'टांका' और 'खड़ीन' प्रकार हैं ?

[अन्वेषक परीक्षा 27.12.2020]

  • आदिवासी बोलियाँ

  • परम्परागत कृषि पद्धतियाँ 

  • परम्परागत जल संरक्षण संरचनाएँ 

  • आदिवासी युद्धकौशल

🔹 व्याख्या:

👉 'टांका' और 'खड़ीन' पारंपरिक जल संरक्षण तकनीक है।
👉 इसमें वर्षा जल को खेतों में रोककर कृषि के लिए नमी संचित की जाती है।
👉 इसका प्रयोग सर्वप्रथम 15वीं शताब्दी में जैसलमेर के पालीवाल ब्राह्मणों ने किया।

✍️ सही उत्तर है – 'टांका' और 'खड़ीन'

राजेन्द्रसिंह निम्नलिखित में से किस संस्थान के संस्थापक हैं ? 

[कनिष्ठ वैज्ञानिक सहायक (जैविक) 15.09.2019]

  • तरुण भारत संघ 

  • जल भागीरथ

  • अरग्याम 

  • आई. आई. एच. एम. आर. 

🔹 व्याख्या:

👉 तरुण भारत संघ (TBS) एक गैर-लाभकारी पर्यावरण संगठन है, स्थापना 1975 में हुई।
👉 यह संगठन पारंपरिक जल प्रबंधन तकनीकों को पुनर्जीवित करता है।
👉 इसके अध्यक्ष राजेन्द्र सिंह हैं, जिन्हें "जल के लिए नोबेल पुरस्कार" (स्टॉकहोम वाटर प्राइज 2015) मिला।
👉 इन्हें भारत के वाटरमैन भी कहा जाता है।

✍️ सही उत्तर है – तरुण भारत संघ  

राजस्थान में उपलब्ध भू-जल की प्रयोज्य मात्रा का लगभग कितना प्रतिशत भाग वर्तमान में उपयोग में लिया जा रहा है 

[JEN (Civil डिप्लोमा) 16.10.2016]

  • 25

  • 50

  • 75

  • 66

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान में भू-जल की कुल प्रयोज्य मात्रा का आकलन किया गया है।
👉 वर्तमान में इसका लगभग 50% भाग उपयोग में लिया जा रहा है।

✍️ सही उत्तर है – 50%

लाठी श्रेणी ____ से सम्बन्धित है। 

[REET मुख्य परीक्षा (L -2) 26.02.2023]

  • जलभृत 

  • जिप्सम पट्टी 

  • लिग्नाइट पट्टी 

  • पेट्रोलियम क्षेत्र

🔹 व्याख्या:

👉 लाठी सीरीज राजस्थान के जैसलमेर जिले में स्थित एक भू-गर्भीय मीठे पानी की जल-पट्टी (aquifer) है。यह भूमिगत जल पट्टी जैसलमेर से पोखरण होते हुए मोहनगढ़ तक लगभग 60 से 80 किलोमीटर की लंबाई में फैली हुई है。इस क्षेत्र को 'थार का घड़ा' भी कहा जाता है。लाठी सीरीज की मुख्य विशेषताएं:मीठा जल: इस भूमिगत जल-पट्टी में मीठा और स्वच्छ पानी मौजूद है, जो स्थानीय निवासियों और वन्यजीवों के लिए एक प्रमुख जीवन रेखा है。सेवण घास: इस जल-पट्टी के ऊपर (विशेषकर जैसलमेर के आसपास) 'सेवण' (Sewan) नाम की अत्यधिक पौष्टिक घास उगती है, जो इस क्षेत्र के पशुओं के लिए बेहतरीन चारा मानी जाती है。पारिस्थितिकी और भूविज्ञान: यह क्षेत्र जुरासिक काल की चट्टानों (बलुआ पत्थर और शेल) से बना हुआ है。यह थार के शुष्क और पथरीले मरुस्थल (हमादा) में पारिस्थितिकी संतुलन का एक शानदार उदाहरण है。जैविक विविधता: इस मीठे पानी की पट्टी और घास के मैदानों के कारण, यहाँ के स्थानीय पारिस्थितिकी तंत्र में कई अनोखे जीव-जंतु (जैसे विलुप्तप्राय गोडावण पक्षी) पाए जाते हैं।

राजीव गाँधी जल संचय योजना (आर जी जे एस वाई ) कब शुरू की गई थी ?  

[Supervisor (महिला) 07.09.2024]

  • 2021 

  • 2016 

  • 2024 

  • 2019 

🔹 व्याख्या:

👉 राजीव गाँधी जल संचय योजना (आर जी जे एस वाई ) 2019 में शुरू की गई थी। 

👉 जल संचय योजना के अंतर्गत राज्य सरकार ने 'जल स्वावलम्बन अभियान' की शुरुआत 27 जनवरी 2016 को की थी।
👉 इसका उद्देश्य था – गाँव को जल आत्मनिर्भर बनाना तथा वर्षा जल का अधिकतम संग्रहण करना।
👉 इसके तहत 3529 गाँवों में तालाब, एनीकट, मिट्टी के बाँध, टांका, खड़ीन, खेत तलाई आदि बनाए गए।
👉 योजना का मुख्य आधार था — जन भागीदारी द्वारा वर्षा जल संग्रहण को बढ़ावा देना।

जैसलमेर जिले में पालीवाल ब्राह्मणों द्वारा शुरू की गई परम्परागत जल संरक्षण की विधि कहलाती है- 

[पशुधन सहायक (LSA) 21.10.2018]

  • बावड़ी 

  • खड़ीन 

  • जोहड़

  • टांका 

🔹 व्याख्या:

👉 खडीन कृषि हेतु सतही अपवाह जल रोकने की पारंपरिक तकनीक है।
👉 इसे सर्वप्रथम 15वीं शताब्दी में जैसलमेर के पालीवाल ब्राह्मणों ने परिकल्पित किया।
👉 इसमें खेतों में वर्षा जल संचित कर फसलों की नमी व उत्पादन हेतु उपयोग किया जाता है।
👉 यह प्रणाली भूजल पुनर्भरण में भी सहायक है।

✍️ सही उत्तर है – खडीन 

'लेवा तालाब' नामक वर्षाजल संग्रहण संरचना किस जिले में स्थित है ?

[प्रयोगशाला सहायक (गृह विज्ञान) 30.06.2022]

  • बूँदी 

  • बारां 

  • कोटा 

  • भीलवाड़ा 

🔹 व्याख्या:

👉 लेवा तालाब (Leva Talab) राजस्थान के बारां जिले में स्थित है।

यह एक प्रमुख वर्षाजल संग्रहण संरचना (Rainwater Harvesting Structure) है।

इसके अलावा बारां जिले के अन्य प्रमुख जल स्रोतों और तालाबों में रताई, अंधेरी, बेतली, उमेद सागर, विलास और ल्हासी बांध शामिल हैं।

✍️ सही उत्तर है – बारां जिला 

कौन-सी संस्था राजस्थान में अटल भूजल स्कीम चलाने के लिए सहायता प्रदान करती है ? 

[NHM Nurse Grade-II 13.06.2025]

  • फ्रांस सरकार 

  • जापानी सरकार 

  • विश्व बैंक 

  • एशिया विकास बैंक 

🔹 व्याख्या

👉 अटल भूजल योजना को राजस्थान में लागू करने हेतु विश्व बैंक वित्तीय सहायता प्रदान करता है।
👉 योजना के कुल 6000 करोड़ रुपये में से 3000 करोड़ रुपये विश्व बैंक से ऋण रूप में प्राप्त होते हैं।
👉 शेष 3000 करोड़ रुपये का योगदान भारत सरकार द्वारा किया जाता है।
👉 इस योजना का मुख्य उद्देश्य चिन्हित क्षेत्रों में भूजल प्रबंधन को सुदृढ़ बनाना है।
👉 इसकी कार्यान्वयन प्रक्रिया जल शक्ति मंत्रालय के माध्यम से संचालित होती है तथा विश्व बैंक इसमें सहयोग देता है।

✍️ सही उत्तर है – विश्व बैंक 

निम्नलिखित में से कौन-सी पश्चिमी राजस्थान में जल संरक्षण की परंपरागत विधि है ?  

[कनिष्ठ अनुदेशक (सुईंग) 09.01.2025]

  • टांका 

  • जोहड़ 

  • नाड़ी 

  • नाली 

🔹 व्याख्या:

👉 टांका पश्चिमी राजस्थान की पारंपरिक जल संरक्षण विधि है।
👉 इसमें वर्षा जल को भूमिगत कुंड में संचित किया जाता है।
👉 यह मुख्यतः परिवार के पेयजल व जल सुरक्षा हेतु उपयोग होता है।

✍️ सही उत्तर है – टांका 

राजस्थान जल क्षेत्र पुनर्नियोजन योजना का प्रारंभ कब हुआ ?  

[कनिष्ठ अनुदेशक (वायरमेन) 05.01.2025]

  • अप्रैल 4, 2003 

  • मई 7, 2007 

  • दिसम्बर 12, 2006

  • जनवरी 9, 2009 

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान में जल क्षेत्र पुनर्नियोजन योजना लागू की गई।
👉 इसका प्रारंभ 4 अप्रैल, 2003 को हुआ।

✍️ सही उत्तर है – 4 अप्रैल, 2003 

भारत के कुल सतही जल संसाधनों में राजस्थान का कितना प्रतिशत भाग है ? 

[JEN (Civil डिग्री) 16.10.2016]

  • 1.70 

  • 2.86

  • 1 से कम 

  • 1.16 

🔹 व्याख्या:

👉 भारत के कुल सतही जल संसाधनों का केवल 1.16% राजस्थान में उपलब्ध है।
👉 यह आँकड़ा राज्य में जल संसाधनों की भारी कमी को दर्शाता है।

✍️ सही उत्तर है – 1.16%

अटल भूजल योजना किसके वित्तीय सहयोग से लागू की गई? 

JEN (सिविल डिप्लोमाधारक) 18.05.2022

  • एशियाई विकास बैंक 

  • जापान इण्टरनेशनल कोऑपरेटिव ऐजेंसी

  • कैनेडियन इण्टरनेशनल डेवलपमैण्ट ऐजेंसी

  • विश्व बैंक

🔹 व्याख्या:

  • अटल भूजल योजना (Atal Jal) भारत सरकार की एक केंद्रीय क्षेत्र की योजना है, जिसे जल शक्ति मंत्रालय द्वारा 6,000 करोड़ रुपये के परिव्यय के साथ शुरू किया गया था।
  • इसका मुख्य उद्देश्य सामुदायिक भागीदारी के माध्यम से जल-संकट वाले क्षेत्रों में भूजल का टिकाऊ प्रबंधन करना है।
  • अटल भूजल योजना के मुख्य बिंदुवित्तपोषण (Funding): यह योजना 50:50 के अनुपात में भारत सरकार और विश्व बैंक (World Bank) द्वारा वित्तपोषित है (3,000 करोड़ रुपये प्रत्येक द्वारा)।
  • लक्ष्य (Goals): इसका लक्ष्य भूजल के गिरते स्तर में सुधार करना, पानी की मांग को नियंत्रित करना, और स्थानीय स्तर पर निवासियों को जागरूक करके व्यवहार में बदलाव लाना है।
  • कहाँ लागू है? यह योजना देश के 7 चिह्नित राज्यों में, जहां भूजल की स्थिति अत्यधिक गंभीर है, लागू की गई है:गुजरात, हरियाणा ,कर्नाटक, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान ,उत्तर प्रदेश

✍️ सही उत्तर है – विश्व बैंक 

व्यावसायिक प्लम्बिंग परियोजनाओं में, आम तौर पर बुनियादी जलापूर्ति और जलनिकास के अतिरिक्त और क्या शामिल होता है ? 

[कनिष्ठ अनुदेशक (पलम्बर) 08.01.2025]

  • बढ़ईगिरी का काम 

  • गैस लाइन की स्थापना और इसका रखरखाव 

  • पेंट करना और सजावट 

  • सौर पैनल की स्थापना 

🔹 व्याख्या:

👉 व्यावसायिक प्लम्बिंग परियोजनाओं में जलापूर्ति और जलनिकास शामिल होते हैं।
👉 इनके अतिरिक्त गैस लाइन की स्थापना व उसका रखरखाव भी शामिल होता है।

✍️ सही उत्तर है – गैस लाइन की स्थापना और रखरखाव 

'गरड़दा वृहद पेयजल परियोजना' राजस्थान के निम्न में से किस जिले से सम्बन्धित है ? 

[लिपिक ग्रेड-II 09.09.2018]

  • बूँदी 

  • कोटा 

  • झालावाड़ 

  • बाराँ 

🔹 व्याख्या:

👉 गरड़दा वृहद पेयजल परियोजना बूंदी जिले से संबंधित है।
👉 यह परियोजना बूंदी तहसील के गाँवों को पेयजल और सिंचाई सुविधा देती है।

✍️ सही उत्तर है – बूँदी 

निम्नलिखित में से कौन सा जलभराव का कृत्रिम कारण नहीं है? 

[JEN (Agriculture) 22.02.2025]

  • वर्षा से गहरा अंत: स्रवण 

  • प्राकृतिक जल निकासी चैनलों का अवरुद्ध होना

  • बिना लाइन वाली नहरों से भारी रिसाव नुकसान 

  • उच्च ऊंचाई पर ऊपरी संतृप्त क्षेत्रों से हाइड्रोलिक दबाव 

🔹 व्याख्या:

👉 जलभराव के कृत्रिम कारण हैं – प्राकृतिक जल निकासी चैनलों का अवरुद्ध होना और बिना लाइन वाली नहरों से रिसाव।
👉 साथ ही ऊँचाई वाले संतृप्त क्षेत्रों से हाइड्रोलिक दबाव भी इसका कारण है।
👉 जबकि वर्षा से गहरा अंत: स्रवण जलभराव का कृत्रिम कारण नहीं है।

✍️ सही उत्तर है – वर्षा से गहरा अंत: स्रवण 

प्रसिद्ध 'बाटाडू कुआँ’ राजस्थान के निम्न में से किस जिले में स्थित है ? 

[लिपिक ग्रेड-II 09.09.2018]

  • भरतपुर 

  • बाड़मेर 

  • दौसा 

  • जयपुर 

🔹 व्याख्या:

👉 बाटाडू कुआँ बाड़मेर जिले में स्थित है।
👉 इसे 'रेगिस्तान का जलमहल' कहा जाता है।
👉 यह बायतू तहसील के बाटाडू गाँव में स्थित है।

✍️ सही उत्तर है – बाड़मेर 

राजस्थान में, जल संसाधन संरक्षण के लिए अपने प्रयासों के कारण, निम्नलिखित में से किसे 'जलपुरुष' के रूप में जाना जाता है ?

[4th Grade (1st Phase) 19.09.2025]

  • राजेन्द्र सिंह

  • प्रताप सिंह

  • अर्जुन लाल

  • गोपाल सिंह

🔹 व्याख्या

👉 राजेन्द्र सिंह को राजस्थान में जल संरक्षण के कार्यों के कारण ‘जलपुरुष’ के नाम से जाना जाता है।
👉 उन्होंने पारंपरिक जल संरक्षण तकनीकों को पुनर्जीवित कर सूखे क्षेत्रों में जल संकट कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
👉 वे तरुण भारत संघ नामक संगठन का संचालन करते हैं, जो जल संरक्षण पर कार्य करता है।
👉 अलवर जिले के 650 से अधिक गाँवों में लगभग 3,000 जोहड़ों के पुनरुद्धार में उनका बड़ा योगदान है।
👉 उनके इस कार्य हेतु उन्हें मैग्सेसे पुरस्कार (2001) और स्टॉकहोम जल पुरस्कार (2015) से सम्मानित किया गया।

✍️ सही उत्तर है – राजेन्द्र सिंह  

राजस्थान में “मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान" की शुरुआत किस सन् में की गई ? 

[JEN (विधुत) (डिग्रीधारक) 29.11.2020]

  • 2016

  • 2018

  • 2015  

  • 2017 

🔹 व्याख्या:

👉 मुख्यमंत्री जल स्वावलम्बन अभियान की शुरुआत 27 जनवरी 2016 को हुई।
👉 इसका शुभारम्भ झालावाड़ जिले के गाँव गार्डनखेडी से किया गया।
👉 पहले चरण में 3000 गाँव, फिर प्रत्येक वर्ष 6000 गाँव शामिल किये गये।
👉 लक्ष्य था 2020 तक लगभग 21,000 गाँवों को जल आत्मनिर्भर बनाना।

✍️ सही उत्तर है – 2016 

वर्तमान में राजस्थान में जल की कौन-सी समस्या सर्वाधिक चिन्ताजनक बनती जा रही है ?

[पटवारी मुख्य परीक्षा 24.12.2016]

  • जल का अति-विदोहन 

  • जल का बढ़ता प्रदूषण 

  • अन्ध और धूसर क्षेत्रों की बढ़ती संख्या 

  • जल की बढ़ती लवणता 

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान को तीन इकाइयों में बाँटा गया है – असंलग्नित तलछट, अर्ध-संमेकित तलछट और संमेकित चट्टानें।
👉 कुछ क्षेत्रों को अति-शोषित घोषित किया गया है जैसे भरतपुर, बानसूर, किशनगढ़ आदि।
👉 सेंट्रल ग्राउंड वाटर अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने बाड़मेर, भीलवाड़ा, सीकर, श्रीमाधोपुर आदि क्षेत्रों में भूजल दोहन पर प्रतिबंध लगाया।

✍️ सही उत्तर है – अन्ध और धूसर क्षेत्रों की बढ़ती संख्या 

राजस्थान में निम्न में से कौन सी एक भूजल ब्लॉक की श्रेणी नहीं है ? 

[JEN (यांत्रिक) (डिग्रीधारक) 13.12.2020]

  • सुरक्षित 

  • अति संदोहित 

  • न्यून संदोहित

  • अर्ध क्रांतिक

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान के भू जल ब्लॉक - राजस्थान में कुल 295 भू-जल ब्लॉक (प्रखंड) हैं。 प्रदेश में लगातार गिरते भूजल स्तर के कारण पानी का दोहन पुनर्भरण क्षमता से कहीं अधिक हो गया है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए भूजल ब्लॉकों को मुख्य रूप से 4 श्रेणियों में बांटा गया है - सुरक्षित, अर्द्ध-संवेदनशील, संवेदनशील और अति-दोहित।

✍️ सही उत्तर है – न्यून संदोहित 

राजस्थान के किस जिले का वॉटरशेड / जलग्रहण क्षेत्र 'नीरांचल परियोजना के अंतर्गत आता हैं? [*]

VDO Pre. (तृतीय चरण) 28.12.2021

  • झालावाड़ 

  • जोधपुर 

  • उदयपुर 

  • जयपुर 

📌 महत्वपूर्ण सूचना: इस प्रश्न को बोर्ड द्वारा 'डिलीट' या अमान्य घोषित किया गया है।  

निम्न में से कौन-सा जल संरक्षण में सहायक नहीं है ? (निम्न में से सबसे उपयुक्त विकल्प चुनें)  

कनिष्ठ अनुदेशक (इलेक्ट्रिशियन) 19.11.2024

  • शुष्क कृषि तकनीकें 

  • वनों की कटाई 

  • वर्षाजल संग्रहण 

  • बूँद-बूँद सिंचाई प्रणाली (टपक सिंचाई) 

🔹 व्याख्या:

👉 जल संरक्षण में पेड़-पौधे व वन महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
👉 वनों की कटाई से जल स्रोत नष्ट होते हैं और संरक्षण नहीं हो पाता।
👉 इसलिए यह जल संरक्षण में सहायक नहीं है।

✍️ सही उत्तर है – वनों की कटाई

सूखा एक ऐसी स्थिति है जो वार्षिक वर्षा में उच्च परिवर्तनशीलता का परिणाम है, जिसके साथ निम्नांकित होता है: (निम्न में से सबसे उपयुक्त विकल्प चुनें) 

[JEN विद्युत डिप्लोमा 08.02.2025]

  • पानी की बड़ी मात्रा 

  • पानी की कमी 

  • मोटे अनाज की उच्च उपज 

  • चारे की कम उपज 

🔹 व्याख्या:

👉 सूखा वार्षिक वर्षा में अधिक परिवर्तनशीलता का परिणाम है।
👉 इसके साथ मुख्यतः पानी की कमी की स्थिति उत्पन्न होती है।

✍️ सही उत्तर है – पानी की कमी 

बीकानेर, जैसलमेर आदि गाँवों के नामों में प्रत्यय के रूप में 'सर' का प्रयोग किस कारण से किया गया था ? 

नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर चुनें। 

[JEN सिविल डिग्री 22.02.2025]

  • शहर के निकास द्वारों का स्थान 

  • जंगलों का स्थान 

  • पानी की उपलब्धता 

  • पेशे का आधार 

🔹 व्याख्या:

👉 बीकानेर और जैसलमेर के गाँवों के नामों में 'सर' प्रत्यय जुड़ा है।
👉 'सर' का अर्थ छोटे तालाब या जलाशय से है।
👉 यह किसी स्थान पर पानी की उपलब्धता को दर्शाता है।

✍️ सही उत्तर है – पानी की उपलब्धता 

जैसलमेर जिले में पालीवाल ब्राह्मणों द्वारा शुरू परम्परागत जल संरक्षण की विधि कहलाती है ।

[प्रयोगशाला सहायक (विज्ञान) 28.06.2022]

  • टांका 

  • जोहड़ 

  • कुंड़ी 

  • खडीन 

🔹 व्याख्या:

👉 जैसलमेर जिले में पालीवाल ब्राह्मणों ने जल संरक्षण की अनोखी पद्धति विकसित की।
👉 इस पद्धति में वर्षाजल को रोककर भूमि में नमी संचित की जाती है।
👉 इसे स्थानीय भाषा में खडीन कहा जाता है।

✍️ सही उत्तर है – खडीन

राजस्थान में सिंचाई प्रबंधन एवम् प्रशिक्षण संस्थान स्थित है ?

[कनिष्ठ अनुदेशक  (Drafts) 04.01.2025]

  • जयपुर

  • अजमेर 

  • कोटा 

  • भीलवाड़ा 

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान का सिंचाई प्रबंधन एवं प्रशिक्षण संस्थान कोटा में स्थित है।
👉 इसकी स्थापना अगस्त 1984 में हुई।
👉 इसे अमेरिका की राष्ट्रीय विकास एजेंसी के सहयोग से स्थापित किया गया।

✍️ सही उत्तर है – कोटा 

वर्षाजल संग्रहण करने वाला रानीसर टाँका कहाँ स्थित है ?

[प्रयोगशाला सहायक (विज्ञान) 28.06.2022]

  • बीकानेर 

  • जोधपुर 

  • बाड़मेर 

  • जैसलमेर 

🔹 व्याख्या:

👉 रानीसर टांका वर्षाजल संग्रहण की पारंपरिक संरचना है।
👉 यह जोधपुर में स्थित है।
👉 इसका उपयोग पेयजल संचयन हेतु किया जाता था।

✍️ सही उत्तर है – जोधपुर

निम्नलिखित में से राजस्थान में कौन सी जल संरक्षण की परंपरागत विधि नहीं है ? 

[वनरक्षक (द्वितीय चरण -A) 11.12.2022]

  • नाड़ी 

  • टोबा 

  • जोहड

  • नाली 

🔹 व्याख्या:

👉 नाड़ी – गाँव के तालाब जो प्राकृतिक जलग्रहण से वर्षा जल संचित करते हैं, मुख्यतः जोधपुर के पास।
👉 टोबा – शुष्क क्षेत्रों में जल संचयन हेतु पारंपरिक तकनीक।
👉 जोहड – भूजल संरक्षण व पुनर्भरण की सबसे पुरानी प्रणाली, मिट्टी के छोटे बाँध।
👉 नाली – जल गुजरने का मार्ग, गंदे नालों के जलमार्ग के रूप में भी जानी जाती है।

✍️ सही उत्तर है – नाली

निम्नलिखित में से कौन-सा राजस्थान में जल संरक्षण का एक परम्परागत तरीका नहीं है ?  

[कनिष्ठ अनुदेशक (ICT) 04.01.2025]

  • ताडी 

  • टोबा 

  • टांका 

  • नाडी 

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान में जल संरक्षण के परंपरागत तरीके – नाडी, टोबा और टांका हैं।
👉 ताडी जल संरक्षण की परंपरागत विधि नहीं है।

✍️ सही उत्तर है – ताडी 

मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन योजना प्रारंभ हुई ?

[JEN (सिविल) (डिग्रीधारक) 12.09.2021]

  • 27 जनवरी, 2015 से 

  • 27 जनवरी 2016 से 

  • 30 मार्च, 2016 से   

  • 27 फरवरी 2016 से

🔹 व्याख्या:

👉 मुख्यमंत्री जल स्वावलम्बन अभियान जल संधारण व संरक्षण हेतु शुरू किया गया।
👉 इसका प्रथम चरण 27 जनवरी 2016 से प्रारम्भ हुआ।
👉 शुरुआत गर्दनखेड़ी (झालावाड़) के चेची तालाब से हुई।
👉 योजना का लक्ष्य 21,000 गाँवों को जल आत्मनिर्भर बनाना है।

✍️ सही उत्तर है – 27 जनवरी 2016 

निम्नलिखित में से कौन सी जल संरक्षण की विधि नहीं है ?  

[कनिष्ठ अनुदेशक (फिटर) 20.11.2024]

  • सिंचाई क्षमता का विकास करना 

  • वर्षा जल संग्रहण 

  • जल के दुरूपयोग को रोकना

  • भूजल दोहन 

🔹 व्याख्या:

👉 वर्षा जल संग्रहण जल संरक्षण की प्रभावी विधि है।
👉 सिंचाई क्षमता का विकास भी जल संरक्षण का हिस्सा है।
👉 जल का दुरुपयोग रोकना संरक्षण हेतु महत्वपूर्ण उपाय है।
👉 जबकि भूजल दोहन संरक्षण नहीं बल्कि जल का अत्यधिक उपयोग है।

✍️ सही उत्तर है – भूजल दोहन 

खडीन मिलते हैं – 

कनिष्ठ अनुदेशक (कंप्यूटर प्रयो.) 16.11.2024

  • पूर्वी राजस्थान में 

  • हरियाणा में 

  • पश्चिमी राजस्थान में 

  • दिल्ली प्रदेश में 

🔹 व्याख्या:

👉 खडीन पारंपरिक जल संरक्षण की पद्धति है।
👉 यह मुख्यतः पश्चिमी राजस्थान में पाई जाती है।

✍️ सही उत्तर है – पश्चिमी राजस्थान

राजस्थान में फ्लोरोसिस समस्या से सम्बन्धित गलत कथन को छाँटिए - [*]

[JEN (Civil डिप्लोमा) 16.10.2016]

  • शहरी क्षेत्रों की अपेक्षा ग्रामीण क्षेत्रों में फ्लोरोसिस का प्रकोप अधिक है 

  • राज्य के पश्चिमी एवं दक्षिणी जिले फ्लोरोसिस से अधिक पीड़ित हैं 

  • राज्य के सभी 33 जिले फ्लोरोसिस से प्रभावित हैं 

  • राज्य में 72 प्रतिशत से अधिक गाँव फ्लोरोसिस से पीड़ित हैं।

📌 महत्वपूर्ण सूचना: इस प्रश्न को बोर्ड द्वारा 'डिलीट' या अमान्य घोषित किया गया है।  

भू-जल की उपलब्धता तथा गुणवत्ता की दृष्टि से राजस्थान में सबसे ज्यादा चिन्ताजनक स्थिति किन जिलों की हैं ?

[JEN (यांत्रिक डिप्लोमा) 21.08.2016]

  • जैसलमेर, बीकानेर 

  • पाली, चूरू

  • नागोर, जयपुर

  • बाड़मेर, जालौर

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान में भू-जल की उपलब्धता व गुणवत्ता की स्थिति अत्यधिक चिंताजनक है।
👉 सबसे ज्यादा प्रभावित जिले नागौर और जयपुर हैं।

✍️ सही उत्तर है – नागौर, जयपुर

राजस्थान में फ्ल्यूरोसिस ग्रस्त पट्टी कहाँ स्थित है ? 

[JEN (यांत्रिक डिप्लोमा) 21.08.2016]

  • बांसवाड़ा - डूंगरपुर

  • नागौर अजमेर 

  • भरतपुर अलवर 

  • कोटा - बूँदी 

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान में फ्ल्यूरोसिस ग्रस्त पट्टी पाई जाती है।
👉 यह पट्टी मुख्यतः नागौर और अजमेर जिलों में स्थित है।

✍️ सही उत्तर है – नागौर, अजमेर

जल उपलब्धता के निम्नलिखित चरणों को सबसे शुष्क से सबसे आर्द्र (निम्नतम से उच्चतम) के क्रम में व्यवस्थित करें। 

a. मरुस्थल (थार) 

b. पूर्वी नदी मैदान 

c. अरावली उच्चभूमि 

d. नहरों के साथ सिंचित कमांड क्षेत्र 

नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर चुनें: 

[Driver Exam 23 Nov 2025]

  • b, c, d, a 

  • a, c, b, d 

  • a, c, d, b 

  • a, b, c, d 

🔹 व्याख्या

👉 जल उपलब्धता की दृष्टि से सबसे शुष्क क्षेत्र मरुस्थल (थार) है।
👉
इसके बाद अरावली उच्चभूमि में अपेक्षाकृत कम वर्षा होती है।
👉
फिर नहरों के साथ सिंचित कमांड क्षेत्र में जल उपलब्धता बढ़ जाती है।
👉
सबसे अधिक आर्द्र क्षेत्र पूर्वी नदी मैदान है।

✍️ सही उत्तर है – a, c, d, b

निम्नलिखित में से कौन जल संरक्षण की विधि नहीं है ? 

निम्नलिखित विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर चुनें : 

[JEN यांत्रिक डिग्री 10.02.2025]

  • बांध और तालाब निर्माण का परित्याग विधि

  • स्प्रिंकलर या ड्रिप सिंचाई विधि 

  • भूजल का संरक्षणात्मक उपयोग 

  • शुष्क खेती 

🔹 व्याख्या:

👉 शुष्क खेती, स्प्रिंकलर/ड्रिप सिंचाई और भूजल का संरक्षणात्मक उपयोग जल संरक्षण की विधियाँ हैं।
👉 जबकि बांध और तालाब निर्माण का परित्याग जल संरक्षण की विधि नहीं मानी जाती।

✍️ सही उत्तर है – बांध और तालाब निर्माण का परित्याग विधि

निम्नलिखित में से कौन सा राजस्थान में पारंपरिक जल संरक्षण का एक रूप नहीं है ? नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर चुनें। 

[खनिज कार्यदेशक 23.02.2025]

  • बावरी 

  • टांका 

  • कुल्हड़

  • जोहड़ 

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान में पारंपरिक जल संरक्षण के रूप – नाड़ी, टांका, कुण्ड, जोहड़ आदि हैं।
👉 कुल्हड़ जल संरक्षण का रूप नहीं है, यह मिट्टी का बर्तन है।

✍️ सही उत्तर है – कुल्हड़ 

राजस्थान राज्य में पानी लेखा परीक्षा का मुख्य उद्देश्य क्या है ? 

[उद्योग निरीक्षक परीक्षा 24.06.2018]

  • शहरी जल संरक्षण

  • नगरनिगम और औद्योगिक जल संरक्षण

  • जल सम्बन्ध संरचनाओं की प्रभावोत्पादकता, रखरखाव और सुरक्षा

  • ग्रामीण और कृषि सम्बन्धित जल संरक्षण 

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान में पानी लेखा परीक्षा लागू की गई है।
👉 इसका मुख्य उद्देश्य जल सम्बन्धी संरचनाओं की प्रभावोत्पादकता, रखरखाव और सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

✍️ सही उत्तर है – जल सम्बन्ध संरचनाओं की प्रभावोत्पादकता, रखरखाव और सुरक्षा

राजस्थान में यूरोपियन यूनियन स्टेट पार्टनरशिप प्रोग्राम जिस क्षेत्र में कार्यरत है वह है ?

[कनिष्ठ अनुदेशक (फिटर) 23.03.2019]

  • वनीकरण 

  • जल प्रबंधन

  • वन्यजीव संरक्षण

  • मृदा संरक्षण

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान में यूरोपियन यूनियन स्टेट पार्टनरशिप प्रोग्राम संचालित है।
👉 यह कार्यक्रम मुख्यतः जल प्रबंधन क्षेत्र में कार्य करता है।

✍️ सही उत्तर है – जल प्रबंधन

निम्नलिखित में से कौन सी राजस्थान में जल संरक्षण की परम्परागत विधि नहीं है ? 

[JEN (विद्युत/यांत्रिक) (डिग्रीधारक) 26.12.2020]

  • टोबा 

  • नाली

  • जोहड़

  • नाड़ी 

🔹 व्याख्या:

👉 नाड़ी – गाँव के तालाब जो प्राकृतिक जलग्रहण से वर्षा जल संचित करते हैं, मुख्यतः जोधपुर के पास।
👉 टोबा – शुष्क क्षेत्रों में जल संचयन हेतु पारंपरिक तकनीक।
👉 जोहड़ – भूजल संरक्षण व पुनर्भरण की सबसे पुरानी प्रणाली, मिट्टी के छोटे बाँध।
👉 नाली – जल गुजरने का मार्ग, गंदे नालों के जलमार्ग के रूप में भी जानी जाती है।

✍️ सही उत्तर है - नाली

'टंका' निम्नलिखित में से किसके लिए एक सामान्य तकनीक है ? नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर चुनें। 

[तकनीकी सहायक 18.05.2025]

  • छत - वर्षा जल संचयन 

  • सतही अपवाह संचयन 

  • ऊर्जा जल संचयन 

  • बाढ़ जल संचयन 

🔹 व्याख्या:

👉 छत वर्षा जल संग्रहण (Rooftop Rainwater Harvesting) एक ऐसी प्रक्रिया है, जिसमें इमारतों की छतों पर गिरने वाले बारिश के पानी को इकट्ठा करके या तो सीधे उपयोग किया जाता है, या उसे भूमिगत जल (भूजल) के स्तर को बढ़ाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। पानी की किल्लत से निपटने के लिए यह एक बेहद प्रभावी और कम खर्चीली विधि है।

वर्षा जल संरक्षण लाभप्रद है -

[कनिप्ठ अनुदेशक (इलेक्ट्रोनिक्स) 23.12.2019]

  • जल विद्युत के लिए

  • भूमिगत जल स्तर में सुधार के लिए 

  • सिंचाई के लिए

  • कृषि के लिए

🔹 व्याख्या:

👉 वर्षा जल संरक्षण से कृषि को नमी व जल उपलब्ध होता है।
👉 यह भूमिगत जल स्तर सुधारने में सहायक है।
👉 साथ ही यह सिंचाई हेतु भी उपयोगी है।

✍️ सही उत्तर है – भूमिगत जल स्तर में सुधार के लिए 

राजस्थान में निम्नलिखित में से कौन से जिले पारिस्थितकीय समस्या 'सेम' से भीषणतम प्रभावित हैं ? 

[JEN (विधुत) (डिप्लोमाघारक) 29.11.2020]

  • भरतपुर       - धौलपुर 

  • जालौर        - सिरोही 

  • श्रीगंगानगर  - हनुमानगढ़ 

  • बांसवाड़ा     - डूंगरपुर 

🔹 व्याख्या:

👉 श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ जिले 'सेम' समस्या से सबसे अधिक प्रभावित हैं।
👉 यह समस्या भूजल रिसाव और जल-जमाव से उत्पन्न होती है।
👉 इसके कारण कृषि भूमि अनुपयोगी हो जाती है।

✍️ सही उत्तर है – श्रीगंगानगर व हनुमानगढ़ 

निम्नलिखित में से कौन-सी राजस्थान में परंपरागत रूप से जल संरक्षण के लिए निर्मित संरचना नहीं है ? (निम्न में से सबसे उपयुक्त विकल्प चुनें) 

[4th Grade (2nd Phase) 19.09.2025]

  • छतरी 

  • जोहड़ 

  • टांका 

  • बावड़ी 

🔹 व्याख्या

👉 छतरी राजस्थान में जल संरक्षण की संरचना नहीं है, यह केवल छाया प्रदान करने के लिए बनाई जाती है।
👉 इसका उपयोग पारंपरिक जल संचयन से संबंधित नहीं होता।
👉 इसके विपरीत जोहड़, टांका, बावड़ी और नाडी जल संरक्षण की पारंपरिक संरचनाएँ मानी जाती हैं।
👉 ये सभी संरचनाएँ वर्षा जल को संग्रह एवं संरक्षित करने में उपयोग होती हैं।
👉 छतरी केवल वास्तुकला एवं छाया से जुड़ी संरचना है, जल संरक्षण से नहीं।

✍️ सही उत्तर है – छतरी 

राजस्थान के किस ज़िले में “अरवरी पानी संसद” कार्यक्रम जन भागीदारी से आरंभ किया गया है?

[REET Mains (L-2) SST 18.01.2026]

  • उदयपुर

  • जयपुर

  • जोधपुर

  • अलवर

🔹 व्याख्या

👉 अरवरी पानी संसद जल संरक्षण की जनभागीदारी पहल है।
👉
यह कार्यक्रम मुख्यतः अलवर जिले में शुरू किया गया।
👉
इसका उद्देश्य जल प्रबंधन और नदी पुनर्जीवन को बढ़ावा देना है।
👉
इसमें स्थानीय लोगों की सामूहिक भागीदारी महत्वपूर्ण है।

✍️ सही उत्तर है – अलवर

राजस्थान में हाइड्रोलॉजी एण्ड वॉटर मैनेजमेंट इंस्टीट्यूट अवस्थित है 

[वनरक्षक (चतुर्थ चरण) 13.11.2022]

  • जोधपुर में 

  • गंगानगर में

  • कोटा में

  • बीकानेर में

🔹 व्याख्या:

👉 हाइड्रोलॉजी एण्ड वॉटर मैनेजमेंट इंस्टीट्यूट राजस्थान में स्थापित है।
👉 यह संस्थान बीकानेर में कार्यरत है।
👉 इसका सम्बन्ध IMTI कोटा से है।
👉 जल संसाधन प्रशिक्षण हेतु यह प्रमुख संस्था है।

✍️ सही उत्तर है – बीकानेर में

वर्तमान में राजस्थान में जल की कौन-सी समस्या विकराल रूप धारण करती जा रही है ? 

[पुस्तकालयाध्यक्ष 13.11.2016]

  • जल का बढ़ता अभाव

  • अन्ध (dark) और धूसर (grey) क्षेत्रों की बढ़ती संख्या

  • जल की बढ़ती लवणता

  • जल का बढ़ता प्रदूषण

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान में जल समस्या का मुख्य कारण भूजल का अत्यधिक दोहन है।
👉 साथ ही जल संसाधनों की कमी और अत्यधिक वर्षा की कमी भी है।
👉 औद्योगिक और जनसंख्या वृद्धि से जल संकट और बढ़ता है।

✍️ सही उत्तर है – अन्ध (dark) और धूसर (grey) क्षेत्रों की बढ़ती संख्या

15वीं शताब्दी में जैसलमेर के पालीवाल ब्राह्मणों ने तकनीकी ज्ञान का उपयोग कर जल प्रबंधन संसाधनों का निर्माण किया, जिन्हें ________ कहा जाता है। 

[JEN यांत्रिक विद्युत 06.02.2025]

  • बेरी 

  • टांका 

  • झालर 

  • खड़ीन 

🔹 व्याख्या:

👉 खड़ीन या धोरा तकनीक 15वीं सदी में पालीवाल ब्राह्मणों ने विकसित की।
👉 दरबार जमीन देता था, जिस पर पालीवाल खड़ीनें बनाते थे।
👉 जमीन राजा की रहती और उपज का 1/4 हिस्सा उन्हें जाता था।
👉 पालीवालों ने पूरे जैसलमेर में खड़ीनें विकसित की थीं।

✍️ सही उत्तर है – खड़ीन 

मुख्य रूप से आर्द्र क्षेत्र में भारी वर्षा के कारण, निम्नलिखित में से किसकी अधिक आवश्यकता होती है? 

[JEN (Agriculture) 22.02.2025]

  • जल निकासी 

  • जलद्वार 

  • वाष्पीकरण 

  • जलभराव 

🔹 व्याख्या:

👉 आर्द्र क्षेत्रों में वर्षा की मात्रा बहुत अधिक होती है।
👉 ऐसे में अतिरिक्त पानी हटाने के लिए जल निकासी की अधिक आवश्यकता होती है।

✍️ सही उत्तर है – जल निकासी 

राजस्थान के थार रेगिस्तानी क्षेत्र में सामान्यतया_______________के लिए 'टाका' एक परंपरागत तकनीक है। 

[CET स्नातक 28.09.2024 तृतीय चरण]

  • पशु पालन 

  • वर्षा जल संग्रहण 

  • कृषि 

  • कृषि औद्योगिक कार्य प्रणाली

🔹 व्याख्या:

👉 थार रेगिस्तानी क्षेत्र में परंपरागत जल संरक्षण तकनीकें प्रचलित हैं।
👉 इनमें से टांका मुख्यतः वर्षा जल संग्रहण हेतु उपयोगी है।

✍️ सही उत्तर है – वर्षा जल संग्रहण 

निम्न में से किस जिले का वाटरशेड 'नीरांचल परियोजना' के अंतर्गत आता है ? 

[कनिष्ठ वैज्ञानिक सहायक (भौतिक) 21.09.2019]

  • जयपुर 

  • झालावाड़ 

  • जोधपुर 

  • कोटा 

🔹 व्याख्या:

👉 नीरांचल परियोजना 2016-17 में प्रारम्भ हुई।
👉 यह भारत सरकार की योजना है, जिसे विश्व बैंक द्वारा वित्त पोषित किया गया।
👉 राजस्थान सहित 9 राज्यों के 18 जिलों में इसे लागू किया गया।
👉 राजस्थान में इसके लिए जोधपुर और उदयपुर जिलों का चयन हुआ।

✍️ सही उत्तर है – जोधपुर

निम्नलिखित सूची में से जल अपरदन नियंत्रण की वह विधि चुनें जिसे जैविक विधि नहीं माना जाता है। 

[JEN (Agriculture) 22.02.2025]

  • जल निकासी पैटर्न 

  • फसल प्रणाली 

  • समोच्च खेती 

  • जुताई पद्धतियाँ 

🔹 व्याख्या:

👉 जल अपरदन नियंत्रण की जैविक विधियाँ – वृक्षारोपण, घास लगाना, फसल चक्र आदि हैं।
👉 जल निकासी पैटर्न संरचनात्मक उपाय है, इसे जैविक विधि नहीं माना जाता।

✍️ सही उत्तर है – जल निकासी पैटर्न 

‘डिग्गी' निर्माण क्या है ? 

[CET (10+2) 23.10.2024 चतुर्थ चरण]

  • सिंचाई के लिए पाइपलाइन का निर्माण 

  • कृषि की एक नई पद्धति 

  • हथकरघा की एक तकनीक 

  • नहर कमान क्षेत्र में फसलों और कृषि गतिविधियों के लिए अधिशेष जल बहाल करने का अभियान 

🔹 व्याख्या:

👉 डिग्गी निर्माण नहर कमान क्षेत्र से जुड़ा है।
👉 इसका उद्देश्य फसलों और कृषि गतिविधियों हेतु अधिशेष जल को संरक्षित व बहाल करना है।

✍️ सही उत्तर है – नहर कमान क्षेत्र में अधिशेष जल बहाल करने का अभियान 

सिंचाई के पानी की कमी वाले क्षेत्रों के लिए सबसे अच्छी सिंचाई विधि है : 

[JEN (Civil Diploma) 11.02.2025]

  • बाढ़ नियंत्रण 

  • ड्रिप सिंचाई 

  • स्प्रिंकलर सिंचाई 

  • फरो सिंचाई 

🔹 व्याख्या:

👉 ड्रिप सिंचाई पानी की कमी वाले क्षेत्रों के लिए सर्वश्रेष्ठ तकनीक है।
👉 इसमें पौधों की जड़ों तक सीधे पानी पहुँचता है, जिससे 50–70% तक पानी की बचत होती है।
👉 यह पद्धति लवणीय, ऊँची-नीची और रेतीली ज़मीनों के लिए भी उपयुक्त है तथा खरपतवार व रोग कम लगते हैं।

✍️ सही उत्तर है – ड्रिप सिंचाई 

राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल का गठन किस प्रकार के प्रदूषण की रोकथाम व नियंत्रण के लिए हुआ था ?

[JEN (यांत्रिक) (डिप्लोमाधारक) 13.12.2020]

  • वायु

  • ध्वनि 

  • जल 

  • मृदा 

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान में जल प्रदूषण की रोकथाम और प्रबंधन का कार्य मुख्य रूप से राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (RSPCB) द्वारा किया जाता है。 इसे जल (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम, 1974 के अंतर्गत 7 फरवरी 1975 को स्थापित किया गया था。प्रमुख कार्य और जिम्मेदारियां:औद्योगिक एनओसी (NOC): उद्योगों (लाल, नारंगी, और हरी श्रेणियों) को जल एवं वायु प्रदूषण से बचाव की मंजूरी और नवीनीकरण प्रदान करना。जल की गुणवत्ता निगरानी: राज्य के प्राकृतिक जल स्रोतों (नदियों, झीलों, भूजल) की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए परीक्षण और निरीक्षण करना。लैब और अनुसंधान: प्रदूषण के नमूनों की जांच के लिए पूरे राज्य में क्षेत्रीय प्रयोगशालाओं का संचालन करना。उपकर (Cess) संग्रह: जल अधिनियम के तहत उद्योगों द्वारा उपयोग किए गए जल के आधार पर कर वसूलना。

✍️ सही उत्तर है – जल 

बालुमय शुष्क मैदानी भाग में खारे पानी के छिछले क्षेत्र पाये जाते हैं, जिन्हें___________कहते हैं ।  

कनिष्ठ अनुदेशक (कंप्यूटर प्रयो.) 16.11.2024

  • खडीन 

  • रण 

  • बरखान 

  • मरु झील 

🔹 व्याख्या:

👉 बालुमय शुष्क मैदानी भाग में खारे पानी के छिछले क्षेत्र पाए जाते हैं।
👉 इन्हें स्थानीय भाषा में रण कहा जाता है।

✍️ सही उत्तर है – रण 

राजस्थान के थार मरुस्थल की परम्परागत जल संग्रहण तकनीक है ?

[प्रयोगशाला सहायक (विज्ञान) 29.06.2022]

  • टांका 

  • तालाब 

  • खडिन 

  • बावड़ी 

🔹 व्याख्या:

👉 टांका का सबसे प्रमुख अर्थ राजस्थान की पारंपरिक जल-संरक्षण तकनीक से है।1. टांका (जल संरक्षण तकनीक)थार रेगिस्तान (राजस्थान) में वर्षा के पानी को इकट्ठा करने के लिए बनाया गया एक भूमिगत कुंड या टैंक टांका कहलाता है。बनावट: यह घर के आंगन या खेत में खोदा गया एक गहरा गोलाकार गड्ढा होता है, जिसकी भीतरी दीवारों को चूने और राख के मिश्रण से जलरोधी (Waterproof) बनाया जाता है。कार्यप्रणाली: घर की छतों या आंगन से पानी के लिए पाइप या ढलान बनाए जाते हैं, जिससे बारिश का सारा पानी सीधे टांके में जमा हो जाता है。उपयोग: यह गर्मियों में पीने के पानी का मुख्य स्रोत होता है

✍️ सही उत्तर है – टांका 

कृषि में सुधार और सभी प्रकार के कटाव को कम करने के लिए संरक्षित खेती प्रथाओं को अपनाना ____________ का एक हिस्सा माना जाता है 

[JEN (Agriculture) 22.02.2025]

  • सर्वेक्षण 

  • अवनालिका बनाना 

  • जुताई 

  • जल-विभाजक प्रबंधन 

🔹 व्याख्या:

👉 कृषि सुधार और कटाव नियंत्रण हेतु संरक्षित खेती अपनाई जाती है।
👉 यह प्रक्रिया जल-विभाजक प्रबंधन का हिस्सा मानी जाती है।

✍️ सही उत्तर है – जल-विभाजक प्रबंधन 

विगत दो दशकों के दौरान, राजस्थान में पारंपरिक जल संग्रहण संरचनाओं की घटती प्रभाविता का क्या कारण है ? 

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनें : 

[Conductor Exam 06.11.2025]

  • पाइप्ड पेयजल आपूर्ति में विस्तार। 

  • उच्च पैदावार वाले फसलों को अपनाना। 

  • गहरे नल कूपों का प्रतिस्थापन। 

  • वर्षा की तीव्रता एवं परिवर्तनशीलता में वृद्धि। 

🔹 व्याख्या

👉 विगत दो दशकों में वर्षा की तीव्रता और परिवर्तनशीलता में वृद्धि हुई है।
👉
अचानक तेज वर्षा से पारंपरिक जल संरचनाएँ पानी को ठीक से संचित नहीं कर पातीं।
👉
इससे राजस्थान में पारंपरिक जल संग्रहण प्रणालियों की प्रभाविता घटती गई है।

✍️ सही उत्तर है – वर्षा की तीव्रता एवं परिवर्तनशीलता में वृद्धि

राजस्थान में 'पुष्टिकर' का सम्बन्ध निम्नलिखित में से किस क्षेत्र से है ? 

[अन्वेषक परीक्षा 27.12.2020]

  • खनिज

  • विद्युत

  • जल

  • स्वास्थ्य

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान में 'पुष्टिकर' शब्द का संबंध जल क्षेत्र से है।
👉 यह जल प्रबंधन एवं संरक्षण से जुड़ा हुआ है।

✍️ सही उत्तर है – जल

भूजल प्रबंधन के लिए हेली-बोर्न सर्वेक्षण तकनीक का प्रारंभ राजस्थान किस जिले में किया गया है?

[CET (स्नातक) (चरण -III) 08.01.2023]

  • भरतपुर 

  • कोटा 

  • जोधपुर 

  • जयपुर 

🔹 व्याख्या:

👉 भूजल प्रबंधन के लिए हेली-बोर्न सर्वेक्षण तकनीक का प्रारंभ राजस्थान जोधपुर जिले में किया गया है। 

राजस्थान में सेम समस्या से गंभीरतम प्रभावित जिले कौन-से हैं

[JEN (यांत्रिक डिप्लोमा) 21.08.2016]

  • कोटा, बाराँ 

  • बूँदी, झालावाड़

  • हनुमानगढ़, गांगानगर 

  • भीलवाड़ा, बीकानेर

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान में 'सेम' समस्या से सबसे अधिक प्रभावित जिले श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ हैं।
👉 यह समस्या जलभराव व दलदली भूमि बनने से होती है।
👉 इससे मिट्टी की उर्वरता घटती है, विशेषकर इंदिरा गांधी नहर क्षेत्र में।

✍️ सही उत्तर है – श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ 

भारत का कितना सतही जल राजस्थान में मिलता है?  

JEN (सिविल डिग्रीधारक) 18.05.2022

  • 1.16% 

  •  2.16% 

  • 9.10% 

  •  12.23%

🔹 व्याख्या:

👉 भारत का सतही जल राजस्थान में बहुत कम मात्रा में उपलब्ध है।
👉 इसका हिस्सा केवल 1.16% है।

✍️ सही उत्तर है – 1.16% 

भू-गर्भ जल सर्वे 1971 की तकनीकी रीपोर्ट के तहत निम्न दिये गए किस जिले का समावेश सर्वे में नहीं किया गया है ? 

[लिपिक ग्रेड -II 12.08.2018]

  • उदयपुर 

  • जैसलमेर 

  • जोधपुर

  • बाड़मेर 

🔹 व्याख्या:

👉 1971 के भूजल सर्वेक्षण की तकनीकी रिपोर्ट में उदयपुर जिला शामिल नहीं था।
👉 राजस्थान में भूजल पुनर्भरण व जल संचयन पर कार्य किया गया।
👉 अलवर में तरुण भारत संघ जैसे संगठनों ने इस दिशा में पहल की।

✍️ सही उत्तर है – उदयपुर जिला

निम्नलिखित में से कौन सी जल संरक्षण पद्धति सबसे पहले जैसलमेर के पालीवाल ब्राह्मणों द्वारा अपनाई गई थी ? (निम्न में से सबसे उपयुक्त विकल्प चुनें) 

[JEN सिविल डिग्री 22.02.2025]

  • झालरा 

  • टोबा 

  • खड़ीन 

  • टांका 

🔹 व्याख्या:

👉 खड़ीन जल संरक्षण की पारंपरिक पद्धति है।
👉 इसका विकास पहली बार 15वीं शताब्दी में जैसलमेर के पालीवाल ब्राह्मणों द्वारा किया गया।
👉 यह विशेष रूप से शुष्क क्षेत्रों – बाड़मेर व जैसलमेर में प्रचलित है।

✍️ सही उत्तर है – खड़ीन 

वर्ष 2011 के भू-जल सर्वेक्षण के अनुसार राजस्थान में अपने भू-जल का 100 प्रतिशत से अधिक दोहन वाले सुपर क्रिटीकल डार्क जोन की संख्या कितनी है ?

[पशुधन सहायक (LSA) 16.10.2016]

  • 120

  • 172 

  • 115 

  • 95

🔹 व्याख्या:

👉 वर्ष 2011 के भूजल सर्वेक्षण में राजस्थान में डार्क जोन की गणना हुई।
👉 इनमें 100% से अधिक भूजल दोहन वाले क्षेत्र सुपर क्रिटिकल श्रेणी में रखे गए।
👉 इनकी संख्या कुल 172 पाई गई।

✍️ सही उत्तर है – 172

निम्न में से कौन-सा रेनवॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम राजस्थान से संबंधित है ? 

[कनिष्ठ अनुदेशक (पलम्बर) 08.01.2025]

  • जोहड़ 

  • गुल 

  • कुल 

  • कुण्ड 

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान में परंपरागत रेनवॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम प्रचलित हैं।
👉 इनमें प्रमुख हैं – जोहड़ और कुंड।

✍️ सही उत्तर है – कुल 

राजस्थान का कौन-सा जिला IWRM के लिए चयनित नहीं था ? 

[आर्थिक अन्वेषक परीक्षा 25.03.2019]

  • चूरु 

  • सीकर 

  • जयपुर 

  • पाली 

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान में कुछ जिलों का चयन IWRM (Integrated Water Resource Management) हेतु हुआ।
👉 इसमें पाली, सीकर और चूरु शामिल थे।
👉 जयपुर का चयन नहीं किया गया था।

✍️ सही उत्तर है – जयपुर 

शेखावाटी के अन्तःप्रवाही क्षेत्र में निर्मित कच्चे जल स्रोत को किस नाम से जाना जाता है ? 

[कनिष्ठ अनुदेशक (वेल्डर) 26.03.2019]

  • कुआँ 

  • तालाब

  • कुण्ड 

  • नाडा

🔹 व्याख्या:

👉 नाडा छोटा कच्चा जल स्रोत है।
👉 यह राजस्थान के शुष्क व अर्ध-शुष्क क्षेत्रों में पाया जाता है।
👉 इसमें वर्षा जल का संरक्षण किया जाता है।

✍️ सही उत्तर है – नाडा 

______________राजस्थान की 'चौका प्रणाली' का मुख्य उद्देश्य है।  

[CET स्नातक 28.09.2024 तृतीय चरण]

  • राजस्थान में भोजन प्रणाली का प्रबंधन करना 

  • पानी की कम उपलब्धता वाले क्षेत्रों में पानी के संसाधनों का प्रबंधन करना 

  • पशु पालन को बढ़ाना 

  • मधुमक्खी पालकों को सहयोग करना 

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान की चौका प्रणाली पारंपरिक जल प्रबंधन पद्धति है।
👉 इसका मुख्य उद्देश्य पानी की कम उपलब्धता वाले क्षेत्रों में जल संसाधनों का प्रबंधन करना है।

✍️ सही उत्तर है – पानी की कम उपलब्धता वाले क्षेत्रों में पानी के संसाधनों का प्रबंधन करना 

राजस्थान में ग्राम स्तर पर जल में आत्म निर्भरता हेतु कौन सा अभियान/पद्धति प्रस्तावित किया गया/गयी है ?

[अन्वेषक परीक्षा 21.08.2016]

  • जल स्वावलम्बन अभियान 

  • कृषि पद्धति में परिवर्तन

  • कुओं का निर्माण 

  • बूंद-बूंद सिंचाई

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान में ग्राम स्तर पर जल आत्मनिर्भरता हेतु योजना बनाई गई।
👉 इस हेतु जल स्वावलम्बन अभियान प्रस्तावित किया गया।

✍️ सही उत्तर है – जल स्वावलम्बन अभियान

राजस्थान सरकार ने जल के समुचित प्रबंधन के लिए स्थानीय स्तर पर कार्यक्रम की शुरूआत की है। 

कार्यक्रम की पहचान कीजिए। 

निम्नलिखित विकल्पों में से सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर चुनें:  

[पशु परिचर (3rd Phase) 02.12.2024]

  • राजस्थान जल संरक्षण मिशन 

  • प्रधानमंत्री जल स्वावलम्बन 

  • मुख्यमंत्री जल स्वावलम्बन 

  • जल क्रांति अभियान 

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान सरकार ने जल प्रबंधन हेतु स्थानीय स्तर पर अभियान शुरू किया।
👉 इसका नाम मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान (एमजेएसए) है।
👉 उद्देश्य – राज्य को जल आत्मनिर्भर बनाना व जल संरक्षण को बढ़ावा देना, सामुदायिक भागीदारी सहित।

✍️ सही उत्तर है – मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन  

  • कथन (A) वर्षा जल संग्रहण जल संरक्षण की एक प्रभावशील विधि है । 
  • कारण (R) पश्चिमी राजस्थान में परम्परागत जल संरक्षण की विधियाँ अभी भी प्रभावशील हैं । 

[संकलनकर्ता परीक्षा 21.08.2016]

  • A और R दोनों सहीं हैं किन्तु R, A का सही स्पष्टीकरण नहीं है । 

  • A और R दोनों सही हैं और R, A का सही स्पष्टीकरण है । 

  • A सही हैं R गलत है । 

  • A गलत है R सही है ।  

🔹 व्याख्या:

👉 कथन (A) सही है – वर्षा जल संग्रहण जल संरक्षण की प्रभावशील विधि है।
👉 कारण (R) भी सही है – पश्चिमी राजस्थान में परंपरागत जल संरक्षण विधियाँ आज भी प्रभावी हैं।
👉 लेकिन R, A का सही स्पष्टीकरण नहीं है।

✍️ सही उत्तर है – A और R दोनों सही, पर R स्पष्टीकरण नहीं

राजस्थान में जन्य एवं धूल (any) पानी का बढ़ता र संख्या कम भारत प्राधिकरण ने राज्य के किन प्रशासनिक खण्डों में भूमिगत जलदोहन पर पूर्ण रोक लगा दी है ?

ग्रामसेवक & छात्रा. अधीक्षक 18.12.2016

  • बहरोड़, ओसियाँ, महुवा  

  • बहरोड़, भीनमाल, सूरजगढ़, धोंड, श्रीमाधोपुर 

  • भीनमाल, टोडाभीम, टोडा रायसिंह

  • सूरजगढ़, देसूरी, देवली 

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान में भूमिगत जल दोहन पर रोक लगाई गई है।
👉 भारत प्राधिकरण ने कुछ प्रशासनिक खण्डों में इसे पूर्ण रूप से प्रतिबंधित किया।
👉 इनमें बहरोड़, भीनमाल, सूरजगढ़, धोंड और श्रीमाधोपुर शामिल हैं।

✍️ सही उत्तर है – बहरोड़, भीनमाल, सूरजगढ़, धोंड, श्रीमाधोपुर 

राजस्थान में फ्ल्यूरोसिस-ग्रस्त 'कूबड़ पट्टी' कहाँ स्थित है

[JEN (यांत्रिकी डिग्री) 21.08.2016]

  • भरतपुर - अलवर 

  • कोटा - बारां  

  • बाँसवाड़ा - डूंगरपुर 

  • नागौर - अजमेर 

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान की कूबड़ पट्टी नागौर और अजमेर के बीच स्थित है।
👉 यहाँ भूजल में फ्लोराइड की अधिकता पाई जाती है।
👉 इसके कारण लोगों को फ़्लोरोसिस रोग होता है और हड्डियाँ टेढ़ी होकर कूबड़ निकल आता है।

✍️ सही उत्तर है – नागौर-अजमेर 

राजस्थान की बांका-पट्टी किस समस्या से ग्रसित है?

[CET (स्नातक) (चरण -IV) 08.01.2023]

  • सूखा और अकाल की 

  • वायु प्रदूषण की

  • फ्लोराइड की 

  • चूना पत्थर की

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान की बांका-पट्टी फ्लोराइड की समस्या से ग्रसित है। 
👉 राजस्थान का अधिकांश भाग शुष्क व अर्द्धशुष्क है, जहाँ वर्षा 25 सेमी से भी कम होती है।
👉 यहाँ प्रत्येक वर्ष कुछ जिले सूखे की चपेट में आते हैं और हर 3-4 वर्षों में सम्पूर्ण राज्य में सूखा और अकाल होता है।
👉 इसी कारण जल संरक्षण और जल प्रबन्धन की आवश्यकता अधिक मानी गई है।

केन्द्रीय भू-जल प्राधिकरण ने राजस्थान के निम्न में से कौन से प्रशासनिक खण्डों (ब्लॉक्स) में भूमिगत जल दोहन पर रोक लगा दी हैं ? 

[पटवार प्री. परीक्षा 2015]

  • सूरजगढ़, देसूरी, देवली 

  • बहरोड़, भीनमाल, सूरजगढ़, धोंड व श्रीमाधोपूर

  • बहरोड़, ओसियाँ, महुवा

  • भीनमाल, टोडाभीम, टोडा रायसिंह 

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान को तीन जल-भूवैज्ञानिक इकाइयों में बाँटा गया है – असंलग्नित अवसाद, अर्ध-संमेकित अवसाद और संमेकित चट्टानें।
👉 कुछ हिस्सों को अति-शोषित घोषित किया गया है जैसे – बहरोड़, बानसूर, किशनगढ़ आदि।
👉 भारतीय केंद्रीय भूजल प्राधिकरण ने बहरोड़, भीनमाल, सूरजगढ़, धोंड और श्रीमाधोपुर में भूजल दोहन पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया।

✍️ सही उत्तर है – बहरोड़, भीनमाल, सूरजगढ़, धोंड व श्रीमाधोपूर

निम्न में से कौनसा जिला 'माही हाई लेवल कैनाल शुद्ध पेयजल प्रोजेक्ट' से प्रत्यक्ष रूप से सम्बन्धित नहीं है ?

[सूचना सहायक 12.05.2018]

  • उदयपुर 

  • राजसमन्द 

  • डूंगरपुर 

  • चित्तौड़गढ 

🔹 व्याख्या:

👉 जाखम बाँध प्रतापगढ़ जिले में स्थित है।
👉 यह जाखम नदी पर बना है, जो जाखमिया गाँव से निकलती है।
👉 बाँध 1986 में तैयार हुआ और प्रमुख सिंचाई परियोजना है।
👉 यह माही उच्च स्तरीय नहर परियोजना से जुड़ा है।

✍️ सही उत्तर है – डूंगरपुर 

निम्नलिखित में से कौन सी राजस्थान सरकार की प्रमुख जल संरक्षण योजना है ?  

[लाइब्रेरियन परीक्षा 27 जुलाई 2025]

  • नमामि गंगे 

  • जल जीवन मिशन 

  • अटल भूजल योजना 

  • मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान 

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान सरकार ने जल संरक्षण हेतु कई योजनाएँ शुरू की हैं।
👉 इनमें प्रमुख योजना मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान (MJSA) है।

✍️ सही उत्तर है – मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान 

समन्वित जलग्रहण प्रबंधन कार्यक्रम का नाम परिवर्तित करके _________ कर दिया गया है ।

[लिपिक ग्रेड -II 12.08.2018]

  • राज्य कृषि सिंचाई योजना

  • मुख्यमंत्री कृषि सिंचाई योजना 

  • राजस्थान कृषि सिंचाई योजना 

  • प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना

🔹 व्याख्या:

👉 समन्वित जलग्रहण प्रबंधन कार्यक्रम का नाम बदला गया है।
👉 नया नाम प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना रखा गया।

✍️ सही उत्तर है – प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना

सिंचाई प्रबंधन और प्रशिक्षण संस्थान राजस्थान में निम्नलिखित में से किस क्षेत्र में स्थित है ? 

[JEN विद्युत डिग्री 07.02.2025]

  • बाड़मेर

  • बीकानेर 

  • उदयपुर 

  • कोटा 

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान में सिंचाई प्रबंधन और प्रशिक्षण संस्थान स्थापित किया गया।
👉 यह संस्थान कोटा जिले में स्थित है।

✍️ सही उत्तर है – कोटा 

राजस्थान के लिए 'जल जीवन मिशन योजना में, केन्द्र तथा राज्य की सहभागिता क्रमश: है 

[CET (स्नातक) (चरण -II) 07.01.2023]

  • 75:25

  • 50:50 

  • 25:75 

  • 80:20   

🔹 व्याख्या:

👉 जल जीवन मिशन 2019-20 में शुरू हुआ।
👉 उद्देश्य – घर-घर नल कनेक्शन, 55 लीटर प्रतिदिन।
👉 इसमें केन्द्र:राज्य की भागीदारी बराबर है।
👉 सहभागिता अनुपात 50:50 रखा गया।

✍️ सही उत्तर है – 50:50

वर्ष __________ तक प्रत्येक ग्रामीण परिवार को कार्यशील घरेलू नल कनेक्शन के माध्यम से पीने योग्य पानी की आपूर्ति प्रदान करने हेतु 'जल जीवन मिशन' क्रियान्वित किया जा रहा है।

[REET मुख्य परीक्षा (L -2) 28.02.2023] 

  • 2027 

  • 2025 

  • 2030 

  • 2024 

🔹 व्याख्या:

👉 जल जीवन मिशन (JJM) भारत सरकार की एक प्रमुख योजना है, जिसका उद्देश्य 2028 तक सभी ग्रामीण परिवारों को व्यक्तिगत नल कनेक्शन के माध्यम से सुरक्षित और पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराना है। इसकी शुरुआत 15 अगस्त 2019 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा की गई थी।

🔹 मिशन के मुख्य उद्देश्यहर घर नल से जल: ग्रामीण क्षेत्रों में हर घर को 55 लीटर प्रति व्यक्ति प्रति दिन (LPCD) के हिसाब से पानी उपलब्ध कराना।जल संरक्षण: ग्रे-वाटर (इस्तेमाल किए गए पानी) का पुनर्चक्रण, वर्षा जल संचयन और जल स्रोतों को मजबूत करना।सामुदायिक सहभागिता: योजना के संचालन और रखरखाव में गांवों की स्थानीय समितियों (ग्राम जल एवं स्वच्छता समिति) को जोड़ना।महिला सशक्तीकरण: महिलाओं को पानी की गुणवत्ता जांचने के लिए प्रशिक्षित करना।

🔹 राजस्थान राज्य के संदर्भ में (आपकी स्थिति)केंद्र और राज्य सरकार इस परियोजना की लागत का 50:50 का अनुपात साझा करते हैं।राज्य में गुणवत्ता से प्रभावित गांवों (जैसे फ्लोराइड और खारे पानी की समस्या वाले) पर विशेष जोर दिया जा रहा है।राजस्थान में जल जीवन मिशन की ऑपरेशन एंड मेंटेनेंस (O&M) पॉलिसी भी लागू है।

राजस्थान में फ्ल्यूरोसिस की समस्या से पीड़ित 'कूबड़पट्टी क्षेत्र कहाँ स्थित है ? 

[प्रयोगशाला सहायक 13.11.2016]

  • भरतपुर- अलवर 

  • बांसवाड़ा - डूंगरपुर 

  • टोंक - दौसा

  • नागौर - अजमेर 

🔹 व्याख्या:

👉 कूबड़पट्टी क्षेत्र नागौर और अजमेर जिलों की सीमा पर स्थित है।
👉 यहाँ भूमिगत जल में फ्लोराइड की अधिकता पाई जाती है।
👉 इसके कारण लोगों में फ़्लोरोसिस रोग होता है, जिससे रीढ़ मुड़कर कूबड़ निकल आता है।

✍️ सही उत्तर है – नागौर - अजमेर 

रेतीले लहरदार क्षेत्र में पानी लगाने की सबसे अच्छी विधि है : 

[JEN (Civil Diploma) 11.02.2025]

  • फरो विधि 

  • मुक्त बाढ़ 

  • उपसिंचाई 

  • फव्वारा सिंचाई 

🔹 व्याख्या:

👉 रेतीले लहरदार क्षेत्र में परंपरागत विधियों से पानी व्यर्थ हो जाता है।
👉 यहाँ पानी लगाने की सबसे उपयुक्त व प्रभावी तकनीक फव्वारा (स्प्रिंकलर) सिंचाई है।

✍️ सही उत्तर है – फव्वारा सिंचाई 

राजस्थान में कृषि में जल संरक्षण के लिए निम्नलिखित में से किस सिंचाई पद्धति को प्रोत्साहित किया जा सकता है ?

नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर चुनें।

[JEN (Civil Diploma) 11.02.2025]

  • तालाब सिंचाई विधि 

  • ट्यूबवेल सिंचाई विधि 

  • कुआँ सिंचाई विधि 

  • स्प्रिंकलर विधि 

🔹 व्याख्या:

👉 स्प्रिंकलर सिंचाई पद्धति में पानी फव्वारों के माध्यम से फसल पर छिड़का जाता है।
👉 यह पद्धति असमान भूमि व रेतीली मिट्टी में भी प्रभावी है और पानी की बचत करती है।
👉 फसल को वर्षा जैसी सिंचाई मिलती है, जिससे उत्पादन बढ़ता है और पानी की खपत घटती है।

✍️ सही उत्तर है – स्प्रिंकलर विधि 

निम्नांकित में से कौन-सा जल संरक्षण प्रणाली से संबंधित नहीं है ?  

[कनिष्ठ अनुदेशक (ड्राइंग) 20.11.2024]

  • ऊँचे टैंक 

  • भूतल बंध 

  • एनीकट 

  • रिसाव टैंक 

🔹 व्याख्या:

👉 ऊँचे टैंक जल संरक्षण प्रणाली का हिस्सा नहीं माने जाते।
👉 जल संरक्षण से संबंधित विधियाँ – भूतल बंध, बहुउद्देशीय परियोजनाएँ, नाली, रिसाव टैंक और ड्रिप सिंचाई हैं।

👉 बहुउद्देशीय परियोजनाएँ सिंचाई, बाढ़ नियंत्रण और बिजली उत्पादन हेतु होती हैं।

✍️ सही उत्तर है – ऊँचे टैंक

फसल की जरूरत और मिट्टी की प्रकृति के आधार पर जिस आवृत्ति के साथ पानी लगाया जाना है उसे कहा जाता है-

[JEN (Agriculture) 22.02.2025]

  • सिंचाई की आवश्यकता 

  • सिंचाई समय-सारिणी 

  • जल बजट 

  • अपवाह आवृत्ति 

🔹 व्याख्या:

👉 सिंचाई शेड्यूलिंग का तात्पर्य फसल की आवश्यकता और मिट्टी की प्रकृति के अनुसार पानी देना है।
👉 इसमें पानी लगाने की आवृत्ति और समय निर्धारित किया जाता है।

✍️ सही उत्तर है – सिंचाई शेड्यूलिंग 

सिंचाई कृषि में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। भूमिगत जल का दोहन, प्राचीन जल संरक्षण विधियों का अनुरक्षण न करना तथा राजस्थान में वनों की कटाई के कारण इनमें से कौन सी स्थिति उत्पन्न हुई है: 

[JEN यांत्रिक विद्युत 06.02.2025]

  • वायु प्रदूषण 

  • भूस्खलन 

  • चारे की कमी 

  • सूखा 

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान में भूमिगत जल का अत्यधिक दोहन हुआ है।
👉 प्राचीन जल संरक्षण विधियों का अनुरक्षण नहीं किया गया।
👉 वनों की कटाई ने स्थिति और बिगाड़ी।
👉 इसके परिणामस्वरूप सूखे की समस्या उत्पन्न हुई है।

✍️ सही उत्तर है – सूखा 

निम्नलिखित में से कौन-सी संरचना तालाब का छोटा रूप है जो अधिकांशतः पश्चिमी राजस्थान में पायी जाती है ?

निम्नलिखित विकल्पों में से सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर चुनें:   

[पशु परिचर (1st Phase) 01.12.2024]

  • झील 

  • बेरी 

  • खड़ीन 

  • नाडी 

🔹 व्याख्या:

👉 तालाब का छोटा रूप नाडी कहलाता है।
👉 यह मुख्यतः पश्चिमी राजस्थान में पाई जाती है।
👉 नाडी प्राकृतिक गड्ढों व मिट्टी के तटबंधों से बनाई जाती है, जिसमें वर्षा जल संग्रहित होता है।

✍️ सही उत्तर है – नाडी 

सूची-I को सूची-II से सुमेलित करें :

सूची-I (जल संरक्षण के परम्परागत तरीके)

सूची-II (आकार / आकृति)

(a) झालरा

(i) बेलनकार खड़ंजा वाला भूमिगत गड्ढा

(b) टांका

(ii) आयताकार सीढ़ीदार कुआँ

(c) जोहड़

(iii) तश्तरीनुमा जलग्रहण क्षेत्र

(d) कुंड

(iv) छोटे मिट्टी के चैकडैम

नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर चुनें :

[REET Mains L-2 Eng) 19.01.2026]

  • (a)-(iii), (b)-(ii), (c)-(iv), (d)-(i)

  • (a)-(i), (b)-(iii), (c)-(iv), (d)-(ii)

  • (a)-(ii), (b)-(i), (c)-(iv), (d)-(iii)

  • (a)-(iii), (b)-(ii), (c)-(i), (d)-(iv)

🔹 व्याख्या

👉 झालरा एक आयताकार सीढ़ीदार कुआँ है।
👉
टांका में बेलनाकार खड़ंजा वाला भूमिगत गड्ढा होता है।
👉
जोहड़ में छोटे मिट्टी के चैकडैम बनते हैं।
👉
कुंड का रूप तश्तरीनुमा जलग्रहण क्षेत्र जैसा होता है।

✍️ सही उत्तर है – (a)-(ii), (b)-(i), (c)-(iv), (d)-(iii)

जल (प्रदूषण नियंत्रण एवं रोकथाम) अधिनियम लागू हुआ :  

[कनिष्ठ अनुदेशक (पलम्बर) 08.01.2025]

  • 1974 

  • 1977 

  • 1972 

  • 1986 

🔹 व्याख्या:

👉 जल प्रदूषण रोकने हेतु जल (प्रदूषण नियंत्रण एवं रोकथाम) अधिनियम, 1974 लागू हुआ।
👉 इसका उद्देश्य जल की स्वच्छता बनाए रखना और बहाल करना है।
👉 इसके तहत केंद्रीय व राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड स्थापित किए गए।

✍️ सही उत्तर है – 1974

राजस्थान में इंदिरा गांधी नहर का नकारात्मक प्रभाव क्या है? 

[JEN यांत्रिक विद्युत 06.02.2025]

  • वायु अपरदन को कम करना 

  • वनरोपण 

  • जलभराव 

  • मिट्टी में लंबे समय तक नमी की उपलब्धता 

🔹 व्याख्या:

👉 राजस्थान में इंदिरा गांधी नहर का एक प्रमुख नकारात्मक प्रभाव है।
👉 यह प्रभाव जलभराव के रूप में देखा जाता है।

✍️ सही उत्तर है – जलभराव