वांचल 

🔹 व्याख्या:

👉 अरावली पर्वत श्रृंखला गोंडवाना भूमि का हिस्सा है।
👉 यह भारत की सबसे प्राचीन पर्वत श्रृंखलाओं में गिनी जाती है।
👉 इसे दुनिया की सबसे पुरानी वलित पर्वत श्रृंखलाओं में माना जाता है।

✍️ सही उत्तर है – गोंडवाना भूमि 

दक्षिणी पूर्वी पठार के दो भाग हैं ? 

[पर्यवेक्षक परीक्षा 29.11.2015]

  • उपरोक्त में से कोई नही

  • ऊपर माल का पठार एवं भोराट का पठार 

  • पोतवार का पठार एवं दक्खन का पठार 

  • विन्ध्यन का पठार दक्खन का पठार 

🔹 व्याख्या:

👉 दक्षिणी-पूर्वी पठारी प्रदेश को सामान्यतः हाड़ौती का पठार कहा जाता है, जो मालवा पठार का ही विस्तार है।
👉 इसमें दो प्रमुख भू-आकृतिक क्षेत्र शामिल हैं — एक ओर विन्ध्य शैलों वाला पठार, दूसरी ओर लावा मिश्रित शैलों का क्षेत्र।
👉 यह प्रदेश झालावाड़, कोटा, बारां और बूंदी जिलों में फैला हुआ है, जिसकी ऊँचाई लगभग 500 मीटर है।
👉 यहाँ की मुख्य पर्वत श्रेणियाँ हैं — मुकन्दरा और बूँदी की अर्द्ध चन्द्राकार पहाड़ियाँ।

घग्घर का मैदान राजस्थान के किस भौगोलिक विभाजन का एक उपक्षेत्र है? 

निम्नलिखित विकल्पों में से सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर चुनें: 

[पशु परिचर (6th Phase) 03.12.2024]

  • पश्चिमी मरुस्थलीय मैदान क्षेत्र 

  • पूर्वी मैदानी क्षेत्र 

  • अरावली क्षेत्र 

  • अर्द्ध-शुष्क क्षेत्र 

🔹 व्याख्या:

👉 घग्घर का मैदान राजस्थान के पश्चिमी मरुस्थलीय प्रदेश का एक उप-प्रदेश है।
👉 यह क्षेत्र मुख्यतः गंगानगर और हनुमानगढ़ जिलों में विस्तृत है, जहाँ घग्घर नदी की बाढ़ से समतल मैदान का निर्माण हुआ है।
👉 इस भाग में सिंचाई की सुविधा के विस्तार से मरुस्थलीय परिदृश्य में परिवर्तन हुआ है।
👉 यहाँ की जलवायु अपेक्षाकृत कम शुष्क है, इसलिए इसे एक अर्द्ध-शुष्क क्षेत्र भी माना जा सकता है।

उस रेगिस्तान के नाम का चयन कीजिए जो राजस्थान प्रदेश में स्थित है। 

निम्नलिखित विकल्पों में से सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर चुनें:  

[पशु परिचर (4th Phase) 02.12.2024]

  • कोल्ड रेगिस्तान 

  • ग्रेट बेसिन रेगिस्तान 

  • थार रेगिस्तान 

  • कालाहारी रेगिस्तान 

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान राज्य में स्थित थार रेगिस्तान को ही पश्चिमी मरुस्थलीय प्रदेश कहा जाता है।
👉 इसका विस्तार लगभग 1,75,000 वर्ग किमी में है और यह भारत का सबसे बड़ा मरुस्थल है।
👉 इसमें प्रमुख रूप से बाड़मेर, जैसलमेर, बीकानेर, जोधपुर, नागौर, चूरू, गंगानगर जैसे जिले आते हैं।
👉 इसे 'भारत का विशाल मरुस्थल' या 'थार मरुस्थल' कहा जाता है।

निम्नलिखित में से कौन-सा क्षेत्र राजस्थान के दक्षिण-पूर्वी मैदान (हाड़ौती पठार) से संबंधित है? (निम्न में से सबसे उपयुक्त विकल्प चुनें)

[4th Grade 6th Phase) 21.09.2025]

  • बारां

  • अजमेर

  • सिरोही

  • अलवर

🔹 व्याख्या:

👉 हाड़ौती पठार में कोटा, बूंदी, झालावाड़ और बारां जिले शामिल होते हैं।
👉 यह पठार राजस्थान के दक्षिण-पूर्वी भाग में स्थित है।
👉 इसे हाड़ौती पठार या लावा पठार कहा जाता है और यह मालवा पठार का उत्तरी भाग है।
👉 सिरोही, अजमेर और अलवर जिले इस पठार के अंतर्गत नहीं आते हैं।

✍️ सही उत्तर है – बारां 

वर्तमान में अरावली पर्वत विद्यमान हैं। 

[JEN (Civil Diploma) 21.08.2016]

  • वलित पर्वतों के रूप में 

  • ब्लॉक पर्वतों के रूप में 

  • अवशिष्ट पर्वतों के रूप में

  • संगृहीत पर्वतों के रूप 

🔹 व्याख्या:

👉 वर्तमान में अरावली पर्वत राजस्थान में अवशिष्ट पर्वतों (Residual Mountains) के रूप में विद्यमान हैं।
👉 यह पर्वत श्रृंखला विश्व की प्राचीनतम पर्वतमालाओं में से एक है, जो कटाव व अपरदन से अत्यधिक प्रभावित हो चुकी है।
👉 इसकी लम्बाई राजस्थान में लगभग 550 किमी है और यह उत्तर-पूर्व से दक्षिण-पश्चिम दिशा में फैली हुई है।
👉 यह राज्य की एक प्रमुख भौगोलिक रेखा मानी जाती है।

बाप बोल्डर्स युग से सम्बंधित है ? 

[पर्यवेक्षक परीक्षा 29.11.2015]

  • डिवांनियन

  • जुरासिक 

  • साइलूरियन 

  • कार्बोनीफेरस 

🔹 व्याख्या:

👉 बाप बोल्डर बैड राजस्थान के जोधपुर जिले में स्थित एक विशेष शैल संरचना है।
👉 यह परमियन-कार्बोनीफेरस युग से संबंधित है और इसे हिम-वाहित निक्षेप माना गया है।
👉 इसमें गोलाकार एवं अर्द्धगोलाकार गोलाश्म, बटिया, गटिया पाए जाते हैं, जिन पर घर्षण रेखाएँ होती हैं।
👉 ये निक्षेप मुख्यतः मालानी आग्नेय शैल, अरावली व विन्ध्य शैलों पर स्थित हैं।

निम्नलिखित स्थलरूपों में से कौनसा राजस्थान के मरूस्थल से संबंधित नहीं है ? 

1. बालूका स्तूप 

2. बरखान 

3. ऑक्स बो झील (गोखुर झील)  

कनिष्ठ अनुदेशक (रेफ्रिजरेशन) 18.11.2024

  • केवल 3 

  • केवल 1 और 2 

  • सभी 1, 2 और 3 

  • केवल 1 

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान के मरुस्थलीय प्रदेश में प्रमुख स्थलरूप हैं — बालूका स्तूप, बरखान, पेराबोलिक, तारा एवं अवरोधी टीलों के स्वरूप।
👉 ये सभी स्थलरूप वायु अपरदन और रेतीली मिट्टी के जमाव से बनते हैं।
👉 जबकि ऑक्स बो झील (गोखुर झील) एक नदीय स्थलरूप है, जो कटाव व मोड़ वाली नदियों में बनती है — यह मरुस्थलीय भू-स्वरूप नहीं है।
👉 अतः यह स्थलरूप राजस्थान के मरुस्थल से संबंधित नहीं है।

निम्नलिखित में से कौन-सा "पश्चिमी मरु प्रदेश" का उप-प्रदेश नहीं है ?  

[कनिष्ठ अनुदेशक (रोजगार) 18.11.2024]

  • लूणी बेसिन 

  • अन्तःस्थलीय प्रवाह का मैदान 

  • घग्घर का मैदान 

  • मध्य माही एवं छप्पन बेसिन 

🔹 व्याख्या:

👉 पश्चिमी मरुस्थलीय प्रदेश के चार उप-प्रदेश हैं:
 (1) शुष्क रेतीला अथवा मरुस्थलीय प्रदेश
 (2) लूनी-जवाई बेसिन (गोडवार प्रदेश)
 (3) शेखावाटी प्रदेश (बांगर प्रदेश)
 (4) घग्घर का मैदान

राजस्थान में मरुस्थलीकरण का मानवजनित कारण नहीं है - [*]

[पशुधन सहायक (LSA) 21.08.2016]

  • प्रौद्योगिकी विकास

  • भूमि उपयोग में परिवर्तन

  • जनसंख्या दबाव

  • अतिचारण 

📌 महत्वपूर्ण सूचना: यह प्रश्न परीक्षा बोर्ड द्वारा हटाया गया (डिलीट) माना गया है 

शेखावाटी क्षेत्र राजस्थान के निम्नलिखित में से किस भू-आकृतिक विभाजन का भाग है? 

निम्नलिखित विकल्पों में से सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर चुनें:  

[पशु परिचर (5th Phase) 03.12.2024]

  • पूर्वी मैदानी क्षेत्र 

  • पश्चिमी मरुस्थली मैदानी क्षेत्र 

  • अरावली क्षेत्र 

  • अर्ध-शुष्क क्षेत्र 

🔹 व्याख्या:

👉 शेखावाटी क्षेत्र राजस्थान के पश्चिमी मरुस्थलीय प्रदेश का एक उप-प्रदेश है।
👉 यह क्षेत्र मुख्यतः झुंझुनूं, सीकर, चूरू एवं नागौर जिलों में फैला है।
👉 यहाँ की जलवायु अपेक्षाकृत अधिक वर्षा युक्त होने के कारण इसे अर्ध-शुष्क क्षेत्र भी माना जाता है।
👉 इस क्षेत्र में अंतःप्रवाही धाराएँ, स्थानीय नदियाँ, और लवणीय गर्त पाए जाते हैं।

बालूका स्तूपों का प्रकार नही है। 

[पर्यवेक्षक परीक्षा 29.11.2015]

  • इन्सलबर्ग

  • बरखान 

  • नही रेकिय 

  • पेराबोलिक 

🔹 व्याख्या:

👉 इन्सलबर्ग बालूका स्तूप नहीं बल्कि एक शिलात्मक भू-आकृतिक रूप (rocky landform) है।
👉 यह भू-आकृति प्राचीन चट्टानों के अपरदन के बाद शेष बचे ऊँचे टुकड़ों को दर्शाती है।
👉 राजस्थान में बालूका स्तूपों के प्रमुख प्रकार हैं — रेखीय, बरखान, पेराबोलिक, तारा, अवरोधी और शन काफीज।

राजस्थान के किस क्षेत्र में मालवा पठार का विस्तार है ? 

[JEN (Civil डिप्लोमा) 16.10.2016]

  • पूर्वी 

  • दक्षिण पूर्वी

  • दक्षिण पश्चिमी 

  • उत्तर पूर्वी

🔹 व्याख्या:

👉 मालवा पठार का विस्तार राजस्थान के दक्षिण-पूर्वी भाग में स्थित है।
👉 यह क्षेत्र हाड़ौती का पठार कहलाता है, जो झालावाड़, कोटा, बारां और बूंदी जिलों में फैला है।
👉 यहाँ की औसत ऊँचाई लगभग 500 मीटर है और यह क्षेत्र लावा मिश्रित शैलों से बना है।
👉 यह मालवा पठार का उत्तरी विस्तार माना जाता है।

राजस्थान में कौन सा भू-क्षेत्र बीहड़ स्थलाकृति (RavineTopography) के लिए सम्पूर्ण भारत में जाना जाता है ? 

[पशुधन सहायक (LSA) 21.08.2016]

  • माही बेसिन

  • चम्बल बेसिन

  • बनास बेसिन

  • साबरमती बेसिन 

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान में चम्बल बेसिन भू-क्षेत्र को बीहड़ स्थलाकृति (Ravine Topography) के लिए सम्पूर्ण भारत में जाना जाता है।
👉 यह क्षेत्र मुख्यतः कोटा, करौली, सवाई माधोपुर और धौलपुर जिलों में फैला है।
👉 यहाँ की भूमि अत्यधिक कटी-फटी, असमतल और गहराई तक विच्छेदित होती है।
👉 यह भू-आकृति पूर्वी मैदानी प्रदेश का हिस्सा है।

मध्य अरावली श्रंखलाओं का विस्तार _________ के मध्य है। 

[कनिष्ठ अनुदेशक (वेल्डर) 07.01.2025] 

  • उदयपुर से अजमेर 

  • अजमेर से जयपुर 

  • आबू से जयपुर 

  • आबू से अजमेर 

🔹 व्याख्या:

👉 मध्य अरावली श्रेणियाँ मुख्यतः अजमेर जिले में विस्तृत हैं और इनका कुछ भाग जयपुर एवं टोंक जिलों में भी आता है।
👉 इस क्षेत्र में नाग पहाड़, तारागढ़, और सर्पिलाकार पर्वत शृंखलाएँ प्रमुख हैं।
👉 यहाँ की औसत ऊँचाई लगभग 700 मीटर है तथा चौड़ाई करीब 30 किमी तक होती है।

सिरोही जिले में तीव्र ढालयुक्त ऊबड़खाबड़ पहाड़ियों को स्थानीय भाषा में कहते हैं -

[JEN (Civil Diploma) 21.08.2016]

  • गिरवा

  • डांग

  • भाकर

  • छापर 

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान के सिरोही जिले में पाई जाने वाली तीव्र ढालयुक्त ऊबड़खाबड़ पहाड़ियों को स्थानीय भाषा में 'भाकर' कहा जाता है।
👉 ये पहाड़ियाँ दक्षिणी अरावली क्षेत्र का हिस्सा हैं और इनकी बनावट अत्यंत कटी-फटी व असमतल होती है।
👉 यह क्षेत्र जालोर पर्वत क्षेत्र से भी जुड़ा हुआ है, जहाँ कई ऊँचाई वाले शिखर मिलते हैं।
👉 भाकर स्थलाकृति का विस्तार पूर्वी सिरोही के भागों में अधिक होता है।

पूर्वी बेसिन मैदान का भाग नही हैं 

[पर्यवेक्षक परीक्षा 29.11.2015]

  • बनास बेसिन

  • चम्बल बेसिन 

  • छप्पन बेसिन 

  • लूनी बेसिन 

🔹 व्याख्या:

👉 छप्पन बेसिन राजस्थान के दक्षिण-पूर्वी भाग में स्थित है, जो मध्य माही बेसिन का हिस्सा है और इसका विस्तार बाँसवाड़ा, डूंगरपुर, चित्तौड़गढ़ तक है।
👉 बनास बेसिन एक विस्तृत मैदानी क्षेत्र है, जिसकी ऊँचाई 150 से 300 मीटर तक है और यह चित्तौड़गढ़, भीलवाड़ा, टोंक, अजमेर, जयपुर आदि जिलों में फैला है।
👉 चम्बल बेसिन की भूमि मुख्यतः उत्खात (बीहड़) स्थलाकृति वाली है और यह कोटा, सवाई माधोपुर, करौली, धौलपुर जिलों में विस्तृत है।
👉 ये तीनों बेसिन पूर्वी मैदानी प्रदेश का हिस्सा हैं।

छप्पन का मैदान राजस्थान के निम्नलिखित में से किस भौतिक क्षेत्र का हिस्सा है ? 

[खनिज कार्यदेशक 23.02.2025]

  • पश्चिमी शुष्क क्षेत्र 

  • अर्ध-शुष्क क्षेत्र 

  • दक्षिण-पूर्वी पठारी क्षेत्र 

  • पूर्वी मैदानी क्षेत्र 

🔹 व्याख्या:

👉 छप्पन का मैदान राजस्थान के पूर्वी मैदानी क्षेत्र का हिस्सा है।
👉 यह मध्य माही बेसिन के अंतर्गत आता है।
👉 इसका विस्तार प्रतापगढ़ और बांसवाड़ा जिलों के बीच है।

✍️ सही उत्तर है – पूर्वी मैदानी क्षेत्र 

राजस्थान में निम्न लिखित में से कौन सा प्रदेश उत्खात स्थलाकृति वाला है ? 

[अन्वेषक परीक्षा 21.08.2016]

  • बनास बेसिन

  • चम्बल बेसिन 

  • लूनी बेसिन 

  • भौराठ का पठार

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान में उत्खात स्थलाकृति वाला प्रमुख प्रदेश है — चम्बल बेसिन।
👉 यह क्षेत्र मुख्यतः कोटा, सवाई माधोपुर, करौली और धौलपुर जिलों में फैला हुआ है।
👉 यहाँ की भूमि अत्यधिक बीहड़युक्त, गहराई तक कटी-फटी और असमतल होती है।
👉 यह प्रदेश पूर्वी मैदानी क्षेत्र का हिस्सा है।

पश्चिमी राजस्थान का कितना क्षेत्र मरुस्थलीकरण से प्रभावित है ? (निम्न में से सबसे उपयुक्त विकल्प चुनें) 

[JEN सिविल डिग्री 22.02.2025]

  • 40% 

  • 30% से कम 

  • 60% से अधिक 

  • 45% 

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान का पश्चिमी भाग सबसे अधिक मरुस्थलीकरण प्रभावित क्षेत्र है।
👉 यहाँ का 60% से अधिक क्षेत्र मरुस्थलीकरण से प्रभावित है।
👉 यह प्रभाव मुख्यतः थार मरुस्थल में देखा जाता है।

✍️ सही उत्तर है – 60% से अधिक

राजस्थान में मरुस्थलीकरण के लिये कौन सा भौतिक कारण नहीं है ? 

[अन्वेषक परीक्षा 21.08.2016]

  • जलवायु परिवर्तन

  • बालू और बालुकास्तूपों का एकत्र होना

  • भूमि उपयोग में परिवर्तन 

  • वनोन्मूलन

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान में मरुस्थलीकरण के लिए प्रमुख भौतिक कारण हैं — शुष्क जलवायु, वायु अपरदन, कम वर्षा, और वनस्पति की कमी।
👉 जबकि भूमि उपयोग में परिवर्तन एक मानवीय कारण है, न कि भौतिक कारण।
👉 अतः यह मरुस्थलीकरण का भौतिक कारण नहीं माना जाता।
👉 भौतिक कारणों में प्राकृतिक तत्वों की भूमिका प्रमुख होती है।

निम्नलिखित में से कौन-सा “पूर्वी मैदान प्रदेश” का उप-प्रदेश है ? (निम्न में से सबसे उपयुक्त विकल्प चुनें) 

[कनिष्ठ अनुदेशक (ड्राइंग) 20.11.2024]

  • घग्घर का मैदान 

  • अन्तःस्थलीय प्रवाह का मैदान 

  • बनास - बाणगंगा बेसिन 

  • लूनी बेसिन 

🔹 व्याख्या:

👉 पूर्वी मैदान प्रदेश राजस्थान के उत्तर-पूर्व और दक्षिण-पूर्व में फैला एक विस्तृत मैदान है।
👉 इसके अंतर्गत मुख्य रूप से तीन उप-प्रदेश आते हैं — चम्बल बेसिन, बनास बेसिन, और छप्पन मैदान (मध्य माही बेसिन)।
👉 बनास बेसिन में बनास, कोठारी, बेड़च, गम्भीर, बाणगंगा जैसी कई नदियाँ बहती हैं।
👉 अतः बनास-बाणगंगा बेसिन, पूर्वी मैदान प्रदेश का एक उप-प्रदेश माना जा सकता है।

सेन्दड़ा स्टेशन के पास चट्टाने आकृति में पाई जाती है 

[पर्यवेक्षक परीक्षा 29.11.2015]

  • सर्पाकार 

  • भेषाकार 

  • भूसाकार 

  • इनमें से कोई नहीं

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान में कई क्षेत्रों में चट्टानों की सर्पाकार आकृति देखी जाती है, विशेषकर अरावली पर्वतीय प्रदेश में।
👉 अजमेर जिले के पश्चिम में स्थित पर्वत श्रेणियाँ नाग पहाड़ के नाम से जानी जाती हैं, जो सर्पिलाकार रूप में विस्तृत हैं।
👉 यह क्षेत्र मध्य अरावली प्रदेश का हिस्सा है, जहाँ कई स्थानों पर ऐसी आकृतियाँ पाई जाती हैं।
👉 यह भू-आकृति धरातली विविधता और भूगर्भीय संरचना का उदाहरण है।

राजस्थान के कितने प्रतिशत भू-भाग पर हाड़ौती का पठार फैला हुआ है? [*]

[JEN CIVIL कृषि 07.02.2025]

  • 17 प्रतिशत 

  • 9 प्रतिशत 

  • 6 प्रतिशत 

  • 15.8 प्रतिशत