हिमालयी क्षेत्र में “चिपको आंदोलन _________ के विरुद्ध प्रतिरोध के लिए किया गया था।
निम्नलिखित विकल्पों में से सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर चुनें:
[पशु परिचर (5th Phase) 03.12.2024]
👉 चिपको आंदोलन एक जनसहभागी पर्यावरणीय आंदोलन था, जो वनों की कटाई रोकने हेतु 1970 के दशक में उत्तराखंड में शुरू हुआ।
👉 इसमें ग्रामिण महिलाएँ पेड़ों से चिपककर उन्हें कटने से बचाती थीं।
👉 आंदोलन का नेतृत्व सुंदरलाल बहुगुणा ने किया और यह विश्व भर में पर्यावरण आंदोलनों की प्रेरणा बना।
👉 इसकी सफलता से भारत सरकार ने हिमालयी वनों में 15 वर्षों तक पेड़ों की कटाई पर रोक लगा दी।
राजस्थान में पलाश वन के संदर्भ में निम्न में से कौन-सा कथन सही नहीं है?
निम्नलिखित विकल्पों में से सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर चुनें:
[पशु परिचर (2nd Phase) 01.12.2024]
👉 पलाश वन उष्णकटिबंधीय शुष्क पर्णपाती वनों के उप-प्रकार हैं — यह कथन सही है।
👉 ये वन अलवर, अजमेर, सिरोही, उदयपुर, पाली और चित्तौड़गढ़ जैसे क्षेत्रों में पाए जाते हैं — यह भी सही है।
👉 यह वन कठोर व पथरीले धरातल वाले क्षेत्रों में भी फैलते हैं — यह भी सही है।
👉 लेकिन यह कहना कि ये वन केवल पठारी क्षेत्र में ही पाए जाते हैं — यह कथन गलत है, क्योंकि ये अन्य प्रकार के भू-भागों में भी पाये जाते हैं।
✍️ सही उत्तर है – यह वन राजस्थान के केवल पठारी क्षेत्र में पाये जाते हैं।
सूची-I को सूची-II से सुमेलित करें :
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सूची-I (दिन) |
सूची -II (अवलोकन तिथियाँ) |
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(a) विश्व पर्यावरण दिवस |
(i) 3rd अक्टूबर |
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(b) विश्व प्रकृति दिवस |
(ii) 22nd अप्रैल |
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(c) विश्व वन दिवस |
(iii) 5th जून |
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(d) पृथ्वी दिवस |
(iv) 21st मार्च |
नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर चुनें :
[सर्वेयर परीक्षा 23.02.2025]
👉 विश्व पर्यावरण दिवस – 5 जून (iii)
👉 विश्व प्रकृति दिवस – 3 अक्टूबर (i)
👉 विश्व वन दिवस – 21 मार्च (iv)
👉 पृथ्वी दिवस – 22 अप्रैल (ii)
✍️ सही उत्तर है – (a)–(iii), (b)–(i), (c)–(iv), (d)–(ii)
राजस्थान में मिश्रित शरद ऋतु वन और ढोकरा वन किसका हिस्सा हैं? नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर चुनें।
[JEN यांत्रिक विद्युत 06.02.2025]
👉 राजस्थान में मिश्रित शरद ऋतु वन और ढोकरा वन पाए जाते हैं।
👉 ये उष्णकटिबंधीय / शुष्क पर्णपाती वन का हिस्सा हैं।
✍️ सही उत्तर है – उष्णकटिबंधीय / शुष्क पर्णपाती वन
राजस्थान के थार मरुस्थल में अत्यधिक उपयोगी होने के कारण इस वृक्ष को मरुस्थल का 'कल्पवृक्ष' कहा जाता है।
दिये गये विकल्पों में से वृक्ष की पहचान कीजिए।
[पशु परिचर (1st Phase) 01.12.2024]
👉 खेजड़ी वृक्ष को राजस्थान के थार मरुस्थल में अत्यधिक उपयोगी होने के कारण 'मरुस्थल का कल्पवृक्ष' कहा जाता है।
👉 यह वृक्ष चारा, ईंधन, गोंद, छाया, और मृदा संरक्षण जैसे अनेक कार्यों में सहायक है।
👉 इसे राजस्थान का राज्य वृक्ष भी घोषित किया गया है।
✍️ सही उत्तर है – खेजड़ी
वन संरक्षण और वन्यजीव संसाधनों के संदर्भ में किस प्रकार के वनों को सबसे मूल्यवान माना गया है?
निम्नलिखित विकल्पों में से सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर चुनेः
[पशु परिचर (2nd Phase) 01.12.2024]
👉 आरक्षित वन (Reserved Forest) को वन संरक्षण और वन्यजीव संसाधनों के संदर्भ में सबसे मूल्यवान माना गया है।
👉 इन वनों पर सरकार का पूर्ण नियंत्रण होता है और यहाँ लकड़ी काटना, पशुचारण आदि पर कठोर प्रतिबंध होता है।
👉 इनका संरक्षण स्तर अन्य श्रेणियों (रक्षित, अवर्गीकृत) की तुलना में सबसे अधिक सख्त होता है।
✍️ सही उत्तर है – आरक्षित वन (Reserved Forest)
राजस्थान जैव विविधता बोर्ड का वर्ष__________में गठन किया गया।
कनिष्ठ अनुदेशक (इलेक्ट्रिशियन) 19.11.2024
👉 राजस्थान राज्य जैव विविधता बोर्ड की स्थापना 14 सितम्बर 2010 को की गई थी।
👉 यह बोर्ड जैविक विविधता अधिनियम 2002 की धारा 63 के अंतर्गत गठित किया गया था।
👉 इसका उद्देश्य जैव विविधता का संरक्षण, सतत उपयोग एवं सांझाकरण की प्रणाली विकसित करना था।
👉 2010 में ही राजस्थान जैविक विविधता नियम भी बनाए गए थे।
निम्नलिखित में राजस्थान के किस क्षेत्र में सालार वन नहीं पाए जाते हैं?
निम्नलिखित विकल्पों में से सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर चुनें:
[पशु परिचर (5th Phase) 03.12.2024]
👉 सालार वन मुख्यतः दक्षिणी और दक्षिण-पूर्वी राजस्थान के पर्वतीय और पठारी क्षेत्रों में पाए जाते हैं।
👉 ये वन उदयपुर, पाली, अजमेर, चित्तौड़गढ़ आदि जिलों में मिलते हैं।
👉 जबकि जैसलमेर एक अत्यधिक शुष्क मरुस्थलीय क्षेत्र है, जहाँ केवल कांटेदार और मरुस्थलीय वनस्पति पाई जाती है — सालार वन नहीं।
✍️ सही उत्तर है – जैसलमेर
पर्यावरणीय रूप से संपोषणीय कार्यस्थल प्रथाओं के मामले में तीन आर (R) का क्या अर्थ है ?
[कनिष्ठ अनुदेशक (रोजगार) 18.11.2024]
👉 पर्यावरणीय रूप से संपोषणीय (sustainable) कार्यस्थल प्रथाओं में तीन प्रमुख आर (3R) का अर्थ है —
Reduce (घटाना), Reuse (पुनः उपयोग करना), Recycle (पुनः चक्रण करना)।
👉 यह सिद्धांत अपशिष्ट प्रबंधन और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण में अत्यंत महत्वपूर्ण है।
✍️ सही उत्तर है – रिड्यूस, रीयूज और रीसाइकल
कौन सी राजस्थान में पाई जाने वाली झाड़ी का एक प्रकार नहीं है?
निम्नलिखित विकल्पों में से सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर चुनें:
[पशु परिचर (2nd Phase) 01.12.2024]
👉 फोग, लाना और अरणा — ये सभी राजस्थान में पाई जाने वाली कांटेदार या झाड़ीदार वनस्पतियाँ हैं।
👉 जबकि धामण एक घास है, जो विशेष रूप से पशु चारे के रूप में प्रयुक्त होती है।
👉 अतः धामण झाड़ी नहीं, बल्कि एक उपयोगी घास है।
✍️ सही उत्तर है – धामण
हरित भारत के लिए राष्ट्रीय अभियान (नेशनल मिशन फॉर ग्रीन इंडिया (GIM) के संदर्भ में कौन-सा कथन सत्य नहीं है?
निम्नलिखित विकल्पों में से सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर चुनें:
[पशु परिचर (6th Phase) 03.12.2024]
👉 हरित भारत के लिए राष्ट्रीय अभियान (नेशनल मिशन फॉर ग्रीन इंडिया (GIM) का उद्देश्य भारत के ह्रास / घटते वन क्षेत्र की सुरक्षा, पुनर्स्थापना और बढ़ावा देना है।
निम्नलिखित में से पलाश वन राजस्थान के किस क्षेत्र में नहीं पाये जाते हैं?
निम्नलिखित विकल्पों में से सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर चुनें:
[पशु परिचर (4th Phase) 02.12.2024]
👉 पलाश वन राजस्थान में मुख्यतः अलवर, अजमेर, सिरोही, उदयपुर, पाली और चित्तौड़गढ़ जैसे क्षेत्रों में पाए जाते हैं।
👉 जबकि जैसलमेर एक अत्यधिक शुष्क मरुस्थलीय क्षेत्र है, जहाँ केवल कांटेदार झाड़ियाँ और रेगिस्तानी वनस्पति मिलती है।
👉 अतः पलाश वन जैसलमेर में नहीं पाए जाते।
✍️ सही उत्तर है – जैसलमेर
ऐसे जंतु जिनकी संख्या इस स्तर तक कम होती जा रही है कि वे विलोपन का सामना कर सकते हैं: कहलाते हैं:
निम्नलिखित विकल्पों में से सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर चुनें:
[पशु परिचर (5th Phase) 03.12.2024]
👉 वे जंतु जिनकी संख्या इतनी घट चुकी होती है कि वे विलोपन (extinction) के खतरे का सामना कर सकते हैं, उन्हें संकटापन्न जातियाँ (Endangered Species) कहा जाता है।
👉 ये जातियाँ पर्यावरणीय असंतुलन, अवैध शिकार, आवास नष्ट होने आदि कारणों से संकट में आ जाती हैं।
👉 इन्हें संरक्षित करने हेतु विशेष प्रयास आवश्यक होते हैं।
✍️ सही उत्तर है – संकटापन्न जातियाँ
राजस्थान में तेन्दू वृक्ष के लिये प्रमुख जिला है :
[कनिष्ठ अनुदेशक (ICT) 04.01.2025]
👉 तेन्दू वृक्ष के लिए राजस्थान का प्रमुख जिला झालावाड़ है, जहाँ इसकी प्रचुरता से उपलब्धता होती है।
👉 इसके अलावा कोटा, बूंदी, उदयपुर, चित्तौड़गढ़ जैसे जिले भी तेन्दू वृक्षों के लिए जाने जाते हैं।
👉 तेन्दू की पत्तियाँ बीड़ी निर्माण में उपयोग होती हैं, जिससे राज्य को आय और स्थानीय लोगों को रोजगार प्राप्त होता है।
✍️ सही उत्तर है – झालावाड़
निम्नलिखित में से कौन - सा राजस्थान के मरुस्थल का “कल्प वृक्ष” कहा जाता है ?
[कनिष्ठ अनुदेशक (कंप्यूटर) 10.01.2025]
👉 राजस्थान के मरुस्थल का "कल्पवृक्ष" खेजड़ी को कहा जाता है क्योंकि यह बहुउपयोगी, सूखा सहनशील और शुष्क जलवायु में जीवित रहने वाला वृक्ष है।
👉 खेजड़ी का उपयोग चारा, ईंधन, गोंद, दवाओं में होता है और यह पर्यावरण संतुलन में भी सहायक है।
👉 यह वृक्ष राज्य वृक्ष भी घोषित है।
✍️ सही उत्तर है – खेजड़ी
राजस्थान में निम्नलिखित में से किस प्रकार के वनों की प्रधानता है ? नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर चुनें :
[JEN (Diploma) 06.02.2025]
👉 राजस्थान में विभिन्न प्रकार के वन पाए जाते हैं।
👉 इनमें सबसे अधिक प्रधानता ढोकरे वनों की है।
✍️ सही उत्तर है – ढोकरे वन
निम्नलिखित में से राजस्थान के किस जिले में शुष्क सागवान वन नहीं पाये जाते हैं ?
[कनिष्ठ अनुदेशक (STE) 05.01.2025]
👉 शुष्क सागवान वन विशेष रूप से बाँसवाड़ा, डूंगरपुर, चित्तौड़गढ़, उदयपुर, सलुम्बर जिलों में पाए जाते हैं।
👉 इन जिलों की भौगोलिक स्थिति एवं जलवायु सागवान वृक्षों के अनुकूल है।
✍️ सही उत्तर है – करौली
वर्ष 2023 में, राजस्थान के _______ज़िले में "आरक्षित वन" श्रेणी के अन्तर्गत द्वितीय अधिकतम वास्तविक क्षेत्र रिपोर्ट किया गया था।
[कनिष्ठ अनुदेशक (वायरमेन) 05.01.2025]
👉 वर्ष 2023 में, राजस्थान के चित्तौड़गढ़ ज़िले में "आरक्षित वन" श्रेणी के अन्तर्गत द्वितीय अधिकतम वास्तविक क्षेत्र रिपोर्ट किया गया था।
बांस का जंगल राजस्थान में ________________वन का एक उप-प्रकार है।
[JEN विद्युत डिग्री 07.02.2025]
👉 राजस्थान में बांस के जंगल पाए जाते हैं।
👉 ये उष्णकटिबंधीय शुष्क पर्णपाती वनों का एक उप-प्रकार हैं।
✍️ सही उत्तर है – उष्णकटिबंधीय शुष्क पर्णपाती
निम्नलिखित में से किस पेड़ को 'थार का कल्पवृक्ष' कहा जाता है?
[जेल प्रहरी (Shift-2nd) 12.04.2025]
1.राजस्थान का राज्य वृक्ष खेजड़ी (Prosopis cineraria) है。2. इसे 31 अक्टूबर 1983 को राजस्थान का राजकीय वृक्ष घोषित किया गया था。 इसे राजस्थान के 'कल्पवृक्ष' और मरुस्थल के गौरव के रूप में जाना जाता है।4.खेजड़ी का वानस्पतिक नाम: प्रोसोपिस सिनेरिया (Prosopis cineraria)अन्य नाम: इसे थार का कल्पवृक्ष, राजस्थान का गौरव, 'शमी' (वैदिक ग्रंथों में), और 'जंड' भी कहा जाता है
सूची-I को सूची-II से सुमेलित करें।
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सूची-I (राजस्थान की वनस्पति) |
सूची-II (वनस्पति का प्रमुख उपयोग) |
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a. सालर वृक्ष |
I. कृषि के उपकरण बनाना |
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b. खेजड़ी |
II. डेयरी पशुओं के लिए पौष्टिक घास |
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c. धामन |
III. पैकिंग बॉक्स बनाने के लिए |
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d. सागवान की लकड़ी |
IV. राजस्थान का अधिक उपयोगी वृक्ष (रेगिस्तान का कल्पवृक्ष) |
नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर चुनें:
[JEN (Mech. Diploma) 10.02.2025]
👉 सालर वृक्ष → पैकिंग बॉक्स बनाने में उपयोग (III)
👉 खेजड़ी → राजस्थान का अधिक उपयोगी वृक्ष, रेगिस्तान का कल्पवृक्ष (IV)
👉 धामन → डेयरी पशुओं के लिए पौष्टिक घास (II)
👉 सागवान की लकड़ी → कृषि के उपकरण बनाने में उपयोग (I)
✍️ सही उत्तर है – a–III, b–IV, c–II, d–I
वन संरक्षण अधिनियम कब लागू किया गया ?
[सर्वेयर परीक्षा 23.02.2025]
👉 भारत में वनों की रक्षा हेतु कानून बनाया गया।
👉 वन संरक्षण अधिनियम वर्ष 1980 में लागू किया गया।
✍️ सही उत्तर है – 1980
भारतीय वन प्रतिवेदन 2021 के अनुसार राजस्थान में संरक्षित वन का प्रतिशत क्या है ?
कनिष्ठ अनुदेशक (कंप्यूटर प्रयो.) 16.11.2024
👉 भारत वन स्थिति रिपोर्ट 2021 (ISFR 2021) के अनुसार, राजस्थान में संरक्षित (Protected) वनों का प्रतिशत 56.43% है.राजस्थान में दर्ज कुल वन क्षेत्र को तीन कानूनी श्रेणियों में विभाजित किया गया है, जिसमें संरक्षित वन सबसे बड़ा हिस्सा बनाते हैं:संरक्षित (Protected) वन: 56.43% (लगभग 18,543 वर्ग किलोमीटर)आरक्षित (Reserved) वन: 37.05% (लगभग 12,176 वर्ग किलोमीटर)अवर्गीकृत (Unclassed) वन: 6.52% (लगभग 2,143 वर्ग किलोमीटर)
निम्नलिखित में से कौन से वन सामान्यतः राजस्थान में नहीं पाये जाते ?
निम्नलिखित विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर चुनें :
[JEN यांत्रिक डिग्री 10.02.2025]
👉 राजस्थान का अधिकांश क्षेत्र शुष्क और अर्द्धशुष्क है।
👉 यहाँ मैंग्रोव वन सामान्यतः नहीं पाए जाते।
✍️ सही उत्तर है – मैंग्रोव वन
निम्नलिखित में से कौन सा राजस्थान का राज्य पुष्प है और एक इमारती लकड़ी प्रदान करने वाला वृक्ष भी है ?
[CET (10+2) 22.10.2024 द्वितीय चरण]
👉 रोहिड़ा राजस्थान का राज्य पुष्प है और साथ ही यह एक उत्तम इमारती लकड़ी देने वाला वृक्ष भी है।
👉 यह विशेष रूप से शुष्क एवं अर्द्धशुष्क क्षेत्रों में पाया जाता है और फर्नीचर निर्माण में प्रयुक्त होता है।
👉 इसे मरुस्थलीय क्षेत्र की शोभा भी कहा जाता है।
✍️ सही उत्तर है – रोहिडा
निम्नलिखित में से कौन सा वन्यजीव अभयारण्य राजस्थान के चुरू क्षेत्र में स्थित है?
[JEN (Agriculture) 22.02.2025]
ताल छापर अभयारण्य (जिसे कभी-कभी 'लाल छपरा' भी कहा जाता है) राजस्थान के चूरू जिले की सुजानगढ़ तहसील में स्थित एक प्रसिद्ध वन्यजीव अभयारण्य है。यह मुख्य रूप से काले हिरणों (Blackbuck) और प्रवासी पक्षियों के लिए दुनियाभर में प्रसिद्ध है
निम्नलिखित में कौन-से वृक्ष राजस्थान के उष्णकटिबंधीय कांटेदार वनों में नहीं पाए जाते?
निम्नलिखित विकल्पों में से सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर चुनें:
[पशु परिचर (5th Phase) 03.12.2024]
👉 उष्णकटिबंधीय कांटेदार वन राजस्थान के पश्चिमी शुष्क एवं अर्द्ध-शुष्क क्षेत्रों में पाए जाते हैं।
👉 इनमें खेजड़ी, रोहिड़ा, बेर, बबूल, कैर जैसे कांटेदार व सूखा-सहिष्णु वृक्ष पाए जाते हैं।
👉 जबकि बांस एक आर्द्र जलवायु में उगने वाला वृक्ष है और यह मुख्यतः दक्षिणी जिलों (बाँसवाड़ा, डूंगरपुर आदि) में पाया जाता है, न कि कांटेदार वनों में।
✍️ सही उत्तर है – बांस
धामन एवं सेवण घास जिन वनों से संबंधित है, वे हैं ___________ । (निम्न में से सबसे उपयुक्त विकल्प चुनें)
[कनिष्ठ अनुदेशक (टर्नर) 09.01.2025]
👉 सेवण घास विशेष रूप से बाड़मेर जिले तथा मरू राष्ट्रीय उद्यान क्षेत्र में पाई जाती है।
👉 यह क्षेत्र शुष्क व अर्द्धशुष्क मरुस्थलीय है, जहाँ ऊष्णकटिबंधीय कंटीले वन पाए जाते हैं।
👉 इन वनों में काँटेदार झाड़ियाँ, खेजड़ी, बबूल, कैर जैसे वृक्षों के साथ ये घासें पाई जाती हैं।
✍️ सही उत्तर है – ऊष्णकटिबंधीय कंटीले वन
सालार वन के बारे में सबसे असत्य कथन का चयन करें।
[CET (10+2) 24.10.2024 पंचम चरण]
👉 सालार वन उन वनों को कहा जाता है जहाँ सालार वृक्षों की अधिकता होती है — यह कथन सही है।
👉 ये वन राजस्थान के पहाड़ी क्षेत्रों, विशेषकर दक्षिणी भागों में पाए जाते हैं — यह भी सही है।
👉 ढोक, कथिरा और धवद जैसे वृक्ष सालार वनों में सामान्य रूप से मिलते हैं — यह भी सही है।
👉 लेकिन टीक (सागवान) केवल सालार वनों में विशेष रूप से नहीं पाया जाता, बल्कि यह शुष्क सागवान वनों में पाया जाता है — अतः यह कथन असत्य है।
✍️ सही उत्तर है – टीक विशेष रूप से सिर्फ सालार वनों में प्रचुर मात्रा में पाया जाने वाला वृक्ष है।
आमागढ़ लेपर्ड संरक्षण क्षेत्र अवस्थित है - (निम्न में से सबसे उपयुक्त उत्तर चुनें)
कनिष्ठ अनुदेशक (इलेक्ट्रिशियन) 19.11.2024
👉 आमागढ़ लेपर्ड संरक्षण क्षेत्र (Amagarh Leopard Conservation Reserve) राजस्थान के जयपुर जिले में स्थित है।
👉 इसे वन्य जीवों विशेषकर तेंदुओं के संरक्षण हेतु घोषित किया गया है।
👉 यह क्षेत्र आमागढ़ पहाड़ियों में स्थित है और संरक्षित क्षेत्र (Conservation Reserve) के रूप में सूचीबद्ध है।
✍️ सही उत्तर है – जयपुर में
सूची-I को सूची-II से सुमेलित कीजिए :
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सूची-I (वन्य क्षेत्र) |
सूची-II (स्थान) |
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a. सरिस्का |
I. अलवर |
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b. दर्राह |
II. कोटा |
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c. माउंट आबू |
III. करौली |
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d. कैला देवी |
IV. सिरोही |
नीचे दिए गए विकल्पों में से सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर चुनिए :
[CET (10+2) 22.10.2024 द्वितीय चरण]
🔹 सही सुमेलित
a. सरिस्का → I. अलवर
b. दर्राह → II. कोटा
c. माउंट आबू → IV. सिरोही
d. कैला देवी → III. करौली
निम्नलिखित में से कौनसा राजस्थान का राज्य वृक्ष है ?
[CET (10+2) 23.10.2024 चतुर्थ चरण]
👉 खेजड़ी राजस्थान का राज्य वृक्ष है, जो शुष्क व मरुस्थलीय क्षेत्रों में आसानी से जीवित रहता है।
👉 इसे ‘राजस्थान का कल्पवृक्ष’ भी कहा जाता है क्योंकि यह बहुउपयोगी होता है — जैसे चारा, लकड़ी, गोंद, वायुमंडलीय नाइट्रोजन का स्थिरीकरण आदि।
👉 यह उष्णकटिबंधीय कांटेदार वनस्पति का प्रमुख भाग है।
✍️ सही उत्तर है – खेजड़ी
“बाघ परियोजना” अभियान का आरम्भ _________ में हुआ था।
निम्नलिखित विकल्पों में से सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर चुनें:
[पशु परिचर (4th Phase) 02.12.2024]
1.राजस्थान में टाइगर प्रोजेक्ट राजस्थान में वर्तमान में 5 प्रमुख बाघ परियोजनाएं (Tiger Reserves) संचालित हैं (धौलपुर-करौली के आधिकारिक गठन के बाद)।1.रणथंभौर बाघ परियोजना (सवाई माधोपुर): राजस्थान की सबसे पहली और सबसे बड़ी बाघ परियोजना है, जिसकी शुरुआत 1973 में हुई थी。 इसे 'बाघों का घर' भी कहा जाता है。2.सरिस्का बाघ परियोजना (अलवर): इसे 1978 में टाइगर प्रोजेक्ट का दर्जा दिया गया。 यह अपने रॉयल बंगाल टाइगर्स के लिए प्रसिद्ध है。3.मुकुंदरा हिल्स बाघ परियोजना (कोटा-झालावाड़): यह राज्य की तीसरी बाघ परियोजना है, जिसे 2013 में स्थापित किया गया था。4.रामगढ़ विषधारी बाघ परियोजना (बूंदी): राजस्थान की चौथी बाघ परियोजना को 2021 में अधिसूचित किया गया था。5.धौलपुर-करौली बाघ परियोजना (धौलपुर और करौली): यह राजस्थान का पांचवां बाघ अभयारण्य हैं
निम्नलिखित में से कौन सी संरक्षण रणनीति सीधे तौर पर सामुदायिक भागीदारी में शामिल नहीं है?
[JEN सिविल डिग्री 22.02.2025]
👉 संरक्षण रणनीतियों में सामुदायिक भागीदारी महत्वपूर्ण है।
👉 लेकिन वन्यजीव अभयारण्यों का सीमांकन सीधे तौर पर सामुदायिक भागीदारी में शामिल नहीं है।
✍️ सही उत्तर है – वन्यजीव अभयारण्यों का सीमांकन
राजस्थान में उप-उष्णकटिबंधीय पहाड़ी वन में पाए जाने वाले वृक्षों का चयन कीजिये
[CET (10+2) 22.10.2024 द्वितीय चरण]
👉 उप-उष्णकटिबंधीय पहाड़ी वन राजस्थान में केवल माउंट आबू (सिरोही जिला) में पाए जाते हैं।
👉 इनमें सदाबहार और अर्द्ध-सदाबहार वृक्ष होते हैं, जैसे — आम, नीम, गूलर, तेंदू आदि।
👉 ये वन सामान्य कंटीली या मरुस्थलीय वनस्पतियों से भिन्न होते हैं।
✍️ सही उत्तर है – आम, नीम
निम्नलिखित में से कौन-सा वन और वन्यजीव संसाधन नहीं है?
निम्नलिखित विकल्पों में से सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर चुनें:
[पशु परिचर (5th Phase) 03.12.2024]
👉 आरक्षित वन, रक्षित वन और अवर्गीकृत वन — ये सभी वन एवं वन्यजीव संसाधनों की प्रशासनिक श्रेणियाँ हैं, जिन्हें वन विभाग द्वारा मान्यता प्राप्त है।
👉 जबकि देशज (स्थानिक) वन कोई प्रशासनिक या कानूनी श्रेणी नहीं है, बल्कि यह एक सामान्य पारंपरिक या स्थानीय अवधारणा है।
👉 अतः यह वन संसाधनों की मान्य श्रेणियों में नहीं आता।
✍️ सही उत्तर है – देशज (स्थानिक) वन
राजस्थान में निम्नलिखित में से किस प्रकार का न केवल माउंट आबू क्षेत्र में पाया जाता है ?
[JEN (Agriculture) 22.02.2025]
👉 राजस्थान में उपोष्णकटिबंधीय पर्वतीय वन पाए जाते हैं।
👉 ये केवल माउंट आबू क्षेत्र में ही मिलते हैं।
✍️ सही उत्तर है – उपोष्णकटिबंधीय पर्वतीय वन
___________जिसे पहले मारु कहा जाता था, फिर मरुवारा और बाद में मारवाड़ कहा जाने लगा:-
निम्न में से सबसे उपयुक्त विकल्प चुनें।
[CET (10+2) 22.10.2024 द्वितीय चरण]
👉 जोधपुर क्षेत्र को प्राचीन समय में 'मारु' कहा जाता था, जो आगे चलकर 'मरुवाड़' और फिर 'मारवाड़' के नाम से प्रसिद्ध हुआ।
👉 यह क्षेत्र मुख्य रूप से पश्चिमी राजस्थान में स्थित है और इसका केंद्र जोधपुर रहा है।
👉 मारवाड़ शब्द का तात्पर्य भी मरुस्थलीय क्षेत्र से है।
✍️ सही उत्तर है – जोधपुर
राजस्थान में पाये जाने वाले पलाश के वनों की विशेषताएँ हैं:
a. ये वन उन क्षेत्रों में फैले हैं जहाँ का धरातल पथरीला एवं कठोर है।
b. ये पहाड़ियों के उन क्षेत्रों में प्रचुर मात्रा में पाये जाते है जहाँ पठारी भूमि उपलब्ध है।
c. इस प्रकार के वन केवल माऊंट आबू क्षेत्र में पाये जाते हैं।
d. ये वन मैदानों में भी पाये जाते हैं जहाँ कंकड़ हैं और मृदा कम मात्रा में पायी जाती है।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर चुनें:
[पशु परिचर (3rd Phase) 02.12.2024]
👉 a. ये वन उन क्षेत्रों में फैले हैं जहाँ का धरातल पथरीला एवं कठोर है – यह सही है।
👉 b. ये पहाड़ियों के उन क्षेत्रों में प्रचुर मात्रा में पाये जाते हैं जहाँ पठारी भूमि उपलब्ध है – यह भी सही है।
👉 c. यह वन केवल माउंट आबू क्षेत्र में पाए जाते हैं – गलत, क्योंकि पलाश वन कई अन्य जिलों (जैसे अलवर, अजमेर, सिरोही आदि) में भी मिलते हैं।
👉 d. ये वन मैदानों में भी पाए जाते हैं जहाँ कंकड़ और कम मृदा होती है – यह भी सही है।
✍️ सही उत्तर है – a, b और d सही हैं
राजस्थान के निम्नलिखित में से किस क्षेत्र में (क्षेत्रफल की दृष्टि से) वन आवरण सबसे कम है? (नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर का चुनाव करें)
[4th Grade (1st Phase) 19.09.2025]
👉 चूरू जिला राजस्थान में सबसे कम वन आवरण वाला क्षेत्र माना जाता है।
👉 यह पूरा क्षेत्र शुष्क मरुस्थलीय जलवायु के कारण वनस्पति के लिए अनुकूल नहीं है।
👉 यहाँ बड़े-बड़े रेत के टीले पाए जाते हैं, जो प्राकृतिक वन वृद्धि को सीमित करते हैं।
👉 जैसलमेर जैसे जिलों में भी वन क्षेत्र कम है, पर सबसे कम प्रतिशत चूरू में है।
👉 क्षेत्रीय परिस्थितियाँ इसे राज्य का सबसे कम वनयुक्त जिला बनाती हैं।
✍️ सही उत्तर है – चूरू
सरकारी और निजी व्यक्तियों अथवा समुदायों से संबंधित वन और अकृष्य भूमि कहलाती है:
निम्नलिखित विकल्पों में से सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर चुनें:
[पशु परिचर (3rd Phase) 02.12.2024]
👉 अवर्गीकृत वन (Unclassified Forest) वे वन होते हैं जो सरकार, निजी व्यक्तियों या समुदायों से संबंधित होते हैं।
👉 इन पर सरकारी नियंत्रण सीमित होता है या नहीं के बराबर होता है।
👉 यह श्रेणी अन्य दो श्रेणियों (आरक्षित व रक्षित वन) से भिन्न होती है।
✍️ सही उत्तर है – अवर्गीकृत वन
राजस्थान में 2021 में कौन-से प्रकार के वन सर्वाधिक क्षेत्र पर विस्तृत हैं ? (निम्न में से सबसे उपयुक्त विकल्प चुनें)
[कनिष्ठ अनुदेशक (ICT) 04.01.2025]
👉 राजस्थान में 2023–24 के वन वर्गीकरण में:
रक्षित वन (Protected Forest) — 56.51%
आरक्षित वन (Reserved Forest) — 36.99%
अवर्गीकृत वन (Unclassified Forest) — 6.50%
👉 ये अनुपात वर्ष 2021 में भी इसी संरचनागत स्थिति के अनुकूल रहे होंगे, क्योंकि बड़ी मात्रा में वन क्षेत्र वह रक्षित वनों में ही है।
✍️ सर्वाधिक क्षेत्र पर विस्तृत वन — रक्षित वन (Protected Forest)
खेजड़ी के पेड़ का राजस्थान के साथ आर्थिक और सांस्कृतिक सम्बन्ध है। ऐसा इसलिए है क्योंकि:
कथन I: यह नाइट्रोजन को स्थिर करता है और मिट्टी को उपजाऊ बनाता है।
कथन II : इसकी टहनियों को जन्माष्टमी पर श्री कृष्ण के प्रतीक के रूप में पूजा जाता है।
निम्न में से सबसे उपयुक्त विकल्प चुनें:
[JEN विद्युत डिप्लोमा 08.02.2025]
👉 खेजड़ी का पेड़ राजस्थान में आर्थिक व सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है।
👉 यह नाइट्रोजन स्थिर कर मिट्टी को उपजाऊ बनाता है।
👉 इसकी टहनियों को जन्माष्टमी पर श्रीकृष्ण के प्रतीक रूप में पूजा जाता है।
👉 इसलिए दोनों कथन सही हैं।
✍️ सही उत्तर है – कथन I और कथन II दोनों सत्य हैं
उष्णकटिबंधीय कांटेदार वन, राजस्थान के निम्नलिखित में से किस क्षेत्र में पाए जाते हैं ?
निम्न में से सबसे उपयुक्त विकल्प चुनें:
[CET (10+2) 23.10.2024 तृतीय चरण]
👉 उष्णकटिबंधीय कांटेदार वन राजस्थान के पश्चिमी और अर्द्धशुष्क भागों में पाए जाते हैं।
👉 ये मुख्य रूप से जैसलमेर, बाड़मेर, जोधपुर, बीकानेर, चूरू जैसे रेगिस्तानी जिलों में फैले हैं।
👉 इन वनों में खेजड़ी, बेर, बबूल, कैर जैसे कांटेदार वृक्ष और झाड़ियाँ मिलती हैं।
✍️ सही उत्तर है – जैसलमेर
बबूल, खैर और खेजड़ी प्रजाति के वृक्ष निम्नलिखित में से किस वन क्षेत्र में पाए जाते हैं ?
निम्न में से सबसे उपयुक्त विकल्प चुनें:
[CET (10+2) 23.10.2024 तृतीय चरण]
👉 बबूल, खैर और खेजड़ी जैसे कांटेदार व बहुउपयोगी वृक्ष उष्णकटिबंधीय कांटेदार वन क्षेत्रों में पाए जाते हैं।
👉 ये वन मुख्यतः जैसलमेर, बाड़मेर, बीकानेर, जोधपुर, चूरू, नागौर जैसे शुष्क व अर्द्धशुष्क जिलों में फैले हैं।
👉 इन वनों में मिट्टी रेतीली होती है और वर्षा बहुत कम होती है।
✍️ सही उत्तर है – उष्णकटिबंधीय कांटेदार वन
राजस्थान ई- अपशिष्ट प्रबन्धन नीति का आह्वान व गठन वर्ष में किया गया।
निम्नलिखित विकल्पों में से सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर चुनें:
[पशु परिचर (6th Phase) 03.12.2024]
👉 राजस्थान ई-अपशिष्ट प्रबन्धन नीति का आह्वान व गठन 2023 में किया गया।
राजस्थान वन नीति 2023 के अनुसार, राजस्थान राज्य में दर्ज वन क्षेत्र (आरएफए) राज्य के भौगोलिक क्षेत्र का कितना प्रतिशत है ?
[4th Grade (2nd Phase) 19.09.2025]
👉 राजस्थान वन नीति 2023 के अनुसार राज्य का दर्ज वन क्षेत्र कुल भौगोलिक क्षेत्र का 9.6% है।
👉 राज्य में लगभग 32,863 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र को दर्ज वन क्षेत्र के रूप में माना गया है।
👉 यह वनावरण राज्य के कुल भौगोलिक क्षेत्र का ठीक 9.6% बनाता है।
👉 वन एवं वृक्षावरण दोनों को मिलाकर यह अनुपात 7.42% तक पहुँचता है।
👉 यह आँकड़े राज्य की वन स्थिति और वृक्ष आच्छादन को स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं।
✍️ सही उत्तर है – 9.6%
'केंद्रीय शुष्क बागवानी संस्थान' _________ में स्थित है।
[कनिष्ठ अनुदेशक (सुईंग) 09.01.2025]
👉 यह संस्थान राजस्थान के बीकानेर जिले में स्थित है और 1993 से बागवानी फल व सब्जियों पर अनुसंधान कर रहा है।
👉 यहाँ की प्रमुख समस्याएँ आवर्तक सूखा और अत्यधिक शुष्कता हैं।
👉 इस क्षेत्र में औसत वर्षा लगभग 230 मिमी/वर्ष होती है।
उपोष्णकटिबंधीय पर्वतीय वनों के बारे में असत्य कथन का चयन करें। (निम्न में से सबसे उपयुक्त विकल्प चुनें:)
[CET (10+2) 22.10.2024 प्रथम चरण]
👉 उपोष्णकटिबंधीय पर्वतीय वन राजस्थान में केवल सिरोही जिले के माउंट आबू क्षेत्र में पाए जाते हैं — यह सही है।
👉 इन वनों में सदैव हरियाली बनी रहती है, क्योंकि ये सदाबहार या अर्द्ध-सदाबहार होते हैं — यह भी सही है।
👉 सिरोही जिला राजस्थान में स्थित है — यह भी सही है।
👉 लेकिन यह कहना कि ये वन केवल राजस्थान एवं उत्तर प्रदेश में पाए जाते हैं — यह गलत है, क्योंकि उपोष्णकटिबंधीय वनों का विस्तार अन्य राज्यों में भी पाया जाता है।
✍️ सही उत्तर है – यह वन केवल राजस्थान तथा उत्तर प्रदेश में पाए जाते हैं।
वन विभाग, राजस्थान द्वारा जारी प्रशासनिक प्रतिवेदन 2023-24 के अनुसार राज्य में चतुर्थ सर्वाधिक वास्तविक वन क्षेत्र वाला जिला___________है।
कनिष्ठ अनुदेशक (मैके. डीजल) 16.11.2024
👉 2023-24 की प्रशासनिक रिपोर्ट के अनुसार, राजस्थान में वनों का वितरण असमान है।
👉 उदयपुर, अलवर, प्रतापगढ़ के बाद बारां जिला चौथे स्थान पर है जहाँ वास्तविक वन क्षेत्र सबसे अधिक है।
वन विभाग, राजस्थान द्वारा जारी प्रशासनिक प्रतिवेदन 2023-24 के अनुसार राज्य के कुल अभिलेखित वन क्षेत्र का लगभग ________ प्रतिशत भाग आरक्षित वन क्षेत्र के रूप में रिपोर्ट किया गया है। (निम्न में से सबसे उपयुक्त विकल्प चुनें)
[कनिष्ठ अनुदेशक (MNV) 07.01.2025]
👉 राजस्थान के वन विभाग द्वारा जारी प्रशासनिक रिपोर्ट 2023–24 के अनुसार:
आरक्षित वन (Reserved Forest) का क्षेत्र 12 178.03 वर्ग किमी है, जो कुल अभिलेखित वन क्षेत्र का 36.99 प्रतिशत बनता है।
‘एसोप फॉरेस्ट ब्लॉक' शाहपुरा, राजस्थान में ______ के संरक्षण रिजर्व (कंजर्वेशन रिजर्व) के रूप में विकसित किया गया है।
निम्नलिखित विकल्पों में से सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर चुनें:
[पशु परिचर (6th Phase) 03.12.2024]
👉 ‘एसोप फॉरेस्ट ब्लॉक' शाहपुरा, राजस्थान में ब्लैक बक के संरक्षण रिजर्व (कंजर्वेशन रिजर्व) के रूप में विकसित किया गया है।
सूची-I के साथ सूची-II का मिलान कीजिए।
|
सूची-I (वृक्ष / लकड़ी / घास का नाम) |
सूची-II (वृक्षों / लकड़ी/ घास की उपयोगिता) |
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a. सागवान वृक्ष |
I. इसे जलाकर कोयला बनाना |
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b. सालार वृक्ष |
II. पशु चारा |
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c. धोक |
III. कृषि के औजार बनाना |
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d. सेवण और धमण |
IV. पैकेजिंग के डिब्बे बनाना |
नीचे दिए गए विकल्पों में से सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर चुनें:
[पशु परिचर (1st Phase) 01.12.2024]
👉 a. सागवान वृक्ष — III. कृषि के औजार बनाना
👉 b. सालार वृक्ष — IV. पैकेजिंग के डिब्बे बनाना
👉 c. धोक — I. इसे जलाकर कोयला बनाना
👉 d. सेवण और धमण — II. पशु चारा
राजस्थान में 'राजस्थान स्टेट इनवायरमेंट पोलिसी' कब प्रारम्भ हुई ?
[NHM Data Entry Opr 10.06.2025]
👉 राजस्थान राज्य पर्यावरण नीति वर्ष 2010 में प्रारम्भ की गई थी।
👉 इस नीति का उद्देश्य राज्य की प्रमुख पर्यावरणीय चुनौतियों की पहचान कर समाधान विकसित करना था।
👉 नीति में प्रदूषण, वनों की कमी, तथा जल स्रोतों की कमी जैसे मुद्दों पर विशेष ध्यान दिया गया।
👉 इसका केंद्र राज्य में सतत विकास को बढ़ावा देना था।
👉 इस घोषणा के साथ राजस्थान पर्यावरण नीति लागू करने वाला पहला राज्य बना।
राजस्थान सरकार ने 2023 में नई वन नीति घोषित की
✍️ सही उत्तर है – 2010
खेजड़ी का पेड़ राजस्थान के स्थानीय लोगों के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। खेजड़ी के पेड़ के बारे में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही नहीं है ?
[JEN (Diploma) 06.02.2025]
👉 खेजड़ी का पेड़ राजस्थान में अत्यंत महत्वपूर्ण है।
👉 इसके बारे में दिया गया कथन कि "सूखी पीली फलियों को संग्रहीत कर साल भर खाना पकाने में उपयोग किया जाता है" सही नहीं है।
✍️ सही उत्तर है – खेजड़ी की सूखी पीली फलियों को संग्रहीत किया जाता है और साल भर खाना पकाने के लिए उपयोग किया जाता है।
केंद्रीय शुष्क क्षेत्र अनुसंधान संस्थान (CAZRI) राजस्थान के किस क्षेत्र में स्थित है ?
नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर चुनें :
[सर्वेयर परीक्षा 23.02.2025]
👉 केंद्रीय शुष्क क्षेत्र अनुसंधान संस्थान (CAZRI) राजस्थान में स्थित है।
👉 यह संस्थान जोधपुर में है।
✍️ सही उत्तर है – जोधपुर
'कत्था ' _______ वृक्ष की छाल से निकालते हैं।
[कनिष्ठ अनुदेशक (वेल्डर) 07.01.2025]
👉 कत्था एक उपयोगी वन उत्पाद है जिसे खैर वृक्ष से निकाला जाता है।
👉 राजस्थान में इसका उत्पादन उदयपुर, सलुम्बर, चित्तौड़गढ़, झालावाड़, बूँदी, भरतपुर और जयपुर जिलों में होता है।
👉 राज्य में प्रतिवर्ष लगभग 350 टन कत्थे का उत्पादन होता है।
✍️ सही उत्तर है – खैर
पर्यावरण संरक्षण के लिए चलाया गया खेजड़ली आंदोलन भारत के किस राज्य से संबंधित है?
निम्नलिखित विकल्पों में से सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर चुनें:
[पशु परिचर (1st Phase) 01.12.2024]
👉 खेजड़ली आंदोलन पर्यावरण संरक्षण के लिए किया गया एक ऐतिहासिक बलिदान था, जो राजस्थान के जोधपुर जिले के खेजड़ली गाँव में हुआ था।
👉 इस आंदोलन में अमृता देवी बिश्नोई और उनके अनुयायियों ने खेजड़ी वृक्षों की रक्षा हेतु अपने प्राणों की आहुति दी थी।
👉 यह भारत का पहला पर्यावरणीय जनआंदोलन माना जाता है।
✍️ सही उत्तर है – राजस्थान
भैरोदेव - डाकव 'सोनचुरी' स्थित है
[कनिष्ठ अनुदेशक (Drafts) 04.01.2025]
👉 भैरोदेव-डाकव सोनचुरी राजस्थान के अलवर जिले में स्थित है।
✍️ सही उत्तर है – अलवर
कौन-सा जिला वनाच्छादित क्षेत्र 2021 में द्वितीय सर्वोच्च स्थान पर था ?
[कनिष्ठ अनुदेशक (रोजगार) 18.11.2024]
👉 बारां जिला वनाच्छादित क्षेत्र 2021 में द्वितीय सर्वोच्च स्थान पर था।
खेतड़ी बांसियाल सरंक्षण रिजर्व निम्नलिखित में से राजस्थान के कौन से स्थान पर अवस्थित है ?
[CET (10+2) 24.10.2024 पंचम चरण]
👉 खेतड़ी बांसियाल सरंक्षण रिजर्व राजस्थान के झुंझुनू स्थान में अवस्थित है।
निम्नलिखित में से कौन से वन सिरोही क्षेत्र में केवल आबू के पहाड़ी क्षेत्रों में पाए जाते हैं?
[JEN सिविल डिग्री 22.02.2025]
👉 सिरोही जिले के केवल आबू पर्वतीय क्षेत्र में विशिष्ट वन पाए जाते हैं।
👉 ये वन उपोष्णकटिबंधीय पर्वतीय वन हैं।
✍️ सही उत्तर है – उपोष्णकटिबंधीय पर्वतीय वन
निम्नलिखित में से कौन से वन केवल माउंट आबू क्षेत्र में पाये जाते हैं?
निम्नलिखित विकल्पों में से सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर चुनें:
[पशु परिचर (4th Phase) 02.12.2024]
👉 उपोष्ण कटिबंधीय पर्वतीय वन राजस्थान में केवल माउंट आबू (सिरोही जिला) क्षेत्र में पाए जाते हैं।
👉 यह क्षेत्र राज्य का एकमात्र स्थल है जहाँ सदैव हरित (सदाबहार) या अर्द्ध-सदाबहार वनस्पति मिलती है।
👉 अन्य विकल्पों जैसे पलाश, सलार और कांटेदार वन राजस्थान के विभिन्न हिस्सों में पाए जाते हैं, न कि केवल माउंट आबू में।
✍️ सही उत्तर है – उपोष्ण कटिबंधीय पर्वतीय
निम्नलिखित में किस प्रकार के वन राजस्थान में नहीं पाये जाते हैं?
निम्नलिखित विकल्पों में से सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर चुनें:
[पशु परिचर (5th Phase) 03.12.2024]
👉 राजस्थान में पाए जाने वाले प्रमुख वन हैं —
उष्णकटिबंधीय कांटेदार वन,
उष्णकटिबंधीय शुष्क पर्णपाती वन,
और उपोष्णकटिबंधीय पर्वतीय वन (मुख्यतः माउंट आबू क्षेत्र में)।
👉 जबकि ज्वारीय वन (Tidal Forests) केवल सागरीय तटवर्ती क्षेत्रों में पाए जाते हैं, जैसे पश्चिम बंगाल, ओडिशा आदि में।
👉 राजस्थान स्थलवर्ती एवं मरुस्थलीय राज्य होने के कारण ज्वारीय वन यहाँ नहीं पाए जाते।
✍️ सही उत्तर है – ज्वारीय वन
कत्था कौन-से वृक्ष की आंतरिक लकड़ी से प्राप्त किया जाता है ?
[CET (स्नातक) 27.09.2024 प्रथम चरण]
👉 कत्था का निर्माण खैर वृक्ष की आंतरिक लकड़ी से किया जाता है।
👉 इसका उत्पादन राजस्थान के उदयपुर, सलुम्बर, चित्तौड़गढ़, झालावाड़, बूँदी, भरतपुर और जयपुर जिलों में होता है।
👉 राज्य में प्रतिवर्ष लगभग 350 टन कत्थे का उत्पादन होता है।
✍️ सही उत्तर है – खैर वृक्ष की आंतरिक लकड़ी
निम्नलिखित में से कौन सा कथन राजस्थान के सूखे टीक के जंगलों के संदर्भ में सही नहीं है ? (निम्न में से सबसे उपयुक्त विकल्प चुनें)
[CET स्नातक 28.09.2024 तृतीय चरण]
👉 राजस्थान में शुष्क सागवान (टीक) के जंगल दक्षिणी और दक्षिण-पूर्वी जिलों में पाए जाते हैं — यह कथन सही है।
👉 टीक की लकड़ी व्यवसायिक दृष्टि से अत्यंत उपयोगी है — यह भी सही है।
👉 सामान्यतः इन वृक्षों की ऊँचाई 9 से 13 मीटर तक होती है — यह भी सही है।
👉 लेकिन इन क्षेत्रों की वार्षिक वर्षा 150 से 200 सेमी नहीं होती, बल्कि यह 75 से 100 सेमी के आसपास होती है, इसलिए यह कथन सही नहीं है।
✍️ सही उत्तर है – इन क्षेत्रों में वार्षिक वर्षा वृष्टि 150 से 200 सेन्टीमीटर तक होती है।
__________ वृक्ष के पत्तों से 'बीड़ी' बनाई जाती हैं
[कनिष्ठ अनुदेशक (Drafts) 04.01.2025]
राजस्थान में तेंदू का पेड़ मुख्य रूप से दक्षिणी और दक्षिण-पूर्वी हिस्सों जैसे बांसवाड़ा, उदयपुर, चित्तौड़गढ़, कोटा, बारां और झालावाड़ के जंगलों में पाया जाता है। इसके पत्ते बीड़ी बनाने और फल खाने के काम आते हैं, जो गर्मियों में स्थानीय आदिवासियों के लिए आय का एक प्रमुख स्रोत हैं。
निम्नलिखित में से कौन-सा कथन राजस्थान के सालार वनों के बारे में सही है।
निम्नलिखित विकल्पों में से सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर चुनें:
[पशु परिचर (6th Phase) 03.12.2024]
👉 सालर वनों की लकड़ी का उपयोग विशेष रूप से पैकिंग बॉक्स आदि बनाने में किया जाता है।
👉 यह वन राजस्थान के दक्षिणी एवं दक्षिण-पूर्वी क्षेत्रों में मिलते हैं, न कि जैसलमेर-जोधपुर जैसे शुष्क भागों में।
👉 इनमें चीड़ वृक्ष नहीं पाया जाता, क्योंकि वह हिमालयी क्षेत्रों में होता है।
✍️ सही उत्तर है – इसकी लकड़ियों का प्रयोग पैकिंग बॉक्स बनाने में किया जाता है।
राजस्थान में उप-उष्णकटिबंधीय पर्वतीय वन ____________ क्षेत्र में पाए जाते हैं।
[JEN (Civil Diploma) 11.02.2025]
👉 राजस्थान में उप-उष्णकटिबंधीय पर्वतीय वन पाए जाते हैं।
👉 ये विशेष रूप से माउंट आबू क्षेत्र में मिलते हैं।
✍️ सही उत्तर है – माउंट आबू
वन विभाग, राजस्थान द्वारा जारी प्रशासनिक प्रतिवेदन 2023-24 के अनुसार निम्नलिखित में से कौन-से राज्य में पाँचवां टाइगर प्रोजेक्ट है ?
[कनिष्ठ अनुदेशक (ड्राइंग) 20.11.2024]
1. राजस्थान में वर्तमान में 5 प्रमुख बाघ परियोजनाएं (Tiger Reserves) संचालित हैं (धौलपुर-करौली के आधिकारिक गठन के बाद)। 2 . इनमें सबसे पहली परियोजना 1973-74 में रणथम्भौर में शुरू की गई थी。3 .इन बाघ परियोजनाओं का विवरण इस प्रकार है:A.रणथंभौर बाघ परियोजना (सवाई माधोपुर): राजस्थान की सबसे पहली और सबसे बड़ी बाघ परियोजना है, जिसकी शुरुआत 1973 में हुई थी。 इसे 'बाघों का घर' भी कहा जाता है。B .सरिस्का बाघ परियोजना (अलवर): इसे 1978 में टाइगर प्रोजेक्ट का दर्जा दिया गया。 यह अपने रॉयल बंगाल टाइगर्स के लिए प्रसिद्ध है。3. मुकुंदरा हिल्स बाघ परियोजना (कोटा-झालावाड़): यह राज्य की तीसरी बाघ परियोजना है, जिसे 2013 में स्थापित किया गया था。D .रामगढ़ विषधारी बाघ परियोजना (बूंदी): राजस्थान की चौथी बाघ परियोजना को 2021 में अधिसूचित किया गया था。E .धौलपुर-करौली बाघ परियोजना (धौलपुर और करौली): यह राजस्थान का पांचवां बाघ अभयारण्य हैं
निम्नलिखित में से वनोन्मूलन के कौन-कौन-से मुख्य कारण हैं?
a. घरों और कारखानों का निर्माण
b. खेती के लिए जमीन का प्रयोग
c. वन्यजीवों का संरक्षण
d. फर्नीचर बनाने के लिए
e. मृदा की गुणवत्ता में सुधार के लिए
नीचे दिए गए विकल्पों में से सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर चुनें:
[पशु परिचर (6th Phase) 03.12.2024]
👉 वनोन्मूलन (Deforestation) के मुख्य कारणों में शामिल हैं —
a. घरों और कारखानों का निर्माण
b. खेती के लिए जमीन का प्रयोग
d. फर्नीचर बनाने के लिए लकड़ी की कटाई
👉 जबकि c. वन्यजीवों का संरक्षण और e. मृदा की गुणवत्ता में सुधार — ये वनों के संरक्षण से संबंधित हैं, विनाश से नहीं।
✍️ सही उत्तर है – a, b, d
भारतीय वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम लागू हुआ था:
निम्नलिखित विकल्पों में से सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर चुनें:
[पशु परिचर (6th Phase) 03.12.2024]
भारतीय वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 भारत सरकार द्वारा जंगली जानवरों, पक्षियों और पौधों को कानूनी संरक्षण प्रदान करने के लिए पारित एक ऐतिहासिक कानून है। इसका मुख्य उद्देश्य अवैध शिकार, तस्करी और पारिस्थितिकी तंत्र के विनाश को रोकना 2.लागू होने की तिथि: यह अधिनियम 9 सितंबर 1972 को पारित किया गया और 21 अगस्त 1972 को प्रभावी हुआ।
वनों की रक्षा हेतु अपने प्राणों की आहूति देने वाली जोधपुर की प्रसिद्ध महिला का नाम है :
[कनिष्ठ अनुदेशक (फिटर) 20.11.2024]
👉 वनों की रक्षा हेतु अपने प्राणों की आहूति देने वाली जोधपुर की प्रसिद्ध महिला का नाम था – अमृता देवी।
👉 उन्होंने खेजड़ी वृक्षों की कटाई का विरोध करते हुए बीकानेर राज्य के सैनिकों के सामने अपने प्राण न्यौछावर किए थे।
👉 उनका बलिदान बिश्नोई समाज के ऐतिहासिक पर्यावरणीय आंदोलन का प्रतीक बन गया।
✍️ सही उत्तर है – अमृता देवी
राजस्थान सरकार ने वन कार्यक्रमों के विकास और संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए वानिकी पुरस्कार शुरू किए। पुरस्कार की पहचान करें।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर चुनें :
[JEN (Diploma) 06.02.2025]
👉 राजस्थान सरकार ने वन विकास और संरक्षण को प्रोत्साहित करने हेतु पुरस्कार शुरू किए।
👉 इस पुरस्कार का नाम वानिकी पंडित पुरस्कार है।
✍️ सही उत्तर है – वानिकी पंडित पुरस्कार
वन्यजीवों के संरक्षण के लिए निम्नलिखित में से कौन-सी कृत्रिम सेटिंग है?
निम्नलिखित विकल्पों में से सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर चुनें:
[पशु परिचर (6th Phase) 03.12.2024]
👉 चिड़ियाघर (Zoo) वन्यजीवों के संरक्षण की एक कृत्रिम (Artificial) सेटिंग है, जहाँ उन्हें प्राकृतिक आवास के बाहर पिंजरों या सीमित क्षेत्रों में रखा जाता है।
👉 जबकि राष्ट्रीय उद्यान, बायोस्फीयर रिजर्व और वन्यजीव अभयारण्य — ये सभी स्वस्थाने संरक्षण (In-situ conservation) के अंतर्गत आते हैं।
✍️ सही उत्तर है – चिड़ियाघर
पर्यावरण संरक्षण एवं जागरूकता के क्षेत्र में राजस्थान सरकार द्वारा निम्नलिखित में से कौन-सा पुरस्कार दिया जाता है ?
[JEN (Agriculture) 22.02.2025]
अमृता देवी बिश्नोई स्मृति पुरस्कार राजस्थान सरकार के वन विभाग द्वारा वनों की कटाई रोकने और वन्यजीवों के संरक्षण व सुरक्षा में उत्कृष्ट योगदान देने वाले व्यक्तियों तथा संस्थाओं को दिया जाने वाला सर्वोच्च पुरस्कार है।पुरस्कार राशि व्यक्तिगत पुरस्कार: ₹50,000 की नकद राशि।संस्थागत पुरस्कार: ₹1,00,000 की नकद राशि।
शुष्क सागवान वन मुख्यतः निम्नलिखित जिलों में से किसमें पाये जाते हैं ?
[कनिष्ठ अनुदेशक (फिटर) 20.11.2024]
👉 शुष्क सागवान वन मुख्यतः दक्षिणी राजस्थान में पाए जाते हैं।
👉 ये विशेष रूप से डूंगरपुर, बाँसवाड़ा, चित्तौड़गढ़, उदयपुर, सलुम्बर जिलों में विस्तृत हैं।
👉 इन जिलों की जलवायु सागवान वृक्ष के विकास के लिए उपयुक्त होती है।
✍️ सही उत्तर है – डुंगरपुर
वनों को ज़िले से सुमेलित कीजिए।
|
वन |
जिला |
|
a. शुष्क वन |
i. अलवर |
|
b. सदाबहार वन |
ii. बांसवाड़ा |
|
c. मिश्रित पतझड़ वन |
iii. माउण्ट आबू |
|
d. शुष्क सागवान वन |
iv. जैसलमेर |
कनिष्ठ अनुदेशक (रेफ्रिजरेशन) 18.11.2024
वनों और जिलों का सही सुमेल इस प्रकार है:
👉 a. शुष्क वन — iv. जैसलमेर (मरुस्थलीय व कंटीली वनस्पति)
👉 b. सदाबहार वन — iii. माउंट आबू (उपोष्णकटिबंधीय सदाबहार वन)
👉 c. मिश्रित पतझड़ वन — i. अलवर (अरावली के पूर्वी ढाल पर)
👉 d. शुष्क सागवान वन — ii. बाँसवाड़ा (दक्षिणी राजस्थान)
निम्नलिखित में से कौन-सी सूखी पत्तियों के निपटान की सबसे पर्यावरण अनुकूल विधि है? (नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर का चुनाव करें)
[4th Grade (1st Phase) 19.09.2025]
👉 सूखी पत्तियों के निपटान की सबसे पर्यावरण अनुकूल विधि खाद बनाना मानी जाती है।
👉 खाद बनाने में पत्तियाँ प्राकृतिक रूप से विघटित होकर पोषक तत्वों से भरपूर खाद बनाती हैं।
👉 यह विधि मिट्टी की उर्वरता बढ़ाती है और पर्यावरण को कोई हानि नहीं पहुँचाती।
👉 पत्तियाँ जलाने से वायु प्रदूषण होता है, इसलिए यह सही तरीका नहीं है।
👉 नदी में फेंकना या प्लास्टिक में भरकर फेंकना जल एवं प्लास्टिक प्रदूषण उत्पन्न करता है।
✍️ सही उत्तर है – खाद बनाना
अरावली पर्वत श्रृंखला के उत्तरी और पूर्वी ढलानों में किस प्रकार के वन पाए जाते हैं?
निम्नलिखित विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर चुनें:
[JEN विद्युत डिप्लोमा 08.02.2025]
👉 अरावली पर्वत श्रृंखला के उत्तरी और पूर्वी ढलानों पर वन पाए जाते हैं।
👉 यहाँ का प्रमुख वन प्रकार उष्णकटिबंधीय शुष्क पर्णपाती वन है।
✍️ सही उत्तर है – उष्णकटिबंधीय शुष्क पर्णपाती वन
‘बंध बारेठा'________ज़िले में अवस्थित है। (निम्न में से सबसे उपयुक्त विकल्प चुनें)
[NHM Nurse Grade-II 13.06.2025]
👉 बंध बारेठा राजस्थान के भरतपुर जिले में स्थित एक महत्वपूर्ण आर्द्रभूमि है।
👉 यह भरतपुर की बयाना तहसील में अवस्थित मानव निर्मित मीठे पानी का क्षेत्र है।
👉 बंध बारेठा का निर्माण कार्य 1866 में महाराजा जसवंत सिंह ने प्रारम्भ किया था।
👉 इसे वर्ष 1897 में महाराजा राम सिंह द्वारा पूर्ण करवाया गया।
👉 वर्ष 1985 में इसके आसपास के क्षेत्र को वन्यजीव अभयारण्य घोषित किया गया था।
✍️ सही उत्तर है – भरतपुर
निम्नलिखित प्राकृतिक संसाधनों में से किसके लिए संरक्षण की आवश्यकता नहीं है?
निम्नलिखित विकल्पों में से सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर चुनें:
[पशु परिचर (3rd Phase) 02.12.2024]
👉 जल, वायु और मृदा — ये सभी सीमित प्राकृतिक संसाधन हैं, जिनका अत्यधिक दोहन इनके संरक्षण की आवश्यकता उत्पन्न करता है।
👉 जबकि सौर ऊर्जा एक अक्षय (renewable) स्रोत है, जो असीमित मात्रा में उपलब्ध है और इसके संरक्षण की आवश्यकता नहीं होती।
✍️ सही उत्तर है – सौर ऊर्जा
निम्नलिखित में से कौन-सा एक अभिगम है, जिसमें राज्य वन विभाग, वन संरक्षण और प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन में स्थानीय वनवासी समुदायों का समर्थन करते हैं ?
[4th Grade (2nd Phase) 19.09.2025]
👉 संयुक्त वन प्रबंधन वह अभिगम है जिसमें वन विभाग और स्थानीय समुदाय मिलकर वनों का संरक्षण करते हैं।
👉 इस कार्यक्रम में समुदायों को निर्णय-निर्माण प्रक्रिया में शामिल किया जाता है।
👉 स्थानीय लोगों को वन संसाधनों के उपयोग का अधिकार भी प्रदान किया जाता है।
👉 वनों से मिलने वाले लाभों में समुदाय की भागीदारी सुनिश्चित की जाती है।
👉 दोनों पक्ष वनों की सुरक्षा और पुनर्जनन की जिम्मेदारी साझा करते हैं।
✍️ सही उत्तर है – संयुक्त वन प्रबंधन
निम्न में से कौन - सा वनों द्वारा उत्पादित नहीं है ? (निम्न में से सबसे उपयुक्त विकल्प चुनें)
[कनिष्ठ अनुदेशक (इलेक्ट्रिक) 10.01.2025]
👉 लाख, कत्था और गोंद — ये सभी वनों से प्राप्त उत्पाद हैं, जो विभिन्न वृक्षों की छाल या कीड़ों से प्राप्त होते हैं।
👉 जबकि सिलिका एक खनिज तत्व है, जो मिट्टी या चट्टानों से प्राप्त होता है।
✍️ सही उत्तर है – सिलिका
'मरु विकास कार्यक्रम' किस वित्तीय वर्ष में प्रारंभ हुआ ?
कनिष्ठ अनुदेशक (मैके. डीजल) 16.11.2024
👉 मरु विकास कार्यक्रम की शुरुआत 1977-78 में केंद्र सरकार द्वारा की गई थी।
👉 इसे मरुस्थल विकास कार्यक्रम भी कहा जाता है, जिसका उद्देश्य मरुस्थलीकरण की रोकथाम और पर्यावरणीय संतुलन था।
👉 यह कार्यक्रम सूखे के प्रभाव को कम करने, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और मरुस्थलीय क्षेत्रों के कायाकल्प हेतु चलाया गया।
👉 इसे राष्ट्रीय कृषि आयोग की सिफारिशों पर प्रारंभ किया गया था।
'बाघ परियोजना' (प्रोजेक्ट टाइगर) प्रारंभ की गई थी:
निम्नलिखित विकल्पों में से सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर चुनें:
[पशु परिचर (5th Phase) 03.12.2024]
1. राजस्थान में वर्तमान में 5 प्रमुख बाघ परियोजनाएं (Tiger Reserves) संचालित हैं (धौलपुर-करौली के आधिकारिक गठन के बाद)। इनमें सबसे पहली परियोजना 1973-74 में रणथम्भौर में शुरू की गई . राजस्थान की सबसे पहली और सबसे बड़ी बाघ परियोजना है, जिसकी शुरुआत 1973 में हुई थी。 इसे 'बाघों का घर' भी कहा जाता है。2.सरिस्का बाघ परियोजना (अलवर): इसे 1978 में टाइगर प्रोजेक्ट का दर्जा दिया गया。 यह अपने रॉयल बंगाल टाइगर्स के लिए प्रसिद्ध है。3.मुकुंदरा हिल्स बाघ परियोजना (कोटा-झालावाड़): यह राज्य की तीसरी बाघ परियोजना है, जिसे 2013 में स्थापित किया गया था。4.रामगढ़ विषधारी बाघ परियोजना (बूंदी): राजस्थान की चौथी बाघ परियोजना को 2021 में अधिसूचित किया गया था。5.धौलपुर-करौली बाघ परियोजना (धौलपुर और करौली): यह राजस्थान का पांचवां बाघ अभयारण्य हैं
राजस्थान में पलाश के वन निम्नलिखित में से किस वन का एक उप प्रकार है?
निम्नलिखित विकल्पों में से सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर चुनें:
[पशु परिचर (6th Phase) 03.12.2024]
👉 पलाश के वृक्ष राजस्थान में उष्णकटिबंधीय शुष्क पर्णपाती वनों में पाए जाते हैं।
👉 ये वन मुख्यतः अरावली की पूर्वी ढलानों और दक्षिणी जिलों में फैले होते हैं।
👉 इन वनों में धोकड़ा, गूलर, पलाश, आँवला, तेंदू आदि उपयोगी वृक्ष शामिल होते हैं।
✍️ सही उत्तर है – उष्णकटिबंधीय शुष्क पर्णपाती वन
बाँस का जंगल (Bamboo forest) राजस्थान के निम्नलिखित में से किस जिले में पाया जाता है ?
निम्न में से सबसे उपयुक्त विकल्प चुनें।
[CET (10+2) 22.10.2024 द्वितीय चरण]
👉 बाँस के जंगल राजस्थान के दक्षिणी जिलों में पाए जाते हैं।
👉 विशेष रूप से यह वन बाँसवाड़ा, उदयपुर, सलुम्बर, चित्तौड़गढ़, सिरोही और भरतपुर जिलों में मिलते हैं।
👉 इनमें से बाँसवाड़ा जिले का नाम ही इसकी प्रमुखता को दर्शाता है।
✍️ सही उत्तर है – बांसवाड़ा
जैवविविधिता संरक्षण में "विकल्प मूल्य" का क्या मतलब है ? (निम्न में से सबसे उपयुक्त विकल्प चुनें)
[NHM Physiotherapist 05.06.2025]
👉 विकल्प मूल्य जैव विविधता को भविष्य की संभावनाओं के लिए संरक्षित रखने का विचार प्रस्तुत करता है।
👉 इसका अर्थ है कि कई प्रजातियाँ और पारिस्थितिकी तंत्र आगे चलकर महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं।
👉 इस मूल्य में ऐसे अज्ञात लाभ शामिल हैं जो अभी ज्ञात नहीं, पर भविष्य में उपयोगी हो सकते हैं।
👉 जैव विविधता को सुरक्षित रखना हमें आगे आने वाले समय में नए जैविक संसाधनों तक पहुँच सुनिश्चित करता है।
👉 इसका उद्देश्य वर्तमान में हानि रोककर भविष्य के लिए संभावित समाधान सुरक्षित करना है।
✍️ सही उत्तर है – मौजूदा प्रजातियों और पारंपरिक फसल किस्मों के भविष्य में संभावित उपयोग।
राजस्थान के कंटीले वनों में कई प्रकार की घास पायी जाती हैं।
उनमें सबसे प्रमुख घास की पहचान कीजिए।
निम्नलिखित विकल्पों में से सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर चुनें:
[पशु परिचर (3rd Phase) 02.12.2024]
👉 राजस्थान के कंटीले वनों में कई प्रकार की घासें पाई जाती हैं, जिनमें सेवण घास (Sevan Grass) सबसे प्रमुख है।
👉 यह विशेष रूप से बाड़मेर जिले एवं मरु राष्ट्रीय उद्यान के क्षेत्रों में पाई जाती है।
👉 सेवण घास को पशुचारे के रूप में भी उपयोग किया जाता है और यह मरुस्थलीय पारिस्थितिकी के लिए महत्वपूर्ण है।
✍️ सही उत्तर है – सेवाण
राजस्थान में बांस के जंगल निम्नलिखित में से किस वन का उप-प्रकार है?
[JEN CIVIL कृषि 07.02.2025]
👉 राजस्थान में बांस के जंगल पाए जाते हैं।
👉 ये उष्णकटिबंधीय पर्णपाती वनों का उप-प्रकार हैं।
✍️ सही उत्तर है – उष्णकटिबंधीय पर्णपाती वन
जिसे राजस्थान का राज्य वृक्ष कहा जाता है, वह है
[कनिष्ठ अनुदेशक (टर्नर) 09.01.2025]
👉 खेजड़ी वृक्ष को राजस्थान का राज्य वृक्ष घोषित किया गया है।
👉 यह वृक्ष मरुस्थलीय एवं अर्द्धशुष्क क्षेत्रों में पाया जाता है और बहुउपयोगी होने के कारण इसे 'कल्पवृक्ष' भी कहा जाता है।
👉 यह उष्णकटिबंधीय कंटीली वनस्पति का प्रमुख अंग है।
✍️ सही उत्तर है – खेजड़ी
राजस्थान में ज़िले जहाँ 8 वर्ष के अन्तराल पर मौसमी सूखे - की पुनरावृत्ति संभावित है, वे हैं (निम्न में से सबसे उपयुक्त विकल्प चुनें)
[कनिष्ठ अनुदेशक (ICT) 04.01.2025]
👉 राजस्थान में भरतपुर एवं धौलपुर में 8 वर्ष के अन्तराल पर मौसमी सूखे-की पुनरावृत्ति संभावित है।
प्राकृतिक पर्यावरण की भौतिक, रासायनिक या जैविक विशेषताओं में अवांछनीय परिवर्तन को समझाने के लिए निम्नलिखित में से किस शब्द का उपयोग किया जाता है?
[जेल प्रहरी (Shift-2nd) 12.04.2025]
👉 प्राकृतिक पर्यावरण में अवांछनीय परिवर्तन को एक विशेष शब्द से व्यक्त किया जाता है।
👉 यह परिवर्तन भौतिक, रासायनिक या जैविक हो सकता है।
👉 इसके लिए प्रयुक्त शब्द है – प्रदूषण।
✍️ सही उत्तर है – प्रदूषण
वनों की कमी के कारण पर्यावरण पर निम्न प्रतिकूल प्रभाव होते हैं
1. जैव-विविधता की हानि
2. मृदा अपरदन में वृद्धि
3. तापमान में वृद्धि
4. वायुमण्डल में नमी धारण करने की क्षमता की कमी होना
5. प्रदूषण में वृद्धि
(निम्न में से सबसे उपयुक्त विकल्प चुनें)
कनिष्ठ अनुदेशक (कंप्यूटर प्रयो.) 16.11.2024
👉 वनों की कमी से उत्पन्न प्रमुख पर्यावरणीय समस्या -
👉 इन प्रतिकूल प्रभावों में शामिल हैं —
1. जैव-विविधता की हानि
2. मृदा अपरदन में वृद्धि
3. तापमान में वृद्धि
4. वायुमण्डल की नमी क्षमता में कमी
5. प्रदूषण में वृद्धि
👉 अतः दिए गए सभी बिंदु सही और उपयुक्त हैं।
‘अश्वगंधा' पौधे के किस हिस्से का उपयोग दवाईयां बनाने हेतु उपयोग किया जाता है ?
[CET (स्नातक) 27.09.2024 प्रथम चरण]
👉 अश्वगंधा की प्रमुख उपयोगी भाग जड़ें होती हैं, जिनसे औषधियाँ बनाई जाती हैं।
👉 पारंपरिक चिकित्सा में इसके पत्तों व बीजों का भी प्रयोग किया जाता है।
विश्व पर्यावरण दिवस कब मनाया जाता है ?
[जेल प्रहरी (Shift-1st) 12.04.2025]
👉 विश्व पर्यावरण दिवस हर साल 5 जून को मनाया जाता है।
👉 इसकी स्थापना 1972 में संयुक्त राष्ट्र द्वारा की गई।
👉 इसे पहली बार 1974 में मनाया गया।
👉 पहला और 2022 का विषय दोनों ही “केवल एक पृथ्वी” थे।
विश्व पर्यावरण दिवस (World Environment Day) हर साल 5 जून को मनाया जाता है। 2026 में इसका मुख्य केंद्र जलवायु परिवर्तन और हरित विकास है, तथा वैश्विक समारोहों की मेजबानी बाकू, अज़रबैजान द्वारा की जा रही है।
✍️ सही उत्तर है – 5 जून
वन विभाग, राजस्थान द्वारा जारी प्रशासनिक प्रतिवेदन 2023-24 के अनुसार राज्य के कुल भौगोलिक क्षेत्रफल का___________प्रतिशत भाग अभिलेखित वन क्षेत्र के रूप में रिपोर्ट किया गया है।
[कनिष्ठ अनुदेशक (कार्यशाला) 19.11.2024]
👉 वन विभाग, राजस्थान द्वारा जारी प्रशासनिक प्रतिवेदन 2023-24 के अनुसार राज्य के कुल भौगोलिक क्षेत्रफल का 9.6 प्रतिशत भाग अभिलेखित वन क्षेत्र के रूप में रिपोर्ट किया गया है।
राजस्थान में कमरों को ठंडा और प्राकृतिक रूप से सुगंधित रखने के लिए पारंपरिक रूप से इस्तेमाल की जाने वाली घास की प्रजाति का नाम क्या है ?
[4th Grade (2nd Phase) 19.09.2025]
👉 राजस्थान में कमरों को ठंडा और प्राकृतिक रूप से सुगंधित रखने के लिए पारंपरिक रूप से खस घास का उपयोग किया जाता है।
👉 इसकी जड़ों से बनी चटाइयाँ या पर्दे पानी में भिगोकर खिड़कियों पर लगाए जाते हैं।
👉 पानी के सूखने पर हवा ठंडी होती है और कमरे में प्राकृतिक सुगंध फैलती है।
👉 खस का वैज्ञानिक नाम Vetiveria zizanioides है, जिसका उपयोग कई क्षेत्रों में किया जाता है।
👉 यह घास सुगंध के साथ-साथ औषधि, इत्र और जल संरक्षण में भी महत्वपूर्ण है।
✍️ सही उत्तर है – वेटिवर (खस)
निम्नलिखित में से कौन सा रेशा उत्पादक पादप नहीं है ?
[CET (10+2) 24.10.2024 पंचम चरण]
👉 सनई (सन हेम्प), कपास और नारियल — ये सभी रेशा उत्पादक पादप हैं।
👉 जबकि खेजड़ी एक बहुउपयोगी वृक्ष है जो चारे, गोंद, लकड़ी व छाया के लिए प्रसिद्ध है, लेकिन यह रेशा उत्पादक नहीं है।
👉 अतः खेजड़ी को रेशा देने वाले पौधों में शामिल नहीं किया जाता।
✍️ सही उत्तर है – खेजडी