कर्नल जेम्स टॉड ने निम्न में से किस युद्ध को 'मेवाड़ के इतिहास का मेरेथॉन' कहा है ?

[लिपिक ग्रेड -II 12.08.2018]

  • कुम्भलगढ़ का युद्ध

  • गोगुन्दा का युद्ध

  • हल्दीघाटी का युद्ध

  • दिवेर का युद्ध

🔹 व्याख्या

👉 1582 ई. में महाराणा प्रताप ने मुगलों के विरुद्ध दिवेर का युद्ध लड़ा।
👉 इस युद्ध में प्रताप की सेना ने मुगलों को हराकर पर्वतीय क्षेत्र पर पुनः अधिकार किया।
👉 इस विजय ने मेवाड़ की शक्ति और प्रतिष्ठा को फिर से स्थापित किया।
👉 कर्नल जेम्स टॉड ने इस युद्ध को ‘मेवाड़ का मरेथॉन’ कहा।

✍️ सही उत्तर है – दिवेर का युद्ध। 

कौन-सा किला जौहर स्थल के लिए प्रसिद्ध है ? 

[हाथकरघा निरीक्षक (उद्योग) 22.12.2019]

  • गागरौण

  • कुम्भलगढ़ 

  • चित्तौड़गढ़ 

  • तारागढ़ (बूंदी)

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान में कई किले अपने साका और जौहर की घटनाओं के लिए प्रसिद्ध हैं।
👉 इनमें सबसे प्रमुख है चित्तौड़गढ़ दुर्ग।
👉 यहाँ तीन बार भीषण जौहर हुए – 1303 ई., 1534 ई. और 1568 ई. में।
👉 इसलिए चित्तौड़गढ़ का किला जौहर स्थल के रूप में प्रसिद्ध है।

✍️ सही उत्तर है – चित्तौड़गढ़। 

निम्नलिखित में से किस वर्ष में चित्तौड़ में इतिहास का पहला शाका हुआ ? 

[JEN (Civil Diploma) 11.02.2025]

  • 1295 

  • 1520 

  • 1430 

  • 1303 

🔹 व्याख्या

👉 चित्तौड़ में पहला साका रावल रतनसिंह के समय हुआ।
👉 1303 ई. में दिल्ली के सुल्तान अलाउद्दीन खिलजी ने चित्तौड़ पर आक्रमण किया।
👉 रावल रतनसिंह और वीर गोरा-बादल युद्ध में वीरगति को प्राप्त हुए।
👉 रानी पद्मिनी ने 1600 क्षत्राणियों के साथ जौहर किया।
👉 इसी घटना को चित्तौड़ का पहला शाका कहा जाता है।

✍️ सही उत्तर है – 1303 ई. 

"हुरदा" सम्मेलन की अध्यक्षता किसने की थी ? 

[अन्वेषक परीक्षा 21.08.2016]

  • अभयसिंह

  • दलेल सिंह

  • जगतसिंह द्वितीय

  • सवाई जयसिंह 

🔹 व्याख्या

👉 17 जुलाई 1734 ई. को हुरड़ा सम्मेलन आयोजित किया गया।
👉 यह सम्मेलन जयपुर नरेश सवाई जयसिंह की पहल पर बुलाया गया था।
👉 इसकी अध्यक्षता मेवाड़ के शासक महाराणा जगतसिंह द्वितीय ने की।
👉 इसका उद्देश्य मराठों के विरुद्ध राजपूत एकता स्थापित करना था।

✍️ सही उत्तर है – महाराणा जगतसिंह द्वितीय। 

1517 में खातोली के युद्ध में राणा सांगा ने किसे पराजित किया था?

[VDO (ग्राम विकास अधिकारी) 02.11.2025]

  • सुल्तान नसीरुद्दीन

  • इब्राहिम लोदी

  • सुल्तान मुजफ्फर

  • बहलोल लोदी

🔹 व्याख्या

👉 खातोली का युद्ध सन् 1517 ई. में लड़ा गया था।
👉 यह युद्ध मेवाड़ के महाराणा सांगा और दिल्ली के सुल्तान इब्राहिम लोदी के बीच हुआ था।
👉 इस युद्ध में महाराणा सांगा ने इब्राहिम लोदी को पराजित किया और बंदी बना लिया।
👉 बाद में फिरौती लेकर इब्राहिम लोदी को रिहा कर दिया गया।
👉 यह युद्ध मेवाड़ की महान विजय के रूप में प्रसिद्ध हुआ, जिसने राणा सांगा की वीरता को अमर कर दिया।

✍️ सही उत्तर है – इब्राहिम लोदी

बिजोलिया ठिकाने का संस्थापक कौन था ? 

[अन्वेषक परीक्षा 21.08.2016]

  • डालचन्द परमार 

  • कर्मचन्द परमार 

  • बलवन्त परमार 

  • अशोक परमार 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान का प्रसिद्ध बिजौलिया ठिकाना इतिहास में महत्वपूर्ण रहा है।
👉 इसका संस्थापक अशोक परमार था।
👉 परमार वंश ने इस क्षेत्र में अपनी सत्ता स्थापित की।
👉 बाद में यह ठिकाना किसानों के आंदोलनों के लिए भी प्रसिद्ध हुआ।

✍️ सही उत्तर है – अशोक परमार। 

अकबर ने सर्वप्रथम किसे अपना दूत बनाकर महाराणा प्रताप के पास भेजा ?

[कनिष्ठ अनुदेशक  (Drafts) 04.01.2025]

  • मानसिंह 

  • जलाल खाँ 

  • टोडरमल 

  • भगवन्त दास 

🔹 व्याख्या

👉 अकबर ने महाराणा प्रताप को अधीन करने के लिए कई शिष्टमंडल भेजे।
👉 इनमें सबसे प्रथम दूत के रूप में अकबर ने जलाल खाँ को भेजा।
👉 उद्देश्य प्रताप को संधि और अधीनता के लिए तैयार करना था।
👉 लेकिन महाराणा प्रताप ने मुगलों की अधीनता स्वीकार नहीं की।

✍️ सही उत्तर है – जलाल खाँ। 

निम्नलिखित में से किसे 'मेवाड़ का मुक्तिदाता' कहा जाता है ? 

[JEN विद्युत डिग्री 07.02.2025]

  • रावल रतन सिंह 

  • लक्ष्मण सिंह 

  • राणा हम्मीर 

  • महाराणा लाखा 

🔹 व्याख्या

👉 राणा हम्मीर ने 1326 ई. में चित्तौड़ पर अधिकार किया
👉 उसके बाद गुहिल वंश की पुनर्स्थापना हुई
👉 सिसोदे का जागीरदार होने से वह सिसोदिया कहलाया
👉 इसलिए उसे मेवाड़ का उद्धारक / मुक्तिदाता माना गया

✍️ सही उत्तर है – राणा हम्मीर 

महाराणा कुम्भा द्वारा रचित "संगीत राज" कितने भागों में विभक्त है ? 

[पशुधन सहायक (LSA) 21.08.2016]

  • पाँच 

  • नौ

  • सात

  • तीन 

🔹 व्याख्या

👉 संगीत राज ग्रंथ के पांच भाग थे - वाद्यरतन कोष ,नृत्यरतन कोष, गीत रतन कोष, रसरतन कोष,पाठ्य रतन कोष|

👉 मेवाड़ के शासक महाराणा कुम्भा विद्वान और संगीतज्ञ थे।
👉 उन्होंने संगीत विषय पर प्रसिद्ध ग्रंथ “संगीत राज” की रचना की।
👉 यह ग्रंथ कुल पाँच भागों में विभक्त है।
👉 इससे कुम्भा की संगीत विद्या में गहरी रुचि स्पष्ट होती है।

✍️ सही उत्तर है – पाँच।

निम्नलिखित में से कौन गुहिलों के वंश को वल्लभी के शासकों से जोड़ता है? 

[JEN CIVIL कृषि 07.02.2025]

  • अबुल फजल 

  • गोपीनाथ शर्मा 

  • नैणसी 

  • जेम्स टॉड 

🔹 व्याख्या

👉 कर्नल टॉड ने गुहिलों का संबंध वल्लभी शासकों से बताया।
👉 कविराज श्यामलदास ने ‘वीर विनोद’ में वल्लभी से आने का उल्लेख किया।
👉 दोनों ने गुहिलों के वंश को वल्लभी वंश से जोड़ा।

✍️ सही उत्तर है – जेम्स टॉड 

राजस्थान के निम्नलिखित शासकों को कालक्रमानुसार व्यवस्थित करें : 

a. राणा सांगा 

b. महाराणा कुंभा 

c. रावल रतन सिंह 

d. बप्पा रावल 

नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर चुनें: 

[REET Mains (L-1) 20.01.2026]

  • b, c, d, a 

  • a, b, c, d 

  • d, c, b, a 

  • d, b, c, a 

🔹 व्याख्या

👉 बप्पा रावल मेवाड़ के प्रारम्भिक शासक माने जाते हैं।
👉
इसके बाद रावल रतन सिंह का शासन काल आता है।
👉
फिर महाराणा कुंभा मेवाड़ के प्रसिद्ध शासक बने।
👉
अंत में राणा सांगा का शासन काल आता है।

✍️ सही उत्तर है – d, c, b, a

हल्दीघाटी के युद्ध में महाराणा प्रताप के विरूद्ध मुगल सैनिकों का नेतृत्व किसने किया था ? 

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनें : 

[Conductor Exam 06.11.2025]

  • बैरम खाँ 

  • मिर्जा हाकिम 

  • रतन सिंह 

  • मान सिंह I 

🔹 व्याख्या

👉 हल्दीघाटी का युद्ध 1576 ई. में लड़ा गया था।
👉
इस युद्ध में महाराणा प्रताप के विरुद्ध मुगल सेना का नेतृत्व मान सिंह I ने किया था।
👉
मान सिंह I अकबर के प्रमुख सेनापति और आमेर के शासक थे।
👉
अन्य विकल्प इस युद्ध से संबंधित नहीं हैं।

✍️ सही उत्तर है – मान सिंह I

अकबर ने दिसम्बर 1573 में प्रताप को समझाने के लिए किसे भेजा था ?

[लवण निरीक्षक (उद्योग) 22.12.2019]

  • जलाल खान

  • भगवंत दास

  • मान सिंह 

  • टोडरमल

🔹 व्याख्या

👉 अकबर मेवाड़ को अपने अधीन करना चाहता था, परन्तु प्रताप ने अधीनता स्वीकार नहीं की।
👉 इसलिए अकबर ने कई बार शिष्ट मंडल प्रताप के पास भेजे।
👉 दिसम्बर 1573 ई. में अकबर ने प्रताप को समझाने के लिए टोडरमल को भेजा।
👉 प्रताप ने किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया।

✍️ सही उत्तर है – टोडरमल। 

मेवाड़ एवं मारवाड़ की संयुक्त सेनाएँ मुगलों के द्वारा कहाँ पराजित की गई थी ? 

[पुस्तकालयाध्यक्ष 13.11.2016]

  • तराइन, 1192 

  • पानीपत, 1556 

  • सुमेल. 1544

  • देवारी, 1680 

🔹 व्याख्या

👉 औरंगजेब के समय मुगलों और राजपूतों में संघर्ष तीव्र हो गया।
👉 इस दौरान मेवाड़ और मारवाड़ की संयुक्त सेनाएँ भी मुगलों से भिड़ीं।
👉 1680 ई. में यह संयुक्त सेना मुगलों से देवारी के युद्ध में पराजित हुई।
👉 यह युद्ध मेवाड़–मारवाड़ और मुगलों के संघर्ष का महत्वपूर्ण पड़ाव था।

✍️ सही उत्तर है – देवारी, 1680। 

गुहिल राजवंश की रावल शाखा का अंतिम शासक कौन था ?

[REET Mains L-2 Eng) 19.01.2026]

  • पदम सिंह

  • विक्रम सिंह

  • समर सिंह

  • रतन सिंह

🔹 व्याख्या

👉 गुहिल राजवंश की एक शाखा रावल शाखा थी।
👉
इसका अंतिम शासक रतन सिंह माना जाता है।
👉
उनके बाद सिसोदिया शाखा का उदय हुआ।

✍️ सही उत्तर है – रतन सिंह

डूंगरपुर राज्य में गुहिल राजवंश का संस्थापक कौन था ? [*]

[कनिष्ठ वैज्ञानिक सहायक (रसायन) 14.09.2019]

  • आसकरण

  • सामन्तसिंह 

  • उदयसिंह

  • सेसमल 

📌 नोट: इस प्रश्न को बोर्ड द्वारा delete किया गया है।

महाराणा प्रताप ने राजा के रूप में राजगद्दी कब संभाली ? 

निम्नलिखित विकल्पों में से सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर चुनें: 

[पशु परिचर (6th Phase) 03.12.2024]

  • 28 फरवरी 1574 

  • 28 फरवरी 1572 

  • 28 फरवरी 1575 

  • 28 फरवरी 1573 

🔹 व्याख्या

👉 महाराणा उदयसिंह की मृत्यु 28 फरवरी 1572 ई. को हुई।
👉 उनके बाद राजगद्दी पर उनके पुत्र महाराणा प्रताप को बैठाया गया।
👉 प्रताप का राज्याभिषेक गोगुन्दा में सम्पन्न हुआ।
👉 यहीं से उन्होंने मेवाड़ की स्वाधीनता रक्षा का संकल्प लिया।

✍️ सही उत्तर है – 1572 ई.। 

मुगल - मेवाड़ संधि 1615 _____ के मध्य हुई। 

[लवण निरीक्षक (उद्योग) 22.12.2019]

  • जहाँगीर एवं अमरसिंह 

  • अकबर एवं प्रताप 

  • अकबर एवं उदयसिंह

  • औरंगजेब एवं अजीतसिंह

🔹 व्याख्या

👉 मुगलों और मेवाड़ के बीच लंबे समय तक संघर्ष चलता रहा।
👉 अंततः 5 फरवरी 1615 ई. को एक संधि सम्पन्न हुई।
👉 यह संधि मुगल सम्राट जहाँगीर और मेवाड़ के शासक महाराणा अमरसिंह प्रथम के मध्य हुई।
👉 इस समझौते से लगभग 90 वर्षों से चला आ रहा मुगल–मेवाड़ संघर्ष समाप्त हुआ।

✍️ सही उत्तर है – जहाँगीर एवं अमरसिंह। 

किसे “मेवाड़ का मुक्तिदाता” कहा जाता है ? 

[REET Mains L-2 Sans 20.01.2026]

  • राणा हम्मीर 

  • रतन सिंह 

  • बाप्पा रावल 

  • महाराणा लाखा 

🔹 व्याख्या

👉 राणा हम्मीर (हम्मीर सिंह सिसोदिया) को मेवाड़ का मुक्तिदाता कहा जाता है।
👉
वे सिसोदिया वंश के प्रथम शासक माने जाते हैं।
👉
उन्होंने चित्तौड़गढ़ को तुग़लक सत्ता से पुनः मुक्त करवाया।
👉
उनका शासनकाल 1326–1364 ई. माना जाता है।

✍️ सही उत्तर है – राणा हम्मीर

अकबर ने चित्तौड़ के किले पर कब अधिकार किया ?

[कनिप्ठ अनुदेशक (वायरमैन) 24.12.2019]

  • 15 जनवरी, 1576 ई.  

  • 28 फरवरी, 1572 ई.

  • 25 फरवरी, 1568 ई. 

  • 6 जून, 1575 ई. 

🔹 व्याख्या

👉 मुगल सम्राट अकबर ने 1567 ई. में चित्तौड़गढ़ पर आक्रमण किया।
👉 दुर्ग पर कई महीनों तक घेराबंदी और संघर्ष चलता रहा।
👉 अंततः 25 फरवरी 1568 ई. को अकबर ने चित्तौड़गढ़ के किले पर अधिकार कर लिया।
👉 इस विजय के साथ चित्तौड़ का तीसरा साका सम्पन्न हुआ।

✍️ सही उत्तर है – 25 फरवरी, 1568 ई.। 

मीरां का विवाह मेवाड़ के किस महाराणा के साथ हुआ था ?  

[कनिष्ठ अनुदेशक (कोस्मेटो) 08.01.2025]

  • राणा भोजराज 

  • राणा सांगा 

  • राणा कुंभा 

  • राणा विक्रमादित्य 

🔹 व्याख्या

👉 भक्त कवयित्री मीरा बाई का विवाह मेवाड़ के राजघराने में हुआ।
👉 उनका विवाह महाराणा सांगा के ज्येष्ठ पुत्र राजकुमार भोजराज के साथ हुआ था।
👉 भोजराज, मेवाड़ के भावी उत्तराधिकारी थे, किन्तु उनका निधन युवा अवस्था में हो गया।
👉 इसके बाद मीरा ने स्वयं को पूर्णतः भक्ति मार्ग को समर्पित कर दिया।

✍️ सही उत्तर है – राजकुमार भोजराज।

1578 ई. में कुम्भलगढ़ पर किसने आक्रमण किया ?

[JEN (यांत्रिक डिप्लोमा) 21.08.2016]

  • महमूद खिलजी

  • महमूद लोदी 

  • अलाउद्दीन खिलजी 

  • शाहबाज खाँ

🔹 व्याख्या

👉 महाराणा प्रताप के समय अकबर ने मेवाड़ को अधीन करने के लिए कई अभियान चलाए।
👉 1577 ई. के बाद अकबर ने अपने सेनापति शाहबाज खाँ को भेजा।
👉 1578 ई. में शाहबाज खाँ ने कुम्भलगढ़ पर आक्रमण किया।
👉 भीषण संघर्ष के बाद दुर्ग कुछ समय के लिए मुगलों के अधीन हो गया।

✍️ सही उत्तर है – शाहबाज खाँ। 

1303 में चित्तौड़ विजय के बाद अलाउद्दीन ने चित्तौड़ का नया नाम रखा । 

[PTI ग्रेड -III 30.09.2018]

  • होशंगाबाद 

  • नसीराबाद 

  • खिज्राबाद

  • मोमिनाबाद

🔹 व्याख्या

👉 1303 ई. में दिल्ली के सुल्तान अलाउद्दीन खिलजी ने चित्तौड़गढ़ पर अधिकार किया।
👉 विजय के बाद उसने चित्तौड़ का नाम बदलकर अपने पुत्र खिज्रखाँ के नाम पर रखा।
👉 इस दुर्ग का नया नाम खिज्राबाद रखा गया।
👉 धाईबी पीर की दरगाह के लेख में भी चित्तौड़ का उल्लेख खिज्राबाद के रूप में है।

✍️ सही उत्तर है – खिज्राबाद। 

गोरा और बादल चित्तौड़ के किस शासक के सेनापति थे?

[VDO (ग्राम विकास अधिकारी) 02.11.2025]

  • बप्पा रावल

  • महाराणा लाखा

  • रतन सिंह

  • जैत्र सिंह

🔹 व्याख्या

👉 गोरा और बादल चित्तौड़ के राजा रतन सिंह के सेनापति थे।
👉 वे अपनी असाधारण वीरता और अटूट निष्ठा के लिए प्रसिद्ध थे।
👉 उन्होंने अलाउद्दीन खिलजी के आक्रमण के समय चित्तौड़गढ़ की रक्षा हेतु वीरता से युद्ध किया।
👉 दोनों योद्धाओं ने रानी पद्मिनी और राजा रतन सिंह की रक्षा के लिए बलिदान दिया।
👉 उनकी वीरता और देशभक्ति आज भी राजस्थानी गौरव का प्रतीक है।

✍️ सही उत्तर है – रतन सिंह

राणा रतन सिंह की मृत्यु के पश्चात् मेवाड़ का शासक कौन बना ?   

[CET (10+2) 22.10.2024 द्वितीय चरण]

  • राणा विक्रमादित्य 

  • महाराणा राज सिंह 

  • राणा अमर सिंह 

  • महाराणा प्रताप 

🔹 व्याख्या

👉 महाराणा विक्रमादित्य (1531–1536 ई.) मेवाड़ के शासक और महाराणा सांगा तथा महारानी कर्णावती के पुत्र थे।
👉 उनके शासनकाल में 1534 ई. में गुजरात के सुल्तान बहादुरशाह ने चित्तौड़ पर आक्रमण किया।
👉 इस समय महारानी कर्णावती ने दुर्ग की रक्षा की और वीर रावत बाघसिंह ने बलिदान दिया।
👉 अंततः रानी कर्णावती ने 1300 स्त्रियों के साथ दूसरा साका (जौहर) किया।

✍️ सही उत्तर है – महाराणा विक्रमादित्य (1531–1536 ई.)।

मेवाड़ के राजचिह्न में निम्न में से किस व्यक्ति को स्थान मिला ?

[NHM Nurse Grade-II 13.06.2025] 

  • पूंजा भील 

  • झाला अज्जा 

  • भामाशाह 

  • झाला सज्जा 

🔹 व्याख्या

👉 मेवाड़ का राजचिह्न महाराणा सज्जन सिंह के शासनकाल में निर्मित किया गया था।
👉 इस राजचिह्न में राणा पूंजा स्थान दिया गया है।
👉 राणा पूंजा यहाँ भील समाज का प्रतिनिधित्व करते हैं और एक भील योद्धा के रूप में दर्शाए गए हैं।
👉 महाराणा प्रताप राजपूत समाज का प्रतिनिधित्व करते हैं और एक राजपूत वीर योद्धा के रूप में चित्रित हैं।
👉 यह राजचिह्न राजपूत–भील एकता तथा मेवाड़ की सामाजिक समरसता का प्रतीक है।

✍️ सही उत्तर है – पूंजा भील  

अकबर की चित्तौड़ विजय के उपरांत मेवाड़ में मुगल शासकों के द्वारा चलाए गए सिक्के कौन से थे ?

[कनिप्ठ अनुदेशक (वायरमैन) 24.12.2019]

  • द्रम्म

  • सिक्का एलची 

  • दीनार 

  • रूपक 

🔹 व्याख्या

👉 अकबर ने 1568 ई. में चित्तौड़गढ़ पर विजय प्राप्त की।
👉 इस विजय के बाद मुगलों ने मेवाड़ पर अपना प्रभुत्व स्थापित किया।
👉 चित्तौड़ विजय के उपरांत मेवाड़ में मुगल शासकों द्वारा सिक्का एलची चलाया गया।
👉 यह अकबर की साम्राज्यवादी नीति का प्रतीक था।

✍️ सही उत्तर है – सिक्का एलची। 

किस राजपूत शासक ने मुगल सम्राट औरंगजेब के खिलाफ विद्रोह किया था ? (नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर का चुनाव करें)

[4th Grade (1st Phase) 19.09.2025]

  • राणा राज सिंह

  • राणा प्रताप

  • राजा मान सिंह

  • राणा सांगा

🔹 व्याख्या

👉 महाराणा राज सिंह मेवाड़ साम्राज्य के एक वीर और स्वतंत्रताप्रिय शासक थे।
👉 उन्होंने मुगल शासक औरंगज़ेब के कठोर नीतियों का विरोध किया।
👉 सन् 1680 ई. में जब औरंगज़ेब ने मेवाड़ पर आक्रमण किया, तब अरावली क्षेत्र में अनेक युद्ध लड़े गए।
👉 औरंगज़ेब ने उदयपुर की मंदिरों और किलों को नष्ट किया, परंतु महाराणा राज सिंह और दुर्गादास राठौड़ ने उसे रोके रखा।
👉 उन्होंने बाद में राजपूत युद्ध (1679–1707) में भाग लेकर मुगलों को पराजित किया।

✍️ सही उत्तर है – राणा राज सिंह

निम्नलिखित में से किस समय अवधि में राजस्थान का सांस्कृतिक पुनरुत्थान 'महाराणा कुंभा के शासन' के दौरान शुरू हुआ ?

नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर चुनें। 

[JEN (Civil Diploma) 11.02.2025]

  • 15वीं शताब्दी 

  • 8वीं शताब्दी 

  • 17वीं शताब्दी 

  • 13वीं शताब्दी 

🔹 व्याख्या

👉 महाराणा कुंभा 1433 ई. में मेवाड़ का शासक बना।
👉 उसने साहित्य, कला और संगीत को विशेष संरक्षण दिया।
👉 उसकी रचनाएँ – संगीतराज, संगीत मीमांसा आदि प्रसिद्ध हैं।
👉 उसके काल में मंदिर, दुर्ग और कीर्ति स्तंभ जैसे निर्माण कार्य हुए।
👉 इसलिए राजस्थान का सांस्कृतिक पुनरुत्थान 15वीं शताब्दी में प्रारंभ हुआ।

✍️ सही उत्तर है – 15वीं शताब्दी 

सारंगपुर युद्ध (1437 ई.) किन राज्यों के मध्य हुआ ? 

[JEN (Civil डिप्लोमा) 16.10.2016]

  • मेवाड़           - चन्देल

  • मेवाड़           - मालवा 

  • गुजरात         - मारवाड़ 

  • मेवाड़           - मारवाड़

🔹 व्याख्या

👉 सारंगपुर का युद्ध 1437 ई. में लड़ा गया।
👉 यह युद्ध मेवाड़ के शासक महाराणा कुम्भा और मालवा के सुल्तान महमूद खिलजी प्रथम के बीच हुआ।
👉 इस युद्ध में महाराणा कुम्भा ने महमूद खिलजी को पराजित कर बंदी बना लिया।
👉 इस विजय की स्मृति में कुम्भा ने चित्तौड़गढ़ में कीर्ति स्तम्भ का निर्माण करवाया।

✍️ सही उत्तर है – मेवाड़ और मालवा। 

अचलगढ़ का दुर्ग किसने बनवाया ? 

[JEN (कृषि) 12.07.2015]

  •  पृथ्वीराज चौहान

  • महाराणा कुम्भा 

  • राणा सांगा

  •  उदयसिंह

🔹 व्याख्या

👉 अचलगढ़ दुर्ग अरावली पर्वतमाला में स्थित एक प्रसिद्ध किला है।
👉 इसका निर्माण मेवाड़ के शासक महाराणा कुम्भा (1433–1468 ई.) ने करवाया।
👉 कुम्भा ने अपने काल में लगभग 32 दुर्गों का निर्माण या जीर्णोद्धार किया।
👉 अचलगढ़ दुर्ग भी उसकी सैन्य नीति और स्थापत्य कला का प्रतीक है।

✍️ सही उत्तर है – महाराणा कुम्भा।

हल्दीघाटी के युद्ध में मुगल सेना का मुख्य सेनापति कौन था ? 

[CET (स्नातक) 28.09.2024 चतुर्थ चरण]

  • खुर्रम खान 

  • मान सिंह 

  • मेहमान सिंह 

  • हाकिम खान 

🔹 व्याख्या

👉 18 जून 1576 ई. को हल्दीघाटी का युद्ध हुआ।
👉 इसमें मुगलों की ओर से कई सरदार उपस्थित थे।
👉 इस युद्ध में मुगल सेना का मुख्य सेनापति राजा मानसिंह (आमेर) था।
👉 उसने अकबर की ओर से महाराणा प्रताप की सेना का सामना किया।

✍️ सही उत्तर है – राजा मानसिंह।

श्रंगार चंवरी के संबंध में निम्नलिखित कौन सा कथन सत्य है। [*]

[प्रयोगशाला सहायक 13.11.2016]

  • यह एक धार्मिक स्थल है जिसे भण्डारी बेल्का ने 1448-49 ई. में बनवाया था

  • यह एक मंदिर है जिसे विमल जैन ने 1402 में देलवाड़ा में बनवाया था ।

  • यह एक धर्मनिरपेक्ष स्मारक है जिसे राणा कुम्भा ने 1448 ई. में बनवाया था ।

  • यह एक उपासना स्थल हैं जिसे मण्डन ने 1489 ई में बनवाया था ।

📌 नोट: इस प्रश्न को बोर्ड द्वारा delete किया गया है। 

'वीर-विनोद' ग्रन्थ में किस प्रान्त का इतिहास है ?  

[कनिष्ठ अनुदेशक (कंप्यूटर) 10.01.2025]

  • अलवर 

  • बीकानेर 

  • जयपुर 

  • मेवाड़ 

🔹 व्याख्या

👉 ‘वीर विनोद’ ग्रंथ की रचना कविराज श्यामलदास ने की थी।
👉 यह ग्रंथ राजस्थान का प्रथम प्रामाणिक इतिहास ग्रंथ माना जाता है।
👉 इसमें विशेष रूप से मेवाड़ प्रान्त का इतिहास वर्णित है।
👉 इसमें गुहिल वंश से लेकर सिसोदिया वंश तक की महत्वपूर्ण घटनाएँ, युद्ध और शासक सम्मिलित हैं।

✍️ सही उत्तर है – मेवाड़। 

बप्पा रावल किस प्रसिद्ध राजवंश का शासक था ? 

[JEN विद्युत डिप्लोमा 08.02.2025]

  • राठौड 

  • भाटी 

  • गुहिल 

  • चौहान 

🔹 व्याख्या

👉 बप्पा रावल (734–753 ई.) मेवाड़ के गुहिल वंश का प्रमुख शासक था।
👉 उसे ‘हिन्दुआ सूरज’ की उपाधि मिली और सभी गुहिल शासक यही उपाधि धारण करते थे।
👉 उसकी राजधानी नागदा थी, जहाँ उसकी समाधि और मंदिर बने।
👉 उसने एकलिंगजी मंदिर का निर्माण करवाया, जो गुहिलों के ईष्टदेवता थे।
👉 उसका वास्तविक नाम कालभोज था और ‘बप्पा’ केवल उसकी उपाधि थी।

✍️ सही उत्तर है – गुहिल  

1615 में मेवाड़-मुगल संधि, जहाँगीर और किसके बीच हुई थी ?

[4th Grade (4th Phase) 20.09.2025]

  • महाराणा कुम्भा

  • राणा अमर सिंह-I

  • राणा उदय सिंह

  • महाराणा राज सिंह

🔹 व्याख्या

👉 मेवाड़-मुगल संधि सन् 1615 ई. में महाराणा अमर सिंह प्रथम और मुगल सम्राट जहाँगीर के बीच हुई थी।
👉 यह संधि 5 फरवरी 1615 को संपन्न हुई थी।
👉 इस समझौते के अंतर्गत चित्तौड़गढ़ सहित कई क्षेत्र महाराणा को वापस कर दिए गए।
👉 शर्त यह रखी गई कि चित्तौड़ किले की मरम्मत नहीं की जाएगी।
👉 संधि की शर्तें तय करने हेतु करण सिंह ने खुर्रम (बाद में शाहजहाँ) से मुलाकात की थी।

✍️ सही उत्तर है – महाराणा अमर सिंह-I

आठवीं शताब्दी में बापा रावल ने मेवाड़ क्षेत्र में किस स्वतंत्र राजवंश की नींव रखी ?  

कनिष्ठ अनुदेशक (इलेक्ट्रिशियन) 19.11.2024

  • गुहिल 

  • हाडा 

  • सिसोदिया 

  • चौहान 

🔹 व्याख्या

👉 आठवीं शताब्दी में गुहिलवंशीय शासक बप्पा रावल ने मेवाड़ में अपनी शक्ति स्थापित की।
👉 उसने चित्तौड़गढ़ पर अधिकार कर इसे अपनी राजधानी बनाया।
👉 यहीं से मेवाड़ में एक स्वतंत्र गुहिल वंश की नींव रखी गई।
👉 आगे चलकर यही वंश गहलोत और फिर सिसोदिया वंश के रूप में प्रसिद्ध हुआ।

✍️ सही उत्तर है – गुहिल वंश। 

एकलिंग महात्म्य (एक संस्कृत ग्रन्थ) किसके द्वारा लिखा गया था ?

[NHM Accounts Assistant 16.06.2025]

  • अत्रि और महेश

  • कान्हा व्यास

  • महाराणा कुंभा

  • बप्पा रावल

🔹 व्याख्या

👉 एकलिंगमहात्म्य ग्रंथ राजस्थान के इतिहास को उजागर करने वाली महत्वपूर्ण कृति है।
👉 इसे संस्कृत भाषा में कान्हा व्यास द्वारा रचा गया था।
👉 यह ग्रंथ मेवाड़ के सिसोदिया राजवंश की वंशावली और महाराणा कुम्भा के दरबारी जीवन का वर्णन करता है।
👉 इसमें 15वीं शताब्दी की सामाजिक एवं सांस्कृतिक स्थिति का विस्तृत विवरण मिलता है।
👉 इसमें चित्तौड़ और एकलिंगजी मंदिर का भी सुंदर वर्णन है, जो भगवान शिव को समर्पित है।

✍️ सही उत्तर है – कान्हा व्यास 

बिजौलिया में तलवार लाग नाम से नयी लागत किसने लगाई थी

[JEN (Civil डिग्री) 16.10.2016]

  • किशन सिंह

  • केसरी सिंह 

  • पृथ्वीसिंह 

  • स्वरुप सिंह

🔹 व्याख्या

👉 बिजौलिया क्षेत्र में सामंतों द्वारा कई प्रकार के कर वसूल किए जाते थे।
👉 यहाँ पर एक नई लागत “तलवार लाग” के नाम से लगाई गई थी।
👉 इस कर को लगाने वाला शासक था पृथ्वीसिंह।
👉 यह कर प्रजा के लिए भारी बोझ साबित हुआ।

✍️ सही उत्तर है – पृथ्वीसिंह। 

'हल्दीघाटी का युद्द लड़ा गया था। 

[JEN (कृषि) 12.07.2015]

  • 1572 ई. 

  • 1580 ई.

  • 1576 ई.

  • 1570 ई.

🔹 व्याख्या

👉 प्रसिद्ध हल्दीघाटी का युद्ध मुगलों और मेवाड़ के बीच हुआ।
👉 इसमें मेवाड़ की ओर से महाराणा प्रताप और मुगलों की ओर से मानसिंह आमने-सामने थे।
👉 यह युद्ध 18 जून 1576 ई. को लड़ा गया।
👉 इसे मेवाड़ की स्वतंत्रता रक्षा का प्रतीक माना जाता है।

✍️ सही उत्तर है – 1576 ई.। 

हल्दीघाटी का युद्ध किस वर्ष में लड़ा गया था ? 

[पशुधन सहायक (LSA) 21.10.2018]

  • 1566 

  • 1564 

  • 1574 

  • 1576

🔹 व्याख्या

👉 प्रसिद्ध हल्दीघाटी का युद्ध मुगलों और मेवाड़ के बीच हुआ।
👉 इसमें महाराणा प्रताप और अकबर के सेनापति मानसिंह आमने-सामने थे।
👉 यह युद्ध 18 जून 1576 ई. को लड़ा गया।
👉 यह संघर्ष मेवाड़ की स्वतंत्रता रक्षा का प्रतीक बना।

✍️ सही उत्तर है – 1576 ई.। 

हल्दीघाटी के युद्ध में महाराणा प्रताप की रक्षा किसने की ?

[कनिप्ठ अनुदेशक (रेफ्रीजरेशन) 24.12.2019]

  • शक्तिसिंह 

  • भामाशाह

  • झाला बीदा

  • मानसिंह 

🔹 व्याख्या

👉 18 जून 1576 ई. को हल्दीघाटी का युद्ध हुआ।
👉 युद्ध के दौरान महाराणा प्रताप को मुगल सेना ने चारों ओर से घेर लिया।
👉 उस समय प्रताप की रक्षा हेतु सरदार झाला बीदा ने अपना जीवन बलिदान किया।
👉 उन्होंने राणा का मुकुट धारण कर स्वयं युद्ध किया और वीरगति पाई।

✍️ सही उत्तर है – झाला बीदा। 

संत पीर शाहअली और तुकनगीर ने 400 साल पहले मेवाड़ में किस ख्याल की रचना की ? 

[प्रयोगशाला सहायक 03.02.2019]

  • तुर्रा कलंगी ख्याल

  • ख्याल भारमली

  • मीरा मंगल

  • चांद नीलगिरि 

🔹 व्याख्या

👉 मेवाड़ की लोकसांस्कृतिक धरोहर में ख्याल का विशेष स्थान है।
👉 संत पीर शाहअली और तुकनगीर ने लगभग 400 वर्ष पहले एक नया ख्याल विकसित किया।
👉 इस ख्याल को “तुर्रा कलंगी ख्याल” कहा गया।
👉 यह शैली मेवाड़ की लोककला और परंपरा की अमूल्य धरोहर है।

✍️ सही उत्तर है – तुर्रा कलंगी ख्याल। 

राणा सांगा के उस सहयोगी का नाम बताइये जिसने खानवा युद्ध के नाजुक पड़ाव पर अपना समर्थन वापस ले लिया। (निम्न में से सबसे उपयुक्त विकल्प चुनें)  

कनिष्ठ अनुदेशक (रेफ्रिजरेशन) 18.11.2024

  • मेदनीराय 

  • उदयसिंह 

  • सल्हदी तंवर 

  • राव गंगा 

🔹 व्याख्या

👉 1527 ई. में खानवा का युद्ध महाराणा सांगा और बाबर के बीच लड़ा गया।
👉 इस युद्ध में अनेक राजपूत सरदार सांगा के पक्ष में सम्मिलित हुए।
👉 लेकिन नाजुक पड़ाव पर उसके सहयोगी सल्हदी तंवर ने समर्थन वापस ले लिया।
👉 इससे युद्ध का परिणाम सांगा के विरुद्ध हो गया।

✍️ सही उत्तर है – सल्हदी तंवर। 

गुहिल राजवंश के शासकों को कालक्रमानुसार व्यवस्थित कीजिए।

a. राणा हम्मीर
b.
रतन सिंह
c.
बप्पा रावल
d.
जैत्र सिंह

नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर चुनें:

[Jamadar Grade II 27.12.2025]

  • a, c, b, d

  • c, b, a, d

  • c, d, b, a

  • b, d, a, c

🔹 व्याख्या

👉 बप्पा रावल गुहिल वंश के प्रारंभिक एवं सबसे प्राचीन शासक थे।
👉
उनके बाद जैत्र सिंह का शासनकाल आया।
👉
इसके पश्चात रतन सिंह चित्तौड़ के शासक बने।
👉
अंत में राणा हम्मीर ने पुनः मेवाड़ की शक्ति स्थापित की।

✍️ सही उत्तर है – c, d, b, a

ढींगला, भीडरिया, नाथद्वारिया है - 

[JEN (Civil Diploma) 21.08.2016]

  • मेवाड़ की दरी पट्टियों के नाम 

  • मेवाड़ में प्रचलित ताँबे के सिक्के 

  • मेवाड़ की ओढ़नियों के नाम 

  • मेवाड़ के राजस्व करों के नाम

🔹 व्याख्या

👉 मेवाड़ में विभिन्न प्रकार के सिक्के प्रचलित थे।
👉 इनमें विशेष रूप से ढींगला, भीरदरिया और नाथद्वारिया प्रसिद्ध हैं।
👉 ये सभी मेवाड़ में प्रचलित ताँबे के सिक्के थे।
👉 इन सिक्कों से स्थानीय स्तर पर व्यापार किया जाता था।

✍️ सही उत्तर है – मेवाड़ में प्रचलित ताँबे के सिक्के। 

महाराणा प्रताप का जन्म कहाँ हुआ था ?  

[कनिष्ठ अनुदेशक (इलेक्ट्रिक) 10.01.2025]

  • डूंगरपुर 

  • उदयपुर 

  • कुम्भलगढ़ 

  • बांसवाड़ा 

🔹 व्याख्या

👉 मेवाड़ के महान शासक महाराणा प्रताप का जन्म 9 मई 1540 ई. को हुआ।
👉 उनका जन्म स्थल अरावली की पर्वतमालाओं में स्थित कुम्भलगढ़ दुर्ग था।
👉 वे मेवाड़ के शासक महाराणा उदयसिंह और महारानी जयवंताबाई के पुत्र थे।
👉 प्रताप आगे चलकर मुगलों के विरुद्ध संघर्ष का प्रतीक बने।

✍️ सही उत्तर है – कुम्भलगढ़ दुर्ग। 

हल्दीघाटी युद्ध को 'मेवाड़ की थर्मोपल्ली' किसने कहा था ?  

[कनिष्ठ अनुदेशक (ICT) 04.01.2025]

  • मानसिंह 

  • अबुल फ़ज़ल 

  • कर्नल टॉड 

  • बदायुनी 

🔹 व्याख्या

👉 18 जून 1576 ई. को हुआ हल्दीघाटी का युद्ध मेवाड़ के इतिहास का सबसे प्रसिद्ध संघर्ष है।
👉 इसमें महाराणा प्रताप ने मुगलों के विरुद्ध अद्भुत शौर्य दिखाया।
👉 इस युद्ध को कर्नल जेम्स टॉड ने ‘मेवाड़ की थर्मोपल्ली’ कहा।
👉 उन्होंने प्रताप की वीरता की तुलना यूनान के राजा लियोनिडास से की।

✍️ सही उत्तर है – कर्नल टॉड। 

निम्नलिखित में से कौन राजस्थान के गुहिल वंश का एक महत्वपूर्ण शासक था ? 

नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर चुनें। 

[सर्वेयर परीक्षा 23.02.2025]

  • मोटा राजा उदय सिंह 

  • राव कल्यामल 

  • बप्पा रावल 

  • राव चूंडा 

🔹 व्याख्या

👉 बप्पा रावल (734–753 ई.) गुहिल वंश का प्रतापी शासक था।
👉 उसने ‘हिन्दुआ सूरज’ की उपाधि धारण की।
👉 उसकी राजधानी नागदा थी, जहाँ उसकी समाधि बनी।
👉 उसने कैलाशपुरी में एकलिंगजी मंदिर का निर्माण करवाया।
👉 उसका वास्तविक नाम कालभोज था, बप्पा केवल उसकी उपाधि थी।

✍️ सही उत्तर है – बप्पा रावल 

राणा कुंभा की कीर्ति स्तंभ प्रशस्ति में ____________को विषमघाटी पंचानन के रूप में संदर्भित किया गया है। 

नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर चुनें। 

[JEN (Diploma) 06.02.2025]

  • महाराणा मोकल (1421-1433) 

  • रावल रतन सिंह (1302-1303) 

  • राणा हम्मीर (1326-1364) 

  • महाराणा लाखा (1382-1421) 

🔹 व्याख्या

👉 राणा हम्मीर ने 1326 ई. में चित्तौड़ पर अधिकार किया
👉 वह गुहिल वंश की राणा शाखा से संबंधित था
👉 उसे मेवाड़ का उद्धारक कहा गया
👉 कुम्भलगढ़ प्रशस्ति में उसे विषमघाटी पंचानन लिखा गया

✍️ सही उत्तर है – राणा हम्मीर (1326-1364) 

राणा सांगा के उस सहयोगी का नाम बताइये जिसने खानवा युद्ध के नाजुक पड़ाव पर अपना समर्थन वापस ले लिया। 

[कनिष्ठ अनुदेशक (फिटर) 23.03.2019]

  • राव गंगा 

  • मेदनी राय

  • सल्हदी तंवर 

  • उदय सिंह

🔹 व्याख्या

👉 1527 ई. में खानवा का युद्ध बाबर और महाराणा सांगा के बीच लड़ा गया।
👉 इस युद्ध में अनेक राजपूत सरदार राणा सांगा के पक्ष में सम्मिलित हुए।
👉 लेकिन नाजुक पड़ाव पर उसके सहयोगी सल्हदी तंवर ने अपना समर्थन वापस ले लिया।
👉 इस कारण युद्ध का परिणाम राणा सांगा के विरुद्ध गया।

✍️ सही उत्तर है – सल्हदी तंवर। 

निम्न में से कौन से वंश की उत्पत्ति अग्निकुंड से नहीं हुई ? 

[उद्योग प्रचार अधिकारी 22.07.2018]

  • परमार 

  • सिसोदिया 

  • चालुक्य

  • चौहान 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान के इतिहास में चौहान, परमार, प्रतिहार और सोलंकी वंश की उत्पत्ति अग्निकुंड से मानी जाती है।
👉 लेकिन मेवाड़ का सिसोदिया वंश गुहिलों से संबंधित है।
👉 इसकी पुनर्स्थापना राणा हम्मीर ने की और यह वंश सिसोदिया कहलाया। 

✍️ सही उत्तर है – सिसोदिया। 

खानवा की लड़ाई किसके बीच लड़ी गई थी ? 

[JEN यांत्रिक डिग्री 10.02.2025]

  • बाबर और मेदिनी राव 

  • बाबर और जय सिंह 

  • बाबर और राणा सांगा 

  • बाबर और इब्राहिम लोदी 

🔹 व्याख्या

👉 खानवा का युद्ध 17 मार्च, 1527 ई. को लड़ा गया।
👉 इसमें मेवाड़ के शासक राणा सांगा सम्मिलित थे।
👉 दिल्ली की सत्ता पर अधिकार करने वाला बाबर भी इस युद्ध में उतरा।
👉 युद्ध में बाबर ने अपनी तोपखाने और तुलुगमा पद्धति से विजय प्राप्त की।
👉 इस संघर्ष में राणा सांगा गंभीर घायल होकर युद्धभूमि से बाहर ले जाए गए।

✍️ सही उत्तर है – राणा सांगा और बाबर 

चित्तौड़गढ़ में विजय स्तम्भ (विजय टॉवर) का निर्माण ___________ द्वारा किया गया था।  

[लाइब्रेरियन परीक्षा 27 जुलाई 2025]

  • महाराणा प्रताप 

  • राणा लाखा 

  • राणा कुंभा 

  • राणा उदय सिंह 

🔹 व्याख्या

👉 चित्तौड़गढ़ में स्थित विजय स्तम्भ को कीर्ति स्तम्भ भी कहा जाता है।
👉 इसका निर्माण मेवाड़ के महान शासक महाराणा कुंभा ने करवाया।
👉 1437 ई. में सारंगपुर युद्ध में महमूद खिलजी प्रथम को परास्त करने की स्मृति में यह बनाया गया।
👉 इसका निर्माण काल 1440 से 1448 ई. के बीच रहा।
👉 यह स्तम्भ मूर्तिकला का विश्वकोश कहा जाता है।

✍️ सही उत्तर है – महाराणा कुंभा 

जेम्स टाड ने निम्न में से किस युद्ध को मेवाड़ के इतिहास का मेरेथॉन' कहा है ? 

[कनिष्ठ अनुदेशक (वेल्डर) 26.03.2019]

  • हल्दीघाटी का युद्ध 

  • दिवेर का युद्ध

  • गोगुन्दा का युद्ध

  • कुम्भलगढ़ का युद्ध

🔹 व्याख्या

👉 1582 ई. में मेवाड़ के शासक महाराणा प्रताप ने मुगलों के विरुद्ध दिवेर का युद्ध लड़ा।
👉 इस युद्ध में प्रताप की सेना ने मुगलों को पराजित कर पर्वतीय क्षेत्र पर पुनः अधिकार कर लिया।
👉 इस विजय से प्रताप की प्रतिष्ठा और मेवाड़ की शक्ति फिर से स्थापित हुई।
👉 कर्नल जेम्स टॉड ने इस युद्ध को मेवाड़ का “मेरेथॉन” कहा।

✍️ सही उत्तर है – दिवेर का युद्ध। 

निम्नलिखित में से वह महत्वपूर्ण शासक कौन थे जिन्हें चित्तौड़ में गुहिल राजवंश की पुनः स्थापना का श्रेय दिया गया ?

[4th Grade 6th Phase) 21.09.2025]

  • महाराणा लाखा

  • राणा हम्मीर

  • रतन सिंह

  • जैत्र सिंह

🔹 व्याख्या

👉 राणा हम्मीर (1326–1364 ई.) ने चित्तौड़ में सिसोदिया वंश की नींव रखी।
👉 उन्हें कवि स्तम्भ में “व्यास घाटी पंचानन” कहा गया और उनके बाद सभी शासक महाराणा कहलाए।
👉 महाराणा कुम्भा (1433–1468 ई.) मेवाड़ के महान राजा थे, जिन्हें चित्तौड़ किले का आधुनिक निर्माता कहा जाता है।
👉 उन्होंने गुजरात और मालवा के शत्रुओं पर विजय प्राप्त कर विजय स्तम्भ का निर्माण करवाया।
👉 राणा उदयसिंह (1537–1572 ई.) महाराणा प्रताप के पिता थे और महाराणा प्रताप (1572–1597 ई.) मेवाड़ के सिसोदिया राजवंश के वीर शासक बने।

✍️ सही उत्तर है – राणा हम्मीर 

महाराणा प्रताप के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार करें।

(a) वह 1572 AD में मेवाड़ के शासक बने थे।

(b) उन्होंने प्रतिबद्ध सामंतों और भीलों का दल एकत्रित किया था।

(c) उन्होंने अपना ठिकाना कुंभलगढ़ से गोगुन्दा स्थानांतरित किया था।

(d) उन्होंने 18 जून 1576 को खमनौर के पास मुगल सेना से संघर्ष किया था, जो हल्दीघाटी युद्ध के नाम से प्रसिद्ध है।

नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर चुनें :

[REET Mains L-2 Sci Math 18.01.26]

  • केवल (a), (b) और (c)

  • केवल (a), (c) और (d)

  • केवल (b), (c) और (d)

  • केवल (a), (b) और (d)

🔹 व्याख्या

👉 महाराणा प्रताप 1572 ई. में मेवाड़ के शासक बने थे।
👉
उन्होंने अपने साथ निष्ठावान सामंतों और भीलों की सेना को संगठित किया।
👉
हल्दीघाटी का युद्ध 18 जून 1576 को खमनौर के पास मुगल सेना से लड़ा गया था।
👉
जबकि राजधानी का स्थानांतरण कुंभलगढ़ से गोगुन्दा करने का कथन सही नहीं माना जाता।

✍️ सही उत्तर है – केवल (a), (b) और (d)

अकबर ने प्रताप को समझाने के लिए सर्वप्रथम किसे भेजा ? 

[आर्थिक अन्वेषक परीक्षा 25.03.2019]

  • मान सिंह 

  • टोडरमल 

  • जलाल खान

  • भगवान दास 

🔹 व्याख्या

👉 अकबर ने मेवाड़ के महाराणा प्रताप को अधीन करने का प्रयास किया।
👉 इसके लिए उसने कई बार शिष्टमंडल भेजे।
👉 प्रताप को समझाने के लिए सर्वप्रथम अकबर ने जलाल खाँ को भेजा। 

✍️ सही उत्तर है – जलाल खाँ। 

मेवाड़ के महाराणा उदयसिंह को बचाकर अपने पुत्र की बलि देने वाली स्वामिभक्त धाय माँ कौन थी ? 

[अन्वेषक परीक्षा 21.08.2016]

  • धन्नी धाय

  • गवरी धाय 

  • पन्ना धाय

  • इनमें से कोई नहीं

🔹 व्याख्या

👉 मेवाड़ के शासक महाराणा उदयसिंह को बचाने का श्रेय एक धाय माँ को जाता है।
👉 जब बनवीर ने राजकुमार उदयसिंह की हत्या करनी चाही, तब उसने अपने पुत्र की बलि दी।
👉 इस अद्भुत त्याग और स्वामिभक्ति की प्रतीक धाय माँ का नाम पन्ना धाय था। 

✍️ सही उत्तर है – पन्ना धाय।

महाराणा कुम्भा द्वारा रचित ग्रंथ 'संगीत राज' कितने कोषों में विभक्त हैं ? 

[पटवार प्री. परीक्षा 2015]

  • 7 (सात) 

  • 4 (चार) 

  • 9 (नौ) 

  • 5 (पाँच)

🔹 व्याख्या

👉 मेवाड़ के शासक महाराणा कुम्भा विद्वान और संगीतज्ञ थे।
👉 उन्होंने संगीत पर महत्वपूर्ण ग्रंथ “संगीत राज” की रचना की।
👉 यह ग्रंथ कुल 5 कोषों में विभक्त है।
👉 इसमें संगीत शास्त्र और वाद्य–वृंद का विस्तृत वर्णन है।

✍️ सही उत्तर है – 5 (पाँच)। 

अशोक परमार की ऊपरमाल की जागीर किससे प्राप्त हुई ? 

[पर्यवेक्षक परीक्षा 29.11.2015]

  • महराणा शम्भूसिंह

  • महाराणा कुम्भा 

  • महाराणा सांगा 

  • राव केशवदास 

🔹 व्याख्या

👉 महाराणा सांगा (1509–1528 ई.) मेवाड़ का पराक्रमी शासक था, जिसे विद्वानों ने हिन्दुपत कहा।
👉 उसने खातौली (1517), गागरोन (1519) और खानवा (1527) जैसे युद्ध लड़े।
👉 उसकी वीरता से राजपूताने के अधिकांश शासक उसके नेतृत्व में एकजुट हुए।
👉 युद्ध में घायल होने के बाद 1528 ई. में बसवा (दौसा) में उसकी मृत्यु हुई।

✍️ सही उत्तर है – महाराणा सांगा (1509–1528 ई.)। 

मेवाड़ के किस महाराणा को राष्ट्रीय आंदोलन के प्रति सहानुभूति थी ? (निम्न में से सबसे उपयुक्त विकल्प चुनें) 

[NHM Senior Counsellor 04.06.2025]

  • महाराणा फतह सिंह 

  • महाराणा सज्जन सिंह

  • महाराणा भूपाल सिंह

  • महाराणा राज सिंह 

🔹 व्याख्या

👉 महाराणा फतहसिंह मेवाड़ के एक देशभक्त शासक थे, जिन्हें राष्ट्रीय आंदोलन के प्रति गहरी सहानुभूति थी।
👉 उन्होंने कांग्रेस की बैठक में भाग लिया और स्वतंत्रता आंदोलन का समर्थन किया।
👉 उन्होंने अंग्रेजों द्वारा प्रस्तुत “ऑल इंडिया मुस्लिम लीग” के प्रस्ताव को स्वीकार करने से इंकार किया।
👉 उनका यह निर्णय उनके राष्ट्रभक्ति भाव और स्वाधीनता के प्रति निष्ठा को दर्शाता है।
👉 वे उन शासकों में थे जिन्होंने भारत के स्वतंत्रता संग्राम में नैतिक शक्ति प्रदान की।

✍️ सही उत्तर है – महाराणा फतहसिंह 

1879 ई. में कौन-से महाराणा ने श्यामलदास को 'कविराज' की उपाधि से विभूषित किया था ?  

[कनिष्ठ अनुदेशक (इलेक्ट्रिक) 10.01.2025]

  • महाराणा जगतसिंह 

  • महाराणा कर्णसिंह

  • महाराणा सज्जनसिंह

  • महाराणा अमरसिंह 

🔹 व्याख्या

👉 1879 ई. में मेवाड़ के शासक महाराणा सज्जनसिंह (1874–1884 ई.) शासन कर रहे थे।
👉 इसी काल में उन्होंने इतिहासकार श्यामलदास को सम्मानित किया।
👉 उन्हें ‘कविराज’ की उपाधि प्रदान की गई।
👉 श्यामलदास ने मेवाड़ के इतिहास पर प्रसिद्ध ग्रंथ ‘वीर विनोद’ की रचना की।

✍️ सही उत्तर है – महाराणा सज्जनसिंह। 

'डाकन प्रथा' को अवैध घोषित करने वाली सर्वप्रथम राजस्थान की कौन सी रियासत थी ? 

[अन्वेषक परीक्षा 21.08.2016]

  • जोधपुर 

  • जयपुर

  • उदयपुर

  • बीकानेर

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान में प्रचलित डाकन प्रथा एक कुप्रथा थी।
👉 इसे समाप्त करने का कार्य मेवाड़ के शासक महाराणा स्वरूपसिंह (1842–1861 ई.) ने किया।
👉 उन्होंने इसे अपने राज्य में अवैध घोषित किया।
👉 इस प्रकार सर्वप्रथम उदयपुर रियासत ने इस प्रथा पर रोक लगाई।

✍️ सही उत्तर है – उदयपुर। 

निम्नलिखित में से कौन-सा युग्म सही सुमेलित नहीं है?

[REET Mains (L-2) SST 18.01.2026]

  • भूताला की लड़ाई – जैत्र सिंह और सुल्तान इल्तुतमिश

  • सिंगोली की लड़ाई – राणा हम्मीर और मुहम्मद-बिन-तुगलक

  • हल्दीघाटी – महाराणा प्रताप और अकबर

  • सारंगपुर की लड़ाई – राणा सांगा और महमूद खिलजी प्रथम

🔹 व्याख्या

👉 सारंगपुर का युद्ध 1437 ई. में महाराणा कुंभा और महमूद खिलजी प्रथम के बीच हुआ।
👉
इसका कारण महपा पंवार को मालवा सुल्तान द्वारा शरण देना था।
👉
इस युद्ध में मेवाड़ सेना ने मालवा सेना को पराजित कर सुल्तान को बंदी बनाया।
👉
इस विजय की स्मृति में चित्तौड़गढ़ में प्रसिद्ध विजय स्तंभ का निर्माण कराया गया।

✍️ सही उत्तर है – सारंगपुर की लड़ाई – राणा सांगा और महमूद खिलजी प्रथम

राजस्थान के कौन से शासक को विद्वानों ने 'हिन्दुपत' कहा है ? 

[कनिष्ठ अनुदेशक (फिटर) 23.03.2019]

  • कुम्भा 

  • सांगा 

  • नागभट्ट II 

  • अर्णोराज 

🔹 व्याख्या

👉 मेवाड़ के महान शासक महाराणा सांगा (1509–1528 ई.) को विद्वानों ने हिन्दुपत कहा।
👉 उन्होंने दिल्ली, गुजरात और मालवा के सुल्तानों को पराजित किया।
👉 उनके नेतृत्व में अनेक राजपूत सरदार विदेशियों के विरुद्ध संगठित हुए।
👉 सांगा की वीरता से उनकी प्रतिष्ठा पूरे उत्तर भारत में फैली।

✍️ सही उत्तर है – महाराणा सांगा। 

निम्नलिखित में से कौन-सा ग्रन्थ कुम्भा द्वारा रचित नहीं है ? 

[लिपिक ग्रेड-II 19.08.2018]

  • संगीत राज

  • राज वल्लभ

  • संगीत मीमांसा 

  • रसिक प्रिया

🔹 व्याख्या

👉 मेवाड़ के शासक महाराणा कुम्भा विद्वान और ग्रंथकार थे।
👉 उन्होंने संगीतराज, संगीत मीमांसा और सूड (सुधा) प्रबन्ध जैसे ग्रंथों की रचना की।
👉 परंतु राज वल्लभ कुम्भा द्वारा रचित ग्रंथ नहीं है।
👉 यह अन्य विद्वानों की रचना मानी जाती है।

✍️ सही उत्तर है – राज वल्लभ। 

निम्नलिखित में से कौन मेवाड़ के राजपूत शासक, राणा सांगा (संग्राम सिंह) के पिता थे ?

[तकनीकी सहायक 18.05.2025]

  • राणा अमर सिंह 

  • राणा उदय सिंह 

  • राणा रायमल 

  • मोकल सिंह 

🔹 व्याख्या

👉 राणा रायमल (1473–1509 ई.) मेवाड़ का शासक था।
👉 उसने चित्तौड़ में अद्भुतजी मंदिर का निर्माण करवाया।
👉 उसकी पत्नी श्रृंगारदेवी ने घोसूंडी की बावड़ी बनवाई।
👉 राणा रायमल के पुत्र संग्राम सिंह (राणा सांगा) थे।
👉 इसी कारण रायमल को राणा सांगा का पिता कहा जाता है।

✍️ सही उत्तर है – राणा रायमल 

चित्तौड़ का तीसरा साका' कब हुआ ? [*]

[JEN (Civil Degree) 21.08.2016]

  • 1569 ई. 

  • 1567 ई. 

  • 1568 ई. 

  • 1570 ई.  

📌 नोट: इस प्रश्न को बोर्ड द्वारा delete किया गया है। 

सहेलियों की बाड़ी, उदयपुर का निर्माण किसने करवाया ? 

कनिष्ठ अनुदेशक (कंप्यूटर प्रयो.) 16.11.2024

  • महाराणा भोपालसिंह 

  • महाराणा जगतसिंह 

  • महाराणा करणसिंह 

  • महाराणा संग्रामसिंह द्वितीय 

🔹 व्याख्या

👉 उदयपुर की प्रसिद्ध सहेलियों की बाड़ी अपनी सुंदरता और स्थापत्य के लिए जानी जाती है।
👉 इसका निर्माण मेवाड़ के शासक महाराणा संग्रामसिंह द्वितीय (1710–1734 ई.) ने करवाया।
👉 यह बाड़ी राजघराने की महिलाओं के मनोरंजन और विश्राम हेतु बनवाई गई थी।
👉 इसके फव्वारे और बागवानी आज भी पर्यटकों को आकर्षित करते हैं।

✍️ सही उत्तर है – महाराणा संग्रामसिंह द्वितीय। 

चम्पानेर की संधि किन राज्यों के बीच हुई ? 

[पर्यवेक्षक परीक्षा 29.11.2015]

  • मेवाड़ और गुजरात  

  • मेवाड़ और मारवाड़

  • मालवा और गुजरात

  • मालवा और मेवाड़ 

🔹 व्याख्या

👉 चम्पानेर की संधि 1456 ई. में सम्पन्न हुई थी।
👉 यह संधि मालवा के सुल्तान महमूद खिलजी और गुजरात के सुल्तान कुतुबुद्दीन के बीच हुई।
👉 लंबे समय से चले संघर्ष को इस संधि ने समाप्त किया।
👉 यह उस समय की मालवा–गुजरात राजनीति का महत्वपूर्ण पड़ाव था।

✍️ सही उत्तर है – मालवा और गुजरात। 

‘राणे जगपत रा मरास्या’ किस शासक की मृत्यु का शोक मनाने के लिए लिखी गयी थी ?  

[CET (स्नातक) 27.09.2024 प्रथम चरण]

  • महाराजा जीवन सिंह 

  • महाराजा जगत सिंह 

  • महाराजा जनक सिंह 

  • महाराजा जयदीप सिंह 

🔹 व्याख्या

👉 मेवाड़ की सांस्कृतिक परंपरा में मरास्या शोकगीत लिखे जाते थे।
👉 ऐसी ही रचना ‘राणे जगपत रा मरास्या’ के नाम से प्रसिद्ध है।
👉 यह रचना मेवाड़ के शासक महाराणा जगतसिंह (1628–1652 ई.) की मृत्यु पर लिखी गई थी।
👉 इससे उस समय की सांस्कृतिक समृद्धि और साहित्यिक परंपरा झलकती है।

✍️ सही उत्तर है – महाराणा जगतसिंह। 

अकबर की चित्तौड़ विजय के उपरान्त मेवाड़ में मुगल शासकों के सिक्के जारी हुये, जिन्हें_____कहा जाता था । 

[कनिष्ठ अनुदेशक (इलेक्ट्रिशियन) 24.03.2019]

  • चित्तौड़ी 

  • दीनार

  • द्रम्म 

  • सिक्का एलची

🔹 व्याख्या

👉 अकबर ने 1568 ई. में चित्तौड़गढ़ पर विजय प्राप्त की।
👉 इस विजय के बाद मेवाड़ में मुगलों का प्रभुत्व स्थापित हुआ।
👉 चित्तौड़ विजय के उपरांत मुगल शासकों ने यहाँ अपने सिक्के जारी किए।
👉 इन सिक्कों को उस समय सिक्का एलची कहा जाता था।

✍️ सही उत्तर है – सिक्का एलची। 

“पग पग भम्य पहर, धरा छोड़ रख्यो धरम//महाराणा मेवाड़, हृदय बस्य हिन्द रे” इन पंक्तियों में किस महान वीर के चरित्र का वर्णन किया गया है ? 

[JEN यांत्रिक विद्युत 06.02.2025]

  • पठान बहलोल खां 

  • मानसिंह 

  • महाराणा उदय सिंह

  • महाराणा प्रताप 

🔹 व्याख्या

👉 यह पंक्तियाँ महाराणा प्रताप की वीरता और त्याग का गुणगान करती हैं।
👉 प्रताप ने हर पग पग पर संघर्ष कर मेवाड़ की धरती और धर्म की रक्षा की।
👉 उन्होंने जीवनभर मुगलों की अधीनता स्वीकार नहीं की।
👉 इन्हीं गुणों से वे हिंदुस्तान के हृदय में बस गए।

✍️ सही उत्तर है – महाराणा प्रताप।

गुहिल वंश की रावल शाखा का अंतिम शासक कौन था ? 

[JEN यांत्रिक डिग्री 10.02.2025]

  • रतन सिंह 

  • अमर सिंह 

  • जय सिंह 

  • जैत्र सिंह 

🔹 व्याख्या

👉 गुहिल वंश की रावल शाखा का शासन 1303 ई. तक रहा।
👉 इस समय मेवाड़ पर दिल्ली सुल्तान अलाउद्दीन खिलजी ने आक्रमण किया।
👉 आक्रमण का सामना करते हुए रावल रतनसिंह वीरगति को प्राप्त हुए।
👉 पद्मिनी ने 1600 क्षत्राणियों के साथ जौहर किया, जिसे चित्तौड़ का पहला साका कहा गया।
👉 इसी के साथ गुहिल वंश की रावल शाखा का अंत हो गया।

✍️ सही उत्तर है – रावल रतनसिंह 

__________ को 'विषमघाटी पंचानन' भी कहा जाता है : 

नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर चुनें। 

[JEN सिविल डिग्री 22.02.2025]

  • लक्ष्मण सिंह 

  • रावल रतन सिंह 

  • राणा हम्मीर 

  • महाराणा लाखा 

🔹 व्याख्या

👉 राणा हम्मीर (1326–1364 ई.) ने चित्तौड़ पर अधिकार किया।
👉 उसने मेवाड़ में गुहिल वंश की पुनर्स्थापना की।
👉 वह राणा शाखा से संबंधित होकर सिसोदिया कहलाया।
👉 कुम्भलगढ़ प्रशस्ति में उसे 'विषमघाटी पंचानन' कहा गया।
👉 उसे मेवाड़ का उद्धारक / मुक्तिदाता माना गया।

✍️ सही उत्तर है – राणा हम्मीर 

निम्नलिखित में से राणा कुम्भा की कौन-सी कृति 'संगीत' पर नहीं है ? 

कनिष्ठ अनुदेशक (इलेक्ट्रिशियन) 19.11.2024

  • संगीत मीमांसा 

  • एकलिंग माहात्म्य 

  • संगीत राज 

  • सूड प्रबन्ध 

🔹 व्याख्या

👉 मेवाड़ के शासक महाराणा कुम्भा विद्वान और संगीतज्ञ थे।
👉 उन्होंने संगीतराज, संगीत मीमांसा और सूड प्रबन्ध जैसे संगीत विषयक ग्रंथ रचे।
👉 परंतु एकलिंग माहात्म्य उनकी कृति अवश्य है, लेकिन यह संगीत पर नहीं है।
👉 यह ग्रंथ धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व का है।

✍️ सही उत्तर है – एकलिंग माहात्म्य। 

निम्नलिखित में से किसे तृतीय समूह में महाराणा प्रताप के दरबार में भेजकर उनको प्रभुता स्वीकार करने के लिए बाध्य किया गया था ? 

[JEN (Civil Diploma) 11.02.2025]

  • टोडरमल 

  • जलाल खान 

  • भगवानदास 

  • मान सिंह 

🔹 व्याख्या

👉 अकबर ने महाराणा प्रताप को अधीन करने हेतु कई शिष्टमंडल भेजे।
👉 1572 से 1576 ई. के बीच कुल चार दूतावास भेजे गए।
👉 इनमें तृतीय समूह के नेता भगवानदास थे।
👉 उद्देश्य प्रताप को संधि और प्रभुता स्वीकार करने के लिए बाध्य करना था।
👉 प्रताप ने इन प्रस्तावों को ठुकराकर स्वतंत्रता का मार्ग चुना।

✍️ सही उत्तर है – भगवानदास 

प्रसिद्ध गुहिल वंशज जैत्र सिंह ने वर्ष 1227 में दिल्ली के सुल्तान इल्तुतमिश को किस युद्ध में हराया था ? 

[JEN (Mech. Diploma) 10.02.2025]

  • हल्दीघाटी का युद्ध 

  • खानवा का युद्ध 

  • भुताला का युद्ध 

  • तराइन का प्रथम युद्ध 

🔹 व्याख्या

👉 गुहिल वंशज रावल जैत्रसिंह (1213–1250 ई.) ने मेवाड़ की प्रतिष्ठा पुनः स्थापित की।
👉 उसने 1227 ई. में दिल्ली के सुल्तान इल्तुतमिश की सेना को पराजित किया।
👉 यह युद्ध भूताला का युद्ध कहलाता है।
👉 इस विजय का वर्णन जयसिंह सूरी के ग्रंथ ‘हम्मीर मदमर्दन’ में मिलता है।
👉 चीरवा शिलालेख में भी उसकी शक्ति और विजय का विस्तृत उल्लेख है।

✍️ सही उत्तर है – भूताला का युद्ध

मेवाड़ के महाराणा शम्भू सिंह के दरबारी कवि कौन थे ?

[Patwar Exam (Shift I) 17.08.2025]

  • दुरसा अधा 

  • दयालदास

  • कविराज श्यामल दास 

  • बावजी चतुर सिंह 

🔹 व्याख्या

👉 कविराज श्यामल दास मेवाड़ के महाराणा शम्भू सिंह के दरबारी कवि थे।
👉 महाराणा शम्भू सिंह के स्वर्गवास के बाद, उन्होंने उनके उत्तराधिकारी महाराणा सज्जन सिंह के आदेश पर एक प्रसिद्ध ग्रंथ की रचना की।
👉 यह ग्रंथ ‘वीर विनोद’ नाम से जाना जाता है, जो मेवाड़ का ऐतिहासिक ग्रंथ है।
👉 इस ग्रंथ में मेवाड़ के राजवंश, युद्धों और वीरता का विस्तृत वर्णन मिलता है।
👉 यह कृति राजस्थान के इतिहास लेखन की एक अमूल्य धरोहर मानी जाती है।

✍️ सही उत्तर है – कविराज श्यामल दास 

नीचे दो कथन दिए गए हैं: एक अभिकथन (Assertion) A के रूप में लिखित है तो दूसरा उसके कारण (Reason) R के रूप में: 

अभिकथन A: कर्नल टोड ने दिवेर को "मेवाड़ का मैराथन" कहा था। 

कारण R: 1582 में दिवेर की मुगल चौकियों पर आक्रमण के दौरान महाराणा प्रताप ने मुगल अधिकारी सुलतान खान को मार दिया तथा इस पर्वतीय क्षेत्र पर नियंत्रण प्राप्त किया।

उपरोक्त कथन के आलोक में, नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर का चयन कीजिए: 

[REET Mains L-2 Sans 20.01.2026]

  • A सही है लेकिन R सही नहीं है। 

  • A और R दोनों सही हैं, लेकिन R, A की सही व्याख्या नहीं है। 

  • A सही नहीं है लेकिन R सही है।

  • A और R दोनों सही हैं और R, A की सही व्याख्या है। 

🔹 व्याख्या

👉 कर्नल टोड ने दिवेर युद्ध को “मेवाड़ का मैराथन” कहा था।
👉
इसलिए अभिकथन A ऐतिहासिक रूप से सही माना जाता है।
👉
लेकिन कारण R में दिया गया विवरण सही रूप में नहीं माना जाता।

✍️ सही उत्तर है – A सही है लेकिन R सही नहीं है।

गुहिल राजवंश के निम्नलिखित शासकों को कालक्रम से व्यवस्थित करें।

(a) जैत्र सिंह

(b) राणा हम्मीर

(c) महाराणा लाखा

(d) महाराणा कुम्भा

नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर चुनें :

[REET Mains L-2 Sci Math 18.01.26]

  • (b), (a), (d), (c)

  • (a), (b), (c), (d)

  • (c), (d), (b), (a)

  • (d), (b), (c), (a)

🔹 व्याख्या

👉 जैत्र सिंह गुहिल राजवंश के प्रारम्भिक शासक थे।
👉
इनके बाद राणा हम्मीर ने चित्तौड़ पर पुनः अधिकार स्थापित किया।
👉
आगे चलकर महाराणा लाखा ने मेवाड़ की शक्ति को बढ़ाया।
👉
इनके पश्चात महाराणा कुम्भा का शासनकाल आया।

✍️ सही उत्तर है – (a), (b), (c), (d)

अकबर ने महाराणा प्रताप को समझाने के लिये किसे प्रथम संदेशवाहक के रूप में भेजा ? 

[हाथकरघा निरीक्षक (उद्योग) 22.12.2019]

  • कमाल खाँ 

  • भारमल 

  • जलाल खाँ

  • मानसिंह

🔹 व्याख्या

👉 अकबर ने महाराणा प्रताप को अधीन करने के लिए कई दूत भेजे।
👉 इन दूतों का उद्देश्य प्रताप को संधि के लिए तैयार करना था।
👉 प्रथम संदेशवाहक के रूप में अकबर ने जलाल खाँ को भेजा।
👉 लेकिन प्रताप ने किसी भी प्रकार की अधीनता स्वीकार नहीं की।

✍️ सही उत्तर है – जलाल खाँ। 

'रसिक - प्रिया', महाराणा कुंभा की एक और कृति वास्तव में प्रसिद्ध ___________ पर एक टिप्पणी है। 

नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर चुनें। 

[सर्वेयर परीक्षा 23.02.2025]

  • बाण का चण्डीशतक 

  • जयदेव का गीतगोविन्द 

  • सकलकीर्ति कृत आदिपुराण 

  • भरतमुनि का नाट्यशास्त्र 

🔹 व्याख्या

👉 महाराणा कुंभा न केवल योद्धा बल्कि विद्वान शासक भी थे।
👉 उसने संगीत पर कई ग्रंथ लिखे जैसे संगीतराज और संगीत मीमांसा।
👉 उसकी रचना 'रसिक प्रिया' वास्तव में एक टिप्पणी है।
👉 यह टिप्पणी जयदेव के प्रसिद्ध गीतगोविन्द पर आधारित है।
👉 कुंभा ने साहित्य और संगीत को विशेष संरक्षण दिया।

✍️ सही उत्तर है – जयदेव का गीतगोविन्द 

राणा सांगा का स्मारक कहाँ है? 

[JEN (Agriculture) 22.02.2025]

  • कुम्भलगढ़ 

  • उदयपुर 

  • धौलपुर 

  • मांडलगढ़ 

🔹 व्याख्या

👉 राणा सांगा 1527 ई. में खानवा युद्ध में घायल हुए।
👉 30 जनवरी, 1528 ई. को बसवा (दौसा) में उनकी मृत्यु हुई।
👉 उनकी अस्थियाँ मेवाड़ की सीमा में मांडलगढ़ लाई गईं।
👉 यहाँ पर उनकी समाधि और स्मारक निर्मित किया गया।
👉 यह स्थल आज भी राणा सांगा की वीरता की स्मृति को दर्शाता है।

✍️ सही उत्तर है – मांडलगढ़ 

अलाउद्दीन खिलजी ने मेवाड़ पर आक्रमण किया था 

[JEN (कृषि) 12.07.2015]

  • 1303 ई.

  • 1296 ई. 

  • 1285 ई. 

  • 1268 ई. 

🔹 व्याख्या

👉 दिल्ली का सुल्तान अलाउद्दीन खिलजी अपनी साम्राज्यवादी नीति के लिए प्रसिद्ध था।
👉 उसने 1303 ई. में मेवाड़ की राजधानी चित्तौड़गढ़ पर आक्रमण किया।
👉 इस आक्रमण में रावल रतनसिंह, गोरा और बादल ने वीरतापूर्वक युद्ध किया।
👉 आक्रमण के बाद चित्तौड़ का प्रथम साका हुआ।

✍️ सही उत्तर है – 1303 ई.। 

मेवाड़ की किस राजकुमारी को 1810 में अमीर खान पिण्डारी की सलाह पर जहर दे दिया गया ? 

[PTI ग्रेड -III 30.09.2018]

  • प्रेमल देवी 

  • सलह कंवर 

  • गुमान कंवर  

  • कृष्णा कुमारी

🔹 व्याख्या

👉 मेवाड़ के शासक महाराणा भीमसिंह की पुत्री कृष्णा कुमारी प्रसिद्ध राजकुमारी थीं।
👉 उनके विवाह को लेकर जोधपुर और जयपुर के बीच संघर्ष खड़ा हो गया।
👉 स्थिति बिगड़ने पर 1810 ई. में अमीरखाँ पिण्डारी की सलाह पर उन्हें ज़हर दे दिया गया।
👉 यह घटना मेवाड़ इतिहास की अत्यंत दुःखद घटना मानी जाती है।

✍️ सही उत्तर है – कृष्णा कुमारी। 

राणा सांगा की मृत्यु के पश्चात् मेवाड़ का शासक कौन बना? (निम्न में से सबसे उपयुक्त विकल्प चुनेः)  

[CET (10+2) 24.10.2024 पंचम चरण]

  • राणा रतन सिंह 

  • राणा अमर सिंह 

  • राणा विक्रमादित्य 

  • राणा उदय सिंह 

🔹 व्याख्या

👉 महाराणा सांगा की मृत्यु 1528 ई. में बसवा (दौसा) में हुई।
👉 उनकी मृत्यु के बाद मेवाड़ की गद्दी पर उनका पुत्र राणा रतनसिंह द्वितीय बैठा।
👉 रतनसिंह का शासनकाल 1528 से 1531 ई. तक रहा।
👉 उसके बाद मेवाड़ का शासक राणा विक्रमादित्य बना।

✍️ सही उत्तर है – राणा रतनसिंह।

महाराणा राज सिंह ने मारवाड़ के किस शासक को मुगलों के विरुद्ध आश्रय दिया ? 

[कनिष्ठ अनुदेशक (वेल्डर) 26.03.2019]

  • अजीत सिंह

  • अभय सिंह 

  • जसवन्त सिंह 

  • अनूप सिंह

🔹 व्याख्या

👉 मेवाड़ के शासक महाराणा राजसिंह प्रथम (1652–1680 ई.) ने मुगलों के विरुद्ध सिसोदिया–राठौड़ गठबंधन बनाया। 
👉 इस सहयोग से मेवाड़ और मारवाड़ के बीच संबंध और अधिक मजबूत हुए।
👉 राजसिंह ने औरंगजेब की नीतियों का दृढ़ता से विरोध किया।

✍️ सही उत्तर है – अजीतसिंह। 

राणा कुम्भा को निम्नांकित वाद्ययंत्रों में किस में दक्षता हासिल थी ? 

[प्रयोगशाला सहायक 13.11.2016]

  • सारंगी

  • सीतार 

  • वीणा 

  • गीटार 

🔹 व्याख्या

👉 मेवाड़ के शासक महाराणा कुम्भा (1433–1468 ई.) कला और संगीत के बड़े संरक्षक थे।
👉 उन्होंने संगीतराज, संगीत मीमांसा जैसे संगीत संबंधी ग्रंथों की रचना की।
👉 कुम्भा को वाद्ययंत्र वीणा बजाने में विशेष दक्षता प्राप्त थी।
👉 इसलिए उन्हें महान संगीतज्ञ शासक भी माना जाता है।

✍️ सही उत्तर है – वीणा। 

गुहिल वंश के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार करें: 

a. गुहिल वंश ने मेवाड़ में शासन किया। 

b. अबुल फजल इन्हें ईरान के शासक नौशेखाँ से संबंधित करता है। 

c. कर्नल टॉड इन्हें ब्राह्मण होने का मत प्रतिपादित करते हैं। 

d. इस वंश का नामकरण इसी वंश के प्रतापी शासक 'गुहिल' के नाम से हुआ। 

नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर चुनें:- 

[REET Mains (L-1) 20.01.2026]

  • b, c और d 

  • a, b और d 

  • b और d

  • a, b और 

🔹 व्याख्या

👉 गुहिल वंश ने मेवाड़ क्षेत्र में दीर्घकाल तक शासन किया।
👉
अबुल फजल ने इन्हें ईरान के नौशेखाँ से संबंधित बताया है।
👉
इस वंश का नामकरण प्रतापी शासक गुहिल के नाम पर हुआ।
👉
जबकि कर्नल टॉड ने इन्हें राजपूत वंश से संबंधित माना है।

✍️ सही उत्तर है – a, b और d

निम्नलिखित में से किसने हल्दीघाटी के युद्ध में अकबर की सेना का नेतृत्व किया था?

[4th Grade (1st Phase) 19.09.2025]

  • राजा टोडर मल

  • राजा अमर सिंह

  • राजा मान सिंह

  • राणा उदय सिंह

🔹 व्याख्या

👉 हल्दीघाटी का युद्ध 18 जून 1576 ई. को महाराणा प्रताप और अकबर की सेना के बीच लड़ा गया था।
👉 इस युद्ध में मुगल सेना का नेतृत्व राजा मान सिंह ने किया था, जो जयपुर के राजा और अकबर के विश्वसनीय सेनापति थे।
👉 मुगल सेना में आसफ खाँ भी एक प्रमुख सेनापति के रूप में सम्मिलित थे।
👉 मेवाड़ की ओर से सेना की कमान महाराणा प्रताप के साथ हकीम खाँ सूर ने संभाली थी।
👉 यह युद्ध राजपूत वीरता और स्वतंत्रता की भावना का प्रतीक माना जाता है।

✍️ सही उत्तर है – राजा मान सिंह 

किस वर्ष में महाराणा भूपाल सिंह ने मेवाड़ गद्दी संभाली ? 

निम्नलिखित विकल्पों में से सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर चुनें:  

[पशु परिचर (6th Phase) 03.12.2024]

  • 1930 

  • 1934 

  • 1931 

  • 1932 

🔹 व्याख्या

👉 मेवाड़ के अंतिम शासक महाराणा भूपालसिंह थे।
👉 अंग्रेज सरकार ने 1921 ई. में महाराणा फतहसिंह से शासन का अधिकार ले लिया।
👉 इसके बाद 1930 ई. में भूपालसिंह ने औपचारिक रूप से मेवाड़ की गद्दी संभाली।
👉 आगे चलकर वे राजस्थान के महाराज प्रमुख भी बने।

✍️ सही उत्तर है – 1930 ई.। 

राजपूताना का एकमात्र क्षेत्र कौन सा था जो अकबर के समय में मुगलों के अधीन नहीं आया था? 

[JEN (Mech. Diploma) 10.02.2025]

  • बीजापुर 

  • मेवाड़ 

  • ढूंढाड़ 

  • हाड़ौती

🔹 व्याख्या

👉 अकबर ने अपने शासनकाल में लगभग पूरे राजपूताना पर अधिकार किया।
👉 उसने 1568 ई. में चित्तौड़ और 1576 ई. में हल्दीघाटी का युद्ध जीता।
👉 परंतु मेवाड़ के शासक महाराणा प्रताप ने मुगलों की अधीनता स्वीकार नहीं की।
👉 प्रताप ने कठिन परिस्थितियों में भी स्वतंत्रता और संघर्ष का मार्ग चुना।
👉 इसलिए अकबर के समय में केवल मेवाड़ ही मुगलों के अधीन नहीं आया।

✍️ सही उत्तर है – मेवाड़ 

सन् 1453 में, किसने मंदौर का मारवाड़ से कब्जा लिया था और अपने पुत्र रायमल का विवाह मारवाड़ की राजकुमारी से किया था ? 

[CET स्नातक 28.09.2024 तृतीय चरण]

  • महाराणा कुम्भा 

  • महाराणा मोकल 

  • महाराणा सिम्भा 

  • महाराणा लाखा 

🔹 व्याख्या

👉 मेवाड़ के शासक महाराणा कुम्भा (1433–1468 ई.) ने अनेक युद्धों में विजय पाई।
👉 सन् 1453 ई. में कुम्भा ने मण्डोर (मारवाड़) पर अधिकार कर लिया।
👉 बाद में संधि के तहत उसने अपने पुत्र रायमल का विवाह मारवाड़ की राजकुमारी से किया।
👉 यह घटना मेवाड़–मारवाड़ संबंधों के इतिहास का महत्वपूर्ण अध्याय है।

✍️ सही उत्तर है – महाराणा कुम्भा। 

अकबर ने दिसंबर 1573 में प्रताप को समझाने के लिए किसे भेजा ?  

[कनिष्ठ अनुदेशक (फिटर) 20.11.2024]

  • जलाल खान 

  • टोडरमल 

  • भगवन्त दास 

  • मान सिंह 

🔹 व्याख्या

👉 अकबर मेवाड़ को अधीन करना चाहता था, लेकिन महाराणा प्रताप ने संधि स्वीकार नहीं की।
👉 इसके लिए अकबर ने कई शिष्टमंडल प्रताप के पास भेजे।
👉 दिसंबर 1573 ई. में प्रताप को समझाने हेतु अकबर ने टोडरमल को भेजा।
👉 परंतु प्रताप ने मुगलों की अधीनता मानने से इंकार कर दिया।

✍️ सही उत्तर है – टोडरमल। 

निम्नलिखित राजपूत शासकों को कालक्रमानुसार व्यवस्थित करें:

a. राणा सांगा

b. महाराणा कुम्भा

c. जैत्र सिंह

d. रतन सिंह

नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर चुनें:

[REET Mains (L-2) SST 18.01.2026]

  • d, a, b, c

  • c, d, b, a

  • a, b, c, d

  • c, d, a, b

🔹 व्याख्या

👉 जैत्र सिंह मेवाड़ के प्रारम्भिक राजपूत शासकों में गिने जाते हैं।
👉
इसके बाद मेवाड़ के शासक रतन सिंह का काल आता है।
👉
फिर शक्तिशाली शासक महाराणा कुम्भा का शासन हुआ।
👉
इसके बाद प्रसिद्ध शासक राणा सांगा का काल आता है।

✍️ सही उत्तर है – c, d, b, a

1437 में सारंगपुर की लड़ाई में महमूद खिलजी - प्रथम को किसने हराया ? 

[JEN (Mech. Diploma) 10.02.2025]

  • राणा रायमल 

  • राणा लाखा 

  • राणा कुंभा 

  • राणा सांगा 

🔹 व्याख्या

👉 1437 ई. में सारंगपुर की लड़ाई लड़ी गई।
👉 इस युद्ध में मेवाड़ के शासक महाराणा कुम्भा सम्मिलित थे।
👉 कुम्भा ने मालवा के शासक महमूद खिलजी प्रथम को परास्त किया।
👉 इस विजय के उपलक्ष्य में कुम्भा ने कीर्ति स्तंभ का निर्माण करवाया।
👉 कुम्भलगढ़ प्रशस्ति में इस विजय का स्पष्ट उल्लेख मिलता है।

✍️ सही उत्तर है – महाराणा कुम्भा 

मेवाड़ नरेश राणा अमरसिंह एवं राणा कर्णसिंह की छतरियाँ (स्मारक) अवस्थित हैं - 

[सुपरवाईजर परीक्षा 06.01.2019]

  • आहड़ (उदयपुर) 

  • इनमें से कोई नहीं 

  • मंडोर (जोधपुर) 

  • नाथद्वारा (उदयपुर) 

🔹 व्याख्या

👉 मेवाड़ नरेशों की अनेक छतरियाँ (स्मारक) उदयपुर के पास निर्मित हैं।
👉 विशेष रूप से राणा अमरसिंह और राणा कर्णसिंह की छतरियाँ यहाँ स्थित हैं।
👉 ये स्मारक उदयपुर के निकट आहड़ में अवस्थित हैं।
👉 आहड़ मेवाड़ के शासकों का प्रमुख अन्त्येष्टि स्थल भी माना जाता है।

✍️ सही उत्तर है – आहड़ (उदयपुर)। 

1576 में हल्दीघाटी के युद्ध के दौरान, मुगल सेना का मुख्य सेनापति, निम्नलिखित में से कौन था ?  

[लाइब्रेरियन परीक्षा 27 जुलाई 2025]

  • मान सिंह - I 

  • कुंवर करण सिंह 

  • हकीम खान सूरी 

  • राज सिंह 

🔹 व्याख्या

👉 18 जून, 1576 ई. को हल्दीघाटी का युद्ध लड़ा गया।
👉 यह युद्ध महाराणा प्रताप और मुगल सेना के बीच हुआ।
👉 इस युद्ध में मुगल सेना का मुख्य सेनापति मान सिंह था।
👉 मान सिंह 'मरदाना' नामक हाथी पर सवार होकर लड़ा।
👉 प्रताप ने चेतक पर सवार होकर मान सिंह के हाथी पर आक्रमण किया।

✍️ सही उत्तर है – मान सिंह

"इजलास खास" की स्थापना की थी 

[पर्यवेक्षक परीक्षा 29.11.2015]

  • राणा भगवंत सिंह

  • महाराजा बन्ने सिंह 

  • महाराजा अजीत सिंह 

  • महाराणा सज्जन सिंह 

🔹 व्याख्या

👉 मेवाड़ के शासक महाराणा सज्जनसिंह (1874–1884 ई.) ने प्रशासनिक सुधार किए।
👉 उन्हीं के समय इजलास खास की स्थापना हुई।

✍️ सही उत्तर है – महाराणा सज्जनसिंह। 

हल्दीघाटी के युद्ध के पश्चात् महाराणा प्रताप ने मुगलों के विरुद्ध कहाँ से प्रतिरोध जारी रखा ?

[कनिष्ठ अनुदेशक (फिटर) 23.03.2019]

  • गोगुन्दा

  • चावण्ड

  • कुम्भलगढ़ 

  • देवगढ 

🔹 व्याख्या

👉 18 जून 1576 ई. का प्रसिद्ध हल्दीघाटी युद्ध महाराणा प्रताप और मुगलों के बीच हुआ।
👉 युद्ध के बाद भी प्रताप ने मुगलों की अधीनता स्वीकार नहीं की।
👉 उन्होंने नई राजधानी चावण्ड से संघर्ष जारी रखा।
👉 यहीं से प्रताप ने मेवाड़ की स्वतंत्रता रक्षा का नेतृत्व किया।

✍️ सही उत्तर है – चावण्ड। 

मेवाड़ के सिंहासन पर राणा सांगा का राज्याभिषेक कब हुआ था

[संकलनकर्ता परीक्षा 21.08.2016]

  • 1508 ई. 

  • 1511 ई.  

  • 1510 ई. 

  • 1509 ई.

🔹 व्याख्या

👉 मेवाड़ के पराक्रमी शासक महाराणा सांगा को इतिहास में 'हिन्दुपत' कहा गया।
👉 उन्होंने गुजरात, मालवा और दिल्ली के सुल्तानों को परास्त कर मेवाड़ की शक्ति बढ़ाई।
👉 उनका राज्याभिषेक मेवाड़ की गद्दी पर 1509 ई. में हुआ।
👉 इसके बाद उन्होंने लगभग दो दशकों तक वीरतापूर्वक शासन किया।

✍️ सही उत्तर है – 1509 ई.। 

गुहिल वंश ने मुख्यतः कहाँ शासन किया ?  

कनिष्ठ अनुदेशक (मैके. डीजल) 16.11.2024

  • जाँगल 

  • मेवाड़ 

  • ढूंढाड़ 

  • मारवाड़ 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान का प्राचीन राजवंश गुहिल वंश अपने शौर्य और परंपरा के लिए प्रसिद्ध था।
👉 इस वंश का नामकरण इसके संस्थापक गुहिल के नाम पर हुआ।
👉 गुहिल वंश ने मुख्यतः मेवाड़ क्षेत्र में शासन किया।
👉 बाद में यही वंश गहलोत और आगे चलकर सिसोदिया कहलाया।

✍️ सही उत्तर है – मेवाड़।