भूमि की जैविक क्षमता का वितरण जो अंततः रेगिस्तान जैसी स्थिति पैदा कर सकता है उसे कहा जाता है: - (निम्न में से सबसे उपयुक्त विकल्प चुनें)
[जेल प्रहरी (Shift-2nd) 12.04.2025]
👉 मरुस्थलीकरण भूमि की जैविक क्षमता में कमी की प्रक्रिया है।
👉 इसमें उत्पादक भूमि धीरे-धीरे रेगिस्तान में परिवर्तित हो जाती है।
👉 यह प्रक्रिया मुख्यतः शुष्क, अर्ध-शुष्क व उप-नम भूमि में होती है।
👉 इसके कारण मानवीय गतिविधियाँ व जलवायु परिवर्तन प्रमुख हैं।
✍️ सही उत्तर है – मरुस्थलीकरण
राजस्थान में मृदा अपरदन एक प्रमुख चुनौती है। मृदा संरक्षण के प्रयासों में, निम्नलिखित में से किसको छोड़कर अन्य सभी शामिल हैं (सबसे उपयुक्त उत्तर चुनें):
[4th Grade 5th Phase) 21.09.2025]
👉 राजस्थान में मृदा अपरदन एक प्रमुख समस्या है, इसलिए विभिन्न मृदा संरक्षण उपाय अपनाए जाते हैं।
👉 संरक्षण उपायों में वनस्पति आवरण बढ़ाना, जल संरक्षण कार्य, कंटूर जुताई जैसी तकनीकें शामिल होती हैं।
👉 इन उपायों का उद्देश्य मिट्टी को स्थिर रखना और अपरदन को कम करना होता है।
👉 रासायनिक उर्वरकों के उपयोग में बढ़ोत्तरी मृदा संरक्षण का उपाय नहीं है, बल्कि यह मिट्टी की गुणवत्ता को हानि पहुँचा सकती है।
✍️ सही उत्तर है – रासायनिक उर्वरकों के उपयोग में बढ़ोत्तरी
दक्षिण-पूर्वी राजस्थान की काली उपजाऊ मृदा वाली रेती और चूना पत्थर शैल रचित रोकी फ़ीचर कहलाती है -
[4th Grade (2nd Phase) 19.09.2025]
👉 दक्षिण-पूर्वी राजस्थान में पाई जाने वाली काली उपजाऊ मृदा रेती और चूना पत्थर शैलों से निर्मित होती है।
👉 इस प्रकार की भू-आकृति को क्षेत्र में रोकी फीचर के रूप में जाना जाता है।
👉 इसकी संरचना काली मिट्टी और कठोर शैलों के कारण विशिष्ट मानी जाती है।
👉 यह भू-आकृति मुख्यतः डेक्कन लावा पठार की भौगोलिक विशेषताओं से संबंधित है।
✍️ सही उत्तर है – डेक्कन लावा पठार
निम्नलिखित में से किस मिट्टी में प्लास्टिसिटी सूचकांक अधिक है ?
[JEN (Civil Diploma) 11.02.2025]
👉 प्लास्टिकता सूचकांक (PI) = तरल सीमा – प्लास्टिक सीमा।
👉 यह मिट्टी की पानी धारण व बिना विखण्डन गुजरने की क्षमता दर्शाता है।
👉 यदि तरल सीमा प्लास्टिक सीमा से अधिक न हो, तो मिट्टी को गैर-प्लास्टिक माना जाता है।
👉 यह विशेष रूप से गीली व महीन कण वाली मिट्टी के गुणों का महत्वपूर्ण सूचक है।
✍️ सही उत्तर है – मिट्टी
नीचे दो कथन दिए गए हैं : एक अभिकथन A (Assertion A) के रूप में लिखित है तो दूसरा उसके कारण R (Reason R) के रूप में।
अभिकथन A : मरूस्थलीकरण की प्रक्रिया में ऊपजाऊ भूमि, शुष्क एवं अनुपजाऊ भूमि में परिवर्तित हो जाती है।
कारण R : मरूस्थल की मृदा में उर्वरता और खाद-मिट्टी (ह्यूमस) की मात्रा उच्च होती है।
उपरोक्त कथनों के आलोक में, नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर का चयन कीजिए :
[REET Mains L-2 Eng) 19.01.2026]
🔹 व्याख्या
👉
मरूस्थलीकरण
प्रक्रिया
में उपजाऊ
भूमि
अनुपजाऊ बनती
है।
👉
इसलिए
अभिकथन
A
तथ्यात्मक
रूप से सही
है।
👉
जबकि
मरूस्थल
मृदा में
ह्यूमस
मात्रा
बहुत कम होती
है।
👉
अतः
कारण R
तथ्यात्मक
रूप से सही
नहीं है।
✍️ सही उत्तर है – A सही है लेकिन R सही नहीं है।
निम्नलिखित में से कौन-सा मिट्टी के क्षरण का लक्षण नहीं माना जाता है? (नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर का चुनाव करें)
[4th Grade (1st Phase) 19.09.2025]
👉 अधिक ह्यूमस मात्रा मिट्टी के क्षरण का लक्षण नहीं है, बल्कि यह मिट्टी के स्वास्थ्य का सकारात्मक संकेत है।
👉 अधिक ह्यूमस मिट्टी को उपजाऊ बनाता है और पोषक तत्वों की मात्रा बढ़ाता है।
👉 मिट्टी के वास्तविक क्षरण लक्षणों में अधिक मृदा लवणता शामिल होती है।
👉 क्षरण का अन्य प्रमुख संकेत मृदा अपरदन में बढ़ोत्तरी है।
👉 इसी प्रकार उच्च रासायनिक विषाक्तता भी मिट्टी क्षरण का लक्षण है।
✍️ सही उत्तर है – अधिक ह्यूमस मात्रा
______________ पूर्वी राजस्थान में पाई जाने वाली सबसे अधिक उत्पादक मिट्टी है।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर चुनें।
[JEN (Civil Diploma) 11.02.2025]
👉 जलोढ़ मिट्टी अलवर, भरतपुर, जयपुर, सवाई माधोपुर और गंगानगर जिलों में पाई जाती है।
👉 इसमें चूना, फॉस्फोरिक अम्ल व ह्यूमस की कमी होती है।
👉 इसकी बनावट मृदा से रेतीली दोमट तक भिन्न होती है।
👉 टोपोसिल्स में कंकर पाया जाता है, जो रेतीली खंडों पर स्थित रहता है।
👉 इस मिट्टी में गेहूँ, चावल, कपास, तम्बाकू सहित विभिन्न फसलें उगाई जाती हैं।
✍️ सही उत्तर है – जालोद मिट्टी
निम्नलिखित में से कौन सा मृदा जल संचरण इसके कारण से सही ढंग से मेल खाता है?
[JEN (Agriculture) 22.02.2025]
👉 मृदा जल संचरण के विभिन्न प्रकार होते हैं।
👉 बाह्य वाष्प संचरण का अर्थ है – सतह से जल का प्रत्यक्ष वाष्पीकरण।
👉 अतः इसका कारण सही मेल खाता है।
✍️ सही उत्तर है – बाहय वाष्प संचरण - मृदा जल का सतही वाष्पीकरण
सूची-I को सूची -II से सुमेलित कीजिए :
|
सूची-I (मृदा के प्रकार) |
सूची -II (सर्वाधिक महत्वपूर्ण विशेषताएं) |
|
a. लाल पीली मृदा |
I. रेतीली दोमट संरचना होती है। |
|
b. मरुस्थली मृदा |
II. लौह अंश की मौजूदगी |
|
c. काली मृदा |
III. जल धारण एवं शोषण क्षमता कम पायी जाती है। |
|
d. जलोढ़ मृदा |
IV. चीका प्रधान मृदा |
नीचे दिए गए विकल्पों में से सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर चुनिए:
[पशु परिचर (3rd Phase) 02.12.2024]
👉 लाल-पीली मृदा में लौह अंश की मौजूदगी होती है — (a - II)
👉 मरुस्थलीय मृदा में जल धारण एवं शोषण क्षमता कम होती है — (b - III)
👉 काली मृदा एक चीका प्रधान मृदा होती है — (c - IV)
👉 जलोढ़ मृदा की संरचना रेतीली दोमट होती है — (d - I)
राजस्थान में "रेंगती मृत्यु" शब्द का प्रयोग किसे दर्शाने के लिये किया जाता है ? (निम्न में से सबसे उपयुक्त विकल्प चुनें)
[कनिष्ठ अनुदेशक (ICT) 04.01.2025]
👉 राजस्थान में मृदा की उत्पादकता ही क्षेत्रीय कृषि विकास का एक आधार होती है।
👉 मृदा में प्राकृतिक और मानवीय कारणों से समस्या उत्पन्न होती है।
👉 इनमें मृदा का क्षारीय एवं लवणीय होना एक प्रमुख समस्या है।
👉 ऐसी स्थिति को ही "रेंगती मृत्यु" के रूप में दर्शाया जाता है।
कॉलम I में मृदा के प्रकार को कॉलम II में सर्वाधिक पाये जाने वाले क्षेत्र से मिलान कीजिए।
|
कॉलम I (मृदा के प्रकार) |
कॉलम II (क्षेत्र) |
|
1. मरु मृदा |
a. जयपुर |
|
2. जलोढ़ मृदा |
b. बूंदी |
|
3. लैटेराइट मृदा |
c. डूंगरपुर |
|
4. काली मृदा |
d. जैसलमेर |
निम्न में से सबसे उपयुक्त विकल्प चुनें:
[कनिष्ठ अनुदेशक (टर्नर) 09.01.2025]
👉 मरु मृदा का विस्तार जैसलमेर जैसे पश्चिमी जिलों में होता है — (1 - d)
👉 जलोढ़ मृदा का विस्तार जयपुर सहित पूर्वी जिलों में होता है — (2 - a)
👉 लाल-लोमी मृदा डूंगरपुर जिले में पाई जाती है — (3 - c)
👉 काली मृदा का विस्तार बूंदी जिले में होता है — (4 - b)
निम्नलिखित में से किस जिले में प्रधानतः जलोढ मृदा नहीं है ?
कनिष्ठ अनुदेशक (कंप्यूटर प्रयो.) 16.11.2024
👉 जलोढ़ मृदा का विस्तार भरतपुर, धौलपुर, दौसा, जयपुर, टोंक और सवाई माधोपुर जिलों में होता है।
👉 बीकानेर जिला मरुस्थलीय व रेतीली मृदा क्षेत्र में आता है।
👉 अतः बीकानेर में प्रधानतः जलोढ़ मृदा नहीं पाई जाती।
राजस्थान में मिश्रित लाल-काली मृदा _________ ज़िलों में पाई जाती है। (निम्न में से सबसे उपयुक्त विकल्प चुनें)
[कनिष्ठ अनुदेशक (कोस्मेटो) 08.01.2025]
👉 मिश्रित लाल-काली मृदा राजस्थान के भीलवाड़ा, उदयपुर (पूर्वी भाग), चित्तौड़गढ़, डूंगरपुर एवं बाँसवाड़ा जिलों में पाई जाती है।
👉 यह मृदा मालवा की काली मिट्टी का विस्तार है।
👉 इसमें फास्फेट, नाइट्रोजन, कैल्शियम और कार्बनिक पदार्थों की कमी होती है।
निम्नलिखित में से कौन-सा लैटेराइट मृदा का लक्षण नहीं है ? (निम्न में से सबसे उपयुक्त विकल्प चुनें)
[कनिष्ठ अनुदेशक (टर्नर) 09.01.2025]
👉 राजस्थान की मृदाएँ चट्टानों के विखण्डन, जलवायु, वनस्पति एवं जैविक प्रभावों से विकसित होती हैं।
👉 मृदा की सतह सामान्यतः 30 से 40 से.मी. मानी जाती है, पर यह 150 से.मी. या अधिक भी हो सकती है।
👉 मृदा की प्राकृतिक उत्पादकता ही क्षेत्रीय कृषि विकास का आधार होती है।
राजस्थान में जलोढ़ मृदा के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही नहीं है ?
[CET (10+2) 23.10.2024 तृतीय चरण]
👉 जलोढ़ मृदा राजस्थान के पूर्वी जिलों में पाई जाती है।
👉 इसमें नाइट्रोजन, चूना, फास्फोरिक अम्ल एवं ह्यूमस की कमी होती है।
👉 अतः यह कहना कि इसमें नाइट्रोजन की पर्याप्त मात्रा होती है, सही नहीं है।
राजस्थान राज्य आर्द्रभूमि प्राधिकरण का गठन वर्ष में किया गया है।
[कनिष्ठ अनुदेशक (टर्नर) 09.01.2025]
👉 राजस्थान राज्य आर्द्रभूमि प्राधिकरण का गठन वर्ष 2019 में किया गया था।
👉 यह गठन आर्द्रभूमियों के संरक्षण और प्रबंधन के उद्देश्य से किया गया।
👉 इसका उद्देश्य प्रदेश की पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखना एवं जैव विविधता की रक्षा करना है।
रेगिस्तानी मिट्टी जो कम उपजाऊ मिट्टी है राजस्थान के __________ भाग में पाई जाती है ।
[JEN विद्युत डिग्री 07.02.2025]
👉 रेगिस्तानी मिट्टी राजस्थान के पश्चिमी भाग (थार मरुस्थल) में पाई जाती है।
👉 इसकी विशेषताएँ – रेतीली बनावट, कम कार्बनिक पदार्थ, उच्च लवणता।
👉 इसमें पानी धारण क्षमता कम और नाइट्रोजन व पोषक तत्वों की कमी होती है।
👉 यह मिट्टी मुख्यतः जैसलमेर, बाड़मेर, बीकानेर, जोधपुर, नागौर, चूरू, झुंझुनू में मिलती है।
✍️ सही उत्तर है – पश्चिमी
राजस्थान का निम्नलिखित में से कौन सा क्षेत्र मरुस्थलीकरण से प्रभावित है? (निम्न में से सबसे उपयुक्त विकल्प चुनें)
[JEN (Agriculture) 22.02.2025]
👉 राजस्थान का पश्चिमी भाग थार मरुस्थल में आता है।
👉 यहाँ शुष्क व अर्ध-शुष्क जलवायु, कम वर्षा और उच्च तापमान पाया जाता है।
👉 तेज़ हवाएँ व मृदा अपरदन मरुस्थलीकरण को बढ़ाती हैं।
👉 वनस्पति का विनाश भी यहाँ की मुख्य समस्या है।
✍️ सही उत्तर है – पश्चिमी
नीचे लेटेराइट मिट्टी के बारे में दो कथन दिए गए हैं :
कथन - I : लेटेराइट मिट्टी डूंगरपुर, उदयपुर के मध्य और दक्षिणी भाग और राजसमंद क्षेत्रों में पाई जाती है।
कथन - II : लोहे (आयरन) की उपस्थिति के कारण यह लाल दिखती है।
उपर्युक्त कथनों के आलोक में निम्नलिखित विकल्पों में से सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर चुनें :
[CET (10+2) 22.10.2024 द्वितीय चरण]
👉 लेटेराइट मिट्टी राजस्थान में डूंगरपुर, उदयपुर (मध्य व दक्षिणी भाग) और राजसमंद में पाई जाती है।
👉 इसमें लौह अंश की उपस्थिति के कारण इसका रंग लाल दिखाई देता है।
👉 अतः कथन I और II दोनों सत्य हैं।
मरुस्थलीय मृदा के बारे में सबसे असत्य कथन का चयन करें।
[CET (10+2) 23.10.2024 चतुर्थ चरण]
👉 मरुस्थलीय मृदा वायु प्रवाह के कारण लगातार विस्थापित होती रहती है।
👉 इसमें उर्वरता की कमी होती है तथा लवणता अधिक पाई जाती है।
👉 बेर, सहजन और करौंदा जैसे पौधे इस मृदा के सुधार में सहायक माने जाते हैं।
निम्नलिखित मृदाओं में से कौन - सी पश्चिमी राजस्थान में पायी जाती है ?
[कनिष्ठ अनुदेशक (कंप्यूटर) 10.01.2025]
👉 एरिडीसोल्स मृदा पश्चिमी राजस्थान में प्रधानता से पाई जाती है।
👉 इसके उपवर्गों में केम्बो ऑरथिड्स, केल्सी ऑरथिड्स, सेलोरथिड्स और पेलि ऑरथिड्स शामिल हैं।
👉 यह मृदा शुष्क जलवायु का प्रमुख प्रतिनिधि है।
निम्नलिखित में से कौन सा मृदा संरक्षण उपायों का सिद्धांत नहीं है?
[JEN (Agriculture) 22.02.2025]
👉 मृदा संरक्षण उपायों का उद्देश्य वर्षाबूंदों के प्रभाव को कम करना है।
👉 इससे आस्फालन (splash) कटाव में कमी आती है।
👉 साथ ही अपवाह (runoff) पर नियंत्रण होता है।
✍️ सही उत्तर है – गुरुत्वाकर्षण पर नियंत्रण
राजस्थान में लाल पीली मृदा के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?
निम्नलिखित विकल्पों में से सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर चुनें:
[पशु परिचर (6th Phase) 03.12.2024]
👉 लाल और पीली मृदा सवाई माधोपुर (पश्चिमी भाग), भीलवाड़ा (पश्चिमी भाग), अजमेर और सिरोही जिलों में पाई जाती है।
👉 इसमें कार्बोनेट की कमी होती है, परंतु नमी धारण करने की क्षमता अधिक होती है।
👉 इसका रंग लौह अंश की प्रधानता को दर्शाता है।
👉 इसमें नाइट्रोजन और जैविक कार्बनिक यौगिकों की मात्रा बहुत कम होती है।
राजस्थान की काली मिट्टी के बारे में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही नहीं है?
[JEN (Agriculture) 22.02.2025]
👉 काली मिट्टी राजस्थान के दक्षिण-पूर्वी जिलों (हाड़ौती क्षेत्र) में पाई जाती है।
👉 यह चीका प्रधान मिट्टी कहलाती है।
👉 इसमें गन्ना व धनिया जैसी व्यावसायिक फसलें अच्छी होती हैं।
👉 इसमें नाइट्रोजन की कमी पाई जाती है।
✍️ सही उत्तर है – इसमें नाइट्रोजन की पर्याप्त मात्रा होती है
राजस्थान के निम्नलिखित में से किस क्षेत्र में मरुस्थलीय मृदा नहीं पायी जाती है?
निम्नलिखित विकल्पों में से सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर चुनें:
[पशु परिचर (5th Phase) 03.12.2024]
👉 मरुस्थलीय मृदा राजस्थान के गंगानगर, चूरू, झुंझुनूं, बीकानेर, जैसलमेर, नागौर, बाड़मेर, जोधपुर और सीकर जिलों में पाई जाती है।
👉 यह मृदा पश्चिमी राजस्थान में विस्तारित है।
👉 इसमें उर्वरता कम और लवणता अधिक होती है।
राजस्थान की रेगिस्तानी मिट्टी के बारे में कौन-सा कथन सही नहीं है ?
[JEN CIVIL कृषि 07.02.2025]
👉 रेगिस्तानी मिट्टी की जल धारण क्षमता बहुत कम होती है।
👉 यह पानी को अधिक अवशोषित नहीं कर पाती है।
👉 इसमें रेतीले कण अधिक और कार्बनिक पदार्थ कम होते हैं।
👉 अतः कथन "यह पानी को अधिक अवशोषित और धारण कर सकती है" गलत है।
✍️ सही उत्तर है – यह पानी को अधिक अवशोषित और धारण कर सकती है
राजस्थान में लैटेराइट मिट्टी के बारे में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही है?
नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर चुनें:
[JEN यांत्रिक विद्युत 06.02.2025]
👉 लेटराइट मिट्टी उच्च तापमान व अधिक वर्षा वाले क्षेत्रों में बनती है।
👉 इसमें चूना व सिलिका का क्षालन होकर आयरन व एल्युमिनियम ऑक्साइड की अधिकता रहती है।
👉 इस मिट्टी में कार्बनिक पदार्थ, नाइट्रोजन, फॉस्फेट व कैल्शियम की कमी पाई जाती है।
👉 यह मिट्टी प्राकृतिक रूप से कृषि के लिए उपयुक्त नहीं, पर खाद व उर्वरकों से उपजाऊ बनाई जा सकती है।
✍️ सही उत्तर है – यह क्रिस्टलीय और कायांतरित चट्टानों से बनती है।
राजस्थान में लाल-पीली मृदा मुख्यतः _________ज़िलों में पाई जाती है । (निम्न में से सबसे उपयुक्त विकल्प चुनें)
[कनिष्ठ अनुदेशक (इलेक्ट्रिक) 10.01.2025]
👉 लाल-पीली मृदा मुख्यतः सवाई माधोपुर (पश्चिमी भाग), भीलवाड़ा (पश्चिमी भाग), अजमेर और सिरोही जिलों में पाई जाती है।
👉 इसमें कार्बोनेट की कमी होती है और यह नमी धारण करने में सक्षम होती है।
👉 इसका लाल और पीला रंग लौह अंश की अधिकता को दर्शाता है।
लाल मृदा का लाल रंग, मुख्यत: निम्न की उपस्थिति के कारण होता है:
[4th Grade (4th Phase) 20.09.2025]
👉 लाल मिट्टी का लाल रंग लोहे के ऑक्साइड की उपस्थिति के कारण होता है।
👉 मिट्टी में मौजूद लोहे के खनिज ऑक्सीजन के संपर्क में आने पर ऑक्सीकरण प्रक्रिया से गुजरते हैं।
👉 ऑक्सीकरण से बनने वाला फेरिक ऑक्साइड मिट्टी को लाल अथवा लाल-भूरा रंग प्रदान करता है।
👉 लाल मिट्टी में नाइट्रोजन, फॉस्फोरस और ह्यूमस की कमी होती है, जबकि यह पोटाश में समृद्ध हो सकती है।
✍️ सही उत्तर है – लोहे के ऑक्साइड
निम्नलिखित में से कौन-सी विशेषता राजस्थान में पाये जाने वाली लाल और पीली मिट्टी की है?
[JEN सिविल डिग्री 22.02.2025]
👉 लाल व पीली मिट्टी राजस्थान के सिरोही, भीलवाड़ा, सवाई माधोपुर व अजमेर जिलों में मिलती है।
👉 इसका रंग फेरिक ऑक्साइड की उपस्थिति से हल्का पीला से गहरे भूरे तक होता है।
👉 इसका pH 5.5 से 8.5 के बीच रहता है।
👉 यह मिट्टी कार्बोनेट की कमी पाई जाती है।
✍️ सही उत्तर है – कार्बोनेट की कमी
निम्न में से कौन-सी से कौन - सी एक विशेषता शुष्क मृदा से संबंधित नहीं है ? (निम्न में से सबसे उपयुक्त विकल्प चुनें)
[कनिष्ठ अनुदेशक (MNV) 07.01.2025]
👉 शुष्क मृदा मुख्यतः पश्चिमी राजस्थान में पाई जाती है।
👉 इसमें लवणता अधिक तथा उर्वरता कम होती है।
👉 यह मृदा वायु प्रवाह से लगातार स्थानांतरित होती रहती है।
👉 इनमें से जो विशेषता इनसे मेल नहीं खाती, वह शुष्क मृदा से संबंधित नहीं मानी जाती।
राजस्थान के निम्नलिखित में से किस क्षेत्र में काली मृदा पाई जाती है?
नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर चुनें:
[पशु परिचर (5th Phase) 03.12.2024]
👉 काली मृदा राजस्थान के कोटा, बूंदी, बारां और झालावाड़ जिलों में पाई जाती है।
👉 यह मृदा हाड़ौती पठार क्षेत्र में विस्तारित है।
👉 इसका रंग गहरा भूरा से काला होता है।
मिट्टी का लाल रंग___________के आधिक्य के कारण होता है।
कनिष्ठ अनुदेशक (रेफ्रिजरेशन) 18.11.2024
👉 मृदा का लाल रंग उसमें उपस्थित लौह (Iron) अंश के कारण होता है।
👉 यह विशेषता लाल, लाल-लोमी व लाल-पीली मृदाओं में देखी जाती है।
👉 लौह अंश की प्रधानता मृदा को लाल रंग प्रदान करती है।
सवाई माधोपुर, सिरोही, राजसमंद, उदयपुर और भीलवाड़ा जिलों के पश्चिमी भागों में कौन-सी मृदा पाई जाती है ?
[Jamadar Grade II 27.12.2025]
🔹 व्याख्या
👉
इन
जिलों के पश्चिमी
भाग अरावली
क्षेत्र से
प्रभावित हैं।
👉
यहाँ
की चट्टानों
के अपक्षय से
लाल-पीली
मृदा का
निर्माण हुआ
है।
👉
यह
मृदा हल्की,
कम
उपजाऊ तथा वर्षा
पर निर्भर कृषि
के लिए उपयुक्त
होती है।
✍️ सही उत्तर है – लाल-पीली मृदा
राजस्थान की रेगिस्तानी मिट्टी में निम्नलिखित में से कौन-सा तत्व उच्च मात्रा में पाया जाता है ? (निम्न में से सबसे उपयुक्त विकल्प चुनें)
[4th Grade 6th Phase) 21.09.2025]
👉 राजस्थान की रेगिस्तानी मिट्टी में कैल्सियम कार्बोनेट की मात्रा अधिक पाई जाती है।
👉 इस तत्व की उच्च उपस्थिति मिट्टी को क्षारीय बनाती है।
👉 रेगिस्तानी मिट्टी में नमी कम रहने के कारण लवणों का अधिक संचय होता है।
👉 कैल्सियम कार्बोनेट की अधिकता मिट्टी की संरचना और उर्वरता को प्रभावित करती है।
✍️ सही उत्तर है – कैल्सियम कार्बोनेट
राजस्थान की मिट्टी के सम्बन्ध में निम्नलिखित में से कौन सा / कौन से कथन सत्य है / हैं ? नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए
[पटवार प्री. परीक्षा 2015]
कूट -
👉 थार मरुस्थल में ग्रेनाइट व बलुआ पत्थर से बलुई मिट्टी का निर्माण हुआ है।
👉 राजस्थान के दक्षिणी भाग में ग्रेनाइट, नीस व क्वार्ट्जाइट से लाल-लोमी मिट्टी बनती है।
👉 दक्षिण-पूर्वी भाग में बेसाल्ट लावा के क्षरण से काली मिट्टी निर्मित होती है।
राजस्थान में मरुस्थलीकरण को नियंत्रित करने का प्रयास किस के द्वारा किया जा सकता है? (निम्नलिखित विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर चुनें)
[JEN (Mech. Diploma) 10.02.2025]
👉 मरुस्थलीकरण भूमि क्षरण का एक प्रकार है।
👉 यह प्राकृतिक प्रक्रियाओं या मानवीय गतिविधियों से होता है, जिससे भूमि की उत्पादकता घटती है।
👉 राजस्थान में इसे रोकने के उपाय हैं –
रेगिस्तान के अनुसार अधिकतम वृक्षारोपण
कृषि में पीछे और आगे के सम्पर्क का विकास
सीमित चराई
रेगिस्तानी कृषि को बढ़ावा देना
✍️ सही उत्तर है – वृक्षारोपण के माध्यम से संरक्षण
नीचे दो कथन दिए गए हैं :
कथन - I : काली मिट्टी राजस्थान के कोटा, बूंदी, बाराँ और झालावाड़ जिलों में पाई जाती है।
कथन - II : काली मिट्टी में नाइट्रोजन तो पर्याप्त मात्रा में होती है परन्तु कैल्शियम की कमी होती है।
उपर्युक्त कथनों के आलोक में निम्नलिखित विकल्पों में से सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर चुनें :
[CET (10+2) 24.10.2024 पंचम चरण]
👉 काली मिट्टी का विस्तार कोटा, बूंदी, बाराँ एवं झालावाड़ जिलों में होता है।
👉 इसमें नाइट्रोजन व जैविक पदार्थ कम होते हैं, जबकि कैल्शियम व पोटाश पर्याप्त होते हैं।
👉 अतः कथन I सत्य है, किन्तु कथन II असत्य है।
राजस्थान की जलोढ़ मिट्टी में निम्नलिखित में से कौन सा तत्व उपलब्ध नहीं है ?
[JEN (Mech. Diploma) 10.02.2025]
👉 राजस्थान की जलोढ़ मिट्टी में नाइट्रोजन और फॉस्फोरस की कमी होती है।
👉 इसमें चूना, पोटैशियम और लौह तत्व पर्याप्त मात्रा में पाए जाते हैं।
👉 यह मिट्टी विभिन्न प्रकार की फसलों की खेती के लिए उपयुक्त है।
✍️ सही उत्तर है – नाइट्रोजन
ज़िलों के किस युग्म में जलोढ मृदा पाई जाती है ? (निम्न में से सबसे उपयुक्त विकल्प चुनें)
[कनिष्ठ अनुदेशक (पलम्बर) 08.01.2025]
👉 जलोढ़ मृदा राजस्थान के पूर्वी भाग में पाई जाती है।
👉 इसका विस्तार भरतपुर एवं धौलपुर जैसे जिलों में होता है।
👉 यह मृदा नदियों के मैदानों व घाटियों में विकसित होती है।
👉 इसकी उत्पादकता उत्तम मानी जाती है।
रेगिस्तानी मिट्टी मुख्य रूप से राजस्थान के निम्नलिखित में से किस क्षेत्र तक सीमित है ?
[JEN विद्युत डिग्री 07.02.2025]
👉 रेगिस्तानी मिट्टी राजस्थान के पश्चिमी भाग में फैली हुई है।
👉 यह मिट्टी मुख्यतः जालौर, बाड़मेर, जैसलमेर, जोधपुर, बीकानेर, चुरू, झुंझुनू व नागौर जिलों में मिलती है।
👉 इसमें रेतीली बनावट और कम उर्वरता प्रमुख विशेषता है।
👉 यह थार मरुस्थल क्षेत्र की मुख्य मृदा है।
✍️ सही उत्तर है – जैसलमेर
राजस्थान में जलोढ़ मिट्टी के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है ?
[4th Grade (3rd Phase) 20.09.2025]
👉 राजस्थान की जलोढ़ मिट्टी कैल्सियम, फॉस्फोरस, पोटाश और लौह तत्वों से भरपूर होती है।
👉 इसमें आवश्यक पोषक तत्व मौजूद होने के कारण यह उपजाऊ मानी जाती है।
👉 यद्यपि यह खनिजों से समृद्ध है, परंतु इसमें नाइट्रोजन की कमी पाई जाती है।
👉 नाइट्रोजन की कमी के कारण इस मिट्टी में उर्वरक की आवश्यकता अधिक होती है।
✍️ सही उत्तर है – यह कैल्सियम, फॉस्फोरस, पोटाश और लौह तत्वों से भरपूर है, लेकिन इसमें नाइट्रोजन की कमी होती है
निम्नलिखित में से कौन-सा मरुस्थलीकरण की रोकथाम का तरीका नहीं है ?
नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर चुनें।
[JEN (Civil Diploma) 11.02.2025]
👉 मरुस्थलीकरण की रोकथाम हेतु हरित पट्टी द्वारा पूर्वी राजस्थान में मरुस्थल विस्तार रोकना प्रभावी तरीका है।
👉 सामाजिक वानिकी व कृषि वानिकी द्वारा स्थानीय वृक्ष किस्मों का संरक्षण भी महत्वपूर्ण है।
👉 परंतु पौधों की कटाई पर पूर्ण प्रतिबंध व्यावहारिक समाधान नहीं है।
✍️ सही उत्तर है – जल हानि से बचने के लिए रेतीली मिट्टी पर वृक्षारोपण को हतोत्साहित करना।
नीचे दो कथन दिए गए हैं: [*]
कथन (I): लाल पीली मिट्टी सवाई माधोपुर, सिरोही, राजसमंद, उदयपुर और भीलवाड़ा जिलों के हिस्सों में पाई जाती है।
कथन (II): लाल पीली मिट्टी मूंगफली और कपास की खेती के लिए उपयुक्त है।
उपरोक्त कथनों के आलोक में, नीचे दिए गए विकल्पों में से सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर चुनें।
[CET स्नातक 28.09.2024 तृतीय चरण]
दोमट मृदा में___________कमी होती है।
[कनिष्ठ अनुदेशक (ड्राइंग) 20.11.2024]
👉 दोमट मृदा राजस्थान में लाल-पीली मृदा के रूप में पाई जाती है।
👉 इसमें नाइट्रोजन और जैविक कार्बनिक यौगिकों की कमी होती है।
👉 यह मृदा नमी धारण करने की क्षमता में अच्छी होती है।
राजस्थान में यह मृदा पवन द्वारा विस्थापित होती है, इसमें उर्वरता कम एवं लवणता अधिक होती है।
मृदा की पहचान कीजिए।
निम्नलिखित विकल्पों में से सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर चुनें:
[पशु परिचर (3rd Phase) 02.12.2024]
👉 यह मृदा पवन द्वारा स्थानांतरित होती है और लगातार परिवर्तित होती रहती है।
👉 इसमें उर्वरता कम तथा लवणता अधिक पाई जाती है।
👉 ये विशेषताएँ मरुस्थलीय मृदा की हैं, जो पश्चिमी राजस्थान में विस्तारित है।
सोयाबीन की पैदावार के लिये किस प्रकार की मृदा सर्वोपयुक्त है ?
[कनिष्ठ अनुदेशक (STE) 05.01.2025]
👉 मध्यम प्रकार की काली मृदा का विस्तार कोटा, बूंदी, बारां और झालावाड़ में होता है।
👉 इसमें कैल्शियम और पोटाश पर्याप्त मात्रा में होते हैं।
👉 यह मृदा व्यापारिक फसलों जैसे कपास, मूँगफली, दालों के लिए उपयुक्त मानी जाती है।
👉 इन्हीं के साथ इसमें सोयाबीन जैसी फसलें भी ली जा सकती हैं।
राजस्थान में मरुस्थलीकरण पर नियंत्रण के लिए निम्नलिखित में से कौनसा कदम नहीं उठाया जाना चाहिए? (निम्न में से सबसे उपयुक्त विकल्प चुनें)
[VDO (ग्राम विकास अधिकारी) 02.11.2025]
👉 भूमिगत जल का अत्यधिक उपयोग मरुस्थलीकरण को रोकने का उपाय नहीं है, बल्कि यह भूजल स्तर घटाकर समस्या को बढ़ाता है।
👉 मरुस्थलीय वनस्पतियों की कटाई पर प्रतिबंध लगाने से भूमि का संरक्षण होता है।
👉 अतिचारण पर नियंत्रण से वनस्पतियों का संरक्षण होता है और मिट्टी कटाव कम होता है।
👉 भूजल संसाधनों का समुचित उपयोग मरुस्थलीकरण रोकने में सहायक है, लेकिन अत्यधिक दोहन हानिकारक है।
✍️ सही उत्तर है – भूमिगत जल का अत्यधिक उपयोग
निम्नलिखित में कौन-सा कथन राजस्थान की लेटेराइट मृदा के बारे में सही नहीं है?
निम्नलिखित विकल्पों में से सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर चुनें:
[पशु परिचर (5th Phase) 03.12.2024]
👉 राजस्थान की मृदाएँ मुख्यतः जलोढ़, लाल-पीली, काली, भूरी, रेतीली एवं लाल-लोमी प्रकार की होती हैं।
👉 इनका निर्माण चट्टानों के विखण्डन, जलवायु, वनस्पति एवं अन्य जैविक प्रभावों से होता है।
👉 राजस्थान में मृदा की सतह सामान्यतः 30 से 40 से.मी. मानी जाती है।
👉 मृदा की उत्पादकता ही क्षेत्रीय कृषि विकास का आधार होती है।
नदियों द्वारा निक्षेपित अवसादों से बनने वाली मिट्टी को कहा जाता है:
[4th Grade (1st Phase) 19.09.2025]
👉 नदियों द्वारा निक्षेपित अवसादों से बनने वाली मिट्टी को जलोढ़ मिट्टी कहा जाता है।
👉 नदियों के प्रवाह में बहकर आए महीन कणों व तलछटों के जमाव से इसका निर्माण होता है।
👉 यह मिट्टी पोटाश, फॉस्फोरिक एसिड और चूने से भरपूर होती है, जिससे यह अत्यंत उपजाऊ बनती है।
👉 जलोढ़ मिट्टी के दो प्रकार होते हैं—पुरानी (बांगर) और नई (खादर)।
✍️ सही उत्तर है – जलोढ़ मिट्टी
राजस्थान के निम्नलिखित किन जिलों में लाल दुम्मट मिट्टी पायी जाती है ?
[कनिष्ठ अनुदेशक (वायरमेन) 05.01.2025]
👉 लाल-लोमी (दोमट) मृदा राजस्थान के उदयपुर (मध्य एवं दक्षिणी भाग) और डूंगरपुर जिलों में पाई जाती है।
👉 इसमें लौह अंश की उपस्थिति के कारण इसका रंग लाल होता है।
👉 इस मृदा में चूना, पोटाश, लौह-ऑक्साइड और फास्फोरस की मात्रा कम होती है।
निम्नलिखित में से कौन-सा एक कथन राजस्थान में काली मृदा के संदर्भ में सही नहीं है?
निम्नलिखित विकल्पों में से सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर चुनें:
[पशु परिचर (4th Phase) 02.12.2024]
👉 काली मृदा का विस्तार कोटा, बूंदी और बारां जिलों में होता है।
👉 यह मृदा चीका प्रधान होती है और गहरे भूरे से काले रंग की होती है।
👉 इसमें कैल्शियम व पोटाश पर्याप्त मात्रा में होते हैं।
निम्नलिखित में से किस प्रकार की मिट्टी की जल-धारण क्षमता सबसे कम होती है ?
[L.S.A. Exam 13.06.2025]
👉 रेगिस्तानी मिट्टी की जल धारण क्षमता सबसे कम होती है क्योंकि इसके कणों का आकार बड़ा होता है।
👉 बड़े कणों के कारण इनके बीच अधिक छिद्र बने रहते हैं, जिससे पानी जल्दी नीचे चला जाता है।
👉 पानी तेजी से निकलने की वजह से मिट्टी में नमी कम समय तक रहती है।
👉 नमी की कमी और पोषक तत्वों की कमी के कारण यह मिट्टी कृषि के लिए अनुपयुक्त मानी जाती है।
✍️ सही उत्तर है – रेगिस्तानी मिट्टी
कौन सा सुमेलित नहीं है ?
[संकलनकर्ता परीक्षा 21.08.2016]
मृदा का प्रकार जिला
👉 लाल लोम मृदा का विस्तार डूंगरपुर जिले में होता है।
👉 पर्वतीय मृदा राजस्थान के उदयपुर जिले में पाई जाती है।
👉 गहरी मध्यम काली मृदा कोटा जिले में पाई जाती है।
राजस्थान में पीली-भूरी मिट्टी (लाल और पीली मिट्टी) मुख्यतः अरावली पर्वतमाला से लगे जिलों, विशेष रूप से सवाई माधोपुर, भीलवाड़ा, अजमेर, टोंक, करौली और सिरोही में पाई जाती है。यह मिट्टी फेरिक ऑक्साइड के जलयोजन के कारण पीले रंग की होती है。
राजस्थान में जलोढ़ मृदा के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?
निम्नलिखित विकल्पों में से सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर चुनें:
[पशु परिचर (2nd Phase) 01.12.2024]
👉 जलोढ़ मृदा राजस्थान के पूर्वी जिलों में विस्तारित है।
👉 यह मृदा उत्पादकता की दृष्टि से उत्तम मानी जाती है।
👉 इसमें गेहूँ, सरसों, कपास और तंबाकू जैसी फसलें उगाई जाती हैं।
राजस्थान के कोटा, बूंदी और झालावाड़ क्षेत्रों में निम्नलिखित में से किस प्रकार की मिट्टी मुख्य रूप से पाई जाती है ? (निम्न में से सबसे उपयुक्त विकल्प चुनें)
[4th Grade (3rd Phase) 20.09.2025]
👉 कोटा, बूंदी और झालावाड़ क्षेत्रों में मुख्य रूप से काली मिट्टी पाई जाती है।
👉 इस मिट्टी का रंग गहरा होता है और इसमें नमी अधिक समय तक बनी रहती है।
👉 काली मिट्टी का निर्माण बेसाल्टिक चट्टानों के अपक्षय से हुआ माना जाता है।
👉 यह मिट्टी फसलों के लिए उपजाऊ मानी जाती है और दक्षिण-पूर्वी राजस्थान में प्रमुख है।
✍️ सही उत्तर है – काली मिट्टी
निम्नलिखित में से कौन सी मिट्टी राजस्थान के अधिकांश भाग में पाई जाती है जिसमें जोधपुर, बीकानेर, शेखावाटी और अजमेर शामिल हैं ?
नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर चुनें :
[JEN (Diploma) 06.02.2025]
👉 जोधपुर, बीकानेर और अजमेर जिलों में रेतीली/मरुस्थलीय मिट्टी पाई जाती है।
👉 इसमें बलुई कण अधिक और जल धारण क्षमता कम होती है।
👉 इस मिट्टी में नाइट्रोजन जैसे पोषक तत्वों की कमी, परंतु लवण की अधिकता हो सकती है।
👉 यह मिट्टी मुख्यतः थार मरुस्थल के शुष्क व अर्ध-शुष्क क्षेत्रों में पाई जाती है।
✍️ सही उत्तर है – रेतीली
राजस्थान में जलोढ़ मिट्टी के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही नहीं है ?
[JEN CIVIL कृषि 07.02.2025]
👉 राजस्थान में जलोढ़ मिट्टी सबसे उपजाऊ मानी जाती है।
👉 इसमें चूना, फॉस्फोरिक एसिड और ह्यूमस की कमी होती है।
👉 इसकी बनावट रेतीली दोमट से चिकनी मिट्टी तक पाई जाती है।
👉 इस मिट्टी में गेहूँ, चावल, कपास, तम्बाकू जैसी फसलें उगाई जाती हैं।
👉 यह मुख्यतः श्रीगंगानगर, बूंदी, कोटा, बारां, जयपुर जिलों में मिलती है।
✍️ सही उत्तर है – यह मिट्टी केवल राजस्थान के उत्तरी जिलों में पाई जाती है
राजस्थान के शुष्क पश्चिमी मैदानी भाग में मुख्य रूप से निम्न में से किस प्रकार की मिट्टी पाई जाती है ?
[VDO (ग्राम विकास अधिकारी) 02.11.2025]
👉 राजस्थान के शुष्क पश्चिमी मैदानी भाग में मुख्य रूप से रेगिस्तानी मृदा पाई जाती है।
👉 इस मिट्टी में रेत की मात्रा अधिक होती है, जिससे इसकी जल धारण क्षमता कम होती है।
👉 कम नमी और अधिक लवणता इसके प्रमुख लक्षण हैं।
👉 यह मिट्टी मरुस्थलीय जलवायु के कारण व्यापक रूप से इसी क्षेत्र में पाई जाती है।
✍️ सही उत्तर है – रेगिस्तानी मृदा
जलोढ़ मृदा राजस्थान के निम्न में से किस क्षेत्र में पायी जाती है?
निम्नलिखित विकल्पों में से सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर चुनें:
[पशु परिचर (6th Phase) 03.12.2024]
👉 जलोढ़ मृदा राजस्थान के पूर्वी भागों में पाई जाती है।
👉 इसका विस्तार मुख्यतः भरतपुर, धौलपुर, दौसा, जयपुर, टोंक तथा सवाई माधोपुर जिलों में होता है।
👉 यह मृदा नदियों के मैदानों व घाटियों में पाई जाती है।
👉 यह उत्पादकता की दृष्टि से उत्तम मानी जाती है।
निम्नलिखित में से वह स्थिति चुनें जो वायु अपरदन के अनुकूल न हो।
[JEN (Agriculture) 22.02.2025]
👉 वायु अपरदन मुख्यतः सूखी व ढीली मिट्टी में होता है।
👉 यदि मिट्टी में नमी मौजूद हो, तो कण आपस में चिपक जाते हैं।
👉 इस स्थिति में वायु द्वारा मिट्टी का उड़ना कठिन हो जाता है।
✍️ सही उत्तर है – मिट्टी में नमी की उपस्थिति
निम्न में से कौन-सा क्षेत्र मगरा क्षेत्र विकास कार्यक्रम में सम्मिलित नहीं है ?
[NHM Med Lab Tech 11.06.2025]
👉 मगरा क्षेत्र विकास कार्यक्रम में शामिल नहीं किए गए क्षेत्रों में अलवर जिला आता है।
👉 यह कार्यक्रम विशेष रूप से उन क्षेत्रों के विकास हेतु संचालित है जो भौगोलिक रूप से मगरा क्षेत्र की श्रेणी में आते हैं।
👉 अलवर जिला इस भौगोलिक श्रेणी का हिस्सा नहीं माना जाता।
✍️ सही उत्तर है – अलवर
निम्नलिखित में से कौन - सा काली मिट्टी के संबंध में सत्य कथन नहीं है ?
[कनिष्ठ अनुदेशक (STE) 05.01.2025]
👉 काली मिट्टी राजस्थान के कोटा, बूंदी, बारां और झालावाड़ जिलों में पाई जाती है।
👉 इसका रंग गहरे भूरे से काले तक होता है।
👉 इसमें फास्फेट, नाइट्रोजन और जैविक पदार्थ कम, लेकिन कैल्शियम और पोटाश पर्याप्त होते हैं।
👉 यह मृदा कपास, मूँगफली व दालों के लिए उपयुक्त है।
राजस्थान में मरुस्थलीय मृदा के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही नहीं है?
निम्नलिखित विकल्पों में से सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर चुनें:
[पशु परिचर (2nd Phase) 01.12.2024]
👉 मरुस्थलीय मृदा राजस्थान के पश्चिमी भाग में विस्तारित है।
👉 यह मृदा पवन के द्वारा स्थानांतरित होती है और लवणता अधिक होती है।
👉 इसमें उर्वरता की कमी पाई जाती है।
👉 इसके प्रकारों में रेतीली बालू, लाल रेतीली, पीली-भूरी एवं खारी मृदा शामिल हैं।
राजस्थान में कौन-सी मृदा सर्वाधिक उपजाऊ मानी जाती है ? (निम्न में से सबसे उपयुक्त विकल्प चुनें)
[कनिष्ठ अनुदेशक (वेल्डर) 07.01.2025]
👉 राजस्थान में जलोढ़ अथवा कच्छारी मृदा को सर्वाधिक उपजाऊ मृदा माना जाता है।
👉 इसका विस्तार भरतपुर, धौलपुर, दौसा, जयपुर, टोंक और सवाई माधोपुर जिलों में है।
👉 यह मृदा उत्पादकता की दृष्टि से उत्तम होती है।
मृदा नमी मापने की सबसे सटीक विधि या उपकरण है -
[JEN (Agriculture) 22.02.2025]
👉 मृदा नमी मापन की कई विधियाँ होती हैं।
👉 इनमें से ग्रैविमेट्रिक विधि को सबसे सटीक माना जाता है।
👉 इसमें मिट्टी का नमूना सुखाकर उसमें मौजूद नमी की मात्रा का निर्धारण किया जाता है।
✍️ सही उत्तर है – ग्रैविमेट्रिक विधि
राजस्थान राज्य के गंगानगर, हनुमानगढ़, अलवर, भरतपुर, जयपुर और टोंक क्षेत्र में निम्नलिखित में से कौन सी मृदा पाई जाती है?
निम्नलिखित विकल्पों में से सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर चुनें:
[पशु परिचर (4th Phase) 02.12.2024]
👉 जलोढ़ मृदा का विस्तार गंगानगर, हनुमानगढ़, अलवर, भरतपुर, जयपुर और टोंक क्षेत्रों में होता है।
👉 यह मृदा नदियों के मैदानों व घाटियों में पाई जाती है।
👉 यह उत्पादकता की दृष्टि से उत्तम मानी जाती है।
निम्नलिखित में से कौन मृदा जल की श्रेणी नहीं है?
[JEN (Agriculture) 22.02.2025]
👉 मृदा जल की प्रमुख श्रेणियाँ हैं – हाइज्रोस्कोपिक जल, केशिकीय जल, गुरुत्वाकर्षण जल।
👉 जलमंडल जल (Hydrosphere water) मृदा जल की श्रेणी में शामिल नहीं है।
👉 यह पृथ्वी पर उपलब्ध कुल जल का हिस्सा है।
✍️ सही उत्तर है – जलमंडल जल
सूची I को सूची II से सुमेलित करें :
सूची I (मृदा) |
सूची II (अभिलक्षण) |
(a) नवीन जलोढ़ मृदा |
(i) नाइट्रोजन और पोटाश की कमी |
(b) काली मिट्टी |
(ii) खादर |
(c) लेटेराइट मिट्टी |
(iii) कंकड़ और पत्थर |
(d) पर्वतीय मिट्टी |
(iv) पोटाश और लाइम (चूने) की प्रचुरता |
नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर चुनें :
[REET Mains ( L-1) 17.01.2026]
🔹 व्याख्या
👉 नवीन
जलोढ़ मृदा
को सामान्यतः
खादर
कहा जाता है।
👉
काली
मिट्टी
में पोटाश
और लाइम
की प्रचुरता
पाई जाती है।
👉
लेटेराइट
मिट्टी
में प्रायः
नाइट्रोजन
और पोटाश
की कमी होती
है।
👉
पर्वतीय
मिट्टी
में सामान्यतः
कंकड़
और पत्थर
पाए जाते हैं।
✍️ सही उत्तर है – (a)-(ii), (b)-(iv), (c)-(i), (d)-(iii)
अरावली क्षेत्र की दक्षिण-पूर्वी पहाड़ियों में निम्नलिखित में से किस प्रकार की मिट्टी मुख्य रूप से पाई जाती है ?
निम्नलिखित विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर चुनें :
[JEN यांत्रिक डिग्री 10.02.2025]
👉 अरावली की दक्षिण-पूर्वी पहाड़ियों में मुख्यतः लाल व काली मिट्टी मिलती है।
👉 काली मिट्टी का विस्तार दक्षिण-पूर्वी हाड़ौती पठार में है।
👉 दोनों मिट्टियाँ क्षेत्र की प्रमुख मृदा प्रकार हैं।
✍️ सही उत्तर है – काली और लाल मिट्टी
पासाम्मेंटस्, ऑर्थैट्स और फ्लूएंट निम्नलिखित में से किस मिट्टी के प्रकार के उपवर्ग हैं ?
[CET (स्नातक) 28.09.2024 चतुर्थ चरण]
👉 एण्टिसोल्स मृदा के उपवर्ग हैं – पासाम्मेंटस्, ऑर्थैट्स और फ्लूएंट।
👉 इन मृदाओं का विस्तार पश्चिमी राजस्थान के विभिन्न भागों में है।
👉 इनका रंग सामान्यतः हल्का पीला या भूरा होता है।
निम्नलिखित में कौन-सी मृदा पश्चिमी राजस्थान में पायी जाती है?
निम्नलिखित विकल्पों में से सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर चुनें:
[पशु परिचर (6th Phase) 03.12.2024]
👉 रेतीली मृदा राजस्थान के थार मरुस्थल में विस्तारित है।
👉 यह मृदा पश्चिमी राजस्थान में पाई जाती है और वायु प्रवाह द्वारा जमा की जाती है।
👉 इसमें पीली-भूरी व बलुई चीका मृदा भी उपस्थित रहती है।
👉 यह मृदा निरंतर स्थानांतरित होती रहती है।
नीचे दो कथन दिए गए हैं: एक अभिकथन (Assertion) A के रूप में लिखित है तो दूसरा उसके कारण (Reason) R के रूप में;
अभिकथन A: मरुस्थली मिट्टी पश्चिमी राजस्थान में पाई जाती है तथा यह कम उपजाऊ होती है।
कारण R: यह मिट्टी केवल मूंगफली और कपास की कृषि के लिए अनुकूल है।
उपरोक्त कथन के आलोक में, नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर का चयन कीजिए -
[REET Mains (L-2) SST 18.01.2026]
🔹 व्याख्या
👉
मरुस्थली
मिट्टी
मुख्यतः पश्चिमी
राजस्थान
में पाई जाती
है।
👉
इसमें
कार्बनिक
पदार्थ
कम होने से इसकी
उर्वरता कम
होती है।
👉
इसलिए
यह मिट्टी
सामान्यतः कम
उपजाऊ
मानी जाती है।
👉
लेकिन
यह केवल मूंगफली
और कपास
के लिए ही सीमित
नहीं है।
✍️ सही उत्तर है – A सही है लेकिन R सही नहीं है।
रेगिस्तानी मिट्टी के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन गलत है ?
[4th Grade (2nd Phase) 19.09.2025]
👉 रेगिस्तानी मिट्टी की जल धारण क्षमता कम होती है, इसलिए इसे अधिक जल धारण क्षमता वाली मिट्टी नहीं माना जाता।
👉 इसके कण रेतीले और बड़े आकार के होते हैं, जो पानी को रोक नहीं पाते।
👉 बड़े कणों के कारण पानी तेजी से नीचे चला जाता है, जिससे नमी की कमी होती है।
👉 वर्षा कम होने और मिट्टी की संरचना के कारण इसमें नमी बहुत कम समय तक रहती है।
✍️ सही उत्तर है – इस प्रकार की मिट्टी की जल धारण क्षमता अधिक होती है।
नीचे दो कथन दिए गए हैं :
कथन I : रेगिस्तानी मिट्टी पश्चिमी राजस्थान में पाई जाती है।
कथन II : रेगिस्तानी मिट्टी हवाओं द्वारा विस्थापित होती है । इसमें उर्वरता की कमी होती है और लवणता अधिक रहती है।
उपरोक्त कथनों के आलोक में, नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर चुनें :
[खनिज कार्यदेशक 23.02.2025]
👉 कथन I – रेगिस्तानी मिट्टी वास्तव में पश्चिमी राजस्थान में पाई जाती है।
👉 कथन II – यह मिट्टी हवाओं से विस्थापित होती है, इसमें उर्वरता की कमी और लवणता अधिक होती है।
👉 दोनों कथन तथ्यात्मक रूप से सही हैं।
✍️ सही उत्तर है – कथन I और कथन II दोनों सही हैं
निम्नलिखित में से कौन सा, मिट्टी के नमूने के घनत्व का सही घटता क्रम देता है ?
[JEN (Civil Diploma) 11.02.2025]
👉 मिट्टी का घनत्व उसकी नमी अवस्था पर निर्भर करता है।
👉 संतृप्त मिट्टी में घनत्व सबसे अधिक होता है।
👉 इसके बाद क्रमशः थोक, फिर सूखा आती है।
👉 जलमग्न मिट्टी का घनत्व सबसे कम माना जाता है।
✍️ सही उत्तर है – संतृप्त > थोक > सूखा > जलमग्न
राजस्थान में लेटराइट मिट्टी के बारे में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही नहीं है ?
[जेल प्रहरी (Shift-2nd) 12.04.2025]
👉 लेटराइट मिट्टी का निर्माण क्रिस्टलीय व रूपांतरित चट्टानों से होता है।
👉 इसमें लौह की अधिकता होने से इसका रंग लाल दिखता है।
👉 यह मुख्यतः डूंगरपुर व उदयपुर के मध्य-दक्षिणी भाग में पाई जाती है।
👉 इसमें नाइट्रोजन, फॉस्फोरस व ह्यूमस की कमी होती है।
✍️ सही उत्तर है – इस मिट्टी में नाइट्रोजन, फास्फोरस तथा ह्यमस पर्याप्त मात्रा में होते हैं।
वर्टीसोल मृदा मुख्यतः _________में मिलती है। (निम्न में से सबसे उपयुक्त विकल्प चुनें)
[कनिष्ठ अनुदेशक (कंप्यूटर) 10.01.2025]
👉 वर्टीसोल मृदा मुख्यतः झालावाड़, बारां, कोटा और बूंदी जिलों में पाई जाती है।
👉 यह मृदा कुछ हद तक सवाई माधोपुर, भरतपुर, गंगापुर सिटी, डूंगरपुर और बाँसवाड़ा में भी मिलती है।
👉 यह वर्गीकरण वैज्ञानिक दृष्टिकोण से किया गया है जो मृदा की रासायनिक संरचना पर आधारित है।
राजस्थान के पश्चिमी भाग में पायी जाने वाली कौन-सी मृदा कम उपजाऊ होती है?
निम्नलिखित विकल्पों में से सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर चुनें:
[पशु परिचर (1st Phase) 01.12.2024]
👉 राजस्थान के पश्चिमी भाग में प्रमुख रूप से मरुस्थलीय मृदा पाई जाती है।
👉 यह मृदा कम उपजाऊ होती है और लगातार वायु प्रवाह से स्थानांतरित होती रहती है।
👉 इसमें लवणता अधिक तथा उर्वरता कम होती है।
नीचे दो कथन दिए गए हैं :
कथन - I : जलोढ़ मृदा राजस्थान के पश्चिमी मरुस्थलीय मैदान में पाई जाती है।
कथन - II : इस मिट्टी में नाइट्रोजन पर्याप्त मात्रा में होती है लेकिन पोटाश और लौह तत्व की कमी होती है।
उपर्युक्त कथनों के आलोक में निम्नलिखित विकल्पों में से सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर चुनें :
[CET (10+2) 22.10.2024 प्रथम चरण]
👉 जलोढ़ मृदा राजस्थान के पूर्वी भाग में पाई जाती है, न कि पश्चिमी मरुस्थलीय मैदान में।
👉 इस मृदा में नाइट्रोजन, चूना, फास्फोरिक अम्ल और ह्यूमस की कमी होती है।
👉 अतः दोनों कथन गलत हैं।
भूरी मृदाएँ मुख्यतः निम्न में पाई जाती हैं - (निम्न में से सबसे उपयुक्त विकल्प चुनें)
1. टोंक में
2. भीलवाड़ा में
3. बूंदी में
4. उदयपुर में
कनिष्ठ अनुदेशक (इलेक्ट्रिशियन) 19.11.2024
👉 भूरी मृदाएँ मुख्यतः भीलवाड़ा जिले में पाई जाती हैं।
👉 इसका विस्तार अजमेर और ब्यावर क्षेत्रों तक भी है।
👉 यह मृदा नवीन उत्पत्ति की मानी जाती है।
निम्नलिखित में से किस मृदा में 'कांकर' परत स्थलाकृति पाई जाती है ? (निम्न में से सबसे उपयुक्त विकल्प चुनें)
[कनिष्ठ अनुदेशक (सुईंग) 09.01.2025]
👉 अरावली की ढालों पर पथरीली एवं कंकड़ युक्त सतह पाई जाती है।
👉 वहीं निचले भागों में मृदा का संचय हो जाता है।
👉 यह क्षेत्रीय मृदा विविधता का उदाहरण है, जहाँ 'कांकर' परत जैसी स्थलाकृति मिलती है।
________ मिट्टी प्री-कैम्बेरियन काल के ग्रेनाइट, नाइस और क्वार्टजाइट पर विकसित होती है। यह मिट्टी कम उत्पादक है और अरावली के पूर्वी भाग में पाई जाती है। यह मक्का, बाजरा, दालें और तिलहन उगाने के लिए उपयुक्त है। (निम्न में से सबसे उपयुक्त विकल्प चुनें)
[JEN विद्युत डिप्लोमा 08.02.2025]
👉 लाल व काली मिट्टी प्री-कैम्ब्रियन काल के ग्रेनाइट, नाइस व क्वार्टजाइट पर विकसित होती है।
👉 यह मिट्टी अपेक्षाकृत कम उत्पादक होती है।
👉 इसका विस्तार अरावली के पूर्वी भाग में है।
👉 इसमें मुख्यतः मक्का, बाजरा, दालें व तिलहन उगाए जाते हैं।
✍️ सही उत्तर है – लाल और काली
राजस्थान में निम्नलिखित में से किस प्रकार की मिट्टी सबसे अधिक क्षेत्र में पाई जाती है ?
नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर चुनें।
[जेल प्रहरी (Shift-1st) 12.04.2025]
👉 राजस्थान में सबसे अधिक क्षेत्रफल पर मरुस्थली/रेगिस्तानी मिट्टी पाई जाती है।
👉 इसे एरिडिसोल्स व एंटीसोल्स भी कहा जाता है।
👉 यह मिट्टी मुख्यतः थार मरुस्थल (पश्चिमी राजस्थान) में फैली है।
👉 इसकी विशेषताएँ – शुष्क, रेतीली बनावट और कार्बनिक पदार्थों की कमी।
✍️ सही उत्तर है – मरुस्थली (रेगिस्तानी) मिट्टी