निम्नलिखित में से कौन सा कथन हवामहल के बारे में सत्य है ? [*]
[पुस्तकालयाध्यक्ष 13.11.2016]
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किस राजपूत शासक को अकबर ने "अमीर-उल-उमरा” की उपाधि दी थी ?
[प्रयोगशाला सहायक (विज्ञान) 28.06.2022]
👉 मुगल सम्राट अकबर ने कई राजपूत शासकों को उपाधियाँ दीं।
👉 आमेर के कछवाहा शासक राजा भगवंतदास अकबर के निकट थे।
👉 अकबर ने उन्हें सम्मानस्वरूप “अमीर-उल-उमरा” की उपाधि दी।
👉 राजा भगवंतदास, मानसिंह प्रथम के पिता थे।
👉 वे अकबर की पत्नी मरियम-उज़-ज़मानी के भाई भी थे।
✍️ सही उत्तर है – राजा भगवंतदास
मीनाकारी की कला राजस्थान में सर्वप्रथम किसके द्वारा लाई गई
[पर्यवेक्षक परीक्षा 29.11.2015]
👉 राजस्थान में मीनाकारी कला सर्वप्रथम आमेर के शासक मानसिंह प्रथम द्वारा लाई गई।
👉 उन्होंने इस कला को लाहौर से जयपुर लाकर बसाया।
👉 मानसिंह प्रथम कला व स्थापत्य के बड़े संरक्षक माने जाते हैं।
👉 उनके प्रयास से जयपुर में मीनाकारी की शुरुआत हुई।
👉 आगे चलकर यह कला जयपुर की विशेष पहचान बनी।
✍️ सही उत्तर है – मानसिंह प्रथम
तूंगा का युद्ध कब हुआ था ?
[अन्वेषक परीक्षा 21.08.2016]
👉 तुंगा का युद्ध जयपुर और मराठों के बीच लड़ा गया।
👉 इसमें जयपुर शासक सवाई प्रतापसिंह ने नेतृत्व किया।
👉 मराठों की ओर से महादजी सिंधिया ने सेना संभाली।
👉 युद्ध स्थल जयपुर ग्रामीण जिले की मोरेल नदी के किनारे तुंगा था।
👉 यह निर्णायक युद्ध 28 जुलाई 1787 ई. को हुआ।
✍️ सही उत्तर है – 1787 ई.
जयपुर शहर का वास्तुकार एवं नगरनियोजक कौन था ?
[JEN (यांत्रिक) (डिप्लोमाधारक) 13.12.2020]
👉 जयपुर नगर की स्थापना सवाई जयसिंह द्वितीय ने 1727 ई. में की।
👉 इस नगर का वास्तुकार और नगरनियोजक पंडित विद्याधर भट्टाचार्य था।
👉 विद्याधर भट्टाचार्य एक कुशल ज्योतिषी व शिल्पकार भी था।
👉 उसने जयपुर को नक्शानुसार बसाया गया पहला नगर बनाया।
👉 नगर नियोजन में उसे विदेशी वास्तुकार जेवियर डी सिल्वा की सहायता भी मिली।
✍️ सही उत्तर है – विद्याधर भट्टाचार्य
मुगल अधीनता स्वीकार करने वाला प्रथम राजपूत शासक कौन था ?
[कनिष्ठ अनुदेशक (कोस्मेटो) 08.01.2025]
👉 आमेर के शासक राजा भारमल का शासनकाल 1547–1573 ई. तक रहा।
👉 उन्होंने अपनी पुत्री हरकाबाई का विवाह मुगल सम्राट अकबर से किया।
👉 विवाह के साथ ही उन्होंने अकबर की अधीनता स्वीकार कर ली।
👉 यह घटना 20 जनवरी 1562 ई. को सम्पन्न हुई।
👉 इसी कारण भारमल को मुगलों की अधीनता स्वीकार करने वाला प्रथम राजपूत शासक कहा जाता है।
✍️ सही उत्तर है – भारमल
प्राचीन वैदिक यज्ञ, अश्वमेध यज्ञ करने वाला अंतिम हिन्दू शासक कौन था ? (निम्न में से सबसे उपयुक्त विकल्प चुनें)
[कनिष्ठ अनुदेशक (रोजगार) 18.11.2024]
👉 प्राचीन वैदिक यज्ञों में अश्वमेध यज्ञ का विशेष महत्व था।
👉 इस यज्ञ को करने वाला अंतिम हिंदू शासक जयपुर का सवाई जयसिंह द्वितीय था।
👉 उन्होंने 1740 ई. में इस यज्ञ का आयोजन जयपुर के सिटी पैलेस में किया।
👉 यज्ञ का संचालन उनके दरबारी विद्वान पुण्डरीक रत्नाकर ने किया।
👉 इस अवसर पर उन्होंने एक यूप स्तंभ भी खड़ा करवाया।
✍️ सही उत्तर है – सवाई जयसिंह
विश्व की सबसे बड़ी तोप "जयवाण" का निर्माण किसके द्वारा कराया गया ?
[कनिष्ठ अनुदेशक (वेल्डर) 26.03.2019]
👉 विश्व की सबसे बड़ी तोप जयबाण का निर्माण हुआ।
👉 इसका निर्माण महाराजा सवाई जयसिंह द्वितीय ने 1720 ई. में कराया।
👉 यह विशाल तोप जयपुर के जयगढ़ किले में रखी गई।
👉 इसका प्रयोग केवल सुरक्षा और परीक्षण हेतु किया गया।
👉 परीक्षण में इसका गोला चाकसू गाँव में गिरा और वहाँ एक तालाब बन गया।
✍️ सही उत्तर है – महाराजा सवाई जयसिंह द्वितीय
हुरडा सम्मेलन किस वर्ष आयोजित हुआ?
JEN (विद्युत डिग्रीधारक) 19.05.2022
👉 मराठों के बढ़ते प्रभाव से राजपूत शासक चिंतित हो उठे।
👉 इसी कारण 17 जुलाई 1734 ई. को हुरड़ा सम्मेलन बुलाया गया।
👉 इस सम्मेलन की अध्यक्षता मेवाड़ के महाराणा जगतसिंह द्वितीय ने की।
👉 इसमें जयपुर, मेवाड़, मारवाड़, बीकानेर, बूंदी, कोटा आदि के शासक शामिल हुए।
👉 यह सम्मेलन मराठों के विरुद्ध राजपूतों की एकजुटता का प्रयास था।
✍️ सही उत्तर है – 1734 ई.
मराठा विजय का प्रतीक 'सरगासूली' का निर्माण किसने करवाया था ?
[REET मुख्य परीक्षा (L -2) 01.03.2023]
👉 सरगासूली मीनार को ‘ईसरलाट’ के नाम से भी जाना जाता है।
👉 इसका निर्माण जयपुर शासक सवाई ईश्वरीसिंह ने करवाया।
👉 यह मीनार 1747 ई. में राजमहल के युद्ध में विजय की स्मृति में बनी।
👉 सात मंजिला यह मीनार चित्तौड़ के विजय स्तम्भ से प्रेरित है।
👉 इसे मराठों पर जयपुर की विजय का प्रतीक माना जाता है।
✍️ सही उत्तर है – सवाई ईश्वरीसिंह
निम्नलिखित में से किसने छत्तीस कारखानें स्थापित किए ?
नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर चुनें।
[JEN CIVIL कृषि 07.02.2025]
👉 जयपुर के शासक सवाई जयसिंह कला और शिल्प के बड़े संरक्षक थे।
👉 उन्होंने जयपुर को व्यवस्थित और समृद्ध बनाने के लिए अनेक कदम उठाए।
👉 इनके शासनकाल में छत्तीस कारखाने (विभाग/वर्कशॉप) स्थापित किए गए।
👉 इन कारखानों में अलग-अलग कला, शिल्प और उद्योग संचालित होते थे।
👉 इससे जयपुर राज्य की आर्थिक व सांस्कृतिक उन्नति हुई।
✍️ सही उत्तर है – महाराजा सवाई जयसिंह
वी. टी. कृष्णमाचारी किस राज्य के दीवान थे ?
[PTI ग्रेड -III 30.09.2018]
👉 वी. टी. कृष्णामाचारी एक योग्य प्रशासक और अर्थनीति विशेषज्ञ थे।
👉 उन्हें जयपुर राज्य में दीवान नियुक्त किया गया था।
👉 जयपुर में रहते हुए उन्होंने कई प्रशासनिक सुधार किए।
👉 राज्य की आर्थिक और सामाजिक व्यवस्था को मजबूत बनाया।
👉 बाद में इन्हें संविधान की प्रारूप समिति में भी स्थान दिया गया।
✍️ सही उत्तर है – जयपुर
जयसिंह द्वितीय ने निम्न में से किस जगह वैद्यशाला नहीं बनवाई ?
[CET (स्नातक) (चरण -IV) 08.01.2023]
👉 सवाई जयसिंह द्वितीय ने ज्योतिष अध्ययन हेतु पाँच वैद्यशालाएँ बनवाईं।
👉 ये वैद्यशालाएँ दिल्ली, जयपुर, उज्जैन, मथुरा और बनारस में थीं।
👉 आगरा इन पाँच स्थानों में शामिल नहीं है।
👉 इसलिए आगरा में कोई जंतर-मंतर या वैद्यशाला नहीं बनी।
✍️ सही उत्तर है – आगरा
निम्न में से आमेर के किस शासक ने सर्वप्रथम मुगलों के साथ
[पुस्तकालयाध्यक्ष 13.11.2016]
👉 आमेर के शासक भारमल का शासनकाल 1547–1573 ई. रहा।
👉 उस समय मुग़ल बादशाह अकबर उत्तर भारत में अपनी शक्ति बढ़ा रहा था।
👉 20 जनवरी 1562 ई. को भारमल ने अकबर की अधीनता स्वीकार की।
👉 उसने अपनी पुत्री हरकाबाई (मरियम-उज़-ज़मानी) का विवाह अकबर से कर दिया।
👉 इस प्रकार मुगलों से संधि करने वाला पहला शासक भारमल था।
✍️ सही उत्तर है – भारमल
ब्लू पॉटरी को राजस्थान में किस शासक द्वारा लाया गया ? [*]
[कर सहायक 14.10.2018]
आमेर राजा भारमल की पुत्री का विवाह अकबर के साथ कहाँ
[पर्यवेक्षक परीक्षा 29.11.2015]
👉 आमेर के शासक राजा भारमल ने अकबर से संधि की।
👉 संधि के रूप में अपनी पुत्री हरकाबाई का विवाह अकबर से किया।
👉 यह विवाह 6 फरवरी 1562 ई. को सम्पन्न हुआ।
👉 विवाह स्थल सांभर नगर को चुना गया था।
👉 हरकाबाई को बाद में मरियम-उज़-ज़मानी की उपाधि मिली।
✍️ सही उत्तर है – सांभर
जयपुर चित्रकला शैली की विशेष प्रगति किस शासक के काल को माना जाता है ?
[प्रयोगशाला सहायक (भूगोल) 30.06.2022]
👉 जयपुर की चित्रकला शैली राजपूत काल में खूब विकसित हुई।
👉 इसका सर्वाधिक उन्नति काल शासक सवाई प्रतापसिंह का रहा।
👉 इस समय धार्मिक, सांस्कृतिक और दरबारी विषयों पर चित्र बने।
👉 राजदरबार में अनेक कला-प्रेमी चित्रकार सक्रिय रहे।
👉 प्रतापसिंह के संरक्षण से यह शैली स्वर्णकाल में पहुँची।
✍️ सही उत्तर है – सवाई प्रतापसिंह
आमेर के जयसिंह -I को "मिर्जा राजा" की उपाधि किसने दी थी ?
[वनरक्षक (प्रथम चरण) 12.11.2022]
👉 आमेर के शासक जयसिंह प्रथम ने तीन मुगल सम्राटों की सेवा की।
👉 शाहजहाँ ने 1637 ई. में इन्हें कंधार अभियान पर भेजा।
👉 इस अवसर पर उनकी वीरता से प्रभावित होकर शाहजहाँ ने उपाधि दी।
👉 इन्हें दरबार में “मिर्जा राजा” की उपाधि प्रदान की गई।
✍️ सही उत्तर है – शाहजहाँ
आमेर के महाराजा भगवान दास के पुत्र माधव सिंह ने __________ अपने पहले शहर के रूप में बनवाया था।
[JEN विद्युत डिग्री 07.02.2025]
👉 आमेर के महाराजा भगवंतदास के पुत्र माधोसिंह प्रथम ने नया नगर बसाया।
👉 उन्होंने 1631 ई. में अलवर और दौसा के बीच एक नगर बसवाया।
👉 इस नगर का नाम भानगढ़ रखा गया।
👉 भानगढ़ आज अपने किले और ऐतिहासिक खंडहरों के लिए प्रसिद्ध है।
👉 इसे माधोसिंह प्रथम का प्रथम नगर माना जाता है।
✍️ सही उत्तर है – भानगढ़
पुरन्दर की सन्धि (1665 AD) किसके मध्य हुई थी ?
[वनरक्षक (प्रथम चरण) 12.11.2022]
👉 1665 ई. में मुगल सम्राट औरंगजेब ने दक्षिण में मराठों पर दबाव बढ़ाया।
👉 इस अभियान का नेतृत्व आमेर के शासक मिर्जा राजा जयसिंह प्रथम कर रहे थे।
👉 जयसिंह ने पुणे के निकट पुरन्दर दुर्ग को घेर लिया।
👉 परिणामस्वरूप मराठा शासक शिवाजी ने आत्मसमर्पण कर मुगलों से संधि की।
✍️ सही उत्तर है – मिर्जा राजा जयसिंह प्रथम और शिवाजी
तुंगा की लड़ाई लड़ी गयी थी
[JEN (कृषि) 10.09.2022]
👉 तुंगा का युद्ध 28 जुलाई 1787 ई. को लड़ा गया।
👉 यह युद्ध जयपुर शासक सवाई प्रतापसिंह और जोधपुर शासक विजयसिंह की संयुक्त सेना ने लड़ा।
👉 उनके विरुद्ध मराठा सरदार महादजी सिंधिया अपनी विशाल सेना के साथ आया।
👉 युद्ध मोरेल नदी के किनारे जयपुर ग्रामीण जिले के तुंगा स्थान पर हुआ।
👉 इस युद्ध में मराठा सेना को पराजय का सामना करना पड़ा।
✍️ सही उत्तर है – 28 जुलाई, 1787
कोकिलदेव ने आमेर को कछवाहा राजवंश कब बनाया?
JEN (विद्युत/यांत्रिक, डिप्लोमा) 20.05.2022
👉 कछवाहा शासक दुलहराय की मृत्यु के बाद उसका पुत्र कोकिलदेव गद्दी पर बैठा।
👉 कोकिलदेव ने भट्टो मीणा को पराजित कर आमेर पर अधिकार किया।
👉 उसने आमेर को कछवाहा वंश की नई राजधानी बनाया।
👉 कोकिलदेव ने यहाँ अम्बिकेश्वर महादेव मंदिर का निर्माण भी करवाया।
👉 इस प्रकार 1207 ई. में आमेर को कछवाहा राजवंश की राजधानी बनाया गया।
✍️ सही उत्तर है – 1207 ई.
फारसी इतिहासकारों ने 'हशमत वाला राजा' किसे कहा है ?
[कनिष्ठ अनुदेशक (वेल्डर) 07.01.2025]
👉 मारवाड़ के शासक राव मालदेव 1532–1562 ई. तक गद्दी पर रहे।
👉 वे अपने समय के पराक्रमी और शक्तिशाली शासक थे।
👉 उनकी वीरता और सामर्थ्य से फारसी इतिहासकार प्रभावित हुए।
👉 उन्होंने राव मालदेव को “हशमत वाला राजा” कहकर वर्णित किया।
👉 मालदेव का काल मारवाड़ की सामरिक शक्ति का उत्कर्ष काल था।
✍️ सही उत्तर है – राव मालदेव
जयपुर का कौनसा शासक कविताओं में अपना उपनाम ब्रजनिधि लिखते थे ?
[लिपिक ग्रेड-II 09.09.2018]
👉 जयपुर के शासक सवाई प्रतापसिंह कला और साहित्य प्रेमी थे।
👉 वे एक कुशल कवि भी थे और ब्रज व ढूँढाड़ी भाषा में रचनाएँ करते थे।
👉 कविताएँ लिखते समय उन्होंने अपना उपनाम “ब्रजनिधि” प्रयोग किया।
👉 इनके काव्य संग्रह ब्रजनिधि ग्रंथावली में संकलित हैं।
👉 प्रतापसिंह का काल जयपुर का सांस्कृतिक स्वर्णकाल माना जाता है।
✍️ सही उत्तर है – सवाई प्रतापसिंह
सर वी. टी. कृष्णामाचारी किस राज्य के दीवान थे ?
[प्रयोगशाला सहायक (विज्ञान) 28.06.2022]
👉 सर वी. टी. कृष्णामाचारी का सम्बन्ध मूलतः तमिलनाडु से था।
👉 उन्हें राजस्थान के दो प्रमुख रियासतों में दीवान बनाया गया।
👉 ये जयपुर राज्य के दीवान रहे और प्रशासनिक सुधार किए।
👉 बाद में इन्हें संविधान की प्रारूप समिति में भी स्थान मिला।
✍️ सही उत्तर है – जयपुर
निम्न लिखित में से किस युगल सम्राट ने सवाई जयसिंह को “राजराजेश्वर" की उपाधि से विभूषित किया था ?
[प्रयोगशाला सहायक 13.11.2016]
👉 जयपुर के शासक सवाई जयसिंह द्वितीय विद्या और राजनीति दोनों के संरक्षक थे।
👉 उन्होंने मराठों और जाटों के विरुद्ध कई अभियान चलाए।
👉 मुगल सम्राट मुहम्मद शाह उनके कार्यों से अत्यधिक प्रभावित हुए।
👉 प्रसन्न होकर उन्होंने जयसिंह द्वितीय को “राजराजेश्वर श्रीराजाधिराज” की उपाधि दी।
👉 यह उपाधि उनकी प्रतिष्ठा और सम्मान का प्रतीक बनी।
✍️ सही उत्तर है – मुहम्मद शाह
आमेर का जगत शिरोमणि मन्दिर के लिए प्रसिद्ध है।
[कनिप्ठ अनुदेशक (मैकेनिक) 23.12.2019]
👉 आमेर नगर अपने प्राचीन धार्मिक स्थलों के लिए प्रसिद्ध है।
👉 यहाँ स्थित जगत शिरोमणि मंदिर अत्यंत ख्यात है।
👉 इस मंदिर का निर्माण मानसिंह प्रथम की रानी कनकावती ने करवाया।
👉 इसे उनके पुत्र जगतसिंह की स्मृति में बनवाया गया था।
👉 इसमें कृष्ण की वह काले पत्थर की मूर्ति स्थापित है जिसकी पूजा मीराबाई करती थीं।
✍️ सही उत्तर है – कृष्ण के काले पत्थर की मूर्ति
शाहजहाँ द्वारा शाहशुजा के विरुद्ध भेजी गई मुगल सेना का निम्नलिखित में से किस शासक ने नेतृत्व किया था ?
JEN (विद्युत/यांत्रिक, डिग्री) 20.05.2022
👉 मुगल सम्राट शाहजहाँ ने अपने पुत्र शाहशुजा के विरुद्ध सेना भेजी।
👉 इस अभियान में सेना का नेतृत्व आमेर के शासक मिर्जा राजा जयसिंह को सौंपा गया।
👉 जयसिंह प्रथम ने अपनी सैन्य क्षमता और कूटनीति से मुगल दरबार में विशेष स्थान बनाया।
👉 उन्हें मुगल सम्राट ने कई महत्त्वपूर्ण अभियानों में अग्रभाग का नेतृत्व दिया।
👉 इस सेवा से जयसिंह प्रथम की प्रतिष्ठा और मनसब दोनों बढ़े।
✍️ सही उत्तर है – मिर्जा राजा जयसिंह
जयपुर में 'रामप्रकाश थियेटर' की स्थापना किस महाराजा के काल में हुई ?
ग्रामसेवक & छात्रा. अधीक्षक 18.12.2016
👉 जयपुर में रामप्रकाश थियेटर की स्थापना 1878 ई. में हुई।
👉 यह राजस्थान ही नहीं, उत्तर भारत का पहला थियेटर मंच था।
👉 इसका निर्माण जयपुर शासक सवाई रामसिंह द्वितीय के शासनकाल में कराया गया।
👉 उद्देश्य था राज्य में कला, नाट्य और संगीत को प्रोत्साहित करना।
👉 इस कारण रामसिंह द्वितीय को जयपुर का सांस्कृतिक संरक्षक भी कहा गया।
✍️ सही उत्तर है – महाराजा रामसिंह द्वितीय
जयपुर के किस शासक ने 'बृजनिधि' उपनाम से कविताओं की रचना की ?
[हाउस कीपर परीक्षा 09.07.2022]
👉 जयपुर के शासक सवाई प्रतापसिंह 1778–1803 ई. तक शासन करते रहे।
👉 वे एक पराक्रमी योद्धा होने के साथ-साथ कला और साहित्य प्रेमी भी थे।
👉 इन्होंने ब्रज और ढूँढाड़ी भाषा में कई काव्य ग्रंथों की रचना की।
👉 कविताएँ लिखते समय उन्होंने ‘बृजनिधि’ उपनाम का प्रयोग किया।
👉 इनके काव्य संग्रह ‘बृजनिधि ग्रंथावली’ में संकलित हैं।
✍️ सही उत्तर है – सवाई प्रतापसिंह
निम्नलिखित में से किस शहर में, सवाई जय सिंह II ने वेधशाला का निर्माण नहीं करवाया था?
[कृषि पर्यवेक्षक परीक्षा 18.09.2021]
👉 सवाई जयसिंह द्वितीय ने खगोल विज्ञान को बढ़ावा दिया।
👉 उन्होंने पाँच जंतर-मंतर वेधशालाएँ बनवाईं।
👉 ये वेधशालाएँ दिल्ली, जयपुर, उज्जैन, मथुरा और बनारस में स्थित हैं।
👉 प्रश्न में जो शहर इन पाँच में शामिल नहीं है, वहाँ वेधशाला नहीं बनी।
👉 इसलिए सही उत्तर है कि उस शहर में वेधशाला का निर्माण नहीं हुआ।
✍️ सही उत्तर है – आगरा
जयपुर के किस शासक ने लगातार तीन मुगल सम्राटों - जहाँगीर, शाहजहाँ और औरंगज़ेब की सेवा की ?
[कनिष्ठ अनुदेशक (इलेक्ट्रिशियन) 24.03.2019]
👉 आमेर/जयपुर के शासक मिर्जा राजा जयसिंह प्रथम 1621 ई. में गद्दी पर बैठे।
👉 उन्होंने लगातार तीन मुगल सम्राटों जहाँगीर, शाहजहाँ और औरंगज़ेब की सेवा की।
👉 इन शासकों के अभियानों में जयसिंह ने महत्त्वपूर्ण सैन्य नेतृत्व दिया।
👉 शाहजहाँ ने उनकी वीरता देखकर उन्हें “मिर्जा राजा” की उपाधि दी।
👉 वे एक कूटनीतिज्ञ, योद्धा और सामंत के रूप में प्रसिद्ध हुए।
✍️ सही उत्तर है – मिर्जा राजा जयसिंह प्रथम
कछवाहा राजवंश के संस्थापक थे -
[पटवार (द्वितीय चरण) 23.10.2021]
👉 कछवाहा वंश की नींव रखने वाले शासक दूल्हेराय थे।
👉 इनका प्रारंभिक नाम तेजकरण था, जो बाद में दूल्हेराय कहलाए।
👉 इन्होंने 1007 ई. में दौसा को राजधानी बनाकर राज्य की शुरुआत की।
👉 दूल्हेराय ने मीणाओं और बड़गुर्जरों को हराकर ढूँढाड़ क्षेत्र पर अधिकार किया।
👉 आगे चलकर इनके वंशजों ने आमेर और फिर जयपुर को राजधानी बनाया।
✍️ सही उत्तर है – दूल्हेराय
जयपुर के शासक जयसिंह - II को 'सवाई' की उपाधि दी थी ?
JEN (विद्युत डिप्लोमाधारक) 19.05.2022
👉 जयपुर के शासक जयसिंह द्वितीय का जन्म 1688 ई. में हुआ।
👉 बाल्यावस्था में उनकी वीरता और हाजिरजवाबी से औरंगजेब प्रभावित हुआ।
👉 औरंगजेब ने उनकी तुलना अपने दादा जयसिंह प्रथम से भी अधिक योग्य बताते हुए सम्मानित किया।
👉 परिणामस्वरूप उन्हें विशेष रूप से “सवाई” की उपाधि प्रदान की गई।
👉 इस उपाधि के बाद वे सवाई जयसिंह द्वितीय कहलाए।
✍️ सही उत्तर है – औरंगजेब ने
निम्नलिखित में से कौन मराठा आक्रमण के खिलाफ हुरडा सम्मेलन से जुड़े थे?
a. महाराणा जगत सिंह II
b. सवाई जय सिंह
c. महाराजा जसवंत सिंह II
d. महाराजा अभय सिंह
[फायरमैन परीक्षा 29.01.2022]
सही उत्तर चुनें -
👉 17 जुलाई 1734 ई. को मराठों के विरुद्ध हुरड़ा सम्मेलन आयोजित हुआ।
👉 इसकी अध्यक्षता मेवाड़ के शासक महाराणा जगतसिंह द्वितीय ने की।
👉 इसमें जयपुर शासक सवाई जयसिंह द्वितीय भी सम्मिलित हुए।
👉 साथ ही मारवाड़ के शासक महाराजा अभयसिंह इस सम्मेलन में थे।
👉 बीकानेर, बूंदी, कोटा आदि रियासतों के शासक भी इसमें शामिल हुए।
✍️ सही उत्तर है – a, b, d
"बारा कोटड़ी" के नाम से कौनसा राज्य प्रसिद्ध था ?
[JEN (कृषि) 10.09.2022]
👉 आमेर के शासक पृथ्वीराज कछवाहा 1503–1527 ई. तक शासन करते थे।
👉 उनके 12 पुत्र थे, जिनमें विवाद न हो इसलिए राज्य को बाँट दिया गया।
👉 आमेर राज्य को 12 भागों में विभाजित कर बारह कोटड़ियाँ बनाई गईं।
👉 इनमें प्रथम कोटड़ी राजावतों की थी और अन्य नाथावत, खंगारोत, नरूका आदि की।
👉 इसीलिए उस समय आमेर रियासत “बारा कोटड़ी” के नाम से प्रसिद्ध हुई।
✍️ सही उत्तर है – आमेर
जयपुर शहर की स्थापना कब हुई थी ?
[वरिष्ठ कम्प्यूटर अनुदेशक 19.06.2022]
👉 जयपुर की स्थापना कछवाहा शासक सवाई जयसिंह द्वितीय ने की।
👉 आमेर में विस्तार की संभावना कम होने से उन्होंने नया नगर बसाया।
👉 1727 ई. में जयपुर नगर की नींव रखी गई।
👉 नगर का नक्शा प्रमुख वास्तुकार विद्याधर भट्टाचार्य ने बनाया।
👉 जयपुर भारत का पहला नक्शानुसार बसाया गया नगर माना जाता है।
✍️ सही उत्तर है – 1727 ई.
प्रसिद्ध वास्तुकार विद्याधर भट्टाचार्य ने राजस्थान के निम्नलिखित में से कौन से शहर को डिज़ाइन किया था?
[JEN CIVIL कृषि 07.02.2025]
👉 जयपुर नगर की स्थापना सवाई जयसिंह द्वितीय ने 1727 ई. में की।
👉 इस नगर का नक्शा और नियोजन प्रसिद्ध वास्तुकार विद्याधर भट्टाचार्य ने तैयार किया।
👉 विद्याधर भट्टाचार्य एक श्रेष्ठ ज्योतिषी और गणितज्ञ भी थे।
👉 उन्होंने जयपुर को भारत का पहला नक्शानुसार बसाया गया नगर बनाया।
👉 इसलिए जयपुर नगर की स्थापत्य योजना का श्रेय उन्हें ही दिया जाता है।
✍️ सही उत्तर है – जयपुर
निम्न में से जयबाण नाम है ?
[हाथकरघा निरीक्षक (उद्योग) 22.12.2019]
👉 जयबाण एशिया की सबसे बड़ी तोप का नाम है।
👉 यह तोप जयपुर के जयगढ़ दुर्ग में रखी हुई है।
👉 जयगढ़ दुर्ग में उस समय का विशाल तोपखाना भी मौजूद था।
👉 जयबाण तोप केवल एक बार चलाई गई थी।
👉 इसका गोला गिरकर चाकसू में एक तालाब बना।
✍️ सही उत्तर है – तोप
निम्न में से किस महाराजा के दरबार में 22 कवि, 22 ज्योतिषी, 22 संगीतज्ञ एवं 22 विषय विशेषज्ञ के रूप में 'गन्धर्व बाइसी' विद्यमान थी
ग्रामसेवक & छात्रा. अधीक्षक 18.12.2016
👉 जयपुर के शासक सवाई प्रतापसिंह 1778–1803 ई. तक गद्दी पर रहे।
👉 वे स्वयं बड़े कला-प्रेमी और कवि भी थे।
👉 उनके दरबार में 22 कवि, 22 ज्योतिषी, 22 संगीतज्ञ और 22 विषय विशेषज्ञ थे।
👉 इस विद्वत मंडली को “गन्धर्व बाइसी” कहा जाता था।
👉 प्रतापसिंह का काल जयपुर की कला, साहित्य और संगीत का स्वर्णकाल माना गया।
✍️ सही उत्तर है – महाराजा सवाई प्रतापसिंह
जयपुर में मीनाकारी की कला महाराजा मान सिंह प्रथम द्वारा ____ से लाई गई थी।
[कनिष्ठ वैज्ञानिक सहायक (प्रलेख) 22 .09.2019]
👉 आमेर के शासक महाराजा मानसिंह प्रथम ने कला और स्थापत्य को बढ़ावा दिया।
👉 उनके समय में जयपुर में मीनाकारी कला की शुरुआत हुई।
👉 यह कला उन्होंने विशेष रूप से लाहौर से यहाँ लाकर बसाई।
👉 मीनाकारी बाद में जयपुर की पहचान और प्रसिद्ध शिल्प बन गई।
👉 इसके विकास में आगे के शासकों ने भी संरक्षण दिया।
✍️ सही उत्तर है – लाहौर
उस समुच्चय को चुनिए जिसके सभी शहरों में सवाई जयसिंह II द्वारा निर्मित वेधशालाएँ हैं
[कनिष्ठ वैज्ञानिक सहायक (जैविक) 15.09.2019]
👉 सवाई जयसिंह द्वितीय (1700–1743 ई.) महान खगोलविद और गणितज्ञ थे।
👉 उन्होंने ग्रह-नक्षत्रों की गति के अध्ययन हेतु पाँच जंतर-मंतर वेधशालाएँ बनवाईं।
👉 दिल्ली की वेधशाला 1724 ई. में सबसे पहले बनाई गई।
👉 इसके बाद जयपुर (1728 ई.), मथुरा (1724–25 ई.), उज्जैन (1725 ई.) और बनारस (1737 ई.) में वेधशालाएँ बनवाईं।
👉 ये पाँचों वेधशालाएँ उस समय खगोल विज्ञान के लिए विश्व की अद्वितीय प्रयोगशालाएँ थीं।
✍️ सही उत्तर है – जयपुर, बनारस, उज्जैन, मथुरा, दिल्ली
जहांगीर ने मुग़ल बादशाह बनने के बाद में किस राजपूत शासक के मनसब को कम कर दिया ?
[REET मुख्य परीक्षा (L -1) 25.02.2023]
👉 राजा मानसिंह प्रथम अकबर के नवरत्नों में शामिल थे।
👉 अकबर ने उन्हें सर्वाधिक 7000 मनसब प्रदान किया था।
👉 लेकिन जहाँगीर के बादशाह बनने पर उनसे खुसरो विद्रोह का साथ देने का आरोप लगा।
👉 इसी कारण जहाँगीर ने मानसिंह का मनसब 7000 से घटाकर 5000 कर दिया।
✍️ सही उत्तर है – मानसिंह
उस समुच्चय को चुनिए जिसके सभी शहरों में सवाई जयसिंह द्वारा वेधशालाएँ बनवाई गई हैं।
[REET मुख्य परीक्षा (L -2) 27.02.2023]
👉 सवाई जयसिंह द्वितीय महान ज्योतिषी व गणितज्ञ थे।
👉 उन्होंने कुल पाँच वेधशालाएँ यानी जंतर-मंतर बनवाईं।
👉 ये वेधशालाएँ दिल्ली, जयपुर, उज्जैन, मथुरा व बनारस में बनीं।
👉 दिये गये चारों शहर — मथुरा, उज्जैन, दिल्ली, बनारस — इसमें शामिल हैं।
✍️ सही उत्तर है – मथुरा, उज्जैन, दिल्ली, बनारस
जयपुर के किस शासक ने अपनी पुत्री का विवाह शहज़ादा सलीम से 1585 ई. में किया ?
[REET मुख्य परीक्षा (L -2) 26.02.2023]
👉 आमेर/जयपुर के शासक भगवंतदास 1573–1589 ई. तक शासन करते रहे।
👉 इनकी पुत्री मानबाई / मनभावती का विवाह 1585 ई. में हुआ।
👉 विवाह हुआ अकबर के पुत्र शहज़ादा सलीम (जहाँगीर) से।
👉 मुगल दरबार में मानबाई को शाह-ए-बेगम का पद मिला।
✍️ सही उत्तर है – भगवंतदास
किस शासक के समय राजस्थान में ब्लू पॉटरी की शुरूआत हुई ?
[REET मुख्य परीक्षा (L -2) 28.02.2023]
👉 ब्लू पॉटरी में पारंपरिक हरे-नीले रंग का प्रयोग
👉 मिट्टी के बर्तनों पर नक्काशी का कार्य
👉 अकबर के समय फारस→लाहौर, फिर रामसिंह प्रथम इसे जयपुर लाए
👉 सर्वाधिक विकास रामसिंह द्वितीय के काल में; चूड़ामन व कालूराम को दिल्ली भेजा
👉 आधुनिक दौर में कृपाल सिंह शेखावत ने पुनर्जीवित किया, उन्हें पद्मश्री मिला
✍️ सही उत्तर है – सवाई रामसिंह
झाड़शाही सिक्के राजस्थान की कौनसी रियासत में प्रचलित थे ?
[कनिप्ठ अनुदेशक (रेफ्रीजरेशन) 24.12.2019]
👉 मुग़लों के साथ मैत्रीपूर्ण संबंधों के कारण कछवाहा शासकों ने विशेष सिक्के चलाए।
👉 ये सिक्के जयपुर राज्य में जारी किए गए थे।
👉 इन्हें झाड़शाही सिक्के कहा जाता था।
👉 यह जयपुर और मुग़लों के संबंधों का प्रतीक थे।
👉 झाड़शाही सिक्के जयपुर की विशेष पहचान बने।
✍️ सही उत्तर है – जयपुर
वह कौन सा शासक था जिसने तीन मुगल बादशाहों के काल में शासन किया ?
[JEN (विद्युत/यांत्रिक) (डिग्रीधारक) 26.12.2020]
👉 आमेर का शासक मिर्जा राजा जयसिंह प्रथम 1621 ई. में गद्दी पर बैठा।
👉 उसने तीन मुगल सम्राटों — जहाँगीर, शाहजहाँ और औरंगजेब — की सेवा की।
👉 इन सम्राटों के अभियानों में जयसिंह ने महत्वपूर्ण सैन्य योगदान दिया।
👉 शाहजहाँ ने उसकी वीरता देखकर उसे “मिर्जा राजा” की उपाधि दी।
👉 जयसिंह प्रथम एक वीर योद्धा, कूटनीतिज्ञ और सामंत के रूप में ख्यात हुआ।
✍️ सही उत्तर है – मिर्जा राजा जयसिंह प्रथम
निम्नलिखित में से किसने अपनी पुत्री मानबाई का विवाह जहांगीर के साथ किया ?
[कनिष्ठ अनुदेशक (टर्नर) 09.01.2025]
👉 आमेर के शासक राजा भगवंतदास 1573–1589 ई. तक शासन करते रहे।
👉 उन्होंने अपनी पुत्री मानबाई / मनभावती का विवाह किया।
👉 यह विवाह अकबर के पुत्र शहजादा सलीम (जहाँगीर) के साथ सम्पन्न हुआ।
👉 विवाह 1585 ई. में हुआ और मानबाई को दरबार में शाह-ए-बेगम का पद मिला।
👉 मानबाई से जहाँगीर का पुत्र खुसरो उत्पन्न हुआ।
✍️ सही उत्तर है – राजा भगवान दास
जयपुर में रामप्रकाश थिएटर की स्थापना किसने की है ?
[कनिष्ठ अनुदेशक (कार्यशाला) 10.09.2022]
👉 जयपुर में रामप्रकाश थिएटर की स्थापना 1878 ई. में हुई।
👉 यह राजस्थान ही नहीं, उत्तरी भारत का पहला रंगमंच था।
👉 इस थिएटर का निर्माण शासक सवाई रामसिंह द्वितीय ने करवाया।
👉 इन्होंने इसे कला और नाट्य विधा के प्रोत्साहन हेतु स्थापित किया।
✍️ सही उत्तर है – सवाई रामसिंह द्वितीय
आमेर का जगत शिरोमणि मन्दिर किसकी याद में बनवाया गया था ?
[वनपाल परीक्षा 06.11.2022]
👉 आमेर का प्रसिद्ध जगत शिरोमणि मंदिर 16वीं शताब्दी में बनवाया गया।
👉 इसका निर्माण मानसिंह प्रथम की रानी कनकावती ने करवाया।
👉 यह मंदिर उनके पुत्र जगतसिंह की स्मृति में बनवाया गया था।
👉 इसमें कृष्ण की वह काले पत्थर की मूर्ति स्थापित की गई, जिसकी पूजा मीराबाई करती थीं।
✍️ सही उत्तर है – जगतसिंह
अकबर ने किस जयपुर नरेश को 'फर्जंद' की उपाधि प्रदान की ? (निम्न में से सबसे उपयुक्त विकल्प चुनें)
कनिष्ठ अनुदेशक (कंप्यूटर प्रयो.) 16.11.2024
👉 मुगल सम्राट अकबर ने आमेर के शासक को कई सम्मान दिए।
👉 अकबर ने आमेर नरेश मानसिंह प्रथम को अपना दत्तक पुत्र माना।
👉 उनकी वीरता और निष्ठा से प्रसन्न होकर उन्हें विशेष उपाधि दी।
👉 अकबर ने मानसिंह को 7000 का मनसब भी प्रदान किया।
👉 इस कारण वे दरबार में “फर्जन्द” के नाम से प्रसिद्ध हुए।
✍️ सही उत्तर है – मानसिंह प्रथम
एशिया की सबसे बड़ी तोप जयबाण कहाँ रखी हुई है ?
[REET मुख्य परीक्षा (L -2) 01.03.2023]
👉 एशिया की सबसे बड़ी तोप जयबाण है।
👉 यह विशाल तोप जयपुर के जयगढ़ दुर्ग में रखी हुई है।
👉 जयगढ़ दुर्ग का निर्माण मुख्यतः मिर्जा राजा जयसिंह प्रथम ने करवाया।
👉 यहाँ एशिया का सबसे बड़ा तोप ढालने का कारखाना भी था।
👉 जयबाण तोप केवल एक बार चलाई गई थी, जिसका गोला चाकसू में गिरा।
✍️ सही उत्तर है – जयगढ़
जयपुर के किस शासक ने चाकसू में शीतला माता मन्दिर बनवाया ?
[REET मुख्य परीक्षा (L -2) 25.02.2023]
👉 आमेर में शीतला माता मंदिर का निर्माण महाराजा माधोसिंह ने कराया।
👉 माधोसिंह प्रथम का शासनकाल 1751–1768 ई. रहा।
👉 इन्होंने अपने समय में कई निर्माण कार्य व नगर बसावट की।
👉 शीतला माता मंदिर चाकसू में इनके धर्मप्रेम का प्रतीक है।
✍️ सही उत्तर है – महाराजा माधोसिंह
राजा जयसिंह को 'मिर्जा' की उपाधि किसने दी थी ?
[कनिप्ठ अनुदेशक (रेफ्रीजरेशन) 24.12.2019]
👉 आमेर के शासक राजा जयसिंह प्रथम ने तीन मुगल सम्राटों की सेवा की।
👉 उन्होंने जहाँगीर, शाहजहाँ और औरंगजेब के काल में सैन्य योगदान दिया।
👉 शाहजहाँ ने कंधार अभियान में उनकी वीरता और निष्ठा से प्रसन्न होकर सम्मानित किया।
👉 इस अवसर पर उन्हें विशेष रूप से “मिर्जा राजा” की उपाधि दी गई।
👉 इससे जयसिंह प्रथम की प्रतिष्ठा मुगल दरबार में और बढ़ गई।
✍️ सही उत्तर है – शाहजहाँ
एल्बर्ट म्यूजियम की स्थापना जयपुर के किस शासक ने की थी ?
JEN (सिविल डिग्रीधारक) 18.05.2022
👉 जयपुर में प्रसिद्ध अल्बर्ट हॉल म्यूजियम की स्थापना हुई।
👉 इसका निर्माण कार्य सवाई रामसिंह द्वितीय के शासनकाल में प्रारंभ हुआ।
👉 1876 ई. में प्रिंस ऑफ वेल्स अल्बर्ट एडवर्ड के आगमन पर इसकी नींव रखी गई।
👉 इसका नक्शा प्रसिद्ध वास्तुकार सर सैमुअल स्विंटन जैकब ने बनाया।
👉 बाद में इसे संग्रहालय के रूप में विकसित कर जनता के लिए खोला गया।
✍️ सही उत्तर है – सवाई रामसिंह द्वितीय
कलाओं के प्रोत्साहन के लिए, 1857 ई. में, 'महाराजा स्कूल ऑफ आर्ट्स एण्ड क्राफ्ट्स' की स्थापना की थी -
[CET (स्नातक) (चरण -IV) 08.01.2023]
👉 1857 ई. में जयपुर के शासक सवाई रामसिंह द्वितीय थे।
👉 उन्होंने समाज में कई सामाजिक सुधार करवाए।
👉 कलाओं के प्रोत्साहन हेतु उन्होंने मदरसा-ए-हुनरी की स्थापना की।
👉 1865 ई. में इसका नाम बदलकर महाराजा स्कूल ऑफ आर्ट्स एण्ड क्राफ्ट्स रखा गया।
✍️ सही उत्तर है – सवाई रामसिंह द्वितीय
जयपुर का कौनसा शासक तीन मुगल बादशाह : जहांगीर, शाहजहाँ और औरंगज़ेब की सेवा में रहा ?
[सुपरवाईजर परीक्षा 06.01.2019]
👉 मिर्जा राजा जयसिंह आमेर के पराक्रमी कछवाहा शासक थे।
👉 उन्होंने लगातार तीन मुगल सम्राटों — जहाँगीर, शाहजहाँ और औरंगजेब — की सेवा की।
👉 शाहजहाँ ने उनकी वीरता देखकर उन्हें “मिर्जा राजा” की उपाधि दी।
👉 उनके काल में आमेर महल का दीवान-ए-आम और अन्य निर्माण कार्य हुए।
👉 वे एक कूटनीतिज्ञ, योद्धा और प्रशासक के रूप में प्रसिद्ध रहे।
✍️ सही उत्तर है – मिर्जा राजा जयसिंह
सर वी. टी. कृष्णामाचारी किस राज्य के दीवान थे ?
[सुपरवाईजर परीक्षा 06.01.2019]
👉 सर वी. टी. कृष्णामाचारी एक कुशल प्रशासक और अर्थशास्त्री थे।
👉 इन्हें जयपुर राज्य में दीवान (प्रधान) नियुक्त किया गया था।
👉 जयपुर में इन्होंने कई प्रशासनिक और आर्थिक सुधार किए।
👉 इनके कार्यकाल में जयपुर को आधुनिक व्यवस्था और ढाँचे से जोड़ा गया।
👉 बाद में इन्हें संविधान की प्रारूप समिति में भी स्थान मिला।
✍️ सही उत्तर है – जयपुर
आमेर के राजा भारमल ने अकबर की अधीनता कब स्वीकार की
[संकलनकर्ता परीक्षा 21.08.2016]
👉 आमेर के शासक राजा भारमल का शासनकाल 1547–1573 ई. तक रहा।
👉 मुगल सम्राट अकबर ने राजपूतों को अपने अधीन करने की नीति अपनाई।
👉 भारमल ने अपनी पुत्री हरकाबाई का विवाह अकबर से कर दिया।
👉 इस विवाह के साथ ही उन्होंने मुगलों की अधीनता स्वीकार की।
👉 यह ऐतिहासिक घटना 20 जनवरी 1562 ई. को हुई थी।
✍️ सही उत्तर है – 1562 ईस्वी
जयपुर राज्य में तोप के लिए दूसरा क्या शब्द प्रयुक्त होता था ?
[अन्वेषक परीक्षा 21.08.2016]
👉 जयपुर राज्य में युद्ध के लिए बड़े पैमाने पर तोपों का उपयोग होता था।
👉 जयगढ़ दुर्ग में एशिया का सबसे बड़ा तोप कारखाना स्थित था।
👉 यहाँ निर्मित विश्व प्रसिद्ध तोप जयबाण केवल एक बार चलाई गई।
👉 जयपुर राज्य की भाषा में तोप को “अग्नि जंतर” भी कहा जाता था।
👉 यह शब्द तोप की आग और शक्ति का प्रतीक था।
✍️ सही उत्तर है – अग्नि जंतर
'तूंगा युद्ध' किनके मध्य लडा गया ?
[JEN (Civil डिप्लोमा) 16.10.2016]
👉 तुंगा युद्ध 28 जुलाई 1787 ई. को लड़ा गया।
👉 यह युद्ध जयपुर शासक सवाई प्रतापसिंह की सेना ने लड़ा।
👉 उनके विरुद्ध मराठा सरदार महादजी सिंधिया विशाल सेना के साथ आया।
👉 युद्ध स्थल जयपुर ग्रामीण जिले की मोरेल नदी के किनारे तुंगा था।
👉 इस संघर्ष में जयपुर की संयुक्त सेना ने महादजी सिंधिया को पराजित किया।
✍️ सही उत्तर है – प्रतापसिंह और महादजी सिंधिया
राजस्थान की किस रियासत ने ब्लू पॉटरी को संरक्षण दिया ?
JEN (विद्युत/यांत्रिक, डिप्लोमा) 20.05.2022
👉 राजस्थान में ब्लू पॉटरी कला की शुरुआत आमेर से हुई।
👉 इसे आमेर के शासक मानसिंह प्रथम लाहौर से लाए थे।
👉 इस कला का सर्वाधिक विकास और संरक्षण जयपुर रियासत ने दिया।
👉 विशेषकर सवाई रामसिंह द्वितीय के काल में यह कला उन्नति पर पहुँची।
👉 जयपुर ने ब्लू पॉटरी को अपनी विशेष पहचान दिलाई।
✍️ सही उत्तर है – जयपुर
जयपुर के अल्बर्ट हॉल का उद्घाटन किसके शासनकाल में हुआ था ?
[अन्वेषक परीक्षा 27.12.2020]
👉 जयपुर का प्रसिद्ध अल्बर्ट हॉल 1876 ई. में प्रिंस ऑफ वेल्स अल्बर्ट एडवर्ड के आगमन पर बनाया गया।
👉 इसका निर्माण कार्य जयपुर शासक सवाई रामसिंह द्वितीय ने प्रारंभ कराया था।
👉 आगे चलकर इसका कार्य उनके उत्तराधिकारी सवाई माधोसिंह द्वितीय ने पूरा कराया।
👉 21 फरवरी 1887 ई. को इसका विधिवत उद्घाटन हुआ।
👉 इसे कला और संस्कृति का संग्रहालय बनाया गया।
✍️ सही उत्तर है – सवाई माधोसिंह द्वितीय
सर वी. टी. कृष्णामाचारी किस राज्य के दीवान थे ?
[कनिष्ठ वैज्ञानिक सहायक (विष) 14.09.2019]
👉 सर वी. टी. कृष्णामाचारी मूलतः तमिलनाडु के निवासी थे।
👉 उन्हें जयपुर राज्य में दीवान (प्रधान) के पद पर नियुक्त किया गया।
👉 इन्होंने जयपुर में कई प्रशासनिक सुधार किए।
👉 साथ ही राज्य को आधुनिक आर्थिक और सामाजिक ढाँचे से जोड़ा।
👉 बाद में इन्हें संविधान की प्रारूप समिति में भी स्थान मिला।
✍️ सही उत्तर है – जयपुर
जयपुर में हवामहल का निर्माण किसने करवाया ?
[कनिष्ठ अनुदेशक (इलेक्ट्रिशियन) 24.03.2019]
👉 जयपुर का प्रसिद्ध हवामहल 1799 ई. में बनवाया गया।
👉 इसका निर्माण शासक सवाई प्रतापसिंह ने कराया।
👉 हवामहल का वास्तुकार लालचंद उस्ता था।
👉 यह पाँच मंजिला इमारत कृष्ण के मुकुट के आकार में बनी।
👉 इसे ‘राजस्थान का एयर दुर्ग’ भी कहा जाता है।
✍️ सही उत्तर है – सवाई प्रतापसिंह
सम्राट अकबर ने 7000 का मनसब एवं फर्जन्द की उपाधि किसे
[पशुधन सहायक (LSA) 21.08.2016]
👉 आमेर के शासक मानसिंह अकबर के प्रिय सेनापति थे।
👉 उन्होंने कई महत्त्वपूर्ण युद्धों में विजय प्राप्त की।
👉 अकबर ने उनकी वीरता देखकर उन्हें 7000 का मनसब दिया।
👉 साथ ही उन्हें अपना दत्तक पुत्र मानकर “फर्जन्द” की उपाधि प्रदान की।
👉 मानसिंह अकबर के दरबार के नवरत्नों में भी सम्मिलित थे।
✍️ सही उत्तर है – मानसिंह
फर्रुखसियर ने 1713 ई. में सवाई जयसिंह को कहाँ का सूबेदार नियुक्त किया था ?
[कनिष्ठ अनुदेशक (कार्यशाला) 19.11.2024]
👉 मुगल सम्राट फर्रुखसियर ने राजपूतों को महत्त्वपूर्ण पदों पर नियुक्त किया।
👉 1713 ई. में उन्होंने जयपुर नरेश सवाई जयसिंह द्वितीय को सूबेदारी दी।
👉 यह सूबेदारी रणनीतिक दृष्टि से महत्त्वपूर्ण प्रदेश मालवा की थी।
👉 सवाई जयसिंह ने वहाँ अफगानों और मराठों के विद्रोह को दबाया।
👉 इस नियुक्ति से उनकी मुगल दरबार में प्रतिष्ठा और प्रभाव बढ़ा।
✍️ सही उत्तर है – मालवा
जयपुर नगर की स्थापना के समय वहाँ का प्रमुख वास्तुकार एवं नगर नियोजक कौन था ?
[आर्थिक अन्वेषक परीक्षा 25.03.2019]
👉 जयपुर नगर की स्थापना सवाई जयसिंह द्वितीय ने 1727 ई. में की।
👉 इस नगर का वास्तुकार एवं मुख्य नगर नियोजक पंडित विद्याधर भट्टाचार्य था।
👉 विद्याधर भट्टाचार्य एक श्रेष्ठ ज्योतिषी और शिल्पकार भी थे।
👉 उन्होंने जयपुर को भारत का पहला नक्शानुसार बसाया गया नगर बनाया।
👉 नगर की योजना में विदेशी वास्तुकार जेवियर डी सिल्वा की भी सहायता ली गई।
✍️ सही उत्तर है – विद्याधर भट्टाचार्य
जयपुर में मीनाकारी की कला महाराजा मानसिंह I द्वारा _____ से लाई गई।
[वनपाल परीक्षा 06.11.2022]
👉 आमेर के शासक महाराजा मानसिंह प्रथम ने अनेक निर्माण कार्य करवाए।
👉 इन्होंने कला व शिल्प को विशेष संरक्षण दिया।
👉 जयपुर में मीनाकारी कला की शुरुआत इन्हीं के समय हुई।
👉 यह कला मानसिंह प्रथम द्वारा लाहौर से लाई गई थी।
✍️ सही उत्तर है – लाहौर
निम्न में से कौन से कछवाहा शासक ने मीणाओं को हराकर आमेर को अपनी राजधानी बनाया ?
[पटवार (तृतीय चरण) 24.10.2021]
👉 आमेर प्राचीन समय में मीणाओं के अधीन था।
👉 कछवाहा शासक कोकिलदेव (काकिलदेव) ने मीणाओं को हराया।
👉 उसने भट्टो/भुट्टी मीणा को पराजित कर आमेर पर अधिकार किया।
👉 इसके बाद आमेर को कछवाहा वंश की राजधानी बनाया गया।
👉 कोकिलदेव ने यहाँ अम्बिकेश्वर महादेव मंदिर भी बनवाया।
✍️ सही उत्तर है – कोकिलदेव
जयपुर नगर की स्थापना के समय मुख्य वास्तुकार एवं नगर नियोजक कौन था ?
[PTI ग्रेड -III 30.09.2018]
👉 जयपुर नगर की स्थापना 1727 ई. में सवाई जयसिंह द्वितीय ने की।
👉 इस नगर के मुख्य वास्तुकार और नगर नियोजक पंडित विद्याधर भट्टाचार्य थे।
👉 विद्याधर भट्टाचार्य एक कुशल ज्योतिषी, गणितज्ञ और शिल्पकार थे।
👉 उन्होंने जयपुर को भारत का पहला नक्शानुसार बसाया गया नगर बनाया।
👉 नगर की योजना में विदेशी वास्तुकार जेवियर डी सिल्वा ने भी सहयोग दिया।
✍️ सही उत्तर है – विद्याधर भट्टाचार्य
'दस्तूर कौमबार' (कोमवार) में किस रियासत से सम्बन्धित वर्णन मिलता है ?
[कनिष्ठ अनुदेशक (फिटर) 20.11.2024]
👉 ऐतिहासिक ग्रंथ ‘दस्तूर कौमवार’ राजस्थान के इतिहास से जुड़ा है।
👉 इसमें कछवाहा वंश की प्रमुख रियासत जयपुर का उल्लेख है।
👉 ग्रंथ में जयपुर राज्य की राजनीतिक, सामाजिक और प्रशासनिक जानकारी मिलती है।
👉 इसे जयपुर की ऐतिहासिक स्थिति का महत्त्वपूर्ण स्रोत माना जाता है।
👉 यह ग्रंथ जयपुर रियासत के अध्ययन में विशेष सहायक है।
✍️ सही उत्तर है – जयपुर
जयपुर में मीनाकारी की कला महाराजा मानसिंह प्रथम द्वारा ______ से लाई गई थी ।
[REET मुख्य परीक्षा (L -2) 25.02.2023]
👉 आमेर के शासक महाराजा मानसिंह प्रथम अकबर के नवरत्नों में थे।
👉 वे एक वीर योद्धा, कुशल प्रशासक व निर्माणकर्ता थे।
👉 इनके समय जयपुर में मीनाकारी कला की शुरुआत हुई।
👉 यह कला मानसिंह प्रथम द्वारा लाहौर से लाई गई थी।
✍️ सही उत्तर है – लाहौर
हवा महल का वास्तुकार कौन था ?
[लवण निरीक्षक (उद्योग) 22.12.2019]
👉 जयपुर का प्रसिद्ध हवा महल 1799 ई. में बनवाया गया।
👉 इसका निर्माण शासक सवाई प्रतापसिंह ने करवाया था।
👉 इस भव्य इमारत का वास्तुकार लालचंद उस्ता था।
👉 हवामहल पाँच मंजिला है और इसमें 953 खिड़कियाँ बनी हैं।
👉 इसे ‘राजस्थान का एयर दुर्ग’ भी कहा जाता है।
✍️ सही उत्तर है – लालचंद
आमेर के किस शासक को अकबर ने 'फर्जन्द' की उपाधि दी थी ?
[वनपाल परीक्षा 06.11.2022]
👉 आमेर के शासक मानसिंह प्रथम अकबर के नवरत्नों में शामिल थे।
👉 उनकी वीरता व निष्ठा से प्रसन्न होकर अकबर ने उन्हें सम्मानित किया।
👉 अकबर ने मानसिंह को अपना दत्तक पुत्र माना।
👉 इसलिए उन्हें दरबार में ‘फर्जन्द’ की उपाधि प्रदान की।
✍️ सही उत्तर है – मानसिंह
किस राजपूत शासक की वीरता से प्रभावित होकर औरंगजेब ने उसे 'महाराजा' और 'माही-मरातिब' की उपाधि दी ?
[कनिष्ठ अनुदेशक (STE) 05.01.2025]
👉 मुगल बादशाह औरंगजेब ने कई राजपूत सरदारों को उपाधियाँ दीं।
👉 बीकानेर नरेश राव अनूपसिंह ने मुगलों की ओर से दक्षिण में वीरता दिखाई।
👉 उनकी बहादुरी और सेवाओं से औरंगजेब अत्यधिक प्रभावित हुआ।
👉 इसलिए उन्हें “महाराजा” तथा विशेष सम्मान “माही-मरातिब” प्रदान किया।
👉 यह उपाधि उनकी वीरता और निष्ठा का प्रतीक बनी।
✍️ सही उत्तर है – राव अनूपसिंह
मुगल बादशाह शाहजहाँ और औरंगजेब के शासनकाल में निरंतर मुगल दरबार में कार्य करने वाले जयपुर के शासक का नाम बताइये ?
[लिपिक ग्रेड-II 09.09.2018]
👉 आमेर/जयपुर के शासक मिर्जा राजा जयसिंह दीर्घकाल तक मुगलों के साथ जुड़े रहे।
👉 उन्होंने लगातार मुगल सम्राट शाहजहाँ और औरंगजेब की सेवा की।
👉 शाहजहाँ ने उनकी वीरता देखकर उन्हें “मिर्जा राजा” की उपाधि दी।
👉 जयसिंह प्रथम ने कई सैन्य अभियानों का नेतृत्व किया।
👉 वे एक कुशल योद्धा और कूटनीतिज्ञ के रूप में प्रसिद्ध हुए।
✍️ सही उत्तर है – मिर्जा राजा जयसिंह
अकबर द्वारा मानसिंह को निम्नलिखित में कौनसे मुगल प्रान्तों का सुबेदार (राज्यपाल) नियुक्त किया गया था ?
(1) काबुल
(2) बिहार
(3) बंगाल
(4) गुजरात
[कनिष्ठ वैज्ञानिक सहायक (जैविक) 15.09.2019]
कूट :-
👉 अकबर ने आमेर के शासक मानसिंह प्रथम को कई महत्वपूर्ण सूबों का सूबेदार नियुक्त किया।
👉 1581 ई. में उन्हें काबुल का सूबेदार बनाया गया।
👉 1587 ई. में मानसिंह को बिहार की सूबेदारी दी गई।
👉 1594 ई. में अकबर ने उन्हें बंगाल का सूबेदार नियुक्त किया।
👉 इन तीनों प्रान्तों में उन्होंने मुगल साम्राज्य की सेवा और विजय सुनिश्चित की।
✍️ सही उत्तर है – (1), (2), (3)
जयपुर का स्थापना वर्ष है
[कनिष्ठ अनुदेशक (कार्यशाला) 10.09.2022]
👉 कछवाहा वंश के शासक सवाई जयसिंह द्वितीय ने नया नगर बसाने का निश्चय किया।
👉 1727 ई. में आमेर के दक्षिण भाग में जयनगर की नींव रखी गई।
👉 नगर का निर्माण प्रमुख वास्तुकार विद्याधर भट्टाचार्य के निर्देशन में हुआ।
👉 जयपुर भारत का पहला सही नक्शानुसार बसाया गया नगर माना जाता है।
👉 प्रारंभ में इसका नाम जयनगर रखा गया, बाद में यह जयपुर कहलाया।
✍️ सही उत्तर है – 1727 ई.
'तुंगा का युद्ध' किस वर्ष लड़ा गया ?
[कर सहायक 14.10.2018]
👉 तुंगा का युद्ध जयपुर और मराठों के बीच लड़ा गया।
👉 यह युद्ध जयपुर शासक सवाई प्रतापसिंह के शासनकाल में हुआ।
👉 युद्ध का स्थान जयपुर ग्रामीण जिले की मोरेल नदी के किनारे तुंगा था।
👉 इसमें जयपुर और जोधपुर की संयुक्त सेना ने मराठा सरदार महादजी सिंधिया को हराया।
👉 यह निर्णायक युद्ध 1787 ई. में लड़ा गया।
✍️ सही उत्तर है – 1787 ई.
जगत शिरोमणि मन्दिर किस दुर्ग के उत्तर-पश्चिम में स्थित है ?
[कनिष्ठ अनुदेशक (फिटर) 23.03.2019]
👉 आमेर दुर्ग कछवाहा शासकों की राजधानी और प्रमुख किला था।
👉 इसकी स्थापना का श्रेय कछवाहा शासक कोकिलदेव को दिया जाता है।
👉 बाद में मानसिंह प्रथम ने यहाँ भव्य महल और मंदिर बनवाए।
👉 जगत शिरोमणि मन्दिर आमेर दुर्ग के उत्तर-पश्चिम में स्थित है।
✍️ सही उत्तर है – आमेर दुर्ग
'हवा-महल' का निर्माण किसने करवाया था ?
[SI मोटर वाहन 12.02.2022]
👉 जयपुर का प्रसिद्ध हवा महल 1799 ई. में बनवाया गया।
👉 इसका निर्माण शासक सवाई प्रतापसिंह ने करवाया।
👉 वास्तुकार लालचंद उस्ता के निर्देशन में यह पाँच मंजिला इमारत बनी।
👉 इसकी खिड़कियाँ (953) रानियों को झाँकने हेतु बनाई गईं।
👉 इसे ‘राजस्थान का एयर दुर्ग’ भी कहा जाता है।
✍️ सही उत्तर है – सवाई प्रतापसिंह
खगोल विज्ञान के बारे में 'जिज मुहम्मद शाही' पुस्तक किसने लिखी थी ?
[कनिष्ठ अनुदेशक (कार्यशाला) 10.09.2022]
👉 जयपुर के शासक सवाई जयसिंह द्वितीय विद्या और ज्योतिष के बड़े ज्ञाता थे।
👉 उन्होंने ग्रह-नक्षत्रों की गति पर गहन अध्ययन करवाया।
👉 इसी अध्ययन के आधार पर 1725 ई. में उन्होंने एक सारणी तैयार करवाई।
👉 यह ग्रंथ खगोल विज्ञान पर आधारित था, जिसका नाम ‘जिज मुहम्मद शाही’ रखा गया।
✍️ सही उत्तर है – सवाई जयसिंह द्वितीय
जयपुर में 'मीनाकारी' की कला किस शासक के समय में आयी ?
[JEN (यांत्रिक) (डिप्लोमाधारक) 13.12.2020]
👉 जयपुर में मीनाकारी कला का आगमन आमेर के शासक मानसिंह प्रथम के समय हुआ।
👉 उन्होंने इसे लाहौर से लाकर यहाँ की कला परंपरा में शामिल किया।
👉 मानसिंह प्रथम कला व निर्माण कार्यों के बड़े संरक्षक थे।
👉 आगे चलकर इस कला का सर्वाधिक विकास सवाई रामसिंह द्वितीय के काल में हुआ।
👉 इस तरह मीनाकारी कला को जयपुर में नई पहचान मिली।
✍️ सही उत्तर है – मानसिंह प्रथम
आमेर महल में दीवान-ए-आम का निर्माण किसने करवाया ?
[कनिष्ठ अनुदेशक (इलेक्ट्रिशियन) 24.03.2019]
👉 मिर्जा राजा जयसिंह आमेर के प्रसिद्ध कछवाहा शासक थे।
👉 वे लगातार तीन मुगल सम्राटों – जहाँगीर, शाहजहाँ और औरंगजेब की सेवा में रहे।
👉 शाहजहाँ ने उनकी वीरता से प्रभावित होकर उन्हें “मिर्जा राजा” की उपाधि दी।
👉 उनके काल में आमेर महल में दीवान-ए-आम और कई अन्य निर्माण हुए।
👉 वे एक महान योद्धा, कूटनीतिज्ञ और सामंत के रूप में प्रसिद्ध हुए।
✍️ सही उत्तर है – मिर्जा राजा जयसिंह
राजस्थान की किस रियासत और विशेष रूप से कौन-से शासक ने ब्लू पॉटरी को संरक्षण दिया?
[CET (स्नातक) (चरण -IV) 08.01.2023]
👉 राजस्थान में ब्लू पॉटरी कला को सर्वप्रथम आमेर लाया गया।
👉 इसे आमेर के शासक मानसिंह प्रथम लाहौर से लेकर आये थे।
👉 इस कला का सर्वाधिक विकास और संरक्षण सवाई रामसिंह द्वितीय ने दिया।
👉 इनके काल में ब्लू पॉटरी कला ने नई उन्नति और पहचान पाई।
✍️ सही उत्तर है – जयपुर रियासत, सवाई रामसिंह द्वितीय
'हुरड़ा सम्मेलन' का आयोजन निम्न में से किस वर्ष किया गया ?
[सूचना सहायक 12.05.2018]
👉 मराठों के बढ़ते प्रभाव के विरुद्ध राजपूत शासकों ने एक सम्मेलन बुलाया।
👉 यह सम्मेलन हुरड़ा (वर्तमान भीलवाड़ा) नामक स्थान पर हुआ।
👉 इसमें जयपुर, मेवाड़, मारवाड़, बीकानेर, बूंदी, कोटा आदि राज्यों के शासक शामिल हुए।
👉 इसकी अध्यक्षता मेवाड़ के महाराणा जगतसिंह द्वितीय ने की।
👉 यह ऐतिहासिक सम्मेलन 1734 ई. में आयोजित किया गया।
✍️ सही उत्तर है – 1734 ई.
नवम्बर, 1727 ई. को जयपुर शहर की नींव किसने रखी ?
[कनिष्ठ अनुदेशक (कंप्यूटर) 10.01.2025]
👉 कछवाहा शासक सवाई जयसिंह द्वितीय ने 1727 ई. में जयपुर बसाने का निर्णय लिया।
👉 उन्होंने आमेर से हटकर नया नगर जयपुर (जयनगर) बसाना शुरू किया।
👉 नगर का नक्शा विद्याधर भट्टाचार्य ने तैयार किया।
👉 18 नवम्बर, 1727 ई. को पंडित जगन्नाथ सम्राट ने विधिवत नींव रखी।
👉 जयपुर भारत का पहला नक्शानुसार बसाया गया नगर माना जाता है।
✍️ सही उत्तर है – पंडित जगन्नाथ सम्राट
राजस्थान स्कूल ऑफ आर्ट्स की स्थापना किसने की?
[CET (स्नातक) (चरण -II) 07.01.2023]
👉 जयपुर में 1857 ई. में मदरसा-ए-हुनरी की स्थापना हुई।
👉 1865 ई. में इसका नाम बदलकर महाराजा स्कूल ऑफ आर्ट्स एण्ड क्राफ्ट्स रखा गया।
👉 आगे चलकर यही संस्थान राजस्थान स्कूल ऑफ आर्ट्स के नाम से प्रसिद्ध हुआ।
👉 इसकी स्थापना का श्रेय जयपुर के शासक सवाई रामसिंह द्वितीय को जाता है।
✍️ सही उत्तर है – सवाई रामसिंह द्वितीय
आमेर के किस शासक को तीन मुगल सम्राटों जहांगीर, शाहजहाँ और औरंगज़ेब की सेवा में रहने का अवसर प्राप्त हुआ ?
[कनिष्ठ अनुदेशक (पलम्बर) 08.01.2025]
👉 आमेर के पराक्रमी शासक मिर्जा राजा जयसिंह का शासन 1621–1667 ई. तक रहा।
👉 उन्होंने लगातार तीन मुगल सम्राटों जहाँगीर, शाहजहाँ और औरंगज़ेब की सेवा की।
👉 इन सम्राटों के अभियानों में उन्होंने महत्वपूर्ण सैन्य नेतृत्व दिया।
👉 शाहजहाँ ने उनकी वीरता देखकर उन्हें “मिर्जा राजा” की उपाधि दी।
👉 वे एक योद्धा, कूटनीतिज्ञ और सामंत के रूप में ख्यात हुए।
✍️ सही उत्तर है – मिर्जा राजा जयसिंह
निम्नलिखित आमेर के शासकों में से किसने तीन मुगल बादशाहों क्रमश: जहाँगीर, शाहजहाँ एवं औरंगजेब के शासनकाल में मुगल दरबार में सेवायें दीं ?
[वनरक्षक (द्वितीय चरण -B) 11.12.2022]
👉 आमेर के शासक मिर्जा राजा जयसिंह प्रथम 1621 ई. में गद्दी पर बैठे।
👉 उन्होंने तीन मुगल सम्राटों — जहाँगीर, शाहजहाँ और औरंगजेब — की सेवा की।
👉 इन्हें मुगल दरबार में उच्च मनसब और उपाधियाँ प्राप्त हुईं।
👉 जयसिंह प्रथम एक वीर योद्धा, दूरदर्शी कूटनीतिज्ञ और सफल सामंत थे।
✍️ सही उत्तर है – मिर्जा राजा जयसिंह प्रथम
1743 में सवाई जयसिंह की मृत्यु के बाद जयपुर की गद्दी पर कौन आसीन हुआ ?
[प्रयोगशाला सहायक (भूगोल) 30.06.2022]
👉 1743 ई. में जयपुर शासक सवाई जयसिंह द्वितीय का निधन हुआ।
👉 उनकी मृत्यु के बाद गद्दी पर उनका ज्येष्ठ पुत्र सवाई ईश्वरीसिंह बैठा।
👉 ईश्वरीसिंह के शासनकाल में माधोसिंह प्रथम से उत्तराधिकार संघर्ष हुआ।
👉 इनके काल में राजमहल (1747) और बगरु (1748) के युद्ध लड़े गए।
👉 ईश्वरीसिंह ने जयपुर में ईसरलाट (सरगासूली मीनार) का निर्माण भी कराया।
✍️ सही उत्तर है – सवाई ईश्वरीसिंह
आमेर के किस शासक ने 1639 ई. में आमेर में गणेश पोल का निर्माण करवाया जो भित्ति चित्र व अलंकरणों से सुसज्जित है ?
[कनिष्ठ अनुदेशक (रोजगार) 18.11.2024]
👉 आमेर के कछवाहा शासक मिर्जा राजा जयसिंह प्रथम का शासन 1621–1667 ई. तक रहा।
👉 उनके काल में आमेर में कई भव्य निर्माण कार्य सम्पन्न हुए।
👉 उन्होंने 1639 ई. में आमेर महल में गणेश पोल का निर्माण करवाया।
👉 यह प्रवेश द्वार सुंदर भित्ति चित्रों और अलंकरणों से सजाया गया।
👉 गणेश पोल आमेर दुर्ग की कला और स्थापत्य का अद्भुत उदाहरण है।
✍️ सही उत्तर है – मिर्जा राजा जयसिंह प्रथम
जहांगीर ने बादशाह बनने के बाद किस राजपूत शासक के मनसब में कमी की थी ?
[कनिष्ठ वैज्ञानिक सहायक (प्रलेख) 22 .09.2019]
👉 मुगल बादशाह जहाँगीर ने गद्दी सँभालने के बाद कई मनसबों में बदलाव किया।
👉 आमेर के शासक मानसिंह प्रथम अकबर के नवरत्नों में गिने जाते थे।
👉 अकबर ने उन्हें सर्वाधिक 7000 मनसब प्रदान किया था।
👉 लेकिन जहाँगीर ने खुसरो विद्रोह के कारण इन पर संदेह किया।
👉 इसी वजह से उनके मनसब को घटाकर 5000 कर दिया गया।
✍️ सही उत्तर है – मानसिंह प्रथम
जयपुर के किस दुर्ग में तोपें बनाने का कारखाना है ?
[CET (10+2 चतुर्थ चरण) 05.02.2023]
👉 जयपुर में स्थित जयगढ़ दुर्ग 16वीं शताब्दी में बनवाया गया।
👉 इसका अधिकांश निर्माण मिर्जा राजा जयसिंह प्रथम ने कराया।
👉 यह दुर्ग अपने विशाल तोपखाने के लिए प्रसिद्ध है।
👉 यहाँ एशिया का सबसे बड़ा तोप कारखाना और विशाल जयबाण तोप स्थित है।
✍️ सही उत्तर है – जयगढ़
जयपुर के हवामहल का निर्माण _______ के शासनकाल में हुआ ।
[वनरक्षक (द्वितीय चरण -B) 11.12.2022]
👉 जयपुर का प्रसिद्ध हवामहल ‘राजस्थान का एयर दुर्ग’ कहलाता है।
👉 इसका निर्माण 1799 ई. में कराया गया था।
👉 हवामहल का निर्माण जयपुर शासक सवाई प्रतापसिंह के शासनकाल में हुआ।
👉 इसकी रचना वास्तुकार लालचंद उस्ता के निर्देशन में हुई थी।
✍️ सही उत्तर है – सवाई प्रतापसिंह
"बाराकोटडी" के नाम से कौनसा राज्य प्रसिद्ध था ?
[JEN (यांत्रिकी डिग्री) 21.08.2016]
👉 आमेर के शासक पृथ्वीराज कछवाहा (1503–1527 ई.) के 12 पुत्र थे।
👉 राज्य में विवाद न हो इसलिए आमेर को 12 भागों में बाँट दिया गया।
👉 इन 12 भागों को कोटड़ियाँ कहा गया।
👉 इनमें प्रथम कोटड़ी राजावतों की थी, अन्य नाथावत, नरुका आदि की।
👉 इस प्रकार आमेर रियासत “बारह कोटड़ी” के नाम से प्रसिद्ध हुई।
✍️ सही उत्तर है – आमेर
मुगल शासकों के साथ मैत्रीपूर्ण संबंधों के कारण जयपुर के कच्छवाहा शासकों द्वारा जारी किए गए सिक्के कहलाते थे ।
[CET (10+2 चतुर्थ चरण) 05.02.2023]
👉 जयपुर के कच्छवाहा शासकों ने मुग़लों से मैत्रीपूर्ण संबंध बनाए।
👉 इन संबंधों के प्रभाव से उन्होंने अपने सिक्के जारी किए।
👉 इन सिक्कों को विशेष रूप से झाडशाही सिक्के कहा जाता था।
👉 यह मुग़ल–राजपूत सहयोग और आपसी विश्वास का प्रतीक थे।
✍️ सही उत्तर है – झाडशाही
सवाई रामसिंह - II द्वारा किस वर्ष राजस्थान कला विद्यालय की स्थापना की गई ?
[पटवार (तृतीय चरण) 24.10.2021]
👉 जयपुर के शासक सवाई रामसिंह द्वितीय कला और संस्कृति के संरक्षक थे।
👉 उनके शासनकाल में 1857 ई. में मदरसा-ए-हुनरी की स्थापना हुई।
👉 बाद में 1865 ई. में इसका नाम बदलकर महाराजा स्कूल ऑफ आर्ट्स एण्ड क्राफ्ट्स रखा गया।
👉 यही संस्थान आगे चलकर राजस्थान स्कूल ऑफ आर्ट्स के नाम से प्रसिद्ध हुआ।
👉 इसका उद्देश्य कला, शिल्प और शिक्षा को बढ़ावा देना था।
✍️ सही उत्तर है – 1857 ई.