निम्नलिखित जिलों में से कौन सा कत्थे का मुख्य उत्पादक नहीं है ?

[JEN (विद्युत/यांत्रिक) (डिप्लोमा) 26.12.2020]

  • बूंदी 

  • झालावाड़ 

  • भरतपुर 

  • बीकानेर 

🔹 व्याख्या:

👉 कत्थे का उत्पादन राजस्थान में उन जिलों में होता है जहाँ वन क्षेत्र पर्याप्त मात्रा में है और प्राकृतिक वनस्पतियाँ उपलब्ध हैं।
👉 उदयपुर, सलुम्बर, चित्तौड़गढ़, झालावाड़, बूंदी, भरतपुर और जयपुर कत्थे के मुख्य उत्पादक जिले हैं।
👉 जबकि बीकानेर का नाम कत्था उत्पादक जिलों में नहीं आता, क्योंकि वहाँ वन क्षेत्र सीमित है और आवश्यक वनस्पतियाँ उपलब्ध नहीं हैं।

✍️ सही उत्तर है – बीकानेर 

भारत में राष्ट्रीय शुष्क बागवानी अनुसंधान केन्द्र (एनआरसीएएच) अवस्थित है 

[पुस्तकालयाध्यक्ष ग्रेड - III 19.09.2019]

  • जैसलमेर 

  • बाड़मेर 

  • जोधपुर 

  • बीकानेर 

🔹 व्याख्या:

👉 भारत में राष्ट्रीय शुष्क बागवानी अनुसंधान केन्द्र (एनआरसीएएच) बीकानेर में अवस्थित है।

31 मार्च, 2011 की स्थिति के अनुसार राजस्थान में सर्वाधिक वन क्षेत्र पाया जाता है

[JEN (यांत्रिकी डिग्री) 21.08.2016]

  • उदयपुर एवं बारां जिलों में 

  • सिरोही एवं बूँदी जिलों में

  • अलवर एवं प्रतापगढ़ जिलों में

  • करौली एवं चित्तौड़गढ़ जिलों में 

🔹 व्याख्या:

👉 31 मार्च, 2011 की स्थिति अनुसार राजस्थान के जिलों का वन क्षेत्र दिया गया है।
👉 इनमें से उदयपुर जिले में सर्वाधिक वन क्षेत्र है — 4161.92 वर्ग कि.मी.
👉 बारां जिले में भी वन क्षेत्र पर्याप्त है — 2250.56 वर्ग कि.मी.
👉 अन्य विकल्पों की तुलना में यह संयोजन सबसे अधिक वन विस्तार दर्शाता है।

✍️ सही उत्तर है – उदयपुर एवं बारां जिलों में

वन रिपोर्ट 2017 के अनुसार निम्नलिखित जिलों में से कौन से जिले में राजस्थान में सर्वाधिक झाड़ी क्षेत्र पाया जाता है 

[कनिष्ठ अनुदेशक (फिटर) 23.03.2019]

  • जयपुर

  • करौली 

  • पाली 

  • उदयपुर

🔹 व्याख्या:

👉 स्टेट ऑफ फॉरेस्ट रिपोर्ट 2017 के अनुसार, राजस्थान का वन आच्छादित कुल क्षेत्रफल 9.57% है।
👉 वन क्षेत्र में वार्षिक शुद्ध लाभ की रिपोर्ट देने वाले शीर्ष 10 देशों में भारत को 8वाँ स्थान प्राप्त है।
👉 राजस्थान में वन और वृक्ष आच्छादन सहित कुल भूमि क्षेत्र लगभग 24.4% है।
👉 यह आँकड़ा भारतीय वन सर्वेक्षण विभाग द्वारा प्रमाणित किया गया है।

सन् 2019 की भारतीय वन रिपोर्ट के अनुसार पिछले दो वर्ष में राजस्थान में वन क्षेत्रफल में कितना परिवर्तन हुआ है ? 

[JEN (विद्युत/यांत्रिक) (डिप्लोमा) 26.12.2020]

  • + 16.79 वर्ग किमी.  

  • - 16.79 वर्ग किमी.

  • – 57.51 वर्ग किमी. 

  • + 57.51 वर्ग किमी. 

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान में 31 मार्च 2017 को वनाच्छादित क्षेत्र था 32,737 वर्ग कि.मी., जबकि 31 मार्च 2019 को यह बढ़कर 32,845.30 वर्ग कि.मी. हो गया।
👉 इसका अंतर = 32,845.30 – 32,737 = +108.30 वर्ग कि.मी.

👉 लेकिन ISFR‑2019 रिपोर्ट में पिछले दो वर्षों में (2017–2019) दिखाया गया वास्तविक वृद्धि आंकड़ों के अनुसार लगभग +57.51 वर्ग कि.मी. बताई गई है।

✍️ सही उत्तर है – + 57.51 वर्ग किमी. 

राजस्थान में काष्ठ जीवाश्म उद्यान (woodfossilpark) किस स्थान पर स्थित है ? 

[JEN (Civil Diploma) 21.08.2016]

  • लोद्रवा

  • तनोट 

  • गड़ीसर 

  • आकल

आकल वुड फॉसिल पार्क (Akal Wood Fossil Park) राजस्थान के जैसलमेर जिले में स्थित एक प्रमुख राष्ट्रीय भूवैज्ञानिक स्मारक है। यह स्थान लगभग 18 करोड़ वर्ष (जुरासिक काल) पुराने प्राचीन लकड़ी के जीवाश्मों (Fossils) के लिए विश्व प्रसिद्ध है,

कमरों को खुशबूदार एवं ठण्डा करने के लिए किस घास का उपयोग किया जाता है ?

[कनिष्ठ अनुदेशक (कोपा) 24.03.2019]

  • खस

  • धामण 

  • सेवण  

  • अन्जन

🔹 व्याख्या:

👉 खस एक सुगंधित घास है जिसका उपयोग कमरों को ठंडा और खुशबूदार बनाने के लिए किया जाता है।
👉 इससे तेल निकाला जाता है और टाटियाँ बनाई जाती हैं जो गर्मी में शीतलता प्रदान करती हैं।
👉 यह विशेष रूप से भरतपुर, सवाई माधोपुर और टोंक जिलों में उत्पादित होती है।

✍️ सही उत्तर है – खस 

भारतीय वन सर्वेक्षण की रिपोर्ट के अनुसार, द्विवर्षीय मूल्यांकन अवधि 2013-15 में राज्य के वनाच्छादित क्षेत्र में वृद्धि दर्ज की गई

[लिपिक ग्रेड-II 19.08.2018]

  • 500 वर्ग किमी. की

  • 150 वर्ग किमी. की 

  • 85 वर्ग किमी. की 

  • 100 वर्ग किमी. की 

🔹 व्याख्या:

👉 भारतीय वन सर्वेक्षण की रिपोर्ट के अनुसार, द्विवर्षीय मूल्यांकन अवधि 2013-15 में राज्य के वनाच्छादित क्षेत्र में 85 वर्ग किमी. की वृद्धि दर्ज की गई।

भारत में सबसे अधिक विस्तृत क्षेत्र में कौनसा 'वन' प्रकार है ? 

[लिपिक ग्रेड -II 16.09.2018]

  • हिमालयी नम समशीतोष्ण वन

  • उष्णकटिबंधीय शुष्क पर्णपाती वन 

  • उष्णकटिबंधीय अर्द्ध सदाबहार वन 

  • उष्णकटिबंधीय शुष्क सदाबहार वन

🔹 व्याख्या:

👉 उष्णकटिबंधीय पर्णपाती वन भारत में सबसे अधिक विस्तार वाले वन प्रकार हैं, जिन्हें आमतौर पर मानसूनी वन भी कहा जाता है।
👉 ये वन दो प्रकार के होते हैं – नम पर्णपाती वन (घास व पेड़ों का मिश्रण) और शुष्क पर्णपाती वन।
👉 यह वन प्रकार कर्क रेखा और मकर रेखा के बीच भूमध्य रेखा पट्टी में पाया जाता है।
👉 नाम से ही स्पष्ट है कि ये वन पतझड़ प्रकृति के होते हैं यानी गर्मी में पत्तियाँ झड़ती हैं।

राजस्थान की मोठा पादप प्रजाति किस वास का वर्ग है ? 

[कनिष्ठ अनुदेशक (फिटर) 23.03.2019]

  • रेतीलावास

  • पहाड़ीवास 

  • खारावास 

  • जलवास 

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान की मोठा पादप प्रजाति विशेष वर्ग से संबंधित है।
👉 यह प्रजाति जलवास वर्ग में आती है।

✍️ सही उत्तर है – जलवास 

भारतीय वन नीति के अनुसार अरावली पहाड़ियों में कितनी प्रतिशत वनाच्छादित होनी चाहिए ? 

[आर्थिक अन्वेषक परीक्षा 25.03.2019]

  • 20%

  • 33% 

  • 65% 

  • 50%

🔹 व्याख्या:

👉 भारतीय वन नीति के अनुसार अरावली पहाड़ियों में 65% प्रतिशत वनाच्छादित होनी चाहिए।

राजस्थान में उष्ण कटिबंधीय शुष्क पतझड़ वाले वन कहाँ पाये जाते हैं

[कनिष्ठ वैज्ञानिक सहायक (सीरम) 15.09.2019]

  • दौसा 

  • जयपुर

  • टोंक

  • अलवर

🔹 व्याख्या:

👉 उष्ण कटिबंधीय शुष्क पतझड़ वाले वन अरावली पर्वत श्रेणी के उत्तरी और पूर्वी ढालों पर पाए जाते हैं।
👉 वन अलवर, भरतपुर, धौलपुर, सिरोही, उदयपुर, चित्तौड़गढ़, कोटा, बारां, बूँदी, सवाई माधोपुर आदि जिलों में हैं।
👉 इनमें से केवल अलवर ऐसा जिला है जहाँ ये वन प्रमुख रूप से पाए जाते हैं।

✍️ सही उत्तर है – अलवर 

विश्व ओजोन दिवस __ को मनाया जाता है ?

[अन्वेषक परीक्षा 27.12.2020]

  • 22 जून  

  • 10 अगस्त

  • 22 मई

  • 16 सितम्बर

🔹 व्याख्या:

👉 विश्व ओजोन दिवस प्रतिवर्ष 16 सितम्बर को मनाया जाता है, जिसका उद्देश्य ओजोन परत के संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाना है।
👉 इस दिन को मनाने का उद्देश्य ओजोन क्षरण की जानकारी देना और संरक्षण के उपायों की खोज करना होता है।
👉 19 दिसम्बर 1994 को संयुक्त राष्ट्र महासभा ने इसे अंतर्राष्ट्रीय दिवस के रूप में मान्यता दी।
👉 इससे पूर्व 16 सितम्बर 1987 को संयुक्त राष्ट्र व 45 देशों ने मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल पर हस्ताक्षर किए थे।

निम्नलिखित में से कौन सा वनोत्पाद राजस्थान के ग्रामीण क्षेत्रों में शराब बनाने में काम लिया जाता है 

[JEN (विद्युत/यांत्रिक) (डिप्लोमा) 26.12.2020]

  • बाँस 

  • सेब

  • महुआ 

  • आम 

🔹 व्याख्या:

👉 महुआ वृक्ष से प्राप्त फल का उपयोग राजस्थान के दक्षिणी जिलों के आदिवासी क्षेत्रों में तेल एवं शराब बनाने में किया जाता है।
👉 यह वृक्ष डूंगरपुर, बाँसवाड़ा, उदयपुर, सलुम्बर, चित्तौड़गढ़ और झालावाड़ जिलों में अधिक पाया जाता है।
👉 विशेष रूप से भील जनजाति इस वनोत्पाद का पारंपरिक रूप से उपयोग करती है।

✍️ सही उत्तर है – महुआ 

निम्नलिखित को सुमेलित कीजिए तथा नीचे दिये गये कूटों का प्रयोग कर सही उत्तर का चयन कीजिए : 

    वनोत्पाद                 वृक्ष 

(i) इमारती लकड़ी       (a) खैर 

(ii) चारकोल              (b) कीकर 

(iii) कत्था                 (c) तेंदू 

(iv) बीड़ी                  (d) शीशम

[कनिष्ठ वैज्ञानिक सहायक (प्रलेख) 22 .09.2019]

Codes / कूट :

            (i)   (ii)   (iii)  (iv) 

  • (d)   (b)   (a)   (c)

  • (a)   (b)   (c)   (d) 

  • (c)   (b)   (d)   (a) 

  • (d)   (c)   (b)   (a) 

🔹 व्याख्या:

👉 सागौन की लकड़ी (Teak) अपने स्थायित्व व जल प्रतिरोधकता के लिए जानी जाती है, जिसका उपयोग निर्माण व फर्नीचर में व्यापक रूप से होता है।
👉 चारकोल (कोयला) का उत्पादन धोकड़ा वृक्ष से होता है, जो ईंधन स्रोत और औद्योगिक कार्यों में प्रयुक्त होता है।
👉 कत्यु (कैटेचु) खैर वृक्ष से प्राप्त होता है, जो औषधीय गुणों के कारण और बीड़ी निर्माण में उपयोगी होता है।
👉 देशी सिगरेट (बीड़ी) तेंदू वृक्ष की पत्तियों से बनाई जाती है, जो भारतीय पारंपरिक धूम्रपान का साधन है।

निम्नांकित में से राजस्थान में मरुस्थलीकरण का प्रमुख कारण कौनसा नहीं है ? 

[कनिष्ठ अनुदेशक (वेल्डर) 26.03.2019]

  • नमी की कमी 

  • नगरीकरण 

  • अति पशुचारण 

  • शुष्क कृषि  

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान में मरुस्थलीकरण का प्रमुख कारण नमी की कमी, अति पशुचारण, नगरीकरण है।

अरावली पहाड़ियों में सालर वृक्ष किस ऊँचाई पर मिलते हैं ?

[कनिष्ठ अनुदेशक (फिटर) 23.03.2019]

  • 750 मीटर से कम 

  • 450 मीटर से कम

  • 450 मीटर से अधिक 

  • 750 मीटर से अधिक 

🔹 व्याख्या:

👉 सालार वन सामान्यतः 450 मीटर से अधिक ऊँचाई वाले क्षेत्रों में विकसित होते हैं।
👉 ये वन मुख्य रूप से अरावली पर्वतमाला की उन्हीं ऊँचाई वाली ढलानों पर पाए जाते हैं।
👉 इन वनों की विशिष्ट ऊँचाई पर उपस्थिति से इनका पर्वतीय पारिस्थितिकी तंत्र से गहरा संबंध स्पष्ट होता है।
👉 यह वन प्रदेश की भौगोलिक विविधता का भी प्रमाण हैं।

विश्व पर्यावरण दिवस कब मनाया जाता है ? 

[कनिष्ठ वैज्ञानिक सहायक (प्रलेख) 22 .09.2019]

  • 22 मार्च 

  • 5 जून

  • 5 मई

  • 22 अप्रैल

🔹 व्याख्या:

👉 विश्व पर्यावरण दिवस हर वर्ष 5 जून को मनाया जाता है, जिसकी स्थापना 1972 में संयुक्त राष्ट्र द्वारा स्टॉकहोम सम्मेलन में की गई थी।
👉 इसे पहली बार 1974 में मनाया गया और इसका पहला विषय था – "केवल एक पृथ्वी"।
👉 2022 में भी इसका विषय वही था – "केवल एक पृथ्वी", जिससे इसका मूल संदेश दोहराया गया। 

राजस्थान के कितने प्रतिशत भू-क्षेत्र पर वनों का विस्तार है (मार्च, 2011) ? [*]

[JEN (यांत्रिक डिप्लोमा) 21.08.2016]

  • 9.55 

  • 10.21 

  • 7.68

  •  9.49 

राजस्थान के निम्नलिखित में से किस जिले में न्यूनतम वनाच्छादित क्षेत्रफल है ? 

[कनिष्ठ वैज्ञानिक सहायक (भौतिक) 21.09.2019]

  • सिरोही 

  • जालौर 

  • गंगानगर 

  • चुरू 

🔹 व्याख्या:

👉 जिलेवार वन क्षेत्र विवरण -

  • चूरू: 79.91 वर्ग कि.मी.

  • गंगानगर: 633.44 वर्ग कि.मी.

  • सिरोही: 1642.12 वर्ग कि.मी.

  • जालौर: 522.19 वर्ग कि.मी.

👉 इनमें सबसे न्यूनतम वनाच्छादित क्षेत्र चूरू जिले का है।

✍️ सही उत्तर है – चूरू 

राजस्थान में किस जिले का सर्वाधिक क्षेत्रफल वनों के अन्तर्गत है

[JEN (Civil डिग्री) 16.10.2016]

  • करौली

  • उदयपुर

  • चितौड़गढ़ 

  • बारां 

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान में सर्वाधिक वन क्षेत्र वाला जिला है – उदयपुर।
👉 यहाँ वनों का क्षेत्रफल है – 4161.92 वर्ग कि.मी., जो राज्य के सभी जिलों में सबसे अधिक है।
👉 इसके बाद प्रतापगढ़ (1666.92), चित्तौड़गढ़ (1789.02) व करौली (1810.16) आते हैं, परंतु ये उदयपुर से कम हैं।

✍️ सही उत्तर है – उदयपुर

राजस्थान के दक्षिणी भाग में 250 से 450 मी. की ऊँचाई पर सर्वाधिक संख्या में पाए जाने वाले वृक्ष हैं - 

[लिपिक ग्रेड -II 12.08.2018]

  • पलाश

  • धोकड़ा 

  • सालर 

  • सागवान 

🔹 व्याख्या:

👉 दक्षिणी राजस्थान के वनों में सर्वाधिक पाए जाने वाले उपयोगी वृक्षों में सागवान प्रमुख है।
👉 यह विशेष रूप से बाँसवाड़ा, डूंगरपुर, चित्तौड़गढ़, उदयपुर, सलुम्बर जिलों में मिलता है।
👉 सागवान की लकड़ी को इमारती उपयोग के लिए अत्यधिक उपयुक्त माना गया है।

✍️ सही उत्तर है – सागवान 

राजस्थान के कौनसे भाग में बाँस वन पाये जाते हैं ? 

[कनिप्ठ अनुदेशक (मैकेनिक) 23.12.2019]

  • उत्तरी क्षेत्र

  • पश्चिमी क्षेत्र

  • पूर्वी क्षेत्र

  • दक्षिणी क्षेत्र

🔹 व्याख्या:

👉 बाँस का उपयोग टोकरी, झोंपड़ी, कागज, फर्नीचर आदि बनाने में होता है।
👉 यह वनस्पति मुख्यतः बाँसवाड़ा, उदयपुर, सलुम्बर, चित्तौड़गढ़, सिरोही और भरतपुर जैसे दक्षिणी जिलों में पाई जाती है।
👉 अतः राजस्थान में बाँस वन दक्षिणी क्षेत्र में पाए जाते हैं।

✍️ सही उत्तर है – दक्षिणी क्षेत्र 

पश्चिमी राजस्थान में भूल पर्यावरणीय आपदा क्या है ? [*]

[JEN (Civil डिग्री) 16.10.2016]

  • जलाभाव 

  • सूखा व अकाल

  • मरुस्थलीकरण 

  • मृदा अपरदन

📌 महत्वपूर्ण सूचना: इस प्रश्न को बोर्ड द्वारा 'डिलीट' या अमान्य घोषित किया गया है।  

राजस्थान में निम्न लिखित में से कौन से दो जिले अधिकतम वन क्षेत्र रखते हैं ? 

[संकलनकर्ता परीक्षा 21.08.2016]

  • झालावाड़ और कोटा

  • सिरोही और बांसवाड़ा 

  • उदयपुर और बारां 

  • चित्तोड़गढ़ और बूंदी 

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान में उदयपुर का वन क्षेत्र सबसे अधिक है — 4161.92 वर्ग कि.मी.
👉 इसके बाद बारां जिले में 2250.56 वर्ग कि.मी. वन क्षेत्र है, जो अन्य सभी विकल्पों से अधिक है।
👉 इसलिए ये दोनों जिले राज्य में अधिकतम वन क्षेत्र वाले जिले हैं।

✍️ सही उत्तर है – उदयपुर और बारां 

राजस्थान के कौनसे जिले में वन रिपोर्ट-2017 के अनुसार सर्वाधिक वन क्षेत्र है ? 

[कनिप्ठ अनुदेशक (रेफ्रीजरेशन) 24.12.2019]

  • प्रतापगढ़                                                                     

  • अलवर 

  • उदयपुर 

  • सिरोही 

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान के जिलेवार वन क्षेत्र में उदयपुर जिले का वन क्षेत्र 4161.92 वर्ग किमी. है, जो राज्य में सर्वाधिक है।
👉 अन्य चयनित जिलों में तुलना करें तो –

  • सिरोही: 1642.12

  • अलवर: 1784.52

  • प्रतापगढ़: 1666.92

✍️ सही उत्तर है – उदयपुर 

अरावली वनरोपण परियोजना आरम्भ की गई 

[लिपिक ग्रेड-II 19.08.2018]

  • 2007

  • 1992-93 

  • 2001-02

  • 1995-96

🔹 व्याख्या:

👉 अरावली वनीकरण परियोजना की शुरुआत 1992-93 में की गई थी।
👉 इसका उद्देश्य मरुस्थलीकरण की रोकथाम, सघन वनीकरण द्वारा पारिस्थितिक स्थिति में सुधार करना है।
👉 परियोजना से ईंधन, चारा, फल, लकड़ी व लघु वनोपज की पूर्ति होती है और मृदा अपरदन व जल सन्तुलन में सुधार होता है।
👉 यह योजना ग्रामीण/आदिवासी रोजगार, वन्यजीव आवास सुधार तथा सामाजिक-आर्थिक स्थिति को भी बेहतर बनाती है। 

निम्नलिखित में से कौन-सा औषधीय पौधा नहीं है ? 

[CET (स्नातक) 27.09.2024 प्रथम चरण]

  • कुरकुमा लाँग

  • ओसिमम संक्टुम 

  • कोरचोरस कैप्सुलारिस 

  • इम्बलिका ऑफिसिनालिस 

🔹 व्याख्या:

👉 इम्बलिका ऑफिसिनालिस (आँवला), कुरकुमा लाँग (हल्दी) और ओसिमम संक्टुम (तुलसी) — ये सभी औषधीय पौधे हैं।
👉 जबकि कोरचोरस कैप्सुलारिस एक रेशेदार पौधा है, जिससे पटसन (जूट) प्राप्त होता है, न कि औषधीय उपयोग के लिए।
👉 अतः यह औषधीय पौधा नहीं है।

✍️ सही उत्तर है – कोरचोरस कैप्सुलारिस 

राजस्थान में 'राजस्थान राज्य पर्यावरण नीति' किस वर्ष में लागू की गई ?

[लवण निरीक्षक (उद्योग) 22.12.2019]

  • 2010

  • 2015 

  • 2005 

  • 2017

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान राज्य पर्यावरण नीति वर्ष 2010 में घोषित की गई थी, जो प्रमुख पर्यावरणीय चुनौतियों की पहचान कर उनके समाधान हेतु रणनीति और कार्यों की रूपरेखा तैयार करती है।
👉 यह नीति राज्य-विशिष्ट मुद्दों के विश्लेषण पर आधारित है, जैसे प्राकृतिक संसाधनों की कमी और पर्यावरण पर उनके प्रभाव।
👉 2010-2014 के लिए इसमें अनुकूलन व शमन हेतु पर्यावरण मिशन और जलवायु परिवर्तन एजेंडा भी सम्मिलित किए गए।
👉 यह नीति स्थायी विकास के दृष्टिकोण से एक महत्वपूर्ण दस्तावेज मानी जाती है।

राजस्थान में निम्नलिखित में से किस प्रकार की वनस्पति नहीं पायी जाती है ?

[पुस्तकालयाध्यक्ष 13.11.2016]

  • शुष्क एवं अर्द्धशुष्क पर्णपाती

  • उष्णकटिबन्धीय कंटीली 

  • उपोष्ण कटिबन्धीय सदाहरित

  • उष्णकटिबन्धीय सदाहरित 

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान में मुख्यतः तीन प्रकार की वनस्पति पाई जाती है — उष्ण कटिबंधीय कंटीली वनस्पति, शुष्क पर्णपाती वन, तथा उपोष्ण पर्वतीय वन।
👉 उष्णकटिबन्धीय सदाहरित वनस्पति का राजस्थान में कोई उल्लेख नहीं है, क्योंकि यहाँ की जलवायु इसके अनुकूल नहीं है।
👉 शुष्क एवं अर्द्धशुष्क क्षेत्र होने के कारण यहाँ कंटीली व पतझड़ वनस्पति ही पाई जाती है।

✍️ सही उत्तर है – उष्णकटिबन्धीय सदाहरित 

'कत्था' किस वृक्ष से निकाला जाता है ? 

[लिपिक ग्रेड -II 12.08.2018]

  • सालर 

  • खैर

  • सागवान 

  • खेजड़ी 

🔹 व्याख्या:

👉 कत्था एक उपयोगी वन उपज है जिसे खैर वृक्ष से प्राप्त किया जाता है।
👉 इसका उत्पादन राजस्थान के उदयपुर, सलुम्बर, चित्तौड़गढ़, झालावाड़, बूँदी, भरतपुर और जयपुर जिलों में होता है।
👉 राज्य में प्रतिवर्ष लगभग 350 टन कत्थे का उत्पादन किया जाता है।

✍️ सही उत्तर है – खैर 

राजस्थान के निम्नलिखित जिलों में से कौनसा न्यूनतम प्रतिशत वन क्षेत्र वाला है? 

[लिपिक ग्रेड -II 16.09.2018]

  • जैसलमेर 

  • नागौर 

  • बाराँ 

  • चुरु 

🔹 व्याख्या:

👉 चूरू जिले में केवल 79.91 वर्ग कि.मी. क्षेत्र पर वन हैं।
👉 यह जैसलमेर (607.70), बारां (2250.56), और नागौर (242.40) से बहुत कम है।
👉 इस प्रकार, इन चारों में न्यूनतम वन क्षेत्र वाला जिला – चूरू है।

✍️ सही उत्तर है – चूरू

निम्नलिखित में से कौन सी वनस्पति प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में उपयोगी है ? 

[JEN (विद्युत/यांत्रिक) (डिप्लोमा) 26.12.2020]

  • अश्वगंधा 

  • ब्राह्मी 

  • ग्वारपाठा 

  • अर्जुन 

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान में अनेक औषधीय पौधे वनों में पाए जाते हैं।
👉 इनमें से अश्वगंधा एक प्रमुख औषधीय पौधा है, जिसका उपयोग शारीरिक शक्ति व रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए किया जाता है।
👉 यह पौधा आयुर्वेद में बहुत महत्त्वपूर्ण माना गया है।

✍️ सही उत्तर है – अश्वगंधा 

केन्द्रीय मरु क्षेत्र अनुसंधान संस्थान ____में स्थित है ।

[कृषि पर्यवेक्षक परीक्षा 03.03.2019]

  • बाड़मेर

  • अजमेर 

  • जोधपुर 

  • बीकानेर 

🔹 व्याख्या:

👉 केंद्रीय शुष्क क्षेत्र अनुसंधान संस्थान की स्थापना 1952 में जोधपुर (राजस्थान) में भारत सरकार द्वारा की गई थी।
👉 प्रारंभ में इसे मरुस्थलीय वनरोपण अनुसंधान स्टेशन कहा जाता था।
👉 बाद में वर्ष 1959 में इसका नाम परिवर्तित कर वर्तमान नाम दिया गया।
👉 यह संस्थान शुष्क क्षेत्रों के वन विकास और अनुसंधान में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाता है। 

वैधानिक स्थिति (31 मार्च, 2011) के आधार पर राजस्थान के वनों के सम्बन्ध में निम्नलिखित कथनों का परीक्षण कीजिए तथा नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए- 

  1. राजस्थान के कुलं वन क्षेत्र में आरक्षित एवं संरक्षित वनों का क्षेत्र क्रमशः 55.84 व 37.94 प्रतिशत है ।
  2. राज्य में सबसे अधिक आरक्षित वन उदयपुर व चित्तौड़गढ़ जिलों में पाए जाते हैं । 
  3. राज्य में सबसे अधिक संरक्षित वन बारां व करौली जिलों में पाए जाते हैं । 
  4. राज्य में सबसे अधिक अवर्गीकृत वन बीकानेर व गंगानगर जिलों में पाए जाते हैं । 

ग्रामसेवक & छात्रा. अधीक्षक 18.12.2016

कूट - 

  • ii, iii और iv 

  • i, ii और iv 

  • केवल i

  • i, ii और iii 

🔹 व्याख्या:

👉 पहला कथन – गलत है, क्योंकि इसमें प्रतिशत 55.84 व 37.94% बताया गया है, जबकि सही क्रम 36.99% (आरक्षित) और 56.51% (संरक्षित) है।

निम्नलिखित में से कौनसा वृक्ष बीड़ी बनाने में काम आता है ? 

[कनिष्ठ वैज्ञानिक सहायक (जैविक) 15.09.2019]

  • तेंदू 

  • बाँस

  • खस 

  • नीम

🔹 व्याख्या:

👉 बीड़ी बनाने में उपयोग होने वाला प्रमुख वनोत्पाद है तेंदू पत्ता।
👉 तेंदू के वृक्ष विशेष रूप से झालावाड़, कोटा, बूंदी, उदयपुर और चित्तौड़गढ़ जिलों में बहुतायत से पाए जाते हैं।
👉 राज्य सरकार इन पत्तियों के ठेके देती है जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार भी मिलता है।

✍️ सही उत्तर है – तेंदू 

राजस्थान के किस भाग में शुष्क सागवान के वन पाये जाते हैं ?

[संकलनकर्ता परीक्षा 21.08.2016]

  • मध्य राजस्थान 

  • उत्तरी-पूर्वी राजस्थान

  •  दक्षिणी राजस्थान

  •  पूर्वी राजस्थान

🔹 व्याख्या:

👉 शुष्क सागवान के वन विशेष रूप से दक्षिणी राजस्थान में पाए जाते हैं।
👉 ये वन मुख्यतः बाँसवाड़ा, डूंगरपुर, चित्तौड़गढ़, उदयपुर, सलुम्बर आदि जिलों में फैले हैं।
👉 यहाँ की जलवायु सागवान वृक्षों के विकास के लिए अनुकूल है।

✍️ सही उत्तर है – दक्षिणी राजस्थान 

राजस्थान में सदाबहार बन पाए जाते हैं ?

[कनिष्ठ वैज्ञानिक सहायक (विष) 14.09.2019]

  • माउंट आबू में 

  • अजमेर में

  • उदयपुर में

  • कोटा में 

🔹 व्याख्या:

👉 सदाबहार एवं अर्ध-सदाबहार वनों की उपस्थिति राजस्थान में केवल उप-उष्ण कटिबंधीय पर्वतीय वन क्षेत्र में पाई जाती है।
👉 यह वनस्पति विशेष रूप से सिरोही जिले के माउंट आबू पर्वतीय क्षेत्र में मिलती है।
👉 इस प्रकार के वनों को उप-उष्ण पर्वतीय वन की श्रेणी में रखा गया है।

✍️ सही उत्तर है – माउंट आबू में 

राजस्थान में किस प्रकार के प्रशासनिक वन क्षेत्र सर्वाधिक पाये जाते हैं ? 

[उद्योग प्रचार अधिकारी 22.07.2018]

  • असुरक्षित वन

  • अवर्गीकृत वन

  • सुरक्षित वन 

  • वर्जित वन

🔹 व्याख्या:

👉 सुरक्षित वन कुल वन का 56.51% है

स्टेट आफ फोरेस्ट रिपोर्ट 2017 के अनुसार 'रक्षित वन' श्रेणी के अन्तर्गत राजस्थान के कुल वन क्षेत्र का प्रतिशत अंश है 

[पशुधन सहायक (LSA) 21.10.2018]

  • 38.11%

  • 55.65% 

  • 9.57% 

  • 6.24%

🔹 व्याख्या:

👉 राज्य वन रिपोर्ट 2017 के अनुसार, राजस्थान के कुल दर्ज वन क्षेत्र का 38.11% भाग आरक्षित वन श्रेणी में शामिल है।
👉 यह श्रेणी वे वन क्षेत्र होते हैं जिनमें कानूनी संरक्षण अधिक होता है और सरकारी नियंत्रण सख्त रहता है।
👉 इन वनों का मुख्य उद्देश्य प्राकृतिक संसाधनों और वन्य जीवों का संरक्षण होता है। 

अरावली वृक्षारोपण परियोजना किस वर्ष में प्रारम्भ हुई ?

[अन्वेषक परीक्षा 27.12.2020]

  • 1992

  • 1990

  • 1994

  • 1993

🔹 व्याख्या:

👉 राज्य में अरावली पर्वत श्रृंखला को हरित करने हेतु एक विशेष वृक्षारोपण परियोजना प्रारम्भ की गई थी।
👉 यह परियोजना जापानी सहयोग से प्रारम्भ हुई और इसका उद्देश्य वन विकास, जैव विविधता संरक्षण व जल संरक्षण था।
👉 यह परियोजना वर्ष 1992 में प्रारम्भ की गई थी।

✍️ सही उत्तर है – 1992 

निम्नलिखित में से कौन सा जिला शुष्क मैदानी कृषि जलवायु प्रदेश का भाग नहीं है ? 

[अन्वेषक परीक्षा 27.12.2020]

  • जोधपुर

  • बीकानेर

  • पाली 

  • जैसलमेर

🔹 व्याख्या:

👉 शुष्क मैदानी कृषि जलवायु प्रदेश में वे क्षेत्र आते हैं जहाँ वर्षा बहुत कम होती है और अधिक तापमान होता है।
👉 बीकानेर, जैसलमेर और जोधपुर जैसे जिले इस शुष्क जलवायु प्रदेश में सम्मिलित हैं।
👉 जबकि पाली जिला आर्द्रता और वर्षा की दृष्टि से अपेक्षाकृत भिन्न है, अतः यह इस प्रदेश का भाग नहीं है।

✍️ सही उत्तर है – पाली 

'JFM' का पूरा नाम क्या है ? 

[कनिष्ठ वैज्ञानिक सहायक (रसायन) 14.09.2019]

  • जयपुर वन प्रबंधन 

  • कनिष्ठ वन प्रबंधन 

  • संयुक्त वन प्रबंधन

  • ज्यूरी वन प्रबंधन

🔹 व्याख्या:

👉 JFM का आशय है Joint Forest Management, जिसे हिंदी में संयुक्त वन प्रबंधन कहा जाता है।
👉 यह योजना वनों के संरक्षण और विकास हेतु स्थानीय ग्रामीणों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए चलाई जाती है।
👉 इसके अंतर्गत ग्राम स्तर पर वन सुरक्षा समितियाँ गठित की जाती हैं जो वनों के संरक्षण में सहायता करती हैं।

✍️ सही उत्तर है – संयुक्त वन प्रबंधन 

शुष्क सागवान के सघन वन राजस्थान के किन जिलों में मिलते हैं 

[पशुधन सहायक (LSA) 21.08.2016]

  • कोटा, बूँदी 

  • बाँसवाड़ा, डूंगरपुर 

  • झालावाड़, भरतपुर

  • चित्तौड़गढ़, भीलवाड़ा 

🔹 व्याख्या:

👉 शुष्क सागवान के सघन वन राजस्थान के दक्षिणी जिलों में पाए जाते हैं।
👉 विशेष रूप से यह वन बाँसवाड़ा और डूंगरपुर जिलों में सघन रूप से मिलते हैं।
👉 इन जिलों की जलवायु सागवान वृक्ष के लिए अनुकूल मानी जाती है।

✍️ सही उत्तर है – बाँसवाड़ा, डूंगरपुर 

राजस्थान के वनों के सम्बन्ध में निम्नलिखित कथनों का परीक्षण कीजिए तथा नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए-

  1.                         सागवान के वन राजस्थान के दक्षिणी भाग में संकेन्द्रित हैं. 
  2.                         सागवान के वन 75 से 110 सेमी. औसत वार्षिक वर्षा वाले क्षेत्रों में पाए जाते हैं । 
  3.                         उपोष्ण कटिबन्धीय सदाबहार वन माउण्ट आबू पर पाए जाते हैं ।
  4.                         पश्चिमी राजस्थान के वन मिश्रित पतझड़ वाले हैं । 

[पटवार प्री. परीक्षा 2015]

कूट - 

  • (i) और (ii) 

  • (iii) और (iv) 

  • (ii) और (iii) 

  • (i), (ii) और (iii)

1.राजस्थान में शुष्क सागवान (ड्राई टीक) वन मुख्य रूप से दक्षिणी और दक्षिण-पूर्वी क्षेत्रों में पाए जाते है 2. बांसवाड़ा और उदयपुर इन वनों के प्रमुख केंद्र हैं 3.सागवान वनों के प्रमुख क्षेत्र निम्नलिखित हैं:मुख्य जिले: बांसवाड़ा और डूंगरपुर (सर्वाधिक सघनता वाले क्षेत्र)अन्य जिले: उदयपुर, प्रतापगढ़, चित्तौड़गढ़, कोटा, बारां और झालावाड़ 4. राजस्थान के कुल वन क्षेत्र का लगभग 6 से 7 प्रतिशत भाग हैं7 .ये वन 75 से 110 सेंटीमीटर वार्षिक वर्षा वाले और 250 से 450 मीटर ऊंचाई वाले क्षेत्रों में उगते हैं。8.शुष्क सागवान के अलावा इन वनों में महुआ, तेंदू, गुलर, और सालर के पेड़ भी पाए जाते हैं

राजस्थान का वह जिला जहाँ उष्ण कटिबंधीय शुष्क कंटीले वन पाये जाते हैं 

[कनिप्ठ अनुदेशक (मैकेनिक) 23.12.2019]

  • अजमेर 

  • जयपुर 

  • जैसलमेर

  • धौलपुर

🔹 व्याख्या:

👉 उष्ण कटिबंधीय शुष्क कंटीले वन राजस्थान के पश्चिमी व अर्द्ध शुष्क क्षेत्रों में पाए जाते हैं।
👉 इनमें मुख्यतः जैसलमेर, बाड़मेर, जोधपुर, बीकानेर, नागौर, चूरू आदि जिले शामिल हैं।
👉 जैसलमेर जिले में रेतीले मैदानों में झाड़ियाँ, खेजड़ी, बबूल, कैर जैसे वृक्ष मिलते हैं।

✍️ सही उत्तर है – जैसलमेर 

जिला जिसमें न्यूनतम वन प्रतिशत क्षेत्र है, वह है 

[लवण निरीक्षक (उद्योग) 22.12.2019]

  • नागौर 

  • चूरू 

  • जोधपुर 

  • जैसलमेर 

🔹 व्याख्या:

👉 वन रिपोर्ट 2023-24 के अनुसार न्यूनतम वन क्षेत्र वाले जिले 1. चूरू (79.91 वर्ग km) 2. नागोर (242.40 वर्ग km) 3. जोधपुर (246.78 वर्ग km)

राजस्थान के कुल क्षेत्रफल के कितने प्रतिशत भू-भाग पर वनों का विस्तार है (मार्च, 2011) ? 

[पशुधन सहायक (LSA) 16.10.2016]

  • 9.55 

  • 7.68 

  • 9.49 

  • 10.21

🔹 व्याख्या:

👉 मार्च 2011 तक राजस्थान के कुल क्षेत्रफल का 9.55 प्रतिशत भाग वनों से आच्छादित था।
👉 यह आँकड़ा Forest Survey of India की रिपोर्ट के अनुसार दिया गया है।
👉 यह प्रतिशत राष्ट्रीय औसत 33.33% की तुलना में काफी कम है।

2023-24 वन रिपोर्ट के अनुसार राजस्थान में कुल 9.61% भाग पर वन पाए जाते हैं

✍️ सही उत्तर है – 9.55% 

कौनसे वृक्ष की पत्तियों का उपयोग 'बीड़ी' निर्माण में होता है ? 

[लिपिक ग्रेड-II 09.09.2018]

  • धोकड़ा 

  • पलाश 

  • तेन्दू

  • सागवान

🔹 व्याख्या:

👉 बीड़ी निर्माण में तेंदू वृक्ष की पत्तियों का उपयोग किया जाता है, जिसे राज्य सरकार ठेके के रूप में देती है।
👉 तेंदू के वृक्ष विशेष रूप से झालावाड़, कोटा, बूंदी, उदयपुर, चित्तौड़गढ़ जिलों में पाए जाते हैं।
👉 इससे जुड़ा उद्योग जयपुर, अजमेर, ब्यावर, कोटा, टोंक आदि में संचालित होता है, जिससे रोजगार भी प्राप्त होता है।

✍️ सही उत्तर है – तेन्दू

निम्नलिखित में से कौन - सा केर व थोर का पसंदिदा प्राकृतिक निवास क्षेत्र है ? 

[आर्थिक अन्वेषक परीक्षा 25.03.2019]

  • पर्वतीय व वर्षा क्षेत्र 

  • रेतीले मैदान

  • जलीय 

  • जमाव क्षेत्र

🔹 व्याख्या:

👉 केर व थोर जैसे पौधे राजस्थान की शुष्क और अर्द्ध शुष्क जलवायु में पाए जाते हैं।
👉 ये पौधे विशेष रूप से रेतीले मैदानों में उगते हैं और कंटीली मरुस्थलीय वनस्पति का भाग होते हैं।
👉 यह वनस्पति जैसलमेर, बाड़मेर, बीकानेर, नागौर आदि क्षेत्रों में पाई जाती है।

✍️ सही उत्तर है – रेतीले मैदान 

काजरी (CAZRI) का पूरा नाम क्या है ?

[लिपिक ग्रेड -II 16.09.2018]

  • सेन्ट्रल ओटो जोनल रिसर्च इन्स्टीट्यूट

  • सेन्ट्रल एरिड जोनल रिसर्च इन्स्टीट्यूट

  • सेन्ट्रल एरिड जोन रिसर्च इन्स्टीट्यूट 

  • सेन्ट्रल एग्रीकल्चरल जोन रिसर्च इन्स्टीट्यूट

🔹 व्याख्या:

👉 काजरी (CAZRI) एक प्रतिष्ठित अनुसंधान संस्थान है जो शुष्क और मरुस्थलीय क्षेत्रों में कृषि संबंधी अनुसंधान करता है।
👉 इसका पूरा नाम है – Central Arid Zone Research Institute, जिसका हिंदी रूपांतरण है – सेन्ट्रल एरिड जोन रिसर्च इन्स्टीट्यूट।

✍️ सही उत्तर है – सेन्ट्रल एरिड जोन रिसर्च इन्स्टीट्यूट 

ओजोन दिवस मनाया जाता है ?

[कनिष्ठ अनुदेशक (फिटर) 23.03.2019]

  • 5 जून को 

  • 16 अक्टूबर को

  • 11 जुलाई को 

  • 16 सितम्बर को 

🔹 व्याख्या:

👉 विश्व ओजोन दिवस हर वर्ष 16 सितम्बर को मनाया जाता है।
👉 इसका उद्देश्य ओजोन परत के क्षरण के प्रति जागरूकता फैलाना और संरक्षण के उपायों पर बल देना होता है।
👉 यह दिवस संयुक्त राष्ट्र द्वारा 1994 में घोषित किया गया था।
👉 1987 में मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल पर हस्ताक्षर इसी दिन हुए थे।

✍️ सही उत्तर है – 16 सितम्बर

राजस्थान सरकार द्वारा 'पहली वन नीति' का अनुमोदन कब किया गया

[कनिष्ठ वैज्ञानिक सहायक (सीरम) 15.09.2019]

  • जून 2012

  • मार्च 2011 

  • फरवरी 2010 

  • अगस्त 2010 

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान सरकार द्वारा'पहली वन नीति' का अनुमोदन फरवरी 2010 किया गया।

ओजोन दिवस मनाया जाता है 

[प्रयोगशाला सहायक 03.02.2019]

  • 16 दिसम्बर को 

  • 16 सितम्बर को 

  • 16 जनवरी को 

  • 16 जून को

🔹 व्याख्या:

👉 ओजोन दिवस हर वर्ष उस दिन की याद में मनाया जाता है जब मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल पर हस्ताक्षर किए गए थे।
👉 यह प्रोटोकॉल ओजोन परत की रक्षा हेतु एक अंतरराष्ट्रीय समझौता था।
👉 यह दिन पर्यावरण संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने के लिए 16 सितम्बर को मनाया जाता है।

✍️ सही उत्तर है – 16 सितम्बर को 

राजस्थान के किस जिले में सागवान पाया जाता है ? [*]

[अन्वेषक परीक्षा 27.12.2020]

  • बाराँ 

  • सिरोही

  • बाँसवाड़ा

  • उदयपुर

📌 महत्वपूर्ण सूचना: इस प्रश्न को बोर्ड द्वारा 'डिलीट' या अमान्य घोषित किया गया है।  

'खस' विशेषकर उत्पादित होती है : 

[कनिष्ठ अनुदेशक (वेल्डर) 26.03.2019]

  • चित्तौड़गढ़ 

  • डूंगरपुर 

  • भरतपुर 

  • उदयपुर 

🔹 व्याख्या:

👉 खस एक सुगंधित घास है जिससे तेल निकाला जाता है और टाटियाँ बनाई जाती हैं।
👉 यह घास विशेषकर भरतपुर, सवाई माधोपुर और टोंक जिलों में उत्पादित होती है।
👉 यह घास कमरों को ठंडा रखने के लिए उपयोग में ली जाती है।

✍️ सही उत्तर है – भरतपुर 

निम्नलिखित में से कौन सा एक युग्म सही सुमेलित नहीं है ? 

[PTI ग्रेड -III 30.09.2018]

  • शुष्क मरुद्भिद - जैसलमेर 

  • सालर बाड़मेर 

  • सदाबहार वन माउन्ट आबू 

  • मिश्रित पतझड़ कोटा 

🔹 व्याख्या:

👉 सदाबहार वन माउंट आबू में पाए जाते हैं और शुष्क मरुद्भिद वनस्पति जैसलमेर में मिलती है।
👉 मिश्रित पतझड़ वन कोटा सहित दक्षिण-पूर्वी जिलों में पाए जाते हैं।
👉 जबकि सालर वृक्ष बाड़मेर में नहीं बल्कि चित्तौड़गढ़, भीलवाड़ा, कोटा, सिरोही आदि के पर्वतीय क्षेत्रों में मिलता है।

✍️ सही उत्तर है – सालर – बाड़मेर 

निम्नलिखित में से कौन सी घास राजस्थान के पश्चिमी ज़िलों में नहीं पाई जाती है ? 

[JEN (विद्युत/यांत्रिक) (डिप्लोमा) 26.12.2020]

  • धामण 

  • सेवण 

  • लाणा 

  • करड़

🔹 व्याख्या:

👉  लाणा घास राजस्थान के पश्चिमी ज़िलों में नहीं पाई जाती है।

राजस्थान के किस जिले में 'आकल वुड फोसिल पार्क' स्थित है ? 

[सुपरवाईजर परीक्षा 06.01.2019]

  • बीकानेर 

  • उदयपुर 

  • जैसलमेर 

  • सिरोही 

🔹 व्याख्या:

👉 "आकल वुड फॉसिल पार्क" राजस्थान में स्थित है।
👉 यह जैसलमेर जिले के अकाल गाँव में स्थित है और यह जड़त्वित लकड़ी के जीवाश्मों के लिए प्रसिद्ध है। 

यह स्थान लगभग 18 करोड़ वर्ष (जुरासिक काल) पुराने प्राचीन लकड़ी के जीवाश्मों (Fossils) के लिए विश्व प्रसिद्ध है 

✍️ सही उत्तर है – जैसलमेर 

राजस्थान के किन जिलों में 'खस घास' उत्पादित होती है ? 

[कनिप्ठ अनुदेशक (वायरमैन) 24.12.2019]

  • सवाई माधोपुर, भरतपुर, टोंक

  • धौलपुर, करौली, अलवर

  • कोटा, बूँदी, झालावाड़ 

  • अजमेर, बाँसवाड़ा, चित्तौडगढ़ 

🔹 व्याख्या:

👉 खस एक सुगंधित घास है जिससे तेल निकाला जाता है और टाटियाँ बनाई जाती हैं।
👉 इसका उत्पादन राजस्थान के भरतपुर, सवाई माधोपुर और टोंक जिलों में विशेष रूप से होता है।
👉 यह घास ठंडक देने वाले उपयोगों में प्रयुक्त होती है।

✍️ सही उत्तर है – सवाई माधोपुर, भरतपुर, टोंक 

राजस्थान के वे जिले जिनमें खस नाम की सुगन्धित वास प्रचुरता से उगती है। 

[प्रयोगशाला सहायक 13.11.2016]

  • भरतपुर, टोंक सवाई माधोपुर 

  • भीलवाड़ा, अजमेर, चित्तौड़गढ़

  • झालवाड़, बूँदी, कोटा 

  • करौली, अलवर. धालपुर

🔹 व्याख्या:

👉 खस एक सुगन्धित घास है जिसका उपयोग तेल निकालने व टाटियाँ बनाने में होता है।
👉 यह विशेष रूप से भरतपुर, सवाई माधोपुर और टोंक जिलों में प्रचुर मात्रा में उत्पन्न होती है।
👉 खस की खेती राजस्थान में स्थानीय उपयोग और व्यापार दोनों के लिए महत्त्वपूर्ण है।

✍️ सही उत्तर है – भरतपुर, टोंक, सवाई माधोपुर 

राजस्थान में प्रतिवर्ष 12 सितम्बर को किस स्थान पर वृक्ष महोत्सव मनाया जाता है ? 

[लिपिक ग्रेड -II 12.08.2018]

  • कैलादेवी     -       करौली

  • कोलायत     -       बीकानेर 

  • मंडौर          -       जोधपुर 

  • खेजड़ी ग्राम  -       जोधपुर

🔹 व्याख्या:

👉 12 सितम्बर को विश्नोई समाज द्वारा वृक्ष उत्सव में 363 शहीदों की स्मृति में श्रद्धांजलि दी जाती है।
👉 वर्ष 1730 ई. में खेजड़ी के पेड़ों की रक्षा करते हुए इन लोगों ने बलिदान दिया था।
👉 इस घटना को खेजड़ली आंदोलन कहा जाता है और इसी कारण खेजड़ी को राज्य वृक्ष घोषित किया गया।
👉 खेजड़ी को 1982-83 में राज्य वृक्ष घोषित किया गया और यह गफ़ वृक्ष के नाम से प्रसिद्ध है। 

बाँस मुख्यत: कहाँ पाया जाता है ? 

[कनिष्ठ अनुदेशक (वेल्डर) 26.03.2019]

  • बारां

  • उदयपुर 

  • प्रतापगढ़ 

  • अजमेर

🔹 व्याख्या:

👉 बाँस एक उपयोगी वनोत्पाद है जो झोंपड़ी, फर्नीचर, कागज, टोकरी आदि बनाने में काम आता है।
👉 यह विशेष रूप से बाँसवाड़ा, उदयपुर, सलुम्बर, चित्तौड़गढ़, सिरोही और भरतपुर जिलों में पाया जाता है।
👉 इन विकल्पों में उदयपुर ऐसा जिला है जहाँ मुख्य रूप से बाँस पाया जाता है।

✍️ सही उत्तर है – उदयपुर 

वन नीति के अनुसार कितना प्रतिशत क्षेत्र वनों से आच्छादित होना चाहिये ? 

[लिपिक ग्रेड-II 19.08.2018]

  • 25% 

  • 33% 

  • 15% 

  • 20% 

🔹 व्याख्या:

👉 राष्ट्रीय वन नीति के अनुसार प्रत्येक राज्य में 33.33 प्रतिशत क्षेत्र वनों से आच्छादित होना अपेक्षित है।
👉 राजस्थान में यह आँकड़ा अपेक्षा से काफी कम है — 31 मार्च 2023 तक केवल 9.61% क्षेत्र ही वनाच्छादित है।
👉 राज्य की भौगोलिक स्थितियाँ व मानवजनित दोहन इसके मुख्य कारण हैं। 

1.भारत सरकार ने आज़ादी के बाद पहली वन नीति 1952 में घोषित की 2. राजस्थान की पहली वन नीति 2010 में आई और राजस्थान की नई वन नीति 2023 में जारी की

✍️ सही उत्तर है – 33% 

शुष्क सागवान के वन राजस्थान के किस वन मण्डल के अन्तर्गत सर्वाधिक क्षेत्र पर विस्तृत हैं ? 

[JEN (Civil डिप्लोमा) 16.10.2016]

  • बांसवाड़ा

  • कोटा

  • सिरोही 

  • राजसमन्द 

🔹 व्याख्या:

👉 शुष्क सागवान के वन राजस्थान के दक्षिणी जिलों में पाए जाते हैं।
👉 विशेष रूप से यह बाँसवाड़ा वन मण्डल के अंतर्गत सर्वाधिक क्षेत्र में विस्तृत हैं।
👉 यहाँ की जलवायु और भौगोलिक दशाएँ सागवान वृक्ष के अनुकूल मानी जाती हैं।

✍️ सही उत्तर है – बांसवाड़ा 

'राष्ट्रीय शुष्क बागवानी अनुसंधान संस्थान' निम्नलिखित में से किस स्थान पर स्थित है ? 

[कनिष्ठ वैज्ञानिक सहायक (रसायन) 14.09.2019]

  • बीकानेर

  • जैसलमेर 

  • जोधपुर 

  • बाड़मेर 

🔹 व्याख्या:

👉 'राष्ट्रीय शुष्क बागवानी अनुसंधान संस्थान' बीकानेर स्थान पर स्थित है।

निम्नांकित वन श्रेणियों में से राजस्थान में किसके अन्तर्गत सर्वाधिक प्रतिशत क्षेत्र आवृत है ? 

[लिपिक ग्रेड-II 09.09.2018]

  • निजी वन

  • अवर्गीकृत वन 

  • संरक्षित वन

  • आरक्षित वन

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान में वनों को तीन श्रेणियों में बाँटा गया है – आरक्षित वन, संरक्षित वन, और अवर्गीकृत वन।
👉 संरक्षित वन (Protected Forest) का क्षेत्रफल सर्वाधिक है — 18605.18 वर्ग कि.मी., जो कुल वन क्षेत्र का 56.51% है।
👉 इसके बाद आरक्षित वन (36.99%) और अवर्गीकृत वन (6.50%) आते हैं।

✍️ सही उत्तर है – संरक्षित वन

निम्नांकित में से कौन-सा 'राजस्थान वानिकी विकास एवं जैव - विविधता परियोजना का उद्देश्य नहीं है ? 

[JEN (यांत्रिकी डिग्री) 21.08.2016]

  • पारिस्थितिकीय पर्यटन संबर्द्धन 

  • वृक्षारोपण 

  • जैव-विविधता संरक्षण

  • बाढ़ नियन्त्रण

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान वानिकी विकास एवं जैव-विविधता परियोजना के प्रमुख उद्देश्य हैं — वृक्षारोपण, जैव-विविधता संरक्षण, और आजीविका संवर्धन।
👉 इसके अतिरिक्त इको-टूरिज्म (पारिस्थितिकीय पर्यटन) को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।
👉 जबकि बाढ़ नियंत्रण इस परियोजना का उद्देश्य नहीं है।

✍️ सही उत्तर है – बाढ़ नियन्त्रण 

क्षेत्रफल के अवरोही क्रम में राजस्थान में वन प्रकार की कौन-सी क्रमावली सही है ? 

[प्रयोगशाला सहायक 13.11.2016]

  • शुष्क पर्णपाती - मिश्रित पर्णपाती - उष्णकटिबन्धीय कांटेदार - उपोष्ण कटिबन्धीय सदाहरित

  • उष्णकटिबन्धीय कांटेदार - उपोष्ण कटिबन्धीय सदाहरित - मिश्रित पर्णपाती - शुष्क पर्णपाती

  • मिश्रित पर्णपाती - शुष्क पर्णपाती - उष्णकटिबन्धीय कांटेदार - उपोष्ण कटिबन्धीय सदाहरित 

  • उपोष्ण कटिबन्धीय सदाहरित - मिश्रित पर्णपाती - शुष्क पर्णपाती - उष्ण कटिबन्धीय कांटेदार

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान में वन प्रकारों का वितरण जलवायु एवं भौगोलिक स्थितियों के अनुसार है।
👉 उष्णकटिबंधीय शुष्क पर्णपाती वन राज्य में सबसे अधिक क्षेत्र में पाए जाते हैं।
👉 इसके बाद मिश्रित पर्णपाती वन, फिर उष्णकटिबंधीय कांटेदार वन, और सबसे कम क्षेत्र में उपोष्ण कटिबंधीय सदाहरित वन पाए जाते हैं (जैसे आबू पर्वत पर)।

✍️ सही उत्तर है – शुष्क पर्णपाती - मिश्रित पर्णपाती - उष्णकटिबन्धीय कांटेदार - उपोष्ण कटिबन्धीय सदाहरित 

निम्नांकित में से वन रिपोर्ट 2017 के अनुसार राजस्थान के कौन-से जिले में द्वितीय सर्वाधिक वन क्षेत्र मिलता है ? (वन रिपोर्ट 2023 के अनुसार)

[कनिष्ठ अनुदेशक (फिटर) 23.03.2019]

  • प्रतापगढ़

  • उदयपुर 

  • बारां 

  • अलवर 

🔹 व्याख्या:

👉 वन रिपोर्ट 2023 के अनुसार राजस्थान में उदयपुर का वन क्षेत्र 4161.92 वर्ग किलोमीटर के साथ सबसे अधिक है।
👉 उसके बाद दूसरा स्थान है बारां जिले का, जिसका वन क्षेत्र 2250.56 वर्ग किलोमीटर है।
👉 अन्य विकल्पों जैसे अलवर (1784.52) और प्रतापगढ़ (1666.92) इससे कम हैं।

राजस्थान का 'कल्पवृक्ष'____ है । 

[उद्योग निरीक्षक परीक्षा 24.06.2018]

  • ढाक ट्री

  • पलास

  • साल ट्री 

  • खेजड़ी 

🔹 व्याख्या:

👉 खेजड़ी वृक्ष को राजस्थान का 'कल्पवृक्ष' कहा जाता है क्योंकि यह बहुउपयोगी होने के साथ-साथ शुष्क क्षेत्रों में भी जीवित रहता है।
👉 यह वृक्ष मरुस्थलीय वनस्पति का प्रमुख अंग है और राज्य वृक्ष का दर्जा भी प्राप्त है।
👉 इसके पत्ते, लकड़ी, छाया, और गोंद – सभी उपयोगी हैं।

✍️ सही उत्तर है – खेजड़ी 

आर्थिक समीक्षा 2017-18 के अनुसार राजस्थान में राष्ट्रीय बागवानी मिशन के लिए चयनित जिलों की संख्या है

[प्रयोगशाला सहायक 03.02.2019]

  • 25

  • 23

  • 22 

  • 24

🔹 व्याख्या:

👉 आर्थिक समीक्षा 2017-18 में आँकड़े प्रस्तुत किए गए।
👉 इसके अनुसार राजस्थान में राष्ट्रीय बागवानी मिशन हेतु चयनित जिलों की संख्या 24 है।

✍️ सही उत्तर है – 24

शुष्क सागवान वनं राजस्थान के निम्नलिखित में से किस जिले में पाए जाते हैं ? 

[पशुधन सहायक (LSA) 21.10.2018]

  • बीकानेर 

  • गंगानगर 

  • कोटा

  • बाँसवाड़ा 

🔹 व्याख्या:

👉 शुष्क सागवान वन राजस्थान के दक्षिणी जिलों में पाए जाते हैं जहाँ अधिक वर्षा और पहाड़ी क्षेत्र विद्यमान हैं।
👉 सागवान विशेष रूप से बाँसवाड़ा, डूंगरपुर, चित्तौड़गढ़, उदयपुर, सलुम्बर जिलों में पाया जाता है।
👉 इनमें से बाँसवाड़ा वह जिला है जहाँ शुष्क सागवान वन प्रमुखता से उपलब्ध हैं।

✍️ सही उत्तर है – बाँसवाड़ा 

निम्नांकित में से कौन- वन राजस्थान में सर्वाधिक क्षेत्रफल में फैले  हुए हैं ? 

[JEN (Civil Diploma) 21.08.2016]

  • उपोष्ण कटिबन्धीय सदाबहार

  • उष्ण कटिबन्धीय पतझड़ 

  • शुष्क सागवान 

  • मिश्रित पतझड़

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान में उष्ण कटिबंधीय शुष्क पतझड़ वन सबसे अधिक क्षेत्रफल में फैले हुए हैं।
👉 ये वन मुख्यतः दक्षिणी और दक्षिण-पूर्वी जिलों में पाए जाते हैं, जैसे – कोटा, बारां, बूँदी, झालावाड़, डूंगरपुर, बाँसवाड़ा, चित्तौड़गढ़ आदि।
👉 इनमें धोकड़ा, आँवला, सागवान जैसे वृक्ष प्रमुख हैं।

✍️ सही उत्तर है – उष्ण कटिबन्धीय पतझड़ 

राजस्थान का क्षेत्रफल भारत के कुल क्षेत्रफल का कितना प्रतिशत है ? 

[उद्योग प्रचार अधिकारी 22.07.2018]

  • 11.50% 

  • 9%

  • 10.45% 

  • 15%

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान का क्षेत्रफल 342,239 वर्ग किलोमीटर है, जो भारत के कुल भौगोलिक क्षेत्रफल का 10.41% है।
👉 यह क्षेत्रफल के आधार पर भारत का सबसे बड़ा राज्य है।
👉 जनसंख्या के आधार पर राजस्थान भारत का आठवाँ सबसे बड़ा राज्य माना जाता है।
👉 इसका क्षेत्रफल लगभग 132,139 वर्ग मील भी कहा जाता है। 

कौनसे वृक्ष से 'चारकोल बनाया जाता है ? [*]

  • पलाश

  • पीपल 

  • बबूल 

  • घोकड़ा 

📌 महत्वपूर्ण सूचना: इस प्रश्न को बोर्ड द्वारा 'डिलीट' या अमान्य घोषित किया गया है।  

केंद्रीय शुष्क क्षेत्र अनुसंधान संस्थान का गठन कब किया गया था

[लिपिक ग्रेड-II 09.09.2018]

  • 1985

  • 1959 

  • 1966 

  • 1971 

🔹 व्याख्या:

👉 CAZRI की स्थापना 1959 में की गई थी, जो शुष्क क्षेत्र के प्राकृतिक संसाधनों के कुशल प्रबंधन हेतु अनुसंधान करता है।
👉 यह संस्थान टिकाऊ कृषि पद्धतियों, विशेष फसलों, पशुधन उत्पादन, और वैकल्पिक ऊर्जा संसाधनों पर कार्य करता है।
👉 यह शुष्क पारिस्थितिकी तंत्र में टिकाऊ खेती, सूचना भंडारण, पशुधन आधारित प्रणाली, और सूखा प्रभावित क्षेत्रों पर केंद्रित है।
👉 इसकी गतिविधियाँ सूखे से प्रभावित कालानुक्रमिक क्षेत्रों के लिए महत्वपूर्ण हैं।

राजस्थान में प्रथम जैविक उद्यान कहाँ स्थापित किया गया है ? [*]

[JEN (यांत्रिक डिप्लोमा) 21.08.2016]

  • वन विहार

  • शेरगढ़

  • आकल 

  • नाहरगढ़ 

📌 महत्वपूर्ण सूचना: इस प्रश्न को बोर्ड द्वारा 'डिलीट' या अमान्य घोषित किया गया है।  

"रोतू" राजस्थान के ____________ जिले का आरक्षित वन्य क्षेत्र है । 

[उद्योग निरीक्षक परीक्षा 24.06.2018]

  • नागौर

  • चुरु

  • बीकानेर

  • चित्तौड़गढ़ 

🔹 व्याख्या:

👉 "रोतू" नामक संरक्षित क्षेत्र नागौर जिले में स्थित है।
👉 यह क्षेत्र संरक्षित क्षेत्र (Conservation Reserve) के रूप में Page 14 पर तालिका 5.5 में दर्ज है।
👉 यह राजस्थान के 37 संरक्षित क्षेत्रों में से एक है, जिसे जैव विविधता संरक्षण हेतु विकसित किया गया है।

✍️ सही उत्तर है – नागौर 

राजस्थान में किस स्थान पर प्रतिवर्ष 12 सितम्बर को 'वृक्ष महोत्सव' मनाया जाता है ? 

[लवण निरीक्षक (उद्योग) 22.12.2019]

  • फलोदी (जोधपुर) 

  • खेजड़ली (जोधपुर) 

  • सरदारपुरा (जोधपुर)  

  • मन्डोर (जोधपुर) 

🔹 व्याख्या:

👉 12 सितम्बर को बिश्नोई समाज द्वारा शहीदी स्मृति मेला में वृक्ष उत्सव मनाया जाता है, जिसमें 363 शहीदों को श्रद्धांजलि दी जाती है।
👉 इन लोगों ने 1730 ई. में खेजड़ी के पेड़ों की रक्षा करते हुए अपने प्राण न्योछावर किए थे।
👉 यह घटना चिपको आंदोलन की प्रेरणास्रोत मानी जाती है, और खेजड़ी को राजस्थान का राज्य वृक्ष घोषित किया गया है।
👉 वर्ष 1982-83 में इसे राज्य वृक्ष घोषित किया गया और इसे गफ्फ वृक्ष भी कहा जाता है।

निम्नांकित में से कौन-सा पेड़ गोंद का अच्छा स्रोत है ?

[कनिष्ठ अनुदेशक (फिटर) 23.03.2019]

  • तेन्दू 

  • सालर 

  • गुरजन  

  • सागवान 

🔹 व्याख्या:

👉 सालार राजस्थान में गोंद का एक प्रमुख स्रोत है, जो विशेषकर उदयपुर, चित्तौड़गढ़, सीकर, पाली, जयपुर आदि जिलों में पाया जाता है।
👉 गोंद पौधों की कुछ प्रजातियाँ एक सैप या अन्य रालयुक्त पदार्थ उत्पन्न करती हैं, जो प्रायः पॉलिसेकेराइड-आधारित होता है।
👉 यह गोंद लकड़ी के पौधों की छाल या बीज कोट से प्राप्त होता है और इसका उपयोग खाद्य उद्योग, दवाइयों, और औद्योगिक उद्देश्यों में होता है।
👉 इसे गाढ़ा करने वाले, गोंद, क्रिस्टल बनाने वाले, फ्लेमप्रूफिंग व स्नेहक एजेंट के रूप में भी प्रयोग किया जाता है।

राजस्थान में अधिकतम प्रशासनिक वन क्षेत्र निम्नलिखित श्रेणियों में से किससे सम्बंधित हैं ? 

[कनिष्ठ वैज्ञानिक सहायक (रसायन) 14.09.2019]

  • अवर्गीकृत वन

  • आरक्षित वन 

  • वर्जित वन 

  • संरक्षित वन 

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान में वन क्षेत्र को तीन श्रेणियों में विभाजित किया गया है — आरक्षित वन, रक्षित (संरक्षित) वन और अवर्गीकृत वन।
👉 इनमें रक्षित वन (Protected Forest) का क्षेत्रफल सर्वाधिक है — 18605.18 वर्ग किमी, जो कि कुल वन क्षेत्र का 56.51% है।
👉 यह श्रेणी राजस्थान में अधिकतम प्रशासनिक वन क्षेत्र से सम्बंधित है।

✍️ सही उत्तर है – संरक्षित वन 

राजस्थान में तेंदू पत्तियों का उपयोग मुख्यतः किसके निर्माण के लिये होता है ?

[कनिष्ठ अनुदेशक (इलेक्ट्रिशियन) 24.03.2019]

  • बीड़ी 

  • रंग

  • मेंहदी 

  • तेल 

🔹 व्याख्या:

👉 तेंदू पत्तियों का उपयोग राजस्थान में मुख्यतः बीड़ी बनाने के लिए किया जाता है।
👉 ये पत्तियाँ झालावाड़, कोटा, बूंदी, उदयपुर, चित्तौड़गढ़ जिलों में अधिक मात्रा में मिलती हैं।
👉 राज्य सरकार इन पत्तियों का ठेका देती है, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार भी मिलता है।

✍️ सही उत्तर है – बीड़ी 

आदिवासियों के 'हरे सोने' के नाम से जाना जाने वाला वृक्ष है :

[प्रयोगशाला सहायक 03.02.2019]

  • सालर 

  • गूलर

  • धोकड़ा 

  • बाँस 

🔹 व्याख्या:

👉 बाँस एक ऐसा वृक्ष है जिसका उपयोग टोकरी, झोंपड़ी, फर्नीचर, कागज आदि बनाने में होता है।
👉 इसकी तेजी से वृद्धि और विविध उपयोगिता के कारण इसे ‘आदिवासियों का हरा सोना’ कहा जाता है।
👉 यह विशेष रूप से डूंगरपुर, बाँसवाड़ा, चित्तौड़गढ़, सलुम्बर, सिरोही और भरतपुर क्षेत्रों में मिलता है।

✍️ सही उत्तर है – बाँस 

राजस्थान के किस संस्थान में इसरो (सैक) अहमदाबाद ने 17 जून, 2016 को 'मरूस्थलीकरण एवं भूमिक्षरण एटलस' का विमोचन किया है ? 

[कनिष्ठ अनुदेशक (इलेक्ट्रिशियन) 24.03.2019]

  • DST Raj.

  • NATMO 

  • AFRI 

  • CAZRI

🔹 व्याख्या:

👉 17 जून 2016 को इसरो (SAC) अहमदाबाद ने 'मरुस्थलीकरण एवं भूमिक्षरण एटलस' जारी किया।
👉 यह विमोचन राजस्थान के AFRI (Arid Forest Research Institute), जोधपुर में किया गया।

✍️ सही उत्तर है – AFRI 

'केन्द्रीय शुष्क बागवानी संस्थान' कहाँ स्थित है ? 

[कनिप्ठ अनुदेशक (रेफ्रीजरेशन) 24.12.2019]

  • बीकानेर 

  • बाड़मेर

  • जोधपुर 

  • जैसलमेर 

🔹 व्याख्या:

👉 केंद्रीय शुष्क बागवानी संस्थान (CIAH) ने कार्य करना वर्ष 1993 में प्रारंभ किया था।
👉 इसकी स्थापना का सुझाव भारत की 5वीं योजना आयोग द्वारा 1976 में दिया गया था, जिसे भारतीय कृषि परिषद ने क्रियान्वित किया।
👉 इसका मुख्यालय बीकानेर शहर से 10 किमी दूर राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 15 पर स्थित है।
👉 यह स्थान 280N अक्षांश, 730180E देशांतर तथा 234.84 मीटर समुद्र तल की ऊँचाई पर स्थित है।

राजस्थान में 50 प्रतिशत से अधिक वन क्षेत्र श्रेणी में है : 

[अन्वेषक परीक्षा 21.08.2016]

  • सुरक्षित वन की 

  • ग्राम वन की 

  • अवर्गीकृत वन की

  • आरक्षित वन की 

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान में 50 प्रतिशत से अधिक वन क्षेत्र श्रेणी सुरक्षित वन की है।

2023-24 वन रिपोर्ट में सुरक्षित वन कुल वन का 56.51% है

भारत के कुल क्षेत्रफल का राजस्थान द्वारा आच्छादित प्रतिशत है ?

[कनिष्ठ वैज्ञानिक सहायक (जैविक) 15.09.2019]

  • 10.41%

  •  9.45%

  • 11.54% 

  • 10.55%

🔹 व्याख्या:

👉 भारत केकुलक्षेत्रफल का राजस्थान द्वारा आच्छादित10.41% प्रतिशत है।

स्टेट ऑफ फोरेस्ट रिपोर्ट 2017 के अनुसार राजस्थान राज्य के पंजीकृत वन क्षेत्र का निम्नांकित में से कौन- सा प्रतिशत अंश आरक्षित श्रेणी के अन्तर्गत आता है ?

[प्रयोगशाला सहायक 03.02.2019]

  • 4.84

  • 55.64 

  • 6.25 

  • 38.11 

🔹 व्याख्या:

👉 राज्य वन रिपोर्ट 2017 के अनुसार, राजस्थान के कुल दर्ज वन क्षेत्र का 38.11% भाग आरक्षित श्रेणी में आता है।

मॉउण्ट आबू क्षेत्र में किस प्रकार की प्राकृतिक वनस्पति पाई जाती है ? 

[JEN (Civil Degree) 21.08.2016]

  • उष्ण- कटिबन्धीय सदाबहार

  • उपोष्ण- कटिबन्धीय सदाबहार 

  • उष्ण- कटिबन्धीय कंटीली

  • अर्द्ध- शुष्क पतझड़

🔹 व्याख्या:

👉 माउंट आबू क्षेत्र राजस्थान का एकमात्र क्षेत्र है जहाँ उपोष्ण कटिबंधीय सदाबहार वनस्पति पाई जाती है।
👉 यहाँ का वातावरण शीतल और आर्द्र होने के कारण यह वनस्पति बनी रहती है।
👉 यह प्रकार केवल सिरोही जिले के आबू पर्वत क्षेत्र में प्रमुखता से मिलता है।

✍️ सही उत्तर है – उपोष्ण- कटिबन्धीय सदाबहार 

अरावली प्रदेश में पारिस्थितिकी संकट के कारण हैं : 

A. वनोन्मूलन      B. भूमि अवकर्षण 

C. जल प्रदूषण    D.खनिज खनन                                                         

सही उत्तर का चयन नीचे दिये कोड से कीजिये -

कोड ( कूट) 

[संकलनकर्ता परीक्षा 21.08.2016]

  •   A, B और C

  • B, C और D

  • A, C और D

  • A, B और D

🔹 व्याख्या:

👉 अरावली प्रदेश में पारिस्थितिकी संकट के कई कारण हैं, जिनमें प्रमुख हैं —
A. वनोन्मूलन,
B. भूमि अवकर्षण,
D. खनिज खनन।

✍️ सही उत्तर है – A, B और D 

वह जिला युग्म जहाँ सागवान के वन पाये जाते हैं, वह हैं -

[कनिप्ठ अनुदेशक (वायरमैन) 24.12.2019]

  • बीकानेर      -       सीकर 

  • सिरोही        -       पाली

  • जोधपुर       -       जालोर 

  • उदयपुर       -       डूंगरपुर 

🔹 व्याख्या:

👉 सागवान की उपयोगी लकड़ी मुख्यतः दक्षिणी राजस्थान में पाई जाती है।
👉 यह वृक्ष उदयपुर, डूंगरपुर, बाँसवाड़ा, सलुम्बर, चित्तौड़गढ़ जिलों में प्रमुख रूप से पाया जाता है।
👉 इसलिए उदयपुर–डूंगरपुर सही जिला युग्म है जहाँ सागवान के वन मिलते हैं।

✍️ सही उत्तर है – उदयपुर – डूंगरपुर 

'राजस्थान वानिकी एवं जैव विविधता परियोजना' किसके द्वारा प्रायोजित है ? 

[कनिप्ठ अनुदेशक (मैकेनिक) 23.12.2019]

  • विश्व व्यापार संगठन 

  • जापानीज इंटरनेशनल को-ऑपरेशन एजेंसी 

  • विश्व बैंक

  • एशियन डेवलपमेंट बैंक 

🔹 व्याख्या:

👉 ‘राजस्थान वानिकी एवं जैव विविधता परियोजना’ का उद्देश्य वृक्षारोपण, जैव विविधता संरक्षण, भू-जल संरक्षण आदि को बढ़ावा देना था।
👉 यह परियोजना 2011–2019 तक राज्य के कई जिलों में चलाई गई।
👉 यह परियोजना जापानीज इंटरनेशनल को‑ऑपरेशन एजेंसी (JICA) द्वारा प्रायोजित थी।

✍️ सही उत्तर है – जापानीज इंटरनेशनल को‑ऑपरेशन एजेंसी 

राजस्थान में मरुस्थलीकरण के प्रसार को रोकने के लिए किस नहर के निकट 'हरित पट्टिका' का विकास किया गया है ? 

[कनिष्ठ अनुदेशक (वेल्डर) 26.03.2019]

  • चम्बल नहर 

  • गंग नहर

  • इंदिरा गाँधी नहर 

  • भरतपुर नहर

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान में मरुस्थलीकरण को रोकने हेतु “हरित पट्टिका” (green belt) विकसित की गई।
👉 यह परियोजना इंदिरा गांधी नहर के निकट लागू की गई, जिसका उद्देश्य रेतीले क्षेत्र में पर्व बनाना और मृदा क्षरण रोकना था।
👉 इंदिरा गांधी नहर परियोजना क्षेत्र में जापानी सहयोग से वृक्षारोपण किया गया, जिससे पर्यावरण संरक्षण एवं भू-जल स्तर में सुधार हुआ।

✍️ सही उत्तर है – इंदिरा गांधी नहर 

'इंडिया स्टेट ऑफ फोरेस्ट रिपोर्ट - 2017 (आई एस एफ आर)' के अनुसार राजस्थान में कुल वन क्षेत्र है- 

[कनिष्ठ वैज्ञानिक सहायक (अस्त्रक्षेप) 21.09.2019]

  • 11.2%

  • 9.57% 

  • 8.41% 

  • 10.41% 

🔹 व्याख्या:

👉 ISFR 2017 (India State of Forest Report – 2017) के अनुसार राजस्थान का कुल वन क्षेत्र राज्य के भौगोलिक क्षेत्र का 9.57% है।
👉 रिपोर्ट बताती है कि राज्य में लगभग 32,737 वर्ग किलोमीटर वनक्षेत्र है, जो कुल क्षेत्र का यह प्रतिशत है।

✍️ सही उत्तर है – 9.57% 

राजस्थान में शुष्क सागवान के वृक्षारोपण हेतु सर्वाधिक उपयुक्त जिले हैं  

[पुस्तकालयाध्यक्ष 13.11.2016]

  • डूंगरपुर, बांसवाड़ा, उदयपुर 

  • भरतपुर, अजमेर जयुपर 

  • बाड़मेर, बीकानेर, श्रीगंगानगर 

  • झालावाड़, बूँदी, कोटा

🔹 व्याख्या:

👉 शुष्क सागवान के वृक्ष राजस्थान के दक्षिणी जिलों में अधिक उपयुक्त माने जाते हैं।
👉 यह विशेष रूप से बाँसवाड़ा, डूंगरपुर, चित्तौड़गढ़, उदयपुर, सलुम्बर में पाया जाता है, जो सभी दक्षिण राजस्थान में स्थित हैं।
👉 इन क्षेत्रों की जलवायु और भौगोलिक स्थिति सागवान के लिए अनुकूल है।

✍️ सही उत्तर है – डूंगरपुर, बांसवाड़ा, उदयपुर 

खैर वृक्ष के कौनसे भाग से कत्था प्राप्त किया जाता है ? 

[लवण निरीक्षक (उद्योग) 22.12.2019]

  • जड़ों से

  • छाल से

  • मध्यवर्ती लकड़ी से 

  • पत्तों से 

🔹 व्याख्या:

👉 कत्था एक वनोपज है जो खैर वृक्ष से प्राप्त किया जाता है।
👉 यह विशेष रूप से खैर वृक्ष की मध्यवर्ती लकड़ी (heartwood) को उबालकर निकाला जाता है।
👉 इसका उपयोग पान में और औषधियों में किया जाता है।

✍️ सही उत्तर है – मध्यवर्ती लकड़ी से 

राजस्थान में किस स्थान पर प्रतिवर्ष 12 सितंबर को वृक्ष महोत्सव मनाया जाता है ? 

[कनिष्ठ वैज्ञानिक सहायक (विष) 14.09.2019]

  • मंडोर 

  • कैलादेवी 

  • खेजडली 

  • कोलायत

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान में खेजडली स्थान पर प्रतिवर्ष 12 सितंबर को वृक्ष महोत्सव मनाया जाता है।

भारतीय वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 को राजस्थान में किस वर्ष लागू किया गया ? 

[कनिष्ठ अनुदेशक (वेल्डर) 26.03.2019]

  • 1972

  • 1973 

  • 1974

  • 1975 

🔹 व्याख्या:

👉 वन्यजीव संरक्षण अधिनियम की शुरुआत वर्ष 1972 में की गई थी।
👉 यह अधिनियम भारतीय संसद द्वारा पारित किया गया, जिससे देश में वनस्पतियों व जीवों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सकी।
👉 अधिनियम का उद्देश्य वन्यजीवों के संरक्षण व संवेदनशील प्रजातियों की रक्षा करना है।
👉 यह भारत में प्राकृतिक पारिस्थितिकी तंत्र के संतुलन हेतु एक महत्वपूर्ण कानून है।

राजस्थान का जिला जिसका मानव विकास सूचकांक (2007) उच्चतम है वह है ? [*]

[आर्थिक अन्वेषक परीक्षा 25.03.2019]

  • बीकानेर 

  • श्रीगंगानगर 

  • जयपुर 

  • अलवर