1932 में राजस्थान का मेव किसान आंदोलन किसके नेतृत्व में प्रारम्भ हुआ ?
[पटवार (चतुर्थ चरण) 24.10.2021]
👉 मेव किसान आन्दोलन मुख्य रूप से अलवर व भरतपुर राज्यों में हुआ।
👉 यह आन्दोलन अंग्रेजों की शोषणकारी नीतियों के विरोध में शुरू हुआ।
👉 1932 ई. में अलवर राज्य में इस आन्दोलन का नेतृत्व डॉ. मोहम्मद हादी ने किया।
👉 किसानों ने उनके नेतृत्व में अन्यायपूर्ण करों व अत्याचारों का विरोध किया।
👉 बाद में यह आन्दोलन पूरे मेवात क्षेत्र में फैल गया।
✍️ सही उत्तर है – डॉ. मोहम्मद हादी
मानगढ़ नरसंहार कब हुआ था ?
VDO Pre. (चतुर्थ चरण) 28.12.2021
👉 मानगढ़ पहाड़ी पर गोविन्द गुरु ने भीलों को संगठित किया।
👉 उन्होंने अपने अनुयायियों के साथ अधिकारों की माँग की।
👉 अंग्रेजी फौजों ने भीलों को घेरकर हमला कर दिया।
👉 17 नवम्बर, 1913 को भयंकर मानगढ़ नरसंहार हुआ।
👉 इसमें लगभग 1500 भील मारे गए और अनेक घायल हुए।
✍️ सही उत्तर है – 17 नवम्बर, 1913
मेरवाड़ा बटालियन का मुख्यालय 1822 ई. में कहाँ स्थापित किया गया ?
[कनिष्ठ अनुदेशक (वेल्डर) 07.01.2025]
👉 अंग्रेजों ने मेरों को नियंत्रित करने के लिए मेरवाड़ा बटालियन बनाई।
👉 इस बटालियन में मेरों को ही भर्ती किया गया।
👉 1822 ई. में इसका गठन किया गया था।
👉 इसका मुख्यालय ब्यावर में स्थापित किया गया।
👉 इसी के माध्यम से अंग्रेजों ने मेर क्षेत्र पर अपना नियंत्रण मजबूत किया।
✍️ सही उत्तर है – ब्यावर
निम्न लिखित में से कौन सी घटना को महात्मा गांधी ने डायर के
[प्रयोगशाला सहायक 13.11.2016]
👉 अलवर रियासत में किसानों पर अत्याचार और अन्याय बढ़ गया।
👉 किसानों ने इसके विरोध में संगठित होकर आन्दोलन किया।
👉 14 मई, 1925 को अलवर के नीमूचाणा गाँव में भयंकर गोलीकांड हुआ।
👉 इस घटना को महात्मा गांधी ने डायर कृत्य से भी दुगना वीभत्स कहा।
👉 इसीलिए नीमूचाणा घटना राजस्थान के किसान आन्दोलन में विशेष महत्व रखती है।
✍️ सही उत्तर है – नीमूचाणा घटना, मई 1925
'सम्प सभा' की स्थापना किसने की थी ?
[REET मुख्य परीक्षा (L -2) 27.02.2023]
👉 भीलों के भगत आंदोलन के प्रणेता गोविन्द गिरि थे।
👉 उन्होंने 1883 ई. में सिरोही में सम्प सभा (प्रेम सभा) की स्थापना की।
👉 इसके माध्यम से उन्होंने सामाजिक सुधार और आध्यात्मिक शिक्षा का प्रसार किया।
👉 गोविन्द गिरि ने बेड़सा में धूनी स्थापित कर भीलों को संगठित किया।
👉 सम्प सभा का पहला अधिवेशन 1903 ई. में मानगढ़ पहाड़ी पर हुआ।
✍️ सही उत्तर है – गोविंद गुरु
डूंगरपुर एवं बांसवाड़ा राज्यों / रियासतों में किसके नेतृत्व में भील आन्दोलन प्रारम्भ हुआ ?
[कनिष्ठ अनुदेशक (MNV) 07.01.2025]
👉 डूंगरपुर और बाँसवाड़ा क्षेत्रों में भीलों ने अन्याय और शोषण के विरुद्ध आन्दोलन किया।
👉 इस आन्दोलन का नेतृत्व प्रमुख आदिवासी नेता गोविन्द गिरि ने किया।
👉 उन्होंने भीलों को सामाजिक सुधार और धार्मिक शिक्षा दी।
👉 मानगढ़ पहाड़ी पर उनके नेतृत्व में भीलों का संगठित आन्दोलन हुआ।
👉 इसलिए डूंगरपुर व बाँसवाड़ा में भील आन्दोलन के नेता गोविन्द गिरि थे।
✍️ सही उत्तर है – गोविन्द गिरि
1924 में किस राज्य द्वारा जरायमपेशा कानून पारित किया गया ?
[NHM Programme Officer 04.06.2025]
👉 वर्ष 1924 ई. में जयपुर राज्य द्वारा जरायमपेशा कानून पारित किया गया था।
👉 इस कानून का उद्देश्य अपराधी जनजातियों की गतिविधियों पर नियंत्रण रखना था।
👉 इसके तहत कई जनजातियों को जरायमपेशा (अपराध प्रवृत्त) घोषित किया गया।
✍️ सही उत्तर है – जयपुर
कालीबाई राजस्थान के किस आंदोलन से संबंधित है ?
[पुस्तकालयाध्यक्ष ग्रेड - III 19.09.2019]
👉 कालीबाई राजस्थान की एक साहसी आदिवासी थी।
👉 उन्होंने शिक्षा और न्याय की रक्षा के लिए अपना बलिदान दिया।
👉 वे भीलों के संघर्ष और जागृति से जुड़ी रहीं।
👉 उनका सम्बन्ध रस्तापाल आन्दोलन से था।
👉 इस आन्दोलन में कालीबाई ने शहादत दी।
✍️ सही उत्तर है – रस्तापाल आंदोलन
किस नरसंहार को राजस्थान का 'जलियाँवाला बाग' कहते हैं?
[कृषि पर्यवेक्षक परीक्षा 18.09.2021]
👉 मानगढ़ पहाड़ी पर गोविन्द गुरु ने भीलों को संगठित किया।
👉 17 नवम्बर, 1913 को अंग्रेजी सेना ने भीलों पर आक्रमण किया।
👉 इसमें लगभग 1500 भील मारे गए और अनेक घायल हुए।
👉 इस घटना को इतिहास में मानगढ़ नरसंहार कहा जाता है।
👉 इसे ही राजस्थान का 'जलियांवाला बाग हत्याकाण्ड' माना जाता है।
✍️ सही उत्तर है – मानगढ़ (बांसवाड़ा)
सीकर आंदोलन की उल्लेखनीय महिला नेता कौन थी ?
[SI मोटर वाहन 12.02.2022]
👉 सीकर आन्दोलन किसानों पर हो रहे अत्याचारों के विरोध में हुआ।
👉 इस आन्दोलन में महिलाओं ने भी सक्रिय भूमिका निभाई।
👉 इसमें प्रमुख नेतृत्व श्रीमती किशोरी देवी ने किया।
👉 उन्होंने महिलाओं को संगठित कर आन्दोलन को नई दिशा दी।
👉 इस कारण उन्हें सीकर आन्दोलन की उल्लेखनीय महिला नेता माना जाता है।
✍️ सही उत्तर है – किशोरी देवी
मेवाड़ में 1881 का भील विद्रोह कहाँ से शुरू हुआ ?
[वनपाल परीक्षा 06.11.2022]
👉 1881 ई. में मेवाड़ राज्य में भीलों का बड़ा विद्रोह हुआ।
👉 यह विद्रोह बारापाल क्षेत्र से आरम्भ हुआ।
👉 यहाँ के भीलों ने पुलिस चौकी व थाने पर आक्रमण किया।
👉 थानेदार सुन्दरलाल सहित अनेक सिपाहियों को मार दिया गया।
👉 इसके बाद यह विद्रोह पूरे भोमट क्षेत्र में फैल गया।
✍️ सही उत्तर है – बारापाल
सुर्जी भगत राजस्थान की किस जनजाति के धार्मिक- सामाजिक सुधारक नेता थे ?
[JEN (विधुत) (डिग्रीधारक) 29.11.2020]
👉 सुर्जी भगत एक प्रमुख धार्मिक व सामाजिक सुधारक थे।
👉 उन्होंने गुरु गोविन्द गिरि के साथ मिलकर काम किया।
👉 सुर्जी भगत ने भील जनजाति को संगठित करने में योगदान दिया।
👉 उन्होंने भीलों में सुधार और जागरूकता फैलाने का कार्य किया।
👉 इस कारण वे भील जनजाति के सुधारक नेता माने जाते हैं।
✍️ सही उत्तर है – भील
“भगत आन्दोलन" किस क्षेत्र में शुरु हुआ था ?
[JEN (Civil Degree) 21.08.2016]
👉 भील समाज में धार्मिक सुधार और सामाजिक जागृति लाने हेतु आन्दोलन चला।
👉 इस आन्दोलन को गुरु गोविन्द गिरि ने नेतृत्व प्रदान किया।
👉 यह आन्दोलन भीलों के बीच भगत आन्दोलन के नाम से प्रसिद्ध हुआ।
👉 इसकी शुरुआत डूंगरपुर और बाँसवाड़ा क्षेत्र में हुई।
👉 बाद में यह आन्दोलन सीमावर्ती गुजरात तक फैल गया।
✍️ सही उत्तर है – डूंगरपुर – बाँसवाड़ा
राजस्थान में भील और गरासिया लोगों को संगठित करने के लिए सम्प सभा की स्थापना की थी
[स्टेनोग्राफर परीक्षा 21.03.2021]
👉 भील और गरासिया आदिवासी समाज को संगठित करने का कार्य गोविन्द गिरि ने किया।
👉 इसके लिए उन्होंने 1883 ई. में सिरोही में सम्प सभा की स्थापना की।
👉 सम्प सभा के माध्यम से उन्होंने सामाजिक सुधार और धार्मिक शिक्षा का प्रसार किया।
👉 इस संगठन ने आदिवासियों को एकजुट कर उन्हें आन्दोलन की राह दिखाई।
👉 बाद में इसका पहला अधिवेशन 1903 ई. में मानगढ़ पहाड़ी पर हुआ।
✍️ सही उत्तर है – गोविन्द गिरि
किसकी अध्यक्षता में मीणा जाति का एक विशाल सम्मेलन अप्रैल 1944 में नीमकाथाना में आयोजित हुआ था?
JEN (विद्युत डिप्लोमाधारक) 19.05.2022
👉 मीणा समाज ने अपने अधिकारों व सुधारों हेतु कई संगठन बनाए।
👉 7 अप्रैल, 1944 ई. को नीमकाथाना में एक विशाल सम्मेलन आयोजित हुआ।
👉 इस सम्मेलन की अध्यक्षता जैन मुनि मगनसागर जी महाराज ने की।
👉 इसी सम्मेलन में ‘जयपुर राज्य मीणा सुधार समिति’ की स्थापना हुई।
👉 इस समिति ने जरायम पेशा कानून के विरोध में आंदोलन का निर्णय लिया।
✍️ सही उत्तर है – मगनसागर जी महाराज
गोविन्द गिरि ने किस सभा की स्थापना की ?
[कनिष्ठ अनुदेशक (इलेक्ट्रिशियन) 24.03.2019]
👉 गोविन्द गिरि ने भीलों में सामाजिक सुधार और धार्मिक जागृति का कार्य किया।
👉 इसके लिए उन्होंने 1883 ई. में सिरोही में सम्प सभा की स्थापना की।
👉 सम्प सभा ने आदिवासियों में एकता और सुधार चेतना पैदा की।
👉 इसका पहला अधिवेशन 1903 ई. में मानगढ़ पहाड़ी पर हुआ।
✍️ सही उत्तर है – सम्प सभा
"सम्प सभा" किसने स्थापित की थी?
[REET Mains (L-2) SST 18.01.2026]
🔹 व्याख्या
👉
सम्प
सभा की
स्थापना गोविंद
गुरु
(गोविंद
गिरि)
ने
की थी।
👉
इसकी
स्थापना
वर्ष 1883
में
सिरोही
में हुई।
👉
इसका
उद्देश्य भील
समुदाय
में सामाजिक
सुधार
लाना था।
👉
साथ
ही उन्हें धार्मिक
व नैतिक
रूप से एकजुट
करना था।
✍️ सही उत्तर है – गोविंद गुरु
बरड़ किसान आन्दोलन को संगठित करने वाला राजस्थान सेवा संघ हाडौती की शाखा का नेता कौन था ?
[हाथकरघा निरीक्षक (उद्योग) 22.12.2019]
👉 बरड़ किसान आन्दोलन बूँदी रियासत के किसानों का बड़ा संघर्ष था।
👉 इसे संगठित करने में राजस्थान सेवा संघ की हाड़ौती शाखा ने योगदान दिया।
👉 इस शाखा का नेतृत्व नयनूराम शर्मा के हाथों में था।
👉 उन्होंने किसानों को एकजुट कर आन्दोलन को दिशा दी।
👉 नयनूराम शर्मा इस आन्दोलन के प्रमुख नेता बने।
✍️ सही उत्तर है – नयनूराम शर्मा
एकी आन्दोलन की शुरुआत 1921 ई. मोतीलाल तेजावत ने कहाँ से शुरु की थी ?
JEN (विद्युत/यांत्रिक, डिग्री) 20.05.2022
👉 मोतीलाल तेजावत ने 1921 ई. में आदिवासियों को संगठित कर एकी आन्दोलन चलाया।
👉 इस आन्दोलन का उद्देश्य करों की समाप्ति और बेगार प्रथा के विरोध** से था।
👉 इसकी शुरुआत चित्तौड़गढ़ जिले के मातृकुण्डिया गाँव से हुई।
👉 यहाँ से भीलों ने अन्यायपूर्ण करबंदी और बेगार देना बन्द कर दिया।
👉 मातृकुण्डिया से प्रारम्भ होकर यह आन्दोलन पूरे भोमट क्षेत्र में फैल गया।
✍️ सही उत्तर है – मातृकुण्डिया
गोविन्द गुरु ने भीलों को संगठित करने के लिए कौन सा संगठन स्थापित किया था ?
[प्रयोगशाला सहायक (गृह विज्ञान) 30.06.2022]
👉 गोविन्द गुरु ने भीलों में सुधार और जागरूकता फैलाने का बीड़ा उठाया।
👉 इसके लिए उन्होंने 1883 ई. में सिरोही में सम्प सभा की स्थापना की।
👉 इस संगठन के माध्यम से भीलों को सामाजिक व धार्मिक शिक्षा दी गई।
👉 इसका पहला अधिवेशन 1903 ई. में मानगढ़ पहाड़ी पर हुआ।
✍️ सही उत्तर है – सम्प सभा
“शेखावटी जकात आन्दोलन का नेतृत्व किसने किया ?
[JEN (Civil Diploma) 21.08.2016]
👉 शेखावाटी क्षेत्र में किसानों व व्यापारियों से जबरन जकात कर वसूला जाता था।
👉 इस अन्यायपूर्ण कर के विरोध में जकात आन्दोलन चलाया गया।
👉 आन्दोलन का नेतृत्व प्रसिद्ध नेता पं. नरोत्तम लाल जोशी ने किया।
👉 उनके नेतृत्व में जनता ने जकात कर न देने का संकल्प लिया।
👉 इससे शेखावाटी क्षेत्र में कर विरोध की एकता मजबूत हुई।
✍️ सही उत्तर है – पं. नरोत्तम लाल जोशी
सम्प सभा की स्थापना किसने की थी ?
[हाथकरघा निरीक्षक (उद्योग) 22.12.2019]
👉 भीलों में सामाजिक सुधार और जागरूकता फैलाने का कार्य किया गया।
👉 इसके लिए 1883 ई. में सिरोही में सम्प सभा की स्थापना की गई।
👉 इस संगठन के संस्थापक आदिवासी नेता गुरु गोविन्द गिरि थे।
👉 इसका पहला अधिवेशन 1903 ई. में मानगढ़ पहाड़ी पर हुआ।
✍️ सही उत्तर है – गुरु गोविन्द गिरि
एकी आंदोलन के नेता कौन थे ?
पशुधन सहायक (LSA) 04.06.2022
👉 एकी आन्दोलन भीलों के भोमट क्षेत्र में चलाया गया।
👉 इस आन्दोलन का उद्देश्य अत्यधिक करों और बेगार प्रथा को समाप्त करना था।
👉 इसका नेतृत्व आदिवासी मसीहा मोतीलाल तेजावत ने किया।
👉 तेजावत ने 21 सूत्री माँग पत्र ‘मेवाड़ पुकार’ प्रस्तुत किया।
👉 उनके नेतृत्व में भीलों ने करबंदी और बेगार विरोध का निर्णय लिया।
✍️ सही उत्तर है – मोतीलाल तेजावत
गोविन्द गिरि की गतिविधियों का केन्द्र 1911 और 1912 ई. में _______था।
[REET मुख्य परीक्षा (L -2) 28.02.2023]
👉 गोविन्द गिरि ने भीलों में सामाजिक व धार्मिक जागृति फैलाने का कार्य किया।
👉 1911 ई. में वे डूंगरपुर स्थित अपने मूल स्थान बेडसा लौट आए।
👉 यहाँ उन्होंने पुनः धूनी स्थापित कर भगत पंथ की शुरुआत की।
👉 प्रत्येक गाँव में धूनी व कोतवाल नियुक्त कर उन्होंने संगठन को और मजबूत किया।
👉 इस प्रकार 1911-12 ई. में उनकी गतिविधियों का मुख्य केन्द्र बेडसा रहा।
✍️ सही उत्तर है – बेडसा
गोविन्दगिरि नें भीलों में सामाजिक और राजनीतिक चेतना जागृत करने के लिए 1883 ई. में_________ की स्थापना करी।
[NHM Administrator 06.06.2025]
👉 गोविन्द गिरी ने वर्ष 1883 ई. में ‘सम्प सभा’ की स्थापना कर भीलों में सामाजिक और राजनीतिक चेतना जागृत की।
👉 उन्होंने भगत आंदोलन का सूत्रपात किया और भीलों को धार्मिक, सामाजिक तथा नैतिक सुधारों के लिए प्रेरित किया।
👉 उन्होंने आदिवासियों के एकत्व हेतु मानगढ पहाड़ी पर यज्ञ और हवन का आयोजन किया।
👉 वर्ष 1903 ई. में मानगढ हिल्स में सभा का पहला यज्ञ आयोजित किया गया।
👉 बाद में ब्रिटिश सेना ने इस आंदोलन को दमनकारी कार्रवाई से कुचल दिया, जिसमें लगभग 1500 भील शहीद हुए।
✍️ सही उत्तर है – सम्प सभा
एक्की आन्दोलन के प्रणेता का नाम क्या था ?
[अन्वेषक परीक्षा 21.08.2016]
👉 एकी आन्दोलन भीलों द्वारा अत्याचारों और अन्यायपूर्ण करों के विरोध में शुरू किया गया।
👉 इस आन्दोलन में किसानों और आदिवासियों ने बेगार और करबंदी का विरोध किया।
👉 इस आन्दोलन के प्रणेता आदिवासी नेता मोतीलाल तेजावत थे।
👉 उन्होंने 21 सूत्रीय माँग पत्र 'मेवाड़ पुकार' प्रस्तुत किया।
👉 तेजावत को भील समाज का मसीहा और आन्दोलन का प्रणेता माना गया।
✍️ सही उत्तर है – मोतीलाल तेजावत
गोविन्दगिरि के नेतृत्व में भील आंदोलन को दबाने के लिए मानगढ़ का जनसंहार किस वर्ष हुआ था ?
[पशुधन सहायक (LSA) 21.10.2018]
👉 गोविन्द गिरि ने भीलों को संगठित कर सामाजिक व धार्मिक जागृति पैदा की।
👉 उनकी बढ़ती लोकप्रियता से अंग्रेज और रियासतें चिंतित हुईं।
👉 अंग्रेजी सेना ने मानगढ़ पहाड़ी को घेरकर हमला किया।
👉 यह भयंकर जनसंहार 1913 ई. में हुआ।
👉 इसमें लगभग 1500 भील मारे गए और अनेक घायल हुए।
✍️ सही उत्तर है – 1913
राजस्थान में 'एकी आन्दोलन' की शुरुआत किसने की ?
[JEN (यांत्रिक डिप्लोमा) 21.08.2016]
👉 राजस्थान में आदिवासियों ने अन्यायपूर्ण करों और बेगार प्रथा के विरुद्ध संघर्ष किया।
👉 इस संघर्ष को संगठित कर एकी आन्दोलन के रूप में प्रारम्भ किया गया।
👉 इस आन्दोलन की शुरुआत आदिवासी नेता मोतीलाल तेजावत ने की।
👉 उन्होंने भीलों को संगठित कर 21 सूत्रीय माँग पत्र 'मेवाड़ पुकार' प्रस्तुत किया।
👉 उनके नेतृत्व में भीलों ने करबंदी और बेगार विरोध का संकल्प लिया।
✍️ सही उत्तर है – मोतीलाल तेजावत
मेवाड़, डूंगरपुर, सिरोही, बाँसवाडा में स्वदेशी आंदोलन का नेतृत्व निम्न में से किसने किया था ?
[उद्योग प्रचार अधिकारी 22.07.2018]
👉 भील समाज में स्वदेशी चेतना फैलाने का कार्य किया गया।
👉 मेवाड़, डूंगरपुर, सिरोही और बाँसवाड़ा में यह आन्दोलन चला।
👉 इस आन्दोलन का नेतृत्व स्वामी गोविन्द गिरि ने किया।
👉 उन्होंने भीलों को स्वदेशी वस्तुओं के प्रयोग और सुधार का संदेश दिया।
👉 उनके नेतृत्व में भीलों में नई जागरूकता और संगठन की भावना उत्पन्न हुई।
✍️ सही उत्तर है – स्वामी गोविन्द गिरि
ट्रेंच कमिशन किस आंदोलन से संबंधित है ?
[कनिष्ठ वैज्ञानिक सहायक (विष) 14.09.2019]
👉 बूँदी रियासत में किसानों पर अत्याचार और शोषण बढ़ गया।
👉 इन अत्याचारों के विरुद्ध किसानों ने बेगू किसान आंदोलन चलाया।
👉 इस आन्दोलन की परिस्थितियों की जाँच के लिए ट्रेंच कमीशन नियुक्त किया गया।
👉 कमीशन ने किसानों की स्थितियों और उनकी मांगों का अध्ययन किया।
👉 इस प्रकार ट्रेंच कमीशन का सम्बन्ध बेगू किसान आन्दोलन से है।
✍️ सही उत्तर है – बेगू किसान आंदोलन
प्रसिद्ध 'एकी आन्दोलन' का नेतृत्व किया गया था
[प्रयोगशाला सहायक 13.11.2016]
👉 भीलों के भोमट क्षेत्र में अत्यधिक करों और बेगार प्रथा के विरोध में आन्दोलन हुआ।
👉 इस आन्दोलन को इतिहास में एकी आन्दोलन कहा गया।
👉 इसका नेतृत्व आदिवासी मसीहा मोतीलाल तेजावत ने किया।
👉 उन्होंने भीलों के लिए 21 सूत्रीय माँग पत्र 'मेवाड़ पुकार' प्रस्तुत किया।
👉 तेजावत के नेतृत्व में भीलों ने कर न देने और बेगार समाप्ति का निर्णय लिया।
✍️ सही उत्तर है – मोतीलाल तेजावत
गोविन्द गिरि के नेतृत्व में हुये भील आन्दोलन को किस नाम से जाना जाता है ?
[आर्थिक अन्वेषक परीक्षा 25.03.2019]
👉 गोविन्द गिरि ने भीलों में धार्मिक जागृति और सामाजिक सुधार का अभियान चलाया।
👉 उन्होंने भीलों को संगठित कर एक नया पंथ शुरू किया।
👉 यह आन्दोलन भीलों के बीच भगत आन्दोलन के नाम से प्रसिद्ध हुआ।
👉 इसमें भीलों को सत्य, अहिंसा और सुधार का संदेश दिया गया।
👉 इस आन्दोलन ने भीलों में नई चेतना पैदा की।
✍️ सही उत्तर है – भगत आन्दोलन
प्रसिध्द भगत आन्दोलन का नेतृत्व किया गया था
[पुस्तकालयाध्यक्ष 13.11.2016]
👉 भगत आन्दोलन भील जनजाति का एक बड़ा सामाजिक-धार्मिक आन्दोलन था।
👉 इसका मुख्य नेतृत्व गुरु गोविन्द गिरि ने किया।
👉 इस आन्दोलन में उनके साथ गोपालिया और पुंजा धीरजी भी जुड़े रहे।
👉 इनके नेतृत्व में भीलों ने सामाजिक सुधार और अधिकारों की माँग की।
👉 मानगढ़ पहाड़ी पर हुए संघर्ष से यह आन्दोलन इतिहास में प्रसिद्ध हुआ।
✍️ सही उत्तर है – गोविन्दगिरि, गोपालिया और पुंजा धीरजी
अलवर के किस शासक के समय नीमूचाणा कांड हुआ ?
[CET (स्नातक) (चरण -IV) 08.01.2023]
👉 अलवर राज्य में किसानों पर अत्याचार और शोषण बढ़ गया।
👉 किसानों ने अन्याय के विरुद्ध संगठन बनाकर आन्दोलन किया।
👉 इस समय अलवर राज्य का शासक महाराजा जय सिंह था।
👉 किसानों पर गोली चलाकर अनेक को शहीद कर दिया गया।
✍️ सही उत्तर है – महाराजा जय सिंह
अलवर का नीमुचाणा हत्याकाण्ड कब हुआ ?
[JEN (यांत्रिकी डिग्री) 21.08.2016]
👉 अलवर राज्य में किसानों ने अन्यायपूर्ण करों और अत्याचारों के विरुद्ध आन्दोलन किया।
👉 इस आन्दोलन के दौरान अलवर के नीमूचाणा गाँव में भयंकर गोलीकांड हुआ।
👉 किसानों पर की गई इस गोलीबारी में अनेक लोग शहीद हो गए।
✍️ सही उत्तर है – 1925 ई.
बेगू किसान आंदोलन का नेतृत्व किसने किया ?
[प्रयोगशाला सहायक 03.02.2019]
👉 बूँदी रियासत के किसानों ने अत्यधिक लगान और बेगार प्रथा के विरोध में आन्दोलन किया।
👉 इस आन्दोलन को इतिहास में बेगू किसान आन्दोलन कहा जाता है।
👉 आन्दोलन का नेतृत्व प्रमुख स्वतंत्रता सेनानी राम नारायण चौधरी ने किया।
👉 उनके नेतृत्व में किसानों ने अन्यायपूर्ण नीतियों के विरुद्ध संगठित संघर्ष किया।
👉 इस आन्दोलन ने आगे के किसान आन्दोलनों को भी प्रेरणा दी।
✍️ सही उत्तर है – राम नारायण चौधरी
मोतीलाल तेजावत ने भीलों का आंदोलन कहाँ से शुरू किया ?
[प्रयोगशाला सहायक (विज्ञान) 29.06.2022]
👉 मोतीलाल तेजावत ने आदिवासियों को अत्यधिक करों और बेगार से मुक्ति दिलाने का संकल्प लिया।
👉 उन्होंने आंदोलन की शुरुआत झाड़ोल क्षेत्र से की।
👉 यहाँ से भीलों ने करबंदी और बेगार का विरोध शुरू किया।
👉 झाड़ोल से यह आंदोलन धीरे-धीरे पूरे भोमट क्षेत्र में फैल गया।
👉 इसी कारण झाड़ोल को उनके आंदोलन का मुख्य केन्द्र माना गया।
✍️ सही उत्तर है – झाड़ोल
राजस्थान के भीलों के सामाजिक और राजनीतिक जागरण के लिए किस वर्ष गोविंद गुरु द्वारा “सम्प सभा” गठित की गई थी ?
🔹 व्याख्या
👉 गोविंद गुरु द्वारा राजस्थान के भीलों के सामाजिक और राजनीतिक जागरण के लिए “सम्प सभा” (Samp Sabha) का गठन 1883 ई. में किया गया था
मोतीलाल तेजावत ने कहाँ से आदिवासियों का करबंदी आंदोलन आरम्भ किया ?
[वनरक्षक (द्वितीय चरण -A) 11.12.2022]
👉 मोतीलाल तेजावत ने आदिवासियों को अन्यायपूर्ण करों और बेगार प्रथा से मुक्ति दिलाने का निश्चय किया।
👉 उन्होंने सबसे पहले झाड़ोल क्षेत्र में आंदोलन की नींव रखी।
👉 यहीं से उन्होंने भीलों को कर न देने और बेगार से इंकार करने हेतु प्रेरित किया।
👉 झाड़ोल क्षेत्र उनके आंदोलन का मुख्य केन्द्र बना।
👉 यहीं से आगे चलकर यह आंदोलन पूरे भोमट क्षेत्र में फैल गया।
✍️ सही उत्तर है – झाड़ोल
मोतीलाल तेजावत सर्वाधिक योग्य नेता माने जाते हैं :
[संगणक परीक्षा 05.05.2018]
👉 1921-22 ई. में भीलों ने अत्यधिक करों और बेगार प्रथा के विरुद्ध संघर्ष किया।
👉 इस समय आदिवासियों का नेतृत्व मोतीलाल तेजावत ने किया।
👉 उन्होंने भीलों के लिए 21 सूत्रीय माँग पत्र 'मेवाड़ पुकार' प्रस्तुत किया।
👉 तेजावत के नेतृत्व में भीलों ने 'हाकिम और हुक्म नहीं' का नारा दिया।
👉 इसलिए उन्हें भील आन्दोलन का सर्वाधिक योग्य नेता माना जाता है।
✍️ सही उत्तर है – भील आंदोलन
निम्नलिखित में से कौनसा कृषक आन्दोलन भील जनजाति से सम्बन्धित है ?
JEN (विद्युत डिप्लोमाधारक) 19.05.2022
👉 भीलों ने अपने अधिकारों और सामाजिक सुधार हेतु कई आन्दोलन किए।
👉 इनमें सबसे प्रमुख था भगत आन्दोलन।
👉 इस आन्दोलन के प्रणेता गोविन्द गुरु थे।
👉 उन्होंने भीलों को सामाजिक व धार्मिक जागृति प्रदान की।
👉 इस कारण भगत आन्दोलन को भील जनजाति से सम्बद्ध माना जाता है।
✍️ सही उत्तर है – भगत
निम्नलिखित में से किसने डूंगरपुर और बाँसवाड़ा में भील आंदोलन का नेतृत्व किया ?
[लिपिक ग्रेड-II 19.08.2018]
👉 डूंगरपुर और बाँसवाड़ा क्षेत्र में भील जनजाति ने व्यापक आन्दोलन किया।
👉 इस आन्दोलन का नेतृत्व स्वामी गोविन्द गिरि ने किया।
👉 उन्होंने भीलों को सामाजिक सुधार और धार्मिक शिक्षा दी।
👉 मानगढ़ पहाड़ी पर उनके नेतृत्व में भीलों ने बड़ा आन्दोलन चलाया।
👉 गोविन्द गिरि की लोकप्रियता से वे भीलों के आध्यात्मिक नेता बन गए।
✍️ सही उत्तर है – स्वामी गोविन्द गिरि
भगत आंदोलन किसके द्वारा प्रारम्भ किया गया ?
[प्रयोगशाला सहायक 03.02.2019]
👉 भीलों में धार्मिक सुधार और सामाजिक जागृति लाने का कार्य किया गया।
👉 इसके लिए एक नया आन्दोलन भगत आन्दोलन के नाम से शुरू हुआ।
👉 इस आन्दोलन की शुरुआत गुरु गोविन्द गिरि ने की।
👉 उन्होंने भीलों को अहिंसा, सत्य और एकेश्वरवाद का संदेश दिया।
👉 उनके नेतृत्व में यह आन्दोलन भीलों के बीच अत्यधिक लोकप्रिय हुआ।
✍️ सही उत्तर है – गुरु गोविन्द गिरि
गोविन्द गुरु ने भीलों एवं गरासियों को किस के माध्यम से संगठित किया ?
[वनपाल परीक्षा 06.11.2022]
👉 गोविन्द गुरु ने भीलों में सामाजिक जागृति और धार्मिक सुधार का कार्य किया।
👉 उन्होंने 1883 ई. में सिरोही में सम्प सभा (प्रेम सभा) की स्थापना की।
👉 इसी सभा के माध्यम से उन्होंने भीलों व गरासियों को संगठित किया।
👉 सम्प सभा का पहला अधिवेशन 1903 ई. में मानगढ़ पहाड़ी पर हुआ।
👉 इससे गोविन्द गुरु आदिवासियों के बीच अत्यधिक लोकप्रिय हो गए।
✍️ सही उत्तर है – सम्प सभा
____________ नरसंहार को राजस्थान का जलियांवाला हत्याकांड कहा जाता है ।
[SI मोटर वाहन 12.02.2022]
👉 इस घटना को इतिहास में नीमूचणा नरसंहार कहा जाता है।
👉 इसमें किसानों पर गोलियाँ चला कर अनेक को शहीद कर दिया गया।
👉 इस नरसंहार को ही राजस्थान का जलियांवाला बाग हत्याकाण्ड कहा गया।
✍️ सही उत्तर है – नीमूचणा
गोविन्द गिरि की गतिविधियों का केन्द्र 1911 एवं 1912 में ___ था
[CET (10+2 प्रथम चरण) 04.02.2023]
👉 गोविन्द गिरि 1911 ई. में अपने मूल स्थान बेडसा वापस लौटे।
👉 यहाँ उन्होंने पुनः धूनी स्थापित कर भगत पंथ की शुरुआत की।
👉 प्रत्येक गाँव में धूनी की स्थापना कर उनकी सुरक्षा हेतु कोतवाल नियुक्त किए।
👉 इस अवधि में वे भीलों के धार्मिक मुखिया और विवाद निवारक बन गए।
👉 1911–12 ई. में उनकी गतिविधियों का मुख्य केन्द्र बेडसा ही था।
✍️ सही उत्तर है – बेडसा
नीमुचणा कांड के समय अलवर का शासक कौन था ?
[कनिष्ठ वैज्ञानिक सहायक (जैविक) 15.09.2019]
👉 यह घटना इतिहास में नीमूचणा कांड के नाम से जानी जाती है।
👉 इसमें अनेक किसान शहीद हो गए।
👉 उस समय अलवर रियासत का शासक महाराजा जयसिंह था।
👉 इसीलिए नीमूचणा कांड उनके शासनकाल से सम्बद्ध है।
✍️ सही उत्तर है – महाराजा जयसिंह
जुलाई, 1921 में मोतीलाल तेजावत ने भील आंदोलन कहाँ से आरम्भ किया ?
[कनिष्ठ वैज्ञानिक सहायक (भौतिक) 21.09.2019]
👉 मोतीलाल तेजावत ने आदिवासियों के शोषण और अत्यधिक करों के विरोध में आंदोलन शुरू किया।
👉 जुलाई 1921 में उन्होंने भीलों को संगठित कर आन्दोलन की राह दिखाई।
👉 इसकी शुरुआत उन्होंने उदयपुर राज्य के झाड़ोल क्षेत्र से की।
👉 यहीं से भीलों ने करबंदी और बेगार का विरोध किया।
👉 झाड़ोल ही तेजावत के आन्दोलन का मुख्य केन्द्र बना।
✍️ सही उत्तर है – झाड़ोल
जलियांवाला बाग हत्याकांड की तुलना में भयावह मानगढ़ हत्याकांड किस वर्ष हुआ था ?
[लाइब्रेरियन परीक्षा 27 जुलाई 2025]
👉 मानगढ़ पहाड़ी पर भीलों ने गुरु गोविन्द गिरि के नेतृत्व में आन्दोलन किया।
👉 अंग्रेजी सेना ने यहाँ भीलों को घेरकर हमला किया।
👉 इस घटना में लगभग 1500 भील मारे गए और हजारों घायल हुए।
👉 यह नरसंहार जलियांवाला बाग कांड से भी अधिक भयावह माना गया।
👉 यह प्रसिद्ध मानगढ़ हत्याकाण्ड 1913 ई. में हुआ था।
✍️ सही उत्तर है – 1913 ई.
'पुन्जा धीर जी' किसके साथ जुड़े हुए थे ?
[कनिष्ठ अनुदेशक (फिटर) 20.11.2024]
👉 पुंजा धीरजी भील समाज के एक प्रमुख नेता थे।
👉 वे गुरु गोविन्द गिरि के आन्दोलन से जुड़े रहे।
👉 मानगढ़ आन्दोलन में उन्होंने भीलों को आत्मसमर्पण के लिए प्रेरित किया।
👉 गोविन्द गिरि के साथ मिलकर उन्होंने भीलों के संघर्ष में भाग लिया।
👉 इस कारण उनका सम्बन्ध सीधे गोविन्द गिरि से रहा।
✍️ सही उत्तर है – गोविन्द गिरि
'नीमूचाणा हादसा' कब हुआ था ?
[कनिष्ठ अनुदेशक (वेल्डर) 26.03.2019]
👉 अलवर राज्य में किसानों पर हो रहे अत्याचारों के विरुद्ध आन्दोलन हुआ।
👉 इस संघर्ष के दौरान नीमूचाणा गाँव में बड़ा हादसा घटित हुआ।
👉 किसानों पर राज्य की सेना ने गोलीबारी कर दी।
👉 इस गोलीकांड में अनेक किसान शहीद हुए।
👉 यह घटना 14 मई, 1925 को हुई थी।
✍️ सही उत्तर है – 14 मई, 1925
राजस्थान के भीलों और गोविंद गुरु के संदर्भ में असत्य कथन का चयन करें।
[CET (10+2) 22.10.2024 प्रथम चरण]
👉 गोविन्द गुरु ने भीलों में जागरूकता लाने हेतु सम्प सभा की स्थापना की।
👉 सम्प सभा का पहला अधिवेशन 1903 ई. में मानगढ़ पहाड़ी पर हुआ था।
👉 इसके बाद हर वर्ष यहाँ अधिवेशन आयोजित होने लगा।
👉 परन्तु यह कहना असत्य है कि सम्प सभा की मासिक बैठकें मानगढ़ पहाड़ी पर होती थीं।
👉 सभा की बैठकें वार्षिक रूप से होती थीं, मासिक नहीं।
✍️ सही उत्तर है – उन्होंने सम्प सभा की मासिक बैठकें मानगढ़ पहाड़ी पर आयोजित की।
बूँदी रियासत के बरड़ किसान आन्दोलन का नेता कौन था ?
[वनरक्षक (द्वितीय चरण -B) 11.12.2022]
👉 बूँदी रियासत में किसानों पर लगान और बेगार प्रथा का बोझ था।
👉 इन शोषणकारी नीतियों के विरुद्ध किसानों ने बरड़ आन्दोलन किया।
👉 इस आन्दोलन का नेतृत्व नयनूराम शर्मा ने किया।
👉 उनके नेतृत्व में किसानों ने अत्याचारों के विरुद्ध संगठित संघर्ष किया।
👉 इससे बूँदी रियासत के शोषणकारी शासन को बड़ी चुनौती मिली।
✍️ सही उत्तर है – नयनूराम शर्मा
"रास्तापाल सत्याग्रह” से कौन सम्बन्धित था ?
[कनिष्ठ वैज्ञानिक सहायक (अस्त्रक्षेप) 21.09.2019]
👉 राजस्थान में आदिवासियों ने अपने अधिकारों और शिक्षा की रक्षा हेतु आन्दोलन किए।
👉 इन्हीं आन्दोलनों में एक था रास्तापाल सत्याग्रह।
👉 इस सत्याग्रह से आदिवासी युवती कालीबाई जुड़ी हुई थीं।
👉 कालीबाई ने अन्याय के विरुद्ध साहसपूर्वक संघर्ष किया।
👉 इस आन्दोलन में उन्होंने अपना बलिदान दिया।
✍️ सही उत्तर है – कालीबाई