झाडोल (उदयपुर), कुराडा (नागौर), साबणिया (बीकानेर) नन्दलालपुरा (जयपुर) में क्या समानता है ?
[REET मुख्य परीक्षा (L -2) 25.02.2023]
👉 झाड़ोल, कुराड़ा और साबणिया चालकोलिथिक काल में प्रमुख स्थल थे।
👉 इनसे बड़ी मात्रा में ताँबे के औज़ारों के भंडार मिले।
👉 यहाँ की खोजें राजस्थान की चालकोलिथिक संस्कृति को दर्शाती हैं।
👉 इन स्थलों को उस समय के धातुकर्म व व्यापार का केन्द्र माना गया।
✍️ सही उत्तर है – ताम्र उपकरणों के भण्डार
गणेश्वर ____ संस्कृति का महत्वपूर्ण स्थल है।
[REET मुख्य परीक्षा (L -1) 25.02.2023]
👉 गणेश्वर नीमकाथाना जिले की कांतली नदी पर स्थित है।
👉 यहाँ से बड़ी मात्रा में ताँबे के औज़ार और आभूषण मिले हैं।
👉 इसे भारत की सबसे प्राचीन ताम्रयुगीन संस्कृति का केन्द्र माना गया है।
👉 डॉ. विजय कुमार ने इसे ‘ताम्रयुगीन सभ्यता की जननी’ कहा है।
✍️ सही उत्तर है – ताम्रयुगीन
बागोर भीलवाड़ा जिले की ______ नदी के कांठे पर स्थित है।
[प्रयोगशाला सहायक 03.02.2019]
👉 बागोर सभ्यता राजस्थान के भीलवाड़ा जिले में स्थित है।
👉 यह प्राचीन स्थल कोठारी नदी के किनारे अवस्थित है।
👉 यहाँ से भारत के सबसे प्राचीन पशुपालन और कृषि के प्रमाण मिले हैं।
👉 बागोर को ‘आदिम संस्कृति का संग्रहालय’ भी कहा जाता है।
✍️ सही उत्तर है – कोठारी
आहड़ सभ्यता का उत्खनन कार्य 1953 में सर्वप्रथम किसके निर्देशन में हुआ था ?
[REET मुख्य परीक्षा (L -2) 27.02.2023]
👉 आहड़ सभ्यता उदयपुर के पास आयड़ नदी के किनारे स्थित है।
👉 इसका सर्वप्रथम उत्खनन कार्य 1953 ई. में किया गया।
👉 इस खुदाई का नेतृत्व अक्षयकीर्ति व्यास ने किया था।
👉 बाद में यहाँ और भी उत्खनन कार्य रतनचन्द अग्रवाल व अन्य विद्वानों ने किए।
✍️ सही उत्तर है – अक्षयकीर्ति व्यास
राजस्थान की कौन सी सभ्यता बनास, बेड़च, वागन, गंभीरी और कोठारी नदियों के तटों और घाटियों में फैली हुई थी ?
[शारीरिक शिक्षा अध्यापक 25.09.2022]
👉 आहड़ सभ्यता उदयपुर के पास आयड़ नदी के किनारे विकसित हुई थी।
👉 इसका विस्तार आसपास की बनास, बेड़च, गंभीरी और कोठारी नदियों की घाटियों तक फैला हुआ था।
👉 इसे ‘बनास संस्कृति’, ‘धूलकोट’ और ‘ताम्रनगरी’ भी कहा जाता है।
👉 यहाँ से लाल-काले मृद्भाण्ड, ताँबे के औज़ार और मृतकों के टीले मिले हैं।
✍️ सही उत्तर है – आहड़
सुनारी सभ्यता के अवशेष राजस्थान के किस जिले से प्राप्त हुए हैं ?
[कनिष्ठ अनुदेशक (कार्यशाला) 10.09.2022]
👉 सुनारी सभ्यता कांतली नदी के किनारे स्थित है।
👉 यह स्थल नीमकाथाना क्षेत्र, खेतड़ी तहसील में आता है।
👉 यहाँ से प्राचीन लोहा गलाने की भट्टियाँ, लोहे का प्याला और मातृदेवी की मूर्तियाँ मिली हैं।
👉 इसलिए इसका संबंध झुंझुनू जिले से है।
✍️ सही उत्तर है – झुंझुनू
दक्षिण-पश्चिमी राजस्थान की प्राचीन सभ्यता का एक महत्त्वपूर्ण केन्द्र था:
[कनिप्ठ अनुदेशक (मैकेनिक) 23.12.2019]
👉 आहड़ सभ्यता दक्षिण-पश्चिमी राजस्थान में उदयपुर जिले में स्थित है।
👉 यह स्थल आयड़ नदी के किनारे विकसित हुआ था।
👉 इसे ‘बनास संस्कृति’, ‘धूलकोट’ और ‘ताम्रनगरी’ भी कहा जाता है।
👉 यहाँ से लाल-काले मृद्भाण्ड, ताँबे के औज़ार और मृतकों के टीले मिले हैं।
✍️ सही उत्तर है – आहड़
राजस्थान के किस जिले में 'ओझियाना' स्थल स्थित है ?
[प्रयोगशाला सहायक (गृह विज्ञान) 30.06.2022]
👉 ओझियाना स्थल राजस्थान के ब्यावर जिले (वर्तमान भीलवाड़ा जिले का हिस्सा है) बदनौर तहसील में स्थित है।
👉 यह स्थान खारी नदी के किनारे बसा हुआ है।
👉 यहाँ 2000-01 ई. में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण, जयपुर क्षेत्र के बी. आर. मीणा और आलोक त्रिपाठी ने उत्खनन किया।
👉 यहाँ के लोग कृषक थे और मृद्भाण्डों पर सफेद रंग से चित्रकारी की गई थी।
✍️ सही उत्तर है – भीलवाड़ा
लूनी घाटी डीडवाना, बूढ़ा पुष्कर के आसपास स्थित एक महत्वपूर्ण स्थल है। यह निम्नलिखित में से किस युग से संबंधित है ?
पशुधन सहायक (LSA) 04.06.2022
👉 लूनी घाटी डीडवाना और बूढ़ा पुष्कर के आसपास का एक प्रमुख पुरास्थल है।
👉 यहाँ से प्राप्त उपकरणों के आधार पर इसे मध्य पुरापाषाण युग से संबंधित माना गया है।
👉 इस क्षेत्र में डॉ. आलचिन और अन्य विद्वानों ने खोज कार्य किया था।
👉 यहाँ से प्राचीन मानव के निवास और जीवन शैली के प्रमाण मिले।
✍️ सही उत्तर है – मध्य पुरापाषाण युग
निम्नलिखित में से सत्य कथन है / हैं
(i) लूनी नदी के किनारे स्थित स्थल बागोर से पशुपालन के अवशेष प्राप्त हुए हैं
(ii) आहड़ स्थल का संबंध नवपाषाण काल से है
(iii) कालीबंगा में, दुर्ग तथा निचला नगर दोनों प्राचीर युक्त मिले हैं
[वनरक्षक (प्रथम चरण) 12.11.2022]
कूट -
👉 पहला कथन गलत है क्योंकि बागोर स्थल कोठारी नदी के किनारे स्थित है, यहाँ से प्राचीनतम पशुपालन और कृषि के अवशेष मिले हैं।
👉 दूसरा कथन गलत है क्योंकि आहड़ सभ्यता ताम्रयुगीन थी, इसे बनास संस्कृति और ‘ताम्रनगरी’ कहा गया है।
👉 तीसरा कथन सही है, कालीबंगा में उत्खनन से दुर्गनुमा नगर और बिना दुर्ग वाला नगर, दोनों के प्रमाण प्राचीर सहित मिले हैं।
✍️ सही उत्तर है – केवल (iii)
गणेश्वर सभ्यता किस नदी के तट पर स्थित है ?
[स्टेनोग्राफर परीक्षा 05.10.2024]
👉 गणेश्वर सभ्यता नीमकाथाना जिले की कांतली नदी के तट पर स्थित है।
👉 यहाँ से प्राप्त ताँबे के औज़ार इसे ताम्रयुगीन सभ्यता की जननी बनाते हैं।
👉 इसी नदी की वजह से खेतड़ी क्षेत्र की ताँबे की खदानें विकसित हुईं।
✍️ सही उत्तर है – कंतली
कालीबंगा की सभ्यता किस सभ्यता से संबंधित है ?
[स्टेनोग्राफर परीक्षा 05.10.2024]
👉 कालीबंगा से प्राप्त अवशेषों को हड़प्पा सभ्यता की सामग्री के समान और समकालीन माना गया है।
👉 इसे प्राक् हड़प्पा व हड़प्पा – दोनों भागों में बाँटा गया है।
👉 इसलिए यह सिंधु घाटी सभ्यता से संबंधित है।
✍️ सही उत्तर है – सिंधु घाटी सभ्यता
प्राचीन काल में निम्नलिखित में से किस स्थान को 'ताम्रवती' के नाम से जाना जाता था ?
[कनिष्ठ अनुदेशक (वेल्डर) 26.03.2019]
👉 आहड़ सभ्यता उदयपुर जिले में आयड़ नदी के किनारे स्थित थी।
👉 प्राचीन शिलालेखों में आहड़ का नाम ताम्रवती के रूप में मिलता है।
👉 यहाँ से सर्वाधिक मात्रा में ताँबे के उपकरण प्राप्त हुए हैं।
👉 इसलिए इसे ‘ताम्रनगरी’ भी कहा जाता है।
✍️ सही उत्तर है – आहड़
आहड़ सभ्यता किस अन्य नाम से भी जानी जाती है ?
[JEN (विद्युत/यांत्रिक) (डिग्रीधारक) 26.12.2020]
👉 आहड़ सभ्यता उदयपुर जिले में आयड़ नदी के किनारे विकसित हुई थी।
👉 इसे प्राचीनकाल में आघाटपुर या आघाटदुर्ग के नाम से भी जाना जाता था।
👉 स्थानीय लोग इसे क्षेत्रीय भाषा में धूलकोट कहते हैं।
👉 आहड़ को ‘ताम्रनगरी’ और ‘बनास संस्कृति’ भी कहा गया है।
✍️ सही उत्तर है – आघाटपुर
बागौर सभ्यता किस नदी के किनारे स्थित है ?
[वनपाल परीक्षा 06.11.2022]
👉 बागौर सभ्यता भीलवाड़ा जिले में स्थित है।
👉 यह सभ्यता कोठारी नदी के किनारे विकसित हुई थी।
👉 यहाँ से भारत के प्राचीनतम पशुपालन और कृषि के अवशेष मिले हैं।
👉 बागौर को ‘आदिम संस्कृति का संग्रहालय’ भी कहा जाता है।
✍️ सही उत्तर है – कोठारी नदी
निम्नलिखित में से कौन सा (पुरातात्विक स्थल उत्खननकर्त्ता) सुमेलित नहीं है?
[हाउस कीपर परीक्षा 09.07.2022]
👉 आहड़ का उत्खनन 1961-62 ई. में एच. डी. सांकलिया और वीरेन्द्र नाथ मिश्र के निर्देशन में हुआ।
👉 बागौर का उत्खनन 1967-69 ई. में डॉ. वी. एन. मिश्र ने किया।
👉 बैराठ की खोज व उत्खनन 1936 ई. में दयाराम साहनी ने करवाया था।
👉 लेकिन ओझियाना का उत्खनन के. एन. पुरी ने नहीं बल्कि 2000-01 ई. में बी. आर. मीणा व आलोक त्रिपाठी ने किया।
✍️ सही उत्तर है – ओझियाना – के. एन. पुरी
निम्नलिखित में से किस सभ्यता को धूलकोट कहते हैं ?
[REET मुख्य परीक्षा (L -1) 25.02.2023]
👉 आहड़ सभ्यता उदयपुर जिले में आयड़ नदी के किनारे विकसित हुई।
👉 इस सभ्यता को स्थानीय भाषा में धूलकोट कहा जाता है।
👉👉आहड़ सभ्यता को आघाटपुर भी कहा जाता है|
👉 आहड़ से लाल-काले मृद्भाण्ड, ताँबे के औज़ार और मृतकों के टीले के प्रमाण मिले हैं।
👉 इसे ‘ताम्रनगरी’ और ‘मृतकों की सभ्यता’ भी कहा गया है।
✍️ सही उत्तर है – आहड़
दो मुँह का चूल्हा व बहुत प्रकार के बर्तनों के साथ सिलबट्टा व पैन निम्नलिखित में से किस स्थान से खुदाई में मिले थे ?
[सुपरवाईजर परीक्षा 06.01.2019]
👉 आहड़ सभ्यता उदयपुर जिले में आयड़ नदी के किनारे विकसित हुई थी।
👉 यहाँ खुदाई में दो-मुँह का चूल्हा, अनेक प्रकार के मृद्भाण्ड, सिलबट्टा और पैन मिले हैं।
👉 आहड़ के लोग धातु कार्य और ताँबे के औज़ार बनाने में निपुण थे।
👉 इसे ‘ताम्रनगरी’ और ‘बनास संस्कृति’ भी कहा जाता है।
✍️ सही उत्तर है – आहड़
राजस्थान के किस जिले में गिलूण्ड पुरातत्व उत्खनन स्थल स्थित है ?
[वनरक्षक (द्वितीय चरण -A) 11.12.2022]
👉 गिलूण्ड पुरातत्व उत्खनन स्थल राजसमंद जिले में स्थित है।
👉 यह बनास नदी के तट पर अवस्थित है और इसे आहड़ संस्कृति से जुड़ा माना गया है।
👉 यहाँ से पाँच प्रकार के मृद्भाण्ड, ताँबे के औज़ार और मिट्टी के खिलौने मिले हैं।
👉 उत्खनन कार्य 1957-58 ई. में बी. बी. लाल तथा बाद में 1998-2003 ई. में डॉ. वी. एस. शिंदे व ग्रेगरी पोशल के निर्देशन में हुआ।
✍️ सही उत्तर है – राजसमंद
अनाज रखने के बड़े मृदभाण्ड जिन्हें "गोरे बंकोट" कहा जाता था,
[पटवारी मुख्य परीक्षा 24.12.2016]
👉 आहड़ सभ्यता उदयपुर जिले में आयड़ नदी के किनारे विकसित हुई थी।
👉 यहाँ से अनाज रखने के बड़े मृद्भाण्ड प्राप्त हुए हैं।
👉 इन बड़े पात्रों को स्थानीय भाषा में "गोरे" और "बंकोठ" कहा जाता था।
👉 यह विशेषता आहड़ को अन्य ताम्रयुगीन स्थलों से अलग करती है।
✍️ सही उत्तर है – आहड़
सैन्धव सभ्यता के किस स्थल से जुते हुए खेत के प्रमाण मिले हैं ?
[हाउस कीपर परीक्षा 09.07.2022]
👉 कालीबंगा सभ्यता हनुमानगढ़ जिले में घग्घर नदी के किनारे स्थित है।
👉 यहाँ उत्खनन में दक्षिण-पूर्वी भाग में हल से जुते हुए खेत मिले हैं।
👉 इन खेतों में मिश्रित फसल (जौ, गेहूँ, चना, बाजरा और सरसों) के प्रमाण मिले।
👉 यह विश्व में खेतों की जुताई का सबसे प्राचीन पुरातात्विक प्रमाण माना गया है।
✍️ सही उत्तर है – कालीबंगा
निम्नलिखित संस्कृति में से किसे बनास संस्कृति के नाम से भी जाना जाता है ?
[JEN (विधुत) (डिप्लोमाघारक) 29.11.2020]
👉 आहड़ संस्कृति उदयपुर के पास आयड़ नदी के किनारे विकसित हुई थी।
👉 इसका विकास बनास नदी की घाटी में हुआ, इसलिए इसे बनास संस्कृति भी कहा जाता है।
👉 इसे स्थानीय लोग धूलकोट के नाम से जानते हैं।
👉 आहड़ से लाल-काले मृद्भाण्ड और बड़ी मात्रा में ताँबे के औज़ार प्राप्त हुए हैं।
✍️ सही उत्तर है – आहड़ संस्कृति
आहड़ का उत्खनन कार्य किसके नेतृत्व में निष्पादित हुआ था ?
[CET (10+2 तृतीय चरण) 05.02.2023]
👉 आहड़ सभ्यता उदयपुर के पास आयड़ नदी के किनारे विकसित हुई थी।
👉 इसका सर्वप्रथम उत्खनन कार्य 1953 ई. में अक्षयकीर्ति व्यास ने किया था।
👉 बाद में 1961-62 ई. में इसका बड़ा उत्खनन एच. डी. सांकलिया और वीरेन्द्र नाथ मिश्र ने किया।
👉 उत्खनन के समय विजय कुमार और पी. सी. चक्रवर्ती राजस्थान सरकार की ओर से उपस्थित थे।
✍️ सही उत्तर है – एच. डी. सांकलिया
निम्न में से राजस्थान के किस स्थल से प्राप्त मृदभाण्डों को लाल धरातल पर काले रंगों की सुन्दर ज्यामितिक डिजाइनों से सजाया गया है ?
[उद्योग प्रचार अधिकारी 22.07.2018]
👉 राजस्थान में कई स्थलों से मृदभाण्ड प्राप्त हुए हैं।
👉 इनमें कालीबंगा से मिले बर्तनों पर विशेष सजावट देखी जाती है।
👉 यहाँ के बर्तनों पर लाल धरातल पर चित्र बनाए गए।
👉 इन पर काले रंग की सुन्दर ज्यामितिक डिज़ाइनें अंकित थीं।
✍️ सही उत्तर है – कालीबंगा
यूनानी शासक मिनेंडर के सिक्के किस सभ्यता से प्राप्त हुए थे ?
[REET मुख्य परीक्षा (L -2) 01.03.2023]
👉 बैराठ सभ्यता मौर्यकालीन और बौद्ध अवशेषों के लिए प्रसिद्ध है।
👉 यहाँ से हूण शासक मिहिरकुल, तोरमाण और यूनानी शासक मिनेंडर के सिक्के मिले हैं।
👉 उत्खनन में अशोक शिलालेख, बौद्ध विहार और भगवान बुद्ध की प्रतिमा भी प्राप्त हुई।
👉 बैराठ को ‘प्राचीन युग की चित्रशाला’ भी कहा जाता है।
✍️ सही उत्तर है – बैराठ
नीचे दो कथन दिए गए हैं :
कथन (I) : सिंधु सरस्वती सभ्यता के प्रमुख स्थल हड़प्पा, मोहन-जो-दड़ो और बहावलपुर अब पाकिस्तान में हैं।
कथन (II) : कालीबंगा, राखीगड़ी, धौलावीरा, रानोपुर और लोथाल भारत में हैं।
उपर्युक्त कथनों के आलोक में निम्नलिखित विकल्पों में से सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर चुनें :
[स्टेनोग्राफर परीक्षा 05.10.2024]
👉 हड़प्पा व मोहनजोदड़ो जैसे प्रमुख स्थल अब पाकिस्तान में हैं।
👉 कालीबंगा राजस्थान (भारत) में स्थित है और इसे सिंधु सभ्यता के प्रमुख स्थलों में गिना गया है।
✍️ सही उत्तर है – कथन (I) और कथन (II) दोनों सत्य हैं।
सात अग्नि वेदिकाओं की पंक्ति प्राप्त हुई है।
[वनरक्षक (प्रथम चरण) 12.11.2022]
👉 कालीबंगा सभ्यता हनुमानगढ़ जिले में घग्घर नदी के किनारे स्थित है।
👉 यहाँ उत्खनन में लोथल सभ्यता के समान सात अग्निवेदिकाएँ (हवनकुण्ड) प्राप्त हुई हैं।
👉 इन अग्निवेदिकाओं से बलि प्रथा के प्रमाण भी मिले हैं।
👉 कालीबंगा की अन्य विशेषताओं में हल से जुते खेत और लकड़ी की बनी नालियाँ प्रमुख हैं।
✍️ सही उत्तर है – कालीबंगा से
निम्नलिखित में से किस स्थल से 'जाखबाबा' प्रतिमा प्राप्त हुई है ?
[कनिष्ठ वैज्ञानिक सहायक (जैविक) 15.09.2019]
👉 नोह सभ्यता भरतपुर जिले में रूपारेल नदी के किनारे स्थित है।
👉 यहाँ के उत्खनन से एक विशालकाय यक्ष प्रतिमा प्राप्त हुई।
👉 इस प्रतिमा को स्थानीय लोग ‘जाखबाबा’ कहते हैं।
👉 नोह से महाभारत कालीन से लेकर शक सातवाहन काल तक की संस्कृतियों के अवशेष मिले हैं।
✍️ सही उत्तर है – नोह
निम्नलिखित में से किस स्थल से उत्खनन में 'अग्नि- वेदिकाएँ' मिली थी ?
[प्रयोगशाला सहायक (विज्ञान) 28.06.2022]
👉 कालीबंगा सभ्यता हनुमानगढ़ जिले में घग्घर नदी के किनारे स्थित है।
👉 यहाँ के उत्खनन में सात अग्निवेदिकाएँ (हवनकुण्ड) प्राप्त हुई थीं।
👉 इनमें कुछ वेदिकाओं से हड्डियों के अवशेष मिले, जो उस समय की बलि प्रथा के प्रमाण हैं।
👉 कालीबंगा की अन्य विशेषताओं में हल से जुते खेत और लकड़ी की बनी नालियाँ शामिल हैं।
✍️ सही उत्तर है – कालीबंगा
निम्नलिखित में से किस सभ्यता में मकान एवं बस्तियों के निर्माण में ईंटों का प्रयोग नहीं होता था ?
[प्रयोगशाला सहायक (विज्ञान) 28.06.2022]
👉 आहड़ सभ्यता में मकानों का निर्माण कच्ची ईंटों और पत्थरों से हुआ था।
👉 कालीबंगा सभ्यता में पहले कच्ची और बाद में पक्की ईंटों का उपयोग किया गया।
👉 बैराठ से भी मौर्यकालीन स्तूप और ईंटों से बने अवशेष मिले हैं।
👉 लेकिन गणेश्वर सभ्यता में मकानों का निर्माण केवल पत्थरों से किया गया, यहाँ ईंटों का प्रयोग नहीं हुआ।
✍️ सही उत्तर है – गणेश्वर
धूलकोट कहाँ स्थित है ?
[CET (10+2 पंचम चरण) 11.02.2023]
👉 धूलकोट नाम से जानी जाने वाली सभ्यता वास्तव में आहड़ सभ्यता है।
👉 यह उदयपुर के पास आयड़ नदी के किनारे विकसित हुई थी।
👉 आहड़ से लाल-काले मृद्भाण्ड, ताँबे के औज़ार और मृतकों के टीले मिले हैं।
👉 इसी कारण इसे ‘धूलकोट’ कहा जाता है।
✍️ सही उत्तर है – आहड़ में
300 ई. पू. से 300 ई. तक के काल में राजस्थान में गोल चैत्यगृह कहाँ मिला है ?
[प्रयोगशाला सहायक (विज्ञान) 29.06.2022]
👉 बैराठ (विराटनगर) मत्स्य जनपद की राजधानी था और यहाँ मौर्यकालीन अवशेष मिले हैं।
👉 यहाँ से 300 ई. पू. से 300 ई. तक के काल का गोल चैत्यगृह प्राप्त हुआ है।
👉 उत्खनन में बौद्ध विहार, स्तूप और भगवान बुद्ध की प्रतिमा भी पाई गई।
👉 बैराठ को प्राचीन युग की चित्रशाला भी कहा जाता है।
✍️ सही उत्तर है – बैराठ
निम्नलिखित में से किस स्थल से इंडो-ग्रीक शासकों के अट्ठाईस सिक्के प्राप्त हुए हैं ?
[कनिष्ठ वैज्ञानिक सहायक (सीरम) 15.09.2019]
👉 बैराठ (विराटनगर) मत्स्य जनपद की राजधानी रहा है।
👉 यहाँ के उत्खनन से अशोक शिलालेख, बौद्ध विहार और स्तूप के अवशेष मिले हैं।
👉 बैराठ से हाथ से बने सूती कपड़े में बंधी 36 मुद्राएँ मिलीं।
👉 इनमें से 28 सिक्के इंडो-ग्रीक शासकों के थे, जिनमें 16 सिक्के मीनांडर के थे।
✍️ सही उत्तर है – बैराठ
कालीबंगा का उत्खनन कार्य किसके नेतृत्व में निष्पादित हुआ था ?
[लवण निरीक्षक (उद्योग) 22.12.2019]
👉 कालीबंगा सभ्यता हनुमानगढ़ जिले में घग्घर नदी के किनारे स्थित है।
👉 यहाँ 1961 से 1969 ई. तक नौ सत्रों में उत्खनन कार्य हुआ।
👉 इस उत्खनन कार्य का नेतृत्व बी. बी. लाल ने किया।
👉 इसमें बालकृष्ण थापर और अन्य विद्वानों ने भी सहयोग दिया।
✍️ सही उत्तर है – बी. बी. लाल
प्राचीनकाल में निम्नलिखित में से किस स्थान को ताम्रवती नगरी के नाम से भी जाना जाता था ?
[प्रयोगशाला सहायक (गृह विज्ञान) 30.06.2022]
👉 आहड़ सभ्यता उदयपुर के पास आयड़ नदी के किनारे विकसित हुई थी।
👉 प्राचीन शिलालेखों में आहड़ का नाम ताम्रवती नगरी के रूप में मिलता है।
👉 यहाँ से सर्वाधिक मात्रा में ताँबे के उपकरण प्राप्त हुए हैं।
👉 इसी कारण इसे ‘ताम्रनगरी’ भी कहा जाता है।
✍️ सही उत्तर है – आहड़
निम्न में से किस एक हड़प्पन स्थल से जोते हुए खेत के साक्ष्य प्राप्त हुए हैं ?
[प्रयोगशाला सहायक (भूगोल) 30.06.2022]
👉 कालीबंगा हनुमानगढ़ जिले में घग्घर नदी के किनारे स्थित है।
👉 यहाँ उत्खनन में दक्षिण-पूर्वी भाग से हल से जुते हुए खेत प्राप्त हुए।
👉 इन खेतों में मिश्रित फसल (जौ, गेहूँ, चना, बाजरा और सरसों) की खेती के प्रमाण मिले।
👉 यह विश्व में खेतों की जुताई का सबसे प्राचीन पुरातात्विक प्रमाण है।
✍️ सही उत्तर है – कालीबंगा
राजस्थान के किस जिले में गणेश्वर स्थल स्थित है ?
[सुपरवाईजर परीक्षा 06.01.2019]
👉 गणेश्वर सभ्यता नीमकाथाना क्षेत्र के रैवासा गाँव में स्थित है।
👉 यह स्थल वर्तमान सीकर जिले में आता है।
👉 यहाँ से सैकड़ों ताँबे के औज़ार और आभूषण प्राप्त हुए हैं।
👉 इसे भारत की सबसे प्राचीन ताम्रयुगीन सभ्यता माना जाता है।
✍️ सही उत्तर है – सीकर
कौनसा पुरातात्विक स्थल 'ताम्रवती' नाम से जाना जाता था ?
[कनिष्ठ अनुदेशक (कार्यशाला) 10.09.2022]
👉 आहड़ सभ्यता उदयपुर के पास आयड़ नदी के किनारे विकसित हुई थी।
👉 प्राचीन शिलालेखों में आहड़ का पुराना नाम ताम्रवती मिलता है।
👉 यहाँ से बड़ी मात्रा में ताँबे के उपकरण प्राप्त हुए हैं।
👉 इसलिए इसे ‘ताम्रनगरी’ और ‘बनास संस्कृति’ भी कहा जाता है।
✍️ सही उत्तर है – आहड़
बागोर सभ्यता किस नदी के किनारे पर अवस्थित थी ?
[सुपरवाईजर परीक्षा 06.01.2019]
👉 बागोर सभ्यता राजस्थान के भीलवाड़ा जिले में स्थित है।
👉 यह स्थल कोठारी नदी के किनारे अवस्थित था।
👉 यहाँ से प्राचीनतम पशुपालन और कृषि के प्रमाण मिले हैं।
👉 बागोर को ‘आदिम संस्कृति का संग्रहालय’ भी कहा जाता है।
✍️ सही उत्तर है – कोठारी नदी
किस पुराविद् को प्रथम बार 'काली बंगा' सभ्यता को प्रकाश में लाने का श्रेय दिया जाता है ?
[JEN (विद्युत/यांत्रिक) (डिग्रीधारक) 26.12.2020]
👉 कालीबंगा सभ्यता हनुमानगढ़ जिले में घग्घर नदी के किनारे स्थित है।
👉 इसकी जानकारी सर्वप्रथम एल. पी. टैस्सीटोरी ने दी थी।
👉 स्वतंत्र भारत में 1952 ई. में इस पर प्रकाश डालने का श्रेय अमलानन्द घोष को जाता है।
👉 बाद में 1961-69 ई. के बीच इसका उत्खनन बी. बी. लाल और बालकृष्ण थापड़ ने किया।
✍️ सही उत्तर है – अमलानन्द घोष
बालाथल सभ्यता का उत्खनन किसके निर्देशन में हुआ ?
[वनरक्षक (द्वितीय चरण -A) 11.12.2022]
👉 बालाथल सभ्यता उदयपुर जिले के वल्लभनगर क्षेत्र में स्थित है।
👉 इसकी खोज 1962-63 ई. में डॉ. वी. एन. मिश्र द्वारा की गई थी।
👉 यहाँ 1993 ई. में उत्खनन कार्य डॉ. वी. एन. मिश्र, डॉ. वी. एस. शिंदे और डॉ. आर. के. मोहंती के निर्देशन में हुआ।
👉 इस स्थल से ताँबे के सिक्के, लोहे की भट्टियाँ, पत्थर की ओखली और योगी मुद्रा में शवाधान प्राप्त हुआ।
✍️ सही उत्तर है – वी. एन. मिश्र
गिलुण्ड सभ्यता के अवशेष किस युग के हैं ?
[JEN (विधुत) (डिग्रीधारक) 29.11.2020]
👉 गिलूण्ड सभ्यता राजसमंद जिले में बनास नदी के तट पर स्थित है।
👉 यह स्थल ताम्रपाषाणिक (ताम्रप्रस्तर) युग से संबंधित है।
👉 यहाँ से पाँच प्रकार के मृद्भाण्ड, ताँबे के औज़ार और मिट्टी के खिलौने मिले हैं।
👉 इसका संबंध आहड़ संस्कृति से माना जाता है।
✍️ सही उत्तर है – ताम्रप्रस्तर युग
गिलुण्ड सभ्यता के अवशेष किस युग के हैं ?
[हाथकरघा निरीक्षक (उद्योग) 22.12.2019]
👉 गिलूण्ड सभ्यता राजसमंद जिले में बनास नदी के तट पर स्थित है।
👉 यहाँ से ताम्रपाषाणिक अवशेष प्राप्त हुए हैं।
👉 इस स्थल से ताँबे के औज़ार, मृद्भाण्ड और मिट्टी के खिलौने मिले हैं।
👉 गिलूण्ड को आहड़ संस्कृति से जुड़ा हुआ स्थल माना जाता है।
✍️ सही उत्तर है – ताँबा प्रस्तर युग
आहड़ का प्राचीन नाम था: [*]
[संगणक परीक्षा 03.03.2024]
📌 महत्वपूर्ण सूचना: इस प्रश्न को बोर्ड द्वारा 'डिलीट' या अमान्य घोषित किया गया है।
______की सभ्यता कांटली नदी पर स्थित है।
[REET मुख्य परीक्षा (L -2) 28.02.2023]
👉 गणेश्वर सभ्यता नीमकाथाना जिले की कांतली नदी के मुहाने पर स्थित है।
👉 यहाँ से प्राचीन ताँबे के औज़ार और आभूषण बड़ी मात्रा में मिले हैं।
👉 इस सभ्यता को भारत की ताम्रयुगीन जननी कहा गया है।
👉 सम्पूर्ण सिंधु घाटी क्षेत्र को ताँबे की आपूर्ति यहीं से होती थी।
✍️ सही उत्तर है – गणेश्वर
गणेश्वर सभ्यता किस नदी के किनारे स्थित है ?
[REET मुख्य परीक्षा (L -2) 26.02.2023]
👉 गणेश्वर सभ्यता नीमकाथाना जिले की कांतली नदी के मुहाने पर स्थित है।
👉 यहाँ से प्राचीन ताँबे के औज़ार और आभूषण प्राप्त हुए हैं।
👉 इसे भारत की सबसे पुरानी ताम्रयुगीन सभ्यता माना गया है।
👉 सम्पूर्ण सिंधु घाटी को ताँबे की आपूर्ति यहीं से होती थी।
✍️ सही उत्तर है – कांतली नदी
धूलकोट कहाँ स्थित है ?
[JEN (सिविल) (डिप्लोमा धारक) 06.12.2020]
👉 धूलकोट नाम से प्रसिद्ध स्थल वास्तव में आहड़ सभ्यता है।
👉 यह उदयपुर जिले में आयड़ नदी के किनारे स्थित है।
👉 आहड़ से लाल-काले मृद्भाण्ड, ताँबे के औज़ार और मृतकों के टीले मिले हैं।
👉 इसे ‘ताम्रनगरी’ और ‘बनास संस्कृति’ भी कहा जाता है।
✍️ सही उत्तर है – आहड़
निम्नलिखित में से किस सभ्यता में विकसित एवं सामरिक महत्व की किलेबंदी के अवशेष प्राप्त हुये हैं ?
[कनिष्ठ वैज्ञानिक सहायक (विष) 14.09.2019]
👉 कालीबंगा सभ्यता हनुमानगढ़ जिले में घग्घर नदी के किनारे स्थित है।
👉 यहाँ उत्खनन से दुर्गनुमा नगर और बिना दुर्ग वाला नगर दोनों मिले हैं।
👉 इससे पता चलता है कि यहाँ विकसित और सामरिक महत्व की किलेबंदी थी।
👉 इस स्थल से हल से जुते खेत, अग्निवेदिकाएँ और भूकम्प के प्रमाण भी मिले।
✍️ सही उत्तर है – कालीबंगा
राजस्थान में झुंझुनूं जिले में खेतड़ी तहसील के किस गांव से अयस्क से लोहा बनाने की भट्टियों के अवशेष मिले हैं ?
[वनपाल परीक्षा 06.11.2022]
👉 सुनारी सभ्यता नीमकाथाना जिले की खेतड़ी तहसील में कांतली नदी के किनारे स्थित है।
👉 यहाँ के उत्खनन में प्राचीन लोहा गलाने की भट्टियाँ मिली हैं।
👉 इसी स्थल से भारत का सबसे पहला लोहे का प्याला प्राप्त हुआ।
👉 यहाँ से शंख की चूड़ियाँ और मातृदेवी की मूर्तियाँ भी मिली हैं।
✍️ सही उत्तर है – सुनारी
आहड़ का उत्खनन कार्य किसके नेतृत्व में निष्पादित हुआ ?
[कनिष्ठ अनुदेशक (फिटर) 23.03.2019]
👉 आहड़ सभ्यता उदयपुर जिले में आयड़ नदी के किनारे विकसित हुई थी।
👉 इसका बड़ा उत्खनन कार्य 1961-62 ई. में सम्पन्न हुआ।
👉 इस अभियान का नेतृत्व एच. डी. सांकलिया और वीरेन्द्र नाथ मिश्र ने किया।
👉 यहाँ से लाल-काले मृद्भाण्ड, ताँबे के औज़ार और मृतकों के टीले मिले।
✍️ सही उत्तर है – एच. डी. सांकलिया
निम्नलिखित में से कौन-से स्थल को 'धूलकोट' भी कहा जाता है ?
[पशुधन सहायक (LSA) 21.10.2018]
👉 आहड़ सभ्यता उदयपुर जिले में आयड़ नदी के किनारे विकसित हुई थी।
👉 इसे स्थानीय भाषा में धूलकोट कहा जाता है।
👉 आहड़ से लाल-काले मृद्भाण्ड, ताँबे के औज़ार और मृतकों के टीले प्राप्त हुए हैं।
👉 इसे ‘ताम्रनगरी’ और ‘बनास संस्कृति’ भी कहा जाता है।
✍️ सही उत्तर है – आहड़
बागोर की सभ्यता निम्नलिखित में से किस जिले में स्थित थी ?
[कनिष्ठ वैज्ञानिक सहायक (अस्त्रक्षेप) 21.09.2019]
👉 बागोर सभ्यता राजस्थान के भीलवाड़ा जिले में स्थित है।
👉 यह स्थल कोठारी नदी के किनारे बसा हुआ था।
👉 यहाँ से प्राचीनतम कृषि और पशुपालन के अवशेष प्राप्त हुए हैं।
👉 बागोर को ‘आदिम संस्कृति का संग्रहालय’ भी कहा जाता है।
✍️ सही उत्तर है – भीलवाड़ा
निम्नलिखित में से किस एक अभिकरण ने कालीबंगा के उत्खनन कार्य का उत्तरदायित्व सँभाला?
[CET (10+2 प्रथम चरण) 04.02.2023]
👉 कालीबंगा सभ्यता का उत्खनन कार्य स्वतंत्रता के बाद किया गया।
👉 यह उत्खनन 1961 से 1969 ई. तक नौ सत्रों में सम्पन्न हुआ।
👉 इस कार्य का उत्तरदायित्व भारतीय पुरातत्त्व सर्वेक्षण, नई दिल्ली (ASI) ने सँभाला।
👉 बी. वी. लाल और बी. के. थापर जैसे विद्वानों ने इसमें प्रमुख भूमिका निभाई।
✍️ सही उत्तर है – भारतीय पुरातत्त्व सर्वेक्षण, नई दिल्ली
राजस्थान की कौन सी सभ्यता बनास, बेडच, गंभीरी और कोठारी नदियों के तटों और घाटियों में फैली हुई थी ?
[REET मुख्य परीक्षा (L -2) 26.02.2023]
👉 आहड़ सभ्यता उदयपुर के पास आयड़ नदी के किनारे विकसित हुई थी।
👉 इसे बनास सभ्यता भी कहा जाता है क्योंकि इसका विस्तार बनास नदी की घाटी में था।
👉 इस क्षेत्र में बेडच और कोठारी नदियों के आसपास भी इसके अवशेष मिले हैं।
👉 आहड़ को ‘ताम्रनगरी’ और ‘मृतकों के टीलों की सभ्यता’ भी कहा जाता है।
✍️ सही उत्तर है – आहड़
किस नदी के तट पर गिलूण्ड सभ्यता स्थल स्थित है ?
[प्रयोगशाला सहायक (विज्ञान) 29.06.2022]
👉 गिलूण्ड सभ्यता राजसमंद जिले में स्थित है।
👉 यह स्थल बनास नदी के तट पर अवस्थित है।
👉 यहाँ से पाँच प्रकार के मृद्भाण्ड, ताँबे के औज़ार और मिट्टी के खिलौने मिले हैं।
👉 इसका संबंध आहड़ संस्कृति से माना जाता है।
✍️ सही उत्तर है – बनास
किस सभ्यता में अच्छी विकसित प्राचीर युक्त किलेबंदी के अवशेष मिले हैं ?
[CET (10+2 तृतीय चरण) 05.02.2023]
👉 कालीबंगा सभ्यता हनुमानगढ़ जिले में घग्घर नदी के किनारे स्थित है।
👉 यहाँ उत्खनन में दुर्गनुमा नगर और बिना दुर्ग वाला नगर दोनों मिले हैं।
👉 इससे पता चलता है कि यहाँ प्राचीर युक्त किलेबंदी मौजूद थी।
👉 इसी कारण कालीबंगा को हड़प्पा सभ्यता का एक प्रमुख केन्द्र माना गया।
✍️ सही उत्तर है – कालीबंगा
बालाथल राजस्थान के ऐतिहासिक स्थलों में से एक है, जो कि ____ में स्थित है ।
[कनिष्ठ वैज्ञानिक सहायक (भौतिक) 21.09.2019]
👉 बालाथल सभ्यता राजस्थान के प्रमुख ताम्रपाषाणिक स्थलों में से एक है।
👉 यह स्थल उदयपुर जिले के वल्लभनगर क्षेत्र में स्थित है।
👉 यहाँ उत्खनन कार्य 1993 ई. में वी. एन. मिश्र, वी. एस. शिंदे और आर. के. मोहंती के निर्देशन में हुआ।
👉 यहाँ से ताँबे के सिक्के, लोहे की भट्टियाँ, पत्थर की ओखली और योगी मुद्रा में शवाधान मिले हैं।
✍️ सही उत्तर है – उदयपुर
निम्नलिखित युग्मों में से कौनसा युग्म (पुरास्थल-संबंधित जिला) सुमेलित नहीं है ?
[बेसिक कम्प्यूटर अनुदेशक 18.06.2022]
👉 सुनारी सभ्यता झुंझुनूं जिले की खेतड़ी तहसील में कांतली नदी के किनारे स्थित है।
👉 गिलूण्ड सभ्यता राजसमन्द जिले में बनास नदी के तट पर पाई जाती है।
👉 जोधपुरा सभ्यता जयपुर जिले (कोटपूतली-बहरोड़ क्षेत्र) में साबी नदी के किनारे स्थित है।
👉 लेकिन ओझियाना स्थल चित्तौड़गढ़ में नहीं, बल्कि ब्यावर जिले की बदनौर तहसील (खारी नदी के किनारे) में स्थित है।
✍️ सही उत्तर है – ओझियाना – चित्तौड़गढ़
कालीबंगा वर्तमान गंगानगर जिले में किस नदी के कांठे में स्थित है ?
[प्रयोगशाला सहायक (भूगोल) 30.06.2022]
👉 कालीबंगा सभ्यता राजस्थान के उत्तरी भाग में पाई गई।
👉 यह स्थल वर्तमान हनुमानगढ़ जिले में स्थित है।
👉 कालीबंगा घग्घर नदी के कांठे पर बसा हुआ है।
👉 यहाँ से प्राक् हड़प्पा और हड़प्पा काल दोनों के अवशेष प्राप्त हुए हैं।
✍️ सही उत्तर है – घग्घर
गणेश्वर राजस्थान के किस जिले में स्थित है ?
[आर्थिक अन्वेषक परीक्षा 25.03.2019]
👉 गणेश्वर सभ्यता नीमकाथाना क्षेत्र के रैवासा गाँव में स्थित है।
👉 यह स्थल वर्तमान सीकर जिले में आता है।
👉 यहाँ से सैकड़ों ताँबे के औज़ार और आभूषण मिले हैं।
👉 इसे भारत की सबसे प्राचीन ताम्रयुगीन सभ्यता माना जाता है।
✍️ सही उत्तर है – सीकर
गणेश्वर सभ्यता किस काल से सम्बन्धित हैं ?
[पुस्तकालयाध्यक्ष ग्रेड - III 19.09.2019]
👉 गणेश्वर सभ्यता नीमकाथाना जिले की कांतली नदी के किनारे स्थित है।
👉 यहाँ से सैकड़ों ताँबे के औज़ार और आभूषण प्राप्त हुए हैं।
👉 इसे भारत की सबसे प्राचीन ताम्रयुगीन सभ्यता माना गया है।
👉 इस कारण इसे ‘ताम्रसंचयी संस्कृति’ भी कहा जाता है।
✍️ सही उत्तर है – ताम्र / काँस्य युग
निम्नलिखित में से किस उत्खनन स्थल से चांदी की मुद्रा 'पंचमार्क' प्राप्त हुयी है ?
[PTI ग्रेड -III 30.09.2018]
👉 राजस्थान में कई स्थलों से प्राचीन मुद्राएँ प्राप्त हुई हैं।
👉 बैराठ से अशोककालीन शिलालेख, बौद्ध विहार और स्तूप के साथ-साथ अनेक मुद्राएँ मिली हैं।
👉 यहाँ खुदाई से हाथ से बने सूती कपड़े में बंधी चाँदी की 36 मुद्राएँ प्राप्त हुई थीं।
👉 इनमें आठ पंचमार्क (आहत्) मुद्राएँ और 28 इंडो-ग्रीक शासकों की मुद्राएँ शामिल थीं।
✍️ सही उत्तर है – बैराठ
आहड़ सभ्यता की सर्वप्रथम खुदाई किसने की थी ?
[कनिष्ठ अनुदेशक (कोपा) 24.03.2019]
👉 आहड़ सभ्यता उदयपुर जिले में आयड़ नदी के किनारे स्थित है।
👉 इसका सर्वप्रथम उत्खनन कार्य 1953 ई. में हुआ था।
👉 इस खुदाई का नेतृत्व अक्षय कीर्ति व्यास ने किया था।
👉 बाद में यहाँ 1961-62 ई. में एच. डी. सांकलिया और वीरेन्द्र नाथ मिश्र ने भी उत्खनन किया।
✍️ सही उत्तर है – अक्षय कीर्ति व्यास
निम्नलिखित में से किस संस्कृति को 'बनास संस्कृति' भी कहा जाता है ?
[CET (10+2 षष्टम चरण) 11.02.2023]
👉 आहड़ संस्कृति उदयपुर जिले में आयड़ नदी के किनारे विकसित हुई।
👉 इसका विकास बनास नदी की घाटी में हुआ था।
👉 इस कारण इसे ‘बनास संस्कृति’ भी कहा जाता है।
👉 इसे ‘ताम्रनगरी’ और ‘मृतकों के टीलों की संस्कृति’ भी कहा गया है।
✍️ सही उत्तर है – आहड़ संस्कृति
राजस्थान की किस सभ्यता को “ताम्रसंचयी" के नाम से भी जाना जाता है ?
[शारीरिक शिक्षा अध्यापक 25.09.2022]
👉 गणेश्वर सभ्यता नीमकाथाना जिले की कांतली नदी के किनारे स्थित है।
👉 यहाँ से बड़ी मात्रा में ताँबे के औज़ार और आभूषण प्राप्त हुए हैं।
👉 इसे ‘पूर्व हड़प्पा कालीन’, ‘ताम्रयुगीन सभ्यता’ और ‘ताम्रसंचयी संस्कृति’ भी कहा जाता है।
👉 सम्पूर्ण सिंधु घाटी क्षेत्र को ताँबे की आपूर्ति गणेश्वर से ही होती थी।
✍️ सही उत्तर है – गणेश्वर
राजस्थान में आलनियाँ के प्रागैतिहासिक चित्रों की खोज किसने
[पटवारी मुख्य परीक्षा 24.12.2016]
👉 राजस्थान में आलनियाँ स्थल प्रागैतिहासिक काल से जुड़ा है।
👉 इन चित्रों की खोज डॉ. जगतनारायण ने की थी।
👉 यह खोज राजस्थान की प्रागैतिहासिक कला का प्रमाण है।
✍️ सही उत्तर है – डॉ. जगतनारायण
भीलवाड़ा जिले की _____ नदी पर बागौर स्थित है ।
[कनिष्ठ अनुदेशक (इलेक्ट्रिशियन) 24.03.2019]
👉 बागौर सभ्यता राजस्थान के भीलवाड़ा जिले में स्थित है।
👉 यह स्थल कोठारी नदी के तट पर अवस्थित है।
👉 यहाँ से प्राचीनतम कृषि अवशेष और पशुपालन के प्रमाण मिले हैं।
👉 बागौर को ‘आदिम संस्कृति का संग्रहालय’ भी कहा जाता है।
✍️ सही उत्तर है – कोठारी
निम्नलिखित में से कौन सा स्थान आहड़ सभ्यता से सम्बन्धित नहीं है ?
[CET (10+2 पंचम चरण) 11.02.2023]
👉 आहड़ सभ्यता उदयपुर जिले के पास आयड़ नदी के किनारे विकसित हुई थी।
👉 इसे ‘बनास संस्कृति’, ‘ताम्रनगरी’ और ‘धूलकोट’ भी कहा जाता है।
👉 गिलूण्ड कस्बा बनास नदी के तट पर स्थित है और आहड़ संस्कृति से जुड़ा हुआ स्थल है।
👉 यहाँ से आहड़ जैसी ही मृद्भाण्ड सामग्री और ताम्रपाषाणिक अवशेष मिले हैं।
✍️ सही उत्तर है – आभानेरी
'जुते हुए खेत के साक्ष्य' किस सभ्यता से सम्बन्धित है ?
[कनिप्ठ अनुदेशक (इलेक्ट्रोनिक्स) 23.12.2019]
👉 कालीबंगा सभ्यता हनुमानगढ़ जिले में घग्घर नदी के किनारे स्थित है।
👉 यहाँ के उत्खनन में दक्षिण-पूर्वी भाग से हल से जुते हुए खेत मिले हैं।
👉 इन खेतों में मिश्रित फसल (जौ, गेहूँ, चना, बाजरा और सरसों) के प्रमाण पाए गए।
👉 यह विश्व में खेतों की जुताई का सबसे प्राचीन पुरातात्विक प्रमाण माना जाता है।
✍️ सही उत्तर है – कालीबंगा
भीम की डूंगरी एवं बीजक की पहाड़ी राजस्थान की किस सभ्यता से संबंधित स्थल हैं?
[वनरक्षक (चतुर्थ चरण) 13.11.2022]
👉 भीम की डूंगरी और बीजक की पहाड़ी दोनों स्थल बैराठ सभ्यता से जुड़े हैं।
👉 बैराठ को प्राचीनकाल में विराटनगर कहा जाता था और यह मत्स्य जनपद की राजधानी थी।
👉 यहाँ से मौर्यकालीन अशोक शिलालेख, बौद्ध विहार और भगवान बुद्ध की प्रतिमा मिली है।
✍️ सही उत्तर है – बैराठ सभ्यता
सर्वप्रथम राजस्थान में कहाँ से पूर्वपाषाण कालीन हस्त कुठार (कुल्हाडी) खोज निकाली थी ?
[वनपाल परीक्षा 06.11.2022]
👉 राजस्थान में पूर्वपाषाण काल से संबंधित उपकरणों की खोज की गई थी।
👉 सर्वप्रथम सी. ए. हैकेट ने इन्द्रगढ़ (बूंदी) से हस्त कुठार (कुल्हाड़ी) खोज निकाली थी।
👉 इसी प्रकार विराटनगर (जयपुर ग्रामीण) क्षेत्र से भी ऐसे औज़ार प्राप्त हुए।
👉 इन खोजों से राजस्थान में प्रागैतिहासिक मानव की गतिविधियों के प्रमाण मिलते हैं।
✍️ सही उत्तर है – जयपुर और इन्द्रगढ़
दयाराम साहनी, नीलरत्न बनर्जी एवं कैलाशनाथ दीक्षित की किस सभ्यता के उत्खनन में मुख्य भूमिका रही ?
JEN (विद्युत डिप्लोमाधारक) 19.05.2022
👉 बैराठ सभ्यता को प्राचीनकाल में विराटनगर कहा जाता था।
👉 इस स्थल का उत्खनन सबसे पहले 1936 ई. में दयाराम साहनी ने किया।
👉 इसके बाद 1962-63 ई. में यहाँ उत्खनन कार्य नीलरत्न बनर्जी और कैलाशनाथ दीक्षित के निर्देशन में हुआ।
👉 यहाँ से मौर्यकालीन अशोक शिलालेख, बौद्ध विहार और स्तूप के अवशेष प्राप्त हुए हैं।
✍️ सही उत्तर है – बैराठ
किस सभ्यता में मकान एवं बस्तियाँ बनाने में ईंटों का प्रयोग नहीं होता था ?
[CET (10+2 षष्टम चरण) 11.02.2023]
👉 कालीबंगा सभ्यता में मकान पहले कच्ची और बाद में पक्की ईंटों से बने थे।
👉 आहड़ सभ्यता में मकानों में कच्ची ईंटों का उपयोग हुआ था।
👉 बैराठ सभ्यता में भी मौर्यकालीन स्तूप और भवनों में ईंटें प्रयुक्त थीं।
👉 लेकिन गणेश्वर सभ्यता में मकानों का निर्माण केवल पत्थरों से किया गया, यहाँ ईंटों का प्रयोग नहीं हुआ।
✍️ सही उत्तर है – गणेश्वर
निम्नलिखित में से कौनसा (प्राचीन स्थल-उत्खननकर्ता) सुमेलित नहीं है? [*]
JEN (सिविल डिग्रीधारक) 18.05.2022
📌 महत्वपूर्ण सूचना: इस प्रश्न को बोर्ड द्वारा 'डिलीट' या अमान्य घोषित किया गया है।
गणेश्वर सभ्यता का विकास किस नदी के किनारे हुआ ?
[VDO मुख्य परीक्षा 09.07.2022]
👉 गणेश्वर सभ्यता नीमकाथाना जिले के रैवासा गाँव में स्थित है।
👉 इसका विकास कांतली नदी के किनारे हुआ था।
👉 यहाँ से सैकड़ों ताँबे के औज़ार और आभूषण प्राप्त हुए हैं।
👉 इसे भारत की सबसे प्राचीन ताम्रयुगीन सभ्यता कहा गया है।
✍️ सही उत्तर है – कांतली
निम्नलिखित में से किसने कालीबंगा सभ्यता की खोज की ?
[वनपाल परीक्षा 06.11.2022]
👉 कालीबंगा सभ्यता हनुमानगढ़ जिले में घग्घर नदी के किनारे विकसित हुई थी।
👉 इस सभ्यता की जानकारी सर्वप्रथम डॉ. एल. पी. टैस्सीटोरी ने दी थी।
👉 स्वतंत्र भारत में 1952 ई. में इस पर सर्वप्रथम प्रकाश डॉ. अमलानन्द घोष ने डाला।
👉 इसलिए कालीबंगा को खोजने का श्रेय इन्हीं को दिया जाता है।
✍️ सही उत्तर है – अमलानन्द घोष
कालीबंगा का उत्खनन कार्य कितने स्तरों में किया गया ?
[CET (10+2 चतुर्थ चरण) 05.02.2023]
👉 कालीबंगा हनुमानगढ़ जिले में घग्घर नदी के किनारे स्थित है।
👉 यहाँ का उत्खनन कार्य कुल पाँच स्तरों पर किया गया था।
👉 पहले दो स्तर प्राक् हड़प्पा काल से जुड़े हैं।
👉 तीसरे, चौथे और पाँचवें स्तर की सामग्री हड़प्पा सभ्यता से संबंधित है।
✍️ सही उत्तर है – पाँच
निम्न में से राजस्थान की ताम्र - युगीन सभ्यता में सबसे प्रमुख सभ्यता कौनसी है ?
[सुपरवाईजर परीक्षा 06.01.2019]
👉 राजस्थान में कई ताम्रयुगीन सभ्यताएँ पाई गईं, जिनमें आहड़ का स्थान प्रमुख है।
👉 आहड़ सभ्यता उदयपुर जिले में आयड़ नदी के किनारे विकसित हुई थी।
👉 यहाँ से सर्वाधिक मात्रा में ताँबे के औज़ार और लाल-काले मृद्भाण्ड प्राप्त हुए हैं।
👉 इसे ‘ताम्रनगरी’ और ‘बनास संस्कृति’ भी कहा जाता है।
✍️ सही उत्तर है – आहड़
बालाथल सभ्यता का उत्खनन किसके निर्देशन में हुआ ?
[REET मुख्य परीक्षा (L -2) 27.02.2023]
👉 बालाथल सभ्यता उदयपुर जिले के वल्लभनगर क्षेत्र में स्थित है।
👉 इसकी खोज 1962-63 ई. में वी. एन. मिश्र ने की थी।
👉 यहाँ उत्खनन कार्य 1993 ई. में हुआ।
👉 इस उत्खनन का नेतृत्व डॉ. वी. एन. मिश्र, डॉ. वी. एस. शिंदे और डॉ. आर. के. मोहंती ने किया।
✍️ सही उत्तर है – वी. एन. मिश्र
निम्नलिखित कथनों को पढ़िए
सही कूट चुनिए
[वनरक्षक (प्रथम चरण) 12.11.2022]
👉 पहला कथन गलत है क्योंकि बैराठ (विराटनगर) जोधपुर नहीं बल्कि कोटपूतली-बहरोड़ जिले की सीमा पर स्थित है।
👉 दूसरा कथन सही है क्योंकि बैराठ से मौर्यकालीन अशोक शिलालेख और बौद्ध अवशेष मिले हैं।
👉 यहाँ से भगवान बुद्ध की प्रतिमा और स्तूप भी उत्खनन में प्राप्त हुए।
👉 इस कारण बैराठ को मौर्यकालीन सभ्यता का महत्वपूर्ण केन्द्र माना जाता है।
✍️ सही उत्तर है – केवल कथन ii सत्य है।
गणेश्वर सभ्यता का सम्बन्ध किस नदी से है ?
[कनिप्ठ अनुदेशक (वायरमैन) 24.12.2019]
👉 गणेश्वर सभ्यता नीमकाथाना क्षेत्र के रैवासा गाँव में स्थित है।
👉 यह स्थल कांतली नदी के मुहाने पर बसा हुआ है।
👉 यहाँ से बड़ी मात्रा में ताँबे के औज़ार और आभूषण प्राप्त हुए हैं।
👉 गणेश्वर को ‘ताम्रयुगीन सभ्यता की जननी’ भी कहा जाता है।
✍️ सही उत्तर है – कांतली
गणेश्वर सभ्यता का उत्खनन किसके निर्देशन में हुआ ?
[प्रयोगशाला सहायक (विज्ञान) 29.06.2022]
👉 गणेश्वर सभ्यता नीमकाथाना जिले की कांतली नदी के किनारे स्थित है।
👉 इसकी खोज 1972 ई. में रतनचन्द्र अग्रवाल ने की थी।
👉 1977 ई. में उत्खनन कार्य रतनचन्द्र अग्रवाल और विजय कुमार के निर्देशन में हुआ।
👉 यहाँ से बड़ी मात्रा में ताँबे के औज़ार और आभूषण प्राप्त हुए हैं।
✍️ सही उत्तर है – आर. सी. अग्रवाल
बूढ़ा पुष्कर, होकरा, जायल पुरास्थल किस काल से संबंधित हैं?
[वरिष्ठ कम्प्यूटर अनुदेशक 19.06.2022]
👉 राजस्थान में कई प्रागैतिहासिक पुरास्थल खोजे गए हैं।
👉 बूढ़ा पुष्कर, होकड़ा और जायल को मध्य पुरापाषाण काल से संबंधित माना गया है।
👉 यहाँ से पाषाण के बने औज़ार और प्राचीन मानव के निवास के प्रमाण मिले हैं।
✍️ सही उत्तर है – पुरापाषाण काल से
कालीबंगा से हडप्पा पूर्व की सभ्यता के मिलते-जुलते अवशेष पाकिस्तान में किस स्थान पर मिले हैं
[कनिष्ठ अनुदेशक (कोपा) 24.03.2019]
👉 कालीबंगा सभ्यता से प्राप्त अवशेषों की तुलना पाकिस्तान के एक अन्य स्थल से की गई है।
👉 यह स्थल कोट डीजी है, जहाँ से प्राक् हड़प्पा सभ्यता के अवशेष मिले हैं।
👉 कालीबंगा और कोट डीजी दोनों स्थलों की सामग्री में समानताएँ पाई गई हैं।
👉 इसलिए कालीबंगा को प्राक् हड़प्पा और हड़प्पा — दोनों कालों से संबंधित माना जाता है।
✍️ सही उत्तर है – कोट डीजी
निम्न में से कौन सा एक कालीबंगा सभ्यता से सम्बंधित नहीं है ?
[REET मुख्य परीक्षा (L -2) 25.02.2023]
👉 कालीबंगा से मिट्टी की ईंटों के घर मिले हैं, जिन्हें ‘दीनहीन बस्ती’ भी कहा गया।
👉 यहाँ दुर्गनुमा नगर के अवशेष और समाज का दुर्गीकरण देखने को मिला।
👉 खुदाई में लकड़ी व पक्की ईंटों से बने अग्निकुण्ड प्राप्त हुए।
👉 लेकिन यहाँ से लोहे के उपकरण नहीं मिले हैं।
✍️ सही उत्तर है – लोहे के उपकरण
गणेश्वर की सभ्यता _____ में स्थित थी ।
[कनिष्ठ वैज्ञानिक सहायक (रसायन) 14.09.2019]
👉 गणेश्वर सभ्यता नीमकाथाना क्षेत्र के रैवासा गाँव में स्थित थी।
👉 यह स्थल वर्तमान सीकर जिले में आता है।
👉 यहाँ से बड़ी मात्रा में ताँबे के औज़ार और आभूषण प्राप्त हुए।
👉 इसे भारत की सबसे प्राचीन ताम्रयुगीन सभ्यता माना गया है।
✍️ सही उत्तर है – सीकर
निम्नलिखित में से कौन सा कथन 'कालीबंगा सभ्यता' के विषय में सही नहीं है? [*]
[CET (स्नातक) (चरण -III) 08.01.2023]
📌 महत्वपूर्ण सूचना: इस प्रश्न को बोर्ड द्वारा 'डिलीट' या अमान्य घोषित किया गया है।
1950-53 में कालीबंगा के उत्खनन कार्य में जिस पुरातत्ववेत्ता का प्रमुख योगदान रहा, वह है
[REET मुख्य परीक्षा (L -2) 26.02.2023]
👉 कालीबंगा हनुमानगढ़ जिले में स्थित एक प्रमुख हड़प्पा सभ्यता स्थल है।
👉 इसकी जानकारी सर्वप्रथम एल. पी. टैस्सीटोरी ने दी थी।
👉 स्वतंत्र भारत में कालीबंगा सभ्यता पर प्रकाश सर्वप्रथम 1952 ई. में डॉ. अमलानन्द घोष ने डाला।
👉 इन्हें ही कालीबंगा सभ्यता का प्रथम खोजकर्ता माना जाता है।
✍️ सही उत्तर है – अमलानन्द घोष
आहड़ का उत्खनन कार्य किसके नेतृत्व में सम्पादित हुआ था ?
[CET (10+2 द्वितीय चरण) 04.02.2023]
👉 आहड़ सभ्यता उदयपुर के पास आयड़ नदी के किनारे विकसित हुई।
👉 इसका प्रमुख उत्खनन कार्य 1961-62 ई. में किया गया।
👉 इस अभियान का नेतृत्व एच. डी. सांकलिया और वीरेन्द्र नाथ मिश्र ने किया।
👉 उत्खनन के दौरान यहाँ से लाल-काले मृद्भाण्ड और ताँबे के औज़ार बड़ी मात्रा में मिले।
✍️ सही उत्तर है – एच. डी. सांकलिया
राजस्थान के निम्न में से किस जिले में कालीबंगा स्थित है ?
छात्रावास अधी. Minority 30.08.2024
👉 कालीबंगा राजस्थान का एक प्रमुख स्थल है, जो सिंधु घाटी सभ्यता से जुड़ा हुआ है।
👉 यह स्थान हनुमानगढ़ जिले में, घग्घर नदी के तट पर अवस्थित है।
👉 यहाँ से प्राक् हड़प्पा और हड़प्पा – दोनों काल के अवशेष प्राप्त हुए हैं।
👉 कालीबंगा का अर्थ है काले रंग की चूड़ियाँ।
✍️ सही उत्तर है – हनुमानगढ़
निम्नलिखित में से किस पुरातात्विक स्थल से यूनानी शासक मीनांडर की मुद्राएँ प्राप्त हुई हैं?
[CET (स्नातक) (चरण -II) 07.01.2023]
👉 बैराठ (विराटनगर) से अनेक प्रकार की मुद्राएँ मिली हैं।
👉 यहाँ से हूण शासक मिहिरकुल, तोरमाण, यूनानी शासक मीनांडर, अशोक के पंचमार्क सिक्के और अन्य मुद्राएँ प्राप्त हुईं।
👉 उत्खनन में स्वर्ण मंजूषा, बौद्ध स्तूप और बौद्ध विहार भी मिले हैं।
👉 बैराठ को ‘प्राचीन युग की चित्रशाला’ भी कहा गया है।
✍️ सही उत्तर है – बैराठ
राजस्थान का यह स्थान जो पहले विराटनगर से जाना जाता था जहाँ पर पांडवों ने अज्ञातवास का एक वर्ष बिताया था, आज किस नाम से जाना जाता है ?
[स्टेनोग्राफर परीक्षा 21.03.2021]
👉 प्राचीनकाल में विराटनगर मत्स्य जनपद की राजधानी था।
👉 महाभारत काल में पांडवों ने यहाँ अपना एक वर्ष का अज्ञातवास बिताया था।
👉 इस विराटनगर को आज बैराठ के नाम से जाना जाता है।
👉 यहाँ से मौर्यकालीन अशोक शिलालेख और बौद्ध अवशेष प्राप्त हुए हैं।
✍️ सही उत्तर है – बैराठ
निम्नलिखित में से कौनसा काल कालीबंगा सभ्यता से सम्बन्धित हैं ?
[सुपरवाईजर परीक्षा 06.01.2019]
👉 कालीबंगा सभ्यता हनुमानगढ़ जिले में घग्घर नदी के तट पर विकसित हुई।
👉 इसका विकास लगभग 2400 ई.पू. से 2250 ई.पू. के मध्य माना गया है।
👉 यहाँ से प्राक् हड़प्पा और हड़प्पा सभ्यता — दोनों कालीन अवशेष मिले हैं।
👉 हल से जुते खेत, अग्निवेदिकाएँ और लकड़ी की नालियाँ इसकी विशेष खोजें हैं।
✍️ सही उत्तर है – 2500 ई.पू. से 1500 ई.पू.
300 ई. पू. से 300 ई. तक के काल के राजस्थान में गोल चैत्य कहाँ मिला है ?
[REET मुख्य परीक्षा (L -2) 28.02.2023]
👉 बैराठ सभ्यता से भारत का सबसे प्राचीन बौद्ध विहार और स्तूप मिले हैं।
👉 यहाँ से गोल चैत्यगृह प्राप्त हुआ है, जो 300 ई. पू. से 300 ई. तक के काल का है।
👉 इस स्थल से अशोककालीन शिलालेख और भगवान बुद्ध की मथुरा शैली की प्रतिमा भी मिली है।
👉 बैराठ को प्राचीन युग की चित्रशाला भी कहा गया है।
✍️ सही उत्तर है – बैराठ
प्राचीन ऐतिहासिक स्थल आश्रम पट्टन की आधुनिक पहचान है
[बेसिक कम्प्यूटर अनुदेशक 18.06.2022]
👉 केशवरायपाटन को प्राचीन समय में "आश्रम पटन" कहा जाता था।
👉 यहाँ का प्रसिद्ध केशव राय मंदिर चम्बल नदी के तट पर स्थित है।
👉 यह मंदिर भगवान विष्णु को समर्पित है।
👉 राव राजा छत्रसाल ने 1641 ई. में इसे बूंदी में बनवाया।
👉 छत्रसाल के पुत्र राव भाओसिंह को गद्दी पर बैठाया गया।
✍️ सही उत्तर है – केशवरायपाटन
निम्नलिखित में से कौनसा बनास संस्कृति का स्थल नहीं है?
[पुस्तकालयाध्यक्ष ग्रेड -II 11.09.2022]
👉 गिलूण्ड राजसमंद जिले में बनास नदी के तट पर स्थित है और आहड़ (बनास) संस्कृति से जुड़ा है।
👉 बालाथल उदयपुर जिले का स्थल है, यह भी आहड़ (बनास) संस्कृति का हिस्सा है।
👉 👉 तिलवाड़ा बालोतरा जिले में लूनी नदी के किनारे स्थित उत्तर पाषाण कालीन/नव पाषाण कालीन स्थल है|
👉 इसलिए यह बनास संस्कृति का स्थल नहीं है।
✍️ सही उत्तर है – तिलवाड़ा
निम्न में से कौन सा राजस्थान की आहड़-बनास संस्कृति का प्रमुख स्थल नहीं है ?
[JEN (सिविल) (डिग्रीधारक) 12.09.2021]
👉 गिलूण्ड राजसमंद जिले में बनास नदी के तट पर स्थित है और आहड़-बनास संस्कृति का हिस्सा है।
👉 बालाथल उदयपुर जिले का प्रमुख स्थल है और यह भी आहड़-बनास संस्कृति से जुड़ा है।
👉 ओझियाना भी आहड़ संस्कृति से संबंधित स्थल है जहाँ से लाल-काले मृद्भाण्ड मिले हैं।
👉 लेकिन लोथल गुजरात में स्थित है और यह सिंधु घाटी सभ्यता का हिस्सा है, आहड़-बनास संस्कृति से नहीं।
✍️ सही उत्तर है – लोथल
निम्नलिखित में से किसे सिन्धु सरस्वती सभ्यता का एक महत्वपूर्ण केन्द्र कहा जाता है ?
[REET मुख्य परीक्षा (L -2) 28.02.2023]
👉 कालीबंगा हनुमानगढ़ जिले में घग्घर नदी के किनारे स्थित है।
👉 यहाँ से प्राक् हड़प्पा और हड़प्पा – दोनों काल के अवशेष प्राप्त हुए हैं।
👉 इस स्थल से हल से जुते खेत, अग्निवेदिकाएँ, लकड़ी की नालियाँ और भूकम्प के प्रमाण जैसी विशेष खोजें हुई हैं।
👉 इसे "काले रंग की चूड़ियाँ" कहा जाता है और यह स्वतंत्र भारत का दूसरा बड़ा पुरातात्विक स्थल है।
✍️ सही उत्तर है – कालीबंगा
निम्नलिखित में से किस सभ्यता में आवास एवं बस्तियां बनाने में ईंटों का प्रयोग नहीं होता था ?
[CET (10+2 प्रथम चरण) 04.02.2023]
👉 नोह सभ्यता में मकान पक्की ईंटों से बने थे।
👉 कालीबंगा सभ्यता में पहले कच्ची और बाद में पक्की ईंटों का प्रयोग हुआ।
👉 लेकिन गणेश्वर सभ्यता में मकान केवल पत्थरों से बने थे, यहाँ ईंटों का प्रयोग नहीं हुआ।
✍️ सही उत्तर है – गणेश्वर
निम्नलिखित में से, बौद्ध धर्म से सम्बन्धित पुरातात्विक अवशेष कहाँ मिले हैं?
[CET (स्नातक) (चरण -III) 08.01.2023]
👉 बैराठ (विराटनगर) से मौर्यकालीन अशोक शिलालेख, बौद्ध विहार और स्तूप के अवशेष मिले हैं।
👉 यहाँ 1999 ई. में बीजक की पहाड़ी से बौद्ध विहार और हीनयान शाखा से संबंधित स्तूप प्राप्त हुआ।
👉 इस स्थल को भारत में सबसे प्राचीन भगवान बुद्ध की प्रतिमा का केन्द्र भी माना गया है।
👉 ह्वेनसांग ने भी बैराठ में आठ बौद्ध विहार होने का उल्लेख किया है।
✍️ सही उत्तर है – बैराठ (विराट नगर)